BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
अनियंत्रित कार ने राहगीरों को रौंदा: 5 की दर्दनाक मौत, कई घायल

अनियंत्रित कार ने राहगीरों को रौंदा: 5 की दर्दनाक मौत, कई घायल

आगरा। आगरा से इस वक्त एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है जहां एक तेज रफ्तार कार ने 7 राहगीरों को रौंद दिया। जिससे की 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरु की।

दरअसल, यह हादसा आगरा के बुधी इलाके का है। यहां एक तेज रफ्तार टाटा नेक्सन कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदते हुए दीवार से जा टकराई। टक्ककर इतनी भीषण थी की देखते ही लोग मौके पर दौड़ पड़े और कार सवार को पकड़ कर उसकी जमकर धुनाई कर दी। वहीं कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। शीशे टूट गए थे और हेडलाइट्स पूरी तरह चकनाचूर थीं।

वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जबकि सभी पांच शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतकों की पहचना ‘बबली ,भानु प्रताप ,कमल, कृष्णा और बंतेश के रूप में हुई है। इन सभी के परिवारों में कोहराम मच गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है की कार सवार शराब के नशे में धुत था। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पीएम मोदी इस दिन राम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे ध्वज, प्राण प्रतिष्ठा की तरह होगा भव्य आयोजन

पीएम मोदी इस दिन राम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे ध्वज, प्राण प्रतिष्ठा की तरह होगा भव्य आयोजन

 अयोध्या।  मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहरण का कार्यक्रम किया जाएगा। आगामी 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा ध्वज फहराया जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

मिली जानकारी के अनुसार, इस ध्वज में वाल्मीकि रामायण में वर्णित सूर्य, ओम और कोविदार वृक्ष के प्रतीकों वाला भगवा रंग का होगा। जिसे 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर के 161 फुट ऊंचे शिखर पर लगे 42 फुट ऊंचे खंभे पर फहराया जाएगा।बताया गया कि, यह पांच दिवसीय कार्यक्रम होगा जो 21 नवंबर से शुरू होकर 25 नवंबर को समाप्त होगा।  वहीं मंदिर ट्रस्ट ने इस आयोजन के लिए मेहमानों की संख्या 8 हजार से बढ़ाकर 10 हजार कर दी है। ध्वज के कपड़े की गुणवत्ता और उसकी आंधी-तूफान में सहन क्षमता की जांच कराई जा रही है।

किताब की जगह हाथों में शराब की बोतलें… स्कूल यूनिफॉर्म में शराब लेने पहुंची छात्राएं

किताब की जगह हाथों में शराब की बोतलें… स्कूल यूनिफॉर्म में शराब लेने पहुंची छात्राएं

 मंडला। नशा एक ऐसी बीमारी है जो न सिर्फ आपका भविष्य खराब करती है, बल्कि आपके परिवार को भी तबाह कर देती है। नशाखोरी के मामले में पुरूषों के मुकाबले महिलाएं भी पीछे नहीं है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के मंडला से सामने आया है। जहां स्कूल यूनिफॉर्म में कुछ छात्राओं द्वारा शराब खरीदने का मामला सामने आया है। जिसका वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आई।

दरअसल, यह पूरा मामला मंडला के नैनपुर इलाके का है। यहां कंपोजिट शराब दुकान से स्कूली छात्रा को शराब बेचे जाने की पुष्टि हुई है। जिसके बाद शुक्रवार की शाम ही प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारी संबंधित शराब दुकान में पहुंचे। जहां दुकान के दस्तावेज और स्टॉक की जांच की गई है। वहीं पास ही लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। जिसमें साफतौर से दिखाई दे रहा है कि, स्कूली छात्राओं को शराब बेची गई।

 इस मामले में आबकारी एक्ट के तहत आपराधिक प्रकरण तैयार कर कलेक्टर की न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि, ऐसे मामलों में ठेकेदार पर दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रविधान है।

Bank Holiday: नवंबर में बैंकों की बंपर छुट्टियां, कुल 10 दिन रहेंगे बंद, समय पर निपटा लें अपने काम

Bank Holiday: नवंबर में बैंकों की बंपर छुट्टियां, कुल 10 दिन रहेंगे बंद, समय पर निपटा लें अपने काम

 Bank Holiday:  नवंबर के महीने में हालांकि कोई बड़ा राष्ट्रीय त्योहार नहीं है, फिर भी कुल 9 से 10 दिन बैंकों में अवकाश रहेगा। 5 नवंबर को गुरु नानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा होने के कारण पूरे देश में अवकाश रहेगा। इसके अलावा कुछ स्थानीय त्योहारों के चलते कुछ राज्यों और शहरों में भी बैंक बंद रहेंगे।

नवंबर में बैंकों के अवकाश की सूची

  • 1 नवंबर: कन्नड़ राज्योत्सव/इगास-बग्वाल – बंगलूरू और देहरादून
  • 2 नवंबर: रविवार – पूरे देश में
  • 5 नवंबर: गुरु नानक जयंती/कार्तिक पूर्णिमा/रहस पूर्णिमा – पूरे देश में
  • 7 नवंबर: वंगाला महोत्सव – शिलांग
  • 8 नवंबर: दूसरा शनिवार – पूरे देश में; कनकदास जयंति – बंगलूरू
  • 9 नवंबर: रविवार – पूरे देश में
  • 16 नवंबर: रविवार – पूरे देश में
  • 22 नवंबर: चौथा शनिवार – पूरे देश में
  • 23 नवंबर: रविवार – पूरे देश में
  • 30 नवंबर: रविवार – पूरे देश में

अवकाश का बैंकिंग सेवाओं पर प्रभाव

हालांकि, जिस दिन बैंकों में अवकाश रहेगा, उस समय शाखा सेवाएं जैसे चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट और कैश हैंडलिंग उपलब्ध नहीं होंगी। वहीं, डिजिटल बैंकिंग चैनल जैसे कि, मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग और एटीएम  सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। यदि कोई महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य जैसे लोन चुकौती, आरडी कटौती या निवेश मैच्योरिटी किसी अवकाश पर पड़ती है, तो RBI के गाइडलाइन अनुसार यह अगले कार्य दिवस पर प्रोसेस कर दी जाती है। ग्राहकों को अवकाशों से पहले एक या दो दिन पहले आवश्यक कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। रेगुलर ट्रांजेक्शन के लिए ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी।

अमेरिका ने दो रूसी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, भारत पर भी पड़ेगा असर, जानिए क्यो ?

अमेरिका ने दो रूसी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, भारत पर भी पड़ेगा असर, जानिए क्यो ?

 अमेरिका - अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों- रोसनेफ्ट और लुकोइल पर कड़े प्रतिबंध लगाए है। ये कदम यूक्रेन युद्ध की फंडिंग रोकने के मकसद से उठाया गया है, लेकिन इसका सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ने की संभावना है, भारत अपनी कुल तेल जरूरत का लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा रूस से आयात करता है। सस्ते रूसी तेल ने बीते तीन वर्षों में भारत को अरबों डॉलर की बचत कराई थी, मगर अब स्थिति बदलती दिख रही है।

22-23 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा किया कि रोसनेफ्ट और लुकोइल की सभी विदेशी संपत्तियों को फ्रीज किया जाएगा और अमेरिकी व अन्य सहयोगी देशों की कंपनियों को इनसे व्यापार करने से रोका जाएगा। इसके बाद यूरोपीय संघ ने भी इसी तरह के प्रतिबंध लागू करने की बात कही है। परिणामस्वरूप, वैश्विक तेल कीमतों में 5-7% की बढ़ोतरी हुई और ब्रेंट क्रूड की कीमत $65-70 प्रति बैरल तक पहुंच गई।

भारत प्रतिदिन लगभग 1.5 से 1.7 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल आयात करता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रतिबंधों के कारण यह आयात 40-50% तक घट सकता है। इससे देश पर सालाना $2-3 बिलियन का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। तेल महंगा होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका है, जिससे महंगाई पर दबाव बढ़ेगा और जीडीपी में 0.2 से 0.5% की गिरावट संभव है।

भारत की प्रमुख निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले से ही रोसनेफ्ट से तेल खरीदती रही है। अब वह अपने अनुबंधों को नवंबर 2025 तक समाप्त करने पर विचार कर रही है। इस फैसले से उसकी सालाना आय पर ₹3,000-3,500 करोड़ का असर पड़ सकता है। नायरा एनर्जी, जो रोसनेफ्ट की सहयोगी है, पहले से ही उत्पादन घटाकर 70-80% क्षमता पर चल रही है।

सरकारी कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम फिलहाल यूरोपीय ट्रेडर्स के जरिए आयात जारी रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लंबे समय में यह व्यवस्था टिकाऊ नहीं मानी जा रही।

भारत के पास वैकल्पिक स्रोतों के रूप में मध्य पूर्व, अफ्रीका, ब्राजील और अमेरिका से तेल खरीदने के विकल्प हैं। सरकार ने ओपेक+ देशों से अतिरिक्त उत्पादन की मांग की है और साथ ही सौर ऊर्जा और इथेनॉल जैसे नवीकरणीय विकल्पों की दिशा में कदम तेज किए हैं। फिलहाल देश के पास 90 दिनों का रणनीतिक तेल भंडार है और 2030 तक आयात निर्भरता को 77% से घटाकर 65% करने का लक्ष्य तय किया गया है।

Chhath Puja 2025 : कल से शुरू होगा महापर्व छठ, जानें नहाय-खाय, खरना की तिथि और अर्घ्य के शुभ मुहूर्त

Chhath Puja 2025 : कल से शुरू होगा महापर्व छठ, जानें नहाय-खाय, खरना की तिथि और अर्घ्य के शुभ मुहूर्त

 छठ पूजा, सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित, आस्था और लोकपर्व का महापर्व 25 अक्टूबर 2025 से शुरू हो रहा है. यह चार दिवसीय पर्व लोक संस्कृति और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस साल छठ पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर को नहाय-खाय से होगी और इसका समापन 28 अक्टूबर को उषा अर्घ्य के साथ होगा.छठ पूजा 2025 की महत्वपूर्ण तिथियां

पहला दिन: 25 अक्टूबर नहाय-खाय
दूसरा दिन: 26 अक्टूबर खरना
तीसरा दिन: 27 अक्टूबर संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को)
चौथा दिन: 28 अक्टूबर उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को)

नहाय-खाय (25 अक्टूबर)

छठ महापर्व का आरंभ नहाय-खाय के साथ होता है. इस दिन व्रती (व्रत करने वाली महिलाएं) गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करती हैं. यदि नदी उपलब्ध न हो तो घर पर ही पवित्र जल से स्नान करके पूरे घर की साफ-सफाई और शुद्धिकरण किया जाता है.

विधि: इस दिन व्रती केवल एक बार सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं. भोजन में सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है. परंपरागत रूप से लौकी (कद्दू) की सब्जी, चना दाल और चावल का सेवन किया जाता है. भोजन पकाने के लिए भी साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है.

खरना (26 अक्टूबर)
छठ का दूसरा दिन खरना कहलाता है, जिसे ‘लोहंडा’ भी कहते हैं. इस दिन से ही 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ होता है.

विधि: व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं. शाम को, मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से गुड़ की खीर (रसिया) और घी लगी रोटी बनाई जाती है. सूर्य देव की पूजा करने के बाद व्रती सबसे पहले यह प्रसाद ग्रहण करती हैं. खरना के प्रसाद को ग्रहण करने के बाद व्रती अगले दिन सूर्य अर्घ्य देने तक अन्न-जल का त्याग कर देती हैं.

संध्या अर्घ्य (पहला अर्घ्य – 27 अक्टूबर)
छठ महापर्व का सबसे महत्वपूर्ण दिन, जब अस्ताचलगामी (डूबते हुए) सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

विधि: व्रती और श्रद्धालु सूप या बांस की टोकरी में ठेकुआ, फल, गन्ना, नारियल, और विभिन्न प्रकार के मौसमी फलों से बने प्रसाद को लेकर नदी या तालाब के किनारे जाते हैं. इस दिन पानी में खड़े होकर, सूर्य की अंतिम किरण को जल, दूध और फूलों से अर्घ्य दिया जाता है. डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का महत्व यह है कि जीवन के कठिन दौर का भी स्वागत करना चाहिए.

उषा अर्घ्य (दूसरा अर्घ्य – 28 अक्टूबर)
छठ पर्व का समापन चौथे दिन उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य) के साथ होता है.

विधि: व्रती और परिवार के सदस्य पुनः उसी स्थान पर एकत्रित होते हैं, जहां संध्या अर्घ्य दिया गया था. सूर्योदय से पहले पानी में खड़े होकर, सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य दिया जाता है. अर्घ्य देने के बाद व्रती कच्चे दूध और प्रसाद से अपना व्रत खोलती हैं, जिसे पारण कहते हैं. इसके बाद प्रसाद घर-परिवार और आस-पड़ोस में वितरित किया जाता है.

छठ पूजा का महत्व ( Chhath Puja significance)
छठ पूजा का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टि से बहुत महत्व है. यह पर्व प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव को समर्पित है, जो ऊर्जा, जीवन और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं. सूर्य की उपासना से चर्म रोग और अन्य बीमारियों से मुक्ति मिलती है. इस पर्व में छठी मैया (षष्ठी देवी) की भी पूजा की जाती है, जिन्हें संतान की रक्षा करने वाली और मनोकामना पूरी करने वाली देवी माना जाता है. संतान प्राप्ति, संतान की खुशहाली और परिवार की समृद्धि के लिए यह व्रत किया जाता है. छठ पर्व शुद्धता, स्वच्छता और प्रकृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है. इसमें इस्तेमाल होने वाले सभी सामान प्राकृतिक होते हैं और व्रती सात्विक जीवन शैली अपनाती हैं.चार दिनों का यह महापर्व न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह परिवार, समाज और प्रकृति के साथ गहरा संबंध स्थापित करने का एक माध्यम भी बनता है.

दर्दनाक हादसा — बेंगलुरु जा रही बस में लगी आग, 11 यात्रियों की मौत, कई घायल

दर्दनाक हादसा — बेंगलुरु जा रही बस में लगी आग, 11 यात्रियों की मौत, कई घायल

बेंगलुरु- हैदराबाद नेशनल हाईवे (NH-44) पर गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में कावेरी ट्रैवल्स की बस आग का गोला बन गई। हादसे में 11 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलसकर घायल हो गए। ये बस हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही थी और इसमें कुल 38 यात्री सवार थे। हादसा कुरनूल जिले के पास हुआ, जब बस की एक दोपहिया वाहन से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बाइक बस के नीचे फंस गई और कुछ ही सेकंड में बस में भयानक आग लग गई।

हादसा शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे का बताया जा रहा है। बस के चालक को शुरू में लगा कि हादसा मामूली था, लेकिन बाइक बस के नीचे फंसी रह गई थी। उसी से निकली चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। जो लोग बाहर निकल पाए, उनकी जान बच गई — बाकी लोग अंदर फंसकर जिंदा जल गए।

चंद मिनटों में बस बनी आग का गोला

कुरनूल के पुलिस अधीक्षक विक्रांत पाटिल ने बताया कि बस में आग लगने का कारण फिलहाल जांच के दायरे में है।

उन्होंने कहा, “बस की एक दोपहिया वाहन से टक्कर हुई थी। दोपहिया बस के नीचे फंस गया था। शायद इसी वजह से चिंगारी निकली और आग लग गई। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम आग के सही कारण की जांच कर रही है।”

हादसे के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जिनमें 9 को सरकारी अस्पताल और 3 को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।

घायल यात्रियों का इलाज जारी

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने लापता यात्रियों की पहचान और पीड़ितों के परिजनों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है

पूरे देश में होगा SIR, इलेक्‍शन कमीशन ने सभी राज्‍यों के चुनाव आयुक्‍तों को भेजा सर्कुलर, जानें कब से होगा शुरु

पूरे देश में होगा SIR, इलेक्‍शन कमीशन ने सभी राज्‍यों के चुनाव आयुक्‍तों को भेजा सर्कुलर, जानें कब से होगा शुरु

 नई दिल्ली। बिहार-बंगाल में स्‍पेशल इंटे‍ंस‍िव र‍िवीजन (SIR) के बाद इलेक्‍शन कमीशन ने पूरे देश में एसआईआर कराने का आदेश द‍िया है। चीफ इलेक्‍शन कमिश्नर ने सभी राज्‍यों के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍तों को एसआईआर की तैयारियां पूरी करने का सर्कुलर जारी किया है। बता दें, बिहार में पिछला SIR को 10 सितंबर 2025 को खत्म हुआ था और अब इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है।

SIR: बैठक में क्या-क्या हुआ

SIR को लेकर दो दिन चली इस बैठक में देशभर के CEOs ने अपनी-अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की। बैठक में असम, तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल और वेस्ट बंगाल जैसे राज्यों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई, ताकि हर जगह की खास जरूरतों को समझा जा सके, यहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं।

SIR: सीईओ ने बताया क‍ि आयोग ने हर राज्य से वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने, पुराने को हटाने और क्वालिफाइंग डेट (यानी वोटर बनने की आखिरी तारीख) को फाइनल करने का टास्क लिया। साथ ही, इलेक्टोरल रोल को सही करने के लिए डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन और पब्लिक कैंपेन चलाने की बात भी हुई।

भारत में कफ सिरप पीकर क्यों मर रहे बच्चे..? WHO की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

भारत में कफ सिरप पीकर क्यों मर रहे बच्चे..? WHO की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

 नई दिल्ली। भारत में कफ सिरप पीने के कारण 5 साल से कम उम्र के 17 बच्चों की मौत के मामले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विस्तृत जानकारी जारी की है। WHO ने मौतों का कारण सिरप में खतरनाक रूप से अधिक मात्रा में मौजूद टॉक्सिक केमिकल को बताया है, साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में दवा टेस्टिंग और उत्पादन में गंभीर चूकें पाई गई हैं।

Coldrif syrup:मौत का कारण: 500 गुना ज्यादा ज़हर

बच्चों की मौत का मुख्य कारण कफ सिरप में मौजूद ज़हरीला केमिकल डाइएथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol – DEG) था।

1.खतरे का स्तर: यह ज़हरीला केमिकल सिरप में मानक सीमा से लगभग 500 गुना ज्यादा पाया गया था।

  1. नुकसान: स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि DEG एक गंभीर जहर है, जो बच्चों में किडनी फेल्योर, न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स (तंत्रिका संबंधी समस्याएँ) और अंततः मौत का कारण बन सकता है।
    3.सबसे पहले Coldrif सिरप में यह ज़हरीला केमिकल मिला था, जिसके बाद इसे बैन कर दिया गया। अब, Respifresh और RELIFE सिरप में भी यही ज़हरीला केमिकल पाया गया है।

Coldrif syrup: क्यों हुई भारत में कफ सिरप से मौतें

WHO ने अपनी रिपोर्ट में भारत में दवा उत्पादन प्रक्रिया में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को मौतों का बड़ा कारण बताया है।

  1. टेस्टिंग में कमी: WHO ने कहा कि भारत में दवा के लिए ज़रूरी टेस्ट में कमी है।
    2.कानूनी चूक: कानून के मुताबिक, दवा के हर बैच का टेस्ट करना ज़रूरी है, लेकिन हाल ही में फैक्ट्री चेक में यह नियम अनदेखा पाया गया।
    3.Sresan Pharmaceutical (Coldrif सिरप) की फैक्ट्री बंद कर दी गई है और पुलिस मैनस्लॉटर (गैर इरादतन हत्या) की जाँच कर रही है।
    4.Shape Pharma और Rednex Pharmaceuticals की भी सिरप में मानक कमी पाई गई है और उन्हें उत्पादन तथा बिक्री रोकने का आदेश दिया गया है।

Coldrif syrup: वैश्विक स्तर पर चिंता

WHO ने स्पष्ट किया है कि ये तीनों सिरप मुख्य रूप से केवल भारत में बेचे गए, और अभी तक इनका कोई आधिकारिक निर्यात (Export) नहीं हुआ है। हालांकि, WHO ने चेतावनी दी है कि कुछ सिरप अनौपचारिक रूप से विदेशों में भी जा सकते हैं।

बता दें, भारत दुनिया में दवा बनाने में तीसरे नंबर पर है और अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली 40% जेनरिक दवाइयाँ और कई अफ्रीकी देशों की 90% दवा भारत से आती है। इस घटना ने देश और दुनिया में दवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Diwali 2025 : ‘नौसेना के साथ दिवाली मनाना मेरा सौभाग्य’ : पीएम मोदी

Diwali 2025 : ‘नौसेना के साथ दिवाली मनाना मेरा सौभाग्य’ : पीएम मोदी

  Diwali 2025 : पीएम नरेंद्र मोदी ने INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। पीएम मोदी ने अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि यह दीवाली मेरे लिए खास है। उन्होंने कहा कि “दीपावली के पर्व में हर किसी को अपने परिवार के बीच दीवाली मनाने का मन करता है। मुझे भी मेरे परिवार जनों के बीच दिवाली मनाने की आदत हो गई है और इसलिए आप जो मेरे परिवार जन हैं, उनके बीच मैं दिवाली मनाने चला जाता हूं। मैं भी ये दिवाली मेरे परिवार जनों के साथ मना रहा हूं।”

शब्दों में कह पाना कठिन

उन्होंने कहा कि समंदर की पानी पर सूर्य किरणों की चमक जवानों द्वारा जलाए गए दीपावली के दिए हैं.. ये हमारी अलौकिक दीपमालाएं हैं। मेरा सौभाग्य है कि मैं नौसेना के जवानों के बीच दीपावली का पर्व मना रहा हूं। विक्रांत पर मनाई गई दीवाली को शब्दों में कह पाना कठिन है। कोई कवि इस तरह से उन अनुभूतियों को प्रकट नहीं कर पाएगा जिस तरह से यहां के जवान कर रहे हैं।

दिवाली कई मायनों में खास बन गई

पीएम मोदी ने कहा कि आपकी तपस्या और समर्पण की ऊंचाई इतनी है कि मैं उसे जी नहीं पाया लेकिन महसूस कर पाया हूं। मैं आपकी धड़कन, सांसों को महसूस कर पा रहा था। मेरी दीवाली कई मायनों में खास बन गई है। उन्होंने आगे कहा, “मुझे याद है, जब INS विक्रांत को देश को सौंपा जा रहा था तो मैंने कहा था कि विक्रांत विशाल है, विराट है, विहंगम है, विक्रांत विशिष्ट है, विक्रांत विशेष भी है। विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है बल्कि ये 21वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”

ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि जिसका नाम ही दुश्मन की साहस का अंत कर दे वह है आईएनएस विक्रांत। मैं इस अवसर पर अपनी सेनाओं को सैल्यूट करना चाहता हूं। तीनों सेनाओं के जबरदस्त समन्यव ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को इतनी जल्दी घुटने टेकने पर मजबूर किया था। मैं फिर एक बार आईएनएस विक्रांत की साधना और पराक्रम की स्थली से तीनों सेनाओं को सैल्यूट करता हूं।

Diwali 2025 : देशभर में दीपोत्सव की रौनक, जानें कब करें मां लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन

Diwali 2025 : देशभर में दीपोत्सव की रौनक, जानें कब करें मां लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन

 देशभर में आज दिवाली का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। ज्योतिषियों और पंडितों की गणना के अनुसार, इस वर्ष दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर मनाया जा रहा है। इस दिन प्रदोष काल और निशीथ काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। परंपरा के अनुसार, लक्ष्मी पूजन से पहले गणेश जी की आराधना की जाती है।

लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त

आज लक्ष्मी-गणेश पूजा का सर्वोत्तम मुहूर्त रात 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यह मुहूर्त कुल 1 घंटे 11 मिनट का होगा। इस दौरान श्रद्धालु विधिवत पूजा-अर्चना कर मां लक्ष्मी से सुख, समृद्धि और वैभव की कामना करेंगे।

इसके अतिरिक्त, प्रदोष काल में दीप प्रज्वलन का मुहूर्त शाम 5 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। वहीं, वृषभ काल रात 7 बजकर 08 मिनट से 9 बजकर 03 मिनट तक चलेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

महानिशीथ काल का महत्व

दिवाली की पूजा के लिए महानिशीथ काल भी शुभ समय माना गया है। यह मुहूर्त रात 11 बजकर 36 मिनट से लेकर 21 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस काल में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष पूजा करने से वर्षभर घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि होती है।

Crime News : पिता और पत्नी के रिश्ते पर था शक, बेटे ने धारदार हथियार से कर दी पिता की हत्या

Crime News : पिता और पत्नी के रिश्ते पर था शक, बेटे ने धारदार हथियार से कर दी पिता की हत्या

 रायपुर। रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की धारदार हथियार से हत्या कर दी। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी बेटे को अपने पिता और पत्नी के चरित्र पर संदेह था। इसी बात को लेकर शनिवार रात दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने गुस्से में आकर अपने पिता की हत्या कर दी।

जानकारी के अनुसार, घटना मजदूर नगर सरोरा की है। मृतक की पहचान देवप्रसाद सेन (45 वर्ष) पिता नाथूराम सेन के रूप में हुई है। आरोपी का नाम दिनेश कुमार सेन है, जो मृतक का पुत्र है। शनिवार रात करीब 9 बजे पिता-पुत्र के बीच घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने घर में रखे धारदार हथियार से हमला कर अपने पिता की जान ले ली।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने दूसरी जाति की लड़की से शादी की थी। पिता द्वारा घर के खर्च और पैसे न देने की बात पर टोका-टाकी करने पर आरोपी गुस्से में आ गया और वारदात को अंजाम दे दिया। इसके अलावा आरोपी को अपनी पत्नी और पिता के चरित्र पर भी संदेह था, जो हत्या की एक और बड़ी वजह बना।

घटना की जानकारी मिलते ही उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, कहा – “अंधकार पर प्रकाश की विजय का लें संकल्प”

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, कहा – “अंधकार पर प्रकाश की विजय का लें संकल्प”

 रायपुर। दीपों के इस पर्व पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर संदेश जारी करते हुए कहा — “यह पावन पर्व आपके जीवन को सुख, समृद्धि और सफलता के दिव्य प्रकाश से आलोकित करे।”

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा — “भगवान श्री गणेश से प्रार्थना है कि बुद्धि और विवेक का दीप सदा प्रज्वलित रहे और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आपके घर-आंगन को धन-धान्य, सौभाग्य और आनंद से परिपूर्ण करे।”

साय ने अपने संदेश में लोगों से यह भी आह्वान किया — “आइए, इस दीपोत्सव पर हम सब मिलकर अंधकार पर प्रकाश, निराशा पर आशा, और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का संकल्प लें।”

 
अद्भुत! अयोध्या में राम मंदिर का पहली बार दिखा दिव्य रूप — दीवाली की रौशनी में झिलमिलाया पूरा परिसर

अद्भुत! अयोध्या में राम मंदिर का पहली बार दिखा दिव्य रूप — दीवाली की रौशनी में झिलमिलाया पूरा परिसर

  अयोध्या।  देशभर में दीपावली का पर्व उमंग और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार अयोध्या की दीपावली ने पूरे भारत का दिल जीत लिया है। राम मंदिर का दिव्य और अलौकिक रूप पहली बार इस तरह से निखरकर सामने आया कि हर भक्त भावविभोर हो उठा।

रामलला के दरबार में इस बार की दीवाली वाकई अद्भुत और ऐतिहासिक रही। पूरा मंदिर परिसर स्वर्णिम रोशनी में नहाया हुआ नजर आया, मानो स्वयं त्रेता युग लौट आया हो। लाखों दीपों की लौ से झिलमिलाती सरयू तट की छटा देखकर हर भक्त के मुख से एक ही स्वर गूंजा — ‘जय श्रीराम!’

मुख्यमंत्री के आगमन से पहले पूरे अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। रामपथ, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और मुख्य मंदिर परिसर में दीपों की अनगिनत पंक्तियाँ जगमगाईं। ड्रोन कैमरों से लिए गए दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिन्हें देखकर भक्त भावविभोर हो रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ संख्या में दीप जलाए गए हैं, जिससे अयोध्या का हर कोना सुनहरी आभा में चमक उठा। देशभर से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में आरती, भजन और दीपदान कर रामभक्ति में लीन होकर दीपोत्सव का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री के आगमन से पहले पूरे अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। रामपथ, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और मुख्य मंदिर परिसर में दीपों की अनगिनत पंक्तियाँ जगमगाईं। ड्रोन कैमरों से लिए गए दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिन्हें देखकर भक्त भावविभोर हो रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ संख्या में दीप जलाए गए हैं, जिससे अयोध्या का हर कोना सुनहरी आभा में चमक उठा। देशभर से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में आरती, भजन और दीपदान कर रामभक्ति में लीन होकर दीपोत्सव का आनंद लिया।

 
शर्मसार हुई मानवता, पोस्टमार्टम रूम में महिला के शव के साथ दुष्कर्म

शर्मसार हुई मानवता, पोस्टमार्टम रूम में महिला के शव के साथ दुष्कर्म

 बुरहानपुर।  मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से एक बेहद ही शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पोस्टमार्टम रूम में महिला के शव के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया जिसका वीडियो भी सामने आया है। घटना अप्रैल 2024 की बताई जा रही है लेकिन इसका वीडियो अब सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां एक अमृत महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था, लेकिन हवस के प्यासे दरिंदे ने शव को भी नहीं छोड़ा। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी सब के पास खड़े होकर घिनौना कृत्य करते नजर आया। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया।

वहीं पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर अस्पताल और स्वास्थ्य केंटो में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ी कर दिए हैं। वहीं समाज में इस प्रकार की घटनाओं से लोगों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ी है।v

अब एक ही ID से पूरी होगी पढ़ाई! नर्सरी से PhD तक चलेगी APAAR ID, इसके बिना नहीं मिलेगा दाखिला…

अब एक ही ID से पूरी होगी पढ़ाई! नर्सरी से PhD तक चलेगी APAAR ID, इसके बिना नहीं मिलेगा दाखिला…

 APAAR ID : छत्तीसगढ़ के बच्चों की पढ़ाई में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले शिक्षा सत्र 2026-27 से छात्रों को हर कक्षा में नया पंजीयन करवाने के झंझट से छुटकारा मिलने वाला है। अब नर्सरी में दाखिला लेते ही “APAAR ID” जारी कर दिया जाएगा, जो पूरी पढ़ाई के दौरान छात्रों की पहचान बनेगा।

अब तक अलग-अलग कक्षा और कॉलेज में दाखिले के लिए 2 पंजीयन नंबर जारी किए जाते थे। 9वीं कक्षा में स्कूल का और फिर कॉलेज में दाखिले पर नया पंजीयन नंबर जारी किया जाता था। अलग-अलग शुल्क देना पड़ता था और पंजीयन नंबर याद रखना भी कई छात्रों के लिए सिरदर्द बन जाता था। नई व्यवस्था से यह परेशानी खत्म हो जाएगी।

छत्तीसगढ़ में APAAR ID सिस्टम होगा लागू

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब नर्सरी में दाखिला लेते ही बच्चों को ऑटोमेटेड परमानेंट अकादमिक अकाउंट रजिस्ट्रेशन (APAAR) नंबर जारी कर दिया जाएगा। इसी नंबर पर स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी रिकॉर्ड दर्ज किए जाएंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि इस सिस्टम से ग्रास इनरोलमेंट रेशियो (GER) की सही जानकारी मिलेगी। कितने विद्यार्थी लगातार पढ़ाई कर रहे हैं और कितने बीच में छोड़ रहे हैं, इसकी सटीक जानकारी मिल सकेगी।

फिलहाल राज्य के कई विश्वविद्यालयों में करीब 50 हजार सीटें खाली पड़ी हैं। इनमें रायपुर का पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, दुर्ग का हेमचंद यादव विवि, बिलासपुर का अटल विवि, अंबिकापुर का संत गुर गहिरा विवि, जगदलपुर का शहीद महेंद्र कर्मा विवि और रायगढ़ का शहीद नंद कुमार पटेल विवि शामिल हैं। ऐसी सीटों पर जरूरतमंद छाओं को मौका देने के लिए भी APAAR ID सहायक होगा।

APAAR ID : संचालक उच्च शिक्षा संतोष कुमार देवांगन ने बताया कि अपार आईडी बनने के बाद छात्रों को बार-बार पंजीयन की ज़रूरत नहीं होगी। डिग्री कॉलेज में एडमिशन के लिए अब बिना ABC और अपार आईडी प्रवेश नहीं मिलेगा। विश्वविद्यालयों को इस व्यवस्था में स्वायत्तता भी दी जा सकती है।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें ! छठ और दीवाली पूजा पर घर जाना हुआ आसान, रेलवे ने चलाई 44 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

यात्रीगण कृपया ध्यान दें ! छठ और दीवाली पूजा पर घर जाना हुआ आसान, रेलवे ने चलाई 44 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

 Big Accident : महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। चांदशैली घाट पर एक श्रद्धालुओं से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में मौके पर ही 8 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

अस्तंबा देवी मंदिर से लौट रहे थे श्रद्धालु

यह हादसा नंदुरबार जिले के शाहदा थाना क्षेत्र में तब हुआ जब श्रद्धालु दर्शन कर अस्तंबा देवी मंदिर से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि चांदशैली घाट के तीखे मोड़ और ढलान पर वाहन का संतुलन बिगड़ा और तेज रफ्तार में होने के कारण पिकअप खाई में पलटती चली गई।

ग्रामीणों ने की मदद

हादसे की आवाज सुनकर आस-पास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और खाई में उतरकर बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस और बचाव दल भी मौके पर पहुंचे। पिकअप वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके नीचे कई लोग फंस गए थे। क्रेन की मदद से वाहन हटाकर घायलों और मृतकों को बाहर निकाला गया।

कई घायलों की हालत नाजुक

घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर्स की टीम द्वारा इलाज जारी है, लेकिन कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।

ओवरलोडिंग और लापरवाही से हुआ हादसा

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पिकअप में सवारी तय सीमा से अधिक थी और घाट क्षेत्र में चालक ने गति नियंत्रण नहीं रखा। साथ ही, हादसे वाले क्षेत्र में सड़क किनारे रेलिंग या अन्य सुरक्षा इंतजामों की कमी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।

मातम में बदली धार्मिक यात्रा

हर साल की परंपरा के तरह इस बार भी श्रद्धालु अस्तंबा देवी के दर्शन के लिए गए थे लेकिन वापसी के दौरान हुई इस दुर्घटना ने पर्व को शोक में बदल दिया। मृतकों के गांवों में मातम पसरा है और पूरे जिले में गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

मामले में कार्रवाई तेज

 नंदुरबार पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

fire in train : पंजाब में अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस के एसी डिब्बे में आग, महिला घायल

fire in train : पंजाब में अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस के एसी डिब्बे में आग, महिला घायल

फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)। शनिवार सुबह अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12204) के एसी कोच G-19 में अचानक आग लग गई। यह आग ट्रेन सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास लगी। यात्रियों ने खौफनाक स्थिति का सामना किया, लेकिन एक यात्री ने जल्द ही चेन खींचकर ट्रेन को रोका।

रिपोर्ट के अनुसार, आग ने तीन डिब्बों को प्रभावित किया, जिनमें से एक में धुआं देखकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। एक 32 वर्षीय महिला को हल्की चोटें आईं और उसे फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रेलवे बोर्ड ने कहा कि आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है, लेकिन प्रारंभिक जांच में किसी विस्फोट या ज्वलनशील पदार्थ का पता नहीं चला है। प्रभावित डिब्बों को रेलवे ने ट्रेन से अलग कर दिया है और जांच जारी है। ट्रेन अफरातफरी के बाद शीघ्र अपने गंतव्य की ओर रवाना होगी।

गुजरात में नए कैबिनेट का विस्तार, सभी 26 मंत्रियों ने ली शपथ, हर्ष संघवी बने डिप्टी सीएम

गुजरात में नए कैबिनेट का विस्तार, सभी 26 मंत्रियों ने ली शपथ, हर्ष संघवी बने डिप्टी सीएम

 अहमदाबाद। गुजरात में कल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार में, उनके अलावा सभी 16 मंत्री ने अपना पद छोड़ दिया। ऐसे में आज कैबिनेट विस्तार का एक बहुत बड़ा राजनीतिक कदम लिया गया।

बता दें कि, नए मंत्रियों की शपथ ग्रहण समारोह आज 17 अक्टूबर 2025 को 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित किया गया। जिसमें नए कैबिनेट में हर्ष संघवी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।वहीं रिवाबा जडेजा को भी मंत्री के रूप में शामिल किया गया है।

बताया जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल में लगभग 26 मंत्री शामिल किए गए हैं। इस विस्तार को 2027 की विधानसभा चुनावों की रणनीति एवं राजकीय समीकरण (जातीय, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व) को ध्यान में रखते हुए किया गया माना जा रहा है। नए मंत्रिमंडल की योजनाएँ, विभागों का बँटवारा और अन्य विवरण जल्द सार्वजनिक होंगे।

बता दें कि, ये भाजपा ने गुजरात में कई राजनीतिक प्रयोग किए हैं, जिसमें कार्यकाल के बीच में समूचे मंत्रिमंडल को बदलने का यह दूसरा अवसर है। इस बदल‑फेर के जरिए पार्टी नई ऊर्जा, नए चेहरे और बेहतर समीकरण (जातीय, क्षेत्रीय) को ध्यान में रखकर सरकार को पुनर्गठित करना चाहती है।

Diwali 2025: जानिए किन जगहों पर दीप जलाने से मिलता है मां लक्ष्मी का आशीर्वाद

Diwali 2025: जानिए किन जगहों पर दीप जलाने से मिलता है मां लक्ष्मी का आशीर्वाद

 दिवाली हिंदू धर्म का प्रमुख पांच दिवसीय त्योहार है, जो धनतेरस से प्रारंभ होकर भाई दूज तक चलता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व 20 अक्टूबर 2025 को आएगा। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की परंपरा है। मान्यता है कि इस पूजा से घर में धन-समृद्धि स्थायी तौर पर बनी रहती है। पूजा के साथ दीपक जलाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा का नाश कर सकारात्मकता और माता लक्ष्मी का आगमन सुनिश्चित करता है। निम्नलिखित स्थानों पर दीपक जलाने से विशेष लाभ प्राप्त होते हैं।

घर के आंगन में

घर के आंगन में दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। इससे धन की कमी कभी नहीं होती और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

घर के मुख्य द्वार पर

मुख्य द्वार पर दीपक जलाना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश सुनिश्चित होता है।

घर की रसोई में

रसोई में दीपक जलाने से मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह घर में अन्न-धन की समृद्धि बनाए रखता है।

तुलसी के पास

तुलसी स्थल पर दीपक जलाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इससे जीवन में सुख-शांति की स्थायी बनी रहती है।