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जिला कोर्ट में दिनदहाड़े फायरिंग, पेशी में आए आरोपी की गोली मारकर हत्या

जिला कोर्ट में दिनदहाड़े फायरिंग, पेशी में आए आरोपी की गोली मारकर हत्या

 उत्तर प्रदेश। हापुड़ जिला कोर्ट में दिनदहाड़े फायरिंग से हड़कंप मच गया। जहां पेशी पर आए एक आरोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हरियाणा पुलिस की कस्टडी में पेशी पर आए एक आरोपी की हापुड़ कचहरी के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक को चार से पांच गोली मारी गई हैं। मृतक का नाम लाखन उर्फ यशराज पुत्र मनिपाल निवासी गांव अनंगपुर फरीदाबाद है। लाखन 2019 में धोलाना में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी था। बदमाशों की ओर से पिस्टल से 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई।

एसपी दीपक भूकर ने मीडिया को बताया कि किसी पुलिस कर्मी को गोली नहीं लगी है। हत्यारों की संख्या तीन थी। कचहरी के बाहर बदमाशों ने पैदल ही घटना को अंजाम दिया और उसके बाद पास के मोहल्ले रघुवीर गंज में खड़ी बाइक से फरार हो गए। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

जानें आजादी से पहले के पांच भारतीय झंडों की कहानी

जानें आजादी से पहले के पांच भारतीय झंडों की कहानी

 आजादी को 75 वर्ष में पुरे देश में “आजादी का अमृत महोत्सव” मनाया जा रहा है। तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर हर घर तिरंगा अभियान मनाया जा रहा है। पर इस तिरंगे के पीछे की कहानी बहुत लम्बी और शानदार है। देश में बीते 116 सालों में छह बार हमारे देश का झंडा बदला गया है। और आखिरी बार इसे 1947 में बदला गया था जो कि आज तक वही है।

भारत को आजादी मिलने से 23 दिन पहले संविधान सभा ने देश के आधिकारिक झंडे तिरंगे (National Flag) का अंगीकार किया था। इस तिरंगे को ही देश के आधिकारिक झंडे के रूप में अपनाया गया। हमारे राष्ट्रीय ध्वज की यात्रा1. पहला राष्ट्रीय ध्वज 7 अगस्‍त 1906 को पारसी बागान चौक (ग्रीन पार्क) कलकत्ता (अब कोलकाता) में फहराया गया था। इसमें तीन रंग सबसे ऊपर हरे रंग, मध्य में पीले रंग और नीचे लाल लाल रंग की पट्टियां थीं। इसमें ऊपर की पट्टी में आठ कमल के फूल थे, जिनका रंग सफेद था।

बीच की पीली पट्टी में नीले रंग से वन्दे मातरम् लिखा हुआ था। इसके अलावा सबसे नीचे वाली लाल रंग की पट्टी में सफेद रंग से चांद और सूरज भी बने थेअगले ही साल बदला गया झंडा 2.भारत के दूसरे झंडे को पेरिस में मैडम कामा और 1907 में उनके साथ कुछ क्रांतिकारियों की ओर से फहराया गया था। यह ध्‍वज देखने में काफी हद तक पहले जैसा ही था। इसमें केसरिया, पीला और हरे रंग की पट्टियां थी।

बीच में वन्दे मातरम् लिखा था। और सात तारे जो सप्‍तऋषि को दर्शाते हैं। यह ध्‍वज बर्लिन में हुए समाजवादी सम्‍मेलन में भी प्रदर्शित हुआ था। 1917 में एनी बेसेंट और तिलक ने फहराया नया झंडा 3. इसके बाद भारत का तीसरा झंडा 1917 में आया। इसे डॉ. एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने एक नया झंडा फहराया।

इस झंडे में 5 लाल और 4 हरी क्षैतिज पट्टियां के साथ एक और सप्‍तऋषि के सात तारे थे। बाएं तरफ के कोने में यूनियन जैक भी था। 1921 में चौथी बार बदला देश का झंडा 4. काफी रिसर्च करने के बाद 1921 में भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस के सम्‍मेलन में पिंगाली वेंकैया ने राष्‍ट्रीय ध्‍वज के बारे में सबसे पहले अपनी संकल्‍पना को पेश किया। यह दो रंगों हरे और लाल रंग का बना हुआ था। लाल और हरा ये क्रमश: हिंदू और मुस्लिम समुदायों का प्रतिनिधित्‍व करते थे।

दूसरे धर्मों के लिए महात्‍मा गांधी ने इसमें सफेद पट्टी को शामिल करने की बात कही इसके साथ ही यह सुझाव भी दिया कि राष्‍ट्र की प्रगति के सूचक के रूप में चरखे को भी इसमें जगह मिलनी चाहिए. एक दशक बाद 1931 में फिर बदला राष्ट्रीय ध्वज 5. भारत का झंडा 1931 में एक बार फिर से बदला गया। इस झंडे को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर अपनाया था। इस झंडे में सबसे ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और अंतिम में हरे रंग की पट्टी बनाई गई। इसमें छोटे आकार पूरा चरखा बीच की सफेद पट्टी रखी गई थी।

सफेद पट्टी में चरखा राष्ट्र की प्रगति का प्रतीक है। आखिरकार 1947 में देश को मिला तिरंगा6. तमाम प्रयासों के बाद जब 1947 में आखिरकार देश आजाद हुआ तो देश को तिरंगा झंडा मिला। 1931 में बने झंडे को ही एक बदलाव के साथ 22 जुलाई, 1947 में संविधान सभा की बैठक में भारत का राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार किया गया।

इस ध्वज में चरखे की जगह सम्राट अशोक के धर्म चक्र को गहरे नीले रंग में दिखाया गया है। 24 तीलियों वाले चक्र को विधि का चक्र भी कहते हैं। इसे पिंगली वैंकेया ने तैयार किया था। इसमें ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे हरे रंग की पट्टी है। तीनों समानुपात में है। इसकी लंबाई – चौड़ाई दो बाय तीन है।

मुकेश अंबानी और परिवार को मिली जान से मारने की धमकी, 8 बार आया कॉल

मुकेश अंबानी और परिवार को मिली जान से मारने की धमकी, 8 बार आया कॉल

 मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिली है। खबर है कि 8 बार कॉल किया गया। कथित तौर पर फोन करने वाले ने कुछ घंटों में बड़ी घटना होने का दावा किया है। फिलहाल, हालात की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस भी सतर्क हो गई है। खबर है कि मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। रिलायंस फाउंडेशन के हरकिशनदास अस्पताल के नंबर पर धमकी भरे कॉल आए थे।

यह दूसरी बार है जब अंबानी के परिवार को मारने की धमकी दी गई। पुलिस द्वारा गिरफ्तार विष्णु भूमिक नाम का यह शख्स मानसिक विक्षिप्त बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसे बोरीवली एमएचबी कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की उम्र लगभग 55-57 साल है। शख्स अपने आप को दहिसर का रहने वाला बता रहा हैं। बातचीत में वह सिरफिरा लग रहा है। उसका नाम विष्णु भूमिक है। जांच में सामने आया है कि उसके ऊपर पहले भी कई केस दर्ज हैं। मुंबई पुलिस में रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल ने अंबनी परिवार को धमकी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।

मैंने तुम्हारी बेटी का कत्ल कर दिया है…, 8 माह की गर्भवती महिला को पति ने उतारा मौत के घाट

मैंने तुम्हारी बेटी का कत्ल कर दिया है…, 8 माह की गर्भवती महिला को पति ने उतारा मौत के घाट

 उत्तरप्रदेश। गाजियाबाद के नंदग्राम थानाक्षेत्र के गांव मोरटी में एक युवक ने अपनी 8 माह की गर्भवती पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने अपने चचेरे ससुर को फोन करके कहा कि मैंने तुम्हारी बेटी का कत्ल कर दिया है, आ जाइए। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया हालांकि रविवार को खुद ही थाने में सरेंडर कर दिया।

टीला मोड़ थानाक्षेत्र के लक्ष्मी गार्डन निवासी रमेश पाल डेयरी संचालक हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी तन्नू का विवाह 10 जुलाई 2016 को नंदग्राम थानाक्षेत्र के गांव मोरटी निवासी अंकित पाल के साथ किया था। अंकित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग 10 लाख रुपए और स्कॉर्पियो कार की मांग को लेकर तन्नू को प्रताड़ित करने लगे थे। रमेश पाल का कहना है कि उनकी बेटी ने पुत्री को जन्म दिया तो उसके बाद से ससुरालियों की प्रताड़ना और बढ़ गई। ससुराल पक्ष के लोग उनकी बेटी के साथ मारपीट कर हत्या की धमकी देते थे।

रमेश पाल का कहना है कि रविवार रात दामाद अंकित पाल ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उनकी बेटी की गर्दन काट कर हत्या कर दी। अंकित ने खुद ही उनके छोटे भाई को फोन करके घटना की जानकारी दी। तड़के करीब पौने चार बजे सूचना मिलते ही मायका पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।

रमेश पाल का कहना है कि तन्नू फिलहाल 8 महीने की गर्भवती थी। 13 अगस्त को उनका बेट सिंदारा देने के लिए बेटी के घर गया था। बेटी ने ससुरालियों की प्रताड़ना के बारे में बताते हुए कहा था कि पापा को भेज देना। वह मुझे यहां से ले जाएंगे। बेटे ने घर आकर इस बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने सोचा कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। रमेश पाल ने बिलखते हुए कहा कि काश वह अपनी बेटी की बात मान लेते और उसे ससुराल से ले आते तो शायद उसकी जान बच जाती। वहीं पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर पर मृतका के पति, जेठ-जेठानी और ननद-नंदोई के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।

स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी कर्मचारियों को शानदार तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा DA

स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी कर्मचारियों को शानदार तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा DA

 गुजरातमुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य सरकार के कर्मचारियों को शानदार तोहफा दिया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक सरकारी कार्यक्रम में तिरंगा फहराने के बाद इस संबंध में ऐलान किया। उन्होंने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता 3 फीसदी बढ़ाने और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत कल्याण योजनाओं का विस्तार करने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि 7वें वेतन आयोग के तहत गुजरात सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए को 3 फीसदी बढ़ाया जा रहा है। बढ़ा महंगाई भत्ता 01 जनवरी 2022 से लागू होगा। कर्मचारियों को जनवरी से लेकर जुलाई तक के एरियर का भी भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले के अमल में आने से 9.38 लाख सरकारी कर्मचारियों, पंचायत सेवकों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के ऊपर इस फैसले से हर साल करीब 1,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा।

आजादी का अमृत महोत्सवः पीएम मोदी ने लाल किले से रखा विकसीत भारत के 25 साल का ब्लू प्रिंट जानिए उनके संबोधन की 15 बड़ी बातें

आजादी का अमृत महोत्सवः पीएम मोदी ने लाल किले से रखा विकसीत भारत के 25 साल का ब्लू प्रिंट जानिए उनके संबोधन की 15 बड़ी बातें

 नई दिल्लीः  पूरे देश में आज आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर पर ध्वजारोहण किया और राष्ट्र्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी। बता दें कि पीएम मोदी ने आज 9वीं बार लाल किले पर ध्वजारोहण किया। वहीं, इस अवसर पर लाल किले से पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया। तो आइए जानते हैं पीएम मोदी के संबोधन की 15 बड़ी बातें

पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

  1. आज़ादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं। बहुत-बहुत बधाई। मैं विश्व भर में फैले हुए भारत प्रेमियों को, भारतीयों को आजादी के इस अमृत महोत्सव की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
  2. ये देश का सौभाग्य रहा है कि आज़ादी की जंग के कई रूप रहे हैं। उसमें एक रूप वो भी था जिसमें नारायण गुरु हो, स्वामी विवेकानंद हों, महर्षि अरविंदो हों, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर हों, ऐसे अनेक महापुरूष हिंदुस्तान के हर कोने में भारत की चेतना को जगाते रहे।
  3. हिंदुस्तान का कोई कोना, कोई काल ऐसा नहीं था, जब देशवासियों ने सैंकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न की हो, जीवन न खपाया हो, यातनाएं न झेली हो, आहुति न दी हो। आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को, हर त्यागी और बलिदानी को नमन करने का अवसर है।
  4. देश कृतज्ञ है मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद, असफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल ऐसे अनगिनत ऐसे हमारे क्रांति वीरों ने अंग्रेजों की हुकूमत की नींव हिला दी थी।
  5. भारत लोकतंत्र की जननी है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी है। जिनके ज़हन में लोकतंत्र होता है वे जब संकल्प करके चल पड़ते हैं वो सामर्थ्य दुनिया की बड़ी बड़ी सल्तनतों के लिए भी संकट का काल लेकर आती है ये मदर ऑफ डेमोक्रेसी।
  6. हमारे भारत ने सिद्ध कर दिया कि हमारे पास ये अनमोल सामर्थ्य है। 75 साल की यात्रा में आशाएं, अपेक्षाएं, उतार-चढ़ाव सब के बीच हर एक के प्रयास से हम यहां तक पहुंच पाए। आज़ादी के बाद जन्मा मैं पहला व्यक्ति था जिसे लाल किले से देशवासियों का गौरव गान करने का अवसर मिला।
  7. हिंदुस्तान के हर कोने में उन सभी महापुरुषों को याद करने का प्रयास किया गया, जिनको किसी न किसी कारणवश इतिहास में जगह न मिली, या उनकों भुला दिया गया था। आज देश ने खोज खोज कर ऐसे वीरों, महापुरुषों, बलिदानियों, सत्याग्रहियों को याद किया, नमन किया।
  8. अब देश बड़े संकल्प लेकर चलेगा, और वो बड़ा संकल्प है विकसित भारत और उससे कुछ कम नहीं होना चाहिए। दूसरा प्राण है किसी भी कोने में हमारे मन के भीतर अगर गुलामी का एक भी अंश हो उसे किसी भी हालत में बचने नहीं देना।
  9. तीसरी प्राण शक्ति- हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए… चौथा प्राण है- एकता और एकजुटता… पांचवां प्राण है- नागरिकों का कर्तव्य, इसमें प्रधानमंत्री भी बाहर नहीं होता है, राष्ट्रपति भी बाहर नहीं है।
  10. आने वाले 25 साल के लिए हमें उन पंच प्राण पर अपनी शक्ति को केंद्रित करना होगा। 2047 जब आज़ादी के 100 साल होंगे, आज़ादी के दिवानों के सारे सपने पूरे करने का जिम्मा उठाकर चलना होगा।
  11. जब तनाव की बात होती है तो लोगों को योग दिखता है, सामूहिक तनाव की बात होती है तो भारत की पारिवारिक व्यवस्था दिखती है। संयुक्त परिवार की एक पूंजी सदियों से हमारी माताओं के त्याग बलिदान के कारण परिवार नाम की जो व्यवस्था विकसित हुई, ये हमारी विरासत है जिसपर हम गर्व करते हैं।
  12. हम जीव में भी शिव देखते हैं, हम वो लोग हैं जो नर में नारायण देखते हैं, हम वो लोग हैं जो नारी को नारायणी कहते हैं, हम वो लोग हैं जो पौधे में परमात्मा देखते हैं… ये हमारा सामर्थ्य है, जब विश्व के सामने खुद गर्व करेंगे तो दुनिया करेगी।
  13. पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान का कोई कोना, कोई काल ऐसा नहीं था, जब देशवासियों ने सैंकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न की हो, जीवन न खपाया हो, यातनाएं न झेली हो, आहुति न दी हो। आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को, हर त्यागी और बलिदानी को नमन करने का अवसर है।
  14. हमारी यात्रा अनेक उतार चढ़ाव से भरी हुई है। इसके बीच भी हमारे देशवासियों ने उपलब्धियां की हैं। हार नहीं मानी है। संकल्पों को ओझल नहीं होने दिया है। इसलिए यह भी सच्चाई है कि सैकड़ों सालों की गुलामी के कालखंडों को भारत के मन को भारत की भावनाओं को गहरे घावल दिए हैं, गहरी चोटें पहुंची हैं, लेकिन उसके भीतर एक जिद भी थी, एक जुनून भी था। और उसके कारण अभावों के बीच भी और जब आजादी का रण अंतिम चरण में था, तो देश को हताश करने के लिए सभी उपाय किए गए… न जानें क्या क्या आशंकाएं व्यक्त की गईं, लेकिन इन्हें पता नहीं था कि यह हिंदुस्तान की मिट्टी है।
  15. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान के निर्माता बाबा साहब आंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस समेत कई महापुरुषों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आज महापुरुषों को याद करने का दिन है।
पीएम मोदी बोले- मैंने गांधी का सपना पूरा करने के लिए खुद को समर्पित किया

पीएम मोदी बोले- मैंने गांधी का सपना पूरा करने के लिए खुद को समर्पित किया

 76th Independence Day, 15th August Celebration Live Updates: देश आज 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर पूरे देश में आयोजन हो रहे हैं और तिरंगा फहराया जा रहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने  देश को 76वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी । इसके बाद वे  राजघाट पहुंचकर बापू को श्रद्धांजलि दी। फिर लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराया।

PM मोदी का संबोधन, चीन को ऐसे दिया झटका

PM मोदी का संबोधन, चीन को ऐसे दिया झटका

 नई दिल्ली: लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के आगे 5 प्रण रखे तो स्वदेशी का मंत्र भी दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ना होगा और इसके लिए स्वदेशी का मंत्र जरूरी है। उन्होंने महर्षि अरविंद को याद करते हुए कहा कि आज उनकी जयंती है और उन्होंने स्वदेशी से स्वराज का नारा दिया था। उन्होंने कहा कि बीते 75 सालों से हमारे कान जिस आवाज के लिए तरस रहे थे, आज वह पूरा हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज लाल किले पर भारत में बनी तोप से ही सलामी दी गई है। बीते 75 सालों से इस एक आवाज के लिए हमारे कान तरस रहे थे। यही नहीं चीन से बड़े पैमाने पर आयात की ओर से इशारा करते हुए उन्होंने ड्रैगन पर चोट की भी बात कही।उन्होंने कहा कि आज हमारे 5-5 साल के बच्चे भी यह संकल्प ले रहे हैं कि विदेशी खिलौनों से नहीं खेलना है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत में बनी तोप के लिए सेना के अफसरों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आज हम आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिनटेक सेक्टर में हमने क्रांति की है। आने वाले समय में कृषि से लेकर शिक्षा तक डिजिटल माध्यम का महत्व बढ़ने वाला है। पीएम मोदी ने कहा कि हम जल्दी ही कनेक्टिविटी के मामले में एक कदम और आगे बढ़ने वाले हैं और जल्दी ही 5जी सर्विस की शुरुआत हो जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 25 सालों में मैं अपनी माताओं-बहनों और नारी शक्ति के योगदान को अहम मानता हूं। हम जितने अवसर और सुविधाएं बेटियों को देंगे, वे हमें बहुत कुछ लौटा कर देंगी। वे देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। यदि हमारी नारी शक्ति संकल्पों से जुड़ेंगी तो हमारी मेहनत कम होगी और समय भी कम लगेगा। प्रधानमंंत्री ने कहा कि अब यह वक्त है, जब हमें तकनीक के मामले में भी दुनिया को दिशा देनी होगी। यही नहीं लाल बहादुर शास्त्री के नारे को भी याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने् जय जवान और जय किसान का नारा दिया था। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान जोड़ा था। अब हमें इससे भी आगे बढ़ते हुए जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान की ओर बढ़ना होगा।


बड़ी खबर: चर्च में आग लगने से 41 लोगों की मौत, राष्ट्रपति ने की संवेदना व्यक्त

बड़ी खबर: चर्च में आग लगने से 41 लोगों की मौत, राष्ट्रपति ने की संवेदना व्यक्त

 उत्तरी अफ्रीका: मिस्र की एक चर्च में भीषण आग लगने से 41 लोगों की मौत हो चुकी है। मिस्र के कॉप्टिक चर्च का कहना है कि काहिरा के एक चर्च में आग लगने से कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। चर्च ने हताहतों की संख्या के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि आग इम्बाबा के घनी आबादी वाले इलाके अबू सेफीन चर्च में लगी है.।


शार्ट-सर्किट को माना जा रहा आग की वजह
आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में बिजली के शार्ट-सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। बयान में कहा गया है कि आग रविवार सुबह उस समय लगी जब सभा चल रही थी। आग को बुझाने के लिए पंद्रह अग्निशमन गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया है जबकि एम्बुलेंस के जरिए घायलों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। दमकल अधिकारियों ने बाद में कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है।

राष्ट्रपति ने की संवेदना व्यक्त
राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा कि राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी ने कॉप्टिक क्रिश्चियन पोप तवाड्रोस के साथ फोन पर बात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। अल-सिसी ने फेसबुक पर लिखा, "मैं इस दुखद दुर्घटना के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा हूं. मैंने सभी संबंधित राज्य एजेंसियों और संस्थानों को सभी आवश्यक उपाय करने और इस दुर्घटना और इसके प्रभावों से तुरंत निपटने का निर्देश दिया। "

कौन हैं कॉप्टिक ईसाई?
कॉप्टिक ईसाई मध्य पूर्व में सबसे बड़ा ईसाई समुदाय है, जो मिस्र के 103 मिलियन लोगों में से कम से कम 10 मिलियन हैं। कॉप्टिक ईसाईयों को यहा हमलों का सामना करना पड़ा है और लंबे समय से इस बहुसंख्यक मुस्लिम उत्तर अफ्रीकी देश में भेदभाव की शिकायत भी करते आ रहे हैं.।

मिस्र हाल के वर्षों में कई भीषण आग के हादसों का सामना कर चुका है। मार्च 2021 में काहिरा के पूर्वी उपनगर में एक कपड़ा कारखाने में आग लगने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी 2020 में, दो अस्पताल में आग लगने 14 कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी।

महाराष्ट्र में शिंदे कैबिनेट में विभागों का बंटवारा...जानिए किसे क्या जिम्मेदारी दी गई

महाराष्ट्र में शिंदे कैबिनेट में विभागों का बंटवारा...जानिए किसे क्या जिम्मेदारी दी गई

 मुंबई: महाराष्ट्र कैबिनेट में विभागों का बंटवारा हो गया है। महाराष्ट्र में शहरी विकास, पर्यावरण, अल्पसंख्यक, परिवहन, आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मिली है। वहीं, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गृह और वित्त मंत्रालय दिया गया है। इसके साथ ही चंद्रकांत पाटिल को शिक्षा मंत्रालय और अब्दुल सत्तार को कृषि मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है।

इसके अलावा राधाकृष्ण विखे पाटिल को राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्रालय दिया गया है। सुधीर मुनगंटीवार को वानिकी, सांस्कृतिक मामले और मत्स्य पालन, चंद्रकांत पाटिल को उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय कार्य का जिम्मा मिला है।

डॉ. विजयकुमार को ग्राम-आदिवासी विकास, गुलाबराव पाटिल को जलापूर्ति एवं स्वच्छता, दादा भूसे को बंदरगाह एवं खनन, संजय राठौड़ को खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सुरेश खाड़े को श्रम, संदीपन भुमरे को रोजगार गारंटी योजना एवं बागवानी, उदय सामंत को उद्योग, प्रो. तानाजी सावंत को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का जिम्मा दिया गया है।

इसके अलावा गिरीश महाजन को ग्राम विकास एवं पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय दिया गया है। अरविंद्र चव्हाण को लोक निर्माण (सार्वजनिक उद्यमों को छोड़कर), खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय मिला है। इसके साथ ही अब्दुल सत्तार को कृषि और दीपक केसरकर को स्कूल शिक्षा और मराठी भाषा विभाग दिया गया है।

इससे पहले 40 दिन के इंतजार के बाद आखिरकार महाराष्ट्र में शिंदे सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने मंगलवार यानी नौ अगस्त को शपथ ली थी। नई कैबिनेट में नौ मंत्री शिवसेना तो नौ भाजपा के कोटे से बनाए गए हैं। इस तरह शिंदे कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल मंत्रियों की संख्या 20 हो गई है। शिंदे अपनी कैबिनेट के सबसे कम पढ़े लिखे मंत्री हैं। वहीं, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट के सबसे कम उम्र वाले मंत्रियों में शामिल हैं।

40 दिन के इंतजार के बाद आखिरकार महाराष्ट्र में शिंदे सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने मंगलवार को शपथ ले ली। नई कैबिनेट में नौ मंत्री शिवसेना तो नौ भाजपा के कोटे से बनाए गए हैं। इस तरह शिंदे कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल मंत्रियों की संख्या 20 हो गई है। शिंदे अपनी कैबिनेट के सबसे कम पढ़े लिखे मंत्री हैं। वहीं, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट के सबसे कम उम्र वाले मंत्रियों में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी...भरतपुर से आरोपी गिरफ्तार

मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी...भरतपुर से आरोपी गिरफ्तार

 लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले को यूपी पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। लखनऊ की साइबर सेल ने आरोपी सरफराज को राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार किया है। वह पिछले दिनों यूपी 112 के व्हाट्सएप नंबर पर सीएम योगी को बम से उड़ाने की धमकी दिया था, जिसके बाद राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मामला दर्ज कराया गया था। तभी से साइबर सेल इस आरोपी की तलाश में लगी हुई थी और अब उसे भरतपुर से दबोच लिया गया है। साइबर सेल की टीम आरोपी को गिरफ्तार कर लखनऊ लाएगी जहां उसे पूछताछ के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

अगस्त महीने में तीन बार मारने की धमकी
आपको बता दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आतंकियों के निशाने पर हमेशा रहे हैं। ऐसे में अगस्त महीने में उन्हें तीन बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। पहले 2 अगस्त फिर 8 अगस्त उसके बाद 13 अगस्त अगस्त को आलमबाग कोतवाली स्थित एक शख्स के घर से बरामद बैग में मिले पत्र में मुख्यमंत्री को जान से मारने की बात कही गई थी। आलमबाग निवासी भारतीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी के घर के बाहर गुरुवार रात काले रंग के एक बैग मिला था।

आलमबाग पुलिस ने की घटना की जांच
देवेंद्र की शिकायत पर आलमबाग पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुट गई है। देवेंद्र तिवारी के मुताबिक पत्र में उन्हें भी धमकी दी गई थी। इसमें कहा गया था तेरी पीआईएल की वजह से मुसलमानों को नुकसान हो रहा है। हम लोगों के सारे स्लॉटर हाउस बंद हो गए हैं। अब तू देख तेरा क्या हाल होता है। बता दें देवेंद्र तिवारी ने अवैध बूचड़खाने बंद कराने को लेकर पीआईएल दाखिल की थी। इसी को लेकर सलमान सिद्दीकी नाम से यह धमकी भरा पत्र मिला था जिसकी जांच चल रही है।

सरकारी नौकरी 2022: 1000 से अधिक पदों पर वैकेंसी, 71 हजार तक मिलेगी सैलेरी

सरकारी नौकरी 2022: 1000 से अधिक पदों पर वैकेंसी, 71 हजार तक मिलेगी सैलेरी

 तमिलनाडु: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छा मौका है। तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से फील्ड सर्वेयर और ड्राफ्ट्समैन के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी हुई है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, तमिलनाडु टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में भर्तियां की जाएंगी।

ऐसे में जो उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं वो TNPSC की आधिकारिक वेबसाइट tnpsc.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। सरकारी नौकरी के लिए जारी इस वैकेंसी के माध्यम से कुल 1089 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इस वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में आयोजित हुई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि, वेबसाइट पर जाकर नोटिफिकेशन चेक कर लें।तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर जारी इस वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 जुलाई 2022 को शुरू हुई थी। इसमें ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए उम्मीदवाओं को 27 अगस्त 2022 तक का समय दिया गया है। इस वैकेंसी में सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स को स्तर-8 के तहत सैलरी दी जाएगी. उम्मीदवारों को वेतन के तौर रुपये 19,500- 71,900 रुपये दिए जाएंगे।

आवेदन प्रक्रिया
स्टेप 1- आवेदन करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट- tnpsc.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2- वेबसाइट की होम पेज पर Notification के लिंक पर जाएं।

स्टेप 3- इसके बाद FIELD SURVEYOR, DRAFTSMAN AND SURVEYOR-CUM-ASSISTANT DRAUGHTSMAN (TAMIL NADU SURVEY AND LAND RECORDS SUBORDINATE SERVICE & TAMIL NADU TOWN AND COUNTRY PLANNING SUBORDINATE SERVICE ) के लिंक पर जाएं।

स्टेप 4- Apply online पर क्लिक करें।

स्टेप 5- मोबाइल नंबर की मदद से रजिस्ट्रेशन कर लें।

स्टेप 6- रजिस्ट्रेशन के बाद एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।

स्टेप 7- आवेदन पूरा होने के बाद प्रिंट ले लें।

डायरेक्ट लिंक से आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें।

योग्यता
इस वैकेंसी के लिए जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, उम्मीदवारों के पास संबंधित सेक्टर में योग्यता होनी चाहिए। जैसे फील्ड सर्वेयर के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवारों ऑफिशियल नोटिफिकेशन देखना चाहिए।

आयु सीमा
फील्ड सर्वेयर, ड्राफ्ट्समैन और सर्वेयर-कम-असिस्टेंट ड्राफ्ट्समैन के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 32 वर्ष होनी चाहिए। केवल फील्ड सर्वेयर और ड्राफ्ट्समैन के पदों के संबंध में तमिलनाडु में आईटीआई में सर्वेक्षण में प्रशिक्षित व्यक्तियों के लिए 37 वर्ष आयु सीमा दी गई है।

देश के सबसे बड़े निवेशक राकेश झुनझुनवाला का निधन, कुछ ही दिन पहले शुरू की थी नई एयरलाइन कंपनी

देश के सबसे बड़े निवेशक राकेश झुनझुनवाला का निधन, कुछ ही दिन पहले शुरू की थी नई एयरलाइन कंपनी

 नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) का निधन हो गया है। उनका निधन 62 साल की उम्र में हुआ। उन्‍हें भारत का वॉरेन बफेट भी कहा जाता था। उनके निधन की खबर से सब अचंभित हैं। उनके निधन की खबर ऐसे समय आई है जब हाल में उन्‍होंने अपनी एयरलाइन शुरू की थी। उनके एयरलाइन कंपनी का नाम आकासा एयर है।

राकेश झुनझुनवाला को शेयर बाजार का ब‍िग बुल भी कहा जाता था। उनकी सूझबूझ की मिसाल दी जाती थी। उनकी पत्‍नी का नाम रेखा है। आकासा एयर में सबसे बड़ी हिस्‍सेदारी राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्‍नी रेखा की है। दोनों की कुल हिस्‍सेदारी 45.97 फीसदी है।

देश के कई राज्यों में जो मीडिल क्लास सुपर मार्केट डी मार्ट हम देखते है ये कंपनी राकेश झुनझुनवाला की है। हाल ही में इनकी कंपनी आकाशा एयरलाइंस को DGCA से परमिट मिली थी। और जल्द ही विमान उड़ान भरने के लिए तैयार थे। आज के तौर में टोटल कमाई की बात करें तो $5.8 बिलीयल डॉलर की संपत्ति के मालिक थे। फोर्ब्स मैंगजीन 2021 के अनुसार वे भारत 36 वें और दुनिया के 438 वें सबसे अमीर व्यक्ति थे। आपने वेब सीरीज ‘स्कैम 1992’ तो देखी ही होगी उसमें इनके नाम का भी एक महत्वपूर्ण किरदार है।

सड़क हादसे में पूर्व विधायक की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे

सड़क हादसे में पूर्व विधायक की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे

 मुंबई। महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर बड़ा सड़क हादसा हो गया है। इस हादसे में पूर्व विधायक विनायक मेटे (Vinayak Mete) की मौत हो गई है। यह एक्सीडेंट इतना खतरनाक था की उनकी एसयूवी कार के परखच्चे उड़ गए हैं।

बता दें, विनायक मेटे शिव संग्राम पार्टी के नेता थे। वह 52 साल के थे। विनायक मेटे मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर हादसे का शिकार हो गए। वो महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रह चुके थे। विनायक मेटे मराठा समाज के बड़े नेता थे। पुलिस के मुताबिक, हादसा आज यानी रविवार की सुबह करीब 5 बजकर 15 मिनट पर हुआ।

सड़क हादसे के बाद उन्हें फ़ौरन गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

फिलहाल, इस हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है। कार की हालत देखकर हादसे का अंदाजा लगाया जा सकता है की एक्सीडेंट कितना खतरानक है। हादसे में विनायक मेटे की एसयूवी कार के परखच्चे उड़ गए।

विनायकराव मेटे शिवसंग्राम पार्टी के अध्यक्ष थे। उनका जन्म 30 जून 1970 को बीड में हुआ था। विनायकराव मेटे का नाम महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से उभरा था। स्वतंत्रता संग्राम औऱ संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन ने उनके विचारों पर गहरा असर डाला। विनायक मेटे 2016 में बीजेपी कोटे से निर्विरोध एमएलसी चुने गए थे।

कांग्रेस नेता का विवादित बयान, कहा- नौकरी पाने के लिए महिलाओं को किसी के साथ सोना पड़ता है…बीजेपी ने किया पलटवार

कांग्रेस नेता का विवादित बयान, कहा- नौकरी पाने के लिए महिलाओं को किसी के साथ सोना पड़ता है…बीजेपी ने किया पलटवार

 कर्नाटक। कर्नाटक कांग्रेस के प्रवक्ता और विधायक प्रियांक खड़गे ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए राज्य में ‘लड़कों को रिश्वत देनी पड़ रही है, जबकि लड़कियों को किसी के साथ सोना पड़ता है। उन्होंने भर्ती घोटालों की न्यायिक जांच या विशेष जांच दल गठित करने की मांग की और सरकार से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी अपील की है।

प्रियांक खड़गे ने विभिन्न पदों पर भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का दावा किया और कहा कि ‘सरकार ने पदों को बेचने का फैसला किया है। मंत्री ने लड़की को नौकरी के लिए अपने साथ सोने के लिए कहा था। घोटाला सामने आने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और यह मेरे शब्दों का प्रमाण है।’

प्रियांक खड़गे ने कहा कि मेरे पास जो जानकारी है उसके अनुसार यह संभव है कि कुल 600 पदों के लिए सौदा किया गया है। ऐसा संदेह है कि सहायक अभियंता पद के लिए 50 लाख रूपए और कनिष्ठ अभियंता के पद के लिए 30 लाख रूपए की घूस ली जा रही है। इससे करीब 300 करोड़ रूपए का भ्रष्टाचार किया गया है।

कांग्रेस नेता खड़गे के इस आरोप पर कर्नाटक भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि खड़गे यह नहीं देख पाए हैं कि इस तरह के बयान देने से पहले उनकी पार्टी क्या कर रही है। कर्नाटक बीजेपी ने ट्वीट किया कि पूर्व मंत्री प्रियांक खड़गे को इस तरह के बयान देने से पहले अपना घर देखना चाहिए। कांग्रेस सरकार के दौरान जयमाला रिश्वत कांड उजागर हुआ था और हम सभी जानते हैं कि इसमें कौन शामिल था।

स्वतंत्रता दिवस पर संघ के झंडे की जगह लहराएगा तिरंगा : मोहन भागवत

स्वतंत्रता दिवस पर संघ के झंडे की जगह लहराएगा तिरंगा : मोहन भागवत

 नई दिल्ली। देश में स्वतंत्रता दिवस को भव्य रूप में मनाने के साथ ही “आजादी का अमृत महोत्सव” मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के नागरिकों को “हर घर झंडा” फहराने की अपील की गई है। उन्होंने खुद सोशल मिडिया के डीपी में तिरंगा डालकर अभियान की शुरुवात की। इसी अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्रोफाइल तस्वीरों पर संगठन के झंडे की जगह तिरंगे की तस्वीर लगाया है। यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी से सोशल मीडिया में अपने डीपी में तिरंगा लगाने की अपील के बाद भी संघ और सरसंघचालक की डीपी में बदलाव नहीं करने पर कांग्रेस ने निशाना साधा था।

इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, विपक्षी नेताओं और आम लोगों ने अपनी डीपी पर तिरंगे की फोटो लगाई। लेकिन आरएसएस और मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया पर डीपी नहीं बदली थी, जिसके बाद बीजेपी और आरएसएस विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में सवाल किया था कि क्या नागपुर में अपने मुख्यालय पर 52 साल तक राष्ट्रध्वज नहीं फहराने वाला संगठन अपने सोशल मीडिया खातों की प्रोफाइल तस्वीर पर तिरंगा लगाने के प्रधानमंत्री के आग्रह को मानेगा। वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ट्विटर पर आरएसएस और उसके प्रमुख मोहन भागवत की प्रोफाइल फोटो के स्क्रीनशॉट को शेयर कर लिखा था कि संघ वालों, अब तो तिरंगा को अपना लो।

आरएसएस प्रचार विभाग के सह प्रभारी नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि संघ अपने सभी कार्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाता आ रहा है. संघ ने अपने सोशल मीडिया खाते की अपनी प्रोफाइल तस्वीर पर अपने संगठन के झंडे को हटाकर राष्ट्रध्वज लगाया. ठाकुर ने कहा कि आरएसएस कार्यकर्ता ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम में सक्रिय रूप से भाग ले रहे है।

OMG: जिन कीड़ों-मकोड़ों को देखना भी पसंद नहीं करते आप! उन्हें बड़े चाव से खाते हैं लोग

OMG: जिन कीड़ों-मकोड़ों को देखना भी पसंद नहीं करते आप! उन्हें बड़े चाव से खाते हैं लोग

Shocking: दुनियाभर में अलग-अलग देशों में लोगों की पसंद अलग-अलग होती है. लोगों के अपना रहन सहन है और अलग-अलग ही खान-पान है. हालांकि हम लोगों को किसी का खान-पान खराब या सही लग सकता है. लेकिन लोग उसी के भरोसे अपना जीवन यापन करते हैं. आपको शायद सुनकर अजीब लगे लेकिन कुछ लोग टिड्डा (Grasshoppers), बिच्छू (Scorpions), झिंगुर (Crickets) जैसी चीजों को खाकर ही अपना काम चलात हैं. हालांकि कोरोना की शुरुआत में ऐसा कहा गया था कि चीनी लोगों के चमगादड़ (Bats) खाने से फैला था. लेकिन इसके बावजूद भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएन (UN) ऐसे जीवों को खाने को बढ़ावा दे रहे हैं. WHO इन कीड़ों को मीट का विकल्प मानता है और इसीलिए इन्हें खाने की इजाजत दी जा रही है.बता दें कि ऐसे जीवों में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है. आइए आपको बताएं कुछ देशों के अजीबोगरीब खान-पान के बारे में.

चींटियां लोगों को परेशान करती हैं. लोग इनसे परेशान होकर दूर भगाते हैं तो कई लोग इनहें शौक से खाते हैं. कई जगह पर इसकी चटनी भी बनाई जाती है. खास बात है कि इसे भारत में भी खाया जाता है. छत्तीसगढ़ की कई जनजातियां भी चीटियों की चटनी बनाकर खाती हैं. साथ ही कई जगहें ऐसी भी हैं जहां चीटियों को पकाकर उसमें नमक लगाया जाता है और पॉपकॉर्न की तरह भी खाया जाता है. साथ ही चीन के लोग चींटी का सूप भी बड़े चाव से पीते हैं.

थाईलैंड समेत कई देश ऐसे हैं जहां झिंगुर को सैकड़ों सालों से खाया जाता रहा है. दुनियाभर के ज्यादातर देशों में लोग इसे शौक से खाते हैं. थाईलैंड में झिंगुर सड़कों पर बिकते हैं.

फूलों पर मंडराने वाले भौंरें कई लोगों का भोजन हैं. दरअसल भौंरों की कई प्रजातियां हैं और अफ्रीका के अलग-अलग हिस्सों में लोग इस चाव से खाते हैं. जानकार बताते हैं कि इनमें काफी ज्यादा मात्रा में प्रोटीन भरा होता है और फैट के भी अच्छे सोर्स होते हैं. इन्हें खाने से विटामिन ए और ई भी मिलता है.

 

ऐसी जगह जहां मरने के बाद भी घर वाले कराते हैं शादी...निभाई जाती हैं पूरी रस्‍में

ऐसी जगह जहां मरने के बाद भी घर वाले कराते हैं शादी...निभाई जाती हैं पूरी रस्‍में

 Unique Traditions: आप अब तक कई शादियों में गए होंगे लेकिन क्या आपने कभी भूतों की शादी के बारे में सुना है? कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ जिले में यह परंपरा अभी जीवित है, जहां दो बच्चों को मरने के बाद उनकी शादी कराई जाती है. हाल ही में गुरुवार को भी दो मरे हुए बच्चों को शादी के बंधन में बांधा गया. ऐसा उनके माता-पिता उनकी आत्माओं की खुशी के लिए करते हैं. इसे ‘प्रेत कल्याणम’, या मृतकों का विवाह कहते हैं. जो अभी भी कर्नाटक और केरल के कई हिस्सों में कुछ समुदायों में जीवित है.

हाल ही में हुई शादी

यूट्यूबर एनी अरुण ने ट्विटर पर चंदप्पा और शोभा के बीच उनकी मृत्यु के 30 साल बाद के मिलन को शेयर किया.यूट्यूबर ने ट्वीट किया, 'मैं आज एक शादी में शामिल हो रहा हूं. आप पूछ सकते हैं कि यह एक ट्वीट के लायक क्यों है. खैर, दूल्हा वास्तव में मर चुका है और दुल्हन भी मर चुकी है. इनकी मौत लगभग 30 साल पहले हुई थी और आज उनकी शादी है. यह उन लोगों को अजीब लग सकता है जो दक्षिण कन्नड़ की परंपराओं के आदी नहीं हैं. लेकिन यह यहां एक गंभीर परंपरा है.

'इसलिए कराई जाती है मरने के बाद शादी

जिन बच्चों की 18 साल की उम्र से पहले मौत हो जाती है, उनकी मृत्यु के कुछ साल बाद उनकी ही जैसी मृत्यु की कहानियों वाले बच्चों से शादी करा दी जाती है. दक्षिण कन्नड़ में यह परंपराएं चलन में हैं क्योंकि लोग मानते हैं कि उनके प्रियजन की आत्मा भटकती है और उन्हें कभी ‘मोक्ष’ नहीं मिलता है. लोगों का मानना है कि किसी का भी जीवन शादी के बिना अधूरा है और परिवार को भटकती आत्मा से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

निभाई जाती हैं सभी परंपराएं

इस दौरान सगाई समारोह से लेकर, शादी तक सभी परंपराएं निभाई जाती हैं. दूल्हा सबसे पहले ‘धारे साड़ी’ लाता है, जिसे दुल्हन शादी के समय या लग्न या मुहूर्तम में पहनती है. दुल्हन को कपड़े पहनने के लिए भी पर्याप्त समय दिया जाता है और सभी रस्में ऐसी होती हैं जैसे कि बिछड़ी आत्माएं परिवार के सदस्यों में से हों. दूल्हा और दुल्हन को शादी के कपड़े पहनाए जाते हैं और रिश्तेदार उन्हें अनुष्ठान करने के लिए इधर-उधर ले जाते हैं. इस दौरान सात फेरे, मुहूर्त तक, कन्यादान और मंगलसूत्र का बंधन जैसी सभी परंपराओं का पालन होता है.

Ajab Gajab: इस गांव में इंसान नहीं कुत्ते हैं करोड़पति, जानिए कैसे करते हैं हर साल करोड़ों की कमाई

Ajab Gajab: इस गांव में इंसान नहीं कुत्ते हैं करोड़पति, जानिए कैसे करते हैं हर साल करोड़ों की कमाई

 Crorepati Dogs: देशभर में आपने कई जमींदार देखें होंगे लेकिन, आज हम आपको ऐसे जमींदारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। गुजरात के मेहसाणा स्थित पंचोट गांव में एक खास तरह के जमींदार हैं, जिनके बारे में सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। दरअसल ये जमींदार कोई इंसान नहीं बल्कि कुत्ते हैं।

जी हां, ये सुनने में भले की अजीब लग रहा हो लेकिन ये बात बिल्कुल सच है। इस गांव में मौजूद कुत्ते करोड़पति हैं। अगर आप ये सोच रहे हैं कि ये कुत्ते आखिर करोड़पति कैसे हो सकते हैं तो बता दें, कि ये कुत्ते गांव में ट्रस्ट के नाम पड़ी जमीन से करोड़ों कमाते हैं। दरअसल, पिछले करीब एक दशक से जब से इस गांव की जमीनों के दाम आसमान छूने लगे हैं, मेहसाणा बाईपास बनने का सबसे बड़ा फायदा गांव के कुत्तों को हुआ है। 'मढ़ नी पती कुतरिया ट्रस्ट' के पास गांव की 21 बीघा जमीन है। खास बात ये है कि इस जमीन से होने वाली आय कुत्तों के नाम कर दी जाती है।इस जमीन की कीमत की बात करें, तो बाईपास के पास होने की वजह से इसकी कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये प्रति बीघा है। वहीं इस ट्रस्ट के पास करीब 70 कुत्ते हैं। ऐसे में हर कुत्ते के हिस्से में लगभग एक-एक करोड़ रुपये आते हैं।

ट्रस्ट के अध्यक्ष छगनभाई पटेल की माने तो, कुत्तों में ट्रस्ट का हिस्सा बांटने की परंपरा की जड़ गांव की सदियों पुरानी 'जीवदया' प्रथा से जन्मी है, जो आज तक चलती आ रही है। असल में इस परंपरा की शुरुआत अमीर परिवारों ने की, जो दान दिए गए जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों से आरम्भ हुई थी। हालांकि, उस समय जमीनों की कीमत इतनी अधिक नहीं थी।आपको जानकर हैरानी होगी कि कई मामलों में लोगों ने टैक्स न चुका पाने की स्थिति में जमीन दान कर दी। इस जमीन का रख-रखाव पटेल किसानों के एक समूह ने करीब 70-80 साल पहले शुरू किया था, जो आज तक जारी है। ट्रस्ट के पास लगभग 70 साल पहले यह जमीन आई थी।बताया जाता है कि समय के साथ जैसे-जैसे गांव का विकास होता गया जमीन के दाम बढ़ने लगे। ऐसे में लोगों ने भी जमीन दान करना बंद कर दिया। इन दान की गई जमीनों से होने वाली कमाई का उपयोग गांव में मौजूद कुत्तों और अन्य जानवरों की देख-रेख करने के लिए किया जाता है।

क्या आप भी रातभर चलाकर सोते हैं पंखा? आज के बाद भूल से भी ना करें ये गलती

क्या आप भी रातभर चलाकर सोते हैं पंखा? आज के बाद भूल से भी ना करें ये गलती

 भारत में आज भी ज्यादातर लोगों के घर एसी की जगह पंखा ही लगा है. चाहे तेज गर्मी हो या हलकी सी उमस, लोगों को पंखे से ही राहत मिलती है. विदेशों में हालांकि अब फैन का कांसेप्ट काफी तेजी से सिमटता जा रहा है. लेकिन भारत में लगभग हर घर में ही पंखे का इस्तेमाल होता है. हम में से कई लोगों को रातभर पंखा चलाकर सोने (Sleeping Overnight With Fans On) की आदत होती है. कम गर्मी हो तो फैन को एक या दो पर करके हम छोड़ देते हैं, अगर गर्मी है तो फैन पूरी स्पीड से पांच नंबर पर रेगुलेट होता है. अगर आपको भी रातभर पंखा चलाकर सोने की आदत है तो ये खबर आपके लिए हैं. इस न्यूज को पढ़ने के बाद शायद आप आगे से ऐसी गलती नहीं करेंगे.

रात में फैन चलाकर सोने से भले ही आपके रूम का तापमान कम हो जाता है, लेकिन इसकी वजह से आपको कई अन्य तरह की परशानियों का सामना करना पड़ सकता है.खासकर जब तेज गर्मी पड़ती है, तब लोगों को ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए. इससे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है. एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर तेज गर्मी पड़ रही है, तो रातभर फैन चलाने के अलावा भी कई अन्य उपाय हैं, जिससे आप रूम को ठंडा रख सकते हैं. इन्हीं तरीकों को अपनाना ज्यादा बेहतर है. ना कि रात भर पंखा चलाना.

स्वास्थ्य पर पड़ता है खराब असर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, गर्मी पड़ने पर कोशिश करें कि दिन के समय कमरे में पर्दा लगाए रखे. इससे रूम का टेम्परेचर कम रहेगा. साथ ही अगर आप रातभर पंखा चलाते हैं, तो आज से ही ऐसा करना बंद कर दें. इस आदत की वजह से आपको कई तरह के नुकसान हो सकते हैं. इसमें सबसे ज्यादा बुरा असर आपकी हेल्थ पर होता है. जी हां, रातभर चलने वाले फैन की वजह से आपको कई तरह की बीमारियां अपनी चपेट में ले सकती हैं. स्लीप एक्सपर्ट और MattressNextDay के सीईओ मार्टिन सीले ने लोगों को इसकी जानकारी डिटेल में दी.

इसलिए है खतरनाक
रातभर फैन ऑन कर सोने से अगले दिन आपको बॉडी में दर्द की समस्या होती है. खासकर से बॉडी पेन है तो फैन के नीचे सोना आपके लिए और भी ज्यादा तकलीफदेह होता है. ऐसे में आपको रात में फैन के नीचे सोना अवॉयड करना चाहिए. मार्टिन सीले के मुताबिक़, ठंडी हवा की वजह से मसल्स में खिंचाव होता है और आपको और भी ज्यादा दर्द झेलना पड़ जाता है. यहां तक कि आपको आपकी गर्दन में भी दर्द महसूस होने लगेगा. अस्थमा के मरीजों को तो ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए. इसकी वजह से आपको दिन में ज्यादा छींकें आएंगी, आपकी आंखों से पानी गिरेगा और सांस सामना करना पड़ेगा.