नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को और तेज करने के लिए आज प्रधानमंत्री मोदी लगातार 3 बैठकें करने जा रहे हैं जिनमें बड़े और कठोर कदम उठाए जाएंगे। आज पीएम मोदी पहले सुबह 9 बजे एक समीक्षा बैठक कर चुके हैं जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके बाद 10 बजे से वे देश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री लगातार कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और अधिकारियों एवं विभिन्न स्तरों पर संबंधित लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को भी ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर एक बैठक की थी। इसके चलते प्रधानमंत्री ने अपना पश्चिम बंगाल का चुनावी दौरा भी स्थगित कर दिया। बता दें कि देश में कोरोना वायरस से एक दिन में मिलने वाले मरीजों का आंकड़ा तीन लाख पार कर चुका है।
कोरोना के तेजी से बढ़े मामलों के बाद ऑक्सीजन की कमी एवं अस्पताल, आईसीयू, वेंटीलेटर आदि को लेकर देशभर में उत्पन्न स्थिति को देखते हुए समूची केंद्र सरकार हरकत में है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सारी स्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और बैठकें कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने खुद कमान संभाल रखी है और मंत्रालयों एवं विभिन्न उद्योगों और संबंधित लोगों के साथ ही सीधा संवाद शुरू किया है, ताकि जितनी जल्दी हो सके, स्थितियों को काबू में किया जा सके।
मुंबई। महाराष्ट्र स्थित मुंबई से सटे विरार इलाके में विजय वल्लभ कोविड अस्पताल में आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार विरार वेस्ट स्थित विजय वल्लभ हॉस्पिटल में 15 पेशंट्स आईसीयू में थे, जिसमें से 13 की मौत हो गई। माना जा रहा है कि एसी में शॉ र्टसर्किट के चलते आग लगी। बताया गया कि अस्पताल का आईसीयू सेंकड फ्लोर पर था। सुबह 3 बजे के करीब आग लगी।
अस्पताल के सीईओ दिलीप शाह ने कहा कि इस घटना मं 13 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में करीब 90 पेशेंट्स हैं। उन्होंने बताया कि जिन पेशेंट्स को ऑक्सीजन की जररूत है उन्हें हम दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर रहे । शाह ने बताया कि आईसीयू से कुछ आग जैसा गिरा और 1-2 मिनट में आग फैल गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में फायर सेफ्टी है। सीईओ ने दावा किया कि रात में अस्पताल में डॉक्टर थे।
बीजिंग/नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से भारत में हालत दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे है। देश में संक्रमितों का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। रिकॉर्ड संख्या में रोज सामने आ रहे मरीजों के साथ ऑक्सीजन की किल्लत ने समस्या और भयावह कर दी है। मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर धराशाई होने की कगार पर पहुंच गया है। इसी बीच भारत के साथ लगभग हर मुद्दे पर विरोधी भाव रखने वाले पड़ोसी देश चीन ने कहा है कि वह इस संकट के समय में महामारी की दूसरी लहर से उबरने में भारत की मदद करने के लिए तैयार है।
ज्ञातव्य है कि पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना संक्रमण के तीन लाख 14 हजार 835 नए मामले दर्ज किए गए और 2104 मरीजों की मौत हुई है। यह महामारी की शुरुआत से अब तक किसी देश में एक दिन का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। अभी तक एक दिन में किसी भी देश में इतनी संख्या में कोरोना मरीज नहीं मिले थे। भारत में कोरोना के कुल मामलों की संख्या अब एक करोड़ 60 लाख 3821 पर पहुंच गया है, जो केवल अमेरिका से कम है। अमरिका में अब तक तीन करोड़ 26 लाख 4757 मामले मिले हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत में महामारी की स्थिति को देखते हुए बीजिंग मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, `कोविड-19 महामारी पूरी मानवता की शत्रु है। इस महामारी के खिलाफ जंग के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होने की जरूरत है। चीन ने देखा है कि भारत में स्थिति गंभीर है और वहां मेडिकल सप्लाई की कमी हो रही है। हम हर जरूरी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में आ सके।`
भारतीय रेल कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई के तहत ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन कर रही है। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) टैंकरों के साथ पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज रात से विशाखापट्टनम से मुंबई के लिए अपनी पहली यात्रा शुरू करने जा रही है। विशाखापट्टनम पर एलएमओ से भरे टैंकरों की भारतीय रेल की रो-रो सेवा के माध्यम से भेजा जा रहा है।
एक अन्य ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने उत्तर प्रदेश में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए वाराणसी के रास्ते लखनऊ से बोकारो के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। ट्रेन की यात्रा के लिए लखनऊ से वाराणसी के बीच एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया था। ट्रेन ने 270 किलोमीटर की दूरी 62.35 किमी प्रति घंटा की औसत गति के साथ 4 घंटे 20 मिनट में तय की थी।
ट्रेनों के माध्यम से ऑक्सीजन की ढुलाई लंबी दूरियों पर सड़क परिवहन की तुलना में तेज है। ट्रेनें एक दिन में 24 घंटे तक चल सकती हैं, लेकिन ट्रक के चालकों को आराम आदि की जरूरत होती है।
यह खुशी की बात हो सकती है कि टैंकरों की लोडिंग/ अनलोडिंग को आसान बनाने के लिए एक रैम्प की जरूरत होती है। कुछ स्थानों पर रोड ओवर ब्रिज्स (आरओबी) और ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की ऊंचाई की सीमाओं के कारण, रोड टैंकर का 3320 मिमी ऊंचाई वाला टी 1618 मॉडल 1290 मिमी ऊंचे फ्लैट वैगनों पर रखे जाने के लिए व्यवहार्य पाया गया था।
रेलवे ने बीते साल लॉकडाउन के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई की और आपूर्ति श्रृंखला को बना रखा तथा आपात स्थिति में राष्ट्र की सेवा जारी रखी।
जम्मू-कश्मीर: कोरोना की जंग में इस्तेमाल होने वाला पीपीई किट अब लुटेरों का हथियार बन गया है. उत्तरी कश्मीर के बारामूला में पीपीई किट पहने तीन हथियारबंद लोगों ने जम्मू कश्मीर बैंक की शाखा से 6 लाख की लूट को अंजाम दिया. घटना गुरुवार दोपहर को अंजाम दी गई.
पुलिस के अनुसार तीन हथियारबंद लोग बारामुला के शेराबाद खौर इलाके में काम कर रही जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा में घुस आये. लेकिन यहां पर तैनात बैंक के गार्ड ने इनको अंदर आने से रोका. जिस पर इन लोगो ने दरवाजे को तोड़ा और अंदर लोगों को बंधक बनाने की कोशिश की.
बैंक में मौजूद तीस लाख में से केवल 6 लाख ही लूट पाए
वहीं, लोगों के विरोध करने की कोशिश ने उनके असल इरादों को नाकाम कर दिया और जल्दबाजी में ये लूटेरे बैंक में मौजूद तीस लाख में से केवल 6 लाख ही लूट पाए. बताया जा रहा है कि, भागते हुए इन लुटेरों ने कई राउंड फायरिंग भी की. लूटरे जिस गाडी में आये थे वह भी जल्दबाजी में घटनास्थल पर ही छोड़ कर भागे और सड़क पर एक और गाड़ी को रोक कर उस में भाग गए.
लूटेरों ने गार्ड से छीनी बंदूक
बैंक के सुरक्षा गॉर्ड के अनुसार, ये अस्पताल की सफेद वर्दी (पीपीई) किट में आये जिसे गार्ड ने रोकने की कोशिश की लेकिन उस को मारा गया. गॉर्ड के अनुसार उस ने अपनी 12 बोर की बन्दूक से दो राउंड गोली भी चलायी लेकिन लूटेरों ने उस की बंदूक भी छीन ली. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालाँकि अभी तक साफ नहीं है कि लूट को अंजाम देने वाले आम चोर थे या आतंकी.
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना के रोज बढ़ते मामले और साथ में दवाओं-ऑक्सीजन के लिए मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लेकर सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर यह पूछा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए उनकी क्या योजना है। हाई कोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से ऑक्सीजन और दवाओं की सप्लाई को लेकर भी जवाब मांगा है। कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि वह कोरोना से लड़ने के लिए अपनी राष्ट्रीय स्तर पर तैयार की योजना बताए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है। केंद्र ने कहा है कि सरकार ऑक्सीजन सप्लाई, जरूरी जवाओं की सप्लाई, टीकाकरण की प्रक्रिया और लॉकडाउन लगाने का अधिकार सिर्फ राज्य सरकार को हो, कोर्ट को नहीं...इनपर जवाब दे। चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने इस दौरान यह भी कहा कि मौजूदा समय में देश के छह हाई कोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई हो रही है। इसमें दिल्ली, बॉम्बे, सिक्किम, कलकत्ता और इलाहाबाद हाई कोर्ट शामिल हैं। चीफ जस्टिस ने इतने हाई कोर्टों में सुनवाई को लेकर कहा, `इससे भ्रम पैदा हो रहा है। लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल यानी कल होगी। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे को एमिकस क्युरी भी नियुक्त किया है।
जम्मू, देश में कोरोना की बेकाबू रफ्तार को देखते हुए जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन पर अस्थाई रोक लगा दी गई है. अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने कहा कि वे पूरे मामले पर बेहद करीबी नजर बनाए हुए हैं और स्थिति सुधरने पर दोबारा खोल दिया जाएगा.
In view of evolving COVID19 situation, registration for Amarnath Yatra is being temporarily suspended. The situation is being constantly monitored and it would be reopened once the situation improves: Shri Amarnathji Shrine Board
— ANI (@ANI) April 22, 2021
दिल्ली, शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता एके वालिया का आज सुबह निधन हो गया है. एके वालिया कोरोना से संक्रमित थे. अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. वालिया ने दिल्ली में शीला दीक्षित की अगुवाई वाली सरकार में बतौर मंत्री कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी.

डॉक्टर अशोक कुमार वालिया का जन्म दिल्ली में आठ दिसंबर 1948 को हुआ था. उन्होंने 1972 में इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और पेशे से फिजिशियन थे. वह दिल्ली की पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी विधानसभा के सदस्य रहे. वह अपने चौथे कार्यकाल में लक्ष्मी नगर से विधायक रहे। वहीं पहले से लेकर तीसरे कार्यकाल तक वह गीता कॉलोनी से विधायक रहे.
नई दिल्ली। वर्तमान में पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, ऐसे में कई लोग देश में मदत करने की भावना से आगे आ रहे है, उनमें से एक शख्स है रतन टाटा जी हां यह नाम इन दिनों शोसल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, अगर आप भी अगर अगर आपने आज सुबह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर का इस्तेमाल किया है, तो एक हैशटैग को जरूर देख रहे होगें। इन दिनों ट्वीटर पर सुबह से #ThisIsTata ट्रैंडिंग में है।
आपको बतादें कि इस की सीधा संबंध भारत के उद्योगपति रतन टाटा से है। सोशल मीडिया यूजर्स ने उद्योगपति का धन्यवाद करने के लिए इस हैशटेग का इस्तेमाल किया है।
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में देश के कई हिस्सों से ऑक्सीजन कमी की खबरें आई थीं। ऐसे में टाटा समूह ने भारतीयों की परेशानी को कुछ हद तक कम करने का बीड़ा उठाया है। समूह ने लिक्विड ऑक्सीजन की आवाजाही के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनर्स आयात करने का फैसला किया है। कहा जा रहा है कि इससे देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल के कांग्रेस चीफ अधीर रंजन चौधरी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. उन्होंने कहा है कि वह वर्चुअली चुनाव प्रचार जारी रखेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ट्वीट कर उनकी जल्द ठीक होने की कामना की है.
Praying for the well-being and swift recovery of Adhir Da. @adhirrcinc
— Narendra Modi (@narendramodi) April 21, 2021
अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर कहा, "मेरा कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है. जो भी पिछले 7 दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, मैं उन सभी से अपील करता हूं कि वे सभी कोविड प्रॉटोकोल का पूरा पालन करें."
I have been tested covid positive, requesting all who came in contact with me for last 7 days must comply with covid protocols, I will be continuing my campaign through virtual platform, I do suggest and request all to take utmost care to keep away covid from your lives.
— Adhir Chowdhury (@adhirrcinc) April 21, 2021
नई दिल्ली, कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं. थरूर की 85 वर्षीय मां की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. दोनों कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं.
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि टेस्टिंग अपॉइंटमेंट के दिए दो दिन और रिपोर्ट के लिए डेढ़ दिन इंतजार करने के बाद पुष्टि हुई है कि मैं कोविड पॉजिटिव हूं. मेरी बहन और 85 वर्षीय मां की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.
थरूर ने आगे कहा कि आपको पता होना चाहिए कि मेरी बहन कैलिफोर्निया में फाइजर की दोनों डोज ले चुकी है. मैंने और मेरी मां ने कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी डोज आठ अप्रैल को ली थी. इसलिए हमारे पास यह कहने के पर्याप्त तर्क हैं कि वैक्सीन कोरोना के संक्रमण को नहीं रोकती है बल्कि वैक्सीन वायरस के असर को कम करती है.
Folks should know that my sister has had two doses of the Pfizer vaccine in California and my mother & I took our second Covishield shot on April 8. So we have every reason to hope that though vaccines cannot prevent infection, they will moderate the impact of the #Covid virus. https://t.co/UPFZM0ICGU
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 21, 2021
देश में बेकाबू कोरोना रफ्तार के बीच केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 146 जिले खास चिंता पैदा करने वाले हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि 308 जिलों में कोरोना काबू में हैं. बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में इस वक्त 21 लाख 57 हजार केस सक्रिय है, जो पिछले साल के मुकाबले दो गुने हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रेलवे 1200 बेड दे रहा है. इसके साथ ही, 500 बेड डीआरडीओ ने तैयार किया है. केन्द्र सरकार ने 2005 बेड बढ़ाए हैं. इसके साथ ही कोरोना से मृत्यु की दर भी कम हो रही है.
13 करोड़ से ज्यादा को लगी वैक्सीन
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि देश में अब तक करीब 13 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिनमें से 30 लाख लोगों को पिछले 24 घंटे के दौरान टीका लगाया गया. अब तक 87 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा चुका है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वैक्सीन दवाई दुकानों में नहीं मिलेगी. उन्होंने बताया कि सरकार राज्यों को वैक्सीन देती रहेगी. लेकिन, सरकारी वैक्सीनेशन सेटरों पर ही टीका मिलेगा. मंत्रालय की तरफ से आगे बताया गया कि वैक्सीन लेने के लिए सभी लोगों को कोविन-एप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
"टीका के बाद कितने हुए पॉजिटिव"
देश मे कोवैक्सीन की 1.1 करोड़ खुराक दी गई, जिनमें से पहली डोज लेने के बाद 4,208 और 695 दूसरी डोज लेने के बाद पॉजिटिव हुए. कोविशील्ड वैक्सीन देश में 11.6 करोड़ लोगों को दी गई, इनमें से 17, 145 पहली डोज के बाद और दूसरी डोज के बाद 5014 पॉजिटिव हुए. सरकार ने बताया कि कोविशील्ड या कोवैक्सीन की पहली खुराक ले चुके 21000 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए जबकि उनकी दोनों खुराक ले चुके लोगों में से भी 5500 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए.
राजकोट । गुजरात में कोरोना को लेकर स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। राज्य में मंगलवार को रिकॉर्ड तोड़ कोरोना के नए मामले सामने आए तो यहां के सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने की वजह से मरीज को घर से ही बेड लेकर आना पड़ रहा है। निजी अस्पताल हाउसफुल हो गए हैं, तो सरकारी अस्पताल में लंबी कतारें देखने को मिल रही है। आम लोगों को ऑक्सीजन की बोतल मिलना भी बेहद मुश्किल हो चुका है तो दूसरी ओर किसी भी अस्पताल में बेड खाली नहीं है। जिनको बेड नहीं मिल रहे हैं वह अब सरकारी अस्पताल में अपने घर से बेड लेकर इलाज करवाने आ रहे हैं।
राजकोट के चौधरी हाईस्कूल के मैदान में अस्पताल में भर्ती होने की प्रतीक्षा कर रहे मरीज के परिवारों को अपने स्तर पर ही उपचार की व्यवस्था करनी पड़ रही है। यहां के एक मरीज को कल रात से राजकोट कोविड अस्पताल में बिस्तर नहीं मिला तो परिजन घर से बेड लाकर जमीन पर मरीज का इलाज करवाने को मजबूर हैं।
सुबह से ही सिविल अस्पताल के पास चौधरी मैदान में 100 से अधिक एंबुलेंस और निजी वाहनों की कतार देखी गई। कोरोना के बढ़ते केसों के कारण राजकोट के निजी अस्पताल के सभी बेड अब भर गए हैं। सिविल अस्पताल में भी, मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज तो ऐसे भी हैं जो रात से ही लाइन में खड़े हैं।
कोरोना के मरीज 108 के माध्यम से सिविल अस्पताल में आ रहे हैं, लेकिन वर्तमान में 108 में इतना इंतजार है कि बाकी मरीजों को अपने निजी वाहनों में आना पड़ता है। जिन मरीजों को 108 की सेवा नहीं मिल रही है, वे निजी वाहनों में सिविल अस्पताल आ रहे हैं। राजी बहन जो अपने साथ बेड लेकर आई उनका कहना है कि ऑटो में मरीज ज्यादा वक्त बैठ नहीं सकते। अस्पताल में बिस्तर है नहीं, ऐसे में हम खटिया लेकर आए हैं, अब तो इलाज शुरू करें।
कई मरीज ऑक्सीजन की बोतल के साथ रिक्शा में सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। चौधरी हाईस्कूल के मैदान में भी लंबी कतारें देखी जाती हैं। सभी निजी वाहनों के साथ ही एंबुलेंस में भी ऑक्सीजन के साथ मरीजों को यहां लाया जाता है। कई मरीजों को अस्पताल के मैदान में एंबुलेंस के अंदर इलाज किया जा रहा है क्योंकि उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
ICMR ने बताया भारत में बनी COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को कर सकती है ... जानिए क्या कहा
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) ने हाल ही में घोषणा की कि COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को बेअसर करता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology) ने हाल ही में ब्राजील संस्करण और यूके संस्करण के खिलाफ COVAXIN की क्षमता का प्रदर्शन किया। B.1.617 COVID-19 का हाल ही में फैलने वाला डबल म्युटेंट संस्करण है। यह E484Q के म्यूटेशन और L452R के म्यूटेशन को भी वहन करता है। इसके अलावा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने COVID -19 के सभी वेरिएंट को अलग किया है। इसमें ब्राजील संस्करण (B.1.1.28.2), यूके वेरिएंट (B.1.1.7) और दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट (B.1.351) शामिल हैं।
महत्व
1 मई, 2021 से शुरू होने वाले चरण 3 के टीकाकरण के साथ, यह जानना आवश्यक है कि क्या टीका तेजी से फैलने वाले म्यूटेंट के खिलाफ कुशल है।
वर्तमान परिदृश्य
भारत सरकार ने देश मेंचरण 3 के टीकाकरण में तेजी लाई है। ऐसा देश में टीकाकरण अभियान की गति बढ़ाने के लिए किया गया है। यह राज्य सरकारों को सीधे निर्माताओं से टीके खरीदने की अनुमति देकर किया जायेगा। टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए COVID-19 वैक्सीन निर्माताओं को प्रोत्साहन प्रदान किया जायेगा।
देश में प्रतिदिन 29 लाख से अधिक वैक्सीन खुराक दी जा रही है।
हालाँकि, भारत में COVID-19 मामले व्यापक रूप से बढ़ रहे हैं।इससे देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी हो गई है। इस कमी को संभालने के लिए, भारत 50,000 टन मेडिकल ऑक्सीजन का आयात कर रहा है। साथ ही, भारत ने PM CARES Fund की मदद से 162 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है।
COVAXIN
COVAXIN वैक्सीन इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के साथ भारत बायोटेक (Bharat Biotech) द्वारा निर्मित है। COVAXIN वैक्सीन को अन्य सभी टीकों के बीच चुना गया क्योंकि यह भारतीय जलवायु के लिए अत्यधिक उपयुक्त है। ऐसा इसलिए है क्योंकि COVAXIN को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टोर किया जा सकता है।
भारत ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के दौरान 13 करोड़ वैक्सीन खुराकों की समग्र संख्या को पार करते हुए आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली।
आज सुबह 7 बजे तक प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अब तक 19,01,413 सत्रों में टीके की कुल 13,01,19,310 खुराकें लगाई गईं। इनमें 92,01,728 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक और 58,17,262 स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरी खुराक दी गईं। इसके अलावा 1,15,62,535 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को पहली खुराक और 58,55,821 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को दूसरी खुराक दी गई। 60 साल से ज्यादा उम्र के 4,73,55,942 लाभार्थियों को पहली और 53,04,679 को दूसरी खुराक दी गई। इसके साथ ही 45 से 60 साल उम्र के 4,35,25,687 लाभार्थियों को पहली और 14,95,656 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई। पिछले 24 घंटों में 2,95,041 नए मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश , दिल्ली ,कर्नाटक ,केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश ,तमिलनाडु ,गुजरात और राजस्थान समेत दस राज्यों में 76.32 प्रतिशत नए मामले दर्ज किए गए हैं। भारत में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 21,57,538 हो गई है जोकि देश के कुल पॉजिटिव मामलों का 13.82 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों की संख्या में 1,25,561 मामलों की गिरावट आई है। पांच राज्यों – महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और केरल में देश के कुल सक्रिय मामलों के 60.86 प्रतिशत मामले दर्ज हुए हैं। भारत में आज स्वस्थ हुए रोगियों की संख्या 1,32,76,039 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 85.01 प्रतिशत पर आ गयी है। पिछले 24 घंटों में 1,67,457 रोगी स्वस्थ हुए हैं । राष्ट्रीय मृत्यु दर में गिरावट आई है और वर्तमान में यह 1,17% है। पिछले 24 घंटे में 2,023 मौतें दर्ज हुई हैं । नई मौतों के दर्ज हुए कुल मामलों में से 82.6 प्रतिशत मामले दस राज्यों में दर्ज हुए हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 519 और दिल्ली में 277 मौतें हुई हैं। पिछले 24 घंटों में 9 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में कोविड -19 से कोई मौत दर्ज नहीं हुई है वे हैं- दमण और दीव, दादरा और नगर हवेली, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, मिज़ोरम, लक्षद्वीप, नगालैंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा अरुणाचल प्रदेश।
नई दिल्ली , केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने एक ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग की सिफारिश पर तत्काल आवश्यकता को देखते हुए राजस्व विभाग ने रेमडेसिविर और इसके एपीआई / केएसएम पर सीमा शुल्क घटा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से रेमडेसिवीर इंजेक्शन की घरेलू उपलब्धता को और अधिक बढाया जा सकेगा।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया है। 1 मई से शुरू होने वैक्सीनेशन के अगले चरण में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। केंद्र सरकार ने सोमवार को ही एक मई से 18 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण अभियान शुरू करने का फैसला किया। अभी तक सरकार 45 साल से ऊपर के लोगों को ही मुफ्त वैक्सीन लगा रही थी। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि 18 वर्ष के ऊपर के लोगों को फ्री में कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। लेकिन जो लोग सक्षम हैं टीके की कीमत चुका सकते हैं। उनसे यह भी अपील सरकार की तरफ से की जा सकती है कि वह निजी अस्पतालों में टीका लगवाएं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त विधेयक, 2021 में सरकार के संशोधनों के लिए पूर्वव्यापी-स्वीकृति दे दी है (इसे 28 मार्च, 2021 को वित्त अधिनियम, 2021 के रूप में लागू किया गया था)। इन प्रस्तावों को स्पष्ट और तर्कसंगत बनाने के साथ-साथ वित्त विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों के बारे में हितधारकों की चिंताओं को दूर करने के लिए यह संशोधन आवश्यक थे।
उद्देश्य:
वित्त विधेयक, 2021 में सरकार के संशोधनों से विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों के बारे में हितधारकों की चिंताओं को दूर करके सभी करदाताओं को समान और समावेशी वातावरण प्रदान किया जाएगा।
वित्त विधेयक, 2021 में सरकार के संशोधन कर प्रस्ताव हैं जो सरकार के लिए समय पर राजस्व उत्पन्न करेंगे और करदाताओं की शिकायतों को दूर करके मौजूदा प्रावधानों को कारगर बनाएंगे।
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार वर्तमान में कोविड-19 की जो भी वैक्सीन विकसित की जा रही हैं, वे वायरस के नए वेरिएंट्स के खिलाफ भी न्यूनतम सुरक्षा अवश्य देंगी। ये वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी और कोशिकाओं की शाृंखला से एक बड़ा इम्यून रिस्पांस तैयार करती हैं। इसलिए वायरस में कोई भी बदलाव या म्यूटेशन वैक्सीन को पूरी तरह निष्प्रभावी नहीं कर सकता।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार नए स्ट्रेन पर प्रभावी क्षमता बढ़ाने के लिए इन वैक्सीन के कंपोजिशन में कुछ बदलाव कर इन्हें अपग्रेड करना पड़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अभी सभी नए स्ट्रेन का डाटा लेकर उनके व्यवहार का अध्ययन कर रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी और वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं इनका वैक्सीन की प्रभावी क्षमता पर क्या प्रभाव है। यह प्रभाव अलग-अलग वैक्सीन पर अलग-अलग हो सकता है।
म्यूटेशन से निपटने की रणनीति
डब्ल्यूएचओ के अनुसार वायरस के म्यूटेशन से निपटने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं। पहला तो यह है कि वायरस के संभावित बदलावों को ध्यान में रखकर ही वैक्सीन बनाए और अपग्रेड किए जाएं। दूसरा वैक्सीन एक से ज्यादा स्ट्रेन के लिए बनाए जाएं तीसरा बदलाव के अनुसार बूस्टर टीका अलग से दिया जाए। इसके अलावा अगर जरूरी हो तो वैक्सीन में ही बदलाव किया जाए।
वायरस को बदलने से हम कैसे रोक सकते हैं
अगर वायरस का प्रसार रोक दिया जाए तो उसका म्यूटेशन यानी बदलाव भी रुक जाएगा। यह मुख्य कुंजी है। इसके लिए समय-समय पर हाथ धोते रहें। मास्क पहने रहें। सामाजिक दूरी बनाए रखें। वेंटिलेशन सही रखें। भीड़ भरी जगहों और बंद कमरों में अन्य लोगों के साथ बैठक करने से बचें। संक्रमण प्रसार को रोकने के लिए लगातार काम करने की जरूरत है।
क्या है एस्केप म्यूटेशन
सार्स-कोव-2 के अफ्रीकी स्ट्रेन में वायरस ने स्पाइक का एक महत्वपूर्ण प्रोटीन ही बदल लिया है। यह बदला हुआ प्रोटीन ई484के है, इसे वैक्सन से बनी एंटीबॉडी आसानी से नहीं पहचान पा रही। इसलिए इसे एस्केप म्यूटेशन कहा जा रहा है। समझा जा रहा है कि भारत में मिले डबल म्यूटेंट स्ट्रेन में भी स्पाइक की एक प्रोटीन ई484आर भी एस्केप म्यूटेशन बताया जा रहा है।
नए वेरिएंट आने पर टीका कितना महत्वपूर्ण
डब्ल्यूएचओ के अनुसार कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में टीका ही मुख्य हथियार है और यह इसमें जीवन रक्षक की भूमिका निभा सकता है। इस लिए वैक्सीन लेने से न चूकें।
चीन में सिनोवैक कंपी की कोरोना वैक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसका बहुत ही कम डाटा सार्वजनिक किया गया है। इसे परंपरागत तरीके से डिजाइन किया गया है, जिसमें वायरस का एक इनएक्टिव हिस्सा इस्तेमाल कर शरीर के इम्यून रिस्पोंस को सक्रिय किया जाता है। चीन से बाहर ब्राजील, इंडोनेशिया और तुर्की में भी कोरोना वैक का तीसरे चरण का ट्रायल हुआ। तुर्की में इसकी प्रभावी क्षमता 83.5 तो ब्राजील में सिर्फ 50.7 प्रतिशत ही रिपोर्ट हुई। हालांकि दो डोज में अंतर बढ़ाकर इस प्रभावी क्षमता को 62.3 प्रतिशत तक हांसिल किया गया।
हैदराबाद | तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव कोरोना वायरस संक्रमित हो गए हैं। राव में कोरोना वायरस के हल्के लक्षण हैं। डॉक्टरों ने राव को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है। राज्य के मुख्य सचिव ने बताया कि डॉक्टरों की एक टीम मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य पर निगाह रख रही है।
तेलंगाना में कोरोना वायरस के 4,009 नए मामले सामने आने के साथ राज्य में संक्रमण के कुल मामले 3.55 लाख के पार पहुंच गए हैं, जबकि 14 संक्रमितों की मौत होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,838 हो गई है।
राज्य सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। सरकार की ओर से जारी बुलेटिन में 18 अप्रैल रात आठ बजे तक के आंकड़ों में बताया गया कि सर्वाधिक 705 नए मामले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम से सामने आए।
मेडचल मल्काजगिरी में 363 नए मामले और निजामाबाद में 360 नए मामले सामने आए। यहां संक्रमण के कुल 3,55,433 मामले हैं। 1,878 मरीजों के संक्रमणमुक्त होने के बाद ठीक होने वाले लोगों की कुल संख्या 3,14,441 हो गई है। राज्य में 39,154 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।
रविवार को यहां 83 लाख से अधिक सैंपल्स की जांच की गई। अब तक 1.18 करोड़ से अधिक सैंपल्स की जांच की जा चुकी है। राज्य में संक्रमण के कारण मृत्यु दर 0.51 फीसदी है, वहीं संक्रमणमुक्त होने की दर 88.46 फीसदी है।


















