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बड़ा हादसा : नाइट क्लब में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग, 25 लोगों की मौत, मची अफरातफरी

बड़ा हादसा : नाइट क्लब में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग, 25 लोगों की मौत, मची अफरातफरी

 पणजी. गोवा के अरपोरा इलाके में शनिवार-रविवार की दरमियानी देर रात एक नाइट क्लब में सिलेंडर ब्लास्ट होने से 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं. मरने वालों में 4 टूरिस्ट और 14 स्टाफ शामिल हैं, जबकि 7 लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है.

पुलिस के मुताबिक क्लब में करीब 12 बजे सिलेंडर ब्लास्ट हुआ. यह इतना जोरदार था कि कुछ ही मिनटों में आग पूरे क्लब में फैल गई. फायर ब्रिगेड ने काफी देर की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया.

घटना की सूचना मिलते ही सीएम प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो मौके पर पहुंचे. सीएम ने बताया कि 3 लोगों की मौत जलने और बाकी की मौत दम घुटने से हुई है. हादसे की पूरी जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. गोवा के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि 25 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. मरने वालों में ज्यादातर क्लब में काम करने वाले कर्मचारी थे. डीजीपी ने कहा- आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर में बनी रसोई से क्लब के दूसरे हिस्सों में फैली. इसलिए सबसे ज्यादा शव किचन एरिया से मिले हैं. भागने की कोशिश में दो लोगों की मौत सीढिय़ों पर हुई.

लोग ग्राउंड फ्लोर के किचन में फंसे

चश्मदीद के मुताबिक, आग लगते ही अंदर जोरदार भगदड़ मच गई. उस समय क्लब में वीकेंड पार्टी चल रही थी और करीब 100 लोग डांस फ्लोर पर थे. जैसे ही धुआं और लपटें दिखीं, कई लोग घबराकर नीचे की ओर भागे और गलती से ग्राउंड फ्लोर के किचन में पहुंच गए. वहां पहले से मौजूद स्टाफ भी फंस गया. बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए. कुछ ही मिनटों में पूरा क्लब आग की लपटों में घिर गया, वहां पाम लीव्स से सजावट की गई थी, जो तुरंत जल गई. कई लोग जैसे-तैसे बाहर निकले, लेकिन कुछ अंदर ही रह गए.

सीएम सावंत बोले- जिम्मेदारों पर एक्शन लेंगे

सीएम सावंत ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आज का दिन गोवा के लिए बहुत दुखद है. अरपोरा में लगी भीषण आग में 23 लोगों की मौत हो गई. मैं बेहद दुखी हूं और इस कठिन समय में सभी पीडि़त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैंने मौके पर जाकर हालात देखे और इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.

cylinder blast : सिलेंडर ब्लास्ट में 25 लोगों की मौत, सीएम साय ने जताया शोक 

cylinder blast : सिलेंडर ब्लास्ट में 25 लोगों की मौत, सीएम साय ने जताया शोक 

  Goa cylinder blast : गोवा के अरपोरा में स्थित एक नाइटक्लब में भीषण आगजनी की घटना में 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वही इस हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मुआवजे की घोषणा की थी। 

सीएम साय ने जताया शोक

अरपोरा, गोवा में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत हृदयविदारक है और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति वे अपनी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।

हम सभी को मिलकर अगले 10 वर्षों में देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना होगा: PM मोदी

हम सभी को मिलकर अगले 10 वर्षों में देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना होगा: PM मोदी

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से अगले 10 वर्षों में देश को गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करने का शनिवार को आग्रह किया और कई वर्षों की सुस्त आर्थिक विकास को हिंदू विकास दर बताकर पूरी सभ्यता को बदनाम करने की कोशिश करने वाले ‘‘तथाकथित बुद्धिजीवियों'' पर निशाना साधा। मोदी ने यहां ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट' में कहा कि जब दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है, भारत आत्मविश्वास से लबरेज है और वैश्विक मंदी के दौर में विकास की कहानी लिख रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश आत्मविश्वास के बिना आगे नहीं बढ़ सकता है और आज हर क्षेत्र औपनिवेशिक मानसिकता को त्याग रहा है तथा गर्व के साथ नयी उपलब्धियों की ओर अग्रसर है।

मोदी ने कहा, ‘‘यह औपनिवेशिक मानसिकता विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक बड़ी रूकावट बन गई है। इसीलिए आज का भारत इस मानसिकता से मुक्त होने के लिए काम कर रहा है।'' उन्होंने कहा कि इस औपनिवेशिक मानसिकता का असर ऐसा है कि आज भी, जब दुनिया के कई लोग भारत को वैश्विक विकास का इंजन बताते हैं, बहुत कम लोग इस उपलब्धि के बारे में गर्व से बात करते हैं। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या कभी किसी ने इसे हिंदू विकास दर कहा है?'' उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि यह संज्ञा उस समय इस्तेमाल की गई थी जब भारत दो से तीन प्रतिशत की विकास दर तक पहुंचने के लिए भी जूझ रहा था। मोदी ने कहा कि देश के आर्थिक प्रदर्शन को उसके लोगों के विश्वास से जोड़ा गया था और एक पूरे समाज को गरीबी का पर्याय बनाकर पेश किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह संदेश दिया जा रहा था कि भारत की धीमी विकास दर किसी न किसी तरह हिंदू सभ्यता का ही परिणाम है। और जो लोग आज हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देते हैं, उन्हें उस समय इस पर कोई आपत्ति नहीं थी। यह संज्ञा किताबों और शोध पत्रों का हिस्सा बन गई।'' मोदी ने कहा, ‘‘भारत में मानसिक गुलामी के बीज बोने वाली मैकाले की नीति 2035 में 200 वर्ष पूरे कर लेगी। इसका मतलब है कि अभी 10 वर्ष बाकी हैं। इसलिए, इन्हीं 10 वर्षों में हम सभी को मिलकर अपने देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त कराना होगा।'' उन्होंने कहा कि भारत उच्च विकास और निम्न मुद्रास्फीति का एक मॉडल है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की 8.2 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर दर्शाती है कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अनिश्चितताओं से भरी है, भारत एक अलग ही लीग में नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे बदलाव सिर्फ संभावनाओं के बारे में नहीं हैं, बल्कि बदलती सोच और दिशा की गाथा हैं। मोदी ने कहा, ‘‘हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है। दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं: वित्तीय संकट, वैश्विक महामारी, प्रौद्योगिकी व्यवधान, हम युद्ध देख रहे हैं, ये स्थितियां किसी न किसी रूप में दुनिया के लिए चुनौती बनी हुई हैं।'' उन्होंने कहा कि विश्व अनिश्चितताओं से भरा है, लेकिन भारत को एक अलग ही लीग में देखा जा रहा है।

मोदी ने कहा, ‘‘भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। जब आर्थिक मंदी की बात होती है, तब भारत विकास की गाथा लिखता है। जब दुनिया में विश्वास की कमी होती है, तब भारत भरोसे का स्तंभ बनता है, जब दुनिया बिखराव की ओर बढ़ रही है, तो भारत सेतु बन रहा है।'' दूसरी तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के आठ प्रतिशत से अधिक के आंकड़े की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी गति का प्रतीक है।''

मोदी ने कहा, ‘‘यह सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि एक मजबूत व्यापक आर्थिक संकेत है। यह संदेश है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन रहा है।'' उन्होंने बताया कि वैश्विक वृद्धि दर लगभग तीन प्रतिशत है, जबकि जी-7 अर्थव्यवस्थाएं औसतन लगभग 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही हैं। मोदी ने कहा, ‘‘ऐसे समय में भारत उच्च विकास और कम मुद्रास्फीति का एक मॉडल है।'' उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘एक समय था जब लोग, विशेषकर हमारे देश के अर्थशास्त्री, उच्च मुद्रास्फीति को लेकर चिंता व्यक्त करते थे, लेकिन वही लोग अब मुद्रास्फीति के कम होने की बात करते हैं।'' मोदी ने कहा कि भारत की उपलब्धियां सामान्य बात नहीं हैं, यह आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि पिछले दशक में आए मूलभूत बदलावों की बात है। 

अगले न‌ए साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल

अगले न‌ए साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल

 गले साल 2026 में  कुल 4 ग्रहण लगने जा रहे हैं, जिसमें 2 सूर्य व 2 चंद्र ग्रहण शामिल हैं । यह जानकारी प्रख्यात ज्योतिषाचार्य दिवंगत पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री विद्यालंकार के पुत्र पंडित शिवकुमार शर्मा ने आज जैतो में दी। उन्होंने कहा कि पहला सूर्य ग्रहण  17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को लगेगा।यह ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिणी चिली और अर्जेंटीना, व दक्षिणी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इस लिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।दूसरा 

पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार को होगा। यह एक महत्वपूर्ण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसका पथ ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से होकर गुजरेगा। यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। तीसरा पूर्ण चंद्र ग्रहण  3 मार्च 2026, मंगलवार को लगेगा।

यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका और यूरोप में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में नजर आएगा।  इसका सूतक काल भी मान्य होगा। चौथा आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026, दिन शुक्रवार लेगेगा। यह ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा। यह भारत में कही भी दिखाई नहीं देगा। पंडित शिवकुमार शर्मा ने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि जिस देश में ग्रहण दिखाई नहीं देता है तो वहां उसका कोई भी सूरत व धार्मिक मान्यता नहीं होती हैं और ना ही उसका प्रभाव पड़ता हैं।

भारत के इस राज्य में दो से अधिक बच्चे वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी! चुनाव लड़ने पर भी रोक

भारत के इस राज्य में दो से अधिक बच्चे वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी! चुनाव लड़ने पर भी रोक

 असम सरकार ने शुक्रवार को नई जनसंख्या और महिला सशक्तिकरण नीति (संशोधन 2025) को मंजूरी दे दी है और इसे तुरंत लागू भी कर दिया है। इस नीति का सबसे बड़ा मकसद है कि: राज्य में परिवार छोटे हों, लोग दो बच्चों तक ही परिवार सीमित रखें, परिवार नियोजन को बढ़ावा मिले और शिक्षित लोग पंचायत व नगर निकायों में नेतृत्व करें। नीति में कई बड़े और सख्त नियम शामिल किए गए हैं। कुछ पिछड़े और जनजातीय समुदायों को तीन बच्चों की छूट देकर संतुलन बनाने की कोशिश भी की गई है।

अब इसे एक-एक करके आसान भाषा में समझते हैं:

1. सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों का नियम अनिवार्य

अब असम में सरकारी नौकरी पाने के लिए व्यक्ति के सिर्फ दो बच्चे होने चाहिए। यदि किसी ने तीसरा बच्चा किया, तो उसे सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। जो लोग पहले से सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें भी आगे चलकर दो बच्चों का नियम मानना होगा। सरकार कहती है कि सरकारी कर्मचारी समाज के लिए उदाहरण होते हैं, इसलिए यह नियम उनके लिए भी जरूरी है।

2. कम उम्र में शादी करने वालों को सरकारी सुविधाओं पर रोक

यदि लड़का या लड़की कानूनी उम्र से पहले शादी करते हैं:

  • लड़की के लिए कानूनी उम्र: 18 साल

  • लड़के के लिए कानूनी उम्र: 21 साल

तो ऐसे लोगों को न तो सरकारी नौकरी मिलेगी, न ही कोई सरकारी रोजगार योजना का लाभ मिलेगा। यानी कम उम्र में शादी करने पर सरकार आजीवन कई सुविधाओं से बाहर कर देगी।

3. कुछ खास समुदायों को तीन बच्चों की छूट

निम्न समुदायों को तीन बच्चों तक की विशेष छूट दी गई है:

  • अनुसूचित जनजाति (ST)

  • अनुसूचित जाति (SC)

  • चाय बागान जनजाति

  • मोरन समुदाय

  • मोटोक समुदाय

इन समुदायों के लोग:

तीन बच्चे होने पर भी सरकारी नौकरी, सरकारी योजनाओं और स्वयं सहायता समूह (SHG) की सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। बाकी सभी लोगों के लिए — दो बच्चों का नियम सख्ती से लागू रहेगा।

4. स्वयं सहायता समूह (SHG) के लिए इनाम प्रणाली

यदि किसी SHG समूह की सभी महिला सदस्य दो बच्चे (या विशेष समुदायों में तीन बच्चे) तक ही परिवार रोकती हैं तो ऐसे SHG को अतिरिक्त अनुदान और विशेष सुविधाएं मिलेगी। यानी सरकार उन्हें प्रोत्साहन राशि देगी।

5. पंचायत और नगर निगम चुनाव लड़ने पर भी नियम

जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं, वे पंचायत या नगर निगम चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। सरकार इसके लिए नया कानून बनाएगी। इसी तरह के नियम अन्य स्थानीय निकायों पर भी लागू हो सकते हैं।

6. पंचायत चुनाव के लिए शिक्षा का नियम भी आने वाला

  • जल्द ही पंचायत चुनाव लड़ने वालों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय की जाएगी।
    जैसे:

    • 10वीं पास

    • या 8वीं पास
      (इस पर अंतिम निर्णय जल्द होगा)

7. विधायक बनने के लिए भी दो बच्चों का नियम प्रस्तावित

असम सरकार केंद्र से आग्रह करेगी कि राज्य के विधायक भी दो से ज्यादा बच्चे न रखें। यदि कोई विधायक तीसरा बच्चा करता है तो उसे अयोग्य घोषित किया जाएगा और आगे चुनाव लड़ने से रोका जाएगा।

8. किन बच्चों को गिनती में शामिल किया जाएगा?

नीति के अनुसार सिर्फ जीवित बच्चे गिने जाएंगे। अपना जन्मा हुआ बच्चा और कानूनी रूप से गोद लिया गया बच्चा भी गिना जाएगा। यदि कोई बच्चे को छोड़ दे या त्याग दे तो यह नियम से बाहर नहीं होगा — ऐसा करना गलत माना जाएगा।

जुड़वां/त्रिपुल बच्चों पर छूट

यदि दूसरे या किसी भी प्रसव में जुड़वां या तीन बच्चे होते हैं, तो इसका नुकसान माता-पिता को नहीं दिया जाएगा।

दिव्यांग बच्चे के मामले में

यदि बच्चा दिव्यांग पैदा होता है, तो सरकार विशेष परिस्थितियों के अनुसार छूट देने का अधिकार रखती है।

9. नीति कब से लागू?

  • यह नई नीति दिसंबर 2025 से लागू हो गई है।

  • स्वास्थ्य विभाग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

  • नीति को विभाग की वेबसाइट पर भी डाल दिया गया है।

एक ही बाइक पर थे 5 लोग, अनियंत्रित बोलेरो ने रौंदा; 3 साल की बच्ची की मौत, 4 घायल

एक ही बाइक पर थे 5 लोग, अनियंत्रित बोलेरो ने रौंदा; 3 साल की बच्ची की मौत, 4 घायल

  बंजरिया (पूर्वी चंपारण): बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। सिंघिया सागर-दारोगा टोला मोड़ के पास एक लापरवाह बोलेरो चालक ने एक ही बाइक पर सवार पांच लोगों को ज़ोरदार टक्कर मार दी।

इस भयानक टक्कर में बाइक पर सवार तीन वर्षीया बच्ची प्रीति कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में परिवार के चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक एक माह का दुधमुंहा बच्चा भी शामिल है।

क्या हुआ था?

जानकारी के मुताबिक, सुगौली चौक निवासी बीरेंद्र राम अपने साढ़ू दिलीप राम के साथ अपनी पत्नी प्रियंका देवी और दो बच्चों को लेकर एक ही बाइक पर सवार होकर पीपराकोठी थाने के कुड़िया स्थित ससुराल जा रहे थे। जब वे एनएच 28 ए पर सिंघिया सागर मोड़ के पास पहुँचे, तभी सामने से आई एक अनियंत्रित बोलेरो ने उनकी बाइक को रौंद दिया।

हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बोलेरो का ड्राइवर गाड़ी छोड़कर तुरंत मौके से भाग निकला।

पुलिस ने क्या कहा?

घटना की सूचना मिलते ही अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत घायलों को अपनी गाड़ी से सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने बताया कि मृतक बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो तथा बाइक को जब्त कर लिया गया है। पुलिस फरार बोलेरो चालक की तलाश कर रही है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि एक बाइक पर पाँच लोगों का सवार होना कितना खतरनाक हो सकता है।

BIG NEWS : सहमति से बने संबंधों का ब्रेकअप बाद रेप नहीं माना जाएगा : सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

BIG NEWS : सहमति से बने संबंधों का ब्रेकअप बाद रेप नहीं माना जाएगा : सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

  नई दिल्ली। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों का ब्रेकअप होने पर इसे रेप का मामला नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि रिश्ता खराब होने या ब्रेकअप के बाद पुराने संबंधों को अपराध में बदलना कानून का दुरुपयोग है। यह फैसला उन मामलों पर सीधी मार है जहां बदले की भावना से झूठे आरोप लगाए जाते हैं। जस्टिस बीवी नागरत्ना और आर महादेवन की बेंच ने यह टिप्पणी औरंगाबाद के एक वकील के खिलाफ दर्ज रेप केस को खारिज करते हुए की।

फैसले का पूरा विवरण
मामला क्या था? शिकायतकर्ता एक शादीशुदा महिला थी, जिसका चार साल का बच्चा था। वह अपने पति से अलग रह रही थी और मेंटेनेंस केस में आरोपी वकील की मदद ले रही थी। 2022 से दोनों के बीच करीब तीन साल तक सहमति से शारीरिक संबंध चले। महिला ने कई बार आरोपी के गांव में अचानक विजिट भी की। लेकिन जब वकील ने शादी से इनकार किया और महिला की 1.5 लाख रुपये की मांग ठुकराई, तो उसने रेप का केस दर्ज कराया। आरोपी ने कहा कि महिला ने तीन साल तक कभी रेप का आरोप नहीं लगाया।
•  कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां:
•  “सहमति से बने संबंधों को बाद में रेप में बदलना अस्वीकार्य। सहमति का मतलब बाद में बदल नहीं जाता।”
•  “ब्रेकअप या रिश्ते का खराब होना अपराध नहीं। दो वयस्कों के बीच सहमति से बने संबंधों को बाद में रेप का रूप देना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है।”
•  “शादी का झूठा वादा तभी रेप माना जाएगा जब शुरू से ही इरादा धोखे का हो। यहां ऐसा कोई सबूत नहीं।”
•  कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से FIR को बरकरार रखने के फैसले को गलत ठहराया और कहा कि FIR पढ़ने से ही सहमति साफ झलकती है।
•  कानूनी आधार: यह फैसला IPC की धारा 375 (रेप की परिभाषा) और 90 (सहमति की कमी) पर आधारित है। कोर्ट ने 2019 के प्रेमोद सूर्यभान पवार बनाम महाराष्ट्र राज्य केस का हवाला दिया, जहां कहा गया कि सहमति सोच-समझकर ली गई होनी चाहिए।
यह फैसला पुरुषों के अधिकारों की रक्षा करता है और झूठे केसों से न्यायिक बोझ कम करने में मददगार साबित होगा। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसे केस आरोपी की पहचान को नुकसान पहुंचाते हैं और अदालतों पर अनावश्यक भार डालते हैं।
यह फैसला वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने इसे “झूठे केसों का अंत” बताया। एक पोस्ट में लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने बिल्कुल स्पष्ट कहा—सहमति से बने संबंध को बाद में रेप नहीं माना जाएगा। अब धंधा बंद!” एक अन्य यूजर ने कहा, “यह फैसला युवाओं के लिए राहत। सहमति ही आधार है।” लेकिन कुछ ने सवाल उठाए कि क्या इससे असली पीड़ितों को न्याय मिलेगा। #SupremeCourt और #Consent ट्रेंड कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला लंबे समय से चली आ रही समस्या पर लगाम लगाएगा। “सहमति और धोखे में फर्क साफ हो गया। लेकिन असली रेप केसों में सख्ती जरूरी,” एक वकील ने कहा। कोर्ट ने जोर दिया कि शादी का वादा तोड़ना सिविल मामला हो सकता है, लेकिन रेप नहीं। यह फैसला भारतीय समाज में रिश्तों और कानून के बीच संतुलन लाने की दिशा में कदम है।
LIC की बड़ी पेशकश! अब 2 नए प्लान के साथ मिलेगा बीमा, निवेश और ₹2 करोड़ तक सुरक्षा

LIC की बड़ी पेशकश! अब 2 नए प्लान के साथ मिलेगा बीमा, निवेश और ₹2 करोड़ तक सुरक्षा

  Big offer from LIC: भारतीय जीवन बीमा निगम LIC ने दो नई योजनाएं Protection Plus और Bima Kavach लॉन्च की हैं, जिनमें बीमा के साथ बचत व सुरक्षा दोनों की सुविधा मिलती है, खास बात यह है कि Bima Kavach में पॉलिसीधारक को न्यूनतम 2 करोड़ रुपये तक सम एश्योर्ड दिया जाएगा।

Protection Plus एक यूनिट-लिंक्ड योजना है जिसमें 18 से 65 वर्ष तक के लोग 10 से 25 साल की अवधि तक निवेश कर सकते हैं, प्रीमियम अवधि 5, 7, 10 या 15 वर्ष तय की जा सकती है, फंड चुनने की आजादी के साथ 5 साल बाद आंशिक निकासी का विकल्प भी उपलब्ध है, मैच्योरिटी पर फंड वैल्यू मिलती है और मृत्यु की स्थिति में nominee को Sum Assured + Fund Value दी जाती है।

वहीं Bima Kavach शुद्ध सुरक्षा आधारित टर्म प्लान है जो सेविंग नहीं देता, पर डेथ बेनिफिट की पूर्ण गारंटी प्रदान करता है, इसे 18 से 65 वर्ष कोई भी ले सकता है, सिंगल, लिमिटेड और रेगुलर प्रीमियम विकल्प उपलब्ध हैं, और सम एश्योर्ड की शुरुआत 2 करोड़ से होती है।

Holidays List 2026: सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर जारी, इस साल 9 बार मिलेगी 3-3 दिन की छुट्टी

Holidays List 2026: सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर जारी, इस साल 9 बार मिलेगी 3-3 दिन की छुट्टी

 उत्तर प्रदेश- उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का पूरा छुट्टी कैलेंडर जारी कर दिया है। नए साल में कर्मचारियों को कुल 24 सार्वजनिक छुट्टियां और 31 निर्बंधित (वैकल्पिक) अवकाश मिलने वाले हैं। खास बात यह है कि इन सार्वजनिक छुट्टियों में 6 शुक्रवार और 3 सोमवार को पड़ रही हैं, जिससे लंबा वीकेंड मिलने की संभावना बढ़ गई है।

पांच दिवसीय कार्यालयों के लिए डबल खुशखबरी

जिन कार्यालयों में सोमवार से शुक्रवार तक काम होता है, उनके कर्मचारियों के लिए 2026 खास होने वाला है। ऐसा 9 बार होगा जब उन्हें लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलेगी- यानी साल भर में नौ ‘लॉन्ग वीकेंड’ तय।

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6-दिवसीय कार्यालयों को भी मिलेगा फायदा

छह दिन काम करने वाले कर्मियों के लिए भी राहत है। छुट्टियों के हिसाब से उन्हें साल में 6 बार लगातार दो दिन का अवकाश मिल सकेगा। शुक्रवार की 6 छुट्टियां इनके लिए उपयोगी साबित होंगी।

2026 की सार्वजनिक छुट्टियां- किस दिन कितनी?

जारी सूची के अनुसार 24 सार्वजनिक अवकाश इस प्रकार बांटे गए हैं-

  • सोमवार: 3
  • मंगलवार: 4
  • बुधवार: 4
  • गुरुवार: 2
  • शुक्रवार: 6
  • शनिवार: 3
  • रविवार: 2

इनमें शुक्रवार का आंकड़ा सबसे ज्यादा है, जो कर्मचारियों को बार-बार लंबा आराम देने का मौका देगा।

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निर्बंधित छुट्टियां और मार्च का ‘छुट्टियों वाला महीना’

2026 में कुल 31 वैकल्पिक अवकाश (Unrestricted Holidays) शामिल हैं। इनमें मार्च महीना सबसे खास रहेगा- इस एक महीने में 5 सार्वजनिक छुट्टियां और 5 रविवार पड़ रहे हैं। यानी मार्च में मिलेगी छुट्टियों की डबल बरसात।

वर्ष 2026 के लिए निर्बन्धित (Unrestricted) अवकाश की लिस्ट

तारीख        (दिन)         निर्बंधित अवकाश
1 जनवरी    (गुरुवार)         नव वर्ष दिवस
14 जनवरी  (बुधवार)         मकर संक्रांति
23 जनवरी  (शुक्रवार)        बसंत पंचमी
24 जनवरी  (शनिवार)        जननायक कर्पूरी ठाकुर जन्म दिवस
1 फरवरी    (रविवार)         संत रविदास जयंती
4 फरवरी    (बुधवार)          शबे बारात
5 मार्च        (गुरुवार)          होली
13 मार्च      (शुक्रवार)         जमात-उल-विदा (अलविदा)/रमजान का अंतिम शुक्रवार
19 मार्च      (गुरुवार)          चेटी चंद
22 मार्च      (रविवार)          ईद-उल-फितर
4 अप्रैल      (शनिवार)         ईस्टर सैटरडे
5 अप्रैल      (रविवार)          महार्षि कश्यप एवं महाराजा निषाद राज गुह्य जयंती
6 अप्रैल      (सोमवार)        ईस्टर मंडे
17 अप्रैल    (शुक्रवार)        चंद्रशेखर जयंती
19 अप्रैल    (रविवार)         परशुराम जयंती
9 मई         (शनिवार)        लोक नायक महाराणा प्रताप जयंती
28 मई       (गुरुवार)          बकरीद
25 जून      (गुरुवार)          मोहर्रम
4 अगस्त    (मंगलवार)       चेहल्लुम
17 सितंबर  (गुरुवार)          विश्वकर्मा पूजा
28 सितंबर  (शुक्रवार)         अनंत चतुर्दशी
2 अक्टूबर   (शुक्रवार)        गांधी जयंती
11 अक्टूबर  (रविवार)        महाराजा अग्रसेन जयंती
19 अक्टूबर  (सोमवार)       महाष्टमी
26 अक्टूबर  (सोमवार)       महर्षि वाल्मीकि जयंती
31 अक्टूबर  (शनिवार)       सरदार वल्लभभाई पटेल तथा आचार्य नरेंद्र देव जयंती
8 नवंबर       (रविवार)        नरक चतुर्दशी
19 नवंबर     (रविवार)        छठ पूजा पर्व
16 नवंबर     (सोमवार)       वीरांगना ऊदा देवी शहीद दिवस
16 दिसंबर    (बुधवार)        हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी गरीब नवाज का उर्स
23 दिसंबर    (बुधवार)        चौधरी चरण सिंह का जन्मदिवस
24 दिसंबर    (गुरुवार)       क्रिसमस ईव

सरकार का बड़ा फैसला : देश भर के राज्य भवन कहलाएंगे लोक भवन, इस नाम से जाना जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

सरकार का बड़ा फैसला : देश भर के राज्य भवन कहलाएंगे लोक भवन, इस नाम से जाना जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

 नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया। वहीं देश भर के राज्य भवन का लोक भवन होगा। वहीं, केंद्रीय सचिवालय का नाम कर्तव्य भवन होगा। केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगा। इस बिल्डिंग का नाम ही सेवा तीर्थ रखा गया है।

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही उपनिवेशकालीन शाही ठिकानों की छवि को बदलने की कोशिश जारी है। इसी क्रम में कुछ दिन पहले राजभवनों का नाम बदलकर को लोकभवन कर दिया गया था। सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सार्वजनिक पदों की भावना को पुनर्परिभाषित करने की व्यापक पहल का हिस्सा है।

2016 में हुई शुरुआत

 
साइबर सुरक्षा जरुरी, लेकिन इसके बहाने नागरिकों के फोन की निगरानी गलत : प्रियंका गांधी

साइबर सुरक्षा जरुरी, लेकिन इसके बहाने नागरिकों के फोन की निगरानी गलत : प्रियंका गांधी

  नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। इस बीच दूरसंचार विभाग द्वारा सभी नए मोबाइल फोन में 'संचार साथी' ऐप को अनिवार्य तौर पर प्री-इंस्टॉल करने को लेकर विवाद जारी है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इसे एक 'जासूसी ऐप' करार दिया। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी ने 'संचार साथी' ऐप को जासूसी ऐप करार दिया। उन्होंने इस ऐप के जरिए सरकार पर नागरिकों की निजता का हनन करने का आरोप लगाया।

प्रियंका गांधी ने कहा, यह एक जासूसी ऐप है। मैं यही कहना चाहती हूं कि अब वे और क्या जानना चाहते हैं? नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है। सभी को प्राइवेसी का अधिकार है कि हम बिना सरकार की निगरानी के अपने मैसेज को परिवार और दोस्तों को भेजें। यह सामान्य बात है। सरकार हर तरह से देश को तानाशाही में बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा, भारत का हर नागरिक अपने फोन पर क्या कर रहा है? इस तरह से काम नहीं करना चाहिए। फ्रॉड की रिपोर्ट करने के लिए एक असरदार सिस्टम होना चाहिए।

हमने साइबर सिक्योरिटी पर इस पर बहुत लंबी चर्चा की है। साइबर सिक्योरिटी की जरूरत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह आपको हर नागरिक के टेलीफोन में जाने का बहाना दे। मुझे नहीं लगता कि कोई भी नागरिक खुश होगा।

संसद सत्र नहीं चलने पर उन्होंने कहा, संसद इसलिए काम नहीं कर रही है क्योंकि सरकार किसी भी चीज पर बात करने से मना कर रही है। विपक्ष पर इल्जाम लगाना बहुत आसान है। सरकार किसी भी चीज पर चर्चा नहीं होने दे रही है। एक स्वस्थ लोकतंत्र चर्चा की मांग करता है।

बता दें कि भारत सरकार द्वारा 29 नवंबर को एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। इसके अनुसार व्हाट्सएप, टेलीग्राम आदि जैसे सभी मैसेजिंग ऐप्स अब हमेशा यूजर के डिवाइस में सक्रिय सिम कार्ड से लगातार लिंक रहेंगे। निर्देश के मुताबिक, सभी प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों में इन नियमों का अनुपालन करना होगा और 120 दिनों में विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।

भारत सरकार का बड़ा फैसला! अब हर नए स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल होगा ये सेफ्टी ऐप, जानिए डिटेल…

भारत सरकार का बड़ा फैसला! अब हर नए स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल होगा ये सेफ्टी ऐप, जानिए डिटेल…

  Sanchar Saathi App : भारत सरकार ने बढ़ते साइबर अपराध और मोबाइल चोरी के मामलों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने नए स्मार्टफोन्स में संचार साथी ऐप (Sanchar Saathi) ऐप को पहले से इंस्टॉल करके ही बाजार में बेचें। इस ऐप की खासियत यह है कि यह चोरी हुए फोन का पता लगाने, फर्जी IMEI पहचानने और धोखाधड़ी से जुड़ी कॉल्स की रिपोर्ट करने में बेहद प्रभावी माना जाता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस ऐप की मदद से लाखों चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए गए हैं। हालांकि, यह आदेश कुछ कंपनियों को पसंद नहीं आया है। खासकर Apple, जो अपने फोन्स में किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप को प्रीलोड करने की अनुमति नहीं देता।

सरकार ने 28 नवंबर को जारी अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भारत में बनने और बिकने वाले हर स्मार्टफोन में Sanchar Saathi ऐप अनिवार्य रूप से मौजूद होना चाहिए। यूजर इसे अपने फोन से डिलीट भी नहीं कर सकेंगे। मोबाइल कंपनियों को इस नए नियम को लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। उद्योग जगत का कहना है कि इस फैसले से पहले उनसे किसी प्रकार की चर्चा नहीं की गई।

सरकार का तर्क है कि दूरसंचार नेटवर्क पर साइबर हमले और IMEI नंबर की डुप्लिकेशन से जुड़े अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। कई ठग duplicate IMEI का उपयोग कर धोखाधड़ी करते हैं, जिससे अपराधियों को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। Sanchar Saathi इन खामियों को दूर करने में मदद करता है।

यह ऐप खोए हुए फोन को ब्लॉक करने, IMEI वेरिफिकेशन, संदिग्ध कॉल रिपोर्टिंग और फोन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। सरकारी डेटा बताता है कि केवल इस साल जनवरी से अब तक ऐप की मदद से 7 लाख से अधिक फोन खोजे जा चुके हैं। अक्टूबर में ही लगभग 50 हजार मोबाइल वापस मिल गए।

Sanchar Saathi की शुरुआत इस साल जनवरी में हुई थी और अब तक इसे 50 लाख से ज्यादा उपयोगकर्ता डाउनलोड कर चुके हैं। ऐप के माध्यम से 3.7 मिलियन से ज्यादा चोरी या गुम मोबाइल ब्लॉक किए गए हैं और करीब 30 मिलियन फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं।

CG- भारत निर्वाचन आयोग ने बढ़ाई एसआईआर की समय-सीमा: छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर हुआ लागू

CG- भारत निर्वाचन आयोग ने बढ़ाई एसआईआर की समय-सीमा: छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर हुआ लागू

 नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर समय-सीमा को बढ़ा दिया है। आयोग ने नया शेड्यूल जारी करते हुये समय सीमा को 7 दिनों तक बढ़ा दिया है। अब यह प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी।

वहीं, आयोग ने पूर्व आदेश को निरस्त कर नया शेड्यूल जारी किया है। पूरी प्रक्रिया अब संशोधित तारीखों के आधार पर ही होगी। जिन राज्यों में एसआईआर जारी हैं उनमें छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल है।

बता दे कि इससे पहले एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर तक थी। अब 7 दिन बढ़ाने पर यह तिथि 11 दिसंबर हो गई है। नये शेड्यूल के मुताबिक, 11 दिसंबर गुरूवार तक घर घर सत्यापन।

मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, पुन व्यवस्था 11 दिसंबर तक।

कंट्रोल टेबल अपडेट करना और ड्राफ्ट रोल तैयार करना 12 दिसंबर से 15 दिसंबर तक होगी।

ड्राफ्ट लेक्टोरल रोल का प्रकाशन 16 दिसंबर तक।

दावा-आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक।

नोटिस फेज ईआरओ द्वारा यह प्रक्रिया दावा आपत्तियों के निपटारे के साथ समानांतर चलेगी। अवधि 16 दिसंबर से 7 फरवरी तक।

सामूहिक विवाह समारोह : मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह में रचाई

सामूहिक विवाह समारोह : मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह में रचाई

 mass marriage ceremony : सामूहिक विवाह में अक्सर निर्धन और मध्यम वर्ग के युवक-युवतियों का विवाह ही संपन्न होता रहा है। लेकिन, देशभर में एक उदाहरण पेश करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने बेटे अभिमन्यु की शादी सामूहिक विवाह में रचाई। महाकाल की नगरी उज्जैन में हुए सामूहिक विवाह समारोह में अनेक साधु, संत और प्रसिद्ध कथावाचक शामिल हुए और सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री के पुत्र अभिमन्यु और बहू इशिता सांवराखेडी का विवाह उन युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गया है, जो युवा विवाह में लाखों-करोड़ो रुपये फिजूलखर्च करते हैं।

22 दूल्हों की निकली बरात

सामूहिक विवाह में 22 दूल्हों की बरात एक साथ निकली। घोड़ी बग्घियों पर सवार निकली बरात आकर्षण का केंद्र रही। सभी जोड़ें एक साथ विवाह मंडप में बैठे। खास बात यह रही कि मेहमानों से उपहार नहीं लाने की अपील की गई।

बाबा महाकाल से प्रार्थना

मुख्यमंत्री के पुत्र अभिमन्यु और बहू इशिता ने कहा कि सामूहिक विवाह के आयोजन में विवाह बंधन में बंधने से बहुत खुशी हो रहही है। उन्होंने बाबा महाकाल से सुखमय जीवन की प्रार्थना की।

एक-एक लाख रुपये उपहार

सामूहिक विवाह में सभी जोड़ों को आशीर्वाद देने योग गुरु बाबा रामदेव पहुंचे। बाबा ने पतंजलि पीठ की ओर से जोड़ों को एक-एक लाख रुपये उपहार दिया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज एवं जूना अखाड़ा के संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरिगिर महाराज ने भी जोड़ों को एक-एक लाख रुपये उपहार में दिया।

आयोजन में बागेश्वर धाम के कथाचार्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित अनेक संतगण पहुंचे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, सांसद अनिल फिरोजिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन की परंपरा के अनुसार विवाह हुआ। सामूहिक विवाह समारोह में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के वर-वधू भी शामिल हुए।

संसद का शीतकालीन सत्र कल से…आज सर्वदलीय बैठक में तय होगी रणनीति…इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

संसद का शीतकालीन सत्र कल से…आज सर्वदलीय बैठक में तय होगी रणनीति…इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

 दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र सर्वदलीय बैठक आज रविवार को बुलाई गई है, जिसमें केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं से बातचीत करेंगे। यह बैठक सोमवार (1 दिसंबर) से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से ठीक एक दिन पहले आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य दोनों सदनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना है। रिजिजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्ष से सहयोग की अपील की है।

बैठक सुबह 11 बजे संसद भवन में आयोजित होनी है और इसमें सत्र के दौरान संभावित मुद्दों, विधेयकों और संसद की कार्यवाही को लेकर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। सरकार चाहती है कि सत्र शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चले ताकि अधिक से अधिक कामकाज पूरा किया जा सके।

इस बीच, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एसआईआर (Special Electoral Revision) को लेकर विपक्ष के रुख पर टिप्पणी की है। उनका कहना है कि रविवार की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि विपक्ष इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव आयोग द्वारा कराई जा रही एसआईआर उसकी अधिकार सीमा में है और बिहार में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जहां एसआईआर के कारण किसी का नाम हटाया गया हो। दुबे ने आरोप लगाया कि एसआईआर का विरोध वे लोग कर रहे हैं जो विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारतीय चुनाव प्रणाली को प्रभावित करना चाहते हैं।

शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इससे पहले आज नीति-निर्धारण और रणनीति से जुड़ी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। सरकार की ओर से आशा व्यक्त की गई है कि सभी पार्टियाँ सहयोग करेंगी ताकि शीतकालीन सत्र सर्वदलीय बैठक और आगामी सत्र दोनों ही सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।

PM मोदी आज देश से क्या कहेंगे? ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर टिकी निगाहें…जानें किन अहम बातों पर रहेगा फोकस

PM मोदी आज देश से क्या कहेंगे? ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर टिकी निगाहें…जानें किन अहम बातों पर रहेगा फोकस

 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन नेटवर्क पर लाइव प्रसारित होगा। जो लोग डिजिटल माध्यम से सुनना चाहते हैं, उनके लिए यह एपिसोड एयर न्यूज वेबसाइट, न्यूज़ऑनएयर ऐप, और पीएमओ, AIR न्यूज़ तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर भी लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। आकाशवाणी पर हिंदी प्रसारण के बाद क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण होगा।

‘मन की बात’ प्रधानमंत्री मोदी का वह प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से वे देश और विदेश में बसे भारतीयों से सीधे संवाद करते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री न केवल राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों, सामाजिक अभियानों और प्रेरक कार्यों को भी सामने लाते हैं।

पिछला यानी 127वां एपिसोड 26 अक्टूबर को प्रसारित हुआ था। उस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी थीं और संस्कृत भाषा को नई पहचान दिलाने वाले युवाओं की सराहना की थी। उन्होंने भारत की कॉफी को दुनिया में बढ़ती पहचान पर भी खुशी जताई थी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘जीएसटी बचत उत्सव’, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, और सामुदायिक प्रयासों की भी चर्चा की थी—जिसमें छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर का ‘गार्बेज कैफे’ और बेंगलुरु की झीलों को पुनर्जीवित करने के लिए इंजीनियर कपिल शर्मा के नेतृत्व में चलाया गया अभियान प्रमुख रहा।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों—BSF और CRPF—द्वारा भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनी यूनिट्स में शामिल करने के प्रयासों की भी प्रशंसा की थी।

अक्टूबर 2014 से शुरू हुआ ‘मन की बात’ आज स्वच्छता, डिजिटल सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

1 दिसंबर से होने वाले हैं ये बदलाव, जानें आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा असर

1 दिसंबर से होने वाले हैं ये बदलाव, जानें आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा असर

 नई दिल्ली।  नवंबर का महीना खत्म होने वाला है और दो दिन बाद दिसंबर माह की शुरूआत होने वाली है। नया माह अपने साथ कई तरह के बदलाव लाता है। जिसका असर आमआदमी की जेब पर पड़ता है। तो चलिए जानते हैं किन- किन चीजों में बदलाव होने वाला है।

एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव- हर महीने की पहली तारीख को सरकार घरेलू और कमर्शियल गैसे सिलेंडर के दाम बदलाव करती है। पिछले महीने 1 नवंबर को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 6.50 रुपये की कटौती की गई थी। ऐसे में अब देखना होगा की दिसंबर में इसकी कीमतों में कितना बदलाव होता है।

पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट- पेंशनर्स को भी 30 नवंबर तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य है। ऐसे में अगर कोई इस निर्धारित समय तक अपना सर्टिफिकेट जमा नहीं करता है तो उनका पेंशन रोक दिया जाएगा।  जिससे बचने के लिए पेंशनर्स  बैंक, पोस्ट ऑफिस या डिजिटल तरीके जैसे Jeevan Pramaan ऐप के माध्यम से यह काम किया जा सकता है।

हवाई यात्रा होगी महंगी- 1 दिसंबर से एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के रेट बदल जाएंगे। अगर कीमत बढ़ती है तो हवाई जहाज के टिकट महंगे होने की संभावना बढ़ जाएगी।

टैक्स फाइल की जरूरी गाइडलाइन- अक्टूबर माह में कटे टैक्स की  TDS को सेक्‍शन 194-IA, 194-IB, 194M और 194S के तहत स्‍टेटमेंट जमा करना होगा । जिसकी अंतिम तारीख कल यानी 30 नवंबर निर्धारित की गई है।

यूपीएस की डेडलाइन- सरकारी कर्मचारी जो नेशनल पेंशन स्कीम से यूनिफाइड पेंशन स्कीम में जाना चाहते हैं। वो 30 नवंबर तक चुनन सकते हैं। इस तारीख के बाद UPS में शिफ्ट होने का विकल्प बंद हो जाएगा।

Bank Holidays:  18 दिन बंद रहेंगे बैंक…दिसंबर में छुट्टियों की लंबी है लिस्ट, जानें पूरी डिटेल

Bank Holidays:  18 दिन बंद रहेंगे बैंक…दिसंबर में छुट्टियों की लंबी है लिस्ट, जानें पूरी डिटेल

 December Bank Holidays:  दिसंबर महीना शुरू होने के साथ ही बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है, क्योंकि इस महीने कुल 18 दिन बैंक बंद रहेंगे. ऐसे में ग्राहकों को अपने बैंक से जुड़े कामकाज पहले से नियोजित करने की जरूरत होगी. हालांकि, सभी राज्यों में छुट्टियां एक जैसी नहीं होंगी, क्योंकि कई अवकाश क्षेत्रीय और स्थानीय त्योहारों के आधार पर निर्धारित होते हैं. इसलिए जरूरी है कि ग्राहक अपने क्षेत्र के अनुसार शाखा की छुट्टियों की तारीखें ध्यान में रखें.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की हॉलिडे लिस्ट के अनुसार दिसंबर में छुट्टियों का विवरण इस प्रकार है:

1 दिसंबर: ईटानगर और कोहिमा में उद्घाटन दिवस और स्वदेशी आस्था दिवस
3 दिसंबर: गोवा में सेंट फ्रांसिस जेवियर दिवस
7 दिसंबर: रविवार
12 दिसंबर: शिलांग में पा तोगन नेंगमिनजा संगमा पुण्यतिथि
13 दिसंबर: दूसरा शनिवार, पूरे देश में अवकाश
14 दिसंबर: रविवार
18 दिसंबर: शिलांग में यू सोसो थाम पुण्यतिथि
19 दिसंबर: गोवा मुक्ति दिवस, पणजी में अवकाश
20, 21 और 22 दिसंबर: सिक्किम में लोसूंग/नामसूंग त्योहार और रविवार
24 दिसंबर: आइजोल, कोहिमा और शिलांग में क्रिसमस ईव
25 दिसंबर: क्रिसमस, पूरे देश में अवकाश
26 दिसंबर: आइजोल, कोहिमा और शिलांग में क्रिसमस सेलिब्रेशन
27 दिसंबर: कोहिमा में क्रिसमस और पूरे देश में चौथा शनिवार
28 दिसंबर: रविवार
30 दिसंबर: शिलांग में यू कियांग नांगबाह पुण्यतिथि
31 दिसंबर: आइजोल और इंफाल में न्यू ईयर ईव और इमोइनु इराटपा

ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि इन छुट्टियों के दौरान भी यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और अन्य डिजिटल सुविधाएं पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी. हालांकि, चेक क्लियरेंस, लॉकर और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए शाखा में जाने की योजना पहले से बनाना बेहतर होगा.

मदिरा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर, दो दिन तक बंद रहेंगी सभी शराब दुकानें

मदिरा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर, दो दिन तक बंद रहेंगी सभी शराब दुकानें

 दिल्ली।  राजधानी दिल्ली में 30 नवंबर को उपचुनाव होने है। जिसे देखते हुए प्रशासन ने शराब बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। वहीं आबकारी विभाग ने आदेश जारी 28 से 30 नवंबर तक ड्राई डे घोषित किया गया है।

बता दें कि, दिल्ली आबकारी विभाग के अनुसार 12 वोर्डों में उपचुनाव होने हैं। ऐसे में बताया गया कि, शुक्रवार शाम 5:30 बजे से रविवार शाम 5:30 बजे तक इन सभी वार्डों में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। सभी IMFL और देसी शराब के सभी लाइसेंसधारी विक्रेताओं इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है। इसकी जांच प्रवर्तन दल द्वारा की जाएगी।

 वहीं मतगणना वाले दिन 3 दिसंबर को दिल्ली में 24 घंटे तक शराब की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही कहा गया कि, आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

56 लोगों की मौत, 23 लापता, मलबे में दबे कई घर... बाढ़-भूस्खलन ने मचाई तबाही

56 लोगों की मौत, 23 लापता, मलबे में दबे कई घर... बाढ़-भूस्खलन ने मचाई तबाही

 श्रीलंका - चक्रवाती तूफान दित्वा (Cyclone Ditwah) ने श्रीलंका में कहर बरपा दिया है। लगातार भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 23 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए श्रीलंकाई सरकार ने देशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है, ताकि लोग घरों में ही सुरक्षित रहें। केवल जरूरी सेवाओं- जैसे अस्पताल, बिजली, जल आपूर्ति, पुलिस और राहत विभाग- के कर्मचारियों को काम पर आने की अनुमति दी गई है।

300 मिमी बारिश ने बिगाड़ा संतुलन, भूस्खलन में सबसे ज्यादा मौतें

श्रीलंका के डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) ने बताया कि सिर्फ 72 घंटों में 46 मौतें दर्ज की गई हैं। एक ही दिन में देश के पूर्वी और मध्य इलाकों में 300 मिमी (11.8 इंच) से ज्यादा बारिश हुई, जिसने बड़े पैमाने पर भूस्खलन, सड़कों के टूटने, और बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके

  • कैंडी (Kandy)
  • बडुल्ला (Badulla)
  • नुवारा एलिया (Nuwara Eliya)
  • बाट्टिकलोआ (Batticaloa)
  • अम्पारा (Ampara)

इन जिलों में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

43,991 लोग प्रभावित, हजारों घर तबाह

तूफान दित्वा से अब तक:-

  • 12,313 परिवार प्रभावित हुए हैं
  • 43,991 लोग बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आए
  • अनेक घर बह गए या मलबे में समा गए
  • सैकड़ों सड़कें टूटने से राहत टीमों को पहुंचने में दिक्कत
  • कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं ठप

सेना, नौसेना और एयरफोर्स की राहत टुकड़ियां दिन-रात रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। कई जगहों पर हेलिकॉप्टर के जरिए फंसे लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है।

श्रीलंका में रेड अलर्ट जारी, बारिश जारी रहने की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार,

  • भारी बारिश का सिलसिला आने वाले 48–72 घंटे तक जारी रह सकता है
  • लापता लोगों की संख्या और बढ़ने का खतरा
  • समुद्र में ऊंची लहरें और तटीय इलाकों में फिर से बाढ़ का जोखिम

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर से बाहर न निकलें, खासकर नदी किनारे और ढलानों वाले इलाकों में न जाएं।

पड़ोसी देशों की मदद शुरू, भारत ने जताया गहरा दुख

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में जानमाल के नुकसान पर शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- “श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से हुई भारी तबाही देखकर दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। भारत इस कठिन समय में श्रीलंका की हर संभव मदद के लिए तैयार है।”

भारत की ओर से पहले चरण में  मानवीय सहायता, राहत सामग्री, दवाइयों और आपदा प्रबंधन टीमों भेजने की तैयारी की जा रही है।

अब तूफान भारत की ओर- 3 राज्यों में अलर्ट

चक्रवाती तूफान दित्वा अब श्रीलंका से निकलकर भारत की दिशा में बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है:

किन भारतीय राज्यों में रहेगा असर?

  • तमिलनाडु- चेन्नई, तिरुनेलवेली, नागपट्टिनम, कुड्डालोर में भारी से बेहद भारी बारिश
  • पुडुचेरी- तटीय इलाकों में तेज हवाओं और तेज बारिश का अलर्ट
  • दक्षिणी आंध्र प्रदेश- श्रीकाकुलम, नेल्लोर, कुरनूल में तेज हवा + बारिश
  • समुद्र में 4–6 मीटर ऊंची लहरों की चेतावनी