
रायपुर, कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में अन्य राज्यों से प्रवेश करने वाले व्यक्तियों-श्रमिकों को प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के एन्ट्री पाइंट में पहुंचने पर उनके द्वारा प्रवास की जानकारी और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही आने की अनुमति देने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में व्यक्तियों के आगमन की संभावना को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से बिना सूचना के प्रवेश करने वाले व्यक्तियों तथा क्वारेंटीन का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगर निगम आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना संक्रमण एक वैश्विक स्तर की चुनौती है, जिस पर नियंत्रण के लिए कड़ी निगरानी एवं प्रभावी प्रशासनिक कार्यवाही करनी होगी। शासन के निर्देशों एवं आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर जिला प्रशासन द्वारा यथास्थिति धारा 188 भारतीय दंड संहिता 1860 तथा धारा 51 से 60 आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों अनुसार कड़ी कार्यवाही की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा है कि भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा 29 अप्रैल को जारी पत्र में लॉकडाउन के कारण गृह राज्य से भिन्न राज्यों-स्थानों में फंसे हुए श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों को अपने गृह राज्य में जाने की अनुमति देने संबंधी निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुपालन में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को अनुमति देने एवं क्वारेंटीन करने के बारे मे दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि अन्य राज्यों से वापस आने वाले व्यक्तियों-श्रमिकों के प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में एन्ट्री पाइंट पर पहुंचने के साथ उनके द्वारा प्रवास की जानकारी देने के बाद ही आगे जाने की अनुमति प्रदान की जाए। बिना जानकारी दिए तथा बिना स्वास्थ्य परीक्षण के निवास स्थान जाने वाले ऐसे व्यक्तियों को चिंहित कर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। एन्ट्री पाइंट पर जानकारी एकत्रित करने के लिए प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा है कि अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो सकते हैं, जिनमें स्थानीय समुदाय में कोरोना वायरस का संक्रमण निश्चित रूप से फैल सकता है। क्वारेंटीन का पालन न करने से फैले संक्रमण पर काबू पाना अत्यंत कठिन होगा। इसलिए सभी ग्राम पंचायतों-नगरीय निकायों में अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की जानकारी देने के लिए आए हुए व्यक्तियों, उनके परिजनों एवं जन साधारण को प्रोत्साहित किया जाए। इसमें स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जाए। इसकी मॉनिटरिंग जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाए। कंट्रोल रूम नंबर की जानकारी तत्काल सार्वजनिक रूप से प्रसारित की जाए। अन्य राज्यों से अवैध रूप से आने वाले तथा ऐसी जानकारी छुपाने वाले व्यक्तियों पर विधि अनुसार कार्यवाही की जाए। अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को निश्चित अवधि पर क्वारेंटीन करने की गाइड लाइन स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई है। क्वारेंटीन का उल्लंघन करने वालों व्यक्ति पर भी विधि अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर | लाकडाउन के कारण केवल इंसानों को ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ऐसा नहीं, पशुओं को भी चारा पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गर्मी के दिनों में इनकी परेशानी और बढ़ गई है। इसे देखते हुए श्री श्याम प्रचार सेवा समिति के सदस्य ऐसे ही पशुओं की भी सुध ले रहे हैं। हरी सब्जी-भाजी, दाना भूसी, पका हुआ चावल व रोटी लेकर रोज निकल रहे हैं और सड़कों या चौक चौराहों पर जहां पर भी गाय, बछड़े दिख रहे हैं उन्हे खिला रहे हैं। एक-दो की संख्या में सदस्य अलग-अलग हिस्सों में निकल रहे हैं। कुत्तों को भी रोटी, ब्रेड व बिस्किट खिला रहे हैं।
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा विगत दिनों पहले संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के तत्कालीन संचालक श्री अनिल कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से हटाया गया था | आज शासन ने आदेश जारी करते हुए IAS अमृत विकास तोपनो, महाप्रबंधक, छ.ग. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रायपुर को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्व का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया |

रायपुर | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी को ध्यान में रखते हुए संपत्ति कर भुगतान एवं विवरणी जमा करने के लिए 15 मई 2020 तक विशेष छूट प्रदान की गई है। इस आशय का आदेश मंत्रालय महानदी भवन स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों, नगर निगम के आयुक्तों और सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पत्र भेज दिए गए है।



























