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भीषण सड़क हादसा : ट्रक और स्कॉर्पियों में हुई जोरदार भिडंत, स्कॉर्पियो के उड़े परखच्चे, देखें फोटो

भीषण सड़क हादसा : ट्रक और स्कॉर्पियों में हुई जोरदार भिडंत, स्कॉर्पियो के उड़े परखच्चे, देखें फोटो

कटिहार बिहार के कटिहार में मंगलवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 4 लोगों के घायल होने की भी खबर है। बिहार के कटिहार में हुए इस सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ``बिहार के कटिहार में हुई एक सड़क दुर्घटना में कुछ लोगों की मृत्यु हो जाने की दुखद जानकारी मिली है। मैं उन सभी लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।`


बताते चलें कि कटिहार के कुर्सेला थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक ट्रक और महिंद्रा स्कॉर्पियो के बीच भीषण टक्कर हो गई थी। इस एक्सिडेंट में 6 लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। सभी मृतक एक ही परिवार के सगे-संबंधी थे, वे समस्तीपुर के रहने वाले थे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि समस्तीपुर के रोसड़ा के रहने वाले सिद्धि महतो का परिवार एक स्कॉर्पियो पर सवार होकर लड़की की शादी के लिए लड़का देखने कटिहार के फुलवरिया चौक आए थे। मंगलवार की सुबह सभी लोग स्कॉर्पियो पर सवार होकर लौट रहे थे कि कुर्सेला पुल पर आते ही अचानक गाड़ी नियंत्रण से बाहर हो गई पुल पर ही खड़े एक ट्रक से जा टकराई।


कटिहार के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमरकांत झा ने बताया कि इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।उल्लेखनीय है कि सोमवार को कटिहार जिले के ही पोठिया थाना क्षेत्र में बालू से लदे एक ट्रक ऑटो की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई थी जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। सभी मृतक एक बैंड पार्टी के सदस्य थे।

सायबर क्राइम ने किया सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश, इन लोगो को बनाते थे निशाना

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मुंबई, क्राइम ब्रांच ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है जो लोग हनी ट्रैप का इस्तेमाल कर बड़े नेताओं आईपीएस आईएएस अधिकारी बॉलीवुड के कलाकार और वरिष्ठ पत्रकारों से एक्सटॉर्शन की डिमांड करते थे. मुंबई क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मिलिंद भारंबे ने बताया कि यह आरोपी हरियाणा राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर इलाके से गिरफ्तार किए गए हैं, ये लोग पहले सोशल मीडिया पर रिसर्च करते है जिसके बाद प्रतिष्ठित लोग जैसे कि आईपीएस,आईएसएस, नेता एमएलए, एमपी, बॉलीवुड के कलाकार और मीडिया के बड़े लोग लोगों को अपना टारगेट बनाते हैं.

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि ये लोग पहले महिला के नाम पर फेंक सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल तैयार करते हैं जिसपर आकर्षक डीपी रक्खा जाता है और जिसे टारगेट करना होता है उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की बड़ी ही बारीकी से स्टडी करते हैं.

इसके बाद ये लोग एक साथ कई प्रतिष्टित लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और उनमे से किसी ने भी अगर एक बार इनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया तो ये लोग बातचीत शुरू कर देते हैं.

ऐसे करते हैं न्यूड वीडियो प्ले

पहले तो ये लोग फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से बातचीत करते हैं और फिर इसी दौरान एक दूसरे का व्हाट्सएप नंबर एक्सचेंज कर लेते हैं. और फिर वीकेंड के समय जब अमूमन तौर पर लोग छुट्टी पर होते हैं तब ये वीडियो कॉल करते हैं जैसे ही इनका टारगेट इनका वीडियो कॉल उठाता है वैसे ही ये लोग किसी महिला का न्यूड वीडियो प्ले करते हैं .

जिसके बाद कई विक्टिम्स भी ऐसे वीडियो को देखने के बाद रिएक्ट करते है और फिर कॉलर इन तमाम चीजों को रिकॉर्ड कर लेते हैं फिर शुरू होता है इनका एक्टोशन का धंधा.

भराम्बे ने बताया कि जैसे ही वीडियो कॉल कट होता है वैसे ही टारगेट को दूसरा फोन कॉल आता है और इस बार एक आदमी कॉल करके धमकाना शुरू कर देता है, "तुमने मेरी बीवी के साथ कैसे इस तरह की हरकत की और अब मैं तुमपर करवाई करूंगा" जैसे ही आप डरने लगते हैं वैसे ही वो कहता है, "अगर तुम नही चाहते कि मैं लीगल एक्शन लूं तो तुम्हे मुझे पैसे देने होंगे" और अगर आपने पैसे देने से इनकार किया तो वे लोग एक छोटा सा वीडियो आपके व्हाट्सएप पर भेज देते है जिसमे आप उस महिला के साथ अश्लील बातचित जरते नजर आ रहे है इसके बाद वह कहते हैं, "अगर तुमने पैसे नही दिए तो तुम्हारा यह वीडियो हर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा." इस तरह गिरफ्तार आरोपी आपसे थोड़े-थोड़े करके लाखो रुपये ऐंठ लेता है.

होती थी ट्रेनिंग

गैंग ने ऑनलाइन ट्रेनिंग की क्लास भी शुरू की है. इसमें स्पेशलाइज बनाया जाता है और नए-नए तरीके सीखाये जाते है. हर किसी को स्पेशलाइज बनाया जाता है. यानी कि नेताओ को टारगेट करने वाले अलग, ब्यूरोक्रेट्स को टारगेट करने वाले अलग, बॉलीवुड के कलाकारों को टारगेट करने वाले अलग और मीडिया के लोगों को टारगेट करने वाले एकदम अलग होते हैं.

 

मीडिया के कुछ वर्गों में छपी केन्‍द्रीय पुलिस बलों को भेजने की खबर पर  भारत निर्वाचन आयोग ने कहा  कि...

मीडिया के कुछ वर्गों में छपी केन्‍द्रीय पुलिस बलों को भेजने की खबर पर भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि...

नईदिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग के संज्ञान में आया है कि मीडिया के कुछ वर्गों (जैसे इंडियन एक्‍सप्रेस, हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स) में पश्चिम बंगाल राज्‍य में विशेष रूप से केन्‍द्रीय पुलिस बलों को भेजने की खबर छपी है। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि केन्‍द्रीय पुलिस बलों को नियमित रूप से अग्रिम क्षेत्रीय अधिकार के लिए लोकसभा/विधानसभा वाले राज्‍यों में भेजा जाता है, विशेषकर उन गंभीर और नाजुक क्षेत्रों में जिन्‍हें सावधानीपूर्वक की गई अग्रिम समीक्षा में चिन्हित किया जाता है और जिनके बारे में राजनीतिक दलों और अन्‍य इकाईयों सहित विभिन्‍न स्रोतों से पुख्‍ता फीडबैक प्राप्‍त होता है। यह परिपाटी 1980 के दशक से जारी है। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में केन्‍द्रीय बल भेजे गए थे। इसी तरह केन्‍द्रीय बल उन सभी राज्‍यों में भेजे जा रहे हैं जहां चुनाव होने है। वर्तमान मामले में केन्‍द्रीय पुलिस बल सभी चार राज्‍यों-असमकेरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केन्‍द्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में भेजे गए हैं। इन राज्‍यों में चुनाव होने वाले हैं।

यह जानकारी मीडिया के हित में होगी कि केन्‍द्रीय पुलिस बल की तैनाती के लिए आदेश एक ही दिन यानी 16 फरवरी, 2021 को मुख्‍य सचिवों, पुलिस महानिदेशकोंतथा मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों को जारी किए गए। 

वायुसेना प्रमुख इस देश के दौरे में

वायुसेना प्रमुख इस देश के दौरे में

नईदिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरियापीवीएसएमएवीएसएम वीएम एडीसी ने दिनांक 22 फरवरी 2021 को बांग्लादेशी वायुसेना केप्रमुख (बीएएफ) एयर चीफ मार्शल मसीहुज्ज़मान सरनियाबतबीबीपीओएसपीएनडीयूपीएससी के निमंत्रण पर आधिकारिक रूप से बांग्लादेश की सद्भावनायात्रा शुरू की । बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख ने हाल ही में वायु सेनास्टेशन येलाहंका में चीफ्स ऑफ एयर स्टाफ कॉन्क्लेव 21 में अपने देश काप्रतिनिधित्व किया थाजहां उन्होंने इस महीने की शुरुआत में बेंगलुरु मेंएयरो इंडिया 2021 में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था । चार दिवसीय यात्रा के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख और शामिलप्रतिनिधिमंडल का वरिष्ठ गणमान्य लोगों से बातचीत करने और बांग्लादेशवायुसेना (बीएएफ) के प्रमुख सामरिक ठिकानों का दौरा करने का कार्यक्रम है ।वे साझा आपसी हितों के क्षेत्र में हुई प्रगति पर चर्चा करेंगे और आपसीसैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मार्ग की तलाश करेंगे । वायुसेना प्रमुख (सीएएस) की बांग्लादेश यात्रा बांग्लादेश औरभारतीय सशस्त्र बलों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कालखंड में आयोजित हुई हैक्योंकि दोनों 1971 के युद्ध के 50 साल मना रहे हैं । इससे दोनों देशों कीवायुसेना के बीच मौजूदा पेशेवर संबंध और दोस्ताना ताल्लुकात में वृद्धिहोगी । 

देश की 2400 जांच प्रयोगशालाओं में भारत में जांच की संख्‍या बढ़कर इतने करोड़ हुई

देश की 2400 जांच प्रयोगशालाओं में भारत में जांच की संख्‍या बढ़कर इतने करोड़ हुई

नईदिल्ली। भारत ने कोविड-19 की संचयी जांच संख्‍या में रिकोर्ड बनाया है। भारत में कोविड जांच संख्‍या 21.15 करोड़ (21,15,51,746) को पार कर गई है। पिछले 24 घंटों में 6,20,216 जांच की गई। पूरे देश में जांच संरचना को प्रगतिशील रूप से बढ़ाने के कारण भारत में इतनी बढ़ी संख्‍या में जांच हुई है। भारत में 2393 जांच प्रयोगशालाएं हैं, जिसमें 1,220 सरकारी प्रयोगशालाएं तथा 1,173 निजी प्रयोगशालाएं हैं, जिससे दैनिक जांच क्षमता काफी अधिक बढ़ी है, भारत का संचयी राष्‍ट्रीय पॉजिटिविटी दर 5.20 प्रतिशत है। प्रतिदिन प्रति मिलियन जांच किए जाने वाले लाभार्थियों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। भारत में आज प्रति मिलियन जांच संख्‍या 1,53,298.4 है। 22 फरवरी, 2021 को सुबह आठ बजे तक टीकाकरण कवरेज 1,11,16,854 रहा और टीकाकरण के 2,32,317 सत्र आयोजित किए गए। इनमें 63,97,849 एचसीडब्‍ल्‍यू (पहला डोज़), 9,67,852 एचसीडब्‍ल्‍यू (दूसरा डोज) तथा 37,51,153 एफएलडब्‍ल्‍यू (पहला डोज) शामिल हैं। पहला डोज लेने के बाद 28 दिन की अवधि पूरी करने वाले लाभार्थियों के लिए कोविड-19 टीके का दूसरा डोज 13 फरवरी, 2021 से देना प्रारंभ हुआ। एफएलडब्‍ल्‍यू का टीकाकरण 02 फरवरी, 2021 को शुरू हुआ। टीकाकरण अभियान के 37वें दिन (21 फरवरी, 2021), टीके के 31,681 डोज दिए गए। इसमें से 24,471 लाभार्थियों को पहले डोज (एचसीडब्‍ल्‍यू तथा एफएलडब्‍ल्‍यू) के लिए 1,429 सत्रों में टीके लगाए गए और 7,210 एचसीडब्‍ल्‍यू ने टीके का दूसरा डोज लिये। टीके के कुल 1,11,16,854 डोज में से 1,01,49,002 (एचसीडब्‍ल्‍यू तथा एफएलडब्‍ल्‍यू) को पहला डोज तथा कुल 9,67,852 एचसीडब्‍ल्‍यू का दूसरा डोज दिया गया।  60.17 प्रतिशत कुल टीके का डोज सात राज्‍यों में केन्द्रित रहा। अकेले कर्नाटक में 11.8 प्रतिशत (1,14,043 डोज) आज ठीक होने के मामले में भारत की संचयी संख्‍या 1.06 करोड़ (1,06,99,410) रही। ठीक होने की दर 97.22 प्रतिशत रही। ठीक होने के मामले सक्रिय मामलों से बढ़कर 1,05,49,355 (71.3 गुणा) हो गए। पिछले 24 घंटों में 9,695 रोगी ठीक हुए और उन्‍हें छुट्टी दे दी गई। ठीक हुए 80.86 प्रतिशत मामले पांच राज्‍यों में केन्द्रित रहे। केरल में 4,345 ठीक होने के नए मामलों के साथ एक दिन में सबसे अधिक संख्‍या में लोग ठीक हुए। पिछले 24 घंटों में महाराष्‍ट्र में 2,417 तथा तमिलनाडु में 460 लोग ठीक हुए। देश का सक्रिय केस लोड आज 1.50 लाख (1,50,055) है। वर्तमान में सक्रिय केस लोड में भारत के कुल पॉजिटिव मामलों का 1.36 प्रतिशत शामिल है। पिछले 24 घंटों में 14,199 नए दैनिक मामले रिकोर्ड किए गए। पिछले 24 घंटों में सात राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने कोविड-19 का कोई नया मामला नहीं आया। यह राज्‍य हैं- उत्‍तराखंड, लद्दाख, मेघालय, मिजोरम, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेलीतथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। 86.3 प्रतिशत नए मामले पांच राज्‍यों से आए हैं। महाराष्‍ट्र में सबसे अधिक दैनिक नया मामला 6,971 रहा। केरल में 4,070 नए मामले तथा तमिलनाडु में 452 नए मामले दर्ज किए गए। पिछले 24 घंटों में 19 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 से कोई मृत्‍यु नहीं हुई है। ये राज्‍य/केन्‍द्र शासित प्रदेश हैं- हरियाणा, आंध्र प्रदेश, जम्‍मू और कश्‍मीर, राजस्‍थान, ओडिशा, गोआ, चंडीगढ़, असम, मणिपुर, सिक्किम, लक्षद्वीप, त्रिपुरा, नगालैंड, लद्दाख, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। पिछले 24 घंटों में 83 व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हुई। 78.31 प्रतिशत मृत्‍यु के नए मामले पांच राज्‍यों में पाए गए। महाराष्‍ट्र में सबसे अधिक 35 लोग मरे तथा केरल में 15 व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हो गई।

भारत में तेज गति से हो रहा टीकाकरण – और शेष विश्‍व की स्थिति: जाने क्या है हाल

भारत में तेज गति से हो रहा टीकाकरण – और शेष विश्‍व की स्थिति: जाने क्या है हाल

नईदिल्ली।  सार्स-सीओवी-2 वायरस के कारण फैल रही कोविड-19 महामारी में वृद्धि के सार्वजनिक रूप से उपलब्‍ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि भारत में इसका संक्रमण सितंबर, 2020 में किसी समय अपने चरम पर था और उसके बाद से यह लगातार घट रहा है। 11 सितंबर, 2020 को जहां अधिकतम 97,655 प्रतिदिन नये मामले मिले थे, वहीं फरवरी, 2021 के पहले सप्‍ताह में यह संख्‍या घटकर 11,924 पर आ गई। इसमें से आधे मामले केरल में हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्‍थापित कोविड-19 नेशनल सुपर मॉडल कमेटी के अनुमानों के अनुसार मार्च के अंत तक सक्रिय मामलों की संख्‍या गिरकर कुछ हजार रह जाएगी। इसे इस वायरस के खिलाफ हमारी पहले चरण की जंग का अंत माना जा सकता है। इस बात को सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि मामलों की संख्‍या में फिर से वृद्धि नहीं होने दी जाए। जैसा कि इटली, ब्रिटेन और अमरीका जैसे कई देशों में हुआ है। दो सीरोलॉजिकल सर्वेक्षणों और मॉडल अनुमानों के अनुसार भारत की काफी बड़ी आबादी में इस समय इस वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता है, जोकि एक प्रकार की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता है। हालांकि, मौजूदा प्रमाणों से पता चलता है कि एंटीबॉडिज की उपस्थिति के कारण बनने वाली यह रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्‍यादा लम्‍बे समय तक नहीं बल्कि सिर्फ कुछ महीनों तक ही कायम रहेगी, जबकि टी-सेल द्वारा बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता लम्‍बे समय तक कायम रहती है। लम्‍बे समय तक विश्‍वसनीय सुरक्षा सिर्फ टीकाकरण से ही मिल सकती है। हाल में बताया गया है कि टीकाकरण प्राकृतिक संक्रमण के लिए अधिक ठोस रोग प्रतिरोधक क्षमता देता है और इस तरह इस महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए यही एक अचूक अस्‍त्र है। हालांकि, इस मुद्दे का अभी तक निर्णायक तौर पर समाधान नहीं हो पाया है फिर भी कुछ चिकित्‍सा अनुसंधानकर्ता ऐसा मानते हैं कि पिछले संक्रमणों के कारण बनी एंटीबॉडिज की मौजूदगी टीकाकरण के मुकाबले वायरस के म्‍यूटेशन से दोबारा होने वाले संक्रमण के खिलाफ कम सुरक्षा देती हैं। अत: यह जरूरी है कि मान्‍य वैक्‍सीन के जरिये राष्‍ट्रव्‍यापी टीकाकरण कार्यक्रम को जितना जल्‍दी हो सके, पूरा किया जा सके। यह देखना दिलचस्‍प है कि मृत वायरस से तैयार टीके से बनी एंटीबॉडिज, स्‍पाइक प्रोटीन से तैयार टीके से बनी एंटीबॉडिज के मुकाबले म्‍यूटेटिड वायरस के खिलाफ ज्‍यादा संरक्षण देती हैं।देशव्‍यापी टीकाकरण की जरूरत के संदर्भ में, हमें खुशी है कि भारत के नियामक प्राधिकारों ने दो वैक्‍सीन को मंजूरी दी है – उनमें से एक (कोविशील्‍ड) को बिना शर्त और दूसरी (कोवैक्‍सीन) को क्‍लीनिकल ट्रायल मोड में मंजूरी मिली है। विशेषज्ञों की समिति इस बात से संतुष्‍ट है कि दोनों वैक्‍सीन सुरक्षित हैं और प्रतिरक्षा उत्‍पन्‍न करती हैं। हम कोवैक्‍सीन के तीसरे चरण के आंकड़ों के उपलब्‍ध होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उसकी प्रभावशीलता का आकलन कर सकें। डब्‍ल्‍यूएचओ की तरफ से कहा गया है कि किसी भी वैक्‍सीन को आपात स्थिति में मंजूरी देने के पहले भी यह देखना जरूरी है कि वह 50 प्रतिशत तक प्रभावी अवश्‍यक हो। कभी-कभी 40 प्रतिशत की प्रभावशीलता वाली वैक्‍सीन कुछ हद तक संरक्षण दे देती है लेकिन कभी-कभी 80 प्रतिशत की प्रभावशीलता वाली वैक्‍सीन लगने के बावजूद कोई व्‍यक्ति रोग की चपेट में आ सकता है। इसलिए हमें भरोसा है कि नियामक प्राधिकार इस दिशा-निर्देश से बंधे न रहकर सुविज्ञ निर्णय लेंगे। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि बेशक लक्षित आबादी में हर किसी का (18 वर्ष से अधिक उम्र) टीकाकरण हो जाए, तब भी लोगों को सुरक्षा मानदण्‍डों का पालन करते रहना जरूरी होगा। हालांकि, अभी तक सार्स-कोवी-2 वायरस में हजारों म्‍यूटेशन पाये जा चुके हैं, लेकिन कथित ब्रिटिश म्‍यूटेशन वह पहला म्‍यूटेशन है, जिसके अधिक संक्रमणशील होने के साथ-साथ संक्रमण के बाद अधिक जानलेवा होने का खतरा पाया गया है। दुनिया के लोग अभी तक इस मामले में काफी सौभाग्‍यशाली रहे हैं। दरअसल अरक्षित जनता में यदि कोई वायरस काफी समय तक फैलता रहता है, तो उसे ज्‍यादा से ज्‍यादा घातक रूप वाले म्‍यूटेशन में बदलने का अवसर मिलता है। इस दृष्टि से देखें तो यह और भी जरूरी हो गया है कि सभी उपलब्‍ध संसाधनों के साथ टीकाकरण अभियान को उसकी अंतिम परिणति तक पहुंचाया जाए। इस संदर्भ में यह जानना सुखद है कि पत्रिकाओं में प्रकाशन से पूर्व बायोआरएक्सआईवी सर्वर पर साझा किये गए अध्ययन के नतीजों के मुताबिक कोवैक्‍सीन ब्रिटिश वैरियंट के खिलाफ काफी प्रभावी पाई गई है। इसके अनुसार, “टीकाकरण किये जा चुके लोगों के सीरम की वायरस को बेअसर करने वाली गतिविधि की जब ब्रिटिश वैरियंट और इसी प्रभावशीलता वाले विजातीय स्‍ट्रेन के बीच तुलना की गई, तो ऐसा पाया गया कि इसमें कुछ अनिश्चितता है।” इसके संदर्भ में यह जरूरी है कि हमें इस वायरस के प्रसार के साथ-साथ इसका म्‍यूटेशन होने से भी रोकना होगा और इसके लिए सिर्फ देश के प्रत्‍येक व्‍यक्ति का टीकाकरण किया जाना ही पर्याप्‍त नहीं है। महामारी का अंत करने के लिए यह जरूरी है कि दुनिया भर के लोगों का जल्‍दी से जल्‍दी टीकाकरण किया जाए। भारत सिर्फ अपनी टीकाकरण जरूरतों को पूरा करने में ही सक्षम नहीं है, बल्कि वह इस मामले में पूरे विश्‍व की मदद कर सकता है। इससे यह भी पता चलता है कि विश्‍व की वैक्‍सीन की मांग को पूरा करने और वैश्विक समुदाय को आशा की किरण देने में भारत की ‘वैक्‍सीन डेपलोमेसी’ पूरी तरह सफल है।  


बड़ी खबर : डॉक्टर ने अपने साथ काम करने वाली युवती को मारकर दफनाया, पढ़ें पूरी खबर

बड़ी खबर : डॉक्टर ने अपने साथ काम करने वाली युवती को मारकर दफनाया, पढ़ें पूरी खबर

सतनासतना के धवारी में दांत का अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर ने अपने ही क्लीनिक में काम करने वाली युवती की हत्या कर उसे दफना दिया। इतना ही नहीं, किसी को शक नहीं हो इसलिए उसने युवती की लाश के दो फीट ऊपर एक कुत्ते की लाश को भी दफना दिया था।

पढ़ें : BIG BREAKING : प्रशासन ने 28 फरवरी तक स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का आदेश किया जारी 

इस वारदात का पता दो माह बाद चला पुलिस ने डॉक्टर की निशानदेही पर गड्ढा दोबारा खुदवाया जिसमें दो घंटे की खोदाई के बाद युवती का कंकाल मिला। डॉक्टर ने युवती के साथ प्रेम प्रसंग कबूल किया है। युवती डॉक्टर पर शादी का दबाव बना रही थी। पुलिस ने युवती से दुष्कर्म की आशंका जताई है। 

विमान का इंजन फेल लगी आग, 1000 फीट की ऊंचाई, 231 यात्री थे सवार

विमान का इंजन फेल लगी आग, 1000 फीट की ऊंचाई, 231 यात्री थे सवार

वाशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका के डेनवर एयरपोर्ट से होनोलुलु के लिए उड़ान भरने के साथ ही यूनाइटेड एयरलाइंस के विमान का इंजन फेल हो गया और देखते ही देखते इंजन धू-धू कर जलने लगा। इस खौफनाक मंजर को जो भी देख रहा था, 200 से ज्यादा उन यात्रियों की जिंदगी सलामत रखने के लिए दुआ कर रहा था जो विमान में सवार थे। फ्लाइट एक हजार फुट से ज्यादा की ऊंचाई पर थी और इंजन जल रहा था। 200 से ज्यादा यात्री और दिल दहलाने वाले इस मंजर को लाइव देखने वाले हर किसी की सांसे थम गई थीं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक उड़ान भरने के साथ ही बोइंग 777 विमान का इंजन अचानक फेल हो गया। फ्लाइट एक हजार फीट की ऊंचाई तक जा पहुंची थी और जबतक लोगों को कुछ समझ में आता फ्लाइट का एक इंजन जलने लगा था। विमान का एक इंजन जल रहा था और फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों को अपनी आंखों के सामने मौत दिखाई दे रहा था। प्लाइट में मौजूद एक यात्री ने इंजन जलने का वीडियो अपने कैमरे में बनाया जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंजर कितना खौफनाक रहा होगा। वीडिया में दिख रहा है कि आग लगने से इंजन के पूर्जे नीचे गिर रहे हैं और आग की लपटें बढ़ती जा रही हैं। हालांकि गनीमत रही की फ्लाइट क्रैश नहीं किया और 20 मिनट बाद ही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हो गई। हालांकि, फ्लाइंट के इंजन में आग लगने के बाद किसी भी यात्री को कुछ भी नुकसान नहीं हुआ है और सभी यात्री पूरी तरह सलामत बताए जा रहे हैं।


पायलट ने नहीं खोया होश
एक हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक विमान का एक इंजन फेल होने की बात पता चलने के बाद भी विमान के पायलट ने अपना होश बरकरार रखा। पायलट देख रहा था कि विमान का एक इंजन जल रहा है फिर भी वो पूरे हवास में विमान की इंमरजेंसी लैंडिग करने के लिए कोशिशें करता रहा। पायलट ने इंजन फेल होने की जानकारी फौरन ग्राउंड स्टाफ को दी। और करीब 20 मिनट के बाद फ्लाइट का इमरजेंसी लैंडिंग कराया गया। स्थानीय पुलिस के मुताबिक इंजन में आग लगने के बाद उसके पूर्जे कई किलोमीटर तक गिर गये थे। कई लोगों के घरों के बाहर भी इंजन के पूर्जे गिरे, जिसे बाद में हटा लिया गया।


धमाके के साथ इंजन में आग

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक विमान बोइंग-777 में 10 क्रू मेंबर्स के साथ 231 यात्री सवार थे। फ्लाइट में मौजूद एक यात्री ने बताया कि यात्रिकों को एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी जिसके बाद जब लोगों ने फ्लाइट की खिड़की से बाहर देखा तो पता चला कि फ्लाइट का एक इंजन ही गायब था। उस वक्त प्लेन करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर था। यात्रियों के मुताबिक उनकी आंखों के सामने मौत दिखाई दे रहा था मगर फ्लाइट के पायलट ने फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करा दी और फिर सभी यात्रियों के लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम किया गया। 

लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही, सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले

लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही, सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले

रीवा । यहां से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दरसअल एक बुजर्ग की लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही। हैरान करने वाली बात ये है कि लाश के ऊपर से 48 घंटे तक वाहन गुजरते रहे और रा​हगीर उसे जानवर की लाश समझते रहे। वहीं, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले, लेकिन कपड़ों से शख्स की पहचान की गई। मामला चोरहटा थाना क्षेत्र का है, जहां सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मौत के बाद बुजुर्ग की लाश 48 घंटे तक सड़क पर पड़ी रही और वाहन लाश के ऊपर से गुजरते रहे। मामले की सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस को सिर्फ बुजुर्ग की हड्डियों के टुकड़े मिले। 

इस राज्य के  विधानसभा में  58 वर्षो  में पहली बार गूंजा राष्ट्रगान...

इस राज्य के विधानसभा में 58 वर्षो में पहली बार गूंजा राष्ट्रगान...

कोहिमा । नागालैंड विधानसभा ने राज्य गठन के 58 साल में पहली बार देश के राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत की। यह इतिहास करीब एक सप्ताह पहले उस समय रचा गया, जब 13वीं विधानसभा के सातवें सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान के साथ की गई। नागालैंड राज्य 1 दिसंबर, 1963 को अस्तित्व में आ गया था। जनवरी, 1964 में पहली बार विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचित सरकार अस्तित्व में आई और 11 फरवरी, 1964 को पहली विधानसभा गठित हुई। इसके बावजूद राज्य की विधानसभा में कभी जन गण मनकी धुन नहीं गूंजी थी। हालांकि विधानसभा आयुक्त डॉ. पीजे एंटनी का कहना है कि विधानसभा में राष्ट्रगान गाने पर किसी तरह की रोक नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद यहां राष्ट्रगान क्यों नहीं गाया जाता था, इसे लेकर कोई आदेश मौजूद नहीं है। इस बार विधानसभा स्पीकर शारिंगेन लोंगकुमेर ने राज्यपाल के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान बजवाने का निर्णय लिया और इसके लिए मुख्यमंत्री नेफियू रियो के नेतृत्व वाली सरकार की सहमति ली गई। इसके बाद 12 फरवरी को 7वें सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल के आने पर पहली बार राष्ट्रगान बजाया गया और मास्क पहने हुए सभी विधायकों ने एक साथ खड़े होकर इसका सम्मान भी किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो नागालैंड विधानसभा भवन में पहली बार जन गण मनगूंजने और सभी विधायकों के सावधान की मुद्रा में खड़े होकर उसे सम्मान देने के इस ऐतिहासिक नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया है। इसे बहुत सारी हस्तियों ने शेयर करते हुए खुशी जताई है। 

उपराष्ट्रपति का सांसदों के नाम पत्र, पढ़े क्या लिया है उन्होंने

उपराष्ट्रपति का सांसदों के नाम पत्र, पढ़े क्या लिया है उन्होंने

नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सांसदों को पत्र लिखा है कि वे अपने क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए काम करें। उन्होंने सांसदों से कहा, आप जिस बड़े इलाके का संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं, मैं आग्रह करता हूं कि आप वहां की स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से सहायक बनें। उन्होंने कहा कि आपके प्रयासों से भारतीय भाषाओं को काफी अधिक प्रोत्साहन मिल सकता है। 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवससे पहले वेंकैया नायडू ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को अलग-अलग भाषाओं में पत्र लिखा है। तीन पन्नों के इस पत्र में नायडू ने स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने की जरूरतों को लेकर कहा कि यह देश के सांस्कृतिक विविधता को बचाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने लिखा, संस्कृति और भाषा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक भाषा को समाप्त करना बेशकीमती विरासत को खोने जैसा है। हम ऐसा होने नहीं दे सकते। उपराष्ट्रपति ने आगे लिखा, हमारी विविधता भरी संस्कृति की खूबसूरती को केवल मातृभाषाओं को प्रोत्साहन देकर ही बचाया जा सकता है। मातृभाषा जीवन की आत्मा है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांसदों को अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। 

एनकाउंटर में ढेर हुआ सिपाही की हत्या करने वाला  शराब माफिया मोती सिंह

एनकाउंटर में ढेर हुआ सिपाही की हत्या करने वाला शराब माफिया मोती सिंह

कासगंज । उत्तर प्रदेश में कासगंज के सिढ़पुरा इलाके में 9 फरवरी को सिपाही की हत्या व दरोगा को घायल करने की सनसनीखेज घटना में मुख्य आरोपी मोती सिंह पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया है। गोली लगने के बाद पुलिस ने मोती को जिला अस्पताल लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि सिपाही हत्याकांड के बाद मोती पर पुलिस ने एक लाख रुपये के इनाम रखा था। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर के मुताबिक इनामी मोती सिंह पुत्र हुब्बलाल से रविवार तड़के करतला रोड काली नदी के पास सिढ़पुरा में पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इसमें पुलिस पर इनामी मोती सिंह ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई जिसमें एक गोली इनामी मोती सिंह को लगी है। उसे घायल हालत में जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने मोती के पास से दरोगा की लूटी गई पिस्टल भी बरामद की है। बता दें कि मोती ही सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी था। 9 फरवरी की रात पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही की हत्या की गई थी और हमले में दरोगा घायल हुआ था। सिपाही की हत्या और पुलिस टीम पर हमले के मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती और उसके भाइयों की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस उसके ठिकानों पर चक्कर लगा रही थी और कयासों के आधार पर कई दिनों से उसकी तलाश मे जुटी थी।


मां समेत चार आरोपी जा चुके हैं जेल

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना की सुबह ही मुख्य आरोपी मोती धीमर के भाई एलकार को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था तथा उसके मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, घटना के 8 दिन बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 

शौच के लिए खेत में गयी किशोरी के साथ हुआ गैंगरेप, मुकदमा दर्ज, जाने कहाँ की है यह खबर

शौच के लिए खेत में गयी किशोरी के साथ हुआ गैंगरेप, मुकदमा दर्ज, जाने कहाँ की है यह खबर

कानपूर | शहर के घाटमपुर के गिरसी गाँव निवासी एक किशोरी के साथ गैंगरेप किये जाने की घटना सामने आयी है।मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।आरोप है कि बाइक सवार युवकों ने दलित किशोरी को बंधक बनाने के बाद गैंगरेप किया। घटना की जानकारी परिजनों ने  थाना पुलिस को दी। बताया गया कि शुक्रवार देर शाम किशोरी शौच के लिए खेतों में गयी थी। जहां  पर वह बदहवास हालत में पायी गयी। सूचना पर फोरेंसिक टीम के साथ ही पुलिस टीम ने साक्ष्य जुटाएं। वहीं घटना को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। वहीं पीडि़ता के स्वजन की तहरीर पर पुलिस ने उसी गाँव के रहने वाले छोटे उफऱ् अनुराग,दादाराम व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।  

 

 
सेक्स रैकेट संचालित करने वाली पंचायत राज विभाग की महिला सफाई कर्मी की संपत्ति होगी कुर्क, जाने कहाँ की है खबर

सेक्स रैकेट संचालित करने वाली पंचायत राज विभाग की महिला सफाई कर्मी की संपत्ति होगी कुर्क, जाने कहाँ की है खबर

हरदोई | उत्तरप्रदेश के हरदोई से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि सेक्स रैकेट चलाने वाली पंचायत राज विभाग की निलंबित महिला सफाई कर्मी की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी पुलिस ने कर ली है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटा लिया है। लगभग 35 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क किए जाने की तैयारी विभाग ने की है।

आपको बता दें कि नवंबर 2020 में सीओ सिटी विकास जायसवाल के नेतृत्व में देहात कोतवाली क्षेत्र में पिहानी चुंगी के निकट पंचायत राज विभाग की महिला सफाई कर्मी के घर पर पुलिस ने छापा डाला था। छापे के दौरान यहां से आपत्तिजनक स्थिति में पांच लड़के और पांच महिलाएं मिली थीं। पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र ने महिला सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया था।

जानकारी के अनुसार महिला सफाई कर्मी के विरुद्ध पूर्व में भी सेक्स रैकेट संचालित करने का मामला शहर कोतवाली में दर्ज था। एसपी अनुराग वत्स के निर्देश पर पुलिस ने महिला सफाई कर्मी और मौके से मिले लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी।
अब इस मामले में निलंबित महिला सफाई कर्मी के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई किए जाने की तैयारी कर ली गई है। सीओ सिटी विकास जायसवाल ने बताया कि लगभग 35 लाख रुपये की संपत्ति का पता चला है, जो सेक्स रैकेट का संचालन कर महिला सफाई कर्मी ने कमाई है।

इसकी कुर्की कराए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। स्मैक तस्कर विकास चंद्र जायसवाल उर्फ निप्पी के विरुद्ध भी कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम तेरवा निवासी निप्पी पिछले कुछ वर्ष से शहर के वैटगंज में रहता है।

पुलिस ने उसे बीते दिनों गिरफ्तार किया था। इसके बाद उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। अब उसकी संपत्ति कुर्क किए जाने की तैयारी है। लगभग 50 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की जाएगी।

बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लोधौरा निवासी रामनरेश उर्फ मुसई व राम किशोर उर्फ बबलू के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। रामनरेश और राम किशोर सगे भाई हैं। बीती चार जनवरी को बड़ी संख्या में अवैध शस्त्रों के साथ बेनीगंज कोतवाली पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।

रामनरेश पर पहले से ही दस और राम किशोर पर नौ मामले बेनीगंज कोतवाली में दर्ज हैं। अधिकतर मामले अवैध शस्त्रों को बनाने और बेचने के हैं। बेनीगंज कोतवाल राजकरन शर्मा ने बताया कि दोनों के विरुद्ध गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अजीबोगरीब खबर : कोरोना के डर से माँ और बच्चों ने कई दिनों तक पिया अपना पेशाब, जाने कहाँ की है यह खबर

अजीबोगरीब खबर : कोरोना के डर से माँ और बच्चों ने कई दिनों तक पिया अपना पेशाब, जाने कहाँ की है यह खबर

ब्रिटेन | कोरोना महामारी ने पुरे विश्व में हाहाकार मचा रखा है | करोड़ो लोगों ने कोरोना महामारी के चपेट में आ कर जान गँवा चुके है | कई देशों की अर्थव्यवस्था इस महामारी के चलते तबाह हो गई है। आपको बता दें कि कोरोना के इलाज को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के फर्जी मैसेज वायरल किए गए हैं, जो कि बिल्कुल भी भरोसे के लायक नहीं होते । ऐसा ही वायरल मैसेज पर भरोसा कर कोरोना का इलाज करने का एक मामला ब्रिटेन से सामने आया है, जहां एक महिला और उनके 4 बच्चों ने चार दिन तक अपना ही  पेशाब पिया है। बताया गया कि उन्होंने कोरोना से बचने के लिए ऐसा किया है।

मिली जानकारी के अनुसार यह मामला लंदन का है | लंदन की रहने वाली महिला ने बताया कि उसने व्हाट्सऐप पर फॉरवर्ड किए गए मैसेज में देखा कि पेशाब पीने से कोरोना संक्रमण होने का खतरा नहीं है। ऐसे में उसने अपने मूत्र को पीने का फैसला लिया। महिला को कोरोना वैक्सीन पर यकीन नहीं था। महिला को लगता था कि उसके परिवार को वैक्सीन की वजह से खतरा हो सकता है।

अमित शाह को मिला हाई कोर्ट से समन, 22 फरवरी को तलब होने का दिया निर्देश, जाने क्या है मामला

अमित शाह को मिला हाई कोर्ट से समन, 22 फरवरी को तलब होने का दिया निर्देश, जाने क्या है मामला

पश्चिम बंगाल के चुनावी घमासान में अब कानूनी जंग भी शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व सांसद अभिषेक बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मानहानि का केस दाखिल किया है। इसकी सुनवाई सोमवार को विशेष कोर्ट में की जाएगी।
यह मामला अमित शाह द्वारा 2018 में एक रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। सांसद-विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने 22 फरवरी को अमित शाह को तलब किया है।
बनर्जी द्वारा दायर मानहानि याचिका में कहा गया है कि 11 अगस्त 2018 को कोलकाता में भाजपा की युवा स्वाभिमान रैली के दौरान अमित शाह ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। बनर्जी ने कहा कि उन्होंने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर छवि उनकी खराब की है। याचिका के अनुसार अमित शाह ने कहा था, नारदा, शारदा, रोज वैली, सिंडिकेट करप्शन, भतीजे का करप्शन। ममता बनर्जी ने लगातार भ्रष्टाचार किए। बनर्जी ने इसके अलावा शाह के एक और बयान का भी याचिका में हवाला दिया है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में दिग्गज नेताओं की लगातार रैलियां व यात्राएं जारी हैं। गुरुवार को अमित शाह और ममता बनर्जी की रैलियां थीं। शाह शुक्रवार को भी पश्चिम बंगाल में ही हैं। पीएम मोदी भी 25 फरवरी को कोलकाता जा रहे हैं।

 

लालू यादव की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने नही माना इस दलील को

लालू यादव की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने नही माना इस दलील को

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने आधी सजा पूरी होने की उनकी दलील नहीं मानी।
शुक्रवार को लालू की जमानत याचिका और जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में आज सुनवाई हुई। सुबह से सबकी नजरें इस बात पर टिकी थी कि उन्हें जमानत मिलेगी या नहीं। आखिरकार लालू यादव व उनके परिजनों व समर्थकों को निराशा हाथ लगी। यादव को अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी है।
लालू यादव ने चारा घोटाले के दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में मिली सजा की आधी अवधि पूरी करने के आधार पर जमानत मांगी थी। निचली अदालत ने उन्हें इस मामले में सात साल की सजा सुनाई है। पिछली सुनवाई के दौरान लालू यादव ने 42 माह से अधिक जेल में रहने का दावा किया था।
वहीं सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री की इस जमानत याचिका का विरोध किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि लालू यादव ने आधी सजा नहीं काटी है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने लालू यादव और सीबीआई को हिरासत की कुल अवधि की सत्यापित कॉपी पेश करने का निर्देश दिया था।
उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल दिल्ली के एम्स अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज करवा रहे लालू यादव की जमानत पर उच्च न्यायालय में पक्ष रखा। चारा घोटाला मामले में चार साल की सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की जमानत याचिका और जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की अदालत में यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। इस दौरान रिम्स की ओर से लालू को एम्स भेजने के लिए बनी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट भी पेश की गई।
 

कर्ज चुकाने के लिए छापे डाले लाखों के नकली नोट, यूट्यूब से सीख वारदात को दिया अंजाम

कर्ज चुकाने के लिए छापे डाले लाखों के नकली नोट, यूट्यूब से सीख वारदात को दिया अंजाम

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे 35 साल के शख्स को गिरफ्तार किया जिसने अपने सर का कर्ज उतारने के लिए घर पर ही नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया. गिरफ्तार शख्स का नाम मोहम्मद फकीयान अयूब खान है जो कि मुंबई के चेम्बूर इलाके में रहता है.

क्राइम ब्रांच के एसीपी नितिन अलकनुरे ने बताया कि, हमे एक जानकारी मिली थी कि एक युवक चेम्बूर इलाके में नकली नोट लेकर आने वाला है जिसके बाद क्राइम ब्रांच की यूनिट चार के निरीक्षक निनाद सावंत और उनकी टीम में एमएमआरडीए कॉलोनी के पास माहुल गाँव चेम्बूर में ट्रैप लगाकर युवक को हिरासत में ले लिया उसकी तलाशी के दौरान उसके पास से पुलिस को 57 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए.

पूछताछ के दौरान पुलिस को उसने बताया कि कुछ नॉट उसने अपने घर पर भी रक्खे हैं जिसके बाद एक टीम ने उसके घर पर छापा मारकर वहां से भी नकली नोट बरामद किए. पुलिस को उसके पास से कुल 3 लाख 98 हजार 550 रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं.


कर्जा चुकाने के लिए छापी नकली नोट

आठ साल पहले खान मुम्बई आया था और अपने रिश्तेदार के गारमेंट में काम करने लगा पर खान को जितनी उम्मीदें थी उसे इतने पैसे नहीं मिल रहे थे जिसके बाद उसने अपने दोस्तों से कर्जा लेकर और अपनी पत्नी का सोना गिरवी रखकर खुद की गारमेंट की फैक्ट्री खोल ली. पर कोरोना के चलते खान को इस धंधे में काफी नुकसान हो गया जिसके चलते उसके सर पर करीब 6 लाख रुपये का कर्जा हो गया.


यूट्यूब से सीखा नकली नोट बनाना
इसके बाद खान से लोगों ने पैसे मांगना शुरू कर दिया जिसके दबाव में आकर खान ने नकली नोट छापने की सोच ली. इसके बाद खान ने पहले एक रूम भाड़े पर लिया और फिर यूट्यूब पर इस बात की स्टडी की कि आखिर नकली नोट कैसे बनाए जाते हैं पूरी पढ़ाई करने के बाद खान ने एक कंप्यूटर प्रिंटर और अच्छे क्वालिटी के पन्ने खरीदें जिसके बाद उसने नकली नोट छापने का सिलसिला शुरू कर दिया.
एसीपी नितिन अलकनुरे ने बताया कि खान ने पहले 50 और 100 के कुल 10,000 नोट छापे जिसे उसने अपने एक दोस्त को दिया और जब उसका दोस्त यह पता नहीं लगा पाया कि यह नकली नोट है तब जाकर उसने 30 हजार और नोट छापे जिसे उसने बाकी के दूसरे दोस्तों को दे दिया. उसके इस प्रयोग के बाद उसका कॉन्फिडेंस और बढ़ गया जिसके बाद उसने करीब 400000 के नकली नोट छाप दिए.


रहे सावधान
एसीपी नितिन अलकनुरे ने बताया कि इस तरह के फर्जी नोट छापने वाले लोगों को यह बात भली-भांति पता है की अक्सर लोग 500 या 2000 रुपये की नोट लेने से पहले ही उसकी जांच करते हैं और इसी वजह से उन्होंने अब 10, 50 और 100 रुपये की नकली नोट छापना शुरू कर दिया है. ऐसे में जरूरत है और भी सतर्क रहने की और किसी भी नोट को लेने से पहले उसकी जांच करने की.

 

भारत सरकार ने 19 फरवरी को इस  दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया

भारत सरकार ने 19 फरवरी को इस दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया

नईदिल्ली। भारत सरकार ने 19 फरवरी, 2020 को साइल हेल्थ कार्ड दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। साइल हेल्थ कार्ड स्कीम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 19 फरवरी, 2015 को लांच किया गया था। इस योजना का उद्देश्य मिट्टी की उपजाऊ क्षमता का मूल्यांकन करना था। इस योजना के तहत प्रत्येक दो वर्ष बाद साइल हेल्थ कार्ड जारी किये जाते हैं। इसके द्वारा किसानों को खेत में उर्वरक की उचित मात्र डालने में आसानी  होती है, इससे बड़े पैमाने पर अतिरिक्त उर्वरक के उपयोग में कमी आई है। राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद् द्वारा किये गये एक अध्ययन के अनुसार देश में साइल कार्ड (Soil Health Card) के उपयोग से उर्वरक के उपयोग में 10% की कमी आई है। इस अध्ययन से यह भी ज्ञात हुआ है कि साइल कार्ड के कारण उत्पादकता में 5-6% की वृद्धि हुई है। साइल कार्ड योजना में मिट्टी में कम हो रहे पोषक तत्वों की समस्या पर फोकस किया जाता है।


साइल हेल्थ कार्ड्स (मृदा स्वास्थ्य कार्ड)

केंद्र सरकार ने 2014-15 में साइल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की थी। 2015-17 के दौरान 10.74 करोड़ साइल हेल्थ कार्ड जारी किये गये। जबकि 2017-19 के दौरान 11.69 करोड़ हेल्थ कार्ड जारी किये गये।

आखिर क्यों मिली इस मंत्रालय को ड्रोन उपयोग करने की अनुमति ...जानिए क्या है पूरा मामला

आखिर क्यों मिली इस मंत्रालय को ड्रोन उपयोग करने की अनुमति ...जानिए क्या है पूरा मामला

नईदिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय तथा नागर विमानन महानिदेशालय ने भारत सरकार के कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय को सुदूर से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) के उपयोग की सशर्त छूट दी है। इस अनुमति के तहत कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय ड्रोन का उपयोग देश के 100 जिलों के कृषि क्षेत्रों में रिमोट सेंसिंग डाटा एकत्रित करने के लिए करेगा। यह डाटा ग्राम पंचायत स्‍तर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत उपज अनुमान के लिए एकत्रित किया जाएगा।

यह सशर्त छूट पत्र जारी होने की तिथि से या डिजिटल स्काइप प्लेटफॉर्म के पूर्ण संचालन तक, जो भी पहले हो वैध है, लेकिन यह छूट सभी शर्तों और सीमाओं की कठोरता से पालन करने पर ही वैध होगी। किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में छूट अवैध हो जाएगी और उपरोक्‍त सीएआर के पैरा 18 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय के लिए दूर से संचालित विमान प्रणालियों (आरपीएएस) के उपयोग की शर्ते और सीमाएं:

  1. पैराग्राफ 5.3, 6, 7, 8.4,.9, 11.1 [सी, डी), 11.2 [ए,डी], 12.4, 12.5, 12.18,12.19 तथा तीन सीएआर सेक्शन 3 के 15.3 सीरीज X, पार्ट-I, नागर विमानन मंत्रालय के नियम 15ए के विमान 1937 के अधीन कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय को छूट दी गई है।
  2. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय (ए) स्थानीय प्रशासन (बी) रक्षा मंत्रालय (सी) गृह मंत्रालय (डी) भारतीय वायुसेना से एयर डिफेंस मंजूरी (ई) दूर से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) के संचालन से पहले भारत के हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) (जैसा लागू हो) से मंजूरी लेगा।
  3. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय स्‍वीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) संदर्भ संख्‍या 9119 (पीएमएफबीवाई) आईएसओपी 01 रिविजन नंबर 0 डब्‍ल्‍यूआरएमएस, एसओपी रेफरेंस नंबर 9119 (पीएमएफबीवाई) एसओपी/01 रिविजन नंबर 0 एग्रोटेक तथा एसओपी रेफरेंस नंबर 9119 (पीएमएफबीवाई) एसओपी/01 रिविजन नंबर 0 एमनेक्‍स में निर्दिष्‍ट आरपीएएस मॉडलों का ही संचालन करेगा। संचालन उपरोक्‍त एसओपी के अनुसार होगा। आरपीएएस को स्‍वेच्‍छा से भारत सरकार को जारी किए गए वैध ड्रोन स्‍वीकृति संख्‍या (डीएएन) घोषित करना होगा। बेड़ों का विस्‍तृत विवरण कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय द्वारा रखा जाएगा। स्‍वीकृत एसओपी में कोई परिवर्तन/संशो‍धन को एसओपी में शामिल किया जाएगा और मंजूरी के लिए डीजीसीए को प्रस्‍तुत किया जाएगा। इन परिवर्तनों में प्रक्रियाओं में बदलाव या मॉडल में बदलाव आदि शामिल हैं। 
  4. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि स्वीकृत एसओपी के अनुसार एक अनुभवी प्रशिक्षित कर्मी आरपीएएस का संचालन करेगा। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि दूर से विमान संचालित करने वाले कर्मी स्वीकृत एफटीओ/आरपीटीओ के माध्यम से प्रशिक्षित हैं।
  5. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय आरपीएएस को कामकाजी स्थिति में सुनिश्चित करेगा और स्वीकृत एसओपी के अनुसार देखभाल करेगा और किसी आकस्मिक गड़बड़ी तथा उपकरणों में खराबी से उत्पन्न समस्या के लिए जिम्मेदार होगा।
  6. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय प्रत्येक आरपीए उड़ान का रिकॉर्ड रखेगा और मांगने पर ऐसे रिकॉर्ड डीजीसीए को उपलब्ध कराएगा।
  7. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय विमान से फोटोग्राफी के लिए नियमन और सूचना महानिदेशालय, डीजीसीए या रक्षा मंत्रालय (जो लागू हो) से आवश्यक अनुमति लेगी। आरपीएएस के माध्यम से लिए गए फोटो और वीडियो का उपयोग केवल कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय द्वारा ही किया जाएगा। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय आरपीएएस तथा आरपीएएस के माध्यम से एकत्रित डेटा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा।
  8. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय डिजिटल स्काइ प्लेटफॉर्म चालू होते ही यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस एनपीएनटी अनुपालन (क्यूसीआई प्रमाणित) के अनुसार बने हैं कि नहीं।
  9. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक आरपीएएस में अग्निरोधी पहचान प्लेट पर ओएएन, डीएएन तथा आरपीएएस के मॉडल नम्बर अंकित होने चाहिएं।
  10. आरपीएएस का संचालन दिन के लिए (सूर्योदय से सूर्यास्त) तक होगा। यह संचालन अनियंत्रित वायुक्षेत्र में विजुअल लाइन ऑफ साइट (वीएलओएस) के अंदर होगी और एजीआई से ऊंचाई 200 फीट (एजीएल) अधिकतम होगी।
  11. आरपीएएस सीएआर के प्रावधानों के अनुसार हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में संचालित नहीं होगा। हवाई अड्डे के आसपास आवश्यक संचालन के लिए पहले से समय और संचालन क्षेत्र के बारे में भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एएआई) या संबंधित हवाई अड्डा/एयरफील्ड ऑपरेटर से स्वीकृति लेनी होगी।
  12. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस के उड़ान के दौरान कोई चीज नीचे नहीं गिराई जाएगी। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी परिस्थित में आरपीए घातक सामग्री या भारी वजन की चीज नहीं ले जाएगी।
  13. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस संचालन के दौरान संचालन क्षेत्र (ग्राउंड स्टेशन सहित) किसी भी असंबंधित व्यक्ति की अनुमति नहीं होगी और सुनिश्चित करेगा कि एसओपी/आरपीएएस उड़ान मैनुअल में दी गई सुरक्षा शर्तों का पालन किया जाएगा।
  14. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय लोगों, संपत्ति, ऑपरेटर आदि की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करेगा।
  15. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि किसी व्यक्ति या संपत्ति को खतरा पहुंचाने के लिए उड़ान नहीं भरेगा। उपकरण से शारीरिक संपर्क के कारण किसी व्यक्ति के घायल होने की स्थिति में कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय मेडिको-लीगल मामलों के लिए जिम्मेदार होगा। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय बीमा पॉलिसी वैधता सुनिश्चित करेगी ताकि तीसरे पक्ष को दुर्घटना से नुकसान की स्थिति में सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सके।
  16. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय सीएआर सेक्शन तीन के पैरा 13.1, सीरीज-X पार्ट-1 में दिए गए नो फ्लाई जोन में मंत्रालय/अधिकारियों की स्वीकृति के बिना आरपीएएस का संचालन नहीं करेगा।
  17. इन संचालनों के कारण किसी कानूनी मामले या अन्य मामले में कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय डीजीसीए को सुरक्षित रखेगा।
  18. यह पत्र दूर से संचालित विमान प्रणाली के बारे में सरकारी एजेंसियों तथा दूसरे कानूनों से लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करेगा।
  19. संचालन के किसी चरण में दुर्घटना के मामले में पूरे ब्यौरे के साथ डीजीसीए के वायु सुरक्षा महानिदेशालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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