नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
सुशासन तिहार में रायगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु को किया सम्मानित

सुशासन तिहार में रायगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु को किया सम्मानित

 00 मुख्यमंत्री ने कहा - दिव्यांशु ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर रायगढ़, छत्तीसगढ़ और देश को किया गौरवान्वित

00 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर दिव्यांशु ने रचा इतिहास

रायपुर। सुशासन तिहा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु देवांगन को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिव्यांशु को मेडल पहनाकर तथा पुरस्कार भेंट कर उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
दिव्यांशु देवांगन ने मिस्र की राजधानी कायरो में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2026 में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इतना ही नहीं, उन्होंने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर रायगढ़, छत्तीसगढ़ और पूरे देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांशु की माता-पिता और दादी से भी मुलाकात की तथा दिव्यांशु की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु की उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी.चौधरी ने भी दिव्यांशु देवांगन को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर छत्तीसगढ़ का नाम देश और विदेश में ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु जैसे खिलाड़ी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनकी उपलब्धि आने वाली पीढि़यों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
दिव्यांशु देवांगन की इस उपलब्धि को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। कायरो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के प्रतिभागियों के बीच दिव्यांशु ने अद्भुत एकाग्रता और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनके प्रदर्शन ने न केवल भारत को शीर्ष स्थान दिलाया, बल्कि नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास भी रच दिया। दिव्यांशु की सफलता से युवा खिलाडि़यों में नई प्रेरणा जागी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खेल परिदृश्य को नई पहचान देगी। रायगढ़ सहित पूरे प्रदेश में दिव्यांशु को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रायगढ़ के इस होनहार खिलाड़ी की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

इस अवसर पर सांसद  राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक  लालजीत सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविंद्र गबेल, महापौर जीवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी  रामगोपाल गर्ग सहित रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यपालन अभियंता सस्पेंड : इस लापरवाही पर सख्त हुआ विभाग, तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, देखें आदेश…!!

कार्यपालन अभियंता सस्पेंड : इस लापरवाही पर सख्त हुआ विभाग, तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, देखें आदेश…!!

 जांजगीर। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। जल संसाधन विभाग ने आदेश जारी कर शशांक सिंह को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ड्राइवर से मोबाइल में अमर्यादित भाषा का उपयोग करने पर की गई है।

शशांक सिंह के ड्राइवर से अमर्यादित वार्तालाप का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें ड्राइवर को प्रताड़ित करने और अधिकारियों पर अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। वाइरल ऑडियो को लेकर जिला प्रशासन ने शशांक सिंह के साथ ड्राइवर शशिकांत से जवाब मांगा था।

संतोषजनक जवाब नहीं पाए जाने पर शशांक सिंह को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय में अटैच किया है।

देखें आदेश…

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के दिग्गज भाजपा नेता का निधन, संभाल रहे थे इस बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के दिग्गज भाजपा नेता का निधन, संभाल रहे थे इस बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी

 कांकेर। छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भारत मटियार का इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। जानकारी के अनुसार करीब एक महीने पहले उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उनका इलाज हैदराबाद के एक अस्पताल में चल रहा था। उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। आज उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक व्याप्त है कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। भरत मटियारा को सरल स्वभाव और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता था। उनके निधन को भाजपा के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।

CG – रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का क्षत-विक्षत शव, आत्महत्या या फिर….

CG – रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का क्षत-विक्षत शव, आत्महत्या या फिर….

 मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर एक अज्ञात युवक का शव मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ने पटरी पर लेटकर आत्महत्या की है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, मृतक युवक की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।

बता दें कि हादसे की सूचना पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मृतक युवक ट्रैक पर पड़ा हुआ था, जिसका सिर ट्रेन की चपेट में आने धड़ से अलग हो गया था। बहरहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

CG WEATHER : रायपुर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का असर, 20 मई के बाद फिर बढ़ेगी भीषण गर्मी

CG WEATHER : रायपुर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का असर, 20 मई के बाद फिर बढ़ेगी भीषण गर्मी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी, गरज-चमक और झमाझम बारिश से कई इलाकों में आषाढ़ जैसा माहौल बन गया। तेज हवाओं के कारण कई जगह बड़े पेड़ गिर गए, जिससे सड़कें बाधित रहीं और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। रविवार सुबह तक कई इलाकों में गिरे पेड़ों को हटाने का काम जारी रहा।मौसम विभाग के अनुसार बस्तर संभाग को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सोमवार से मौसम साफ होने लगेगा। आसमान साफ होने के साथ ही दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और मई के आखिरी सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की स्थिति बन सकती है।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी, अंडमान-निकोबार क्षेत्र और विभिन्न चक्रवाती परिसंचरणों की वजह से प्रदेश में भारी मात्रा में नमी पहुंची है। दोपहर की तेज गर्मी और नमी के मेल से लोकल सिस्टम सक्रिय हुए, जिसके कारण कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक देखने को मिली। रविवार को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, अंधड़ और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में बदलाव जारी है। मौसम विभाग ने नारायणपुर, कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज आंधी, बिजली गिरने और बारिश की चेतावनी दी गई है।

वहीं राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।

जनगणना 2027: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की 'सुशासन नीति' का असर

जनगणना 2027: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की 'सुशासन नीति' का असर

 छत्तीसगढ़ में 60% से अधिक मकान सूचीकरण का कार्य पूरा

​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ने रचा इतिहास, 100% लक्ष्य हासिल कर राज्य में बना नंबर-1 जिला

​मुख्यमंत्री ने मैदानी टीमों को दी बधाई; बड़े शहरों और नगर निगमों के सुस्त प्रदर्शन पर जताई चिंता, गति बढ़ाने के दिए कड़े निर्देश

​रायपुर-- छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। राज्य के सभी जिलों और नगर निगमों में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी के सटीक समन्वय से कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है।
​
सटीक जनगणना से ही हर गरीब तक पहुंचेगा सुशासन —मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

राज्य की इस प्रगति पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने संतोष व्यक्त करते हुए गौरेला- पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन और प्रदेश भर के प्रगणकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे। डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है। जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द से जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें।

​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने मारी बाजी, कई जिले शत-प्रतिशत के करीब

राज्य स्तर पर जिलों के प्रदर्शन को देखा जाए तो आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (GPM) जिला सूची में शीर्ष पर है, जिसने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।

​कलेक्टर की रणनीति आई काम

GPM जिले के इस शानदार प्रदर्शन और 'शून्य पेंडेंसी' के मॉडल पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अपनी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह सफलता हमारे स्थानीय प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors) और जिला प्रशासन की बेहतरीन टीम भावना का परिणाम है। भौगोलिक रूप से दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हमने माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया। हर चार्ज नंबर की रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिससे 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही हमने 100% पूर्णता का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब हम अगले चरण के प्रशिक्षण और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

​बड़े शहरों और नगर निगमों की रफ्तार सुस्त, रायपुर-भिलाई पिछड़े

एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। ​रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी का असर

राहत की बात यह है कि राज्य के अधिकांश जिलों में 'HLBs Not Started' (कार्य शुरू नहीं हुआ) का आंकड़ा शून्य है। इसका साफ मतलब है कि मैदानी स्तर पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। कबीरधाम के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर हर जगह काम शुरू हो चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए 'प्रगति पर' (In Progress) कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।​

CG : खुशियों के बीच पसरा मातम, बहन की शादी में शामिल होने आई महिला की सड़क हादसे में मौत

CG : खुशियों के बीच पसरा मातम, बहन की शादी में शामिल होने आई महिला की सड़क हादसे में मौत

 सूरजपुर। छोटी बहन की शादी में शामिल होने मायके आई एक 24 वर्षीय विवाहिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना के बाद जिस घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, वहां अचानक मातम पसर गया।

जानकारी के अनुसार धरतीपारा निवासी ज्योति प्रजापति पति भानु प्रजापति अपनी छोटी बहन के विवाह समारोह में शामिल होने मायके देवनगर आई हुई थी।

घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिवार के सदस्य खरीदारी में जुटे थे। बुधवार को ज्योति अपने भाई के साथ पल्सर बाइक पर सवार होकर शॉपिंग के लिए देवनगर बाजार गई थी।

बताया जा रहा है कि बाजार क्षेत्र में अचानक एक स्कूटी सवार से बाइक की टक्कर हो गई। बाइक के पीछे बैठी ज्योति उछलकर सड़क पर सिर के बल गिर पड़ी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर बिखरी गिट्टी उसके सिर में जा घुसी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई।

खून से लथपथ हालत में स्वजन और स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल देवनगर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

जिला अस्पताल में भी हालत नाजुक बनी रहने पर डाॅक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर भेज दिया। लेकिन जिंदगी की जंग लड़ रही ज्योति ने अंबिकापुर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

बिश्रामपुर के समीप रास्ते में उसकी मौत हो गई। जैसे ही यह दुखद खबर स्वजन तक पहुंची, शादी वाले घर में चीख-पुकार मच गई। जिस घर में कुछ ही घंटों बाद शादी की रस्में होनी थीं, वहां मातम छा गया।

पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद पूरे गांव और रिश्तेदारों में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर बिखरी गिट्टी और यातायात अव्यवस्था को हादसे की बड़ी वजह बताया है।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही भाजपा का लक्ष्य” — बृजमोहन अग्रवाल

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही भाजपा का लक्ष्य” — बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर । “भारतीय जनता पार्टी केवल चुनाव जीतने वाला संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्य करने वाला परिवार है। भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता है। कार्यकर्ता ही संगठन और सरकार की असली शक्ति हैं।” यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का..

जिन्होंने चंपारण में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के अंतर्गत भाजपा रायपुर ग्रामीण जिला के दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र में “अंत्योदय से संतृप्ति” विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए सांसद  अग्रवाल ने कहा कि
उन्होंने कहा कि आज कार्यकर्ताओं को सुविधाजनक माहौल में काम करने का अवसर मिला है। एक समय ऐसा भी था जब भाजपा और जनसंघ के कार्यकर्ताओं को संघर्ष, आंदोलन, जेल और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ता था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद और भाजपा के दिनों में उन्होंने 60 बार जेल यात्रा की, कई आंदोलनों में डंडे खाए, लेकिन तब भी मन में केवल राष्ट्र और संगठन की भावना थी।

सांसद अग्रवाल ने कहा कि आज केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के रहते कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब आंदोलन नहीं, बल्कि जनता की सेवा, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और समाज के हर वर्ग के जीवन में परिवर्तन लाना हमारा दायित्व है।

उन्होंने कहा कि अंत्योदय की अवधारणा पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी ने दी थी, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे अंतिम, सबसे गरीब और सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। भाजपा सरकार उसी विचार को आगे बढ़ाते हुए गरीब कल्याण की योजनाओं को 100 प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।

सांसद  अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने गांव, वार्ड और बूथ में नियमित रूप से लोगों के बीच जाएं, उनकी समस्याओं को समझें और योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि कई बार कार्यकर्ताओं को स्वयं योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं होती, जबकि मजदूरों, महिलाओं, किसानों, विद्यार्थियों और गरीब परिवारों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार किसानों से देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीबों को पक्के मकान मिल रहे हैं। जल जीवन मिशन के जरिए गांव-गांव तक पेयजल पहुँचाने का कार्य चल रहा है। इन योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।

सांसद अग्रवाल ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को अपने वैचारिक पुरोधाओं के जीवन को पढ़ना और समझना चाहिए। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के संघर्ष, सिद्धांत और राष्ट्रसेवा को कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा बताया।

उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी जिस विशाल वटवृक्ष के रूप में खड़ी है, वह इन महापुरुषों के त्याग, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है। अटल जी के शब्दों को याद करते हुए उन्होंने कहा — “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा”, और आज पूरा देश उस कमल की छाया में विकास और सुशासन का अनुभव कर रहा है।

शिविर में मंत्री  टंक राम वर्मा , विधायक अनुज शर्मा ,  इंद्र कुमार साहू ,  गणेश शंकर मिश्रा , जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल ,  श्याम नारंग , वर्ग अधिकारी  संदीप जी समेत बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहेa

बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा तराशने जल्द शुरू होगी अकादमी

बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा तराशने जल्द शुरू होगी अकादमी

 बस्तर के पहले आवासीय खेल अकादमी की तैयारी तेज, खेल संचालक ने तैयारियों का लिया जायजा

एथलेटिक्स, फुटबाॅल तथा आर्चरी का दिया जाएगा प्रशिक्षण, प्रवेश के लिए जल्द आयोजित किया जाएगा चयन ट्रायल

रायपुर. 16 मई 2026. बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा और कौशल को तराशने खेल एवं युवा कल्याण विभाग जगदलपुर में जल्द ही नई अकादमी खोलने जा रहा है। यह बस्तर अंचल का पहला आवासीय खेल अकादमी होगा। यहां बालकों को एथलेटिक्स, फुटबाॅल और आर्चरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अकादमी में प्रवेश के लिए विभाग द्वारा जल्द ही चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम ने आज जगदलपुर पहुंचकर अकादमी शुरू करने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बस्तर के खेल अधिकारियों से चर्चा कर मौजूदा अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, चयन ट्रायल की प्रक्रिया, विद्यालय सुविधा, वाहन व्यवस्था, खेल सामग्री तथा आवास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रस्तावित अकादमी भवन का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सलाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ होने से स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और पदक अर्जित कर सकेंगे। इस अकादमी से बस्तर के नैसर्गिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, डाइट, आधुनिक उपकरण, आवास, शिक्षा, बीमा, किट, इलाज, उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी आदि की सुविधा खेल विभाग से मिलेगी।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अकादमी में प्रवेश के लिए जल्द ही चयन ट्रायल विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। एथलेटिक्स में 20, फुटबाॅल में 25 तथा आर्चरी में 20 खिलाड़ियों का चयन आवासीय अकादमी में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम ने खेलो इंडिया लघु केन्द्र पण्डरीपानी में संचालित हाॅकी सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने यहां छात्रावास भवन और जिम हाॅल का निरीक्षण कर केन्द्र में प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों की संख्या और उपलब्ध खेल सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों से मिलकर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

सेहत के साथ युवाओं को मिल रही मुख्यधारा की रोशनी  जिला प्रशासन की अनूठी पहल से संवर रही जिंदगी

सेहत के साथ युवाओं को मिल रही मुख्यधारा की रोशनी जिला प्रशासन की अनूठी पहल से संवर रही जिंदगी

 5 साल पुराने माइग्रेन से मुक्त हुईं सीमा

रायपुर, 16 मई 2026/बीते पांच साल सुकमा निवासी 39 वर्षीय  सीमा सिंह के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थे। माइग्रेन के दर्द से तड़पती सीमा ने राहत की चाह में दूर-दूर के बड़े शहरों के चक्कर काटे, एलोपैथी की ढेरों दवाइयां खाईं, लेकिन बीमारी जस की तस रही। निराशा के इन बादलों के बीच उम्मीद की एक किरण तब जागी, जब वे बीते 4 मई को 'आयुष स्पेशलिटी क्लिनिक सुकमा' पहुँचीं। यहाँ अनुभवी चिकित्सक डॉ. मनोरंजन पात्रो की देखरेख में लगभग एक सप्ताह तक चले आयुर्वेदिक इलाज, सटीक दवाइयों और पंचकर्म की 'शिरोधारा' पद्धति के जादू ने कमाल कर दिया। वर्षों पुराना वह दर्द गायब हो गया जिसने उनकी रातों की नींद छीन रखी थी। दर्द से इस मुफ्ती ने सीमा के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है, जिसके लिए उन्होंने दिल से शासन-प्रशासन का आभार जताया है।

बदलती स्वास्थ्य व्यवस्था की सुखद तस्वीर
सीमा सिंह की यह मुस्कान सुकमा जिला प्रशासन के उन संजीदा प्रयासों का नतीजा है, जो दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार के पदभार संभालते ही जिला आयुष चिकित्सालय की तस्वीर बदलने के प्रयास तेज कर दिए गए। अस्पताल में न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया गया, बल्कि पारंपरिक और बेहद असरदार 'पंचकर्म' चिकित्सा की भी शुरुआत की गई। प्रशासन की इसी विशेष पहल का असर है कि आज यह अस्पताल रविवार को छोड़कर सप्ताह के छह दिन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, जहाँ हर दिन औसतन 14 से 15 मरीज डॉ. पात्रो की देखरेख में नया और स्वस्थ जीवन पा रहे हैं।

बंदूकों के साए से बाहर, मुख्यधारा का सहारा
कलेक्टर  अमित कुमार की यह मुहिम सिर्फ मरीजों को ठीक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण भी छिपा है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ सुकमा के युवाओं के पुनर्वास की भी एक अनूठी मिसाल पेश की है। कलेक्टर की विशेष पहल पर दो आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया और उन्हें इसी आयुष चिकित्सालय में 'कलेक्टर दर' पर सम्मानजनक रोजगार प्रदान किया गया। कभी गुमराह रहे इन युवाओं के हाथों को रोजगार देकर प्रशासन ने न सिर्फ उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा दी है, बल्कि जिले में शांति और विकास का एक नया अध्याय भी लिखा है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन का सुकमा मॉडल
सुकमा का आयुष चिकित्सालय आज सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उम्मीद और पुनर्वास का एक जीवंत केंद्र बन चुका है। एक तरफ जहाँ असाध्य बीमारियों से जूझ रहे आम नागरिकों को सुकमा की वादियों में ही विश्वस्तरीय आयुर्वेदिक और पंचकर्म उपचार मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भटके हुए युवाओं को रोजगार देकर देश की मुख्यधारा में वापस लाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्रांति और सामाजिक सुधार के इस बेजोड़ संगम ने साबित कर दिया है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो नक्सल प्रभावित माने जाने वाले सुकमा जैसे दूरस्थ अंचलों में भी संवेदनशीलता और सुशासन की नई इबारत लिखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डीएमएफ कार्यों में तेजी लाने अतिरिक्त तकनीकी ढांचे के गठन के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डीएमएफ कार्यों में तेजी लाने अतिरिक्त तकनीकी ढांचे के गठन के दिए निर्देश

खनन प्रभावित गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर

रायपुर 16 मई 2026/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रायगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दंतेवाड़ा, रायगढ़ और कोरबा जैसे खनन प्रभावित जिलों में जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि के प्रभावी और त्वरित उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों में विकासकार्यों की संख्या और दायरा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में वर्तमान तकनीकी एवं इंजीनियरिंग स्टाफ पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अतिरिक्त डिवीजन गठित करने तथा आवश्यक तकनीकी अमले की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका प्रत्यक्ष लाभ खनन प्रभावित गांवों के लोगों को दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन गांवों में खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर “मॉडल विलेज” के रूप में विकसित किया जाए। इन गांवों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सामुदायिक भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बेहतर विकास सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों के लोगों को विकास का पहला अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए डीएमएफ राशि के उपयोग में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य, सुशासन तिहार जनविश्वास का माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य, सुशासन तिहार जनविश्वास का माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 लेमरू पहुंचे मुख्यमंत्री, चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों की घोषणाएं, मेधावी विद्यार्थियों को दिए टैबलेट

रायपुर 16 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लेमरू में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय शामिल हुए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से सरकार बनी है और उनकी सेवा करना ही सरकार का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता तक सीधी पहुंच और संवेदनशील कार्यशैली का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार का मुखिया परिवार के सुख-दुख और जरूरतों का ध्यान रखता है, उसी भावना से सरकार भी गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है और लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर आम जनता से संवाद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, वनवासियों और गरीब परिवारों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें बड़ी संख्या में आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है तथा किसानों से रिकॉर्ड मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है।

उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने “मोदी की गारंटी” के अधिकांश वादों को कम समय में पूरा किया है। गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों को राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं।

वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ सरगुजा से बस्तर तक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का मुख्यमंत्री को सुनने और उनसे मिलने पहुंचना जनता के विश्वास और आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक है।

शिविर के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने लेमरू क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सिंचाई के लिए एनीकट निर्माण, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्थापना, विभिन्न ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, सीसी रोड और पुलिया निर्माण की घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कोरबा जिले के 18 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशन कार्ड, कृषि उपकरण, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, मछली पालन सामग्री, पंप, पावर स्प्रेयर, सुपोषण टोकरी तथा स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव  रजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल पहुंचेंगे रायपुर, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल, देखिए उनका मिनट टू मिनट पूरा शेड्यूल…..

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल पहुंचेंगे रायपुर, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल, देखिए उनका मिनट टू मिनट पूरा शेड्यूल…..

 रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 17 मई की रात 08:30 बजे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे रायपुर एयरपोर्ट से सीधे नवा रायपुर स्थित होटल जाएंगे, जहां रात्रि विश्राम करेंगे। 18 मई की सुबह 10:30 बजे गृहमंत्री अमित शाह राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे डायल 112 सेवा के लिए शामिल किए गए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

दोपहर 12:20 बजे केंद्रीय गृहमंत्री शाह रायपुर से जगदलपुर रवाना होंगे। जगदलपुर पहुंचने के बाद वे नेतानार में जनसुविधा केंद्र का शुभारंभ करेंगे। शाम को जगदलपुर में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। गृहमंत्री शाह 18 मई की रात जगदलपुर में ही रात्रि विश्राम करेंगे

19 मई को सुबह 11 बजे से जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हिस्सा लेंगे। बैठक के बाद उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित है। दौरे के अंतिम दिन दोपहर करीब 03:40 बजे गृहमंत्री शाह जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। गृहमंत्री के दौरे को लेकर रायपुर और जगदलपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन और पुलिस विभाग कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटा हुआ है।

 मातम में बदला खुशियों का माहौल छोटी बहन की डोली से पहले उठी बड़ी बहन की अर्थी, परिवार में मचा कोहराम…..

मातम में बदला खुशियों का माहौल छोटी बहन की डोली से पहले उठी बड़ी बहन की अर्थी, परिवार में मचा कोहराम…..

 सूरजपुर। विश्रामपुर क्षेत्र से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां छोटी बहन की शादी में शामिल होने मायके आई एक 24 वर्षीय विवाहिता की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। घटना के बाद जिस घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, वहां अचानक मातम पसर गया। परिवार के लोग, जो कुछ घंटों पहले तक विवाह की रस्मों और खरीदारी में व्यस्त थे, अब इस असमय मौत से सदमे में हैं। मृतका की पहचान ज्योति प्रजापति के रूप में हुई है। वह धरतीपारा की रहने वाली थी और अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल होने मायके देवनगर आई हुई थी।

घर में शादी का माहौल था और सभी रिश्तेदार तैयारियों में जुटे हुए थे। ज्योति अपने भाई के साथ बाइक पर सवार होकर देवनगर बाजार खरीदारी करने गई थी। बताया जा रहा है कि परिवार शादी के लिए जरूरी सामान खरीदने की तैयारी में था। बाजार क्षेत्र में भीड़भाड़ के बीच अचानक उनकी बाइक की टक्कर एक स्कूटी सवार से हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के पीछे बैठी ज्योति संतुलन खो बैठी और सड़क पर सिर के बल गिर पड़ी। सड़क पर फैली गिट्टी उसके सिर में जा धंसी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से खून से लथपथ हालत में ज्योति को तुरंत देवनगर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

सूरजपुर जिला अस्पताल में भी ज्योति की हालत नाजुक बनी रही। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर भेज दिया। परिजन और रिश्तेदार लगातार उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटे रहे, लेकिन जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही ज्योति ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि विश्रामपुर के पास पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। जैसे ही यह दुखद खबर परिवार तक पहुंची, शादी वाले घर में चीख-पुकार मच गई।

सीएम हेल्पलाइन 1076 से आम जनता की शिकायतों का होगा समयबद्ध निराकरण

सीएम हेल्पलाइन 1076 से आम जनता की शिकायतों का होगा समयबद्ध निराकरण

 00 जशपुर में अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को मिलेगा नया सशक्त माध्यम

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक सरल पहुंच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली छत्तीसगढ़ प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है।

इसी क्रम में जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी हरिओम द्विवेदी, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण दल के प्रमुख अनुराग दीवान ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और लिखित आवेदन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर प्रदान किया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।
उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय तंत्र विकसित किया गया है। इसमें एल-1 पर ब्लॉक स्तर, एल-2 पर जिला स्तर, एल-3 पर संभागीय अथवा निदेशालय स्तर तथा एल-4 पर सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर पर शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं होने की स्थिति में शिकायत स्वत: अगले स्तर पर प्रेषित हो जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें यूनिक टोकन नंबर के माध्यम से शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध समाधान हेतु एसएलए आधारित व्यवस्था, समाधान के बाद नागरिकों से संतुष्टि फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा एमआईएस डैशबोर्ड के माध्यम से सतत निगरानी शामिल हैं।
सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर वर्ष के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप या लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रणाली राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन को मजबूत करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है।

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल बना देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल बना देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण

 00 दो माह में भारत सरकार के अधिकारियों का तीसरा दौरा, सचिव ने की सराहना

रायपुर। छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल अब देशभर के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव  नरेंद्र भूषण ने राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों और नागरिक-केंद्रित सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी है। भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा पिछले दो माह में यह तीसरा दौरा है, जो राज्य में लागू स्मार्ट रजिस्ट्री प्रणाली, ऑटो म्यूटेशन और डिजिटल सेवाओं के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है।

दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सचिव नरेंद्र भूषण ने मंत्रालय महानदी भवन में पंजीयन विभाग की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव नितिन खाडे तथा निदेशक श्याम कुमार भी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक में सचिव पंजीयन भुवनेश यादव तथा महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए प्रमुख सुधारों और नवाचारों का प्रस्तुतीकरण दिया। प्रस्तुतीकरण में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, पंजीयन प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार से संबंधित पहलों की जानकारी दी गई। साथ ही विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे नेक्स्ट जनरेशन रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म की रूपरेखा और भावी कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।

सचिव नरेंद्र भूषण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा राज्य के नागरिकों को सर्वोत्तम सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की विशेष सराहना की। इसके पश्चात उन्होंने सीबीडी, नवा रायपुर अटल नगर स्थित स्मार्ट उप पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण किया और ऑटो म्यूटेशन से एकीकृत एंड-टू-एंड डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें संपूर्ण पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान सचिव श्री भूषण ने कहा कि पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ की यह पहल अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने कहा कि राज्य का स्मार्ट ऑफिस मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की नीति पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कार्यालय में नागरिकों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, पारदर्शी कार्यप्रणाली और नागरिक-अनुकूल वातावरण की भी विशेष सराहना की। भारत सरकार के सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीक आधारित रजिस्ट्री सेवाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश का मार्गदर्शन करेगा।

आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने पर देश में भव्य वॉकथन का हुआ आयोजन

आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने पर देश में भव्य वॉकथन का हुआ आयोजन

 रायपुर। आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आकाशवाणी केन्द्र द्वारा भव्य वॉकथन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में आकाशवाणी के वर्तमान कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, समाचार वाचक, श्रोता, युवा वर्ग तथा शहर के अनेक प्रमुख नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आकाशवाणी की गौरवशाली यात्रा, समाज में उसके योगदान तथा जनसंचार के क्षेत्र में उसकी विश्वसनीय भूमिका को स्मरण करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दूरदर्शन रायपुर के उप महानिदेशक संजय कुमार मिश्रा थे। विशेष अतिथि के रूप में पत्र सूचना कार्यालय रायपुर के उप निदेशक रमेश जायभाये तथा माय भारत के क्षेत्रीय प्रमुख अर्पित तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। वॉकथन का शुभारंभ सुबह लगभग सात बजे सिविल लाइंस स्थित आकाशवाणी भवन परिसर से हुआ। प्रतिभागियों ने हाथों में आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने से संबंधित संदेश लिखी तख्तियां और बैनर लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर पदयात्रा की। यह वॉकथन आकाशवाणी भवन से प्रारंभ होकर सिविल लाइंस, जयस्तंभ चौक, तेलीबांधा क्षेत्र तथा अन्य प्रमुख मार्गों से होते हुए पुन: आकाशवाणी परिसर में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि आकाशवाणी केवल एक प्रसारण संस्था नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक चेतना का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ दशकों में आकाशवाणी ने देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सूचना, शिक्षा और मनोरंजन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज डिजिटल युग में भी आकाशवाणी की विश्वसनीयता और जनसरोकार पहले की तरह मजबूत बने हुए हैं।

माय भारत के क्षेत्रीय प्रमुख श्री अर्पित तिवारी ने कहा कि आकाशवाणी ने सदैव युवाओं, किसानों, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उपयोगी कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि रेडियो आज भी जनसंचार का सबसे सुलभ और प्रभावशाली माध्यम है।

आकाशवाणी केन्द्र रायपुर के उप महानिदेशक वी. राजेश्वर ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन आकाशवाणी के गौरवशाली नब्बे वर्षों के सफर को यादगार बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ने समय के साथ तकनीकी रूप से स्वयं को लगातार विकसित किया है और आज एफएम, डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी श्रोताओं तक अपनी पहुंच बना रही है।

शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश

शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश

 00 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे निर्देश, सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त निर्देश जारी किया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों तथा विभागाध्यक्षों को सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य राज्य के वित्तीय संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन स्थापित करना है। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
कारकेड वाहनों के उपयोग पर नियंत्रण
निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। अन्य शासकीय संसाधनों का भी संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
राज्य के शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ईंधन व्यय में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
ईंधन और वाहन व्यय में मितव्ययिता
पेट्रोल एवं डीजल पर होने वाले व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।
विदेश यात्राओं पर रोक
अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
वर्चुअल बैठकों को प्रोत्साहन
भौतिक बैठकों के स्थान पर वर्चुअल एवं ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निर्देशों के अनुसार भौतिक बैठकें यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाएंगी और विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित होंगी।
ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान
कार्यालयीन समय के बाद सभी विद्युत उपकरण—जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर—अनिवार्य रूप से बंद किए जाएंगे। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
ई-ऑफिस और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा
बैठकों में मुद्रित दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (पीडीएफ, पीपीटी आदि) का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, कार्यालयीन पत्राचार एवं नोटशीट का संचालन अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाएगा, ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कमी लाई जा सके।
कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक प्रशिक्षण के स्थान पर कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाएगा। विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। शासन का मानना है कि इन उपायों से न केवल सरकारी खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

 

राज्यपाल डेका ने किया पौधरोपण, कवर्धा कलेक्ट्रेट परिसर में रोपा आम का पौधा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

राज्यपाल डेका ने किया पौधरोपण, कवर्धा कलेक्ट्रेट परिसर में रोपा आम का पौधा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कबीरधाम प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर कवर्धा में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने भी पौधरोपण किया।
राज्यपाल डेका ने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल वर्तमान के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम में कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह, वनमण्डलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पक्के घर का सपना हुआ साकार : मुख्यमंत्री साय ने लेमरू में हितग्राही धरम सिंह के नए आवास में कराया गृह प्रवेश

पक्के घर का सपना हुआ साकार : मुख्यमंत्री साय ने लेमरू में हितग्राही धरम सिंह के नए आवास में कराया गृह प्रवेश

 00 प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी, मुख्यमंत्री ने परिवार से आत्मीय मुलाकात कर जाना हालचाल

रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरबा जिले के लेमरू पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही  धरम सिंह के नव निर्मित आवास का उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कराया। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले धरम सिंह के परिवार के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  साय ने आवास का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना हेतु डीएमएफ मद से हितग्राही अंशदान की 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री के आगमन से धरम सिंह का परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। इस अवसर पर उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर : जनजातीय परंपरा और सनातन आस्था का प्रतीक

दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर : जनजातीय परंपरा और सनातन आस्था का प्रतीक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी अंचल बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक चेतना का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र दंतेवाड़ा स्थित दंतेश्वरी मंदिर। शंखिनी और डंकिनी नदियों के पवित्र संगम तट पर स्थित यह मंदिर केवल श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनजातीय परंपराओं का जीवंत दस्तावेज भी है। देवी दंतेश्वरी को संपूर्ण बस्तर अंचल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है और यह मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष स्थान रखता है। मान्यता है कि जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह किया और भगवान शिव उनके शरीर को लेकर तांडव करने लगे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंगों को पृथ्वी पर अलग-अलग स्थानों पर गिराया। जिस स्थान पर माता का दांत गिरा, वही स्थान आगे चलकर दंतेश्वरी कहलाया। इसी कारण दंतेवाड़ा को 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

इतिहासकारों के अनुसार दंतेश्वरी मंदिर का निर्माण लगभग 14वीं शताब्दी में काकतीय वंश के शासक राजा अन्नमदेव द्वारा कराया गया था। माना जाता है कि अन्नमदेव वारंगल से बस्तर आए थे और उन्होंने यहाँ काकतीय वंशी शासन की स्थापना की। देवी दंतेश्वरी उनकी आराध्य देवी थीं, इसलिए उन्होंने इस भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। समय- समय पर बस्तर रियासत के विभिन्न शासकों द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया। विशेष रूप से वर्ष 1932-33 में महारानी प्रफुल्ल कुमारी देवी द्वारा मंदिर के संरक्षण और पुनर्निर्माण का कार्य कराया गया था। ऐसा माना जाता है कि दंतेवाड़ा का नाम भी देवी दंतेश्वरी के नाम पर ही पड़ा माना जाता है और सदियों से यह मंदिर बस्तर के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का केंद्र बना हुआ है।

दंतेश्वरी मंदिर भारतीय प्राचीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर की संरचना में दक्षिण भारतीय और स्थानीय बस्तर शैली का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। विशाल पत्थरों से निर्मित इस मंदिर में सभा मंडप, मुख मंडप, महामंडप और गर्भगृह जैसे प्रमुख भाग हैं। मंदिर का ऊँचा शिखर दूर से ही श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता है। गर्भगृह में स्थापित देवी दंतेश्वरी की प्रतिमा काले ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जिसमें देवी को छह भुजाओं के साथ दर्शाया गया है। मंदिर परिसर में नक्काशीदार स्तंभ, प्राचीन मूर्तियां और पत्थरों पर की गई कलात्मक आकृतियाँ मध्यकालीन शिल्पकला की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। पुरातात्विक दृष्टि से यह मंदिर बस्तर के मध्यकालीन इतिहास और काकतीय वंशी स्थापत्य शैली का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में मौजूद प्राचीन अवशेष इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

दंतेश्वरी मंदिर का सबसे भव्य स्वरूप बस्तर दशहरा के दौरान दिखाई देता है। लगभग 75 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव देश के अन्य दशहरा आयोजनों से पूरी तरह अलग और विशिष्ट है। यह पर्व देवी दंतेश्वरी को समर्पित होता है और इसमें बस्तर के विभिन्न जनजातीय समुदाय पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों के साथ भाग लेते हैं। बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का विराट उत्सव है। नवरात्रि और फागुन मेले के समय भी यहाँ हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं और मंदिर परिसर दीपों तथा पारंपरिक सजावट से जगमगा उठता है।

शंखिनी और डंकिनी नदियों के संगम पर स्थित यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाडिय़ों और प्राकृतिक हरियाली से घिरा हुआ है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ बस्तर की जनजातीय संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत अनुभव प्राप्त होता है। मंदिर के आसपास का वातावरण श्रद्धा और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
दंतेश्वरी मंदिर तक पहुँचना काफी सुविधाजनक है। सड़क मार्ग से दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रायपुर से इसकी दूरी लगभग 400 किलोमीटर है तथा रायपुर, जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग और विशाखापट्टनम से नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के माध्यम से सड़क यात्रा सहज और सुगम है। रेल मार्ग से दंतेवाड़ा रेलवे स्टेशन विशाखापट्टनम और जगदलपुर से जुड़ा हुआ है। किरंदुल रेलखंड भी इस क्षेत्र को रेल संपर्क प्रदान करता है। वायु मार्ग से आने वाले पर्यटकों के लिए निकटतम हवाई अड्डा जगदलपुर एयरपोर्ट है, जो लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है। वहाँ से टैक्सी और बस सेवाओं के माध्यम से दंतेवाड़ा पहुँचा जा सकता है।

दंतेश्वरी मंदिर के आसपास अनेक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी स्थित हैं, जिनमें चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान, बारसूर का प्राचीन मंदिर तथा ढोलकल का गणेश मंदिर प्रमुख हैं। यही कारण है कि दंतेवाड़ा धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। आज दंतेश्वरी मंदिर केवल बस्तर की आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर बन चुका है। यहाँ की प्राचीन स्थापत्य कला, शक्तिपीठ की मान्यता, जनजातीय परंपराएँ और प्राकृतिक सौंदर्य हर आगंतुक को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। दंतेश्वरी मंदिर की यात्रा वास्तव में बस्तर की आत्मा, इतिहास और संस्कृति को निकट से महसूस करने की यात्रा है।

केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित बस्तर प्रवास की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लिया जायजा

केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित बस्तर प्रवास की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लिया जायजा

 00 शर्मा ने सांसद बस्तर सहित बस में सभी अधिकारियों के संग की यात्रा

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित बस्तर प्रवास को लेकर तैयारियों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने जगदलपुर से कार्यक्रम स्थल को जाने के लिए निजी वाहन के स्थान पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ पूल वाहन के रूप में बस से सफर किया। जगदलपुर विकासखंड के नेतानार स्थित शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा पहुंचकर उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सेवा डेरा परिसर में संचालित सेवा सेतु केंद्र, बैंक सखी केंद्र तथा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित आर्थिक गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनके कार्यों की जानकारी ली तथा स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन के प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर कार्य कर रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सेवा सेतु केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने शहीद गुंडाधुर की प्रतिमा स्थल का भी निरीक्षण किया तथा वहां साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, रंग-रोगन और आवश्यक सजावट सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर के महान जननायक शहीद गुंडाधुर की स्मृति से जुड़ा यह स्थल गौरव का प्रतीक है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं बेहतर और सुव्यवस्थित होनी चाहिए।

इस अवसर सांसद महेश कश्यप, अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास भीम सिंह, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, पुलिस प्रशासन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

साय सरकार की योजनाओं से कौशिल्या को मिला पक्का आशियाना, अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा परिवार

साय सरकार की योजनाओं से कौशिल्या को मिला पक्का आशियाना, अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा परिवार

 रायपुर। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे सुशासन तिहार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उनके सपनों को साकार कर रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी गौरेला -पेन्ड्रा -मरवाही जिले के ग्राम पंचायत देवरीखुर्द की कौशिल्या बाई की है, जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना से पूरी तरह बदल गया है।

कभी बारिश की हर बूंद के साथ चिंता और असुरक्षा में जीवन बिताने वाली कौशिल्या बाई आज अपने पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, जहाँ हर मौसम नई परेशानियां लेकर आता था। बरसात के दिनों में घर टपकता था और तेज हवा या बारिश के दौरान परिवार की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर बना रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गया था।

 

 

साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना ने कौशिल्या बाई के इस सपने को हकीकत में बदल दिया। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित सुशासन शिविर देवरीकला में उन्हें उनके नए आवास की चाबी और प्रमाण पत्र सौंपा गया। अपने नए घर को देखकर कौशिल्या बाई की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब उनका परिवार बिना किसी भय और परेशानी के सुरक्षित माहौल में रह रहा है। कौशिल्या बाई ने बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना भी उनके परिवार के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परेशानी होती थी, लेकिन अब आर्थिक स्थिति में सुधार महसूस हो रहा है।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति कौशिल्या बाई ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उनके परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं यदि सही लोगों तक पहुंचें तो गरीब और जरूरतमंद परिवारों का जीवन वास्तव में बदल सकता है।

सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश सरकार गांव-गांव तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिला रही है। साय सरकार की संवेदनशील कार्यशैली और जनकल्याणकारी सोच का प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आज कौशिल्या बाई की कहानी केवल एक परिवार की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखती हैं।

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता

 00 पीपल के पेड़ तले खाट पर बैठकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश

00 ग्राम कोसला में महतारी सदन एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा
रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री श्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री श्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं? ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी श्री शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है।
इसी दौरान ग्राम की लखपति दीदी श्रीमती नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुडऩे के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में 'महतारी सदनÓ निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

CG में सरकारी फिजूल खर्चों पर सख्ती : विदेशी दौरे बंद, वाहन पूलिंग और ई-ऑफिस सिस्टम अनिवार्य, देखें आदेश…!!

CG में सरकारी फिजूल खर्चों पर सख्ती : विदेशी दौरे बंद, वाहन पूलिंग और ई-ऑफिस सिस्टम अनिवार्य, देखें आदेश…!!

 रायपुर। राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में बेफजूल खर्च को कंट्रोल करने के लिए आदेश जारी किया है। सरकार ने विभागों में अनावश्यक खर्चों में कमी लाने के निर्देश दिए है। साथ ही खर्च के साथ वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया है।

जारी आदेश में लिखा…”राज्य शासन द्वारा वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान में निम्नानुसार मितव्ययिता के उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है…

-1. कारकेड में वाहनों का सीमित उपयोग माननीय मुख्यमंत्रीजी / मंत्रीगण / समस्तनिगम / मण्डल / आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड वाहनों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाए एवं अन्य शासकीय संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

-2. इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन राज्य के समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।

3. वाहनों के उपयोग एवं ईंधन में मितव्ययिता
शासकीय वाहनों के उपयोग में पेट्रोल/डीजल के व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले विभागों के अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग की व्यवस्था लागू की जाए।

4. विदेश यात्रा पर प्रतिबंध अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर, राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों के विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। अनिवार्य होने पर समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा।

5. वर्चुअल बैठकों एवं ऑनलाइन समीक्षा को प्रोत्साहन विभागों को निर्देशित किया जाता है कि भौतिक बैठक यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जावे। भौतिक रूप से बैठकों के आयोजन के स्थान पर वर्चुअल/ऑनलाइन मोड में होने वाली बैठकों को प्रोत्साहित किया जाए। विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं।

6. कार्यालय में ऊर्जा की बचत कार्यालयीन समय के पश्चात सभी विद्युत उपकरणों (लाइट, पंखे, ए.सी., कंप्यूटर) को अनिवार्य रूप से बंद किया जाए। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी को रोकने हेतु आवश्यक उपाय किये जाये।

7. ई-ऑफिस एवं डिजिटल कार्यप्रणाली बैठकों में प्रिंटेड पेपर/बुकलेट्स के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (pdf/.ppt आदि) का उपयोग किया जाए। कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाए ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कटौती हो सके।

8. IGOT कर्मयोगी पोर्टल एवं प्रशिक्षण भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के स्थान

पर इस हेतु IGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए। समस्त विभाग अपने विशिष्ट प्रशिक्षण कोर्सेस को इस पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भौतिक प्रशिक्षण की आवश्यकता न्यूनतम हो सके।उपर्युक्त निर्देश 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।”

2026