सागर : बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मासूम की मौत पर उसके स्वजनों ने गत दिवस इलाज में लापरवाही के आरोप लगाकर हंगामा किया। गुस्साए स्वजनों ने आरोप लगाया कि मोबाइल पर खेल रही मासूम को वार्ड ब्वाय ने गलत इंजेक्शन दे दिया जिससे उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने सफाई में कहा कि बच्ची की मौत चाकलेट गले में फंस जाने से हुई है। चंद्रभान की तीन वर्षीय पुत्री अनामिका को परिजन बीएमसी में रूटीन चेकपअ के लिए लाए थे, जहां उपचार के दौरान लगाये इंजेक्शन के बाद ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सतना : सतना के अहिरगांव गांव के कुशवाह परिवार मेंं शादी का जश्न मनाया जा रहा था। दुल्हन सजी थी और खुशी-खुशी फेरे हुए। गत दिवस सुबह माता-पिता ने दुल्हन को विदा किया लेकिन बीच रास्ते में अगले ही पल कुछ ऐसा वाकया हुआ कि बराती सकते में आ गए। एकयुवक बाइक से आया और बीच रास्ते में कार रुकवाकर दुल्हन को कार से बाहर निकाला और अपहरण कर ले गया। बराती और दूल्हा देखते ही रह गए और उनके आंखों के सामने से दुल्हन को कोई ले गया। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है जहां यह वारदात हुई। इसकी शिकायत दुल्हन के स्वजन ने की है। पुलिस अपहरणकर्ता और दुल्हन की तलाश कर रही है।
आरोपित युवक अशोक यादव लड़की के गांव का ही है। दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग है, वह नहीं चाहता था कि लड़की की शादी कहीं ओर हो, इसलिए उसने लड़की का अपहरण किया है। युवती के स्वजनों ने शिकायत और कुछ फोन नम्बर पुलिस को दिए हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि यह अपहरण हैं या युवती खुद अपनी मर्जी से भागी, यह दोनों के मिलने के बाद ही पता चलेगा। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे अपहरण मान रही है। जिले के पतरौंधा गांव से कुशवाहा परिवार के यहां बारात आई थी। सभी रस्में हो चुकी थी और सुबह दूसरे दिन विदाई हुई थी। रास्ते में दुल्हन का अपहरण हो गया।
रीवा : रीवा लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ की टीम ने नईगढ़ी पटवारी को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया है। शाहपुर हल्का के पटवारी ललित शर्मा को रिश्वत के रुपए के साथ पकड़ा गया। शिकायतकर्ता शाहपुर निवासी राम कैलाश साकेत अपनी जमीन का सीमांकन कराने आवेदन दिया था। जिस पर शाहपुर पटवारी ललित शर्मा रुपयों की मांग कर रहा है। जबकि, वह पहले एक हजार और फिर 500 रुपयों दे चुका है।
उज्जैन : जिले के नागदा जंक्शन में एक मालदार भिखारी का वीडियो वायरल हो रहा है। मानसिक रूप से विक्षिप्त भिखारी ने गुस्से में आकर जब अपने कपड़ों को फेंका तो उसमें से नोटों की बारिश होने लगी । यह देखकर वहां मौजूद लोग अचंभित रह गए। इसका वीडियो बनाकर मालदार भिखारी के केप्शन के साथ इसे वायरल कर दिया गया है।
उज्जैन जिले के नागदा जंक्शन में एक मालदार भिखारी का वीडियो वायरल हो रहा है। मानसिक रूप से विक्षिप्त भिखारी ने गुस्से में आकर जब अपने कपड़ों को फेंका तो उसमें से नोटों की बारिश हो गई जिसे देखकर लोग हैरान हो गए।
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जानकारी के अनुसार नागदा जंक्शन के प्लेटफार्म पर एक विक्षिप्त का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह दो दिन पुराना हैॆ। इसमें एक भिखारी जैसा व्यक्ति गमछा फटकारते दिखाई दे रहा है और प्लेटफार्म पर नोट के आकार के कागज बिखरे दिखाई दे रहे हैं। इन्हें वायरल वीडियो में नोट बताया जा रहा है और ये नोट उपरोक्त विक्षिप्त भिखारी के बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति बुरहानपुर का है। इस व्यक्ति को कुछ लोग परेशान कर रहे थे तो उसने गुस्से में अपने कपड़े फेंक दिए थे। इसमें कई कागजात थे और यह नोट भी थे। इसकी जानकारी लगने पर नागदा रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी चौकी के पुलिसकर्मियों ने एकत्रित कर उस भिखारी को दे दिए। इसके बाद उसे बुरहानपुर के लिए भेज दिया।
नई दिल्ली | सोशल मीडिया जितनी अच्छी चीज है इससे उतना ही अलर्ट रहने की जरूरत है। कई बार लोगों की अनचाही चीजें भी सोशल मीडिया के जरिए तमाम अन्य लोगों के पास पहुंच जाती हैं। अमेरिका की एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ और जब वह अपने पति के साथ बेडरूम में थी तो एक गलती के चलते उसका मोबाइल सोशल मीडिया में लाइव हो गया। इसका एहसास तब हुआ जब उसके एक दोस्त ने फोन करके उसे बताया।
दरअसल, यह घटना अमेरिका की एक महिला के साथ हुई है। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने अपने सोशल मीडिया स्पेस पर इस घटना के बारे में खुद बताया है। उसने कहा कि जब वह अपने पति के साथ बेडरूम में रोमांस कर रही थी तो उसने इस पल को कैमरे में रिकॉर्ड करना चाहा। इसके लिए उसने पास में ही पड़ा मोबाइल उठाया और इसे ऑन किया, लेकिन यहीं उससे चूक हो गई।
वह पति के साथ अपने निजी पल को रिकॉर्ड करना चाह रही थी लेकिन ना मालूम कैसे अचानक से फेसबुक लाइव शुरू हो गया। इसके बावजूद भी महिला को पता नहीं चल पाया कि सोशल मीडिया पर यह सब लाइव हो चल है। यह वीडियो कुछ देर तक चलता रहा। महिला के पति को भी नहीं पता चल पाया क्योंकि मोबाइल महिला के हाथ में था और उसी ने वीडियो ऑन करके रख दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के इस लाइव को कई लोगों ने देखा, जिसमें महिला के पिता भी शामिल थे करीब 46 लोगों ने इस लाइव को देख लिया। इस दौरान महिला के एक दोस्त ने जब उसे फोन मिलाया तो वह हक्का-बक्का रह गई। हालांकि उसने वीडियो को तत्काल हटाया लेकिन तब तक काफी लोग देख चुके थे। फिलहाल महिला ने बताया कि यह सब उसकी गलती से हुआ है।
नई दिल्ली | अमेरिका के एक होटल में एक शख्स अपने परिवार के साथ खाना खाने आया। इस दौरान होटल की एक महिला वेटर ने उन सबका खूब अच्छे से स्वागत किया और खाना खिलाया। इस दौरान पूरा परिवार उससे खुश नजर आया और पता करने पर बताया कि वह एक स्टूडेंट है और होटल में पार्ट टाइम जॉब करती है। इसके बाद उस शख्स ने महिला वेटर को तीन लाख रुपये से ज्यादा की टिप दे दी। लेकिन इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि महिला को होटल वालों ने निकाल दिया।
दरअसल, यह घटना अमेरिका के अरकांसस स्टेट की है। फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के एक शहर में रेयान नाम की महिला एक होटल में पार्ट टाइम जॉब करती है। इसी महिला को एक दिन एक शख्स और उसके परिवार ने मिलकर करीब तीन लाख की टिप दी। यह सब तब हुआ जब वे सब महिला वेटर की सर्विस से काफी खुश होकर उन्होंने उसकी तारीफ भी कर दी।
महिला वेटर को मिली टिप के बारे में जब होटल के मैनेजर को पता चला तो उन्होंने उस पैसों को बाकी वेट्रेस के साथ शेयर करने के लिए कहा। मैनेजर ने इससे पहले कभी भी किसी से टिप शेयर करने को नहीं कहा था। वह मैनेजर की इस बात पर हैरान रह गई और उसने कहा कि उसे इन पैसों की जरूरत है और दूसरी बात यह है कि यह टिप उसे खुद मिली है। इतना होने के बाद भी मैनेजर अपनी बात पर अड़ा रहा और उससे पैसे शेयर करने को कहा।
इसके बाद महिला ने तत्काल यह बात उस शख्स से बता दी जिसने उसे टिप दी थी लेकिन यही बात मैनेजर को अच्छी नहीं लगी और उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। टिप देने वाले शख्स को पूरे मामले का पता चला तो उसने उसकी मदद के एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया जिसके माध्यम से वह पैसे इकठ्ठा कर सकती है।
चित्रकूट : चित्रकूट में 3 दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। इस महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए कई बड़ी हस्तियां पहुंच चुकी हैं। आरएसएस चीफ मोहन भागवत भी चित्रकूट पहुंच चुके हैं। इस महाकुंभ का आयोजन तुलसीपीठाधीश्वर रामभद्राचार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के आयोजन का प्रकट उद्देश्य तो हिंदू एकता पर चिंतन करना बताया गया है।
हालांकि, जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस आयोजन का मकसद भाजपा के होम टर्फ यानी हिंदुत्व की भावना को राजनीति के केंद्र में लाना है। 2017 चुनावों में भाजपा प्रचंड बहुमत में 312 सीट ही जीत पाई थी। 13 सीटें उसके सहयोगी दलों के खाते में गई थी। भाजपा 91 सीटों पर हार गई थी। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि इसमें से 30 फीसदी सीटें मुस्लिम बाहुल्य हैं, जहां हिंदुत्व का फार्मूला नहीं चला था।
ऐसे में हिंदू एकता महाकुंभ के जरिए उन सीटों पर भी फोकस करना है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। योगी आदित्यनाथ को इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि नाथ संप्रदाय के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम में रवि शंकर, चिदानंद मुनि, रामानुजाचार्य, कैलाशानंद गिरी जी महाराज जैसी बड़ी शख्सियत शामिल होंगे। हिंदू एकता महाकुंभ कार्यक्रम के लिए तीन बड़े-बड़े पंडाल लगाए गए हैं।
मंच पर मोहन भागवत समेत 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि मंच के सामने 2 लाख कुर्सियां लगाई गई हैं। हालांकि, आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में 5 लाख लोग जुटेंगे। सभी बाहर से आए संत, महंत और अन्य मेहमानों के रुकने की व्यवस्था तुलसी पीठ, आरोग्य धाम, मन्दाकिनी रिसोर्ट और यूपी टूरिज्म के बंगले में कई गई है।
कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक शख्स को एक करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया. एसटीएफ ने आरोपी शख्स को शहर के पार्क स्ट्रीट इलाके से पकड़ा है. वह फुटपाथ पर एक करोड़ कैश के साथ रंगे हाथ एसटीएफ के हत्थे चढ़ा है.
एसटीएफ का कहना है, "पूछताछ के दौरान, उसके पास नकदी को लेकर कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं था. आईटी विभाग को सूचित किया गया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है."
रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में एसटीएफ ने शहर के पार्क स्ट्रीट इलाके के फुटपाथ से 27 वर्षीय व्यक्ति को एक करोड़ रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया है. उसका नाम प्रीतम पाल बताया जा रहा है. घटना कल (सोमवार) की है.
एसटीएफ ने इनपुट के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया. पार्क स्ट्रीट के फुटपाथ के सामने प्रीतम पाल को रोका गया था. तलाशी के दौरान उसके पास से एक करोड़ नकद बरामद हुए, जिसमें कुछ नोट 500 रुपये के थे जबकि बाकी के नोट 2000 रुपये के थे. इतनी बड़ी तादाद में कैश मिलने के बाद एसटीएफ के लोग भी हैरान रह गए.
जांच में जुटी पुलिस
पूछताछ के दौरान आरोपी शख्स इतने पैसे कहां से आए, किसके हैं आदि सवालों का जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. आगे की कार्रवाई के लिए उसे पार्क स्ट्रीट थाने ले जाया गया, जहां मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. साथ ही आईटी विभाग को भी जानकारी दी गई है.
तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे एक शख्स करोड़ों रुपये कैश के साथ मौजूद है. फिलहाल जांच के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि शख्स के पास इतनी बड़ी तादाद में ये कैश कहां से आया.
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक याचिका दायर कर गुजरात और राजस्थान सरकारों को लुप्तप्राय सोन चिरैया (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) को बचाने में मदद करने के लिए ओवरहेड बिजली के तारों को बिछाने के अपने 19 अप्रैल के आदेश में संशोधन की मांग की गई।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा इसका उल्लेख किए जाने के बाद सीजेआई एन वी रमना और जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की।
याचिका में दावा किया गया है कि इस आदेश का भारत में बिजली क्षेत्र और जीवाश्म ईंधन से दूर ऊर्जा संक्रमण के लिए व्यापक प्रतिकूल प्रभाव है। इस याचिका में अदालत से आग्रह किया है कि उच्च वोल्टेज और अतिरिक्त उच्च वोल्टेज लाइनों, यानी 66 केवी और उससे ऊपर की बिजली लाइनों को प्राथमिकता वाले जीआईबी आवास में बर्ड डायवर्टर जैसे उपयुक्त शमन उपायों की स्थापना के साथ ओवरहेड पावर लाइनों के रूप में रखने की अनुमति दी जाए।
उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों को भूमिगत करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। इतने बड़े क्षेत्र में मध्यम-निम्न वोल्टेज लाइनों को भूमिगत करने से क्षेत्र से उत्पादित आरई (नवीकरणीय ऊर्जा) की उच्च लागत आएगी, जो बदले में आरई के कारण को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाएगी। इतने बड़े क्षेत्र में अंडरग्राउंडिंग का प्रयास वैश्विक स्तर पर कहीं भी नहीं किया गया है, ऐसा दावा किया गया है।
याचिका में प्राथमिकता वाले जीआईबी आवासों से गुजरने वाले मध्यम वोल्टेज तक, यानी 33 केवी वोल्टेज स्तर तक की सभी बिजली पारेषण लाइनों को भूमिगत करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
उपयुक्त बर्ड डायवर्टर की स्थापना के साथ प्राथमिकता वाले क्षेत्र के बाहर भविष्य में ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाने की अनुमति दें, इसने अदालत से आग्रह किया। शीर्ष अदालत ने 19 अप्रैल को दोनों राज्यों को एक साल की अवधि के भीतर ओवरहेड बिजली के तारों को जहां भी संभव हो, भूमिगत बिजली लाइनों में बदलने के लिए कहा था।
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाई-वोल्टेज भूमिगत बिजली लाइन बिछाने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसे सभी मामलों में जहां ओवरहेड केबल को अंडरग्राउंड पावरलाइन में बदलना संभव हो, इसे एक साल की अवधि के भीतर पूरा किया जाएगा।
हरयाणा : पर्यावरण प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर प्रशासन ने राइस मिलों को 8 घंटे ही चलाने के आदेश दिए हैं, इसका सीधा असर गोहाना की अनाज मंडी में फसल की खरीद और भाव पर पड़ा है, व्यापारी अनाज मंडी में फसल की खरीद कम कर रहे हैं। फसल का भाव भी पहले की अपेक्षा कम हो गया है, भाव नहीं बढ़ने से किसान कम रेट में अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं।
बीते दिनों स्मॉग के चलते पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर अधिक बढ़ा हुआ था, पर्यावरण प्रदूषण के चलते प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, इसमें राइस मिल भी शामिल है, प्रशासन ने राइस मिलों को केवल 8 घंटे तक ही चलाने के आदेश दिए हुए हैं, जबकि सीजन के दौरान राइस मिल 24 घंटे तक चलाए जा रहे थे, राइस मिल चलाने की अवधि कम होने पर व्यापारियों ने अनाज मंडी में फसल की खरीद भी कम कर दी है, व्यापारी राइस मिल की जरूरत के अनुसार ही धान की खरीद कर रहे हैं, इसका असर अनाज मंडी में फसल के भाव पर भी पड़ा है।
अनाज मंडी में धान 3500 सो से 3600 सो रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि बीते सप्ताह तक भाव धान की किस्म के अनुसार 4000 रुपए तक था। फसल का कम भाव मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है, किसानों ने प्रशासन से राइस मिलो पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने की मांग की, ताकि उन्हें फसलों का उचित भाव मिल सके।
मंडी में काम करने वाले आढ़तियों व खरीदारों ने बताया की पिछले एक सप्ता से गोहाना की अनाज मंडी में धान की फसल के भाव कम होते जा रहे है इसका मुख्य कारन राईस मिलो का नहीं चलाना है इस समय राईस मीलो को कम चलाया जा रहा है, जिस के चलते मिलर मंडी में धान की फसल की कम खरीद कर है ।
और खरीदार नहीं होने से मंडी में लगातार धान के भाव में कमी आ रही है कई कई दिन तक किसानो की फसल नहीं बिक रही कुछ किसानो ने अपनी फसल को अपने घरो पर ही रोकना सुरु कर दिया जो किसान मंडी में अपनी फसल लेकर आ रहे है उनकी फसलों के कम भाव मिलने से किसान को घाटा हो रहा है, जिस के चलते कम भाव में किसान भी अपनी फसलों को नहीं बेचना चाहते जिस से मंडी में खुले में हजारो किवंटल धान पड़ा हुआ है फसल नहीं बिकने से किसानो के साथ साथ आढ़तियों व् मंडी में काम करने वाले मजदूरों पर इस का असर पड़ रहा है।अब देखना ये है की सरकार कब मिलो पर लगाया गए प्रतिबंद को वापस लेती है और काम किसानो को उनकी फसलों के उचित भाव मिलते है
लखीमपुर : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई हिंसा के मामले में एसआईटी ने बड़ा खुलासा किया है। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, लखीमपुर हिंसा सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी, ये कोई दुर्घटना नहीं थी।
बता दें कि अब लखीमपुर हिंसा केस में दुर्घटना की धारा हटाकर अन्य धाराएं लगाई गई हैं। आईपीसी की धाराएं 120बी, 307, 34 और 326 बढ़ाई गई हैं। 3 अक्टूबर को लखीमपुर के तिकुनिया में हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी।
उल्लेखनीय है कि लखीमपुर हिंसा में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र आरोपी हैं, वो इस वक्त जेल में बंद हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वहीं दूसरी तरफ अजय मिश्र टेनी ने दावा किया था कि उनका बेटा आशीष मिश्र वारदात के वक्त मौके पर मौजूद नहीं था। घटनास्थल से दूर था।
लखीमपुर हिंसा मामले में एसआईटी और यूपी सरकार के आयोग दोनों की जांच चल रही है। अभी दोनों की फाइनल रिपोर्ट आना बाकी है। एसआईटी की तरफ से सीजेएम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिसमें धाराएं बदलने के लिए कहा गया है क्योंकि ये वारदात जान से मारने की नीयत से की गई थी। ये घटना सुनियोजित तरीके से की गई। फिलहाल पूरी रिपोर्ट जब कोर्ट में सबमिट होगी तब तस्वीर साफ होगी।
नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वतंत्रता के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में `आजादी का अमृत महोत्सव` मनाने के लिए 13-19 दिसंबर, 2021 तक रक्षा मंत्रालय के समर्पित सप्ताह के रूप में रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) के कई अहम कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। रक्षा मंत्री द्वारा एक वर्चुअल प्रदर्शनी, `पाथ टू प्राइड`, सार्वजनिक प्रदर्शनियों, चयनित संग्रहालयों और डीडीपी के 75 प्रस्तावों को प्रदर्शित करने वाली एक पुस्तिका का उद्घाटन/लॉन्च किया गया।
सप्ताह भर चलने वाले देशव्यापी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए डीडीपी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत को एक शुद्ध रक्षा आयातक से शुद्ध रक्षा निर्यातक बनाने की दिशा में प्रयासों के बारे में जानकारी फैलाने में मददगार होगा।
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और अन्य सशस्त्र बलों के जवानों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 08 दिसंबर, 2021 को तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपनी जान गंवा दी, मंत्री महोदय ने परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, `जनरल रावत को अभी भी बहुत कुछ करना था। हमारे सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता उनके दिल के करीब विषय थे।
अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने के लिए अथक प्रयास करें।` राष्ट्र के लिए स्वतंत्रता का क्या अर्थ है, इस पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, स्वतंत्रता केवल प्राप्त करने या अर्जित करने की चीज नहीं है, यह बनाए रखने की भी चीज है, जिसके लिए निरंतर प्रयास करना पड़ता है। उन्होंने कहा, `स्वतंत्रता एक लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक मार्ग है। एक संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वतंत्रता का अर्थ रक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित कोई भी निर्णय लेने की क्षमता है। किसी भी स्थिति में हम तभी कोई फैसला ले सकते हैं जब हम पूरी तरह से आत्मनिर्भर हों।`
नई दिल्ली : लोकसभा ने मंगलवार को नशीली दवाओं और नशीले पदार्थ (संशोधन) विधेयक 2021 को पारित कर दिया। पांच घंटे चली बहस के बाद सदन ने नशीली दवाओं और नशीले पदार्थ (संशोधन) अध्यादेश 2021 के स्थान पर इस विधेयक को पारित किया।
इस अध्यादेश को न्यानयालय के आदेश पर लागू किया गया था। विधेयक पर बहस के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने संशोधन लाने की मंशा पर कुछ विपक्षी सदस्याओं की आशंकाओं का निवारण किया।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक से आपराधिक कानून में कोई बड़ा संशोधन नहीं किया जा रहा, लेकिन यह स्पष्टी करण से संबंधित है। उन्हों ने यह भी कहा कि यह विधेयक संविधान की धारा 20 का न तो उल्लंघन करता है और न ही उसके महत्व को कम करता है।
कानपुर : शहर में ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से लौटे 20 यात्रियों का पता नहीं मिल रहा है। सूची में घर का पता स्पष्ट नहीं है,सिर्फ क्षेत्र का नाम दिया गया है। इससे रैपिड रिस्पांस टीमों को उन्हें ढूंढने में मुश्किल आ रही है। न मिलने वालों के ओमिक्रॉन संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अब उनके मेल और इंटरनेशनल मोबाइल नंबर पर भी व्हॉट्स मैसेज भेजा है। सीएमओ डॉ.नैपाल सिंह ने बताया कि Óयादातर लोग ट्रेस कर लिए गए हैं,अगर कोई ट्रेस नहीं होगा तो पुलिस को जिम्मेदारी दे दी जाएगी।
आईआईटी के कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है। यह कर्मचारी चेन्नई से आए अपने माता-पिता के संपर्क में आया था। उसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी। उसका सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही विदेश से आए यात्रियों की मॉनिटरिंग में भी सतर्कता बरती जा रही है।
विभिन्न देशों से अब तक 1092 यात्री शहर लौटे चुके हैं। इनमें 242 यात्री ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए हैं। इनमें Óयादातर की ट्रेसिंग हो गई है। लेकिन 20 का पता नहीं लग पाया है। इसके लिए ई-मेल और उनके व्हाट्सएप नंबरों पर संपर्क किया जा रहा है।
कानपुर : बर्रा-2 छेदी सिंह का पुरवा के शटरिंग कारोबारी का शव सोमवार सुबह गोविंद नगर थानाक्षेत्र में रेलवे ग्राउंड के जंगल में बबूल के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। स्वजनों ने भाई की प्रेमिका के पिता की धमकी से डर कर आत्महत्या करने का आरोप लगाया। स्वजनों ने युवती के पिता सहित कई को पीटा और पुलिस से भी धक्का मुक्की कर बिल्ले नोच लिए। एसीपी बाबूपुरवा ने मौके पर पहुंच मामला शांत कराया।
छेदी सिंह का पुरवा निवासी अजीत पाल(28) शटरिंग कारोबारी थे।परिवार में पिता श्री राम पाल मां कुसुमा देवी,संदीप पाल, राजू पाल और बहन कंचन हैं। संदीप ने बताया कि अजीत का बर्रा दो की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। आरोप है कि रविवार सुबह युवती के पिता घर आये और अजीत से बेटी के लापता होने पर उसे कहीं छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने बेटी के घर न लौटने पर मुकदमा दर्ज करा जेल भिजवाने की धमकी भी दी थी। इससे भाई डरकर कहीं चला गया था। रातभर उसकी तलाश की गई, लेकिन नहीं मिला। मोबाइल भी बंद था।
प्रेमिका के पिता को पीटा और पुलिस के नोचे बिल्ले
सोमवार सुबह स्वजनों को अजीत का शव गोविंद नगर थानाक्षेत्र स्थित रेलवे ग्राउंड के बबूल के पेड़ से लटके होने की सूचना मिली। जानकारी पर गोविंद नगर और बर्रा पुलिस भी पहुंच गई। इसी दौरान युवती का पिता और उनके परिवार के लोग पहुंचे तो स्वजन भड़क गए और उन्हें पीटा। युवती के पिता खून से लथपथ होकर गिर पड़े। पुलिस बचाने दौड़ी तो लोगों ने उनसे भी धक्का मुक्की की और बिल्ले नोच लिए। कुछ देर बाद एसीपी बाबूपुरवा आलोक सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।।तब मामला शांत हुआ।
एसीपी बाबूपुरवा आलोक सिंह ने बताया कि,परिजनों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्वजनों की तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मऊ | उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में सोमवार को सुबह सेंट ज़ेवियर हाई स्कूल की बस अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हाइसे में 10 स्कूली छात्राएं घायल हुईं हैं. बस ड्राइवर भी घायल हो गया. इस घटना की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया. फौरन घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया.
रानीपुर थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा में अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे एक स्कूल बस पलट गई. इसमें 10 छात्र छात्राओं के साथ बस ड्राइवर घायल हो गया. यह हादसा मऊ के रानीपुर थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा में ओवरटेक के चक्कर में हुआ है. घटना मऊ शहर स्थित सेंट जेवियर हाई स्कूल के पास की है. बस पलटने के बाद चीख पुकार मच गई. सभी बच्चों को बस से बाहर निकाला गया. उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया.
मौके पर पहुंचे गोकुलपुरा के पूर्व प्रधान अजय कुमार सिंह ने बताया कि बस काफी तेज गति से आ रही थी. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बगल में बोलेरो को ओवरटेक करने के चक्कर में सड़क के किनारे पलट गई. पूर्व प्रधान ने बताया कि बस की स्थिति बहुत खराब थी. बस के ड्राइवर ने बताया कि बस में 10 बच्चे सवार थे. मऊ के सेंट जेवियर हाई स्कूल से बच्चों को लेकर जा रहे थे, तभी ओवरटेक करने के बाद बस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बगल में पलट गई है. बच्चों को इलाज के बाद घर पहुंचा दिया गया. इस हादसे में उसे भी चोट लगी है.
आसपास के लोगों का कहना है कि बस काफी पुरानी दिख रही है. इस तरह की बसों के संचालन से दुर्घटना का अंदेशा रहता है. इस तरह की बस पर बच्चों को ले जाना ठीक नहीं है. इस हादसे के कारण की जांच होनी चाहिए. बस का फिटनेस टेस्ट भी किया जाए.
बूंदी पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर दबिश दी। पुलिस के पहुंचते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद महिलाओं और अन्य लोगों ने पुलिस पर पथराव के साथ हमला भी किया। पुलिस पर हमले का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बूंदी पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सीडब्ल्यूसी व बचपन बचाओ एनजीओ एवं बूंदी पुलिस द्वारा देह व्यापार (प्रॉस्टिट्यूशन) संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस दल पर पत्थर फेंकने के साथ-साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी की, लेकिन पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में होने से पुलिस ने कार्यवाही को अंजाम दिया।
पुलिस ने मौके से देह व्यापार में लिप्त फोरमैन कंजर और मनीष कंजर के साथ कोटा नयापुरा निवासी मनन भार्गव व कुशराज सिंह को गिरफ्तार किया। वहीं, तीन नाबालिग को पकड़कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।
करनाल : किसान आंदोलन के कारण बंद चल रहे बसताड़ा टोल प्लाजा 354 दिनों के बाद सोमवार से शुरू हो गया। इसकी शुरूआत भी किसानों ने रिबन काटकर की, अब जो भी दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर बसताडा से हाईवे क्रॉस करेगा, उसे बढ़ा हुआ शुल्क अदा करने के बाद ही क्रॉसिंग मिलेगी, इस दौरान दिल्ली की तरफ से आने वाले किसानों को अभी राहत दी जाएगी । बता दे कि 25 दिसंबर 2020 सेये टोल बंद था ।
10 के बाद टोल कंपनी एक्टिव हुई - - -
10 दिसंबर को घोषणा के बाद बसताड़ा टोल को शुरू करने के लिए टोल कंपनी एक्टिव हो गई थी, टोल प्लाजा के सभी बूथों पर कंप्यूटर सिस्टम ऑन करके कर्मचारी तैनात हो चुके हैं, टोल की सभी लाइनों, साफ सफाई व मरम्मत के बाद तैयार कर दी गई, फास्टैग व कैश लेन की व्यवस्था को दुरुस्त जारी हो गई, टोल प्लाजा पर बढ़ी वार्षिक दरें भी लागू हो गई हैं, मंथली पास की दरों में इज़ाफ़ा किया गया है।
प्रतिदिन करीब 70 लाख का नुकसान हो रहा था - - -
वहीं फ़ास्ट टैग और मंथली पास बनवाने वाली जगह पर लम्बी लम्बी लाइन लगी हुई नजर आ रही हैं, टोल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बसताड़ा टोल से रोजाना 30 से 35 हजार छोटे वाहन गुजरते है जिनमें कार व जीप जैसे व्हीकल शामिल है, वही प्रतिदिन 8 से 10 हजार बड़े व भारी वाहनों की क्रासिंग होती है, टोल फ्री होने से पहले बसताड़ा टोल से सरकार को प्रतिदिन करीब 70 लाख का नुकसान हो रहा था, 25 दिसंबर 2020 से टोल फ्री चल रहा हैं, NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्ट वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले तो हम किसानों को बधाई देना चाहेंगे।
टोल टैक्स लेना शुरू - - -
किसानों की मांगे पूरी हुई है, जो किसान यहां पर थे, उन्होंने किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि नहीं की, शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन पूरा किया। सरकार की व्यवस्था दोबारा से कायम हो रही है, टोल की व्यवस्था पूरी तरह से तैयार है, किसानों ने अपनी सहमति जता दी है, वहीं NHAI के निर्देश भी मिल चुके हैं, अब टोल टैक्स लेना शुरू हो गया।
सालाना वृ्द्धि के हिसाब से शुल्क तय - - -
आंदोलन के कारण शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, सालाना वृ्द्धि के हिसाब से शुल्क तय किया है, जगदीप ओलख ने कहा कि आंदोलन में जीत दर्ज करने और जश्न मनाने के बाद आज बसताडा टोल पर आंदोलन का समाप्त किया है, केवल एक जत्था दिल्ली से चला हुआ है, एक साल तक आंदोलन चलवाया।
इतिहास में टोल का नाम होगा दर्ज - - -
किसान भवन में किसान बैठते हैं, यहां के किसानों ने कैमला में सीएम का जाहज नहीं उतरने दिया, नेताओं को विरोध किया। प्रशासन की लाठियां खाई, कुल मिलाकर आंदोलन में अहम योगदान दिया, किसान नेता बहादुर मैहला का कहना है, कि पिछले 1 साल से यहां बैठे, लंगर लगाया, लाठीचार्ज में एक किसान भाई सुशील काजल की मौत हुई, संघर्ष की चिंगारी यहां से उठी थी और पूरे साल के त्योहार यहीं पर मनाए इतिहास में टोल का नाम दर्ज रहेगा।
कुपवाड़ा में सैन्य कैंप के अंदर सोमवार सुबह 4:30 बजे एक हवलदार ने अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसकी पहचान शिंदे संदीप अर्जुन के तौर पर हुई है। वह द्रंग्यारी चौकीबल में तैनात था । जानकारी के बाद उन्हें श्रीनगर के सैन्य अस्पताल ले जाया गए। लेकिन वे नही बचाए जा सके। इस घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
गौरतलब haइससे एक दिन पहले रविवार को रामबन में कंपनी कमांडर की जिम्मेदारी संभालने वाले मेजर ने सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
23 राष्ट्रीय राइफ्ल्स की अल्फा कंपनी की महू बल पोस्ट पर तैनात मेजर की पहचान परविंदर सिंह पुत्र रशपाल सिंह निवासी प्रियदर्शनी विहार नई दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार रात साढ़े दस बजे मेजर परविंदर सिंह की आत्महत्या की सूचना दी गई। मेजर परविंदर 23 आरआर में पिछले दिनों ही कंपनी कमांडर बनाए गए थे। रात को अपने क्वार्टर में उन्होंने एके राइफल से खुद को गोली मार ली।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्राथमिक जांच पूरी कर शव को कब्जे में ले लिया। रविवार को पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव सेना को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले की छानबीन की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। आज यहां आने का उनका उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम के नए स्वरूप को राष्ट्र को समर्पित करना हैं। प्रधानमंत्री 10:30 बजे वाराणसी एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से शहर के लिए प्रस्थान कर गए। यहां से वो कालभैरव मंदिर गए। यहां दर्शन-आरती करने के बाद ललीता घाट गए। यहां उन्होंने डुबकी लगाई। गंगाजी का जल लिया और काशी विश्वनाथ के मंदिर में जाकर पूजा की। अब काशी विश्वनाथ धामलोकार्पण का आयोजन हो रहा है। शाम 6 बजे गंगा आरती में हिस्सा लेंगे।
काशी विश्वनाथ धाम का दायरा बढ़ाकर 5,27,734 वर्ग फुट कर दिया गया है। इस आयोजन के लिए बनारस को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी का एक बड़ा सपना पूरा हो रहा है। सभी ज्योतिर्लिंगों के प्रतिनिधियों सहित देश भर के 150 से अधिक धर्मगुरु, संत-महंत और प्रबुद्ध लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। भाजपा शासित प्रांतों के 10 मुख्यमंत्रियों, सात उपमुख्यमंत्रियों सहित देश भर के राजनेता भी शामिल होने जा रहे हैं। जन आस्था के शीर्ष केंद्र के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से पूरे देश को जोड़ने के लिए 51,000 जगहों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गुजरात के भूपेंद्र भाई पटेल, हरियाणा के मनोहर लाल, हिमाचल के जय राम ठाकुर, त्रिपुरा के बिप्लब कुमार देब, असम के हिमंत बिस्वा सरमा, कर्नाटक के बसवराज, मणिपुर के वीरेन सिंह और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत शामिल हुए हैं।




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