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IGKV Recruitment 2020 : इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय भर्ती, विभिन्न पद, अंतिम तिथि 24 जून 2020

IGKV Recruitment 2020 : इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय भर्ती, विभिन्न पद, अंतिम तिथि 24 जून 2020

वनस्पति आण्विक जीवविज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग रायपुर भर्ती, अंतिम तिथि 24 जून 2020
IGKV Recruitment 2020 – वनस्पति आण्विक जीवविज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग IGKV रायपुर (Department of of Plant Molecular Biology & Biotechnology IGKV Raipur) ने 03 पदों की भर्ती के लिए IGKV Recruitment 2020 जारी किया है।

रिक्त पद (Vacancies) :– सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट, प्रोजेक्ट एसोसिएट, फील्ड वर्कर

पदों की संख्याe (Total Posts) :– कुल 03 पद

वेतनमान (Pay Scale) :– इस रोजगार के लिए चयनित अभ्य र्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित वेतनमान 18000, 31000, 42000 एवं अन्य भत्ते (लागू होने पर) प्रदान किये जाएंगे।

शैक्षणिक योग्यता (Qualification) :- किसी मान्यिता प्राप्तय संस्थाi/बोर्ड/विश्वकविद्यालय से संबंधित विषय/क्षेत्र में स्नातक/स्नातकोत्तर अथवा समकक्ष होनी चाहिए।

आयु सीमा (Age Limit) :- इस पर आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए परंतु 35/40/50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया (How to Apply) :- IGKV Recruitment पर E-Mail आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन/परीक्षा शुल्क (Application/Exam Fee) :- इस पर आवेदन शुल्कं रूपये सामान्या वर्ग के लिए -, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए – एवं अजा/अजजा वर्ग के लिए – निर्धारित किया गया है। आवेदन शुल्क/परीक्षा शुल्क भुगतान आपको विज्ञापन में दिये गये निर्देशानुसार करना होगा।

महत्वणपूर्ण तिथि एवं कार्यक्रम विवरण (Important Dates & Schedule) :–
• आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि – 10 जून 2020
• आवेदन करने की अंतिम तिथि – 24 जून 2020

चयन प्रक्रिया (Selection Process) :- उम्मीदवार का चयन लिखित परीक्षा/कौशल परीक्षा/दस्तावेज सत्या्पन/समूह चर्चा/साक्षात्का्र (जो भी लागू हो) में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

 

 

रोजगार : छत्तीसगढ़ कृषि विभाग में निकली विभिन्न पदों पर भर्ती, अंतिम तिथि 30 जून 2020, जल्द करे आवेदन

रोजगार : छत्तीसगढ़ कृषि विभाग में निकली विभिन्न पदों पर भर्ती, अंतिम तिथि 30 जून 2020, जल्द करे आवेदन

नौकरीछत्तीसगढ़ कृषि विभाग कांकेर (Chhattisgarh Agriculture Department Kanker) ने ब्लाक टेक्नोलॉजी मैनेजर, कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर और तकनीकी प्रबंधक पदों की भर्ती के लिए Cg Agriculture Department Kanker Recruitment 2020 जारी किया है। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते है | देखें आवेदन करने हेतु पूरी जानकारी | 

रिक्‍त पद –

  • ब्लाक टेक्नोलॉजी मैनेजर
  • असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर
  • कंप्यूटर ऑपरेटर

पदों की संख्‍या कुल 05 पद

योग्‍यता :- किसी मान्‍यता प्राप्‍त विश्‍वविद्यालय से संबंधित विषय/क्षेत्र में स्नातक डिग्री एवं कंप्यूटर डिप्लोमा/कृषि स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री/समकक्ष होना चाहिए।

वेतनमान – इस रोजगार के लिए चयनित अभ्‍यर्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित वेतनमान 12000, 25000, 30000 एवं अन्‍य भत्‍ते प्रदान किये जाएंगे।

आयु सीमाइस पर आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु 70 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया :- Cg Agriculture Department Kanker Recruitment पर Offline आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन शुल्क :- इस पर आवेदन शुल्‍क रूपये सामान्‍य वर्ग के लिए 00, अन्‍य पिछड़ा वर्ग के लिए 00 एवं अजा/अजजा वर्ग के लिए 00 निर्धारित किया गया है। जिसका भुगतान आपको विज्ञापन में दिये गये निर्देशानुसार करना होगा।

महत्‍वपूर्ण तिथि –

  • आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि – 15 जून 2020
  • आवेदन करने की अंतिम तिथि – 30 जून 2020

 

बाहरी कड़ी (External Link) :- Chhattisgarh Agriculture Department Kanker Recruitment 2020 से संबंधित पद, योग्यता, निर्देश और आवेदन प्रारूप एवं अन्य सटीक विवरण नीचे दिये गये लिंक पर देख सकते हैं।

 

अग्रसेन महाविद्यालय में वाणिज्य और प्रबंध संकाय के द्वारा कोविद-19 और आत्मनिर्भर भारत विषय पर हुआ वेबिनार

अग्रसेन महाविद्यालय में वाणिज्य और प्रबंध संकाय के द्वारा कोविद-19 और आत्मनिर्भर भारत विषय पर हुआ वेबिनार

रायपुर. अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती रायपुर र्में आज “कोविद-19 और आत्मनिर्भर भारत” विषय पर वेबिनार का आयोजन कियागया. वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित इस वेबिनार के प्रथम सत्र में कल्याण महाविद्यालय (भिलाई) में वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ आर.पी. अग्रवाल मुख्य वक्ता रहे. वहीँ दोपहर बाद के सत्र में बस्तर विश्वविद्यालय (जगदलपुर) के कुलपति प्रो.(डॉ) शैलेन्द्र कुमार सिंह आमंत्रित वक्ता रहे.


वेबिनार के प्रारभिक सत्र को संबोधित करते हुए डॉ आर पी अग्रवाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा कोई नई बात नहीं है. महात्मा गांधी ने आजादी के आन्दोलन के समय इसकी चर्चा भी लगातार की थी. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के समय देश की अर्थव्यवस्था को सँभालने के लिए हमें भी चीन की तरह सेल्समैनशिप को बढ़ावा देना होगा. साथ ही फोर-एल की अवधारणा (लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ) पर काम करना होगा. डॉ अग्रवाल ने कहा कि बीस लाख करोड़ के राहत पॅकेज का लाभ तत्काल भले ही नज़र नहीं आये, लेकिन आने वाले समय में इससे सूक्ष्म, लघु और मंझोले उद्योगों में गति आएगी. उन्होंने बताया कि जनवरी में देश में सात प्रतिशत बेरोजगारी थी, जो मई के अंत तक 27 प्रतिशत तक बढ़ गई थी. इस पर भी कमी लाने के लिए उद्योगों को मदद करनी होगी.
द्वितीय सत्र को संबोधित करते हुए बस्तर विश्वविद्यालय (जगदलपुर) के कुलपति प्रो.(डॉ) शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि कोविद-19 के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है. इससे निबटने के लिए गाँवों में भी वैसा ही सुविधायुक्त नुनियादी ढांचा बनाना होगा, जैसा बड़े शहरों में होता है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही बहुत से उपाय कर रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिले और रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा हो सके. उन्होंने कहा कि पिछले साल मनरेगा में जितने रोजगार दिए गए थे, अभी पिछले तीन महीनों में ही उससे दोगुना लोगों को रोजगार दिए जा चुके हैं. साथ ही नुकसान में चल रहे उद्योगों को उबारने के लिए सरकार को एक दूरगामी नीति बनाकर कार्य करना होगा. तभी आत्म निर्भरता का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा. उन्होंने प्रवासी मजदूरों का विवरण (डाटा-बेस) तैयार करने को भी इस वक्त की सबसे बड़ी जरुरत बताते हुए कहा कि इससे कुशल मजदूरों को उनके कौशल के अनुसार स्थानीय स्तर पर रोजगार देने में मदद मिलेगी.
महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने इस वेबिनार को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि इस संवाद से जो सुझाव सामने आये हैं, वे निश्चित रूप से नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी होंगे. इस आयोजन में अपने विचार रखते हुए प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत ने आमंत्रित वक्ताओं के प्रति आभार् व्यक्त किया और कहा कि इस कठिन समय में अर्थव्यवस्था में सुधार लाने से ही बाकी अन्य गतिविधियों को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी. उन्होंने इस दिशा में दोनों वक्ताओं के विचारों को मार्गदर्शन देने वाला बताया. दूसरे सत्र के अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित अग्रवाल ने कहा कि डॉ एस.के. सिंह ने जिन बिन्दुओं की चर्चा की हैं, वे बेहद महत्वपूर्ण हैं. इन्हें लागू करने से स्थिति निश्चित रूप से बेहतर हो सकती है. वेबिनार के दोनों सत्रों में पतिभागियों ने सवाल भी किये, जिनका आमंत्रित वक्ताओं ने विस्तार से जवाब दिया. इस वेबिनार का संचालन प्रबंध संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ शोभा अग्रवाल ने किया तथा तकनीकी समन्वय प्रबंध संकाय के प्राध्यापक प्रो. अभिनव अग्रवाल ने किया.

 

रोजगार : भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) में निकली बम्पर भर्ती, देखें विज्ञापन व आवेदन

रोजगार : भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) में निकली बम्पर भर्ती, देखें विज्ञापन व आवेदन

भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) में ग्रुप-A (फ्लाइंग ब्रांच/ GD) पद हेतु भर्ती निकली | जिसमे कुल 256 पद के लिए इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर सकते है |


Indian Air Force IAF Recruitment 2020
रिक्‍त पद (Vacancies) :– ग्रुप-A (फ्लाइंग ब्रांच/ GD)
पदों की संख्‍या (Total Posts) :– कुल 256 पद
वेतनमान (Pay Scale) :– इस रोजगार के लिए चयनित अभ्‍यर्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित वेतनमान नियमानुसार एवं अन्‍य भत्‍ते (लागू होने पर) प्रदान किये जाएगे।


शैक्षणिक योग्‍यता (Qualification) :- किसी मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍था/बोर्ड/विश्‍वविद्यालय से संबंधित विषय/क्षेत्र में ग्रेजुएशन/स्नातकोत्तर डिग्री/ B.E/ B.Tech अथवा समकक्ष होनी चाहिए।


आयु सीमा (Age Limit) :- इस पर आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए परंतु 24/26 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।


आवेदन प्रक्रिया (How to Apply) :- IAF Recruitment पर Online आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने की सटिक विधि जानने के लिए नीचे दिये गये लिंक से आधिकारिक अधिसूचना डाऊनलोड करें।


आवेदन/परीक्षा शुल्क (Application/Exam Fee) :- इस पर आवेदन शुल्‍क रूपये सामान्‍य वर्ग के लिए 250, अन्‍य पिछड़ा वर्ग के लिए 250 एवं अजा/अजजा वर्ग के लिए 250 निर्धारित किया गया है। आवेदन शुल्‍क/परीक्षा शुल्‍क भुगतान आपको विज्ञापन में दिये गये निर्देशानुसार करना होगा।


महत्‍वपूर्ण तिथि एवं कार्यक्रम विवरण (Important Dates & Schedule) :–
आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि – 11 जून 2020
आवेदन करने की अंतिम तिथि – 14 जुलाई 2020


चयन प्रक्रिया (Selection Process) :- उम्‍मीदवार का चयन लिखित परीक्षा/कौशल परीक्षा/दस्‍तावेज सत्‍यापन/समूह चर्चा/साक्षात्‍कार (जो भी लागू हो) में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।


बाहरी कड़ी (External Link) :- Indian Air Force Recruitmen
t से संबंधित पद, योग्यता, निर्देश और आवेदन प्रारूप एवं अन्य सटीक विवरण नीचे दिये गये लिंक पर देख सकते हैं।

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अग्रसेन महाविद्यालय द्वारा वेबिनार  “कोरोना संकट के दौर में सही खबर देने में जुटे पत्रकार”

अग्रसेन महाविद्यालय द्वारा वेबिनार “कोरोना संकट के दौर में सही खबर देने में जुटे पत्रकार”

रायपुर | अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती रायपुर के पत्रकारिता विभाग द्वारा आज “कोरोना संकट के दौर में पत्रकारों की भूमिका” विषय पर गूगल-मीट के जरिये आयोजित इस वेबिनार में आमंत्रित वक्ता के रूप में सेंट्रल क्रानिकल अंग्रेजी दैनिक के रायपुर संस्करण के स्थानीय संपादक समीर दीवान, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक (मप्र) के प्राध्यापक डॉ नागेन्द्र कुमार सिंह, एवं हिंदी दैनिक पत्रिका के जबलपुर संस्करण के स्थानीय संपादक गोविन्द ठाकरे शामिल रहे. इस वेबिनार में देश के विभिन राज्यों से करीब 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.   


वेबिनार में सभी आमंत्रित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारिता के सामने इस समय यही सबसे बड़ी चुनौती है कि कोरोना के इलाज और संक्रमण से सम्बंधित अनेक तरह की विरोधाभासी सूचनाएं मीडिया के पास चौबीसों घंटे आती रहती हैं. सोशल मीडिया पर भी जानकारियों कि भरमार है. ऐसे में पत्रकारों पर यह एक कठिन और गंभीर दायित्व है कि वे लोगों तक सही जानकारी पहुँचाएं और उन्हें भय-मुक्त रहने  में मदद करें.      

विषय की प्रस्तावना रखते हुए अग्रसेन महाविद्यालय में पत्रकारिता संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. विभाष कुमार झा ने कहा कि मीडिया लगातार आ रही ख़बरों से देश और दुनिया में बहुत से लोग अवसाद-ग्रस्त हो गए हैं. यहाँ तक कि अनेक लोगों को मानसिक हालत बेहद नाजुक हो जाने की वजह से मनोचिकित्सक के पास काउंसिलिंग के लिए भी जाने की नौबत आ गई है. ऐसे में क्या खबरों के प्रसारण और प्रकाशन पर सामाजिक दायित्व के तहत एक संयम जरुरी मालूम पड़ता है.

इस विषय पर चर्चा की शुरुआत करते हुए हिंदी दैनिक पत्रिका (जबलपुर) के स्थानीय संपादक गोविन्द ठाकरे ने कहा कि सही और संयमित ढंग से खबरें पाठकों तक पहुंचाने में आज भी अखबार एक विश्वसनीय माध्यम है. उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण आये तमाम तरह के आर्थिक दबावों के बावजूद पत्रकार इस जिम्मेदारी को लगातार निभा रहे हैं.    

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक (मप्र) में पत्रकारिता प्राध्यापक डॉ नागेन्द्र कुमार सिंह, ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका संकट के समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि उन्हें समाज को न केवल सही समय पर तथ्यपूर्ण समाचार देना है. बल्कि सोशल मीडिया और अन्य तरीकों से वायरल हो रही भ्रामक सूचनाओं को रोकना भी उनका दायित्व है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की प्रसिद्द कविता “कदम मिलकर चलना होगा...” का जिक्र  करते हुए कहा कि यह समय समाज के सभी हिस्सों को साथ मिलकर एक दूसरे के प्रति विश्वास बनाए रखने का है.

अंग्रेजी दैनिक सेंट्रल क्रानिकल (रायपुर) के स्थानीय संपादक समीर दीवान ने हाल ही में हुए कुछ अंतरराष्ट्रीय वेबिनारों का सन्दर्भ देते हुए कहा कि कोरोना के इलाज में एक विशेष प्रकार की दवा को चिकित्सा जगत की एक विश्वस्तरीय शोध-पत्रिका में प्रकाशित आलेख के जरिये बासठ देशों ने डाक्टरों को अमान्य कर दिया था. लेकिन उसी दवा को राजनीति और दवा कारोबार से जुड़े ताकतवर समूहों द्वारा सही बताये जाने के बाद जब विवाद बढ़ा, तो उन्हीं  डाक्टरों को अपना बयान वापस लेना पड़ा. श्री दीवान ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका यहीं पर अहम् हो जाती है, कि वह सही और तथ्यपूर्ण जानकारी पाठकों तक कैसे पहुंचाए.  

कार्यक्रम में महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. वी.के. अग्रवाल, महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस वेबिनार को सम-सामयिक और उपयोगी बताते हुए कहा कि सभी प्रतिभागियों को जल्द ही ऑनलाइन पंजीयन के आधार पर प्रमाण-पत्र उनके ई-मेल पर भेजे जायेंगे. वहीँ प्राचार्य डा युलेंद्र कुमार राजपूत ने इसमें शामिल सभी अनुभवी वक्ताओं के विचारों को सारगर्भित बताते हुए उन्हें साधुवाद दिया. एडमिनिस्ट्रेटर प्रो अमित अग्रवाल ने इस वेबिनार में करीब ढाई सौ की संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से शामिल प्राध्यापकों, शिक्षकों और पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय युवाओं की भागीदारी पर संतोष जताया. कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित वक्ताओं ने कुछ प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए.
शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर, रायपुर में  आयोजित उन्मुखीकरण के तृतीय दिवस का प्रशिक्षण पूर्ण

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर, रायपुर में आयोजित उन्मुखीकरण के तृतीय दिवस का प्रशिक्षण पूर्ण

रायपुर | शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर की प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल के मार्गदर्शन में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम  के तृतीय दिवस के अंतर्गत आज दिनांक 11/06/2020  को विषय विशेषज्ञ डॉक्टर तपेश चंद्र गुप्ता प्राध्यापक वाणिज्य शासकीय योगानंदम महाविद्यालय रायपुर द्वारा भविष्य निधि संधारण एवं वरिष्ठता निर्धारण अंतर्गत शामिल समस्त आवश्यक एवं महत्वपूर्ण जानकारियां अत्यंत ही सहज और सुबोध ढंग से प्रदान की गई। इस ज्ञानवर्धक व्याख्यान के पश्चात कई प्राध्यापकों की जिज्ञासाओं को भी विषय विशेषज्ञ द्वारा अपने संतोषप्रद उत्तरों के द्वारा शांत किया गया, तदोपरांत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर उषा किरण अग्रवाल मैडम  द्वारा उक्त विषय पर महाविद्यालय परिवार के मार्गदर्शन  पश्चात महा विद्यालय परिवार से डॉ लक्ष्मी देवनानी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ आज के इस उन्मुखीकरण के तृतीय दिवस के समापन की घोषणा की गई। पूर्व की भांति आज के दिवस के कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ कविता शर्मा द्वारा किया गया।

पत्रकारिता विभाग के छात्रों द्वारा बनाया गया 700 साल पुरानी तेड़गी मंदिर पर शार्ट फ़िल्म, देखे वीडियो

पत्रकारिता विभाग के छात्रों द्वारा बनाया गया 700 साल पुरानी तेड़गी मंदिर पर शार्ट फ़िल्म, देखे वीडियो

रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के छात्रों द्वारा एक शार्ट फ़िल्म तैयार किया गया है इस विडियो के माध्यम से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती में स्थित अद्भुत प्राचीन शिव मंदिर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया हैं। इसके पहले भी छात्रों द्वारा महिला दिवस के अवसर पर एक शार्ट फिल्म तैयार किया गया था|जिसमे यह दर्शाया गया था की महिलाओं व् युवतियों के साथ हो रहे छेड़-छाड़ जैसी घटनाओँ के खिलाफ आवाज उठाई जाए, साथ ही यह फिल्म एक संदेश देने के रूप में बनाई गई थी|पत्रकारिता विभाग के छात्रों का यह कहना है की वह आगे भी ऐसे ही संदेशभरी, जागरूकता, जानकारी जैसे शार्ट फ़िल्म बना कर लोगो तक लाते रहेंगे|
 
Produced by - 
Cg Guys

Direction, camera & edited by -
Vajad khan

Anchoring & Voice over by - 
Chitrasen sahu (sonu sahu)
 
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शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर, रायपुर में पांच दिवसीय उन्मुखीकरण का आज शुभारंभ

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर, रायपुर में पांच दिवसीय उन्मुखीकरण का आज शुभारंभ

रायपुर,शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर के प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल के मार्गदर्शन में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा विभिन्न विषयों पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज शुभारंभ किया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम दिवस आचरण नियम, द्वितीय दिवस अवकाश नियम, तृतीय दिवस भविष्य निधि संधारण ,चतुर्थ दिवस वेतन निर्धारण एवं अंतिम दिवस वरिष्ठता निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर डॉक्टर तपेश चंद्र गुप्ता प्राध्यापक वाणिज्य शासकीय योगानंदम महाविद्यालय रायपुर द्वारा प्रति दिवस एक घंटा सायं 4:00 से 5:00 प्रशिक्षण दिया जाना सुनिश्चित किया गया है।

आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ कविता शर्मा द्वारा संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रदान कर आज के इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, तदोपरांत महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग से डॉ विनीता शर्मा द्वारा विषय विशेषज्ञ डॉक्टर तपेश चंद्र गुप्ता जी का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉक्टर तपेश चंद्र गुप्ता जी द्वारा सिविल सेवा आचरण संहिता 1965 अंतर्गत शामिल व्यवहार के समस्त उपादानों से संबंधित अत्यंत सारगर्भित महत्वपूर्ण एवं आवश्यक जानकारियां सहज व सुबोध ढंग से प्रदान की गई। इस ज्ञानवर्धक व्याख्यान के पश्चात कई प्राध्यापकों की जिज्ञासाओं को भी विषय विशेषज्ञ द्वारा अपने जवाब से शांत किया गया, तदोपरांत महाविद्यालय की प्राचार्य उषा किरण अग्रवाल मैडम द्वारा इस विषय पर महाविद्यालय परिवार का मार्गदर्शन करने के पश्चात वाणिज्य विभाग की डॉक्टर माधुरी श्रीवास्तव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ आज के इस उन्मुखीकरण के प्रथम दिवस के समापन की घोषणा की गई। 

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में कार्यस्थल संबंध एवं व्यवहार पर एक वेब परिचर्चा का हुआ आयोजन

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में कार्यस्थल संबंध एवं व्यवहार पर एक वेब परिचर्चा का हुआ आयोजन

रायपुर, शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुषमा तिवारी के द्वारा कार्यस्थल संबंध एवं व्यवहार पर एक वेब परिचर्चा का आयोजनकिया गया।जिसमे डॉ प्रशांत श्रीवास्तव DSW हेमचंद यादव विश्विद्यालय तथा जी ऐ घनश्याम OSD उच्च शिक्षा विभाग ने अपने विचार व्यक्त किये ।कार्य स्थल में तनातनी की घटनाएं निरंतर देखी जाती है । इस परिचर्चा के माध्यम से वक्ता द्वय ने बहुत ही सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कार्यस्थल पर मर्यादित आचरण ,मानक नियमो का पालन , सभी को एक दूसरे की बातो तथा विचारो को उचित सम्मान देने की बात कही ।संस्था के दिए गए कार्यों को पूरी निष्ठा तथा ईमानदारी से करने की सलाह दी। संस्था की गोपनीयता बनाए रखना ,नैतिक आचार विचार,उचित व्यवहार आदि पर विचार वक्ता किए ।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर उषाकिरण अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकर्मियों के साथ सदेव सहृदयता पूर्ण व्यवहार करना चाहिए साथ ही कार्यस्थल पर निधरित मनकों और आचरण के मूल्यों का पालन अति आवश्यक बताया ।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासा का उत्तर भी वक्ताओ द्वारा दिया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर सिरिल डेनियल द्वारा दिया गया ।तथा iqac इंचार्ज डॉक्टर कविता शर्मा व कार्यक्रम की संयोजिका विभागाध्यक्षा डॉक्टर सुषमा ने उक्त जानकारी दिया ।

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने चालू की सेमेस्टर अंतिम वर्ष की परीक्षा लेने की तैयारी

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने चालू की सेमेस्टर अंतिम वर्ष की परीक्षा लेने की तैयारी

रायपुर, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने आज एक पत्र लिख कर सभी अध्ययन शालाओ तथा महाविद्यालयों से सभी विषय के अंतिम सेमेस्टर की कक्षाओं के पाठ्यक्रम पुरे होने की जानकारी 7 दिवस के अंतर्गत मांगी है ताकि उनकी परीक्षाये ली जा सके.
आपको बता दे अभी कुछ दिन पहले ही उच्च शिक्षा विभाग ने अंतिम वर्ष की परीक्षाये आयोजित करने का आदेश जारी किया है


 

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर में नेशनल ऑनलाइन ई पोस्टर कंपटीशन आयोजित हुआ

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर में नेशनल ऑनलाइन ई पोस्टर कंपटीशन आयोजित हुआ

रायपुर,शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर के विज्ञान संकाय के द्वारा IQAC के तत्वावधान में नेशनल ऑनलाइन ई पोस्टर कंपटीशन आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता 22 मई अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित की गई। यह कार्यक्रम आइक्यूएसी इंचार्ज डॉ कविता शर्मा तथा कार्यक्रम मेंटर महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल के निर्देशन में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समन्वयक डॉ शीला दुबे, डॉ रवि शर्मा, डॉ आर डी शर्मा तथा को कन्वीनर डॉ मनीषा गर्ग थी। कार्यक्रम के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ बी डी थदलानी, डॉ सीरिल डेनियल थे।


ई पोस्टर का मुख्य विषय "एन्वाइरन्मेंटल एन्हांस मेंट डुरिंग लॉकडाउन " था। उप विषय१)' पर्यावरण तथा उसका महत्व', २)लॉक डाउन का पर्यावरण पर प्रभाव, ३)भोजन स्वास्थ्य तथा जैव विविधता ४) लॉक डाउन का इकॉमर्स पर प्रभाव ५) जैव विविधता तथा प्रकृति का संरक्षण थे। कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णता निशुल्क था। तीन बेस्ट पोस्टर अवॉर्ड की स्क्रीनिंग कमेटी में महाविद्यालय के निर्णायक डॉ संध्या वर्मा, डॉ प्रीति पांडे, डॉ मीना पाठक, डॉ अंजना पुरोहित थे। कार्यक्रम के निर्णायक तथा विशेषज्ञ के रूप में महाकौशल कला वीथिका के महानिदेशक डॉ प्रवीण शर्मा ,श्री अवतार सिंह भंगल, डॉ जयंत विश्वास नेशनल केव रिसर्च एंड प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन रायपुर थे। कार्यक्रम में संपूर्ण भारत से गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, झारखंड से कुल 411 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
लॉकडाउन के समय जब सबकुछ थम गया है स्टूडेंट्स के पास यह अच्छा मौका रहा अपनी स्किल्स को रिकवर करने का ।
 

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर के IQAC के द्वारा वेबीनार का हुआ सफल  आयोजन

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर के IQAC के द्वारा वेबीनार का हुआ सफल आयोजन

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर के IQAC के द्वारा वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसका विषय इमर्जिंग ट्रेंड्स इन ऑनलाइन एजुकेशन एंड फ्यूचर प्रोस्पेक्ट्स था। कार्यक्रम का संचालन आइक्यूएसी इंचार्ज डॉ कविता शर्मा ने किया।कार्यक्रम की मुख्य प्रेरणा स्रोत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल रही। कार्यक्रम का प्रारंभ डॉ उषा किरण अग्रवाल की उद्बोधन से हुआ जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार हमारी शिक्षा का सफर ब्लैक बोर्ड से ग्रीन बोर्ड, और व्हाइट बोर्ड फिर ओएचपी, dlp और अब लैपटॉप की द्वारा हम शिक्षा करा रहे हैं। अब हम इस कोविड 19 के दौर में लॉकडाउन के कारण डिजीटल प्लेटफॉर्म मैं पढ़ाई कर रहे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बच्चों की समस्याओं का समाधान कर रहे है।

कार्यक्रम का कीनोट ऐड्रेस डॉ अरुणा पलटा कुलपति हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग ने दीया। इस सत्र के चेयर पर्सन डॉ प्रशांत श्रीवास्तव सर रहे। डॉ अरुणा पलटा का वक्तव्य इमर्जिंग ट्रेंड्स इन ऑनलाइन एजुकेशन पर था। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मेटीरियल और वीडियो निश्चित तौर पर बच्चों की मदद कर पाएंगे। टॉप 100 यूनिवर्सिटी में अभी ऑनलाइन डिग्री कोर्स चल रहे हैं। जो काफी सफल हैं। इस पर चर्चा हुई। धन्यवाद ज्ञापन डॉ संध्या वर्मा ने किया।

द्वितीय सत्र आयुष विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डॉक्टर इम्तियाज ने किया।किस प्रकार ऑनलाइन रिसोर्सेज का उपयोग किया जा सकता है कौन-कौन से ऑनलाइन रिसोर्सेस है इसकी विस्तृत जानकारी दी।

 

तृतीय सत्र डॉ विमल त्रिवेदी जो सेंटर फॉर सोशल स्टडीज सूरत गुजरात से थे ।इस सत्र के चेयर पर्सन डॉ अमिताभ बनर्जी प्राचार्य शासकीय छत्तीसगढ़ महाविद्यालय थे। अपने वक्तव्य में डॉक्टर विमल त्रिवेदी सर ने बताया कि किस प्रकार भारत में3.99 करोड़ विद्यार्थी उच्च शिक्षा से जुड़े हैं। 999 यूनिवर्सिटी है। अब हमारी शिक्षा ऑनलाइन एजुकेशन की तरफ जा रही है। यद्यपि ऑनलाइन एजुकेशन कक्षा का विकल्प नहीं है। लेकिन यह हमारी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अभी वर्तमान में काफी ऑनलाइन यूजर्स बड़े हैं। ऑनलाइन कोर्स की संख्या भी बढ़ी है। इसका लाभ लाभ है कि हम घर से ही इंटरएक्टिव तरीके से पढ़ाई कर सकते हैं इस पद्धति में काफी लचीलापन है, । हम कहीं भी अलग-अलग टाइम जोन में भी पढ़ाई कर सकते हैं। आसान है फैकल्टी से सीधे कनेक्ट हो सकते हैं। आजकल गूगल बुक सर्च, research gate मैं पाठ्य सामग्री उपलब्ध हो जाती है। पीएचडी स्टूडेंट के लिए भी यह लाभदायक है।

 

अगला सत्र देवेंद्र एं व्यास प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय अकोला का था। उनका विषय शेपिंग स्टूडेंट्स माइंडसेट थ्रो ऑनलाइन एजुकेशन पर था। उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन, सोर्स ऑफ ए learning, flipped classroom, स्वयं पोर्टल, मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स, आदि के बारे में बताया। इसके धनात्मक ऋणात्मक पक्ष तथा भविष्य की संभावनाओं की चर्चा की। प्राचार्य डॉ अमिताभ बैनर्जी ऑनलाइन एजुकेशन पर अपने विचार रखें। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से समय और ऊर्जा की बचत की बचत होती है तथा यहां सीखने की बहुत अवसर है साथी हम विद्यार्थी के फीडबैक को भी जान सकते हैं और उसकी मदद कर सकते हैं। इस व्यवस्था में अभी भी कुछ चुनौतियां हैं जिसकी चर्चा उन्होंने की।

अगला सत्र डॉ अर्चना पत्की उप प्राचार्य एमएमपी शाह वूमेन कॉलेज मुंबई का थी । उनका व्याख्यान टाइम मैनेजमेंट एंड सेल्फमोटिवेशन डुरिंग ऑनलाइन एजुकेशन पर था।उन्होंने बताया कि इस प्रकार है इस समय विद्यार्थियों को ऑनलाइन एजुकेशन के लिए समय प्रबंधन करना चाहिए। अपने लिए एक टू डू लिस्ट बनाएं रूटीन बनाएं, पूरा होने पर स्वयं को पुरस्कार दे। अच्छी किताबें ऑटोबायोग्राफी बायोग्राफी पढ़िए। जिसे अभी प्रेरणा मिलेगी। स्वयं का विश्लेषण कीजिए। और मोटिवेट चाहिए।

 

अंतिम सत्र अंग्रेजी के प्राध्यापक तथा रूसा के डायरेक्टर डॉ जे न घनश्याम का था। उन्होंने कोविड़ की एक नई परिभाषा दी। यह एक समय आत्म मूल्यांकन का जिसमें हम अपने आप को अपडेट, अपग्रेड, अपलिफ्ट कर सकते हैं। Blended learning के बारे में बताया। सीखना है सक्रिय होना चाहिए होना चाहिए। ऑनलाइन एजुकेशन रचनात्मकता प्रेरणा बढ़ जाती है। और उन्होंने बताया कि अभी छत्तीसगढ़ सबसे अच्छा कार्य कर रहा है शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल शिक्षा तथा कॉलेज शिक्षा दोनों स्तर पर वीडियो ऑडियो पीडीएफ फॉर्म में अध्ययन सामग्री शिक्षकों के द्वारा अपलोड की जा रही है जिसका फायदा निश्चित तौर पर विद्यार्थियों को मिलेगा। इस सत्र की चेयर पर्सन डॉक्टर प्रजापति थे।

 

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ शीला दुबे ने किया। इस वेबीनार में लगभग 500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, research scholar आदि थे। 22 राज्य तथा आईआईटी के 5 छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया। आइक्यूएसी इंचार्ज डॉक्टर डॉ कविता शर्मातथा महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल ने सभी वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन किया। 

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेन्द्र नगर में कल होगा वेबिनार

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेन्द्र नगर में कल होगा वेबिनार

रायपुर,देवेन्द्र नगर स्थित महाविद्यालय में लॉक डाउन के चलते पढाई को निरंतर चालू रखते हुए कल रविवार को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक एक वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है ये वेबिनर गूगल मीट के माध्यम से लिया जाएगा जिसमे शिक्षा से जुड़े लोग हिस्सा ले सकते है इस वेबिनार की मुख्य वक्ता डॉ अरुणा पलटा जी,कुलपति हेमचंद यादव विश्विद्यालय दुर्ग रहेंगी इसके साथ महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल जी विषय परिचय देंगी.


इस कार्यक्रम की रुपरेखा कुछ इस प्रकार है :-

Commenced by Session I time 1-2 PM

Chair Person: Dr Prashant Shrivastava
Speaker: Dr Imtiaz(Online Library)
Chair Person Speech(Dr Prashant Shrivastav)
Vote of thanks: Mrs Ranjana Pooja Yadav

Session II time2-3 PM
Chair person: Dr Amitabh Banerjee
1. Resource p
Person: Dr Vimal Trivedi
2. Resource Person: Dr Devendra Vyas
Chair Person's Speech( Dr Amitabh Banerjee)
Vote of thanks: Dr Ranjana Tiwari


Session III time3- 4 PM
Chair Person: Dr S Prajapati Surat
1. Resource Person: Dr Archana Patki
2. Resource Person:
Dr G A Ghanshyam
Chair Person's
Speech(Dr S Prajapati)
Vote of thanks: Dr Sheela Dubey


Concluding remark by IQAC INCHARGE DR KAVITA SHARMA


आप इस वेबिनार में इस लिंक के माध्यम से जुड़ सकते है

Session 1 link
meet.google.com/sue-rdab-kux

Session 2 link
meet.google.com/txn-oyvr-ppe

Session 3 link
meet.google.com/xcn-ghqa-zvb
 

पढ़ई तुंहर दुआर ऑनलाईन ई-लर्निंग बनी लाखों बच्चों के लिए वरदान

पढ़ई तुंहर दुआर ऑनलाईन ई-लर्निंग बनी लाखों बच्चों के लिए वरदान

रायपुर, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लॉकडाउन के दौरान बच्चों के सुचारू अध्ययन के लिए शुरू की गई ऑनलाईन ई-लर्निंग व्यवस्था ''पढ़ई तुंहर दुआर'' आज लाखों बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इस वेबसाईट का निर्माण बिना किसी बाहरी सोर्स और पैसा खर्च किए स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वयं तैयार की है। वेबपोर्टल के शुरू होने से अब तक इसमें 21 लाख 26 हजार 791 छात्र-छात्राएं और एक लाख 88 हजार 900 शिक्षक-शिक्षिकाएं पंजीकृत होकर ऑनलाईन अध्ययन-अध्यापन कर रहे है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कोविड-19 संक्रमण के बचाव के उपायों के तहत स्कूली बच्चों को घर पर ही रहकर पढऩे के लिए बीते 7 अप्रैल को शुरू किए गए पोर्टल ''पढ़ई तुंहर दुआर' के जरिए लाखों छात्र आज बिना किसी शुल्क के ऑनलाईन पढ़ाई का लाभ उठा रहे है। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए गए लॉकडाउन के कारण स्कूल लंबे समय से बंद हैं। इस कारण यह आवश्यक हो गया था कि घरों में रहकर ही बच्चों को पढऩे-लिखने और सीखने का अवसर प्रदान किया जाये, इसके तहत छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के हित में पढ़ई तुंहर दुआर ई-प्लेटफार्म की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे अब छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई ई-प्रक्रिया के तहत आसानी से जारी रख पा रहे है।

इस ई-लर्निंग प्लेटफार्म में ऑनलाईन इंटरएक्टिव कक्षाओं के जरिए शिक्षक और बच्चे अपने-अपने घरों से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ रहे है। देश में अपने तरह का यह पहला बड़ा ऑनलाईन एजुकेशन प्लेटफार्म है जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के छात्रों सहित हिन्दी भाषी राज्यों के छात्रों के लिए भी बहुत ही लाभदायक है। इसमें अब तक 21.26 लाख विद्यार्थी और 1.88 लाख से अधिक शिक्षक पंजीकृत होकर ऑनलाईन अध्ययन और अध्यापन का कार्य कर रहे है। इसमें पीडीएफ फार्मेट में पाठ्य पुस्तकें, ऑडियो तथा वीडियो लेसन आदि उपलब्ध कराए गए है, जिसे छात्र बिना किसी फीस के लाभ उठा रहे है। इस पोर्टल में होमवर्क तथा होमवर्क को ऑनलाईन जांचने की सुविधा भी है। बच्चे अपनी शंकाओं का समाधान भी ऑनलाईन कर पा रहे है। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों एवं विषय शिक्षकों की कमी वाली शालाओं के लिए भी यह यह कार्यक्रम बहुत उपयोगी साबित हो रहा है।

 

इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे विभाग ने बिना किसी बाहरी मदद के स्वयं तैयार किया है। इसकी प्रोग्रामिंग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने एनआईसी के प्रोग्रामरों के साथ मिलकर की है। इस प्रकार विभाग ने यह साफ्टवेयर बिना कोई धन राशि व्यय किए नि:शुल्क तैयार किया है। यह योजना द्धह्लह्लश्च://ष्द्दह्यष्द्धशशद्य.द्बठ्ठ वेबसाइट पर उपलब्ध है। द्धह्लह्लश्च://ष्द्दह्यष्द्धशशद्य.द्बठ्ठ निजी डोमेन नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने मात्र 6658 रूपए में 10 वर्षो के लिए खरीदी है। इस डोमेन पर पूरी तरह से छत्तीसगढ़ शासन का अधिकार है। इस पोर्टल के में पंजीकृत विद्यार्थी, शिक्षक और पेज व्यू की संख्या आसानी से देखी जा सकती है।

 

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन से वर्तमान में स्कूल बंद है। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन ई-लर्निंग की यह व्यवस्था लाखों बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। लाखों की संख्या में बच्चे और शिक्षक इसका लाभ उठाकर घर में रहकर भी पढ़ाई कर रहें है। इस पोर्टल के संचालन में अभी तक कुल व्यय मात्र 3,48,631.54 रूपए ही है।
 

कोरोना के कारण इस देश में स्कूल सख्त शर्तों के साथ खुलेंगे, पढ़ें पूरी खबर

कोरोना के कारण इस देश में स्कूल सख्त शर्तों के साथ खुलेंगे, पढ़ें पूरी खबर

जोहानसबर्ग | दक्षिण अफ्रीका के स्कूल और यूनिवर्सिटी कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के चलते लागू लॉकडाउन के बीच सख्त शर्तों के तहत खुलने जा रहे हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बेसिक एजुकेशन मिनिस्टर एंजी मोत्शेखेगा की वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के हवाले से कहा, हमारा प्रस्ताव ग्रेडों को चरणबद्ध तरीके से खोलने का है। ग्रेड (कक्षा) 7 और 12 को स्कूल आना है, ऐसे में वह अकेले स्कूल में रहेंगे। अन्य ग्रेड के विद्यार्थी बाद में आएंगे।

उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है कि हमारे शिक्षार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार से कोई समझौता न हो और इसके लिए हमने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने पर सहमति प्रकट की है।
बेसिक एजुकेशन मिनिस्टर ने कहा कि दो से अधिक विद्यार्थी एक डेस्क को साझा नहीं करेंगे, नो हगिंग (गले लगना) एंड हैंडशेकिंग (हाथ मिलाना), किसी भी समय सीधे संपर्क में नहीं आना, शिक्षक व छात्रों का क्लॉथ मास्क अनिवर्य रूप से पहनने जैसे उपाय इन कदमों में शामिल हैं।
वहीं, हायर एजुकेशन मिनिस्टर ब्लेड नाजिमांडे ने कहा कि सामान्य यूनिवर्सिटी और कॉलेज ऑनलाइन क्लास शुरू करेंगे, जबकि मेडिकल छात्रों की कड़ी शर्तों के तहत परिसर में वापसी होगी।
 
आगामी सत्र से कुम्हारी में खुलने जा रहा है  नया कॉलेज, सरकार ने दिए 7 करोड़ रुपए

आगामी सत्र से कुम्हारी में खुलने जा रहा है नया कॉलेज, सरकार ने दिए 7 करोड़ रुपए

भिलाई, नए शिक्षा सत्र से कुम्हारी में नवीन महाविद्यालय की शुरुआत होगी। पहले इसे यहां के शासकीय स्कूल में संचालित किया जाएगा। भवन बनने के बाद स्थानांतरित किया जाएगा। इसके स्थापना के लिए वेतन भत्ता मद के तहत 6.70 करोड़ और कार्यालय व्यय मद के लिए 30 लाख रुपए बजट में तय किए गए हैं। कॉलेज के खुल जाने से कुम्हारी के युवाओं को काफी राहत मिलेगी।


अंडर ग्रेजुएशन कोर्स से शुरुआत की तैयारी
पालिका अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर ने बताया कि यहां सबसे पहले बीए, बीकॉम और बीएससी के कोर्स संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक विषय के लिए अभी 150-150 सीटें प्रस्तावित की गई हैं। 12वीं के नतीजे जारी होने के बाद कॉलेज में अंडर ग्रेजुएशन कोर्स के लिए प्रवेश देने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। शासन की ओर से स्टाफ की भी व्यवस्था की जा रही है।

तीन कॉलेजों में नए कोर्स की शुरुआत भी हुई
अपर संचालक डॉ. सुशीलचंद्र तिवारी ने बताया कि गर्ल्स कॉलेज में बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीकॉम कंप्यूटर एप्लीकेशन, पाटन में अंग्रेजी साहित्य और धमधा में बीए भुगोल की मंजूरी मिली है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया था।


रायपुर और भिलाई नहीं आना पड़ेगा
कुम्हारी में नवीन महाविद्यालय की शुरुआत होने से यहां के छात्रों को महाविद्यालयीन स्तर की पढ़ाई के लिए रायपुर, दुर्ग, भिलाई नगर, भिलाई-3, जामुल या फिर अहिवारा नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा के लिए संस्थान मिल जाएगा। बाद में यहां पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। नए कॉलेज से छात्रों को राहत होगी।

वित्तीय वर्ष 20-21 के लिए प्रस्तावित बजट में कुम्हारी में नए कॉलेज खोले जाने का उल्लेख किया गया था। इसके तहत इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। बजट की राशि मिलने की सूचना नगर पालिका कुम्हारी को दी गई है। मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर ने बताया कि अभी कॉलेज संचालन के लिए तीन-चार स्थान को देखा गया है, लेकिन शासन स्तर पर उसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

 

 शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में हुआ कोविड-19 पर सेमिनार

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में हुआ कोविड-19 पर सेमिनार

रायपुर। शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय रायपुर द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें (कोविड-19) के विभिन्न पहलुओं पर विषय विशेषज्ञों द्वारा चार ऐस्पेक्ट पर व्याख्यान दिए गये। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर उषा किरण अग्रवाल ने इसके मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर जानकरियाँ दीं उन्होंने बताया की मानसिक स्वास्थ्य किसी भी विपदा से निपटने के लिये आवश्यक है । अगले विशेषज्ञ के रूप में फ़िज़िक्स के विभागाध्यक्ष डॉक्टर रवि शर्मा ने कोविड कैसे फैलता है कैसे संक्रमण करता है और इससे कैसे बचा जा सकता है, इस पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बताया। अगले क्रम में गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर संध्या वर्मा ने कोविड से निपटने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने की बात कही उन्होंने बताया की इस लॉक्डाउन के दौरान कैसे उपयोगी डाइयट के द्वारा पोषक पदार्थों से रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। अंतिम वक्त के रूप में वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर बी॰ डी॰ थदलानी ने कोविड के दौरान अर्थव्यवस्था की गंभीरता पर जानकरियाँ दी।  उन्होंने बताया कि आर्थिक मंदी से कैसे निपटा जाये। वैश्विक बंद के कारण निर्यात में गिरावट आदि विषय पर जानकारी दीं। इस सेमिनार में सूरत गुजरात से डॉक्टर शैलेष प्रजापति भी जुड़े उन्होंने इसे महाविद्यालय की अनूठी पहल कहा तथा ऐसे  सेमिनार से विद्यार्थियों को मिलने वाली जानकारियों पर हर्ष व्यक्त किया। अमरावती से डॉक्टर दिलीप हांडे भी इस विशेष आयोजन में हिस्सा लिए उन्होंने महाविद्यालय को इस आयोजन पर बधाई दी तथा कहा की इस आपदा पर विषय विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी से कोरोना वाइरस के ख़िलाफ़ लड़ाई सरल होगी।
छात्रा मेघा मिश्रा ने इस आयोजन के लिए महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों को धन्यवाद दिया तथा कहा कि कोविड के प्रसार को रोकने के लिये मिली जानकरियाँ बहुत लाभप्रद होंगी, सभी स्टूडेंट्स को इससे ज्ञान मिला और लाभ होगा। इसमें बड़ी संख्या में प्राध्यापक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिनमे प्रमुख रूप से डॉक्टर जी ए घनश्याम, डॉक्टर जगजीत कौर सलूजा, डॉक्टर अमित सहगल, डॉक्टर सुनीता पात्रा, डॉक्टर संध्या मदन मोहन, डॉक्टर गुरप्रीत कौर, डॉक्टर रंजना तिवारी, डॉक्टर शीला दूबे, डॉक्टर प्रीति पाण्डे, डॉक्टर माधुरी श्रीवास्तव, डॉक्टर नरेश पुरी, डॉक्टर सुषमा तिवारी, डॉक्टर सिरिल डेनियल, डॉक्टर विनीता शर्मा, डॉक्टर चित्रा देशपांडे, माला परमार, डॉक्टर लकमी देओनानी, मेघा मिश्रा, नेहा फ़िलिप, नताशा बाँसोडे, निलू दडसेना, रजनी तिवारी, दिप्शिखा ठाकुर, श्रद्धा अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, निधि पूरी, निशा , जयललिता वाधवानी आदि उपस्थित रहे। अंत में हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर रंजना तिवारी द्वारा आभार व्यक्त किया गया, महाविद्यालय के IQAC द्वारा यह आयोजन किया गया IQAC प्रभारी डॉक्टर कविता शर्मा ने सबका अभिनंदन किया तथा भविष्य में ऐसे आयोजन को और करने की बात कही ।
काम की बात : अब घर बैठे मोबाइल से बदल सकते हैं अपने आधार का पता, जानिए कैसे...

काम की बात : अब घर बैठे मोबाइल से बदल सकते हैं अपने आधार का पता, जानिए कैसे...

नई दिल्ली, हम सभी जानते हैं कि अधार देश के किसी भी नागरिक की पहचान से जुड़ा सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है. सभी तरह की सरकारी लाभ के लिए आधार की जरूरत पड़ती है. हालांकि कई बार आधार कार्ड पर गलत जानकारी छपे होने के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज हम आपको इसी परेशानी के बचने का तरीका बताने जा रहे हैं. हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आपके आधार कार्ड में आपका पता सही नहीं है और आप इसे बदलवाना चाहते हैं तो उसे आप घर बैठे कैसे इसे ठीक करवा सकते हैं.


कैसे बदलें पता


अगर आप आधार पर पता बदलवाना चाहते हैं तो घबराएं नहीं. आधार कार्ड में पता बदलवाने के इच्छुक लोगों को UIDAI ने एक महत्तवपूर्ण सुविधा प्रदान की है. UIDAI ने एक ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है.


UIDAI ने कहा है कि जहां पहले लोगों को आधार पर लिखा पता बदलवाने के लिए केंद्र पर जाना पड़ता था, लंबी लाइनों में लगना पड़ता था और इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब घर बैठे ही आप अपने आधार कार्ड का पता बदलवा सकते हैं

कैसे बदलवाए पता, जानिए


आधार का पता बदलवाने के लिए सबसे पहले आपको UIDAI की वेबसाइट https://uidai.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद My Adhaar टैब पर क्लिक करें और फिर Update your adhaar और फिर Update your address online पर क्लिक करना होगा. इसके बाद Proceed update address पर क्लिक करें और इसके बाद आधार नंबर और कैप्चा डालकर सेंड ओटीपी पर क्लिक कर दें. अपने रजिस्टर्ड नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करें और लॉग इन पर क्लिक करें.


इसके बाद Update address via address proof पर क्लिक कर नया या सही पता भर दें. अब आपको बताए गए दस्तावेजों की रंगीन फोटो मोबाइल से क्लिक कर व अपलोड कर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद वेरिफिकेशन होगा और आपका नया पता आपके आधार पर आए जाएगा.

 

महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए ऑन लाईन अध्ययन के लिए दस सदस्यीय टीम का गठन

महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए ऑन लाईन अध्ययन के लिए दस सदस्यीय टीम का गठन

रायपुर, उच्च शिक्षा विभाग अब स्कूलों की तर्ज पर कॉलेजों में भी ऑनलाइन पढ़ाई कराएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं मानिटरिंग के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई गई है। योजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए अपर संचालक चंदन संजय त्रिपाठी के संयोजन में कमेटी तैयार की गई है। कमेटी में अपर संचालक हिमांशु शेखर, पीसी चौबे, प्राचार्य एसके त्रिपाठी, एसएस अग्रवाल, एसआर कमलेश, सुशील तिवारी, अमिताभ बनर्जी, सहायक प्राध्यापक वेणुगोपाल, जी घनश्याम को शामिल किया गया है। आदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने लॉकडाउन की वजह से अकादमिक कैलेंडर में देरी की संभावना जताते हुए वीडियो लेक्चर तैयार कराने को कहा है। ग्रेजुएशन के सिलेबस के मुताबिक वीडियो लेक्चर तैयार किया जाएगा।

 

 

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नाम बदलने पर भूपेश कैबिनेट में लगी मुहर, अब चंदूलाल चंद्राकर यूनिवर्सिटी...

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नाम बदलने पर भूपेश कैबिनेट में लगी मुहर, अब चंदूलाल चंद्राकर यूनिवर्सिटी...

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के नाम बदलने पर भूपेश कैबिनेट की मुहर लग गई है. कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय अब चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर समर्पित किया गया है.

बता दें कि जुलाई-2019 में राजधानी के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाक़ात कर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम बदलने की मांग की थी. पत्रकारों ने कहा था कि कुशाभाऊ ठाकरे का योगदान न तो पत्रकारिता में है न ही उनका छत्तीसगढ़ से किसी प्रकार का जुड़ाव रहा है. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था. पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से कहा था कि सरकार को पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम चंदूलाल चंद्राकर या माधवराव सप्रे के नाम पर रखना चाहिए. जो छत्तीसगढ़ और पत्रकारिता दोनों से जुड़े रहे. पत्रकारों ने छत्तीसगढ़ के दोनों हस्तियों के योगदान का ज़िक्र भी अपने आवेदन में किया था. पत्रकारों ने सीएम भूपेश बघेल से कहा था कि चंदूलाल चंद्राकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार रहे हैं. छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय और विश्व पटल पर वे पत्रकारिता के आधार स्तंभ रहे हैं. वहीं पं. माधव राव सप्रे को छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक के तौर पर जाना जाता है. उन्होंने पेंड्रा जैसे एक छोटे से नगर से 'छत्तीसगढ़ मित्र' नामक पत्रिका से प्रदेश में पत्रकारिता की शुरुआत की थी. इससे पहले पत्रकारों ने उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल से मुलाक़ात कर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम बदलने की मांग की थी. मंत्री उमेश पटेल ने पत्रकारों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था.

Source: haribhoomi