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प्रधानमंत्री मोदी–जॉर्जिया मेलोनी की अहम मुलाकात: भारत–इटली रणनीतिक साझेदारी को नई गति

प्रधानमंत्री मोदी–जॉर्जिया मेलोनी की अहम मुलाकात: भारत–इटली रणनीतिक साझेदारी को नई गति

 नई दिल्ली। G20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही। दोनों नेताओं ने भविष्य के लिए मजबूत सहयोग का संकल्प दोहराया।

बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। भारत–इटली स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप लगातार मज़बूत हो रही है, जिससे हमारे दोनों देशों के लोगों को बहुत फायदा हो रहा है।”

वहीं जॉर्जिया मेलोनी ने भी बातचीत को अत्यंत रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि “G20 के मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक दोस्ताना और सकारात्मक बातचीत हुई। आने वाले सालों में इटली और भारत के बीच पार्टनरशिप को और मज़बूत करने की साझा प्रतिबद्धता जताई गई।”

 
Chief Justice Surya Kant : भारत के 53वें चीफ जस्टिस बने सूर्यकांत, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

Chief Justice Surya Kant : भारत के 53वें चीफ जस्टिस बने सूर्यकांत, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

 Chief Justice Surya Kant: भारत के 53वें चीफ जस्टिस के रूप में आज सूर्यकांत ने शपथ ले ली है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सीजेआई पद की  शपथ दिलाई. इस दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूद रहें.

Chief Justice Surya Kant आपको बता दें जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई का सीजेआई के तौर पर कार्यकाल 23 नवंबर, 2025 को समाप्त हो गया. वह साढ़े छह महीनों के लिए इस पद पर रहे. जस्टिस सूर्यकांत का सीजेआई के तौर पर कार्यकाल करीब डेढ़ साल का होगा. वह 9 फरवरी, 2027 को रिटायर होंगे. इस समय वह 63 साल के हैं.

 
 
बड़ी खबरः आज रिटायर होंगे चीफ जस्टिस बीआर गवई! कल 53वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे न्यायमूर्ति सूर्यकांत

बड़ी खबरः आज रिटायर होंगे चीफ जस्टिस बीआर गवई! कल 53वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे न्यायमूर्ति सूर्यकांत

 नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई आज रिटायर हो रहे हैं। कल सोमवार, 24 नवंबर को न्यायमूर्ति सूर्यकांत देश के 53वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में भूटान, मॉरीशस, ब्राजील समेत दुनिया के सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होंगे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत का शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक होने वाला है। क्योंकि यह ऐसा पहला मौका है, जब किसी सीजेआई के शपथ ग्रहण में इतनी बड़ी संख्या में दूसरे देशों के न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी होगी। इससे पहले सीजेआई बीआर गवई का अंतिम कार्यदिवस शुक्रवार को भावुक पलों के बीच पूरा हुआ। गवई ने कहा कि वह चार दशक लंबे अपने न्यायिक सफर के अंत में स्वयं को न्याय का विद्यार्थी समझते हुए इस संस्था से विदा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी की भावनाएं सुनकर मेरी आवाज रुक सी गई। मैं जब इस अदालत कक्ष से आखिरी बार बाहर जाऊंगा, तो इसी संतोष के साथ जाऊंगा कि मैंने देश के लिए जो कर सकता था, वह किया। उन्होंने अपनी 40 साल की यात्रा वकील से लेकर हाईकोर्ट जज, सुप्रीम कोर्ट जज और अंततः सीजेआई बनने को बेहद संतोषजनक बताया।

भीषण सड़क हादसाः अनियंत्रित होकर नदी में गिरी कार, शादी में जा रहे 3 शिक्षकों की दर्दनाक मौत

भीषण सड़क हादसाः अनियंत्रित होकर नदी में गिरी कार, शादी में जा रहे 3 शिक्षकों की दर्दनाक मौत

 उत्तराखंड :-  जनपद नैनीताल में अल्मोडा मार्ग पर कैंची धाम के निकट शनिवार देर शाम एक वाहन के अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी में जा गिरने से उसमें सवार तीन व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक बुरी तरह घायल हो गया। ये सभी चारों लोग शिक्षक थे और अल्मोडा से हल्द्वानी एक बारात में शामिल होने जा रहे थे। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। 

एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने बताया कि पुलिस चौकी खैरना से कैंची धाम के समीप एक महिंद्रा एक्सयूवी 500 वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पोस्ट खैरना से निरीक्षक राजेश जोशी के नेतृत्व में बचाव दल तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया गया। इस दल को मौके पर पहुंच कर पता लगा कि अल्मोड़ा से हल्द्वानी जा रही एक बरात की गाड़ी रतिघाट नामक स्थल पर लगभग 60 मीटर गहरी खाई में गिर गई है। 

उन्होंने बताया कि कठोर भू-भाग, गहरी खाई, रात्रि का अंधकार एवं प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ टीम ने पूरी तत्परता से बचाव कार्य चलाया। इस दौरान एक घायल व्यक्ति मनोज कुमार को गहरी खाई से सुरक्षित निकालकर नजदीकी खैरना अस्पताल भेजा गया। जबकि तीन लोगों के शवों को खाई से निकालकर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। 

यदुवंशी ने बताया कि मृतकों की पहचान संजय बिष्ट, सुरेंद्र भंडारी और पुष्कर भैसोड़ा (सभी अल्मोड़ा निवासी) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि ये सभी शिक्षक थे, और वे अल्मोड़ा से हल्द्वानी एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। 

तेजस क्रैश: आज कांगड़ा पहुंचेगा शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

तेजस क्रैश: आज कांगड़ा पहुंचेगा शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

 दुबई - दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के बहादुर पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर आज (रविवार, 23 नवंबर) उनके पैतृक गांव पटियालकड़, कांगड़ा लाया जाएगा। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं।

दुबई से कांगड़ा तक पार्थिव देह का सफर

सूत्रों के मुताबिक— शनिवार रात नमांश स्याल का पार्थिव शरीर दुबई से भारत लाया गया। सबसे पहले पार्थिव देह कोयम्बटूर एयरबेस पहुंची, जहां वायुसेना अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आज दोपहर करीब 2 बजे कांगड़ा एयरपोर्ट पर विशेष विमान से उनकी पार्थिव देह पहुंचेगी। इसके बाद सेना और प्रशासन के वाहन जुलूस के साथ बॉडी को पटियालकड़ गांव ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा—गन सलामी, तिरंगे में लिपटा शव और वायुसेना अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा सैन्य सम्मान दिया जाएगा।

कैसे हुआ हादसा?

शुक्रवार, 21 नवंबर को दुबई एयर शो 2025 में तेजस LCA Mk-1 का विशेष एरोबेटिक डेमोंस्ट्रेशन हो रहा था। विंग कमांडर नमांश स्याल खुद इस उड़ान का संचालन कर रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद विमान अचानक नीचे आया और जमीन से टकराकर विस्फोट हो गया। हादसे के तुरंत बाद दुबई अधिकारियों और IAF की टीम ने जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि IAF की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ही करेगी। यह तेजस का दुबई में पहला बड़ा हादसा था, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी समीक्षा की जा रही है।

गांव में पसरा मातम, हर आंख नम

कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र में नमांश के गांव में शोक का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग इस खबर से सदमे में हैं। नमांश के चाचा जोगिंदर स्याल ने बताया— “हमें हादसे की सूचना शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे मिली। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि नमांश हम सबको यूं छोड़कर चला गया।”

कौन थे शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल?

हिमाचल प्रदेश के नगरोटा बगवां के रहने वाले विंग कमांडर स्याल अपने डिसिप्लिन और शानदार सर्विस रिकॉर्ड के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सैनिक स्कूल, सुजानपुर टीरा से पढ़ाई की। उनके परिवार में उनके माता-पिता, उनकी पत्नी जो इंडियन एयर फोर्स ऑफिसर हैं और उनकी छह साल की बेटी हैं।

पायलट नमांश स्याल के पिता जगन नाथ एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर थे और बाद में हिमाचल प्रदेश एजुकेशन डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल बने। उनकी मां बीना देवी इस हादसे के समय हैदराबाद में थी। स्याल परिवार का घर कई दिनों से बंद था।

नमांश स्याल ने सिर्फ 16 साल की उम्र में पायलट बनने का सपना देखा था और NDA तथा वायुसेना अकादमी से प्रशिक्षण लेकर वे देश के सबसे कुशल तेजस पायलटों में गिने जाते थे।

वे तेजस की कई अंतरराष्ट्रीय डेमो उड़ानों का हिस्सा रह चुके थे और IAF में उनकी गिनती बेहद शांत, प्रोफेशनल और साहसी पायलटों में होती थी।

हिमाचल में शोक, मुख्यमंत्री का बयान

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा— “देश ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और जांबाज़ पायलट खो दिया है। नमांश स्याल की शहादत को पूरा देश सलाम करता है।” राज्य सरकार ने परिवार को हर संभव सहायता और सम्मान देने की घोषणा की है।

 
कांग्रेस में बड़ा फेरबदल: 45 जिलों के नए अध्यक्षों की सूची जारी, यहाँ देखिए पूरी सूची

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल: 45 जिलों के नए अध्यक्षों की सूची जारी, यहाँ देखिए पूरी सूची

 नई दिल्ली।ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राजस्थान में जिला कांग्रेस कमेटियों के लिए नए अध्यक्षों की नियुक्ति का बड़ा फैसला लेते हुए 45 जिलों की पूरी सूची जारी कर दी है। कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इन सभी नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है और ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।

यह पूरा बदलाव ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत किया गया है। AICC द्वारा विभिन्न जिलों में भेजे गए ऑब्ज़र्वरों ने विस्तृत समीक्षा की, कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं से बातचीत की और फिर अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी। इन रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने के लिए किया है।

यहाँ देखिए पूरी सूची

 
तेलंगाना डीजीपी के समक्ष 37 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

तेलंगाना डीजीपी के समक्ष 37 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

  तेलंगाना - तेलंगाना में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। आज डीजीपी शिवधर के समक्ष कुल 37 माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण किया।

  3 सीसीएम सदस्य भी शामिल

डीजीपी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी (CCM) के 3 महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं-

•कोय्याल साम्ब्य्या उर्फ़ आज़ाद

•अप्पासी नारायण उर्फ़ रमेश

•मुचाकी सोमड़ा

तीनों पर तेलंगाना सरकार ने 20-20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इनमें से दो सदस्य आंध्र–तेलंगाना के हैं और एक छत्तीसगढ़ निवासी है।

 पुनर्वास के तहत आर्थिक सहायता

डीजीपी शिवधर ने बताया कि आज समर्पण करने वाले सभी 37 नक्सलियों को मौके पर करीब ₹1,41,0000 (चौदह लाख दस हजार रुपए) की राशि प्रदान की जाएगी तथा राज्य सरकार की पुनर्वास योजना के तहत अन्य सभी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह आत्मसमर्पण कदम नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

हिड़मा की मौत के बाद कमजोर हुआ नक्सल संगठन, आज एक साथ 37 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण

हिड़मा की मौत के बाद कमजोर हुआ नक्सल संगठन, आज एक साथ 37 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण

 हैदराबाद। हिड़मा की मौत के बाद नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। आज हैदराबाद में 37 नक्सलियों ने तेलंगाना के डीजीपी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हैं। दोपहर 3 बजे तेलंगाना के डीजीपी प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा करेंगे।

बता दें कि, इनमें नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी के सदस्य आज़ाद उर्फ़ अप्पासी नारायण और हिड़मा का सहयोगी एर्रा भी शामिल है। एर्रा लंबे समय से नक्सलियों के बटालियन नंबर 01 में हिड़मा के साथ सक्रिय था।

दरअसल, बीते 18 नवंबर को सुरक्षाबलों ने एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा, उसकी पत्नी राजे सहित 6 नक्सलियों को मार गिराया था। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है। हिड़मा कई बड़े हमलों का मास्टर माइंड रहा है।

भीषण सड़क हादसा : कार ने दोपहिया वाहनों को मारी टक्कर, फिर फ्लाईओवर पर पलटी, 4 की मौत, 3 घायल

भीषण सड़क हादसा : कार ने दोपहिया वाहनों को मारी टक्कर, फिर फ्लाईओवर पर पलटी, 4 की मौत, 3 घायल

 महाराष्ट्र :- महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ कस्बे में शुक्रवार को एक कार कुछ दोपहिया वाहनों को टक्कर मारने के बाद फ्लाईओवर पर पलट गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना शाम करीब 7:15 बजे शहर के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने वाले फ्लाईओवर पर हुई। पुलिस ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि दोपहिया वाहन पर सवार एक व्यक्ति फ्लाईओवर के नीचे सड़क पर गिर गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "कार चालक ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया और चार-पांच दोपहिया वाहनों से टकरा गया।" 

अंबरनाथ के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शैलेश काले ने बताया, "दुर्घटना में कार चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई।" मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में तीन अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। 

Fighter plane crash : दुबई एयर शो के दौरान बड़ा हादसा, भारतीय HAL तेजस फाइटर प्लेन क्रैश

Fighter plane crash : दुबई एयर शो के दौरान बड़ा हादसा, भारतीय HAL तेजस फाइटर प्लेन क्रैश

 दुबई :-  एयर शो 2025 के अंतिम दिन शुक्रवार दोपहर को HAL तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी अचानक नियंत्रण खो बैठा और जमीन की ओर गिरा। घटना के समय काले धुएं का गुबार उठते देखा गया। अभी तक पायलट के सुरक्षित निकलने या ईजेक्शन सीट इस्तेमाल करने की पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय वायुसेना की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

तेजस 4.5 पीढ़ी का हल्का और बहु-भूमिका वाला लड़ाकू विमान है। इसमें ज़ीरो-ज़ीरो ईजेक्शन सीट लगी है, जो पायलट को शून्य ऊंचाई और गति पर भी सुरक्षित बाहर निकलने में मदद करती है। यह दो साल में तेजस का दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में भी तेजस विमान गिरा था, उस बार पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया था। दुबई एयर शो विश्व के सबसे बड़े विमान प्रदर्शनों में से एक है। इस साल शो में कई बड़े विमान ऑर्डर भी हुए हैं। हादसे के बाद अंतिम दिन का माहौल तनावपूर्ण बन गया।

लोन लेने वाले की मौत के बाद कौन चुकाता है EMI? : जानें क्या है इसके नियम

लोन लेने वाले की मौत के बाद कौन चुकाता है EMI? : जानें क्या है इसके नियम

 जीवन में कभी न कभी हम किसी न किसी काम के लिए लोन लेते हैं। यह हो सकता है कार, घर या छोटी-मोटी जरूरतों के लिए पर्सनल लोन। कुछ लोग रोजाना के खर्चों के लिए क्रेडिट कार्ड पर भी निर्भर रहते हैं, जो कि कर्ज का ही एक छोटा स्वरूप है। लेकिन सवाल उठता है कि अगर लोन लेने वाले की मृत्यु हो जाए, तो बकाया लोन का क्या होगा और बैंक किससे वसूल करेगा?

बैंक किससे वसूलता है लोन
अगर किसी लोन में कोई को-एप्लीकेंट है, तो लोन लेने वाले की मृत्यु के बाद को-एप्लीकेंट बकाया कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार होता है। होम लोन और कार लोन में यह आम है। को-एप्लीकेंट को लोन एग्रीमेंट के अनुसार EMI जारी रखनी होगी। यदि को-एप्लीकेंट भुगतान नहीं कर सकता, तो बैंक गारंटर से पूछता है। गारंटर भी भुगतान न कर सके, तो कानूनी तौर पर बैंक बची हुई राशि वसूलने के लिए संपत्ति का ऑक्शन कर सकता है। सिक्योर्ड लोन में यह प्रक्रिया आम है क्योंकि इसमें एसेट कोलैटरल होता है।

पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड की स्थिति
पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड को अनसिक्योर्ड लोन कहा जाता है क्योंकि इसमें कोई कोलैटरल नहीं होता। अगर कर्ज कवर नहीं होता है, तो इसे NPA (Non-Performing Asset) के रूप में दर्ज किया जा सकता है। ऐसे लोन के मामले में बैंक कानूनी वारिस या परिवार के जीवित सदस्य से ही रकम वसूल सकता है। सिक्योर्ड लोन की तरह संपत्ति जब्त या नीलाम नहीं की जा सकती।

परिवार को कर्ज के बोझ से बचाने के उपाय
कई बैंक लोन इंश्योरेंस की सुविधा भी देते हैं। यदि लोन लेने वाले की मृत्यु हो जाती है, तो इंश्योरेंस कंपनी बकाया राशि चुका देती है। इसका फायदा यह होता है कि परिवार पर कर्ज का बोझ नहीं आता। इसके अलावा, टर्म इंश्योरेंस भी मददगार हो सकता है।

हैवानियत की हदें पार : 8 साल की मासूम को मजदूर ने बनाया हवस का शिकार, पुलिस ने किया गिरफ्तार

हैवानियत की हदें पार : 8 साल की मासूम को मजदूर ने बनाया हवस का शिकार, पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली :- बाहरी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में 31 वर्षीय एक व्यक्ति को आठ साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बच्ची खेलते समय उसके कमरे में घुस गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि लड़की ने हमले का विरोध किया और आरोपी के बाल खींचकर खुद को छुड़ाने में कामयाब रही। इसके बाद वह भागकर अपनी मां को सूचना देने पहुंची, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। घटना के संबंध में 18 नवंबर को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई।

एक पुलिस टीम भेजी गई, लेकिन पहुंचने पर अधिकारियों ने पाया कि स्थानीय लोग पीड़िता और आरोपी दोनों को पहले ही थाने ले आए थे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नागर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि वह अविवाहित है और समयपुर इलाके में एक स्टील फैक्टरी में मजदूर के रूप में काम करता है। 

प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है।

 
नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा...जानिए किन्हें, क्या मिला ?

नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा...जानिए किन्हें, क्या मिला ?

पटना : बिहार में नीतीश कुमार सरकार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है. अभी तक गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे सीएम नीतीश ने गृह विभाग अब बीजेपी के हवाले कर दिया है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अब राज्य के नए गृह मंत्री होंगे. विजय कुमार सिन्हा को भूमि और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मंगल पांडे को फिर से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

दिलीप जायसवाल को उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. इसके अलावा लोजपा (आर) को गन्ना उद्योग विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सौंपा गया है. हम पार्टी को लघु जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. आरएलएम को पंचायती राज विभाग दिया गया है.

नीतीश सरकार में किसे मिला कौन सा विभाग?

भारतीय जनता पार्टी

सम्राट चौधरी                        गृह विभाग

विजय कुमार सिन्हा               भूमि एवं राजस्व विभाग, खान एवं भू-तत्व विभाग

मंगल पांडेय                        स्वास्थ्य विभाग, विधि विभाग

दिलीप जायसवाल                   उद्योग विभाग

नितिन नबीन                      पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग

रामकृपाल यादव                 कृषि विभाग

संजय टाइगर                      श्रम संसाधन विभाग

अरुण शंकर प्रसाद                      पर्यटन विभाग,  कला- संस्कृति एवं युवा विभाग

सुरेन्द्र मेहता                             पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग

नारायण प्रसाद                        आपदा प्रबंधन विभाग

रमा निषाद                               पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

लक्ष्मण पासवान                    अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग

श्रेयसी सिंह                      सूचना प्रौद्योगिकी विभाग,  खेल विभाग

प्रमोद चन्द्रवंशी                   सहकारिता विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग

LJP (R)

गन्ना उद्योग विभाग
लोक स्वास्थ्य अभियांत्रण विभाग

HAM

लघु जल संसाधन विभाग

RLM

पंचायती राज विभाग

बिहार चुनाव में बीजेपी ने जीती हैं जेडीयू से ज्यादा सीटें

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि जेडीयू ने 85 सीटें जीतीं. लोजपा (रामविलास) को 19 सीटें मिलीं और अन्य सहयोगी दलों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. ज्यादा सीटें जीतने के बाद से ही बीजेपी की नजर गृह विभाग से थी. अंदरखाने ये बात सामने आ रही थी कि बीजेपी गृह विभाग से नीचे मानने वाली नहीं है. आखिरकार गृह विभाग बीजेपी के पाले में आ ही गया. सम्राट चौधरी राज्य के नए गृह मंत्री बनाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग भी बीजेपी के पाले में आ गया है.

बड़ा सड़क हादसाः 400 फीट गहरी खाई में गिरी कार, 6 की दर्दनाक मौत...पिकनिक मनाने निकले थे सभी

बड़ा सड़क हादसाः 400 फीट गहरी खाई में गिरी कार, 6 की दर्दनाक मौत...पिकनिक मनाने निकले थे सभी

 मुंबईः महाराष्ट्र के रायगड जिले में पिकनिक मनाने निकले छह युवकों की उस वक्त मौत हो गई जब उनकी एसयूवी तम्हिनी घाट पर 400 फुट गहरी खाई में गिर गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। 

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना मंगलवार तड़के हुई थी लेकिन पुलिस को इसकी सूचना बृहस्पतिवार सुबह मिली। उन्होंने कहा कि ड्रोन कैमरे की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त वाहन का पता लगाया गया। मृतकों की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच थी। वे सोमवार देर शाम एक थार एसयूवी में पुणे से रवाना हुए थे। 

अधिकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह से संपर्क न हो पाने पर कुछ युवकों के माता-पिता ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने बताया कि युवकों के मोबाइल फोन की लोकेशन तम्हिनी घाट पर मिली और मानगांव थाने के कर्मियों ने बृहस्पतिवार सुबह खोज अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सड़क पर एक मोड़ पर सुरक्षा रेलिंग टूटी हुई देखी जिसके बाद एक ड्रोन की मदद से पता चला कि एक एसयूवी घाटी में एक पेड़ से अटकी हुई थी। 

अधिकारी ने कहा कि कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है लेकिन संदेह है कि वाहन चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि रायगड पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवियों ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद शव बरामद किए। अधिकारी ने बताया कि सभी मृतकों की पहचान हो गई है। अधिकारी ने बताया कि शव सरकारी अस्पताल भिजवा दिए गए हैं और पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। 

कूनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी, ‘मुखी’ ने 5 शावकों को दिया जन्म; बढ़ा चीतों का कुनबा

कूनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी, ‘मुखी’ ने 5 शावकों को दिया जन्म; बढ़ा चीतों का कुनबा

 मध्यप्रदेश  :- भारत में जन्मी चीता मुखी ने मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को इसे ‘प्रोजेक्ट चीता' में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। 

यादव ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में जन्मी चीता मुखी ने मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया है, जिससे एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि मां और शावक स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत की चीता पुनरुद्धार पहल के लिए एक अभूतपूर्व सफलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में जन्मी पहली मादा चीता मुखी अब प्रजनन करने वाली भारत में जन्मी पहली चीता बन गई है जिसने 33 महीने की उम्र में शावकों को जन्म दिया। 

यादव ने कहा कि भारत में जन्मे चीते का सफल प्रजनन, भारतीय वातावरण में इस प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और लंबे समय की संभावनाओं का एक मज़बूत संकेत है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम भारत में एक आत्मनिर्भर और अनुवांशिक रुप से विविध चीता आबादी के बारे में उम्मीद को मज़बूत करता है, जिससे देश के संरक्षण लक्ष्यों को और बढ़ावा मिलेगा। 

देश में विलुप्त होने के कई दशक बाद, 17 सितंबर, 2022 को चीतों को भारत में फिर से लाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तब नामीबिया से लाए गए आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा था, जो चीतों का पहला अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण था। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कुनो में शावकों के जन्म को एक ‘महत्वपूर्ण उपलब्धि' करार दिया और कहा यह भारतीय माहौल में चीते के ‘अनुकूल, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक व्यवहार्यता के मजबूत संकेत' दिखाता है। 

उन्होंने एक बयान में कहा, “यह भारत में आत्मनिर्भर और आनुवंशिक रूप से विविध चीतों की आबादी को बढ़ाने की उम्मीदों को मजबूती प्रदान करता है।” यादव ने यह भी कहा कि यह हाल के इतिहास में भारत में जन्मे चीते के सफलतापूर्वक शावकों को जन्म देने का पहला ज्ञात मामला है। मंत्री ने कहा कि इन शावकों के जन्म से देश की संरक्षण रणनीति में भरोसा मजबूत होता है।

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर! अब एक ही फोन में चलेंगे कई अकाउंट, जानें कैसे

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर! अब एक ही फोन में चलेंगे कई अकाउंट, जानें कैसे

 अगर आप WhatsApp यूजर हैं, तो यह अपडेट आपके चैटिंग अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। सालों से जिस फीचर का इंतजार किया जा रहा था—वह आखिरकार टेस्टिंग में पहुंच चुका है। अब एक ही फोन में कई WhatsApp अकाउंट चलाना संभव होगा, वो भी बिना लॉगइन–लॉगआउट की झंझट के।

iOS बीटा में दिखाई दिया नया “Switch Accounts” फीचर

iOS 25.19.20.74 बीटा अपडेट में कुछ चुनिंदा टेस्टर्स के लिए WhatsApp सेटिंग्स में नया विकल्प दिखा है- “Switch Accounts”। यह नया सेक्शन सभी लिंक्ड अकाउंट्स को एक ही स्क्रीन पर दिखाता है, जहां से यूजर एक टैप में दूसरे अकाउंट में स्विच कर सकता है। यह पहली बार है जब WhatsApp ने मल्टी-अकाउंट को नेटिव सपोर्ट दिया है। इससे पहले यह सुविधा सिर्फ बिजनेस ऐप में सीमित थी।

यूजर्स के लिए क्यों है यह फीचर गेम-चेंजर

भारत जैसे देशों में लोग अक्सर एक ही फोन पर दो WhatsApp अकाउंट चलाते हैं-

  • एक पर्सनल चैट के लिए
  • दूसरा ऑफिस या दोस्तों के ग्रुप के लिए
  • कुछ यूजर्स परिवार के साथ फोन शेयर करते हैं

अलग-अलग जरूरतों के कारण मल्टी-अकाउंट सपोर्ट लंबे समय से सबसे ज्यादा डिमांड वाला फीचर था।

Android यूजर्स को कब मिलेगा यह फीचर?

अभी यह फीचर सिर्फ iOS बीटा में दिखाई दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि सफल टेस्टिंग के बाद यह Android बीटा में भी पहुंच सकता है। WhatsApp की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, इसलिए पब्लिक रोलआउट में थोड़ा समय लग सकता है। फिलहाल यह फीचर शुरुआती और बहुत सीमित टेस्टिंग फेज में है। एक बात साफ है- यह अपडेट अगर सभी यूजर्स तक पहुंचता है, तो WhatsApp का इस्तेमाल करने का तरीका हमेशा के लिए बदल सकता है।

ईडी का हड़कंप! इन 40 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, सामने आए कई छिपे राज

ईडी का हड़कंप! इन 40 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, सामने आए कई छिपे राज

 बंगाल :- गुरुवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने अवैध कोयला कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए रांची और कोलकाता में एक साथ विशाल कार्रवाई शुरू की। झारखंड और पश्चिम बंगाल को कवर करते हुए कुल 42 ठिकानों पर यह छापेमारी चल रही है।

झारखंड में 18 जगहों पर कार्रवाई

रांची में ईडी की टीमों ने अवैध कोयला खनन, चोरी, तस्करी और उसके भंडारण से जुड़े बड़े मामलों की जांच के तहत करीब 18 जगहों पर छापेमारी की।

निशाने पर कौन? 

इस कार्रवाई में अनिल गोयल, संजय उद्योग, एल.बी. सिंह और अमर मंडल से जुड़े कोयला चोरी के मामलों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि इस अवैध धंधे से सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया गया है।

बंगाल में 24 ठिकानों पर छापा

कोलकाता ज़ोन की टीमें पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता में 24 ठिकानों को कवर कर रही हैं। यहां नरेंद्र खड़का, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कायल और कुछ अन्य संदिग्धों से जुड़े परिसरों पर गहन तलाशी ली जा रही है।

ईडी की यह कार्रवाई अवैध तरीके से कोयले के खनन, उसके परिवहन और बिना हिसाब-किताब के भंडारण से जुड़े बड़े वित्तीय अपराधों की परतें खोलने पर केंद्रित है। दोनों ही राज्यों में इस बड़े रैकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

SIR में नाम कटने पर क्या होगा, क्या आपके नागरिकता पर पड़ेगा असर? जानें सबकुछ

SIR में नाम कटने पर क्या होगा, क्या आपके नागरिकता पर पड़ेगा असर? जानें सबकुछ

 देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision SIR) की प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को Enumeration Form की दो प्रतियां दे रहे हैं, जिन्हें मतदाताओं को भरकर वापस जमा करना है। लेकिन इस बीच कई लोगों के मन में यह चिंता उत्पन्न हो गई है कि यदि SIR के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हट गया, तो क्या वह दोबारा जुड़ पाएगा? क्या इससे उनकी नागरिकता पर कोई असर पड़ेगा? आइए जानते हैं एसआईआर प्रक्रिया और इससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से।

मतदाताओं को भरना होगा Enumeration Form
SIR प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को Enumeration Form दे रहे हैं। यदि किसी मतदाता का नाम 2002 या 2003 की वोटर लिस्ट में है, या उसके माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम सूची में मौजूद है, तो फॉर्म में उसे लिंक करना होगा। साथ ही अपनी नई फोटो लगाकर फॉर्म जमा करना होगा। इस दौरान बीएलओ किसी भी दस्तावेज की मांग नहीं करेंगे। फॉर्म लेने के बाद बीएलओ एक प्रति पर हस्ताक्षर कर मतदाता को वापस दे देंगे और एक प्रति अपने पास रखेंगे।

यदि बीएलओ के आने पर घर में कोई सदस्य मौजूद न हो, तो भी चिंता की बात नहीं है। बीएलओ तीन बार घर पर आएंगे और घर का कोई भी एक सदस्य यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। जो लोग घर से बाहर हैं या दूसरे शहर में रहते हैं, वे वोटर कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करके फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकते हैं।

2002 की लिस्ट में नाम न होने पर क्या करें?
यदि मतदाता या उसके परिवार के बुजुर्गों का नाम 2002 या 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है, तब भी वह Enumeration Form भर सकता है। ऐसी स्थिति में जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा और एक सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान मतदाता को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 10 दस्तावेजों में से कुछ प्रस्तुत करने होंगे जैसे पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, डोमिसाइल सर्टिफिकेट आदि।

बीएलओ का कार्य पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। मतदाता ऑनलाइन माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं। यदि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलता है, तो निर्धारित अवधि में शिकायत दर्ज कर सुधार कराया जा सकता है। एक माह का समय इसके लिए दिया जाता है।

 
नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, यह लोग बने एनडीए सरकार में मंत्री

नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, यह लोग बने एनडीए सरकार में मंत्री

Bihar CM Nitish Kumar Shapath Grahan Samaroh Live: बिहार विधानसभा चुनाव में 202 सीटें लाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा फिर से डिप्टी सीएम बनाए गए। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के सभी घटकों के प्रमुखों, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़े नेता मौजूद हैं।राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने श्रेयसी सिंह, लखेंद्र रोशन, दीपक प्रकाश, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, डॉ प्रमोद कुमार को मंत्री मद की शपथ दिलाई।

नारायण प्रसाद समेत इन नेताओं ने एक साथ ली शपथ

विजय सिन्हा के शपथ लेने के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल को एक साथ मंत्री पद की शपथ दिलाई। 

 

 

इन लोगों को बनाया गया मंत्री

राज्यपाल के आदेश पर सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, विजय चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, डॉ दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन, सुनील कुमार, जमा खान, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह, प्रमोद कुमार, संजय कुमार सिंह, दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। 
 
 
 
 
हसीना को  मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा ! ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन, आगजनी और हमलों में 50 घायल

हसीना को मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा ! ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन, आगजनी और हमलों में 50 घायल

 Dhaka:बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देशभर में तनाव और हिंसा फैल गई। फैसले के बाद रातभर कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हमलों की रिपोर्ट आई है। कम से कम 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

अदालत का फैसला बना कारण
सोमवार को ICT ने शेख हसीना को पिछले साल जुलाई में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरुद्ध अपराधों के आरोपों में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनके दो शीर्ष सहयोगियों  पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल,पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी दोषी ठहराया गया। हालांकि मामून को अपराध की गंभीरता को देखते हुए हल्की सजा दी जाएगी।फैसले के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह सड़कों पर मार्च निकाले और कुछ स्थानों पर प्रमुख हाईवे को ब्लॉक कर दिया।

ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन
सबसे ज्यादा उग्रता ढाका के धानमंडी 32 इलाके में देखी गई। यह वही स्थान है जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है।ढाका ट्रिब्यून और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार:

  • प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार टकराव हुआ
  • दंगाइयों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की
  • साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया
  • 50 से ज्यादा लोग घायल हुए
  • 5 जिलों में गाड़ियां जलाई गईं

फैसले के बाद कम से कम पांच जिलों केरनिगंज, नारायणगंज, चिटगांव, सिराजगंज और बोγρα में वाहनों को आग लगाने की घटनाएं हुईं।
सुरक्षा एजेंसियों को रातभर हालात काबू में करने के लिए तैनात रहना पड़ा। पिछले हफ्ते ही देश में 50 से ज्यादा आगजनी और देसी बम हमले हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। अदालत के फैसले ने इस तनाव को और भड़का दिया है।

हमला पूर्व राष्ट्रपति के घर तक पहुंचा
किशोरगंज जिले में स्थित पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर भी देर रात हमला किया गया।प्रथम अलो की रिपोर्ट के अनुसार:

  • फैसले के बाद इलाके में कुछ लोगों ने जुलूस निकाला
  • तभी 20–30 लोगों की भीड़ ने अचानक घर पर धावा बोल दिया
  • तोड़फोड़ की गई, हालांकि बड़े नुकसान से बचा लिया गया

बांग्लादेश में तनाव बरकरार
देश में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।
सुरक्षा बलों को कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी है।
विशेष बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि इंटरनेट सेवाएं और संचार पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।