नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
स्कूलों के प्रार्थना सभा में गूंजेंगी अखबार की सुर्खियां, विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल हुआ अखबार वाचन

स्कूलों के प्रार्थना सभा में गूंजेंगी अखबार की सुर्खियां, विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल हुआ अखबार वाचन

रायपुर : छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना एक लाभकारी आदत है। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं, महत्वपूर्ण मुद्दों और विविध विचारों से अवगत होने का अवसर मिलता है। यह आदत गुणवत्तापूर्ण भाषा और सुव्यवस्थित सामग्री के संपर्क में आने से उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बढ़ाती है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में सरगुजा जिला के विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय एवं अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है। इस प्रयास से परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित होगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत होंगे।

इसके अलावा सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होगा। विद्यालय की इस नवाचारपूर्ण पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 
CG: स्कूलों में राशन घोटाला, फर्जी हाजिरी से लाखों की निकासी, चार अधीक्षक निलंबित

CG: स्कूलों में राशन घोटाला, फर्जी हाजिरी से लाखों की निकासी, चार अधीक्षक निलंबित

बीजापुर। जिले में शिक्षा की लौ जलाने के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि यह पैसा आदिवासी बच्चों के पेट तक पहुंचने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता जा रहा है। इस मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद अब प्रशासन की नींद टूटी है। बीजापुर के पोटाकेबिनों आवासीय विद्यालयों में हुए वित्तीय अनियमितता और राशन घोटाले के मामले में संयुक्त संचालक शिक्षा ने चार प्रभारी अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जांच रिपोर्ट में खुलासा

जांच दल जब बीजापुर के विभिन्न पोटाकेबिनों में पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। जिन विद्यालयों में कागजों पर बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत दिखाई गई थी। वहां मौके पर आधे बच्चे भी मौजूद नहीं थे। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जुलाई से अक्टूबर के बीच बड़ी संख्या में बच्चे अनुपस्थित थे। लेकिन उनके नाम पर राशन सब्जी और मेष शुल्क का पैसा सरकारी खजाने से लगातार निकाला जा रहा था।

हैरानी की बात यह है कि अधीक्षकों ने अपनी चोरी छिपाने के लिए उपस्थिति पंजी में जमकर कांट-छांट और हेरफेर की। बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया गया। यह खेल केवल राशन तक सीमित नहीं था बल्कि बच्चों को मिलने वाली शिष्यवृत्ति की राशि में भी डाका डाला गया।

CG – दिल दहला देने वाली घटना : पति ने की हैवानियत की हदें पार, पत्नी-बेटी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

CG – दिल दहला देने वाली घटना : पति ने की हैवानियत की हदें पार, पत्नी-बेटी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पति ने शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी ही पत्नी और बेटी को जिंदा जला दिया। घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। यह पूरा मामला गौरेला थाना क्षेत्र का है।

गौरेला थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी और नाबालिग बेटी पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दिया। इस आग में मां-बेटी बुरी तरह से झुलस गई है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं घटना को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, शंकर पांडेय अपनी पत्नी शमा और नाबालिग बेटी के साथ एडिशनल एसपी ऑफिस के सामने स्थित सुलभ शौचालय में अस्थायी रूप से रहता था। साथ ही सुलभ शौचालय का संचालन और देखभाल का काम भी करता था। बताया जा रहा है कि शंकर को शराब पीने की लत है, जिसको लेकर उसका विवाद अक्सर पत्नी और बेटी से होता था।

शाम को जब शंकर शराब पीकर आया, तो उसका विवाद पत्नी और बेटी से हो गया, जिसके बाद उसने दोनों के ऊपर पेट्रोल उड़ेल दिया और आग के हवाले कर दिया। मां-बेटी की चीख पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और आग बुझाकर दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

अन्नदाता का मान ही हमारी सरकार की पहचान: समर्थन मूल्य के अंतर की राशि होली के पहले एकमुश्त देने का निर्णय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अन्नदाता का मान ही हमारी सरकार की पहचान: समर्थन मूल्य के अंतर की राशि होली के पहले एकमुश्त देने का निर्णय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इस निर्णय के तहत लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाता भाइयों-बहनों की मुस्कान ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल धान की खरीदी नहीं करती, बल्कि किसानों के परिश्रम का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और उनके सम्मान की रक्षा करना अपना दायित्व मानती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से किसानों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही उत्सव का उल्लास बढ़ेगा।

उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत बीते दो वर्षों में किसानों को धान मूल्य अंतर की राशि के रूप में ₹25,000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। होली से पूर्व किसानों के खाते में ₹10,000 करोड़ के भुगतान के साथ यह राशि बढ़कर ₹35,000 करोड़ से अधिक हो जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसान प्रदेश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उनकी मेहनत और पसीने से ही राज्य की समृद्धि सुनिश्चित होती है। राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्री प्रणव मरपच्ची ने की।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले

BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।

2. मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

3. मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।

‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को सशक्त करेगा शिक्षा विधेयक, JPC में बृजमोहन अग्रवाल की नियुक्ति

‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को सशक्त करेगा शिक्षा विधेयक, JPC में बृजमोहन अग्रवाल की नियुक्ति

 नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को एक महत्वपूर्ण विधायी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पर गठित संसदीय संयुक्त समिति (Joint Parliamentary Committee) का सदस्य मनोनीत किया गया है।

यह समिति देश की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त, आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से गठित की गई है। समिति का प्रमुख लक्ष्य शिक्षा क्षेत्र में संस्थागत सुधार, गुणवत्ता उन्नयन, नवाचार को बढ़ावा, समावेशी शिक्षा, शोध एवं कौशल विकास को मजबूती प्रदान करना है, ताकि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

बृजमोहन अग्रवाल के पास लगभग चार दशकों का समृद्ध विधायी एवं प्रशासनिक अनुभव है। छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू किया। उनके इस व्यापक अनुभव का लाभ अब राष्ट्रीय स्तर पर इस ऐतिहासिक विधेयक को दिशा देने में मिलेगा।

इस मनोनयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति आभार प्रकट किया।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की भूमिका सबसे निर्णायक है। ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ देश की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, समावेशी, नवाचार-आधारित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह संसदीय संयुक्त समिति देश के भविष्य की शैक्षणिक नींव को और अधिक मजबूत करेगी।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समिति शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधारों को सुनिश्चित करते हुए युवाओं को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाएगी और भारत को ज्ञान-आधारित महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हत्या या आत्महत्या? बाथरूम से उठी आग की लपटें और फिर मिली महिला की जली हुई लाश, सुसाइड नोट बरामद

हत्या या आत्महत्या? बाथरूम से उठी आग की लपटें और फिर मिली महिला की जली हुई लाश, सुसाइड नोट बरामद

 भिलाई :- भिलाई के सेक्टर 8 में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जिसमें 50 वर्षीय महिला की जली हुई लाश घर बाथरूम में मिला है। फिलहाल यह स्पष्ट नही हुआ है कि महिला स्वयं को आग के हवाले लेकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है, या फिर महिला की हत्या की गई है।

पुलिस के अनुसार, बाथरूम से आंख की लपटे उड़ते देख पड़ोसियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके पास पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव के पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल प्रथम दृष्टया पुलिस ने आज के जलने से ही महिला की मौत मान रही है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह पूरा मामला साफ हो पाएगा।

वहीं पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसकी जांच पुलिस कर रही है, भिलाई के सेक्टर 8 निवासी रंजना देवांगन बच्चो को ट्यूशन पढ़ने का काम करती थी। वहीं रंजन के दो बेटे हैं जो शिक्षित हैं और अपना अपना जॉब कर रहें हैं। पुलिस में अनुआर यदि महिला ने आत्महत्या की है तो फिलहाल इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन मौके पर पुलिस ने माचिस की तीली और ज्वलनशील पदार्थ बरामद किया है।

पड़ोसियों के अनुआर, शाम 4.20 बजे जब घर से धुंआ उठते देखा और मांस जलने की बदबू आई तो उन्होंने महिला के बेटे राहुल को और पुलिस को फोन कर बुलाया। पड़ोसियों ने बताया कि रंजना और उनका परिवार शिक्षित परिवार है कभी घर में कोई तनाव जैसी स्थिति नहीं सुना है। लेकिन यह एक दुखद घटना है।

आज होगी साय कैबिनेट की बैठक,बजट प्रस्ताव समेत कई अहम मुद्दों पर हो सकती हैं चर्चा

आज होगी साय कैबिनेट की बैठक,बजट प्रस्ताव समेत कई अहम मुद्दों पर हो सकती हैं चर्चा

 रायपुर – साय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होगी। कैबिनेट बैठक सुबह 11 बजे नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित की जाएगी। बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम और जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार इस कैबिनेट बैठक में आगामी बजट प्रस्ताव को लेकर भी विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्ताव, योजनाओं की समीक्षा और प्रशासनिक निर्णयों पर भी कैबिनेट की मुहर लग सकती है।

देह व्यापार का पर्दाफाश, होटल की आड़ में चल रहा था जिस्मों का गंदा खेल, बाहर से बुलाई जाती थी लड़कियां

देह व्यापार का पर्दाफाश, होटल की आड़ में चल रहा था जिस्मों का गंदा खेल, बाहर से बुलाई जाती थी लड़कियां

भिलाई।  दुर्ग पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करते पावर हाउस बस स्टैंड स्थित होटल छाया इन में छापेमार कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने देह व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, यह कार्रवाई दुर्ग रेंज के डीआईजी विजय अग्रवाल के निर्देश पर की गई है। डीएसपी चित्रा वर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें छावनी सीएसपी प्रशांत सिंह पैकरा और थाना स्टाफ शामिल थे। सूचना के आधार पर टीम ने होटल में अचानक रेड मारी, जहां संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं। जांच में पुष्टि हुई कि होटल में देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से जांजगीर जिले से आई दो युवतियों और भोपाल से किराए पर बुलाई गई एक युवती को रेस्क्यू किया।

बता दें कि, पुलिस को प्रारंभिक जांच में सामने आया कि, दलाल के माध्यम से युवतियों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था। होटल संचालक और दलाल मिलकर बाहर से युवतियों को बुलाते थे और उन्हें किराए के मकान में ठहराते और ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कार की व्यवस्था करते थे। आरोपी युवक इसी कार से युवतियों को कस्टमर तक ले जाता था।

 पुलिस ने तीनों युवतियों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत संरक्षण में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। होटल की रिसेप्शन संभालने वाली युवती को भी पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। छावनी पुलिस ने होटल संचालक धनेस राय, दलाल और एक अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

दिल दहला देने वाली वारदात, धारदार हंसिए से वारकर बेटी ने की पिता की हत्या, इस बात से थी नाराज

दिल दहला देने वाली वारदात, धारदार हंसिए से वारकर बेटी ने की पिता की हत्या, इस बात से थी नाराज

 कोरबा।  मां बाप का प्याक और चिंता, उनकी सख्ती या नाराजगी अक्सर नफरत से नहीं, बल्कि बच्चों को गलत रास्ते से बचाने की गहरी चिंता से उपजती है। वे चाहते हैं कि बच्चा सही-गलत समझे और जीवन में सफल हो। लेकिन क्या हो अगर बच्चों को गलत रास्ते पर न जाने की नसीहत देना एक पिता की मौत की वजह बन जाए। दरअसल, कोरबा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक बेटी ने अपने ही पिता की हत्या कर दी।

जानकारी के अनुसार, पूरा मामला कोरबा के ग्राम रलिया थाना क्षेत्र का है। जहां एक बेटी ने हंसिए से अपने बुजुर्ग पिता के सीने व सिर पर जानलेवा हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बताया गया कि, आरोपी बेटी गीता निषाद जो की कोरबा में रहती थी, कुछ दिनों के लिए अपने पिता अशोक निषाद के घर ग्राम रलिया आई हुई थी।

बताया गया कि, पिता को बेटी के जीवन-यापन, भरण-पोषण के तौर- तरीके को लेकर ऐतराज था और उस रास्ते को वह गलत बताते हुए ऐसा न करने की नसीहत दे रहे थे। लेकिन बेटी को यह समझाइश  नागवार गुजरी और उसने घर में मौजूद हसियां से पिता को मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने  बेटी को हिरासत में लेकर हसियां जब्त किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

13 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का मंच

13 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का मंच

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का मैनपाट एक प्रमुख हिल स्टेशन है, जिसे अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी जलवायु और तिब्बती संस्कृति के कारण ’छत्तीसगढ़ का शिमला’ और ’छोटा तिब्बत’ भी कहा जाता है।  मैनपाट के रोपाखार जलाशय के समीप आगामी 13 से 15 फरवरी तक तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। राज्य शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मैनपाट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना तथा स्थानीय लोक कला व संस्कृति का संवर्धन करना है।

मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ 13 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में लोक गीत और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रथम दिन 13 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार  मनोज तिवारी अपनी गायकी से दर्शकों का उत्साह बढ़ाएंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य लोक संस्कृति की छटा बिखेरेंगे। द्वितीय दिवस 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और ’इंडियन आइडल’ फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी। वहीं समापन दिवस 15 फरवरी को महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इसके साथ ही रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योतिश्री वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

मैनपाट महोत्सव केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यटकों के लिए मनोरंजन का पैकेज होगा। महोत्सव स्थल पर एडवेंचर एक्टिविटी में पर्यटकों के लिए बोटिंग, साहसिक खेल और पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा। फूड ज़ोन में सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ विभिन्न लजीज पकवानों का आनंद लिया जा सकेगा। प्रदर्शनी एवं मेला में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां शासन की योजनाओं और स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा।

बिहान योजना से पंचबाई की बदली तकदीर, बनी सफल व्यवसायी

बिहान योजना से पंचबाई की बदली तकदीर, बनी सफल व्यवसायी

 रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में  मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम खपरीडीह निवासी श्रीमती पंचबाई साहू ने बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता प्राप्त की है। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी तकदीर बदली है, अब वे सफल व्यसायी बन चुकी है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पूर्व पंचबाई साहू की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उन्हें साहूकारों से ऊँचे ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था। आर्थिक निर्भरता के कारण न केवल परिवार की बुनियादी ज़रूरतें अधूरी रह जाती थीं, बल्कि आत्मसम्मान भी प्रभावित होता था।

श्रीमती  पंच बाई ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत माँ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने व्यवसाय के लिए रिवॉल्विंग फंड से 15 हजार रूपए, बैंक ऋण 01 लाख 50 हजार रूपए और 60 हजार रूपए सीआईएफ राशि प्राप्त हुई। साथ ही समूह के स्तर पर उन्हें 30 हजार रूपए का अतिरिक्त सहयोग भी मिला। प्राप्त राशि से उन्होंने फर्नीचर दुकान की शुरुआत की। परिश्रम, सही योजना और समूह के सहयोग से उनका व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता गया। आज उनकी मासिक आय लगभग 2.5 लाख रूपए से 03 लाख रूपए तक पहुँच चुकी है। इससे उनके बच्चों की शिक्षा बेहतर होने के साथ-साथ जीवन स्तर में सुधार आया है। श्रीमती पंचवाई साहू आज केवल स्वयं सफल नहीं हैं, बल्कि ग्राम की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की मिसाल

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की मिसाल

 आत्मसमर्पित जोड़े ने मुख्यधारा में लौटकर की नई जीवन-शुरुआत

सुकमा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मंगलवार को हड़मा स्टेडियम, सुकमा में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 107 जोड़े में कार्यक्रम का एक विशेष और भावनात्मक आकर्षण एक आत्मसमर्पित जोड़े का विवाह रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। ग्राम दोर्रामंगू, पंचायत मेहता निवासी वर मगडू एवं वधु माड़वी बुधारी ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधकर अपने जीवन की नई शुरुआत की।

वर मगडू ने बताया कि उन्होंने 29 जनवरी 2025 को माओवाद का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक माओवादी संगठन के साथ कार्य किया, किंतु शासन की पुनर्वास नीति, विश्वास और विकास की मुख्यधारा ने उन्हें एक नया भविष्य चुनने की प्रेरणा दी।ज़्यादा जानें

आत्मसमर्पण के पश्चात शासन की योजनाओं से जुड़ते हुए मंगलवार को उनका विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत संपन्न हुआ। यह विवाह शांति, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्निर्माण का सशक्त प्रतीक भी है। इसके साथ ही साथ ही विकासखंड कोंटा अंतर्गत ग्राम पंचायत दरभागुड़ा के ग्राम लेंडरा से सरपंच वीरराजू माड़वी (पिता स्वर्गीय माड़वी कन्ना) ने वधु वन्जम देवे (पिता दुला) के साथ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह कर समाज के समक्ष एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर सरपंच माड़वी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बनकर उभरी है और सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान कर रही है।  कार्यक्रम का समापन हर्षाेल्लास, पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं नवदंपतियों को आशीर्वाद के साथ हुआ।

संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम में कोंडागांव के कलाकारों ने वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति से मोहा सबका मन

संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम में कोंडागांव के कलाकारों ने वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति से मोहा सबका मन

 वाद्य यंत्रों के प्रदर्शन और आंचलिक साहित्य में कोंडागांव जिला प्रथम

कोंडागांव । जनजातीय संस्कृतियों और परंपराओं से सजे संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य समापन  आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का मनोहारी प्रदर्शन विभिन्न जिलों से आए कलाकारों द्वारा किया गया। कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम कलेपाल के रजऊ मंडावी और उनके साथियों वाद्य यंत्रों के प्रदर्शन और आंचलिक साहित्य प्रदर्शन में उत्तम नाईक प्रथम स्थान प्राप्त किया। समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को चेक और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

शासन द्वारा जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु आयोजित बस्तर पंडुम में रजऊ मंडावी और उनके साथियों ने बस्तर की पारंपरिक वाद्य यंत्रों मांदर, कोटोडका, मोहिर, निशान, ढोल सहित लगभग 19 वाद्य यंत्र से मनमोहक प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ शासन की यह आयोजन न केवल विलुप्त होती लोककलाओं, नृत्य, गीत और संगीत को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी सशक्त प्रयास है। इस मंच के माध्यम से युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति गर्व की भावना विकसित हो रही है। इन अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजना और विरासत पीढ़ी दर पीढ़ी आगे में यह महत्वपूर्ण पहल है।

6 आईएफएस अधिकारी हुए वरिष्ठ वेतनमान पर पदोन्नत, दो के तबादले

6 आईएफएस अधिकारी हुए वरिष्ठ वेतनमान पर पदोन्नत, दो के तबादले

 रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय वन सेवा (भर्ती) नियम - 1996 के नियम -6 (ए) में उल्लेखित प्रावधानों के तहत 6 भारतीय वन सेवा अधिकारियों को वरिष्ठ वेतनमान पर पदोन्नत किया है। इनकी नई पोस्टिंग नहीं की गई है जिनमें दिपेश कपिल (2022), एस. नवीन कुमार (2022), वेंकटेशा एम.जी. (2022), चन्द्र कुमार अग्रवाल (2022), ऋषभ जैन (2022), विपुल अग्रवाल (2022) शामिल है। वहीं दो स्थानांतरित अफसरों में जाधव सागर रामचंद्र को उप वन संरक्षक लघु वनोपज संघ, चंद्र कुमार अग्रवाल उप वन संरक्षक मनेंद्रगढ़ पदस्थ किया गया है।


चाकू से कटी मुख्य धमनी, सबक्लेवियन आर्टरी को जोड़कर मेकाहारा के डॉक्टरों ने बचाया युवक का हाथ

चाकू से कटी मुख्य धमनी, सबक्लेवियन आर्टरी को जोड़कर मेकाहारा के डॉक्टरों ने बचाया युवक का हाथ

 00 कॉलर बोन काटकर कृत्रिम नस लगाई, चार घंटे चले ऑपरेशन में डॉक्टरों ने मरीज को दिव्यांग होने से बचाया

00 छत्तीसगढ़ का संभवत: पहला केस जिसमें कंधे की हड्डी को काटकर एवं कृत्रिम नस लगाकर मरीज की जान बचाई गई

रायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के डॉक्टरों ने एक बार फिर जटिल और जानलेवा केस की जटिल एवं सफलतापूर्वक सर्जरी कर घायल मरीज के हाथ को कटने से बचाया। डॉक्टरों के अनुसार, यदि मरीज को समय पर इस प्रकार की जटिल शल्य- चिकित्सा की सुविधा नहीं मिलती तो मरीज के हाथ कटने की नौबत आ जाती और मरीज दिव्यांग हो जाता। हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में एक युवक के कंधे पर चाकू से हुए हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त मुख्य रक्त नली (सबक्लेवियन आर्टरी) को जोड़कर डॉक्टरों की टीम ने न केवल मरीज की जान बचाई, बल्कि उसका हाथ कटने से भी बचा लिया। इस सर्जरी की एक और विशेष बात यह रही कि इसमें ऑर्थोपेडिक सर्जन भी शामिल रहे जिनकी मदद से कॉलर बोन को काटा गया एवं ऑपरेशन के बाद वापस प्लेट लगाकर जोड़ दिया गया। 

 

 
 

इस केस की विस्तृत जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष (हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी) डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि अम्बेडकर अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में 34 वर्षीय एक मरीज अत्यधिक रक्तस्राव और मरणासन्न अवस्था में लाया गया। मरीज इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी में काम करता है और अमलेश्वर का निवासी है। परिजनों के अनुसार, मरीज अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था, तभी इलेक्ट्रिक रिक्शा से टक्कर हो गई। विवाद के दौरान रिक्शा चालक ने मरीज के बाएं कंधे पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। घाव इतना गहरा था कि कंधे की हड्डी (क्लेविकल बोन) के पीछे से गुजरने वाली मुख्य धमनी सबक्लेवियन आर्टरी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

 

चोट लगते ही धमनी से खून का तेज फव्वारा निकलने लगा और कुछ ही देर में मरीज बेहोश हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे अम्बेडकर अस्पताल के आपातकालीन विभाग पहुंचाया, जहां घाव में कॉटन गॉज भरकर रक्तस्राव को अस्थायी रूप से रोका गया। हालांकि रक्तस्राव रुकने के साथ ही बाएं हाथ में रक्त प्रवाह भी बंद हो गया, जिससे हाथ काला पडऩे लगा और ताकत खत्म होने लगी। समय पर ऑपरेशन न होने की स्थिति में हाथ काटने की नौबत आ सकती थी। प्रारंभिक उपचार के बाद मरीज के परिजन उसे अपनी इच्छा से अन्य अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन चोट की गंभीरता और धमनी के क्षतिग्रस्त होने के कारण अन्य अस्पतालों ने इलाज से मना कर दिया। इसके बाद मरीज को पुन: अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में लाया गया, जहां मेरे (डॉ. कृष्णकांत साहू के) नेतृत्व में तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।
अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी
सबक्लेवियन आर्टरी की सर्जरी विशेष रूप से उसके दूसरे भाग (सेकंड पार्ट) में बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि यह धमनी छाती के भीतर कॉलर बोन के पीछे स्थित रहती है। पट्टी हटाते ही अत्यधिक रक्तस्राव की आशंका बनी हुई थी, जिसके लिए वैस्कुलर कंट्रोल अत्यंत आवश्यक था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निर्णय लिया गया कि मरीज की कॉलर बोन को काटकर धमनी तक पहुंच बनाई जाए।
कॉलर बोन को काटने के बाद पाया गया कि धमनी लगभग 3 सेमी तक पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुकी थी। इसे जोडऩे के लिए 7म30 मिमी. साइज का डेक्रॉन ग्राफ्ट (कृत्रिम नस) लगाया गया। सर्जरी के दौरान लगभग 5 यूनिट रक्त चढ़ाया गया और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथ में पुन: रक्त प्रवाह शुरू हो सका। इस दौरान ब्रैकियल प्लेक्सस (तंत्रिका तंत्र) को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया, क्योंकि इसमें क्षति होने पर हाथ में स्थायी लकवे की संभावना रहती है। ऑपरेशन के बाद कॉलर बोन को प्लेट लगाकर वापस जोड़ दिया गया
अब पूरी तरह स्वस्थ, काम पर लौटा मरीज
सफल ऑपरेशन और समय पर उपचार के चलते मरीज का हाथ बच गया और गैंगरीन की स्थिति टल गई। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपने रोजमर्रा के कार्यों में वापस लौट चुका है। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रणय श्रीवास्तव, डॉ लोमेश साहू, एनेस्थेटिस्ट डॉ. संकल्प दीवान, डॉ. बालस्वरूप साहू, जूनियर डॉक्टर - डॉ. आयुषी खरे, ख्याति, , आकांक्षा साहू, संजय त्रिपाठी, डॉ. ओमप्रकाश शामिल रहे। नर्सिंग स्टाफ में राजेन्द्र, नरेन्द्र, मुनेश, चोवा, दुष्यंत तथा एनेस्थेसिया तकनीशियन भूपेन्द्र और हरीश ने अहम भूमिका निभाई।
यह सफलता न केवल अम्बेडकर अस्पताल बल्कि सभी के लिए गर्व का विषय है, जो यह साबित करती है कि समय पर सही निर्णय, समेकित प्रयास और विशेषज्ञ चिकित्सा से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

डॉ. विवेक चौधरी, डीन, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर

यह सर्जरी अत्यंत जटिल और जोखिम भरी थी। सबक्लेवियन आर्टरी जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण धमनी की मरम्मत प्रत्येक अस्पताल में संभव नहीं होती। अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग, ट्रॉमा यूनिट और एनेस्थेसिया टीम के समन्वित प्रयास से यह संभव हो सका। यह प्रयास यह दर्शाती है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्चस्तरीय और जीवन रक्षक उपचार सुविधा उपलब्ध है।
डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल

असम के मुख्यमंत्री ने किया भूपेश बघेल सहित 3 कांग्रेस नेताओं पर 500 करोड़ का मानहानि केस

असम के मुख्यमंत्री ने किया भूपेश बघेल सहित 3 कांग्रेस नेताओं पर 500 करोड़ का मानहानि केस

रायपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और असम कांग्रेस के प्रेसिडेंट गौरव गोगोई के खिलाफ मानहानि का केस किया है, जिसमें 500 करोड़ के हर्जाने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए तीनों नेताओं ने जानबूझकर उनके खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाए। इस बीच, गोगोई ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री के इस कदम को घबराहट का संकेत बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है, तो उन्हें शरण लेने के बजाय कोर्ट में खुलकर लोगों का सामना करना चाहिए।
गौरतलब है कि 4 फरवरी को असम कांग्रेस के प्रेसिडेंट गौरव गोगोई ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार ने राज्य में करीब 12,000 बीघा जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है, जो 3,960 एकड़ से ज्यादा एरिया में फैला है। मुख्यमंत्री सरमा को हाल ही में धार्मिक भेदभाव को लेकर दिए गए अपने बयानों के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों और सिविल सोसाइटी के अलग-अलग तबकों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। इस बैकग्राउंड में, जमीन से जुड़े आरोप सामने आने के बाद यह मुद्दा और भी गरमा गया है। इन आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि वे गौरव गोगोई समेत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी मानहानि का केस चलाएंगे।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र मिसमा और सामसट्टी के विद्यार्थियों ने देखा विज्ञान का संसार

नक्सल प्रभावित क्षेत्र मिसमा और सामसट्टी के विद्यार्थियों ने देखा विज्ञान का संसार

 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन की पहल पर ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला मिसमा और बालक आश्रम सामसट्टी के 40 विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को साइंस पार्क ले जाया गया, जहाँ उन्होंने विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। न्यूटन के नियम, ऊर्जा के रूपांतरण, ध्वनि के सिद्धांत, धूप घड़ी से समय मापन, पेंडुलम की गति तथा दर्पणों से जुड़े प्रयोगों ने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाई। इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े विषयों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।भ्रमण के दौरान विद्यार्थी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे, जहाँ उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें शिक्षा, अनुशासन और मेहनत के महत्व के बारे में बताया तथा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को तुंगल बांध भी ले जाया गया, जहाँ उन्होंने प्राकृतिक वातावरण, जैव विविधता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन द्वारा वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक पहल की जा रही है।

यात्रीगण ध्यान दें! इस रूट पर 14 ट्रेनें रद्द, सफर से पहले अपडेट चेक करें

यात्रीगण ध्यान दें! इस रूट पर 14 ट्रेनें रद्द, सफर से पहले अपडेट चेक करें

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में ट्रेनों के निरस्त होने का सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा, फरवरी के पहले हफ्ते में ही दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे से गुजरने वाली 14 ट्रेनों को निरस्त कर दिया है।

वहीं साथ ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा। बता दें, इन ट्रेनों को 5 अप्रैल से 27 अप्रैल तक के लिए निरस्त किया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के नागपूर मण्डल के अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर प्रलटफॉर्म 3 वॉशेबल एप्रन को डिस्मेंटलिंग कर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने के लिए कार्य किया जाएगा जिसके लिए गोंदिया स्टेशन पर लाइन नंबर-05 (UP मेन लाइन) पर 20 दिनों तक ट्रेनों का आना जाना बंद रहेगा।

रद्द की गई ये ट्रेनें

1) गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल) एक्सप्रेस, शालीमार से 04.04.2026 से 24.04.2026 तक रद्द रहेगी।

2) गाड़ी संख्या 18029 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल- शालीमार) एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 06.04.2026 से 26.04.2026 तक रद्द रहेगी।

3) गाड़ी संख्या 18237 (कोरबा – अमृतसर) एक्सप्रेस कोरबा से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।

4) गाड़ी संख्या 18238 (अमृतसर-बिलासपुर) एक्सप्रेस, अमृतसर से 07.04.2026 से 27.04.2026 तक।

5) गाड़ी संख्या 12410 (हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़) एक्सप्रेस, हज़रत निजामुद्दीन से 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 एवं 22.04.2026 को रद्द रहेगी।

6) गाड़ी संख्या 12409 (रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन) एक्सप्रेस, रायगढ़ से 04, 06, 08, 09, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 एवं 24.04.2026 को रद्द रहेगी।

7) गाड़ी संख्या 12101 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल-शालीमार) एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20, एवं 21.04.2026 को रद्द रहेगी।

8) गाड़ी संख्या 12102 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल) एक्सप्रेस, शालीमार से 06, 08, 09, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22, एवं 23.04.2026 को रद्द रहेगी।

9) गाड़ी संख्या 12807 (विशाखापत्तनम – हज़रत निजामुद्दीन) एक्सप्रेस, विशाखापत्तनम से 05, 07, 08, 09, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 एवं 23.04.2026 को रद्द रहेगी।

10) गाड़ी संख्या 12808 (हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम) एक्सप्रेस, हज़रत निजामुद्दीन से 07, 09, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 एवं 25.04.2026 को रद्द रहेगी।

11) गाड़ी संख्या 68815 (बल्लारशाह-गोंदिया) मेमू पैसेंजर, बल्लारशाह से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।

12) गाड़ी संख्या 68816 (गोंदिया – बल्लारशाह) मेमू पैसेंजर, गोंदिया से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।

13) गाड़ी संख्या 78805 (गोंदिया – कटंगी) डेमू पैसेंजर, गोंदिया से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।

14) गाड़ी संख्या 78806 (कटंगी-गोंदिया) डेमू पैसेंजर, कटंगी से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।

शॉर्ट टर्मिनेट होंगी ये गाड़ियाँ

1) गाड़ी संख्या 68802 (गोंदिया – बल्लारशाह) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।

2) गाड़ी संख्या 68803 (बल्लारशाह – गोंदिया) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं हिरदामाली – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।

3) गाड़ी संख्या 68804 (गोंदिया – बल्लारशाह) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।

4) गाड़ी संख्या 68805 (चांदाफोर्ट – गोंदिया) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं हिरदामाली – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।

5) गाड़ी संख्या 68806 (गोंदिया – वड्सा) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।

6) गाड़ी संख्या 15231 ( बरौनी – गोंदिया) एक्सप्रेस दिनांक – 04.04.2026 से 25.04.2026 तक दुर्ग में नियंत्रित की जाएगी एवं दुर्ग – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।

7) गाड़ी संख्या 15232 (गोंदिया – बरौनी) एक्सप्रेस दिनांक – 05.04.2026 से 26.04.2026 तक दुर्ग में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – दुर्ग के मध्य रद्द रहेगी।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह….

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह….

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री  साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।

 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में  ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है।

कार्यक्रम में विधायक  सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा,  मोतीलाल साहू,  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

Breaking : IAS अंकित आनंद की बढ़ी जिम्मेदारी, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मिला अतिरिक्त प्रभार

Breaking : IAS अंकित आनंद की बढ़ी जिम्मेदारी, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मिला अतिरिक्त प्रभार

रायपुर।  राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अंकित आनंद (भा.प्र.से. 2006) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (CRDA) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

IAS अंकित आनंद वर्तमान में सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग, अतिरिक्त प्रभार सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, सचिव, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पद पर पदस्थ हैं

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

 00 भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन के निर्णय के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन का पुनर्मूल्यांकन कर उसमें रियायत प्रदान करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। 

मुख्यमंत्री को गजमाला पहनाकर प्रतिनिधिमंडल ने उनका सम्मान किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को भी राहत प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि इससे आम नागरिकों, किसानों, व्यवसायियों सहित सभी वर्ग के लोगों को सहूलियत मिले। उन्होंने कहा कि नई गाडलाइन दरों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष  महेंद्र आहूजा,  दीपक रहेजा,  राजीव अग्रवाल,  विजय पिंजानी,  अजय अग्रवाल,  प्रतीक अग्रवाल,  मुलकराज शर्मा,  रजत चाबड़ा,  विलास सुतार,  विनोद छितिजा,  विजय मोटवानी,  सनी सेवलानी तथा गौरव खेतपाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

बस्तर पंडुम बस्तर की बदली पहचान का सशक्त प्रतीक : पीएम मोदी

बस्तर पंडुम बस्तर की बदली पहचान का सशक्त प्रतीक : पीएम मोदी

 00 जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ बस्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : सीएम साय

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताते हुए इससे जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण हो।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त प्रतीक के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रभावी संदेश देते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में भरोसे और सहभागिता का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों तक निरंतर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 
ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में विशेष पहचान बनाएगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में विशेष पहचान बनाएगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

 00 मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता

00 राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की होगी स्थापना

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई  रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ  प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।