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दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर : जनजातीय परंपरा और सनातन आस्था का प्रतीक

दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर : जनजातीय परंपरा और सनातन आस्था का प्रतीक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी अंचल बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक चेतना का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र दंतेवाड़ा स्थित दंतेश्वरी मंदिर। शंखिनी और डंकिनी नदियों के पवित्र संगम तट पर स्थित यह मंदिर केवल श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनजातीय परंपराओं का जीवंत दस्तावेज भी है। देवी दंतेश्वरी को संपूर्ण बस्तर अंचल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है और यह मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष स्थान रखता है। मान्यता है कि जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह किया और भगवान शिव उनके शरीर को लेकर तांडव करने लगे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंगों को पृथ्वी पर अलग-अलग स्थानों पर गिराया। जिस स्थान पर माता का दांत गिरा, वही स्थान आगे चलकर दंतेश्वरी कहलाया। इसी कारण दंतेवाड़ा को 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

इतिहासकारों के अनुसार दंतेश्वरी मंदिर का निर्माण लगभग 14वीं शताब्दी में काकतीय वंश के शासक राजा अन्नमदेव द्वारा कराया गया था। माना जाता है कि अन्नमदेव वारंगल से बस्तर आए थे और उन्होंने यहाँ काकतीय वंशी शासन की स्थापना की। देवी दंतेश्वरी उनकी आराध्य देवी थीं, इसलिए उन्होंने इस भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। समय- समय पर बस्तर रियासत के विभिन्न शासकों द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया। विशेष रूप से वर्ष 1932-33 में महारानी प्रफुल्ल कुमारी देवी द्वारा मंदिर के संरक्षण और पुनर्निर्माण का कार्य कराया गया था। ऐसा माना जाता है कि दंतेवाड़ा का नाम भी देवी दंतेश्वरी के नाम पर ही पड़ा माना जाता है और सदियों से यह मंदिर बस्तर के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का केंद्र बना हुआ है।

दंतेश्वरी मंदिर भारतीय प्राचीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर की संरचना में दक्षिण भारतीय और स्थानीय बस्तर शैली का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। विशाल पत्थरों से निर्मित इस मंदिर में सभा मंडप, मुख मंडप, महामंडप और गर्भगृह जैसे प्रमुख भाग हैं। मंदिर का ऊँचा शिखर दूर से ही श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता है। गर्भगृह में स्थापित देवी दंतेश्वरी की प्रतिमा काले ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जिसमें देवी को छह भुजाओं के साथ दर्शाया गया है। मंदिर परिसर में नक्काशीदार स्तंभ, प्राचीन मूर्तियां और पत्थरों पर की गई कलात्मक आकृतियाँ मध्यकालीन शिल्पकला की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। पुरातात्विक दृष्टि से यह मंदिर बस्तर के मध्यकालीन इतिहास और काकतीय वंशी स्थापत्य शैली का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में मौजूद प्राचीन अवशेष इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

दंतेश्वरी मंदिर का सबसे भव्य स्वरूप बस्तर दशहरा के दौरान दिखाई देता है। लगभग 75 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव देश के अन्य दशहरा आयोजनों से पूरी तरह अलग और विशिष्ट है। यह पर्व देवी दंतेश्वरी को समर्पित होता है और इसमें बस्तर के विभिन्न जनजातीय समुदाय पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों के साथ भाग लेते हैं। बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का विराट उत्सव है। नवरात्रि और फागुन मेले के समय भी यहाँ हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं और मंदिर परिसर दीपों तथा पारंपरिक सजावट से जगमगा उठता है।

शंखिनी और डंकिनी नदियों के संगम पर स्थित यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाडिय़ों और प्राकृतिक हरियाली से घिरा हुआ है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ बस्तर की जनजातीय संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत अनुभव प्राप्त होता है। मंदिर के आसपास का वातावरण श्रद्धा और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
दंतेश्वरी मंदिर तक पहुँचना काफी सुविधाजनक है। सड़क मार्ग से दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रायपुर से इसकी दूरी लगभग 400 किलोमीटर है तथा रायपुर, जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग और विशाखापट्टनम से नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के माध्यम से सड़क यात्रा सहज और सुगम है। रेल मार्ग से दंतेवाड़ा रेलवे स्टेशन विशाखापट्टनम और जगदलपुर से जुड़ा हुआ है। किरंदुल रेलखंड भी इस क्षेत्र को रेल संपर्क प्रदान करता है। वायु मार्ग से आने वाले पर्यटकों के लिए निकटतम हवाई अड्डा जगदलपुर एयरपोर्ट है, जो लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है। वहाँ से टैक्सी और बस सेवाओं के माध्यम से दंतेवाड़ा पहुँचा जा सकता है।

दंतेश्वरी मंदिर के आसपास अनेक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी स्थित हैं, जिनमें चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान, बारसूर का प्राचीन मंदिर तथा ढोलकल का गणेश मंदिर प्रमुख हैं। यही कारण है कि दंतेवाड़ा धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। आज दंतेश्वरी मंदिर केवल बस्तर की आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर बन चुका है। यहाँ की प्राचीन स्थापत्य कला, शक्तिपीठ की मान्यता, जनजातीय परंपराएँ और प्राकृतिक सौंदर्य हर आगंतुक को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। दंतेश्वरी मंदिर की यात्रा वास्तव में बस्तर की आत्मा, इतिहास और संस्कृति को निकट से महसूस करने की यात्रा है।

केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित बस्तर प्रवास की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लिया जायजा

केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित बस्तर प्रवास की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लिया जायजा

 00 शर्मा ने सांसद बस्तर सहित बस में सभी अधिकारियों के संग की यात्रा

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित बस्तर प्रवास को लेकर तैयारियों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने जगदलपुर से कार्यक्रम स्थल को जाने के लिए निजी वाहन के स्थान पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ पूल वाहन के रूप में बस से सफर किया। जगदलपुर विकासखंड के नेतानार स्थित शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा पहुंचकर उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सेवा डेरा परिसर में संचालित सेवा सेतु केंद्र, बैंक सखी केंद्र तथा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित आर्थिक गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनके कार्यों की जानकारी ली तथा स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन के प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर कार्य कर रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सेवा सेतु केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने शहीद गुंडाधुर की प्रतिमा स्थल का भी निरीक्षण किया तथा वहां साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, रंग-रोगन और आवश्यक सजावट सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर के महान जननायक शहीद गुंडाधुर की स्मृति से जुड़ा यह स्थल गौरव का प्रतीक है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं बेहतर और सुव्यवस्थित होनी चाहिए।

इस अवसर सांसद महेश कश्यप, अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास भीम सिंह, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, पुलिस प्रशासन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

साय सरकार की योजनाओं से कौशिल्या को मिला पक्का आशियाना, अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा परिवार

साय सरकार की योजनाओं से कौशिल्या को मिला पक्का आशियाना, अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा परिवार

 रायपुर। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे सुशासन तिहार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उनके सपनों को साकार कर रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी गौरेला -पेन्ड्रा -मरवाही जिले के ग्राम पंचायत देवरीखुर्द की कौशिल्या बाई की है, जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना से पूरी तरह बदल गया है।

कभी बारिश की हर बूंद के साथ चिंता और असुरक्षा में जीवन बिताने वाली कौशिल्या बाई आज अपने पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, जहाँ हर मौसम नई परेशानियां लेकर आता था। बरसात के दिनों में घर टपकता था और तेज हवा या बारिश के दौरान परिवार की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर बना रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गया था।

 

 

साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना ने कौशिल्या बाई के इस सपने को हकीकत में बदल दिया। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित सुशासन शिविर देवरीकला में उन्हें उनके नए आवास की चाबी और प्रमाण पत्र सौंपा गया। अपने नए घर को देखकर कौशिल्या बाई की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब उनका परिवार बिना किसी भय और परेशानी के सुरक्षित माहौल में रह रहा है। कौशिल्या बाई ने बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना भी उनके परिवार के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परेशानी होती थी, लेकिन अब आर्थिक स्थिति में सुधार महसूस हो रहा है।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति कौशिल्या बाई ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उनके परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं यदि सही लोगों तक पहुंचें तो गरीब और जरूरतमंद परिवारों का जीवन वास्तव में बदल सकता है।

सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश सरकार गांव-गांव तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिला रही है। साय सरकार की संवेदनशील कार्यशैली और जनकल्याणकारी सोच का प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आज कौशिल्या बाई की कहानी केवल एक परिवार की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखती हैं।

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता

 00 पीपल के पेड़ तले खाट पर बैठकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश

00 ग्राम कोसला में महतारी सदन एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा
रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री श्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री श्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं? ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी श्री शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है।
इसी दौरान ग्राम की लखपति दीदी श्रीमती नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुडऩे के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में 'महतारी सदनÓ निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

CG में सरकारी फिजूल खर्चों पर सख्ती : विदेशी दौरे बंद, वाहन पूलिंग और ई-ऑफिस सिस्टम अनिवार्य, देखें आदेश…!!

CG में सरकारी फिजूल खर्चों पर सख्ती : विदेशी दौरे बंद, वाहन पूलिंग और ई-ऑफिस सिस्टम अनिवार्य, देखें आदेश…!!

 रायपुर। राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में बेफजूल खर्च को कंट्रोल करने के लिए आदेश जारी किया है। सरकार ने विभागों में अनावश्यक खर्चों में कमी लाने के निर्देश दिए है। साथ ही खर्च के साथ वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया है।

जारी आदेश में लिखा…”राज्य शासन द्वारा वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान में निम्नानुसार मितव्ययिता के उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है…

-1. कारकेड में वाहनों का सीमित उपयोग माननीय मुख्यमंत्रीजी / मंत्रीगण / समस्तनिगम / मण्डल / आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड वाहनों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाए एवं अन्य शासकीय संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

-2. इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन राज्य के समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।

3. वाहनों के उपयोग एवं ईंधन में मितव्ययिता
शासकीय वाहनों के उपयोग में पेट्रोल/डीजल के व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले विभागों के अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग की व्यवस्था लागू की जाए।

4. विदेश यात्रा पर प्रतिबंध अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर, राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों के विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। अनिवार्य होने पर समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा।

5. वर्चुअल बैठकों एवं ऑनलाइन समीक्षा को प्रोत्साहन विभागों को निर्देशित किया जाता है कि भौतिक बैठक यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जावे। भौतिक रूप से बैठकों के आयोजन के स्थान पर वर्चुअल/ऑनलाइन मोड में होने वाली बैठकों को प्रोत्साहित किया जाए। विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं।

6. कार्यालय में ऊर्जा की बचत कार्यालयीन समय के पश्चात सभी विद्युत उपकरणों (लाइट, पंखे, ए.सी., कंप्यूटर) को अनिवार्य रूप से बंद किया जाए। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी को रोकने हेतु आवश्यक उपाय किये जाये।

7. ई-ऑफिस एवं डिजिटल कार्यप्रणाली बैठकों में प्रिंटेड पेपर/बुकलेट्स के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (pdf/.ppt आदि) का उपयोग किया जाए। कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाए ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कटौती हो सके।

8. IGOT कर्मयोगी पोर्टल एवं प्रशिक्षण भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के स्थान

पर इस हेतु IGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए। समस्त विभाग अपने विशिष्ट प्रशिक्षण कोर्सेस को इस पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भौतिक प्रशिक्षण की आवश्यकता न्यूनतम हो सके।उपर्युक्त निर्देश 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।”

2026

CG – साधू के वेश में हैवान : साधु का वेश धारण कर आए दो लोग, दुकानदार को पहले दिखाया चमत्कार फिर कर दिया ये बड़ा कांड…

CG – साधू के वेश में हैवान : साधु का वेश धारण कर आए दो लोग, दुकानदार को पहले दिखाया चमत्कार फिर कर दिया ये बड़ा कांड…

 बिलासपुर। साधु के वेश में पहुंचे दो लोगों ने मेडिकल स्टोर संचालक को चमत्कार के जरिए पारिवारिक परेशानी दूर करने का झांसा दिया। फिर रुपए और सोने की अंगूठी दोगुनी करने का दावा करते हुए एक हजार रुपए और अंगूठी को कागज में लपेट दिया तथा कहा कि एक घंटे बाद कागज खोलना, तब रकम और अंगूठी डबल होकर मिलेगी। इसके बाद दोनों वहां से चले गए। जब मेडिकल संचालक ने कागज खोला तो उसमें मिट्टी और पत्थर निकले।

इस घटना के बाद पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर साधु वेशधारी ठगों की तलाश शुरू कर दी। चकरभाठा पुलिस के अनुसार राजेश पंजवानी की चकरभाठा में सुनीता मेडिकल स्टोर्स नाम से दवा दुकान है। दो कथित साधु उसकी दुकान पर पहुंचे और भिक्षा मांगी। साथ ही चाय पिलाने का आग्रह किया। बातचीत के दौरान उन्होंने चमत्कार के जरिए पारिवारिक दिक्कतें दूर करने का दावा किया। इसके बाद कागज में पत्थर और नोट रखकर बदलने का खेल दिखाया

अनुष्ठान करने के नाम पर उन्होंने संचालक से 500-500 रुपए के दो नोट और हाथ में पहनी सोने की अंगूठी मांगी। सामान को कागज में लपेटकर कुछ देर बाद खोलने की बात कहकर दोनों वहां से चले गए। बाद में कागज खोलने पर उसमें केवल पत्थर मिला। ठगी का शिकार हुए दुकान संचालक ने पुलिस को बताया कि आरोपी 10 ग्राम सोने की अंगूठी और एक हजार रुपए लेकर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट चकरभाठा थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

CG – पति ने की शर्मनाक हरकत, AI से पत्नी का बनाया अश्लील VIDEO, फिर जो हुआ…..

CG – पति ने की शर्मनाक हरकत, AI से पत्नी का बनाया अश्लील VIDEO, फिर जो हुआ…..

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां AI का कथित रूप से दुरुपयोग कर एक महिला का आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार महिला का विवाह वर्ष 2013 में हुआ था। शुरुआती कुछ वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। बताया जा रहा है कि लंबे समय से दोनों के रिश्तों में तनाव चल रहा था और करीब दो महीने से तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने बदनाम करने की नीयत से एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उसका अश्लील वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर वायरल कर दिया।

पीड़िता का कहना है कि वीडियो पूरी तरह फर्जी और छेड़छाड़ कर बनाया गया है। महिला ने जब सोशल मीडिया पर वीडियो देखा तो वह हैरान रह गई। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि पति ने जानबूझकर उसकी छवि खराब करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस की कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्य जुटाने और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में जुटी हुई है।

CG – फार्म हाउस के स्विमिंग पूल में कांस्टेबल की मिली लाश, मचा हड़कंप, जताई जा रही ये आशंका

CG – फार्म हाउस के स्विमिंग पूल में कांस्टेबल की मिली लाश, मचा हड़कंप, जताई जा रही ये आशंका

 रायपुर। राजधानी रायपुर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां कांस्टेबल की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। मृतक आरक्षक रमाकांत सिंह माना थाने में पदस्थ थे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, माना थाने में पदस्थ आरक्षक रमाकांत सिंह अपने साथियों के साथ वीआईपी रोड स्थित पुजारी फार्म पहुंचे थे। इसी बीच उनकी लाश फार्म हाउस के स्विमिंग पूल में मिली। कांस्टेबल के साथ आये दोस्तों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर माना थाना पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक कांस्टेबल के परिजनों को दे दी है। घटना की सूचना मिलने के बाद कांस्टेबल के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस कांस्टेबल के दोस्तों से पूछताछ जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल पाएगा।

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कोसला धाम दौरा, माता कौशल्या मंदिर में की पूजा-अर्चना

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कोसला धाम दौरा, माता कौशल्या मंदिर में की पूजा-अर्चना

 रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तहत आज अचानक जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध माता कौशल्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति एवं ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  ओ. पी. चौधरी भी उनके साथ उपस्थित रहे।

मंदिर सेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। साथ ही समिति के सदस्यों ने केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में कोसला धाम को शामिल करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और स्थानीय श्रद्धालुओं से भी आत्मीय संवाद किया। उनके अचानक आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर श्रद्धालु, ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सुशासन तिहार....मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर ग्राम कोसला में उतरा

सुशासन तिहार....मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर ग्राम कोसला में उतरा

 रायपुर। सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का औचक निरीक्षण कहीं पर किसी भी जगह जारी है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अचानक जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला पहुंचे मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर ग्राम कोसला में उतरते ही प्रशासनिक अमले में हलचल वहीं ग्रामीणों में दिखा उत्साह और उल्लास। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीण  मौके पर पहुंचे और मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत किया। 

BREAKING: Ips अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी, आदेश जारी

BREAKING: Ips अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी, आदेश जारी

 रायपुर।  IPS अरुणदेव गौतम को छत्तीसगढ़ का स्थायी डीजीपी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने पूर्णकालिक डीजीपी बनाने का आदेश जारी कर दिया है। आपको बता दें कि डीजीपी अरुणदेव गौतम अभी तक कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर ही जिम्मेदारी निभा रहे थे।

अरुणदेव गौतम 1992 बैच के अफसर हैं। वे 6 जिलों के एसपी रह चुके हैं। कई अधिकारियों के नाम दिल्ली यूपीएससी को भेजे गए थे, जिसके बाद उनके नाम का ऐलान किया गया है।

अरुण देव गौतम को संयुक्त राष्ट्र पदक के अलावा सराहनी सेवाओं के लिए वर्ष 2010 में भारतीय पुलिस पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2002 में संघर्षग्रस्त कोसोवा में सेवा देने के लिए अरुण देव गौतम को संयुक्त राष्ट्र पदक भी मिला था।

 CRIME NEWS: सिर पर ईंट से वार कर युवक की हत्या, खैरपुर गांव में रक्तरंजित लाश मिलने से सनसनी

CRIME NEWS: सिर पर ईंट से वार कर युवक की हत्या, खैरपुर गांव में रक्तरंजित लाश मिलने से सनसनी

 रायगढ़।: रायगढ़ कोतरा रोड थाना क्षेत्र स्थित खैरपुर गांव की सीतापुर बस्ती में सुबह एक युवक की खून से लथपथ लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान भगवानपुर निवासी तिलक वर्मा के रूप में हुई।

परिजनों ने बताया कि तिलक गुरुवार रात करीब 8 बजे दोस्तों के साथ घर से निकला था और देर रात तक घर वापस नहीं लौटा था। सुबह बस्ती के लोग सोकर उठे तो किसी अज्ञात युवक को रक्तरंजित अवस्था में पड़े देखकर चौंक गए और तुरंत सूचना दी।स्थानीय लोगों और परिजनों के पहुंचने पर मृतक की शिनाख्त तिलक के रूप में हुई। ग्रामीणों ने बताया कि तिलक को रात में गांव का ही एक युवक साथ में देखा गया था।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयानों के आधार पर प्रारंभिक रूप से माना जा रहा है कि सिर पर ईट से हमला कर हत्या की गई है। सूचना मिलते ही कोतरा रोड पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां मर्ग कायम कर परिजनों को शव सौंप दिया गया। थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह ने बताया कि सुबह लगभग 5 बजे सूचना मिली और मौके पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
रात के अंधेरे में फुटेजों में आरोपी का चेहरा साफ नहीं दिख रहा, इसलिए अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग मिलान की जा रही है।पुलिस ने मामला हत्या का दर्ज कर जांच तेज कर दी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। घटनास्थल पर पूछताछ जारी है तथा पुलिस आस-पास के लोगों से भी साक्ष्य जुटा रही है ताकि रात की रहस्यमयी घटनाक्रम का पर्दाफाश किया जा सके।
 Weather Update: मानसून से पहले छत्तीसगढ़ में मौसम हुआ मेहरबान, अगले 4 दिनों तक बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट

Weather Update: मानसून से पहले छत्तीसगढ़ में मौसम हुआ मेहरबान, अगले 4 दिनों तक बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट

 रायपुर। मानसून आने से पहले ही छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में मेघगर्जन, तेज हवा, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताई है।

रायपुर के अलावा प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार मई महीने में ऐसा मौसम सामान्य नहीं माना जाता, लेकिन इस बार पिछले 15 दिनों से प्रदेश में लगातार बारिश और बादलों का असर बना हुआ है। शुक्रवार सुबह कसडोल में 60 मिमी, कोमाखान में 40 मिमी, गिरौदपुरी में 30 मिमी, बलौदाबाजार, भाटापारा और कोटा में 20-20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

की संभावना है। वहीं बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण जैसी कई मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से छत्तीसगढ़ में मौसम का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, तेज अंधड़ और बिजली गिरने की आशंका है।

राजधानी रायपुर में शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने 17 मई के बाद प्रदेश में अधिकतम तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई है।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 : ग्रामीण छत्तीसगढ़ के सशक्तिकरण का नया अध्याय

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 : ग्रामीण छत्तीसगढ़ के सशक्तिकरण का नया अध्याय

 रायपुर। भारत सरकार द्वारा ग्रामीण आजीविका और समग्र विकास को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से श्विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। यह क्रांतिकारी कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी होगा और वर्तमान मनरेगा का स्थान लेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस नई व्यवस्था को प्रदेश में पूरी तत्परता से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अधिनियम को ग्रामीण समृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में यह अधिनियम एक मील का पत्थर है। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी हमारे ग्रामीण भाई-बहनों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और खुशहाली का नया सवेरा लेकर आएगी। हमारी सरकार इस व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ और लाभ
125 दिनों के रोजगार की गारंटी नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्यों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यह वर्तमान 100 दिनों की सीमा से 25 प्रतिशत अधिक है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना हेतु 95 हजार 692.31 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट प्रावधान किया है। राज्यों के अंशदान सहित कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा। मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के खातों में साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। देरी होने पर श्रमिक श्विलंब क्षतिपूर्तिश् के हकदार होंगे। यदि काम की मांग करने के निर्धारित समय के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो शासन द्वारा संबंधित श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों के चयन के लिए अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों (जैसे जल संरक्षण, कृषि अधोसंरचना) का निर्माण होगा।
सुगम संक्रमण की व्यवस्था
श्रमिकों और प्रशासन की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं। वर्तमान ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते। 30 जून 2026 तक मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे और 1 जुलाई से स्वत: नई व्यवस्था में समाहित हो जाएंगे। नए श्रमिक ग्राम पंचायत स्तर पर सहजता से अपना पंजीयन करा सकेंगे।
विकसित भारत 2047 का आधार
यह अधिनियम केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और उत्पादक बनाने का महा-अभियान है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अधोसंरचना, जल संरक्षण और कृषि सुधार को अभूतपूर्व गति मिलेगी, जो राज्य को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से आगे ले जाएगी।

इकोनॉमी के विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन करना होगा -राज्यपाल डेका’

इकोनॉमी के विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन करना होगा -राज्यपाल डेका’

 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह मे शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री’

’1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 13 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिले’

रायपुर- छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। आज भूमि लगातार संकुचित होती जा रही है। अतएव हमें कम जमीन में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए कार्य करना होगा। अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए वैल्यू एडिशन उत्पादन आज की महती आवश्यकता है

यह उद्गार राज्यपाल  रमेन डेका एवं कुलाधिपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में व्यक्त किये। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह उपस्थित थे ।

 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गई। विभिन्न संकायों में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत एवं 2 कांस्य पदक सहित 128 शोधार्थियों को पी.एच.डी, 518 विधार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विधार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई।

 कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इन उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र जीवन का एक बहुत बड़ा अवसर होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का दिन नही बल्कि भविष्य की शुरूआत का प्रतीक है। जब यह विश्वविद्यालय स्थापित हुआ था तब यहां केवल दो या तीन स्ट्रीम ही उपलब्ध थी। लेकिन समय के साथ शिक्षा और अवसरों का विस्तार हुआ है।

डेका ने कहा कि आज कृषि परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अब यह विज्ञान तकनीकी, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है। विश्वभर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, उपग्रह मानचित्र, सटीक कृषि जलवायु अनुकूल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण का उपयोग बढ़ रहा है। भारत भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ड्रोन द्वारा उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव, डिजिटल उपकरणों से मृदा स्वास्थ्य निगरानी, मोबाइल ऐप द्वारा किसान परामर्श और ई-नाम बाजार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं। किसानों और युवाओं को भी आधुनिक और उन्नत खेती की ओर बढ़ना चाहिए। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। लेकिन अब हमें बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे कार्पाेरेट कंपनियों द्वारा खरीद आसान होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिल सकेगा। हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती के लिए भी भविष्य में बड़ी संभावनाएं है। विद्यार्थियों को भी कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।  श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि और जल संरचना कृषि के लिए अनुकूल है। यहां पानी आसानी से नीचे नहीं जाता जिससे उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है। सही तकनीक और सोच के साथ कृषि को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है तथा वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन,फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार, कृषि उपकरणों की उपलब्धता तथा मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेती से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु बनने का आव्हान किया।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे ज्यादा प्रजातियां है। सुगन्धित धान के लिए हमारा राज्य जाना जाता है। फल, फूल और मसाले की भी अपार संभावनाएं यहां है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञान का लाभ छत्तीसगढ़ को मिले

समारोह में दीक्षांत भाषण डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश दिया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में क्षेत्र के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल, विद्या परिषद तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित थे

बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ की निर्णायक लड़ाई, हजारों पंचायतों की बदली तस्वीर

बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ की निर्णायक लड़ाई, हजारों पंचायतों की बदली तस्वीर

 00 बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान बन रहा सामाजिक बदलाव की मिसाल

विशेष लेख - डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर, उप संचालक, जनसंपर्क संचालनालय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर शुरू किया गया बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अब सामाजिक बदलाव की बड़ी मिसाल बनती जा रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस अभियान को केवल सरकारी योजना तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बना दिया है। गांव-गांव में जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के जरिए बाल विवाह जैसी कुरीति पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में लगातार ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। 10 मार्च 2024 से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ बाल विवाह रोकना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक, मितानिनें और महिला स्व-सहायता समूह लगातार जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। यही वजह है कि अभियान अब प्रशासनिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर सामाजिक चेतना का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। चरणबद्ध योजना के तहत 2025-26 तक 40 प्रतिशत, 2026-27 तक 60 प्रतिशत, 2027-28 तक 80 प्रतिशत और 2028-29 तक सभी ग्राम पंचायतों तथा नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की तैयारी है। अभियान की प्रगति भी उत्साहजनक रही है।

31 मार्च 2026 तक राज्य की 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों में से 7 हजार 498 पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित की जा चुकी हैं, जो कुल पंचायतों का लगभग 64 प्रतिशत है। वहीं 196 नगरीय निकायों में से 85 निकाय इस श्रेणी में शामिल हो चुके हैं। राज्य के बालोद जिले ने इस दिशा में सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त घोषित कराया है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से मिली यह सफलता अब दूसरे जिलों के लिए प्रेरणा बन रही है।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां ही होंगी। इसी सोच के साथ सरकार बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू कर रही है। 
कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित होती है, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं और उनके भविष्य की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं। यही कारण है कि अभियान के तहत किशोरियों और अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है ताकि समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सके।
पंचायत आधारित जनभागीदारी, सतत निगरानी और सामाजिक जागरूकता के प्रभावी मॉडल के कारण बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। राज्य सरकार का यह प्रयास केवल एक सामाजिक कुरीति को समाप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का व्यापक संकल्प बनकर उभर रहा है।

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 : ग्रामीण छत्तीसगढ़ के सशक्तिकरण का नया अध्याय

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 : ग्रामीण छत्तीसगढ़ के सशक्तिकरण का नया अध्याय

 रायपुर। भारत सरकार द्वारा ग्रामीण आजीविका और समग्र विकास को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से श्विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। यह क्रांतिकारी कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी होगा और वर्तमान मनरेगा का स्थान लेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस नई व्यवस्था को प्रदेश में पूरी तत्परता से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अधिनियम को ग्रामीण समृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में यह अधिनियम एक मील का पत्थर है। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी हमारे ग्रामीण भाई-बहनों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और खुशहाली का नया सवेरा लेकर आएगी। हमारी सरकार इस व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ और लाभ
125 दिनों के रोजगार की गारंटी नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्यों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यह वर्तमान 100 दिनों की सीमा से 25 प्रतिशत अधिक है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना हेतु 95 हजार 692.31 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट प्रावधान किया है। राज्यों के अंशदान सहित कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा। मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के खातों में साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। देरी होने पर श्रमिक श्विलंब क्षतिपूर्तिश् के हकदार होंगे। यदि काम की मांग करने के निर्धारित समय के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो शासन द्वारा संबंधित श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों के चयन के लिए अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों (जैसे जल संरक्षण, कृषि अधोसंरचना) का निर्माण होगा।
सुगम संक्रमण की व्यवस्था
श्रमिकों और प्रशासन की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं। वर्तमान ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते। 30 जून 2026 तक मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे और 1 जुलाई से स्वत: नई व्यवस्था में समाहित हो जाएंगे। नए श्रमिक ग्राम पंचायत स्तर पर सहजता से अपना पंजीयन करा सकेंगे।
विकसित भारत 2047 का आधार
यह अधिनियम केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और उत्पादक बनाने का महा-अभियान है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अधोसंरचना, जल संरक्षण और कृषि सुधार को अभूतपूर्व गति मिलेगी, जो राज्य को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से आगे ले जाएगी।

सुदूर वनांचल के सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे उप मुख्यमंत्री शर्मा, सुनी लोगों की समस्याएं

सुदूर वनांचल के सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे उप मुख्यमंत्री शर्मा, सुनी लोगों की समस्याएं

 00 वनांचल क्षेत्र का चंहुमुखी विकास हमारी प्राथमिकता - शर्मा

रायपुर। कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल एवं बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा शामिल हुए। उन्होंने शिविर में ग्रामीणों के साथ अपने सहज और चिर-परिचित अंदाज में सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का माध्यम है। राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, जनपद अध्यक्ष बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य रूपा राजकुमार धुर्वे,  लोकचंद साहू,  मनीराम साहू, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

100 करोड़ के कुसुमघटा - बैजलपुर - राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पहुंचेगा पानी
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का समुचित विकास और मूलभूत सुविधाओं की सहज पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत वाली कुसुमघटा - बैजलपुर - राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे बड़ौदाखुर्द, बड़ौदाकला, भलपहारी, अचानकपुर, गंडईकला, गंडईखुर्द, कुसुमघटा, बोइरकछारा, खरहट्टा, भरेली, खड़ोदाकला, कारेसरा, सारंगपुर कला, राम्हेपुर, लोहझरी, सुकवापारा, जैताटोला, खैरबनाखुर्द, घोंघा, दियाबार, छपरी, खुर्सीपार, मंडलाटोला, मुड़ियापारा, मरियाटोला, बैहरसरी, सिल्हाटी, प्रभाटोला, बुधवारा, रहंगी, चंडालपुर, हरिनछपरा, मिनमिनिया मैदान, मोतिमपुर, रघुपारा, बद्दो, खिरसाली, लाटा, बाघुटोला, राजानवागांव, तिलाईभाट, बिसनपुरा, भलुचुवा, भीरा, खरिया, मुड़घुसरी मैदान, खड़ोदाखुर्द, कांदापारा, कामाडबरी, सिंघारी, बैजलपुर, अंधरीकछार, सिल्ली, बोदा 03, लबदा, अमेरा, सोंनतरा, मगरवाड़ा, बोरिया, कनपा, सिरमी, खंडसरा, छांटा, मड़मड़ा, कबराटोला, महली ग्राम शामिल है। 
50 करोड़ की नहर विस्तार परियोजना से 19 गांवों को सिंचाई सुविधा
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इस परियोजना से 19 गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

तरेगांव जंगल क्लस्टर में 5000 से अधिक आवास स्वीकृत
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद सबसे पहले गरीब परिवारों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने की दिशा में कार्य किया गया। लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति दी गई है। तरेगांव जंगल क्लस्टर जहां यह शिविर आयोजित है इसके 26 गांवों में ही 5000 से अधिक आवास स्वीकृत एवं निर्माणाधीन हैं।
पीएम जनमन योजना से वनांचल में बनेंगी 19 नई सड़कें
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार विशेष रूप से पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों तक बारहमासी सड़कें पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि तरेगांव जंगल क्षेत्र में 35.80 करोड़ रुपए की लागत से 14 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 51.4 किलोमीटर होगी। वहीं फेस-04 अंतर्गत 11.53 करोड़ रुपए की लागत से 5 नई सड़कों को मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से वनांचल क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क सुविधाएं बेहतर होंगी।
वनांचल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, पीएचसी बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर देते हुए कहा कि यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया गया है। इसके लिए 2.5 करोड़ रुपए की लागत से भवन स्वीकृत किया गया है। इससे चिकित्सकीय सेवाओं और स्टाफ में वृद्धि होगी तथा आसपास के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

महतारी वंदन से मिले 27-27 हजार, हर पंचायत में खुलेंगे अटल डिजिटल सुविधा केंद्र
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तें जारी की जा चुकी हैं और हितग्राही महिलाओं को 27-27 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हर पंचायत में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोलने का कार्य किया जा रहा है, ताकि महिलाओं को राशि निकालने दूर न जाना पड़े। तरेगांव जंगल में महिला समूहों के लिए महतारी सदन भी स्वीकृत किया गया है।
वनांचल में बढ़ाएं डीलर दीदी मॉडल
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महिला स्व सहायता समूहों से स्व-रोजगार गतिविधियों को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश व जिले के अन्य हिस्सों में समूह शटरिंग प्लेट किराए पर देकर और निर्माण सामग्री की सप्लाई कर आय अर्जित कर रहे हैं। इस मॉडल को वनांचल क्षेत्रों में भी बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे न केवल महिलाओं के आए वृद्धि होगी बल्कि आवासों का निर्माण भी जल्द पूरा होगा।

भारत सरकार के भूमि संसाधन सचिव ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव से की सौजन्य भेंट

भारत सरकार के भूमि संसाधन सचिव ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव से की सौजन्य भेंट

 विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा

जलग्रहण प्रबंधन, पीएम सिंचाई योजना, डिजिटल राजस्व सुधार और ई-पंजीयन की प्रगति पर हुई चर्चा

रायपुर, 15 मई 2026/ भारत सरकार, भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेन्द्र भूषण ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में सुशासन के अंतर्गत जलग्रहण प्रबंधन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भुईयां पोर्टल, ई-कोर्ट और पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। भूषण ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) और राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीय प्रगति का जायजा लिया।

राजस्व विभाग डिजिटलीकरण और ई-सुशासन

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर प्रस्तुतीकरण दिया। डिजिटल रिकॉड्स। के रूप में राज्य में भू-अभिलेखों का पूर्ण कंप्यूटरीकरण कर मॉडर्न रिकॉर्ड रूम स्थापित किए गए हैं। भू-नक्शा डिजिटलीकरण के तहत सभी भू-नक्शों को डिजिटल स्वरूप दिया गया है। भुईयां पोर्टल के माध्यम से डिजिटल किसान किताब अपडेट की गई है, जिसे भूमि स्वामी कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए रेवेन्यू ई-कोर्ट का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, भूमि का ऑटो डायवर्सन ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हो रहा है।

पंजीयन एवं स्टाम्प पारदर्शी और पेपरलेस रजिस्ट्री

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग द्वारा तकनीक के समावेश से रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। ई-पंजीयन के तहत दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब पूर्णतः ऑनलाइन और पेपरलेस मोड में की जा रही है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से अपॉइंटमेंट से लेकर रजिस्ट्री पूर्ण होने तक के अपडेट्स क्रेता-विक्रेता को भेजे जा रहे हैं। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जलग्रहण क्षेत्र विकास

छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी (REWARD) के अधिकारियों ने पीएमकेएसवाई (WDC 2.0) की प्रगति साझा की। वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 45 परियोजनाओं के तहत 27 जिलों के 387 माइक्रो वाटरशेड में कार्य जारी है। 2.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के उपचार हेतु कुल 613.66 करोड़ रुपये की लागत तय है (केंद्र-राज्य अनुपात 60-40 प्रतिशत है)। भारत सरकार द्वारा हाल ही में (28 अप्रैल 2026) 30.14 करोड़ रुपये की केंद्रांश राशि जारी करते हुए परियोजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।

बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव  भुवनेश यादव, संयुक्त सचिव भारत सरकार भूमि संसाधन विभाग नितिन खाडे, संचालक भूमि संसाधन भारत सरकार  श्याम कुमार सहित छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पंजीयन एवं स्टाम्प, छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेन्सी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुये।

‘सड़क खंडों के समग्र विकास की कार्ययोजना बनाकर करें काम, भविष्य की जरुरतों के अनुरूप एक साथ स्वीकृत कराएं फ्लाई-ओवर्स’

‘सड़क खंडों के समग्र विकास की कार्ययोजना बनाकर करें काम, भविष्य की जरुरतों के अनुरूप एक साथ स्वीकृत कराएं फ्लाई-ओवर्स’

 लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर. 15 मई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज संभागीय मुख्यालय दुर्ग में लोक निर्माण विभाग के दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर भवनों, सड़कों और पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दुर्ग और पाटन में तीन कार्यस्थलों पर जाकर कार्यों का निरीक्षण भी किया।

 बंसल ने बैठक में अधिकारियों को भविष्य की जरुरतों के अनुरूप सभी सड़क खंडों पर फ्लाई-ओवर्स की समग्र योजनाओं के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्ग परिक्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर चयनित एजेंसी से अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यों से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच विभाग की अच्छी छवि बनाएं। सभी कार्यों को पूरी जवाबदेही, सक्रियता और गंभीरता से अंजाम दें।

सचिव बंसल ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर निर्माणाधीन कार्यों की पुख्ता और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी रखते हुए परफार्मेंस गारंटी वाली सड़कों में सुधार की जरूरत पर संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने मैदानी स्तर पर भू-अर्जन में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से निर्माण की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने भवनों के निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री से लेकर टाइल्स, पुट्टी और पेंट अच्छी गुणवत्ता का उपयोग करने को कहा। उन्होंने भूजल स्तर को रिचार्ज करने सभी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था के निर्देश दिए।

कार्यस्थलों का दौरा कर कार्यों की देखी प्रगति

लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग के साइंस कॉलेज में बन रहे 750 सीटर आडिटोरियम के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए जल्द इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेल तिराहा से मिनीमाता चौक पुलगांव तक के सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने पाटन शासकीय कॉलेज के निर्माणाधीन भवन के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां नए भवन में क्लास-रुम, लैब, शौचालय इत्यादि का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कॉलेज प्रबंधन से मिलकर विद्यार्थियों की जरूरतों और उपयोगिता के मुताबिक सभी कार्यों को संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे कॉलेज परिसर को हरा-भरा, सुंदर और सुव्यवस्थित करने को कहा।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय पटल स्थान बना रहा है दंतेवाड़ा का जिला चिकित्सालय

स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय पटल स्थान बना रहा है दंतेवाड़ा का जिला चिकित्सालय

 रायपुर, 15 मई 2026 : दंतेवाड़ा जिले के लिए गौरव का विषय है कि जिला चिकित्सालय को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, बेहतर प्रबंधन और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की उत्कृष्टता का प्रमाण मानी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय और जिला प्रशासन के नेतृत्व में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। जिला चिकित्सालय द्वारा बताया गया कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा अस्पताल का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ, संसाधन, दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की गुणवत्ता, कार्यकुशलता, स्वच्छता एवं मरीजों की संतुष्टि जैसे विभिन्न बिंदुओं पर गहन निरीक्षण और सर्वे किया गया। सभी मानकों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जिला चिकित्सालय को यह प्रमाणन प्राप्त हुआ।

उल्लेखनीय है कि (एनक्यूएएस) स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधार के लिए तैयार किया गया एक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क है, जिसके माध्यम से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाती हैं। इस प्रमाणन के बाद जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं उन्नत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

सुशासन तिहार-2026 : जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन सहित सांसद-विधायक शामिल हुए सुशासन तिहार में

सुशासन तिहार-2026 : जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन सहित सांसद-विधायक शामिल हुए सुशासन तिहार में

 रायपुर, 15 मई 2026 : सुशासन तिहार अंतर्गत आज शुक्रवार को कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम अड़ेंगा में आयोजित शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य आबकारी व श्रम विभाग मंत्री  लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रभारी मंत्री ने शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत विभिन्न हितग्राहियों को सामग्री वितरित किए और लगभग 01 करोड़ 06 लाख रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर कांकेर सांसद  भोजराज नाग, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम सहित कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना और स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर कुल 210 आवेदन प्राप्त हुए। प्रभारी मंत्री ने 31 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किया और दसवीं बारहवीं के 05 मेधावी विद्यार्थियों क़ो सम्मानित किया। साथ ही 12 श्रम पंजीयन कार्ड, 30 आधार कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 हितग्राहियों को चाबी, 15 जॉब कार्ड, 17 जाति प्रमाण पत्र, 30 लखपति दीदी प्रमाण पत्र, 06 किसान क्रेडिट कार्ड, 24 आयुष्मान कार्ड, 10 जन्म प्रमाण पत्र, 20 डिजिटल किसान कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 15 जाति प्रमाण पत्र और 10 निवासी प्रमाण पत्र, 11 राशन कार्ड, उद्यानिकी विभाग द्वारा 200 पौधों का वितरण, समाज कल्याण विभाग द्वारा 04 मोटराईज्ड सायकल, मत्स्य पालन विभाग द्वारा 01 मत्स्य जाल, 04 जन्म प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय परिवार सहायता पेंशन 03 को और क्रेडा विभाग द्वारा 01 हितग्राही को सौर सुजला योजना से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 128 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई।

शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री  देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इन दो वर्षों में जन समस्याओं के समाधान हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी को अल्प समय में पूरा किया। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नति योजना जैसे जनमानस के कल्याण हेतु कई योजनाएं संचालित की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं शिविर के माध्यम से आपके द्वार तक पहुंच रही है। नागरिकों के समस्याओं का त्वरित निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार ने बस्तर क्षेत्र में शांति बहाल कर विकास के मार्ग में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।

सांसद  भोजराज नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुशासन तिहार अंतर्गत गांव गांव में आयोजित शिविर में जाकर जनता से संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगो को सुन रहे हैं और त्वरित निराकरण भी की जा रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत की और मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना की है इसमें सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिविर में ज़रूरतमंद हितग्राही को अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गांव, महिला, किसान और गरीब परिवार के हित की चिंता करती है और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा क्षेत्र के सुदूर गांवों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे यहां विकास के साथ साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से गांव गांव तक स्वास्थ्य सेवा पहुंच रही है। सुशासन तिहार के माध्यम योजना गांव गांव तक पहुंच रहा है और शिविर में आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक  सेवकराम नेताम ने भी संबोधित किया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को बस्तर में आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को बस्तर में आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर में आयोजित होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित होगी, जिसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा परिषद की बैठक में उठाए जाने वाले विभिन्न विषयों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री साय ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपते हुए निर्देश दिए कि आयोजन की तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रहे और सभी व्यवस्थाएं गंभीरता एवं समन्वय के साथ सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मध्य क्षेत्रीय परिषद के राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह परिषद देश की ऐसी क्षेत्रीय परिषद है जहां सदस्य राज्यों के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है, जो आपसी सहयोग और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषदें राज्यों तथा केंद्र और राज्यों के बीच विभिन्न विषयों पर संवाद, सहयोग और समन्वय को मजबूत करने का प्रभावी मंच बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं” और इसी भावना के साथ क्षेत्रीय परिषदें विकास, प्रशासनिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता को नई दिशा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इन परिषदों ने राज्यों के बीच स्वस्थ सहयोग और विकासोन्मुखी सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के बाद इस स्तर की राष्ट्रीय बैठक का आयोजन यह दर्शाता है कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास और नई संभावनाओं को लेकर पूरी तरह संकल्पित है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल उन्मूलन से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है तथा अब बस्तर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इंद्रावती की गोद से बस्तर विकास की नई गाथा लिखेगा और मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगी।

बलांगीर-सम्बलपुर सेक्शन में ट्रैफिक ब्लॉक, 4 पैसेंजर ट्रेन रद्द

बलांगीर-सम्बलपुर सेक्शन में ट्रैफिक ब्लॉक, 4 पैसेंजर ट्रेन रद्द

 रायपुर। पूर्व तटीय रेलवे सम्बलपुर मंडल के बलांगीर-सम्बलपुर सेक्शन में गर्डर लांचिंग/डि-लांचिंग कार्य हेतु ट्रेफिक सह पावर ब्लॉक लिया जायेगा । इसके फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित पैसेंजर 16 मई को रद्द रहेगी।

गाड़ी संख्या 58213 बिलासपुर टिटलागढ़ पैसेंजर 16 मई को रद्द रहेगी।

गाड़ी संख्या 58214 टिटलागढ़ - बिलासपुर पैसेंजर 16 मई को रद्द रहेगी।

गाड़ी संख्या 58217 टिटलागढ़ रायपुर पैसेंजर 16 मई को रद्द रहेगी।
गाड़ी संख्या 58218 रायपुर - टिटलागढ़ पैसेंजर 16 मई को रद्द रहेगी।

पेट्रोल पंप संचालकों व कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चस्पा किए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर

पेट्रोल पंप संचालकों व कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चस्पा किए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर

 रायपुर। पेट्रोल पंप संचालकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने हेतु प्रमुख एवं दृष्टिगोचर स्थानों पर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर चस्पा किए जा रहे हैं। उक्त पोस्टरों में पुलिस कंट्रोल रूम, संबंधित स्थानीय थाना प्रभारी, डायल-112 सहित अन्य महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर अंकित किए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक घटना की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दी जा सके। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों एवं कर्मचारियों को रात्रिकालीन सतर्कता, संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखने, सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने तथा नगदी के सुरक्षित प्रबंधन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों व कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चस्पा किए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर