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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल: 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए 78 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल: 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए 78 करोड़ की स्वीकृति

 रायपुर ।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।

प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।

“हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।” -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।” – स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल: छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल: छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती को मिली मंजूरी

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

 
 
फिर स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, पुलिस ने 5 लड़कियां और 4 ग्राहक पकड़े

फिर स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, पुलिस ने 5 लड़कियां और 4 ग्राहक पकड़े

 भिलाई,दुर्ग।  शहर के जुनवानी इलाके में पुलिस ने एक बार फिर स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। चौहान बिजनेस पार्क की तीसरी मंजिल पर संचालित लोरेंज और लीवेलनेस स्पा सेंटरों में लंबे समय से देह व्यापार चलने की सूचना पुलिस को मिल रही थी।

आज पुख्ता जानकारी पर पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ दोनों सेंटर्स में एक साथ छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 लड़कियों, 4 ग्राहकों और दोनों स्पा सेंटरों के मैनेजरों को मौके से गिरफ्तार किया। साथ ही कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए। सभी आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने पहले एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर भेजा। जैसे ही अंदर से सिग्नल मिला, एडिशनल एसपी ICUAW पद्मश्री तंवर, दुर्ग सीएसपी भारती मरकाम और स्मृतिनगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गुरविंदर सिंह अपनी टीम के साथ भीतर पहुंच गए। पुलिस को देखते ही अंदर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन किसी को भागने नहीं दिया गया।

दोनों स्पा सेंटरों से कुल 5 लड़कियां और 4 ग्राहक हिरासत में लिए गए हैं। साथ ही स्पा मैनेजर और वर्कर्स से पूछताछ की जा रही है।

एडिशनल एसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि लंबे समय से इन दोनों स्पा सेंटरों में जिस्मफरोशी का धंधा चलने की शिकायतें मिल रही थीं। आज पुख्ता सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में लोरेंज स्पा से 3 लड़कियां, 2 ग्राहक, एक मैनेजर और एक वर्कर, जबकि लीवेलनेस स्पा से 2 लड़कियां, 2 ग्राहक, एक मैनेजर और एक महिला वर्कर को हिरासत में लिया गया है

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खौफनाक हत्या: गर्लफ्रेंड के साथ मातर देखने पहुंचा प्रेमी, लड़की के भाई ने की हत्या

खौफनाक हत्या: गर्लफ्रेंड के साथ मातर देखने पहुंचा प्रेमी, लड़की के भाई ने की हत्या

 दुर्ग। जिले में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि पुलिस से बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ताजा हत्या का मामला रानीतराई थाना क्षेत्र के ग्राम खर्रा का है, जहां मातर पर नाचा कार्यक्रम देखने पहुंचे युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि मृतक युवक का आरोपी की बहन से प्रेम प्रसंग चल रहा था, इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे की है। मृतक युवक की पहचान खूबीराम साहू निवासी रेंगाकठेरा के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात अपनी प्रेमिका के साथ ग्राम खर्रा में “मातर” पर आयोजित छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने गया था। उसी दौरान युवती के भाई ने अपनी बहन को युवक के साथ देखा और गुस्से में आकर अपने दोस्तों के साथ मिलकर खूबीराम पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी पाटन और रानीतराई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों को घटनास्थल लेकर पहुंची और मौके पर रीक्रिएशन कराया गया। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया गया है।

मामले में दुर्ग एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि खर्रा गांव में एक दूसरे गांव का युवक कार्यक्रम में आया हुआ था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उस पर शक के आधार पर बातचीत की और उसके साथ मारपीट कर दी। इसके बाद एक अन्य युवक, जिसके साथ उसका संबंध बताया जा रहा है, वह भी वहां पहुंचा और उसने युवक को बाहर बुलाकर अपने समूह के साथ मिलकर फिर से मारपीट की। इसी दौरान दो आरोपियों ने चाकू से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने बताया कि पांच आरोपियों को चिन्हांकित कर गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसमें पुरानी रंजिश की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और मेमोरेंडम के कथन लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और घोषणा पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और घोषणा पर लगी मुहर

 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण को मिली 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर, 24 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।

प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।


"हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।" -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।" - स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" - वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री साय

 रायपुर।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।

मुख्यमंत्री  साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री  साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक

मुख्यमंत्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा

मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।

मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

 
TRANSFER NEWS : बड़ी संख्या में आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के बदले एसपी, देखें पूरी लिस्ट

TRANSFER NEWS : बड़ी संख्या में आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के बदले एसपी, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर। राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है, जारी आदेश में 7 आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल है। कई जिलों के एसपी बदले गए है।

देखें पूरी लिस्ट

• मोहित गर्ग (भापुसे 2013) – पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव से सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर नियुक्त।

• चन्द्रमोहन सिंह (भापुसे 2014) – पुलिस अधीक्षक, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर से निदेशक, ट्रेनिंग/ऑपरेशन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय, रायपुर।

• अंकिता शर्मा (भापुसे 2018) – पुलिस अधीक्षक, सक्ती से पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।

• यदुवली अक्षय कुमार (भासे 2018) – पुलिस अधीक्षक, कोण्डागांव से सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

• रतना सिंह (भापुसे 2019) – सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से पुलिस अधीक्षक, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर।

• प्रफुल्ल ठाकुर (भापुसे 2015) – सेनानी, 4थी वाहिनी, छसबल माना रायपुर से पुलिस अधीक्षक, सक्ती।

• पंकज चन्द्रा (भापुसे) – सेनानी, 13वीं वाहिनी, सशस्त्र बल, बांगो कोरबा से पुलिस अधीक्षक, कोण्डागांव।

 
 
CG - रजत जयंती पर नया संकल्प: साय सरकार में नवा रायपुर बन रहा छत्तीसगढ़ के भविष्य का प्रतीक…..

CG - रजत जयंती पर नया संकल्प: साय सरकार में नवा रायपुर बन रहा छत्तीसगढ़ के भविष्य का प्रतीक…..

 रायपुर. 1 नवंबर 2000 को एक नए राज्य बनकर उभरने वाले छत्तीसगढ़, जिसे “भारत का हृदय” भी कहा जा सकता है इस वर्ष अपने निर्माण की रजत जयंती माना रहा है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ न सिर्फ़ अपने अतीत पर गौरवान्वित है बल्कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए भी चैतन्य हैं। राज्य के भविष्य का एक उज्जवल स्वरूप है नवा रायपुर अटल नगर। यह एक नए प्रकार के नगरीय जीवन, आधुनिक अधोसंरचनाएं, निवेश की संभावनाएं, स्मार्ट सिटी मॉडल और सतत् विकास की ओर एक निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने नये शहर के विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में रखा है। और रजत जयंती का यह अवसर हमें यह जानने का भी है कि ये योजनाएं कितनी सफल हुई हैं, किन खामियों से गुजरना पड़ा है, और आगे क्या किया जा सकता है।

नवा रायपुर अटल नगर : इतिहास और उद्देश्य

पुराने रायपुर में, जनसंख्या दबाव, ट्रैफिक जाम, सार्वजनिक सेवाओं की सीमाएं, प्रदूषण, और सरकार कार्यालयों का बिखराव जैसी कई-कई समस्याएं थीं। इसके निवारण के लिए राजधानी को नए स्थान पर स्थानांतरित किया गया और नवा रायपुर अटल नगर अस्तित्व में आया। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इसे योजनाबद्ध तरीक़े से विकसित किया जा रहा है जिसका उद्देश्य है. यहां से राजधानी की सभी महत्वपूर्ण सरकारी संस्थाएं, सार्वजनिक सेवाएं और जीवन-शैली की आधुनिक सुविधाएं संचालित करना। नवा रायपुर को रायपुर से सुदूर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर विकसित किया जा रहा है। यहां निवासी क्षेत्रों, सरकारी कार्यालयों, व्यावसायिक खंडों, हरित क्षेत्रों, सांस्कृतिक केंद्रों की व्यवस्था योजनाबद्ध रूप से की जा रही है। कई सेक्टर और गांवों को इस मास्टर प्लान में शामिल किया गया है, जैसे बरौदा, रमचंडी, रीको, मंदिर हसौद, आरंग, सेरीखेड़ी, नकटी आदि। नवा रायपुर एक स्मार्ट सिटी मॉडल है, जहां आधुनिक सड़क, सार्वजनिक परिवहन, ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली होगी, ऊर्जा उपयोग में दक्षता होगी, सौर ऊर्जा और हरित भवनों का प्रचलन होगा, जिसमें हरित क्षेत्र (पार्क, जंगल, ओपन स्पेस) पर्याप्त होंगे, फाइबर-ऑप्टिक नेट्वर्क, वाई-फाई आदि से पर्याप्त डिजिटल कनेक्टिविटी होगी और स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृतिक आयोजन, मनोरंजन आदि से नागरिक जीवन की गुणवत्ता उच्च होगी।
यह सिर्फ राजधानी बदलने की कहानी नहीं है बल्कि जीवन की गुणवत्ता बदलने की कथा भी है।

अधोसंरचनाएं : सुविधाएं और विकास

नवा रायपुर की सड़कों को चौड़ा बनाया जा रहा है, मास्टर प्लान के अनुरूप पैदल पथ और साइकिल ट्रैकों की व्यवस्था की जा रही है। ट्रैफिक नियंत्रण प्रणालियां लागू की जा रही हैं ताकि. Vehicle flow सुचारू हो, जाम कम हो।विद्युतीकरण, बिजली, पानी, गैस, सीवेज आदि बुनियादी सुविधाएं योजनाबद्ध रूप से दी जा रही हैं। उदाहरण के लिए नवा रायपुर में नए तहसील गठन, बिजली-लाइन की अंडरग्राउंड व्यवस्था, एलपीजी पाइपलाइन आदि योजनाएँ चल रही हैं।

हरित क्षेत्र और पर्यावरण

• लगभग 30% भूमि को हरित क्षेत्र के लिए सुरक्षित करने की योजना बनाई गई है। नवा रायपुर अटल नगर में पार्क, वनस्पति क्षेत्र, खुली हरित पट्टियां नागरिकों को स्वच्छ वायु और व्यायाम की सुविधाएं भी होंगी। सौर ऊर्जा संयंत्रों के भरपूर उपयोग से पर्यावरणीय क्षति को रोका जाएगा। जैसे वन क्षेत्र में वृद्धि, लघु वनोपजों (Minor Forest Produce) का संरक्षण, ईको-टूरिज़्म आदि योजनाओं से प्रदूषण नियंत्रण और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाएं

• मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देश पर सेक्टर-37 में लगभग 400 एकड़ भूमि पर नवा रायपुर में विश्व स्तरीय मेडिसिटी की योजना है। इसमें रिसर्च केन्द्र, मेडिकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट और हॉस्पिटलिटी से जुड़ी सुविधाएं होंगी। इससे छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्यपरक सेवा का केंद्र बनने में मदद मिलेगी और बाहर से आने वालों के लिए भी यह एक आकर्षण का केंद्र होगी।

• यहां मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए तैयार की जा रही है। मेडिकल टूरिज्म / मेडिसिटी क्षेत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र की निवेश संभावनाएं बहुत अधिक हैं। एक बड़े अस्पताल, सुपरस्पेशलिटी सुविधाएं, रिसर्च एवं प्रशिक्षण केंद्र, हॉस्पिटलिटी लगभग उसी परिसर में होंगे।
फार्मास्युटिकल पार्क के लिए सेक्टर 22 ग्राम तूता में CSIDC को लगभग 141.84 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।फार्मास्युटिकल पार्क उद्योगों को दवा निर्माण, पैकिंग, लॉजिस्टिक्स आदि क्षेत्रों में सुविधा देगा। इससे अलावा प्रशासनिक सेवाएं गांव-ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे इसके लिए नए तहसील क्षेत्र बनाए जा रहे हैं।

डिजिटल अधोसंरचना, इंत्तेजेंट प्रणालियां

• ग्राम पंचायत स्तर से ही नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके इसके लिए छत्तीसगढ़ की साय सरकार के द्वारा Atal Digital Service Centres आदि स्थापित किए जा रहे हैं। फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क, वाई-फाई-जोन आदि सुविधाओं को शामिल किया जा रहा हैं। सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) विकसित किया जा रहा है जहां मनोरंजन, व्यापार, तकनीकी प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं होंगी। यहां शॉपिंग, होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर आदि प्रस्तावित हैं।

निवेश की स्थिति : प्रस्ताव, उद्योग और अवसर

प्रदेश के मुख्यमंत्री की पहल से नवा रायपुर अटल नगर निवेश के दृष्टिकोण से एक उभरता हुआ गढ़ बन गया है। नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। आईटी हब में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), स्टील, एनर्जी, सेमी-कंडक्टर उद्योगों के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। यदि ये सफल हों तो बड़े पैमाने पर रोजगार, तकनीकी विकास और राज्य की अर्थव्यवस्था को उछाल मिलेगी। इसके लिए जापान, कोरिया आदि देशों से निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं। निवेश प्रस्ताव लगभग 6.65 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।

रियल एस्टेट और आवास

नई कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें गांवों के क्षेत्रों को मास्टर प्लान में शामिल किया गया है. जैसे बरौदा, रमचंडी, रीको आदि। यहां आवास, दुकान-मकान, व्यापार क्षेत्र उम्मीद की जा रही है। नए क्षेत्रों में अधोसंरचनाएं जैसे अंडरग्राउंड बिजली, सीवरेज प्लांट, चौड़ी सड़कें, गैस पाइपलाइन आदि सुविधाएं बनाई जाने की योजना है।

साय सरकार के वित्तीय अनुशासन

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने अपने भारी बकाया कर्ज को चुकाकर खुद को कर्जमुक्त घोषित किया है। लगभग 1,788 करोड़ रुपये का कर्ज पूरी तरह से निपट गया। NRDA को कर्जमुक्त बनाना राज्य के साय सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे नवा रायपुर अटल नगर के विकास-कार्य बाधित नहीं रहे और वित्तीय बोझ से राहत मिली है। यह साय सरकार के वित्तीय अनुशासन का संकेत है। सरकार ने बजट के माध्यम से विकास प्राधिकरण को संसाधन जुटाए हैं और औद्योगिक क्षेत्रों को अतिरिक्त धनराशि दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के योगदान और सरकारी नीतियां

छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के नेतृत्व में, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर अटल नगर को राज्य का विकास मॉडल बनाने का प्रयास किया है। बजट आवंटन में प्राथमिकता देकर साय सरकार ने नये प्रदत्त कामों, औद्योगिक क्षेत्रों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए वित्तीय संसाधनों को सुनिश्चित किया है।  नवा रायपुर अटल नगर में निवेश को आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीति अपनाई गई है। यही नीति IT, सेमी कंडक्टर, AI आदि क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों को प्रोत्साहित कर रही है। सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, डिजिटल सरकार बनाने, स्थानीय तहों में सेवाएं पहुंचाने जैसे कदम उठाए गए हैं। जैसे ग्राम-पंचायत स्तर पर Atal Digital Service Centres की स्थापना की गई है।

समावेशी विकास, हरित अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण

प्रदेश के साय सरकार की पहल पर नवा रायपुर अटल नगर में पर्यावरण संरक्षण की नीतियों को मजबूती दी गई है। वन क्षेत्र में वृद्धि, वनोपज आधारित आय स्रोतों को बढ़ावा, ईको-टूरिज्म आदि योजनाओं को प्राथमिकता मिली है। स्वास्थ्य कार्यों को बढ़ावा देने के लिए मेडिसिटी जैसी योजनाएं और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जनभागीदारी, शिकायत निवारण तंत्र को बेहतर बनाने की ओर कदम उठाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ की रजत जयंती : प्रतीकात्मक महत्व

छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष की यात्रा साहस, चुनौतियों, विरासत और विकास की कहानी है। इस अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर की प्रगति बताती है कि राज्य ने सिर्फ अपने संसाधनों से काम नहीं किया बल्कि आत्म-विश्वास, योजनाबद्धता और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ा है. राज्य की साय सरकार ने सिर्फ “कागज की योजनाएं” नहीं बनाई, बल्कि अपने वादों को क्रियान्वित करने की कोशिश की। यदि नवा रायपुर सफल हुआ तो यह अन्य राज्यों और जिलों के लिए मॉडल बनेगा कि कैसे एक योजना-आधारित नया शहर विकसित किया जा सकता है, जो पर्यावरण, निवेश, नागरिक सुविधाएं और स्मार्ट जीवनशैली को संतुलित रखे.

नवा रायपुर अटल नगर सिर्फ एक नई राजधानी नहीं है, यह छत्तीसगढ़ की नई मंजिल है. यह उस राज्य की कहानी है जिसने जंगलों से, ग्रामीण इलाकों से, आदिवासी संस्कृति से, प्राकृतिक संसाधाओं से समृद्धि की इमारत खड़ी की है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार ने इस दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं—कर्जमुक्त प्राधिकरण से लेकर बड़े निवेश प्रस्तावों तक, मेडिसिटी से स्मार्ट सुविधाओं तक—वे सभी यह संकेत देते हैं कि छत्तीसगढ़ अब अपने आप में एक निवेश, विकास, स्वास्थ्य और जीवनशैली का केंद्र बन रहा है. यदि तमाम योजनाएं समय पर पूरी हों तो नवा रायपुर अटल नगर सिर्फ राज्य की राजधानी ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ का विजयचिन्ह भी बन सकता है.

राज्योत्सव में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, सभी कार्यक्रमों के लिए इन IAS अधिकारियों को बनाया गया नोडल अफसर

राज्योत्सव में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, सभी कार्यक्रमों के लिए इन IAS अधिकारियों को बनाया गया नोडल अफसर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर होने वाले राज्योत्सव में इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को शाम रायपुर पहुंचेंगे और 1 नवंबर की शाम यहां से रवाना होंगे।

दो दिनों में वे अलग-अलग पांच कार्यक्रमों में शामिल होंगे, जो इस तरह के आयोजनों में पहली बार होगा। राज्योत्सव की व्यवस्थाओं और कार्यक्रम संचालन के राज्य शासन ने IAS अधिकारियों को नोडल अफसर नियुक्त किया है।

5 नवंबर को उप राष्ट्रपति का दौरा

राज्योत्सव के समापन और अलंकरण समारोह में 5 नवंबर को उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अभ्यागत होंगे। यह राज्य बनने के 25 साल में पहली बार होगा, जब राज्योत्सव में देश के शीर्ष नेताओं में से दो प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

इन छह IAS को दी गई जिम्मेदारी

मनोज पिंगुआ, एसीएस गृह और जेल – प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और विधानसभा भवन का लोकार्पण समेत सभी कार्यक्रमों के प्रमुख नोडल अधिकारी।
2.सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव– ट्राईबल-आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण।
3.एस प्रकाश, सचिव परिवहन और संसदीय कार्य– नवीन विधानसभा उद्घाटन।
4.भुवनेश यादव, सचिव समाज कल्याण– राज्योत्सव शुभारंभ और मुख्य मंच व्यवस्था।
5.एस भारतीदासन, सचिव उच्च और तकनीकी शिक्षा– राज्योत्सव स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी।
6.डॉ. प्रियंका शुक्ला, कमिश्नर हेल्थ सर्विसेज– ब्रह्मकुमारीज ध्यान केंद्र का उद्घाटन।

 
 
CG : मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदी फरार, मचा हड़कंप, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

CG : मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदी फरार, मचा हड़कंप, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड में कैदी दिवाली की रात तीन बजे सुरक्षाकर्मियो को चकमा देकर फरार हो गए थे। इस मामले में जिले के एसपी ने नाराजगी जाहिर करते हुए बंदी की देखरेख में शामिल दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

दरअसल, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदी दीवाली के दिन फरार हो गए थे। यह घटना देर रात करीब तीन बजे की समीप की बताई जा रही थी, उस वक्त दोनों ने ही सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गए थे। इस वारदात से जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

 
 
 CG : भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल ने मनाया अपना 64वां स्थापना दिवस समारोह

CG : भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल ने मनाया अपना 64वां स्थापना दिवस समारोह

रायपुर। रोशन सिंह असवाल (सेनानी) के  कुशल नेतृत्व में 38वीं वाहिनी, खरोरा, रायपुर में, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल  का  आज 24 अक्टूबर 2025 को 64वां स्थापना दिवस पूरे जोश और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर उप सेनानी अजय शर्मा ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं उनके परिवार को बल स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुये अपने सम्बोधन मे कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। वर्ष 2004 में ‘‘वन बॉर्डर वन फोर्स’’ पर भारत सरकार की सिफारिशों के अनुसरण में भारत-चीन बॉर्डर के 3488 किलोमीटर के पूरे हिस्से को आईटीबीपी को बॉर्डर गॉर्डिंग ड्यूटी के लिए सौंपा गया था। सीमा की रखवाली, उग्रवाद और आंतरिक सुरक्षा भूमिकाओं पर समय-समय पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के अतिरिक्त कार्यों में वृद्धि की गई है। सीमाओं की निगरानी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल 9000 से 18000 फीट की  ऊंचाई पर तैनात  है। सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ जम्मू  कश्मीर में आंतकवाद से लड़ने, छत्तीसगढ़ में माओवाद से सुरक्षा के लिए भी बल के पदाधिकारियों द्वारा बल के आदर्श वाक्य ‘‘शौर्य दृढ़ता कर्म निष्ठा’’ का स्थापित  किया है।
 
38वीं वाहिनी को वर्ष-2016 में बेस्ट नॉन बार्डर बटालियन रनिंग ट्रॉफी तथा वर्ष-2018 में सर्वश्रेष्ठ एंटी-नक्सल ऑपरेशन (ए0एन0ओ0) बटालियन एवं वर्ष-2018-19 में सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ बटालियन तथा वर्ष-2022-23 में सर्वश्रेष्ठ एंटी-नक्सल ऑपरेशन (ए0एन0ओ0) बटालियन घोषित किया गया है। हम सभी इसी प्रकार वाहिनी की उपलब्धियों में नई उपलब्धियॉ जोड़ते रहेंगे। वाहिनी की सभी तैनातियों में वाहिनी के हिमवीरों ने सराहनीय कार्य कर बल का भी मान बढ़ाया है। अन्त में पुनः बल के 64वें स्थापना दिवस शुभकामनाएं देते हुए सभी पदाधिकारियों से हाथ मिलाकर समारोह का समापन किया।
स्काउट गाइड फेलोशिप का स्थापना दिवस बच्चों के साथ मनाया गया

स्काउट गाइड फेलोशिप का स्थापना दिवस बच्चों के साथ मनाया गया

 रायपुर/भारत स्काउट गाइड फेलोशिप छत्तीसगढ़ के द्वारा आज बाल आश्रम में राष्ट्रीय संरक्षक सत्यनारायण शर्मा की उपस्थिति फैलोशिप का स्थापना दिवस केक काट कर मनाया गया। इस अवसर पर स्काउट गाइड फेलोशिप छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ सुरेश शुक्ला ने सभी उपस्थितजनों से फ़ेलोशिप से जुड़कर समाज की सेवा करने का आग्रह किया।वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया कि फेलोशिप छत्तीसगढ़ ने कोरोना काल में राजधानी रायपुर में 21दिनों में 23लाख रु के राशन आमजनों को बांटकर उल्लेखनीय योगदान दिया था। कार्यक्रम में उपस्थित गायत्री सिंह सचिव,बबली दता ने बच्चों को चाकलेट का वितरण कर केक खिलाया गया।इस अवसर पर सर्व श्री एल डी दुबे ,श्री परिहार ,महामाया गिल्ड की शमीम खान, पूजा कर्ष मेडीकल गिल्ड से तोशीमा ,रितिमा ,मिथुन आदि उपस्थित थे।

NRVS कंपनी में बड़ा हादसा, फर्नेस ब्लास्ट से कई मजदूर झुलसे, आसमान में उठे धुएं के गु्ब्बारे

NRVS कंपनी में बड़ा हादसा, फर्नेस ब्लास्ट से कई मजदूर झुलसे, आसमान में उठे धुएं के गु्ब्बारे

 रायगढ़।  रायगढ़ जिले के तराईमाल स्थित NRVS कंपनी में आज सुबह एक भीषण फर्नेस ब्लास्ट की घटना सामने आई है। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के मुताबिक कई मजदूर झुलसे हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य जारी है। सुरक्षा कर्मियों ने फर्नेस एरिया को पूरी तरह सील कर दिया है ताकि दोबारा विस्फोट की आशंका को रोका जा सके। स्थानीय लोग कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, दुर्ग-पटना और गोंदिया-पटना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, दुर्ग-पटना और गोंदिया-पटना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

 रायपुर। छठ पूजा जितना नजदीक आ रहा है। ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ते जा रही है। बिहार और यूपी जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को जगह नहीं मिल पा रहा है। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे कई फेस्टिव स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। इस बीच, छत्तीसगढ़ से भी बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या कई ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दुर्ग-पटना और गोदिंया पटना- गोंदिया के बीच एक फेरे में स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। ये ट्रेनें दुर्ग और गोंदिया से 25 अक्टूबर को रवाना होगी। वहीं पटना से 26 अक्टूबर को चलेगी।

छठ पर्व के अवसर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का उद्देश्य छठ पूजा में शामिल होने वाले यात्रियों को कंफर्म सीट और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है। दुर्ग-पटना-दुर्ग और गोंदिया-पटना-गोंदिया के बीच एक-एक फेरे के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

दुर्ग से पटना के बीच चलेगी ट्रेन

दुर्ग से पटना के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 08795, 25 अक्टूबर को रात 12:30 बजे दुर्ग से रवाना होगी। यह 1:20 बजे रायपुर, 2:17 बजे भाटापारा, 3:30 बजे बिलासपुर, 4:30 बजे चांपा और 5:28 बजे झारसुगुड़ा होते हुए अगले दिन सुबह 4:00 बजे पटना पहुंचेगी। इसी तरह, वापसी की ट्रेन संख्या 08796 पटना से 26 अक्टूबर को रात 9:45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:30 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 21 कोच रहेंगे, जिनमें एसी, स्लीपर और सामान्य कोच शामिल हैं।

गोंदिया-पटना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन

गोंदिया-पटना-गोंदिया के बीच भी एक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। गाड़ी संख्या 08889, 25 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे गोंदिया से रवाना होगी और डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़ और झारसुगुड़ा होते हुए अगले दिन शाम 4:30 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 08890, 26 अक्टूबर को शाम 6:10 बजे पटना से रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 3:00 बजे गोंदिया पहुंचेगी। इसमें कुल 22 कोच रहेंगे, जिनमें स्लीपर, एसी टू और सामान्य श्रेणी की बोगियां शामिल हैं।

हावड़ा-नागपुर के बीच चलेगी अनारक्षित स्पेशल ट्रेन

रेलवे ने बताया कि दोनों ट्रेनों में सभी श्रेणियों में पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। यात्री अपनी सुविधा अनुसार आरक्षण कर सकते हैं। इसके अलावा, हावड़ा-नागपुर के बीच भी एक अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर को चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 01066 रात 9:30 बजे हावड़ा से रवाना होकर खड़गपुर, टाटानगर, राउरकेला, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया होते हुए शाम 6:20 बजे नागपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 18 कोच रहेंगे।

छट्ठी के भोज में फूड प्वॉइजनिंग का कहर, 5 ग्रामीणों की चली गई जान, कई की हालत गंभीर

छट्ठी के भोज में फूड प्वॉइजनिंग का कहर, 5 ग्रामीणों की चली गई जान, कई की हालत गंभीर

 नारायणपुर। जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के गोट गांव में आयोजित छट्ठी कार्यक्रम में खाना खाने के बाद फूड प्वॉइजनिंग से 5 ग्रामीणों की मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही नारायणपुर से स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार छठी का खाना खाने के बाद कई लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं और उनका इलाज जारी है। दुर्गम इलाके में होने के कारण, भैरमगढ़ से भी विशेष मेडिकल टीम को रवाना किया गया। एक मरीज को गंभीर हालत भैरमगढ़ उप-स्वास्थ्य केंद्र लाकर उपचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने और संदिग्ध भोजन से दूर रहने की अपील की है। घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और स्वास्थ्य विभाग लगातार गांव में स्थिति पर नजर रखे हुए है।

छत्तीसगढ़ में होगी झमाझम बारिश: बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, बस्तर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में होगी झमाझम बारिश: बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, बस्तर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी

 रायपुर। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का रुख बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 24 अक्टूबर से अगले पांच दिनों तक दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 26 अक्टूबर से प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी वर्षा गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में 24 अक्टूबर से एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ेगी और बादल छाने लगेंगे। अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन इसके बाद रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना है।

इस समय होने वाली बारिश का असर प्रदेश की कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में धान की कटाई हो चुकी है और फसलें खेतों में रखी हैं, वे बारिश से खराब हो सकती हैं। वहीं जिन इलाकों में कटाई शेष है, वहां फसल गिरने या अंकुरित होने का खतरा रहेगा।

राजधानी रायपुर में आज आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

IG आनंद छाबड़ा करेंगे सेक्स स्कैंडल की जांच, गठित की गई दो सदस्यी जांच समिति

IG आनंद छाबड़ा करेंगे सेक्स स्कैंडल की जांच, गठित की गई दो सदस्यी जांच समिति

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ के 2003 बैच के आईपीएस अफसर रतनलाल डांगी पर इंस्पेक्टर की पत्नी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। जिसके बाद से ही चर्चाएं शुरू हो गई है। वहीं अब इस मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा को सौंपा गया है।

बता दें कि, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा और पुलिस उपमहानिरीक्षक की दो सदस्यी जांच समिति का गठन किया गया है। जिसमें जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर नियम अनुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

TRANSFER NEWS : शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी, देखें आदेश

TRANSFER NEWS : शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी, देखें आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की एक और ट्रांसफर लिस्ट जारी हुई है। प्राचार्य और व्याख्याता की तबादला लिस्ट जारी हुई है।

 
 
 
 

 

प्रधानमंत्री सौर घर योजना से घर-घर पहुंचेगी सौर ऊर्जा: स्वच्छ ऊर्जा के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम….

प्रधानमंत्री सौर घर योजना से घर-घर पहुंचेगी सौर ऊर्जा: स्वच्छ ऊर्जा के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम….

 रायपुर: भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और बिजली पर होने वाले खर्च को कम करना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रत्येक घरों में छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। योजना का लाभ लेने आमजनों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अब 700 से अधिक लोगों ने योजना का लाभ लेने आवेदन किया है।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “पीएम सूर्य घर योजना” को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आमजनों तक पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है।

योजना अंतर्गत आवेदक को भारतीय नागरिक होने के साथ घर की छत पैनल लगाने के लिए उपयुक्त होना चाहिए। घर में वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए। इसके साथ ही आवेदक के परिवार ने सौर पैनल के कोई सब्सिडी का लाभ न उठाया हो। योजना के तहत सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग प्रणाली से जोड़ा जाता है, जिससे अतिरिक्त उत्पन्न बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और उपभोक्ता को उसका लाभ आय के रूप में प्राप्त होता है। इन सोलर पैनलों से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में जोड़ा जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय का लाभ भी प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत चन्दन बाई जी को दी श्रद्धांजलि:शोक संतप्त परिवार से मिलकर व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत चन्दन बाई जी को दी श्रद्धांजलि:शोक संतप्त परिवार से मिलकर व्यक्त की संवेदना

 रायपुर, 23 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची की माताजी स्वर्गीय श्रीमती चन्दन बाई जी की तेरहवीं एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर श्री मरपच्ची सहित शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे स्वर्गीय चन्दन बाई जी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल

हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल

 खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार

खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि

रायपुर 23 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्थ में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।

खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।

छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।

छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

6 से 9 नवम्बर तक जशपुर में होगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025' का आयोजन

6 से 9 नवम्बर तक जशपुर में होगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025' का आयोजन

 छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’

छत्तीसगढ़ के जशपुर में सजेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ — रोमांच, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत उत्सव

रायपुर, 23 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे। यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव

जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे।

हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच

इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।

कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद

फेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा।

फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव

प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।

खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स

रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।

लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल

हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी।

फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे।

‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।

जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचान

इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।

"हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं।

‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

सीएम साय से पंजाब सरकार के मंत्रियों ने की मुलाकात, गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होने किया आमंत्रित

सीएम साय से पंजाब सरकार के मंत्रियों ने की मुलाकात, गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होने किया आमंत्रित

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में पंजाब सरकार के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुण्डियन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सौजन्य मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री साय को 9वें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, त्याग और मानवता के प्रति उनके संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस आयोजन में देशभर से श्रद्धालुओं, संत महात्माओं और विभिन्न राज्यों के गणमान्य नागरिकों के सम्मिलित होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंजाब सरकार के मंत्रियों द्वारा दिए गए आमंत्रण के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने जीवन में धर्म, मानवता और समानता के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान न केवल सिख समाज के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अमर संदेश है, जिसने हमें सत्य और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी है।

मुख्यमंत्री साय ने पंजाब सरकार के इस आयोजन की सराहना करते हुए इसके सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर भी चर्चा हुई।

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एक बार फिर बड़ी संख्या में नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण, 40 लाख का इनामी नक्सली रामधेर का भी नाम शामिल

एक बार फिर बड़ी संख्या में नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण, 40 लाख का इनामी नक्सली रामधेर का भी नाम शामिल

 कांकेर ।  छत्तीसगढ़ में 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद अब एक बार फिर से जल्द ही बड़ा आत्मसमर्पण हो सकता है। बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर करने वाले हैं। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसके संकेत दिए हैं। जिसमें बताया गया कि, कांकेर में 50 नक्सली जल्द कर सकते सरेंडर हैं। दशकों से नक्सल समस्या का दंश झेल रहा छत्तीसगढ़ का बस्तर बहुत जल्द सुकून महसूस करेगा।

वहीं आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में 40 लाख का ईनामी नक्सली रामधेर भी शामिल हो सकता है। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, कहा जा रहा है कि, बस्तर इलाके में सक्रिय नक्सली सरेंडर कर सकते हैं, जिसमे छोटे व बड़े कैडर के नक्सली शामिल है।

बता दें कि, नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, पीएम मोदी के विजन गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन में तेजी से कम हो रहा है। सरकार ने 31 मार्च 2026 की समय सीमा तय कर दी है। इस टारगेट को पूरा करने के लिए तेजी से काम भी हो रहा है।

अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ योजना, बेस्ट प्राइवेट आवासीय स्कूलों में मिलेगा प्रवेश का मौका

अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ योजना, बेस्ट प्राइवेट आवासीय स्कूलों में मिलेगा प्रवेश का मौका

 रायपुर। अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए भारत सरकार की “श्रेष्ठ योजना” के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए 3000 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टर को निर्देशित किया।

इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। आवेदन NTA की वेबसाइट पर ऑनलाइन किए जा सकते हैं। आवेदन सुधार हेतु विंडो 1 से 2 नवंबर 2025 तक खुली रहेगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिसमें शिक्षण, छात्रावास शुल्क और अन्य व्यय शामिल हैं। स्कूलों का आबंटन योग्यता और विद्यार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से किया जाएगा।