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नागरिक विमानन मंत्रालय ने ड्रोन नियम, 2021 का मसौदा जारी किया

नागरिक विमानन मंत्रालय ने ड्रोन नियम, 2021 का मसौदा जारी किया

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सार्वजनिक परामर्श के लिए पुनर्गठित “ड्रोन नियम, 2021” जारी किये हैं। ड्राफ्ट नियम ट्रस्ट, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और गैर-घुसपैठ निगरानी (non-intrusive monitoring) के आधार पर बनाए गए थे। यह UAS नियम 2021 की जगह लेगा जो 12 मार्च, 2021 को जारी किया गया था।

ड्राफ्ट ड्रोन नियम 2021
नए नियमों के अनुसार, डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम मानव इंटरफेस होगा और अधिकांश अनुमतियां स्वयं उत्पन्न (self-generated) होंगी।
यह भविष्य में ‘नो परमिशन – नो टेक-ऑफ’ (NPNT), रीयल-टाइम ट्रैकिंग बीकन, जियो-फेंसिंग आदि सुरक्षा सुविधाओं को भी सूचित करेगा।
इन नियमों के तहत, ड्रोन और ड्रोन घटकों के आयात को विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।
सभी ड्रोन प्रशिक्षण एक अधिकृत ड्रोन स्कूल द्वारा किए जाएंगे।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय प्रशिक्षण आवश्यकताओं को निर्धारित करेगा, ड्रोन स्कूलों की देखभाल करेगा और ऑनलाइन पायलट लाइसेंस प्रदान करेगा।
बिना विशिष्ट पहचान संख्या (unique identification number) वाले ड्रोन के संचालन की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक इसे छूट नहीं दी जाती। ड्रोन ऑपरेटरों को डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर अपेक्षित विवरण प्रदान करके ड्रोन की एक विशिष्ट पहचान संख्या उत्पन्न करने की आवश्यकता होती है।


हवाई क्षेत्र के नक्शे में तीन क्षेत्र
ड्रोन नियम 2021 हरे, पीले और लाल क्षेत्रों के साथ एक इंटरेक्टिव हवाई क्षेत्र का नक्शा प्रदान करता है। इन जोनों को डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया जाएगा। येलो जोन को पास के एयरपोर्ट परिधि से 45 किमी से घटाकर 12 किमी कर दिया गया है। ग्रीन जोन में, हवाई अड्डे की परिधि से 8 से 12 किमी के बीच 400 फीट और 200 फीट तक के क्षेत्र में किसी भी उड़ान की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म
यह पहल नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा NPNT जैसे ड्रोन प्रौद्योगिकी ढांचे का समर्थन करने के लिए एक सुरक्षित और स्केलेबल प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।  

करंट लगने से मासूम बच्चे की मौत, यहाँ जानिए विस्तार से

करंट लगने से मासूम बच्चे की मौत, यहाँ जानिए विस्तार से

जयपुर: राजस्थान के जयपुर से दिल-देहला देने वाली खबर सामने आ रही है, ग्रेटर नगर निगम पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगा है. बुधवार रात एक घर का चिराग बुझ गया. पार्क में खुले पड़े बिजली के तार में दौड़ रहे करंट के लगने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई. हादसे के बाद से अब सवाल ये उठ रहे है कि आखिर क्यों न दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए. दरअसल, जयपुर के मानसरोवर इलाके में वरुण पथ स्थित एक पार्क में बुधवार रात ये हादसा हुआ. जहां पर बिजली के पोल के खुले तारों में आ रहे करंट से 10 साल के गौरव केसवानी की मौत हो गई.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह बिजली के तार बीते कई दिनों से खुले पड़े हैं और इनमें करंट आता है. स्थानीय पार्षद से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक को कई बार सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.


पहले पति और अब बेटे की मौत

बताया जा रहा है कि मृतक गौरव के पिता कि 3 साल पहले ही मौत हुई है. तो वहीं अब बेटे की मौत से उसकी मां का बुरा हाल हो चुका है. गौरव के शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजन जयपुरिया अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बैठे नजर आए. करीबी रिश्तेदार गौरव की मां को ढांढस बंधाते दिखे. मृतक गौरव के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए हत्या का मुकदमा चलाये जाने की मांग की|

घटना के बाद विधायक ने दिया ज्ञापन
करंट से बच्चे की मौत मामले में विधायक अशोक लाहोटी ने ग्रेटर नगर निगम पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. इस दौरान उन्होंने 5 लाख रूपये का मुआवजा परिजनों को देने, दोषियों के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने और लाइट लगाने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की. हालांकि, क्षेत्रीय पार्षद के सूचना के बाद भी काम न करने के सवाल को वे टाल गए. जब उनसे पूछा गया कि दोषियों के खिलाफ क्या हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए तो उन्होंने इस पर सहमति जताई|

हत्या के मुकदमे पर पुलिस का तर्क
मानसरोवर थाना के एएसआई भगवान सहाय से जब पूछा गया कि क्या दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है, तो उनका कहना है पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी|


जिम्मेदारों के तर्क

इस पूरे मामले में ग्रेटर नगर निगम के आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव का कहना है कि मामले की जांच करवाई जा रही है. लाइट रखरखाव का जिम्मा आरसी एंटरप्राइजेज के पास था. जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी. मुआवजे का प्रावधान निगम में नही है, इसलिए जिला कलेक्टर से बातचीत की है. तो वहीं निगम के कार्यवाहन मेयर शील धाभाई का कहना है कि घटना बेहद अफसोसजनक है. दोषियों पर कार्रवाई होगी. बच्चे के परिजनों से मुलाकात की जाएगी|

  किन्नरों को भूलकर भी इन चीजों का न करें दान, घर से चली जाएगी बरकत

किन्नरों को भूलकर भी इन चीजों का न करें दान, घर से चली जाएगी बरकत

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ अवसर पर या मांगलिक क्यों के आयोजन के उपरांत किन्नरों को दान देने की प्रथा है. ऐसा माना जाता है कि किन्नरों को दान देने या पाने से घर में सुख शांति बनी रहती है. घर-परिवार में समृद्धि और बरकत आती है इसलिए लोग किन्नरों को दिल खोलकर दान देते हैं. लेकिन कुछ ऐसी भी चीजें होती हैं जिसे किन्नरों को दान देने से घर की बरकत चली जाती है, अनेक प्रकार परेशानियां आ जाती हैं. इस लिए इन चीजों को इन्हें भूलकर भी दान नहीं देना चाहिए. आइये जानें कौन सी चीजें हैं जिन्हें किन्नरों को दान नहीं देना चाहिए.

झाडू- झाडू माता लक्ष्मी को बहुत प्रिय होती है. इससे सारी घर की हर गन्दगी दूर की जाती है. घर में साफ़ सफाई झाड़ू के माध्यम से ही की जाती है. जहां साफ़ सफाई रहती है वहां मां लक्ष्मी वास करती है. ऐसे में किन्नरों को झाडू दान करने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती है और वे रूठकर घर से चली जाती हैं.

प्लास्टिक की चीजें- मान्यता है कि किन्नरों को कभी भी प्लास्टिक की चीजें दान नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से घर के सदस्यों की प्रगति और घर का विकास रुक जाता है.

पुराने कपड़े- किन्नरों को कभी भी पहने हुए या पुराने कपड़े दान में नहीं देना चाहिए. किन्नरों को कपड़े दान करने से पहले इस बात को सुनिश्चित करना चाहिए कि वे पुराने या पहने हुए नहीं हैं. मान्यता है कि पुराने कपड़ों का दान करने से जीवन में समस्याएं हो सकती है.
 
तेल- लोग अक्सर किसी भी शुभ अवसर पर किन्नरों आटा या चावन दान देते हैं. परन्तु इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें कभी भी तेल दान में ना दें. मान्यता है कि तेल देने से घर में कोई भी बड़ी विपदा आ सकती है.
 महिला ने दिया 3 सिर वाले बच्चे को जन्म, ब्रम्हा का अवतार मान दर्शन को उमड़ा पूरा गांव

महिला ने दिया 3 सिर वाले बच्चे को जन्म, ब्रम्हा का अवतार मान दर्शन को उमड़ा पूरा गांव

दुनिया में अजीबोगरीब बर्थ (Weird Birth Cases) के मामले सामने आते रहते हैं. गर्भ में किसी तरह की किसी कमी की वजह से बच्चे का शेप और साइज बिगड़ जाता है जिसकी वजह से वो अजीब सी हालत में जन्म लेता है. लोग इसे मेडिकल कमी की जगह भगवान का तोहफा मान लेते हैं. जन्म के ये अजीबोगरीब मामले ना सिर्फ जानवरों में देखने को मिलते हैं बल्कि इंसानों में भी ऐसे केसेस देखने को मिलते हैं. भारत के उत्तर प्रदेश में हाल ही में ऐसा एक मामला सामने आया.

उत्तर प्रदेश में रहने वाले एक महिला ने नॉर्मल डिलीवरी में तीन सिर वाले बच्चे ((Three-headed baby) को जन्म दिया. 3 सिर वाले बच्चे की खबर गांव में आग की तरह फ़ैल गई. हर कोई बच्चे के दर्शन के लिए उसके घर आने लगा. हालांकि, एक नजर में ये बच्चा डरावना भी दिख रहा है. लेकिन लोग इसे ब्रम्हा का अवतार मानकर इसकी पूजा कर रहे हैं. इस बच्चे को कई लोग ब्रम्हा का अवतार कह रहे हैं. बताया जा रहा है कि इसका जन्म 12 जुलाई को हुआ था. इसकी मां का नाम रागिनी है और जन्म के बाद से कई अनजान लोग इसके दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.

तीन सिर वाले इस बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी करवाई गई. जब ये मां के गर्भ से निकला तो इसे जन्म दिलवाने वाली आया चीख पड़ी. हालांकि, बच्चा और मां दोनों ही स्वस्थ है. इस बच्चे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. हर कोई बच्चे को देख हैरान है. इसके दो एक्स्ट्रा सिर की वजह से उसे काफी डिस्कंफर्ट भी महसूस हो रहा था. गांव में खटिया पर लेटे बच्चे ने विदेशी मीडिया का भी ध्यान खींचा है. बताया जा रहा है अब कि बच्चे का जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ, जहां से डिस्चार्ज होकर अब दोनों घर वापस आ गए हैं.

हालांकि, बच्चे के सिर से ज्यादा उसके घर वाले लोगों की भीड़ से परेशान है. मां और बच्चे को कोई आराम नहीं करने दे रहा. कुछ लोग तो इनके घर पूजा की थाली लेकर आ रहे हैं. सभी बच्चे के दर्शन के लिए वहां डेरा लगाकर बैठे हैं. लोकल्स का कहना है कि ये ब्रम्हा का अवतार है. कुछ तो कई-कई किलोमीटर दूर से बच्चे के दर्शन के लिए आ रहे हैं.
 सरकार ने कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए लिया बड़ा फैसला : 30 जुलाई तक बढाया गया लॉकडाउन

सरकार ने कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए लिया बड़ा फैसला : 30 जुलाई तक बढाया गया लॉकडाउन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने कोविड की तीसरी लहर के आसन्न खतरे को ध्यान में रखते हुए कुछ ढील के साथ कोई जोखिम नहीं लेने और 30 जुलाई तक कोविड-प्रेरित प्रतिबंधों को जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि राज्य ने ट्रेनों के संचालन की अनुमति नहीं दी है, लेकिन इसने कुछ और क्षेत्रों को खोल दिया है, जिससे लोगों को आराम मिला है और व्यापार के अधिक अवसर प्रदान किए गए हैं।

एक आदेश में, राज्य सरकार ने कहा, सभी दुकानें और बाजार (आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुएं) सामान्य परिचालन घंटों के अनुसार खुले रह सकते हैं। शॉपिंग मॉल और मार्केट कॉम्प्लेक्स में खुदरा दुकानें सामान्य परिचालन समय के अनुसार प्रति घंटे 50 प्रतिशत कार्यबल के हिसाब से खुली रह सकती हैं। एक बार में 50 प्रतिशत तक लोगों/ग्राहकों का प्रतिबंधित प्रवेश रहेगा।

हालांकि, कहा कहा गया है कि रात के कर्फ्यू का समय- रात 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इस प्रकार यह स्पष्ट करते हुए कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात्रि 9 बजे तक बंद रहेंगे।

जिन बैंकों को अब तक दोपहर 2 बजे तक काम करने की अनुमति थी, उन्हें और एक घंटा काम करने की अनुमति दी गई है। बैंक और वित्तीय संस्थान सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच प्रतिबंधित घंटों के लिए खुले रहेंगे।

राज्य सरकार ने यह भी कहा कि सुबह 6 बजे से रात 9 बजे के दौरान सुबह की सैर, शारीरिक व्यायाम आदि के लिए पार्क खुले रह सकते हैं। लेकिन केवल टीकाकरण वाले लोगों को ही अनुमति दी जाएगी। जिम को सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे और शाम 4 बजे तक खुले रहने की अनुमति होगी। रात 8 बजे तक प्रत्येक सत्र में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ, बशर्ते कर्मचारियों/कर्मचारियों और ग्राहकों को टीका लगाया गया हो।

सैलून और ब्यूटी पार्लर एक समय में 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ सामान्य परिचालन घंटों के अनुसार खुले रह सकते हैं, बशर्ते कर्मचारियों/कर्मचारियों और ग्राहकों को टीका लगाया गया हो।
 
राज्य सरकार ने आदेश दिया कि सभी सिनेमा हॉल, स्पा और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे, लेकिन आखिरी को विशेष रूप से राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तैराकों के नियमित अभ्यास के लिए सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक खोला जा सकता है।

मेट्रो रेल सेवा सप्ताह में 5 दिन 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ संचालित होगी और शनिवार और रविवार को निलंबित रहेगी। मेट्रो अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा मेट्रो की नियमित सफाई, मास्क पहनना और यात्रियों द्वारा उचित कोविड अनुपालन अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।
 
हालांकि परिवहन व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि लोकल ट्रेनों को खोलने की भारी मांग थी, लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें और 15 दिनों के लिए निलंबित रखने का फैसला किया।

आदेश में कहा गया है, आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के कर्मियों की आवाजाही के लिए विशेष ट्रेनों को छोड़कर इंट्रा-स्टेट लोकल ट्रेन की आवाजाही बंद रहेगी।
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 इस देश में लगती है दुल्हन की मंडी, पैसे देकर पसंद की बीवी खरीदते हैं लोग

इस देश में लगती है दुल्हन की मंडी, पैसे देकर पसंद की बीवी खरीदते हैं लोग

दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां लड़कियों की शादी ही बाजार में बिकने के बाद ही होती है. लड़कियों को लेकर उनके माता-पिता ही दुल्हनों की मंडी में पहुंचते हैं. इस मंडी में दुल्हन के तमाम खरीदार होते हैं, जो उसकी बोली लगाते हैं. फिर माता-पिता सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले से अपनी बेटी का रिश्ता तय कर देते हैं.

बुल्गारिया की स्तारा जागोर नाम की जगह पर हर साल में चार बार दुल्हनों का बाजार सजता है. यहां आने वाले दूल्हे अपनी पसंद की दुल्हन खरीदकर उसे अपनी पत्नी बना सकते हैं.

अनोखी परंपरा बुल्गारिया के रोमा समुदाय में सालों से चली आ रही है. यहां लड़कियों को 14 साल तक स्कूल से भी निकाल लिया जाता है. उन्हें कॉलेज भी नहीं भेजा जाता क्योंकि दु्ल्हनों की मंडी में सिर्फ दो योग्यताएं चाहिए- लड़की को घर का काम आता हो और वो कुआंरी हो. यही वजह है कि दुल्हन की मंडी में आने वाली ज्यादातर लड़कियां नाबालिग ही होती हैं.

सज-संवरकर बाजार में पहुंचती हैं लड़कियां
रोमा समुदाय के लोगों की संख्या अब बुल्गारिया में इतनी ज्यादा नहीं है, लेकिन इनकी गरीबी और दकियानूसी सोच इन्हें आगे बढ़ने भी नहीं दे रही. इस समुदाय की लड़कियों को भी इस परंपरा पर कोई खास आपत्ति नहीं होती, क्योंकि वे शुरू से ही इसके लिए मानसिक तौर पर तैयार होती हैं. बचकोवो मोनेस्ट्री के नज़दीक लगने वाले इस बाज़ार में नाबालिग लड़कियों का सौदा 300-400 डॉलर तक में होता है. न तो इन युवतियों को कभी कॉलेज की शक्ल देखने का मौका मिलता है, न ही वो घर-परिवार के अलावा कुछ सोच पाती हैं. दुल्हनों के बाजार में पहुंचने के लिए वे कई दिन पहले से ही तैयारी शुरू कर देती हैं और उनका खूबसूरत दिखना बेहद ज़रूरी होता है. यहां मौजूद लड़के अपनी पसंद के मुताबिक लड़की चुनते हैं और उनके बीच बात-चीत होती है.

लड़केवाले देते हैं दहेज
बाज़ार में कोई लड़की पसंद आने के बाद लड़का उसे पत्नी मान लेता है और माता-पिता को इस शादी के लिए राज़ी होना पड़ता है. लड़के और लड़की के बीच घर-परिवार और आमदनी पर बातचीत होती है, फिर परिवारवाले शादी की रकम तय करते और रिश्ता हो जाता है. लड़कियां इस बाज़ार में अकेले नहीं आतीं, हमेशा उनके साथ उनके परिवार का कोई सदस्य ज़रूर होता है. दुल्हनों का बाज़ार कलाइदझी समुदाय की ओर से लगाया जाता है और यहां कोई बाहरी शख्स दुल्हन खरीदने नहीं आ सकता. लड़कियों को बेचने की ये परंपरा इन समुदायों की गरीबी और अभाव से जन्मी है, जिसे कोई खत्म नहीं कर पाया. हालांकि अब इस समुदाय की महिलाएं अगली पीढ़ी के लिए और खुलापन चाहती हैं, लेकिन बिना शिक्षा के ये मुमकिन नहीं है और महिलाओं को यहां हायर सेकेंडरी की भी शिक्षा मुश्किल से मिल पाती है.
VIDEO: 6,300 फुट की ऊचाई पर झूला झूलना पड़ा भारी, अचानक टूटी जंजीर, फिर क्या हुआ जानिए डिटेल मे

VIDEO: 6,300 फुट की ऊचाई पर झूला झूलना पड़ा भारी, अचानक टूटी जंजीर, फिर क्या हुआ जानिए डिटेल मे

सोशल मीडिया पर इन दिनो एक दिल-देहला देने वाली विडियो वाइरल हो रही है, दरअसल रूस में 6,300 फुट की चट्टान के किनारे पर लगे झूले से गिरने के बाद दो महिलाएं मामूली रूप से घायल हो गईं. डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, वे रूसी गणराज्य के दागिस्तान में स्थित सुलाक कैन्यन के ऊपर झूले पर सवारी कर रहे थे, जब उसकी एक जंजीर टूट गई और वो चट्टान के किनारे से चोटिल होते हुए नीचे गिर गईं. सौभाग्य से, चट्टान के किनारे के ठीक बाहर स्थित एक छोटा लकड़ी का मंच उनके गिरने से टूट गया और संभवतः उनकी जान बच गई. इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी दोनों महिलाओं को केवल मामूली खरोंच आई और वो पूरी तरह से बच गईं, हालांकि, वे इस घटना से काफी घबरा गई थीं.

 

कानून प्रवर्तन के एक सूत्र ने कोम्सोमोल्स्काया प्रावदा अखबार को बताया: "महिलाएं डर गईं और उन्हें खरोंच लग गई, लेकिन उनमें से किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई."
सूत्र ने कहा, "यह कल्पना करना डरावना है कि अगर झूला ज्यादा ऊंचाई पर होता तो क्या होता."
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. इसमें दिखाया गया है कि चेन टूटते ही दर्शक सदमे में चिल्ला रहे थे और महिलाएं किनारे पर गिर पड़ीं.

पुलिस ने अब इस बात की जांच शुरू कर दी है कि भारी सुरक्षा चूक कैसे हुई, जबकि दागिस्तान में पर्यटन मंत्रालय ने कहा, कि झूला "सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता" और कानून प्रवर्तन एजेंसियां और अन्य सेवाएं "पहले से ही प्रासंगिक जांच कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में कोई भी खतरा नहीं है.

70 हजार के लिए महिला ने चुराया बच्चा, अब पुलिस की हिरासत मे

70 हजार के लिए महिला ने चुराया बच्चा, अब पुलिस की हिरासत मे

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली से हैरान कर देने वाले खबर सामने आ रही है, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने चार महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने तीन साल के बच्चे को अगवा किया और अब ये उसे बेचने की फिराक में थे. उत्तरी जिले के डीसीपी एन्टो अल्फोंसे के मुताबिक- इसी साल 22 मई को तिमारपुर में रहने वाले रवि नाम के शख्स ने शिकायत दी थी कि उनका 3 साल का बेटा घर से गायब है और शक है कि उसे किसी ने अगवा कर लिया है. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को देखा और पड़ोसियों से पूछताछ की. पुलिस को पड़ोस में रहने वाली महिला सुनीता पर शक हुआ|

इसी बीच पुलिस को 13 जुलाई को जानकारी मिली कि जहांगीरपुरी में दो महिलाएं तीन साल के बच्चे को फेंकने की फिराक में हैं. पुलिस ने छापा मारकर बच्चा बेचने वाली राजरानी और उसकी बेटी अनुज रानी को गिरफ्तार कर लिया. बच्चा भी बरामद कर लिया गया है. दोनों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें जहांगीरपुरी में रहने वाली सीमा नाम की महिला ने ये बच्चा दिया है. पुलिस ने सीमा को भी गिरफ्तार कर लिया है|

सीमा ने बताया कि उसे मुकंदपुर के रहने वाले सर्वेश नाम के शख्स ने ये बच्चा दिया था. पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया. सर्वेश ने बताया कि ये बच्चा सुनीता ने अगवा किया ,जो बच्चे के पड़ोस में रहती है. सर्वेश ने सुनीता से कहा था कि बच्चा बेचने के बाद उसे 70 हज़ार रुपये देगा. बाकी आरोपियों को भी बच्चा बिकने पर अच्छा कमीशन देने की बात कही गयी थी. आरोपी अच्छे ग्राहक के इंतज़ार में थे. पुलिस के मुताबिक- लॉकडाउन के चलते आरोपी आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे इसलिए उन्होंने ये वारदात की. इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.

सिरफिरे आशिक ने काटी अपनी प्रेमिका के पैर की एड़ियां, मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

सिरफिरे आशिक ने काटी अपनी प्रेमिका के पैर की एड़ियां, मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक दहला देनी वाली घटना सामने आई है। यहां एक सिरफिरे आशिक ने अपनी प्रेमिका के पैर की एड़ियां काट दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरु कर दी है। परिजनों ने पुलिस पर घटना के 36 घंटे बाद भी मामला न दर्ज करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद आईजी ने हस्तक्षेप किया।


मामला सावेर थाना क्षेत्र का है। जहां सिरफिर आशिक ने अपनी प्रेमिका के साथ मारपीट की और धारदार हथियार से उसके पैर की एड़ी को काट दी. साथ ही उसके दोनों पैर में कई गहरे जख्म भी दिया। लड़की का इलाज  एमवाय अस्पताल में जारी है। परिजनों का आरोप है कि घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि मामला इंदौर आईजी हरीनारायण चारि मिश्र के संज्ञान में आने पर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

परिजनों ने बताया कि घायल लड़की और आरोपी युवक में पिछले 2 साल से दोस्ती थी। उसके बाद दोनों के बीच विवाद ही गया. लड़की आरोपी से दूरी बनाना चाह रही थी। जिसके बाद आरोपी ने अपने एक साथी दोस्त के साथ लड़की के घर पहुंचा और कहासुनी के बाद धारदार हथियार से लड़की के पैर पर कई बार वार कर उसके पैर की एड़ी और उंगली काट दी। परिजनों को मामले की जानकारी लगने पर तुरंत थाने पर सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी।

लड़की के भाई ने बताया कि आरोपी राजा उर्फ इलियास ने 15 दिन पहले भी घर पर आकर जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। उसके बाद घटना वाले दिन भी सुबह को जोर जबरदस्ती करने ही आया था। लड़की ने उसका विरोध किया और उस पर हमला कर दिया।
 
तेजी से बढ़ रहे कोविड केस के चलते  इस जिले में लगा 6 दिन का Strict Lockdown

तेजी से बढ़ रहे कोविड केस के चलते इस जिले में लगा 6 दिन का Strict Lockdown

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से स्थिति लगातार सुधर रही हैं. सरकार ने भी लोगों को दैनिक आवाजाही की छूट दे दी है और आम जिंदगी पटरी पर आने लगी है. इस बीच प्रदेश के एक जिले में संक्रमण के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं. तेजी से बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने छह दिन का सख्त लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया है.
डीएनए ने एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि प्रदेश में सांगली सिटी और ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की दर में एक बार फिर उछाल आया है. इसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बुधवार यानी आज से पूरे सांगली जिले (Sangli District Imposes Lockdown) में सख्त लॉकडाउन लगा दिया है. इस संबंध में 13 जुलाई को जिला कलेक्टर अभिजीत चौधरी ने आदेश जारी कर दिए.
सांगली मिरज कुपवाड नगर निगम के मुंसिपल कमिश्नर नितिन कपडनी ने बताया कि हम संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सख्ती से लॉकडाउन लागू करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर इस संबंध में आदेश जारी कर चुके हैं और ये पूरे जिले में लागू हो गया है.
सांगली जिले में प्रतिदिन 1,000-1,200 कोरोना के मामले दर्ज हो रहे हैं. इस कारण जिला प्रशासन ने सख्त लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया है. नए आदेश के मुताबिक अगले छह दिनों तक जिले में गैर जरूरी सेवाओं पर पूरी तरह रोक रहेगी. गैर जरूरी सेवाओं से जुड़ी सभी दुकानें बंद रहेंगी. जरूरी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों को लॉकडाउन से छूट रहेगी.
नितिन कपडनी ने कहा कि लॉकडाउन में हमने दुकानदारों को होम डिलीवरी के लिए प्रोत्साहित किया है. दुकान पर अगर ग्राहक आता है तो कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सप्ताह के सभी दिनों में सिर्फ आधिकारिक सब्जी मंडियों को सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है. साप्ताहिक बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे.
जिला अधिकारी के आदेश में सख्ती से कहा गया है कि सब्जी और फल विक्रेता आधिकारिक बाजारों में ही अपनी गतिविधियां संचालित करें. इसके अलावा स्थानीय स्व-सरकारी निकायों को फेरीवालों को अपने सामान को ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करनी चाहिए.
 

7 भाषाओं में बात कर मैट्रिमोनी वेबसाइट पर युवतियों को शादी का झांसा देकर लाखों की चपत लगाई, इस सातवीं फेल शख्स ने

7 भाषाओं में बात कर मैट्रिमोनी वेबसाइट पर युवतियों को शादी का झांसा देकर लाखों की चपत लगाई, इस सातवीं फेल शख्स ने

बेंगलुरु, सायबर की दुनिया का दायरा जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे सायबर क्राइम के नए तरीके सामने आ रहे है. ताजा मामला बेंगलुरु का है, जहां व्हाइटफील्ड पुलिस की इकोनॉमिक एंड नारकोटिक्स सेल पुलिस ने एक 33 साल की उम्र के सातवीं फेल शख्स सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया है. इस शख्स ने एक मैट्रिमोनी वेबसाइट पर एक के बाद एक कई पढ़ी लिखी युवतियों को शादी का झांसा देकर ठगा और लाखों की चपत लगाई. गिरफ्तारी के बाद खंगाले गए उसके अकाउंट से अब तक 60 लाख रुपये की रकम हासिल की गई है जबकि अभी उसके कई अकाउंट की जांच बाकी है. इस अपराध का सबसे दिलचस्प पहलू ये है कि ये सातवीं फेल अपराधी अंग्रेजी, स्पेनिश सहित कुल 7 भाषाएं बोलता है और उसकी अंग्रेजी का एक्सेंट (बोलने का लहजा) कुछ ऐसा है कि सुनने वाला सहज यकीन कर ले कि ये व्यक्ति विदेश में रह रहा है. सिद्धार्थ की बातचीत का लहजा और खुद को मैसूर राजघराने का सदस्य बताना ही उसके ठगी के धंधे का हथियार था. मैट्रिमोनी वेबसाइट पर शादी के नाम पर जब बातचीत शुरू होती थी तो वो खुद को यूएस में रह रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताता था. साथ ही वो खुद को मैसूर राजघराने का सदस्य भी बताता था. शादी की इच्छुक युवती उस पर यकीन करे, इसके लिए वो कई बार मैसूर राजघराने से जुड़ी ज्वैलरी की तस्वीरों के साथ-साथ राजघराने के लोगों की तस्वीरें भी भेजता था और युवतियों को यकीन करवाता था कि इन तस्वीरों में वो खुद भी मौजूद है.


कैमरे पर नहीं करता था बातचीत

 

बातचीत का सिलसिला जैसे-जैसे बढ़ता जाता था वो युवतियों को भारत में अपनी संपत्ति की जानकारी भी देता था. इस दौरान वो कभी भी कैमरे पर आमने सामने बातचीत नहीं करता था. शानदार लहजे में बोली जाने वाली अंगेजी उन युवतियों पर कुछ ऐसा जादू करती की युवतियां उसके जाल में फंस जाती थी और आंख बंदकर ना सिर्फ उसका यकीन करती थी बल्कि उसके साथ शादी कर एक सुखी जीवन का सपना भी देखती थी.


पैसों की करता था मांग

एक बार युवती जब उसके झांसे में आ जाती थी तो वो अचानक कोई बहाना बनाकर उनसे पैसे की मांग करता था. ये रकम लाखों में होती थी. झांसे में आई युवतियां ये रकम ट्रांसफर कर देती थी और कुछ दिनों के बाद शातिर सिद्धार्थ गायब हो जाता था. पुलिस के मुताबिक सिद्धार्थ के फरेब की शिकार सभी युवतियां अच्छे पढ़े लिखे परिवार से हैं और कुछ तो नौकरियां भी कर रही हैं.


इस मामले में शिकार हुई युवतियों ने शिकायत पुलिस से तो की लेकिन वो अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती हैं. मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की और जल्द ही सिद्धार्थ तक पहुंच गईं. पुलिस ने सिद्धार्थ को कर्नाटक के बायले कुप्पे के पास के गांव से गिरफ्तार किया है. माना जाता है कि तिब्बतियों के लिए बने कैम्प के लोगों के संपर्क में आकर उसने अंग्रेजी और स्पेनिश सीखी और इसका इस्तेमाल वो फरेब के लिए करने लगा. 

बड़ी खबर : नक्सली कमांडर रमन्ना के बेटे ने किया आत्मसमर्पण

बड़ी खबर : नक्सली कमांडर रमन्ना के बेटे ने किया आत्मसमर्पण

हैदराबाद: तेलंगाना में नक्सली कमांडर रमन्ना के बेटे अजीत ने आत्मसमर्पण कर दिया है। तेलंगाना के डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। डीजीपी के सामने अजीत ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा को अपना लिया है। लगातार कोरोना से नक्सली नेताओं की मौत के चलते अजीत ने संगठन छोड़ समाज की मुख्य धारा को अपनाया है। बता दें कि रमन्ना ने छत्तीसगढ़ में नक्सल संगठन की नींव रखी और करीब 150 से ज्यादा हत्याओं का मास्टर माइंड था।

यात्री बस में धमाका : 6 चीनी इंजीनियर और 2 जवानों समेत 10 लोगों की मौत

यात्री बस में धमाका : 6 चीनी इंजीनियर और 2 जवानों समेत 10 लोगों की मौत

लाहौर/नई दिल्ली: पाकिस्तान के उत्तरी राज्य खैबर पख्तूख्वा में एक बस में बम धमाका हुआ है, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में चीन के भी 6 नागरिक शामिल हैं। ये सभी इंजीनियर थे, जो चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर से जुड़े एक प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे थे। इसके अलावा एक पाकिस्तानी सैनिक की भी मौत हुई है। बुधवार को एक बस को निशाना बनाते हुए आतंकियों ने धमाका किया था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोटक रोड पर कहीं रखा था या फिर बस में ही बम प्लांट किया गया था। बम धमाके के बाद बस एक गहरे नाले में जा गिरी, जिसके चलते बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।

शुरुआत में 8 लोगों के ही मरने की जानकारी मिली थी, लेकिन बाद में लापता एक चीनी इंजीनियर और एक पाकिस्तानी सैनिक का शव मिला। इस तरह से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ते हुए 10 हो गया। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और घायलों को एयर एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है। इस बम धमाके में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। हजारा क्षेत्र के एक प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि जिस बस को निशाना बनाते हुए धमाका किया गया था, उसमें करीब 30 चीनी इंजीनियर भी सवार थे। ये लोग ऊपरी कोहिस्तान इलाके में स्थित दासू डैम पर जा रहे थे।

यह दासू डैम चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है। चीन के 65 अरब डॉलर के बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट के तहत ही चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत चीन ने अपने पश्चिमी हिस्से को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। ऐसा होने पर चीन की मध्य और पश्चिम एशिया के देशों तक सीधे तौर पर कारोबारी पहुंच होगी। चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर के तमाम प्रोजेक्ट्स पर काम के लिए चीन ने बड़ी संख्या में अपने इंजीनियरों को भेजा है। ये लोग प्रोजेक्ट के निर्माण में इंजीनियरिंग का काम कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के मजदूर निर्माण में लगे हुए हैं।

बड़ी कार्रवाई: स्पेशल सेल बड़ी कार्यवाही करते हुये लाखो के नकली नोट बरामद किए, 2 गिरफ्तार

बड़ी कार्रवाई: स्पेशल सेल बड़ी कार्यवाही करते हुये लाखो के नकली नोट बरामद किए, 2 गिरफ्तार

जयपुर: राजस्थान मे आज सुबह बड़ी कार्रवाई हुई है, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजधानी जयपुर से सटे इलाके से 5,80,000 के नकली नोट बरामद किये हैं, एसओजी ने यहां जाली भारतीय मुद्रा (Fake indian currency) छापने का कारखाना पकड़ा है. कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एसओजी आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर उनके संपर्कों और आकाओं का पता लगाने में जुटी है. हालांकि एसओजी अभी तक मामले की तह तक नहीं पहुंच पाई है. लेकिन उसे आशंका है कि यह बड़ा गिरोह हो सकता है. इसके तार राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं|

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के सूत्रों के अनुसार बुधवार को सुबह यह कार्रवाई जयपुर से सटे गोनेर पदमपुरा में की गई है. एसओजी को इस मामले में मिले इनपुट के आधार पर आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा गया. वहां 5,80,000 के नकली नोटों के साथ ही नकली नोट बनाने की मशीन, कलर प्रिंटर और स्कैनर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं. एसओजी की टीम ने उन सबको जब्त कर लिया है. एसओजी ने इस मामले में दो आरोपियों को किया गिरफ्तार किया है. आरोपियों में बृजेश मौर्य और प्रथम शर्मा शामिल हैं|


मध्यप्रदेश का रहने वाला है मास्टर माइंड
आरोपियों से अब तक हुई पूछताछ में सामने आया है कि बृजेश मौर्य गिरोह का मास्टर माइंड है. वह राजस्थान से सटे मध्यप्रदेश राज्य का रहने वाला है. जबकि प्रथम शर्मा जयपुर का रहने वाला है. यह गिरोह कब से इस काम को अंजाम दे रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल हैं इसकी जानकारी के लिये एसओजी आरोपियों से पूछताछ में जुटी है. उल्लेखनीय है कि राजस्थान में इससे पहले भी नकली नोटों की खेप पकड़ी जाती रही है. इससे जाहिर है राजस्थान में नकली नोटों का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. एसओजी इस मामले की तह में जाने की कोशिश कर रही है|

17 जुलाई से फिर संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान: कोरोना और जीका वायरस ने बढ़ाया खतरा

17 जुलाई से फिर संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान: कोरोना और जीका वायरस ने बढ़ाया खतरा

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार भले ही कमजोर पड़ती दिखाई पड़ रही हो, लेकिन दक्षिण भारत में कोरोना के साथ ही जीका वायरस का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। केरल में कोरोना और जीका वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए 17 और 18 जुलाई को संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। राज्य में जिस तरह से वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए राज्य सरकार बहुत जल्द नई गाइडलाइन जारी कर सकती है।

केरल में कोरोना और जीका वायरस के खतरे को देखते हुए बैंक में अब केवल पांच दिन ही कामकाज की इजाजत दी गई है। इसके साथ ही संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान सभी बैंकों को दो दिन बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। केरल में कोरोना के साथ ही जीका वायरस के मरीज भी बढ़ गए हैं। मंगलवार को राज्य में तीन और नए केस सामने आने के बाद जीका वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अब 18 हो गई है। बता दें कि मंगलवार को जो तीन नए मामले सामने आए हैं उनमें एक बच्चा भी शामिल है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य में जीका वायरस का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार को जिन तीन मरीजों में जीका वायरस की का पता चला है उनमें एक 22 महीने का बच्चा, एक 46 वर्षीय व्यक्ति और एक 29 वर्षीय स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के खतरे के बीच राज्य में अब तक जीका वायरस के 18 मामले सामने आ चुके हैं। केरल में मंगलवार को कोविड-19 के 14,539 नए मामले सामने आए, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 30,87,673 हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में 124 और मरीजों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 14,810 हो गई। स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने एक बयान में बताया कि मालापुरम में सबसे ज्यादा 2,115 मामले सामने आए हैं। इसके बाद एर्नाकुलम में 1,624 और कोल्लम में 1,404 मामले सामने आए। मंगलवार को 10,331 मरीज संक्रमण मुक्त भी हो गए, जिसके बाद कुल स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बढ़कर 29,57,201 हो गई। राज्य में 1,15,174 मरीजों का उपचार चल रहा है।
20 जुलाई को उड़ान भरेगा ब्ल्यू ओरिजन, अंतरिक्ष यात्रा की मिली मंजूरी

20 जुलाई को उड़ान भरेगा ब्ल्यू ओरिजन, अंतरिक्ष यात्रा की मिली मंजूरी

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली: अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने सोमवार को ब्ल्यू ओरिजन कंपनी को अपने अंतरिक्ष मिशन `न्यू शेफर्ड` की अंतरिक्ष यात्रा का लाइसेंस जारी कर दिया। इस मिशन के जरिए कंपनी मानव को अंतरिक्ष में ले जाएगी। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने ब्ल्यू ओरिजन का पहला मिशन 20 जुलाई को यात्रियों को लेकर अंतरिक्ष को रवाना होगा।

जेफ बेजोस की ब्ल्यू ओरिजन की पहली यात्रा सफल रही तो ऐसा करने वाली विश्व की दूसरी कंपनी होगी। मिशन से पहले कंपनी को अपने लांन्च व्हीकल रॉकेट के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर को सुरक्षा मानकों के लिए एफएए से प्रमाणित करवाने की जरूरत थी। इसे अनुमति दे दी गई है।

2 दिन पहले ही उसकी प्रतियोगी कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक अपने मालिक रिचर्ड ब्रेनसन और पांच अन्य को अंतरिक्ष की सैर करा चुकी है। इन दोनों के अलावा अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स भी जल्द ही नागरिकों को अंतरिक्ष यात्रा करवाने का काम शुरू कर रही है।

अंतरिक्ष के कारोबार में गलाकाट स्पर्धा रहने वाली है। अंतरिक्ष की सैर कराने में पीछे रह गई ब्ल्यू ओरिजन कंपनी ने कहा है कि वर्जिन गैलेक्टिक के मालिक रिचर्ड ब्रेनसन अंतरिक्ष तक पहुंचने वाले पहले अरबपति हैं।

कंपनी ने कहा, अंतरिक्ष कारमान लाइन यानी धरती की सतह से 100 किमी ऊंचाई से शुरू होता है, जबकि ब्रेनसन को लेकर गया वीएसएस यूनिटी यान 89 किमी की ऊंचाई तक ही गया था। अंतरिक्ष को कुछ खगोल विज्ञानी कारमान लाइन यानी 100 किमी के बाद शुरू मानते हैं। हालांकि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का मानना है कि धरती की सतह से 80 किमी ऊंचाई पर अंतरिक्ष शुरू होता है।

 बच्चों का हैरत अंगेज कारनामा: ऑनलाइन गेम के दौरान खरीदे 11 लाख के हथियार

बच्चों का हैरत अंगेज कारनामा: ऑनलाइन गेम के दौरान खरीदे 11 लाख के हथियार

लखनऊ:  बच्चों में ऑनलाइन गेम खेलने की आदत माता-पिता के लिये परेशानी का सबब बनती जा रही है. यही नहीं, मोबाइल गेम खेलते-खेलते बच्चों ने ऐसा काम कर डाला कि आप भी हैरान रह जाएंगे. बच्चों ने गेम खेलते-खेलते तकरीबन 11 लाख रुपये से ज्यादा के हथियार खरीद लिए. यही नहीं, करीब एक लाख रुपये के ऑनलाइन 5जी मोबाइल भी खरीद डाले. खाता खाली होने के बाद जब बच्चों के माता-पिता को इसकी जानकारी लगी तो उनके होश उड़ गये. झांसी में साइबर थाने में ऐसी ही शिकायत दर्ज हुई है. इस तरह के तीन मामले ललितपुर, झांसी व जालौन में सामने आए हैं. साइबर टीम इस मामले की जांच में जुट गई है. 

पूरे घटनाक्रम की बात करें तो साइबर थाना पुलिस की जांच में ये जानकारी सामने आई है कि, ऑनलाइन खरीदारी के बाद बच्चे बैंक से आने वाले मैसेज तक को हट देते थे. बच्चों के माता-पिता ने जब खाते की स्टेटमेंट निकाले तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. इस मामले में अभिभावकों की अनदेखी भी सामने आई है. उन्होंने मैसेज देखने की भी जहमत नहीं उठाई, जिस कारण बच्चे लगातार खरीदारी करते रहे.  

पहला मामला
ललितपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी एक ठेकेदार को पुत्र ने ऑनलाइन गेम खेलना शुरू किया. इसकी आदत उसे इस कदर लगी कि, उसने स्टेज पार करते-करते गेम में प्रयोग किए जाने वाले हथियार व मोबाइल खरीद डाले. पिता के खाते से बेटे ने करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर डाले. इस बारे में जब उनके पिता को जानकारी मिली तो वे घबरा गये. बैंक से शिकायत के बाद उन्होंने साइबरे थाने में मामला दर्ज करवाया.

दूसरा मामला
झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली हेमा के भतीजे ने भी ठीक ऐसा ही काम किया. उसने भी ऑनलाइन फ्री फायर गेम खेलने के बाद सात लाख रुपये से ज्यादा के हथियार और 5जी मोबाइल खरीद लिया. जब खाते से रकम निकलने की जानकारी सामने आई तो बुआ परेशान हो गईं. शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की. इस दौरान पता चला कि, उसने पर्सनल आईडी बनाकर कई हथियार खरीद डाले.

तीसरा मामला
वहीं जालौन के रहने वाले रामलखन के पुत्र ने दो लाख की खरीदारी कर डाली. वह भी खाते से रकम गायब देखकर घबरा गए. साइबर पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में माता-पिता को जानकारी दी. 

पूछताछ में आया सामने
पुलिस ने बच्चों से ऑनलाइन गेम खेलने की बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि कई गेम ऐसे हैं, जिन्हें प्ले स्टोर से डाउनलोड करने से पहले फीस जमा करनी पड़ती है. इस गेम में शुरुआती स्टेज फ्री होती हैं. वहीं, अगली स्टेज में जाने के लिए पैसा जमा करना पड़ता है. जैसे गन, बंदूक, तोप और कारतूस खरीदने के लिए शुल्क जमा करना पड़ता है.
बड़ी खबर: द्वारकाधीश मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली

बड़ी खबर: द्वारकाधीश मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली

द्वारका। गुजरात की धार्मिक नगरी द्वारका में भगवान कृष्ण के मंदिर पर आसमानी बिजली गिरी। द्वारकाधीश में आसमानी बिजली गिरने से मंदिर के शिखर पर लगी ध्वजा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इसके अलावा किसी तरह का दूसरा नुकसान नहीं हुआ है। न तो किसी व्यक्ति को इस घटना में चोट आई है और न ही मंदिर परिसर में कोई बड़ा नुकसान हुआ है। देश में मानसून आ चुका है और देश के कई हिस्सों में जमकर बारिश हो रही है। इसी वजह से बिजली गुरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों में बिजली गिरने से देश में 40 लोगों की मौत हो चुकी है।


गुजरात के द्नारका में भी भारी बारिश के दौरान द्वारकाधीश में बिजली गिरी है। इससे पहले राजस्थान में बिजली गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। द्वारका में मंदिर के शिखर पर मौजूद ध्वज ने पूरी बिजली अवशोषित करके उसी जमीन में पहुंचा दिया। इसी वजह से वहां कोई नुकसान नहीं हुआ है।

 बड़ी खबर : मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा कमांडर अबू हुरैरा समेत 3 आतंकी ढेर

बड़ी खबर : मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा कमांडर अबू हुरैरा समेत 3 आतंकी ढेर

जम्मू। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच देर रात शुरू हुई मुठभेड़ में अब तक तीन आतंकियों को मार गिराया गया है। आईजीपी  कश्मीर ने बताया कि मारे गए आतंकियों में से एक लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी कमांडर ऐजाज उर्फ अबू हुरैरा है। इसके साथ ही दो स्थानीय आतंकियों को भी मार गिराया गया है। हालांकि सुरक्षाबलों का ऑपरेशन अब भी जारी है। 

पुलिस सेना की एक संयुक्त टीम ने इलाके को घेर लिया। आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में एक विशेष सूचना के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके बाद बुधवार तड़के मुठभेड़ शुरू हुई। जैसे ही सुरक्षा बल उस स्थान पर पहुंचे, जहां आतंकवादी छिपे हुए थे, उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

रेल सेवा शुरू किए जाने की पूर्व संध्या पर बड़ी आतंकी साजिश नाकाम
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले के काजीगुंड मीरबाजार इलाके में दमजान रेलवे ट्रैक के पास मंगलवार की शाम आतंकियों की ओर से प्लांट आईईडी बरामद की गई। बनिहाल से बारामुला के बीच बुधवार से पूरी तरह रेल सेवा शुरू किए जाने की पूर्व संध्या पर प्लांट आईईडी की बरामदगी से बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है।पुलिस ने बताया कि शाम को रेलवे ट्रैक के पास आईईडी देखी गई।

इस पर तत्काल बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। दस्ते ने आईईडी को कब्जे में लेकर उसे निष्क्रिय किया। इस दौरान आस-पास के इलाकों में आवागमन रोक दिया गया था। सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान भी चलाया, लेकिन आतंकियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। 

इससे पहले पिछले सप्ताह हुई मुठभेड़ में छह आतंकी ढेर कर दिए गए थे। सुंदरबनी में दो पाकिस्तानी आतंकियों समेत प्रदेश में गुरुवार को सुरक्षाबलों ने छह दहशतगर्द ढेर कर दिए गए थे। एलओसी से सटे राजोरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में सेना ने घुसपैठ को नाकाम करते दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। मुठभेड़ में नायब सूबेदार समेत दो जवान भी शहीद हो गए, जबकि एक जवान घायल हो गया। सुंदरबनी के अलावा कश्मीर के पुलवामा और कुलगाम में भी दो-दो आतंकी मारे गए। 
 
दिल्ली समेत पूरे भारत में पहुँच गया दक्षिण-पश्चिम मॉनसून

दिल्ली समेत पूरे भारत में पहुँच गया दक्षिण-पश्चिम मॉनसून

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आज जारी मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के सभी भागों को कवर करते हुए संपूर्ण भारत में पहुंच गया। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सम्पूर्ण भारत को पार करने की सामान्य समय सीमा 8 जुलाई है और इसने पूरे देश को सामान्य समय से 5 दिन की देरी से 13 जुलाई को कवर कर लिया।

बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी आर्द्र हवाओं के कारण पिछले 4 दिनों से उत्तर भारत के क्षेत्रों में बादलों का प्रभाव बढ़ा है और बारिश का दायरा भी अधिक क्षेत्रों तक पहुंच गया है।

राजधानी दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आमतौर पर 27 जून को आता है जबकि इस बार सामान्य समय से लगभग 16 दिनों की देरी 13 जुलाई को पहुंचा है।

दिल्ली सहित देशभर में हाल के वर्षों में मॉनसून कब पहुंचा और सामान्य समय क्या है यह नीचे दिए गए टेबल-1 में देख सकते हैं।

आज जिन भागों में मॉनसून पहुंचा उन स्थानों पर 12 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से आज यानि 13 जुलाई सुबह 8:30 बजे के बीच हुई बारिश (सेमी में) इस प्रकार है:

सफदरजंग-2.5, आयानगर-1.3, पालम-2.4, सीएचओ लोदी रोड-0.9, रिज-1.0, गुरुग्राम-5.1, फरीदाबाद-2.8, पानीपत-1.0, रोहतक-2.2, हिसार-3.3, फतेहाबाद-3.0, जैसलमेर-7.7, बीकानेर-6.8 और चुरू-9.0 मिलीमीटर।