भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आज जारी मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के सभी भागों को कवर करते हुए संपूर्ण भारत में पहुंच गया। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सम्पूर्ण भारत को पार करने की सामान्य समय सीमा 8 जुलाई है और इसने पूरे देश को सामान्य समय से 5 दिन की देरी से 13 जुलाई को कवर कर लिया।
बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी आर्द्र हवाओं के कारण पिछले 4 दिनों से उत्तर भारत के क्षेत्रों में बादलों का प्रभाव बढ़ा है और बारिश का दायरा भी अधिक क्षेत्रों तक पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आमतौर पर 27 जून को आता है जबकि इस बार सामान्य समय से लगभग 16 दिनों की देरी 13 जुलाई को पहुंचा है।
दिल्ली सहित देशभर में हाल के वर्षों में मॉनसून कब पहुंचा और सामान्य समय क्या है यह नीचे दिए गए टेबल-1 में देख सकते हैं।
आज जिन भागों में मॉनसून पहुंचा उन स्थानों पर 12 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से आज यानि 13 जुलाई सुबह 8:30 बजे के बीच हुई बारिश (सेमी में) इस प्रकार है:
सफदरजंग-2.5, आयानगर-1.3, पालम-2.4, सीएचओ लोदी रोड-0.9, रिज-1.0, गुरुग्राम-5.1, फरीदाबाद-2.8, पानीपत-1.0, रोहतक-2.2, हिसार-3.3, फतेहाबाद-3.0, जैसलमेर-7.7, बीकानेर-6.8 और चुरू-9.0 मिलीमीटर।
एनटीपीसी की 100 फीसदी सहायक कंपनी, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को गुजरात के खवाड़ा में कच्छ के रण में 4,750 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा पार्क स्थापित करने के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) से मंजूरी मिल गई है। यह भारत का सबसे बड़ा सोलर पार्क होगा, जिसका निर्माण देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कंपनी करेगी। मंत्रालय ने एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनटीपीसी आरईएल) को यह मंजूरी 12 जुलाई, 2021 को सोलर पार्क योजना के मोड 8 (अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क) के तहत दी है। एनटीपीसी आरईएल की इस पार्क से व्यावसायिक स्तर पर हरित हाइड्रोजन उत्पन्न करने की योजना है। अपने हरित ऊर्जा पोर्टफोलियो संवर्द्धन के एक हिस्से के रूप में, भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा एकीकृत कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का निर्माण करना है। वर्तमान में, राज्य के स्वामित्व वाली प्रमुख विद्युत कंपनी की 70 विद्युत परियोजनाओं में 66 गीगावॉट की स्थापित क्षमता है। इसके अतिरिक्त 18 गीगावॉट निर्माणाधीन है। हाल ही में, एनटीपीसी ने आंध्र प्रदेश के सिम्हाद्री ताप विद्युत संयंत्र के जलाशय पर भारत का सबसे बड़ा 10 मेगावाट (एसी) का फ्लोटिंग सोलर भी चालू किया है। वहीं इसके अतिरिक्त 15 मेगावॉट (एसी) अगस्त, 2021 तक चालू किया गया।
इसके अलावा, तेलंगाना स्थित रामागुंडम ताप विद्युत संयंत्र के जलाशय पर 100 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना कार्यान्वयन के अग्रिम चरण में है।
इसके अतिरिक्त, एनटीपीसी आरई लिमिटेड ने हाल ही में केंद्रशासित लद्दाख और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) के साथ हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और एफसीईवी बसों पर तैनाती के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर को लेह में सोलर ट्री और सोलर कार पोर्ट के रूप में एनटीपीसी के पहले सोलर इंस्टॉलेशन के उद्घाटन के साथ भी चिह्नित किया गया था।
सहायक कंपनी एनटीपीसी आरईएल को एनटीपीसी के नवीकरणीय ऊर्जा व्यापार में तेजी लाने के लिए 07 अक्टूबर, 2020 को सम्मिलित किया गया था।
जयपुर, राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे फर्जी बाबा को गिरफ्तार किया है तो तंत्र-मंत्र के जरिए महिलाओं को वश में करके अपने साथ लिव इन रिलेशन में रहने को मजबूर करता था. आरोपी बाबा के वश में होकर महिलाएं भी अपना घर-परिवार छोड़कर बाबा के पास रह रही थीं. आखिरकार एक एक महिला के पति ने पुलिस को बाबा की करतूत बताते हुए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत पर जांच करते हुए पुलिस ने ढोंगी बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया. जयपुर के इस फर्जी बाबा पर अय्याशीके अलावा महिलाओं से लाखों रुपए ठगने का भी आरोप है.
गौरतलब है कि यह मामला चाकसू थाना क्षेत्र का है, जहां सरकारी टीचर अशोक कुमार इस फर्जी बाबा के खिलाफ केस दर्ज कराया. अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि शाहनवाज नाम का एक शख्स जो खुद को सीबीआई अफसर भी बताता है और तंत्र-मंत्र के जरिए विवाहित महिलाओं को प्रसाद देकर अपने चंगुल में फंसाता है. फेसबुक पर भी फर्जी बाबा की प्रोफाइल बनी है.
एक महिला के पति अशोक कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने बताया कि अशोक की पत्नी और अन्य दो महिलाएं अपना घर-परिवार छोड़कर कई महीनों से ढोंगी बाबा यानी शहनवाज के साथ या उसके आसपास ही किराये के कमरे में रह रही थीं. फर्जी बाबा शहनवाज अक्सर पूजा पाठ के बहाने से उनके पास आता है और लाखों रुपए ठगता था.
नई दिल्ली। दो साध्वी से दुष्कर्म और एक पत्रकार की हत्या मामले में हरियाणा की रोहतक जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम एक बार फिर चर्चा में हैं। खबर आ रही है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एंडोस्कोपी के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में लाया गया है। यहां पर गुरमीत राम रहीम को निगरानी में रखा जाएगा और इस दौरान कुछ जरूरी जांच भी की जाएगी। बता दें कि पिछले महीने कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां पर हनीप्रीत इस मौके पर राम रहीम से मिलने भी पहुंची थीं। 15 जून तक का हनीप्रीत का अटेंडेंट पास बना हुआ थी, लेकिन बाद में जेल मैनु्अल की वजह से उसका पास रद हो गया था।
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले मे तेंदुआ (leopard) देखा गया, आमतौर पर जंगली जानवरों का रिहायसी इलाकों में भटकना आम बात नहीं है, लेकिन अगर सही तरीके और सही समय पर इन्हें नहीं संभाला गया तो यह अक्सर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती हैं, महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के अधिकारियों को ऐसी चुनौती का सामना करना पड़ा जब इलाके में एक तेंदुआ (leopard) देखा गया, तेंदुए की पहचान एक वयस्क नर के रूप में हुई, जो घायल भी था. घायल अवस्था में यह जिले के एक स्कूल की कैंटीन में घुस गया. इसके बाद वन विभाग के अधिकारी और वन्यजीव समूह वाइल्डलाइफ एसओएस के सदस्य बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे.
वाइल्डलाइफ एसओएस के यूट्यूब पेज पर शेयर किए गए एक वीडियो के मुताबिक, तकली ढोकेश्वर गांव (Takali Dhokeshwar village) स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय (Jawahar Navodaya Vidyalaya) में चार घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद बड़ी बिल्ली को बचा लिया गया. संगठन द्वारा साझा किए गए वीडियो में तेंदुए को स्कूल की बड़ी कैंटीन के अंदर घूमते देखा जा सकता है.
बचाव अभियान का वर्णन करते हुए, पोस्ट ने खुलासा किया कि वन विभाग, जिसे वन्यजीव समूह द्वारा सहायता प्रदान की गई थी, ने "सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं को सुरक्षित कर लिया और स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन किया." हालांकि, वीडियो से पता चला कि तेंदुए का पता लगाना मुश्किल था क्योंकि वह कैंटीन में हाथ-पांव मारता रहा. तेंदुए के स्थान की पुष्टि करने पर, रसोई के दरवाजे में एक छेद बनाया गया था और तेंदुए को "स्थिर" करने के लिए एक ट्रैंक्विलाइज़र दिया गया था.
वीडियो से जुड़ी पोस्ट से पता चला है कि तेंदुआ "वर्तमान में जुन्नार में मानिकदोह तेंदुआ बचाव केंद्र में चिकित्सा देखभाल और निगरानी में है."
वन विभाग और वन्यजीव समूह के प्रयासों की इंटरनेट पर यूजर्स ने तारीफ की. कई लोगों ने तेंदुए को किसी भी तरह से चोट नहीं पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा की गई देखभाल की सराहना करते हुए कई कमेंट भी किए हैं. वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने कहा, "इस खूबसूरत तेंदुए को बचाने और उसका इलाज करने के लिए धन्यवाद. आप इस दुनिया के लिए एक आशीर्वाद हैं!"
एक यूजर ने यह भी कहा, कि स्कूल कैंटीन में तेंदुआ होना वाकई डरावना था, लेकिन इस घटना का इस्तेमाल बच्चों को शिक्षित करने के लिए भी किया जा सकता है. "बच्चों के लिए डरावना, लेकिन कितना भयानक शिक्षण क्षण है. मुझे लगता है कि परिवर्तन वास्तव में बच्चों के साथ शुरू होता है. और तेंदुए के लिए भाग्यशाली है कि वन्यजीव एसओएस इसे बचाने के लिए वहां मौजूद था. पृथ्वी के सभी जीव एक खजाना हैं."
नसीरिया/नई दिल्ली। इराक के नासिरिया में एक कोविड-19 अस्पताल में दर्दनाक हादसा हुआ है। इस अस्पताल में भीषण आग लगने से 50 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नासिरया शहर के इस अस्पताल में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है तथा अन्य की हालत नाजुक बनी हुई है। मरने वाले लोग बुरी तरह झुलस गए थे। उन्होंने बताया कि आग इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आग ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की वजह से लगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आग लगने के कारण के बारे में कुछ नहीं कहा है। दो चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में यह वार्ड तीन महीने पहले खुला था और इसमें 70 बेड थे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अम्मार अल जामिली ने बताया कि जब आग लगी तब कम से कम 63 मरीज वार्ड के भीतर थे। इराक के किसी अस्पताल में इस वर्ष आग लगने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले, अप्रैल में बगदाद के एक अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक फटने की वजह से आग लगी थी और तब कम से कम 82 लोगों की मौत हो गई थी।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जलते हुए अस्पताल से शवों को बाहर निकाला, जबकि कई मरीज धुएं के बीच खांस रहे थे। नासिरिया के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि आग पर काबू पाने के बाद अल-हुसैन कोरोना वायरस अस्पताल में राहत व बचाव अभियान जारी था, लेकिन घने धुएं के कारण कुछ वार्डों में घुसना मुश्किल हो रहा था। प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पताल के कोविड 19 वार्डों के अंदर एक ऑक्सीजन टैंक फटने से ये आग लगी थी। अस्पताल के एक गार्ड अली मुहसिन ने कहा कि मैंने कोविड वार्ड के अंदर एक बड़ा विस्फोट सुना और फिर आग बहुत तेजी से भड़की।
पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री, चार मोबाइल फोन, 6,900 रूपए नकद राशि और सीसीटीवी के डीवीआर समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। जानकारी के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने देर रात एक होटल में छापा मारकर वहां चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया और पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि थाना बीटा-2 पुलिस ने एक सूचना के आधार पर सेक्टर 36 में स्थित एक होटल पर शनिवार देर रात छापा मारा और वहां चल रहे रैकेट का पर्दाफाश किया।
नोएडा सेक्टर-36 में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 11, 2021
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने बताया, "सूचना के आधार पर सेक्टर 36 के एक होटल में छापेमारी की गई, फरीदाबाद से आई एक लड़की और 2 लड़के पकड़े गए हैं। इनके विरुद्ध अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम का अभियोग पंजीकृत किया गया है।" pic.twitter.com/kSsQSVUluw
#WATCH Flash flood in Bhagsu Nag, Dharamshala due to heavy rainfall. #HimachalPradesh
— ANI (@ANI) July 12, 2021
(Video credit: SHO Mcleodganj Vipin Chaudhary) pic.twitter.com/SaFjg1MTl4
वर्जिन गैलेक्टिक स्पेसशिप ने रविवार शाम अंतरिक्ष की दुनिया में कदम रख दिया। इसके साथ ही वर्जिन गैलेक्टिक के मालिक निजी स्पेसशिप से अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले बिजनेसमैन बन गए। उनके साथ इस स्पेसशिप में भारतीय मूल की शिरीषा बंदला के अलावा चार अन्य लोग भी हैं। अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद रिचर्ड ब्रैनसन ने अपना अनुभव पूरी दुनिया के साथ साझा किया और इसे पूरी उम्र न भूलने वाला अनुभव बताया। साथ ही उन्होंने वर्जिन गैलेक्टिक टीम की तारीफ करते हुए कहा कि यह टीम के 17 साल की मेहनत का परिणाम है।
अचानक लिया फैसला
ब्रिटेन के वर्जिन समूह के संस्थापक ब्रैनसन एक सप्ताह में 71 साल के हो जाएंगे। इस गर्मी के अंत तक उनके उड़ान पर जाने की संभावना नहीं थी लेकिन 'ब्लू ऑरिजिन के जेफ बेजोस द्वारा 20 जुलाई को वेस्ट टेक्सास से अपने रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में जाने की घोषणा के बाद ब्रैनसन ने पहले ही अंतरिक्ष यात्रा पर निकलने का फैसला किया। अंतरिक्ष यान ने न्यू मैक्सिको के दक्षिणी रेगिस्तान से अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। करीब पांच सौ लोग दर्शकों में शामिल थे जिनमें उनकी पत्नी, बेटा बेटी और पोता पोती भी थे। यान में ब्रैनसन के साथ कंपनी के पांच कर्मचारी भी सवार थे।
Take-off! The #Unity22 crew including @RichardBranson leave Spaceport America, New Mexico for #VirginGalactic’s first fully-crewed spaceflight. pic.twitter.com/RxGYp90nu8
— Virgin Galactic (@virgingalactic) July 11, 2021
अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देना है मकसद
अंतरिक्ष यान करीब 8 1/2 मील (13 किमी) की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अपने मूल विमान से अलग हो गया और करीब 88 किमी की ऊंचाई पर जाकर वह अंतरिक्ष के छोर पर पहुंच गया। यहां पहुंचने पर चालक दल के सदस्यों को कुछ मिनट के लिए भारहीनता की स्थिति महसूस हुई। ब्रैनसन ने अचानक ही पिछले दिनों ट्विटर पर अंतरिक्ष यात्रा की घोषणा की थी। उनकी उड़ान का मकसद अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देना है जिसके लिए पहले से 600 से ज्यादा लोग इंतजार कर रहे हैं।
Richard Branson and crew successfully land after completing mission to space. pic.twitter.com/McVvfd8bxd
— USA TODAY (@USATODAY) July 11, 2021
90 मिनट की देरी से भरी उड़ान
वर्जिन गैलेक्टिक वीएसएस यूनिटी अंतरिक्ष यान है जिसने खराब मौसम की वजह से करीब 90 मिनट की देरी से 1.5 घंटे की उड़ान न्यू मैक्सिको के ऊपर भरी। इसमें भारतीय मूल की बांदला, ब्रानसन और पांच अन्य लोगों के साथ वर्जिन गैलेक्टिक अंतरिक्ष यान पर सवार हुईं और न्यू मैक्सिकों से उड़ान भरी। उड़ान भरने से पहले बांदला ने ट्वीट किया, ''यूनिटी 22 के शानदार चालक दल का सदस्य और कंपनी का हिस्सा बनाकर अभूतपूर्व तरीके से सम्मानित किया है जिसका मिशन अंतरिक्ष को सभी के लिए मुहैया कराना है।
उन्होंने छह जुलाई को वर्जिन गैलेक्टिक के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया था, ''जब मैंने सुना कि मुझे यह अवसर मिल रहा है, तब मैं ... नि:शब्द हो गई। मैं मानती हूं कि संभवत: सही हुआ। यह अलग-अलग पृष्ठभूमि, भौगोलिक क्षेत्र, समुदाय के लोगों के अंतरिक्ष में होने का अभूतपूर्व अवसर है। यूनिटी 22 का प्राथमिक उ्द्देश्य वर्जिन गैलेक्टिक द्वारा भविष्य की यात्री उड़ानों के लिए परीक्षण करना है।
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से अपील की कि वे अपनी पसंद के ऐसे लोगों को पद्म पुरस्कारों के लिए नामित करें, जो जमीनी स्तर पर असाधारण काम कर रहे हैं. उन्होंने ट्वीट कर यह काम आम जनता से करने को कहा है. मोदी ने ट्वीट में कहा, भारत में जमीनी स्तर पर असाधारण काम करने वाले कई लोग हैं, लेकिन उनके बारे में लोगों को कम जानकारी सुनने को मिलती है. क्या आप इनमें से ऐसे प्रेरक व्यक्तियों के बारे में जानते हैं. अगर आप इन्हें जानते हैं तो इन्हें आप पद्म पुरस्कारों के लिए नामित कर सकते हैं.
15 सितंबर तक नाम भेजा जा सकता है
पीएम ने ऐसे प्रेरणादायी लोगों के नाम 15 सितंबर तक भेजने को कहा है. उन्होंने पुरस्कार के लिए वेबसाइट का लिंक साझा करते हुए ट्वीट किया, “भारत में कई प्रतिभाशाली लोग हैं, जो जमीनी स्तर पर असाधारण काम कर रहे हैं. आप उन्हें पद्म पुरस्कार के लिए नामित कर सकते हैं. नामांकन 15 सितंबर तक खुले हैं. पद्म पुरस्कार-पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं.
India has many talented people, who are doing exceptional work at the grassroots. Often, we don’t see or hear much of them. Do you know such inspiring people? You can nominate them for the #PeoplesPadma. Nominations are open till 15th September. https://t.co/BpZG3xRsrZ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 11, 2021
कुछ वर्षों से गुमनाम नायकों को दिए जा रहे हैं सम्मान
मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद पद्म पुरस्कारों को आम जनता तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. ऐसे लोगों को इसके लिए चुना जा रहा है जो असाधारण काम करते हैं लेकिन ये अक्सर गुमनामी में रहते हैं. ऐसे लोगों को सम्मानित करने की पहल खुद पीएम ने की है. पिछले कुछ वर्षों में, मोदी सरकार ने सैकड़ों गुमनाम नायकों को विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धि और समाज में उनके योगदान के लिए पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया है. 1954 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है.
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को कोरोना कर्फ्यू संबंधी नया दिशा-निर्देश जारी करते हुए कर्फ्यू में और दो घंटे की ढील दी गई है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में सोमवार, 12 जुलाई से (शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी छोड़कर) सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बाजार, दुकानों और प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति रहेगी। अभी तक सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ही बाजार खुले रहते हैं। मुख्यषमंत्री योगी आदित्य नाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चत स्तुरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अपर मुख्यत सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने नया दिशा-निर्देश जारी किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 19 जून को जारी आदेश के मुताबिक प्रदेश में सोमवार से शुक्रवार तक (शनिवार-रविवार साप्ताहिक बंदी) सुबह सात बजे से रात्रि नौ बजे तक कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन के साथ गतिविधियों के संचालन की छूट थी। उन्होंने बताया कि 19 जून के आदेश में परिवर्तन करते हुए सोमवार, 12 जुलाई से (शनिवार-रविवार साप्ताहिक बंदी छोड़कर) सुबह छह बजे से रात दस बजे तक कोविड प्रोटोकॉल के नियमों के तहत गतिविधियों के संचालन की अनुमति रहेगी।

यूपी में रविवार को आंधी-पानी आफत लेकर आया। गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने से प्रदेश में पांच महिलाओं समेत 35 लोगों की मौत हो गई। इनमें कुछ बच्चे भी शामिल है। एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में मौत की खबर से पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा है। सबसे ज्यादा मौतें कानपुर में हुई हैं। यहां पांच लोगों के अलावा 43 मवेशियों की भी प्राकृतिक आपदा में जान चली गई है। यूपी कई जिलों में रविवार को बारिश हुई। बारिश के दौरान कुछ जिलों में गरज और चमक के साथ बिजली भी गिरी है। आकाशीय बिजली गिरने से प्रयागराज, कौशांबी और प्रतापगढ़ में 14 लोगों की मौत हो गई। प्राकृतिक आपदा ने कानपुर और उसके आसपास के जिलों में 18 लोगों की मौत हो गई।
कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील के अलग-अलग गांवों में बिजली गिरने से पांच लोगों की जान चली गई। यहीं के घाटमपुर क्षेत्र में एक युवक और 43 मवेशियों की भी आकाशी बिजली गिरने से मौत हो गई। फतेहपुर के असोथर, बकेवर और चांदपुर में बिजली गिरने से तीन महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई। बांदा कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव में एक 13 साल की मासूम बच्ची की जान चली गई। उन्नाव में भी प्राकृतिक आपदा से मौत हुई हैं। बीघापुर थाना क्षेत्र के सराय बैदरा गांव में बिजली गिरने से दो बच्चों की जान चली गई। हमीरपुर में बिंबार थाना क्षेत्र के ऊपरी गांव में आकाशी बिजली ने कहर बरपाया। यहां दो लोगों की मौत हो गई। एक दिन में इतनी भारी संख्या में हुई मौतों से प्रदेश में हड़कंप मचा है।
शिकोहाबाद आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत
शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के दो गांवों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई। किसानों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर सीओ, तहसीलदार मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने किसानों के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। हेमराज 65 पुत्र रामधन, रामसेवक उर्फ भूरी सिंह पुत्र अजब सिंह निवासीगण नगला ऊमर रविवार को अपने खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान बरसात शुरू हो गई तो खेत के पास खड़े नीम के पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए। इसी दौरान पेड़ के ऊपर आकाशीय बिजली गिर पड़ी। जिससे दोनों की ही मौके पर मौत हो गई। दो किसानों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रोते बिलखते हुए। सूचना मिलते ही सीओ व तहसीलदार मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों किसानों के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। वही दूसरी घटना नगला चाट में हुई जहां किसान अमर सिंह 60 पुत्र जगन्नाथ अपने खेत पर काम कर रहे थे। बरसात से बचने के लिए वह आम के पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए। इसी दौरान आम के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर पड़ी जिससे वह गंभीर रुप से झुलस गए। परिजन आनन फानन में उन्हें सरकारी अस्पताल ले गए। जहां पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किसान की मौत से परिवार में हाहाकार मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
प्रयागराज में आकाशीय बिजली गिरने से 13 की मौत
रविवार को दोपहर गरज के साथ हुई बारिश के दौरान प्रयागराज के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं कौशाम्बी में तीन और प्रतापगढ़ में एक युवक की आकाशीय बिजली से मौत हो गई। इसबीच प्रयागराज में वज्रपात की चपेट में आने से 11 मवेशियों की जान चली गई। प्रयागराज के कोरांव के भगेसर में 13 वर्षीय रामराज, 12 वर्षीय पुष्पेंद्र कुमार व महुली गांव में 65 वर्षीय राम मूरत वज्रपात से मौत हो गई। वहीं बारा तहसील क्षेत्र के करिया कलां में 60 वर्षीय कामता प्रसाद, रेरा में 15 वर्षीय विमलेश कुमार व लोगहगरा में हरीश चंद्र, करछना के रोकड़ी में त्रिभुवन नाथ, सोरांव के सुल्तानपुर में आरती कुमारी, दादनपुर में रंजना, कमालपुर में संगीता, चकबाहर में कमलादेवी, मलाक बेला में मालती देवी व गीता देवी की मौत हो गई। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह का कहना है कि इसके अलावा जिले की अलग-अलग तहसीलों में कुल छह भैंस व पांच बकरों की भी मौत हुई है। फूलपुर और सोरांव तहसील में दो-दो लोग घायल हैं। वहीं कौशाम्बी के सराय आकिल के पुरखास गांव के युवक रामचंद्र (25), अकबराबाद गुसैली के मूरतध्वज (52) तथा पश्चिम शरीरा के मयंक उर्फ शनि (14) की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। प्रतापगढ़ के उदयपुर क्षेत्र के मंगापुर में आशाराम (22) की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।
Goa Curfew Extended: गोवा में कोरोना को लेकर लागू कर्फ्यू को 19 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है. हालांकि, इसके साथ ही कुछ रियायतों का भी एलान किया गया है. इसके तहत राज्य के जिम 50 फीसदी की क्षमता के साथ खोल जा सकेंगे. वहीं स्पोर्ट कॉम्प्लैक्स को बिना दर्शकों के खोले जाने की इजाजत दी गई है. साथ ही धार्मिक स्थलों पर 15 से ज्यादा लोगों को इजाजत नहीं होगी.
गोवा में कोरोना की स्थिति
गोवा में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 131 नए मामले सामने आए हैं और दो लोगों की संक्रमण के वजह से मौत हो गई. साथ ही एक दिन में 241 लोग इलाज के बाद रिकवर भी हुए हैं. जानकारी के मुताबिक, एक्टिव केस की संख्या 1848 है. अब तक इलाज के बाद 1 लाख 63 हजार 771 लोग रिकवर हो चुके हैं. वहीं, अब तक इस वायरस ने 3097 लोगों की जान ले ली है.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने ऊर्जा और विद्युत क्षेत्र की ओर कृषि के विविधीकरण के लिए वैकल्पिक जैव ईंधन के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने आज नागपुर में देश के पहले एलएनजी सुविधा संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि हम लोग अपनी अर्थव्यवस्था में पेट्रोल-डीजल और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर 8 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जो एक बड़ी चुनौती है। मंत्री ने कहा कि हमने एक नीति तैयार की है जो आयात के विकल्प को लागत प्रभावी प्रदूषण मुक्त व स्वदेशी इथेनॉल, जैव सीएनजी, एलएनजी और हाइड्रोजन ईंधन के विकास को प्रोत्साहित करती है। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय विभिन्न वैकल्पिक ईंधनों पर लगातार काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें चावल, मक्का और चीनी को बर्बाद होने से बचाने के लिए अधिशेष का उपयोग करना होगा।
फ्लेक्स इंजन के बारे में श्री गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल विनिर्माताओं विशेषकर चौपहिया और दुपहिया वाहनों के लिए फ्लेक्स इंजन बनाना अनिवार्य करने के संबंध में तीन महीने में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका, कनाडा और ब्राजील जैसे कई देशों के पास फ्लेक्स इंजन पहले से ही हैं। उन्होंने कहा कि वाहन की कीमत एकसमान रहती है, चाहे वह पेट्रोल हो या फ्लेक्स इंजन।









