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बिहार में मरीजों की बजाय रेती ढोने के काम आ रही BJP सांसद की एंबुलेंस, पप्पू यादव ने वीडियो जारी कर किया दावा

बिहार में मरीजों की बजाय रेती ढोने के काम आ रही BJP सांसद की एंबुलेंस, पप्पू यादव ने वीडियो जारी कर किया दावा

बिहार की जनअधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने एंबुलेंस कांड का भंडाफोड़ किया है। इसका वीडियो पप्पू यादव ने ट्वीट किया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक एबुलेंस पर रेती से भरी बोरियां लादी जा रही हैं। एंबुलेंस पर सारण से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी का नाम लिखा हुआ है।
पप्पू यादव ने कसा तंज
सारण (छपरा) से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के अमनौर ऑफिस कैंपस में दर्जनों एंबुलेंस खड़ी मिली थी। इसके बाद से पप्पू यादव और बीजेपी सांसद के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। इस मामले में यादव के खिलाफ राजन कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसी बीच पप्पू यादव ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए रूडी पर तंज कसा है।
 रेती ढोने में हो रहा एंबुलेंस का उपयोग
पूर्व सांसद ने वीडियो ट्वीट कर कहा, 'एंबुलेंस का राजीव प्रताप रूडी जी रेती ढोने में बहुत बेहतरीन उपयोग कर रहे थे। इसके लिए उनके पास ड्राइवर भी उपलब्ध था। लेकिन बीमारों की मदद के लिए एंबुलेंस चलाने के लिए ड्राइवर नहीं था।' इससे पहले रूडी ने अपने कैंपस में खड़ी एबुंलेंस के लिए ड्राइवर न होने की बात कही थी।
रूडी की चुनौती पर पप्पू यादव ने खड़े कर दिया 40 ड्राइवर
पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रूडी के प्रशिक्षण केंद्र पर खड़ी एंबुलेंस मामले में उनसे मिली चुनौती का करारा जवाब देते हुए पप्पू यादव ने आज 40 लाइसेंस धारी ड्राइवर खड़े कर दिए और कहा कि बिहार सरकार जहां भी एंबुलेंस को ड्राइवर की जरूरत हो, वे लें जाएं। इसके लिए उन्होंने जाप के राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद सिंह का नंबर 9334123702 जारी किया और कहा कि सरकार इन ड्राइवर को सरकारी नौकरी भी दे। साथ ही उन्होंने महामारी एक्ट के तहत भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी पर मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की।
 

सात लाख रुपये देकर  थाईलैंड से बुलाई कॉल गर्ल, दो दिन बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में कोरोना से मौत

सात लाख रुपये देकर थाईलैंड से बुलाई कॉल गर्ल, दो दिन बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में कोरोना से मौत

कोरोना महामारी के बीच राजधानी लखनऊ से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई। यहां थाईलैंड से आई एक कॉल गर्ल की कोरोना से मौत हो गई। पुलिस ने जांच की तो एक के बाद एक कई खुलासे हुए। मालूम चला कि इस कॉल गर्ल को अभी 10 दिन पहले ही लखनऊ के एक टॉप व्यापारी के बेटे ने 7 लाख रुपए खर्च करके थाईलैंड से बुलाया था। 2 दिन बाद ही वह बीमार पड़ गई तो उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 3 मई को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले थाईलैंड एंबेसी में संपर्क करके उसके परिजनों को डेडबॉडी हैंडओवर करने की कोशिश की, लेकिन जब नहीं हो पाया तो शनिवार को एजेंट सलमान की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी एजेंट के सहारे वह भारत आई थी।

राजस्थान से जुड़े तार
कॉल गर्ल की मौत के बाद पुलिस अब राजधानी में पांव पसार रहे इंटरनेशनल सेक्स रैकेट के बारे में पता करने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि ये भी ट्रेस किया जा रहा है कि इस कॉल गर्ल के संपर्क में और कौन-कौन आया है। पुलिस के अनुसार ये कॉल गर्ल राजस्थान के रहने वाले एक ट्रैवेल एजेंट के संपर्क में थी। उसी ने इसे लखनऊ भेजा था। पुलिस अब इस एजेंट को भी तलाश कर रही है।

लड़के ने खुद थाईलैंड एंबेसी से भी संपर्क किया
पुलिस की जांच में सामने आया है कि व्यापारी के बेटे ने कॉल गर्ल की तबियत बिगड़ने पर खुद थाईलैंड एंबेसी को फोन करके इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद एंबेसी ने भारत के विदेश मंत्रालय की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। 

भारत के इस पड़ोसी देश की पुलिस ने नकली रेमडेसिविर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया

भारत के इस पड़ोसी देश की पुलिस ने नकली रेमडेसिविर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया

अररिया, भारत के पड़ोसी देश नेपाल की पुलिस ने नकली रेमडेसिविर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के सदस्य नेपाल में 90 रुपये में मिलने वाले एंटीबायोटिक इंजेक्शन ‘स्टासेफ’ की बोतलों में रेमडेसिविर का लेबल लगा कर सात से 35 हजार रुपये में बेचने का काम करते थे. सीमावर्ती इलाका होने के कारण ये गिरोह बिहार के अररिया समेत अन्य जिलों में भी फैला हुआ था. भारत और नेपाल के लोग मिलकर कोरोना काल में ये गोरखधंधा कर रहे थे.


दो दवा दुकानदारों को किया गिरफ्तार


दरअसल, नेपाल के विराटनगर नगर पुलिस की विशेष शाखा को सूचना मिली थी कि दवा दुकानदार नकली दवा का कारोबार कर रहे हैं. सूचना के आधार पर दो दवा दुकानदार सोनू आलम और श्रवण यादव की गिरफ्तारी की गई. उनके पास से नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन भी बरामद किए गए हैं. मोरंग जिले के एसपी संतोष खड़का ने बताया कि विराटनगर में नकली रेमडेसिविर की बिक्री की सूचना मिलने पर कुछ दवा दुकानों में छापेमारी की गई थी. इस दौरान कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.


वायल के एक ही साइज होने का उठाया फायदा


एंटीबायोटिक दवा स्टासेफ और कोरोना के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन के डब्बे का साइज एक होने का फायदा ये नकली दवा के कारोबारी उठा रहे थे. ये कोरोना मरीजों को सात से 35 हजार रुपये लेकर नकली रेमडेसिविर देते थे. एसपी खड़का ने बताया कि गिरफ्तार फॉर्मेसी संचालक सोनू आलम यह नकली रेमडेसिविर कहां से लाता था, इसकी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही मिल पाएगी. वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो भारी मात्रा में स्टासेफ इंजेक्शन की खरीददारी विराटनगर की होलसेल दवा दुकान गणेश ड्रग्स हाउस से की गई थी.


बता दें कि पकड़े गए नकली दवा कारोबारियों का नाम पहले भी दवा तस्करी में आ चुका है. इससे पूर्व टिकुलिया से सटे नेपाल के दरहिया से श्रवण यादव को भारत से रेमडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी में दवा के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था. लेकिन राजनीतिक दबाव के बाद जमानत पर वह रिहा हो गया था.


जोगबनी के रास्ते पूर्णिया तक फैला है जाल


विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस नकली दवा गिरोह के कुछ माफिया अररिया जिले के बथनाहा में भी बैठे हैं, जिसके माध्यम से सम्पर्क स्थापित कर नकली रेमडेसिविर को अस्पताल में भर्ती मरीजों तक सप्लाई किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो इनके द्वारा इस्लामपुर में बनाये गए अवैध रास्ते और टिकुलिया के रास्ते दवा की तस्करी पुलिस को चकमा देकर की जाती है. 

सुप्रीम कोर्ट ने बनाया नेशनल टास्क फोर्स, इतनी संख्या में मशहूर डॉक्टर शामिल होंगे इस फोर्स में, ये होगा काम

सुप्रीम कोर्ट ने बनाया नेशनल टास्क फोर्स, इतनी संख्या में मशहूर डॉक्टर शामिल होंगे इस फोर्स में, ये होगा काम

नई दिल्ली, देश में ऑक्सीजन के आवंटन, ज़रूरी दवाओं की उपलब्धता और कोविड से निपटने की भविष्य की तैयारियों पर सुझाव देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 12 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स बनाया है. इस टास्क फोर्स में 10 प्रसिद्ध डॉक्टर होंगे. कैबिनेट सेक्रेट्री या उनकी तरफ से मनोनीत अधिकारी संयोजक और स्वास्थ्य सचिव भी सदस्य होंगे.


कौन हैं इस टास्क फोर्स के मेम्बर


इस टास्क फोर्स में कोर्ट ने वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. भाबातोष बिस्वास, श्री गंगाराम अस्पताल के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरपर्सन डॉ. देवेंदर सिंह, बेंगलुरू के नारायणा हेल्थकेयर के चेयरपर्सन और एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी, तमलिनाडू में वेल्लोर के क्रश्चियन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. गगनदीन कांग और इसी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. जेवी पीटर, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहान, मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में आईसीयू और क्रिटिकल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. राहुल पंडित को शामिल किया गया है.


इसके अलावा टास्क फोर्स में सर गंगाराम अस्पताल के सर्जिकल विभाग गैस्ट्रोइंटेरोलोजी और लिवर ट्रांस्प्लांट की हेड और चेयरपर्सन डॉ. सौमित्रा रावत, आईएलबीएस दिल्ली के डायरेक्टर और हेपाटोलोजी विभाग के हेड सीनियर प्रोफेसर डॉ. शिव कुमार सरीन, मुंबई के पारसी जनरल अस्पताल और ब्रीच कैंडी अस्पताल और हिंदुजा अस्पताल के कंसल्टेंट चेस्ट फीज़िशियन डॉ ज़रीफ एफ उदवादिया, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक्स ऑफिसियो मेम्बर और भारत सरकार के कैबिनेट सेक्रेट्री भी इस टास्क फोर्स का हिस्सा होंगे. कैबिनेट सेक्रेट्री इस टास्क फोर्स के कनवीनर भी होंगे.

 

असम के बाद अब इस राज्य में आया भूकंप...

असम के बाद अब इस राज्य में आया भूकंप...

शिमला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3 रही। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।
इससे पहले पांच मई को असम के सोनितपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 रही। असम में 28 अप्रैल को भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता 6.4 तीव्रता मापी गई थी।

क्यों आता है भूकंप
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है।

जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।
 

बड़ी खबर: अब इस राज्य में दो हफ्ते संपूर्ण लॉकडाउन, 10 से 24 मई तक सबकुछ रहेगा बंद

बड़ी खबर: अब इस राज्य में दो हफ्ते संपूर्ण लॉकडाउन, 10 से 24 मई तक सबकुछ रहेगा बंद

चेन्नई, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने 10 मई से दो हफ्ते के लिए संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है. 10 से 24 मई तक तमिलनाडु में पूर्ण लॉकडाउन रहेगा. किराना, राशन, मांस की दुकानें दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति है. अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को पहले ई-रजिस्ट्रेशन कराना होगा. पर्यटन स्थलों की यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा.


तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. शुक्रवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 26,465 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 13 लाख 23 हजार 965 हो गई. बीते 24 घंटे में 197 मरीजों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 15,171 तक पहुंच गई है. बीते दिन 22,381 लोगों को छुट्टी दे दी गई. राज्य में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख 35 हजार 355 है. चेन्नई में संक्रमण के 6,738 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 3 लाख 77 हजार 42 हो गई है. शहर में अब तक 5081 मरीजों की मौत हो चुकी है.


तमिलनाडु में कोविड मरीजों का खर्च उठाएगी सरकार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा है कि उनकी सरकार निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का सारा खर्च उठाएगी. मुख्यमंत्री ने एक आदेश में कहा, राज्य स्वास्थ्य बीमा कवर निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज का खर्च वहन करेगा. स्टालिन ने एक और आदेश जारी किया जिसमें तमिलनाडु के हर चावल कार्ड धारकों को 2,000 रुपये देगी. राज्य में लगभग 2.07 करोड़ चावल कार्ड धारक हैं.


स्टालिन ने सार्वजनिक क्षेत्र के 'आविन' दूध ब्रांड की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी करने के आदेश पर भी हस्ताक्षर किए. इसके अलावा, साधारण टाउन बसों में महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति देने वाला एक आदेश भी जारी किया गया था. सरकार परिवहन निगमों को सब्सिडी के रूप में 1,200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करेगी.

 

4 दिन में तीसरी बार देश के इस प्रदेश में भूकंप

4 दिन में तीसरी बार देश के इस प्रदेश में भूकंप

गुवाहाटी। असम की धरती इन दिनों लगातार भूकंप से कांप रही हैं। शुक्रवार की सुबह एक बार फिर असम में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, इस भूकंप की तीव्रता बहुत ज्यादा नहीं थी। इस वजह किसी को भी ज्यादा नुकसान होने की खबर नहीं है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है। 4 दिन में यह तीसरा मौका है जब असम में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले 5 मई और 3 मई के दिन भी असम में भूकंप आया था। इससे पहले 5 मई को भूकंप की तीव्रता 3.5 थी, जब कि 3 मई को रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई थी। 

बड़ी खबर: उड़ान भरते ही टूटा एयर एंबुलेंस का पहिया, मुंबई में हुई आपातकालीन लैंडिंग

बड़ी खबर: उड़ान भरते ही टूटा एयर एंबुलेंस का पहिया, मुंबई में हुई आपातकालीन लैंडिंग

मुंबई। नागपुर से हैदराबाद जा रही एक एयर एंबुलेंस का टेकऑफ करते ही पहिया टूट गया। हालांकि पायलट की सूझबूझ से पांच लोगों की जान बच गई। अधिकारियों ने इस एयर एंबुलेंस में पांच लोग सवार थे। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, नॉन-शेड्यूल्ड विमान वीटी-जेआईएल एक मरीज, 2 चालक दल के सदस्यों, एक डॉक्टर और एक पैरामेडिक स्टॉफ को लेकर जा रहा था।
एयर एंबुलेस ने जैसे ही नागपुर से टेकऑफ किया तो उसका एक पहिया खुलकर गिर गया। पालयट ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी घोषित कर दी और इसके बाद आनन-फानन में विमान की मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग की गई। विमान की इमरजैंसी लैंडिग की बात सुनते ही एयरपोर्ट के अधिकारियों ने रन वे पर फोम बिछा दी गई थी ताकि जमीन पर विमान ज्यादा न घिसे और किसी को कोई नुकसान न हो। इतना ही नहीं फायर ब्रिगेड, सीआईएसएफ और मेडिकल टीम मौके पर तैनात की गई। गनीमत रही कि किसी को कुछ नहीं हुआ और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
 

इस राज्य में 10 से 24 मई तक लगा पूर्ण लॉकडाउन, जानिए किसे मिली छूट

इस राज्य में 10 से 24 मई तक लगा पूर्ण लॉकडाउन, जानिए किसे मिली छूट

जयपुर। राजस्थान सरकार ने बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए पूरे राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसके तहत 10 मई की सुबह 5 बजे से 24 मई की सुबह 5 बजे तक कड़ी पाबंदी रहेगी। राजस्थान में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए 24 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जा है। इस दौरान जरूरी सेवाएं छोड़कर बाकी सब बंद रहेगा।
राज्य में 10 मई सुबह पांच बजे से 24 मई सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन लगने के साथ ही विवाह समारोह 31 मई के बाद ही आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सभी प्रकार के धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि की अनुमति 31 मई तक नहीं होगी। विवाह घर पर ही अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में ही करने की अनुमति होगी, जिसमें केवल 11 व्यक्ति ही अनुमत होंगे। इसकी सूचना वेब पोर्टल पर देनी होगी।

इनकी अनुमति नहीं होगी
निर्णय के अनुसार विवाह में बैण्ड-बाजे, हलवाई, तंबू या इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। शादी के लिए टेंट हाउस एवं हलवाई से संबंधित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी नहीं की जा सकेगी।
मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल एवं होटल परिसर शादी-समारोह के लिए बंद रहेंगे। विवाह स्थल मालिकों, टेंट व्यवसायियों, कैटरिंग संचालकों और बैण्ड-बाजा वादकों आदि को अग्रिम बुकिंग राशि आयोजनकर्ता को लौटानी होगी या बाद में आयोजन करने पर समायोजित करनी होगी।
निर्णय के अनुसार किसी भी प्रकार के सामूहिक भोज की अनुमति नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों के संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं, इसे देखते हुए मनरेगा के कार्य स्थगित रहेंगे।
चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त सभी प्रकार के निजी एवं सरकारी परिवहन के साधन जैसे- बस, जीप आदि पूरी तरह बंद रहेंगे। बारात के आवागमन के लिए बस, ऑटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, जीप आदि की अनुमति नहीं होगी।
मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार अन्तरराज्यीय एवं राज्य के भीतर माल का परिवहन करने वाले भारी वाहनों का आवागमन, माल उतारने-चढ़ाने तथा इस कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति अनुमत होंगे। राज्य में चिकित्सा, अन्य आपातकालीन एवं अनुमत श्रेणियों को छोड़कर एक जिले से दूसरे जिले, एक शहर से दूसरे शहर, शहर से गांव, गांव से शहर और एक गांव से दूसरे गांव में सभी प्रकार के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य
राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को 72 घंटे के भीतर करवाई गई आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि कोई यात्री नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे 15 दिन के लिए पृथक-वास में रखा जाएगा।
श्रमिकों के पलायन को रोकने के लिए उद्योगों एवं निर्माण से संबंधित सभी इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी। श्रमिकों को आवागमन में असुविधा नहीं हो, इसके लिए इन इकाइयों द्वारा पहचान पत्र जारी किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश में ऑक्सीजन के ‘अपर्याप्त आवंटन’ पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। मंत्रिमंडल ने कहा कि राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की बड़ी संख्या के अनुपात में केंद्र सरकार द्वारा किया गया आवंटन नाकाफी है।
इसने कहा कि जामनगर से अनावंटित 200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मात्रा में से राजस्थान को अधिकतम आवंटन किया जाए क्योंकि वर्तमान में कोविड रोगियों के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन की आवश्यकता 600 मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गई है और 15 मई तक इसके लगभग 795 मीट्रिक टन तक हो जाने का अनुमान है।
बैठक में कहा गया कि केंद्र सरकार राज्य की आवश्यकता के अनुरूप जल्द-से-जल्द ऑक्सीजन का आवंटन बढ़ाए।

9 जिलों में 61.5% रोगी और 70% मौतें
राजस्थान के 9 जिलों- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर में 61.5% मरीज और 70% मौतें हुई हैं। अगर सरकार इन नौ जिलों में पाबंदियां और सख्त कर दे तो महामारी से आधी जंग जीती जा सकती है।
नौ जिलों में ही नए पाॅजिटिव 16,815 के 61.5% यानी 10341 रोगी मिले हैं। इन्हीं जिलों में 73% मौतें हो रही हैं। बुधवार को प्रदेश में कुल 155 मौतें हुईं। इन नौ जिलों में 114 मौतें हुईं। जयपुर में 43, जोधपुर में 20, उदयपुर में 19, बीकानेर में 8, अलवर में 7, कोटा में 6, डूंगरपुर में 5, सीकर और श्रीगंगानगर में 3-3 की मौत हुई।
 

सिंगल डोज वाली `स्पुतनिक लाइट` वैक्सीन को मिली मंजूरी, 80 फीसदी तक प्रभावी होने का दावा

सिंगल डोज वाली `स्पुतनिक लाइट` वैक्सीन को मिली मंजूरी, 80 फीसदी तक प्रभावी होने का दावा

मॉस्को/नई दिल्ली। रूस की वैक्सीन स्तूपनिक का नया वर्जन लॉन्च किया गया है। स्तूपनिक लाइट नाम की इस वैक्सीन के 80 प्रतिशत तक प्रभावी होने दावा किया गया है। इस वैक्सान की सिर्फ एक डोज ही कोविड-19 से सुरक्षा देने में बताई जा रही है।
इस वैक्सीन की फंडिंग करने वाले रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष आडीआईएफ ने एक बयान में कहा कि दो शॉट वाली स्तूपनिक वी वैक्सीन की तुलना में सिंगल डोज वाली स्तूपनिक लाइट ज्यादा प्रभावी है। स्तूपनिक V 91.6 प्रतिशत तक प्रभावी है, जबकि स्तूपनिक लाइट 79.4 प्रतिशत तक प्रभावी है।

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परिणाम में कहा गया है कि, 5 दिसंबर 2020 से 15 अप्रैल 2021 के बीच रूस में चले व्यापक टीकाकरण अभियान में ये वैक्सीन दी गई जिसके 28 दिन बाद इसका डाटा लिया गया था। बता दें 60 देशों में रूस की वैक्सीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा चुकी है। लेकिन इसे अभी तक यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) और यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने इसे अभी तक मंजूरी नहीं दी है।
 

राज्यों में ऑक्सीजन की मांग,आपूर्ति,पहुंचाने को जांचने सुप्रीम कोर्ट ऑडिट कमिटी बनाएगी, जाने क्या है मामला

राज्यों में ऑक्सीजन की मांग,आपूर्ति,पहुंचाने को जांचने सुप्रीम कोर्ट ऑडिट कमिटी बनाएगी, जाने क्या है मामला

नईदिल्ली, दिल्ली और दूसरे राज्यों में ऑक्सीजन की मांग, केंद्र से हो रही आपूर्ति और अस्पतालों तक पहुंचाने में आ रही दिक्कत को समझने के लिए सुप्रीम कोर्ट एक ऑडिट कमिटी बनाएगा. कोर्ट ने यह बात तब कही जब केंद्र सरकार ने दिल्ली की वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए. केंद्र ने कहा कि दिल्ली शायद अपनी मांग को बढ़ाकर बता रहा है. केंद्र से आ रहे ऑक्सीजन को दिल्ली सरकार सही समय पर उठा नहीं रही, जबकि दिल्ली को अधिक सप्लाई देने के लिए दूसरे राज्यों से कटौती करनी पड़ रही है.


दिल्ली के ऑडिट की मांग


सुप्रीम कोर्ट ने कल केंद्र से कहा था कि वह रात 12 बजे तक दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध करवाए. आज सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि दिल्ली को 730.7 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली को ज़्यादा ऑक्सीजन तो मिल जा रहा है, पर वह उसे अनलोड नहीं कर पा रहा. दिल्ली के अस्पतालों में कुल स्टोरेज की क्षमता भी 400 मीट्रिक टन के आस पास ही है.


तुषार मेहता ने आगे कहा, "हम दूसरे राज्यों का ऑक्सीजन भी दिल्ली को दे रहे हैं. फिर भी दिल्ली में ज़रूरतमंदों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच रहा. दिल्ली के वितरण सिस्टम की समीक्षा होनी चाहिए. हम दूरदराज के गांवों को लेकर भी चिंतित हैं. दिल्ली का ऑक्सीजन ऑडिट होना चाहिए. किसी को सिर्फ इसलिए तकलीफ नहीं मिलनी चाहिए कि वह दिल्ली की तरह ज़ोर से नहीं बोल पा रहा.


कोरोना की तीसरी लहर की चिंता


इस पर 2 जजों की बेंच के अध्यक्ष जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि घर पर इलाज करा रहे लोगों को भी ऑक्सीजन की ज़रूरत है. सरकार का ऑक्सीजन की ज़रूरत आंकने का फॉर्मूला गलत है. उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट को पूरे देश के लिए सोचना है. आज तैयारी की गई तो कोविड का तीसरा फेज आने पर उससे तरीके से बेहतर निपटा जा सकेगा. उन्होंने कहा, "यह चिंता की बात है कि वैज्ञानिक तीसरी लहर की बात भी कह रहे हैं. उस लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका है. टीकाकरण अभियान में बच्चों के लिए भी सोचा जाना चाहिए."


जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे कहा, "हमें इलेक्ट्रॉनिक ICU पर भी विचार करना चाहिए. ज़रूरत के मुताबिक स्वास्थ्यकर्मी हमारे पास नहीं हैं. लाखों की संख्या में डॉक्टर और नर्स खाली हैं. हमें कोरोना की आने वाली लहर की आशंका को सोच कर चलना चाहिए." बेंच के सदस्य जस्टिस एम आर शाह ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "बहुत से डॉक्टर चिकित्सा की बजाय प्रशासनिक काम कर रहे हैं. उनसे काम लिया जाना चाहिए."


एमबीबीएस छात्रों को मिले अतिरिक्त अंक


सॉलिसीटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि राज्यों से यह कहा गया है कि वह एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों, मेडिकल पीजी कर रहे डॉक्टरों और नर्सिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों से काम ले सकते हैं. इस पर एमिकस क्यूरी जयदीप गुप्ता ने कहा, "मैंने कहीं पढ़ा कि मध्य प्रदेश में एमबीबीएस छात्रों को सिर्फ 1500 से 3000 रुपए दिए जा रहे हैं." मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह अफवाह है. ऐसा नहीं हो रहा. इस पर जजों ने कहा कि कोविड के दौरान काम कर रहे एमबीबीएस छात्रों का उत्साह पैसों से नहीं बढ़ेगा. उन्हें NEET की परीक्षा में अतिरिक्त अंक देना चाहिए. केंद्र के वकील ने इस सुझाव पर विचार की बात कही.


दिल्ली ने किया ऑडिट का विरोध


इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली के वकील राहुल मेहरा से सवाल किया, "केंद्र कह रहा है कि आप ऑक्सीजन उठा नहीं रहे. इससे टैंकर भी दिल्ली में ही फंस जा रहे हैं. आपका क्या जवाब है? मेहरा ने कहा कि दिल्ली के कई अधिकारी ऑक्सीजन वितरण देख रहे हैं. लेकिन ऑक्सीजन लिफ्ट कर हॉस्पिटल तक पहुंचाना सप्लायर का काम होता है. मेहरा ने आगे कहा, "हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है. ऑक्सीजन वितरण में समय लगता है. जो टैंकर खाली हैं, उन्हें भी केंद्र नहीं उठा रहा."


दिल्ली के वकील ने ऑक्सीजन ऑडिट की मांग का विरोध किया. कहा, "पंजाब, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र समेत कई राज्य हैं, जिन्हें उनकी मांग के बराबर या ज़्यादा ऑक्सीजन दिया जा रहा है. दिल्ली के बारे में कहा जा रहा कि उसे ऑक्सीजन देने के लिए दूसरे राज्यों से कटौती करनी पड़ रही है. कोर्ट केंद्र से इस पर लिखित हलफनामा ले. अगर ऑडिट होना है तो पूरे देश का हो."


भविष्य की तैयारी का सुझाव


एमिकस क्यूरी जयदीप गुप्ता और मीनाक्षी अरोड़ा ने भविष्य के हिसाब से तैयारी का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन और दूसरी ज़रूरतों का सटीक पूर्वानुमान लगाने की व्यवस्था बननी चाहिए. अभी सारी बहस 30 अप्रैल को जारी हुए मांग अनुमान के हिसाब से हो रही है. स्थिति लगातार बदल रही है. कल मुंबई को ऑक्सीजन की अधिक ज़रूरत थी. आज दिल्ली को है. कल किसी और शहर को होगी. हो सकता है अचानक किसी दवा की बढ़ी हुई मांग सामने आए. इसलिए, भविष्य के अनुमान और उसके आधार पर कदम उठाने पर ज़ोर दिया जाए.


वेबसाइट पर अपलोड होगा आदेश


जयदीप गुप्ता ने यह सुझाव भी दिया कि कोर्ट अभी केंद्र को दिल्ली में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति बनाए रखने को कहे. जजों ने गुप्ता को थोड़ी देर तक इस पहलू पर भी सुना कि ऑक्सीजन ऑडिट कमिटी क्या काम करेगी. जजों ने सॉलिसीटर जनरल से विशेषज्ञों के नाम सुझाने को कहा. जजों ने यह भी कहा कि उनके मन में भी कुछ नाम हैं. करीब 4 घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि आदेश बाद में वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा. सोमवार को मामले पर आगे की सुनवाई होगी. 

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने फिर दिया विवादित बयान, ममता बनर्जी को बताया...

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने फिर दिया विवादित बयान, ममता बनर्जी को बताया...

भोपाल। मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ताड़का बताया। ममता बनर्जी ने तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में  शपथ ली।


प्रज्ञा ने ट्वीट किया, मुमताज लोकतंत्र। हिंदुओं, भाजपा के बंगाल के कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या, बलात्कार। हे कलंकिनी... बस्स्स।उन्होंने आगे लिखा, शठे शाठ्यम समाचरेत, टिट फॉर टैट करना ही होगा। राष्ट्रपति शासन और एनआरसी (राष्ट्रीय नागिरक पंजी) बस यही उपाय हैं।प्रज्ञा ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, संतों और वीरों की भूमि पर ताड़का का शासन हो गया। अब तो 'राम' बनना ही होगा। जय श्री राम। 

जेल में बंद आसाराम की बिगड़ी तबीयत, कोरोना संक्रमित होने के बाद सांस लेने में हो रही दिक्कत

जेल में बंद आसाराम की बिगड़ी तबीयत, कोरोना संक्रमित होने के बाद सांस लेने में हो रही दिक्कत

जोधपुर। राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे आसाराम बापू को कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद बुधवार रात को अस्पताल शिफ्ट किया गया। यहां महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर लिया गया।
आसाराम का तीन दिन पहले कोरोना टेस्टत हुआ था और बुधवार शाम उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। इसके बाद 80 साल के आसाराम ने बेचैनी की शिकायत की थी। यही नहीं, कोरोना वायरस के चलते ऑक्सीजन लेवल बहुत कम होने पर उनको अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। जबकि आसाराम की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनकर उनके कई समर्थक अस्पोताल पहुंच गए। यही नहीं, हालत बिगड़ते देख अब आसाराम को जोधपुर एम्स भेजने की तैयारी की जा रही है।
बहरहाल, पिछले दिनों जोधपुर की सेंट्रल जेल में करीब एक दर्जन कैदी कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे। इसके बाद सभी कोरोना पॉजिटिव कैदियों को जेल की डिस्पेंसरी में ही आइसोलेट किया गया था। इसी बीच अब अन्य कैदियों में भी कोरोना संक्रमण के लक्षण देखने को मिले थे, तब आसाराम का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था।
इसके बाद बुधवार शाम कोरोना रिपार्ट पॉजिटिव आने के बाद आसाराम की तबीयत खराब हो गयी।हालांकि यह पहली बार नहीं है जब आसाराम को अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया है। इसी साल फरवरी में उनको तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद महात्मास गांधी अस्पाताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था।
 

सरकार का विवादित फैसला- एसेंशियल की लिस्ट में अल्कोहल शामिल, अब लॉक डाउन में खुलेंगी शराब की दुकानें

सरकार का विवादित फैसला- एसेंशियल की लिस्ट में अल्कोहल शामिल, अब लॉक डाउन में खुलेंगी शराब की दुकानें

चडीगढ़, कोरोना संक्रमण के बीच पंजाब में शराब के शौकीनों के लिए राज्य सराकर ने राहत भरी खबर दी है. पंजाब सरकार ने अल्कोहल को एसेंशियल की लिस्ट में रखा है. सरकार के इस फैसले के बाद मिनी लॉकडाउन के दौरान शराब के ठेके खोले जाएंगे. पंजाब सरकार ने इस संबंध में मंगलवार दोपहर को ही नोटिफेकेशन जारी कर दिया था. हालांकि नोटिफिकेशन में देरी के कारण एक दिन बाद से ठेके खुलने लगे.
बता दें कि पंजाब सरकार ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए 15 मई तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की थी. लॉकडाउन के दौरान जरूरी सेवाओं को इससे छूट दी गई थी.
पंजब सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा 2 मई को की थी. इस दौरान बताया था कि जरूरी वस्तुओं की दुकानें जैसे- दवा, दूध, सब्जी, मीट आदि की ही खोलने के आदेश थे. उस दौरान शराब के ठेकों सहित अन्य गैर-जरूरी दुकानों खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी.
लॉकडाउन के दौरान शादी समारोह और अंतिम संस्कार में केवल 10 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी. सराकर के इस एलान के बाद शराब ठेकेदारों की ओर से शराब के ठेके खोलने की लगातार मांग उठाई जा रही थी. सरकार के इस आदेश के बाद राज्य में बंद सभी ठेके खोल दिए जाएंगे.
सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक अब राज्य में किसी को बिना कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट के एंट्री नहीं मिलेगी. पंजाब सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हवाई रास्ते, रेल या फिर सड़क के जरिए पंजाब आने वाले लोगों को बिना कोरोना नेगेटिव सर्टिफिकेट या फिर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के प्रदेश में एंट्री नहीं दी जाएगी.

 

RLD चीफ और पूर्व केंद्रीय मंत्री का निधन

RLD चीफ और पूर्व केंद्रीय मंत्री का निधन

राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के मुखिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का निधन हो गया है। दिग्गज राजनेता अजित सिंह कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से बीते दिनों गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने 86 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौर गई है। उनकी गिनती बड़े जाट नेताओं में होती थी।
रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह और उनकी पोती 24 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। हालत खराब होने पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर वे पिछले चार-पांच दिन से वेंटिलेटर पर थे। मगर गुरुवार की सुबह उनका निधन हो गया। राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजित सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 को मेरठ में हुआ था। इनके निधन पर समाजवादी पार्टी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।


कौन थे चौधरी अजित सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे चौधरी अजित सिंह राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत से 7 बार सांसद रह चुके हैं। वह मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके हैं। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि मंत्री भी रह चुके थे। उनके बेटे का नाम जयंत चौधरी है, जो 15वीं लोकसभा में मथुरा से सांसद रह चुके हैं।

 

अजब गजब: 25 वर्षीय महिला ने एक साथ दिया 9 शिशुओं को जन्म!

अजब गजब: 25 वर्षीय महिला ने एक साथ दिया 9 शिशुओं को जन्म!

बमाको (माले), माले की राजधानी बमाको से मिल जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय एक महिला ने एकसाथ 9 बच्चों को जन्म दिया। हालांकि डॉक्टरों को गर्भाशय में केवल 7 बच्चों की जानकारी थी जबकि महिला ने 9 बच्चों को जन्म दिया। सभी ठीक हैं। हलीमा सिसे नामक महिला की गर्भावस्था ने पश्चिम अफ्रीकी राष्ट्र में सनसनी फैला दी और वहां के नेताओं का ध्यान आकर्षित किया। मार्च में डॉक्टरों ने कहा कि सीसे को विशेषज्ञों की देखभाल की आवश्यकता है, इसके बाद अधिकारी उसे मोरक्को ले जाया, जहां उसने जन्म दिया। माली के स्वास्थ्य मंत्री फांटा सिबी ने एक बयान में कहा, 'नवजात शिशु (5 लड़कियां और 4 लड़के) और मां सभी अच्छे हैं।Óमोरक्को और माली में किए गए अल्ट्रासाउंड के अनुसार, 7 बच्चों में से 2 बच्चों के जिंदा रहने की उम्मीद थी। सभी को सीजेरियन द्वारा अलग किया गया था। 

लव, सेक्स और धोखे की कहानी: पहले फेसबुक पर हुआ प्यार और फिर व्हाट्सऐप पर 3 तलाक

लव, सेक्स और धोखे की कहानी: पहले फेसबुक पर हुआ प्यार और फिर व्हाट्सऐप पर 3 तलाक

उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में लव, सेक्स, धोखा, बाद में तीन तलाक का मामला सामने आया है. थाना शिकारपुर क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने 6 साल पहले फेसबुक के जरि‍ए छत्तीसगढ़ राज्य की एक युवती को प्रेम जाल में फंसा कर निकाह कर लिया था. निकाह के कुछ साल बाद परदेसी प्रेमिका के 2 बच्चे हुए जिन्हें बेरहम बुजदिल पिता ने मां की ममता से बच्चों को छीन लिया और मां से अलग रखने लगा.

इसके बाद लगाता परदेसी महिला का शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न हुआ. साथ ही उसे व्हाट्सऐप के जर‍िए उसे 3 तलाक दे दिया, जिसके बाद आज परदेसी प्रेमिका आत्महत्या करने को मजबूर है. न्याय के लिए सालों से एसएसपी दफ्तर के चक्कर काट रही है और न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने वाली परदेसी प्रेमिका प्यार के साथ-साथ अपने बच्चों को अपने साथ रखना चाहती ह. वहीं प्रेमी की बुजदिली उसकी मां की ममता को झकझोर रही है. आज बच्चों से उसकी मां की ममता को उनके ही पिता ने छीन लिया है.

एसएसपी दफ्तर के साथ-साथ कोतवाली शिकारपुर पुलिस से भी न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन कोतवाली के कोतवाल ने भी परदेसी महिला को कानून का पाठ पढ़ाते हुए महिला परामर्श केंद्र में जाने को कहा है. पीड़िता जगह-जगह थाने, चौकी, कोर्ट, कचहरी सभी जगह चक्कर लगाते-लगाते थक गई है, लेकिन पीड़िता का कहना है कि मरते दम तक इंसाफ के लिए लड़ती रहूंगी. वहीं पीड़िता की आंखों में आंसू और हाथों में शिकायत पत्र लेकिन एसएसपी से लेकर और थाना पुलिस तक परदेसी महिला की मदद करने वाला कोई नहीं है
 

सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण किया खत्म, कहा- 50% की सीमा तोड़ना समानता के खिलाफ

सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण किया खत्म, कहा- 50% की सीमा तोड़ना समानता के खिलाफ

महाराष्ट्र सरकार की ओर से दिए गए मराठा आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने आरक्षण पर सुनवाई करते हुए कहा है कि इसकी सीमा को 50 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने 1992 के इंदिरा साहनी केस में दिए गए फैसले की समीक्षा करने से भी इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को खत्म करते हुए कहा कि यह 50 फीसदी की सीमा का उल्लंघन करता है। अदालत ने कहा कि यह समानता के अधिकार का हनन है। इसके साथ ही अदालत ने 2018 के राज्य सरकार के कानून को भी खारिज कर दिया है।

दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने 50 फीसदी सीमा से बाहर जाते हुए मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का ऐलान किया था। राज्य सरकार की ओर से 2018 में लिए गए इस फैसले के खिलाफ कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं, जिन पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह फैसला सुनाया है। फैसला सुनाते हुए जस्टिस भूषण ने कहा कि वह इंदिरा साहनी केस पर दोबारा विचार करने का कोई कारण नहीं समझते। अदालत ने मराठा आरक्षण पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकारों की ओर से रिजर्वेशन की 50 पर्सेंट लिमिट को नहीं तोड़ा जा सकता।

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने केस की सुनवाई करते हुए कहा कि मराठा आरक्षण देने वाला कानून 50 पर्सेंट की सीमा को तोड़ता है और यह समानता के खिलाफ है। इसके अलावा अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह बताने में नाकाम रही है कि कैसे मराठा समुदाय सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ा है। इसके साथ ही इंदिरा साहनी केस में 1992 के शीर्ष अदालत के फैसले की समीक्षा से भी कोर्ट ने इनकार कर दिया है।

बता दें कि 1992 में 9 जजों की संवैधानिक बेंच ने आरक्षण की 50 फीसदी की सीमा तय की थी। इसी साल मार्च में 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने इस पर सुनवाई पर सहमति जताई थी कि आखिर क्यों कुछ राज्यों में इस सीमा से बाहर जाकर रिजर्वेशन दिया जा सकता है। हालांकि अब अदालत ने इंदिरा साहनी केस के फैसले की समीक्षा से इनकार किया है। 5 जजों की बेंच में अशोक भूषण के अलावा जस्टिस एल. नागेश्वर राव, एस. अब्दुल नजीर, हेमंत गुप्ता और एस. रवींद्र भट शामिल थे।  

बंदूक की नोक पर कपड़े उतरवाए, छड़ी-बेल्ट से बेटी को खूब पीटा, वीडियो वायरल हुआ तो...

बंदूक की नोक पर कपड़े उतरवाए, छड़ी-बेल्ट से बेटी को खूब पीटा, वीडियो वायरल हुआ तो...

असम के सिलचर में एक शख्स को अपनी बेटी को प्रताड़ित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सिलचर में नाबालिग लड़की को प्रताड़ित करने का कथित वीडियो सामने आने के बाद यह एक्शन हुआ है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर आरोपी शख्स अपनी नाबालिग बेटी को प्रताड़ित करते, बंदूक की नोक पर कपड़े उतरवाते, बांस की छड़ी और बेल्ट से लगातार पीटते देखा गया।

इस वायरल वीडियो में देखा गया कि जब आरोपी पिता लगातार बच्ची को पीट रहा था तो उसकी मां ने बचाने की कोशिश भी की। इसके बाद एक पड़ोसी ने आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज करवाया और उसकी गिरफ्तारी हुई। स्थानीय पुलिस ने बच्ची को रेस्क्यू किया है।

स्थानीय पुलिस अधिकारी दितूमोनी गोस्वामी ने कहा कि उन्होंने बच्ची को रेस्क्यू किया है और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा, 'हमने उसके खिलाफ केस दर्ज की है। प्रारंभिक जांच का हवाला देकर गोस्वामी ने कहा कि आरोपी पिता को बच्ची को प्रताड़ित करते पाया गया है। आरोपी को बच्ची पर शक था कि उसने कुछ कीमती जीच चुराई है।

उन्होंने आगे कहा कि आरोपी खुद विभिन्न अवैध गतिविधियों में शामिल है और वीडियो में हमने देखा है कि वह एक बंदूक दिखा रहा है। हालांकि, हमें अभी तक बंदूक नहीं मिली है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद हम अदालत के समक्ष इसे पेश करने जा रहे हैं।

गोस्वामी ने कहा कि उस व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा, जिसने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया है। उन्होंने कहा कि वीडियो अपलोड करने वाला व्यक्ति बस इसे पुलिस के साथ साझा कर सकता था और पिता के खिलाफ कार्रवाई हो जाती। मगर इसे सोशल मीडिया पर शेयर करके व्यक्ति ने अपराध किया है। वीडियो कई लोगों द्वारा कई बार अपलोड किया गया है। हम प्राथमिक स्रोत प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने इसे साझा किया था।

पुलिस अधीक्षक भंवर लाल मीणा ने कहा कि उन्होंने लड़की की मां से बात की है। उन्होंने कहा कि हम उस मानसिक आघात से भी चिंतित हैं जो नाबालिग लड़की ने झेला है। हम उनका समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं 

 बड़ी खबर: चीन का 21 टन वजनी विशालकाय रॉकेट हुआ अनियंत्रित, धरती पर कहीं भी मचा सकता है तबाही

बड़ी खबर: चीन का 21 टन वजनी विशालकाय रॉकेट हुआ अनियंत्रित, धरती पर कहीं भी मचा सकता है तबाही

बीजिंग/नई दिल्ली। चीन ने गुरुवार को अपने लॉन्गक मार्च 5बी रॉकेट को लॉन्चह किया। 21 टन वजनी विशालकाय रॉकेट अंतरिक्ष में अनियंत्रित हो गया है और अब पृथ्वीं की ओर बढ़ रहा है। चीन का यह खतरनाक रॉकेट कहां पर गिरेगा सका अभी पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीनी रॉकेट पृथ्वी  पर अगर किसी आबादी वाले इलाके से टकराता है तो भारी तबाही हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि इस रॉकेट का मलबा न्यूतयॉर्क, मैड्रिड और पेइचिंग जैसे शहरों में कहीं भी गिर सकता है।

विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि आने वाले कुछ दिनों में यह पृथ्वीे पर कहीं भी गिर सकता है। पृथ्वी  के चक्कैर लगाने ऑब्जेनक्टप की निगरानी करने वाले खगोलविद जोनाथन मैकडोवेल ने स्पेपस न्यूेज से कहा कि अभी इस सैटलाइट का रास्ताी न्यूखयॉर्क, मैड्रिड, पेइचिंग से उत्तकर की ओर और दक्षिण में चिली तथा न्यू जीलैंड की ओर ले जा रहा है। उन्होंाने कहा कि इस दायरे में यह चीनी रॉकेट कहीं भी टकरा सकता है। यह समुद्र या आम जनसंख्याह वाले इलाके में गिर सकता है। हालांकि उन्हों ने यह भी कहा कि धरती के नजदीक आने पर इस चीनी रॉकेट का काफी हिस्साॉ जलकर राख हो जाएगा। सैटलाइट ट्रैकर ने पता लगाया है कि 100 फुट लंबा चीनी रॉकेट 4 मील प्रति सेकंड की रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा है। चीन ने गुरुवार को इस रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में बनाए जाने वाले अपने स्पेरस स्टेचशन का पहला हिस्साॉ भेजा था। इस मॉड्यूल का नाम तियान्हे (Tianhe) रखा गया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक 21 टन वजनी यह ऑब्जेहक्ट् चीन के लॉन्गल मार्च 5बी रॉकेट का मुख्य  चरण है। उन्होंमने बताया कि गुरुवार को लॉन्चऑ क‍िए जाने के बाद यह रॉकेट समुद्र में पहले से निर्धारित जगह पर गिरने की बजाय धरती के चक्ककर लगाने लगा। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यह धरती पर गिरेगा। रॉकेट का यह मुख्यल हिस्साज 100 फुट लंबा और 16 फुट चौड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी रॉकेट का यह विशाल हिस्सा  काफी कुछ पृथ्वीट के वातावरण में जल जाएगा लेकिन इसका मलबा धरती पर कहीं भी गिर सकता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब चीन का रॉकेट अंतरिक्ष में अनियंत्रित हुआ है। इससे पहले मई 2020 में लॉन्गज मार्च 5बी रॉकेट का मुख्यह हिस्साल अनियंत्रित हो गया था और अटलांटिक महासागर के ऊपर उसका मलबा गिरा था। नासा ने चीनी रॉकेट के इस हादसे को वास्त्विक रूप से खतरनाक बताया था। गिरने से पहले यह रॉकेट अमेरिका के लॉस एंजीलिस और न्यूसयॉर्क शहर के ऊपर से गुजरा था।

इससे पहले चीन ने अंतरिक्ष में अमेरिका को टक्कर देने के लिए गुरुवार को खुद का स्पेस स्टेशन के पहले कोर कैप्सूल मॉड्यूल को लॉन्च किया था। आने वाले दिनों में ऐसी ही कई लॉन्चिंग के जरिए स्पेस स्टेशन के बाकी हिस्सों को भी अंतरिक्ष में पहुंचाया जाएगा। चीन की योजना इस साल के अंत से अपने पहले स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन को शुरू करने की है। अभी तक केवल रूस और अमेरिका ने ही ऐसा कारनामा किया है। हालांकि, इस समय केवल अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ही सक्रिय है। चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (सीएएसटी) में अंतरिक्ष के उप मुख्य डिजाइनर बाई लिन्होउ ने कहा कि तियांहे मॉड्यूल अंतरिक्ष केंद्र तियानगोंग के प्रबंधन एवं नियंत्रण केंद्र के रूप में काम करेगा और इसमें एक साथ तीन अंतरिक्ष यान खड़ा करने की व्यवस्था है। चीन ने अपने स्पेस स्टेशन को टियोंगॉन्ग (Tiangong) नाम दिया है। चीनी भाषा में इसका मतलब जन्नत का महल होता है।