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मझौली शिविर में सविता को मौके पर मिला आयुष्मान कार्ड, ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ त्वरित निराकरणस्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मझौली शिविर में सविता को मौके पर मिला आयुष्मान कार्ड, ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ त्वरित निराकरणस्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत मनेंद्रगढ़ के विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन की समस्याएं गंभीरता से सुनी गईं तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर के दौरान ग्राम मझौली निवासी सविता को स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ते हुए उनका आयुष्मान कार्ड तत्काल बनाकर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के हाथों प्रदान किया गया।

मौके पर ही आयुष्मान कार्ड प्राप्त होने पर सविता ने खुशी जाहिर करते हुए शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सविता ने “सुशासन तिहार 2026” को ग्रामीणों के लिए बेहद लाभकारी एवं सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि शासन द्वारा गांव-गांव आयोजित किए जा रहे इन शिविरों से लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब गांव में ही तत्काल समाधान मिल रहा है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य शासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं का संवेदनशीलता, गंभीरता और प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित हुए। जिला प्रशासन द्वारा शिविर के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।

’बस्तर का वेस्ट-अब बनेगा बेस्ट’ : ’छिंद के बीजों से तैयार होगी कैफीन मुक्त हर्बल कॉफी’, ’अब बनेगी बस्तर की नई पहचान’…..

’बस्तर का वेस्ट-अब बनेगा बेस्ट’ : ’छिंद के बीजों से तैयार होगी कैफीन मुक्त हर्बल कॉफी’, ’अब बनेगी बस्तर की नई पहचान’…..

 रायपुर: बस्तर के नैसर्गिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के बीच अब एक नई और सुगंधित क्रांति आकार ले रही है, जिसका श्रेय दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी युवा उद्यमी विशाल हालदार को जाता है। बीकॉम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की शिक्षा प्राप्त करने वाले विशाल ने अपनी जड़ों से जुड़े रहने और कुछ नया करने की चाह में छिंद (खजूर की एक स्थानीय प्रजाति) के उन बीजों से हर्बल कॉफी तैयार की है, जिन्हें अब तक बस्तर में पूरी तरह व्यर्थ समझा जाता था।

इस अभिनव प्रयोग के पीछे विशाल का उद्देश्य न केवल बेकार पड़े प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करना है, बल्कि कॉफी के उन शौकीनों को एक स्वस्थ विकल्प प्रदान करना है जो स्वाद तो चाहते हैं लेकिन कैफीन के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं। विशाल का यह सफर करीब दो वर्षों के गहन शोध और प्रयोगों का परिणाम है, जिसमें उन्होंने इंटरनेट की मदद और स्थानीय समझ का बखूबी तालमेल बिठाया है। विशाल की इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला, जिसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा सम्मानित किया गया।

’बस्तर का वेस्ट-अब बनेगा बेस्ट’ : ’छिंद के बीजों से तैयार होगी कैफीन मुक्त हर्बल कॉफी’

इस हर्बल कॉफी की सबसे प्रभावशाली विशेषता इसका पूरी तरह से कैफीन मुक्त होना है, जबकि इसमें छिंद के प्राकृतिक गुणों के कारण प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। विशाल का मानना है कि अधिकांश लोग केवल मानसिक सक्रियता के लिए ही नहीं, बल्कि कॉफी के अनूठे स्वाद और उसकी आदत के कारण इसका सेवन करते हैं, और उनकी यह खोज इसी वर्ग को ध्यान में रखकर की गई है। इस नवाचार को तब बड़ी पहचान मिली जब विशाल ने शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ में अपना स्टॉल लगाया। वहाँ प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और आम जनता ने इस कॉफी का स्वाद चखा और इसकी खूब सराहना की।

विशाल केवल एक उत्पाद बनाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के यूथ अप फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनके इस आइडिया से बस्तर के ग्रामीणों को रोजगार मिले और गांवों और जंगल से मिलने वाले छिंद के बीजों से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके। हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी भी टेस्टिंग और विकास के दौर में है और इसका आधिकारिक लॉन्च होना बाकी है, लेकिन विशाल के इस अटूट प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृष्टि स्पष्ट हो तो स्थानीय वेस्ट को भी वैश्विक स्तर के बेस्ट उत्पाद में बदला जा सकता है। आने वाले समय में यह हर्बल कॉफी न केवल बस्तर की पहचान बन सकती है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दुनिया के लिए एक अनूठा उपहार भी साबित हो सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय रेडक्रास सोसायटी के पदाधिकारियों ने की सौजन्य भेंट…..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय रेडक्रास सोसायटी के पदाधिकारियों ने की सौजन्य भेंट…..

 रायपुर: विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ शाखा के चेयरमेन श्री तोमन साहू जी चेयरमेन एवं अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को रेडक्रॉस का बैज पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर विश्व रेडक्रॉस दिवस की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानवता की सेवा के साथ ही आपदा के समय में रेडक्रॉस संस्था की भूमिका सराहनीय है।

इस अवसर पर वाइस चेयरमेन श्री रुपेश पाणिग्रही,कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल,राज्य प्रबंध समिति सदस्य श्री प्रदीप साहू, संरक्षक सदस्य श्री दिनेश तापड़िया उपस्थित थे।

CG Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, जिले के 108 पुलिसकर्मियों का तबादला, जानें किसे कहां मिली पोस्टिंग

CG Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, जिले के 108 पुलिसकर्मियों का तबादला, जानें किसे कहां मिली पोस्टिंग

 अंबिकापुर।  छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस संबंध में सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने सूची जारी की है। जारी आदेश के अनुसार सरगुजा ( Surjuja Police Transfer) जिले में 108 पुलिस कर्मियों के तबादले किए गए हैं।

बता दें कि, जारी आदेश के तहत  5 उपनिरीक्षक (एसआई), 20 सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सहित बड़ी संख्या में प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को इधर से उधर किया गया है। बताया गया कि, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

सरगुजा पुलिस महकमे में बड़ी सर्जरी, एसएसपी ने 108 पुलिसकर्मियों के किए तबादले

सरगुजा पुलिस महकमे में बड़ी सर्जरी, एसएसपी ने 108 पुलिसकर्मियों के किए तबादले

कल लगेगी नेशनल लोक अदालत, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर फोकस, जानें कैसे जुड़ सकेंगे पक्षकार

कल लगेगी नेशनल लोक अदालत, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर फोकस, जानें कैसे जुड़ सकेंगे पक्षकार

 रायपुर। लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के उद्देश्य से कल नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का आपसी सहमति और सुलह के आधार पर निराकरण किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय की (National Lok Adalat) पहल पर आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत 2026 के तहत 21, 22 और 23 अगस्त को भी विशेष सुनवाई की जाएगी।

बता दें कि,इसमें सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। बताया गया है कि 21 अप्रैल से ही सुलह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य, जिला और तालुका स्तर पर लगातार पूर्व सुलह बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का समाधान किया जा सके।

पक्षकार इस प्रक्रिया में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शामिल हो सकेंगे। वहीं मामलों को शामिल करने की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है। वहीं कहा गया कि, अधिक जानकारी और सहायता के लिए संबंधित विधिक सेवा प्राधिकरण तथा वन स्टॉप सेंटर से संपर्क किया जा सकता है।

CG : सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता और सादगी का प्रतीक, ओ.पी. चौधरी

CG : सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता और सादगी का प्रतीक, ओ.पी. चौधरी

 रायगढ़। रायगढ़ जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत शुक्रवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 150 नवविवाहित जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की। मुख्य समारोह रायगढ़ के पटेलपाली कृषि उपज मंडी में आयोजित हुआ, जहां प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने शामिल होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित कार्यक्रमों के अंतर्गत रायगढ़ में 45, खरसिया में 15, बंजारी धाम खरसिया में 30, लैलूंगा में 30 तथा धरमजयगढ़ में 30 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी स्थलों पर आकर्षक सजावट, विवाह मंडप और आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की गई थी। आयोजन में सामाजिक समरसता, सादगी और पारिवारिक सौहार्द का विशेष वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल विवाह आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक सशक्त संदेश है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। राज्य सरकार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें से 35 हजार रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। शेष राशि विवाह आयोजन, परिधान और आवश्यक सामग्री पर खर्च की जाती है।

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने 45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। वित्त मंत्री ने रानी दुर्गावती योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार नई पहल कर रही है, जिसके तहत 18 वर्ष पूर्ण होने पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने गायत्री परिवार और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजन को सफल बताया।

 
 
 
BREAKING: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल: पुष्पा साहू बनीं माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव, रोक्तिमा यादव को कोरिया कलेक्टर की कमान

BREAKING: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल: पुष्पा साहू बनीं माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव, रोक्तिमा यादव को कोरिया कलेक्टर की कमान

 रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल करते हुए नई नियुक्तियां जारी की हैं। इस आदेश के तहत शिक्षा और जिला स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। वर्ष 2012 बैच की आईएएस अधिकारी पुष्पा साहू को सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के पद पर नियुक्त किया गया है। ज्ञातव्य है कि 6 मई 2026 को जारी आदेश के तहत पुष्पा साहू को कलेक्टर जिला-कोरिया पदस्थ किया गया था, जिसमें जिसमें आंशिक संशोधन करते हुए सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के पद पर पदस्थ किया गया है।

राज्य शासन से पहले छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के कर्मचारी-अधिकारियों को मिलेगा 60 प्रतिशत डीए

राज्य शासन से पहले छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के कर्मचारी-अधिकारियों को मिलेगा 60 प्रतिशत डीए

 रायपुर। एक बार फिर राज्य शासन से पहले छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज में कार्यरत् नियमित अधिकारियों/कर्मचारियों एवं कार्यभारित कर्मचारियों जिनके द्वारा 01.04.2016 से पुनरीक्षित वेतनमान प्राप्त किया जा रहा है, को देय महंगाई भत्ते की वर्तमान दर 58 प्रतिशत को 01.01.2026 से निम्नानुसार संशोधित कर मूल वेतन का 6 प्रतिशत कर दिया है।
मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) द्वारा जारी आदेश के अनुसार संशोधित दर के मान से महंगाई भत्ते का नियमित भुगतान माह मई 2026 के वेतन के साथ किया जाएगा। माह जनवरी 2026 से माह अप्रैल 2026 तक देय महंगाई भत्ते की बकाया राशि का भुगतान माह मई 2026 से अगस्त 2026 के वेतन के साथ चार समान किश्तों में किया जाएगा। पावर कंपनीज के ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों को जो माह मई 2026 से अगस्त 2026 के मध्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें महंगाई भत्ते की एरियर्स की राशि का भुगतान सेवानिवृत्त माह तक पूर्ण कर लिया जाए। महंगाई भत्ते के भुगतान हेतु गणना के लिए 50 पैसा या उससे अधिक के अंश को एक रूपये तथा 50 पैसा से कम अंश को गणना में नहीं लिया जाएगा।

बुखारा और समरकंद के विद्यार्थी इंदिरा गांधी कृषि विवि में करेंगे पढ़ाई और अनुसंधान

बुखारा और समरकंद के विद्यार्थी इंदिरा गांधी कृषि विवि में करेंगे पढ़ाई और अनुसंधान

 00 उज्बेक अध्ययन दल ने लिया कृषि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान अधोसंरचनाओं और सुविधाओं का जायजा

रायपुर। भारत एवं उजबेकिस्तान के मध्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए उज़बेकिस्तान से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार अधोसंरचनाओं, सुविधाओं तथा गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान अध्ययन दल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संरचनाओं का अवलोकन भी किया।

इस प्रतिनिधिमंडल में बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग के उप-कुलपति प्रो. अब्रोर जोरायेव तुरोबोविच तथा समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसीन लाइवस्टॉक एवं बायोटेक्नोलॉजीस से अनुसंधान एवं नवाचार के उप-कुलपति प्रो. तयलाकोव तोलिब इसाकुलोविच सहित अन्य वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं वैज्ञानिक शामिल हैं। इस अवसर पर भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य द्विपक्षीय शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग सुदृढ़ीकरण विषय पर आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।

कृषि महाविद्यालय रायपुर के सेमिनार हॉल में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान उजबेकिस्तान के बुखारा एवं समरकंद विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के साथ छात्र एवं संकाय विनिमय के साथ ही अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों एवं कृषि उद्यमिता विकास के संबंध में सार्थक विचार-विमश किया गया। इस दौरान दोनो देशों के मध्य शैक्षणिक संबंधों को और अधिक सदृढ़ करने के साथ-साथ नवीन अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में मिल-जुल कर कार्य करने पर प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक शिक्षण द्वारा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक अधोसंरचनाओं, शिक्षण सुविधाओं, संचालित पाठ्यक्रमों, संकाय सदस्यों, शैक्षणिक गतिविधियों आदि के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही संचालक अनुसंधान द्वारा विश्वविद्यालय में उपलब्ध अनुसंधान अधोसंरचनाओं, अनुसंधान सुविधाओं, अनुसंधान योजना एवं गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उत्पादन, कृषि व्यवसाय एवं उद्यमिता, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन आदि विषयों पर भी विचार मंथन किया गया तथा आपसी सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की गई। विभिन्न विभागाध्यक्षों द्वारा विभागीय गतिविधियों प्रस्तुत की गई। बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग के उप-कुलपति प्रो. अब्रोर जोरायेव तुरोबोविच द्वारा उनके विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं अनुसंधान अधोसंरचनाओं, सुविधाओं तथा गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई और कृषि विश्वविद्यालय के साथ द्विपक्षीय सहयोग की संभावानाओं को रेखांकित किया गया। समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसीन लाइवस्टॉक एवं बायोटेक्नोलॉजीस से अनुसंधान एवं नवाचार के उप-कुलपति प्रो. तयलाकोव तोलिब इसाकुलोविच ने उनके विश्वविद्यालय के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और द्विपक्षीय सहयोग की रूप-रेखा बताई। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ट प्रभारी डॉ. हुलास पाठक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी की रूप-रेखा प्रतिपादित की। कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने कार्यक्रम के अंत में अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई, वायरल वीडियो के बाद भिलाई-3 का पटवारी निलंबित

रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई, वायरल वीडियो के बाद भिलाई-3 का पटवारी निलंबित

 00 वेतन मिलने पर पैसे लौटाने का किया था सौदा
रायपुर। 
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर रिश्वत के लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भिलाई-03 ने पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
ज्ञात हो कि जमीन बंटवारे के बदले रुपयों के लेनदेन से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी जांच अहिवारा तहसीलदार द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि प्रार्थी अमन कुमार टंडन और भूमिस्वामी उत्तम टंडन ने जमीन बंटवारे के काम के लिए पटवारी को 45 हज़ार रुपये दिए थे। पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह राशि ली थी, लेकिन उनका तर्क था कि उन्होंने यह पैसे प्रार्थी की माता से लिए थे और वेतन मिलने के बाद इसे वापस करने की बात कही थी।
नियमों का उल्लंघन और निलंबन
प्रशासन ने पटवारी के इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 और नियम-14 का स्पष्ट उल्लंघन माना है। इसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में रखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की गई है। पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय अहिवारा नियत किया गया है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

 00 महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े ने सूरजपुर से दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश

रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आत्मनिर्भर महिला ही सशक्त परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला है। उन्होंने आज सूरजपुर जिले में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। प्रदेशभर में आज आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की अनूठी झलक देखने को मिली। राज्य स्तर पर प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 2188 जोड़े 8 मई को विवाह बंधन में बंधे, जबकि अन्य चरणों सहित यह संख्या बढ़कर 2393 जोड़ों तक पहुंच गई है।

 ’मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में’


सूरजपुर जिले में आयोजित भव्य समारोह में 100 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न इस आयोजन में मंत्रोच्चार, फेरे, सिंदूरदान और वरमाला की रस्में पूरी की गईं। शहनाइयों की गूंज, बैंड-बाजों की मधुर धुन और पुष्प वर्षा के बीच नवदंपत्तियों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान और सहारा दोनों है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा इस वर्ष दो चरणों में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंच सके।

 ’मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में’


मंत्री राजवाड़े ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि स्वावलंबी महिलाएं न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने नवदंपत्तियों से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा ने उपस्थित जनसमुदाय को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने की शपथ दिलाई और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने कहा कि राज्य शासन अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है।

 ’मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में’

सामूहिक विवाह समारोह में नवदंपत्तियों के चेहरों पर खुशी और संतोष झलक रहा था, वहीं बेटियों को विदा करते समय कई परिजनों की आंखें नम हो गईं। सभी ने इस गरिमामय आयोजन के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत सशक्त रूप से कर सकें।

 ’मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में’

मोटली सोढ़ी को पहली बार सुशासन तिहार में मिले सरकारी दस्तावेज

मोटली सोढ़ी को पहली बार सुशासन तिहार में मिले सरकारी दस्तावेज

 00 शिविर में ही बना जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड, वर्षों की परेशानी हुई दूर

रायपुर। शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार अब जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। बस्तर जिले के दरभा विकासखंड के ग्राम ढोढऱेपाल में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में एक ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक मामला सामने आया, जहां मोटली सोढ़ी को जीवन में पहली बार सरकारी दस्तावेज प्राप्त हुए।

ग्राम छोटे गुडरा डिलमिली निवासी मोटली सोढ़ी (पति श्री बोंजा सोढ़ी) के पास अब तक कोई भी पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं था। दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सुशासन तिहार शिविर में जब अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली, तब तत्काल पहल करते हुए पंचनामा तैयार कराया गया और मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मोटली सोढ़ी का जन्म प्रमाण पत्र बनाया गया। साथ ही आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी शिविर में ही पूरी की गई।
सरकारी दस्तावेज मिलने के बाद मोटली सोढ़ी के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें भी शासन की योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। शिविर में लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है, जिससे आमजन को राहत मिल रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई आशा और विश्वास भी जगा रहा है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सड़क अधोसंरचना को मजबूती, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सड़क अधोसंरचना को मजबूती, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कांसाबेल से बगीचा मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

लगभग 29 करोड़ 08 लाख 06 हजार रुपए की लागत से 39 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुल-पुलियों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। कांसाबेल-बगीचा मार्ग क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी और व्यापारी आवागमन करते हैं। समय के साथ सड़क की स्थिति प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।

IPL मैच से पहले रायपुर ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी जारी, जानिए कहां होगी पार्किंग और कौन-से रास्ते रहेंगे प्रभावित

IPL मैच से पहले रायपुर ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी जारी, जानिए कहां होगी पार्किंग और कौन-से रास्ते रहेंगे प्रभावित

 रायपुर।  राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर में 10 और 13 मई को होने वाले IPL मैच को लेकर ट्रैफिक पुलिस और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। दर्शकों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रायपुर पुलिस द्वारा विशेष ‘पार्किंग रूट प्लान’ जारी किया गया है। ट्रैफिक एडवाइजरी में लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही वाहन खड़ा करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए मैच का आनंद लें।

जारी प्लान के अनुसार अलग-अलग रूट से आने वाले दर्शकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है ताकि स्टेडियम के आसपास जाम की स्थिति न बने। पुलिस ने लोगों से समय से पहले स्टेडियम पहुंचने और अनावश्यक भीड़ से बचने की भी अपील की है। IPL मैच को लेकर राजधानी में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

सड़क-पुल निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं! अरुण साव ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी

सड़क-पुल निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं! अरुण साव ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए विभागीय अधिकारियों की कड़ी क्लास लगाई। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में साव ने साफ कहा कि प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद तकनीकी स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय कार्यालय कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और जवाबदेही के साथ काम करें।

बैठक में अरुण साव ने परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और खराब मिलने पर संबंधित ठेकेदारों से तुरंत मरम्मत कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कें खराब पाई गईं तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं से कहा कि वे खुद फील्ड में जाकर प्राथमिकता वाले कार्यों का निरीक्षण करें और हर सप्ताह सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें।

अरुण साव ने सड़क निर्माण में भू-अर्जन की प्रक्रिया तेज करने के लिए कलेक्टरों के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट खत्म करने और सड़क व पुल निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

बैठक में साव ने गुणवत्ता और समय-सीमा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि लंबे समय तक अधूरे पड़े निर्माण कार्य विभाग की छवि खराब करते हैं। इसलिए हर हाल में तय समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा किया जाए।

इस समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी, अपर सचिव एसएन श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सेतु संभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ में आज बजेगी 2300 से ज्यादा शहनाइयां, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक साथ बंधेंगे हजारों जोड़े

छत्तीसगढ़ में आज बजेगी 2300 से ज्यादा शहनाइयां, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक साथ बंधेंगे हजारों जोड़े

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता और सामूहिक सहयोग की मिसाल बन चुकी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आज 8 मई को प्रदेशभर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस बड़े आयोजन में 2300 से अधिक जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे। सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रशासनिक अमला कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

इस सामूहिक विवाह समारोह की सबसे खास बात यह है कि इसमें विभिन्न धर्मों और समुदायों के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़ों की भागीदारी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता की झलक पेश करेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और भाईचारे का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पहले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों की शादी बड़ी चिंता होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने इस चिंता को सम्मान और विश्वास में बदल दिया है। यह योजना संवेदनशील शासन की सोच को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रही है।

गौरतलब है कि 10 फरवरी 2026 को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह में 6,412 जोड़े एक साथ विवाह बंधन में बंधे थे। इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1,316 नवविवाहित जोड़ों को सीधे आशीर्वाद दिया था, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। यह आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ था।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत मजबूती के साथ कर सकें। इसके अलावा विवाह आयोजन के लिए जरूरी सामग्री और अन्य व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा सभी जिलों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि विवाह समारोह में शामिल हर जोड़े और उनके परिजनों को सम्मानजनक और सुगम वातावरण मिल सके।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम! 20 से ज्यादा जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट, तेज आंधी के आसार

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम! 20 से ज्यादा जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट, तेज आंधी के आसार

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से फिलहाल लोगों को राहत मिली हुई है, लेकिन मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। अगले 5 दिनों तक कई इलाकों में अंधड़, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। गुरुवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई। चरमा में 3 सेंटीमीटर और गरियाबंद में 1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं सबसे ज्यादा तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रहा।

मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि दक्षिण मध्य प्रदेश, उड़ीसा और पूर्वी बिहार के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है। इसी वजह से आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

राजधानी रायपुर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ की संभावना जताई गई है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

सुशासन तिहार 2026: त्रिवेणी रात्रे का पक्के घर का सपना हुआ पूरा

सुशासन तिहार 2026: त्रिवेणी रात्रे का पक्के घर का सपना हुआ पूरा

 जनसमस्या निवारण शिविर में मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, चेहरे पर आई खुशी

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम तिलई में आयोजित शिविर में ग्राम मुरलीडीह निवासी त्रिवेणी रात्रे को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के मकान की चाबी प्रदान की गई। वर्षों से पक्के घर का सपना देख रही त्रिवेणी रात्रे के लिए यह अवसर बेहद खुशी और संतोष लेकर आया।

त्रिवेणी रात्रे ने बताया कि उनका परिवार पहले कच्चे मकान में निवास करता था, जहां बारिश के दौरान पानी टपकने और गर्मी के मौसम में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने से अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में जीवन यापन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पक्का घर मिलने से परिवार में आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं।

रात्रे ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार आम लोगों के लिए राहत और खुशियों का माध्यम बनकर सामने आया है तथा शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।

प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करें -अरुण साव

प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करें -अरुण साव

 उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

अधिकारियों को दिए निर्देश - कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और दक्षता से काम करें मुख्य अभियंता कार्यालय, कार्य संस्कृति सुधारे

परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की खराब स्थिति पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा

सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की खुद मॉनिटरिंग करने के दिए निर्देश

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने आज विभागीय मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर सड़कों एवं पुल-पुलियों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करने के निर्देश दिए। साव ने बैठक में कहा कि सभी मुख्य अभियंता कार्यालय कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और दक्षता से काम करें। उन्होंने विभाग की कार्य संस्कृति में बदलाव लाते हुए फील्ड से लेकर कार्यालय तक तेज गति और जवाबदेही से काम करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री  साव ने परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग करने और इनके खराब होने पर संबंधित ठेकेदारों से त्वरित मरम्मत कराने को कहा, ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की स्थिति खराब पाए जाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने ऐसी सड़कों का तत्काल ठेकेदारों से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता को भारत सरकार के साथ लगातार समन्वय कर स्वीकृतियों एवं कार्यों में तेजी लाने को कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की खुद मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने फील्ड पर निकलकर प्राथमिकता वाली सड़कों के कार्यों की प्रगति का हर सप्ताह निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नई सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए कलेक्टरों के साथ समन्वय कर भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने ब्लैक-स्पॉट्स दूर करने के साथ ही सड़कों व पुलों के निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री  साव ने निर्माण कार्यों और निर्माण सामग्रियों में गुणवत्ता पर जोर देते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि बहुत दिनों तक लंबित काम विभाग की छवि खराब करता है। इस तरह की स्थिति न बने। हर हाल में समय-सीमा में काम पूर्ण करने का प्रयास करें। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंतावी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं के साथ ही सेतु संभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री साय की बड़ी सौगात: जशपुर में श्री नदी पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल, तीन राज्यों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

मुख्यमंत्री साय की बड़ी सौगात: जशपुर में श्री नदी पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल, तीन राज्यों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

 00 9 करोड़ 45 लाख की लागत से बनेगा श्री नदी पर उच्च स्तरीय पुल

00 झारखंड और ओडिशा राज्य को जोडऩे वाले मार्ग पर आवागमन होगा आसान

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को एक और महत्वपूर्ण विकास परियोजना की सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट अंतर्गत कुनकुरी-तपकरा-लवाकेरा मार्ग पर श्री नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 45 लाख 85 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

 ’मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर में श्री नदी पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल, तीन राज्यों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

 


यह मार्ग छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा को जोडऩे वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। उच्च स्तरीय पुल के निर्माण से तीनों राज्यों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम और निर्बाध हो सकेगा। साथ ही व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। वर्तमान में इस मार्ग पर स्थित सकरा पुल बरसात के मौसम में बड़ी समस्या बन जाता था। जलस्तर बढऩे पर आवागमन बाधित हो जाता था और ग्रामीणों एवं राहगीरों को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ती थी। लंबे समय से क्षेत्रवासी उच्च स्तरीय पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी कार्य कर रही है। पुल निर्माण से हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। क्षेत्रवासियों का मानना है कि श्री नदी पर बनने वाला यह उच्च स्तरीय पुल जशपुर जिले के लिए विकास का नया द्वार साबित होगा तथा राज्य के दूरस्थ अंचलों को बेहतर संपर्क सुविधा से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद को लेकर दिए गए बयान पर सांसद पाडेय बोले - यह बघेल की हताशा का प्रतीक

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद को लेकर दिए गए बयान पर सांसद पाडेय बोले - यह बघेल की हताशा का प्रतीक

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद को लेकर दिए गए निराधार बयान पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए इसे उनकी हताशा का प्रतीक बताया है। पाण्डेय ने कहा कि लगातार हार की छटपटाहट में बघेल संवैधानिक संस्थाओं के साथ-साथ अब सरकारी विभागों पर झूठे आरोप मढ़कर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बघेल यह बात अच्छी तरह समझ लें कि कांग्रेस शासन का इमरजेंसी मॉडल जनता भूली नहीं है।

भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद पाण्डेय ने बघेल को उनके कार्यकाल का आईना दिखाते हुए कहा कि बघेल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ ने अघोषित आपातकाल देखा है। कांग्रेस की पिछली सरकार में पत्रकारों, एक्टिविस्टों और सोशल मीडिया पर स्वतंत्र राय रखने वाले सामान्य नागरिकों तक पर राजद्रोह के मुकदमे दर्ज किए गए थे। आज बघेल किस मुँह से संवाद और पारदर्शिता की बात कर रहे हैं? पाण्डेय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि पिछले 5 वर्षों में 'छत्तीसगढ़ संवादÓ को किस तरह कांग्रेस का टूलकिट बनाकर रखा गया था। करोड़ों रुपए का सरकारी पैसा केवल एक चेहरे की ब्राण्डिंग और दिल्ली के आकाओं को खुश करने में फूँका गया। आज जब सरकारी तंत्र निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है, तो बघेल के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? पाण्डेय ने कहा कि एआई और तकनीक का नाम लेकर बघेल दरअसल अपनी उन विफलताओं को छिपाना चाहते हैं जो जनता के बीच उजागर हो चुकी हैं। कांग्रेस की भूपेश-सरकार ने केवल लूट और झूठ का उत्पादन किया, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शिता और विकास के संवाद में विश्वास रखती है।

भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद पाण्डेय ने बघेल द्वारा दीवारों के भी कान होते हैं की मिसाल देने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद इसीलिए बघेल सरकार के कार्यकाल के कोयला घोटाले, शराब घोटाले और महादेव ऐप के कारनामे दीवारों से निकलकर आज जेल की सलाखों तक पहुँच रहे हैं। षड्यंत्र भाजपा नहीं करती, षड्यंत्र तो कांग्रेस की पिछली सरकार ने प्रदेश के युवाओं और किसानों के खिलाफ किया था, जिसका हिसाब प्रदेश की जनता निरंतर कर रही है। पाण्डेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अनर्गल प्रलाप करने के बजाय अपने कार्यकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा सरकार तकनीक और संचार का उपयोग लोक कल्याण के लिए कर रही है, न कि कांग्रेस की तरह दुष्प्रचार के लिए।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लाखों उपभोक्ताओं को राहत देने वाली जनहितैषी पहल

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लाखों उपभोक्ताओं को राहत देने वाली जनहितैषी पहल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम जनता को राहत पहुंचाने और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 लागू की गई है। यह योजना घरेलू, बीपीएल एवं कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के भुगतान में राहत देने के साथ-साथ आसान समाधान उपलब्ध करा रही है।

योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल का भुगतान एकमुश्त अथवा आसान किस्तों में करने की सुविधा दी गई है। विशेष बात यह है कि 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिलों पर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफी का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी उपभोक्ता आर्थिक कारणों से बिजली सुविधा से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ योजना को सरल और सुलभ बनाया गया है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं का पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पंजीयन की व्यवस्था विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध कराई गई है। उपभोक्ता मोर बिजली एप, ष्टस्क्कष्ठष्टरु की आधिकारिक वेबसाइट, नजदीकी बिजली कार्यालय तथा विशेष पंजीयन शिविरों के माध्यम से आसानी से अपना पंजीयन करा सकते हैं। यह योजना 12 मार्च 2026 से लागू है तथा योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। अब तक लाखों उपभोक्ता योजना से जुड़ चुके हैं और बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण कर उपभोक्ताओं को करोड़ों रुपए की राहत प्रदान की जा चुकी है। आंकड़ों की बात करें तो अब तक प्रदेश के 07 लाख 24 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया है। 1 लाख 63 हजार प्रकरणों का निराकरण कर कुल 06 करोड़ 22 लाख रूपये से अधिक की राहत प्रदान की जा चुकी है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 इसी जनहितकारी सोच का परिणाम है, जो लाखों उपभोक्ताओं के जीवन में राहत और विश्वास लेकर आई है।

सेवा सेतु: छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल प्रशासन का नया अध्याय

सेवा सेतु: छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल प्रशासन का नया अध्याय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में सेवा सेतु एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल,त्वरित और डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी सोच का परिणाम है कि अब आय,जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-न$कल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डिजिटल सुशासन का प्रभावी माध्यम
पहले नागरिकों को अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। प्रमाण-पत्र बनवाने जैसी मूलभूत सेवाओं में समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बड़ी खपत होती थी। सेवा सेतु ने इस पारंपरिक व्यवस्था को बदलते हुए नागरिकों को वन स्टॉप सॉल्यूशन उपलब्ध कराया है। अब लोग ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर रहे हैं और निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। राज्य शासन की यह पहल केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव का भी संकेत है। यह व्यवस्था नागरिकों को यह भरोसा दिला रही है कि शासन उनकी सुविधा और अधिकारों को प्राथमिकता दे रहा है।

 

86 से बढ़कर 441 सेवाएं
छत्तीसगढ़ में पहले ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया,जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी हैं। इनमें 54 नई सेवाएं शामिल हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का भी सफल एकीकरण किया गया है। 30 से अधिक विभाग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल या कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी हैं।
समयबद्ध सेवा का भरोसा
छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। सेवा सेतु इसी अधिकार को व्यवहारिक रूप से मजबूत कर रहा है। पिछले 28 महीनों के आंकड़े इस व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं। इस अवधि में 75 लाख 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 68 लाख 41 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। इनमें 95 प्रतिशत से अधिक आवेदन तय समय-सीमा में निपटाए गए। यह आंकड़ा प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
प्रमाण-पत्र सेवाओं की सबसे अधिक मांग
चिप्स कार्यालय के अनुसार सबसे अधिक आवेदन आय प्रमाण-पत्र के रहे, जिनकी संख्या 32 लाख से अधिक है। इसके अलावा मूल निवास प्रमाण-पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण-पत्र, अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र और भू-न$कल संबंधी सेवाओं का भी बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ है। यह दर्शाता है कि नागरिकों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल माध्यम में लाना कितना आवश्यक था। अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोग भी कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और इंटरनेट आधारित सेवाओं के माध्यम से सुविधाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।
व्हाट्सएप तक पहुंची सरकारी सेवाएं तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए अब सेवा सेतु की सेवाओं को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। इससे लोगों को जानकारी प्राप्त करने और सेवाओं तक पहुंचने में और अधिक सुविधा मिल रही है। अब तक 3.3 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जा चुके हैं। यह कदम डिजिटल इंडिया की अवधारणा को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
पारदर्शिता और विश्वास का नया मॉडल
सेवा सेतु केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि नागरिक और शासन के बीच भरोसे का नया सेतु बनता जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के कारण आवेदन प्रक्रिया की निगरानी संभव हुई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और अनावश्यक विलंब में कमी आई है। राज्य सरकार की यह पहल प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार और नागरिक सुविधा का समन्वित उदाहरण है। यदि इसी गति से सेवाओं का विस्तार और गुणवत्ता सुधार जारी रहा, तो सेवा सेतु आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।
डिजिटल युग में सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर और सरल तरीके से जनता तक पहुंचाना है। सेवा सेतु इसी सोच को साकार कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ में प्रशासन को अधिक मानवीय, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। निश्चित रूप से सेवा सेतु आने वाले वर्षों में राज्य की डिजिटल प्रशासनिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 

 

85 लाख में बनी मोला लव होगे कल 45 सिनेमाघरों में होगी रिलीज

85 लाख में बनी मोला लव होगे कल 45 सिनेमाघरों में होगी रिलीज

 00 बस्तर की वादियों में बनाएंगे अगली फिल्म - अनुमोद

रायपुर। अनुमोद फिल्मस के बैनर तले 85 लाख रुपये की लागत से बनी छत्तीसगढ़ी फिल्म मोला लव होगे राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के 45 सिनेमाघरों में 8 मई को रिलीज होने जा रही है। फिल्म का प्रीमियर शो सुबह 9 बजे रखा गया है। निर्माता निर्देशक अनुमोद राजवैद्य के अनुसार यह फिल्म छत्तीसगढ़ की सबसे अलम रोमांटिक और पारिवारिक फिल्म होगी। फिल्म में नए-नए कलाकार डेब्यू कर रहे हैं, जैसे नायक के रूप में है छत्तीसगढ़ के नवोदित सुपरस्टार आयुष राजवैद्य जो छत्तीसगढ़ समेत राष्ट्रीय स्तर पर अपने अभिनीत नाटकों के जरिए पहले ही अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं। फिल्म की नायिका है भानुप्रतापपुर की तिरांजली गोस्वामी जिनकी नायिका के रोल में यह पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म है। अनुमोद ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस फिल्म के बाद वे बस्तर की खुबसूरत वादियों को लेकर बहुत जल्द ही फिल्म का निर्माण करने जा रहे जिसकी शूटिंग जल्द ही शुरु होगी। अनुमोद ने कहा कि बिदाई के बाद यह दूसरी फिल्म है जबकि अनुमोद फिल्म्स के बैनर तले मोला लव होगे पहली फिल्म है। फिल्म के तीन गीत डोंट टचमाय गगरी, मोला मुम्बई घुमा दे राजा और नैना रे नैना को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और फिल्म के रिलीज होने के बाद तीन और गानों को कल यूट्यूब पर रिलीज कर दिया जाएगा। फिल्म मोला लव होगे एक ऐसे युवा वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है जो पढ़ा लिखा है और उसके बावजूद उसकी जड़ें पूरी तरह से अपने परिवार से जुड़ी हुई हैं। फिल्म में रोमांस, एक्शन, कॉमेडी, थ्रिल, सस्पेंस सभी कुछ है और फिल्म विशुद्ध रूप से पारिवारिक फिल्म है जिसे छत्तीसगढ़ की जनता अपने परिवार व बच्चों के साथ बैठकर आराम से देख सकती है।फिल्म में छत्तीसगढ़ के सुपरस्टार करन खान, रजनीश झांझी, संजय महानंद, पुष्पेंद्र सिंह, जागेश्वरी मेश्राम, विक्रम राज जैसे जाने-माने दिग्गज कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। छत्तीसगढ़ी फिल्मों के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नए और पुराने कलाकारों का संगम देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ी फिल्मों के इतिहास में विगत 26 वर्षों में यह पहला अवसर होगा जिसमें सुपरस्टार करन खान और छत्तीसगढ़ के सशक्त अभिनेता रजनीश झांझी एक दूसरे के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों के भीष्म पितामह मोर छइंहा भूइहां, झन भूलौ मां बाप ला जैसी फिल्मों के निर्माता निर्देशक सतीश जैन पहली बार अपने होम प्रोडक्शन के अलावा अनुमोद फिल्मस की फिल्म मोला लव होगे का डिस्ट्रीब्यूशन कर रहे हैं। ये ऐसी खास बात है जो छत्तीसगढ़ की जनता को इस फिल्म को देखने के लिए fमजबूर करती है।इस फिल्म का पिक्चराइजेशन पूर्णत: छत्तीसगढ़ में ही किया गया है। फिल्म 8 मई को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की श्याम टॉकीज समेत सभी मल्टीप्लेक्स में और छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख्य शहरों में एक साथ रिलीज होने वाली है।छत्तीसगढ़ के इन सिनेमाघरों में होगी रिलीज 

1. श्याम टॉकिज - रायपुर
2. पीवीआर सिटी सेंटर- रायपुर
3. मेग्नेटो मॉल- रायपुर
4. कलर्स मॉल- रायपुर
5. अम्बुजा मॉल- रायपुर
6. मिराज - नया रायपुर
7. के सेरा सेरा- दुर्ग
8. अप्सरा - दुर्ग
9. चन्द्रा आर एल आर-भिलाई
10. श्री कृष्णा - राजनांदगांव
11. देवश्री - धमतरी
12. मां कर्मा - कसडोल
13. रामनिवास - रायगढ़
14. मां भुवनेश्वरी- कवर्धा
15. ई ओ स - कवर्धा
16. मुकुंद- चांपा
17. पद्मीनी- चांपा
18. डी एल - अकलतरा
19. मेट्रो- जांजगीर
20. सिटी - सारंगढ़
21. ए के सिनेमा - घरघोड़ा
22. रामा मेट्रो- शिवरीनारायण
23. सिटी सिनेमा - बाघबाहरा
24. सिटी सिनेमा- बसना
25. रतन टॉकिज - बेमेतरा
26. श्री विठोबा- महासमुन्द
27. कृष्णा - शक्ति
28. श्री महल- भटगांव
29. आब- बिर्रा
30. श्री सिनेमा - डोंगरगढ़
31. मुरली- कटघोरा
32. पीहू - खरसिया
33. मार्को - सरसींवा
34. जय श्री- नागपुर
35. सुनीलम- कुरूद
36. श्री सिनेमा - पाटन
37. 36 माल - बिलासपुर
38. पी वी आर- बिलासपुर
39. एम बी मॉल- खरियार रोड
40. किशोर- कोंडागांव
41. ग्रैविटी- जैजैपुर
42. निहारिका- कोरबा
43. चित्रा - कोरबा
44. पाची सिनेमा- बालोद
45. सिटी प्लेक्स - भाटापारा

अबूझमाड़ में डिजिटल सूर्योदय: ताहकाडोंड में पहली बार गूंजी मोबाइल की घंटी

अबूझमाड़ में डिजिटल सूर्योदय: ताहकाडोंड में पहली बार गूंजी मोबाइल की घंटी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का वह हिस्सा, जिसे कभी अबूझ (अनजान) कहा जाता था, अब डिजिटल संकेतों से जुड़कर अपनी नई पहचान लिख रहा है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम ताहकाडोंड में मोबाइल टावर की स्थापना ने सदियों के संचार सन्नाटे को तोड़ दिया है। अब यहाँ के ग्रामीण अपनों से बात करने के लिए पहाडिय़ों की ऊंचाइयों पर नहीं चढ़ते, बल्कि घर बैठे दुनिया से जुड़ रहे हैं।छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में संचार क्रांति का यह अध्याय वास्तव में सराहनीय है। नो सिग्नल से सीधे कनेक्टिविटी तक का यह सफर केवल तकनीक का नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा से जुडऩे का है।

पहाडिय़ों की चढ़ाई से मिली मुक्ति
ग्राम पंचायत मेटानार के आश्रित ग्राम ताहकाडोंड और उसके आसपास के क्षेत्र लंबे समय से नो नेटवर्क जोन में थे। ग्रामीणों के लिए एक फोन कॉल करना किसी चुनौती से कम नहीं था; उन्हें सिग्नल खोजने के लिए ऊंचे पहाड़ों पर चढऩा पड़ता था या कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक आना पड़ता था। टावर की स्थापना के साथ ही अब ताहकाडोंड, कदेर और ब्रेहबेड़ा जैसे गांवों के लगभग 400 ग्रामीण सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
विकास की नई जीवनरेखा: आपातकालीन और प्रशासनिक सेवाएँ

कनेक्टिविटी का यह विस्तार केवल बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन रक्षक भी सिद्ध हो रहा है। अब आपात स्थिति में ग्रामीण तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल कर सकते हैं। त्वरित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होने और समय पर इलाज मिलने से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी और गंभीर बीमारियों के प्रबंधन में मदद मिलेगी। इंटरनेट के माध्यम से ग्रामीण अब ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन घर बैठे कर पा रहे हैं। यह डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम का संकेत है। पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस के साथ शासन की योजनाओं की जानकारी अब सीधे हितग्राहियों तक पहुँच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो रही है और कार्यों में तेजी आई है।
बदलती सामाजिक-आर्थिक तस्वीर
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टावर की स्थापना शासन की सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल संचार सुविधा है, बल्कि विकास का एक सशक्त माध्यम है। ताहकाडोंड के ग्रामीणों ने इस पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे एक नए युग की शुरुआत बताया है। मोबाइल नेटवर्क आने से न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों के बाजार और युवाओं के लिए सूचना के नए द्वार भी खुलेंगे। शासन का यह प्रयास सिद्ध करता है कि भौगोलिक बाधाएं अब विकास के आड़े नहीं आएंगी।