ऋषिकेश | तीर्थनगरी ऋषिकेश एक बार फिर से शर्मसार हो गई है। यहां मुनिकीरेती क्षेत्र में बेटी दिवस पर चार साल की मासूम बच्ची के साथ कलयुगी पिता ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मां की तहरीर पर आरोपी पर पोक्सो सहित दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी को ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।
पटना | बिहार के मोतिहारी से बड़ी खबर आ रही है। यहां नाव पलटने से करीब 22 लोग डूब गए हैं। अब तक 6 लोगों के शव बरामद हुए है, बाकियों की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यहां सिकरहना नदी में चिरैया प्रखंड क्षेत्र में नाव पलटने से 22 लोग डूब गए हैं। यह घटना चिरैया प्रखंड क्षेत्र के शिकारगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद है और गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे लोगों की तलाश की जा रही है। हालांकि इस पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं आया है। वहीं घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। कहा जा रहा है कि सभी लोग नाव में बैठकर मवेशियों के लिए चारा काटने जा रहे थे। सरेह जाते वक्त यह बड़ा हादसा हुआ।
तिरुवनंतपुरम | केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को कहा कि होटल, रेस्तरां और बार में केवल उन लोगों के लिए भोजन करने की अनुमति होगी, जिन्हें कोरोना वायरस वैक्सीन की दोनों खुराक लगाई जा चुकी है. इतना ही नहीं, उनके कर्मचारियों और कामगारों को भी पूरी तरह से टीका लगा होना चाहिए. हालांकि ये प्रतिबंध 18 वर्ष से कम आयु वालों पर लागू नहीं होंगे क्योंकि वे वर्तमान में टीकाकरण के लिए पात्र नहीं हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्थान 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ संचालित हो सकते हैं, लेकिन एयर-कंडीशनिंग की अनुमति नहीं होगी और वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां और दरवाजे खुले रहने चाहिए. इसके अलावा, उन लोगों के लिए इनडोर स्टेडियम और स्विमिंग पूल खोलने की अनुमति दी गई है, जिन्हें कोरोना वायरस के टीके की दोहरी खुराक मिली है.
केरल में वैक्सीन के योग्य आबादी के 91 प्रतिशत को कोरोना वायरस टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है. केरल सरकार ने अपने उस पुराने आदेश को भी वापस ले लिया है, जिसमें लोगों को आवाजाही के लिए आरटी-पीसीआर नकारात्मक प्रमाण पत्र दिखाना या फिर टीके की कम से कम एक खुराक लेना जरूरी किया गया था.
मार्च 2020 से बंद होने के बाद, केरल सरकार ने पिछले हफ्ते 1 नवंबर से स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है. सरकार ने 24 सितंबर को राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने के लिए दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया था, जिसमें केवल दो छात्रों को एक बेंच पर बैठने की अनुमति देना और बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन खत्म करना शामिल है.
नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। लगभग 10.11 बजे अरुणाचल प्रदेश के पांगिन मेंर रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता से धरती हिली।हालांकि अभी तक भूकंप की वजह से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है। भूकंप विज्ञान के लिए राष्ट्रीय केंद्र ने ये जानकारी दी। अरुणाचल में इससे पहले 19 सिंतबर को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजी ने जानकारी दी थी कि अरुणाचल के चांगलांग से 70 किमी उत्तर-पश्चिम में दोपहर तीन बजकर छह मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई थी। भूकंप की वजह से लोग दहशत में आ गए थे। इधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को एक बुलेटिन जारी किया, जिसमें 26 सितंबर की शाम तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा में एक चक्रवात में वर्तमान में विकसित निम्न दबाव प्रणाली की तीव्रता का अनुमान लगाया गया है।
अगले 12 घंटों में चक्रवात के उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा को पार करने की संभावना है। इसके अलावा, आईएमडी ने दोनों स्थानों पर चक्रवात के लिए एक येलो अलर्ट जारी किया। आईएमडी ने एक ट्वीट में कहा, उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों के लिए चक्रवात का येलो अलर्ट।
भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवाती तूफान के ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों और पड़ोसी आंध्र प्रदेश की ओर बढऩे की चेतावनी के बीच ओडिशा सरकार ने सात जिलों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने यह चेतावनी जारी की है। विशेष राहत आयुक्त ने कहा कि सरकार ने बचाव दलों को संवेदनशील इलाकों में भेजा और अधिकारियों से निचले इलाकों से लोगों को बाहर निकालने को कहा है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात जिलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा। जेना ने बताया कि गंजम के चक्रवाती तूफान से गंभीर रूप से प्रभावित होने की उम्मीद है और इलाके में 15 बचाव दलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा दमकल के 11 दलों के अलावा ओडीआरएएफ के छह दलों और एनडीआरएफ के 8 दलों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
गजपति और कोरापुट के जिला प्रशासनों ने 25 और 26 सितंबर को अवकाश रद्द कर दिए हैं। जिलाधीशों ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपने-अपने मुख्यालय में रहने का निर्देश दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर और मध्य हिस्से पर बना गहरे दबाव का क्षेत्र 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे गहरे दबाव का क्षेत्र गोपालपुर से 510 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और आंध्र प्रदेश में कलिंगपत्तनम से 590 किलोमीटर पूर्व में स्थित था।
आईएमडी ने कहा, यह 26 सितंबर की शाम तक कलिंगपत्तनम के आसपास विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तटों की ओर बढ़ सकता है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय मोहपात्र ने बताया कि चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चलने का अनुमान है। उन्होंने आगाह किया, चिन्हित जिलों में कई निचले इलाके डूब जाएंगे। ओडिशा के दक्षिणी क्षेत्र के पर्वतीय इलाकों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है। गंजम और पुरी के शहरी इलाकों में भारी से बहुत भारी और कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण जलभराव हो सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कुछ इलाकों में नदियों के उफान पर होने, भूस्खलन आने की आशंका को लेकर आगाह किया है। जीना ने बताया कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहे चक्रवात की तीव्रता तितली के समान होगी। तितली तूफान ने 2018 में राज्य में तबाही मचायी थी। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इसके प्रभाव से शनिवार को ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। रविवार को भी दक्षिण ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
ओडिशा के उत्तरी अंदरुनी इलाकों, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी रविवार को भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह आईएमडी ने 27 सितंबर के लिए ओडिशा और तेलंगाना के ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। साथ ही तटीय पश्चिम बंगाल के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अगले तीन दिनों के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा आंध्र प्रदेश में मछुआरों को 25 से 27 सितंबर तक बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उत्तरपूर्वी क्षेत्र में समुद्र में न जाने को कहा गया है।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस में शनिवार को बड़ा फेरबदल किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज 40 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर कर सबको हैरान कर दिया है। इनमें स्पेशल पुलिस कमिश्नर स्तर के 11 सीनियर आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, डीसीपी और एडिशनल डीसीपी स्तर के 29 अधिकारियों का भी ट्रांसफर किया गया है। ट्रांसफर किए गए जाने वालों में स्पेशल कमिश्नर दीपेंद्र पाठक, रॉबिन हिबू और मुक्तेश चंद्र और डीसीपी जसमीत सिंह, इंगित प्रताप सिंह, राजीव रंजन जैसे कई बड़े नाम भी शामिल हैं। डिप्टी सेक्रेट्री (होम-1) पवन कुमार की ओर से शनिवार को यह ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए हैं।
स्पेशल सीपी स्तर के इन अधिकारियों का तबादला
1. आईपीएस अधिकारी मुक्तेश चंद्र को स्पेशल कमिश्नर ऑपरेशंस और लाइंसेंसिंग के स्थान पर स्पेशल कमिश्नर टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्ट इम्प्लिमेंटेशन डिविजन के साथ ही स्पेशल सीपी कम्युनिटी पुलिसिंग और मीडिया सेल डिविजन का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
2. आईपीएस अधिकारी एस. सुंदरी नंदा को स्पेशल कमिश्नर पुलिस हेड क्वार्टर्स और जीए के स्थान पर स्पेशल कमिश्नर ह्यूमन रिसोर्स डिविजन (पर्सनल मैनेजमेंट+ ट्रेनिंग+वेलफेयर) की जिम्मेदारी दी गई है।
3. आईपीएस अधिकारी दीपेंद्र पाठक स्पेशल सीपी, इंटेलिजेंस को स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डिवीजन जोन -1 (ईस्टर्न रेंज, नॉर्दर्न रेंज और सेंट्रल रेंज ) बनाया गया है।
4. आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा स्पेशल सीपी, दक्षिणी जोन को स्पेशल सीपी सीपी लॉ एंड ऑर्डर डिवीजन जोन -2 1 (नई दिल्ली रेंज, दक्षिणी रेंज और पश्चिमी रेंज ) बनाया गया है।
5. आईपीएस अधिकारी डेविड लालरिनसंग , स्पेशल सीपी और वेलफेयर को स्पेशल सीपी प्रोविजनिंग एंड फाइनेंसिस डिवीजन नोडल अधिकारी बनाया गया है।
6. आईपीएस अधिकारी नुजहत हसन स्पेशल सीपी वीमेन सेफ्टी, को स्पेशल सीपी विजिलेंस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेफ्टी डिविजन की जिम्मेदारी दी गई है।
7. आईपीएस अधिकारी संजय सिंह स्पेशल सीपी वेस्टर्न जोन को स्पेशल सीपी लाइसेंसिंग एंड लीगल डिवीजन बनाया गया है।
8. आईपीएस अधिकारी राजेश खुराना स्पेशल सीपी सेंट्रल जोन को स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस डिवीजन बनाया गया है
9. आईपीएस अधिकारी वीरेंदर सिंह स्पेशल सीपी ट्रेनिंग एंड ट्रांसपोर्ट को स्पेशल सीपी ट्रैफिक मैनेजमेंट डिवीजन लगाया गया है।
10. आईपीएस अधिकारी रॉबिन हिबू स्पेशल सीपी / सशस्त्र पुलिस को स्पेशल सीपी सशस्त्र पुलिस डिवीजन और प्रबंध निदेशक, दिल्ली पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के रूप में तैनात किया गया है।
11. आईपीएस अधिकारी आई.डी. शुक्ला स्पेशल सीपी सिक्योरिटी को अब स्पेशल सीपी प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिविजन की जिम्मेदारी दी गई है।
मध्यप्रदेश के नीमच में महिला थाने की एक महिला आरक्षक ने पांच लोगों के खिलाफ गैंगरेप का आरोप लगाया है. महिला आरक्षक पूर्व में नीमच जिले में भी अपनी सेवाएं दे चुकी है और मूलत: नीमच जिले की ही निवासी है. आरक्षक महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है. पीड़ित महिला आरक्षक वर्तमान में इंदौर अपनी सेवाएं दे रही हैं. महिला थाना प्रभारी अनुराधा गिरवाल ने बताया कि 5 माह पूर्व की महिला कांस्टेबल की पवन नामक युवक से सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती हुई थी. इसके बाद बातचीत आगे बढ़ी.
एक दिन पवन ने महिला कांंस्टेबल को बर्थ डे पार्टी के लिए आमंत्रित किया. जहां उसके साथ पवन सहित अन्य ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. महिला आरक्षक की शिकायत पर पवन सहित अन्य आरोपितों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर मामला जांच में लिया गया है.
मुख्य आरोपी और उसकी मां गिरफ्तार
महिला थाना प्रभारी गिरवाल ने यह भी बताया कि शिकायत प्राप्तं होने के बाद 20 सितम्बतर को 5 युवकों के विरूद्ध भादवि की धारा 376, 376 बी एवं 506 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया. इन 5 आरोपितों में से पुलिस ने मुख्य आरोपित पवन व उसकी मां निर्मला लौहार को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है. विवेचना के दौरान मुख्य आरोपित पवन लौहार व उसकी मां को गिरफ्तार किया है. जबकि सहयोगी धीरेंद्र लौहार, विजय लौहार निवासी रामपुरा नाका मनासा एवं ओमप्रकाश लौहार निवासी मन्दसौर फरार हैं. पीड़िता आरक्षक ने उक्त महिला के विरूद्ध भी डराने व धमकाने की शिकायत दर्ज कराई थी.
जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है. सेल्फी लेना दो भाइयों के लिए जानलेवा साबित हुआ. दोनों युवक विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट में सेल्फी ले रहे थे. तभी अचानक पैर फिसला और पानी के तेज बहाव में दोनों बह गए. दोनों को पानी में गिरता देख आस-पास मौजूद लोग बचाने भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. पानी के तेज बहाव में दोनों समा गए. शनिवार को युवकों को रेस्क्यू करने के लिए गोताखोरों को बुलाया गया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी.
रविवार को भी युवकों की तलाश जारी रही. 24 घंटे बाद भी दोनों का पता नहीं चल पाया है. दोनों भाई भेड़ाघाट जलप्रपात घूमने आए थे. होमगॉर्ड और गोताखोरों की टीम अभी भी लापता युवकों की तलाश कर रही है.
24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं
दरअसल, 24 सितंबर को रांझी के रहने वाले शुभम टैगोर अपने भाई शिवांश टैगोर के साथ भेड़ाघाट घूमने आया था. शिवांश उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है और भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियों को देखने के लिए वह बेहद उत्साहित था. इस बीच पानी का तेज बहाव देखकर चट्टानों के बीच खड़े होना और सेल्फी लेने का उसका मंसूबा इस कदर उस पर और परिवार पर कहर बरपाएगा यह उसने नहीं सोचा था. पानी के तेज बहाव में डूबने से पहले उसकी आखिरी तस्वीर भी कैमरे में कैद हुई जिसमें साफ दिख रहा है कि किस तरीके से इन्होंने खुद मौत को आमद दी.
24 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी दोनों भाइयों के शव बरामद नहीं हो पाए हैं. गोताखोर और होमगार्ड की टीम लगातार बहाव वाले तटीय क्षेत्रों में शवों की तलाश में जुटे हुए है. वही भेड़ाघाट नगर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि ना तो अब तक कोई सूचना पटल है और ना ही पर्यटकों को रोकने के लिए को सुरक्षा घेरा बनाया गया है. आए दिन लोग गहरे पानी में नहाते हुए सेल्फी लेते नजर आते हैं. बेशक यह जिम्मेदारी खुद आम लोगों की है कि वह गहरे पानी से दूर रहें, लेकिन दूसरी ओर सरकारी महकमों को भी देखना चाहिए कि हर साल होने वाले हादसों से सबक लेते हुए एहतियातन इंतजाम किए जाएं.
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा से शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, सेक्टर-49 क्षेत्र में 4 साल की बच्ची के साथ रेप हुआ है. यहां स्थित एक गांव में रहने वाली चार साल की बच्ची के साथ उसके पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने कथित रूप से बलात्कार (Rape) किया है. इस घटना से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने इसकी जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि घटना की रिपोर्ट बच्ची की मां ने थाना सेक्टर-49 में दर्ज करायी है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने बताया कि थाना सेक्टर-49 क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली एक महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, उसके पड़ोस में रहने वाला प्रशांत नामक व्यक्ति उसकी चार साल की बेटी के साथ बृहस्पतिवार की रात को जबरन बलात्कार कर रहा था. उन्होंने बताया कि जब आरोपी वारदात को अंजाम दे रहा था, उसी समय महिला घर पर पहुंच गई. उसने शोर मचाया तो आसपास के लोगों ने आरोपी की पकड़कर जमकर पिटाई कर दी. उन्होंने बताया कि आरोपी मौके से भाग गया. डीसीपी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उसको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
उनकी बेटी घटना के दिन से ही गुमसुम रह रही थी
बता दें कि बीते 12 सितंबर को भी नोएडा में एक रेप का मामला सामने आया था. तब सेक्टर 39 क्षेत्र स्थित एक गांव में 15 वर्षीय एक किशोरी के साथ बलात्कार करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. आरोपी पीड़िता का पड़ोसी है जिसने जबरन उसके घर में घुसकर बलात्कार किया था. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने बताया था कि किशोरी के पिता ने घटना के संबंध में थाना सेक्टर 39 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पड़ोस में रहने वाले दिनेश नामक युवक ने 9 सितंबर को उनकी बेटी का बलात्कार किया. शुक्ला ने बताया कि पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी घटना के दिन से ही गुमसुम रह रही थी.
श्रीनगर | देश में कोरोना वायरस के डेल्टा+ वेरिएंट के फैल रहे मामलों ने एक बार फिर तीसरी लहर की चिंता बढ़ा दी है। हालात बिगड़ने के बाद कई राज्यों में फिर से लॉकडाउन की खबरें सामने आ रही है। इसी बीच खबर आई है कि श्रीनगर जिला प्रशासन ने टोटल लॉकडाउन का ऐलान किया है।
मिली जानकारी के अनुसर श्रीनगर जिला प्रशासन ने 10 दिनों तक टोटल लॉकडाउन का ऐलान किया है। इस दौरान प्रशासन ने सभी दुकानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया है। हालांकि प्रशासन ने किराना/सब्जी/मांस/दूध की दुकानों को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक ही खुली रखने की छूट दी है।
J&K: Srinagar District Administration imposes strict #COVID19 curfew in some areas for a period of 10 days starting today.
— ANI (@ANI) September 24, 2021
Standalone grocery/vegetable/meat/milk shops may also remain open and functional from 7 am to 11 am only. pic.twitter.com/p7QJ1qSeg1
न्यू मैक्सिको. मानव इतिहास के बारे में दुनियाभर के कई वैज्ञानिक खोज करते रहे हैं. इसमें सबसे ज्यादा एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप के बीच इंसानों के पलायन को लेकर खोजें अब भी जारी हैं. हाल ही में अमेरिका के न्यू मैक्सिको में खोजे गए जीवाश्म वाले पैरों के निशान से संकेत मिलता है कि शुरुआती इंसान लगभग 23,000 साल पहले उत्तरी अमेरिका में घूमते थे.
दरअसल, अभी तक माना जाता रहा है कि अमेरिकी महाद्वीप में इंसान सबसे पहले 13 हजार से 16 हजार साल पहले पहुंचे थे, लेकिन इस नई खोज से मालूम चलता है कि होमो सेपियंस इससे भी पहले यानी 23 हजार साल पहले ही पहुंच चुके थे. अब इस खोज को एक बड़ी पुरातत्व उपलब्धि माना जा रहा है. बोर्नमाउथ यूनिवर्सिटी ने इसकी जानकारी साझा की है.
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन और अमेरिका के पुरातत्वविदों ने अलकाली फ्लैट (Alkali Flat) नाम की सूखी हुई झील में इंसानी पैरों के निशान के आधार पर यह खोज की है. न्यू मेक्सिको के वाइट सैंड्स नेशनल पार्क में ये निशान मिट्टी में मिले. अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के एक्सपर्ट्स ने रेडियोकार्बन डेटिंग की मदद से ट्रैक के ऊपर और नीचे की परतों की स्टडी की और पाया कि करीब दो हजार साल के दौरान यहां पैरों के निशान बने.
सबसे पुराने ट्रैक 23 हजार साल पहले के हैं. इस दौरान उत्तरी अमेरिका का ज्यादातर हिस्सा बर्फ से ढका हुआ था और समुद्रस्तर आज की तुलना में 400 फीट कम था. अभी तक माना जाता था कि उत्तरी अमेरिका की बर्फ पिघलने के बाद अब से करीब 13 हजार से 16 हजार साल पहले के बीच इंसान यहां पहुंचा था.
2000 सालों तक इंसानों का ठिकाना था इलाका
व्हाइट सैंड्स अब ज्यादातर एक रेगिस्तानी इलाका है. लेकिन जिस समय पैरों के निशान बनाए गए थे, उस समय ये इलाका पानी की बड़ी मौजूदगी वाला क्षेत्र था. यहां पर मैमथ, ग्राउंड स्लॉथ, मवेशी और जंगली ऊंटों का घर हुआ करता था. उस समय पाषाण युग के इंसानों द्वारा इन जानवरों का शिकार किया जाता था. कॉर्नेल विश्वविद्यालय के थॉमस अर्बन ने कहा कि पैरों के निशान जानवरों के जाने वाले रास्तों से जुड़े हुए हैं. इससे ये पता चलता है कि यहां पर इंसान कम से कम 2000 साल तक रहा करते होंगे.
रिसर्च ने साबित है इंसान की मौजूदगी
अधिकतर वैज्ञानिकों का मानना है कि प्राचीन समय में इंसानों का प्रवास एक जमीनी पुल के जरिए हुआ होगा. ये पुल अब पानी में डूब चुका है. उनका मानना है कि जमीनी पुल एशिया को अलास्का से जोड़ता होगा. पत्थर के औजारों, जीवाश्म हड्डियों और जेनेटिक एनालिसिस जैसे चीजों के आधार पर रिसर्चर्स ने अमेरिका में इंसानों के प्रवास को लेकर संभावित तारीखों की जानकारी दी है. उनका कहना है कि अमेरिका में 13,000 से 26,000 साल पहले या उससे अधिक समय पहले इंसानों का आगमन हुआ था. वर्तमान अध्ययन एक अधिक ठोस आधार रेखा मुहैया करता है कि इंसान उत्तर अमेरिका में मौजूद थे.
इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से दिल-देहला देने वाली खबर सामने आई है, उसराहार थाना क्षेत्र के दो सगे भाइयों ने एक दलित युवक को मामूली-सी बात पर जूते और चप्पलों से सरेआम पीट-पीटकर के अधमरा कर दिया. इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ बृजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को यहां बताया कि 20 सितंबर को गणेश महोत्सव के दौरान बाइक निकालने के हुए मामूली विवाद के बाद दलित युवक को जूते और चप्पलों से जमकर पीटा गया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय उसराहार थाना पुलिस ने धारा 323, 504, 506 के साथ-साथ एसटी-एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है.
सिंह ने बताया कि इस प्रकरण की जांच भरथना के पुलिस उपाधीक्षक विजय सिंह करेंगे. उन्होंने बताया कि गणेश विसर्जन में जा रहे दलित को बाइक से गिराकर दो भाइयों ने बुरी तरह बेल्ट से पीटा. इस वारदात का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने पीटने वाले दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. दलित युवक को सिर्फ इस बात पर बुरी तरह पीटा गया कि उसकी बाइक गलती से दोनों भाइयों की बाइक से टच हो गई थी.
मामला 20 सितंबर का बताया जा रहा है. इस दिन उसराहार की गणेश प्रतिमा का विसर्जन होने जा रहा था. भरतिया चौराहे बंबा पर बाबूलाल का बेटा सोनू खटीक अपनी बाइक से जा रहा था, जबकि दूसरी बाइक से अंग्रेज यादव का बेटा जीतू यादव भी जा रहा था. बताया जाता है कि सोनू की बाइक जीतू की बाइक से टच हो गई, तो दोनों में उसराहार में ही विवाद हो गया. विवाद होते देख लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद निपटा दिया.
सोनू ने बताया कि इसके बाद वह बाइक से विसर्जन यात्रा में जाने लगा. अभी वह रम्मपुरा गांव के पास ही पहुंचा था कि पीछे से जीतू अपने भाई आशीष के साथ बाइक से आ गया और धक्का देकर उसे बाइक से गिरा दिया. फिर दोनों भाइयों ने बेल्ट और चप्पल से उसे बुरी तरह पीटा. सोनू बचाने की गुहार भी लगाता रहा, लेकिन दोनों ने उसकी एक न सुनी. इसी दौरान किसी ने इस वारदात का वीडियो बना लिया. वीडियो में दिख रहा है कि दोनों लड़के सोनू को बुरी तरह पीट रहे हैं और लोग बचाने के लिए आगे आ रहे हैं तो ये दोनों भाई उन्हें भी धमका रहे हैं.
सोनू ने बताया कि उसने अपनी मां के साथ घटना की सूचना थाना पुलिस को दी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. शुक्रवार को जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, तो पुलिस ने पीड़ित को बुलाकर तहरीर ली और जीतू यादव व आशीष यादव के खिलाफ दलित एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया. थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया है. विवेचना क्षेत्राधिकारी भरथना करेंगे.
वाशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान आतंकवाद के संदर्भ में पाकिस्तान की भूमिका का 'स्वयं उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आतंकवादी समूह काम कर रहे हैं और साथ ही उन्होंने इस्लामाबाद से आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा ताकि ये समूह अमेरिका और भारत की सुरक्षा पर प्रभाव नहीं डाल सकें।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मोदी और हैरिस के बीच हुई पहली व्यक्तिगत बैठक के बाद कहा, बातचीत के दौरान जब आतंकवाद का मुद्दा आया, तो उपराष्ट्रपति हैरिस ने 'स्वयं इस संबंध में पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि वहां कई आतंकवादी समूह काम कर रहे हैं तथा उन्होंने पाकिस्तान से उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा कि ताकि ये समूह अमेरिका और भारत की सुरक्षा पर प्रभाव न डालें।
उन्होंने कहा, उन्होंने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री की ब्रीफिंग और इस तथ्य पर सहमति जतायी कि भारत कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है, और कहा कि ऐसे आतंकवादी समूहों को पाकिस्तान से मिल रहे समर्थन पर लगाम लगाने और इन पर बारीकी से निगरानी करने की आवश्यकता है। हैरिस से श्री मोदी की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली और इस दौरान सारगर्भित चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में कोविड-19, आतंकवाद, तकनीकी क्षेत्र में सहयोग, साइबर सुरक्षा आदि क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
लोकतंत्र के मुद्दे पर हैरिस ने कहा था कि दोनों देशों के लोगों के हित में लोकतंत्र की रक्षा करना दोनों देशों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, चूंकि दुनिया भर के लोकतंत्र खतरे में हैं, यह जरूरी है कि हम अपने-अपने देशों और दुनिया भर में लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संस्थानों की रक्षा करें। पहले हमें अपने घर में लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए। एक सवाल के जवाब में श्री श्रृंगला ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने इस तथ्य की सराहना की कि भारत और अमेरिका बड़े और सफल लोकतंत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं और हमें न केवल अपने देशों के भीतर बल्कि अन्य देशों के साथ लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए काम करना जारी रखने की जरूरत है।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद कैदियों के लिए जमानत मिलने के बाद रिहाई की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है।अब कैदियों को जमानत के दस्तावेजों की हार्ड कॉपी के जेल प्रशासन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अपने आदेशों को संबंधित पक्षों तक पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के सिस्टम को लागू करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मिलने के बावजूद कैदियों को जेल से रिहाई में होने वाली देरी पर चिंता जताई थी। जुलाई में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमन्ना की अध्यक्षता में एक बेंच ने इस इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के सिस्टम पर काम करने का सुझाव दिया था।
फास्ट एंड सिक्योर ट्रांसमिशन आफ इलेक्ट्रानिक रिकार्ड्स (FASTER) नाम की इस योजना से अदालत के फैसलों की तेजी से जानकारी मिल सकेगी और उस पर तेजी से आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हरएक जेल में हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है।
अब तेजी से लागू होंगे कोर्ट के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने बताया, फास्टर सिस्टम के तहत अदालत के अंतरिम आदेश, स्टे ऑर्डर्स, बेल ऑर्डर्स और अदालत की कार्यवाही के रिकॉर्डस की ई-ऑथेंटिकेटेड कॉपी को संबंधित अधिकारियों और पक्षों तक पहुंचाया जाएगा। जिससे वो जल्द से जल्द इसे लागू कर सकें. ये सारी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन के एक सुरक्षित चैनल के जरिये की जाएगी।”
सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटेरी जनरल को इस फास्टर सिस्टम के प्रपोजल पर काम कारने का निर्देश दिया गया था। इस प्रपोजल पर अपना आदेश सुनाते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमन्ना, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने गुरुवार को कहा, “हम जेल में बंद कैदियों को जमानत मिलने के बावजूद रिहाई में होने वाली देरी को लेकर चिंतित हैं। कोर्ट के आदेशों के तेजी से लागू होने के लिए सूचना और कम्यूनिकेशन की तकनीकों के इस्तेमाल का ये सही समय है।”
नई दिल्ली। तीन नए कृषि कानूनों को पारित हुए आज के दिन एक साल पूरा हो गया है। किसान इन कानूनों के खिलाफ करीब एक साल से प्रदर्शन कर रहा है। दिल्ली की सीमाओं पर देशभर के किसानों ने ढेरा डाल रखा है। वहीं, अलग-अलग राज्यों में भी किसान जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा के अलावा कई और किसान संगठन भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं।
27 सितंबर को होने वाले भारत बंद के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। मोर्चा ने बताया कि उस दिन क्या-क्या बंद रहेगा और किसे छूट मिलेगी। ‘किसान विरोधी मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंद’, ‘मोदी करेगा मंडी बंद, किसान करेंगे भारत बंद’, और ‘नरेन्द्र मोदी, किसान विरोधी’ जैसे बैनर तले प्रदर्शन किया जाएगा। भारत बंद सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रहेगा।
ये रहेंगे बंद :-
केंद्र और राज्य सरकार के सभी दफ्तर और संस्थाएं
बाजार, दुकान और उद्योग – स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और सभी तरह के शिक्षण संस्थान
हर तरह का सार्वजनिक यातायात और निजी वाहन
किसी भी तरह का सरकारी या गैर सरकारी
इन्हें रहेगी छूट :-
अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एंबुलेंस और कोई भी मेडिकल सेवा
किसी भी तरह की सार्वजनिक (फायर ब्रिगेड, आपदा राहत आदि) या व्यक्तिगत इमरजेंसी (मृत्यु, बीमारी, शादी आदि
स्थानीय संगठनों द्वारा दी गई और कोई भी छूट
संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। मोर्चा ने कहा है कि बंद के दौरान लोगों को स्वेच्छा से सब कुछ बंद करने की अपील की जाए। किसी किस्म की जबरदस्ती नहीं की जाए. इस आंदोलन में किसी भी किस्म की हिंसा या तोड़फोड़ की कोई जगह नहीं है। साथ ही कहा गया है कि यह बंद किसान विरोधी सरकार के खिलाफ है, पब्लिक के खिलाफ नहीं। इसलिए पब्लिक को कम से कम तकलीफ हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। बंद वाले दिन संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बंद के समर्थन में कोई सभा आयोजित की जा सकती है। मोर्चे के मंच से कोई राजनैतिक नेता भाषण नहीं देगा।








