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BIG BREAKING : एक बार फिर भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से फिर दहला असम

BIG BREAKING : एक बार फिर भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से फिर दहला असम

नई दिल्ली, भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से शुक्रवार को भी असम दहल गया. शुक्रवार शाम को भूकंप का पहला झटका असम के सोनितपुर में शाम 4:49 बजे लगा, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई. वहीं दूसरा झटका सोनितपुर में ही शाम 6:27 बजे लगा, जिसकी तीव्रता 3.2 मापी गई. पिछले दो दिनों में असम में भूकंप के कई झटके लग चुके हैं.


एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को सुबह 7:51 बजे तेजपुर में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप के बाद जिले और मध्य असम में ब्रह्मपुत्र के दोनों तरफ बसे आस-पास के इलाकों में कुल 8 झटके महसूस किए गए. इस कारण लोगों को रात भर जागकर गुजारनी पड़ी. भूकंप से राज्य में भारी नुकसान हुआ है.
एनसीएस के अनुसार, अन्य झटकों की तीव्रता 2.8, 2.6, 2.9, 2.3, 2.7, 2.7 और 2.8 थी जो राज्य में क्रमश: 9:38, 12:24, 1:10, 1:41, 1:52, 2:38 और सुबह 7:13 पर आए. भूकंप के बाद के इन झटकों के चलते किसी ढांचे को नुकसान होने या लोगों के हताहत होने की खबर नहीं है.
 

इन कंपनियों ने 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को कोरोना वायरस टीके लगाने मांगी मंजूरी

इन कंपनियों ने 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को कोरोना वायरस टीके लगाने मांगी मंजूरी

ब्रसेल्स/नई दिल्ली। फाइजर और बायोएनटेक ने यूरोपीय संघ के दवा नियामकों से 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए कंपनियों के कोरोना वायरस टीके को मंजूरी देने का अनुरोध किया है। यह कदम यूरोप में युवा और कम जोखिम वाली आबादी को टीके तक पहुंच मुहैया करा सकता है।
दोनों कंपनियों ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी को उनकी अर्जी 2,000 से अधिक किशोरों पर किये गए एक उन्नत अध्ययन पर आधारित है जिसमें टीका सुरक्षित और प्रभावी होने का पता चला था। बच्चों पर और दो साल के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए निगरानी की जाएगी।
फाइजर और बायोएनटेक ने पहले अनुरोध किया था कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के साथ उनकी आपातकालीन उपयोग अनुज्ञा 12-15 वर्ष के बच्चों के लिए भी विस्तारित की जाए। फाइजर और बायोएनटेक द्वारा बनाया गया कोविड-19 टीका पहला टीका था जिसे गत दिसंबर में ईएमए द्वारा हरी झंडी दिखायी गई थी जब इसे 16 साल और इससे अधिक आयु के लोगों और 27-देश के यूरोपीय संघ में लाइसेंस दिया गया था।
 

इस देश ने सड़कों पर ड्राईवरलेस कारों के लिए अनुमति देने वाला पहला देश बना

इस देश ने सड़कों पर ड्राईवरलेस कारों के लिए अनुमति देने वाला पहला देश बना

यूनाइटेड किंगडम कम गति पर सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के उपयोग के लिए विनियमन की घोषणा करने वाला पहला देश बन गया है ब्रिटेन ऑटोनोमस ड्राइविंग तकनीक को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहने का प्रयास कर रहा है। ब्रिटेन की सरकार का अनुमान है कि ब्रिटेन की लगभग 40% कारों में 2035 तक सेल्फ-ड्राइविंग क्षमता होगी। इससे देश में 38,000 नौकरियां पैदा होंगी।

योजना क्या है?
यूके सरकार सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के उपयोग के लिए हाईवे कोड पर काम कर रही है। परिवहन मंत्रालय ऑटोमेटेड लेन कीपिंग सिस्टम (ALKS) के साथ शुरू करेगा।

विनियम
ALKS की गति सीमा 37 मील प्रति घंटा निर्धारित की जाएगी।
ALKS स्वयं को एक लेन में चलाएगा।
पृष्ठभूमि
यूके सरकार के अनुसार, यह प्रौद्योगिकी मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगी। ब्रिटेन में 85% दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं।

सेल्फ ड्राइविंग वाहन कैसे काम करते हैं?
एक सेल्फ-ड्राइविंग वाहन पूरी तरह से ऑटोनोमस होता है। वाहन के सुरक्षित संचालन के लिए किसी चालक की आवश्यकता नहीं है। सेल्फ-ड्राइविंग प्रौद्योगिकियों को उबर, गूगल, निसान और टेस्ला द्वारा विकसित किया गया है।
अधिकांश सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम में आंतरिक मानचित्र होते हैं।वे अपने आसपास का नक्शा बनाने के लिए लेजर, सेंसर और रडार का उपयोग करते हैं। बनाए गए नक्शे के आधार पर, वाहन को निर्देश दिए जाते हैं।
ड्राइविंग के स्तर
स्तर 0: सभी प्रमुख प्रणालियां मनुष्यों द्वारा नियंत्रित होती हैं
लेवल 1: इसमें ऑटोमैटिक ब्रेकिंग या क्रूज़ कंट्रोल शामिल है
स्तर 2: कारें स्टीयरिंग और एक्सेलरेशन जैसे कम से कम दो स्वचालित कार्यों की पेशकश करती हैं
स्तर 3: कार सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यों को प्रबंधित करने में सक्षम है
स्तर 4: लगभग स्वायत्त।हालांकि, पूरी तरह से नहीं
स्तर 5: हर स्थिति में पूरी तरह से सेल्फ-ड्राइविंग में सक्षम
 

भारत सरकार के इस सलाहकार के कार्यालय ने घर पर कोविड-19 की देखभाल के लिए सुझाव दिए

भारत सरकार के इस सलाहकार के कार्यालय ने घर पर कोविड-19 की देखभाल के लिए सुझाव दिए

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने कोविड-19 के हल्के लक्षण दिखने पर “कोविड-19 का घरेलू देखभाल करने” के तरीकों की जानकारी को एकत्र कर बेहद आसानी से समझ में आने वाला वीडियो जारी किया है।

वीडियो के जरिए लोगों को सलाह दी गई है कि यदि किसी व्यक्ति में कोविड -19 का लक्षण दिखता है तो वह घबराएं नहीं, क्योंकि अधिकांश लोग खुद देखभाल कर घर पर अपने संक्रमण को ठीक कर सकते हैं। इसके तहत बीमारी के सामान्य लक्षणों को सूचीबद्ध किया गया है और बताता है कि पहली बार लक्षण मिलने पर क्या करना चाहिए। पहले संकेत पर, संक्रमित व्यक्ति को घर में आइसोलेट करना चाहिए। घरेलू देखभाल के उपायों का पालन करना शुरू करना चाहिए। वीडियो लोगों को चिंता नहीं करने के लिए कहता है। क्योंकि चिंता करने पर संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है।

यह बेहद जरूरी है कि ऐसे लक्षण वाले लोग घर पर आइसोलेट रहे। उन्हें ज्यादा से ज्यादा आराम करना और हाइड्रेटेड (खूब पानी पीना) रखना महत्वपूर्ण है और नियमित रूप से रोगी के रक्त ऑक्सीजन के स्तर और तापमान की निगरानी करें और लगातार बुखार जारी रहने पर या ऑक्सीजन का स्तर एसपीओ2 लेवल 92 फीसदी से कम हो तो डॉक्टर से परामर्श करें। यह वीडियो उन तरीकों को भी बताता है जिन्हें ऑक्सीजन का स्तर 94 फीसदी कम होने पर किया जाना चाहिए। जिससे कि फेफड़े में सुधार हो और ऑक्सजीन का स्तर बढ़ सके। वीडियो इसके अलावा रोगी के कमरे के दरवाजे और खिड़कियां खुली रखने के महत्व को भी बताता है। ताकि कमरे को अच्छी तरह से हवादार बनाया जा सके।

वायरस के प्रसार को कम करने के लिए टीकाकरण होने के महत्व को भी वीडियो रेखांकित करता है। वीडियो यह भी याद दिलाता है कि टीका लगाए जाने के बाद भी, कोविड-19 के उचित व्यवहार का पालन करना आवश्यक है।

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इन राज्यों के लिए रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपने मार्ग पर

इन राज्यों के लिए रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपने मार्ग पर

भारतीय रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस यात्रा जारी है और यह बड़ी संख्या में जीवन रक्षण का आधार बन रही है। राज्य सरकारों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने और अधिक संख्या में ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने की पूरी तैयारी कर ली है।

मध्य प्रदेश में आज दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुंचेगी। बोकारो से चार टैंकरों में 47.37 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन लेकर रवाना हुई यह गाड़ी सागर और जबलपुर में आपूर्ति करेगी। यह रेलगाड़ी 29 अप्रैल, 2021 को बोकारो से रवाना हुई और बिना किसी व्यवधान के अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। इसके आज शाम तक निर्धारित स्थानों पर पहुँचने की संभावना है।

हरियाणा जल्द ही अपनी पहली और दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्राप्त करेगा। एक रेलगाड़ी ओडिशा के राऊरकेला से 3 टैंकरों में 47.11 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन लेकर निकली है जबकि दूसरी अंगुल से 2 टैंकरों में 32 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई है। यह दोनों रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय में हरियाणा के लोगों की बहुप्रतीक्षित आवश्यकता की पूर्ति के लिए जल्द ही निर्धारित स्थानों पर पहुँच जाएंगी।

उत्तर प्रदेश लगातार ऑक्सीजन एक्सप्रेस की मदद से अपनी ऑक्सीजन की आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। उत्तर प्रदेश के लिए जल्द ही 7वीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस बोकारो से रवाना होने वाली है। यह गाड़ी तीन टैंकरों में तरल ऑक्सीजन लेकर गंतव्य पर पहुंचेगी। राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति को और तेज़ करने के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 फीट के आईएसओ कंटेनर्स से तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति जमशेदपुर से लखनऊ के लिए करने हेतु अनुरोध किया है। आईएसओ कंटेनर्स के परिवहन हेतु अतिरिक्त सावधानी और योजना की आवश्यकता होती है और रेलवे अधिकारी आईएसओ कंटेनर्स कीसुरक्षित आपूर्ति के लिए उपलब्ध बेहतर विकल्पों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। संभावना है कि आईएसओ कंटेनर्स की लोडिंग 1 मई, 2021 को जमशेदपुर में शुरू हो सकती है।

भारतीय रेलवे ने अब तक कुल 664 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर दी है, जिसमें महाराष्ट्र को 174 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को 356.47 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 64 मीट्रिक टन और दिल्ली को 70 मीट्रिक टन की आपूर्ति शामिल है। हरियाणा और तेलंगाना भी जल्द ही ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्राप्त करेंगे।

 

भारत रेमेडिसविर की 4,50,000 शीशियों का आयात करेगा, जानिए किसे दिया गया है ऑर्डर

भारत रेमेडिसविर की 4,50,000 शीशियों का आयात करेगा, जानिए किसे दिया गया है ऑर्डर

भारत सरकार ने देश में रेमेडिसविर की कमी को दूर करने के लिए दूसरे देशों से महत्वपूर्ण दवा रेमेडिसविर का आयात शुरू किया है। इसके तहत आज रेमेडिसविर की 75,000 शीशियों की पहली खेप भारत पहुंचेगी। भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने अमेरिका के मेसर्स गिलियड साइंसेज इंक और मिस्र की फार्मा कंपनी मेसर्स ईवीए फार्मा को रेमेडिसविर की 4,50,000 शीशियां बनाने का ऑर्डर दिया है। अमेरिका से अगले एक या दो दिनों में 75,000 से 1,00,000 शीशियां भारत पहुंचेगी। इसके अलावा 15 मई से पहले एक लाख शीशियों की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही ईवीए फार्मा शुरुआत में लगभग 10,000 शीशियों की आपूर्ति करेगी, जिसके बाद हर 15 दिन या जुलाई तक 50,000 शीशियां मिलेंगी। सरकार ने देश में भी रेमेडिसविर की उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया है। 27 अप्रैल तक सात लाइसेंस प्राप्त घरेलू निर्माताओं की उत्पादन क्षमता प्रति माह 38 लाख शीशियों से बढ़कर 1.03 करोड़ शीशियों प्रति माह हो गई। पिछले सात दिनों (21-28 अप्रैल, 2021) में दवा कंपनियों द्वारा देश भर में कुल 13.73 लाख शीशियों की आपूर्ति की गई है। दैनिक आपूर्ति 11 अप्रैल को 67,900 शीशियों से बढ़कर 28 अप्रैल. 2021 को 2.09 लाख शीशियों तक पहुंच गई है। गृह मंत्रालय द्वारा रेमेडिसविर आपूर्ति को सुचारू रूप से करने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एडवाजरी जारी की गई थी। सरकार ने भारत में इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए रेमेडिसविर के निर्यात पर भी रोक लगा दी। आम लोगों के बीच इंजेक्शन की लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए, एनपीपीए ने 17 अप्रैल, 2021 को संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य जारी किया, जिससे सभी प्रमुख ब्रांडों की लागत 3500 रुपये प्रति शीशी से नीचे आ गई। रेमेडिसविर के उत्पादन तेजी से बढ़ाने और उपलब्धता को आसानी से सुनिश्चित बनाने के लिए, राजस्व विभाग ने 20 अप्रैल को अधिसूचना 27/2021 जारी कर रेमेडिसविर इंजेक्शन पर सीमा शुल्क की पूरी तरह से खत्म करने का ऐलान किया था। इसके साथ ही रेमेडिसविर के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले एपीआई और बीटा साइक्लोडोडेक्सट्रिन पर भी यह छूट दी गई थी। सीमा शुल्क में यह छूट 31 अक्टूबर, 2021 तक लागू रहेगी। एम्स/आईसीएमआर-कोविड-19 नेशनल टास्क फोर्स/एमओएचएफडब्ल्यू की संयुक्त निगरानी समूह द्वारा 22.04.2021 को वयस्क कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए नेशनल क्लीनिकल मैनेटमेंट प्रोटोकॉल जारी किया गया था। अपडेटेड प्रोटोकॉल ड्रग्स के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और मांग को बुद्धिसंगत बनाने में योगदान देगा। 

OMG: 1 साल से कोरोना पॉजिटिव है ये शख्स, वायरस ने बना कर रख दिया हड्डियों का ढांचा

OMG: 1 साल से कोरोना पॉजिटिव है ये शख्स, वायरस ने बना कर रख दिया हड्डियों का ढांचा

साल 2020 की शुरुआत से पहले ही कोरोना वायरस ने लोगों की जिंदगी में तबाही मचा दी थी. इस वायरस ने अभी तक दुनिया में कोहराम मचा कर रखा है. इसकी चपेट में आने वाले शख्स की इम्युनिटी (Immunity) काफी कम हो जाती है और मरीज काफी कमजोर हो जाता है. कुछ ही दिनों में वायरस लोगों को मौत के मुंह तक पहुंचा देता है. ऐसे में अगर कोई शख्स बीते एक साल से इस वायरस की चपेट में है, तो उसकी हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है. यूके के लीड्स (Leeds) में रहने वाले 49 साल के जैसन कैल्क (Jaison Kelk) पिछले एक साल से कोरोना पॉजिटिव हैं. उनका इलाज पिछले साल अप्रैल से ही अस्पताल में चल रहा है. दवाइयों और रेखरेख के बावजूद जैसन अभी तक कोरोना संक्रमित हैं. उनकी पत्नी ने अपने पति के सालभर की जंग की तस्वीर लोगों के साथ शेयर कर उनकी हालत दुनिया को दिखाई.

चेस्ट इन्फेक्शन से हुई थी शुरुआत

प्राइमरी स्कूल में आईटी टीचर (IT Teacher) रहे जैसन को पिछले साल अप्रैल के महीने में लीड्स के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. उनके छाती में इन्फेक्शन था. एडमिट होने के 48 घंटे में ही उन्हें वेंटिलेटर पर लिटा दिया गया था. इसके बाद से अबतक वो अस्पताल में ही एडमिट हैं. एडमिट होने के बाद पता चला था कि जैसन कोविड पॉजिटिव हैं.

सालभर में हुआ ऐसा हाल
पिछले एक साल से अस्पताल में भर्ती जैसन को लीड्स हॉस्पिटल में यूके का सबसे लंबा कोरोना पेशेंट घोषित कर दिया है. एक साल में जैसन की हालत बेहद खराब हो चुकी है. कुछ भी खाते ही जैसन को उल्टियां होने लगती है. वायरस ने उनका पेट सड़ा दिया है. यूके में ऐसे कई पेशेंटस हैं जिन्होंने इस वायरस से बीते कई महीनों तक जंग लड़ी है.

अंदर से हो चुका है खोखला

जैसन की हालत के बारे में डॉक्टर्स ने बताया कि उसकी किडनी लंग्स पूरी तरह खराब हो चुके हैं. यहां तक कि खाना खाते ही उसे उल्टियां होने लगती है. जैसन बेहद कमजोर हो चुका है. जैसन के परिवार वाले उससे वीडियो कॉल के जरिये जुड़े रहते हैं. सभी को ताज्जुब है कि जैसन इस हालत में अभी तक जिन्दा हैं.लेकिन जैसन के घरवालों को उम्मीद है कि जल्द ही वो ठीक होकर घर लौट जाएंगे.(news18)

BIG BREAKING : अब इस जगह बिजली जाने से बंद हुआ ऑक्सीजन प्लांट, 8 मरीजों की मौत

BIG BREAKING : अब इस जगह बिजली जाने से बंद हुआ ऑक्सीजन प्लांट, 8 मरीजों की मौत

बाड़मेर। कोरोना महामारी की बेकाबू रफ्तार के बीच अव्यवस्था भी मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा में बृहस्पतिवार सुबह नाहटा राजकीय अस्पताल में बिजली जाने के बाद ऑक्सीजन प्लांट बंद हो गया। इस कारण से कोरोना पीड़ित 8 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज के एक परिवारजन ने अस्पताल में हुई लापरवाही की जानकारी सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश के जरिए दी।
वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी सफाई देते हुए कहा कि बिजली कुछ मिनट के लिए गई थी लेकिन ऑक्सीजन प्लांट बंद नहीं हुआ था अस्पताल प्रशासन ने 8 मरीजों की मौत की बात भी स्वीकारी। अस्पताल के पीएमओ डॉ बलराज सिंह पंवार ने बताया कि सुबह कुछ मिनट के लिए लाइट गई थी जिस समय बिजली गई थी उस वक्त लोग पर सपोर्ट थे। तुरंंत जनरेटर चलाया गया था। जिस समय बिजली गई थी उस वक्त 33 लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे।
 

कोरोना संकट के बीच अमेरिका से भारत पहुंची मेडिकल सप्लाई की पहली खेप

कोरोना संकट के बीच अमेरिका से भारत पहुंची मेडिकल सप्लाई की पहली खेप

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। देश में हर दिन कोरोना के 3 लाख से ज्याेदा नए मामले सामने आ रहे हैं। हालात ये हैं कि अस्पेतालों में अब न बेड खाली हैं और न ही लोगों को कोरोना की दूसरी लहर में जान बचाने के लिए ऑक्सीहजन ही मिल पा रही है। भारत में बिगड़ते हालात को देखते हुए विदेशों से भी मदद मिलनी शुरू हो गई है।
इसी कड़ी में आज अमेरिका से 280 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ मेडिकल सामानों की पहली खेप सुबह भारत पहुंची है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यूके का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है।
अमेरिकी सैन्य विमान आज सुबह नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 400 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडरों के साथ, लगभग एक मिलियन रैपिड कोरोनोवायरस टेस्ट किट और अन्य अस्पताल उपकरण लेकर उतरा।
एक ट्वीट में, अमेरिकी दूतावास ने मेडिकल उपकरण की तस्वीरें साझा कीं और कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका से कई आपातकालीन कोरोना राहत शिपमेंट की पहली खेप भारत आ गई है। 70 वर्षों से अधिक समय तक दोनों देशों के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका आज भारत के साथ खड़ा है। हम कोरोना महामारी से एक साथ लड़ रहे हैं।
 

आईआईटी बॉम्बे ने सुझाया ऑक्सीजन संकट का एक सरल और त्वरित समाधान,पढ़े पूरी खबर

आईआईटी बॉम्बे ने सुझाया ऑक्सीजन संकट का एक सरल और त्वरित समाधान,पढ़े पूरी खबर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे देश में कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए चिकित्सा ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के वास्ते एक रचनात्मक और सरल समाधान लेकर आया है। इस पायलट प्रोजेक्ट का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया गया है। यह एक सरल तकनीकी पर निर्भर करता है। इसमें पीएसए (घुमाव के दबाव से सोखना) नाइट्रोजन इकाई को पीएसए ऑक्सीजन यूनिट में बदल दिया जाता है।

आईआईटी बॉम्बे में किए गए प्रारंभिक परीक्षणों ने आशाजनक परिणाम दिये हैं। इसमें 3.5 एटीएम दबाव पर 93% - 96% शुद्धता की ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है। यह ऑक्सीजन गैस मौजूदा अस्पतालों में कोविड से संबंधित जरूरतों को पूरा करने तथा भविष्य की कोविड-19 की विशिष्ट सुविधाओं के लिए ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति करने में काम में ली जा सकती है।

नाइट्रोजन इकाई को ऑक्सीजन इकाई में कैसे बदला जा सकता है? सवाल के जाब में इस परियोजना का नेतृत्व करने वाले आईआईटी बॉम्बे के डीन (आरएंडडी), प्रो. मिलिंद अत्रे कहते हैं कि “यह मौजूदा नाइट्रोजन प्लांट सेट-अप को फाइन-ट्यूनिंग करके और आणविक चलनी को कार्बन से ज़ायोलाइट में बदलकर किया गया है”।

 

उन्होंने बताया कि ऐसे नाइट्रोजन संयंत्र, जो वायुमण्डल से कच्चे माल के रूप में वायु ग्रहण करते हैं, देश भर के विभिन्न औद्योगिक संयंत्रों में उपलब्ध हैं। इसलिए, उनमें से प्रत्येक को संभावित ऑक्सीजन जनरेटर में परिवर्तित किया जा सकता है। इस प्रकार हमें वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल से निबटने में मदद मिल सकती है।

यह पायलट प्रोजेक्ट पीएसए नाइट्रोजन और ऑक्सीजन प्लांट के उत्पादन से संबंध रखने वाले आईआईटी बॉम्बे, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स और स्पैन्टेक इंजीनियर्स, मुंबई के बीच एक साझा प्रयास है।

पीएसए नाइट्रोजन संयंत्र को ऑक्सीज़न संयंत्र में बदलने की इस अवधारणा की मान्यता के प्रमाण के लिए आईआईटी के प्रशीतन और क्रायोजेनिक्स प्रयोगशाला को चुना गया था। इस अध्ययन को तत्काल पूरा करने के लिए, एक ऐसा एसओपी (स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जो देश भर में लागू हो सके को अंतिम रूप देने के लिए आईआईटी बॉम्बे, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स और स्पैन्टेक इंजीनियर्स के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

आईआईटी बॉम्बे के रेफ्रिजरेशन और क्रायोजेनिक्स लैब के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए स्पांटेक इंजीनियर्स ने मूल्यांकन के लिए आईआईटी बॉम्बे में आवश्यक प्लांट घटकों को स्थापित किया। प्रयोग के लिए यह सेटअप तीन दिनों के भीतर विकसित कर लिया गया। इसके प्रारंभिक परीक्षणों ने ऊपर बताए अनुसार आशाजनक परिणाम दिखाए हैं।

प्रो. मिलिंद अत्रे ने श्री अमित शर्मा, प्रबंध निदेशक, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स; श्री राजेंद्र टहलियानी, प्रमोटर, स्पैन्टेक इंजीनियर्स और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र (1970) के साथ श्री राज मोहन, एमडी, स्पैन्टेक इंजीनियर्स को इस परियोजना में उनके सहयोग और साझेदारी के लिए धन्यवाद दिया है।

अनेक बाधाओं के बीच सफल तरीके से समय पर परियोजना को सफल बनाने के लिए टीमों को बधाई देते हुए श्री अमित शर्मा ने कहा: “हम आईआईटी बॉम्बे और स्पैन्टेक इंजीनियर्स के साथ साझेदारी से प्रसन्न हैं कि हम बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए मौजूदा संकट में आपातकालीन ऑक्सीजन उत्पादन के लिए एक अभिनव समाधान की दिशा में योगदान कर रहे हैं। उद्योग और शिक्षाविदों के बीच इस तरह की साझेदारी आत्मनिर्भर भारत के प्रति हमारी दृष्टि को तेज कर सकती है।

आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. सुभाशीष चौधरी ने परियोजना में शामिल सभी पक्षों को बधाई दी और कहा कि हमारे देश के विकास और सफलता के लिए शिक्षा और उद्योग के बीच इस तरह की साझेदारी बेहद वांछनीय और आवश्यक है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव  का जेल से बाहर आने का रास्ता साफ,  पढ़े पूरी खबर

पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव का जेल से बाहर आने का रास्ता साफ, पढ़े पूरी खबर

रांची: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले के आरोपी लालू प्रसाद यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को लालू को राहत देते हुए रिलीज़ आर्डर जारी किया है. लालू की ओर से 10 लाख रुपये जुर्माना राशि कोर्ट में जमा करने के बाद अदालत ने रिलीज आर्डर जारी किया है.

दिल्ली एम्स में इलाजरत हैं लालू यादव

बेलर के तौर पर निशिकांत और राजू गोप कोर्ट में उपस्थित रहें. बता दें कि लालू यादव की तबीयत खराब हो जाने के कारण उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है. एम्स में वो फिलहाल बिरसा मुंडा जेल के कस्टडी में इलाजरत हैं.

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिया निर्देश

इस संबंध में लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने बताया कि चाह कर भी हम लोग बेल बांड नहीं भर पा रहे थे. कल शाम को हमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ एक पत्र आया, जिसमें कहा गया कि जिनका बेल हो गया है, उनका बेल बांड अधिवक्ता भर सकते हैं. इसी निर्देश के आलोक में हमने बेल बांड भरा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया. अब रिलीज ऑर्डर जेल पदाधिकारियों के पास चली जाएगी. मालूम हो कि चारा घोटाला मामले में आरोपी आरजेडी सुप्रीमो को झारखंड हाई कोर्ट ने इसी महीने की 17 तारीख को सशर्त जमानत दी है. बता दें कि जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सजा की आधी अवधि पूरी करने के आधार पर लालू प्रसाद यादव को दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जमानत प्रदान की है. गौरतलब है कि चाईबासा और देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में पूर्व में ही लालू प्रसाद यादव को जमानत मिल चुकी है.


कोर्ट ने लयागा ये शर्त
जमानत देने के साथ ही झारखंड हाई कोर्ट ने कई शर्तें भी रखीं हैं, जिन्हें लालू यादव को मानना होगा. कोर्ट आदेश के मुताबिक बिना अनुमति के वे देश से बाहर नहीं जाएंगे और ना ही अपना पता और मोबाइल नंबर बदलेंगे.

 

 

SIPRI की रिपोर्ट : दुनिया में शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले देशों में भारत इस क्रम में...

SIPRI की रिपोर्ट : दुनिया में शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले देशों में भारत इस क्रम में...

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stockholm International Peace Research Institute – SIPRI) ने हाल ही में अपनी “Trends in world Military Expenditure” रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले देश अमेरिका, चीन और भारत हैं। इन तीन देशों ने अकेले 62% वैश्विक सैन्य खर्च में योगदान दिया। 2020 में, अमेरिका ने अपनी सेना पर 778 बिलियन अमरीकी डालर खर्च किए। जबकि चीन और भारत ने क्रमशः 252 बिलियन अमरीकी डालर और 72 .9 बिलियन अमरीकी डालर खर्च किए।

भारत का सैन्य व्यय 1% बढ़ा है और चीन का 1.9% बढ़ा है। अमेरिका का सैन्य व्यय 4.4% बढ़ा है।
वैश्विक रूप से, 2019 की तुलना में सैन्य व्यय बढ़कर 1981 बिलियन अमरीकी डालर हो गया है। यह 6% की वृद्धि है।दूसरी ओर, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 4.4% की कमी आई है।
जीडीपी के संदर्भ में सैन्य खर्च
अमेरिका ने अपने सकल घरेलू उत्पाद का 7% सेना पर खर्च किया।
भारत और चीन ने अपने जीडीपी में क्रमशः 9% और 1.7% खर्च किया।
क्षेत्रवार सैन्य खर्च
2019 की तुलना में ओशिनिया और एशिया में सैन्य खर्च 2.5% बढ़ा है। 2011 की तुलना में यह 47% अधिक था।

अन्य शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले
अन्य देश जिन्होंने अपनी सेना के निर्माण पर बड़ी राशि खर्च की वे इस प्रकार थे:

रूस: 7 बिलियन अमरीकी डॉलर
यूके: 2 बिलियन अमरीकी डालर
सऊदी अरब: 5 बिलियन अमरीकी डालर
जर्मनी और फ्रांस ने लगभग 53 बिलियन अमरीकी डालर खर्च किए।
भारत का सैन्य आयात
इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सैन्य आयात 2011-15 की तुलना में 2016-20 में एक तिहाई कम हो गया। फिर भी भारत सऊदी अरब के बाद दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना रहा। भारत के हथियारों के आयात में गिरावट में रूस प्रभावित हुआ है। रूस ने अंततः भारत के स्थान पर अल्जीरिया, चिन और मिस्र को हथियार निर्यात बढ़ा दिया था।

शीर्ष हथियार आयात
मिस्र और कतर के हथियारों के आयात में क्रमशः 136% और 361% की वृद्धि हुई।
मध्य पूर्व हथियारों के आयात में 25% की वृद्धि हुई है।
शीर्ष निर्यातक

शीर्ष हथियार निर्यातक अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी थे।

 

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की तैयारियों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की तैयारियों की समीक्षा की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की ओर से उठाए गए कदमों और अन्य तैयारियों की समीक्षा की। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर सेना द्वारा कोविड-19 के प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि विभिन्न राज्य सरकारों को सेना के चिकित्साकर्मी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में सेना की ओर से अस्थायी अस्पतालों का भी निर्माण किया जा रहा है। नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि जहां संभव हो रहा है वहां सेना के अस्पतालों में आम जनता की सेवा में इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके लिए आम नागरिक चाहें तो पास के सेना के अस्पताल से संपर्क साध सकते हैं। सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि आयात किए गए ऑक्सीजन टैंकरों और गाड़ियों के प्रबंधन में जहां विशेषज्ञ कौशल की जरूरत पड़ रही है वहां सेना के श्रमबल की ओर से मदद पहुंचाई जा रही है। देश में तेजी से बढ़ते कोविड-19 के मामलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और वायुसेना अध्यक्ष आर के एस भदौरिया से मुलाकात कर सेना के विभिन्न अंगों द्वारा इस महामारी से लड़ने के मद्देनजर उठाए गए कदमों की तैयारियों का जायजा लिया था। ज्ञात हो कि बृहस्पतिवार को देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 3,79,257 मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में संक्रमण के कुल मामले 1,83,76,524 हो गए हैं।


 

RBI ने कॉरपोरेट बैंक प्रशासन में सुधार लाने के लिए जारी किये निर्देश, देखें खबर

RBI ने कॉरपोरेट बैंक प्रशासन में सुधार लाने के लिए जारी किये निर्देश, देखें खबर

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाल ही में कॉरपोरेट बैंक प्रशासन में सुधार लाने के लिए कई निर्देश दिए हैं। एक व्यक्ति एमडी और सीईओ के पद पर 15 वर्ष से अधिक समय तक नहीं रह सकता।हालांकि, तीन साल की अवधि के बाद उन्हें फिर से नियुक्त किया जा सकता है। इस अवधि के दौरान, व्यक्ति को सीधे या परोक्ष रूप से बैंक या उसके समूह संस्थाओं के साथ नियुक्त या संबद्ध नहीं किया जाएगा। एमडी या सीईओ इन पदों को बारह वर्ष से अधिक नहीं रखेंगे। हालांकि, असाधारण परिस्थितियों में, उन्हें 15 साल तक जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। दिशानिर्देश उन विदेशी बैंकों पर लागू नहीं होते हैं जिनकी शाखाएं देश में चल रही हैं। अध्यक्ष या गैर-कार्यकारी निदेशक की अधिकतम आयु सीमा 75 वर्ष निर्धारित की गई है। गैर-कार्यकारी निदेशकों के लिए निर्धारित पारिश्रमिक 20 लाख रुपये से अधिक नहीं होगा।

दिशानिर्देशों का महत्व
2020 में, RBI ने भारत में वाणिज्यिक बैंकों में शासन पर एक चर्चा पत्र (discussion paper) जारी किया था। अब इसके आधार पर बदलाव किए जा रहे हैं। RBI के अनुसार, भारत में वित्तीय प्रणालियों का बढ़ता आकार बैंकों में शासन मानकों को मजबूत करने के लिए आवश्यक बनाता है। 

अमेरिका ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द भारत छोड़ने की सलाह दी , जाने क्या है कारण

अमेरिका ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द भारत छोड़ने की सलाह दी , जाने क्या है कारण

वाशिंगटन। अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत की यात्रा न करने और जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। उसने कहा कि ऐसा करना सुरक्षित है क्योंकि भारत में कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच सभी तरह की चिकित्सीय देखभाल के संसाधन सीमित हो गए हैं। अमेरिका ने भारत पर चौथे चरण का यात्रा परामर्श जारी किया है जो विदेश विभाग द्वारा जारी किए जाने वाला सबसे अधिक स्तर का परामर्श होता है। परामर्श में अमेरिकी नागरिकों से भारत की यात्रा न करने या जल्द से जल्द वहां से निकलने के लिए कहा गया है क्योंकि देश में मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के कारण ऐसा करना सुरक्षित है। विदेश विभाग ने ट्वीट किया, भारत में कोविड-19 के मामलों के कारण चिकित्सीय देखभाल के संसाधन बेहद सीमित हैं। भारत छोड़ने की इच्छा रखने वाले अमेरिकी नागरिकों को अभी उपलब्ध वाणिज्यिक विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहिए। अमेरिका के लिए रोज चलने वाली उड़ानें और पेरिस तथा फ्रैंकफर्ट से होकर आने वाली उड़ानें उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य अलर्ट जारी करते हुए नयी दिल्ली में स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा, भारत में कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण सभी तरह की चिकित्सीय देखभाल बेहद सीमित हो रही है। उसने अमेरिकी नागरिकों से यात्रा पाबंदियों पर ताजा जानकारी के लिए भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर जाने के लिए कहा है। 

बड़ी खबर : अंतिम चरण के मतदान के दौरान उत्तर कोलकाता में कार सवारों ने बरसाए बम, पढ़ें पूरी खबर

बड़ी खबर : अंतिम चरण के मतदान के दौरान उत्तर कोलकाता में कार सवारों ने बरसाए बम, पढ़ें पूरी खबर

कोलकातापश्चिम बंगाल में आठवें व अंतिम चरण के चरण में 35 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। इस बीच उत्तर कोलकाता के महाजाति सदन इलाके में बम फेंकने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि इस घटना को कार सवार लोगों ने अंजाम दिया, लेकिन इससे किसी नुकसान की खबर नहीं है। मामले की जानकारी मिलने के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। 

जानकारी के मुताबिक, उत्तर कोलकाता के महाजाति सदन में गुरुवार (29 अप्रैल) सुबह कार सवार लोगों ने बम फेंके। इस दौरान कोई भी हताहत नहीं हुआ, लेकिन बम फटने के बाद अफरातफरी मच गई। इसके बाद इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। वहीं, चुनाव आयोग ने इस घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि बंगाल में हर चरण के चुनाव के दौर हिंसा हुई।
जोड़ासांको से भाजपा उम्मीदवार मीना देवी पुरोहित ने आरोप लगाया कि जब वह विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर रही थीं, तब उनके वाहन पर देसी बम फेंके गए। उन्होंने कहा, `बम मेरी कार पर फेंके गए, लेकिन मैं बच गई। मैं निश्चित रूप से सभी मतदान केंद्रों का दौरा करूंगी। उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की और यह मतदाताओं को डराने की साजिश है।`

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। उन्होंने कहा कि सबूत जुटाए जा रहे हैं और जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के आखिरी चरण के तहत कोलकाता में जोड़ासांको समेत सात सीटों पर मतदान जारी है।मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और यह शाम साढ़े छह बजे तक चलेगा। 

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

भोपाल। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मांडवी चौहान का कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया। उनके निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कांग्रेस पार्टी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शोक व्यक्त किया है।
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। फिर उन्हें बंसल अस्पताल में एडमिट किया गया। बुधवार रात अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया। गुरुवार सुबह 6 बजे उनका निधन हो गया।


मांडवी के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट किया- ‘मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष मांडवी चौहान के निधन का दुखद समाचार मिला।’ ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोक संतप्त परिजनों को यह गहन पीड़ा सहन करने की शक्ति दें। विनम्र श्रद्धांजलि!’
मांडवी चौहान के निधन पर दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया- ‘महिला कांग्रेस की प्रांतीय अध्यक्ष मांडवी चौहान के दुखद निधन का समाचार सुन कर बेहद दुख हुआ। वे एक कर्मठ जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता थीं। परिवार जनों को हमारी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
 

BIG BREAKING : मुख्यमंत्री की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

BIG BREAKING : मुख्यमंत्री की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

जयपुर। देश भार में कोरोना का कहर जारी है, तो वहीं राजस्थान में भी संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसकी जानकरी खुद सोशल मीडिया पर दी है। उन्होंने लिखा, `कोविड टेस्ट करवाने पर आज मेरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। मुझे किसी तरह के लक्षण नहीं हैं और मैं ठीक महसूस कर रहा हूं। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मैं आइसोलेशन में रहकर ही कार्य जारी रखूंगा।` इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को ही मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता गहलोत की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।


गहलोत कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं। उन्होंने फरवरी में पहला और मार्च के आखिर में दूसरा डोज लिया था। एक्सपर्ट के मुताबिक वैक्सीन की दोनों डोज के बाद कोरोना होने के बावजूद खतरा कम हो जाता है।
 

न्यूज पोर्टल के ऑफिस में ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी, पुलिस ने किया भंडाफोड़

न्यूज पोर्टल के ऑफिस में ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी, पुलिस ने किया भंडाफोड़

पटना। बिहार में कोरोना बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है। कोरोना मरीजों के बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर की डिमांड भी बढ़ रही है। बढ़ी हुई डिमांड की वजह से कुछ लोगों ने सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार की सुबह पटना पुलिस की टीम ने ऑक्सीजन सिलिंडर की अनाधिकृत रूप से खरीद-बिक्री और जमाखोरी की गुप्त सूचना मिलने पर जिले के एसके पूरी थाना क्षेत्र के आनंदपुरी इलाके में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने किराए के मकान में चल रहे न्यूज पोर्टल के दफ्तर से ऑक्सीजन के 60 सिलिंडर जब्त की। वहीं, मौके से रितेश शर्मा नामक शख्स को हिरासत में ले लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद एक खरीददार ने बताया कि 5 लीटर का सिलिंडर 10 हजार रुपये में बिक रहा है। वहीं, स्थानीय युवक ने बताया कि बुधवार की देर रात तक सिलिंडर आए। सूत्रों की मानें तो सारे सिलेंडर महाराष्ट्र से मंगाए गए थे और उन्हें ब्लैक में बेचने की तैयारी थी।
मिली जानकारी के अनुसार रितेश न्यूज पोर्टल में रिपोर्टर के तौर पर कार्यरत था और उसका मुख्य काम ग्राहकों का इंतजाम करना था। दफ्तर पूर्ण रूप से किराए पर चल रहा था। न्यूज पोर्टल का मालिक कटिहार जिला निवासी ललित अग्रवाल बताया जा रहा है, जिसने आठ महीने पहले ही पोर्टल को लॉन्च किया था।
बता दें कि ललित अग्रवाल वही शख्स है, जिसके कटिहार दफ्तर में भी तत्कालीन एसपी शिवदीप लांडे ने छापेमारी कर कई संदिग्ध सामान बरामद किए थे। हालांकि, तभी वो पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो गया था। फिलहाल इस मामले में आपदा प्रबंधन अधिनियम, आईपीसी और एक्सप्लोसिव्स एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, पुलिस पूरे सिंडिकेट का पता लगाने में जुट गई।
 

पहले दिन कोविन एप पर 1.32 करोड़ लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, वैक्सीनेशन के लिए अभी मिली नहीं तारीख

पहले दिन कोविन एप पर 1.32 करोड़ लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, वैक्सीनेशन के लिए अभी मिली नहीं तारीख

नई दिल्ली: 18 साल से 44 साल के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बुधवार शाम 4 बजे से शुरू हो चुकी है. टीकाकरण के लिए पहले दिन ही 1.32 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है. लेकिन जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है, उन्हें अभी अपॉइंटमेंट नहीं मिली है. यानी कि उन्हें अभी वैक्सीनेशन की तारीख और टाइम स्लॉट के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.


18+ वालों के वैक्सीनेशन के लिए कोविन और आरोग्य सेतु एप के अलावा कोविन पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन हो रहा है. लेकिन लोगों का आरोप है कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्हें कई परेशानी भी हुई हैं. इसके अलावा कोविन पोर्टल पर भी समस्याओं की शिकायत मिलती रही. कुछ लोगों को ओटीपी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. इन समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया पर कई हैशटैग ट्रेंड होते रहे. लोगों ने स्क्रीनशॉट भी शेयर किए. कुछ यूजर्स को ये भी मैसेज मिला कि अभी सिर्फ 45+ लोगों का ही रजिस्ट्रेशन हो रहा है.


वेबसाइट और एप में दिक्कत की शिकायत के बाद आरोग्य सेतु ने ट्वीट कर कहा है कि कोविन पोर्टल अब ठीक से काम कर रहा है. शाम के चार बजे मामूली दिक्कत आई थी. 18 साल से अधिक उम्र के लोग रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं