रायपुर। छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली सिक्ख विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम मई 2026 के अंतिम सप्ताह में आयोजित होगा, जिसकी तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी।
रायपुर। अभनपुर क्षेत्र में एक बार फिर संदिग्ध हालात में व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। जानकारी के मुताबिक शराब दुकान से अभनपुर के बीच स्थित नाले में एक व्यक्ति का शव बाइक सहित मिला है। आशंका जताई जा रही है कि बाइक का बैलेंस बिगड़ने से व्यक्ति नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
बिलासपुर। बिलासपुर जिले में इस वर्ष छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा के निराशाजनक परिणामों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जिले के लचर प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल कड़े एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।
खैरागढ़। खैरागढ़ का सरकारी शराब दुकान एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। पहले मिलावटी शराब और फर्जी होलोग्राम को लेकर चर्चा में रही यह दुकान अब कथित ओवररेटिंग, अव्यवस्था और दबंगई के आरोपों से घिर गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान के बाहर कुछ कथित असामाजिक तत्व निर्धारित कीमत से 10 रुपये ज्यादा लेकर शराब उपलब्ध करा रहे हैं।
रायपुर । महिला चैम्बर द्वारा “वात्सल्य से उदित- उदया” थीम के अंतर्गत एक गरिमामय और प्रेरणादायक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। महिला चैम्बर द्वारा आयोजित “वात्सल्य से उदित- उदया” कार्यक्रम में आज नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में चैम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी उपस्थित रहे । इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “डिजिटल पे पहचान, बिज़नेस की उड़ान” के मंत्र को साकार करना था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया तथा नवीन जानकारियां प्राप्त कर लाभान्वित हुए।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना अनिवार्य है और डिजिटल माध्यम इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सम्मानित होने वाली महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में उनका संघर्ष समाज की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का पुंज है।
महिला चेम्बर को बधाई देते हुए थौरानी ने कहा कि, महिला चेम्बर न केवल व्यापार बल्कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त कर रही हैं। आज का यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि उन सभी प्रयासों का सम्मान है जो हम सब मिलकर एक मजबूत औद्योगिक और व्यापारिक वातावरण बनाने के लिए कर रहे हैं। जिस तरह एक माँ धैर्य और समर्पण से परिवार का सृजन करती है, ठीक उसी प्रकार आप सभी उद्यमी महिलाएं अपने व्यापार और टीम का सृजन कर रही हैं। एक सफल व्यापारी होने के साथ-साथ महिलाएं समाज की मार्गदर्शक भी हैं।
कार्यक्रम में उन 10 जांबाज महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने जीवन की अत्यंत कठिन और विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी हिम्मत और सतत परिश्रम से सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। महिला चेम्बर ने इन नारी शक्तियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनकी अदम्य जिजीविषा का अभिनंदन किया। इसके साथ ही, मातृत्व की भावना को समर्पित एक विशेष सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसमें समाज निर्माण में माताओं के योगदान को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में सम्मानित हुए महिलाओं का संघर्ष ही स्वयं में एक प्रेरणा स्त्रोत है जो निम्नानुसार है:-
1. देविंदर कौर गुरुदत्ता:- प्रॉपर्टी विवाद में पति को खोने के बाद देविंदर जी ने 11 साल तक एक खंडहर में बिना सुविधाओं के बिताए। बच्चों के भविष्य के लिए उन्होंने एक छोटी सी दुकान (STD/PCO) से शुरुआत की और कानूनी लड़ाई लड़ते हुए अपने बच्चों को सफल बनाया। आज उनका संघर्ष और जीत समाज के लिए एक बड़ी मिसाल है।
2. मधु अरोड़ा:- दिल्ली से रायपुर आकर बसी मधु जी ने तकनीक को अपना हथियार बनाया और ‘सरस्वती पाइप्स’ के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। वे वर्तमान में CAIT (Confederation of All India Traders) की अध्यक्ष और नेशनल को-ऑर्डिनेटर हैं। व्यापारिक जगत में उनका नेतृत्व नारी शक्ति की मजबूती को दर्शाता है।
3. सीमा पांडेय:-एक शासकीय शिक्षिका के रूप में सीमा जी ने न केवल अपने पेशे को बखूबी निभाया, बल्कि 15 वर्षों तक पति के गंभीर स्वास्थ्य संकट के दौरान परिवार की ढाल बनी रहीं। उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को इस तरह संस्कारित किया कि वे आज स्वयं की एकेडमी और फिटनेस सेंटर का सफल संचालन कर रही हैं।
4. सरोजनी पाणिग्रही:-वर्ष 2007 में सड़क हादसे में पति के निधन के बाद, सरोजनी जी ने निडर होकर पुरुषों के वर्चस्व वाले मैकेनिकल इंजीनियरिंग और फेब्रिकेशन के क्षेत्र में कदम रखा। बिना तकनीकी ज्ञान के शुरुआत कर उन्होंने ‘सरोज इंडस्ट्रीज’ खड़ी की और आज दो इंडस्ट्रियल यूनिट्स की सफल संचालिका हैं।
5. सोमा घोष:-मात्र 29 साल की उम्र में पति को खोने वाली सोमा जी ने एक गृहणी से एक सफल ‘फाइनेंशियल प्लानर’ बनने तक का कठिन सफर तय किया। चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कार चलाना सीखा और LIC सेक्टर में अपनी साख जमाई। आज वे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों (USA, ऑस्ट्रेलिया) में भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं।
6. सोनिया साहू:-सोनिया जी व्यापारिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में सक्रिय नेतृत्व कर रही हैं। वे छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स की उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में भी महत्वपूर्ण पदों पर हैं। उनकी प्राथमिकता अपनी बेटियों को उच्च शिक्षित बनाना रही है, जिनमें से एक आज प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में कार्यरत है।
7. दुर्गेश नंदिनी वर्मा:- विवाह के मात्र चार साल बाद पति के देहांत ने दुर्गेश जी के जीवन में गहरा संकट पैदा किया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वन विभाग में लिपिक के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और बेटे को भी उच्च शिक्षा दिलाई। उनका बेटा आज स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सफल ऑपरेशन्स हेड के रूप में कार्यरत है।
8. जया (बुज्जी नानी टॉयज):-जया जी की माँ ने अपने क्रॉशे (Crochet) के हुनर को ‘बुज्जी नानी टॉयज’ के रूप में एक सफल व्यवसाय में बदलकर 70 अन्य महिलाओं को रोजगार दिया। उनके अटूट सहयोग के कारण ही उनकी बेटियाँ और बेटा आज विभिन्न क्षेत्रों (UPSC, IT और बिजनेस) में सफलता के शिखर की ओर बढ़ रहे हैं।
9. इंदिरा जैन (राजेश पब्लिसिटी):-पति के आकस्मिक निधन के बाद इंदिरा जी ने पुरुष प्रधान विज्ञापन जगत में ‘राजेश पब्लिसिटी’ की कमान संभाली और प्रदेश की “प्रथम महिला एडवर्टाइज़र” बनीं। उन्होंने व्यापार के साथ-साथ सामाजिक सेवा (दिव्यांग कल्याण) और परिवार में ऐसा संतुलन बनाया कि आज उनके बच्चे सुप्रीम कोर्ट और बिजनेस में प्रतिष्ठित हैं।
10. इंद्रा करन राजपूत:-किसान परिवार में जन्मी इंद्रा जी की शादी मात्र 9वीं कक्षा के बाद हो गई थी। पति के कैंसर से निधन के बाद बिना छत और जमापूंजी के उन्होंने ‘लाडो बुटिक’ की शुरुआत की और कभी-कभी दुकान में ही सोकर दिन-रात मेहनत की। उनके इसी संघर्ष का फल है कि आज उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर उनका मान बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से महिलाओं की शंकाओं का समाधान किया गया। अंत में, महिला चेम्बर द्वारा प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी जी का विशेष अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोज और नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित सदस्यों ने व्यावसायिक अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, सलाहकार तिलोकचंद बरडिया, वाईस चेयरमेन चेतन तारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुन्दरानी, राजेश वासवानी, उपाध्यक्ष लोकेश चंद्रकांत जैन दिलीप इसरानी, जीतेन्द्र शादिजा, प्रकाश लालवानी, अजय जैसिंघानी, सोनिया साहू, मंत्री पंकज छिजवानी, महिला चेम्बर अध्यक्ष- डॉ. इला गुप्ता, महामंत्री- मनीषा तारवानी, कोषाध्यक्ष- नम्रता श्रीकांत अग्रवाल, संरक्षक- मीनाक्षी टुटेजा, सलाहकार आभा मिश्रा, वित्तीय सलाहकार सोमा घोष, हेमल बेन शाह, उपाध्यक्ष सुनीला अग्रवाल, कांता धीमान, इंदिरा जैन, संपादक मीडिया प्रभारी-सुनीता पाठक, यूथ प्रभारी- सुनिधि पांडे, प्रबंधक मनीषा सिंह, जन शिक्षण संसथान से वसुंधरा पाल, गायत्री श्रीनिवास, अदिति नाग, अनामिका, भानु जैन, शालू चौरे, श्रीमती धीमान, आइटीएम युनिवर्सिटी से डॉ. गुंजन मिश्रा, मोह. फैज़ल खान, सदस्य मधु अरोरा, ज्योति दरिया, निलम वर्मा, निरूपा ज़वेरी, शिला शर्मा, जया यादव, बुज्जी नानी, रमनम्मा, मधु आठवानी, सुचित्रा श्रीनाथ, साधना चटर्जी, पूजा घोष, राधिका तिवारी, सोनिया शांडिल्य, लक्ष्मी मूर्ति, इंदिरा करण राजपूत, सुमन दुग्गड़, सलोनी दुग्गड़, संचिता, इशिका साहू, कविता मारा, मीनाक्षी टुटेजा, इंदरानी खन्ना, नंदिनी वर्मा, सुनीता अग्रवाल, निलम, दिवकृति, अन्नू अरोरा, सविता मौर्य, देवयानी पाण्डेय, सीमा पण्डे, मालती महुआ,गोपाल के अग्रवाल, डिम्पल खट्टर, रितिलाल, सुचिता बघेल, राधेश्याम बघेल, कांता बघेल, सहित बड़ी संख्या में चेम्बर पदाधिकरिगण एवं व्यपरिगण उपस्थित रहे।
रायपुर। CG Open School Result 2026: छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल (CGSOS) ने हाईस्कूल और हायर सेकण्डरी मुख्य परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मंत्रालय महानदी भवन से रिजल्ट घोषित किया। रिजल्ट जारी होते ही हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो गया। छात्र अपना परिणाम छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट www.sos.cg.nic.in और www.result.cg.nic.in पर ऑनलाइन देख सकते हैं।
रायपुर। राजधानी रायपुर में पेट्रोल-डीजल को लेकर बढ़ती अफवाहों और पैनिक बाइंग के बीच जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ऑयल कंपनियों के संचालकों और पेट्रोल पंप डीलर्स की अहम बैठक लेकर साफ निर्देश दिए कि शहर में किसी भी हालत में ईंधन की कमी नहीं होनी चाहिए और आम जनता को नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल मिलता रहे।
कलेक्टर ने ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए कि डिपो से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बिना किसी देरी के जारी रखी जाए। अब तक सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होने वाली सप्लाई व्यवस्था को स्थिति सामान्य होने तक बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही शहर के भीतर ईंधन टैंकरों की 24 घंटे आवाजाही की अनुमति दी गई है ताकि किसी भी पेट्रोल पंप में स्टॉक खत्म न हो।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश, जोरदार हवाएं और बादलों की तेज गर्जना से मौसम सुहाना हो गया।
रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार द्वारा प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं और ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी एवं संग्रहण से बचने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें तथा किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संयम, सहयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।
विशेष लेख - धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक व सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे।
क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है।
28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत
राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं।
योजना से होने वाले प्रमुख फायदे
सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है।
आसान किस्तों में भुगतान
बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है।
बिजली विच्छेदन का खतरा कम
बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।
मानसिक तनाव से राहत
लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुडऩे का अवसर मिलता है।
योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है।
योजना की अवधि
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।
जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से आज 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली सफलता पर टीम के सभी खिलाडिय़ों को बधाई दी।
हैदराबाद में आयोजित 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। श्री साव से मुलाकात के दौरान टीम की मैनेजर एवं नेटबॉल संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
00 सेरीखेड़ी में अजा परियोजना और पिंक दीदी नवाचारों का किया निरीक्षण
00 महिला समूहों के आर्थिक स्वावलंबन की सराहना
रायपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।मंत्री श्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया।
पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा प्रोजेक्ट पिंक दीदी की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र, के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया।
घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर
मंत्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।
अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देश
केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
रायपुर--छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-सरोकारों से जुड़ा एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास की एक नई और अटूट कड़ी स्थापित की है। सुदूर वनांचलों से लेकर नगरीय निकायों तक, सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है।
0-जनता के द्वार पहुंची सरकार
सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने की विवशता से मुक्ति दिलाई है। प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुँचकर शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के आवेदन सीधे स्वीकार कर रहा है। इन समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जो साय सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
0-त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन
शिविरों के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा स्वरूप देखने को मिल रहा है। पेयजल संकट के समाधान हेतु तत्काल नए हैंडपंपों की स्वीकृति हो या अतिरिक्त राशन दुकान, सड़क, बिजली और आवास से जुड़े मामले, निर्णय मौके पर ही लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि जन-समस्याओं का समाधान समय-सीमा के भीतर हो। इसी के अनुरूप जिला प्रशासनों को जवाबदेह बनाते हुए अधिकारियों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने हेतु निर्देशित किया गया है।
0-अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा सीधा लाभ
राज्य सरकार की योजनाओं का केंद्र बिंदु समाज का वंचित वर्ग है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों को पक्की छत मिल रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि, आधुनिक उपकरण और सिंचाई सुविधाओं का लाभ निरंतर मिल रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान किताब और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का तत्काल वितरण सरकार की क्रियान्वयन शक्ति को दर्शाता है।
0-प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कड़ा संदेश दिया है कि जन-समस्याओं के प्रति लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं का फीडबैक लेना प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी गंभीरता को रेखांकित करता है, जिससे नागरिकों में शासन के प्रति गहरा भरोसा जगा है।
0-जनभागीदारी से सुदृढ़ होता लोकतंत्र
इस अभियान ने शासन व्यवस्था को अधिक सहभागी और जन-केंद्रित बनाया है। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सुशासन तिहार को लोकतंत्र के वास्तविक उत्सव में बदल दिया है। यह पहल केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोडऩे का माध्यम बन रही है।
0-नए छत्तीसगढ़ की आधारशिला
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा छत्तीसगढ़ की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। सुशासन तिहार इसी विजन का मूर्त रूप है। आज जब गांवों में समय पर समस्याओं का समाधान और योजनाओं का पारदर्शी लाभ मिल रहा है, तो यह विश्वास और भी प्रबल हो रहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से सुशासन और जनकल्याण के एक स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे संकल्पों की सिद्धि का एक महापर्व है। हमारी सरकार का मूल मंत्र है- ''जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता'' । विगत कुछ समय से आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में जिस तरह आप सभी की सक्रिय भागीदारी दिख रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि अब शासन और जनता के बीच की दूरियां मिट चुकी हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब आपको अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं आपके द्वार खड़ा हो।
0-दिल्ली में बस्तर विकास मॉडल पर मंथन : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अहम मुलाकात
0-पुराने सुरक्षा शिविर अब बन रहे जन सुविधा केंद्र
रायपुर--मुख्यमंत्री श्वष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में तेजी से बदल रहे हालात और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।
बैठक में विशेष रूप से बस्तर में चल रहे 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बताया कि जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी मुश्किल माना जाता था, वहां अब डॉक्टर, दवाइयां और स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से पहुंच रही हैं। दूरस्थ गांवों में पैदल जाकर लोगों की जांच की जा रही है और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मात्र एक महीने में 21.86 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच हो चुकी है और उनके डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार कर लिए गए हैं। हजारों मरीजों को समय पर उपचार और उच्च अस्पतालों में रेफर किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में अब पुराने सुरक्षा शिविर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन्हें धीरे-धीरे 'जन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां गांव के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। इन केंद्रों के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहली बार कई बुनियादी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। ग्रामीण अब इलाज, बैंक खाते, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए दूर-दूर तक भटकने को मजबूर नहीं है
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 से सुकमा से हुई है। इस अभियान में 36 लाख लोगों को लक्षित किया गया है। इसके अलावा बस्तर मुन्ने ( अग्रणी बस्तर) अभियान के जरिए 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो गया है, जहां अब बस्तर के लोगों को महंगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। डायल-112 की नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार और पुराने सुरक्षा शिविरों को 'जन सुविधा केंद्र में बदलने की योजना भी बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में अहम कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इलाके कभी नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां आज सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। हाल ही में सुकमा के एक अत्यंत दुर्गम गांव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाना इस बदलाव का बड़ा उदाहरण बना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बस्तर के लिए तैयार विकास रोडमैप की जानकारी दी। इसमें सड़क, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन से बस्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का 18 और 19 मई को बस्तर प्रवास संभावित है
00 नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरूकता का दिया गया संदेशरायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत फर्सवानी, जनपद पंचायत सारंगढ़ में आयोजित सुशासन शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत लगभग 850 ग्रामीणों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

00 मंत्री राजवाड़े ने दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर। राजनांदगांव की युवा वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने सिल्वर और कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने एशियाई स्तर पर जो उपलब्धि हासिल की है, वह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और ज्ञानेश्वरी की यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव आने वाले समय में देश के लिए और बड़े कीर्तिमान स्थापित करेंगी तथा युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करेंगी।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका से केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने की सौजन्य भेंट
रायपुर: छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने मुलाकात की।
औपचारिक संवाद और शिष्टाचार
यह मुलाकात एक सौजन्य भेंट (Courtesy Meet) थी। बैठक के दौरान दोनों गणमान्य व्यक्तियों के बीच औपचारिक संवाद हुआ। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आपसी शिष्टाचार को बनाए रखना और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा करना था।
सम्मान और आत्मीय स्वागत
परंपरा के अनुरूप, राज्यपाल श्री रमेन डेका ने केंद्रीय राज्य मंत्री का अत्यंत आत्मीयता के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने अतिथि के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्हें:
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शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
राजनांदगांव। थाना लालबाग अंतर्गत आरोपी के द्वारा एक नाबालिग से अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। घटना की रिपोर्ट के बाद आरोपी के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी 8वीं बटालियन में आरक्षक है।
राजनांदगांव शहर के पेन्ड्री स्थित आठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक के द्वारा एक नाबालिक के साथ अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। घटना की रिपोर्ट के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रार्थिया द्वारा थाने रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि बीते 11 मई को जब उनकी नाबालिग लड़की टीवी रिचार्ज का रकम देने आरोपी श्रवण भारती के घर गई थी।
रायपुर। पीएम श्री Kendriya Vidyalaya No. 2 Raipur ने CBSE कक्षा 12वीं परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करते हुए 100% परीक्षा परिणाम दर्ज किया है। विद्यालय के कुल 130 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया तथा सभी विद्यार्थी सफल घोषित हुए। विद्यालय का औसत परीक्षा परिणाम 75.71 प्रतिशत रहा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार अब विकास योजनाओं को मिशन मोड में संचालित करेगी। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने मिशनों का प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार AI, खेल, पर्यटन, अधोसंरचना और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में तेज और लक्षित विकास के लिए विशेष मिशन चला रही है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के तहत सड़कों, पुलों और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, जबकि मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन से युवाओं को उद्यमिता और नए व्यापारिक आइडियाज के लिए आर्थिक सहायता और सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को हुई बारिश और तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन अब मौसम फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग रायपुर के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते 16 मई से मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में ग्रीष्म लहर यानी हीट वेव चलने की संभावना जताई गई है।
बिलासपुर। गर्मी की छुट्टियों में ट्रेन से सफर करने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी वाली खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 77 ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द करने का फैसला लिया है। यह ट्रेनें 8 जून से 19 जून 2026 के बीच प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन के इस फैसले से छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों के लाखों यात्रियों पर असर पड़ने की आशंका है। खासतौर पर समर वेकेशन के दौरान ट्रेनों में पहले से ही भारी भीड़ रहती है, ऐसे में बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को टिकट, यात्रा और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, चांपा रेलवे स्टेशन में चौथी रेल लाइन जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से बिलासपुर रेल मंडल ने कई ट्रेनों को रद्द करने, रूट बदलने और कुछ ट्रेनों को गंतव्य से पहले समाप्त करने का फैसला लिया है। रद्द की गई ट्रेनों में 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। वहीं 8 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा, 6 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा और 5 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से संचालित होंगी।
इन ट्रेनों का बदला गया रूट
रेलवे ने कई प्रमुख ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का फैसला लिया है। 11 और 13 जून को हावड़ा से चलने वाली 12222 हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस अब झारसुगुड़ा, टिटलागढ़ और रायपुर होकर चलेगी। वहीं 13 और 15 जून को पुणे से चलने वाली 12221 पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस भी बदले हुए रूट से संचालित होगी।
इसके अलावा सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा-सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस, एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रायपुर, टिटलागढ़ और झारसुगुड़ा के रास्ते चलाया जाएगा।
कई ट्रेनें गंतव्य से पहले ही होंगी समाप्त
रेलवे ने कई ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट करने का भी निर्णय लिया है। 8 से 19 जून तक गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर केवल बिलासपुर तक चलेगी। वहीं कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर से शुरू होगी और कोरबा से बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी।
इसी तरह विशाखापट्टनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस, कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस और गोंडवाना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का संचालन भी आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।
कई ट्रेनें घंटों देरी से चलेंगी
रेलवे ने यात्रियों को यह भी जानकारी दी है कि कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से रवाना होंगी। पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 3 घंटे देरी से चलेगी, जबकि सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस करीब ढाई घंटे लेट रहेगी। इसके अलावा जनशताब्दी एक्सप्रेस, हसदेव एक्सप्रेस और शिवनाथ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर लें।
देखें लिस्ट –
ट्रेन नंबर
ट्रेन का नाम
रद्द रहने की तारीख
18113
टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस
7 से 18 जून
18114
बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस
8 से 19 जून
18109/18110
टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस
8 से 19 जून
13287
दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस
12 से 16 जून
13288
आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस
10 से 14 जून
12833/12834
अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस
11 से 15 जून
12870
हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस
12 जून
12869
सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस
14 जून
22846
हटिया-पुणे एक्सप्रेस
12 व 15 जून
22845
पुणे-हटिया एक्सप्रेस
14 व 17 जून
20813
पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस
10 जून
20814
जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस
13 जून
12905
पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस
10 व 11 जून
12906
शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस
12 व 13 जून
22905
ओखा-शालीमार एक्सप्रेस
14 जून
22906
शालीमार-ओखा एक्सप्रेस
16 जून
22512
कामाख्या-एलटीटी एक्सप्रेस
13 जून
22511
एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस
16 जून
20971
उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस
13 जून
20972
शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस
14 जून
22358
गया-एलटीटी एक्सप्रेस
10 जून
22357
एलटीटी-गया एक्सप्रेस
12 जून
17321
वास्कोडिगमा-जसीडीह एक्सप्रेस
12 जून
17322
जसीडीह-वास्कोडिगमा एक्सप्रेस
15 जून
17005
हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस
11 जून
17006
रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस
14 जून
17007
चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस
9 व 13 जून
17008
दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस
12 व 16 जून
20471
श्रीगंगानगर-पुरी एक्सप्रेस
14 जून
20472
पुरी-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस
17 जून
22830
शालीमार-भुज एक्सप्रेस
13 जून
22829
भुज-शालीमार एक्सप्रेस
16 जून
22169
रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस
10 जून
22170
सांतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस
11 जून
20828
सांतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस
10 जून
20827
जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस
11 जून
12949
पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस
12 जून
12950
सांतरागाछी-पोरबंदर एक्सप्रेस
14 जून
20917
इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस
9 जून
20918
पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस
11 जून
22909
बलसाड-पुरी एक्सप्रेस
11 जून
22910
पुरी-बलसाड एक्सप्रेस
14 जून
22866
पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस
9 जून
22865
एलटीटी-पुरी एक्सप्रेस
11 जून
20822
सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस
13 जून
20821
पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस
15 जून
22843
बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस
12 जून
22844
पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस
13 जून
13425
मालदाटाउन-सूरत एक्सप्रेस
15 जून
13426
सूरत-मालदाटाउन एक्सप्रेस
15 जून
12767
नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस
17 जून
12768
सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस
12 व 13 जून
12812
हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस
14 व 15 जून
12811
एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस
12 व 13 जून
20807
विशाखापटनम-अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस
13 व 14 जून
20808
अमृतसर-विशाखापटनम हीराकुंड एक्सप्रेस
9 व 12 जून
12251
यशवंतपुर-कोरबा एक्सप्रेस
11 व 14 जून
12252
कोरबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस
11 व 15 जून
22648
तिरुअनंतपुरम नॉर्थ-कोरबा एक्सप्रेस
13 व 17 जून
22647
कोरबा-तिरुअनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस
10 व 11 जून
12151
एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस
12 व 13 जून
12152
शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस
11 से 15 जून
18477/18478
पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस
11 से 15 जून
ट्रेन नंबर
ट्रेन का नाम
रद्द रहने की तारीख
68735
रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
8 से 19 जून
68736
बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर
7 से 18 जून
68745
गेवरारोड-रायपुर मेमू पैसेंजर
8 से 19 जून
68746
रायपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर
7 से 18 जून
58203
कोरबा-रायपुर पैसेंजर
8 से 19 जून
58204
रायपुर-कोरबा पैसेंजर
7 से 18 जून
68734/68733
बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू
8 से 19 जून
68732/68731
बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू
8 से 19 जून
68737/68738
रायगढ़-бिलासपुर-रायगढ़ मेमू
8 से 19 जून
58210
बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब जमानत के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने बेल आवेदन के पुराने फॉर्मेट में बदलाव करते हुए नए नियम लागू किए हैं, ताकि मामलों की सुनवाई ज्यादा साफ और व्यवस्थित तरीके से हो सके। नए नियमों के तहत आरोपी को अपने केस से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी, जैसे एफआईआर, गिरफ्तारी की तारीख, पुराने केस और पिछली जमानत अर्जियों का विवरण। यह नियम 11 मई 2026 से तुरंत लागू कर दिया गया है।
हाईकोर्ट द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय नियम, 2007 में संशोधन किया गया है। अदालत का मानना है कि पुराने फॉर्मेट में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाने के कारण कई मामलों में सुनवाई के दौरान जरूरी तथ्यों को समझने में कठिनाई होती थी। इसी वजह से अब आवेदन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाया गया है। नए नियमों के तहत जमानत आवेदन अब साधारण प्रारूप में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदकों को एक निर्धारित टेबल यानी टैबुलर फॉर्म में अपने केस से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी देनी होगी। अदालत का उद्देश्य है कि सुनवाई के समय जज के सामने मामले का पूरा रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध रहे।
हाईकोर्ट ने नए आवेदन फॉर्म को छह मुख्य भागों में विभाजित किया है। इनमें सबसे पहले केस से जुड़ी मूल जानकारी देनी होगी, जिसमें एफआईआर नंबर, दर्ज तारीख, संबंधित थाना और आरोपी पर लगाई गई धाराओं का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। साथ ही उन धाराओं में मिलने वाली अधिकतम सजा की जानकारी भी देनी होगी। अब जमानत आवेदन में गिरफ्तारी की तारीख और आरोपी द्वारा अब तक जेल में बिताई गई कुल अवधि की स्पष्ट जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे अदालत को यह समझने में आसानी होगी कि आरोपी कितने समय से हिरासत में है।
नए नियमों के तहत केस की वर्तमान स्थिति का पूरा ब्यौरा देना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि मामला जांच स्तर पर है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है या ट्रायल चल रहा है। साथ ही कुल गवाहों की संख्या और अब तक कितने गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, इसकी जानकारी भी देनी होगी। यदि आवेदक के खिलाफ पहले से कोई अन्य एफआईआर दर्ज है, तो उसकी जानकारी भी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति -जैसे मामला लंबित है, आरोपी बरी हो चुका है या उसे सजा हो चुकी है - यह सब आवेदन में बताना होगा।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी ने पहले कभी जमानत के लिए आवेदन किया था, तो उसकी जानकारी भी देनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि आवेदन किस अदालत में लगाया गया था और उसका क्या परिणाम रहा। यदि आरोपी के खिलाफ कोई गैर-जमानती वारंट जारी हुआ हो या उसे कभी भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया हो, तो उसका विवरण भी नए टेबल फॉर्मेट में अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर के पत्र के अनुसार नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन मई-2026 के संचालन एवं प्रेक्षण कार्य के लिए जिला कबीरधाम के नगर पंचायत सहसपुर लोहारा के अध्यक्ष पद तथा त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त पंच एवं सरपंच पदों के उप निर्वाचन के लिए श्री लक्ष्मण सिंह (आई.एफ.एस. 2010), उप वन संरक्षक (रोकड़), प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय, छत्तीसगढ़ अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), अरण्य भवन, नवा रायपुर को सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य प्रेक्षक के लाईजनिंग व्यवस्था के लिए श्री शिवेन्द्र भगत, उप वनमण्डलाधिकारी, सहसपुर लोहारा को लाईजनिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वे प्रेक्षक के आगमन, भ्रमण, ठहरने, सत्कार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का दायित्व निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। प्रेक्षक के सहयोग के लिए श्री रामशरण कौशिक, राजस्व निरीक्षक, भू-अभिलेख शाखा, कबीरधाम और 2. श्री प्रदीप ठाकुर, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, कार्यालय वनमण्डलाधिकारी, कवर्धा वनमण्डल मोबाईल नंबर +91-9098821899 की ड्यूटी लगाई गई है।
जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 18 मई को दो दिवसीय बस्तर प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरे को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने के लिए देश के चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी बस्तर पहुंचने वाले हैं।
जगदलपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित भूमकाल आंदोलन के जननायक गुंडाधुर का पैतृक गांव नेतानार में अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर चल रही है। यहां पर मैदान तैयार हो रहा है और टेंट के लिए बांस और बल्लियों को लगाने का काम शुरू हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सीआरपीएफ के जवानों के साथ भोजन कर रात्रि यहीं नेतानार में विश्राम करेंगे।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार नेतानार गांव कभी नक्सल गतिविधियों का बड़ा केंद्र हुआ करता था। इसी गांव में नक्सलियों ने फॉरेस्ट रेस्ट हाउस को आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया था। इसके अलावा एक अन्य आईईडी विस्फोट में दरभा थाना प्रभारी समेत सात जवान बलीदान हुए थे। नक्सल प्रभाव खत्म होने के बाद पहली बार है कोई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नेतानर गांव पहुंच रहे हैं। इससे गांव में उत्साह का माहौल है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि आगामी 18 मई को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर जिले के ग्राम नेतानार में पहुंचेगे और यहां मौजूद केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवानों के साथ भोजन कर रात्रि यहीं नेतानार में विश्राम करेंगे। अगले दिन 19 मई को जगदलपुर के एक निजी होटल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होंगे । जिसमें उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश समेत छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल रहेंगे। केन्द्रीय मंत्री के बस्तर प्रवास को देखते हुये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं।





























