चंडीगढ़: हरियाणा में पलवल के मुण्डकटी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक ही परिवार के 5 लोग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। डीएसपी ने बताया, मौके पर पता चला कि घर के मालिक नरेश ने फांसी लगा ली है। प्रथम दृष्टया लगता है कि उसने अपनी पत्नी 2 बेटियों और 1 बेटे को जहर दिया है।
डीएसपी के मुताबिक या मुंह दबाकर उनकी हत्या की गई है और उसके बाद उसने खुद को फांसी लगा ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि 4 की मौत कैसे हुई। एफएसएल टीम आई थी। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं
जयपुर: राजस्थान के नागौर जिले के लांडनू थाना क्षेत्र में एक अधेड दंपत्ति ने अलग-अलग पेड़ों से लटकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। दोनों की आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मृतक का बेटा भारतीय सेना में कार्यरत है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, आज लांडनू इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो पेड़ों को एक अधेड़ दंपत्ति का शव लटकते हुए दिखा। आनन-फानन में लोगों ने पुलिस को मामले की सूचवा दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थानाधिकारी ने कहा कि दोनों मृतकों की पहचान सुरजाराम (45) और उसकी पत्नी तीजू देवी (42) के रूप में हुई है। बताया कि बीती रात दोनों के शव अपने खेत में दो अलग-अलग पेड़ों से लटकते मिले। हालांकि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
उधर, इस घटनाक्रम के बाद से इलाके में दहशत है। पुलिस को दोनों की आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं लग पाया है। सुरजाराम का एक बेटा भारतीय सेना में कार्यरत है और फिलहाल जैसलमेर में तैनात है। सुरजाराम की बेटी भी विवाहिता है। घटना के वक्त सुरजाराम की बहू अपने माता-पिता के घर पर थी। थानाधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गए हैं।
जयपुर: राजस्थान में एक क्रूर पिता ने अपनी 6 महीने की मासूम बेटी को फर्श पर पटक दिया, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि शख्स अपनी पत्नी से नाराज था और उसके चलते ही उसने बेटी को पटक दिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बारां जिले के अतरू पुलिस स्टेशन का यह मामला है, जहां बीती शाम ने शख्स को घटना को अंजाम दिया। एसएचओ रामकिशन गोदारा ने बताया कि पति और पत्नी के बीच सोमवार को झगड़ा हुआ था। पत्नी को डर था कि उसका पति मंगलवार को लौटकर फिर उस पर हमला बोल सकता है। इस डर के चलते वह अपने मायके चली गई थी। मंगलवार की शाम को वह लौटी थी ताकि बच्चों को भी अपने साथ ले जा सके।
इस दौरान उसका एक बार फिर पति से झगड़ा शुरू हो गया क्योंकि वह बच्चों को साथ नहीं भेजना चाहता था। गोदारा ने कहा कि इसी दौरान शख्स ने पत्नी के हाथ से बच्ची को छीन लिया और उसे फर्श पर पटक दिया। बच्ची के सिर पर चोट लगी थी और तुरंत ही उसकी मौत हो गई। मां ने पुलिस को बताया कि बच्ची को बुखार था, इसलिए वह उसे लेने आई थी। महिला की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने शख्स को गिरफ्तार कर लिया है।
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है, रेशमी नगरी मुबारकपुर के बलुआ मोहल्ले में आज उस समय हड़कम मच गया, जब डायरिया की चपेट में आने से लगभग 80 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए. जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर में भर्ती कराया गया, जहां 40 से अधिक लोगों की हालत बेकाबू हो गई. जिन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया. सूचना के बाद डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे. डीएम ने जिला अस्पताल समेत कई निजी अस्पतालों को अलर्ट पर कर दिया है.
मुबारकपुर कस्बे के बलुआ मोहल्ले में पिछले कुछ दिनों से डायरिया के मरीज मिल रहे थे. मंगलवार देर रात अचानक से डायरिया पीड़ितों की संख्या में इजाफा हो गया. फिलहाल कस्बे का बलुआ मुहल्ला ही डायरिया से प्रभावित है, लेकिन इसकी चपेट में आसपास के मोहल्लों के आने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. उल्टी, दस्त के पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं.
सीएचसी मुबारकपुर के सभी बेड वर्तमान में डायरिया के मरीजों से भर गए है. वहीं काफी संख्या में डायरिया प्रभावित कस्बे के प्राइवेट अस्पतालों में भी अपना इलाज करा रहे हैं. कुछ मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में भी रेफर किया गया है. सूचना के बाद डीएम-एसपी के साथ सीएमओ जिले के दर्जनों डॉक्टरों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डेरा डाल दिए हैं.
जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में सीएचसी पर लगभग 60 डायरिया के मरीज भर्ती है, जिनका इलाज किया जा रहा है. वहीं टीम बलुआ मुहल्ले में भी लगा दी गई है. घर-घर पीड़ितों की खोज करने के साथ ही उन्हें दवा आदि उपलब्ध कराया जा रहा है. पानी की गड़बड़ी से डायरिया फैलने का अंदेशा है, जिसके चलते प्रशासन को भी मौके पर बुला कर पानी की जांच को कह दिया गया है.
जयपुर। राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट)-2021 के दौरान दौरान हुई संदिग्ध गतिविधियों और अनियमितताओं में शामिल लोगों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों और 13 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि सवाई माधोपुर जिले में वजीरपुर अनुमंडल पदाधिकारी नरेंद्र कुमार मीणा (आरएएस) और दो आरपीएस अधिकारी नारायण तिवारी और राजूलाल मीणा को निलंबित कर दिया गया है। इन दो अधिकारियों के अलावा शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों और तीन पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों और तीन पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि रविवार को हुई परीक्षा के आयोजन के दौरान शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। साथ ही कड़े शब्दों में कहा कि पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने पर कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग के जिन 13 लोगों को निलंबित किया गया है उनमें 10 अध्यापक, एक व्याख्याता, एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक और एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं। ये लोग सिरोही, जालौर, बाडमेर, नागौर, डूंगरपुर, राजसमंद, भरतपुर और बूंदी जिलों में तैनात थे।
सिरोही में एक हेड कांस्टेबल और सवाईमाधोपुर में दो कांस्टेबल को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। रीट परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए गए थे। फिर भी पुलिस ने परीक्षा के दौरान कई डमी उम्मीदवारों और नकल गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी विभिन्न जिलों में अभ्यर्थियों को नकल, धोखाधड़ी की सुविधा उपलब्ध करा रहे थे।
16.51 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित, परीक्षा 33 जिलों में स्थापित 3,993 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई थी। इसके लिए 16.51 लाख उम्मीदवारों ने अपना नामांकन कराया था। दौसा और जयपुर ग्रामीण में पुलिस ने क्रमश: चार और आठ डमी उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया और बीकानेर, अजमेर, प्रतापगढ़, सीकर, भरतपुर और जोधपुर में धोखाधड़ी में शामिल कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया।
नई दिल्ली, हाल ही में भारत के आंधप्रदेश और उड़ीसा में आए गुलाब तूफान ने जमकर तबाही मचाई। ये तूफान अब आंधप्रदेश और उड़ीसा की सीमा को पार कर कमजोर हो गया है। इसी बीच खबर आई है कि भारत में एक और तूफान दस्तक दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि भारत के वहीं म्यांमार तट से दूर बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती परिसंचरण दिखाई दिया है।
बता दें कि बंगाल की खाड़ी से आया गुलाब नाम का चक्रवाती तूफान रविवार शाम को तटीय क्षेत्र से टकराया था। जिसके बाद इन इलाकों में भारी बारिश हुई थी। आंधप्रदेश और उड़ीसा के साथ देश के अन्य राज्यों में इसका असर देखने को मिला था। एतिहात के तौर पर कई फ्लाइटों और रेलगाड़िया का परिचालन बंद कर दिया गया था।
रांची: बम लगने से पार्किंग में खड़ा एक चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. शोरूम के आगे लगा शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया. बम फेंके जाने के समय बरवाअड्डा थानेदार सुमन कुमार तथा इंस्पेक्टर सुधीर प्रसाद घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर मौजूद थे. वहीं जीटी रोड पर पेट्रोलिंग करने वाला वाहन शोरूम से महज 300 मीटर दूर खड़ा था. अपराधियों का यह दुस्साहस ही कहा जायेगा कि पुलिस के नजदीक होने के बाद भी वे बमबाजी कर आसानी से निकल भागे, जबकि पुलिस देखते रह गयी. धनबाद के व्यवसायी और उद्योगपति अपराधियों के निशाने पर हैं. रंगदारी को लेकर उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है. मांग नहीं मानने पर हमले भी हो रहे हैं. ताजा मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र का है. जीटी रोड पर काशीटांड़ स्थित किआ मोटर्स (कार) के शोरूम में सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे बाइक सवार दो अपराधियों ने बमबाजी कर दहशत फैला दी.
बम फेंकने से पूर्व अपराधियों ने रांची के होटवार जेल में बंद अमन सिंह का नाम लिया.
शोरूम धनबाद के प्रसिद्ध उद्योगपति दीपक सांवरिया का है. कुछ दिनों पूर्व उनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गयी थी. कहा जा रहा है कि अपराधियों ने पैसे नहीं देने पर दहशत फैलाने की नीयत से बम फेंका है. घटना के समय दीपक सांवरिया वहां मौजूद नहीं थे जानकारी मिलने पर एसएसपी संदीप कुमार, सिटी एसपी आर राजकुमार, एएसपी मनोज स्वर्गीयारी, डीएसपी अमर कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर सुधीर प्रसाद, थानेदार सुमन कुमार मौके पर पहुंचे और दीपक सांवरिया तथा शोरूम के कर्मचारियों से जानकारी ली. दोनों भाइयों के दर्जनों शुभचिंतक भी शोरूम पहुंच गये. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी गमछा से चेहरा ढके थे. दोनों बाइक पर सवार होकर किसान चौक की तरफ से सर्विस रोड होते हुए शोरूम के समीप आये और बम फेंककर सर्विस रोड से ही गोविंदपुर की ओर भाग निकले. बम शोरूम के अंदर पार्किंग में खड़ी गाड़ी के पास गिरा.
जोरदार धमाके के बाद वहां छह इंच का गड्ढा बन गया. बम का छर्रा लगने से वहां खड़ा एक चारपहिया वाहन का चक्का ब्लास्ट कर गया. वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर विस्फोट से बम का नमूना जमा किया. इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. डीएसपी अमर कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमें अपराधियों का पता लगाने में जुटी हैं. जीटी रोड के कई होटलों की तलाशी ली गयी है. जानते. बहुत जल्द पता चल जायेगा. धनबाद में व्यवसाय करना है तो 50 लाख रुपए रंगदारी देनी ही होगी. बताये समय पर 50 लाख रुपये नहीं मिले तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो. फिर फोन काट दिया. छोटे भाई दीपक के मोबाइल पर भी फोन कर रंगदारी की मांग की जा रही थी. उनके मोबाइल पर मैसेज भी आया था.
शोरूम मालिक दीपक सांवरिया के बड़े भाई सुनील सांवरिया ने बताया कि अमन सिंह के नाम पर लगातार फोन पर धमकी दी जा रही थी. एक दिन अनजान नंबर से कॉल आया. फोन करनेवाले ने कहा कि सेठ जी अमन सिंह को जानते हो. जब उन्होंने कहा कि कौन अमन सिंह? मैं नहीं जानता, तो उधर से कहा कि धनबाद में व्यवसाय करते हो और अमन सिंह को नहीं जानते. बहुत जल्द पता चल जायेगा. धनबाद में बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम देने से पूर्व शोरूम की रेकी की थी. दो-तीन बार शोरूम का चक्कर लगाया था. इसके बाद डिवाइडर के समीप एक अपराधी बाइक से उतरा तथा दूसरा बाइक पर ही बैठा रहा.
अमन सिंह का नाम जोर-जोर से लेकर उसने शोरूम में बम फेंका और फरार हो गये. विस्फोटक की तेज आवाज से शोरूम के कर्मचारियों में भगदड़ मच गयी. वे इधर-उधर भागने लगे. कोई सोफा के पीछे छुप गया, तो कोई शोरूम के पीछे स्थित सर्विस सेंटर की ओर भाग पड़ा. घटना के चलते शोरूम के कर्मचारियों के अलावा आसपास के दुकानदारों में भी दहशत है. घटना के समय सुनील सांवरिया व दीपक सांवरिया (दोनों भाई) शोरूम में नहीं थे शोरूम में कम क्षमता का बम फेंका गया है. साइबर पुलिस के साथ मिलकर अपराधियों का पता लगाया जा रहा है. जीटी रोड पर बरवाअड्डा से गोविंदपुर तक के विभिन्न होटलों व दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है.
यवतमाल: महाराष्ट्र के यवतमाल के उमरखेड़ में मंगलवार सुबह एक जलमग्न पुल को पार करते समय राज्य परिवहन की बस के बह जाने से चार लोगों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों की चेतावनियों की अनदेखी करते हुए, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) नांदेड़-नागपुर बस बाढ़ के पानी में जलमग्न पुल को पार कर रही थी।
बमुश्किल कुछ मीटर की दूरी पर ही बस पानी की तेज धाराओं में फंस गई, चालक ने नियंत्रण खो दिया और यात्रियों के साथ वाहन नदी में गिर गई।
देर दोपहर तक, बचाव दल बस चालक, कंडक्टर और दो यात्रियों के शवों को निकालने में कामयाब रहे।
चार अन्य यात्रियों ने बस की छत पर चढऩे में कामयाबी हासिल की और तीन को ग्रामीणों ने बचा लिया।
रोजगार गारंटी मंत्री संदीपनराव भुमरे, (जो यवतमाल के संरक्षक मंत्री हैं) ने खोज और बचाव कार्यों की निगरानी की।
गुलाब चक्रवात के दुष्परिणाम के रूप में जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते आज शाम तेज बहाव वाली नदी में फंसी बस को निकालने के लिए रस्सियों वाली एक क्रेन को नदी किनारे पर तैनात किया गया था।
जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी, एसटी अधिकारी और दमकल की टीमें भी आसपास के गांवों के युवाओं के साथ बचाव कार्यों में मदद के लिए पहुंचीं।
कोंकण जिलों सहित राज्य के कई हिस्सों मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नासिक, पुणे, धुले, नंदुरबार, बीड, उस्मानाबाद, सतारा, कोल्हापुर, सोलापुर, औरंगाबाद, जालना, नांदेड़, लातूर, परभणी, यवतमाल, चंद्रपुर और अन्य में पिछले तीन दिनों में मूसलाधार बारिश हुई है।
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद तालिबानियों की क्रूरता का रोज नया चेहरा सामने आ रहा है। इस बार मामला एक बच्चे की बेरहमी से हत्या का है। तालिबान ने इस बच्चे को इस शक में मार डाला कि उसके पिता अफगान रेजिस्टेंस फोर्स का हिस्सा थे।
अफगानिस्तानी मीडिया पंजशीर ऑब्जर्वर ने यह वीडियो ट्वीट किया। इसमें बच्चे का गोली लगा शव जमीन पर पड़ा दिख रहा है और उसके आस-पास छोटे बच्चे रो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बच्चे के पिता ने अफगानियों पर तालिबान की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई थी।
झूठे साबित हुए तालिबान के सारे वादे
15 अगस्त को अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने वादा किया था कि वह कोई बदला लेने वाली कार्रवाई नहीं करेगा, लेकिन तालिबान अपने सारे वादों से मुकर गया है। हाल ही में उसने ऐलान किया था कि लोगों को गलती का सबक सिखाने के लिए उन्हें सजा दी जाती रहेगी। इस सजा में हाथ काटने से लेकर जान लेना तक शामिल होगा।
पंजशीर की सेना की मदद करने वालों को निशाना बना रहा तालिबान
एक अमेरिकी मीडिया ने बताया कि तालिबान के लड़ाके उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जिन्होंने तालिबान के खिलाफ सरकार और नॉर्दर्न फ्रंटियर सेना का साथ दिया था। पंजशीर के एक युवक ने बताया कि उसके परिवार पर पांच बार हमला किया गया है।
वहीं पंचशील के एक स्थानीय रहवासी ने बताया कि तालिबानी अफगानिस्तान की पिछली सरकार के साथ उनके संबंधों के बारे में पूछते हैं। लोगों के मोबाइल छीनकर उसकी जांच करते हैं। अगर उन्हें कोई संदिग्ध तस्वीर मिलती है, तो वे उस व्यक्ति को मार देते हैं।
दाढ़ी नहीं काटने का आदेश
सोमवार को तालिबान में नाइयों को दाढ़ी नहीं काटने के आदेश दिए गए हैं। उनका कहना है कि ये शरीयत के खिलाफ है। दरअसल, तालिबान इस्लामी शरिया कानून को अफगानिस्तान में फिर से लागू कर रहा है। इससे पहले भी तालिबान 1996 से 2001 तक इसे लागू कर चुका है। शरिया कानून मानवाधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के विपरीत है और इसका उल्लंघन करने वालों को सख्त सजा दी जाती है।
GRAPHIC: Child executed in #Takhar province by Taliban fighters after his father is suspected of being in the Resistance. #WarCrimes #Afghanistan pic.twitter.com/QghxcxDJco
— Panjshir Observer (@PanjshirObserv) September 26, 2021
अलीगढ़: उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ से शर्मसार करने वाली खबर सामने आ रही है, एक 4 साल की लापता बच्ची का शव खेत में मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. मामले में पीड़ित परिवार का आरोप है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है. वहीं इस घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है. उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया. मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. इसमें पूर्व प्रधान सहित 80 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. वहीं बच्ची की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है और पानी में डूबने से मौत हुई.
बता दें अलीगढ़ जिले के थाना गोंडा इलाके के गांव नगला बिरखू में 4 वर्षीय लापता बच्ची का शव धान की फसल के बीच खेतों में पड़ा मिला. परिजनों द्वारा लापता बच्ची के गुमशुदगी रविवार को गोंडा थाने में दर्ज कराई गई थी. रविवार को दर्ज कराई गई गुमशुदगी के बाद लापता 4 साल की बच्ची का शव रविवार को उसके घर से करीब 400 मीटर दूर धान की फसल के बीच भरे पानी में पड़ा मिला. इसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई.
मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए गए. पीड़ित परिवार ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने का आरोप लगाया है. लापता बच्ची का शव मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश पनप गया.
परिजनों का कहना है कि उन्होंने गोंडा थाने पहुंचकर लापता बच्ची की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी लेकिन थाने में गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद भी इलाका पुलिस बच्ची को ढूंढने में नाकाम साबित रही. सोमवार को बच्ची का शव मिला.
लखनऊ | मलिहाबाद कोतवाली के अंतर्गत सोमवार सवेरे बड़ी नहर में नबीनगर गांव के सामने से बहते हुए जा रहे दो शवों को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। एक शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। दूसरे शव की मलिहाबाद पुलिस को जानकारी नही है। मलिहाबाद कोतवाली के अंतर्गत नवीनगर गांव के पास से निकली बड़ी नहर का बरसात के चलते तेज बहाव चल रहा है। उसी में सोमवार सवेरे नहर में ग्रामीणों ने बहते हुए शव को देखा जिसका वीडियो बनाया, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मलिहाबाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। नहर में पुलिस को एक शव बरामद हुआ, शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए मलिहाबाद पुलिस ने भेज दिया। सिओ नवीना शुक्ला का कहना है कि जो शव नहर में बरामद हुआ है उसकी उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष होगी बाकी पीएम के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने बताया की इससे पहले नहर से चंद घंटे पहले दूसरा शव नहर से बहते हुए गुजरा था जो मलिहाबाद पुलिस के हाथ नही लगा। इस संबंध में काकोरी इंस्पेक्टर से बात हुई तो उनको भी नहर में बहते हुए किसी शव की जानकारी नहीं हुई जब की मलिहाबाद से गुजरकर यह नहर काकोरी से निकली है।
नई दिल्ली | बच्चों की देखभाल के लिए अमीर माता-पिता केयरटेकर रख देते हैं। केयरटेकर रखने वाला काम ऐसे भी लोग करते हैं जो अपने दफ्तर या अन्य जगहों पर ज्यादा व्यस्त होते हैं। कोलंबिया से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां अपने बच्चे के लिए जिस बाप ने केयरटेकर रखा हुआ था उसी बाप ने घर में खुफिया कैमरा लगा दिया। उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसका दिल केयरटेकर पर आ गया था और उसने केयरटेकर की कई निजी तस्वीरें भी निकालने की तरकीब निकाली।
दरअसल, यह मामला कोलंबिया का है। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां एक करोड़पति परिवार के यहां बच्चा पैदा हुआ तो उन्होंने उसकी देखभाल के लिए केयरटेकर की खोज की। उन्होंने ऐसे केयरटेकर को खोज निकाला जो यंग हो और तेज हो। केली नाम की एक केयरटेकर यहां नौकरी शुरू की, केली ने बकायदा इस नौकरी के लिए कोर्स भी किया हुआ था।
रिपोर्ट के मुताबिक, केयरटेकर उनके बच्चों की देखभाल करने लगी। इसी बीच बच्चे के पिता ने उस केयरटेकर पर नजर मारना शुरू कर दिया, उसने घर के कई कोनों में खुफिया कैमरा लगा दिया। घर की जिन-जिन जगहों पर केयरटेकर ज्यादा समय गुजारती थी, वहां-वहां उसने चुपके से प्राइवेट कैमरा लगा दिया।
इसी बीच एक दिन महिला को यह खुफिया कैमरा नजर आ गया तो उसे कुछ शक हुआ और उसने उठाकर देखा। उसने पाया कि इसमें एक मेमोरी कार्ड भी लगा हुआ है। जब कैमरे के मेमोरी कार्ड के स्टोर में उसने तस्वीरें और वीडियो देखे तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह अपनी ही निजी तस्वीरें देखकर हैरान रह गई।
इसके बाद वह केयरटेकर वहां से अपना सामान समेटकर भाग गई। वह पहली मंजिल के अपने कमरे की खिड़की से कूदी और तुरंत वहां से भाग गई। केयरटेकर महिला ने बच्चे के पिता पर पुलिस में जाकर केस कर दिया। हालांकि बाद में कोर्ट में यह साबित कर दिया कि यह कैमरा बच्चे की सुरक्षा की सुरक्षा और घर की सुरक्षा के लिए लगाया गया था।
गुमला | झारखंड के गुमला में रिश्तेदारों ने डायन होने के शक में परिवार के तीन लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया। घटना लूटो गांव की है। उनके पास से हत्या के दौरान कुल्हाड़ी बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि मृतकों में बंधन उरांव, सोमरी देवी व उनकी बहू बासमुनी देवी शामिल है। हत्या के आरोपी उनके भतीजे बिपता उरांव व जुलू उरांव ने बताया कि तीनों तंत्र-मंत्र करके उनके परिवार को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे थे। फिलहाल, पुलिस दोनों से पूछताछ में जुटी है और हत्या का असल कारण तलाश रही है। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ दिन पहले दोनों का मृतकों से विवाद भी हुआ था। वारदात की जानकारी देते हुए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रात के समय बासमुनी देवी अपने सास-ससुर को खाना परोस रही थी। इसी समय दोनों घर में घुसे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। शोर सुन बासमुनी किचन से बाहर आई, इसके बाद दोनों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस दौरान दूसरे कमरे में दो मासूम सो रहे थे, जिनकी जान बच गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीपीओ ने बताया कि तीनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। घटना का असल कारण पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
औरंगाबाद | बॉम्बे हाई कोर्ट के औरंगाबद खंडपीठ ने रेप के मामले में सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया है। मामले में कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर कोई शख्स प्रेमिका से रिश्ते रखने के बाद ऐन वक्त पर शादी से इनकार करता है, तो वह रेप नहीं कहलाएगा। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा है कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा है कि पीडि़ता की ओर से जो साक्ष्य पेश किए गए हैं, उनके आधार पर यह साबित होता है कि आरोपी ने बलात्कार किया है। आरोपी ने बाद में शादी का खय़ाल भले ही बदल लिया हो, लेकिन पहले आरोपी का इरादा महिला से शादी करने का था। दरअसल तीस वर्षीया महिला ने आरोपी के खिलाफ़ बलात्कार और फऱेब का केस दर्ज किया था। पीडि़ता की ओर से की गई शिकायत में यह दावा किया गया था कि आरोपी ने शादी का वादा किया, जिसके बाद दोनों परिवार के सदस्य मिले। इस दौरान भी आरोपी ने शादी से इनकार नहीं किया। शादी तय होने के बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने। इसी बीच कोरोना के चलते शादी टल गई। लेकिन कोरोना काल खत्म होने के बाद आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सुनील देशमुख और न्यायमूर्ति नितिन सूर्यवंशी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद अपने फ़ैसले में कहा कि जब दोनों परिवारों की मुलाकात हुई तो आरोपी ने शादी के लिए रजामंदी दिखाई थी। जो दोनों के बीच शारीरिक संबंध हुए वे एक दूसरे के बीच प्यार होने की वजह से हुए और आपसी सहमति से हुए। बाद में प्रेमी का मन बदल गया और उसे अब शादी में कोई रुचि नहीं है। ऐसे में यह साफ होता है कि आरोपी पहले शादी के लिए तैयार था। यानी जिस वक्त शारीरिक संबंध हुए वो उस वक्त शादी का इरादा रखता था। ऐसे में अब जब वह शादी के लिए तैयार नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं कि पहले जो शारीरिक संबंध हुए, उसे बलात्कार माना जाए।









