नई दिल्ली: आगरा जेल में बंद नाबालिगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 14 से 22 वर्षों से आगरा जेल में बंद नाबालिगों को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। अब आगरा जेल में लंबे समय से बंद इन आरोपियों की रिहाई प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले सप्ताह जस्टिस इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर एक जवाब दाखिल करने के लिए कहा था।
बता दें कि आगरा की केंद्रीय जेल में पिछले 14 से 22 साल से बंद 13 कैदियों की रिहाई को लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में इन कैदियों की रिहाई की मांग की गई थी। घटना के वक्त सभी दोषियों को नाबालिग घोषित किया जा चुका है। इन दोषियों को खूंखार कैदियों के साथ रखा गया है।
नोएडा: दिल्ली से लगे उत्तरप्रदेश में नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस और बदमाशों के बीच गुरूवार तड़के मुठभेड़ हो गई, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। जिसे कॉम्बिंग के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। बदमाशों के कब्जे से 01 चोरी की कार, 01 तमंचा और 02 जिंदा कारतूस बरामद हुई है।
घटना के वक्त नोएडा पुलिस बीच रोड पर सुबह चेकिंग कर रही थी, तभी सामने से आ रही गाड़ी को पुलिस ने चेकिंग के लिए रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद गाड़ी में बैठे दो बदमाश पुलिस पर फायरिंग कर भागने लगे, जिसके बाद पुलिस की जबाबी फायरिंग में एक बदमाश मोहमद अली जैदी गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी मोहमद शाहिब अंधेरे का फायदा उठा के मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने कॉम्बिंग के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि दोनों बदमाश शातिर किस्म के वाहन चोर हैं, जिन पर दिल्ली एनसीआर में दर्जनों वाहन चोरी के मुकदमें दर्ज है, वहीं घायल बदमाश मोहमद अली जैदी थाना सेक्टर-58 से 25 हज़ार का इनामी था, पुलिस ने घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दिया है।
एमजी रोड पर स्पीड कलर लैब के पास फुटपाथ पर 26 जून की रात राजेंद्र यादव की हत्या बदमाशों ने नहीं की थी। उसकी पत्नी के आशिक ने वारदात को अंजाम दिया था। छानबीन में खुलासा हुआ कि राजेंद्र महिला का सातवां पति था, जिसने उसे मारा वह आठवां आशिक था। पुलिस ने हत्यारोपी आशिक के साथ मृतक की पत्नी को भी गिरफ्तार करके जेल भेजा है। उस पर साक्ष्य नष्ट करने का आरोप है।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि 26 अप्रैल को एक युवक का शव मिला था। उसकी पहचान जसराना, फिरोजाबाद निवासी राजेंद्र यादव के रूप में हुई थी। घटना स्थल पर राजेंद्र की पत्नी और तीन बच्चे भी मिले थे। पत्नी जेमव ने पुलिस को बताया था कि चार लोग आए थे। उसके पति की हत्या करके भाग गए। महिला ने बच्चों को भी यह जानकारी दी थी। उन्होंने भी पुलिस को यही बताया था। राजेंद्र यादव कबाड़ी था। आगरा में आगरा फोर्ट के सामने झोंपड़ी में रहता था। उस रात वह कहीं बाहर से आया था। परिवार के साथ फुटपाथ पर ही रुक गया था।
एसएसपी ने बताया कि एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में सीओ हरीपर्वत दीक्षा सिंह और इंस्पेक्टर हरीपर्वत अरविंद कुमार ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए। उस समय पुलिस को यह जानकारी नहीं थी कि हत्यारोपी किस दिशा में भागा है। पुलिस ने लगभग 70 कैमरे खंगाले। सीसीटीवी खंगाले पर पुलिस को एक सुराग मिला। एक व्यक्ति भागता हुआ जा रहा था। पुलिस ने उसे शक के घेरे में लिया। उसका फुटेज राजेंद्र यादव की बेटी को दिखाया गया। उसने फुटेज देखकर बताया कि यह राजू उर्फ सुखदेव है। कबाड़ का काम करता है। उनके घर आया करता था। मां भी इसे जानती है। पुलिस को छानबीन में पता चला कि राजू पूर्व में पानीपत में किसी कबाड़ी के यहां काम करता था। पुलिस की एक टीम को वहां भेजा गया। जानकारी हुई कि वह मूलत: रायबरेली का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। उसे दबोच लिया।
जेमव के साथ रहना चाहता था
राजू ने पुलिस को बताया कि वह जेमव से प्यार करता था। उसके साथ रहना चाहता था। राजेंद्र बीच में आ रहा था। जेमव भी उसे नहीं छोड़ना चाहती थी। उस रात गुस्से में उसने राजेंद्र के सिर पर छोटा वाला गैस सिलेंडर मार दिया था। उसके बाद वहां से भाग गया। जिस दौरान उसने हत्या कि राजेंद्र की पत्नी भी जाग रही थी। वह हत्या में प्रयुक्त सिलेंडर मौके पर ही छोड़ गया था।
पत्नी ने मिटाए थे साक्ष्य
पुलिस ने जेमव को हिरासत में लिया। उसने बताया कि राजू ने पति को मार दिया। वह घबरा गई। उसने गैस सिलेंडर और खून से सने कपड़े कबाड़ में छिपा दिए थे। राजेंद्र से उसकी सातवीं शादी थी। इससे पहले वह अपने छह पतियों को छोड़ चुकी थी। राजेंद्र के साथ रहना चाहती थी। राजू बीच में आ गया। उसे प्यार करने लगा। वह उसके साथ नहीं रहना चहाती थी। इनकार भी किया मगर वह कुछ सुनने को तैयार नहीं था। उसे पति को मार डाला। उसे लगा वह भी फंस जाएगी कि इसलिए साक्ष्य मिटा दिए थे।
अगर आपको लगता है कि बैटरी तकनीक बहुत विकसित हो गई है, यह सेफ(safe) है, तो संभाल जाइए, आप गलत हैं, क्योंकि अभी तक तो हमने सिर्फ स्मार्टफोन में बैटरी फटने की खबरें सुनी हैं, लेकिन अब ऐसी खबर स्मार्टवॉच को लेकर भी सामने आई है. हाल ही में हुई एक घटना जिसमें स्मार्टवॉच की बैटरी फट गई, इसने एक नया आतंक बहाल कर दिया है. ये घटना चीन में हुई, जब चार साल की बच्ची की कलाई पर स्मार्टवॉच फटने से उसे थर्ड-डिग्री बर्न का सामना करना पड़ा|
लड़की को अस्पताल ले जाया गया, जहां घटना के बाद उसे स्किन ग्राफ्ट करवाना पड़ा. पीड़िता की पहचान चीनी प्रांत फूजियान (Fujian) के क्वानझोउ शहर के यियी (Yiyi) हुआंग के रूप में हुई है. याहू न्यूज ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, ये घटना इस महीने की शुरुआत में हुई जब यी अपने छोटे चचेरे भाई के साथ खेल रही थी|
तभी उसकी दादी ने जोर से धमाका सुना और उसके बाद यी की चीख सुनाई दी. वह इस बात की जांच करने के वहां पहुंची तो उन्होंने महसूस किया कि यी की कलाई से धुंआ निकल रहा और वो जल्द ही समझ गई कि यी की स्मार्टवॉच उसकी कलाई पर ही फट गई है. विस्फोट के कारण उसके हाथ के पिछले हिस्से की खाल थर्ड-डिग्री जली हुई थी. यी को स्किन ग्राफ्ट की प्रक्रिया करवानी पड़ी.
मुआवजे की हो रही है बातचीत
घटना के सभी विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिसमें स्मार्टवॉच के निर्माता का नाम भी शामिल है. बताया जा रहा है कि हुआंग घटना के मुआवजे को लेकर निर्माता के साथ बातचीत कर रहे हैं. ये घटना एक चौंकाने वाली घटना हैं, जो हमें याद दिलाती है कि किसी भी वर्स्ट सेनारियो में बैटरी कितनी खतरनाक हो सकती है|
हमने अतीत में अन्य कई डिवाइसेज के साथ ऐसी घटनाएं देखी हैं. हालांकि, स्मार्टवॉच वास्तव में अब तक इस लिस्ट का हिस्सा नहीं रही है. जैसा कि पहले कई घटनाओं के आधार पर इस मामले में, ये संभव है कि स्मार्टवॉच की बैटरी, एक सिग्निफीकेंट फिजिकल इम्पैक्ट पर फट गई हो, एक एक्सटर्नल फोर्स बैटरी को विस्फोट के पॉइंट तक क्षतिग्रस्त कर सकता है. बेशक, कोई ये तर्क दे सकता है कि एक चार साल की बच्ची इतनी ताकत कैसे पैदा करने में कामयाब हो गयी और स्मार्टवॉच इसे झेलने में सक्षम क्यों नहीं थी|
पश्चिम बंगाल के नदिया से शर्मनाक खबर सामने आई है जहां 13 साल की मासूम बच्ची ने एक बच्चे को जन्म दिया. सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले उसके क्लासमेट ने ही ब्लैकमेल कर उसका रेप किया था| नदिया के धनताला थाने के अंतर्गत यह मामला सामने आया है, इस घटना के बाद नाबालिग आरोपी, अपने परिवार के साथ बांग्लादेश भाग गया है, आरोपी के दादा बांग्लादेश में रहते हैं|
पीड़िता की मां ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है सातवीं क्लास में पढ़ने वाली उसकी बेटी के साथ उसके क्लासमेट ने शारीरिक छेड़खानी की और फिर मोबाइल फोन में उन फोटो को सेव कर उसे ब्लैकमेल किया|
इस मामले में पीड़िता की मां डरी हुई हुई हैं और वह इंसाफ चाहती हैं. पीड़ित परिवार ने इसी आधार पर धनताला पुलिस स्टेशन में शिकायत की है|
स शिकायत के आधार पर संबंधित थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. इस मामले में नाबालिग आरोपी भगोड़ा है|
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, कस्टम की टीम ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक विदेशी नागरिक को ट्रैप किया है, ये नागरिक जाम्बिया का रहने वाला है. वह जोहान्सबर्ग से दिल्ली आया था. यहां पर संदेह होने पर कस्टम की टीम ने उसे एयरपोर्ट पर रोका. फिर दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका एक्स-रे कराया गया तो उसके पेट के अंदर हल्के पीले रंग के कैप्सूल नजर आए, फिर उसे दवाई के जरिए डॉक्टरों ने निकाला तो कुल 106 कैप्सूल निकाले गए, जिनमें 1052 ग्राम पाउडर मिला|
विभागीय जांच में जांच में पता चला कि वह हीरोइन है. उसकी कीमत कस्टम के अनुसार इंटरनेशनल मार्केट में 7 करोड़ 36 लाख रुपए बताई जा रही है. इस विदेशी नागरिक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. उसे गिरफ्तार करके आगे की कार्रवाई की जा रही है. स्मगलिंग के इस तरीके ने अफसरों को भी हैरान कर दिया है. बता दें कि नशे के सौदागर अलग अलग तरीकों से देश में स्मग्लिंग करने की कोशिश करते हैं. हालांकि कुछ मामलों में जांच टीम की सक्रियता से बड़े खुलासे होते हैं. हीरोइन तस्करी का ये मामला उसी तरह से देखा जा रहा है|
तस्करों के लिए बड़ा मार्केट है इंडिया
बताया जाता है कि नशे के सामानों की तस्करी करने वालों के लिए इंडिया बड़ा मार्केट है. बड़े पैमाने पर यहां ड्रग्स, हीरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक व अन्य पदार्थों की सप्लाई की जाती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर के नशे के सौदागर इन कामों में लिप्ट रहते हैं. कस्टम द्वारा गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिक से पूछताछ में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है|
सतना: मध्यप्रदेश के मैहर के रैंगवा गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, झाड़ियों में एक महिला की लाश मिली है, कुछ ही दूरी पर तीन साल का एक बच्चा बिलखता हुआ मिला| बच्चे ने महिला की शिनाख्त (identification) अपनी मां के तौर पर की है, महिला के शरीर पर चोट के गहरे निशान हैं, ऐसा लगता है कि गला दबाकर हत्या की गयी है और हत्यारे बच्चे को मंदिर के पास छोड़कर फरार हो गए| महिला और बच्चे की शिनाख्त (identification) नहीं हो पायी है. कातिल का भी पता नहीं चल पाया है. हालांकि घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक दुर्घटनाग्रस्त जीप (Jeep) मिली है जिसमें उस महिला और बच्चे के कपड़े मिले हैं. लगता है ये हत्या कर भाग रहे कातिल की गाड़ी है जो दुर्घटनाग्रस्त हो गयी|
लाश को देखकर बच्चा बोला-मां
रैगांव के सिंह वाहिनी मंदिर में एक तीन साल का बच्चा रोता हुआ मिला. गांव वालों ने खबर दी तो पुलिस पहुंची. बच्चे को लेकर पुलिस ने उसके माता पिता की तलाश शुरू की. बच्चा इतना छोटा है कि वो कुछ बता नहीं पा रहा है, बाद में मंदिर से लगभग दो सौ मीटर दूरी पर एक महिला का शव झाड़ियों में मिला, महिला को कोई पहचान नहीं पाया| पुलिस ने मासूम और मृत महिला की कड़ी जोड़कर तफ्तीश शुरू की. वो बच्चे को लेकर जैसे ही उस महिला के शव के पास पहुंची बच्चे ने उसे देखते ही मां कहकर पुकारा और रोने लगा|
पति से कातिल!
पूछताछ करने पर मासूम ने अपने पिता को कातिल बताया. हालांकि मासूम अपना नाम मां का नाम और पिता का नाम नहीं बता पा रहा है. जब पुलिस और आगे बढ़ी तो घटना स्थल से एक किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे 30 पर एक कार और जीप दुर्घटनाग्रस्त मिलीं. शक के आधार पर पुलिस ने दोनों वाहनों की जांच की तो मामला और उलझ गया. जीप में महिला की टूटी चूड़ियां, बैग और मासूम के कपड़े मिले. इस जांच में ये बात साफ हुई कि महिला और मासूम को इसी वाहन से लाकर महिला की हत्या की गयी और मासूम को लावारिस छोड़ दिया गया. हत्यारा महिला और मासूम का करीबी है.
हत्या कर भाग रहा था आरोपी
पुलिस की तहकीकात जारी है. दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो कटनी जिले के रीठी गांव की बताई जा रही है. महिला की पहचान बच्चे ने मां के तौर पर की है साथ ही ये कहा है कि पापा ने मां को मारा इसलिए पहली नजर में मामला यही लग रहा है कि महिला की बोलेरो गाड़ी में उसके पति ने हत्या की और फिर शव को यहां फेंक गया. फिलहाल पुलिस अभी मामले में कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं है. पूरे मामले के तमाम पहलुओं की सघनता से थाना प्रभारी अमदरा हरीश दुबे और एस डी ओ पी हिमाली सोनी जांच कर रहे हैं|
मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री और एनसीपी नेता एकनाथ खडसे के दामाद गिरीश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। गिरीश चौधरी की गिरफ्तारी पुणे एमआईडीसी भूमि सौदा से जुड़े धनशोधन मामले में हुई है। गिरीश चौधरी को मंगलवार सुबह पूछताछ के लिए बुलाया गया था और देर शाम तक पूछताछ चलती रही। ईडी के अधिकारियों ने गिरीश चौधरी की ओर से दिए गए विभिन्न दस्तावेजों का भी विश्लेषण किया था। ईडी ने इससे पहले जनवरी में एकनाथ खडसे से पुणे एमआईडीसी भूमि सौदा मामले में पूछताछ की थी।
बता दें कि भाजपा से एनसीपी में शामिल हुए एकनाथ खडसे को ईडी ने दिसंबर में नोटिस भेजकर पेश होने के लिए कहा था। बाद में एकनाथ खडसे ने गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ईडी ने भाजपा से एनसीपी में जाने के बाद यह कार्रवाई की। हालांकि, एजेंसी ने अदालत को बताया था कि एकनाथ खडसे आरोपी नहीं थे, लेकिन पेश न होना गिरफ्तारी का आधार बन सकता है।
महाराष्ट्र पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वर्ष 2017 में पूर्व राजस्व मत्री एकनाथ खडसे, उनकी पत्नी मंदाकिनी, दामाद गिरीश चौधरी और मूल भूमि मालिक अब्बास अकानी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मामला खडसे और अन्य के द्वारा पुणे के पास एमआईडीसी में मुख्य भूखंड की खरीद में कथित अनियमितताओं से संबंधित था।
हेमंत गावंडे नाम के सदस्य की ओर से लगाए गए आरोपों पर यह मामला दर्ज किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि खडसे ने भोसरी एमआईडीसी भूमि सौदा मामले में सरकारी खजाने को चपत लगाई थी। वर्ष 2018 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 22 पेज की रिपोर्ट के जरिए खडसे को क्लीन चिट दे दी थी।
राजधानी दिल्ली के होटल, क्लब, बार में अब तड़के तीन बजे तक शराब परोसी जा सकेगी। दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति में इसका प्रावधान किया गया है। अभी तक बार के अंदर 12 बजे तक और होटल के अंदर मौजूद क्लब आदि में रात दो बजे तक शराब परोसने की मंजूरी थी। दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को कोर्ट के आदेश के बाद सार्वजनिक किया है, जिसमें दिल्ली में ताजा बीयर बनाने वाले लाइसेंस जारी करने के साथ वहां मिलने वाले ड्राउट बीयर को टेकअवे (बाहर ले जाकर) करके पीने की अनुमति होगी।
होटल, बार, क्लब में शराब परोसने का समय तड़के तीन बजे तक करने का फर्क उन लाइसेंसधारियों पर नहीं पड़ेगा, जिनके पास पहले से 24 घंटे शराब परोसने का लाइसेंस है। वह पहले की तरह ही काम करते रहेंगे। नई आबकारी नीति में शराब की दुकानों को वातानुकूलित बनाने का प्रवाधान किया गया है। इसके अलावा दुकानों के बाहर अब शराब के लिए भीड़ नहीं होगी। लोग दुकान के अंदर जाकर मनपसंद शराब ले सकेंगे। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखकर सुपर प्रीमियम शॉप भी खोली जाएंगी।
एयरपोर्ट जोन की दुकानों में 24 घंटे शराब की बिक्री
दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति में दिल्ली को 32 जोन में बांटा है। इनमें एमसीडी क्षेत्र में 30 जोन, एनडीएमसी, दिल्ली कैंट को एक जोन और दिल्ली एयरपोर्ट को एक जोन माना है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 810 शराब की दुकानें होंगी। एनडीएमसी जोन में 29 और एयरपोर्ट जोन में 10 दुकानें होंगी। नई आबकारी नीति में एयरपोर्ट जोन की दुकानों को 24 घंटे बिक्री की इजाजत दी गई है। दिल्ली में इस तरह कुल 32 जोन में 849 शराब की दुकान होगी।
टैक्स, आपूर्ति चैन पर निगरानी के लिए क्यूआर कोड स्टीकर
नई आबकारी नीति में शराब की आपूर्ति चेन में लीकेज, टैक्स चोरी और मिलावट रोकने के लिए खास सुरक्षा वाला क्यूआर कोड वाला स्टीकर भी बनाया गया है। इसके जरिए किसी भी तरह की चोरी को पकड़ा जा सकेगा। उच्च सुरक्षा वाले इस नए स्टीकर के सिक्योरिटी फीचर ऐसे होंगे कि इनका डुप्लीकेट तैयार नहीं किया जा सकेगा। कोड को ऑनलाइन स्कैन करके शराब की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। यह स्टीकर आईआईटी कानपुर ने तैयार किया है। इसमें एंटी-काउंटरफीटिंग, स्पेशल टेक इंक, थ्रीडी मार्क फीचर और ऑनलाइन वेरीफिकेशन की सुविधा मिलेगी, जिससे एप के जरिए उसे चेक भी कर पाएंगे।
नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को आईएएस अधिकारी बताता था और यह दावा करता था कि वह यूएई में भारतीय दूतावास का राजदूत है. वह दक्षिण भारत विशेष तौर पर केरल के लोगों को खाड़ी देशों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगा करता था. दिल्ली पुलिस का दावा है कि इस जालसाज ने बड़ी संख्या में लोगों को ठगा है और उनसे लगभग 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ठगी है. फिलहाल पुलिस ने इस ठग को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी का नाम साइन ज्योति सत्या उर्फ सिद्दीक अब्दुल रेहिमान (42) है. जो उत्तम नगर में रहता है और मूल रूप से केरल का रहने वाला है.
क्या है मामला?
शाहदरा जिले के डीसीपी आर सत्यासुन्दरम का कहना है कि सीमापुरी इलाके में रहने वाले प्रकाशन चेनुकूनाथ ने सीमापुरी थाने में शिकयत दी कि वर्ष 2014 में उसकी मुलाकात ट्रेन यात्रा के दौरान सिद्दीक एमए नामक व्यक्ति से हुई थी. उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और ये भी कहा कि वह यूएई में भारतीय दूतावास में राजदूत है. उसने प्रकाशन को बताया कि वह खाड़ी देशों में लोगों को नर्स की नौकरी दिलवा सकता है. प्रकाशन और उसके दोस्त ने नौकरी के लिए सिद्दीक को 20 लाख रुपये दिए. लेकिन नौकरी नहीं लगी. बाद में उसने अपना फोन भी स्विच ऑफ कर लिया. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. साधना जिला उज्जैन साइबर सेल में तकनीकी जांच के आधार पर सिद्दीक अहमद को गिरफ्तार कर लिया.
किसी को आईएएस तो किसी को बड़ा व्यवसायी बताता था सिद्दीक
पुलिस का दावा है कि सिद्दीक किसी को बताता कि वह आईएएस अधिकारी है, तो किसी को बताता कि वह दुबई का एक बड़ा व्यवसायी है. इसी दावे के साथ वह लोगों को ठगता रहता था. लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए उसने अपना एक फर्जी बैंक स्टेटमेंट भी बनवा रखा था, जो यूएई का था और उसने उसमें ₹44 करोड़ की ट्रांजेक्शन बैलेंस दिखाया हुआ था. इतना ही नहीं, उसने चाणक्यपुरी एंबेसी इलाके में स्थित आरबीएल बैंक में अकाउंट भी खुलवाया हुआ था, ताकि लोगों को लगे कि वह सच में दूतावास में बड़ा अधिकारी है.
वह खुद को एमिरात एयरलाइन्स का अधिकारी भी बताता था. उसने आईएएस और अन्य जगहों के फर्जी आईकार्ड भी बनवाए हुए थे. पुलिस का कहना है कि वह अपने झूठे वादों को भी बेहद ही दमदार तरीके से लोगों के सामने रखता और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाता था. उसने बड़ी संख्या में लोगों को ठगा था. उसने सऊदी अरब लेबर डिपार्टमेंट का फर्जी ईमेल अकाउंट भी तैयार किया हुआ था.
पुलिस ने उसके पास से 1 मोबाइल फोन, 4 बैंक एकाउंट, अबू धाबी एम्बेसडर का फर्जी कार्ड, लोन के लिए आरबीआई का फर्जी लेटर, एमिरात एयरलाइन मैनेजर का फर्जी आईकार्ड, कई आधार कार्ड, दूतावास के फर्जी कार स्टीकर, शेवरले क्रूज कार बरामद की गई है. पुलिस का कहना है कि सिद्दिक बिंदापुर, उत्तम नगर में रह रहा था. वह मूल रूप से केरल का रहने वाला है और कालीकट यूनिवर्सिटी, केरल से एमबीए किया हुआ है.
नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य विधान परिषद बनाने का प्रस्ताव पारित हो गया है. सीएम ममता बनर्जी की टीएमसी ने विधानसभा में इस प्रस्ताव को पेश किया. प्रस्ताव के पक्ष में सदन के 196 सदस्यों ने वोट दिए, जबकि इसके खिलाफ 69 वोट पड़े. आपको बता दें कि 18 मई को तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बमुश्किल 12 दिन बाद, ममता बनर्जी ने विधान परिषद, या राज्य विधानसभा के उच्च सदन विधान परिषद बनाने के कैबिनेट के फैसले को मंजूरी दी थी, जिसका उन्होंने चुनाव के दौरान वादा किया था. ममता बनर्जी ने घोषणा की कि जिन प्रतिष्ठित लोगों और दिग्गज नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए नामांकित नहीं किया गया था, उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया जाएगा.
बंगाल में विधान परिषद का इतिहास
स्वतंत्रता के बाद बंगाल के पहले मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय ने 1952 में विधान परिषद का गठन किया था, जो कि 1969 तक जारी रहा. लेकिन दूसरी संयुक्त मोर्चा सरकार ने एक विधेयक पारित करके उच्च सदन को समाप्त कर दिया. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत राज्य में विधान परिषद का गठन किया जा सकता है. विधान परिषद के निर्माण के लिए विधेयक को संसद के समक्ष पेश करने की आवश्यकता होती है. साथ ही इसके लिए राष्ट्रपति की सहमति की भी आवश्यकता होती है.
बंगाल में हो सकती हैं 98 सीटें
विधान परिषद के पास विधानसभा की कुल सीटों के 1/3 से अधिक नहीं होना चाहिए. ऐसे में परिषद के पास अधिकतम 98 सीटें हो सकती हैं. सदस्यों में से 1/3 सदस्य विधायकों द्वारा चुने जाएंगे, जबकि अन्य 1/3 सदस्य नगर निकायों, जिला परिषद और अन्य स्थानीय निकायों द्वारा चुने जाएंगे. सरकार द्वारा परिषद में सदस्यों को मनोनीत करने का भी प्रावधान होगा. राज्यसभा की तरह ही इसमें भी एक सभापति और एक उपाध्यक्ष होते हैं. सदस्यों की आयु कम से कम 30 वर्ष होनी चाहिए और उनका कार्यकाल 6 वर्ष का होगा. विधान परिषद के सदस्य नागरिक निकाय के सदस्यों और निर्वाचित विधायकों द्वारा चुने जाते हैं. राज्यपाल कुछ सदस्यों को मनोनीत भी कर सकता है. बंगाल की अंतिम विधान परिषद में 75 सदस्य थे, जिनमें से नौ को राज्यपाल द्वारा मनोनीत किया गया था.
सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के ऋषि कॉलोनी में एक पति ने अपनी पत्नी पर तेजधार हथियार से हमला कर उसे मौत के घाट (Wife Murder) उतार दिया. बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था जिसके चलते उसने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी|
आरोपी प्रवीण के बड़े भाई रविंद्र ने बताया कि मकान के एक हिस्से में वो और दूसरे में उनका भाई प्रवीण रहता है. सोमवार को प्रवीण और उसकी पत्नी पायल के बीच झगड़ा हुआ था जिसमें प्रवीण ने आगबबूला होकर पायल पर चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में वो गंभीर रूप से घायल हो गई. पायल की चीख सुनकर रविंद्र उसके कमरे में भागे-भागे आए तो वहां उन्होंने उसे खून से लथपथ पाया. इसके बाद वो पायल को लेकर सोनीपत के सामान्य अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद रविंद्र उसका शव लेकर घर वापस लौट आये. रविंद्र ने बताया कि प्रवीण और पायल के बीच झगड़े पहले भी होते थे. इससे पहले भी एक बार उन्होंने घायल पायल को अस्पताल में पहुंचाकर उसका इलाज करवाया था|
पायल और प्रवीण की ग्यारह साल पहले शादी हुई थी. उनकी दो बेटियां और एक बेटा है. तीनों बच्चे मां के शव के पास काफी देर तक बैठे रोते रहे| सिविल लाइन थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ऋषि कॉलोनी में एक महिला की तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई है, आरोपी प्रवीण अपनी पत्नी पायल पर शक करता था, और इसी शक के चलते उसने उसे चाकू से गोद दिया. उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी अभी फरार है, उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा|
नई दिल्ली: सभी के सपनों में चांद तारे आते हैं, लेकिन चंद लोग होते है, जो तारों में जाने का सपना देखते हैं। उन्हीं में से एक नाम है भारतीय मूल की श्रीशा बांदला का। अमेरिकी अंतरक्षि यान कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक (Virgin Galactic) के रिचर्ड ब्रेनसन (Richard Branson) समेत छह लोग अंतरिक्ष की यात्रा करने जाएंगे। इन्हीं छह लोगों में भारतीय मूल की श्रीशा बांदला का नाम भी शामिल है। इनकी ये उड़ान 11 जुलाई को न्यू मैक्सिको से होगी। श्रीशा का काम रिसर्च से संबंधित होगा। इस यात्रा पर जाने वाले छह लोगों में दो महिलाएं हैं। श्रीशा के अलावा एक अन्य महिला बेश मोसिस हैं। 34 साल की श्रीशा एक एरोनॉटिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने इंडियाना के पर्ड्यू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की है। कल्पना चावला के बाद वह भारत में जन्मीं दूसरी ऐसी महिला हैं, जो अंतरिक्ष में जाएंगी, जबकि वह अंतरिक्ष में जाने वाली चौथी भारतीय होंगी। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा है, ‘मुझे यूनिटी22 क्रू और उस कंपनी का हिस्सा होने पर सम्मानित महसूस हो रहा है, जिसका मिशन सभी के लिए अंतरिक्ष को सुगम बनाना है। मीडिया में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, श्रीशा बांदला का जन्म भारत के आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में हुआ था और वह टेक्सास के ह्यूसटन में पली बढ़ी हैं। उनके दादा बांदला रगहिया एक कृषि विज्ञानी हैं।
उन्होंने अपनी पोती की इस उपलब्धि पर कहा है, ‘मैंने हमेशा उसमें कुछ बड़ा हासिल करने का उत्साह देखा है और आखिरकार वो अपना सपना पूरा करने जा रही है। मुझे विश्वास है कि वह इस मिशन में सफलता हासिल करेगी और पूरे देश को गर्व महसूस कराएगी।’ श्रीशा के पिता डॉक्टर मुरलीधर एक वैज्ञानिक और अमेरिकी सरकार में सीनियर एग्जीक्यूटिव सर्विसेज के सदस्य हैं। रिचर्ड ब्रेनसन ने गुरुवार शाम घोषणा करते हुए बताया था कि उनकी अगली अंतरिक्ष उड़ान 11 जुलाई को होगी, जिसमें कुल छह सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। इनका अंतरिक्ष यान न्यू मैक्सिको से उड़ान भरेगा। क्रू के सभी सदस्य कंपनी के कर्मचारी हैं। वहीं अंतरिक्ष तक जाने वाली ये वर्जिन गैलेक्टिक की चौथी उड़ान है। ब्रेनसन की घोषणा से कुछ घंटे पहले जेफ बेजोस ने भी अंतरिक्ष यात्रा को लेकर अहम घोषणा की थी। वह 20 जुलाई को अंतरिक्ष में जाएंगे उनके साथ एयरोस्पेस जगत की एक महिला भी होंगी, जिन्होंने इस यात्रा के लिए 60 साल तक इंतजार किया है।
कोलकाता, चुनावी मौसम में लगाने वाले नारे पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा रखने का काम करते हैं. साथ ही विरोधियों पर हमला करने के लिए नारे गढ़े जाते हैं. सरकार अपने काम को गिनाने के लिए नारे का सहारा लेती है. इसी तरह का एक नारा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान खूब गूंजा और चर्चा में रहा. ये नारा सत्तारूढ़ तृणमू कांग्रेस की तरफ से दिया गया, ‘खेला होबे’. यानी खेल होगा.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब कहा है कि लोगों खेला होबे को स्वीकार किया, इसलिए अब बंगाल में ‘खेला होबे दिवस’ मनाया जाएगा. पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता बनर्जी ने ये बात कही.
गौरतलब है कि टीएमसी और खासकर ममता बनर्जी इस नारे का चुनावी रैलियों में अक्सर इस्तेमाल करती थीं. उनका निशाना सीधे तौर पर बीजेपी की ओर था. इसमें कोई शक नहीं है कि इस चुनावी नारे ने टीएमसी के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया.
टीएमसी का चुनावी नारा सिर्फ खेला होबे तक ही नहीं रुका. खेला होबे के साथ ममता बनर्जी ने एक और नारा दिया था, “‘खेला होबे, देखा होबे, जेता होबे’ यानी खेलेंगे, देखेंगे और जीतेंगे. इसके अलावा के जय श्रीराम के नारे का जवाब ममता बनर्जी ने 'हरे कृष्णा हरे राम, विदा हो बीजेपी-वाम' का नारा दिया था.
इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत से गदगद टीएमसी की अब नज़र त्रिपुरा में हैं. टीएमसी ने जिस खेला होबे नारे के तर्ज पर बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ा था वही खेला होबे नारा अब त्रिपुरा में भी पिछले महीने जारी किया. त्रिपुरा में गाने को नाम है 'खेला होबे त्रिपुराय' जिसका अर्थ हैं त्रिपुरा में खेला होगा.
People have appreciated 'Khela Hobe', so we will have 'Khela Hobe Diwas': West Bengal CM Mamata Banerjee in the Assembly (file pic) pic.twitter.com/ih5eIGEIKo
— ANI (@ANI) July 6, 2021
असम ने असम सरकार ने राज्य के सात जिलों में कोरोना के बढ़ते मरीजों के मद्देनजर पूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है. जानकारी के मुताबिक गोलपारा, गोलाघाट, जोरहाट, लखीमपुर, सोनितपुर, विश्वनाथ और मोरीगांव में पूर्ण तालाबंदी की घोषणा की गई है. इन जिलों में जिलों में 7 जुलाई से लॉकडाउन की पाबंदियां लागू होंगी और अगले आदेश तक लागू रहेंगी.
यहां देखें पूरी गाइडलाइंस...

बिहार के लोगों को अनलॉक 4 में बड़ी राहत मिली है। नीतीश सरकार ने अनलॉक 4 के तहत स्कूल-कॉलेज समेत अन्य संस्थानों को भी खोलने का निर्णय लिया है। सोमवार को अनलॉक 4 के बारे में जानकारी देते हुए खुद सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट किया।
इस ट्वीट में उन्होंने लिखा कि कोरोना की समीक्षा के बाद सरकारी गैर सरकारी कार्यालयों को सामान्य रूप से खोलने का निर्णय लिया गया है। हालांकि इन ऑफिसों में केवल वैक्सीनेटेड लोग ही प्रवेश पा सकेंगे।
कोरोना स्थिति की समीक्षा के बाद सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय को सामान्य रूप से खोलने का निर्णय लिया गया है। टीका प्राप्त आगंतुक कार्यालय में प्रवेश पा सकेंगे। (1/3)
— Nitish Kumar (@NitishKumar) July 5, 2021
बिहार सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 11वीं और 12वीं तक के स्कूल समेत कॉलेज, टेक्निकल इंस्टीट्यूट, सरकारी प्रशिक्षण संस्थान को 50 फ़ीसदी छात्रों की उपस्थिति के साथ खोलने का निर्णय लिया है।
(2/3) विश्वविद्यालय, सभी कॉलेज, तकनीकि शिक्षण संस्थान, सरकारी प्रशिक्षण संस्थान, ग्यारहवीं एवं बारहवीं तक के विद्यालय 50% छात्रों की उपस्थिति के साथ खुलेंगे।
— Nitish Kumar (@NitishKumar) July 5, 2021
शैक्षणिक संस्थानों के व्यस्क छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए टीकाकरण की विशेष व्यवस्था होगी।
इसके अलावा रेस्टोरेंट और खाने की दुकान को भी खोलने की इजाजत देते हुए बिहार सरकार ने बड़ी छूट दी है। हालांकि रेस्टोरेंट्स और खाने की दुकान में दुकान की कुल क्षमता के 50 फ़ीसदी लोग ही बैठकर भोजन का आनंद ले सकेंगे।
(3/3) रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकान का संचालन 50% बैठने की क्षमता के साथ हो सकेगा। अभी भी सावधानी की जरूरत है।
— Nitish Kumar (@NitishKumar) July 5, 2021







