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हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव

 00 मुख्यमंत्री साय ने किया उत्सव पोस्टर का विमोचन, सफल आयोजन की दी शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 मई को आयोजित “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” के पोस्टर का विमोचन भी किया।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी ने बताया कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका तथा पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं देश के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों, साहित्यकारों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के अंतर्गत पत्रकार सम्मान, विचार गोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष श्री गौरव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री श्री साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री श्री साय

 राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री

75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरा

रायपुर:- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा – अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
श्री साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन की अंतिम तिथि कल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन की अंतिम तिथि कल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डेटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) के 38 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। भर्ती प्रक्रिया जारी है और आवेदन करने के लिए अब केवल कुछ दिन ही बाकी हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 12 मई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के जरिए प्रदेश की युवतियों को हाईकोर्ट में काम करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ सरकारी नौकरी का लाभ भी मिलेगा।

जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 38 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए 19 पद तय किए गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 7-7 पद आरक्षित हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5 पद निर्धारित किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसके तहत उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 12 मई 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। वहीं आवेदन पत्र भरते समय यदि किसी प्रकार की गलती हो जाती है तो अभ्यर्थियों को सुधार का मौका भी दिया जाएगा। इसके लिए करेक्शन विंडो 13 मई से 15 मई शाम 5 बजे तक खुली रहेगी।भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता भी तय की गई है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कम से कम द्वितीय श्रेणी के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन, या ग्रेजुएशन के साथ पीजीडीसीए, अथवा डीओईएसीसी का ओ लेवल कोर्स जैसी योग्यता होना जरूरी है। वहीं ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑफिस एप्लिकेशन का व्यावहारिक ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग में दक्ष अभ्यर्थियों को भी चयन प्रक्रिया में फायदा मिल सकता है।

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शासन के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लिखित परीक्षा 28 जून 2026, रविवार को आयोजित हो सकती है। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित किए जाने की संभावना है। परीक्षा केंद्र बिलासपुर और रायपुर में बनाए जा सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 25,300 रुपए से लेकर 80,500 रुपए तक वेतन दिया जाएगा। सरकारी नौकरी के साथ अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।  

इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।

ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज

ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज

 00 पारदर्शिता की नई पहचान ई-ऑफिस
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।
डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।
फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तक
छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।
सक्ती जिला रहा अव्वल
ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है।
ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ
ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है।
प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूती
किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी और चिप्स की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है
भविष्य की राह पूर्णत: डिजिटल प्रशासन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

 00 राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 

00 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरा

 
 
 

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की

 

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोडऩे का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावडिय़ा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, दर्दनाक हादसे में दो ग्रामीणों की मौत

तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, दर्दनाक हादसे में दो ग्रामीणों की मौत

  रायगढ़। जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा में दो ग्रामीणों की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि लैलूंगा क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे ट्रैक्टर के नीचे दबने से दो ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने इस घटना पर प्राथमिकी दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक ये घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि ग्राम भेड़ीमुड़ा निवासी 40 वर्षीय अलेश भगत शनिवार सुबह गांव के महादेव भगत के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत जोताई करने गया हुआ था। दोनों ग्रामीण दोपहर तक खेत में काम करने के बाद दोपहर के वक्त घर लौट रहे थे। वापसी के दौरान ट्रैक्टर महादेव भगत चला रहा था
बताया जा रहा है कि रास्ते में ट्रैक्टर काफी तेज रफ्तार में था। इसी दौरान अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि ट्रैक्टर के नीचे दबने से दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी।
 
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। वहीं पुलिस को भी हादसे की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। मामले में मृतक के रिश्तेदार अंकित भगत की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Crime News: नौकरी लगवाने के नाम पर दोस्त ने ही लगाया लाखों का चूना, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Crime News: नौकरी लगवाने के नाम पर दोस्त ने ही लगाया लाखों का चूना, पुलिस ने किया गिरफ्तार

 दुर्ग ।  दुर्ग पुलिस ने रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को बड़े अधिकारियों और एम्स प्रबंधन से जुड़ा बताकर युवक को भरोसे में लिया और स्टाफ नर्स की नौकरी लगाने का झांसा देकर 14 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। लंबे समय तक ज्वाइनिंग लेटर देने का भरोसा दिलाने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे अब पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए पकड़ लिया है।

 

मामला भिलाई के वृंदा नगर कैंप-1 निवासी मुकेश कोसरे से जुड़ा है। पीड़ित ने 13 जनवरी 2026 को वैशाली नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि उसका कॉलेज मित्र अभिषेक जायसवाल, जो सेक्टर-6 सड़क-12 का रहने वाला है, खुद की पहचान बड़े अधिकारियों और AIIMS अधिकारियों से होने की बात करता था। आरोपी ने मुकेश को भरोसा दिलाया कि वह रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स की नौकरी लगवा देगा।
नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने अलग-अलग समय पर पैसों की मांग शुरू की। पीड़ित उसके झांसे में आ गया और सितंबर 2021 से 16 अक्टूबर 2022 के बीच अपने एसबीआई खाते से कई किश्तों में कुल 14 लाख 50 हजार रुपये आरोपी को ट्रांसफर कर दिए। रकम लेने के बाद आरोपी लगातार ज्वाइनिंग लेटर जल्द मिलने की बात कहता रहा। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो वह टालमटोल करने लगा और बाद में अपना घर छोड़कर फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में साइबर सेल भिलाई की मदद ली गई। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया, जिसमें उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मिली। इसके बाद पुलिस टीम को लखनऊ रवाना किया गया, जहां घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
CG WEATHER NEWS : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, अगले 48 घंटे में मौसम बदलेगा; रायपुर में छाएंगे बादल, अंधड़-बिजली का अलर्ट

CG WEATHER NEWS : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, अगले 48 घंटे में मौसम बदलेगा; रायपुर में छाएंगे बादल, अंधड़-बिजली का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन अब मौसम विभाग ने फिर से गर्मी बढ़ने के संकेत दिए हैं।

आने वाले दिनों में तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं राजधानी रायपुर में आज दोपहर और शाम के बाद आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक, अंधड़ और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है।

रविवार को मनेंद्रगढ़, पेंड्रा रोड और माना-रायपुर एयरपोर्ट क्षेत्र में 3 सेमी तक बारिश दर्ज की गई, जबकि रायपुर, बिलासपुर और लाभांडीह में 2 सेमी पानी गिरा। इस दौरान दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और कई द्रोणिकाओं के सक्रिय होने से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में अगले 48 घंटे के भीतर निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है। राजधानी रायपुर में आज अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति-परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति-परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

कलिबा में सामुदायिक भवन और हनुमान टेकरी में सूर्य नमस्कार प्रतिकृति निर्माण की घोषणा

कलिबेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उमड़ा श्रद्धा और आस्था का सैलाब

रायपुर 10 मई 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यज्ञमंडप में हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की तथा यज्ञशाला में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने मंदिर निर्माण को क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सेवा, सद्भाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती है। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने तथा संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम भी हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामवासियों को नवनिर्मित मंदिर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ग्राम कलिबा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही हनुमान टेकरी में सामुदायिक भवन तथा सूर्य नमस्कार की मुद्राओं की प्रतिकृति निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने अपने 28 माह के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को तेजी से लागू किया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में 17 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है और राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान श्री राम के दर्शन करा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष राजस्व शिविर भी लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे तथा निर्धारित समय-सीमा में उनके समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समय पर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराने की अपील की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी तथा धान खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी।

इस अवसर पर पद्मश्री  जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, मंदिर समिति अध्यक्ष  उपेंद्र यादव, जनपद अध्यक्ष सुशीला साय, पूर्व संसदीय सचिव  भरत साय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों हेतु सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत एवं 21 हजार आवास पूर्ण

विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों हेतु सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत एवं 21 हजार आवास पूर्ण

 वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद

समाधान शिविर में हितग्राही का बनवाया गया राशन कार्ड और जॉब कार्ड

रायपुर, 10मई 2026/ राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।

सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।
जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है।

तखतपुर विधायक  धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी क्षेत्र को दी विकास कार्यों की बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी क्षेत्र को दी विकास कार्यों की बड़ी सौगात

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने कुल 16 करोड़ 5 लाख 91 हजार रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदनों जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र में आवागमन, शिक्षा, कृषि विपणन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और अंतिम व्यक्ति तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्कूल, बाजार और महिला केंद्र जैसी आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने का माध्यम हैं। इन कार्यों से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसरों का सृजन होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में कुल 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से ग्राम पंचायत कलिबा में 57 लाख 66 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें कव्हर्ड शेड, बोरवेल एवं सीसी रोड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बेहराखार में 80 लाख 59 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण किया जाएगा।

इन बाजारों के बनने से किसानों और ग्रामीण व्यापारियों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा तथा स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा कलिबा-टांगरबहार (बैगाटोली) मार्ग पर 5 करोड़ 11 लाख 6 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं बांसपतरा-दुलदुला मार्ग पर चांपाझरिया नाला में 5 करोड़ 90 लाख 80 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इन पुलों के निर्माण से विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी।

इसके साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शाला कोरवाडेरा, प्राथमिक शाला डडगांव, माध्यमिक शाला बालक नारायणपुर तथा प्राथमिक शाला लालगोड़ा के नवीन भवन निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। इन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कुल 3 करोड़ 19 लाख 88 हजार रुपए की लागत से पूर्ण हुए 4 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कृषि उपज मंडी समिति जशपुर द्वारा ग्राम पंचायत कंडोरा (महुआटोली) स्थित उपमंडी कुनकुरी में 2 करोड़ 45 लाख 78 हजार रुपए की लागत से निर्मित फल-सब्जी मंडी, गोदाम, प्लेटफार्म, टायलेट, पार्किंग एवं सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इस आधुनिक मंडी के शुरू होने से किसानों एवं व्यापारियों को कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ढोढ़ीबहार, नारायणपुर एवं केराड़ीह में निर्मित महतारी सदनों का भी लोकार्पण किया गया। प्रत्येक महतारी सदन 24 लाख 70 हजार रुपए की लागत से निर्मित हुआ है। इन केंद्रों में महिलाओं को बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह गतिविधियों एवं सामाजिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। पुल और सड़कों के निर्माण से ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा, स्कूल भवनों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, आधुनिक बाजार एवं मंडियों से किसानों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा महतारी सदन महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि गांवों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष  उपेंद्र यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में होंगे शामिल….

उप मुख्यमंत्री अरुण साव मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में होंगे शामिल….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  अरुण साव 11 मई को लोरमी में मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे 11 मई को सवेरे साढ़े सात बजे नवा रायपुर से सड़क मार्ग से लोरमी के लिए रवाना होंगे। वे सवेरे दस बजे लोरमी के कबीर भवन में आयोजित मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री  साव दोपहर साढ़े 12 बजे लोरमी से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे दोपहर तीन बजे वापस नवा रायपुर पहुंचेंगे।

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में 5 हितग्राहियों को मिला जॉब कार्ड

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में 5 हितग्राहियों को मिला जॉब कार्ड

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है।

इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 5 हितग्राहियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जॉब कार्ड वितरित किए गए।

लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम मकरीबंधा के जगेश्वर राम माली, गणेश राम यादव, गुलाबचंद राम, शांता तिर्की और बालेश्वर राम शामिल हैं। जॉब कार्ड प्राप्त होने के बाद अब ये हितग्राही मनरेगा के अंतर्गत गांव में ही रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि गांव में ही रोजगार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से मगनलाल के परिवार को मिला पक्का आशियाना….

प्रधानमंत्री आवास योजना से मगनलाल के परिवार को मिला पक्का आशियाना….

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कोंडागांव जिले में सुशासन और जनकल्याण की योजनाओं का प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है। जिले के ग्राम बहीगांव निवासी श्री मगनलाल गौर का परिवार भी इस योजना से लाभान्वित होकर आज सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है।

मगनलाल गौर पहले अपने परिवार के साथ एक कच्चे मकान में निवास करते थे। हर वर्ष बरसात के मौसम में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मकान की खपरैल बार-बार खराब हो जाती थी, जिससे बारिश का पानी घर के अंदर टपकता था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।

वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उनके आवास को स्वीकृति मिली। योजना के तहत उन्हें मकान निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। शासन से मिली इस सहायता राशि के साथ इसमें थोड़ा और राशि मिलाकर उन्होंने अपना पक्का मकान तैयार किया। मगनलाल गौर ने बताया कि पहले जहां बरसात के दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ता था, वहीं अब पक्के मकान में उनका परिवार निश्चिंत होकर जीवन व्यतीत कर रहा है। नए घर ने उनके जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को बढ़ाया है। साथ ही मगन लाल के परिवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय, उज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और घर में बिजली कनेक्शन भी दिया गया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए एक वरदान है और शासन की इस जनकल्याणकारी पहल से आज कई परिवारों का सुरक्षित आवास का सपना साकार हो रहा है।

जलेश्वर महादेव धाम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया जलाभिषेक: प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की…

जलेश्वर महादेव धाम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया जलाभिषेक: प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की…

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत डोंगरिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पंडरिया भावना बोहरा, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। ऐसे पवित्र धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने वाले प्रेरणा स्थल भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने क्षीरपानी जलाशय मध्यम परियोजना अंतर्गत 50 करोड़ की लागत से नहर विस्तारीकरण कार्य कराने की घोषणा की। इस परियोजना से लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री  साय ने जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने खरहट्टा से डोंगरिया तक लगभग 2.5 किलोमीटर सड़क के उन्नयन कार्य की घोषणा करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा।

उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले के डोंगरिया गांव स्थित जलेश्वर महादेव धाम स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत पूजनीय स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह शिवधाम विशेष रूप से सावन माह, सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। पहाड़ी और नदी-घाट के रमणीय वातावरण में स्थित यह धाम शिवभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विशेष पहचान रखता है।

निश्चय कार्यक्रम- रायपुर जेल के 67 बंदियों को मिला कौशल प्रमाण-पत्र

निश्चय कार्यक्रम- रायपुर जेल के 67 बंदियों को मिला कौशल प्रमाण-पत्र

 00 मुख्यधारा में लौटने की नई पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना निश्चय के अंतर्गत आज केंद्रीय जेल और महिला जेल, रायपुर में एक विशेष गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। ज़ेन जी युवा बंदियों को अपराध के दलदल में वापिस जाने से रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में निश्चय कार्यक्रम संचालित है। इस कार्यक्रम में युवा बंदियों को कॉउंसलिंग, अपराध बोध का ज्ञान, स्व-रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई उपरांत स्वरोजगार हेतु बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जाता है।

कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर
समारोह के दौरान कुल 67 बंदियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने पर कौशल विकास प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत बंदियों को अपराध बोध का ज्ञान, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाता है।
तकनीकी शिक्षा हेतु कंप्यूटर केंद्र का आगाज़
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल, रायपुर में आज कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल के भीतर ही कंप्यूटर का बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जो रिहाई के बाद उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा।
आगामी लोन मेला स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता
बंदियों के पुनर्वास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा केंद्रीय जेल परिसर में लोन मेला लगाया जाएगा, जिसका उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए सुगमता से ऋण उपलब्ध कराना। इस अवसर पर डीजी (जेल) श्री हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

टिकट चेकिंग अभियान में बिलासपुर मंडल ने बनाया नया रिकार्ड, 1 दिन में 14 लाख 53 हजार 645 वसूले गये जुर्माना

टिकट चेकिंग अभियान में बिलासपुर मंडल ने बनाया नया रिकार्ड, 1 दिन में 14 लाख 53 हजार 645 वसूले गये जुर्माना

 रायपुर/बिलासपुर। टिकटधारी यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं यात्रियों को टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूक करने तथा गाडियों में बेटिकट यात्रियों की रोकथाम हेतु मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा प्रतिदिन टिकट चेकिंग अभियान चलाया जाता है। इसी संदर्भ में प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक के आदेशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 7 मई को मंडल वाणिज्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा टिकट चेकिंग अभियान चलाकर अब तक की सर्वाधिक वसूली की गई।
उक्त दिनांक को टिकट चेकिंग अभियान से कुल 2147 मामलों से 14 लाख 53 हजार 645 रूपये बतौर जुर्माना वसूला गया। जिसमें बिना टिकट के 1162 मामलों से 9,72,535 रूपये अनियमित टिकट के 683 मामलों से 3,67,245 रूपये, बिना बुक किये गये लगेज के 40 मामलों से 4,280 रूपये, टिकट श्रेणी परिवर्तन के 246 मामलों से 1,07,935 रूपये तथा गंदगी फैलाने के 16 मामलों से 1,650 रूपये शामिल हैं जो कि मंडल में अभी तक प्रतिदिन टिकट चेकिंग अभियान से जुर्माने की सर्वाधिक वसूली है। इसके पूर्व 3 मई को कुल 2112 मामलों से 14 लाख 28 हजार 542 रूपये की वसूली की गई थी।

महिला कबड्डी : भाजपा महिला मोर्चा की टीम को आठ प्वाइंट से परास्त कर महाराष्ट्र मंडल विजेता

महिला कबड्डी : भाजपा महिला मोर्चा की टीम को आठ प्वाइंट से परास्त कर महाराष्ट्र मंडल विजेता

 रायपुर। क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ प्रांत की महिला कबड्डी प्रतियोगिता में महाराष्ट्र मंडल की टीम ने भाजपा महिला मोर्चा की टीम को हराकर आठ प्वाइंट से जीत दर्ज की। क्रीड़ा भारती की ओर से स्पर्धा का आयोजन झूलेलाल धाम कटोरा तालाब में किया गया। वहीं बालिकाओं की नौ अलग- अलग टीमों ने भी स्पर्धा में भाग लिया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि क्रीड़ा भारती द्वारा नारी सशक्तिकरण और महिला खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है। शनिवार को स्पर्धा का शुभारंभ रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी ने किया। इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थीं।

स्पर्धा में महिलाओं की दो टीमों ने भाग लिया। इसमें पहली टीम भाजपा महिला मोर्चा की थी और दूसरी टीम महाराष्ट्र मंडल रायपुर की। कबड्डी 10-10 मिनट के दो राउंड में खेला गया। पहले राउंड में महाराष्ट्र मंडल की टीम ने यह स्पर्धा आठ प्वाइंट से अपने नाम कर ली।
महाराष्ट्र मंडल की विजयी टीम को संजय शर्मा ने नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। टीम में मालती मिश्रा कप्तान, गीता दलाल, वंदना पाटिल, मानसी विठ्ठलकर, कांचन पुसदकर, सीमा तीगगा, अपर्णा देशमुख शामिल रहीं। वहीं टीम की मैनेजर विशाखा तोपखानेवाले थीं।

सुशासन तिहार 2026 : सुपोषण की ओर सशक्त कदम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिला नया संबल

सुशासन तिहार 2026 : सुपोषण की ओर सशक्त कदम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिला नया संबल

 00 प्रदेशभर में शिविरों के माध्यम से बढ़ी जागरूकता, हितग्राहियों को मिल रहा सीधा लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित और प्रभावी लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डाला है।

इसी क्रम में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम आसरा में आयोजित शिविर में गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को सुपोषण के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सुपोषण किट वितरित किए गए। हितग्राही श्रीमती महेश्वरी साहू एवं पुष्पलता साहू ने किट प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।

राजनांदगाव जिले में पोठ लईका अभियान के तहत पालक चौपालों का आयोजन कर गर्भवती एवं धात्री माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार की जानकारी दी जा रही है। शिविरों में सुपोषण कलश के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों जैसे मुनगा, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें एवं प्रोटीनयुक्त आहार के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही तिरंगा भोजन की अवधारणा के माध्यम से संतुलित आहार के महत्व को सरल तरीके से समझाया जा रहा है, जिससे आमजन आसानी से इसे अपने दैनिक जीवन में अपना सकें। सुशासन तिहार के इन प्रयासों से प्रदेश में न केवल योजनाओं की पहुंच सुदूर क्षेत्रों तक सुनिश्चित हो रही है, बल्कि जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी तेजी से बढ़ रही है, जो एक स्वस्थ एवं सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सहायक उपकरण वितरण से दिव्यांगजनों को मिली नई दिशा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

सहायक उपकरण वितरण से दिव्यांगजनों को मिली नई दिशा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

00 सुशासन की रफ्तार
रायपुर।
 छत्तीसगढ़ शासन का सुशासन तिहार अभियान अब जमीनी स्तर पर जनकल्याण की प्रभावी मिसाल बनता जा रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल ने हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। वर्ष 2023 से अब तक विभाग द्वारा 2 हजार से अधिक सहायक उपकरण—जिनमें मोटराइज्ड ट्राइसिकल, ट्राइसाइकिल सहित अन्य उपकरण शामिल हैं—जरूरतमंद हितग्राहियों को प्रदाय किए जा चुके हैं।
बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के ग्राम नागपुरा निवासी 12वीं के छात्र श्री अनिल कुमार, जो 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं, उनके लिए 12 किलोमीटर दूर स्कूल जाना बड़ी चुनौती थी। सुशासन तिहार के समाधान शिविर में समस्या रखने पर उन्हें मौके पर ही मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई। अब वे बिना किसी सहारे के समय पर स्कूल पहुँचकर अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।

धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू, जो वर्षों से घुटनों के बल चलने को मजबूर थे, उन्हें सुशासन तिहार के शिविर में नि:शुल्क ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। अब वे खेतों तक आसानी से पहुँचने के साथ सामाजिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके लिए यह उपकरण आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया है।

जशपुर जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम भुइयापानी निवासी विनोद मिंज को भी जनसमस्या निवारण शिविर में मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई। इससे उनके आवागमन की समस्या दूर हुई है और वे अब दैनिक कार्यों के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग ले पा रहे हैं। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं। समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्यवाही और प्रशासन की संवेदनशीलता ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। सहायक उपकरण वितरण की यह पहल न केवल सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊँचाई दे रही है।
नई उम्मीद, नया विश्वास
अनिल, जीवन लाल और विनोद जैसे अनेक हितग्राही इस बात के प्रमाण हैं कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता और तत्परता से लागू होती हैं, तो जीवन की कठिन राहें भी आसान हो जाती हैं। सुशासन तिहार आज प्रदेश में उम्मीद, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी गढ़ रहा है।

12 मई को महुआ और जशपुर नगर पालिका में लगेंगे शिविर, समस्याओं का होगा त्वरित समाधान

12 मई को महुआ और जशपुर नगर पालिका में लगेंगे शिविर, समस्याओं का होगा त्वरित समाधान

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में शिविरों का आयोजन जारी है। इसी क्रम में 12 मई 2026 को जशपुर जिले के बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम महुआ और नगर पालिका परिषद जशपुर में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
महुआ शिविर में महुआ, सन्ना, तोरा, डोभ, कोपा, लोरो, भादू, बहोरा, लरंगा, भंवर, कामारिमा और कवई के ग्रामीण अपनी समस्याओं व मांगों के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। जशपुर नगर पालिका शिविर में नगर पालिका परिषद जशपुर के वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक के नागरिक शिविर का लाभ ले सकेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर  रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

असम के नये मुख्यमंत्री होंगे हिमंता बिस्वा सरमा, सीएम साय ने दी शुभकामनाएं

असम के नये मुख्यमंत्री होंगे हिमंता बिस्वा सरमा, सीएम साय ने दी शुभकामनाएं

 रायपुर। भाजपा एवं एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हिमंता बिस्वा सरमा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दिए। सीएम साय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आपके नेतृत्व में असम निरंतर विकास, सांस्कृतिक गौरव, शांति एवं जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। विकसित असम के संकल्प को साकार करने की दिशा में आपका नेतृत्व और दूरदर्शी सोच असम के सर्वांगीण विकास को नई गति प्रदान कर रही है।
जनसेवा, सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के आपके प्रयासों ने प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति प्रदान की है और आगे भी असम को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। माँ कामाख्या से प्रार्थना है कि आपको जनसेवा के इस पथ पर निरंतर सफलतापूर्वक आगे बढऩे की शक्ति प्रदान करें।

मदर्स डे पर सौगात : रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ

मदर्स डे पर सौगात : रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ

 00 बंदिनियों को मिली अपनों से जुडऩे की राह

रायपुर। आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है।
अपनों से दूरी होगी कम
वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी

हुनर को मिला सम्मान
निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), विजय छबलानी (प्रतिनिधि), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोडऩे का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।