नईदिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में आज सुबह सात बजे तक प्राप्त अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार 3,39,145 सत्रों द्वारा 2.43 करोड़ (2,43,67,906) से अधिक कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इनमें 71,30,098 एचसीडब्ल्यू (पहला डोज), 38,90,257 एचसीडब्ल्यू (दूसरा डोज), 69,36,480 एफएलडब्ल्यू (पहला डोज) और 4,73,422 एफएलडब्ल्यू (दूसरा डोज), 8,33,526 लाभार्थी जिनकी आयु 45 वर्ष से अधिक है और वे अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं (पहला डोज) और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 51,04,123 लाभार्थी (पहला डोज) शामिल हैं।
न्यूजीलैंड ने कोविड-19 महामारी से लोगों को बचाने के प्रयासों को बढ़ाने के लिए अपने पहले बड़े टीकाकरण क्लिनिक का उद्घाटन किया। यह क्लिनिक दक्षिण ऑकलैंड में खोला गया था और यह शुरू में सीमा कार्यकर्ताओं के घर के सदस्यों को लक्षित करेगा। यह सीमा कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को भी किसी भी संक्रामक यात्रियों से बीमारी को पकड़ने के लिए सबसे अधिक संवेदनशील मानता है। न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य महानिदेशक, एशले ब्लूमफील्ड के अनुसार, क्लिनिक में प्रति दिन लगभग 150 लोगों को शुरू में टीका लगाया जाएगा। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी आने वाले हफ्तों में ऑकलैंड में दो और क्लिनिक खोलने की योजना बनाई है। न्यूजीलैंड टीकाकरण के लिए फाइजर वैक्सीन का उपयोग करेगा। यह 2021 के अंत तक अपने टीकाकरण कार्यक्रम को पूरा करेगा। इस वैक्सीन को ब्रांड नाम Comirnaty के तहत बेचा जाता है। यह एक mRNA आधारित COVID-19 वैक्सीन है। जर्मन कंपनी बायोटेक ने शुरुआत में इस वैक्सीन को विकसित किया था, बाद में इसे फाइजर के साथ नैदानिक परीक्षणों, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण का समर्थन करने के लिए भागीदारी की। चीन में फोसुन को विनिर्माण लाइसेंस दिया गया है। इसे तीन सप्ताह के अंतराल के साथ दो खुराक की आवश्यकता होती है। यह पहला COVID-19 वैक्सीन है जो आपातकालीन उपयोग के लिए कड़े विनियामक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत किया गया था। इस टीके को पहली बार दिसंबर 2020 में यूनाइटेड किंगडम द्वारा आपातकालीन उपयोग के लिए अधिकृत किया गया था।
नईदिल्ली। सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार ही जारी है, जिस प्रकार से विगत सत्रों में होती रही है। खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है। 8 मार्च 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 673.53 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 589.46 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी। इस वर्ष में अब तक की गई धान की खरीद में पिछले वर्ष के मुक़ाबले 14.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज देखी गई है। 673.53 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन है, जो कि कुल खरीद का 30.11 प्रतिशत है। लगभग 98.55 लाख किसानों को अब तक खरीदे गए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,27,164.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा, प्रदेशों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 94.39 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और कोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके। मौजूदा खरीफ सत्र में 8 मार्च 2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 3,12,421.02 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तुअर, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है। इस खरीद से खरीफ सत्र 2020-21 और रबी सत्र 2021 में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 1,69,704 किसानों को 1,681.70 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसी तरह से 5,089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए 8 मार्च 2021 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52.40 करोड़ रुपये की अदायगी की गई है। इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन तथा तिलहन फसलों के आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों से कपास की खरीद का कार्य भी सुचारु रूप से जारी है। दिनांक 8 मार्च 2021 तक 18,97,002 किसानों से 26,719.51 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर कपास की 91,86,678 गांठों की खरीद की जा चुकी है।
नईदिल्ली। भारतीय नौसेना ने तीसरी स्टील्थ स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस करंज को आज नौसेना डॉकयार्ड मुंबई में औपचारिक कमीशनिंग समारोह में नौसेना के बेड़े में शामिल किया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल वीएस शेखावत पीवीएसएम, एवीएसएम, वीआरसी थे जो पुरानी करंज के कमीशनिंग क्रू का हिस्सा थे और बाद में 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान कमांडिंग ऑफिसर थे। फ्रांस के मेसर्स नेवल ग्रुप के सहयोग से मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) मुंबई द्वारा भारत में छह स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। आईएनएस करंज पश्चिमी नौसेना कमान के पनडुब्बी बेड़े का हिस्सा होगी और कमान के शस्त्रागार का एक और शक्तिशाली हिस्सा होगी । नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और भारतीय नौसेना व रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी कमीशनिंग समारोह के साक्षी बने साथ ही समारोह में अनेक गणमान्य लोगों भी शामिल थे। रूसी मूल की फॉक्सट्रॉट क्लास पनडुब्बी, जिसे 2003 में डी-कमीशन किया गया था, के चालक दल को भी समारोह के लिए विशेष आमंत्रित किया गया था। अपने संबोधन के दौरान नौसेना प्रमुख ने कहा कि "स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भर भारत पर दिया जा रहा ज़ोर भारतीय नौसेना की विकास गाथा एवं भविष्य की सामरिक क्षमताओं का मूलभूत तत्व है।" मुख्य अतिथि एडमिरल शेखावत ने भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए जा रहे भारत के कदमों को चिह्नांकित किया और कहा कि "हम एक ऐसे भारत में रहते हैं जो कई उपग्रहों का प्रक्षेपण कर रहा है, परमाणु पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है और दुनिया के लिए टीकों का निर्माण कर रहा है- नई करंज इसका एक और उदाहरण है ।" इस साल को 'स्वर्णिम विजय वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है जो 1971 के भारत-पाक युद्ध के 50 साल का प्रतीक है। तत्कालीन यूएसएसआर में रीगा में 04 सितंबर 1969 को कमीशन की गई पुरानी आईएनएस करंज ने भी तत्कालीन कमांडर वीएस शेखावत की देखरेख में युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाई थी। आईएनएस करंज की वीरतापूर्ण कार्रवाई के परिणामस्वरूप पनडुब्बी के चालक दल के सदस्यों तथा अन्य कर्मियों को अलंकृत किया गया था, जिनमें तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर कमांडर वीएस शेखावत को मिलने वाला वीर चक्र भी शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि पुरानी आईएनएस करंज के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर कमांडर एम एन आर सामंत 1971 में नवगठित बांग्लादेश नौसेना के नौसेना प्रमुख बने। स्कॉर्पीन पनडुब्बियां दुनिया की सबसे उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियों में से एक हैं। ये प्लेटफॉर्म दुनिया की नवीनतम तकनीकों से लैस हैं। अपनी पूर्ववर्ती पनडुब्बियों की तुलना में यह पनडुब्बियां अधिक घातक और छिपकर, समुद्र की सतह के ऊपर या नीचे किसी भी खतरे को बेअसर करने के लिए शक्तिशाली हथियारों और सेंसरों से लैस हैं। करंज का शामिल होना भारतीय नौसेना के एक निर्माता नौसेना होने की दिशा में एक और कदम है, जो अपनी स्थिति को मजबूत करता है, साथ ही दुनिया के एक प्रमुख जहाज एवं पनडुब्बी निर्माण यार्ड के रूप में एमडीएल की क्षमताओं का परिचायक भी है। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में इस यार्ड की लगातार बनी महत्ता में प्रोजेक्ट 75 भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
फ्लाइट में यात्रा करने के दौरान मास्क न लगाने वालों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा कोलकाता-दिल्ली की एयर इंडिया की फ्लाइट में कोरोना नियमों का पालन न करने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए DGCA को निर्देश जारी किए हैं कि जो लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं या सही से मास्क नहीं लगा रहे हैं, उनके खिलाफ फौरन सख्त कार्रवाई की जाए. कोर्ट ने कहा कि ऐसे यात्रियों को प्लेन से फौरन उतार दिया जाए और उन्हें नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जाए. कोर्ट ने दिशा-निर्देश में ये भी कहा है कि ये भी सुनिश्चित किया जाए कि फ्लाइट में यात्री सही प्रकार से मास्क पहनें न कि सिर्फ खानापूर्ति के लिए.
कोर्ट ने DGCA को जारी किए दिशा-निर्देश
न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी स्थिति "पूरी तरह से बेहूदा" है जब देश में कोविड-19 मामलों में एक बार फिर से इजाफा देखा जा रहा है, ऐसे में जरूरी उपायों को और मजबूत बनाना होगा. उन्होंने एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा तत्काल अनुपालन के लिए सात दिशानिर्देश जारी किए, और आदेश दिया कि इस मामले को suu motu जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत किया जाए और 17 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए.
नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी
न्यायमूर्ति शंकर ने अपने आदेश में ये भी कहा कि कोरोना के पूरी तरह खत्म होने तक सभी नियमों का पालन करना हम में से प्रत्येक का कर्तव्य है. केंद्र और राज्य सरकारों पर उंगली उठाना, जिनके पास निपटने के लिए अनेकों कार्य हैं, उनके द्वारा जो भी किया जा रहा है उसका हमारी लापरवाही की वजह से कोई फायदा नहीं है. हम में से प्रत्येक, एक जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक के रूप में, कोरोना नियमों का पालन करने के प्रति संवेदनशील बने.
फ्लाइट में मास्क लगाने संंबंधी अनाउंसमेंट की जाए
न्यायालय ने अपने दिशानिर्देशों में डीजीसीए को निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट पर उन निर्देशों और प्रोटोकॉलों को प्रमुखता से रखे, जिनका पालन यात्रियों और घरेलू उड़ानों में फ्लाइट के चालक दल करते हैं. इसके साथ ही अदालत द्वारा एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वह यात्रियों को उड़ान में लिखित में निर्देश प्रदान करे और प्रोटोकॉल का पालन न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करें. इसके साथ ही फ्लाइट के भीतर भी मास्क लगाने संबंधी अनाउंसमेंट की जाए.
चंडीगढ़, हरियाणा विधानसभा में आज मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से बीजेपी-जेजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया है. विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने इस पर चर्चा के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया है. प्रश्नकाल खत्म होने के बाद अध्यक्ष ने मंत्रिमंडल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार कर लिया.
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, 'मुझे नेता प्रतिपक्ष (भूपेंद्र सिंह हुड्डा) और कांग्रेस के 27 अन्य विधायकों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव प्राप्त हुआ है.' अध्यक्ष ने नोटिस को स्वीकार किया और चर्चा के लिए दो घंटे का समय तय किया. हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले हरियाणा मंत्रिमंडल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है.
इससे पहले हुड्डा ने संवाददाताओं से कहा था, 'अविश्वास प्रस्ताव से लोगों को पता चलेगा कि कितने विधायक सरकार के साथ हैं और कितने विधायक किसानों के साथ खड़े हैं.'
बीजेपी के समर्थन में कौन-कौन
90 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में सदस्यों की कुल संख्या 88 है, जिसमें सत्तारूढ़ बीजेपी के 40 सदस्य, जेजेपी के 10 और कांग्रेस के 30 सदस्य हैं. जेजेपी के अलावा सात निर्दलीय विधायक हैं और एक सदस्य हरियाणा लोकहित पार्टी का है, जिसने बीजेपी सरकार को अपना समर्थन दिया हुआ है.
किसान आंदोलन के चलते जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. अगर जेजेपी अपना समर्थन वापस भी ले लेती है तो भी राज्य में बीजेपी सरकार बनी रह सकती है. क्योंकि बीजेपी का दावा है कि उसके पास पांच और निर्दलीय का भी समर्थन है.
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत और बांग्लादेश के बीच “मैत्री सेतु” का उद्घाटन किया। उन्होंने त्रिपुरा में और भी कई विविध आधारभूत संरचनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। इस अवसर पर त्रिपुरा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। साथ ही इस अवसर पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा पिछली सरकारों के 30 वर्ष और पिछले तीन वर्षों की ‘डबल इंजन’ सरकार के बीच अंतर को महसूस कर रहा है। बीते सालों की भ्रष्टाचार और कमीशन संस्कृति के बदले अब मिलने वाले लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जा रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिन कर्मचारियों को समय पर उनका वेतन नहीं मिलता था, उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार नियमित समय पर वेतन भी दिया जा रहा है। पहली बार त्रिपुरा में कृषि उपजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निर्णय लिया गया है जबकि इससे पहले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान व्याप्त हडतालों की परिपाटी के स्थान पर अब कारोबार में सुगमता के वातावरण का भी उल्लेख किया। अब आ रहे निवेशों से उद्योगों में पहले होने वाली तालाबंदी का माहौल भी बदला है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा से होने वाले निर्यात में भी पांच गुना वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 06 वर्षों में केंद्र सरकार ने त्रिपुरा के विकास के लिए हर आवश्यकता का ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के लिए केन्द्रीय आबंटन में अच्छी खासी वृद्धि की गई है। केन्द्रीय विकास योजनाओं के लिए त्रिपुरा को 2009-2014 की अवधि में 3500 करोड़ रूपये मिले थे जबकि 2014- 2019 की अवधि में राज्य को 12,000 करोड़ रूपये से अधिक उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री ने ‘डबल इंजन’सरकारों के लाभ गिनाए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में ‘डबल इंजन’ सरकार नहीं है वहां गरीबों, किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए लागू योजनाओं पर बहुत धीमी गति से काम हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार त्रिपुरा को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस ‘डबल इंजन’ सरकार ने त्रिपुरा को बिजली की कमी वाले राज्य से अब फ़ालतू बिजली वाले राज्य में बदल दिया है। उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा राज्य में आये परिवर्तन भी गिनाए – जैसे 02 लाख ग्रामीण परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उन्हें पाईपलाइन से जोड़ना, 2.5 लाख निशुल्क गैस कनेक्शन दिया जाना, त्रिपुरा के हर गांव को खुले में शौच से मुक्त करना, 50 हजार गर्भवती महिलाओं को मातृ वन्दना योजना के लाभ मिलना और 40 हजार निर्धन परिवारों को उनके नए घर मिलना इत्यादि। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में आपसी सम्पर्क से सम्बन्धित आधारभूत संरचनाओं के क्षेत्र जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। उन्होंने त्रिपुरा में हवाई अड्डे के लिए तेजी से हो रहे काम, समुद्र के जरिए इन्टरनेट सुविधा, रेलवे लाइन पहुंचाना और जलमार्गों का हवाला दिया। उन्होंने हीरा- एचआईआरए विकास अर्थात राजमार्ग-हाईवे, आई-वे, रेलवे और वायुमार्ग-एयरवे का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच सम्पर्क से न केवल मित्रता प्रगाढ़ हो रही है बल्कि व्यापार के लिए भी यह एक मजबूत कड़ी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा किइस समूचे क्षेत्र को पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार गलियारे के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों के दौरान रेललाइनों और नदीजल मार्गों के जरिये परिवहन और सम्पर्क की पूरी हुई परियोजनाओं को इस सेतु (पुल ) से और ताकत मिली है। इससे त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिणी असम, मिजोरम और मणिपुर का बांग्लादेश और दक्षिणपूर्व-एशिया से परस्पर सम्पर्क में और बढ़ोत्तरी होगी। श्री मोदी ने कहा कि इस सेतु से बांग्लादेश में भी आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री ने इस सेतु परियोजना के पूरा होने में सहयोग देने के लिए बांग्लादेश सरकार और वहां के प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस सेतु के निर्माण के लिए आधारशिला उनकी पिछली बांग्लादेश यात्रा के दौरान रखी गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब पूर्वोत्तर भारत के निवासियों को अब किसी भी प्रकार की आवश्यकता की पूर्ति के लिए केवल सडक मार्ग पर निर्भर नहीं रहना होगा। उन्होंने कहा कि नदी के रास्ते वैकल्पिक मार्ग के रूप में बांग्लादेश के चिटगांव बन्दरगाह को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भंडारण और ट्रांस-शिपमेंट सुविधाओं के साथ सबरूम में आईसीपी एक पूर्ण रूप से सुसज्जित लौजिस्टिक हब के रूप में काम करेगा। फेनी नदी के ऊपर बने इस पुल के कारण अब अगरतला भारत के किसी भी अंतर्राष्ट्रीय समुद्री बन्दरगाह के सबसे निकट का नगर हो जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-08 और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-208 के चौडीकरण के लिए जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गयी थी उनके पूरा होने के बाद पूर्वोत्तर भारत के बन्दरगाहों से सम्पर्क और सुधर जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिन विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है वे त्रिपुरा को एक बेहतर नगर बनाने का प्रयास हैं। नए समेकित कमान केंद्र से यातायात से जुडी समस्याओं और अपराधों को रोरोकने में सहायता मिलेगी। इसी प्रकार बहुमंजिली पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और हवाई अड्डे को जोड़ने वाली सड़कों के चौडीकरण की आज उद्घाटन की गई परियोजनाओं से अगरतला में जीवन स्तर में सुधार और कारोबार में सुगमता में बहुत हद तक सुधार होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से दशकों पुरानी ब्रू शरणार्थी समस्या का समाधान हो पाया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 600 करोड़ रुपयों के पॅकेज से ब्रू समुदाय के लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हो सकेंगे। प्रधानमंत्री ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि अगरतला हवाई अड्डे का नाम महाराजा वीर विक्रम किशोर माणिक्य के नाम पर किया जाना उनकी त्रिपुरा के विकास के लिए दूरदृष्टि के सम्मान का परिचायक है। प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा की समृद्ध संस्कृति और साहित्य की सेवा में रत थांगा दारलोंग, सत्यराम रीआंग और बेनिचन्द्र जमातिया जैसी विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर देने के पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बांस पर आधारित स्थानीय कलाओं को प्रधानमंत्री वन धन योजना के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जा रहा है जिससे स्थानीय आदिवासियों को नए अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने शासन के तीन वर्ष पूरे करने पर त्रिपुरा सरकार को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार त्रिपुरा के निवासियों की सेवा करती रहेगी।
स्विट्जरलैंड। स्विट्जरलैंड ने 7 मार्च, 2021 को सभी सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब जैसे पूर्ण चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था। यह विवादास्पद प्रस्ताव एक जनमत संग्रह के बाद पारित किया गया था जिसे लगभग 51.21 प्रतिशत मतदाताओं ने समर्थन दिया था। सार्वजनिक रूप से फुल-फेस कवरिंग पर प्रतिबंध लगाने का यह प्रस्ताव दक्षिणपंथी स्विस पीपल्स पार्टी जैसे समूहों द्वारा पेश किया गया था। इस जनमत संग्रह का मतलब है कि, स्विट्जरलैंड में सभी सार्वजनिक रूप से सुलभ स्थानों जैसे सड़कों पर, सार्वजनिक परिवहन में, दुकानों, रेस्तरां जैसे सार्वजनिक कार्यालयों में पूर्ण चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। हालांकि, पूजा के स्थानों और ऐसे अन्य पवित्र स्थलों पर पूर्ण-आवरण को अनुमति दी जाएगी। पूर्ण चेहरे को कवर करने के लिए प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव, जो स्विस फेडरल सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया था, कहता है कि पर्यटकों के लिए अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी। फुल फेस कवर पर प्रतिबंध लगाने के इस प्रस्ताव में विशेष रूप से इस्लाम का उल्लेख नहीं है, लेकिन इसे मीडिया के बीच ‘बुर्का प्रतिबंध’ कहा जा रहा है। इस प्रस्ताव की व्यापक रूप से नागरिक समूहों और मानवाधिकार समूहों ने आलोचना की है। स्विट्जरलैंड में फुल-फेस कवरिंग पर प्रतिबंध लगाने का जनमत संग्रह कई बहसों के बाद पारित किया गया। फ्रांस पहला यूरोपीय देश है जिसने वर्ष 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब को प्रतिबंधित कर दिया था। यूरोपीय न्यायालय मानवाधिकार ने वर्ष 2014 में इस प्रतिबंध को हटा दिया था।
नईदिल्ली। महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में प्रतिदिन कोरोना मामलों में बढ़ोतरी हो रही है और पिछले 24 घंटों में जो नये मामले सामने आए हैं, उनमें इनका समग्र योगदान 86.25 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में 18,599 नये मामले दर्ज किये गए हैं। महाराष्ट्र में दैनिक आधार पर सबसे अधिक 11,141 नये मामले दर्ज किये गये हैं और इसके पश्चात केरल में 2,100 तथा पंजाब में 1,043 नये मामले दर्ज हुए। कोरोना मामलों में बढ़ोतरी वाले राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में नियंत्रण एवं प्रबंधन के लिए केन्द्र सरकार नियमित आधार पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित कर रही है। जिन राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों में कोरोना के सक्रिय मामलों का अधिकतम केस लोड और जहां प्रतिदिन अधिक मामले देखे जा रहे हैं, उनके नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य सचिव साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में जानकारी ले रहे हैं। हाल ही में केन्द्र सरकार ने महाराष्ट्र और पंजाब में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए उच्चस्तरीय जन स्वास्थ्य टीमों को इन राज्यों में भेजा है। केन्द्र सरकार महाराष्ट्र, केरल, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर में पहले हीउच्चस्तरीय टीमों को भेज चुकी है। इन राज्यों में कोरोना मामलों में हाल ही में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ये केन्द्रीय टीमें राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ संवाद कर कोरोना नियंत्रण एवं इसके प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी लेती हैं, ताकि इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों में आ रहे अवरोधों को दूर किया जा सके। 8 राज्यों में दैनिक आधार पर कोरोना मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। भारत में आज कोरोना के कुल सक्रिय मामले (केसलोड) 1,88,747 हैं और भारत में इस समय सक्रिय मामले देश के कुल पॉजिटिव मामलों का 1.68 प्रतिशत है। देश में अब तक किये गए कोरोना जांच परीक्षणों की कुल संख्या 22 करोड़ से अधिक (22,19,68,271) हो गई है और राष्ट्रीय आधार पर समग्र पॉजिटिविटी दर 5.06 प्रतिशत है। 8 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों की साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर राष्ट्रीय औसत (2.29 प्रतिशत) से अधिक है और महाराष्ट्र में साप्ताहिक पॉजिटिव दर सबसे अधिक 11.13 प्रतिशत है। आज सुबह 7 बजे तक प्राप्त अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार देश में 3,76,633 सत्रों के जरिये 2.09 करोड़ (2,09,89,010) वैक्सीन के डोज लोगों को दिए जा चुके हैं। इनमें 69,85,911एचसीडब्ल्यू (पहली डोज), 35,47,548 एचसीडब्ल्यू (दूसरी डोज), 66,09,537 एफएलडब्ल्यू (पहली डोज) और 2,13,559 एफएलडब्ल्यू (दूसरी डोज), 45 वर्ष से अधिक आयु के गंभीर रोगों से ग्रस्त 4,80,661 लाभार्थी (पहली डोज) और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 31,51,794 लाभार्थियों को दी गई डोज शामिल हैं। पिछले 24 घंटों में कोविड से 97 लोगों की मौत हुईं है। 87.63प्रतिशत मौत के नए मामले सात राज्यों से संबंधित हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 38मरीजों की मौत हुईं। इसके बाद पंजाब में कल 17 और केरल में 13लोगों की मौत हुई है। 18 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से किसी भी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं मिली है। इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों मेंअंडमान निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, चंडीगढ़, दमण और दीव, दादरा और नागर हवेली, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पुदुचेरी, राजस्थान,सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘’आजादी का अमृत महोत्सव’’ मनाने के लिए राष्ट्रीय समिति को किया संबोधित, पढ़े पूरी खबर
नईदिल्ली । स्वतंत्रता के 75 वर्ष का समारोह, आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय समिति की आज पहली बैठक आयोजित हुई। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पैनल को संबोधित किया। राज्यपालों, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, मीडिया शख्सियतों, आध्यात्मिक नेताओं, कलाकारों तथा फिल्म से जुड़े व्यक्तियों, खिलाड़ियों तथा जीवन के अन्य क्षेत्रों के विख्यात व्यक्तियों सहित राष्ट्रीय समिति के विभिन्न सदस्यों ने बैठक में भाग लिया। राष्ट्रीय समिति के जिन सदस्यों ने बैठक में इनपुट तथा सुझाव दिये, उनमें पूर्व राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, पूर्व प्रधानमंत्री श्री एच डी देवेगौड़ा, श्री नवीन पटनायक, श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, श्रीमती मीरा कुमार, श्रीमती सुमित्रा महाजन, श्री जे.पी. नड्डा, मौलाना वहीदुद्दीन खान शामिल थे। समिति के सदस्यों ने प्रधानमंत्री को “आजादी का अमृत महोत्सव” की योजना बनाने तथा इसके आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने महोत्सव के दायरे के और विस्तारित करने के लिए अपने सुझाव तथा इनपुट दिए। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी और अधिक बैठकें होंगी तथा आज प्राप्त हुए सुझावों एवं इनपुटों पर विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश धूमधाम और उत्साह के साथ आजादी के 75 वर्ष का समारोह मनाएगा, जो ऐतिहासिक प्रकृति, गौरव और इस अवसर के महत्व के अनुकूल होगा। उन्होंने समिति के सदस्यों से प्राप्त होने वाले नए विचारों तथा विविध सोचों की सराहना की। उन्होंने आजादी के 75 वर्ष के महोत्सव को भारत के लोगों को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष का समारोह एक ऐसा समारोह होना चाहिए, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की भावना, शहीदों को श्रद्धांजलि तथा भारत के निर्माण के उनके संकल्प का अनुभव किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस समारोह को सनातन भारत के गौरव की झलकियों तथा आधुनिक भारत की चमक को भी साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समारोह को संतों की आध्यात्मिकता की रोशनी तथा हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा और ताकत को भी परिलक्षित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विश्व के सामने इन 75 वर्षों की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करेगा तथा अगले 25 वर्षों के लिए हमारे लिए संकल्प करने की एक रूपरेखा भी प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी संकल्प बिना समारोह के सफल नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई संकल्प समारोह का रूप ले लेता है तो लाखों लोगों की प्रतिज्ञा और ऊर्जा उसमें जुड़ जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 75 वर्षों का समारोह 130 करोड़ भारतीयों की भागीदारी के साथ किया जाना है तथा लोगों की यह भागीदारी इस समारोह के मूल में है। इस समारोह में 130 करोड़ देशवासियों की अनुभूतियां, सुझाव तथा सपने शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि 75 वर्षों के समारोह के लिए पांच स्तंभों का निर्णय किया गया है। ये हैं- स्वतंत्रता संग्राम, 75 पर विचार, 75 पर उपलब्धियां, 75 पर कदम तथा 75 पर संकल्प। इन सभी को 130 करोड़ भारतीयों के विचारों तथा भावनाओं में शामिल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कम ज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने तथा लोगों को उनकी कहानियों के बारे में भी बताने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश का हर कोना देश के बेटों और बेटियों की शहादत से भरा हुआ है और उनकी कहानियां देश के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत होंगी। उन्होंने कहा कि हमें प्रत्येक वर्ग के योगदान को सामने लाना है। ऐसे बहुत से लोग हैं, जो पीढ़ियों से देश के लिए बहुत महान कार्य कर रहे हैं, उनके योगदान, विचार तथा सोच को राष्ट्रीय प्रयासों के साथ समेकित किये जाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक समारोह स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरे करने, ऐसी ऊंचाई पर भारत को पहुंचाने, जिसकी उन्होंने कल्पना की थी, को लेकर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश ऐसी चीजें अर्जित कर रहा है, जिसके बारे में कुछ वर्ष पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था। उन्होंने कहा कि यह समारोह भारत के ऐतिहासिक गौरव के अनुरूप होगा।
नोएडा। नोएडा पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करके खुलासा किया है जिसमे देह व्यपार में धकेली गई नाबालिग किशोरी ने बताया की उसे उसके बॉयफ्रेंड ने इस देह व्यापार के धंदे में धकेल दिया है। पुलिस ने अब इस किशोरी को देह व्यापार के धंधे से बाहर निकाल दिया है। फिलहाल किशोरी को नोएडा के एक नारी निकेतन में रखा गया है।
गाजियाबाद | गाजियाबाद के मुरादनगर इलाके से एक सनसनी खेज खबर सामने आई है | खबर मिली है कि मुरादनगर इलाके में एक छात्र ने अपने शिक्षक को बीच रास्ते में रोक कर गोली मार दी। जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार का है, मुरादनगर के एक स्कूल में पढ़ाने वाले सचिन त्यागी ने 12वीं क्लास के एक छात्र को क्लास में शोर मचाने से रोका तो छात्र इतना बुरा मान गया कि उसने इस घटना को अंजाम दे दिया।
कानपुर | नाबालिक लड़की को शादी का झांसा देकर तीन वर्षों से आरोपी शारीरिक संबंध बनाकर लड़की को गर्भवती होने पर गर्भपात करवा दिया । लड़की के पिता ने कोतवाली पहुंच कर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगाई है । पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है ।
नई दिल्ली | इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने तमिलनाडु के 2 बड़े ज्वैलरी कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है | इनमें से एक राज्य का लीडिंग बुलियन ट्रेडर और दूसरा ज्वैलरी रिटेलर है | यह छापेमारी 4 मार्च को चेन्नई, मुंबई, कोयंबटूर, मदुरई, त्रिची, त्रिशूर, नेल्लोर, जयपुर और इंदौर के 27 ठिकानों पर की गई | छापेमारी में 1,000 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति का पता चला है | इसके अलावा 1.2 करोड़ रुपये की नकदी भी जब्त की गई है |
नोटबंदी के दौरान नकदी जमा कराने के भी मिले सबूत
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान 1.2 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी भी जब्त की गई | सीबीडीटी ने दावा किया है कि बुलियन ट्रेडर के ठिकानों से मिले सबूतों से पता चला है कि नकद बिक्री, फर्जी नकदी क्रेडिट, बेहिसाब कैश डिपॉजिट, खरीद के लिए लोन की आड़ में डमी अकाउंट्स में नकदी जमा की गई थी | इसके अलावा नोटबंदी की अवधि के दौरान नकद जमा कराए जाने के संबंध में भी जानकारी मिली है |
भीलवाड़ा | राजस्थान के भीलवाड़ा से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि शहर की भीमगंज थाना पुलिस ने नेहरू विहार कॉलोनी में सेक्स रैकेट का खुलासा किया है | जानकारी के अनुसार पुलिस ने छापामारी करते हुए एक दलाल सहित 7 युवतियों को गिरफ्तार किया है | यह युवतियां दिल्ली, यूपी और नेपाल से भीलवाड़ा में बुलायी गयी थी | मिली जानकारी के अनुसार देह व्यापार का दलाल युवक पहले भी पीटा एक्ट और मादक पदार्थ रखने के मामले में पकड़ा गया था |
पुलिस उप अधीक्षक सदर रामचंद्र चौधरी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि नेहरू विहार कॉलोनी में रहने वाला एक युवक क्षेत्र में सेक्स रैकेट चला रहा है | इस पर बोगस ग्राहक बनाकर वहां भेजा गया, और देह व्यापार की पुष्टि होते ही मौके पर धरपकड़ की कार्यवाही को अंजाम दिया गया |
मौके से पुलिस ने एक दलाल और 7 युवतियों को हिरासत में लिया, जिन्हें पीटा एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया | जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने जिले के तमाम कस्बो में प्रोस्टीट्यूशन के कारोबार की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं |
कोलकाता। बंगाल चुनाव के लिए कोलकाता में होने वाली पीएम मोदी की रैली से ठीक पहले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भाजपा में शामिल हो गए। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। इस दौरान सभा में जय श्री राम के नारे लग और खुद मिथुन ने पार्टी का झंडा लहराया।
कोलकाता में मोदी की रैली इसी मंच पर दो बजे से शुरू होने वाली है। उससे पहले ब्रिगेड ग्राउंड में बीजेपी बंगाल चीफ दिलीप घोष ने मिथुन को पार्टी की सदस्यता दिलाई। बताया जा रहा है कि मिथुन चक्रवर्ती इस मंच पर मोदी के भाषण से पहले अपना भाषण भी देंगे। मैदान में काफी भीड़ उमड़ी है। मिथुन चक्रवर्ती टीएमसी से राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। इससे पहले मिथुन चक्रवर्ती ने शनिवार शाम को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की थी। कैलाश विजयवर्गीय ने इस बात की पुष्टि की थी कि मिथुन मोदी की रैली में उपस्थित रहेंगे, मगर उनके भाजपा में शामिल होने की खबर को संस्पेंस में रखा। हालांकि अब मिथुन भाजवा में शामिल हो गए हैं और बाहरी के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहीं ममता बनर्जी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं होगा।
#WATCH Live from Kolkata: PM Modi's public rally at Brigade Parade Ground https://t.co/xFNCdu5Q8w
— ANI (@ANI) March 7, 2021
जींद (हरियाणा)। महिला थाना पुलिस ने एक महिला का अश्लील वीडियो बनाकर उसका यौन शोषण करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि पिल्लूखेड़ा थाना क्षेत्र की एक महिला ने गत 9 फरवरी को पुलिस को दी गई एक शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने उससे दुष्कर्म की कोशिश की और उसका अश्लील वीडियो बना लिया। लेकिन पीड़िता के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग गया।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर लंबे समय से लगातार उसका यौन शोषण कर रहा था। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया था और रोहताश नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान यह पता चला कि वीडियो गांव के ही सुनील नाम के एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन से बनाई थी। पुलिस ने सुनील को भी गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण कल यानि सोमवार से सभी कोरोना महामारी उपायों के साथ शुरू होगा। संसद का बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी को राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के संबोधन के साथ शुरू हुआ। बजट सत्र का पहला हिस्सा 27 फरवरी को संपन्न हुआ। बजट सत्र के पहले हिस्से में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट को पेश किया था। बजट सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से शुरू होकर 8 अप्रैल को समाप्त होगा।
इस बार सांसदों के लिए टीकाकरण केंद्र
संसद परिसर के अंदर सांसदों के लिए एक टीकाकरण केंद्र स्थापित किया गया है। लोकसभा के एक बुलेटिन में कहा गया है कि संसद सदस्यों के कल्याण के लिए मंगलवार 9 मार्च से संसद भवन मेडिकल सेंटर में एक COVID-19 टीकाकरण केंद्र स्थापित किया गया है। 60 वर्ष से अधिक आयु के संसद सदस्य राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के वर्तमान चरण में टीका लगाने के लिए पात्र हैं। 45 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्ति, जिन्हें कोरोना का खतरा है वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के पात्र हैं। संसदीय आंकड़ों के अनुसार लोकसभा के 36 प्रतिशत सांसद और राज्यसभा के 62 प्रतिशत सांसद 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
कब से कब तक चलेगी संसद की कार्यवाही ?
बजट सत्र के पहले चरण की तरह इस बार भी कोरोना उपायों के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अलग-अलग समय पर होगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सूचित किया कि राज्यसभा सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी जबकि लोकसभा शाम 4 से रात 10 बजे के बीच कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि बजट सत्र का दूसरा भाग 8 अप्रैल को संपन्न होगा।
काफी अच्छा रहा बजट सत्र का पहला हिस्सा
लोकसभा सचिवालय ने बताया कि कि संसद में दो हिस्सों में चले बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा में 99.5 प्रतिशत उत्पादकता देखने को मिली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बजट सत्र 2021 के पहले चरण के दौरान बताया था कि लोकसभा 50 घंटे के निर्धारित समय के मुकाबले 49 घंटे और 17 मिनट बैठी।
संसद के बजट बजट सत्र के पहले हिस्से में राष्ट्रपति के अभिभाषण के मोशन ऑफ थैंक्स पर चर्चा 16 घंटे और 39 मिनट तक चली और इसमें 130 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। इसी दौरान केंद्रीय बजट 2021-2022 पर सामान्य चर्चा के लिए 10 घंटे आवंटित किए गए थे, सदन ने 14 घंटे और 40 घंटे तक बहस की। मिनट। केंद्रीय बजट 2021-2022 पर 117 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। शून्य काल की चर्चा में 173 सदस्यों ने भाग लिया। शून्य काल के दौरान सदस्यों द्वारा तत्काल सार्वजनिक महत्व के कई मामले उठाए गए।














