जगदलपुर, बस्तर संभाग मुख्यालय से हवाई सेवा पुन: जल्द शुरू हो सकता है। मिल रही जानकारी के अनुसार 29 मार्च से एयर इंडिया समूह की एलायंस कंपनी यहां से नियमित उड़ान का संचालन शुरू करेगी। इससे पहले शुक्रवार को एलायंस का एटीआर 72 विमान जगदलपुर पहुंचा। यह एयर इंडिया समूह के एलायंस की ट्रायल लैंडिंग थी।
विमान दिल्ली से उड़कर सीधे जगदलपुर में लैंड हुआ। विमान के साथ डीजीसीए और एयर इंडिया एलायंस के अफसर भी पहुंचे हुए हैं। कुछ घंटे बाद सारी तकनीकी जानकारी जुटाने और उससे संतुष्ट होने के बाद विमान दिल्ली के लिए टेकऑफ करेगा। एयरपोर्ट सूत्रों की मानें तो लैंडिंग सफल रही है, डीजीसीए को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के बाद 29 मार्च से नियमित उड़ान का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा। 29 मार्च से फ्लाइट रायपुर-जगदलपुर-हैदराबाद के लिए चलेगी। जगदलपुर एयरपोर्ट को ट्रांजिट एयरपोर्ट बनाये जाने की जानकारी मिल रही है।
पूरे देश में टोल टैक्स वसूली के लिए फास्टैग व्यवस्था लागू हो गई है। फरवरी महीने में इस नई व्यवस्था के द्वारा 1841 करोड़ रुपए की कमाई की गई है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस महीने में फास्टैग से सरकार को टोल प्लाजा से रोजना 63 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई हुई है। नेशनल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर फास्टैग से टोल टैक्स वसूला जा रहा है। हालांकि अभी हाईवे पर एक-चौथाई टोल बूथ पर नकद और फास्टैग दोनों से भुगतान हो सकेगा।
बिना फास्टैग के लेन में घुसने वाले वाहनों से वसूले 20 करोड़
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कहा है कि उसने टोल प्लाजा पर फास्टैग वाले लेन में घुसने वाले बिना टैग के 18 लाख वाहनों से 20 करोड़ रुपए वसूले हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली के लिए फास्टैग की शुरुआत की थी। बिना टैग वाला वाहन अगर फास्टैग वाली लेन में घुसता है तो उसे दो गुना टोल देना होता है। अभी तक देशभर में 1.55 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किए जा चुके हैं।
नईदिल्ली। हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने भारत में संचालित उड़ान सेवाओं को उड़ानों के दौरान यात्रियों को वाई-फाई उपलब्ध कराने की सोमवार को मंजूरी दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी कर विमान अधिनियम, 1937 में बदलाव किया है। इसके अनुसार पायलट इन कमांड उड़ान के दौरान वाई-फाई के माध्यम से यात्रियों को इंटरनेट के इस्तेमाल की अनुमति दे सकता है। यह भी शर्त रखी गयी है कि वाई-फाई का इस्तेमाल करने के दौरान भी यात्री अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, स्मार्टवाच, ई-रीडर आदि को फ्लाइट या एरोप्लेन मोड में ही रखेंगे।
नई दिल्ली | अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई काम है तो उसे आप 8 मार्च से पहले ही निपटा लें तो बेहतर होगा, क्योंकि मार्च में लगातार 8 दिनों तक बैंक बंद रह सकते हैं। 8 मार्च को रविवार है, जबकि 9 तथा 10 मार्च को होली की छुट्टी है। 11,12 तथा 13 मार्च को बैंककर्मी हड़ताल पर जा सकते हैं। अगर बैंककर्मी हड़ताल पर गए तो लगातार 6 दिनों की छुट्टी हुई, वहीं 14 मार्च को महीने का दूसरा शनिवार पड़ रहा है, जबकि 15 को रविवार का अवकाश है। ऐसे में बैंक लगातार 8 दिन बंद रहेंगे।
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने कहा है कि आरबीआई अकेले मुद्रास्फीति को नियंत्रित नहीं कर सकता क्योंकि आपूर्ति मामलों को सरकार द्वारा प्रबंधित करने की जरूरत है. ‘नई मौद्रिक नीति रूपरेखा-इसका मतलब’ शीर्षक से जारी एक पत्र में रंगराजन ने आरबीआई की मुद्रास्फीति को काबू में रखने की सीमाओं के बारे में चर्चा की है. उन्होंने कहा, मुद्रास्फीति का जो लक्ष्य दिया गया है, उसका एक एक दायरा होना चाहिए और उसके समायोजन को लेकर समय सीमा होनी चाहिए तथा यह बहुत अल्प अवधि का नहीं होना चाहिए.
रंगराजन ने कहा, इन सबके बावजूद मौद्रिक नीति को उन बातों पर ध्यान दिये बिना काम करना चाहिए जो मुद्रास्फीति को बढ़ावा देने वाले हों. स्पष्ट तौर पर आपूर्ति संबंधी मसले में आपूर्ति प्रबंधन की जरूरत होती है और यह सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि देश में मुद्रास्फीति लक्ष्य को जो विचार अपनाया गया है, उससे कई संदेह और चिंताएं बढ़ी हैं. नई मौद्रिक नीति रूपरेखा के तहत रिर्जव बैंक को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत के स्तर पर बनाये रखने की आवश्यकता है.
रंगराजन ने कहा, इस प्रकार एक तरह से यह लचीला लक्ष्य है. आरबीआई कानून में संशोधन कर मौद्रिक नीति समिति के गठन की व्यवस्था की गयी जो मुद्रास्फीति लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नीतिगत दर का निर्धारण करेगी. उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुसार रखने पर ध्यान देने का मबतल यह नहीं है कि वृद्धि और वित्तीय स्थिरता जैसे दूसरे लक्ष्यों को नजरअंदाज कर दिया जाए.
बता दें कि सरकार ने 2016 में नीतिगत निर्धारित करने के लिये मौद्रिक नीति समिति का गठन किया. रिजर्व बैंक के गवर्नर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति मतदान के आधार पर निर्णय करती है.
रायपुर | जगुआर लैंड रोवर इंडिया ने आज वर्ष 2020 के नए मॉडल डिस्कवरी स्पोर्ट की लॉन्चिंग की घोषणा कर दी। यह ज्यादा सहजए ज्यादा व्यावहारिक और आधुनिक एसयूवी है। एस और आर डायनेमिक एसई वर्जन में उपलब्ध नई एसयूवी डिस्कवरी स्पो्र्ट में बीएस.6 अनुकूल 183 किलोवॉट का इंजीनियम टर्बोचाज्र्डल पेट्रोल इंजन और 132 किलो वॉट का इंजीनियम टर्बोचाज्र्डअ डीजल पावरट्रेन इंजन लगा है।
एक अप्रैल 2020 से भारत स्टेज-4 (BS-IV) वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह द्वारा राज्य के समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय तथा जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी वाहन डीलर्स को लिखित रूप से अवगत कराएं कि बीएस-04 वाहनों के पंजीयन अप्रूवल के लिए समस्त लंबित प्रकरण 29 फरवरी 2020 तक आवश्यक रूप से जमा करें, ताकि वाहन विक्रेता के द्वारा विक्रय किए गए समस्त बीएस-04 वाहनों का पंजीयन किया जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वाहन विक्रेता द्वारा यदि क्रेता को बीएस-04 वाहन बिक्री किया गया है तो सम्पूर्ण वैध दस्तावेज प्राप्त कर निर्धारित समयावधि में उसका पंजीयन की कार्रवाई पूर्ण कर लेंवे।
परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देश में अवगत कराया गया है कि चूंकि एक अप्रैल 2020 से बीएस-04 वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है, ऐसी स्थिति में काफी संख्या में पंजीयन प्रकरण लंबित हो सकते हैं। साथ ही अंतिम समय में अत्यधिक कार्यभार की वजह से विभिन्न तकनीकी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है, जिससे वाहन क्रेता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत गैर-परिवहन तथा परिवहन वाहनों का पंजीयन के लिए निर्धारित अधिकतम 30 कार्य दिवस और वाहनों का अस्थायी पंजीयन के लिए निर्धारित अधिकतम 15 कार्य दिवस में पंजीयन कार्यवाही सम्पादित किया जाना है। अतएव इस आधार पर वाहन विक्रेता अथवा क्रेता के हितों को ध्यान में रखते हुए वाहन डीलर्स से 29 फरवरी 2020 तक पंजीयन फाइलें प्राप्त करने के लिए जिले के वाहन डीलर्स को सूचित किया जाए, ताकि क्रय किए गए समस्त बीएस-4 वाहनों का पंजीयन 31 मार्च 2020 तक किया जा सके।
राज्य में प्रचलित डीलर प्वाईंट वाहन रजिस्टेªशन की प्रक्रिया में वाहन विक्रेता डीलर के द्वारा विक्रय की गई वाहनों का पंजीयन चिन्ह तत्काल आवंटित किया जाता है, तत्पश्चात वाहन विक्रेता डीलर के द्वारा पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज परिवहन कार्यालय में जमा किया जाता है। डीलर द्वारा जमा किए गए समस्त आवश्यक वैध दस्तावेजों की जांच करने के पश्चात पंजीयन प्राधिकारी द्वारा वाहन-4.0 पोर्टल में वाहन का पंजीयन अप्रूवल किया जाता है। तत्पश्चात ही वाहन पूर्ण रूप से पंजीकृत माना जाता है। चूंकि एक अप्रैल 2020 से बीएस-04 वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है।
इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि जिन वाहनों का वैध दस्तावेज परिवहन कार्यालय में जमा नहीं किया गया है और वाहन-04 में अप्रूवल शेष है। उन सभी वाहनों का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए लंबित समस्त प्रकरण 29 फरवरी 2020 तक जमा कर लिया जाए। यह भी पाया जाता है कि वाहन विक्रेताओं से डिस्काउंट/ऑफर की उम्मीद में क्रेता द्वारा अंतिम दिवस तक इंतजार किया जाता है। इस संबंध में यदि वाहन डीलर्स स्वेच्छा से डिस्काउंट/ऑफर देना चाहते हैं तो अंतिम दिवस का इंतजार करने की बजाए फरवरी में ही यह कार्यवाही कर सकते हैं। परिवहन आयुक्त द्वारा समस्त पंजीयन प्राधिकारी को इसका क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने परिवहन अधिकारियों को जिलों में पंजीकृत वाहन डीलर्स वाहनों के भारत स्तर-4 के स्टॉक से संबंधित विवरण लिखित रूप में 25 फरवरी 2020 तक प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि स्टॉक के समाप्त होने तक भारत स्तर-4 की गाड़ियों को पंजीकृत करने में नियमानुसार कोई अवरोध अथवा दिक्कत ना हो।
नई दिल्ली | ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पेटीएम मॉल ने कहा कि उसने भारत में निर्मित उत्पादों के लिए देश का सबसे बड़ा व्यापारिक घराना बनाने के उद्देश्य से निर्यात के क्षेत्र में कारोबार शुरू किया है और संचालन के पहले दो वर्षो में ही 500 करोड़ रुपये के ग्रोस मर्चेडाइज वैल्यू (जीएमवी) को हासिल करने का लक्ष्य रखा है। पेटीएम मॉल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने बुधवार को एक बयान में कहा, हमने वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की एक श्रृंखला को पूरी क्षमता के साथ पेश करने के उद्देश्य से निर्यात के क्षेत्र में कारोबार शुरू किया है।
मिश्रा ने कहा, हमारा प्रयास वैश्विक उपभोक्ताओं के लिए भारत के उत्पादों को खरीदने के लिए सबसे बड़ा प्रवेश द्वार बनाने का है। हमारे पास आपूर्तिकर्ताओं का एक सुस्थापित नेटवर्क है और हम सभी जगह हमारी टीम को तैनात कर रहे हैं।
वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पेटीएम मॉल कई प्रमुख साझेदारों जैसे मवारिद डिस्ट्रीब्यूशन, मेयर फूड्स, वेदिका ऑर्गेनिक्स, सिगे इम्पेक्स, फाइव रिवर फूडस्टफ इत्यादि के साथ जुड़ा है।
इसने दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व, कनाडा, अमेरिका और अफ्रीका में भारतीय उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार किया है, जिससे भारतीय विक्रेताओं के लिए व्यापार के अवसरों और विकास में वृद्धि हुई है। कंपनी अपने मौजूदा मर्चेट पार्टनर्स को नए क्षेत्र में अपने उत्पादों की पेशकश करने के लिए भी तैयार कर रही है।
परिचालन के पहले दो वर्षों में 500 करोड़ रुपये के जीएमवी के लक्ष्य के साथ पेटीएम मॉल इन केंद्रों में एक टीम का गठन कर रहा है, ताकि अधिक अवसरों का लाभ उठाया जा सके और अधिक कुशल तरीके से हर जगह पर व्यापार किया जा सके।
पेटीएम ईकॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में पेटीएम मॉल अपने अद्वितीय ऑफलाइन-टू-ऑनलाइन (ओ टू ओ) मॉडल के साथ भारत में ई-कॉमर्स व्यापार बेहतरीन तरीके से कर रहा है।
कंपनी चावल, मसाले, चाय, ड्राई फ्रूट्स, बाजरा, आवश्यक तेल, च्निोआ, मोरिंगा, ऑर्गेनिक भोजन, अधिक समय तक चलने वाले भोजन (फ्रोजन फूड), ताजे फल एवं सब्जियां, पल्प और पेस्ट जैसे भारत में निर्मित/मेड इन इंडिया उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का काम बखूबी कर रही है।
चीनी स्मार्टफोन कंपनी ओप्पो (Oppo) ने अपनी रेनो श्रृंखला के स्माेर्टफोन रेनो 3 प्रो (Reno 3 Pro) को भारत में लांच करने का ऐलान किया है। यह स्मार्टफोन 2 मार्च को बाजार में उतारा जाएगा, जो कि 44 मेगापिक्सल डुअल होल-पंच कैमरा सेटअप के साथ दुनिया का पहला फोन होगा। कंपनी ने इस फोन का 15 सेकंड का एक टीजर जारी किया है।
स्मार्टफोन कंपनी ओप्पो ने 2 मार्च को भारतीय बाजार में रेनो 3 प्रो स्मार्टफोन लांच करने का ऐलान किया है। यह फोन पिछले साल दिसंबर में लांच किया गया था, लेकिन इसमें सिर्फ एक कैमरा था।
चीन में लांच किए गए ओप्पो रेनो 3 प्रो मॉडल में कर्व्ड डिस्प्ले है, लेकिन भारत में फ्लैट डिस्प्ले के साथ यह फोन आ सकता है।
इसके पिछले हिस्से पर कर्व्ड ग्लास रियर पैनल है। भारत में लांच होने वाला ओप्पो रेनो 3 प्रो 4जी सपोर्ट के साथ आएगा। हालांकि चीन में इसे 5जी सपोर्ट के साथ पेश किया गया था।
उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय बाजार में इस फोन के लांच होने से पहले इसके फीचर्स का विस्तार से खुलासा किया जाएगा।
नयी दिल्ली, कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वैगनआर का बीएस-6 उत्सर्जन मानकों के अनुकूल सीएनजी संस्करण शुक्रवार को पेश किया। इसकी शोरूम कीमतें 5.25 लाख रुपये से शुरू हैं। कंपनी ने कहा कि वैगनआर एस-सीएनजी नये उत्सर्जन मानक के अनुकूल उसकी तीसरी पेशकश है। इसमें 60 लीटर की ईंधन टंकी लगी है तथा यह 32.52 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का माइलेज देती है। कंपनी ने वैगनआर एस-सीएनजी के दो संस्करण एलएक्सआई और एलएक्सआई (ओ) उतारे हैं, जिनकी शोरूम कीमतें क्रमश: 5.25 लाख रुपये और 5.32 लाख रुपये हैं।
नई दिल्ली | अगर आप अपने घर के उत्सव को कुछ खास बनाना चाहते हैं तो आपके पास एक बेहतरीन विकल्प है। अब आपको एच लाइन पर नोएडा-ग्रेनो मेट्रो के कोच में उत्सव मनाने का मौका मिल पाएगा। इसके लिए आपको तय शुल्क अदा करना होगा। इसके लिए आपको हर घंटे के हिसाब से पेमेंट करना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, बुकिंग कंफर्म होने के बाद प्रति घंटे 5 से 10 हजार रुपये तक की रकम जमा करानी होगी। इसके अलावा बुकिंग कराने वाले को सिक्योरिटी मनी के तौर पर 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी जमा करानी होगी, जो कि बाद में वापस हो जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने अमेरिका प्रवास के दौरान अमेरिकी निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोर सेक्टर, आईटी, फूड प्रोसेसिंग, जैव-विविधता सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। वे सेनफ्रांसिस्को के सिलिकॉन वेली और रेड वुड शोर्स में ऑटो ग्रिड सिस्टम के औद्योगिक प्रतिनिधियों और निवेशकों से चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान अनेक भारतीय-अमेरिकी उद्योगों ने छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए गहरी दिलचस्पी दिखाई।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य में उद्योगों के फलने-फूलने के लिए भरपूर नैसर्गिक संपदा और मानव संसाधन उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ में अकूत खनिज, विद्युत, कोयला, लोहा, और जल संपदा मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य की नई उद्योग नीति में उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण बनाने बड़े फैसलें लिए गए हैं। पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग लगाने के लिए विशेष रियायतें दी जा रही है। कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा आधुनिक तकनीक पर आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर विश्वव्यापी आर्थिक मंदी का बोझ न पड़े, इसके लिए विशेष उपाय किए हैं। लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने के इंतेजाम किए गए हैं। अर्थव्यवस्था का विविधिकरण किया गया है, इसके फलस्वरूप अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने चर्चा में बताया कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मूलरूप से कृषि आधारित है। यहां 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। यहां वनोत्पाद, जैव-विविधता और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। किसानों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए, बताया कि छत्तीसगढ़ में सरप्लस विद्युत उपलब्ध है। उन्होंने प्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ में विद्युत शक्ति के उपयोग के जरिए हजारों किसानों को उनकी आय बढ़ाने के उपायों पर विचार मंथन भी किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में निवेश की संभावनाएं और बेहतर अवसरों के विस्तार से जानकारी दी।
नईदिल्ली, हैकिंग के मामले आजकल बढ़ते जा रहे हैं। यूजर्स के बाद अब बड़ी टेक कंपनियां को भी अपने अकाउंट्स को हैकिंग से बचाने में मुश्किल आ रही है। ऐसा ही कुछ दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया साइट फेसबुक के ट्विटर, इंस्टाग्राम और मैसेंजर अकाउंट के हैक होने की खबर है। माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म ट्विटर ने कन्फर्म किया है कि फेसबुक और फेसबुक मेसेंजर के ऑफिशल ट्विटर अकाउंट्स को हैक कर लिया गया था। इस हैकिंग को हैकिंग ग्रुप अवरमाइन ने अंजाम दिया है। हालांकि अब सभी अकाउंट को री-स्टोर कर लिया गया है।
बता दें कि अवरमाइन ग्रुप इससे पहले गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और ट्वीटर के सीईओ जैक डॉर्सी का अकाउंट हैक कर चुका है। इसी ग्रुप ने इसी साल जनवरी में यूएस नेशनल फुटबॉल लीक टीम का अकाउंट हैक किया था।
अवरमाइन ने फेसबुक के ट्विटर अकाउंट को हैक करके पोस्ट किया, हाय, हम लोग अवरमाइन हैं। वेल, फेसबुक को भी हैक किया जा सकता है, लेकिन इसकी सिक्योरिटी कम-से-कम ट्विटर से मजबूत है।
फेसबुक ने भी इस भी हैकिंग की पुष्टि करते हुए कहा है उसके कुछ कॉर्पोरेट सोशल अकाउंट को हैक किया गया था जिन्हें अब री-स्टोर कर लिया गया है, हालांकि ट्विटर ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि किसी थर्ड पार्टी ने उसका अकाउंट हैक किया है।
नईदिल्ली । अपनी बेहतरीन और डिजिटल सुविधाओं के लिए जाने जाते आईसीआईसीआई बैंक ने अपने ग्राहकों को नई शानदार सुविधा का तोहफा दिया है। बैंक ने मंगलवार को अपने एटीएम से कार्डलैस कैश विड्रॉल सुविधा शुरू करने की घोषणा की। इस सेवा के जरिये ग्राहक बैंक के मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन आईमोबाइल पर अनुरोध करके बैंक के 15,000 से अधिक एटीएम से नकदी निकाल सकेंगे। यह डेबिट कार्ड का उपयोग किए बिना नकदी निकालने का एक सरल और सुविधाजनक तरीका है। जानकारी के मुताबिक, कार्डलैस कैश विड्रॉल सेवा का उपयोग स्व-निकासी के लिए किया जा सकता है, खास तौर पर तब जब ग्राहक डेबिट कार्ड साथ रखने के इच्छुक नहीं होते। इस सुविधा के तहत दैनिक लेनदेन सीमा के साथ-साथ लेनदेन की सीमा 20,000 रुपए पर सेट की गई है।
पढ़ें : मोबाइल की लत ने लेली एक युवती की जान, फेसबुक पर हजारों फ़ॉलोअर देख पति ने उतारा मौत के घाट
नई दिल्ली। जोमैटो ने मंगलवार को कहा कि उसने ऊबर ईट्स के भारतीय कारोबार का अधिग्रहण किया है। यह सौदा पूरी तरह से शेयर पर आधारित है। सौदे के तहत, ऊबर को जोमैटो में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी।
जोमैटो ने बयान में कहा कि ऊबर ईट्स भारत में परिचालन बंद करेगी और रेस्तरां, आपूर्ति भागीदारों और ऊबर ईट्स के ग्राहकों को मंगलवार से जोमैटो प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। ऊबर ईट्स के 41 शहरों में 26,000 रेस्तरां हैं। उसने भारत में 2017 में परिचालन शुरू किया था।
ये खबर भी पढ़े :- देश के इस अग्रणी बैंक ने शुरू की नई सुविधा, अब बिना एटीएम कार्ड के भी निकाल सकेंगे पैसे, जाने कौन सा है वो बैंक
इंफो एडज (इंडिया) ने बंबई शेयर बाजार को बताया कि लेनदेन पूरा होने पर उसकी जोमैटो में शेयर हिस्सेदारी घटकर 22.71 प्रतिशत रह जाएगी। इंफो एडज, जोमैटो में एक शेयरधारक है।
जोमैटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपिंदर गोयल ने कहा, हमें भारत के 500 से ज्यादा शहरों में ऑनलाइन खाने की डिलिवरी करने वाला व्यवसाय बनाने पर गर्व है। यह अधिग्रहण इस श्रेणी में हमारी स्थिति को मजबूत करेगा।
नई दिल्ली। आने वाले दिनों में मोबाइल यूजर्स को बड़ा झटका लग सकता है। इकॉनॉमिक्स टाइम्स में छपी एक खबर के अनुसार टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल टैरिफ में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है।
उद्योगों के अधिकारी और विशेषज्ञों का मानना है कि वोडाफोन-आइडिया और भारती एयरटेल को अजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की बकाया बड़ी रकम का भुगतान करना है। ऐसे में इनकी आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए टैरिफ बढ़ाने होंगे।
भारत में टेलीकॉम सर्विसेज पर सब्सक्राइबर्स का कुल खर्च अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। विशेषज्ञों का तो यह भी मानना है कि वोडाफोन-आइडिया के लिए मुश्किलें कई ज्यादा अधिक हैं।
कंपनी ने बिजनेस से बाहर होने की आशंका भी जताई है। अगर ऐसी परिस्थिति बनती है तो टेलीकॉम सेक्टर में भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ही बचेंगे।
2019 के अंत में टेलीकॉम कंपनियों ने प्रीपेड टैरिफ में 14 से 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। यह 3 वर्षों में पहली टैरिफ बढ़ोतरी थी।
अब टेलीकॉम कंपनियों की नजर सरकार पर भी है कि वह बकाया रकम पर राहत देती है या नहीं। अगर कोई राहत नहीं मिलती है तो टैरिफ बढ़ाना ही एकमात्र हल होगा।
वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियां बकाया रकम की राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर भी विचार कर रही हैं। जियो की इंट्री के बाद मोबाइल इंटरनेट के यूजर्स में काफी बढ़ोतरी हुई है। एक्सपर्ट्सी का मानना है कि अगर बढ़ोतरी होती भी है तो यूजर्स अधिक रुपया खर्च करने में भी नहीं हिचकेंगे।
नईदिल्ली । भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस अमेजन और फ्लिपकार्ट के विरूद्ध प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन के जांच का आदेश दिया है। आयोग ने सोमवार को यह आदेश दिया। उसने कहा कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस और मोबाइल फोन कंपनियों के बीच एक्सक्लुसिव व्यवस्था और ई कॉर्मस कंपनियों द्वारा कुछ विक्रेताओं को विशेष वरीयता देने संबंधी आरोप जांच योग्य है।
नईदिल्ली, घाटे में चल रही अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट की भारतीय ईकाई वॉलमार्ट इंडिया अपने कैश एंड कैरी कारोबार को समेटने में जुट गई है। इसके लिए कंपनी ने गुरुग्राम हैडचर्टर में कार्यरत 100 से ज्यादा सीनियर एग्जीक्यूटिव को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। इसमें कई डिवीजन वाइस प्रेसीडेंट्स जैसे सीनियर एग्जीक्यूटिव भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि छंटनी का दूसरा दौर अप्रैल में शुरू होगा। वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रीटेल कंपनी है।
वॉलमार्ट ने मुंबई स्थित अपना सबसे बड़ा वेयरहाउस बंद कर दिया है। उसने रीटेल स्टोर्स के विस्तार पर भी विराम लगा दिया है। माना जा रहा है कि कंपनी ऑफलाइन रीटेल ऑपरेशंस को बेच सकती है या फिर इसका विलय अपने ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट के साथ कर सकती है जिसे उसने 2018 में 16 अरब डॉलर में खरीदा था। अभी फ्लिपकार्ट भी घाटे में ही चल रही है। मार्च, 2019 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान उसे 17,231 करोड़ रुपए (2.42 अरब डॉलर) का घाटा हुआ था।
वॉलमार्ट ने करीब एक दशक पहले भारत में रीटेल ऑपरेशंस की शुरूआत की थी। लेकिन उसे काफी संघर्ष करना पड़ा। उसके इस संघर्ष की वजह रही किराना दुकानदारों के संरक्षण के लिए बनाई गई सरकारी नीतियां। भारत में एक करोड़ से भी ज्यादा किराना स्टोर्स हैं जिनके चलते सरकार पर लगातार विदेशी रीटेल कंपनियों पर लगाम लगाने का दबाव बना हुआ है। उधर, इस नए घटनाक्रम पर वॉलमार्ट का कहना है कि वह हमेशा से यह कोशिश करती रही है कि कारोबार चलाने के और भी ज्यादा प्रभावी तरीके खोजे जाएं। कंपनी के मुताबिक इसके तहत ही समय-समय पर उसे अपने कॉरपोरेट ढांचे की समीक्षा करते रहनी होती है। रिपोर्ट के अनुसार वॉलमार्ट ने बीते शुक्रवार को एक टाउनहॉल में सोर्सिंग, एग्री बिजनेस और एफएमसीजी डिवीजन से 100 से ज्यादा सीनियर एग्जीक्यूटिव्स को नौकरी से निकालने की जानकारी दी है।
क्रेडिट कार्ड का सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए तो यह वरदान है और अगर आप इसका सही ढंग से इस्तेमाल करना नहीं जानते तो यह अभिशाप भी साबित हो सकता है। अगर आप इसका सही ढंग से इस्तेमाल करते हैं तो इससे बेहतर आपके लिए कुछ भी नहीं है। अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय आपको इन पांच बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
अनावश्यक खरीदारी से बचें : क्रेडिट कार्ड से खरीदी करने से आपको भुगतान के लिए समय मिल जाता है। इसी वजह से आप कई बार वह वस्तुएं भी खरीद लेते हैं जिनकी आपको आवश्यकता कम पड़ती है। कई बार आप बजट से समझौता करते हुए महंगी वस्तुएं भी खरीद लेते हैं ऐसे में इसका बिल बढ़ जाता है और आप मिनिमम पेमेंट के चक्कर में उलझ जाते हैं। यह एक ऐसा मकड़जाल है जिससे आसानी से छुटकारा नहीं मिलता।
समय पर करें बिल का भुगतान : क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को समय पर इसके बिल का भुगतान करना चाहिए। समय पर भुगतान नहीं करने की दशा पर कंपनियां भारी पेनल्टी लगाती है। जरा सी लापरवाही आपकी CIBIL report खराब कर सकती है। अगर आपका CIBIL खराब है तो आपको कोई भी अच्छी कंपनी Loan नहीं देती। अगर कोई कंपनी Loan देती भी है तो आपको इस पर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
जरूरत से ज्यादा लिमिट : क्रेडिट कार्ड कंपनियां अकसर आपको लिमिट बढ़ाने के लिए कई तरह के लुभावने ऑफर्स देती है। लोग भी भावुकतावश बगैर सोच विचार करें लिमिट बढ़वा लेते हैं। ध्यान रखें कार्ड की लिमिट आपकी जेब के हिसाब की ही होनी चाहिए।
निवेश के लिए नहीं करें क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल : कई बार लोग ज्यादा रिटर्न के चक्कर में क्रेडिट कार्ड से उधार लेकर शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड निवेश कर देते हैं। इस स्थिति में अगर बाजार गिर गया तो निवेशक को बाजार में तो नुकसान होता ही है क्रेडिट कार्ड बिल के समय पर भुगतान का दबाव भी बढ़ जाता है।
क्रेडिट कार्ड से न करें मदद : मदद करना भारतीयों का स्वभाव है। कई बार हम अपनों की मदद के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। कई लोग तो इसके लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना भी नहीं भूलते। क्रेडिट कार्ड भी एक तरह का उधार ही है। इससे किसी अन्य व्यक्ति की मदद करना आपको भारी पड़ सकता है। अत: इस तरह का जोखिमपूर्ण कार्य करने से बचें।
























