Police Naxalite Encounter In Sukma: छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के भेज्जी और चिंतागुफ़ा के बीच के जंगलों में डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है. यह इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, जहां जंगलों की दुर्गमता के कारण सुरक्षा बलों को अक्सर भारी जोखिम का सामना करना पड़ता है. सूत्रों के अनुसार इस ताज़ा मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. सुकमा की पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है.
रायपुर : देशभर सहित छत्तीसगढ़ के विविध शहरों में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। इसी के तहत जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पारंपरिक सिहाड़ी माला, पगड़ी (साफा) और गजमाला भेंटकर सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र सहित जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। आदिवासी समुदाय के ‘धरती आबा’ के नाम से पूजनीय बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और स्थानीय शोषकों के खिलाफ एक अभूतपूर्व क्रांति का सूत्रपात किया था, जिसे इतिहास में ‘उलगुलान’ के नाम से जाना जाता है।
आदिवासियों पर लगान थोपने का किया था विरोध
उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के पारंपरिक ‘खुंटकट्टी’ (सामुदायिक स्वामित्व) भूमि अधिकारों को छीनने और अत्यधिक लगान थोपने का विरोध प्रारंभ कर दिया था। बिरसा एक महान समाज सुधारक भी थे। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में एकता, स्वाभिमान और आत्म-सम्मान की अद्भुत चेतना जागृत हुई। भारत सरकार ने उनके राष्ट्र एवं समाज को दिए योगदान को सम्मानित करते हुए उनके जन्मदिन 15 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के अमूल्य बलिदान को स्मरण करने का अवसर है।
जनजातीय नायकों को किया याद
जगदलपुर के विधायक किरण देव ने बस्तर अंचल के जनजातीय समुदाय के क्रांतिकारी जननायक शहीद गुंडाधुर, डेबरीधुर, गेंदसिंह आदि के संघर्षों एवं योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने आजादी की लड़ाई और बस्तर के जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अद्भुत त्याग किया। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय की एकजुटता और उत्थान के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहे।
कार्यक्रम में जनजातीय गौरव समाज के संभागीय अध्यक्ष तुलूराम कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप सहित आईजी सुुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस स, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन आदि शामिल रहे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जिले को विकास की नई सौगात देते हुए 329 करोड़ 77 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले 47 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 309 करोड़ 95 लाख रूपए से अधिक की लागत से 42 कार्यों का शिलान्यास तथा 19 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
महतारी सदन निर्माण कार्य का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री साय ने कोनी में 11 करोड़ 91 लाख 17 हजार रूपए की लागत से निर्मित संभागीय आयुक्त कार्यालय का लोकार्पण किया। इसी क्रम में 11 लाख रूपए की लागत से निर्मित राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत 6 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से तैयार वंदे मातरम उद्यान एवं ड्यूल पाइपिंग अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य, नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 18 में 30 लाख 33 हजार रूपए की लागत से रिटर्निंग वॉल, इंटरलॉकिंग पोर्च, टाइल्स एवं चैनल लिंक फेंसिंग का कार्य तथा महमंद में 50 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला लालखदान के नवीन भवन में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। उन्होंने कोटा भैंसाझार में 4 करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से प्रस्तावित भैंसाझार उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। साथ ही टिकरी एवं चिल्हाटी में 30-30 लाख रूपए की लागत से महतारी सदन निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।

इसके अतिरिक्त साय ने जिले में व्यापक सड़क, पुल-पुलिया एवं सिंचाई संरचनाओं के उन्नयन एवं निर्माण से जुड़े अनेक कार्यों की आधारशिला रखी, जिनमें प्रमुख रूप से 69 करोड़ 79 लाख 94 हजार रूपए से सिरगिट्टी–सरवानी–पासीद–अमलडीहा–बरतोरी–दगोरी मार्ग का उन्नयन, 32 करोड़ 9 लाख 15 हजार रूपए से नेहरू चौक–दर्रीघाट मार्ग (10.70 किमी), 59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रूपए से कोनी–मोपका बायपास मार्ग (13.40 किमी),
4 करोड़ 78 लाख 86 हजार रूपए से करमा–बरभांठा–सरगाढोड़ी मार्ग (4.20 किमी), 2 करोड़ 99 लाख 87 हजार रूपए से बिलासपुर–रतनपुर–कटघोरा मार्ग (1.40 किमी) का मजबूतीकरण, 2 करोड़ 89 लाख रूपए से भरदैयाडीह–कलमीटार मार्ग (2.30 किमी), 6 करोड़ 70 लाख 58 हजार रूपए से सीपत नवाडीह चौक–दर्राभाठा–लीलागर पुल मार्ग (4.525 किमी),2 करोड़ 20 लाख 91 हजार रूपए से दबकी नाला पर पुल एवं पहुंच मार्ग, 6 करोड़ 96 लाख 84 हजार रूपए से जांजी गांव–सीआईएसएफ कॉलोनी तक सीसी रोड (1.675 किमी), तथा 99 लाख 99 हजार रूपए से नवीन सामुदायिक भवन निर्माण शामिल है।

अनेक कार्यों का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री साय ने बिलासपुर जिले के विविध ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में वृहद पुल निर्माण के अनेक कार्यों का शिलान्यास किया गया, जिनमें शिवघाट बैराज से मंगला एसटीपी तक सड़क निर्माण (8 करोड़ 12 लाख 68 हजार रूपए), बगधर्रा–गौरखुरी, सरगोड़–कुरदर, झरना–बैगा मोहल्ला, बागथपरा आदि मार्गों पर करोड़ों रूपए की लागत से वृहद पुल निर्माण, पीएम जनमन योजना अंतर्गत आमागोहन–छपरापारा एवं कुम्हड़ाखोल में महत्वपूर्ण पुल निर्माण, तथा खारंग, कोपरा, बहतराई, पेंडारी, लखराम, अकलतरी जलाशयों एवं नहरों के उन्नयन, लाइनिंग एवं मरम्मत कार्य प्रमुख हैं।
इन सभी विकास कार्यों के माध्यम से बिलासपुर जिले में आधारभूत संरचना, सिंचाई सुविधा, शैक्षणिक ढांचे, शहरी विकास और सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है। यह व्यापक विकास-संकल्प न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में बिलासपुर को आधुनिक, सक्षम और समृद्ध जिले के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव भी रखेगा।
रायपुर। अस्पतालों की गुणवत्ता, सुरक्षा और नियमानुसार उपचार सुनिश्चित करने में अनियमितता पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्यवाही करते हुए बलौदाबाज़ार जिले में संचालित दो निजी अस्पतालों के आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिये सस्पेंड कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार का जांच कराया गया जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।उक्त दोनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर राज्य कार्यालय को अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही की अनुशंसा की गई। अनुशंसा के आधार पर राज्य नोडल एजेंसी द्वारा आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार का आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिये सस्पेंड कर दिया है।
जाँच में मिली प्रमुख कमियाँ- अस्पताल स्टाफ की योग्यता का सत्यापन न होना,आवश्यक मेडिकल उपकरणों का अभाव,केस शीट और उपचार रजिस्टर में गड़बड़ियाँ, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली कमजोर, दवाइयों और प्रक्रियाओं की गलत प्रविष्टियां,आवश्यक सुविधाओं की कमी,मरीजों की देखरेख में खामियां मिली।
रायपुर: बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में आज एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊँचा बैम्बू टावर समर्पित “छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति रही ।
मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण, दिया विकास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराते हुए कहा कि यह संरचना केवल बाँस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने बाँस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा बाँस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों और कारीगरों से संवाद कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, नवाचार और प्रगति के नए आयाम रच रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा बैम्बू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि बाँस आधारित उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक इन सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं। सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजनाएँ लागू कर रही है।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु और जलसंकट की स्थिति में बाँस की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया जैसे कि बाँस कम पानी में तेजी से बढ़ता है। मिट्टी कटाव रोकता है और हरियाली बढ़ाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पिछले वर्षों में पानी की कमी से जूझता रहा है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ बाँस को अपनाकर किसान अपनीआय को दोगुना कर सकते हैं। बाँस आधारित उद्योग युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा बाँस की खेती और उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में धान के विकल्प के रूप में बाँस की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभदायक होगा। यह फसल जल संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे बाँस की खेती की ओर अग्रसर हों, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू, कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष श्री अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री श्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक श्री अवधेश चंदेल, श्री राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
रायपुर । शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, रायपुर जनजाति गौरव वर्ष पखवाड़ा के अवसर पर आज दिनांक 14 नवम्बर 2025 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती अत्यंत उत्साह, श्रद्धा एवं गौरव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि श्रीमती प्राची भगत जी, श्री सतेंद्र मरावी जी एवं प्राचार्य डॉ एम आर खान जी, सिविल ब्रांच विभागाध्यक्ष डॉ अजय गर्ग जी, मूल विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ श्वेता चौबे जी के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा एवं सभी जनजातीय महानायकों को माल्यार्पण कर मां सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि जनजातीय इतिहास, संस्कृति, संघर्ष और राष्ट्रनिर्माण में जनजातीय समुदाय के योगदान को पुनर्स्मरण कराने वाला एक प्रेरक मंच साबित हुआ।
गौरेला पेंड्रा मरवाही। जिले के पेंड्रा मझगवां मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें बस का इंतजार कर रहे तीन लोगों को तेज रफ्तार कार ने अचानक रौंद दिया। हादसा इतना भयावह था कि कार लगभग 10 फीट उछलकर सड़क पर पलट गई। दुर्घटना में अंडी गांव निवासी छक्के लाल चौधरी (50) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ज्योति गुप्ता और उसकी 9 वर्षीय बेटी गौरी गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक नशे में धुत था और वाहन में पुलिस सायरन भी लगा हुआ था। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही पेंड्रा पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।
घायलों को तुरंत जिला अस्पताल लाया गया, जहां से बच्ची गौरी की आंख में गंभीर चोट को देखते हुए उसे बिलासपुर सिम्स रेफर किया गया है। बताया गया कि ज्योति गुप्ता अपनी बेटी के साथ मायके अनुपपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी, वहीं मृतक छक्के लाल चौधरी अपनी बेटी को लेने आए थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब ठंडा का सितम बढ़ता जा रहा है। उत्तर भारत की ओर से आ रही ठंडी हवाएं छत्तीसगढ़ में भी असर दिखा रही हैं। सुबह और रात के समय तापमान लगातार नीचे जा रहा है। राजधानी रायपुर में इस सीजन में अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है।
वहीं उत्तरी और मध्य जिलों के कुछ हिस्सों में शीतलहर जैसी परिस्थितियाँ बन सकती हैं। जिससे की हाड़ कपाने वाली ठंड पड़ेगी। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में शीतलहर की चेतावनी दी है।
बता दें कि, राजधानी में तापमान 13°C से 29°C के बीच दर्ज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि, हफ्ते के भीतर तापमान में और गिरावट होने की आशंका जताई जा रही है।
Vande Bharat Express : मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम से जुड़े पवित्र स्थलों के बीच तेज और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही चित्रकूट धाम से अयोध्या धाम के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी अंतिम चरण में है। रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे से इस रूट की फीजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि जनवरी 2026 से ट्रेन संचालन शुरू हो सकता है।
रामायण सर्किट को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में रेलवे पहले ही कई महत्वपूर्ण पहलें कर चुका है। आईआरसीटीसी की रामायण यात्रा ट्रेन के साथ-साथ अयोध्या को प्रयागराज, पटना, गोरखपुर, मेरठ और आनंद विहार जैसे प्रमुख शहरों से वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जोड़ा जा चुका है। अब इसी श्रृंखला में चित्रकूट धाम को सीधे अयोध्या से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अयोध्या–चित्रकूट वंदे भारत सेवा शुरू करने की मांग की थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे को अयोध्या–लखनऊ–उन्नाव–कानपुर–हमीरपुर–बांदा–चित्रकूट रूट पर हाईस्पीड ट्रेन चलाने की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ मंडल प्रशासन इस महीने के अंत तक रूट, समय-सारणी और अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देने की तैयारी में जुटा हुआ है। जनवरी में उत्तर रेलवे को नया वंदे भारत रेक मिलने की संभावना है, जिसके बाद ट्रेन संचालन की औपचारिक शुरुआत की जा सकती है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ किया था, जो भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट से होकर गुजरती है। अब जन्मभूमि अयोध्या और तपोभूमि चित्रकूट को सीधे जोड़ने की इस योजना से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला ने कहा कि रेलवे की इस पहल से यात्रियों को बेहतर और तेज रेल सेवा मिलेगी। इससे धार्मिक स्थलों के बीच यात्रा कुछ ही घंटों में पूरी हो सकेगी, साथ ही पर्यटन और रेलवे दोनों की आय में वृद्धि होगी। फिलहाल चित्रकूट से अयोध्या के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है, जिस कारण लोगों को काफी दिक्कत होती है। नई वंदे भारत सेवा इस बड़ी समस्या को दूर करेगी।
तखतपुर। तखतपुर के टिकरीपारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचक पंडित आशुतोष चैतन्य के विवादित बयान पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सतनामी समाज को लेकर विवादित बयान देने वाले कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को बिलासपुर पुलिस ने आज कथास्थल से ही गिरफ्तार कर बिलासपुर ले गई। कथावाचक के व्यासपीठ से कहे गए विवादित बयान से आक्रोशित सतनामी समाज के लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर तखतपुर थाने का घेराव किया था।
बता दें कि तखतपुर के टिकरी पारा में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा महापुराण में कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज ने सतनामी समाज को लेकर आपत्तिजनक बातें कही थी, जो सोशल मीडिया के जरिए तेजी से वायरल हो गई। समाज के लोगों को इस बात की भनक लगते ही आक्रोशित हो गए।
कथावाचक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर समाज के लोगों ने तखतपुर थाने का घेराव कर दिया। स्थिति को देखते हुए थाने में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी के निर्देश पर कथावाचक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के धारा 353 (2) के साथ एससी-एसटी एक्ट की भी धारा जोड़ी गई थी।
कार्रवाई का दिया था आश्वासन
एडिशनल एसपी अर्चना झा ने कथावाचक के खिलाफ सतनामी समाज की आपत्ति पर प्राथमिक जांच के बाद धारा 353 (2) के तहत एफआईआर दर्ज करने की जानकारी देते हुए विधिवत जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके साथ ही समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
सूरजपुर। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के तहत किसान अब सीधे अपने नजदीकी धान उपार्जन केंद्रों में धान बेच सकेंगे। सूरजपुर जिले में खरीदी का आगाज़ प्रदेश के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने चंदरपुर धान उपार्जन केंद्र में पूजा-अर्चना कर किया। इस दौरान उन्होंने किसानों का स्वागत करते हुए तौल कांटे पर धान की पहली बोरी तौलकर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।
किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री बघेल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि धान बेचने के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी समिति प्रबंधक द्वारा किसान से दुर्व्यवहार किया गया या धान पलटी करने जैसे अवैध कार्य कराने की शिकायत मिली तो संबंधित प्रबंधक पर तत्काल सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री बघेल ने यह भी निर्देश दिया कि धान खरीदी के बाद 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान अवश्य पहुंच जाए
उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भुलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
बेमेतरा। जिले के ग्राम कठिया में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊंचा बैम्बू टावर समर्पित “छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति रही ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊंचे बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराते हुए कहा कि यह संरचना केवल बांस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने बाँस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा बांस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों और कारीगरों से संवाद कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, नवाचार और प्रगति के नए आयाम रच रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा बैम्बू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि बाँस आधारित उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक इन सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं। सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजनाएँ लागू कर रही है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु और जलसंकट की स्थिति में बाँस की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया जैसे कि बाँस कम पानी में तेजी से बढ़ता है। मिट्टी कटाव रोकता है और हरियाली बढ़ाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पिछले वर्षों में पानी की कमी से जूझता रहा है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ बाँस को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। बाँस आधारित उद्योग युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल ने कहा बांस की खेती और उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में धान के विकल्प के रूप में बाँस की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभदायक होगा। यह फसल जल संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे बांस की खेती की ओर अग्रसर हों, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, कलेक्टर रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
रायपुर: बिहार विधानसभा चुनाव में NDA को बंपर जीत मिली है। जीत का जश्न छत्तीसगढ़ में भी मनाया जा रहा है। मनेन्द्रगढ़ जिले में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत का जमकर जश्न मनाया। इस दौरान आतिशबाजी की गई और मिठाइयां भी बांटी गईं। पूरे जश्न का आकर्षण का केंद्र रहे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल । श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ भोजपुरी गानों पर जमकर डांस किया। मंत्री जायसवाल ने इस जीत को प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के प्रति जनता के विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अब बिहार में डबल इंजन की सरकार तेजी से विकास करेगी।
देर रात तक चला जश्न
मनेंद्रगढ़ में जोर शोर से मनाया गया। शहर के गांधी चौक में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नेताओं की भारी भीड़ जुटी। इस दौरान आतिशबाजी की चमक, ढोल नगाड़ों की थाप और जयकारों की गूंज से पूरा इलाका देर रात तक झूमता रहा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का डांस देखकर वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया और कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई।
किन गानों पर किया डांस
मंत्री जायसवाल ने कमरिया, हुस्न के दरवाजा तोड़के और लगावे तू लिपिस्टिक जैसे गानों पर डांस किया। मंत्री का अंदाज देख वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में भी जोश भर गया और लोग बड़ी संख्या में उनके साथ डांस करते दिखे।
लोगों ने की तारीफ
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार में भाजपा को मिली जीत पूरे संगठन के लिए उत्सव का मौका है और मनेंद्रगढ़ में भी इसी तरह का माहौल देखने को मिला। वहीं, मंत्री का डांस देखकर कार्यकर्ताओं ने उनके सादगी की तारीफ की।
बीजेपी को मिली जीत
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे शुक्रवार को घोषित हुए। बिहार बिधानसभा में एनडीए ने एकतरफा जीत हासिल की है। बिहार में एनडीए को 202 सीटें मिली हैं। अकेले बीजेपी को 89 सीटों पर जीत मिली है।
जगदलपुर| छत्तीसगढ़ समेत देशभर में मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने पर फोर्स जुटी है। इससे डरे-घबराए नक्सली हथियार छोड़कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं। इसी क्रम में अब संगठन में काम कर रहे बड़े नक्सली लीडर भी तेजी से सरेंडर कर रहे हैं। इस बीच, छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना में तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रिय दो शीर्ष माओवादी नेताओं समेत अन्य 8 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। हालांकि, इनके समर्पण को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी नक्सली दो दिन पहले ही गुपचुप तरीके से सरेंडर हो चुके हैं और सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ा नाम कोय्यादी संबय्या उर्फ आज़ाद, बीकेएसआर डिवीज़न कमेटी सचिव का है। आजाद कई दशकों से माओवादी संगठन में प्रमुख रणनीतिक भूमिका निभा रहे थे। इसके अलावा अब्बास नारायण उर्फ़ रमेश, जो तकनिकी टीम के प्रभारी ने भी सरेंडर किया है। रमेश रामागुंडम इलाके में लंबे समय से सक्रिय था।
आजाद और तेलंगाना स्टेट कमेटी के प्रमुख नक्सल नेता दामोदर की बीच टकराव और अंदरूनी मतभेद भी इस सरेंडर का बड़ा कारण माना जा रहा है। आजाद मुलुगु जिले के मोद्दुलागुडेम गांव के रहने वाले हैं और स्टेट कमेटी में उनकी पकड़ काफी मजबूत थी। यदि आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह सरेंडर तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा।
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से हत्या का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां हमलावरों ने घर में घुसकर एक बुजुर्ग की कुल्हाड़ी मारकर हत्या (Bujurg Ki Kulhadi Markar Hatya) कर दी। हमलावरों ने पत्नी के सामने ही उसकी बेरहमी से हत्या की है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है।
यह दिल दहला देनी वाली घटना बासागुड़ा थाना क्षेत्र की है। यहां बिती तीन हमलावरों ने घर में घुसकर एक एक बुजुर्ग की हत्या कर दी। हमलावरों ने उसके मुंह पर पहले कपड़ा बांधा इसके बाद उसकी कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने पत्नी के सामने ही उसकी बेरहमी से हत्या की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक धर्मा सोयम पुतकेल गांव का रहने वाला था। 14 नवंबर की रात जब वह सो रहा था, तभी तीन हमलावर वहां घुस आए और उसके मुंह पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद उसकी कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी भाग खड़े हुए। यह पूरी घटना धर्मा सोयम की पत्नी के सामने हुई है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
नक्सली साजिश की आशंका
आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे नक्सलियों की साजिश हो सकती है। इधर सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर ली है। फिलहाल हत्या अज्ञात हमलावरों की ओर से की गई है या फिर नक्सलियों की ओर से की गई है। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
नक्सलियों के सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई
वहीं आपकों बता दें कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की ओर से नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। इस बीच बीजापुर में शुक्रवार को एक ओर जहां IED ब्लास्ट की चपेट में आने से एक जवान घायल (IED Blast Me Jawan Ghayal) हो गया, तो वहीं दूसरी ओर नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने सुरक्षा कैंप स्थापित करते हुए नक्सलियों के स्मारक को ध्वस्त (Naksali Smarak Dhvast) कर दिया।
इलाके में सर्चिंग अभियान लगातार जारी
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह नेशनल पार्क इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस दौरान नक्सलियों की ओर से लगाया गया IED ब्लास्ट हो गया, जिसकी चपेट में आकर STF का एक जवान घायल हो गया। घायल जवान को इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। वहीं सुरक्षाबलों की ओर से इलाके में सर्चिंग अभियान लगातार जारी है।
नक्सलियों का भव्य इमारक ध्वस्त
अबूझमाड़ के ग्रामीाणों को सुरक्षा के साथ ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जाटलूर में नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया है। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष दस्ते DRG , बस्तर फाइटर और केंद्रीय अर्धसैनिक बल ITBP ने संयुक्त अभियान चलाते हुए नक्सली संरचनाओं को निशाना बनाते हुए नक्सलियों के भव्य इमारक को ध्वस्त कर दिया। यह स्मारक लंबे समय से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का प्रतीक था।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क मार्ग से यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार हर तरह से प्रयास करने में जुटी हुई है। सड़क मार्ग से आवागमन सुविधाजनक हो सके इसके लिए विष्णु देव साय सरकार लगातार सड़कों का जाल प्रदेश के कोनो– कोनो और दूरस्थ अंचलों के गांवों में बिछा रही है। डबल इंजन की सरकार होने के चलते केंद्र सरकार से भी राज्य सरकार को भरपूर मदद मिल रही है। प्रदेश की 1052 ऐसी बस्तियों की पहचान की गई है,जिनमें कभी सड़क नहीं पहुंची थी। उनमें भी सड़क बनाने का काम 80% पूरा हो चुका है।
सिटी बस और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को मजबूत करने में जुटी सरकार सड़क मार्ग से यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा रही है। विभिन्न नई योजनाओं के तहत सड़के बनाई जा रही है। केंद्रीय सड़क निधि के तहत 600 करोड रुपए की मंजूरी सरकार ने दी थी। इसके अलावा स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत दो लेन मार्ग को चार लेन में अपग्रेड किया गया है। राजधानी रायपुर में शहर की भीड भरी सड़कों को कम करने के लिए चार ब्रिज बनाए जा रहे है।
केंद्र सरकार के सहयोग से विष्णु देव साय सरकार छत्तीसगढ़ में अगले 2 सालों में छत्तीसगढ़ का रोड नेटवर्क का अमेरिका के बराबर करने के लिए प्रयासरत है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी आने जाने के लिए लोगों को आसानी हो इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने 1052 बस्तियों की पहचान की गई है जिनमें अब तक सड़क नहीं बनी है। इनमें से 777 बस्तियों में सरकार ने सड़कों का निर्माण पूरा कर लिया है। सरकार कमार,पहाड़ी कोरवा,अबूझमाडिया, बैगा व बिरहोर जनजाति की बस्तियों तक सड़क बना रही है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत भी राज्य के 26 जिलों में 569.56 किलोमीटर सड़कें और 108 पुल बनाने के लिए 375.71 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।
सड़कों को विकसित करने के पीछे सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ गांव के ग्रामीण आसानी से अस्पताल, स्कूल कॉलेज, हाट बाजारों तक अपनी पहुंच बना सके।
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा के मार्गदर्शन एवं बृजेशनाथ पाण्डेय ,अध्यक्ष महाविद्यालय जन-भागीदारी समिति के सहयोग से अर्थशास्त्र एवं भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वं डॉ विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा,विख्यात अर्थशास्त्री की स्मृति में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
जिसका उद्घाटन डॉ रमन सिंह,अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा एवं पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य आतिथ्य में एवं अध्यक्षता गणेश शंकर मिश्रा (से.नि.भा.प्र.सेवा) पूर्व प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ रमन सिंह ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सभी छात्राओं को प्रोत्साहित किया। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में डॉ राधाबाई को नमन करते हुए कहा कि,देश की अर्थव्यवस्था सिंधु घाटी सभ्यता से प्रारंभ होकर पुरे विश्व में फैला।

आचार्य चाणक्य ने भारतीय व्यवस्था को दिशा प्रदान किया। हम दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरा अर्थव्यवस्था बनने के अग्रसर है। इसमें छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है।छत्तीसगढ़ राज्य अपनी समृद्ध वन संपदा के कारण देश में एक विशेष स्थान रखता है। इसके 44% से अधिक भौगोलिक क्षेत्र में वन हैं,जो राज्य की अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान देता हैं। लघु वनोपज ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है,लाखों लोगों को रोजगार और आय प्रदान करता है।
छत्तीसगढ़ देश का सबसे बड़ा लघु वनोपज संग्राहक राज्य है। गणेश शंकर मिश्रा ने राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला के आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा गया है।वन आश्रित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से बेरोजगारी दूर होगी।इस शोध संगोष्ठी से जो निष्कर्ष निकलेगा वह नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वनों का पर्यावरण का संरक्षण किया जाए। वन संसाधन के साथ ही आस्था का भी प्रतीक हैं जो उसे संरक्षण प्रदान करता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ प्रीति मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर महाविद्यालय के उपलब्धियों को साझा किया।संगोष्ठी एवं कार्यशाला के संयोजक डॉ विनोद कुमार जोशी ने स्वं डॉ विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा का जीवन परिचय देता हुए कहा कि उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग को नींव तथा मजबूती प्रदान किया।डॉ रुपा सल्होत्रा ने गणेश शंकर मिश्रा का परिचय देते हुए उनके प्रशासनिक उपलब्धियों से अवगत कराया।मुख्य अतिथि डॉ रमन सिंह का परिचय एवं कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजक सचिव डॉ श्रद्धा मिश्रा ने किया।
संगीत विभाग की छात्राओं ने डॉ शिल्पी सोनी के नेतृत्व में स्वागत गीत,सरस्वती वंदना,राजकीय गीत तथा राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया।आयोजन सचिव एवं भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ नम्रता शर्मा ने आभार व्यक्त किया।अतिथियों को शाल,श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक,शोधार्थी तथा
महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष,वरिष्ठ प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी,ग्रंथपाल, कार्यालयीन अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।
रायपुर। आज से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे किसानों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव बताते हुए कहा कि राज्य सरकार धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध रूप में संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली गई हैं और प्रदेश के सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पूरी तरह सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
धान खरीदी व्यवस्था को तकनीक-सक्षम बनाते हुए सरकार ने इस वर्ष तुँहर टोकन एप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क एप, और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसे आधुनिक सिस्टम लागू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कदम पर हमारी प्राथमिकता किसानों को सुविधा, सम्मानजनक खरीदी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का अटूट विश्वास ही छत्तीसगढ़ की प्रगति की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा हमारे किसान हैं। आज शुरू हो रही धान खरीदी उनके परिश्रम को सम्मान देने का अवसर है।
धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर में किसानों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया और मजबूत तकनीकी व्यवस्था से इस बार की खरीदी और अधिक सहज और व्यवस्थित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है।
भिलाई। भिलाई के कुम्हारी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामना आया है। जहां रेलवे फाटक के पास झाड़ियों में एक मानव नर कंकाल मिला। जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जिसके बाद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह जब रेलवे लाइन किनारे एक व्यक्ति लकड़ी काटने पहुंचा तो उसने झाड़ियों में एक नर कंकाल देखा। जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। वहीं मौके पर पहुंची कुम्हारी पुलिस ने मामला दर्ज कर नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बताया गया कि,शरीर पूरी तरह गल चुका था। जिस वजह से मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। वहीं लाश काफी पुरानी बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस के लिए पता लगाना मुश्किल हो गया है कि, आखिर ये नर कंकाल किसका है और इसके पीछे की वजह क्या है। फिलहाल पुलिस अब मृतक की पहचान में जुट गई है।
रायपुर. प्रदेशभर में उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं का आसर देखने को मिल रहा है. राजधानी रायपुर में भी सुबह और रात के वक्त ठंड बढ़ रही है. बताया जा रहा है कि लगभग तीन साल बाद रायपुर में सबसे कम तापमान दर्ज हुआ है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है. इसके बाद 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इस दौरान उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के एक दो पॉकेट में शीतलहर की स्थिति बनने के आसार हैं.
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तामपान डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इस दौरान कहीं पर भी बारिश की गतिविधि रिकॉर्ड नहीं की गई है.
कौन से इलाकों में शीतलहर का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में एक दो पॉकेट में शीत लहर चलने की संभावना है.
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर में आज आकाश साफ रहने की संभावना है. इस दौरान तामपान 13 से लेकर 29 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है.
दुर्ग. धमधा थाना अंतर्गत कच्चे मकानं की दीवार के नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई. घटना ग्राम हीरेतरा की है, जहां दोनों श्रमिक मकान की नींव की खुदाई कर रहे थे. इस बीच बाजू से सटे कच्चे मकान की दीवार ढह गई, जिसमें दोनों दब गए. एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया. पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है. (दुर्ग में मकान की दीवार गिरने से 2 श्रमिकों की मौत)
थाना पुलिस ने बताया कि ग्राम हीरेतरा निवासी गुरुदेव चंदेल ने शुक्रवार सुबह अपने मकान के लिए मजदूरों को नींव खोदने का काम शुरू किया. इसके लिए ग्राम पेन्ड्रावन निवासी कमल नारायण ठाकुर, ईश्वरी गायकवाड, पोषण डांगे और दुर्गेश ठाकुर को मजदूरी करने बुला लिया. सुबह करीब 9 चारों युवकों नींव खोदने का शुरू कर दिया, जहां नींव के मिट्टी खोदी जा रही थी. उसके बगल से कच्ची मिट्टी से मकान बना हुआ था. घंटेभर में चारों ने दो से तीन फीट गहरी नींव खोदी. इस बीच कच्चे मकान की दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया, जिसमें कमल नारायण ठाकुर (25 वर्ष) और ईश्वरी गायकवाड़ (35 वर्ष) दब गए. उस दौरान शेष दोनों मजदूर थोड़ी दूरी पर काम कर रहे थे. वह दोनों दीवार के नीचे आने से बच गए.
घटना की जानकारी होने पर तुरंत डायल 112 पर कॉल कर करके पुलिस सो सूचना दी गई. इस बीच ग्रामीणों ने मलबे के नीचे दबे दोनों युवक को बाहर निकला. दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने कमल नारायण को मृत्यु घोषित कर दिया.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर और बिलासपुर जिले के दौरे पर जाएंगे। जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनका कार्यक्रम इस प्रकार है।
सीएम साय सुबह 10:30 बजे राजधानी से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद 11:40 बजे जगदलपुर में आयोजित जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं 12:50 को जगदलपुर से बिलासपुर के लिए रवाना होंगे और 02:25 को बिलासपुर कोनी में बने नए संभागीय आयुक्त कार्यालय का उद्घाटन करेंगे।
इसके बाद 02:45 बिलासपुर पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम में हिस्सा और समाज प्रमुखों से चर्चा करेंगे। शाम 04:45 को राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में प्रतिमा का अनावरण करने के बाद 04:50 को बिलासपुर पुराना बस स्टैंड में वन्देमातरम उद्यान का अनावरण और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार का सम्मान करेंगे।
इसके बाद सीएम साय शाम 05:20 को साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी मेला कार्यक्रम में शामिल होंगे और फिर 06:00 भी न्यू सर्किट हाउस बिलासपुर में विश्राम करने के बाद 07:45 लाल बहादुर शास्त्री ग्राउंड में आयोजित राउत नाच महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे और रात 08:40 को कार द्वारा बिलासपुर से रायपुर पहुंचेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से धान खरीदी शुरू हो रही है। जिसे लेकर राज्य सरकार ने सभी उपार्जन केंद्रों में तैयारियां पूरी कर ली है। प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम से प्रदेश के किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। इसके लिए प्रदेश भर में 2739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं।
बता दें कि, इस बार धान खरीदी की शुरुआत सूरजपुर जिले से हो रही है। जिसका शुभारंभ खाद्य मंत्री दयालदास बघेल करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने निर्देश दिए हैं। जिसमें केंद्रों में बारदाना व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत शामिल सुविधाएं हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक करेगी। वहीं किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकते हैं। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 160 लाख मीट्रिक टन की जाएगी।
जगदलपुर :- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आज भगवान बिरसामुंडा की जयंती पर जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में जिला स्तरीय कार्यक्रम होगा।
जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री केदार कश्यप समेत अन्य नेता शिरकत करेंगे। सुबह करीब 11 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
समाज के सदस्य मंगतू कश्यप ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसामुंडा की जयंती पर जनजाति गौरव दिवस मनाने की घोषणा की थी।
जिसके बाद से 15 नवंबर को कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जगदलपुर में आज होने वाले इस कार्यक्रम में समाज के हजारों लोग उपस्थित होंगे। साथ ही बाइक रैली भी निकाली जाएगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शहर में आज रैली से लेकर कई कार्यक्रम होंगे। साथ ही CM से लेकर मंत्री तक यहीं मौजूद रहेंगे। वहीं इस कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए।
जिन-जिन जगहों से बाइक रैली निकलेगी वहां चौक-चौराहों पर जवानों की तैनाती की गई है। कार्यक्रम स्थल पर भी टाइट सुरक्षा व्यवस्था है।
रायपुर :- छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर यानी आज से 25 लाख से ज्यादा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करेगी। किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से पैसा मिलेगा, लेकिन बेचने के लिए किसानों के हाथ में टोकन ही नहीं है। टोकन तुंहर हाथ ऐप फेल है। इससे किसान रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं।
प्रदेशभर के किसानों के सामने धान बेचने को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। सरकार ने टोकन को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की, लेकिन दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और रायगढ़ जैसे बड़े जिलों में अभी भी किसानों को टोकन नहीं मिला है। ऐसे में किसान के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
इसके अलावा प्रदेशभर में धान खरीदी केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटर्स हड़ताल पर हैं। ऐसे में टोकन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रभावित हुई। टोकन तुंहर हाथ ऐप का काम नहीं कर रहा है। किसानों को लॉग इन करने पर मैसेज आ रहा है कि टोकन पंजीयन फिलहाल बंद है। प्ले स्टोर पर नया वर्जन अपडेट नहीं हुआ, इसलिए टोकन नहीं मिल पाएगा।
सबसे पहले पढ़िए किस जिले में क्या है टोकन की स्थिति ?
रायपुर जिले में कुल 1 लाख 34 हजार 37 किसान पंजीकृत हैं। 1,26,921 हेक्टेयर में धान की खेती हुई है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन ने अवैध धान ले जाने से रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट भी स्थापित किए हैं, लेकिन किसानों को टोकन नहीं मिला है।
दुर्ग जिले में कुल 1 लाख 12 हजार 446 किसान पंजीकृत हैं। जिले में 87 समितियां और 102 उपार्जन केंद्र हैं। अब तक 61 टोकन जारी किए गए हैं, लेकिन कई किसान अभी भी इस प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। इससे किसानों की परेशान बढ़ गई है।
वहीं बिलासपुर में 1 लाख 12 हजार 252 किसानों का पंजीयन है। 140 उपार्जन केंद्र तैयार किए गए हैं। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि शनिवार-रविवार की छुट्टियों के कारण धान खरीदी सोमवार से शुरू होगी। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कलेक्टर ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को काम सौंपा है।
48 हजार से ज्यादा किसान, लेकिन टोकन नहीं मिला
इसके अलावा बस्तर जिले में कुल 48 हजार से ज्यादा किसान पंजीकृत हैं। धान खरीदी के 79 केंद्रों के लिए ऑपरेटरों की व्यवस्था एक निजी एजेंसी कर रही है, जो टेंडर के आधार पर 79 ऑपरेटर नियुक्त कर रही है। किसानों को टोकन नहीं मिलने से कल खरीदी केंद्र में किसान कम दिखेंगे।
वहीं रायगढ़ जिले में 69 समितियों के 105 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। आज यानी 15 नवंबर से 31 जनवरी तक किसानों से नगद और लिंकिंग दोनों तरीके से धान की खरीदी होगी। जिले में अब तक 81 हजार 500 किसानों का पंजीकरण हो चुका है।
इसके साथ ही सरगुजा जिले में 54 केंद्रों पर धान खरीदी होगी। 13 नवंबर को इन केंद्रों में ट्रायल रन किया गया। समितियों के प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर होने की वजह से प्रशासन ने सभी 54 केंद्रों के लिए नए धान खरीदी प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए हैं। धान खरीदी लक्ष्य 39 लाख 2 हजार 190 क्विंटल है।




























