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गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर। ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। यदि ग्राम पंचायतें सशक्त हों, गांव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक ग्रामीण विकास की प्रक्रिया का सहभागी बने, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक रूप ले सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम पंचायतें जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने का सबसे प्रभावी मंच हैं। अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक स्वयं विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए।
इसके माध्यम से जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन बने प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

10.40 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब लक्ष्य करोड़पति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, आजीविका गतिविधियों और नई औद्योगिक नीति से उत्पन्न अवसरों से जोड़ा जाए।

बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पीएम आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर पंप तथा अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल अपने सीमित उत्तरदायित्व का निर्वहन मात्र न होकर के समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे प्रेरणा लेकर प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को समाज निर्माण का अवसर मानना चाहिए।

एक व्यक्ति का संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है

मुख्यमंत्री साय ने पद्मश्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या की आवश्यकता नहीं होती। यदि एक व्यक्ति भी संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब युवा सांसदों के मार्गदर्शन के लिए श्री पोपटराव पवार को आमंत्रित किया गया था। उस समय एक युवा सरपंच के रूप में उन्होंने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की जो कहानी सुनाई थी, वही आज पूरे देश के लिए आदर्श ग्राम विकास का मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में नानाजी देशमुख द्वारा विकसित ग्राम विकास मॉडल तथा ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत द्वारा शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक परिवर्तन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का अपना मॉडल तैयार किया जाए, जिससे स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

हिवड़े बाजार मॉडल ने दिखाया जनभागीदारी की ताकत

कार्यशाला में पद्मश्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1989 में गांव जल संकट, पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। जनसहभागिता, अनुशासन, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से गांव का व्यापक विकास किया गया। आज गांव में पलायन समाप्त हो चुका है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

BREAKING NEWS : राज्यपाल रमेन डेका से उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की सौजन्य भेंट

BREAKING NEWS : राज्यपाल रमेन डेका से उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की सौजन्य भेंट

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल डेका और उच्च शिक्षा मंत्री वर्मा के बीच प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

भेंट के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक सुधार, विद्यार्थियों के कौशल उन्नयन और नवाचार को बढ़ावा देने के विषयों पर उच्च शिक्षा मंत्री से विचार-विमर्श किया। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने और विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया।

इस दौरान प्रदेश के विश्वविद्यालयों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, उनकी व्यवस्थाओं में सुधार और उनके प्रभावी निराकरण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री ने उच्च शिक्षा क्षेत्र को और सशक्त बनाने तथा विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार साझा किए।

Chhattisgarh Tourism: झरनों से लेकर प्राचीन मंदिरों तक, बेहद खूबसूरत हैं छत्तीसगढ़ के ये पर्यटन स्थल

Chhattisgarh Tourism: झरनों से लेकर प्राचीन मंदिरों तक, बेहद खूबसूरत हैं छत्तीसगढ़ के ये पर्यटन स्थल

 Chhattisgarh Famous Tourist Places: भारत के मध्य भाग में बसा छत्तीसगढ़ प्राकृतिक खूबसूरती, घने जंगलों, पहाड़ों, नदियों, जलप्रपातों, प्राचीन मंदिरों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जो आज भी प्रकृति को बेहद करीब से महसूस करने का मौका देती हैं। बस्तर के विशाल जलप्रपात हों या सरगुजा की खूबसूरत वादियां, कबीरधाम का ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर हो या दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी—प्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक, ऐतिहासिक और रोमांचक पर्यटन के कई विकल्प मौजूद हैं।

छत्तीसगढ़ की खास बात यह है कि यहां आने वाले पर्यटकों को एक ही यात्रा में जंगल, झरने, गुफाएं, प्राचीन मंदिर, पुरातात्विक स्थल और स्थानीय जनजातीय संस्कृति देखने को मिल सकती है। मानसून के दौरान प्रदेश के जलप्रपातों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, जबकि सर्दियों में मैनपाट जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों का नजारा पर्यटकों को आकर्षित करता है।

अगर आप आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ घूमने की योजना बना रहे हैं, तो प्रदेश के इन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल कर सकते हैं।

चित्रकोट जलप्रपात – बस्तर की शान

बस्तर क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर स्थित चित्रकोट जलप्रपात छत्तीसगढ़ के सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। विशाल चौड़ाई और घोड़े की नाल जैसी आकृति के कारण इसे अक्सर ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है। बारिश के मौसम में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ चित्रकोट का स्वरूप बेहद विशाल और आकर्षक हो जाता है।

ऊंचाई से गिरती पानी की विशाल धारा और आसपास फैली हरियाली पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। शाम के समय यहां का प्राकृतिक नजारा और भी खूबसूरत दिखाई देता है। फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए चित्रकोट छत्तीसगढ़ की सबसे खास जगहों में से एक है।

तीरथगढ़ जलप्रपात – सीढ़ियों की तरह गिरता पानी

बस्तर के कांगेर घाटी क्षेत्र में स्थित तीरथगढ़ जलप्रपात अपनी अलग बनावट के लिए प्रसिद्ध है। यहां पानी चट्टानों की अलग-अलग सतहों से सीढ़ीनुमा अंदाज में नीचे गिरता दिखाई देता है। बारिश और उसके बाद के महीनों में आसपास की हरियाली इस स्थान की सुंदरता को और बढ़ा देती है।

प्रकृति के बीच शांति से समय बिताने और खूबसूरत तस्वीरें लेने के लिए तीरथगढ़ पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल है।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान – जंगल और गुफाओं का रोमांच

प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बेहद खास है। घने जंगल, प्राकृतिक गुफाएं, वन्यजीव और जैव विविधता इसे छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में शामिल करते हैं।

यहां स्थित कुटुमसर गुफा अपनी प्राकृतिक संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य गुफाएं और प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं। गुफाओं में प्रवेश और जंगल भ्रमण से पहले पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के दिशा-निर्देशों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

मैनपाट – छत्तीसगढ़ का खूबसूरत हिल स्टेशन

सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थलों में से एक है। हरे-भरे पहाड़, खूबसूरत घाटियां, झरने और ठंडा वातावरण इसे खास बनाते हैं। सर्दियों में यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है।

मैनपाट में तिब्बती समुदाय की मौजूदगी के कारण यहां तिब्बती संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है। यहां के मठ और आसपास का शांत वातावरण यात्रियों को अलग अनुभव प्रदान करता है।

मैनपाट में टाइगर पॉइंट, फिश पॉइंट और उल्टा पानी जैसे स्थान भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। परिवार और दोस्तों के साथ कुछ दिन प्रकृति के बीच बिताने के लिए मैनपाट एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

ढोलकल गणेश – पहाड़ी पर विराजमान गणपति

दंतेवाड़ा जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित ढोलकल गणेश प्रतिमा रोमांच और आस्था दोनों का अनोखा संगम प्रस्तुत करती है। ऊंची पहाड़ी पर स्थापित प्राचीन गणेश प्रतिमा तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ती है।

घने जंगलों और पहाड़ियों से होकर गुजरने वाला रास्ता रोमांच पसंद करने वाले यात्रियों को आकर्षित करता है। यहां यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम, रास्ते और सुरक्षा से संबंधित जानकारी लेना बेहद जरूरी है।

मां दंतेश्वरी मंदिर – बस्तर की आराध्य देवी

दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। मां दंतेश्वरी को बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी माना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

बस्तर की सांस्कृतिक परंपराओं और प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में भी मां दंतेश्वरी का विशेष महत्व है। धार्मिक पर्यटन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह मंदिर बेहद महत्वपूर्ण है।

भोरमदेव मंदिर – छत्तीसगढ़ का खजुराहो

कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला और पत्थरों पर की गई नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के आसपास पहाड़ और हरियाली इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं।

भोरमदेव मंदिर की स्थापत्य कला की तुलना अक्सर मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिरों से की जाती है, जिसके कारण इसे लोकप्रिय रूप से ‘छत्तीसगढ़ का खजुराहो’ भी कहा जाता है। इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह एक खास जगह है।

सिरपुर – इतिहास और पुरातत्व का खजाना

महासमुंद जिले में महानदी के किनारे स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ के प्रमुख ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों में शामिल है। यहां खुदाई के दौरान कई महत्वपूर्ण प्राचीन अवशेष सामने आए हैं।

सिरपुर का प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यहां बौद्ध विरासत से जुड़े अवशेष और अन्य प्राचीन संरचनाएं भी देखने को मिलती हैं। इतिहास, पुरातत्व और प्राचीन भारतीय वास्तुकला में रुचि रखने वालों के लिए सिरपुर की यात्रा बेहद खास हो सकती है।

राजिम – छत्तीसगढ़ का प्रमुख धार्मिक केंद्र

गरियाबंद जिले में स्थित राजिम प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का संगम होता है। प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर सहित कई प्राचीन मंदिर यहां मौजूद हैं।

राजिम में आयोजित होने वाला राजिम कुंभ कल्प प्रदेश के बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस दौरान दूर-दूर से साधु-संत और श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

मां बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में पहाड़ी पर स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है। नवरात्रि के समय यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।

पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के अलावा रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। ऊपर से दिखाई देने वाला आसपास का प्राकृतिक नजारा भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य

प्रकृति और वन्यजीवों को करीब से देखने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आकर्षक जगह है। यहां जंगलों के बीच विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीव और पक्षी देखने का अवसर मिल सकता है।

शहरों की भागदौड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के इच्छुक पर्यटकों के लिए यह क्षेत्र एक अच्छा विकल्प है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व

छत्तीसगढ़ के प्रमुख संरक्षित वन क्षेत्रों में अचानकमार टाइगर रिजर्व का नाम भी शामिल है। घने जंगलों और जैव विविधता से भरपूर यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को आकर्षित करता है।

यहां यात्रा या सफारी की योजना बनाने से पहले वन विभाग के मौजूदा नियमों, प्रवेश व्यवस्था और मौसम की जानकारी लेना जरूरी है।

गंगरेल बांध – परिवार के साथ घूमने का शानदार विकल्प

धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध, जिसे रविशंकर सागर जलाशय के नाम से भी जाना जाता है, पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। विशाल जलाशय और आसपास का प्राकृतिक वातावरण इसे परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए पसंदीदा जगह बनाता है।

बारिश के बाद यहां का नजारा बेहद आकर्षक हो जाता है। हालांकि जलाशय और बांध क्षेत्र में घूमते समय सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

चैतुरगढ़ – पहाड़, प्रकृति और आस्था का संगम

कोरबा जिले में स्थित चैतुरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां से आसपास के जंगलों और पहाड़ियों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। यहां स्थित मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

प्रकृति के बीच धार्मिक यात्रा का आनंद लेने वालों के लिए चैतुरगढ़ एक आकर्षक स्थान हो सकता है।

गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र

उत्तरी छत्तीसगढ़ का विशाल वन क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। वन्यजीवों, जंगलों और प्राकृतिक वातावरण में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है। संरक्षित वन क्षेत्र होने के कारण यात्रा से पहले संबंधित वन विभाग से प्रवेश और पर्यटन गतिविधियों की जानकारी लेना जरूरी है।

बस्तर की जनजातीय संस्कृति भी है खास

छत्तीसगढ़ की यात्रा केवल प्राकृतिक स्थलों तक सीमित नहीं है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय बाजार भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। बस्तर की पारंपरिक कला और बेल मेटल शिल्प देशभर में प्रसिद्ध हैं।

यहां लगने वाले स्थानीय हाट-बाजारों में क्षेत्र की जीवनशैली, खान-पान, हस्तशिल्प और संस्कृति को करीब से समझने का मौका मिलता है। यही वजह है कि बस्तर की यात्रा पर्यटकों के लिए प्राकृतिक सुंदरता के साथ सांस्कृतिक अनुभव भी लेकर आती है।

बस्तर दशहरा की अनोखी परंपरा

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान की बात हो और बस्तर दशहरा का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट धार्मिक और जनजातीय परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यह सामान्य दशहरा उत्सव से अलग परंपराओं के लिए जाना जाता है और इसमें बस्तर क्षेत्र के विभिन्न समुदायों की महत्वपूर्ण भागीदारी होती है।

इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जगदलपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं।

छत्तीसगढ़ घूमने का सबसे अच्छा समय

छत्तीसगढ़ में पर्यटन का सही समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की जगह देखना चाहते हैं। जलप्रपातों की खूबसूरती बारिश के दौरान और उसके बाद काफी बढ़ जाती है। हालांकि भारी बारिश के समय झरनों और नदियों के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।

वहीं अक्टूबर से फरवरी के बीच मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने के कारण प्रदेश के कई पर्यटन स्थलों की यात्रा सुविधाजनक हो सकती है। मैनपाट जैसे पहाड़ी क्षेत्रों का आनंद लेने के लिए सर्दियों का मौसम खास माना जाता है।

यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

छत्तीसगढ़ के कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जंगलों, पहाड़ियों और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं। इसलिए यात्रा से पहले सड़क, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना जरूरी है। जलप्रपात के बेहद करीब जाने, तेज बहाव वाले पानी में उतरने या प्रतिबंधित जंगल क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रवेश करने से बचना चाहिए।

गुफाओं, वन्यजीव क्षेत्रों और ट्रेकिंग वाले स्थानों पर स्थानीय गाइड या अधिकृत व्यवस्था का सहारा लेना बेहतर रहता है। मानसून के दौरान यात्रा कर रहे हैं तो प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा चेतावनियों का विशेष ध्यान रखें।

क्यों खास है छत्तीसगढ़ का पर्यटन?

छत्तीसगढ़ उन राज्यों में शामिल है जहां पर्यटन के अलग-अलग रूप एक साथ देखने को मिलते हैं। यहां चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे शानदार जलप्रपात हैं, तो मैनपाट जैसी खूबसूरत पहाड़ियां भी हैं। सिरपुर और भोरमदेव प्रदेश के इतिहास और वास्तुकला की कहानी बताते हैं, जबकि दंतेश्वरी, बम्लेश्वरी और राजिम जैसे धार्मिक स्थल लाखों लोगों की आस्था से जुड़े हुए हैं।

इसके साथ ही बस्तर की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक कला, स्थानीय व्यंजन और हाट-बाजार छत्तीसगढ़ की यात्रा को और खास बनाते हैं। घने जंगल और संरक्षित वन क्षेत्र प्रदेश को प्रकृति और वन्यजीव पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।

अगर आप भीड़भाड़ वाले लोकप्रिय पर्यटन शहरों से अलग प्रकृति, इतिहास, संस्कृति और रोमांच का अनुभव करना चाहते हैं तो छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। चित्रकोट की गर्जना, मैनपाट की खूबसूरत वादियां, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत और बस्तर की अनोखी संस्कृति—ये सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को देश के खास पर्यटन राज्यों में अलग पहचान देते हैं।

डिस्क्लेमर: किसी भी पर्यटन स्थल की यात्रा से पहले मौसम, प्रवेश समय, सड़क की स्थिति, वन विभाग के नियम और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की नवीनतम जानकारी जरूर जांच लें।

 
 
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में ऑरेंज-यलो अलर्ट

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में ऑरेंज-यलो अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अगले चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और मध्यम से भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है।रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हुई। बारिश के कारण राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों के तापमान में गिरावट आई और उमस तथा गर्मी से लोगों को राहत मिली।

हालांकि मानसूनी गतिविधियां बढ़ने के बावजूद प्रदेश में अब तक बारिश की स्थिति सामान्य से कम बताई जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

अगले 4 दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ में आने वाले चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।

बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां भी हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है।

बारिश से गिरा रायपुर का तापमान

राजधानी रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद रविवार को हुई हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया।

बारिश के बाद राजधानी के तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। तापमान नीचे आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

रायपुर के अलावा प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों में भी बारिश के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखने को मिली।

इन इलाकों में भी हुई बारिश

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रविवार को मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलीं। रायपुर के अलावा बसना, सरायपाली, सोनाखान, पिथौरा, बिलाईगढ़, सारंगढ़, बगीचा और कोरबा सहित कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई।

बारिश के बाद कई स्थानों पर मौसम सुहावना हो गया। प्रदेश में रविवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बूंदाबांदी या बारिश की संभावना जताई गई है।

रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश होने की स्थिति में दिन के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा, बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।

इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाएं हो सकती हैं।

रायपुर समेत कई जिलों में यलो अलर्ट

प्रदेश के बड़े हिस्से के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर समेत कई जिलों में मौसम खराब हो सकता है।

इसके अलावा बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश के आसार बताए गए हैं।

इन इलाकों में कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आकाशीय बिजली को लेकर रहें सतर्क

बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। गरज-चमक होने पर सुरक्षित इमारत के अंदर रहना बेहतर है।

किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को भी मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। किसी क्षेत्र के लिए जारी चेतावनी की नवीनतम जानकारी मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से देखी जा सकती है।

बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद

छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने पर बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है।

लगातार बारिश खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, लेकिन कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव जैसी परेशानी भी पैदा हो सकती है। ऐसे में आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की जरूरत होगी।

BREAKING : 7 IFS अफसरों के तबादले, देखें आदेश..!!

BREAKING : 7 IFS अफसरों के तबादले, देखें आदेश..!!

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग के 7 IFS अफसरों का ट्रांसफर किया है। यह सभी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अधिकारी हैं। रायपुर से लेकर बस्तर तक के अधिकारियों को नई जगहों पर पोस्टिंग मिली है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी किया है।

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सेवा सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाओं की राह, समय पर मिल रहे जरूरी प्रमाण पत्र

सेवा सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाओं की राह, समय पर मिल रहे जरूरी प्रमाण पत्र

 रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु योजना प्रदेश में नागरिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न आवश्यक प्रमाण पत्रों और शासकीय सेवाओं की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सहज हो गई है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल रही है।

सूरजपुर जिले के ग्राम कमलपुर निवासी  सुशील सिंह इसका एक प्रेरक उदाहरण हैं। उन्होंने अपनी पुत्री अनीता सिंह के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन किया। पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। लेकिन सेवा सेतु के जरिए आवेदन की प्रक्रिया सरल होने से उनका आवेदन निर्धारित समय में निराकृत हुआ और उन्हें आय प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त हो गया।

सुशील सिंह ने बताया कि समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनकी पुत्री के शैक्षणिक एवं अन्य शासकीय कार्य बिना किसी परेशानी के पूरे हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु योजना ने ग्रामीण नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया है और अब बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

प्रदेश सरकार की यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। सेवा सेतु योजना के माध्यम से लोगों का समय और संसाधन दोनों बच रहे हैं, वहीं सरकारी सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान सोलर पंप चालू होने से लौटी खेतों की रौनक

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान सोलर पंप चालू होने से लौटी खेतों की रौनक

 रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

कोरबा के विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम अरसियां निवासी कृषक  राम के खेत में सौर सुजला योजना के तहत स्थापित सोलर पंप अचानक तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया था। पंप के बंद होने से सिंचाई कार्य प्रभावित होने लगा और खेती-किसानी में परेशानी उत्पन्न हो गई। अपनी समस्या के समाधान के लिए  राम ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होते ही क्रेडा के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। तकनीकी दल को मौके पर भेजा गया, जहां सोलर पंप का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य कर इसे पुनः चालू कर दिया गया।

सोलर पंप के पुनः सुचारु रूप से संचालित होने के बाद  राम के खेतों में सिंचाई कार्य फिर से शुरू हो गया। समय पर सिंचाई की सुविधा मिलने से उनकी कृषि गतिविधियां सामान्य हो गईं और फसल की देखभाल में आने वाली कठिनाइयां दूर हो गईं। अपनी समस्या का त्वरित समाधान होने पर कृषक  राम ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, जिला प्रशासन तथा क्रेडा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हुआ, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।

क्रेडा के अधिकारियों ने बताया कि सौर सुजला योजना के अंतर्गत स्थापित सभी सोलर पंपों के संचालन एवं रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों से प्राप्त तकनीकी शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाता है, ताकि उन्हें सिंचाई कार्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। शासन की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ संवेदनशील प्रशासन और त्वरित कार्रवाई से आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव हो रहा है तथा किसानों का शासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत

जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत

 जीवामृत और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम, कृषि विभाग के मार्गदर्शन से मिली नई दिशा

रायपुर- कृषि विभाग द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। सरगुजा जिले के विकासखंड सीतापुर के ग्राम पेटला की कृषक श्रीमती एरिन भगत ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में जैविक खेती अपनाकर खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी लाई है और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कृषि विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के बाद एरिन भगत ने अपने खेतों में जीवामृत एवं वर्मी कम्पोस्ट का नियमित उपयोग शुरू किया। विभाग द्वारा उन्हें जीवामृत तैयार करने के लिए विशेष ड्रम उपलब्ध कराया गया, जिसकी सहायता से वे गाय के मूत्र से जीवामृत तैयार करती हैं। वहीं, गाय के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर खेतों में उपयोग कर रही हैं।

एरिन भगत वर्तमान में पूरी तरह जैविक खेती कर रही हैं। साथ ही वे वर्मी कल्चर के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद का उत्पादन भी कर रही हैं। इससे रासायनिक उर्वरकों पर उनकी निर्भरता काफी कम हुई है, जिसके परिणामस्वरूप खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन प्रणाली अधिक टिकाऊ बनी है।

उन्होंने बताया कि पहले रासायनिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब प्राकृतिक संसाधनों से तैयार जैविक खाद के उपयोग से आर्थिक बचत हो रही है। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी हुई है, जिससे भविष्य में बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ी है। उनका मानना है कि जैविक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कृषि विभाग किसानों को जैविक खेती, जीवामृत निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तथा प्राकृतिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग के वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से जिले के किसान कम लागत, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।

सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत

सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत

 रायपुर। कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है। इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।

चुनौतियों को अपनी ताकत बनाएं –
कलेक्टर रोक्तिमा यादव कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।

प्रशासनिक सेवाओं और करियर गाइडेंस पर हुई चर्चा
संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कक्षा की चारदीवारी से बाहर शिक्षा का अभिनव प्रयास
मॉडल द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।

छू लो आसमान के सफल विद्यार्थियों का वन मंत्री केदार कश्यप ने किया सम्मान

छू लो आसमान के सफल विद्यार्थियों का वन मंत्री केदार कश्यप ने किया सम्मान

  रायपुर- वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप ने रविवार को छू लो आसमान आवासीय शैक्षणिक संस्थान, कारली में नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को गुलदस्ता, पुष्पमाला और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

वन मंत्री कश्यप ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगे की पढ़ाई में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। शासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने संस्था में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से नीट में सफल विद्यार्थियों से प्रेरणा लेने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

‘छू लो आसमान’ योजना से विद्यार्थियों को मिल रहा बेहतर अवसर
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘छू लो आसमान’ पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है।
कारली के विद्यार्थियों की नीट में सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और शासन की सुविधाओं से वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

कार्यक्रम में विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष  नंदलाल मुड़ामी,  यशवंत जैन,  टेकेश्वर जैन,  संतोष गुप्ता,  दीपेश अरोरा, मुकेश शर्मा,  सत्यजीत चौहान,  जय भंसाली, कुलदीप ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डीएफओ  कृष्ण रंगनाथा वाई, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर, डीएमसी  हरीश गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

प्रकृति के साथ संतुलन और जल संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक - राज्यपाल डेका

प्रकृति के साथ संतुलन और जल संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक - राज्यपाल डेका

 00 राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधनअभियान का किया शुभारंभ

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि मनुष्य, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के बीच संतुलन बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण आज गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए हमें अभी से जल संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास करने होंगे।

राज्यपाल डेका ने आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधनÓके लिए आयोजित राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने अभियान में शामिल ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 26 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक रायपुर से जबलपुर की यात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देगा। राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की यह पहल केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जागृति का अभियान है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

डेका ने कहा कि प्रकृति हमारी मां के समान है और उसका संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के निवासी सौभाग्यशाली हैं। यह प्राकृतिक संपदा से समृद्ध प्रदेश है। यहां के घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर हैं। प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य और सह-अस्तित्व का संदेश देती आई है। बदलते समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इसलिए यहां की हरियाली और प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करना आवश्यक है। राज्यपाल ने जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पानी की उपलब्धता भविष्य की एक बड़ी चुनौती है। जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के साथ वर्षा जल संचयन और परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए इको फ्रेंडली व्यवस्थाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देना होगा।

राज्यपाल ने माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। माइक्रोप्लास्टिक का प्रभाव मां के दूध तक में दिखाई देना भविष्य की पीढिय़ों के स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंताजनक है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण संरक्षण के अभियान से समाज एवं समुदाय के प्रत्येक वर्ग को जोडऩे पर जोर दिया। राज्यपाल डेका ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी, जागरूकता और प्रभावी आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धरती का बढ़ता तापमान, अनियमित मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं हमें प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रही हैं।
डेका ने कहा कि यह अभियान विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का भी संदेश देता है। राजयोग के माध्यम से सकारात्मक विचार और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। भौतिक प्रगति के साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक चेतना भी आवश्यक है। राज्यपाल ने सभी नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद बचाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी संतान की तरह देखभाल करे। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित और खुशहाल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई तथा अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।

मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री साय

मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की

जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वाेच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री  साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था - तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्षराजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

भाटापारा में सनसनीखेज वारदात: नाले के पास मिला 24 वर्षीय युवक का शव, गले पर चोट के निशान से हत्या की आशंका

भाटापारा में सनसनीखेज वारदात: नाले के पास मिला 24 वर्षीय युवक का शव, गले पर चोट के निशान से हत्या की आशंका

 बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले के ग्राम सिमरिया (ब) में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 24 वर्षीय विक्रम मानिकपुरी, पिता प्रताप मानिकपुरी, निवासी सिमरिया (ब) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने बरसाती नाले के पास मुख्य मार्ग किनारे एक युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही भाटापारा ग्रामीण थाना पुलिस, साइबर सेल और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। वहीं, गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने की बात सामने आ रही है, जिससे पुलिस हत्या की आशंका से जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही अज्ञात आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

सचिन पायलट का 28 जुलाई का रायपुर दौरा स्थगित, NEET मुद्दे पर होने वाली बैठक टली

सचिन पायलट का 28 जुलाई का रायपुर दौरा स्थगित, NEET मुद्दे पर होने वाली बैठक टली

 रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का 28 जुलाई को प्रस्तावित रायपुर दौरा स्थगित कर दिया गया है। पायलट को NEET परीक्षा विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों के साथ बैठक करनी थी।

प्रदेश कांग्रेस नेताओं के अनुसार, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बने राजनीतिक हालात और नई दिल्ली में चल रही लगातार बैठकों के कारण पायलट का रायपुर दौरा टालना पड़ा। फिलहाल वे दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार करने में व्यस्त हैं।

हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि दौरा रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे स्थगित किया गया है। नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

सचिन पायलट के दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। प्रस्तावित बैठक में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों के भविष्य और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों को लेकर चर्चा होनी थी। इसके अलावा पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक का कार्यक्रम भी तय था।

वित्त मंत्री चौधरी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को किया नमन

वित्त मंत्री चौधरी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को किया नमन

 रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कारगिल विजय दिवस की गौरवमयी वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य एवं अटूट संकल्प को कोटि-कोटि नमन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि, कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम, वीरता और राष्ट्र के प्रति सर्वाेच्च समर्पण का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे वीर जवानों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

उन्होंने कहा कि, कारगिल के वीर सैनिकों का त्याग, बलिदान और शौर्य प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके अदम्य साहस के कारण देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और भारत का गौरव अक्षुण्ण है। वित्त मंत्री ने कहा कि, कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव राष्ट्रवासियों के हृदय में अमिट रहेगा। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।

राज्यपाल रमेन डेका ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन अभियान को दिखाई हरी झंडी, जल बचाने और वृक्षारोपण का किया आह्वान

राज्यपाल रमेन डेका ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन अभियान को दिखाई हरी झंडी, जल बचाने और वृक्षारोपण का किया आह्वान

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’ राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान में शामिल ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जन-जागरूकता अभियान 26 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक रायपुर से जबलपुर तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन का संदेश पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मनुष्य, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के बीच संतुलन बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण आज वैश्विक चुनौती बन चुके हैं और भविष्य में छत्तीसगढ़ को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अभी से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर गंभीरता से काम करना होगा।

राज्यपाल डेका ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की यह यात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जन-जागृति का माध्यम है। इसके जरिए लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा, घने वनों, नदियों और समृद्ध जैव विविधता से भरपूर प्रदेश है, जिसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर तैयारी, जन-जागरूकता और प्रभावी आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

राज्यपाल ने नागरिकों से पानी की हर बूंद बचाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी संतान की तरह उसकी देखभाल करे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

पीएम आवास योजना से साकार हो रहा लाखों परिवारों के अपने घर का सपना

पीएम आवास योजना से साकार हो रहा लाखों परिवारों के अपने घर का सपना

 O मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंदों को मिल रहा सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन

O जशपुर की फूलमती ठाकुर की बदली जिंदगी, कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का सफर बना प्रेरणा

जशपुर। पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप गरीब और वंचित परिवारों का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। यह योजना केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन की नई शुरुआत भी दे रही है।

जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत तपकरा निवासी फूलमती ठाकुर की कहानी इस परिवर्तन की सशक्त मिसाल है। कभी उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में टपकती छत, भीगता सामान और असुरक्षित माहौल उनके जीवन की रोजमर्रा की चुनौती थी। हर वर्ष बारिश का मौसम नई परेशानियां लेकर आता था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्का आवास स्वीकृत हुआ। शासन से मिली सहायता के माध्यम से उन्होंने अपना नया घर बनाया। आज उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है। पक्का मकान मिलने से न केवल रहने की चिंता समाप्त हुई है, बल्कि परिवार के जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और नई आशा का संचार हुआ है।

फूलमती ठाकुर बताती हैं कि पहले कच्चे मकान में हर मौसम चिंता का कारण बन जाता था, लेकिन अब अपने पक्के घर में पूरा परिवार निश्चिंत होकर रह रहा है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नई पहचान, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का अवसर दिया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। पक्के घर के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराकर यह योजना सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रही है तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

‘मन की बात’ से विकसित भारत का संकल्प हुआ और मजबूत:पीएम के प्रेरक संदेशों का मंत्री राजवाड़े ने किया श्रवण

‘मन की बात’ से विकसित भारत का संकल्प हुआ और मजबूत:पीएम के प्रेरक संदेशों का मंत्री राजवाड़े ने किया श्रवण

 O कारगिल के वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति और जनभागीदारी पर प्रधानमंत्री का विशेष जोर

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रविवार को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पीएम नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, युवा शक्ति और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित प्रेरक संदेशों को देश के विकास के लिए मार्गदर्शक बताया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि देश सदैव उनके शौर्य, पराक्रम और त्याग का ऋणी रहेगा।

अपने उद्बोधन में पीएम ने युवाओं की ऊर्जा, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और नवाचार की बढ़ती संस्कृति का उल्लेख करते हुए आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा तकनीकों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को भारत की सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। पीएम ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जनभागीदारी से किए जा रहे प्रेरणादायी प्रयासों का विशेष उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं और ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।

कार्यक्रम के पश्चात मंत्री राजवाड़े ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जन को राष्ट्रहित, सेवा, कर्तव्य और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि,सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, सुपोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में जनभागीदारी आधारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेश राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 तस्कर गिरफ्तार

नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 तस्कर गिरफ्तार

 दुर्ग। जिले में नशीली दवाइयों और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ दुर्ग पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में थाना छावनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जी.ई. रोड स्थित खंडहर पावर हाउस परिसर से अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500 नग प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट और बिक्री की रकम सहित कुल 2 लाख 550 रुपये की सामग्री जब्त की है।

पुलिस के अनुसार 26 जुलाई 2026 को थाना छावनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जी.ई. रोड स्थित हीरो शोरूम के पीछे खंडहर पावर हाउस परिसर में कुछ लोग अवैध रूप से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और रेड कार्रवाई को अंजाम दिया। रेड कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ और तलाशी लेने पर उनके पास से नशीली दवाइयां बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500 नग (NRX) ALPRAZOLAM TABLETS IP 0.5 MG बरामद की। यह दवा प्रतिबंधित श्रेणी में आती है और इसका गलत इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है।

पुलिस ने बताया कि जब्त की गई नशीली टैबलेट की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये है। इसके अलावा आरोपियों के पास से बिक्री की नगद राशि 550 रुपये भी बरामद की गई। इस तरह पुलिस ने कुल 2 लाख 550 रुपये की सामग्री जब्त की है। मामले में थाना छावनी पुलिस ने अपराध क्रमांक 514/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22(सी) और 27ए के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय दुर्ग में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमल थापा उम्र 29 वर्ष निवासी शर्मा कॉलोनी, मिलन चौक के पास कैम्प-02 भिलाई, प्रदीप साहू उम्र 34 वर्ष निवासी ढोलक पारा, न्यू गणेश चौक कैम्प-02 भिलाई और शहनवाज आलम उर्फ बिन्नी उम्र 26 वर्ष निवासी शारदा पारा, गांधी चौक, शर्मा आटा चक्की के पास कैम्प-02 भिलाई के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशीली दवाइयों का अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है और समाज के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे कारोबारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि जिले में कहीं भी नशीली दवाइयों, मादक पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी है। पुलिस की इस कार्रवाई से नशीली दवाइयों के अवैध व्यापार में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। दुर्ग पुलिस ने साफ किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जमीन के हिसाब-किताब विवाद में जानलेवा हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

जमीन के हिसाब-किताब विवाद में जानलेवा हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

 दुर्ग। जिले में जमीन की खरीदी-बिक्री के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद में जानलेवा हमला करने वाले पांच आरोपियों को मोहन नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल कार, मोटरसाइकिल और धारदार हथियार भी जब्त किया है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस टीम द्वारा लगातार की जा रही है। जानकारी के अनुसार घटना 25 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे की है। प्रार्थी विनय कुमार सिंह अपने जीजा नरेंद्र सिंह और साथी रूपेश यादव के साथ देवभूमि लेआउट स्थित कार्यालय पहुंचे थे।

बताया गया कि वहां जमीन की खरीदी-बिक्री से जुड़े हिसाब-किताब को लेकर बातचीत होनी थी। इसी दौरान कार्यालय में पहले से मौजूद आरोपियों के साथ विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए प्रार्थी पक्ष पर हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से हमला किया और जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार एवं हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इस हमले में नरेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों को गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान नरेंद्र सिंह बेहोश होकर जमीन पर गिर गए, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रार्थी विनय कुमार सिंह ने थाना मोहन नगर पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और आरोपियों की तलाश शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में विक्की सिंह उम्र 41 वर्ष निवासी सुपेला भिलाई, रंजीत कुमार सिंह उम्र 43 वर्ष निवासी हुडको भिलाई, रोशन लाल साहू उम्र 44 वर्ष निवासी गौरा चौक थाना मोहन नगर दुर्ग, पप्पू कुमार सिंह उम्र 39 वर्ष निवासी सेक्टर-7 भिलाई और विजय मेनन उम्र 40 वर्ष निवासी हाउसिंग बोर्ड भिलाई शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम बयान के आधार पर घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद की है। इसमें एक धारदार हथियार, कार क्रमांक CG 07 CP 6008 और एक मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान घटना में पूर्व नियोजित साजिश और सामूहिक अपराध से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 115(2), 296, 351(3), 61(2) और 111 के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में गंभीर अपराधों और योजनाबद्ध तरीके से किए जाने वाले हमलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जमीन संबंधी विवादों में कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा के एक माह बाद भी NHM कर्मियों को नहीं मिला 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन,

मुख्यमंत्री की घोषणा के एक माह बाद भी NHM कर्मियों को नहीं मिला 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन,

 *परेशान कर्मियों ने की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायतों की बाढ़*

रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा किए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। इससे प्रदेशभर के NHM कर्मचारियों में नाराजगी और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्थायी निकाय समिति (EC) की बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों—33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन, नई HR पॉलिसी, चिकित्सा परिचर्या नियम, मेडिकल अवकाश के जिला स्तर पर अनुमोदन तथा वेतन वृद्धि—पर भी कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।

गौरतलब है कि रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हजारों NHM कर्मचारियों के समक्ष हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की गई थी। कर्मचारियों का कहना है कि घोषणा के बाद भी आदेश जारी नहीं होना निराशाजनक है और इससे कर्मचारियों की अपेक्षाएँ प्रभावित हुई हैं।

प्रदेशभर के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दी हैं। संघ के कर्मचारियों का कहना है कि यदि शीघ्र आदेश जारी कर हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करने के लिए बाध्य होंगे।

एन. एच. एम. कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी एवं प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने शासन से मांग की है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शीघ्र आदेश जारी कर 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन सहित लंबित मांगों का निराकरण किया जाए, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी व्यवधान के सुचारु रूप से संचालित होती रहें।

बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक

बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं जहां स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं समाजहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ-साथ पोषण सखी के रूप में महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।

समूह से जुड़कर बदली जिंदगी लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी आय का नियमित स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ। पोषण सखी बनकर निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।

आर्थिक सशक्तिकरण को मिला नया आधार लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय प्राप्त होता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यकताओं और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं। शासन की योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है।

समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति के लिए संचालित योजनाएं ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। राज्य में ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं आज स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं को भी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

शादी का झांसा देकर युवती से शोषण, आरोपी गिरफ्तार

शादी का झांसा देकर युवती से शोषण, आरोपी गिरफ्तार

 बिलासपुर। शादी का झांसा देकर युवती का दैहिक शोषण करने के आरोप में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को सिरगिट्टी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अमन यादव उर्फ राजा बीते 2 मई से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और लगातार अपने ठिकाने बदलकर बचने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी करते हुए आरोपी को उसके ससुराल से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में एक युवती ने आरोपी अमन यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे शादी करने का भरोसा दिलाया और इसी बहाने लंबे समय तक उसका दैहिक शोषण करता रहा। पीड़िता का कहना था कि आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए और शादी का वादा किया, लेकिन बाद में अपने वादे से मुकर गया।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर सिरगिट्टी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 296 के तहत अपराध दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी अमन यादव फरार हो गया था। पुलिस द्वारा लगातार उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस जांच के दौरान कई स्थानों पर आरोपी की तलाश की गई। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल जाता था। लंबे समय तक फरार रहने के कारण पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। इसी बीच पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना मिली कि आरोपी अमन यादव चोरभट्ठी कला स्थित अपने ससुराल में छिपा हुआ है।

सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस ने बिना देरी किए एक टीम तैयार की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी ने खुद को बचाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि वह घर के छज्जे पर छिपा हुआ था। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को घेर लिया और काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने लाया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस की लगातार निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।

इस मामले में पुलिस द्वारा पीड़िता के बयान, घटनाक्रम और अन्य संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शादी का झांसा देकर शोषण से जुड़े मामलों में पुलिस पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करती है। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर अपराध करते हैं।

पुलिस का कहना है कि अपराध करने के बाद फरार रहने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। सिरगिट्टी पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। पुलिस टीम ने सूचना संकलन, निगरानी और रणनीति के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। फिलहाल आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और न्यायालय के समक्ष आरोपी को प्रस्तुत किया जाएगा।

BREAKING NEWS : आकाशीय बिजली का कहर, 12 मवेशियों की मौत

BREAKING NEWS : आकाशीय बिजली का कहर, 12 मवेशियों की मौत

 उदयपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्ही में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। तेज गर्जना और बारिश के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से 12 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत मवेशियों में तीन बैल और नौ गाय शामिल हैं। इस घटना के बाद प्रभावित पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। जानकारी के अनुसार शनिवार को अचानक क्षेत्र में मौसम ने करवट बदली। आसमान में बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान ग्राम साल्ही के बैगापारा क्षेत्र में चर रहे मवेशी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। बिजली गिरने से मौके पर मौजूद 12 मवेशियों ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।

ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय मवेशी खुले स्थान पर चर रहे थे। अचानक गिरी आकाशीय बिजली से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। बिजली का प्रभाव इतना तेज था कि तीन बैल और नौ गायों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मृत मवेशियों को देखकर पशुपालकों में चिंता और दुख का माहौल फैल गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों की टीम ने घटना की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

पशुपालकों का कहना है कि मवेशी उनकी आजीविका का मुख्य आधार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी निर्भर रहते हैं। ऐसे में एक साथ इतने मवेशियों की मौत से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि बैल खेती-किसानी के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि गाय भी ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सहारा होती हैं। अचानक हुई इस घटना से पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने शासन से उचित राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि परिवारों को इस संकट से उबरने में मदद मिल सके।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया जाएगा। इसके बाद शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता राशि देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की जाती है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। साल्ही गांव में हुई इस घटना के बाद प्रभावित परिवार प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए शासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए। फिलहाल प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

नेशनल हाईवे-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग बनी जीवन रक्षक टीम

नेशनल हाईवे-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग बनी जीवन रक्षक टीम

 रायपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित हाईवे पेट्रोलिंग टीम लगातार प्रभावी भूमिका निभा रही है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के अनुसार वर्ष 2026 के जनवरी से जून माह तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने 55 सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए 52 घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग टीम 24 घंटे सक्रिय रहकर सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सहायता का कार्य कर रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है और घायलों को प्राथमिक सहायता देने के साथ उन्हें नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने का काम करती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाईवे पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं के बाद गोल्डन ऑवर में घायल व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। समय पर उपचार मिलने से गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य के साथ हाईवे पेट्रोलिंग टीम लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी रख रही है।

जनवरी से जून 2026 तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने सड़क दुर्घटनाओं के अलावा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। टीम द्वारा सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों और यातायात में बाधा बनने वाली वस्तुओं को हटाने का अभियान चलाया गया। इस दौरान जून माह तक कुल 6,359 अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों को हटाया गया। इसके अलावा सड़क पर घूम रहे 833 मवेशियों को सुरक्षित हटाकर दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया गया। हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने कई स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति का भी त्वरित समाधान किया, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिली।

सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा यातायात पुलिस रायपुर को चार नए आधुनिक हाईवे पेट्रोल वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों में आपातकालीन सहायता के लिए आवश्यक उपकरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। नए वाहनों के शामिल होने से दुर्घटना स्थलों तक पहुंचने और राहत कार्य करने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। बेहतर निगरानी और तेज रिस्पॉन्स के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के खारुन नदी पुल से महानदी पुल तक के मार्ग को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में हाईवे पेट्रोलिंग वाहन नियमित रूप से गश्त करते हैं।

पहले सेक्टर में खारुन नदी पुल से पचपेड़ी नाका चौक तक हाईवे पेट्रोलिंग वाहन तैनात है। दूसरे सेक्टर में पचपेड़ी नाका चौक से रिंग रोड-3 जंक्शन तक निगरानी की जा रही है। तीसरे सेक्टर में रिंग रोड-3 जंक्शन से लखोली टोल प्लाजा तक और चौथे सेक्टर में लखोली टोल प्लाजा से महानदी पुल तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम सक्रिय है। पुलिस ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए चारों सेक्टरों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके। हाईवे पेट्रोलिंग टीम दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाने से बचें। किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दें, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग की सक्रियता से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाना पुलिस की मानवीय सेवा और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।