मुंबई । महाराष्ट्र के ठाणे की एक विशेष अदालत ने 24 वर्षीय युवक को लगातार एक लड़की का पीछा करने के मामले 22 महीने कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 डी (पीछा करना) और पॉक्सो कानून के तहत युवक को दोषी करार देते हुए जुर्माना भी लगाया है। हाल ही में पारित आदेश के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरआर वैष्णव ने दोषी सुनील कुमार दुखीलाल जायसवाल पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया। अतिरिक्त लोक अभियोजक उज्जवला मोहोलकर ने अदालत को बताया कि युवक लगातार एक लड़की का पीछा करता था। लड़की के पिता ने जून 2016 में शिकायत दर्ज कराई थी।
जौनपुर, जिले के चन्दवक थाने की पुलिस ने 11 अभियुक्तों को दबोचकर 25 लाख के पुराने नोट और असलहा बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक राजकरन नैयर ने बताया कि थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में चन्दवक पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर छावनी तिराहा ग्राम बरामनपुर के पास से अभियुक्त बृजेश यादव उर्फ वालिस्टर पुत्र सुरेन्द्र यादव निवासी इनायतपुर थाना सैदपुर जनपद गाजीपुर , रविशंकर पाठक पुत्र कृपाशंकर पाठक निवासी रावल थाना सैदपुर जनपद गाजीपुर , वेचन राजभर पुत्र जीउत राजभर निवासी बुड्ढनपुर थाना सादात जनपद गाजीपुर , प्रदीप कुमार पुत्र श्याम नरायन राय निवासी नसरतपुर धिरजी थाना भुडकुडा जनपद गाजीपुर , राहुल कुमार पुत्र रमेश प्रसाद निवासी अलीपुर मदरा थाना भुडकुडा जनपद गाजीपुर , धर्मेन्द्र कुमार पुत्र लाल चन्द्र राम निवासी हुसैनपुर थाना कोतवाली गाजीपुर , प्रवीण कुमार सिह पुत्र प्रेम शंकर सिह निवासी हिंगतरगढ़ थाना धानापुर जनपद चन्दौली , अनिल सिह पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी वरामनपुर थाना चन्दवक जनपद जौनपुर, सुरेश कुमार मिश्र पुत्र स्व0 राम सकल नरायन मिश्र निवासी रामापुर हथिपार थाना वडागांव जनपद वाराणसी , कमलेश पाण्डेय पुत्र स्व0 पारशनाथ पाण्डेय निवासी औढे थाना लालपुर पाण्डेयपुर जनपद वाराणसी तथा. रवि कुमार पुत्र दयाराम निवासी नसरतपुर धिरजी थाना भुडकुडा जनपद गाजीपुर को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से कुल पच्चीस लाख रुपये के पुराने नोट व एक पिस्टल ,एक देशी तमंचा 16 एटीएम कार्ड बरामद हुआ। वे उक्त पैसे को बदलने के फिराक मे थे एवं एटीएम कार्ड का प्रयोग स्थान बदलकर सीधे साधे लोगों से एटीएम कार्ड से पैसा निकालते समय धोखधड़ी से एटीएम बदलने कार्य करते है।
नईदिल्ली। कोविड टीकाकरण की शुरूआत माननीय प्रधानमंत्री ने 16 जनवरी को की थी। 1 मार्च 2021 को देशव्यापी टीकाकरण अभियान का विस्तार कर इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ 45 साल से अधिक उम्र के उन लोगों को शामिल किया जाएगा जो अन्य बीमारियों से ग्रस्त हैं। को-विन डिजिटल मंच को इस समय को-विन 1.0 से को-विन 2.0 में बदला जा रहा है। इसके मद्देनजर शनिवार और रविवार (27 और 28 फरवरी 2021) को दो दिन तक कोविड-19 टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं किए जाएंगे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस बारे में पहले ही सूचना दी जा चुकी है।
WB Election 2021: चुनावी तारीखों के एलान के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं.उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में खेल खेला जाएगा. राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी के कहने पर चुनाव आयोग ने ऐसा किया. उन्होंने कहा कि बंगाल पर बंगाली ही राज करेगा किसी बाहरी को घुसने नहीं दिया जाएगा.
आठ चरणों में मतदान की घोषणा के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी के हिसाब से तारीखों का एलान हुआ. सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूछा कि आखिर एक जिले में तीन चरणों में क्यों चुनाव करवाए जा रह हैं.
ममता बनर्जी ने कहा, ''चुनाव आयोग ने पीएम मोदी और अमित शाह के दौरे के हिसाब से तारीखों का एलान किया है. जो बीजेपी ने कहा चुनाव आयोग ने वही किया है. गृह मंत्री अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रहे हैं. हम हर हाल में बीजेपी को हराएंगे. खेल जारी है हम खेलेंगे और जीतेंगे भी.''
ममता का पीएम पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ''पीएम अपनी ताकत का दुरुपयोग न करें. इससे बीजेपी को कोई फायदा नहीं होगा. बीजेपी को बंगाल की जनता जवाब देगी. बीजेपी जनता को हिंदू मुस्लिम में बांट रही है.''
चुनावी चरणों को लेकर चुनाव आयोग को घेरते हुए ममता ने कहा, ''आखिर एक जिले में दो या तीन चरणों में चुनाव क्यों करवाए जा रहे हैं. चुनाव आयोग की मंशा क्या है.'' इस दौरान कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल को भी अपना समझे.
कब-कब डाले जाएंगे वोट
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का एलान हो गया है. राज्य में 8 चरणों में वोट डाले जाएंगे और चार अन्य राज्यों के साथ यहां भी 2 मई को नतीजे आएंगे. चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 1 लाख एक हजार 916 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे.
पश्चिम बंगाल में 27 मार्च को पहले चरण के लिए वोटिंग होगी. एक अप्रैल को दूसरे चरण, 6 अप्रैल को तीसरे चरण, 10 अप्रैल को चौथे चरण, 17 अप्रैल को पांचवें चरण, 22 अप्रैल को छठे चरण, 26 अप्रैल को सातवें चरण और 29 अप्रैल को आठवें चरण के लिए वोट डाले जाएंगे.
लखनऊ । बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट की क्लोनिंग कर खाते में सेंध लगाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भारत सरकार की भूलेख वेबसाइट से आधार कार्ड व अंगूठे का निशान चोरी कर खातों से रुपये निकालने वाले दो युवकों को साइबर क्राइम सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी आधार कार्ड से लिंक किसी भी बैंक खाते से रुपये पार कर देते थे। जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक आरोपितों ने सैकड़ों लोगों के खातों से लाखों रुपये निकाले हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि कृष्णानगर निवासी एक व्यक्ति के खाते से 50 हजार रुपये निकाले थे। पीडि़त के पास न तो कोई वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आया था और न ही उसने खाते की जानकारी किसी से साझा की थी। पीडि़त ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच साइबर सेल टीम को दी गई। टीम ने जब छानबीन की तो सबसे सुरक्षित माने जाने वाले बायोमीट्रिक डाटा की क्लोनिंग का मामला उजागर हुआ। इसके बाद पुलिस टीम ने वाराणसी से मूलरूप से आजमगढ़ के ताहिरपुर, सरूपहां देवगांव निवासी देवेंद्र कुमार मौर्या और अमरौना चंडवक जौनपुर निवासी रमेश कुमार को गिरफ्तार किया।
आधार से संबंधित कंपनी में करता था काम
देवेंद्र ने बताया कि वह पेईनर कंपनी में काम करता है। यह कंपनी एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) सर्विस देती है। आरोपियों के पास कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर आईडी पासवर्ड है। इसके माध्यम से वह किसी को भी आधार से रुपये निकालने वाली सेवा के लिए पासवर्ड उपलब्ध करा देते हैं। वह किसी के भी आधार कार्ड व उसके फिंगर प्रिंट के माध्यम से रुपये निकाल सकता है।
रुपये निकालने का तरीका जानने के बाद शुरू किया खेल
छानबीन में सामने आया कि देवेंद्र ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के तहत रकम निकासी की प्रक्रिया जानने के बाद अपने साथी रमेश के साथ फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। आरोपियों को पता चला कि आधार कार्ड और फिंगर प्रिंट से वह किसी के भी खाते से रुपये निकाल सकते हैं। इसके लिए संबंधित का खाता आधार से लिंक होना चाहिए। इसके बाद आरोपियों ने भूलेख वेबसाइट पर अपलोड बैनामा धारकों का आधार कार्ड व फिंगर प्रिंट डाउनलोड कर लिये। इसके बाद थर्मल स्कैनर, बटर पेपर, इमेज बूस्टर व थिनर लिक्विड की मदद से भूलेख पर उपलब्ध फिंगर प्रिंट की क्लोनिंग कर लेते थे। इसका इस्तेमाल बायोमीट्रिक मशीन पर लगाकर आधार कार्ड नंबर डालते थे और लोगों के खातों से रकम पार कर देते थे।
सुरक्षा में सेंध से खलबली
सबसे सुरक्षित माने जाने वाले बायोमीटिक सिस्टम में सेंधमारी उजागर होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मची हुई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर से लेकर कई अधिकारियों ने दोनों आरोपियों से लंबी पूछताछ की है। विभिन्न वेबसाइट पर उपलब्ध बायोमीट्रिक डाटा की क्लोनिंग की जानकारी उच्चाधिकारियों ने राज्य व केंद्र सरकार को दे दी है। यही नहीं, वेबसाइट की देखरेख करने वाली कंपनियों को भी इससे अवगत कराया गया है। पुलिस संबंधित विभाग को खामियां दूर करने के लिए पत्र लिखेगी। आरोपियों के पास से क्लोन किए गए फिंगर प्रिंट के सैंपल भी बरामद किए गए हैं।
रिटायर्ड दरोगा का बेटा है कंपनी का कर्मचारी
आरोपी देवेंद्र कुमार मौर्या के पिता पुलिस विभाग में तैनात थे और सब इंस्पेक्टर के पद से रिटायर्ड हुए हैं। देवेंद्र ने बताया कि जिस कंपनी में वह काम करता है, उसमें कुछ कर्मचारियों ने इसी तरह से फ्रॉड किया था, लेकिन वह पकड़े नहीं गए थे। मामले का खुलासा होने पर उन कर्मचारियों के फ्रॉड के पैसों को जुर्माने के रूप में उससे वसूला गया था। करीब उसने चार लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना भरा था। इसी की भरपाई के लिए उसने भी यह काम शुरू कर दिया था।
ऐसे तैयार करते थे फिंगर प्रिंट
आरोपी के अनुसार वह भारत सरकार की भूलेख वेबसाइट से आधार कार्ड व अंगूठे का निशान चोरी कर लेता था। इसके बाद स्कैनर के जरिए बटर पेपर पर अंगूठे के निशान को स्कैन कर लेता था और फिर बटर पेपर पर आई छाप को केमिकल (बरामद लिक्विड) के जरिए रबड़ नुमा अंगूठा तैयार कर लेता था। उसके बाद आधार कार्ड से कौन से अकाउंट नंबर लिंक है, इसकी जानकारी कर उस अंगूठे से अकाउंट से पैसा आधार इनेबल्ड पेमेंट के जरिए अलग-अलग वॉलेट में ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद उन्हें दूर दराज के केंद्र में पासवर्ड के जरिए कैश कर लेता था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि सचिव ने इस बैठक की अध्यक्षता की और ब्रिक्स 2021 के लिए विषयों, प्राथमिकताओं और कैलेंडर पर प्रकाश डाला। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सुषमा स्वराज भवन में ब्रिक्स के सचिवालय में भारत की ब्रिक्स 2021 वेबसाइट लॉन्च की थी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी बाद में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आ सकते हैं। चीन ने भी बैठक की मेजबानी करने में भारत को अपना समर्थन प्रदान किया था और वह ब्रिक्स देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है ताकि राजनीति, अर्थव्यवस्था और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान के क्षेत्र में अपने सहयोग का विस्तार कर सके।
ब्रिक्स
इस समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ये सदस्य क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। 12वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 17 नवंबर, 2020 को रूस द्वारा COVID-19 महामारी के बीच आयोजित किया गया था। ब्रिक्स का संयुक्त क्षेत्र 39,746,220 वर्ग किलोमीटर है और इन देशों की कुल आबादी लगभग 3.21 बिलियन है। यह दुनिया की भूमि की सतह का लगभग 26% और विश्व की आबादी का 41% हिस्सा है। ब्रिक्स के सभी सदस्य G20 के सदस्य भी हैं।
ऑस्ट्रेलिया की संसद ने 25 फरवरी, 2021 को “News Media and Digital Platforms Mandatory Bargaining Code” नामक ऐतिहासिक कानून पारित किया है। यह कानून वैश्विक डिजिटल प्लेटफार्मों को अपने संबंधित प्लेटफार्मों पर ऑस्ट्रेलियाई समाचार सामग्री को प्रकाशित करने के लिए भुगतान को अनिवार्य करता है। कानून मुख्य रूप से फेसबुक और गूगल पर लक्षित है। फेसबुक और गूगल को ऑस्ट्रेलियाई समाचार संगठनों को भुगतान करने के लिए सरकार के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। नए नियम के तहत सख्त अनिवार्य नियमों से बचने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह कानून यह सुनिश्चित करेगा कि समाचार व्यवसाय को “उनकी सामग्री के लिए भुगतान किया जाए”। यह देश में “सार्वजनिक हित पत्रकारिता” को बनाए रखने में भी मदद करेगा। ऑस्ट्रेलिया में संसद ने गूगल और फेसबुक को लक्षित करने के लिए इस कानून का प्रस्ताव दिया था। इस कानून के तहत, उन्हें अपनी सामग्री का उपयोग करने के लिए मीडिया कंपनियों के साथ भुगतान वार्ता करना आवश्यक है। हालाँकि, फेसबुक और गूगल ने बताया था कि ये मीडिया उद्योग पहले से ही इन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से उनकी वेबसाइट पर आने वाले ट्रैफ़िक से लाभान्वित हो रहे थे।
इस प्रकार के अन्य अंतर्राष्ट्रीय कानून
फ्रांस की संसद ने 2019 में “GAFA टैक्स” (Google, Apple, Facebook और Amazon के लिए संक्षिप्त नाम) कानून पारित किया था। इस कानून को बिक्री पर 3% लगान लगाने के लिए पारित किया गया था। इसी तरह, यूरोपीय संघ ने “डिजिटल सर्विसेज एक्ट” और “डिजिटल मार्केट्स एक्ट” पारित किया, जो कि यूरोपीय बाजार में एप्पल, गूगल, फेसबुक और अमेज़ॅन जैसी वैश्विक तकनीकी दिग्गजों की शक्तियों को सीमित करने का प्रयास करता है।
भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने घोषणा की कि दोनों पक्ष जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ सीमा पार से गोलीबारी रोकने पर सहमत हुए हैं। यह समझौता फरवरी 2021 से लागू होगा संयुक्त वक्तव्य दोनों देशों के सैन्य संचालन के निदेशक जनरलों द्वारा जारी किया गया था। दोनों पक्षों ने फैसला किया है कि देशों के बीच किसी भी गलतफहमी को हल करने के लिए बॉर्डर फ्लैग मीटिंग का उपयोग किया जाएगा। भारत और पाकिस्तान दोनों वर्ष 1987 से हॉटलाइन स्तर पर संपर्क में हैं। दोनों देशों के DGMOs भी इस स्थापित तंत्र के माध्यम से संपर्क में रहते हैं। नियंत्रण रेखा के साथ 2014 के बाद से सीमा पार से गोलीबारी बढ़ गई थी।
भारत-पाकिस्तान सीमा संघर्ष
भारत-पाकिस्तान सीमा संघर्ष में दोनों देशों के बीच सीमा पार हवाई हमले और गोलाबारी सहित सशस्त्र संघर्ष की एक श्रृंखला शामिल है। सबसे हालिया घातक संघर्ष 14 फरवरी, 2019 का पुलवामा हमला था जिसमें 40 भारतीय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान शहीद हुए थे। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने उस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद, भारत ने जवाब में 26 फरवरी, 2019 को बालाकोट में एयरस्ट्राइक करके आतंकी ठिकाने नष्ट किये ।
2020 में संघर्ष
वर्ष 2020 में, दोनों देशों के बीच गतिरोध की शुरुआत नवंबर 2020 में LOC के साथ गोलाबारी के प्रमुख आदान-प्रदान के साथ हुई। इसके परिणामस्वरूप 11 नागरिकों सहित 22 की मौत हुई। नवंबर 2020 में राजौरी और पुंछ में एक भारतीय सैनिक की हत्या कर दी गई थी।
मुंबई, प्रसिद्ध बिजनेसमैन मुकेश अम्बानी के बंगले के पास एक स्कॉर्पियो गाड़ी मिली है. इस गाड़ी में जिलेटिन मिला है. यह सूचना मिलते ही बीडीडीएस, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, लोकल डीसीपी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं.
जानकारी के मुताबिक जो स्कॉर्पियो मिली है उसका नंबर प्लेट मुकेश अंबानी के घर में इस्तेमाल की जा रही रेंज रोवर के नंबर प्लेट से मैच करती है. इसकी जानकारी पुलिस को दी गई है और कार को पुलिस अपने साथ ले गयी है. पुलिस को उस स्कॉर्पियो गाड़ी में 25 से ज्यादा जिलिटीन स्टिक्स मिले हैं.
वैसे यह गाड़ी अंबानी के घर से थोड़े फासले पर मिली है. अंबानी का घर अल्ट्रामाउंट रोड पर है जबकि गाड़ी टांडा रोड पर बरामद हुई है. इस जगह से अंबानी का घर नजर आता है.
मुंबई पुलिस के पीआरओ ने कहा, “गामदेवी पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत आज कार्मिकेल रोड पर एक संदिग्ध वाहन मिला जिसके बाद बम डिटेक्शन एवं डिस्पोजल स्क्वाड टीम और पुलिस दल मौके पर पहुंचे, वाहन की जांच की और वाहन के भीतर विस्फोटक सामग्री जिलेटिन पाई गई. यह एक असेंबल विस्फोटक डिवाइस नहीं है. जांच जारी है.”
A suspicious vehicle was found on Carmichael Rd this evening under limits of Gamdevi Pstn. BDDS & other Police teams reached the spot immediately, examined & found some explosive material Gelatin inside. It’s not an assembled explosive device. Further investigation is going on.
— Mumbai Police (@MumbaiPolice) February 25, 2021
इंदौर। इंदौर के जेल रोड स्थित 3 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर जीएसटी विभाग का की टीम ने छापामार कार्रवाई की है। छापे के खबर से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। देखते ही देखते जेलरोड स्थित कई दुकानों के शटर नीचे गिर गए।
बताया जा रहा है कि जीएसटी अधिकारियों को कर चोरी की शिकायत मिली थी जिसके बाद अधिकारियों की टीम आज अमित इलेक्ट्रिक, स्पेयर हाउस व सुप्रिया सेल्स सहित अन्य दुकानों पर दबिश दी। अधिकारियों की टीम दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक सामानों की खरीदी-बिक्री के सभी कागजातों को खंगाल रही है।
जीएसटी विभाग की इस गोपनीय कार्रवाई की किसी को पहले से भनक ना लगे इसलिए अधिकारियों की टीम उज्जैन पासिंग वाहनों से मौके पर पहुंची थी।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया. वह इलेक्ट्रिक स्कूटर पर बैठकर राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ पहुंचीं. स्कूटर राज्य सरकार में मंत्री और कोलकाता के मेयर फरहाद हकीम चला रहे थे. हालांकि जब मुख्यमंत्री ममता ने जब खुद स्कूटर चलाने की कोशिश की तो वह गिरते-गिरते बचीं.
#WATCH | West Bengal CM Mamata Banerjee nearly falls while driving an electric scooter in Howrah, as a mark of protest against fuel price hike. She quickly regained her balance with support and continued to drive.
— ANI (@ANI) February 25, 2021
She is travelling to Kalighat from State Secretariat in Nabanna pic.twitter.com/CnAsQYNhTP
स्कूटर पर सवार ममता बनर्जी ने गले में तख्ती टांग रखी थी, जिस पर ईंधन के दाम में वृद्धि के खिलाफ नारे लिखे थे. उन्होंने हेलमेट पहन रखा था और हाजरा मोड़ से राज्य सचिवालय के बीच सात किलोमीटर का सफर स्कूटर पर तय करते हुए सड़क के दोनों ओर लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया.
नईदिल्ली । देश में 1 मार्च से कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। इस चरण में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके अलावा, जिन लोगों की उम्र 45 साल से अधिक होगी और उन्हें कोमॉर्बिडिटीज होगी, वे भी कोरोना टीका लगवा सकेंगे। इसके लिए सरकारी और प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएंगे। प्राइवेट सेंटर पर लोगों को पैसे खर्च करने पड़ेंगे, जबकि सरकारी सेंटर्स पर यह वैक्सीन मुफ्त में लगवाई जा सकेगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि एक मार्च से होने वाला टीकाकरण दस हजार सरकारी और 20 हजार प्राइवेट सेंटरों पर हो सकेगा। सरकारी सेंटर्स पर वैक्सीन मुफ्त में लगेगी, जबकि प्राइवेट में पैसे देने पड़ेंगे। जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, जो लोग प्राइवेट अस्पताल में कोरोना की वैक्सीन लगवाना चाहेंगे, उन्हें पैसे खर्च करने पड़ेंगे। अस्पतालों और मैन्युफैक्चरर्स से बात करने के बाद आने वाले दो-तीन दिनों में प्राइवेट सेंटर पर लगने वाले पैसों के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय फैसला ले लेगा।
भारत में 16 जनवरी से हुई थी शुरुआत
कोरोना टीकाकरण की शुरूआत भारत में 16 जनवरी से हुई थी। तब से अब तक एक करोड़ बीस लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सबसे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स से शुरूआत हुई थी, जिसके बाद दो फरवरी से फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाई जाने लगी। सरकार ने 20 फरवरी तक समयसीमा तय की थी कि सभी हेल्थकेयर वर्कर्स को कोरोना वायरस वैक्सीन का पहला डोज लगा दिया जाए। अधिकारियों ने बताया कि आठ राज्य 75 फीसदी हेल्थकेयर वर्कर्स को वैक्सीन की पहली डोज दे चुके हैं।
नईदिल्ली। अन्नदाताओं के जीवन को गरिमा प्रदान करने और उनकी संपन्नता सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान योजना ने आज दो वर्ष पूरे कर लिए। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कई ट्वीट जारी करते हुए कहा, “दो साल पहले आज के दिन, देशवासियों के लिए अन्न उपजाने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करने वाले अपने कर्मठ अन्नदाताओं के जीवन को गरिमा प्रदान करने और उनकी संपन्नता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान योजना शुरू की गई थी। हमारे अन्नदाताओं की दृढ़ता और उनका जुनून हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है।” पिछले 7 सालों में भारत सरकार ने कृषि में बदलाव लाने के लिए बहुत से कदम उठाए हैं। बेहतर सिंचाई से लेकर आधुनिक प्रौद्योगिकी तक, अधिक ऋण से लेकर समुचित कृषि बीमा के लिए बाजार बनाने तक, मिट्टी के स्वास्थ्य से लेकर बिचौलियों को हटाने तक व्यापक उपाय किये गये हैं। हमारी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। हम अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं। अन्नदाताओं के कल्याण के लिए जो भी कार्य किया गया है, उसकी एक झलक आप नमो ऐप पर देख सकते हैं। पीएम किसान निधि की लॉन्चिंग को आज दो साल पूरे हो रहे हैं।अन्नदाताओं के कल्याण को समर्पित इस योजना से करोड़ों किसान भाई-बहनों के जीवन में जो बदलाव आए हैं, उससे हमें उनके लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा मिली है।
अन्नदाताओं के जीवन को आसान बनाने और उनकी आय दोगुनी करने का जो संकल्प देश ने लिया है, उसमें पीएम किसान निधि की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज हमारे किसान आत्मनिर्भर भारत अभियान के भी अभिन्न अंग बन रहे हैं"।
मैंगलोर। दुर्लभ पक्षी येलो-बिल्ड बैबलर (Yellow-Billed Babbler), ग्रीन सैंडपाइपर (Green Sandpiper) और ग्रे-नेक्ड बंटिंग (Grey-Necked Bunting) को मैंगलोर विश्वविद्यालय में देखा गया। बर्डवॉचर्स की टीम ने मैंगलोर यूनिवर्सिटी में पक्षियों की 108 प्रजातियों को देखा, जब वे कैंपस बर्ड काउंट (CBC) का आयोजन कर रहे थे। कैंपस बर्ड काउंट ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट का हिस्सा है जो बर्ड काउंट ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित किया जाता है। पक्षी की गणना 12 फरवरी से 15 फरवरी, 2021 तक की गई थी। येलो-बिल्ड बैबलर (Yellow-Billed Babbler), ग्रीन सैंडपाइपर (Green Sandpiper) और ग्रे-नेक्ड बंटिंग (Grey-Necked Bunting) इस परिसर में पाए गये नए पक्षी हैं। इस अतिरिक्त के साथ, CBC ने अब तक छह वर्षों के भीतर परिसर में कुल 146 प्रजातियों को दर्ज किया है। इस वर्ष जो अन्य पक्षी रिकॉर्ड किए गए उनमें ब्लैक ड्रोंगो, ब्लैक काइट, प्लम हेडेड पैराकीट्स, ब्राह्मणी काइट, कॉमन इओरा, जंगले बैबलर, पर्पल-रोम्ड सनबर्ड, रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल और व्हाइट-चेक्ड बार्बेट हैं। मैंगलोर यूनिवर्सिटी में कैंपस बर्ड काउंट 2016 में 77 प्रजातियां दर्ज की गई थीं। 2017 में 95 प्रजातियां दर्ज की गईं, 2018 में 110 प्रजातियां दर्ज की गईं, जबकि 2019 में 107 प्रजातियां खोजी गईं, इसके अलावा वर्ष 2020 में 103 प्रजातियां पाई गईं। यह संगठनों और समूहों की एक अनौपचारिक साझेदारी है जो पक्षियों के वितरण और उनकी आबादी के बारे में सामूहिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह संगठन भारत में वितरण रेंज और बहुतायत पक्षियों के डॉक्यूमेंटेशन के उद्देश्य से उनके साथ काम करता है। यह Leiothrichidae परिवार से सम्बंधित है। यह पक्षी दक्षिणी भारत और श्रीलंका के लिए स्थानिक है। झाड़ी, खेत और बगीचे की जमीन इस पक्षी का निवास स्थान है। यह पक्षी प्रवासी नहीं है। इसका वैज्ञानिक नाम Emberiza buchanani है। इसे ग्रे-हूडेड बंटिंग भी कहा जाता है। यह प्रजाति परिवार Emberizidae से सम्बंधित है।
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 22 फरवरी, 2021 को मंगल से पहला ऑडियो जारी किया। पेरसेवेरांस रोवर ने हवा की ध्वनी की रिकॉर्डिंग की है। नासा ने रोवर की लैंडिंग का पहला वीडियो भी जारी किया है। यह रोवर मंगल ग्रह पर जीवन के संकेत की खोज करेगा। इस रोवर ने लगभग तीन मिनट और 25 सेकंड की एक हाई-डेफिनिशन वीडियो क्लिप भेजी है। वीडियो में 5 फुट चौड़ी छतरी वाले एक लाल और सफेद पैराशूट की तैनाती दिखाई गई है। वीडियो में यह दिखाया गया है कि ‘पेरसेवेरांस’ की हीट शील्ड गिर रही है जब यह मंगल के वातावरण में प्रवेश कर रहा था।
मार्स 2020 मिशन
यह नासा के मार्स एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम द्वारा निर्मित मार्स रोवर है। इसमें ‘परसेवेरांस’ रोवर और एक ‘इन्जेयूटी’ हेलीकाप्टर ड्रोन शामिल हैं। मिशन को 30 जुलाई, 2020 को पृथ्वी से एटलस वी 541 लॉन्च व्हीकल पर लॉन्च किया गया था। इस मिशन की घोषणा नासा ने दिसंबर 2012 में सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन की बैठक के दौरान की थी।
परसेवेरांस रोवर
रोवर ग्रह पर खगोलीय-जैविक वातावरण से जुड़ी खोज करेगा। यह मंगल की सतह की भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं और इतिहास पर भी फोकस करेगा। इस रोवर का डिज़ाइन क्यूरियोसिटी रोवर से प्रभावित है। इसमें 19 कैमरे और दो माइक्रोफोन शामिल हैं। इस प्रकार, यह मंगल ग्रह के पर्यावरण के ऑडियो को भी रिकॉर्ड करेगा।
कानपुर। वैज्ञानिकों ने ऐसा स्टिकी चिपकने वाला मैट विकसित किया है जो संपर्क में आने वाली सतह के धूल कणों को समेट कर हमारे घरों, कार्यालयों, अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में स्वच्छ, स्वास्थ्यकर और तरोताजा वातावरण को सुनिश्चित करता है। महंगे और संवेदनशील उपकरणों को भी स्वच्छ रखकर उनकी सुचारू कार्यशीलता को सुनिश्चित करता है। यह मेट सस्ता है और धोया जा सकता है तथा इस तरह से से बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है। आईआईटी कानपुर के रसायन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अनिमांगशु घटक ने भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की सहायता से मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत यह मेट विकसित किया है। उन्होंने दीवार पर चढ़ने वाले जीव जंतुओं जैसे कि घरों में मिलने वाली छिपकली के पंजों में चिपकने वाले पैड को देख कर और उससे प्रेरित होकर इसे विकसित किया। मैट में मौजूद एड्हेसिव अपनी सतह पर मौजूद अति सूक्ष्म पिरामिड आकार के बंप की मदद से धूल कणों को अपनी ओर खींच लेता है जिससे कि जब हम उस पर कदम रखते हैं तो हमारे जूतों के सोल साफ हो जाते हैं। जब एड्हेसिव पूरी तरह से धूल कणों से भर जाता है तो इसे उसी तरह से साफ कर लिया जाता है जैसे कि हम अपने कपड़े धोते हैं। इसके बाद उसकी सतह एक बार फिर से अपना काम दोबारा काम शुरू करने के लिए तैयार हो जाती है और इस तरह से सैकड़ों बार इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने मेट के विकास के लिए बड़े क्षेत्र, सरल पद्धति द्वारा सतह के आकार के नियंत्रण, धोने की संभावना और पुनः उपयोग जैसी बातों का ध्यान रखते हुए इसे विभिन्न आकारों में तैयार करने की सोच पर काम किया है। इसको प्रमाणित किया गया है तथा स्टिकी मेट के लिए भारतीय पेटेंट का आवेदन भी दायर किया गया है। यह तैयार करने और धोने में आसान, पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल, सस्ता है और इस उद्देश्य से आयात किए जाने वाली सामग्री की जगह ले सकता है। स्टिकी मेट की तरह का सबसे करीबी उत्पाद 3एम स्टिकी मेट है लेकिन इसे धोया नहीं जा सकता और दोबारा उपयोग में नहीं आ सकता। यह मेट अस्पतालों के आईसीयू में उपयोग किया जा सकता है। संवेदनशील उपकरण को रखने वाले कक्ष और सुविधाओं में एयर फिल्टर के एक घटक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रौद्योगिकी ऐसी हर जगह के लिए महत्वपूर्ण है जहां साफ सफाई और स्वच्छता की आवश्यकता है। टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल के स्तर पर यह उत्पाद 7-8 के स्तर पर है और इसका अभी व्यवसायीकरण किया जाना है। बड़े स्तर पर इसका उत्पादन करने के लिए प्रायोगिक संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है।
भोपाल | बजरिया के विजय नगर में एक स्कूल शिक्षिका के साथ के साथ ऑटो चालक ने दो माह तक डरा धमकाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने शिकायत के बाद केस दर्ज लिया है।
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पीडि़ता ने पुलिस केा बताया कि वह डर गई थी, इसलिए दो माह बाद शिकायत की। बजरिया पुलिस के अनुसार 22 वर्षीय युवती गोविंदपुरा के एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। आरोपित ऑटो चालक 45 वर्षीय लोकेश विश्वकर्मा के बच्चे सी स्कूल में पढ़ते हैं, जहां पीडि़ता शिक्षिका है| इसी दौरान आरोपित और पीडि़ता की पहचान हो गई थी।
अरोपित कई बार शिक्षका को उसके अशोकागार्डन स्थित घर पर छोडऩे भी जाता था। आरोपित को अक्टूबर 2020 को शिक्षिका रास्ते में जाते हुए मिली तो वह उसे बच्चों से मिलवाने के बहाने घर ले गया। जहां उसने शिक्षिका के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित उसे डरा धमकाकर दिसम्बर 2020 तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
नई दिल्ली | गुजरात के भरूच जिले में मंगलवार तड़के एक बड़ा हादसा हुआ। जिले के झगड़िया स्थित कैमिकल कंपनी यूपीएल-5 प्लांट में धमाके के साथ आग लग गई। धमाके और आग की चपेट में आने से कम से कम 24 लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना सुबह के दो बजे घटित हुई।
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घटनास्थल पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच चुकी हैं जो आग पर काबू पाने की कोशिश की कर रही हैं। यह हादसा कंपनी के सीएम नामक प्लांट में हुआ है। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज 15 किलोमीटर तक सुनाई दी थी। वहीं धमाके के कारण आसपास के गांव में रहने वाले लोगों को भूकंप जैसा महसूस हुआ। इस कारण कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे।
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यूपीएल कंपनी में धमाके के बाद लगी आग के कारण 24 कर्मचारी घायल हो गए हैं। उन्हें भरूच और वडोदरा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। आग लगने के कारण आसपास धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो यूपीएल कंपनी में हुए धमाके की वजह से आसपास स्थित गांव दढेड़ा, फुलवाड़ी और करलसाडी के घरों की खिड़कियों पर लगे शीशे तक चकनाचूर हो गए।
धमाके के बाद दमकल की एक बड़ी टीम मौके पर मौजूद है। टीम आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य और जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। इससे पहले पिछले साल जून में भरूच में ही स्थित एक कैमिकल कंपनी में धमाका हुआ था। धमाका स्टोरेज टैंक में हुआ था। पटेल समूह की इस कंपनी में धमाके के कारण 10 लोगों की मौत हो गई थी। घटनास्थल पर छह लोगों की लाश मिली थी जबकि चार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।








