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CG : रायगढ़ को मिली 16 अत्याधुनिक डॉयल-112 ईआरव्ही वाहन की सौगात

CG : रायगढ़ को मिली 16 अत्याधुनिक डॉयल-112 ईआरव्ही वाहन की सौगात

 रायगढ़।  रायगढ़ जिले में सुरक्षा, त्वरित सहायता और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने डॉयल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन योजना के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल उपलब्ध कराए हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बुधवार को पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नई डॉयल-112 सेवा के विस्तार से अब रायगढ़वासियों को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकार की सुरक्षा और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि अब पुलिस सहायता के साथ मेडिकल, फायर, आपदा प्रबंधन, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सेवाएं भी 112 से जोड़ी गई हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि डॉयल-112 योजना 2018 से राज्य के 16 जिलों में संचालित थी, जिसे अब फेज-2 के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 400 आधुनिक ईआरव्ही वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन मिले हैं। इन वाहनों में पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस, मोबाइल डेटा टर्मिनल और स्मार्ट मोबाइल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे घटनास्थल पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी। योजना के संचालन के लिए रायपुर में आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सी-4 स्थापित किया गया है। कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडिशनल एसपी अनिल सोनी सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अंत में अतिथियों ने आधुनिक डॉयल-112 वाहनों को रवाना कर जिले को नई सुरक्षा व्यवस्था की सौगात दी।

21वीं सदी में कंटेंट क्रिएशन युवाओं के लिए असीम संभावनाओं का क्षेत्र : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

21वीं सदी में कंटेंट क्रिएशन युवाओं के लिए असीम संभावनाओं का क्षेत्र : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 रायगढ़ के क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स से संवाद कर साझा किए बदलते दौर के अवसरों पर विचार

रायपुर-- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में जिले के युवा कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया से जुड़े रचनात्मक युवाओं से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने 21वीं सदी में तकनीक, नवाचार और डिजिटल माध्यमों से उभर रही नई संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आज का दौर ज्ञान, रचनात्मकता और तकनीक का दौर है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने युवाओं को अपनी प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अभूतपूर्व अवसर दिया है। कंटेंट क्रिएशन अब केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावशाली साधन बन चुका है।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ सहित छत्तीसगढ़ के युवा अपनी रचनात्मकता, स्थानीय संस्कृति और सकारात्मक सोच के माध्यम से राज्य की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने कंटेंट के जरिए प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन, लोककला, सफलता की कहानियों और विकास कार्यों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।

चौधरी ने कहा कि 21वीं सदी में वही समाज और राज्य आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को अपनाते हुए नवाचार को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि रचनात्मकता को अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाए, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म सफलता के अनगिनत द्वार खोल सकते हैं।

संवाद के दौरान क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा डिजिटल मीडिया, कंटेंट निर्माण और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की। सभी प्रतिभागियों ने वित्त मंत्री के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

सुशासन तिहार 2026 :जनसमस्या निवारण शिविरों में जरूरतमंदों को मिल रही सहायक सामग्री और योजनाओं का लाभ

सुशासन तिहार 2026 :जनसमस्या निवारण शिविरों में जरूरतमंदों को मिल रही सहायक सामग्री और योजनाओं का लाभ

 0-समाज कल्याण विभाग ने श्रवण यंत्र एवं टेट्रापॉड का किया वितरण, नशामुक्ति के प्रति किया जागरूक

रायपुर--मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। शिविरों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ जरूरतमंद हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जा रहा है।

इसी क्रम में जिला खैरागढ़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। शिविर में 2 श्रवण यंत्र एवं 1 टेट्रापॉड प्रदान कर हितग्राहियों को राहत पहुंचाई गई।

शिविर के दौरान विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया तथा नागरिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता लाने हेतु लोगों को प्रेरित किया गया। प्राप्त मांग एवं शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण के लिए अधिकारियों द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शासन की पहल से आयोजित ऐसे शिविरों से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही समाधान और योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

आत्मनिर्भरता, पोषण और बदलाव की नई पहचान बनीं महिला स्व-सहायता समूह

आत्मनिर्भरता, पोषण और बदलाव की नई पहचान बनीं महिला स्व-सहायता समूह

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति को एक साथ जोड़ते हुए राज्य सरकार ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता की नई रोशनी जगाई है। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-ईट) के निर्माण एवं वितरण का दायित्व महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपकर सरकार ने महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी का अवसर भी प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा के समन्वित मॉडल के रूप में उभर रही है। पहले जहां पूरक पोषण आहार निर्माण का कार्य बाहरी एजेंसियों के माध्यम से किया जाता था, वहीं अब यह जिम्मेदारी गांव की महिलाओं ने संभाल ली है, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है और महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रही है।
राज्य सरकार ने प्रथम चरण में रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलें में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है। इन छह जिलें के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण एवं वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार मिली है और वे अब संगठित रूप से उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण का कार्य संभाल रही हैं।

प्रदेश का पहला रेडी-टू-ईट उत्पादन रायगढ़ जिले में प्रारंभ हुआ, जिसने पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। कोरबा जिले में 10, रायगढ़ में 10, सूरजपुर एवं बलौदाबाजार-भाटापारा में 7-7, बस्तर में 6 तथा दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह इस कार्य से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक समय पर गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है।

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे महिलाओं की भूमिका केवल श्रमिक तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा भी बनी हैं। उत्पादन इकाइयों में कार्यरत महिलाओं को मशीन संचालन, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, भंडारण वितरण और लेखा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित इन इकाइयों ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।

सूरजपुर जिले में संचालित रेडी-टू-ईट निर्माण संयंत्र इस बदलाव की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। भैयाथान, प्रतापपुर और सूरजपुर विकासखंडों में संचालित संयंत्रों में महिलाएं पौष्टिक नमकीन दलिया और मीठा शक्ति आहार तैयार कर रही हैं। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, आयरन, कैल्शियम, जिंक और फोलिक एसिड जैसे आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं, जो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

इन संयंत्रों में कार्यरत महिलाएं अब केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां नहीं निभा रहीं, बल्कि जिले के पोषण अभियान में महत्वपूर्ण भागीदार बन चुकी हैं। सूरजपुर जिले में निर्माण के साथ-साथ वितरण की जिम्मेदारी भी महिला समूहों को सौंपी गई है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं आजीविका से जुड़ सकी हैं। लगभग 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार पहुंचाने के कार्य में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पहल को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह योजना महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

दरअसल, यह पहल केवल पोषण आहार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव की एक सशक्त कहानी भी है, जिन महिलाओं की पहचान कभी केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थी, वे आज उत्पादन इकाइयों का संचालन कर रही हैं। समूहों का नेतृत्व कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। नियमित आय ने उनके जीवन में स्थिरता लाई है, आत्मविश्वास बढ़ाया है और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत किया है।

छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित यह मॉडल “पोषण के साथ सशक्तिकरण” की अवधारणा को वास्तविक रूप दे रहा है। यह पहल साबित कर रही है कि जब महिलाओं को अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन को बदलती हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा भी तय करती हैं।

 

‘सियान गुड़ी’ में बुजुर्गों को मिल रहा नया जीवन, थेरेपी से बदली जिंदगी

‘सियान गुड़ी’ में बुजुर्गों को मिल रहा नया जीवन, थेरेपी से बदली जिंदगी

 जशपुर में 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, 32 को मिल रही नियमित फिजियोथेरेपी सुविधा

स्वास्थ्य जांच, परामर्श, योग-भजन और सुंदरकांड पाठ से मिल रहा मानसिक एवं शारीरिक संबल

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है।
समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है।
हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।
सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है। सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

नवा रायपुर अटल नगर: विकास, निवेश और आधुनिक भारत का उभरता स्मार्ट शहर

नवा रायपुर अटल नगर: विकास, निवेश और आधुनिक भारत का उभरता स्मार्ट शहर

 नवा रायपुर अटल नगर: उपलब्धियों से नई ऊँचाइयों की ओर

सुनील कुमार त्रिपाठी,सहायक संचालक

रायपुर-- छत्तीसगढ़ की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी नवा रायपुर अटल नगर आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में शामिल है। सुव्यवस्थित अधोसंरचना, हरित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति ने नवा रायपुर को भविष्य के भारत का आदर्श शहरी मॉडल बना दिया है। यह केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का उभरता हुआ केंद्र है।

स्मार्ट अधोसंरचना और शहरी सेवाओं में बड़ी उपलब्धियाँ

नवा रायपुर अटल नगर में 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पूरे शहर में दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे वर्तमान आबादी के साथ-साथ नए विकसित हो रहे सेक्टरों की आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सकेगी।

वर्षाजल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 10.66 किलोमीटर लंबी बायोस्वेल्स, रिचार्ज पिट्स और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र विकसित किए गए हैं। इन पहलों ने न केवल जल संरक्षण को मजबूत किया है, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन को भी सुदृढ़ किया है।

परिवहन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम

रायपुर-राजिम रेल सेवा का नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन तक विस्तार शहर की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान कर रहा है।

महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिंक ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। साथ ही, ई-बस संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और सेवा प्रारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह पहल हरित और टिकाऊ शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रहा एडूसिटी

नवा रायपुर के 13 सहकारी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है और दो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।

लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में एडूसिटी का विकास किया जा रहा है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे National Institute of Fashion Technology (NIFT), National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) और National Forensic Sciences University (NFSU), Narsee Monjee को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-7 में 17 एकड़ भूमि पर आवासीय विद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।

मेडिसिटी: स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यहाँ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, धर्मशाला, होटल और आवासीय सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।

इस परियोजना के तहत Bombay Hospital को 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, लगभग 50 एकड़ भूमि पर आवासीय विकास हेतु निजी निवेशकों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।

महिला सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण

कार्यरत महिलाओं के लिए 1,000 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना महिला सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।

इसके अतिरिक्त, प्रवासी श्रमिकों के लिए 1,100 क्षमता वाला सर्वसुविधायुक्त श्रमिक आवास भवन 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।
पर्यटन, संस्कृति और MICE गंतव्य के रूप में उभार

नवा रायपुर में 77 एकड़ भूमि पर सेवाग्राम तथा सेक्टर-39 में Art of Living Foundation को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र विकसित हो रहे हैं।

सेक्टर-4 और 10 में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में निजी निवेश के माध्यम से कन्वेंशन सेंटर कम स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जा रही है। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर और टेनिस, तैराकी, कुश्ती, तीरंदाजी तथा स्क्वैश जैसी खेल सुविधाएँ शामिल होंगी।

सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का उभरता हब

नवा रायपुर में राज्य का पहला SEZ आधारित एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश अपेक्षित है।

यहाँ भारत का पहला GaN तकनीक आधारित सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए भी भूमि आवंटित की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हुई है, जहाँ PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

सीबीडी क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आईटी कंपनियों को सुसज्जित कार्यालय स्थान उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में लगभग 1,000 युवा कार्यरत हैं और 2,000 अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना है।

सतत विकास और हरित पहल

“पीपल फॉर पीपल” अभियान के अंतर्गत 1 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे शहर के 26 प्रतिशत हरित क्षेत्र को संरक्षित और विस्तारित करने में मदद मिली है।

बायोस्वेल्स, रिचार्ज सिस्टम और हरित कॉरिडोर जैसे उपाय नवा रायपुर को पर्यावरण-अनुकूल और जल-संवेदनशील शहर के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

प्राधिकरण की आगामी कार्ययोजना

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण आने वाले वर्षों में शहर को और अधिक आधुनिक एवं निवेश-आकर्षक बनाने हेतु कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है:

सेरीखेड़ी और मंदिरहसौद क्षेत्र में लगभग 1,100 एकड़ पर 800 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास।

राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के एकीकृत विकास हेतु विशेष प्राधिकरण गठन।

500 एकड़ में मेडिसिटी और 200 एकड़ में एडूसिटी का विस्तार।

नवा रायपुर को IT, ITeS और AI हब के रूप में स्थापित करना।

वार्षिक पूंजीगत व्यय क्षमता को 1,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना।

वेलनेस सेंटर, वेडिंग डेस्टिनेशन, MICE कैपिटल और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहन।

प्रभावित ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास योजना के आधार पर आधुनिक अधोसंरचना विकास।

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का तकनीकी उन्नयन।

सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने हेतु 40 नई ई-बसों का संचालन।

नई राजधानी, नए भारत की पहचान

नवा रायपुर अटल नगर आज योजनाबद्ध विकास, आधुनिक सुविधाओं और सतत शहरीकरण का सशक्त उदाहरण बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और हरित विकास के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति इसे न केवल छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।

आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर निश्चित ही भारत के सबसे आधुनिक, निवेश-अनुकूल और जीवन गुणवत्ता से परिपूर्ण शहरों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

छत्तीसगढ़ में महंगाई के बीच अभिभावकों को एक और झटका, नए शिक्षा सत्र से बढ़ जाएगी सरकारी स्कूलों की फीस

छत्तीसगढ़ में महंगाई के बीच अभिभावकों को एक और झटका, नए शिक्षा सत्र से बढ़ जाएगी सरकारी स्कूलों की फीस

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए सरकारी स्कूलों में स्थानीय शुल्क (लोकल फीस) में वृद्धि करने संबंधी आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद अब विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। यह निर्देश सरकारी स्कूलों के साथ-साथ स्वामी आत्मानंद स्कूलों और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।

जारी आदेश के अनुसार, हाई स्कूल स्तर के विद्यार्थियों को अब 410 रुपये की जगह 500 रुपये स्थानीय शुल्क के रूप में जमा करना होगा। यानी छात्रों को 90 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। वहीं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शुल्क 445 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये कर दिया गया है। इस श्रेणी के छात्रों को अब 95 रुपये अधिक देने होंगे।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद नए शिक्षा सत्र में अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि विभाग का कहना है कि विद्यालयों की विभिन्न व्यवस्थाओं और संचालन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शुल्क में संशोधन किया गया है। आदेश के मुताबिक यह नई शुल्क दरें शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रभावी रहेंगी।

बता दें कि प्रदेश में 56 हजार स्कूलों में लगभग 56 लाख विद्यार्थी हैं। इसमें से 44 लाख से ज्यादा विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत हैं। ऐसे में निर्धारित शुक्ल के अनुसार अरबों का फंड सरकारी स्कूलों के पास रहेगा।

ग्राम धनोरा में सुशासन तिहार का आयोजन, 14 किसानों को मिला डिजिटल किसान किताब…..

ग्राम धनोरा में सुशासन तिहार का आयोजन, 14 किसानों को मिला डिजिटल किसान किताब…..

 रायपुर: राज्य शासन की मंशानुरूप आम नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिले में बस्तर मुन्ने एवं सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कोण्डागांव जिले के केशकाल विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम धनोरा में तहसील कार्यालय के सामने विकासखण्ड स्तरीय क्लस्टर शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष केशकाल नंदनी पोटाई, जिला पंचायत सदस्य  कपिल कान्त नाग, जनपद सदस्य  नमिता जैन सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस क्लस्टर शिविर में ग्राम कोरकोटी, खालेवेदी, चुड़ावा, बदवर, करमरी, बेलगांव, हिचका, सिलमड़ी कोठोड़ी, धनोरा, धुरवापारा, सुकबेड़ा, आचलापारा, कर्रारमेटा, भाटगांव, सवाला, बनियागांव एवं सिलाटी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 14 किसानों को डिजिटल किसान किताब प्रदान की गई। इसके साथ ही 6 वनाधिकार खसरा, 1 वनाधिकार पुस्तिका, 1 ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, 4 जाति प्रमाण पत्र, 4 आय प्रमाण पत्र तथा 5 निवास प्रमाण पत्र वितरित किए गए। पंचायत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 8 हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई तथा 9 जॉब कार्ड वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 आयुष्मान कार्ड एवं 6 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए। खाद्य विभाग ने 3 राशन कार्ड वितरित किए, वहीं उद्यान विभाग द्वारा 10 पौधों का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा 1 अन्नप्राशन कार्यक्रम भी संपन्न कराया गया। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों ने खुशी जताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

’सुशासन तिहार में अलमा टोप्पो की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान’, ’जनसमस्या निवारण शिविर में हाथों-हाथ मिला राशन कार्ड

’सुशासन तिहार में अलमा टोप्पो की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान’, ’जनसमस्या निवारण शिविर में हाथों-हाथ मिला राशन कार्ड

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का प्रभावी माध्यम बन रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों के जरिए आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है।

सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत नानदमाली निवासी अलमा टोप्पो लंबे समय से राशन कार्ड नहीं बनने के कारण परेशान थीं। राशन कार्ड के अभाव में उनके परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्होंने अपनी समस्या रखी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए दस्तावेजों का परीक्षण किया और मौके पर ही उनका नया राशन कार्ड जारी कर दिया। राशन कार्ड प्राप्त होते ही अलमा टोप्पो के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी।

अलमा टोप्पो ने बताया कि अब उनके परिवार को नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिल सकेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान गांव में ही हो गया और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका त्वरित समाधान कर रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव लगातार मजबूत हो रहा है।

सुशासन तिहार में त्वरित कार्रवाई : पोड़ियामी जोगा को मिला 1.10 लाख रुपये का बकरी शेड…..

सुशासन तिहार में त्वरित कार्रवाई : पोड़ियामी जोगा को मिला 1.10 लाख रुपये का बकरी शेड…..

 रायपुर: सुकमा जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के पटेलपारा निवासी पोड़ियामी जोगा को सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उन्हें एक लाख 10 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड निर्माण की सुविधा प्रदान की गई है। इससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है और आय बढ़ाने का रास्ता भी आसान हुआ है।

पोड़ियामी जोगा ने सुशासन तिहार 2025 के दौरान आयोजित शिविर में बकरी शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। आवेदन मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की और तय समय-सीमा में बकरी शेड का निर्माण पूरा कराया गया।
बकरी शेड बनने से अब पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। इससे पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

हितग्राही जोगा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़: दर्दनाक हादसा, रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से तीन युवकों की मौके पर ही मौत

छत्तीसगढ़: दर्दनाक हादसा, रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से तीन युवकों की मौके पर ही मौत

 अभनपुर। अभनपुर-राजिम मार्ग पर देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बाइक सवार पहले सड़क पर आए मवेशी से टकरा गए, इसी दौरान पीछे से आ रहे रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नायकबांधा, हसदा और उरला के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हादसे में शामिल हाईवा वाहन को जप्त कर लिया है। वहीं पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

 
CG WEATHER : उमस और तेज धूप से बढ़ी परेशानी, छत्तीसगढ़ में अगले 72 घंटे रहेंगे बेहद गर्म

CG WEATHER : उमस और तेज धूप से बढ़ी परेशानी, छत्तीसगढ़ में अगले 72 घंटे रहेंगे बेहद गर्म

 रायपुर । छत्तीसगढ़ में एक बार फिर भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाने वाली है। हवा में बढ़ी नमी के कारण दिनभर चिपचिपी गर्मी महसूस की जा रही है, जिससे लोग हलाकान हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले तीन से चार दिनों में प्रदेश के मध्य और उत्तर हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ेगा और ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं राजधानी रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई, लेकिन इससे गर्मी से राहत नहीं मिली। मंगलवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौसम वैज्ञानिक एच. पी. चंद्रा के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही दो द्रोणिकाएं भी बनी हुई हैं, जिनका असर मौसम पर देखने को मिल रहा है। हालांकि 20 मई को प्रदेश का मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के मध्य और उत्तर भागों में लू जैसे हालात बन सकते हैं। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वहीं मई के अंतिम दिनों में केरल तक मानसून पहुंचने के बाद छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।

ऑनलाइन फार्मेसी के अवैध तौर-तरीकों के खिलाफ कल दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने दिया पूर्ण समर्थन

ऑनलाइन फार्मेसी के अवैध तौर-तरीकों के खिलाफ कल दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने दिया पूर्ण समर्थन

 रायपुर। ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनियंत्रित कारोबार और इसके कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर मंडराते गंभीर खतरे के विरोध में कल 20 मई, दिन बुधवार को प्रदेशव्यापी होलसेल और रिटेल दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है। इस सिलसिले में डिस्ट्रिक ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री विनय कृपलानी एवं कंफेडरेशन ऑफ फॉर्म डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री वासुदेव जोतवानी ने संयुक्त रूप से चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में चेम्बर पदाधिकारियों से मुलाकात कर बंद को लेकर समर्थन मांगा।

दवा बाजार के इस बड़े संकट और जनहित के इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने व्यापारियों की एकजुटता का परिचय देते हुए इस बंद को अपना पूर्ण और नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है। चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा दवाओं पर अनियंत्रित और अत्यधिक छूट दी जा रही है, जो कि व्यापारिक नियमों के खिलाफ है।

कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बाजार में नकली दवाएं धड़ल्ले से खपायी जा रही हैं। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा प्रतिबंधित और अत्यधिक संवेदनशील दवाएं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर की लिखित सलाह (पर्चे) पर ही दिया जाना कानूनी रूप से अनिवार्य है, वे भी इन ऑनलाइन साइट्स पर बिना किसी कड़े सत्यापन के धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। जिसका चेम्बर विरोध करता है तथा इसे रोकने हेतु प्रशासन से निर्देश देने की अपील करता है।

कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा अनियंत्रित छूट देना,नकली दवाएं के साथ साथ प्रतिबंधित दवाएं जो कि सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर के सलाह पर ही दी जानी चाहिए धड़ल्ले से बेची जा रही है। यह स्थिति न केवल पारंपरिक दवा व्यापारियों के रोजगार को गर्त में धकेल रही है, बल्कि युवाओं में नशे और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को बढ़ावा देकर सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। इसी गंभीर विषय को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तालाबंदी का निर्णय लिया गया है।

यही वजह है कि 20 मई को होने वाले इस प्रदेशव्यापी बंद के दौरान केवल और केवल हॉस्पिटल (अस्पतालों) के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर ही खुले रहेंगे, ताकि किसी भी मरीज को आपात स्थिति में भटकना न पड़े। इसके अलावा शहर और राज्य के सभी बाहरी व स्वतंत्र थोक और चिल्हर मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहेंगे। बैठक में उपस्थित समस्त पदाधिकारियों ने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ व्यापारियों के अस्तित्व की नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है और चेम्बर ऑफ कॉमर्स से मिला यह समर्थन इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाएगा। चेम्बर ने दवा संगठनों को आश्वस्त किया है कि इस गंभीर मुद्दे पर व्यापारियों की आवाज को प्रशासन और शासन के समक्ष बेहद पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।

इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष अमरदास खट्टर, मंत्री भारत पमनानी, पंकज जैन, लोकेश साहू, कनफेडरेशन ऑफ फार्मा डीलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष वासुदेव जोतवानी, जिला केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विनय कृपलानी, कोषाध्यक्ष नितेश जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

हिमाचल की वादियों में छत्तीसगढ़ का हुनर, यूथ फेस्टिवल 2026 में शामिल होंगे जशपुर के 20 युवा

हिमाचल की वादियों में छत्तीसगढ़ का हुनर, यूथ फेस्टिवल 2026 में शामिल होंगे जशपुर के 20 युवा

 00 बीर (हिमाचल प्रदेश) में सजेगा राष्ट्रीय मंच; ट्रेकिंग के साथ कला, संस्कृति और प्रतिभा का होगा संगम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के होनहार युवा जल्द ही हिमाचल प्रदेश की ठंडी वादियों और ऊंचे पहाड़ों के बीच अपने हुनर का जलवा बिखेरेंगे।यूथ फेस्टिवल 2026 के तहत राष्ट्रीय स्तर के एक भव्य आयोजन में भाग लेने के लिए जशपुर जिले के 20 छात्र-छात्राओं का दल रवाना हो रहा है। यह राष्ट्रीय आयोजन हिमाचल प्रदेश के श्बीरश् में 21 मई से 24 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

 

 

के 18 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के 20 युवाओं (छात्र-छात्राओं) का चयन जशपुर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस महोत्सव के लिए किया गया है। युवाओं की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए दल के साथ जिला स्तर के 02 प्रभारियों को भी भेजा गया है।

 

’पहाड़ों पर ट्रेकिंग और संस्कृति का महासंगम’
यह फेस्टिवल केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश भर के युवाओं के सपनों, कला, संस्कृति और आत्मविश्वास का एक जीवंत महोत्सव होगा। कार्यक्रम के दौरान जहाँ युवा हरे-भरे पहाड़ों पर एडवेंचर और ट्रेकिंग का अनुभव लेंगे, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस 4 दिवसीय आयोजन में गीत, संगीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएगी। भाषण प्रतियोगिताओं के साथ -साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के साथ संवाद भी होगा। जशपुर के युवा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर राज्य का नाम रोशन करेंगे। यह यात्रा छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कुछ नया सीखने, नए मित्र बनाने और भारत की विविध संस्कृति को करीब से जानने का एक बेहतरीन और यादगार अवसर साबित होगी। यह महोत्सव युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और सपनों को एक नई दिशा देगा।

RAIPUR  : लिफ्ट में फंसे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समेत 7 लोग, मचा हड़कंप, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

RAIPUR : लिफ्ट में फंसे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समेत 7 लोग, मचा हड़कंप, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

 रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर लिफ्ट में फंसने की घटना सामने आई है। रजबंधा मैदान स्थित निजी कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को अचानक लिफ्ट खराब हो गई, जिसमें भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी समेत 7 लोग अंदर लगभग 15 मिनट तक फंसे रहे। मौके पर हड़कंप मच गया। किसी तरह सुरक्षा गार्ड ने दरवाजे खुलवाकर उन्हें बाहर निकाला।भौगोलिक संदर्भ

जानकारी के अनुसार, सभी लोग लिफ्ट से ऊपर जा रहे थे तभी अचानक लिफ्ट बीच रास्ते में ही रुक गई। अंदर मौजूद लोगों ने अलार्म और फोन के जरिए मदद की कोशिश की, लेकिन तुरंत तकनीकी सहायता नहीं मिल सकी।
कुछ देर बाद कॉम्प्लेक्स के सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों ने मशक्कत कर लिफ्ट का दरवाजा खोला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
घटना के बाद भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कॉम्प्लेक्स प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस इमारत में पहले भी लिफ्ट खराब होने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिससे बुजुर्ग और महिलाएं भी प्रभावित हो चुकी हैं। उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले रायपुर के करेंसी टॉवर में भी एक लिफ्ट फंसने की घटना हुई थी, जिसमें एसीएस (असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी) ऋचा शर्मा करीब 10 मिनट तक फंसी रही थीं। उस मामले में तकनीकी खराबी की वजह सामने आई थी।
​दंतेवाड़ा प्रशासन की अनूठी पहल, उजर 100 योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

​दंतेवाड़ा प्रशासन की अनूठी पहल, उजर 100 योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

 0 एनएमडीसी मद से मिलेगी पूरी आर्थिक मदद

रायपुर। बस्तर अंचल के प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी शैक्षणिक पहल की है। जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से “उजर 100” योजना शुरू की गई है।
​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, चयन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को तय करने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया।

100 सीटों का वर्गवार निर्धारण, स्थानीय को प्राथमिकता

​योजना के तहत कुल 100 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें वर्गवार सीटें तय की गई हैं। जिसमे ​अनुसूचित जनजाति (ST) के 76,​अनुसूचित जाति (SC) के 06,​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14 और ​अनारक्षित (General) के 04 सीटें शामिल है। इसके साथ ही कुल सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेगा। योजना का लाभ केवल दंतेवाड़ा जिले के मूल निवासी छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने प्रथम प्रयास में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

5 लाख की आय सीमा, लेकिन 'सुपर टैलेंटेड' बच्चों को पूरी छूट

सामान्यतः योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन ने प्रतिभा को नियमों में नहीं बांधा है। छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) की प्रावीण्य सूची में जिले के शीर्ष 10 स्थान पाने वाले छात्रों और IIT, NIT, NEET, JEE, NDA व AIIMS जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयन पाने वाले विद्यार्थियों पर आय की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ बोर्ड के टॉप 100 या सीबीएसई के टॉप 20 छात्र, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थी, नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चे, खनन प्रभावित ग्रामों के छात्र और बीपीएल (BPL) कार्डधारी परिवारों के होनहार बच्चे इस योजना में पहली प्राथमिकता पर होंगे।

पढ़ाई से लेकर रहने-खाने का खर्च उठाएगी सरकार; सीधे खाते में आएगा पैसा

​"उजर 100" योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री (किताबें-कॉपी) का पूरा खर्च दिया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) की पूरी फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को भेजी जाएगी। वहीं, हॉस्टल और किताबों का खर्च डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
​काउंसिलिंग के लिए मिलेगी हवाई यात्रा की सुविधा
जिला प्रशासन ने मेधावियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े कदम उठाए हैं। यदि जिले का कोई छात्र IIT, NIT, AIIMS, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में चुना जाता है, तो उसे संस्थान में रिपोर्टिंग या काउंसिलिंग के लिए जाने हेतु बस, रेल या हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ड्रॉप लेकर तैयारी करने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति में कोचिंग सहायता भी मिलेगी।
​ऑफलाइन होंगे आवेदन, बनेगी वेटिंग लिस्ट
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में जमा किए जाएंगे। स्क्रूटनी, मेरिट लिस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिला स्तरीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्य सूची के साथ 50 विद्यार्थियों की एक प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी बनाई जाएगी, ताकि कोई सीट खाली रहने पर दूसरे हकदार को मौका मिल सके। ​"उजर 100" योजना दंतेवाड़ा के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आर्थिक तंगी के कारण अब किसी भी होनहार का सपना नहीं टूटेगा। यहाँ के बच्चे अब राष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

बस्तर में विकास का आधार बनेगी खेती,उद्योगपतियों को बसाने के भ्रम फैला रहा विपक्ष - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर में विकास का आधार बनेगी खेती,उद्योगपतियों को बसाने के भ्रम फैला रहा विपक्ष - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 80 हजार एकड़ में सिंचाई क्षमता बढ़ाने दो बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत : कृषि आधारित समृद्धि की दिशा में बढ़ रहा बस्तर

रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के विकास को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और दुष्प्रचार पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कहना पूरी तरह असत्य है कि नक्सलवाद की समाप्ति केवल उद्योगपतियों को बसाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का उद्देश्य यहां के स्थानीय लोगों का जीवन बेहतर बनाना, युवाओं को अवसर देना तथा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है।

 

 
 
 

जगदलपुर स्थित बादल अकादमी में आयोजित उजर बस्तर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की उपस्थिति तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के बीच वे स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि विपक्ष का यह नैरेटिव तथ्यों से परे और भ्रामक है।

 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर की मिट्टी अत्यंत उर्वर और कृषि संभावनाओं से भरपूर है तथा यहां के लोग मेहनतकश और कर्मशील हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता बस्तर में कृषि और उससे जुड़े आजीविका अवसरों को सशक्त बनाना है, ताकि स्थानीय परिवारों की आय में वृद्धि हो और क्षेत्र आर्थिक रूप से मजबूत बने। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर की पहचान को खेती, उद्यानिकी, वनोपज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच के तहत क्षेत्र में दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं मटनार और देउरगांव को स्वीकृति दी गई है, जिनमें लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इन परियोजनाओं से करीब 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों को वर्षभर खेती, उत्पादन बढ़ाने और आय सृजन के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बस्तर का रास्ता खेती, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय लोगों की भागीदारी से होकर गुजरता है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर अब भय, हिंसा और अविश्वास की पहचान से निकलकर विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता है कि यहां का विकास स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर किया जाए, ताकि बस्तर का हर परिवार शांति, समृद्धि और सम्मानपूर्ण जीवन की नई यात्रा का सहभागी बन सके।

सुशासन तिहार 2026 : समाधान शिविर बना दिव्यांग तुलेश्वरी के लिए सहारा, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

सुशासन तिहार 2026 : समाधान शिविर बना दिव्यांग तुलेश्वरी के लिए सहारा, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

 रायपुर: विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया।

अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।

इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी।

उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

सुशासन तिहार से जीवन में नई उम्मीद जगी…..

सुशासन तिहार से जीवन में नई उम्मीद जगी…..

 रायपुर: सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, राजनांदगांव जिले के ग्राम कोटराभाठा की दिव्यांग मथुरा साहू के जीवन में नई खुशियां लेकर आया। शिविर में उन्हें निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। मथुरा साहू ने बताया कि पहले वे ज्यादातर समय घर पर ही रहती थीं और आने-जाने के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर थीं। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे खुद बाजार जाकर जरूरी सामान ला सकेंगी।

अपने रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरो पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। मथुरा साहू ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, लर्निंग लाइसेंस और राजस्व प्रकरणों जैसी समस्याओं का समाधान होने से लोगों में शासन की योजनाओं के प्रति भरोसा बढ़ा है।

सुशासन तिहार-2026: साल्हेकला समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उठाया लाभ

सुशासन तिहार-2026: साल्हेकला समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उठाया लाभ

 ​रायपुर: सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत खैरागढ़- छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान की ग्राम पंचायत साल्हेकला में आयोजित जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविर जनभागीदारी और जनविश्वास का सशक्त केंद्र बनकर उभरा। शिविर में साल्हेकला क्लस्टर अंतर्गत 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी मांगों, समस्याओं एवं शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा।

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका ताम्रकार ने अपने संबोधन में कहा कि समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधा का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि लोगों की समस्याओं का निराकरण गांव स्तर पर ही हो तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सरलता एवं पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

शिविर में कुल 985 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 961 मांगों एवं 24 शिकायतों से संबंधित आवेदन शामिल रहे। विभिन्न विभागों द्वारा 55 हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की, जबकि शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी ली गई। ग्रामीणों ने समाधान शिविर को प्रशासन और आमजन के बीच मजबूत संवाद का माध्यम बताते हुए इसकी सराहना की।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष  विक्रांत सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुशासन तिहार शासन और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

योजनाओं की जानकारी और लाभ वितरण

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा कुल 55 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 10 हितग्राहियों को सांकेतिक चाबी वितरित की गई तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 2 स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4 हितग्राहियों को नोनी सुरक्षा योजना का लाभ, 5 हितग्राहियों को सुपोषण किट तथा 5 किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट वितरित किए गए। शिक्षा विभाग द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त 9 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

शिविर में ग्राम पंचायत दनिया, दान, जोम, सूराडबरी, बुंदेली, मैन्हर, खैरी, कुटेलीखुर्द, कोटरा, आमाघाटकादा, खपरीदरबार, पद्मावतीपुर, उदयपुर, बोरई, कुटेलीकला एवं साल्हेकला के ग्रामीण शामिल हुए। दूरस्थ गांवों से पहुंचे लोगों ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा विभागीय स्टॉलों में आवेदन प्रस्तुत किए।

जहां कभी डर था, वहां अब विकास की नई पहचान, पुवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव

जहां कभी डर था, वहां अब विकास की नई पहचान, पुवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव

 00 प्रगणक जवाराम को कलेक्टर ने किया सम्मानित

रायपुर। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला यह गांव अब प्रशासन और जनता के मजबूत विश्वास का प्रतीक बन गया है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड का ग्राम पुवर्ती अब बदलाव और विकास की नई मिसाल बनकर सामने आया है। जनगणना कार्य के प्रथम चरण में पुवर्ती सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बना, जहां सबसे पहले जनगणना कार्य पूरा किया गया। इस उपलब्धि पर कलेक्टर  अमित कुमार ने कलेक्टर कक्ष में प्रगणक एवं सहायक शिक्षक जवाराम पटेल को सम्मानित किया।  पटेल ने मात्र तीन दिनों में गांव का जनगणना कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
जवाराम पटेल ने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में लगभग 950 से अधिक आबादी और 234 मकान शामिल थे। गांव में 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल संचालित है। जनगणना के दौरान स्थानीय गोंडी भाषा समझने में कठिनाई आई, लेकिन उन्होंने इसे चुनौती नहीं बल्कि सेवा का अवसर मानते हुए कार्य जारी रखा। उन्होंने स्थानीय शिक्षकों के सहयोग से गांव की सामाजिक व्यवस्था को समझा और हर परिवार तक पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा किया। सीमित संसाधनों और भाषा संबंधी कठिनाइयों के बावजूद उनकी मेहनत और समर्पण से कार्य समय पर पूर्ण हो सका।

कलेक्टर ने कहा कि  जवाराम पटेल का समर्पण, साहस और जिम्मेदारी के प्रति निष्ठा अन्य जनगणना कर्मियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पुवर्ती में जनगणना कार्य का सफलतापूर्वक पूरा होना इस बात का संकेत है कि अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी शासन की योजनाएं प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं और लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जगरगुण्डा ग्रामीण  योपेंद्र पात्रे भी उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार में पीतांबर सिंह का सपना हुआ साकार, मिला पक्के मकान की चाबी

सुशासन तिहार में पीतांबर सिंह का सपना हुआ साकार, मिला पक्के मकान की चाबी

  00 प्रधानमंत्री आवास योजना से चार बच्चों के परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 आम नागरिकों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी निवासी  पीतांबर सिंह के लिए यह अभियान जीवन की बड़ी सौगात लेकर आया। जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के मकान की चाबी सौंपी गई।

चाबी प्राप्त करते ही भावुक हुए पीतांबर सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका अपना पक्का मकान होगा। अब उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल गया है, जिससे उनके बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
कच्चे मकान की परेशानी से मिली राहत
 पीतांबर सिंह ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहा था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, जिससे रहने में काफी कठिनाई होती थी। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें दो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पक्का मकान बनने से अब बच्चों की पढ़ाई और परिवार के जीवनयापन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी
उन्होंने कहा कि सीमित आय के कारण स्वयं पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनका वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। सुशासन तिहार के दौरान मकान की चाबी मिलने से उनकी खुशी और बढ़ गई।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
 पीतांबर सिंह ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से गरीब परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को गांव में ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। पीतांबर सिंह जैसे हजारों परिवारों के चेहरे पर आई मुस्कान राज्य सरकार के अंत्योदय और सुशासन के संकल्प को साकार कर रही है।

कल घरजियाबथान और कुसुमताल में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर

कल घरजियाबथान और कुसुमताल में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन निरंतर जारी है। इस अभियान के माध्यम से शासन और प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और मांगों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है।

इसी क्रम में 20 मई 2026 को जशपुर जिले के पत्थलगांव जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम घरजियाबथान तथा कांसाबेल जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम कुसुमताल में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आसपास के ग्रामीण अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। घरजियाबथान शिविर में खरकट्टा, खारढोढ़ी, घरजियाबथान, चंदागढ़, चंदरपुर, डुमरबहार, तमता, तिरसोंठ, सुरजगढ़, शेखरपुर, रघुनाथपुर, बिलडेगी, बटुराबहार, बनगांव-बी, बालाझर, कुड़केलखजरी एवं पंडरीपानी के ग्रामीण शामिल होंगे।

इसी प्रकार कुसुमताल शिविर में नकबार, बटईकेला, साजापानी, चिडोरा, कुसुमताल, खुटेरा, खारपानी, सागीभावना, कोडलिया, डांडपानी, सिहारबुड़, लमडांड, पोंगरो एवं कांसाबेल के ग्रामीण अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र मामलों का मौके पर निराकरण किया जाएगा तथा शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा।

कलेक्टर  रोहित व्यास ने सभी विभागीय अधिकारियों को शिविरों के सुचारू संचालन और प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत करें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को नहीं मिली राहत: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को नहीं मिली राहत: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

 बलौदा बाजार: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। छ्त्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बलौदा बाजार आगजनी कांड में गिरफ्तार होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को बलौदा बाजार कोतवाली पुलिस ने बलौदा बाजार आगजनी कांड में संलिप्तता पाये जाने के बाद अलग-अलग मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अमित बघेल ने जमानत याचिका लगाई थी। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब हाईकोर्ट से भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।

कब, क्यों और कैसे हुआ बलौदा बाजार अग्नीकांड ?

15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे, जिसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की। वहीं 10 जून को जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया। जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसक घटना में सरकारी संपत्तियों को 12.53 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा था। मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 43 मामलों में 187 लोगों को गिरफ्तार किया था।

CG – तेज रफ्तार का कहर, अलग-अलग सड़क हादसों ने 4 लोगों की ली जान

CG – तेज रफ्तार का कहर, अलग-अलग सड़क हादसों ने 4 लोगों की ली जान

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गयी। वहीं तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पहली घटना बालको थाना क्षेत्र में हुई, जहां पिकनिक से लौट रहे युवकों से भरी ऑटो पलट गई। दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र की है, जहां बाइक सवार दो युवकों को अज्ञात वाहन ने चपेट में लेकर टक्कर मार दी।

जानकारी के मुताबिक पहली घटना बालको थाना क्षेत्र के ग्राम अजगरबहार के पास घटित हुई। बताया जा रहा है कि 10 युवक झोराघाट से पिकनिक मनाकर एक ऑटो में वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान सोनू यादव और सत्यम यादव के रूप में हुई है। दुर्घटना में कई अन्य युवक घायल हुए, जिन्हें स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्च्युरी में भेज दिया है। दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग की है। यहां अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। इस हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रकाश और बबलू के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।