लंदन/नई दिल्ली । कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दुनियाभर के हेल्थ एडवाइजर वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने की बात कहते हैं। लेकिन ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद भी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने शनिवार को बताया कि वह कोरोना से संक्रमित हो गए हैं तथा क्वारंटाइन हैं।
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्हें बीमारी के हल्के लक्षण हैं। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, `आज सुबह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया हूं। अपनी पीसीआर जांच के नतीजे का इंतजार कर रहा हूं, सौभाग्य से मैंने टीका लगवा लिया था और लक्षण हल्के हैं। यदि आपने टीका नहीं लगवाया है तो टीकाकरण कराने के लिए आगे आएं।`
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने ट्वीट में बताया कि उन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक ले ली थी। उन्होंने बताया कि उनके लक्षण बहुत ही हल्के हैं। ज्ञातव्य है कि कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के 51,870 नए मामले सामने आए हैं, यह 15 जनवरी के बाद सबसे अधिक मामले हैं।
इंग्लैंड में अभी तक लॉकडाउन लगा था लेकिन सोमवार से लॉकडाउन के नियम समाप्त हो रहे हैं।
ब्रुकलिन/नई दिल्ली । दक्षिणी मिशिगन में एक संगीत महोत्सव में भाग लेने जा रहे चार लोगों की एक वाहन के भीतर मौत हो गयी। ऐसी आशंका है कि कार्बन मोनोऑक्साइड के रिसाव के कारण उनकी मौत हुई। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि दो और लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेनावी काउंटी के शेरिफ कार्यालय ने ट्वीट किया, ``इस त्रासद घटना की जांच की जा रही है और इनके ट्रैवल ट्रेलर (वाहन) के पास मिले एक जनरेटर से कार्बन मोनोऑक्साइड के रिसाव का संदेह है।``
इसके अलावा राज्य की पुलिस ने क्रॉसवेल निवासी 30 वर्षीय महिला मेलिसा हेवन्स की मौत की जानकारी दी है। मौत की वजह का अभी पता नहीं चला है। बहरहाल जांचकर्ता एक संदिग्ध की तलाश कर रहे हैं।
अबू धाबी/नई दिल्ली । संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे और वहां जाने वाले लाखों भारतीयों को एतिहाद एयरवेज ने झटका दिया है। एतिहाद एयरवेज ने भारत, पाकिस्ताीन और बांग्लांदेश के लिए विमानों की उड़ान को 31 जुलाई तक के लिए स्थंगित कर दिया है। एतिहाद एयरवेज ने ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए भारत से उड़ानों पर प्रतिबंध को बढ़ाया गया है।
यूएई जाने के लिए केवल विदेशी राजनयिकों, यूएई के नागरिकों और गोल्डेैन वीजा हासिल करने वालों को ही छूट दी गई है। ऐसे लोगों को विमान की उड़ान से अधिकतम 48 घंटे पहले पीसीआर टेस्टन कराना होगा। इस टेस्टी में निगेटिव आने वालों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले शुक्रवार को एमिरात एयरलाइंस ने भी दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया के लिए उड़ानों को स्थगित कर दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएई से मुंबई, कराची और ढाका के लिए उड़ानों को सर्च करने पर संदेश आ रहा है कि इसे 31 जुलाई तक के लिए स्थ़गित किया गया है। इससे पहले एतिहाद ने कहा था कि भारत के लिए उड़ानों पर से बैन को हटाया नहीं गया है बल्कि इसे 21 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। अभी तक यूएई के अधिकारियों की ओर से भारत के लिए उड़ानों पर बैन हटाने के बारे में कोई ऐलान नहीं किया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात के जनरल सिविक एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने कहा है कि 13 देशों से एंट्री पर बैन अभी लगा हुआ है। इस प्रतिबंध की वजह से बड़ी संख्या में कामगार खासकर हेल्थ सेक्टैर में काम करने वाले लोग भारत में फंस गए हैं। ऐसे भारतीय कामगार लौटने की उम्मीद कर रहे थे। एतिहाद एयरलाइन्स अबूधाबी से उड़ानों को संचालित करती है। यही पर उसका मुख्या लय भी है।
मुंबई । मुंबई में आज सुबह से हो रही भारी बारिश ने तबाही मचाई है जिसके चलते शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। मुंबई के चेंबूर और विखरोली में दीवार ढहने से जहां अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है, वहीं अभी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। चेंबूर इलाके के भारत नगर में रविवार की सुबह एक बिल्डिंग की दीवार के गिर जाने से आस-पास के कई घरों को नुकसान पहुंचा है और मलबे में दबने से अब तक 12 लोगों की मौत हो गयी है, तो वहीं विखरोली इलाके में दीवार गिरने से अबतक 3 लोगों की मौत की खबर है। दोनों इलाकों में हुई इस दुर्घटना में और कई लोगों के अभी मलबे में दबे होने की संभावना है।
एनडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। टीम के मुताबिक अबतक 16 लोगों मलबे से निकाला जा चुका है, जिसमें से निकाले गए अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। टीम के मुताबिक अभी मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका है। मुंबई में बारिश अभी भी जारी है जिसके कारण बचाव कार्य में काफी परेशानियां आ रही हैं।
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है, नशा निवारण केंद्र पर एक नशेड़ी शख्स ने धावा बोलकर वहां से एक कर्मचारी से मारपीट की और उससे 20 हजार रुपये लूट लिए. बताया जा रहा है कि 28 वर्षीय आरोपी प्रशांत धर्माणी अपने दोस्तों के साथ दो गाड़ियों में आया था और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया. घटना शोघी इलाके की है.
नशा निवारण केंद्र चलाने वाले आशीष शर्मा ने बताया कि आरोपी प्रशांत धर्माणी करीब ढाई महीने इसी केंद्र से डिस्चार्ज हुआ था. लेकिन बाद में उसने फिर से नशा करना शुरू कर दिया था. इसको लेकर आरोपी के भाई का फोन आया था कि उसे फिर से अपने केंद्र में इलाज के लिए रखा जाए. इस पर आशीष ने कहा था कि वो उसे यहां नहीं रख सकता क्योंकि उसने पहले भी यहां काफी नुकसान किया है, इसलिए उसे किसी दूसरे रिहैबिलिटेशन सेंटर में रखें. आशीष ने ऐसे दो केंद्रों के नंबर भी प्रशांत के भाई को दिए थे.
आशीष ने बताया कि 16 जुलाई की शाम प्रशांत केंद्र के बाहर पहुंचा. उसके साथ दो गाड़ियों से अन्य लोग भी आए थे. आरोपी केंद्र के भीतर अपने एक साथी के साथ घुसा. यहां मौजूद मुकुल नाम के एक कर्मचारी को कट्टा दिखाकर पूछा कि रिपू (आशीष शर्मा का निक नेम) कहां है. यह देख मुकुल डर गया और उसने आशीष को फोन मिला दिया. आशीष के मुताबिक प्रशांत धर्माणी ने उसने फोन पर गालियां दी और उसके कर्मचारी मुकुल की लात-घूंसों से पिटाई कर दी. साथ ही आरोपियों ने कमरे में तोड़फोड़ भी की. आशीष ने आरोप लगाया कि प्रशांत ने मुकुल से 20 हजार रुपये भी लूट लिए जो केंद्र का किराया देने के लिए रखा था.
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन जब तक आरोपी अपने साथियों के साथ वहां से फरार हो चुका था. डीएसपी हेडक्वार्टर कमल वर्मा ने वारदात की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ बालूगंज थाना ने IPC की धारा 504,506, 452,454,380,34 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा. पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है.
आगरा के मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में शनिवार को 17 किलो सोना और 5 लाख कैश की लूट से यूपी पुलिस में हड़कंप मच गया। शहर के कमला नगर स्थित इस कंपनी की शाखा में दोपहर करीब एक बजे सबकी आंखों के सामने हथियारबंद बदमाश बड़ी आसानी से दाखिल हुए, कर्मचारियों को बंधक बनाया और इतनी बड़ी लूट को अंजाम देकर पैदल ही फरार हो गए। पुलिस के लिए अच्छी बात यह रही कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जिसके आधार घटना के कुछ समय बाद ही एत्मादपुर इलाके में एक मुठभेड़ के बाद दो आरोपी पकड़ लिए गए। सूत्रों का कहना है कि आरोपितों के पास से लूट का सामान भी बरामद हुआ है। मुठभेड़ के दौरान आरोपितों के पैर में गोली लगी है। घटना के बारे में अभी तक मिली जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर एक बजे के करीब कमला नगर के सेंट्रल बैंक रोड पर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी के ऑफिस में हथियारबंद बदमाश घुस गए। अंदर आते ही बदमाशों ने वहां मौजूद स्टॉफ को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। कुछ लोगों ने शोर मचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने गोली मारने की धमकी देकर उन्हें चुप करा दिया। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद सोने के सारे जेवरात लूट लिए। बदमाश करीब 20 मिनट तक गोल्ड लोन कंपनी की शाखा रहे। उन्होंने ज्वैलरी के अलावा वहां रखे पांच लाख रुपये भी लूट लिए। इसके बाद बदमाश कंपनी के कर्मचारियों को अंदर बंद कर बड़ी आसानी से फरार हो गए। बदमाशों के फरार हो जाने के बाद कर्मचारियों ने किसी तरह आसपास को लोगों को मदद के लिए बुलाया और बाहर से बंद गेट खुलवाया। घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी गई। दिनदहाड़े शहर में हुई लूट की इतनी बड़ी वारदात की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी मुनिराज, एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूछताछ के बाद उन्होंने बताया कि 17 किलोग्राम सोना और पांच लाख रुपए कैश की लूट हुई है। अधिकारियों के निर्देश पर पूरे प्रमुख चौराहों की नाकाबंदी कर दी गई। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पुलिस बदमाशों का सुराग लगाने में जुट गई।
16 जुलाई, 2021 को कानून मंत्रालय में न्याय विभाग द्वारा अधिसूचित एक आदेश के साथ, ‘Common High Court of UT of Jammu & Kashmir and UT of Ladakh’ का नाम बदलकर ‘जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय’ (High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh) कर दिया गया है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इस परिवर्तन को करने के लिए Jammu and Kashmir Reorganisation (Removal of Difficulties) Order, 2021 पर हस्ताक्षर किए। “पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय” में नाम पैटर्न के अनुरूप सुविधा के लिए इस नामकरण को “जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय” के रूप में प्रतिस्थापित किया जा सकता है। यह परिवर्तन जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के अधिनियमन के अनुरूप किया गया था। यह अधिनियम जम्मू और कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में पुनर्गठित करने के लिए अधिनियमित किया गया था।
जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019
इस अधिनियम में जम्मू और कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के प्रावधान शामिल हैं। यह अधिनियम 31 अक्टूबर, 2019 को अधिनियमित किया गया था। इसके लिए विधेयक 5 अगस्त, 2019 को गृह मंत्री, अमित शाह द्वारा पेश किया गया था। 6 अगस्त, 2019 को इसे लोकसभा द्वारा पारित किया गया और 9 अगस्त 2019 को राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त हुई। इससे पहले अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर के दिए गये विशेष दर्जे को समाप्त किया गया था।
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय
यह कोर्ट केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए है। इसकी स्थापना 26 मार्च, 1928 को जम्मू और कश्मीर के महाराजा द्वारा जारी पेटेंट पत्र द्वारा की गई थी। इसमें न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 17 है, जिनमें से 13 स्थायी न्यायाधीश हैं और 4 अतिरिक्त न्यायाधीश हैं। न्यायमूर्ति पंकज मिथल 4 जनवरी, 2021 से इस न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं।
शिवहर | शिवहर जिले में एक प्रेमी अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा तो ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया | उसकी जमकर पिटाई की गई | बाद में स्थानीय थाना पुलिस की पहल पर प्रेमी प्रेमिका के परिजनों की रजामंदी के साथ दोनों की शादी करा दी गई | मामला शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड क्षेत्र के हिरम्मा थाना क्षेत्र अंतर्गत दुम्मा गांव का है |
जानकारी के मुताबिक गांव में प्रेमिका से मिलने पहुंचे प्रेमी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया | उसे बंधक बनाकर पीटा गया. इसकी सूचना प्रभारी थाना अध्यक्ष सह अवर निरीक्षक मनोज कुमार सिंह को दी गई | मौके पर पहुंची हिरम्मा थाना की पुलिस ने युवक को ग्रामीणों से मुक्त कराया और थाने लाकर युवक से गहन पूछताछ की गई | जहां मामला प्रेम प्रसंग का सामने आया | लड़का लड़की दोनों बालिक निकले | इसके बाद प्रभारी थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने दोनों के अभिभावकों को बुलावा भेजा | साथ ही ग्रामीणों ने आपसी पहल कर दोनों की शादी कराने का फैसला लिया |
थाना परिसर में ही शादी की आपसी सहमति बनी | बगल के स्थित गौरी शंकर मंदिर में पुरोहित को बुलाया गया और दोनों की शादी करा दी गई | इस अनोखी शादी की चर्चा चारों तरफ हो रही है | अनोखी शादी को लेकर प्रभारी थानाध्यक्ष की पहल की सर्वत्र सराहना की जा रही है | वहीं प्रेमी मुन्ना ने प्रेमिका के साथ शादी कराने के लिए थानाध्यक्ष के प्रति आभार जताया है |
शादी कार्यक्रम से हुई थी प्यार की शुरुआत
पड़ोसी जिला सीतामढ़ी के बैरगनिया प्रखंड निवासी मुन्ना कुमार की एक शादी समारोह में जिले के दुम्मा निवासी रिंकू से संपर्क हुआ था | इसके बाद से दोनों का प्रेम प्रसंग परवान चढ़ने लगा | दोनों एक दूसरे से चोरी-छिपे मिलते जुलते रहे | इसी दौरान गुरुवार को मुन्ना अपनी प्रेमिका से मिलने दुम्मा गांव पहुंचा था | जहां प्रेमिका के साथ बात करते हुए ग्रामीणों ने देख लिया | ग्रामीणों ने पहले उसकी पिटाई कर दी | वहीं एक कमरे में बंद कर हिरम्मा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई | मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और लड़की को लेकर थाने पहुंचे | पूछताछ के दौरान दोनों प्रेमी प्रेमिका ने प्रभारी थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह को अपनी प्रेम कहानी सुनाई | प्रभारी थानाध्यक्ष की पहल पर प्रेम कहानी शादी में बदल गई |
येरुशलम: इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप का हवाला देते हुए 23 जुलाई से स्पेन किर्गिस्तान की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
इजरायल ने पहले ही अपने नागरिकों स्थायी निवासियों को अर्जेंटीना, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत, मैक्सिको, रूस, बेलारूस उजबेकिस्तान की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है, जब तक कि वे एक अपवाद समिति से विशेष अनुमति प्राप्त नहीं कर सकते।
इसके अलावा, इन देशों से आने वाले यात्रियों, जिनमें से कोरोना से ठीक हुए टीका लगाया गया है, को तत्काल सात-दिवसीय क्वारंटीन में रखा जाना चाहिए।
मंत्रालय ने शुक्रवार को ब्रिटेन, साइप्रस, तुर्की, जॉर्जिया, युगांडा, म्यांमार, फिजी, पनामा, कंबोडिया, केन्या लाइबेरिया के लिए भी गंभीर यात्रा चेतावनी जारी की, जो 23 जुलाई को प्रभावी होगी।
नवीनतम घोषणा से पहले, इजरायल ने 15 देशों को गंभीर यात्रा चेतावनी जारी की थी।
जिन देशों के लिए गंभीर यात्रा चेतावनी जारी की गई है, वहां से आने वाले यात्रियों को भी सात-दिवसीय क्वारंटीन में प्रवेश करना होगा।
इजरायल ने अन्य देशों से आने वाले यात्रियों के लिए 24 घंटे तक क्वारंटीन करना अनिवार्य कर दिया है, जो आगमन पर आयोजित किए जाने वाले कोविड-19 परीक्षणों के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं।
विदिशा। जिले के गंजबासौदा के लाल पठार क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम को कुएं में गिरे एक किशोर को बचाने के प्रयास के दौरान अंदर गिरे लोगों में से अभी तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 11 लोगों के शव बरामद हुए हैं। इसके साथ 24 घंटे से अधिक समय तक चला बचाव कार्य शुक्रवार रात 10 बजे खत्म हो गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम एक किशोर कुएं में गिर गया था, जिसे बचाने के लिए कुछ लोग उसमें नीचे उतरे। इस दौरान घटना को देखने के लिए कुएं की मुंडेर (जगत) और उस पर बनी छत पर कई लोग जमा हो गए। भीड़ के वजन से कुएं की मुंडेर और छत टूट गए और उस पर खड़े लोग अंदर जा गिरे।
इसके बाद इस कुएं में एक और हादसा हो गया। बचाव कार्य में लगा एक ट्रैक्टर कुछेक बचावकर्मियों के साथ बृहस्पतिवार रात को करीब 11 बजे इसमें गिर गया था। हालांकि, उनको बचा लिया गया।
मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग शुक्रवार रात को घटनास्थल से फोन पर बताया कि बचाव कार्य शुक्रवार रात 10 बजे खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद 19 लोगों को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। कुएं से कुल 11 शव बरामद हुए हैं।
इसी बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गंजबासौदा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मरे लोगों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, साथ ही घायलों के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच और पीड़ितों को हरसंभव चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। चौहान ने बताया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। आगे भी जरूरत हुई तो इन परिवारों की पूरी मदद की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस कुएं में हादसा हुआ वह लगभग 50 फीट गहरा है और उसमें पानी का स्तर करीब 20 फुट था।
कर्नाटक | भारत में कोरोना संक्रमण एक बार फिर लगातार बढ़ते जा रहा है | कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से सभी भयभीत है | इसी बीच कर्नाटक राज्य से कोरोना को ले कर एक खबर आ रही है | खबर है कि कर्नाटक में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1806 नए मामले मिले है | साथ ही 2748 कोरोना मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए है तथा 42 कोरोना मरीजों की मौतें दर्ज़ की गई।
कर्नाटक में पिछले 24 घंटों में 1806 नए #COVID19 मामले, 2748 डिस्चार्ज और 42 मौतें दर्ज़ की गई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 16, 2021
सक्रिय मामले: 31,399
कुल डिस्चार्ज: 28,12,869
मृत्यु: 36,079 pic.twitter.com/WTRO52rHMj
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक 8 साल की बच्ची को 140 दिन में ही न्याय मिल गया। बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या करने के मामले में दोषी साबित हुए हरेंद्र को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगा है।
दरअसल, अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 25 फरवरी को अपनी दो बेटियों के साथ एक दंपति खेत में काम कर रहा था, तभी 8 साल की मासूम बच्ची ट्यूबवेल की तरफ पानी पीने चली गई। यहीं 28 साल के युवक हरेंद्र ने मासूम बच्ची को बुरी नियत से पकड़ लिया और अपने घर ले जाकर बच्ची के साथ हैवानियत की।
इतना ही नहीं हरेंद्र ने मासूम बच्ची से रेप के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और अपने ही घर के आंगन में गड्ढा खोद शव को दफन कर दिया और फरार हो गया था। 28 फरवरी को बच्चे के पिता ने हरेंद्र पर शक जाहिर करते हुए केस दर्ज कराया। इस घटना की तफ्तीश डिबाई क्षेत्र की डिप्टी एसपी वंदना शर्मा को दी गई।
इसके बाद 2 मार्च को हरेंद्र के घर की तलाशी ली गयी तो बाथरूम के पास कमजोर मिट्टी मिली। मिट्टी ताजी थी. पुलिस ने इसी शक के आधार पर खुदाई कराई तो बच्ची का शव बरामद हो गया। इसी दौरान हरेंद्र के बिस्तर पर बच्ची के सिर का बाल और उसका लॉकेट मिला। फिर दिल्ली में छिपे हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके गले पर नाखून के निशान थे।
हरेंद्र के गले पर लगे नाखून के निशान की जब डीएनए जांच कराई गई तो वह बच्ची के ही निकले। पुलिस ने 10 दिन के अंदर कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी. विशेष पॉक्सो कोर्ट की जस्टिस पल्लवी अग्रवाल ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और बयानों के आधार पर हरेंद्र को मासूम की रेप के बाद हत्या और साक्ष्य छिपाने आदि का दोषी करार देते हुए उसे फांसी की सजा और 1.20 लाख रुपये का जुर्माना मुकर्रर किया।
विदिशा । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 120 किलोमीटर दूर विदिशा जिले के गंजबासौदा में गुरुवार शाम को बड़ा हादसा हो गया। लाल पठार गांव में कुएं में लड़के के गिरने के बाद उसे निकालने पहुंचे लोगों की भीड़ की वजह से कुआं धंस गया, जिसके चलते करीब 30 से ज्यादा लोग अंदर जा गिरे।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम के जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अब तक तकरीबन 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। अब भी कई लोग लापता हैं, जबकि 4 की मौत हो चुकी है और उनके शव बरामद कर लिए गए हैं।
हादसे के तुरंत बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों को भोपाल से बचाव कार्य के लिए रवाना किया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने तमाम बड़े अधिकारियों से बात कर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए कहा।
विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग भी मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भोपाल से रवाना होकर मौके पर पहुंचे और लगातार राहत और बचाव कार्य निगरानी करते रहे। इस हादसे के बाद मुआवजे का ऐलान किया गया है। मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, घायलों को 50 हज़ार रुपये और निशुल्क: इलाज की घोषणा की गई है।
कैसे हुआ यह हादसा...
दरअसल, गंजबासौदा के लाल पठार गांव में शाम 6:00 बजे 14 साल का लड़का एक कुएं में गिर गया था। तकरीबन 30 फीट गहरे कुएं में 10 से 15 फीट तक पानी था। बच्चे के गिरने के बाद लोगों की भीड़ उसे बचाने के लिए कुएं के आस-पास पहुंच गई। कुएं को ऊपर सीमेंटेड स्लैब से ढका गया था।
लोगों की भीड़ के वजन से अचानक स्लैब टूट गया और कुआं धंस गया। इसके चलते 30 से ज्यादा लोग कुएं में गिर गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे जेसीबी समेत अन्य मशीनों के जरिए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। उधर, रात तकरीबन 11 बजे राहत कार्य में लगा एक ट्रैक्टर भी जमीन के धंसने से गिर गया।
विवाह स्थल को ही सीएम ने बनाया कंट्रोल रूम
राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा में अपनी गोद ली हुई बेटियों की शादी के मौके पर मौजूद थे इसलिए उन्होंने विवाह स्थल को ही कंट्रोल रूम बना दिया। वहीं से पूरे मामले की निगरानी करते हुए उन्होंने आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर, एसपी समेत तमाम अधिकारियों को वहां भेज दिया। मुख्यमंत्री ने घटना के बारे में और जानकारी देते हुए ट्वीट किया, ``विदिशा जिले के गंजबासौदा थानांतर्गत कुछ लोगों के कुएं में गिरने की सूचना मिली है।
घटनास्थल पर एसडीएम उपस्थित हैं। मेरे निर्देश पर जिला कलेक्टर व एसपी भी पहुंच रहे हैं। प्रशासन की टीम तत्परता के साथ बचाव कार्य में जुटी हुई है। मैंने सीएस, डीजीपी और एसडीआरएफ डीजी से बात की है। घटनास्थल के लिए एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ रवाना हो गई है। कमिश्नर एवं आईजी भी रवाना हो गए हैं. मैं लगातार स्थिति का जायजा ले रहा हूं और लाइव कॉन्टैक्ट में हूं।``
सीएम ने उच्चस्तरीय जांच के दिए आदेश
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ``पूरी ताकत से प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में लगा है। मैंने इसी स्थान को कंट्रोल रूम बना दिया है. लगातार मैं सीधे राहत एवं बचाव कार्य के संपर्क में हूं।
बेहतर से बेहतर प्रयास करके हम रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएंगे और लोगों को बचाने का भरसक प्रयास करेंगे. यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्वास सारंग जी से मैंने कहा कि तत्काल घटनास्थल पर पहुंचें और राहत व बचाव कार्य पर सीधी नजर रखें। मैंने गंजबासौदा घटना की उच्चस्तरीय जांच और पीड़ितों को हरसंभव चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।`






