नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
शौर्य चक्र से सम्मानित वीर जवानों से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा

शौर्य चक्र से सम्मानित वीर जवानों से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा

 00 साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा की मिसाल बने जवानों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित वीर पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवानों से उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज अपने नवा रायपुर अटल नगर स्थित निवास कार्यालय में आत्मीय मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डीजीपी  अरुण देव गौतम सहित जवानों के परिजन एवं परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए असाधारण परिस्थितियों में भी वीरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इन जवानों की बहादुरी आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत है। मुलाकात के दौरान शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख तथा राइफलमैन भोज राम साहू के साहसिक कार्यों की सराहना की और उनके परिजनों से भी मुलाकात की और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश सेवा के इस गौरवपूर्ण योगदान में परिवारों का त्याग और समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस भरी घटनाओं के बारे में भी उनसे जानकारी ली।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को 16 अप्रैल 2024 को कांकेर क्षेत्र में नक्सलियों के विरुद्ध संचालित एक बड़े अभियान में अद्वितीय नेतृत्व, साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय देने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में नक्सलियों का मुकाबला करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की थी। इसी प्रकार 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू को भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस के साथ मोर्चा संभालते हुए दुश्मनों को पीछे हटने के लिए मजबूर करने और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान, कल्याण और उनके परिवारों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मानित जवानों एवं उनके परिजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल और ऐतिहासिक 12 वर्षों के कार्यकाल की सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की अभूतपूर्व उपलब्धियों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के ये वर्ष भारत के नव-निर्माण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और वैश्विक पटल पर देश का मान बढ़ाने वाले रहे हैं। इस दौरान देश के हर वर्ग, गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए दूरदर्शी योजनाएँ लागू की गई हैं, जिनका लाभ आज सीधे जनता तक पहुँच रहा है। साय ने कहा कि यह प्रदर्शनी  मोदी के विजन और देश के विकास की उस गौरवशाली यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित करती है, जिसने भारत को एक नई दिशा दी है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, विधायक पुरंदर मिश्रा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदर्शनी के प्रदेश प्रभारी उज्जवल दीपक एवं मितुल कोठारी, प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने, बेदराम जांगड़े, रायपुर प्रभारी  राजेंद्र शर्मा, रायपुर जिलाध्यक्ष  रमेश ठाकुर, जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण श्याम नारंग, सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री साय के साथ प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के चित्रों व विवरणों का अवलोकन किया।

ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर उरकुरा स्टेशन में संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया

ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर उरकुरा स्टेशन में संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया

 रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के संरक्षा विभाग द्वारा ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन हेतु परिचालन, विद्युत परिचालन, इंजीनियरिंग तथा सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों के साथ उरकुरा स्टेशन में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई-

शंटिंग के दौरान बरती जानेवाली सावधानियां तथा लोड गाडिय़ों का स्टेशन/यार्ड में सिक्योरिंग एवं रिलिजिंग करना, स्पैड से बचाव एवं ऑटोमेटिक ब्लॉक सेक्शन में ब्लॉक टिकट द्वारा ट्रेन की कार्यप्रणाली, इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा मानसून के पहले बरती जाने वाली सावधानियां,पॉइंट्स एवं सिग्नल की विफलता के दौरान परिचालन एवं सिग्नल कर्मचारियों के द्वारा बरती जनेवाली सावधानियां, हाल ही में हुई दुर्घटनाओं का विश्लेषण, तथा अग्निशामक यंत्र का उपयोग एवं प्रदर्शन।

इस संरक्षा सेमिनार में सुरेश चन्द्र, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी/रायपुर एवं प्रवीण कुमार, सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी/रायपुर के साथ- संरक्षा सलाहकारो ने संरक्षा सेमिनार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संरक्षा संगठन/रायपुर मंडल के द्वारा प्रत्येक माह में 02 संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन रायपुर मंडल के विभिन्न स्टेशनों में किया जाता है, जिससे कर्मचारियों में कार्य करने के दौरान संरक्षा के प्रति जागरुकता लाई जा सके। उक्त संरक्षा संगोष्ठी में संरक्षा सलाहकार, सुपरवाइजर, एवं फील्ड कर्मचारियों को मिलाकर कुल 58 लोगों ने भाग लिया।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब गूंजेंगे राष्ट्रगान राज्यगीत और भोजन मंत्र; शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब गूंजेंगे राष्ट्रगान राज्यगीत और भोजन मंत्र; शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

  नए शिक्षा सत्र 2026-27 से लागू होगी व्यवस्था- सुबह की प्रार्थना से लेकर छुट्टी के समय तक का शेड्यूल तय, अधिकारियों को रोजाना मॉनिटरिंग के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति से गहराई से जोड़ा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रदेश की सभी शालाओं में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के नियमित व अनिवार्य संचालन के कड़े निर्देश जारी किए हैं।मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से जारी इस आदेश के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।तीन सत्रों में बंटा होगा शेड्यूल- सुबह से शाम तक का पूरा टाइम-टेबल
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में अब प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय पर निर्धारित क्रम में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रात:कालीन सत्र स्कूल प्रारंभ होने पर सुबह की प्रार्थना सभा में एक तय क्रम के अनुसार ये प्रस्तुतियां अनिवार्य होंगी। विद्यालय प्रारंभ होने पर प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में क्रमश: राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र तथा महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन के समय विद्यार्थियों द्वारा भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। वहीं विद्यालय की छुट्टी के समय संध्या सत्र में राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा।

 

अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे तकनीक से तेज हुई टीबी मरीजों की पहचान

अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे तकनीक से तेज हुई टीबी मरीजों की पहचान

 00 टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम, 90 शिविरों में 7 हजार से अधिक लोगों की जांच

रायपुर। छत्तीसगढ़ में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की पहचान का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य टीमें उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच कर रही हैं, जिससे समय रहते रोग की पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सके।

 
 

भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग, डिजिटल एक्स-रे जांच तथा आवश्यकतानुसार ट्रू-नॉट तकनीक से पुष्टि की जा रही है। इससे टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उपचार प्रारंभ करने में मदद मिल रही है।
बलरामपुर जिले में संचालित विशेष अभियान के दौरान अब तक 90 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों में 7,679 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच की गई। स्क्रीनिंग के दौरान 2,442 व्यक्तियों के एक्स-रे में असामान्यताएं पाई गईं, जिनके स्यूटम नमूनों की ट्रू-नॉट मशीन के माध्यम से जांच की जा रही है। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को तत्काल उपचार से जोड़ा जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण के लक्ष्य के साथ गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकता है।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम या खून के साथ खांसी, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, वजन में कमी, भूख न लगना, रात में बुखार या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तुरंत जांच कराएं। समय पर पहचान और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है तथा इसके संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। नागरिकों की जागरूकता, समय पर जांच और उपचार के प्रति प्रतिबद्धता से ही टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया जा सकेगा।

 

मत्स्य पालन बना ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम

मत्स्य पालन बना ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम

 प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बढ़ रही किसानों की आय, आत्मनिर्भर बन रहे मत्स्यपालक

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में मत्स्य उत्पादन को मिल रही नई गति

रायपुर/ छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खोली हैं। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं और अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हजारों मत्स्यपालक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

मत्स्य पालन आज केवल परंपरागत व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार का एक सशक्त साधन बन चुका है। शासन की योजनाओं से छोटे और सीमांत किसानों को भी मत्स्य व्यवसाय अपनाने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

जशपुर में मत्स्य उत्पादन का नया कीर्तिमान

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने पिछले 22 महीनों में 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि हजारों किसानों और मत्स्यपालकों की आय में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय तथा 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।

सात हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला लाभ

जिले में ग्रामीण स्तर पर 77.67 हेक्टेयर तालाबों तथा 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा तथा विपणन सहायता जैसी सुविधाओं के माध्यम से सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इन प्रयासों से मत्स्यपालकों को व्यवसाय विस्तार और बेहतर आय अर्जित करने में सहायता मिल रही है।

आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादकता

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण, पौंड लाइनर, बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना और अन्य आधुनिक मत्स्य संरचनाओं के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे मत्स्य उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा मिला है और उत्पादन लागत कम होने के साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है।

प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से मिल रहा नया ज्ञान

मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इन भ्रमण कार्यक्रमों के माध्यम से किसान और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तालाब एवं बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण तथा विपणन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे मत्स्य व्यवसाय अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रहा है।

आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मत्स्य क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

नैनो उर्वरकों से बढ़ रहा उत्पादन, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती

नैनो उर्वरकों से बढ़ रहा उत्पादन, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती

 आधुनिक कृषि तकनीकों से किसान बना रहे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ

रायपुर6/ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के बढ़ते उपयोग से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जो कम मात्रा में अधिक दक्षता के साथ फसलों को आवश्यक पोषण उपलब्ध करा रहे हैं।

सरगुजा जिले के ग्राम भगवानपुर के प्रगतिशील किसान  सत्यनारायण ने नैनो उर्वरकों के उपयोग से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार इस तकनीक से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

सत्यनारायण ने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पर्णीय छिड़काव (फोलियर स्प्रे) के रूप में किया जाता है, जिससे पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं और उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है। इससे फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि देखने को मिलती है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जबकि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का अनावश्यक अपव्यय कम होता है। इससे मिट्टी की उर्वरता और उत्पादक क्षमता को बनाए रखने में सहायता मिलती है, जो टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता अधिक होने के कारण किसानों को कम मात्रा में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होता है। यही कारण है कि प्रदेश में किसानों का रुझान नैनो उर्वरकों की ओर लगातार बढ़ रहा है।

राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी देकर उन्हें कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सत्यनारायण ने अन्य किसानों से भी नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी कृषि भूमि की उर्वरता को भी लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य के लिए सुरक्षित बन सकती है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया जनसंपर्क, ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया जनसंपर्क, ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

 राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : मंत्री राजवाड़े

रायपुर , 13 जून 2026/महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमलपुर, पहाड़गांव एवं पण्डोनगर का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। डोर-टू-डोर जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे।

जनसंपर्क अभियान के दौरान मंत्री राजवाड़े ने ग्रामीणों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा सड़क, पेयजल, बिजली, आवास तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दे उठाए गए, जिन पर मंत्री राजवाड़े ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर सतत निगरानी रखते हुए लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जनसंपर्क कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए मंत्री राजवाड़े का स्वागत किया।

छत्तीसगढ़ में 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल, 1 जुलाई से सत्र शुरू होने की खबर पूरी तरह फर्जी

छत्तीसगढ़ में 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल, 1 जुलाई से सत्र शुरू होने की खबर पूरी तरह फर्जी

 दुर्ग/ छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) की शुरुआत को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विराम लग गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य की सभी शासकीय एवं अशासकीय (निजी) शालाओं का विधिवत संचालन 16 जून 2026, मंगलवार से प्रारंभ कर दिया जाएगा। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही थी कि भीषण गर्मी या अन्य कारणों से नया शैक्षणिक सत्र 01 जुलाई 2026 से शुरू होगा। विभाग ने इस खबर का पूरी तरह खंडन करते हुए इसे असत्य, भ्रामक और फर्जी करार दिया है।

सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव, सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल

सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव, सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल

रायपुर। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उसे देशभर में नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राजनांदगांव देश में सर्वाधिक सोलर क्षमता वाले कनेक्शन स्थापित करने वाला जिला बन गया है। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी सौर ऊर्जा को लेकर लोगों का उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।
कलेक्टर  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन तथा विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई है। योजना के तहत जिले में अब तक 6776 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6381 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन कर लिया है। वहीं 3255 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं और 2218 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है।
जिले में 3255 घरेलू सोलर कनेक्शनों के माध्यम से लगभग 9 मेगावाट, 162 व्यावसायिक सोलर कनेक्शनों से 3.40 मेगावाट तथा 31 पावर प्लांटों के जरिए 383 मेगावाट क्षमता विकसित की गई है। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि ढाबा स्थित मेसर्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के 160 मेगावाट क्षमता वाले सोलर कनेक्शन की है, जो देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा कनेक्शन माना जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राजनांदगांव की यह उपलब्धि हरित ऊर्जा की दिशा में देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

 रायपुर। फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से देश और दुनिया को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।
राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने दिया। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्युमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित, मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित, मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध

 00 प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकडऩे पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

रायपुर। वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

मछली पालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।

मोदी के नेतृत्व में एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा : मुख्यमंत्री साय

मोदी के नेतृत्व में एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा : मुख्यमंत्री साय

 00 विकसित भारत की नींव का निर्माण इन 12 वर्ष के स्वर्णिम कार्यकाल में हुआ- मुख्यमंत्री साय

रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनादेश के साथ निर्वाचित होकर लगातार 12 वर्षों से प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से उनको बहुत-बहुत बधाई देते हुए साय ने कहा कि 12 वर्षों का यह कार्यकाल स्वर्णिम और ऐतिहासिक काल रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी खुद को प्रधानमंत्री नहीं, प्रधान सेवक कहते हैं। 140 करोड़ भारतवासियों को अपना परिवार मानते हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास को मूलमंत्र मानते हुए दिन और रात 140 करोड़ भारतवासियों की सेवा करते हैं। साय शनिवार को यहाँ मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के शानदार 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित मीडिया कॉन्क्लेव को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है। एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है। एक ऐसा भारत जो किसी को छेड़ता नहीं है और छेडऩे वाले को छोड़ता भी नहीं है। दुश्मनों को घर में घुसकर मारता है। ऐसे नए भारत का निर्माण प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है। 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए अद्भुत काम किए हैं। अगर गरीब कल्याण की बात करें तो सरकार ने जन-धन योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले, जिनमें 32 करोड़ से ज्यादा खाते सिर्फ महिलाओं के हैं। कोरोना जैसी महामारी के मुश्किल वक्त से लेकर अब तक 81 करोड़ से ज्यादा देशवासियों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इलाज के खर्च से गरीब को बचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना में 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बने हैं, जिससे मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से भी 58 करोड़ से ज्यादा लोगों को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिला है। साय ने कहा कि गरीबों के जीवन को आसान बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना के जरिए 11 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर धुएँ से आजादी दी गई है। गाँवों के विकास के लिए जल जीवन मिशन के तहत 16 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से साफ पानी पहुँचाया जा चुका है, वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर देश में स्वच्छता की एक नई क्रांति लाई गई है। रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के लिए पीएम स्वनिधि योजना से 74 लाख से ज्यादा लोगों को बिना किसी परेशानी के लोन मिला है। मुद्रा योजना के तहत छोटे काम-धंधों के लिए बिना गारंटी 57 करोड़ से ज्यादा लोन बाँटे गए हैं, वहीं छोटे कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना से 30 लाख लोगों को फायदा पहुँचाया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के कल्याण के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का बजट और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 79 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। देश के अन्नदाताओं की बात करें तो पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को 4.3 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए 7 करोड़ से ज्यादा किसानों को करीब 10 लाख करोड़ रुपए का सस्ता कर्ज दिया गया। इस कर्ज की सीमा को भी 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है ताकि छोटे किसानों को भी आसानी से मदद मिल सके। देश के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर सीधे 12.75 लाख रुपये कर दिया गया है। माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिला है। बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.5 करोड़ से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। देश की सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुरक्षाबलों में महिला अफसरों की संख्या 3 हजार से बढ़ाकर सीधे 11 हजार कर दी गई है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक की हमारी यह 12 वर्ष की यात्रा निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रही है। हमने सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत का जो संकल्प लिया था, वह आज पूरी तरह साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट कहना है कि विकास हमारे लिए 24 घंटे, सातों दिन और 12 महीने चलने वाला मिशन है। आज हमारी कार्यसंस्कृति बदल चुकी है, अब जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं। पिछले 12 वर्षों में, हमने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर कंक्रीट, स्टील, ऑप्टिकल फाइबर और लाखों करोड़ों रुपये के निवेश के रूप में उतरते देखा है। साय ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का विकास तो हुआ ही है, साथ ही हमारी सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को भी एक नया मुकाम मिला है। गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाते हुए राजपथ का नाम कर्तव्य पथ किया गया और इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा लगाई गई। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन से जुड़े 5 मुख्य स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया। आदिवासी समाज के महानायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर उन वीरों को सम्मान दिया गया, जिन्हें इतिहास में भुला दिया गया था। नए भारत की बुलंद सोच के प्रतीक के रूप में सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और नए संसद भवन का निर्माण किया गया। रेसकोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग और मुगल गार्डन का नाम अमृत उद्यान किया गया। नई संसद में पवित्र सेंगोल को स्थापित किया गया। अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों के नाम हमारे परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए और पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर  विजयपुरम किया गया है। हमारे वीर शहीदों की याद में बना राष्ट्रीय युद्ध स्मारक आज हर भारतीय को देश प्रेम की प्रेरणा दे रहा है। हमारी संस्कृति की ताकत देखिए कि आज 177 देश एक साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की सरकार ने जनता कर्फ्यू, थाली-ताली अभियान, हर घर तिरंगा और एक पेड़ माँ के नाम जैसी पहलों से देश के 140 करोड़ नागरिकों को एक सूत्र में पिरो दिया है। फिट इंडिया मूवमेंट और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों ने देश के लोगों में स्वदेशी और अच्छी सेहत के प्रति एक नया भरोसा जगाया है। भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को धरातल पर उतारा है। आज दुनिया के मंच पर भारत एक 'समाधान देने वाले देशÓ के रूप में मजबूती से खड़ा है। वैक्सीन मैत्री के जरिए मुश्किल वक्त में 99 देशों तक दवाइयाँ पहुँचाकर भारत दुनिया का सबसे भरोसेमंद दोस्त बनकर उभरा है। जी-20 की कामयाब अध्यक्षता, 39 नए दूतावासों का खुलना और 70 लाख करोड़ से ज्यादा का विदेशी निवेश आना यह दिखाता है कि आज पूरी दुनिया को भारत पर पूरा भरोसा है। दुनिया के 38 देशों के साथ किए गए 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स ने हमारे किसानों और उद्योगों के लिए दुनिया के बड़े बाजार खोल दिए हैं। साय ने कहा कि 10 जून का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक मील का पत्थर बन चुका है। प्रधानमंत्री  मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़कर, भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी को मिले 32 अंतरराष्ट्रीय सम्मान और मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में 75 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बनना, हर एक भारतीय के लिए सम्मान की बात है।

छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए मोदी के संवेदनक्षम नेतृत्व का आभार माना
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को धरातल में उतारने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनक्षम नेतृत्व का आभार माना और कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि यहाँ पर हमारी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालन में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम लोगों ने 18 लाख परिवारों, जो पिछली सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हो गए थे, उनको भी 2 साल में आवास देने का काम किया है। 10.60 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने की दिशा में काम करते हुए रोज 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। 10.08 लाख आवास ढाई वर्षो के अंदर में बने हैं। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहकारी बैंक द्वारा ऋण दिया जा रहा है, जिससे हमारे यहाँ के किसान लाभान्वित हो रहे हैं।प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट भी लगातार बढ़ा है। 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का रेलवे का काम छत्तीसगढ़ में चल रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा के अनुरूप हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर करें इसके लिए उड़ान योजना के तहत छत्तीसगढ़ में भी सेवाएँ शुरू की गई है।

हमने ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक जीत का शतक बनाया : केन्द्रीय मंत्री सिंह
केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मीडिया कॉन्क्लेव में कहा कि हमने ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक राष्ट्रीय सरकार तक जीत का शतक बनाया और कांग्रेस ने हार का शतक बनाया। 22 राज्यों में हमारी सरकार है। प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में विकास के साथ विरासत का संरक्षण और विरासत के साथ विकास का संवर्धन करने का काम किया है। मोदी ने पहली बार वन नेशन वन टैक्स की व्यवस्था लागू करके भारत की अर्थव्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कार्य किया। आज दुनिया के 22 देश भारत के साथ भारतीय मुद्रा रुपए में कारोबार कर रहे हैं। यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। 16 लाख करोड़ रुपए के बजट को 53.5 लाख करोड़ रुपए तक लाने का काम मोदी-सरकार ने किया है।  सिंह ने कहा कि आज के दौर में दुनिया के सामने भारत के इकॉनॉमी को 10वें स्थान से लाकर चौथे-छठे स्थान पर लाने का काम किया है। 2 ट्रिलियन के इकॉनॉमी को 4.25 पर लाने का काम किया है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर लाया गया है। कांग्रेस शासन काल में गरीब मिट गए, लेकिन गरीबी नहीं मिटी थी।  सिंह ने कहा कि आज दुनिया का हर देश  मोदी से हाथ मिलाना चाहता है। आज पूरी दुनिया कह रही है कि भारत की विदेश नीति सबसे अच्छी है।  मोदी देश के लिए हितकर होता है, वही करते हैं। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी व रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।

केंद्र-राज्य समन्वय से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

केंद्र-राज्य समन्वय से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी। इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे : मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे : मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित

00 महक की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय : साय
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजनांदगांव जिले की प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर सुश्री महक नरवासे ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  गिरिराज सिंह तथा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे के लिए टी-20 एवं वनडे दोनों टीमों का उपकप्तान नियुक्त किए जाने पर सुश्री महक नरवासे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर महक का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महक नरवासे की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार या राजनांदगांव जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रही हैं। महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महक आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी। उन्होंने महक को प्रोत्साहित करते हुए कहा, खूब खेलो, आगे बढ़ो और नई ऊंचाइयों को छुओ। आपकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाडिय़ों के सपनों को नई उड़ान देगी। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महक नरवासे का भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान के रूप में चयन प्रदेश में विकसित हो रहे खेल वातावरण और खिलाडिय़ों को मिल रहे अवसरों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सुश्री महक नरवासे ने सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पिता  राधेश्याम नरवासे, महापौर मधुसूदन यादव, कोच मनोज तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जांजगीर चांपा जिले के दौरे पर रहेंगे ,देंगे विभिन्न विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जांजगीर चांपा जिले के दौरे पर रहेंगे ,देंगे विभिन्न विकास कार्यों की सौगात

 0-सत्य निज नाम सत्संग सम्मेलन में होंगे शामिल

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 14 जून को जांजगीर चांपा जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा जिले में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री  साय सत्य निज नाम बोध संस्थान पोड़ी (राछा) में आयोजित सत्य निज नाम सत्संग सम्मलेन में भी शामिल होंगे

केन्द्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विशिष्ट अतिथि छ.ग. विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, विधायक जांजगीर-चांपा ब्यास कश्यप, विधायक अकलतरा  राघवेन्द्र कुमार सिंह, विधायक पामगढ़ शेषराज हरबंश, विधायक जैजैपुर बालेश्वर साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  नारायण चंदेल, अध्यक्ष छ.ग. खनिज विकास निगम  सौरभ सिंह, पूर्व संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता आनंद मिरी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत  गगन जयपुरिया, अध्यक्ष जनपद पंचायत नवागढ़ कांता कश्यप, ग्राम पंचायत पोड़ी सरपंच सरोजनी आशिकर होंगे। 

राजस्व संग्रहण में रायपुर नगर निगम का नया कीर्तिमान, एक ही दिन में 1.13 करोड़ की वसूली

राजस्व संग्रहण में रायपुर नगर निगम का नया कीर्तिमान, एक ही दिन में 1.13 करोड़ की वसूली

 00 आयुक्त संबित मिश्रा के नेतृत्व, नियमित मार्गदर्शन एवं स्पष्ट कार्यनीति से हासिल हुई बड़ी सफलता

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग ने वित्तीय सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए आज एक ही दिन में अब तक 1 करोड़ 13 लाख 41हजार 532 रुपये की रिकॉर्ड राजस्व वसूली की है । नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन 1 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे आज नगर निगम के राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरी प्रतिबद्धता एवं टीम भावना के साथ सफलतापूर्वक प्राप्त किया।

आज नगर निगम के सभी जोनों में विशेष राजस्व अभियान चलाकर 515 संपत्तिकर धारकों से उक्त राशि की वसूली की गई। यह उपलब्धि न केवल रायपुर नगर निगम की वित्तीय स्थिति को और अधिक मजबूत करेगी, बल्कि रायपुर शहर में विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को भी नई गति प्रदान करेगी। राजस्व संग्रहण के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि रायपुर नगर निगम का अभियान लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है।

राजस्व संग्रहण में रायपुर नगर निगम का नया कीर्तिमान, एक ही दिन में 1.13 करोड़ की वसूली

वर्ष 2025 में जून माह के प्रथम 11 दिनों में जहां 44 लाख 17 हजार 342 रुपये की वसूली हुई थी, वहीं वर्ष 2026 में इसी अवधि में 62 लाख 49 हजार 628 रुपये का राजस्व संग्रह किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में जून माह के पहले 11 दिनों में ही 18 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली दर्ज की गई है, जो निगम की प्रभावी राजस्व रणनीति का प्रमाण है।
इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे रायपुर नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा का नियमित मार्गदर्शन, सतत मॉनिटरिंग, स्पष्ट निर्देश एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली प्रमुख आधार रही। आयुक्त  मिश्रा द्वारा राजस्व विभाग के कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है तथा लक्ष्य आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके नेतृत्व में राजस्व अमले ने पूरी सक्रियता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया।

सभी जोन कमिश्नरों, उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा, सहायक राजस्व अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने समन्वित प्रयासों के साथ अभियान को सफल बनाया। रायपुर नगर पालिक निगम प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय करदाताओं के सकारात्मक सहयोग एवं राजस्व अमले की मेहनत को भी दिया है।
नगर निगम प्रशासन का लक्ष्य प्रतिदिन 1 करोड़ रुपये राजस्व वसूली सुनिश्चित करते हुए शहर के विकास कार्यों के लिए संसाधनों को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। आज की उपलब्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

CG : लॉज में देह व्यापर का खुलासा, आपत्तिजनक हालत में तीन युवक-युवतियां पकड़ाई

CG : लॉज में देह व्यापर का खुलासा, आपत्तिजनक हालत में तीन युवक-युवतियां पकड़ाई

 दुर्ग। जिले में पुलिस ने अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भिलाई के छावनी थाना क्षेत्र स्थित एक लॉज में छापा मारा है। एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान देह व्यापार से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा किया। मौके से आपत्तिजनक हालत में तीन युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी खंगाली जा रही है।

ही है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि छावनी थाना अंतर्गत बाबा लॉज में संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर एसीसीयू और स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लॉज में दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से कई आपत्तिजनक सामग्री मिली है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कथित सेक्स रैकेट का संचालन मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस को जांच के दौरान एक ऐसे एप की जानकारी मिली है, जिसमें बड़ी संख्या में युवतियों की तस्वीरें और संपर्क संबंधी जानकारी मौजूद थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों से संपर्क कर नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने मौके से तीन युवक-युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी पड़ताल की जा रही है।

CG : सर्च ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता, नक्सलियों का विस्फोटक जखीरा बरामद; मौके पर ही नष्ट किए गए IED

CG : सर्च ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता, नक्सलियों का विस्फोटक जखीरा बरामद; मौके पर ही नष्ट किए गए IED

 गरियाबंद। जिला गरियाबंद के थाना मैनपुर अंतर्गत कैंप कुल्हाडीघाट से 10 किमी. ग्राम दड़ईपानी जंगल क्षेत्र में एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल एवं बीडीएस टीम की संयुक्त पार्टी सर्च अभियान पर निकले थे कि अभियान के दौरान संदिग्ध डम्प का पता चला।

 
जिसे दिनांक 12/06/2026 के 12ः25 बजे को माओवादियों द्वारा डम्प कर रखे गये सामग्री कमर्शियल काॅर्डेक्स वायर 15 मीटर, गन पाउडर 1.5 किग्रा, जिलेटिन राड, कुकर आईईडी 01 नग (लगभग 4 किलो ग्राम), टिफिन आईईडी 01 (लगभग 5 किग्रा), बीजीएल राउण्ड 06 नग, एयर गन 01 नग, इंटरसेप्टर 01 नग, इंसास मैग्जीन 01 नग, दवाईयां एवं दैनिक उपयोगी सामग्री को बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है।  उक्त आईईडी बम को बीडीएस टीम द्वारा मौके पर ही विस्फोट कर नष्ट किया गया।
 कहानी-संग्रह 'माटी के पंख' छ.ग. के विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भेंट किया गया

कहानी-संग्रह 'माटी के पंख' छ.ग. के विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भेंट किया गया

रायपुर  - हाल ही में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा राजभवन रायपुर में विमोचित लेखिका एवं साहित्यकार  पूजा अग्रवाल के पाँचवी किताब 'माटी के पंख' कहानी संग्रह को छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह जी को शुक्रवार 12 जून, 2026 को विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, शंकर नगर, रायपुर, छत्तीसगढ़ में मुलाकात कर सादर स्वरूप भेंट किया गया | मुलाकत के दौरान श्री पंकज गुप्ता एवं ऋषि गुप्ता उपस्थित थे | 


इस पुस्तक की लेखिका पूजा अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष महोदय को बताया कि इसमें लिखी हुई 21 कहानियाँ हैं, जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दिखाती हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य के हौसलों को बयां करती हैं। इसमें दयालुता, प्रकृति से प्रेम,  पेड़-पौधों से जुड़ाव और माटी की गरिमा का संदेश निहित है। यह किताब हमें सिखाती है कि स्क्रीन की दुनिया से परे भी एक बहुत सुंदर दुनिया है, जहाँ दूसरों की मदद करना ही ईश्वर की असली पूजा है। यह किताब कभी हार न मानने का हौसला रखने और हर परिस्थिति में मुस्कुराने का भी संदेश देती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के पाठक के लिए इसमें एक प्यारा संदेश है। 

शिष्टाचार भेंट के दौरान माननीय विधानसभा अध्यक्ष ने लेखिका के साहित्यिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहानी संग्रह 'माटी के पंख' के पर्यावरण पर आधारित प्रकृति प्रेम, माटी जुड़ाव व प्रेरणादायी विचारों को सराहा एवं लेखिका को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद देते हुए निरंतर समाज को जागरूक करने वाला साहित्य लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। 
स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान, छत्तीसगढ़ में 1.12 लाख से अधिक वेंडर्स को मिला आर्थिक संबल

स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान, छत्तीसगढ़ में 1.12 लाख से अधिक वेंडर्स को मिला आर्थिक संबल

 रायपुर। कभी सड़क किनारे ठेला लगाकर सब्जियां बेचने वाले, चाय-नाश्ते की छोटी दुकान चलाने वाले या फिर फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले लाखों स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों) के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी चुनौती थी। बैंक ऋण तक पहुंच नहीं होने के कारण उनका व्यवसाय सीमित था। लेकिन प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने इन छोटे उद्यमियों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है।

छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से अब तक 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर (पथ विक्रेताओं) को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना ने न केवल उनके कारोबार को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का नया अवसर भी प्रदान किया है।

कोविड-19 महामारी के दौरान आजीविका पर पड़े गंभीर प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (च्ड ैट।छपकीप) योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

योजना के तहत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 10,000 रूपए तक का ऋण, द्वितीय चरण में 20,000 रूपए तक का ऋण तथा तृतीय चरण में 50,000 रूपए तक का ऋण दिया जाता है। अर्थात इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण सहायता प्राप्त की जा सकती है। समय पर पुनर्भुगतान करने वाले हितग्राही ही अगले चरण के लिए पात्र बनते हैं।

पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलता है जो सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें सब्जी एवं फल विक्रेता, चाय, नाश्ता एवं फास्ट फूड विक्रेता, पान दुकान संचालक, कपड़ा एवं रेडीमेड वस्त्र विक्रेता, जूता-चप्पल विक्रेता, किताब एवं स्टेशनरी विक्रेता, फूल एवं पूजा सामग्री विक्रेता, मोबाइल एक्सेसरीज विक्रेता, नाई, मोची, लॉन्ड्री जैसी सेवाएं देने वाले स्वरोजगारी, जैसे अनेक छोटे व्यवसाय शामिल हैं।छत्तीसगढ़ में योजना का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और धमतरी जैसे जिलों में हजारों पथ विक्रेताओं को ऋण सहायता प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर 267.22 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के विरुद्ध 256.94 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है, जिससे 1.12 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, उनकी आय में वृद्धि हो रही है और वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों में हजारों पथ विक्रेता इस योजना के सहारे अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना वास्तव में उन मेहनतकश हाथों को आर्थिक संबल देने का माध्यम बनी है, जो अपने परिश्रम से शहरों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।

दो सहायक डाक अधीक्षक और 12 निरीक्षकों के तबादले

दो सहायक डाक अधीक्षक और 12 निरीक्षकों के तबादले

 रायपुर। सीपीएमजी छत्तीसगढ़ अजय सिंह चौहान ने परिमंडल में दो सहायक डाक अधीक्षक (एएसपी) और 12 निरीक्षकों के तबादले किए हैं।इन आदेशों को लेकर असमानता की चर्चाएं हो रही हैं। इनमे जीआर देवांगन की बिलासपुर के उसी आफिस में कुर्सी बदली गई है तो पिछले तबादले में बिलासपुर भेजे गए पंकज मिश्रा पुन: रायपुर स्थानांतरित किए गए हैं।
जारी आदेशानुसार एएसपी दुर्गेश कुमार जायसवाल को अबूझमाड़ से परलकोट, छबिलाल पटेल को रायगढ़ से अबूझमाड़ उप संभाग स्थानांतरित किया गया है। एक अन्य आदेश अनुसार डाक निरीक्षक विक्रम सिंह को रायपुर से रायगढ़, गणेश राम देवांगन ओएस बिलासपुर से सीआई बिलासपुर, कुंदन कुमार तुरकर कांकेर से रायगढ़, निखिल गौतम गुंडरदेही से आईआरएम दुर्ग, पंकज मिश्रा बिलासपुर वैस्ट से सीओ रायपुर, अनूपचंद गुप्ता जमनीपाली कोरबा से गुंडरदेही, आरएस मिश्रा कोंडागांव से जमनीपाली, लोकपाल साहू सीओ रायपुर से रायपुर- टू, भोजराम पटेल दुर्ग से सीओ रायपुर भेजा गया है। इसी तरह से अमित दास बलरामपुर से गरियाबंद, रामकुमार पात्रे जगदलपुर से बैकुंठपुर (स्वैच्छिक आवेदन पर) स्थानांतरित किए गए हैं। वहीं ओपी पटेल को भी आवेदन पर एक वर्ष का विस्तार दिया गया है।

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

 रायपुर। फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से देश और दुनिया को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।
राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने दिया। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्युमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सीएम हेल्पलाइन 1076 से मिली त्वरित राहत, शिकायत पर आवेदक को मिली डिजिटल किसान किताब

सीएम हेल्पलाइन 1076 से मिली त्वरित राहत, शिकायत पर आवेदक को मिली डिजिटल किसान किताब

 00 राजस्व विभाग ने समयबद्ध निराकरण कर मोबाइल पर उपलब्ध कराई ऋण पुस्तिका

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 लोगों के लिए भरोसेमंद मंच बनकर उभरी है। इस व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण कर आमजन को राहत पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में सरगुजा जिले में राजस्व विभाग से संबंधित एक शिकायत का शीघ्र निराकरण करते हुए आवेदक को डिजिटल किसान किताब उपलब्ध कराई गई। आवेदक  संतोष कुमार रजक ने 10 जून 2026 को टोकन क्रमांक बीबी 260600003692 के माध्यम से शिकायत दर्ज कर बताया था कि जेजे मिंज पिता स्वर्गीय काशी मिंज के नाम दर्ज भूमि के बंटवारे के बाद नई ऋण पुस्तिका (किसान किताब) उपलब्ध नहीं कराई गई है।

शिकायत प्राप्त होते ही तहसील कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा मामले की जांच कराई गई। संबंधित हल्का पटवारी के प्रतिवेदन में पाया गया कि ग्राम मेण्ड्राकला स्थित खसरा क्रमांक 332/2, 338/4, 444/3 एवं 456/3 की भूमि राजस्व अभिलेखों में विधिवत दर्ज है। जांच उपरांत संबंधित भूमि की डिजिटल किसान किताब तत्काल आवेदक के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित कर दी गई तथा इसकी सूचना भी उन्हें उपलब्ध करा दी गई। आवेदक ने शिकायत के त्वरित निराकरण पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा जिला प्रशासन का आभार जताया। यह उदाहरण दर्शाता है कि शासन की जनहितकारी पहलें आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ के मिले प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ के मिले प्रस्ताव

00 इन्वेस्टर कनेक्ट में हैदराबाद के निवेशकों को मुख्यमंत्री साय का न्योता
00 आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा के क्षेत्र में खुली 7,800 रोजगार की राह
रायपुर।
छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए रेड कारपेट बिछा हुआ है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए इन्विटेशन टू इन्वेस्ट (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं। सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए 4,200 करोड़ रूपए के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।

फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1,000 करोड़ रूपए के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे। सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 528 करोड़ रूपए के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमश: लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे। हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें गूगल इंडिया, आईबीएम, पॉलीकैब इंडिया, पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चौरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सेन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारीगण शामिल थे।