नोएडा के स्थित एक अस्पताल में इंटरव्यू देने के लिए आई एक महिला नर्स के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है।
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि पेशे से नर्स एक महिला ने थाना सेक्टर-24 में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि राजू नामक व्यक्ति ने बुधवार रात कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया और उसके साथ बलात्कार किया।
उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने युवती को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
पुलिस ने आरोपी शख्श राजू को भी गिरफ्तार कर लिया है, गुरुवार को उसे अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि युवती एक नर्स है। वह सेक्टर-62 में स्थित एक अस्पताल में इंटरव्यू देने के लिए आई थी तथा राजू के घर पर ही रुकी थी। राजू से युवती का परिचय पहले से है।
चंडीगढ़, पंजाब में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार से राज्य में व्यापक स्तर पर पाबंदियां लगाने का आदेश दिया है जिसमें सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस महीने के अंत तक बंद रखना और सिनेमाघरों तथा मॉल में लोगों की संख्या पर पाबंदियां लगाना शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोगों से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अगले दो हफ्तों तक सामाजिक गतिविधियों को घर तक सीमित रखने की भी अपील की. उन्होंने अनुरोध किया कि घरों में 10 से ज्यादा मेहमान नहीं होने चाहिए.
एक आधिकारिक बयान में यहां कहा गया है, ''मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के अलावा सभी शैक्षणिक संस्थान 31 मार्च तक बंद रहेंगे.'' सिनेमाघरों में 50 प्रतिशत तक की क्षमता तक ही लोग मौजूद रहेंगे और एक बार में किसी मॉल में 100 से अधिक लोग नहीं होंगे.
महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित 11 जिलों में सभी सामाजिक समारोहों पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश दिया गया है. इनमें अंतिम संस्कार/ विवाह समारोह शामिल नहीं है. हालांकि इनमें केवल 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे.
यह आदेश रविवार से लागू होगा. इन जिलों में रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा. मुख्यमंत्री ने रविवार को सिनेमाघरों, मल्टीप्लेक्स, रेस्त्रां, मॉल आदि को बंद रखने का आदेश दिया है. हालांकि होम डिलीवरी की सुविधा रहेगी.
CM अमरिंदर सिंह ने कहा कि उद्योगों और आवश्यक सेवाओं को काम करने दिया जाएगा लेकिन इन्हें छोड़कर बाकी पाबंदियों का सख्ती से पालन होगा. अगले हफ्ते से राज्य में हर शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक उन लोगों की याद में मौन रखा जाएगा जिन्होंने कोविड-19 की वजह से जान गंवा दी. इस दौरान कोई वाहन सड़क पर नहीं चलेगा.
गुरुग्राम में नगर निगम के सदन (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ गुरुग्राम) की बैठक में गुरुवार का यह फैसला लिया गया कि हर मंगलवार को मीट की दुकानें बंद रहेंगी. नगर निगम के इस फैसले पर चौतरफा प्रतिक्रियाएं हो रही हैं. इस फैसले की एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी आलोचना की है. ओवैसी ने शुक्रवार को ट्वीट कर गुरुग्राम नगर निगम के फैसले पर सवाल उठाया है.
ओवैसी बोले- शुक्रवार को बंद हो शराब की दुकान
ओवैसी ने कहा- “कोई अपनी निजी जंदगी में क्या कर रहा है इससे कैसे किसी की आस्था को चोट पहुंचेगी? लोग मीट खरीद, बेच और खा रहे हैं, वे आपके साथ इसके लिए जबरदस्ती नहीं कर रहे हैं. इस तर्क के हिसाब से शुक्रवार को शराब की दुकान भी बंद करनी चाहिए? मीट लाखों भारतीयों का खाना है. इसे अशुद्ध के तौर पर नहीं माना जा सकता है.”
How can beliefs get hurt by what other people are doing in their private lives? People are buying, selling or eating meat, they’re not forcing you to partake
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) March 19, 2021
By this logic, close alcohol shops on Friday?
Meat is food for millions of Indians. Cannot treat it as something impure https://t.co/oY0eh0ZknT
गौरतलब है कि गुरुवार को गुरुग्राम नगर निगम के सदन की सामान्य बैठक के दौरान 2021-22 का बजट पेश किया गया. यह बजट लंबी चर्चा के बाद मंजूर किया गया. इस दौरान मीट की दुकानों को लेकर सदन में व्यापक चर्चा हुई. मीट लाइसेंस दुकान की फीस 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने का फैसला किया गया. इसके साथ ही, जुर्माने की राशि भी 500 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया.
महाराष्ट्र में एक बार फिर से बेकाबू हुए कोरोना संक्रमण के बीच उद्धव सरकार ने शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी है. 31 मार्च 2021 के लिए जारी की गई इस गाइडलाइन के मुताबिक राज्य के सभी ड्रामा थिएटर्स और ऑडिटोरियम में सिर्फ पचास फीसदी क्षमता के साथ उन्हें ऑपरेट किया जाएगा. इसके साथ ही, बिना मास्क के इसके अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इस दौरान तामपान के मांपने वाले डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि किसी बुखार वाले व्यक्ति को प्रवेश ना दिया जाए.
50 फीसदी क्षमता के साथ थिएटर और ऑडिटोरियम
अलग-अलग जगहों पर पर्याप्त हैंड सेनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी. सभी समय में सभी विजिटर्स को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में स्टाफ सुनिश्चित करना होगा. 15 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार, ड्रामा हॉलऑडिटोरियम का इस्तेमाल धार्मिक/सामाजिक/राजनीतिक और सांस्कृतिक सभाओं के लिए नहीं किया जाएगा. अगर इसका उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो कोविड-19 महामारी तक उसे रखना होगा. इसके साथ ही, उल्लंघन पर इसके मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा.
प्राइवेट ऑफिस की कैपेसिटी में भी कमी
इसके साथ ही, नई गाइडलाइन के हिसाब से सभी प्राइवेट ऑफिसों को 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाना होगा. स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं में लगे ऑफिसों के अलावा सभी प्राइवेट ऑफिस को पचास फीसदी क्षमता के साथ चलाना होगा. इसके अलावा, सरकारी और अर्धसरकारी ऑफिसों के मामले में ऑफिस के प्रमुख की तरफ से कोविड-19 प्रोटोकॉल्स का पालन करते हुए कर्मचारियों की मौजूदगी पर फैसलना करना होगा. हालांकि, उत्पादन क्षेत्र पूरी क्षमता के साथ काम करेगा. हालांकि यह सलाह दी गई है कि प्रोडक्शन फ्लोर पर सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्षमता कम किया जा सकता है.
Govt of Maharashtra issues fresh measures applicable till 31st March 2021, in the wake of rise in #COVID19 cases here.
— ANI (@ANI) March 19, 2021
All drama theatres & auditoriums to operate on 50% capacity, no entry to be allowed without proper wearing of masks. All pvt offices to function at 50% capacity pic.twitter.com/HW73jiOjgg
नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के एक और रेलवे स्टेशन का नाम बदलने वाला है. झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मी बाई रेलवे स्टेशन होगा. इससे पहले भी यूपी के कई रेलवे स्टेशनों के नाम बदले जा चुके हैं.
बता दें कि सबसे पहले यूपी के वाराणसी जंक्शन से 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन किया गया था. ये स्टेशन यूपी के चंदौली जिले के शहर मुगलसराय में आता है. इसके बाद वाराणसी के मंडुआडीह स्टेशन का नाम बदलकर बनारस स्टेशन रखा गया है. इलाहाबाद जंक्शन का नाम भी बदल कर प्रयागराज जंक्शन कर दिया गया. इसके अलावा पिछले साल ही नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर सिद्धार्थनगर हो गया है.
नई दिल्ली । केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि एक साल में देशभर में टोल नाके बंद कर दिए जाएंगे। टोल शुल्क की वसूली जीपीएस इमेजिंग के जरिए की जाएगी। गडकरी की यह बड़ी घोषणा है। इससे देश में टोल नाकों पर लगने वाली कतारों व समय व ईंधन की बर्बादी से बचा सकेगा।
गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा
गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहरों के भीतर पहले बनाए गए टोल एक साल में हटा दिए जाएंगे। इस तरह के टोल टैक्स में चोरी बहुत होती थीं। अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा। इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी। यह काम एक साल में पूरा हो जाएगा।
रायपुर से विशाखापत्तनम के बीच ग्रीन हाईवे को मंजूरी
गडकरी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि ‘90 फीसदी जमीन अधिग्रहण किए बिना हम परियोजना आवंटित नहीं करते। जमीन का अधिग्रहण करने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाती है। रायपुर से विशाखापट्नम के बीच ग्रीन हाईवे को मंजूरी दी गई है। इसका काम शुरू हो गया है। करीब डेढ़ साल में काम पूरा होने की संभावना है और इससे कई राज्यों के लोगों को फायदा होगा।
दुनिया का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर फार्म सिंगापुर में बनाया जा रहा है। देश ने इस ऊर्जा संयंत्र को जलाशय पर स्थापित करने का निर्णय लिया है। सिंगापुर दुनिया भर में सबसे छोटे देशों में से एक होने के बावजूद, यह विश्व में सबसे बड़ी प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जकों में से एक है। इस प्रकार, जलवायु परिवर्तन के मुद्दे का समाधानं करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करने के लिए इस तैरते हुए सोलर फार्म का निर्माण कर रहा है। यह प्रोजेक्ट Sembcorp Industries द्वारा बनाया जा रहा है।
सिंगापुर में नवीकरणीय ऊर्जा
सिंगापुर के लिए नवीकरणीय ऊर्जा एक चुनौती है क्योंकि देश के पास पनबिजली के लिए कोई नदियाँ नहीं हैं। टर्बाइनों को घुमाने देने के लिए पवन भी मजबूत नहीं है। इस प्रकार, तैरते हुए सोलर फार्म की स्थापना के साथ सिंगापुर नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। चूंकि, सिंगापुर के पास बहुत कम भूमि है, इसलिए इसने अपने तटों और जलाशयों में ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का फैसला किया है।
सिंगापुर के लिए खतरा
जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप समुद्र के बढ़ते जल स्तर से सिंगापुर को खतरा है। इसलिए, देश को उत्सर्जन में कटौती की आवश्यकता के बारे में पता है। इसके लिए, सिंगापुर की सरकार ने कई “ग्रीन प्लान” का अनावरण किया, जिसमें इलेक्ट्रिक कारों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने, लैंडफिल पर भेजे गए कचरे की मात्रा को कम करने और अधिक पेड़ लगाने जैसे कदम शामिल थे।
माननीय मद्रास उच्च न्यायालय, ने 17.03.2021 को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन 60 (सी) तथा तदनुरूप बने नियमों को चुनौती देने वाली याचिका (2020 की डब्ल्यूपीनंबर 20027) को खारिज कर दिया। सेक्शन 60(सी) तथा तदनुरूप नियमों में 80 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, कोविड-19 प्रभावित/संदिग्ध तथा आवश्यक सेवाओँ में शामिल मतदाताओं को डाक मतपत्र से मतदान की सुविधा दी गई है।
माननीय मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में कहा किः
“56. यह स्वीकार करना होगा कि निर्वाचन आयोग ने यहां जो कुछ किया है वह समावेशी होना चाहिए तथा मताधिकार से वंचित रह जाने की संभावना वाले व्यक्तियों के निश्चित वर्ग को पोस्टल बैलेट के इस्तेमाल के अधिकार की अनुमति देना और लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होना चाहिए। एस. रघबीर सिंह गिल मामले के निर्णय में बैलेट की गोपनीयता और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने को पूरक रूप में देखा गया है। यह विनम्रता के साथ कहा जा सकता है कि मतपत्र की गोपनीयता या चुनाव कराने में निष्पक्षता से समझौता किए बिना यदि प्रक्रिया को समावेशी बनाया जाता है तो यह उत्सव का बड़ा कारण और चुनाव कराने वाली संस्था की सराहना होगी।” न्यायालय ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने वाले व्यक्तियों के 1961 के नियमों द्वारा वर्गीकृत करने के कार्य में किसी तरह की मनमानी नहीं देखी। “60. समान रूप से 1961 के नियमों द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान करने के लिए अनुमति प्राप्त व्यक्तियों के वर्गीकरण में किसी तरह की मनमानी नहीं दिखती। विचार उन लोगों के बारे में है जो मतदान करने के लिए शारीरिक रूप से मतदान केंद्र नहीं जा सकते। यदि ऐसा विचार है तो 2019 तथा 2020 के संशोधनों द्वारा व्यक्तियों के वर्गीकरण में कोई मनमानी नहीं है, क्योंकि यह उद्देश्य दिखाता है कि ऐसे वर्गों के व्यक्तियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के उनके बुनियादी अधिकार को देखना है।” उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की कि चुनाव संपन्न कराने के लिए आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी करना आयोग की सामान्य शक्तियों के अंतर्गत हैः
“62. अंतिम रूप से याचिकाकर्ता की यह दलील की दिशा-निर्देश जारी करने का क्षेत्राधिकार निर्वाचन आयोग को नहीं है, ठीक नहीं लगती, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 324 द्वारा आयोग को सामान्य अधिकार दिए गए हैं। ए.सी. जोस मामले में उच्चतम न्यायालय ने माना कि जहां कोई संसदीय कानून नहीं है या उक्त कानून के अंतर्गत कोई नियम नहीं बनाया गया है वहां चुनाव संपन्न कराने के मामले में किसी तरह का आदेश पारित करने का अधिकार निर्वाचन आयोग को है। अनुच्छे 324 द्वारा अधीक्षण, निर्देशन तथा नियंत्रण के मामले में कानून के पूरक के रूप में आयोग के लिए नियमों में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, वहां भी ऐसा अधिकार देखा गया है... इसके अतिरिक्त निर्णय ने माना की चुनाव संपन्न कराने के मामले में किसी तरह का निर्देश देने का सामान्य अधिकार आयोग को है।”
झारखंड में 2019 के चुनावों के बाद से आयोग ने कुछ श्रेणियों के लिए वैकल्पिक पोस्टल बैलेट की सुविधा प्रारंभ की। 2020 के बिहार के आम चुनाव में इन सभी श्रेणियों के लिए पोस्टल बैलेट का विकल्प किया गया और इसका उपयोग 52,000 से अधिक ऐसे मतदाताओं ने किया। कराए जा रहे चुनाव तथा उप-चुनाव में ऐसी श्रेणी के मतदाताओं को पोस्टल बैलेट विकल्प के लिए पहले ही दिशा-निर्देश निर्धारित किया है ताकि चुनाव को “कोई मतदाता पीछे न छूटे” के नारे के अनुरूप समावेशी बनाया जा सके।
यह सुविधा प्रदान करने के पीछे का उद्देश्य यह है कि जो मतदाता 80 वर्ष या या उससे अधिक उम्र के हैं और शारीरिक रूप से मतदान केंद्र तक आने में सक्षम नहीं हैं, वह घर बैठे पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा ने बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं को लाभान्वित किया है। आयोग ने मतदान केंद्रों को पीडब्ल्यूडी मतदाताओं या वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह से सुलभ बनाया है। ऐसे मतदाताओं के लिए नि:शुल्क परिवहन सुविधा भी अब प्रदान की जाती है।
नईदिल्ली। यूं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिनचर्या काफी व्यस्त रहती है, मगर कम ही लोगों को यह पता होगा कि उन्हें जब भी मौका मिलता है वह अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर लोगों की चिट्ठियों और उनके संदेशों का जवाब देने से चूकते नहीं हैं। ऐसा ही एक पत्र मिला है नैनीताल, उत्तराखण्ड के खीमानंद को जिन्होंने नरेन्द्र मोदी ऐप(नमो ऐप) के जरिए पीएम को संदेश भेजकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 5 सफल वर्ष पूरे होने और सरकार के अन्य प्रयासों के लिए बधाई दी थी। अब प्रधानमंत्री ने खीमानंद को पत्र लिखकर उन्हें उनके बहुमूल्य विचार साझा करने के लिए धन्यवाद दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा है, ‘कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों पर अपने बहुमूल्य विचार साझा करने के लिए आपका आभार। ऐसे आत्मीय सन्देश मुझे देश की सेवा में जी-जान से जुटे रहने की नई ऊर्जा देते हैं। ’ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सफलता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया, ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम की अनिश्चितता से जुड़े जोखिम को कम कर मेहनती किसान भाई बहनों के आर्थिक हितों की रक्षा करने में लगातार अहम् भूमिका निभा रही है। किसान हितैषी बीमा योजना का लाभ आज करोड़ों किसान ले रहे हैं। ’ कृषि और किसान कल्याण के प्रति संकल्पित सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगे पत्र में लिखा है, ‘पिछले पांच वर्षों में व्यापक कवरेज और पारदर्शी दावा निस्तारण प्रक्रिया के माध्यम से यह योजना किसान कल्याण को समर्पित हमारे संकल्पित प्रयासों और पक्के इरादों की एक महत्वपूर्ण मिसाल बन कर उभरी है। आज बीज से लेकर बाजार तक किसान भाई-बहनों की हर छोटी-बड़ी दिक्कतों को दूर करने और अन्नदाता की समृद्धि और कृषि की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ’ इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति में देशवासियों के योगदान और उनकी भूमिका की सरहाना करते हुए लिखा, ‘सर्वांगीण और सर्वस्पर्शी विकास के दृष्टिकोण के साथ आज देश एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की ओर तेजी से अग्रसर है। समस्त देशवासियों के विश्वास से ऊर्जित देश राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एकनिष्ठ है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने के हमारे प्रयास आगे और तेज होंगे। ’ इससे पहले खीमानंद ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने संदेश में फसल बीमा योजना के 5 सफल वर्ष पूरे होने पर बधाई दी थी। साथ ही खीमानंद ने कहा था सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए नागरिकों की उन्नति और राष्ट्र की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
वाशिंगटन, अटलांटा के मसाज पार्लर में अंधाधुंध फायरिंग की गई है, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है। मरने वाले लोगों में 4 एशियाई मूल की महिलाएं हैं। जॉर्जिया राज्य के शहर अटलांटा में जिन 3 मसाज पार्लरों को निशाना बनाया गया है, उसमें से दो पार्लर एक-दूसरे के आमने सामने बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर है और जांच में जुटी है।
स्थानीय पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। प्रशासन इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या तीनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं? हर इलाके के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक हमले का कारण नहीं पता चला है।
बिजली की लाइनों से टकराने के कारण मरने वाले पक्षियों की संख्या बढ़ने के बाद भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पर अपना सुझाव दिया है। ये बिजली लाइलें गुजरात और राजस्थान राज्यों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के प्राकृतिक आवास से गुजरती हैं। मुख्य न्यायाधीश शरद ए. बोबडे की अगुवाई वाली बेंच इस बात की जांच करेगी कि पक्षियों को बचाने के लिए ओवरहेड पावर लाइनों को भूमिगत केबल लाइनों से बदला जा सकता है या नहीं। अदालत ने एक वैकल्पिक तंत्र भी खोजा है जिसमे पक्षियों को बिजली लाइनों से दूर रखने के लिए फ्लाइट बर्ड डायवर्टर स्थापित किये जा सकते हैं, लेकिन यह एक लागत प्रभावी तरीका नहीं है। इस मामले में, अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल बिजली मंत्रालय के लिए पेश हुए और उन्होंने कहा कि केवल लो वोल्टेज लाइनों को बदला जा सकता है लेकिन हाई वोल्टेज केबल्स को नहीं।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
इंडियन बस्टर्ड का वैज्ञानिक नाम अर्डोटिस नाइग्रिसेप्स (Ardeotis nigriceps) है। यह पक्षी भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। यह एक विशाल पक्षी है, यह दिखने में शुतुरमुर्ग जैसा है। यह सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है। यह पक्षी कभी भारतीय उपमहाद्वीप के सूखे मैदानों में आम था। लेकिन यह 2011 में इसकी सख्या घटकर 250 रह गयी जो 2018 में और घटकर 150 हो गयी। इस पक्षी को “गंभीर रूप से लुप्तप्राय” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है।
यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अप्रैल, 2021 में भारत की यात्रा पर आयेंगे। पहले वे मुख्य अतिथि के रूप में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए जनवरी 2021 में भारत का दौरा करने वाले थे, लेकिन उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में बढ़ते COVID-19 मामलों के कारण अपनी यात्रा रद्द कर दी थी।
मुख्य बिंदु
ब्रिटिश सरकार ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर एक ब्रिटिश विमान को इस क्षेत्र में तैनात किया जाएगा। इस यात्रा के दौरान, ब्रिटिश सरकार यूनाइटेड किंगडम के अवसरों को बढ़ाने और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने पर फोकस करेगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत करने और चीन का मुकाबला करने के लिए एक बड़ी यात्रा करेंगे।
ब्रिटेन-चीन संबंध
COVID-19 महामारी और विवादास्पद हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा कानून जैसे मुद्दों के कारण यूके और चीन के बीच संबंधों में तनाव आया है। ब्रिटेन के 5G नेटवर्क में चीन की सक्रिय भूमिका से इनकार करने के बाद संबंध और तनावपूर्ण हो गये हैं। दक्षिण चीन सागर में “क्वीन एलिजाबेथ एयरक्राफ्ट कैरियर” नामक ब्रिटिश विमान की तैनाती के कारण यह सम्बन्ध और अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं।
राज्यसभा ने गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, 1971 में संशोधन करने के उद्देश्य से 16 मार्च 2021 को गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक को लोकसभा द्वारा 17 मार्च 2020 को मंजूरी दी गई थी।
इन संशोधनों की मुख्य विशेषताएं:
विशेष श्रेणी की महिलाओं, जिनके बारे में एमटीपी नियमों में किये जाने वाले संशोधनों में परिभाषित किया जाएगा, के लिए गर्भ काल की ऊपरी सीमा को 20 से बढ़ाकर 24 सप्ताह तक करना और इसके दायरे में बलात्कार से पीड़ित, अनाचार की शिकार और अन्य कमजोर महिलाओं (जैसे दिव्यांग महिलाओं, नाबालिग) आदि को शामिल किया जायेगा।
गर्भधारण के 20 सप्ताह तक के गर्भ की समाप्ति के लिए एक प्रदाता (चिकित्सक) की राय और गर्भधारण के 20-24 सप्ताह तक के गर्भ की समाप्ति के लिए दो प्रदाताओं (चिकित्सकों) की राय की जरूरत होगी।
मेडिकल बोर्ड द्वारा निदान के क्रम में बताए गए भ्रूण से संबंधित गंभीर असामान्यता के मामलों में गर्भ काल की ऊपरी सीमा लागू नहीं होगी। मेडिकल बोर्ड की संरचना, उसके कार्य और उससे संबंधित अन्य विवरणों का निर्धारण इस अधिनियम के तहत आने वाले नियमों में किया जायेगा।
गर्भ समाप्त कराने वाली महिला का नाम और उससे जुड़े अन्य विवरणों का खुलासा किसी कानून में प्राधिकृत व्यक्ति को छोड़कर अन्य किसी व्यक्ति के समक्ष नहीं किया जाएगा।
गर्भनिरोधक की विफलता के आधार को महिलाओं और उनके साथी के लिए बढ़ा दिया गया है।
गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) विधेयक, 2021 का उद्देश्य चिकित्सीय, सुजनन, मानवीय या सामाजिक आधार पर गर्भपात की सुरक्षित और वैधानिकरूप से मान्य सेवाओं तक महिलाओं कीपहुंच का विस्तार करना है। कुछ खास परिस्थितियों में गर्भ की समाप्ति के लिए गर्भकाल की ऊपरी सीमा को बढ़ाने और सुरक्षित गर्भपात की सेवा और गुणवत्ता से समझौता किए बिना सख्त शर्तों के तहत गर्भपात के दौरान गहन देखभाल की सुविधाओं तक पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से इन संशोधनों में कुछ खास उप-धाराओं को प्रतिस्थापित और मौजूदा गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, 1971 की कुछ धाराओं के तहत कुछ नई शर्तों को शामिल किया गया है।
यह विधेयक महिलाओं की सुरक्षा एवं कल्याण की दिशा में एक कदम है और इससे कई महिलाएं लाभान्वित होंगी। हाल ही में विभिन्न महिलाओं की ओर से भ्रूण की असामान्यताओं या यौन हिंसा के कारण हुए गर्भधारण के तर्क के आधार पर गर्भ काल की वर्तमान मान्य सीमा से परे जाकर गर्भपात की अनुमति के लिए न्यायालयों में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन संशोधनों से सुरक्षित गर्भपात सेवाओं तक महिलाओं के दायरे एवं पहुंच में वृद्धि होगी और यह उन महिलाओं के लिए गरिमा, स्वायत्तता, गोपनीयता और न्याय सुनिश्चित करेगा, जिन्हें गर्भ को समाप्त करने की जरूरत है।
असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में हो रहे विधानसभा चुनाव 2021 में व्यय निगरानी प्रक्रिया में 331 करोड़ रुपये मूल्य की रिकॉर्ड बरामदगी हुई हैं। इस बरामदगी ने इन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में 2016 में हुए विधानसभा चुनावों में की गई कुल बरामदगी को भी पीछे छोड़ दिया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह रिकॉर्ड बरामदगी तब हुई है, जब मतदान शुरू होना बाकी है। विधानसभा चुनाव 2016 में की गई कुल 225.77 करोड़ रुपये की बरामदगी की तुलना में अभी तक (16 मार्च 2021 के अनुसार) की जा चुकी रिकॉर्ड बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:-
(राशि करोड़ रुपये में)
राज्य
नगद राशि
शराब
(मूल्य करोड रुपये में)
नशीली दवाएं (मूल्य करोड रुपये में)
मुफ्त उपहार
कीमती धातुएं
योग
असम
11.73
17.25
27.09
4.87
2.82
63.75
पुदुचेरी
2.32
0.26
0.15
0.14
2.85
5.72
तमिलनाडु
50.86
1.32
0.35
14.06
61.04
127.64
केरल
5.46
0.38
0.68
0.04
15.23
21.77
पश्चिम बंगाल
19.11
9.72
47.40
29.42
6.93
112.59
योग
89.48
28.93
75.67
48.52
88.87
331.47
चुनाव होने वाले उपरोक्त राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेश में 2016 के विधानसभा चुनाव में कुल बरामदगी 225.77 करोड़ रुपये मूल्य की हुई थी।
असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी की विधानसभाओं के आम चुनाव में काले धन पर अंकुश लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने 295 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। आयोग ने 5 विशेष व्यय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं, जिनके नाम हैं-सुश्री मधु महाजन, पूर्व आईआरएस (आईटी): 1982 बैच, और श्री बी. आर. बालाकृष्णन, पूर्व-आईआरएस (आईटी): 1983 बैच (दोनों तमिलनाडु और केन्द्रशासित प्रदेश पुदुचेरी के लिए), श्री बी. मुरली कुमार, पूर्व-आईआरएस, 1983 बैच (पश्चिम बंगाल के लिए), सुश्री नीना निगम, पूर्व-आईआरएस, 1983 बैच (असम के लिए) और श्री पुष्पिंदर सिंह पुनिहा, पूर्व आईआरएस, 1985 बैच (केरल के लिए)। इन अधिकारियों को दुर्जेय क्षेत्र की विशेषज्ञता हासिल है, उनका त्रुटिहीन ट्रैक रिकॉर्ड है। इन्हें अधिक प्रभावी चुनाव व्यय निगरानी के लिए तैनात किया गया है। उचित आकलन के बाद अधिक निगरानी केन्द्रित करने के लिए 259 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों को व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है।
व्यय निगरानी के बारे में, आयोग द्वारा चुनाव हो रहे राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेश की प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें आयोजित की गई हैं। चुनाव व्यय निगरानी प्रक्रिया में केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों के महत्व को देखते हुए आयोग ने 02 मार्च, 2021 को राजस्व सचिव, सीबीडीटी के अध्यक्ष, सीबीआईसी के अध्यक्ष और एफआईयू-आईएनडी के निदेशक के साथ भी एक बैठक आयोजित की थी।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान नगद राशि और उपहार बांटने की अनुमति नहीं है अर्थात् निर्वाचकों को प्रभावित करने के लिए धन, शराब और अन्य किसी वस्तु का वितरण करने की अनुमति नहीं है। इस तरह का व्यय "रिश्वत" की परिभाषा के अंतर्गत आता है जो कि आईपीसी की धारा 171बी और आर.पी. अधिनियम, 1951 के तहत अपराध है। ऐसी वस्तुओं पर व्यय गैर-कानूनी है। चुनावी प्रक्रिया को तेज करने वाले प्रलोभनों पर अंकुश लगाने के अभियान से बरामदगी के आंकड़े और बढ़ने की उम्मीद है।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज TMC का घोषणापत्र जारी किया. मुख्यमंत्री ने अपने 10 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 100 दिनों के काम में बंगाल देश मे नंबर वन है. टीएमसी सरकार ने जो काम किया है उसकी पूरी दुनिया ने तारीफ की है. 47 लाख परिवार को नल का पानी पहुंचाया गया है. राज्य में 1.5 करोड़ लोगों मुफ्त राशन दिया गया है.
उन्होंने कहा कि हम बेरोजरागी को कम करेंगे. एक साल में पांच लाख जॉब के अवसर तैयार करेंगे. ममता बनर्जी ने कहा कि डोर स्टेप डिलीवरी की शुरुआत होगी.
उन्होंने कहा कि कन्याश्री, रूपश्री, स्वास्थ साथी योजनाओं को जारी रखेंगे. सामान्य जाति के हर परिवार को हर महीने 500 रुपये, अनुसूचित जाति और सब कास्ट के परिवार को 1 हज़ार रुपये हर महीने दिया जाएगा. विधवा महिलाओं को मई से एक हजार रुपये दिया जाएगा.
ममता बनर्जी ने कहा कि हर साल चार महीने दुआरे सरकार योजना चलता रहेगा. राज्य के हर परिवार की न्यूनतम कमाई को सुनिश्चित किया जाएगा. पिछले कुछ सालों में राज्य में लोगों की कमाई दो गुनी हुई है. उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए क्रेडिट कार्ड लाया जाएगा. 68 लाख किसानों को मदद किया जाएगा.
ममता के प्रमुख एलान
-बंगाल आवास योजना में 25 लाख घर बनाने के लिए मदद किया जाएगा.
-पहाड़ी इलाकों में विकास के काम बढ़ाने के लिए पहाड़ विकास बोर्ड बनायी जाएगी
-बंगाल आवास योजना में 25 लाख घर बनाने के लिए मदद किया जाएगा
Kolkata: Mamata Banerjee releases Trinamool Congress' election manifesto for the upcoming West Bengal Assembly polls pic.twitter.com/zfFRs1iSiH
— ANI (@ANI) March 17, 2021
मुंबई । एंटीलिया केस में बढ़ती जांच के बीच महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह का तबादला कर दिया है। उनकी जगह अब हेमंत नागराले मुंबई पुलिस कमिश्नर का पद संभालेंगे और परमवीर सिंह का तबादला होमगार्ड विभाग में किया गया है।
एक कॉम्बैट ट्रेनिंग सेशन के लिए उड़ान भरने वाला मिग-21 विमान बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया. इस हादसे में एक कैप्टन की मौत हो गई। भारतीय वायुसेना ने ट्वीट करते हुई इस हादसे की जानकरी दी है। भारतीय वायुसेना ने बताया की भारतीय वायुसेना का एक मिग -21 बाइसन विमान आज सुबह एक दुर्घटना का शिकार हो गया, यह विमान मध्य भारत के एक एयरबेस में कॉम्बैट प्रशिक्षण मिशन के लिए रवाना हुआ था। अपने ट्वीट में आगे वायुसेना ने लिखा - दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन ए गुप्ता की मौत हो गई। वायुसेना इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है और परिवार के सदस्यों के साथ मज़बूती से इस कठिन समय में खड़ा है। दुर्घटना के पीछे का कारण जानने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।
भुबनेश्वर । मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर की वजह से ओडिशा तट पर ओलिव रिडले समुद्री कछुओं की बड़ी संख्या में मृत्यु हो रही है। कछुओं की उच्च मृत्यु दर को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को ओडिशा हाई कोर्ट की एक पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि वह समुद्री पुलिस और कोस्ट गार्ड की मदद से देवी समुंद्र के पास ट्रॉलरों द्वारा मछली पकड़ने की गतिविधियों पर रोक लगाएं। मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को तलचुआ, तंतीआपाल और जंबो के तीन समुद्री पुलिस स्टेशनों को सी-पैट्रोलिंग बोट और गहिरमाथा मरीन सैंक्चुअरी की सुरक्षा के लिए एडिशनल फॉर्स प्रदान करने का आदेश दिया है, जिसमें ओलिव रिडले समुद्री कछुओं की सबसे ज्यादा संख्या है। हाई कोर्ट ने कहा, ‘ओडिशा तट पर बड़ी संख्या में कछुओं की मृत्यु का मुख्य कारण फिशिंग ट्रॉलिंग ऑपरेशन है। मछली पकड़ने के लिए जाल का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार मछली के जाल में मछलियों के अलावा कई कछुए भी फंस जाते हैं, जिसकी वजह से वो (कछुए) चोटिल हो जाते हैं और उनकी मृत्यु हो जाती है। देवी नदी और गहिरमाथा के प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रॉलर्स की मूवमेंट और मछली पकड़ने से रोकने के लिए प्रवर्तन गतिविधियों को जारी रखा जाना चाहिए।` एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से गहिरमाथा मरीन सैंक्चुअरी में 800 ओलिव रिडलिस कछुओं की मौत हुई। ओलिव रिडलिस कछुए हर साल ओडिशा तट पर घोंसले की तलाश में आते हैं। कुछ प्रेग्नेंट कछुए अंडे देने के लिए गहिरमाथा का रुख करते हैं तो कुछ देवी नदी और रुशिकुल्या नदी का चयन करते हैं। ओडिशा तट के किनारे ओलिव रिडले समुद्री कछुओं की मौतों के मामले को देखने के लिए गठित तीन-सदस्यीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि नो-फिशिंग जोन को साफ तौर से सीमांकित किया जाना चाहिए। ओडिशा के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन की रिपोर्टों का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि पिछले 10 सालों में ओडिशा तट पर 46,000 से ज्यादा ओलिव रिडले कछुए मारे गए हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत मौतें देवी नदी के पास हुईं हैं। अनुमान है कि हर साल लगभग 4,000 से 7,000 ओलिव रिडले समुद्री कछुएं मारे
जाते हैं।
पांच राज्यों महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु से भारत के सक्रिय मामलों में वृद्धि जारी
महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलाडु से प्रतिदिन अधिक संख्या में नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटों में कुल 28,903 नए मामलों में से 71.10 प्रतिशत इन्हीं राज्यों से दर्ज किए गए। नए मामलों में 83.91 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और केरल से हैं। अकेले महाराष्ट्र में 17,864 दैनिक नए मामलों का 61.8 प्रतिशत है। इसके बाद केरल में 1,970 और पंजाब में 1,463 नए मामले सामने आए हैं। नीचे दर्शाए गए ग्राफ में आठ राज्य दैनिक नए मामलों में निरंतर वृद्धि का प्रक्षेपवक्र प्रदर्शित कर रहे हैं। केरल में पिछले एक महीने से लगातार गिरावट का रुख नजर आ रहा है। भारत में कुल सक्रिय मामले 2.34 लाख (2,34,406) है और यह कुल मामलों का 2.05 प्रतिशत हैं। भारत के कुल सक्रिय मामलों में महाराष्ट्र, केरल और पंजाब का हिस्सा 76.4 प्रतिशत है, जिसमें अकेले महाराष्ट्र का योगदान लगभग 60 प्रतिशत है। आज सुबह 7 बजे तक की अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार, 5,86,855 सत्रों के दौरान 3.5 करोड़ (3,50,64,536) लोगों का टीकाकरण किया गया। 75,06,155 एचसीडब्ल्यू (पहली खुराक), 45,54,855 एचसीडब्ल्यू (दूसरी खुराक), 76,00,030 एफएलडब्ल्यू (पहली खुराक) और 16,47,644 एफएलडब्ल्यू (दूसरी खुराक), सह- रुग्णता वाले 45 वर्ष से अधिक उम्र के 21,66,408 लाभार्थियों को (पहली खुराक) दी गई और 60 वर्ष से अधिक आयु के 1,15,89,444 लाभार्थियों का भी टीकाकरण किया। टीकाकरण अभियान (16 मार्च, 2021) के 60वें दिन तक, 21 लाख (21,17,104) से अधिक लोगों का टीकारण किया गया। इनमें से, 17,82,553 लाभार्थियों को पहली खुराक (एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू) के लिए 30,871 सत्रों में टीका लगाया गया और 3,34,551 एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्यू को वैक्सीन की दूसरी खुराक मिली। भारत में आज कुल रिकवरी 1,10,45,284 रही है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 96.56 प्रतिशत है।
पिछले 24 घंटों में 188 मृत्यु दर्ज की गई हैं।
छह राज्यों की नई मृत्यु का हिस्सा 86.7 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मृत्यु (87) और इसके बाद पंजाब में प्रतिदिन 38 तथा केरल में 15 मृत्यु दर्ज की गई हैं। पिछले 24 घंटों में पंद्रह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कोविड-19 के मामले में किसी की भी मृत्यु दर्ज नहीं की गई है। इन राज्यों में असम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, लक्षद्वीप, सिक्किम, मेघालय, दादर एवं नागर हवेली, नगालैंड, त्रिपुरा, लद्दाख (केंद्रशासित प्रदेश), मणिपुर, मिजोरम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, और अरुणाचल प्रदेश हैं।
नईदिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में मंडी से सांसद श्री राम स्वरूप शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, "श्री राम स्वरूप शर्मा एक समर्पित नेता थे, जो हमेशा लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध थे। उन्होंने समाज की भलाई के लिए अथक परिश्रम किया। उनके असामयिक और दुर्भाग्यपूर्ण निधन से पीड़ा पहुंची है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति।"








