रायपुर, लक्ष्मी-पूजा व दीवापली के दिन जुआ खेलते पुलिस ने 45 जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हजारों रूपए नगदी व ताश की 52 पत्ती जब्त किया है।मिली जानकारी के अनुसार पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र में जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस ने छापामार कर भाठागांव पुरानी बस्ती में कल्याण साहू 30 वर्ष पिता डहराराम साहू एवं अन्य दो जुआरियों को जुआ खेलते पाए जाने पर गिरफ्तार कर उनके पास से नगदी 25 हजार रूपए एवं ताश की 52 पत्ती जब्त किया है व कुशालपुर पुरानी बस्ती में दीपक निर्मलकर 35 वर्ष पिता भारत निर्मलकर एवं दो अन्य जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 8 सौ 50 रूपए जब्त किया गया है। वहीं भाठागांव पुरानी बस्ती में यशवंत सोनकर 29 वर्ष पिता विशाल सोनकर एवं अन्य तीन जुआरियों को गिरफ्तार उनके पास से नगदी 1 हजार 6 सौ 80 रूपए एवं ताश की 52 पत्ती जब्त किया गया है। भाठागांव में जुआ खेलते पाए जाने पर मनोज साहू 32 वर्ष पिता सुखदेव साहू एवं अन्य कुल तीन जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1 हजार 6 सौ रूपए जब्त किया गया है। टिकरापारा थानाक्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापामार कर भगत सिंह चौक के पास जुआ खेलते पाए जाने पर रजत तांडी, पिता परमेश्वर तांडी एवं अन्य तीन जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1 हजार 2 सौ रूपए व ताश की 52 पत्ती जब्त किया है व नुतन स्कूल के पास मठपारा में जुआ खेलने की सूचना पर रंजीत जांगड़े पिता बाबूराव जांगड़े एवं अन्य दो जुआरियों को पुलिस ने 1 हजार 2 सौ 20 रूपए जब्त किया है, बकरा मार्केट संजय नगर में जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस ने छापामार कर पुष्पराज सिंह पिता सर्वजीत सिंह एवं अन्य 9 जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 6 हजार 8 सौ रूपए जब्त किया है। इसी तहर उरला थानाक्षेत्र में जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस ने छापामार कर जुए के फड़ पर सरोरा उरला में धर्मेन्द्र मरावी 33 वर्ष पिता साय मरावी एवं 4 जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 3 हजार 4 सौ रूपए जब्त किया गया है। सभी जुआरियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत कार्यवाही किया गया है।
रायपुर. दीपावली का चौथा दिन आज अन्नकूट और गौरा-गौरी पूजन के रूप में मनाया जा रहा है. इसे मनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज जांजगिरी पहुंचे जहां अपार जनसमूह ने उनका स्वागत किया. भव्य जुलूस के रूप में पूजा का समापन कुम्हारी और जजंगिरी में हुआ.
इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौरा-गौरी पूजन के दौरान अपने अदभुत साहस का परिचय दिया. हजारों लोगों के बीच नगाड़ा बज रहा था और मुख्यमंत्री को रस्सी का सोंटा खाने की चुनौती एक ग्वाला ने दी. अपनी देशी छबि के अनुरूप मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुस्काते हुए राजी हो गए. फिर क्या था. नगाड़ा बजने लगे. जयकार होने लगी. मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए मुटठी बंद की और अपना दायां हाथ सामने कर दिया. इधर ग्वाला रस्सी से बने चाबुक को लेकर तैयार हो गया. सबसे पहले उसने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथ को प्रणाम किया और फिर सोटा बरसाने लगा.
सोटे पड़ने लगे. आश्चर्य के साथ लोग देखते रहे. एक..दो..तीन. चार. पांच और छह. पूरे छह सोटे मुख्यमंत्री ने अपने हाथों में पड़ने दिए. उसकी आवाज चट से गूंजती तो कान दहल उठते पर मुख्यमंत्री बघेल मुस्कुराते रहे. मानो वे संदेश दे रहे थे कि अपन माटी से जुड़ा तन—मन किसी भी दर्द को सह सकता है. फिर यह दर्द तो ढाई करोड़ लोगों की विपत्ति दूर करने के लिए सहा गया था. अन्यथा बहुत से लोग एक दो सोटा खाकर मैदान छोड़ देते पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने पूरे छह सोटे अपने हाथ में पड़ने दिए.
आज के दिन ग्रामों में यह रिवाज है कि रस्सी के सोटा को हाथ में मारते हैं. यह प्रतीक है कि कितनी भी विपत्ति आए, उसे हंस हंसकर सह लेगें. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हंसते हंसते सोटे खाए और फिर सोटा मारने वाले ग्वाला की पीठ थपथपाकर चल दिए.
PGCIL: पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (Power Grid Corporation of India- PGCIL) ने फील्ड इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) और फील्ड इंजीनियर (सिविल) के लिए आवेदन मांगे हैं. एलिजिबल कैंडीडेट्स इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियर पदों के लिए PGCIL की आधिकारिक वेबसाइट http://powergrid.in/ के जरिए 31 अक्टूबर 2019 तक या उससे पहले अप्लाई कर दें.
PGCIL की ओर से निकाली वैकेंसी में फील्ड इंजीनियर इलेक्ट्रिकल के लिए कुल 22 पद हैं.फील्ड इंजीनियर सिविल के लिए 06 पद हैं. दोनों पदों के लिए अप्लाई करने वाले कैंडीडे्स की उम्र अधिकतम 29 साल है.
फील्ड इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के लिए अप्लाई करने वाले कैंडीडेट्स इलेक्ट्रिकल discipline में न्यूनतम 55% अंकों के साथ बीई/बीटेक /बीएससी (इंजीनियर) पास हो.
रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन /डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम /सब -ट्रांसमिशन लाइन्स (टीएलएस)/सब -स्टेशन आदि में डिज़ाइन /इंजीनियरिंग /कंस्ट्रक्शन /टेस्टिंग &कमीशनिंग /इलेक्ट्रिकल वर्क्स आदि का एक्सपीरियंस हो.
फील्ड इंजीनियर (सिविल) के लिए अप्लाई करने वाले कैंडीडट्स मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से न्यूनतम 55% अंकों के साथ सिविल इंजीनियरिंग में बी.ई. /बीटेक /बी.एस.सी पास हो.
PSU/ पॉवर सेक्टर से लिस्टेड कंपनियों में काम के तजुर्बे वाले कैंडीडेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी.दोनों पदों के लिए सेलेक्शन इंटरव्यू में कैंडीडेट्स के परफॉर्मेंस के आधार पर होगा.
रायपुर। दीपावली में हुई आतिशबाजी की वजह से दिल्ली सहित कई राज्यों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर रहा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया गया. उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए लोगों ने देर रात तक पटाखे फोड़े. कोर्ट ने आतिशबाजी के लिए दो घंटे की समय सीमा तय की थी.लेकिन देर रात तक पटाखे फोड़ने की वजह से हर तरफ धुएं के साथ ही पटाखे की गंध और बारुद के कण तैरते मिले. रायपुर के तेलीबांधा तालाब सहित कई स्थानों में युवाओ ने टोली बना कर में देर रात तक जमकर आतिशबाजी की जिसकी वजह से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई. बारुद का धुआं भरने से सड़क 20 मीटर तक ही नजर आ रही थी. हालांकि प्रदेश में प्रदूषण का स्तर क्या रहा, इसके आंकड़े अभी नहीं आए हैं.
इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष श्री एचएस सिद्धार्थ स्वामी जी ने बताया की दिनांक 29/10/ मंगलवार को सुबह 10:00 बजे गौ माता की पूजा अर्चना की जाएगी , तत्पश्चात मंदिर के सेवक सेविकाओं के द्वारा बनाए गए छप्पन भोग से विशाल गोवर्धन पर्वत का निर्माण किया जाएगा, एवं सभी पधारे भक्त जनों के द्वारा हरि नाम का कीर्तन करते हुए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर, गोवर्धन भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना किए जाएगा साथ ही छप्पन भोग का प्रसाद भक्तों में वितरण किया जाएगा इस भव्य समारोह में आयोजन समिति के दिलीप केडिया,राजेंद्र पारख जी ने समस्त भक्तजनों को सादर आमंत्रित किया हैं,
अमेरिकी सेना ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आका अबु बकर-अल बगदादी को मार दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस बात की पुष्टी की है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बगदादी सुरंग में छुपा हुआ था जो अमेरिकी सेना के हमले में मारा गया. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बगदादी के साथ उसके तीन बच्चे भी मारे गए हैं.डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "वह किसी कायर की तरह मारा गया. अब दुनिया और भी सुरक्षित हो गई है. गॉड-ब्लेस अमेरिका. अबु बकर अल बगदादी मारा गया." ट्रंप ने कहा कि बगदादी रोता-बिलखता हुआ मरा. उसने सुरंग के जरिए भागने की कोशिश की और वहीं पर मारा गया.

महा साध्वी श्री प्रिय दर्शना श्रीजी के पावन सानिध्य में आनंद मधुकर रतन भवन के आनंद पुष्कर दरबार में पारिवारिक जाप अनुष्ठान आयोजित हुआ जिसमें प्रत्येक परिवार के सदस्य अपने घर से जाप अनुष्ठान करने अपने साथ दरी गलीचा साथ लाए थे और परिवार के सभी सदस्य एक साथ इस जाप अनुष्ठान में हिस्सा लिए साध्वी रत्न ज्योति जी महाराज ने कहा परिवार परमात्मा से मिलने की ट्रेनिंग स्कूल है जो परिवार में रहना सीख लेता है वह परमात्मा से मिल लेता है परिवार हो प्रसन्न ऐसा हो हमारा वर्तन परिवार को प्रभु का मेहमान मानना चाहिए इस चिंतन से प्रेम देने में आपको अभूतपूर्व आनंद आएगा आप सुगमता से अपने कर्तव्य को निभाते निभाने में सफल हो सकते हैं प्रेम एवं शांति परिवार का प्राण है जिस प्रकार जीवित रहने के लिए हवा पानी भोजन आवश्यक है वैसे ही परिवार में प्रेम शांति की आवश्यकता है परिवार के सभी सदस्यों के प्रति हमेशा सद्भावना रखनी चाहिए साध्वी विचक्षण श्री ने सामूहिक परिवारिक जाप अनुष्ठान करवाया जिसमें विविध प्रकार के मंत्रोच्चारण के साथ जप कराया गया वर्धमान स्वामी गौतम स्वामी पारस प्रभु नवकार महामंत्र श्रीधारा सिद्धि चक्र स्वास्तिक एवं आचार्य श्री घासी लाल जी महाराज का नवस्मरण का जाप कराया गया
बड़ी संख्या में श्रमण संघ परिवार के लोग उपस्थित रहे श्रद्धा भक्ति के साथ भक्तजनों ने जाप कर के आनंद की अनुभूति प्राप्त की
आज रात्रि 11:00 बजे से 12:00 बजे तक दीपावली के पावन प्रसंग पर संवत्सरण जाप समवशरण की प्रतिकृति को मध्य रखकर पचरंगी जाप किया गया
हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने की अमावस्या को लक्ष्मी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर को साफ और पवित्र किया जाता है और दीपक जलाए जाते हैं। दीपकों की पंक्ति बनने के कारण ही इस महापर्व को दीपावली कहा गया है। इस साल दीपावली 27 अक्टूबर रविवार यानी आज कार्तिक माह की अमावस्या पर तुला राशि और चित्रा नक्षत्र में मनाई जाएगी। आज पद्म योग बन रहा है। इस योग में लक्ष्मी जी की पूजा का दोगुना फल प्राप्त होता है।
· खरीदारी और पूजा के मुहूर्त
सुबह 08:10 से 11:55 तक
दोपहर 01:35 से 02:50 तक
शाम 05:40 से रात 10:20 तक
निशिता मुहूर्त - रात 11:40 से 12:25
वृष लग्न - शाम 06:45 से रात 08:25 तक
सिंह लग्न - रात 01:15 से 03:20 तक सिंह लग्न
· लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए स्थापना
1. पूजा के स्थान पर लक्ष्मीजी और गणेशजी की मूर्तियां स्थापित करें। ये मूर्तियां इस तरह रखें कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे।
2. कलश को लक्ष्मीजी के पास चावल पर रखें। नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का आगे का भाग दिखाई दे और इसे कलश पर रखें। यह कलश वरुणदेव का प्रतीक है।
3. अब दो बड़े दीपक रखें। एक में घी और दूसरे में तेल का दीपक लगाएं। एक दीपक चौकी के दाहिनी ओर रखें और दूसरी मूर्तियों के चरणों में।
4. इनके अतिरिक्त एक दीपक गणेशजी के पास रखें।
पूजा की थाली
1. पूजा की थाली के संबंध में शास्त्रों में उल्लेख किया गया है कि लक्ष्मी पूजन में तीन थालियां सजानी चाहिए।
2. पहली थाली में 11 दीपक समान दूरी पर रख कर सजाएं। दूसरी थाली में पूजन सामग्री इस क्रम से सजाएं- सबसे पहले धानी (खील), बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चंदन का लेप, सिंदूर कुमकुम, सुपारी और थाली के बीच में पान रखें।
3. तीसरी थाली में इस क्रम में सामग्री सजाएं- सबसे पहले फूल, दूर्वा, चावल, लौंग, इलाइची, केसर-कपूर, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक।
4. इस तरह थाली सजा कर लक्ष्मी पूजन करें।
देवी लक्ष्मी और श्रीगणेश पूजा
1. घर को साफ कर पूजा-स्थान को भी पवित्र कर लें और स्वयं भी स्नान आदि कर श्रद्धा-भक्तिपूर्वक शाम के समय शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश की पूजा करें।
2. दिवाली पूजन के लिए किसी चौकी या कपड़े के पवित्र आसन पर गणेशजी के दाहिने भाग में महालक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।
3. श्रीमहालक्ष्मीजी की मूर्ति के पास ही एक साफ बर्तन में केसरयुक्त चंदन से अष्टदल कमल बनाकर उस पर कुछ रुपए रखें, एक साथ ही दोनों की पूजा करें।
4. सर्वप्रथम भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। इसके बाद कलश पूजन तथा षोडशमातृका (सोलह देवियों का) पूजन करें।
5. इसके बाद प्रधान पूजा में मंत्रों से पूजा की सभी सामग्री द्वारा महालक्ष्मी का पूजन करें।
6. लक्ष्मी पूजा के समय आभूषण, सोना और चांदी के सिक्कों की पूजा करें। इसके साथ ही तिजोरी और घर में स्थिति मंदिर में हल्दी और केसर घोलकर उस पानी से स्वास्तिक चिन्ह बनाएं। उस स्वास्तिक पर लक्ष्मीजी को स्थापित कर के पूजा करें।
7. लक्ष्मी पूजा करते समय नीचे लिखे मंत्र बोलते जाएं और पूजा की सामग्री देवी लक्ष्मी पर चढ़ाते जाएं।
लक्ष्मी पूजा के मंत्र
1. ॐ श्रीं श्रीयै नम:
2. ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः॥
3. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
समर्पण - पूजा के आखिर में कृतोनानेन पूजनेन भगवती महालक्ष्मीदेवी प्रीयताम्, न मम। यह बोलकर सभी पूजन कर्म भगवती महालक्ष्मी को समर्पित करें और जल छोड़ें।
इसके बाद देहलीविनायक (श्रीगणेश), कलम, माता सरस्वती, भगवान कुबेर और दीपक की पूजा की जाती है।
· देहलीविनायक पूजन
दुकान या ऑफिस में दीवारों पर ॐ श्रीगणेशाय नम:, स्वस्तिक चिह्न, शुभ-लाभ सिंदूर से लिखे जाते हैं। इन्हीं शब्दों पर ॐ देहलीविनायकाय नम: इस नाममंत्र द्वारा गंध-पुष्पादि से पूजा करें।
· श्रीमहाकाली (दवात) पूजन
स्याहीयुक्त दवात (स्याही की बोतल) को महालक्ष्मी के सामने फूल और चावल के ऊपर रखकर उस पर सिंदूर से स्वास्तिक बना दें और मौली लपेट दें। फिर ॐ श्रीमहाकाल्यै नम: ये मंत्र बोलते हुए पूजा की सुगंधित वस्तुएं, फूल और अन्य चीजों से दवात एवं भगवती महाकाली की पूजा करें और आखिर में प्रार्थनापूर्वक प्रणाम करें।
· लेखनी पूजन
लेखनी (कलम) पर मौली बांधकर सामने रख लें और ॐ लेखनीस्थायै देव्यै नम: मंत्र द्वारा गंध, फूल, चावल आदि से पूजा कर के प्रणाम करें।
· बहीखाता पूजन
बहीखाता पर रोली या केसर युक्त चंदन से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं और पांच हल्दी की गांठें, धनिया, कमलगट्टा, चावल, दूर्वा एवं कुछ रुपए रखकर ॐ वीणापुस्तकधारिण्यै श्रीसरस्वत्यै नम: मंत्र बोलकर गंध, फूल, चावल आदि चढ़ाते हुए सरस्वती माता का पूजन करें।
· कुबेर पूजन
तिजोरी या रुपए रखे जाने वाले संदूक के ऊपर स्वस्तिक का चिह्न बनाएं और फिर कुबेर का आह्वान करें। आह्वान के बाद ॐ कुबेराय नम: इस मंत्र से गंध, फूल आदि से पूजन कर अंत में इस प्रकार प्रार्थना करें। प्रार्थना करने के बाद हल्दी, धनिया, कमलगट्टा, रुपए, दूर्वादि से युक्त थैली तिजोरी मे रखें। पूजा होने के बाद कुबेर से धन लाभ के लिए प्रार्थना करें।
· कुबेर प्रार्थना मंत्र
धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च।
भगवान् त्वत्प्रसादेन धनधान्यादिसम्पद:।।
· दीपमालिका (दीपक) पूजन
एक थाली में 11, 21 या उससे अधिक दीपक जलाकर महालक्ष्मी के पास रखें। फिर एक फूल और कुछ पत्तियां हाथ में लें। फिर उसके साथ सभी प्रकार की पूजन साम्रगी भी लें। इसके बाद ॐ दीपावल्यै नम: इस मंत्र बोलते हुए फूल पत्तियों को सभी दीपकों पर चढ़ाएं और दीपमालिकाओं की पूजा करें। दीपकों की पूजा कर संतरा, ईख, धान इत्यादि पदार्थ चढ़ाएं। धान का लावा (खील) गणेश, महालक्ष्मी तथा अन्य सभी देवी-देवताओं को भी अर्पित करें।
इस तरह पूजा करने के बाद लक्ष्मीजी की आरती करें। नैवेद्य लगाएं और सभी में प्रसाद बांट दें।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधि मंडल आज प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया से भेंट कर नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम के माध्यम से ही कराए जाने का निर्देश राज्य सरकार को दिए जाने का आग्रह किया। मंत्रिमंडल द्वारा ईवीएम की जगह मतपत्रों के माध्यम से चुनाव निष्पादित कराए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने गहरा षड्यंत्र होने का अंदेशा व्यक्त किया है। कहीं न कहीं सरकार की मंशा पर सवाल उठता है। जो सरकार ईवीएम के माध्यम से चुनाव जीतकर बनी हो और छत्तीसगढ़ में अभी वर्तमान में हुए दो उपचुनावों में भी ईवीएम के माध्यम से चुनाव हुए और परिणाम भी उनके पक्ष में रहा फिर भी नगरीय निकाय चुनाव में मतपत्रों का इस्तेमाल ये सरकार क्यों कर रही हैं यह समझ से परे हैं। कहीं न कहीं दाल में कुछ काला है या पूरी दाल की काली है। यह चिंतनीय विषय है।
सांसद सुनील सोनी ने महामहिम राज्यपाल से कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में पार्षदों के जीतने का अंतर बहुत कम होता है और मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने पर काफी सारे मत अवैध घोषित हो जाते है जिसका चुनाव परिणामों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है कई बार तो ऐसा होता है कि जीतने वाले प्रत्याशी का मतांतर अवैध घोषित मतपत्रों से काफी कम होता है ऐसे समय चुनाव परिणाम की वैधता भी संदिग्धता की दायरे में आती है और स्वच्छ और स्पष्ट जनादेश प्राप्त करने में भी इसका प्रभाव पड़ता है। जबकि ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने पर एक भी मत अवैध नहीं होते हैं। इससे स्वच्छ एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होती है।
पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि जहां एक ओर भारत वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है वहीं छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार प्रदेश को वापस 20-25 वर्ष पीछे ले जा रही है। देश में रोज नए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है और प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को लगातार पीछे ले जा रही है। ईवीएम की जगह मतपत्रों से चुनाव कराने पर भी ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। जबकि ईवीएम से चुनाव कराने पर जहां एक ओर समय, श्रम और खर्च की बचत होती है वहीं तत्वरित चुनाव प्रक्रिया भी सम्पन्न होती है। वर्तमान सरकार जो स्वयं ईवीएम से चुनकर आयी है और दो उपचुनाव भी जीती है उसके द्वारा ऐसा निर्णय लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। कहीं न कहीं सरकार की मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की मंशा पर संदेह होता है।
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने महामहिम महोदया से आग्रह किया कि वे निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया में राज्य सरकार को निर्देश करे कि सरकार नगरीय निकायों के चुनाव भी ईवीएम के माध्यम से ही सम्पन्न कराएं ताकि समय और पैसे दोनों की बचत हो और चुनाव परिणाम निष्पक्ष हो, तथा अवैध मतपत्रों के कारण किसी भी मतदाता का मत अवैध घोषित न हो और एक जनप्रतिनिधि को चुनने में प्रत्येक मतदाता की भूमिका सुनिश्चित हो। इस आशय का निर्देश राज्य शासन को दें ताकि नगरीय निकाय के चुनाव भी बाकी सभी चुनावों की तरह ही ईवीएम से सम्पन्न हो सकें।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, सच्चिदानंद उपासने, संजय श्रीवास्तव, राजीव कुमार अग्रवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नरेशचंद्र गुप्ता, रमाकांत मिश्रा, दीपक म्हस्के, सत्यम दुवा उपस्थित रहे।
राज्य सरकार द्वारा दीपावली के दूसरे दिन याने 28 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा के दिन पूरे प्रदेश में सिर्फ कोषालयों एवं बैंकों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। इस दिन प्रदेश भर के कोषालय और बैंकों में पूर्ण अवकाश रहेगा।
करतला निवासी श्यामलाल कंवर शुक्रवार को अपने परिवार के प्रभाव गजेंद्र और 8 वर्षीय राजेश के साथ दिवाली की खरीदारी करने भैंसमा बाजार आया था। वे चारों एक ही बाइक में सवार थे। दिवाली के लिए दिया, प्रसाद और पटाखा लेकर वे शाम को अपने गांव के लिए लौट रहे थे। वे भैंसमा बाजार से थोड़ी दूर आगे मुख्य मार्ग पर पहुंचे थे कि करतला की ओर से आ रही तेज रफ्तार हाईवा के चालक ने उनकी बाइक को ठोकर मार दिया। घटना में बाइक समेत सभी चारों लोग गिर गए। इसमें श्यामलाल कंवर की हाईवा के नीचे आने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही उरगा पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। दुर्घटनाकारित हाईवा का चालक मौके से वाहन समेत भाग निकला। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है।
खाद्य विभाग द्वारा राशनकार्डो के डेटा एंट्री एवं त्रुटि सुधार की कार्रवाई के लिए राज्य के सभी कलेक्टरों को पत्र प्रेषित कर 30 अक्टूबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग द्वारा कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा गया है कि राशनकार्ड नवीनीकरण में प्राप्त आवेदन पत्रों की त्रुटि रहित डेटा एंट्री का कार्य 20 अक्टूबर 2019 तक पूर्ण कराने के निर्देश पूर्व में जारी किए गए थे।
अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे की सतर्कता दल ने फर्जी नामों पर बुक किए गए टिकटों का खुलासा किया है। त्योहारी सीजन में एक ही नाम पर अलग अलग तारीखों में टिकट बुक होने पर कई टिकटों को ब्लॉक कर दिया गया है। माना जा रहा है कि ये टिकटें संदिग्ध सॉफ्टवेयर के माध्यम से अनधिकृत टिकट एजेंटों द्वारा बुक किए गए हैं।पश्चिम रेलवे मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि PRS प्रणाली में संदिग्ध बुकिंग ट्रान्जेक्शन के आधार पर पश्चिम रेलवे की सतर्कता टीम ने दीपावली छुट्टी के दौरान अलग-अलग तारीख को एक ही यात्री के नाम पर ट्रेन सं.22956 भुज-बांद्रा टर्मिनस कच्छ एक्सप्रेस में बुक किए गए ई-टिकटों का पता लगाया।

एक नवंबर से 13 नवंबर तक के लिए ट्रेन सं. 22956 भुज-बांद्रा टर्मिनस कच्छ एक्सप्रेस ई-टिकट धारक यात्रियों के पश्चिम रेलवे द्वारा अनुरोध किया गया है कि वे अपने टिकट स्टेटस की जांच करें तथा ब्लॉक पाए जाने पर गांधीधाम, अहमदाबाद तथा मुंबई सेंट्रल स्टेशन के मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक से संपर्क करें तथा अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करें।पी आर एस कार्यालय गांधीधाम, अहमदाबाद और मुंबई सेंट्रल को प्रस्तुत किए गए पहचान पत्र की झेरॉक्स प्रति का सत्यापन किया जाएगा तथा उसके बाद वैध यात्रियों की टिकटें अनब्लॉक करके रिलिज की जाएगी।
सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण तथा फैलने वाले कचरे को देखते हुए राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया कि प्लास्टिक बोतलों तथा प्लास्टिक कैप के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए। राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार आबकारी विभाग द्वारा 01 दिसंबर 2019 से देशी मदिरा में उपयोग होने वाली प्लास्टिक बोतलों तथा विदेशी मदिरा में लगने वाले प्लास्टिक सीलिंग कैप का उपयोग नहीं करने के संबंध में आदेश आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी किया गया है। इस आदेश के पालन के लिए सभी आसवनियों, विदेशी मदिरा भराई करने वाली यूनिटों, ब्रेवरेज कारपोरेशन, मार्केटिंग कारपोरेशन, समस्त जिले के आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर। पूर्व आईपीएस मुकेश गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने पुलिस के खिलाफ राजनीतिक कारणों से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कोर्ट से कहा है कि उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। उनकी बेटियों के फोन टैप किए जा रहे हैं। शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से पूछा कि अफसर एवं परिवारवालों के फोन टेप क्यों हो रहे हैं? कोर्ट ने कहा कि उसे फोन टैप की ज्यादा चिंता है। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से चार नवंबर तक जवाब मांगा है।
धनतेरस से दीपावली महापर्व की शुरूआत हो जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार धनतेरह को ही समुद्र मंथन से भगवान धन्वन्तरि निकले थे। इन्हें आयुर्वेद की चिकित्सा करने वाले वैद्य आरोग्य का देवता कहते हैं। इन्होंने ही अमृतमय औषधियों की खोज की थी। धन्वन्तरि के प्राकट्य दिवस पर हम मृत संजीवनी विद्या के जानकार सुषेण वैद्य से जुड़ी कहानी बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 27 किलोमीटर की दूरी पर चंदखुरी गांव है।

माता कौशल्या जी
इसे भगवान राम की मां कौशिल्या का जन्म स्थान माना जाता है। इस गांव को औषधि ग्राम या वैद्य चंदखुरी भी कहा जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि यहां सुषेण वैद्य का आश्रम था।
श्रीरामचरित मानस के लंका कांड में सुषेण वैद्य का जिक्र आता है। युद्ध में मेघनाद की शक्ति से श्रीराम के भाई लक्ष्मण अचेत हो गए थे। विभीषण ने राम को बताया कि लंका के राजवैद्य सुषेण लक्ष्मण को बचा सकते हैं। श्रीराम के कहने पर हनुमान जी सुषेण वैद्य को लंका से उनके भवन सहित ले आए थे। लक्ष्मण का परिक्षण करने के बाद सुषेण वैद्य ने उनका उपचार संजीवनी बूटी बताया था। सुषेण के बताए अनुसार हनुमान जी हिमालय से वह पर्वत उठा लाए थे, जिसमें बूटी थी।
सुषेण वैद्य ने संजीवनी बूटी से दवा बनाकर लक्ष्मण को पुन: चेतन्य किया था। इसके बाद रामायण में कहीं भी सुषेण वैद्य का जिक्र नहीं आता है। हालांकि उनकी कहानी यहीं खत्म नहीं हुई थी। रावण के वध के बाद सुषेन ने श्रीराम से भेंट की और खुद को अपनी शरण में लेने का अनुरोध किया था। श्रीराम सुषेण वैद्य के अनुरोध पर उन्हें अपने साथ ले आए और उन्हें अपनी ननिहाल कौशल राज्य में भेज दिया। सुषेण वैद्य ने अपना शेष जीवन यही बिताया।
रायपुर जिले के चंदखुरी गांव में सुषेन वैद्य का मंदिर बना है, जिसमें एक बड़ा पत्थर भी रखा है, ऐसा माना जाता है कि सुषेण वैद्य इसी पत्थर पर बैठा करते थे। मंदिर के पुजारी संतोष चौबे के अनुसार मान्यता है कि सुषेण वैद्य के मंदिर की मिट्टी या भभूत लगाने से कई लोगों की बीमारियां ठीक हो चुकी हैं।
















.jpg)





