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डीआरडीओ की फिर एक नई उपलब्धि, देश हुआ और मजबूत... पढ़े पूरी खबर

डीआरडीओ की फिर एक नई उपलब्धि, देश हुआ और मजबूत... पढ़े पूरी खबर

नईदिल्ली। हेलिना (आर्मी वर्जन) और ध्रुवस्त्र (एयरफोर्स वर्जन) मिसाइल सिस्टम्स के लिए संयुक्त उपयोगकर्ता परीक्षण में एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) प्लेटफॉर्म से डेज़र्ट रेंज में किए गए हैं । मिसाइल प्रणालियों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है । न्यूनतम और अधिकतम रेंज में मिसाइल क्षमताओं के मूल्यांकन के लिए पांच मिशन संचालित किए गए । मिसाइलों को यथार्थवादी, स्थिर और चलते हुए लक्ष्यों के खिलाफ होवर और मैक्स फॉरवर्ड फ्लाइट में फायर किया गया । कुछ मिशन त्याग किए हुए टैंकों के खिलाफ वॉरहैड्स से किए गए थे । आगे उड़ने वाले हेलिकॉप्टर से चलायमान लक्ष्य के खिलाफ मिशन चलाया गया । हेलिना और ध्रुवस्ट्रा तीसरी पीढ़ी के, लॉक ऑन बिफोर लॉन्च (LOBL) फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हैं जो डायरेक्ट हिट मोड के साथ-साथ टॉप अटैक मोड दोनों में लक्ष्य पर निशाना साधने में सक्षम हैं । इस प्रणाली में सभी मौसम में दिन और रात वाली क्षमता है और पारंपरिक कवच वाले टैंक के साथ साथ विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच वाले युद्धक टैंकों को पराजित करने की क्षमता भी है । यह दुनिया के सबसे उन्नत एंटी टैंक हथियारों में से एक है । अब मिसाइल सिस्टम को शामिल करने की तैयारी है । रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने उपलब्धियों के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), सेना और वायु सेना को बधाई दी । रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षणों में शामिल टीमों के प्रयासों की सराहना की । 

पत्नी के सुसाइड की खबर सुन पति ने भी की खुदकुशी, जाने कहाँ की है यह खबर

पत्नी के सुसाइड की खबर सुन पति ने भी की खुदकुशी, जाने कहाँ की है यह खबर

प्रयागराज | उत्तरप्रदेश के प्रयागराज के यमुनापार थानान्तर्गत मेजा में एक युवती ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसके खुदकुशी ससुराल पहुंची तो गुजरात के सूरत जिले में पति ने सुसाइड कर लिया।

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दोनों की शादी अभी दो माह पहले 09 दिसंबर 2020 को हुई थी। दंपती की मौत से उनके घरवाले गम में डूबे हुए हैं। वहीं लोग परेशान है कि आखिर उन दोनों ऐसा क्या बात हुई थी जो खुदकुशी कर लिया। घरवाले भी कुछ वजह नहीं बता पा रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार मेजा के भटौती डांड़ी गांव निवासी कृष्ण कुमार मिश्र ने अपनी बेटी रंजना उर्फ रीतू मिश्र की शादी 09 दिसंबर 2020 को मेजा के ही सिंगारो गांव निवासी प्रदीप कुमार पांडेय के साथ की थी। प्रदीप गुजरात के सूरत शहर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। धूमधाम से विवाह के बाद रंजना अपनी ससुराल गई। 16 जनवरी को प्रदीप नौकरी करने सूरत चला गया। 30 जनवरी को रंजना अपने मायके आ गई थी।
 
 
आज गुरुवार दोपहर रंजना ने फांसी लगाकर जान दे दी। रंजना को फांसी पर लटकते देख घरवालों के पैरों तले जमीन सरक गई। इसकी सूचना रंजना के ससुराल वालों को भी दी गई। प्रदीप के घरवालों ने उसे फोन पर रंजना के मौत की खबर दी तो वह गम में डूब गया। इसके कुछ देर बाद प्रदीप के घरवालों को सूचना आई की प्रदीप ने भी सूरत में फांसी लगा ली। पति-पत्नी की मौत से घर में कोहराम मच गया। उनके घरवाले भी परेशान हैं कि आखिर दोनों ने किस वजह से मौत की राह चुनी।
 
‘ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी’ पर सुझाव आमंत्रित

‘ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी’ पर सुझाव आमंत्रित

नईदिल्ली।  पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भारत के लिए ड्राफ्ट ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी पर सुझाव मांगे हैं। एनजीओ, उद्योग, शिक्षाविदों और नागरिकों जैसे हितधारकों को 27 फरवरी 2021 तक अपने  विचार प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। ड्रॉफ्ट ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी सरकार द्वारा उस विजन और रणनीति को रेखांकित करते हुए बनाई गई थी, जिसके द्वारा देश में उपलब्ध समुद्री संसाधनों का उपयोग किया जा सके। इस नीति को भारत की जीडीपी में नीली अर्थव्यवस्था के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह तटीय समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने और समुद्री जैव विविधता को संरक्षित करने का प्रयास भी करती है। यह समुद्री क्षेत्रों और संसाधनों की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी बनाए रखेगा। ब्लू इकोनॉमी के ड्राफ्ट में सात विषयगत क्षेत्रों को मान्यता दी गई है जैसे:

  1. नीली अर्थव्यवस्था और महासागर शासन का राष्ट्रीय लेखा फ्रेमवर्क;
  2. तटीय समुद्री स्थानिक योजना और पर्यटन;
  3. समुद्री मत्स्य पालन, मछली प्रसंस्करण और एक्वाकल्चर
  4. विनिर्माण, सेवाएँ, व्यापार, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास;
  5. लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांच और शिपिंग
  6. तटीय और गहरे समुद्र में खनन
  7. अपतटीय ऊर्जा और सुरक्षा, रणनीतिक आयाम और अंतर्राष्ट्रीय संलग्नक।

नीली अर्थव्यवस्था क्या है? (What is Blue Economy?)

नीली अर्थव्यवस्था की अवधारणा आर्थिक विकास और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने की आकांक्षा रखती है।  यह महासागरों और तटीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने का प्रयास करती है। इसमें मत्स्य पालन, समुद्री खनन, ड्रेजिंग और अपतटीय तेल और गैस निष्कर्षण शामिल हैं।

भारत सार्क की वर्चुअल बैठक की मेजबानी करेगा

भारत सार्क की वर्चुअल बैठक की मेजबानी करेगा

नईदिल्ली। भारत दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सदस्य देशों के साथ वर्चुअल स्वास्थ्य सचिव स्तर की बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक 18 फरवरी, 2021 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक के दौरान सदस्य देश COVID-19 संकट पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान को भी आमंत्रित किया गया है। इस बैठक COVID-19 प्रबंधन और महामारी की प्रतिक्रिया से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। सदस्य देश महामारी के संबंध में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करेंगे। मार्च 2020 में सार्क क्षेत्र के राष्ट्राध्यक्षों के एक वीडियो सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस आपातकालीन निधि COVID-19 संकट का भी प्रस्ताव किया था। COVID-19 महामारी की प्रतिक्रिया के लिए SAARC सदस्यों द्वारा कोरोनावायरस आपातकालीन निधि की स्थापना की गई थी। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में COVID-19 महामारी से जुड़े जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से यह आपातकालीन निधि बनाई गई थी। भारत ने निधि के लिए 10 मिलियन का योगदान करने का प्रस्ताव दिया था। सार्क के अन्य सदस्य देशों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित फंड बनाने के इस कदम का समर्थन किया।


पड़ोसियों को भारत का समर्थन

भारत COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे है। भारत सबसे ज्यादा टीकाकरण करने वाला देश बनकर उभरा है। इसलिए, भारत स्वदेशी रूप से विकसित COVID-19 टीकों को उपहार के रूप में या वाणिज्यिक रूप से देशों को उपलब्ध कराने में भी सबसे आगे है। भारत ने हाल ही में अफगानिस्तान को COVID-19 टीकों की पांच लाख खुराक, बांग्लादेश को 20 लाख खुराक, म्यांमार को 17 लाख खुराक, श्रीलंका को पांच लाख खुराक, भूटान को 1.5 लाख खुराक, मॉरीशस और मालदीव के प्रत्येक को एक लाख खुराक का तोहफा दिया है।


 

सार्क

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) समूह में पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, मालदीव, भूटान, श्रीलंका और नेपाल जैसे देश शामिल हैं। इसकी स्थापना 8 दिसंबर 1985 को हुई थी। इसका मुख्यालय काठमांडू, नेपाल में है। 

प्रधानमंत्री ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ पहल लांच करेंगे

प्रधानमंत्री ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ पहल लांच करेंगे

असम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 फरवरी, 2021 को असम में ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ पहल को लांच करेंगे। वह धुबरी फूलबाड़ी पुल की आधारशिला रखेंगे। पीएम असम में माजुली पुल के निर्माण के लिए भूमिपूजन भी करेंगे। महाबाहु-ब्रह्मपुत्र पहल की शुरूआत रो-पैक्स वेसल ऑपरेशन के उद्घाटन के साथ की जाएगी। रो-पैक्स वेसल ऑपरेशन को नीमाटीघाट और माजुली, धुबरी-हाटसिंगमारी और उत्तर-दक्षिण गुवाहाटी के बीच लॉन्च किया जाएगा। इस पहल में जोगीगोपा में अंतर्देशीय जल परिवहन टर्मिनल का उद्घाटन भी शामिल है। इस दौरान राज्य भर में नदी पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चार स्थानों पर विभिन्न पर्यटन घाटों के भी किया जाएगा यह पहल भारत के पूर्वी हिस्सों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। इसमें बराक और ब्रह्मपुत्र नदियों के पार रहने वाले लोगों के लिए विभिन्न विकास गतिविधियाँ शामिल हैं। महाबाहु-ब्रह्मपुत्र पहल के तहत राज्य में रो-पैक्स सेवाओं का शुभारंभ किया जाएगा। रो-पैक्स वेसल संचालन से यात्रा के समय को कम करने में मदद मिलेगी।  इससे सड़क मार्ग से यात्रा की दूरी भी कम हो जाएगी।


धुबरी फूलबाड़ी पुल

पीएम मोदी चार लेन के धुबरी फूलबाड़ी पुल का शिलान्यास भी करेंगे। इस पुल का निर्माण NH-127B पर किया जाएगा। यह पुल एनएच-27 पर श्रीरामपुर से शुरू होगा। यह मेघालय राज्य में NH-106 पर नोंगस्टोइन पर समाप्त होगा। इसका निर्माण असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर किया जायेगा, यह असम के धुबरी को  और मेघालय के फूलबाड़ी, तुरा, रोंग्राम और रोंगजेंग से जोड़ेगा। इस परियोजना की कुल लागत 4997 करोड़ है।

आने वाले समय में रेडियो रियल गेम चेंजर साबित होगाः  प्रो. सुरेश

आने वाले समय में रेडियो रियल गेम चेंजर साबित होगाः प्रो. सुरेश

भोपाल, लोक प्रसारक के रूप में रेडियो की भूमिका सबसे अहम है और आने वाले समय में यह रियल गेमचेंजर साबित हो सकता है। रेडियो की लोकप्रियता बढ़ाने में प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का भी बहुत बड़ा योगदान है। एफएम चैनलों ने भी रेडियो की प्रासंगिकता को बनाए रखने और लोगों के दिलों स्थापित करने में महती भूमिका निभाई है। यह बात बुधवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश ने पीआईबी भोपाल सभागार में विश्व रेडियो दिवस के संदर्भ में, ‘मन का रेडियो’ विषय पर आयोजित सेमिनार में कही।

आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क श्री सुदाम खाड़े ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रेडियो हमें खुद को सुनने का मौका देता है। यह खुद से कनेक्ट करने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान भोपाल में फेक न्यूज पर लगाम लगाने में रेडियो द्वारा निभाई गई भूमिका को भी याद किया।

पीआईबी, भोपाल के अपर महानिदेशक प्रशांत पाठराबे ने कहा कि रेडियो का देश के दूराज इलाकों में रहने वाले लोगों के साथ एक मजबूत रिश्ता है। यह बेहद ही आसान तरीके और जनता की भाषा में लोगों तक बातों को पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राजस्व के मामले में रेडियो को नुकसान तो हुआ पर कोरोना के बाद रेडियो ने काफी बेहतर तरीके से वापसी की है और इसका राजस्व 5 गुना बढ़ा है।

शोध पत्रिका ‘समागम’ के संपादक मनोज कुमार ने कहा कि रेडियो प्रामाणिक एवं विश्व्स्नीय माध्यम है। बदलते समय में दूर दराज में रहने वाले समुदाय के लिये सामुदायिक रेडियो सबसे प्रभावशाली माध्यम के रूप में उभरा है। श्री कुमार ने सामुदायिक रेडियो के क्षेत्र में किए गए अपने कार्यों को याद किया और कहा कि कम्युनिटी रेडियो भविष्य का रेडियो है। उन्होंने कम्युनिटी रेडियो खोलने की पूरी प्रकिया के बारे में भी बताया और इस बारे में सरकारी गाइडलाइन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कम्युनिटी रेडियो शिक्षा की रोशनी फैलाने में अहम योगदान देता है।
आकाशवाणी, भोपाल के कार्यक्रम प्रमुख विश्वास केलकर ने लोक प्रसारक के रूप में रेडियो की भूमिका पर प्रकाश डाला। आकाशवाणी समाचार भोपाल के पूर्व संवाददाता और आरओबी, भोपाल के सहायक निदेशक शारिक नूर ने खबरों की दुनिया में रेडियो की विश्वसनीयता के बारे में बात की। माय एफएम के कार्यक्रम प्रमुख विकास अवस्थी ने कहा कि रेडियो आपका दोस्त बनकर आपके साथ चलता है और आपकी सकारात्मकता को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। बिग एफएम की रेडियो जॉकी अनादि ने कहा कि रेडियो साधारण और बहुत ही आसान माध्यम है। रेडियो की सबसे अच्छी बात यह है कि यह हमें कानों से देखना सिखाता है। हम काम करते हुए भी रेडियो से जुड़ सकते हैं।
इस अवसर पर शोध पत्रिका समागम का सामुदायिक रेडियो पर केंद्रित विशेषांक का लोकार्पण अतिथियों ने किया।
 

एमजे अकबर को अदालत से झटका, पत्रकार हुई आरोपों से बरी

एमजे अकबर को अदालत से झटका, पत्रकार हुई आरोपों से बरी

नईदिल्ली । दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की आपराधिक मानहानि की याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्रकार प्रिया रमानी को आरोपों से बरी कर दिया है। साथ ही अदालत ने एमजे अकबर की याचिका भी खारिज कर दी।
रमानी ने अकबर के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे, जिसे लेकर अकबर ने उनके खिलाफ 15 अक्तूबर 2018 को मानहानिक का मामला दर्ज कराया था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार ने अकबर और रमानी के वकीलों की दलीलें पूरी होने के बाद एक फरवरी को अपना फैसला 10 फरवरी के लिए सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी महिला को 20 साल बाद भी उसके साथ हुए दुर्व्यवहार को बताने का हक है। कोर्ट ने कहा कि जिस देश में महिलाओं के सम्मान के बारे में रामायण और महाभारत लिखी गई, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं, यह शर्म की बात है।
कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि सामाजिक प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति यौन शोषण नहीं कर सकता है। जज रविंद्र कुमार पांडे ने कहा कि समाज को समझना ही होगा कि यौन शोषण और उत्पीडऩ का पीडि़त पर क्या असर होता है और वह किस दौर से गुजरती है। वहीं फैसला आने के बाद मी टू के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा गया कि वी वोन, यानि हमलोग जीत गए।
क्या था मामला
रमानी का आरोप है कि अकबर ने करीब 20 साल पहले उनका यौन उत्पीडऩ किया था, जब वह पत्रकार थीं। उनका दावा है कि उन्होंने अकबर के खिलाफ सोशल मीडिया पर 2018 में `मी टू` मुहिम के मद्देनजर लगाए गए आरोपों के बारे में सच्चाई भलमनसाहत से बयां की है। उनकी मंशा जनहित से जुड़ी है और अपमानजनक नहीं है। अकबर ने रमानी द्वारा कथित मानहानि किए जाने को लेकर उनके खिलाफ यह शिकायत दायर की थी।
20 महिलाओं ने पूर्व मंत्री पर लगाए आरोप

अकबर ने 15 अक्तूबर, 2018 को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद से 17 अक्तूबर, 2018 को इस्तीफा दे दिया था। अकबर ने मीटू अभियान के दौरान उन पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाने वाली सभी महिलाओं के आरोपों को खारिज किया है। करीब 20 महिलाओं ने पत्रकार के तौर पर अकबर के मातहत काम करने के दौरान उनका यौन उत्पीडऩ करने का अकबर पर आरोप लगाया है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और मॉरीशस के बीच इन समझौते  पर हस्ताक्षर किये जाने की दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और मॉरीशस के बीच इन समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने की दी मंजूरी

नईदिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और मॉरीशस के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौते (सीईसीपीएपर हस्ताक्षर किये जाने की मंजूरी दी है।

 

भारत-मॉरीशस सीईसीपीए की मुख्य विशेषताएं निम्न हैं:    

भारत-मॉरीशस सीईसीपीए, पहला व्यापार समझौता है, जो अफ्रीका के किसी देश के साथ किया जा रहा है। यह समझौता एक सीमित समझौता हैजो वस्तुओं के व्यापार, मूल नियमोंसेवाओं में व्यापारव्यापार में तकनीकी बाधाओं (टीबीटी)स्वच्छता और पादप स्वच्छता (एसपीएस) उपायोंविवाद निपटाननागरिकों के आवागमन, दूरसंचारवित्तीय सेवाओंसीमा शुल्क प्रक्रियाओं और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को कवर करेगा।

 

प्रभाव या लाभ: 

सीईसीपीए दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित करने और बेहतर बनाने के लिए एक संस्थागत तंत्र प्रदान करता है। भारत और मॉरीशस के बीच सीईसीपीए में भारत के लिए 310 निर्यात वस्तुओं को शामिल किया गया है -खाद्य सामग्री और पेय पदार्थ (80 लाइनें)कृषि उत्पाद (25 लाइनें)वस्त्र और वस्त्र उत्पाद (27 लाइनें)आधार धातु और इनसे बने उत्पाद (32 लाइनें), बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद (13 लाइनें)प्लास्टिक और रसायन (20 लाइनें)लकड़ी तथा लकड़ी से बने सामान (15 लाइनें) और अन्य। मॉरीशस को अपने 615 उत्पादों; जिनमें फ्रोजेन फिश, विशेष प्रकार की चीनीबिस्कुटताजे फलजूसमिनरल वाटर, बीयर, मादक पेयसाबुनबैगचिकित्सा और शल्य-चिकित्सा उपकरण और परिधान शामिल हैं, के लिए प्राथमिकता की आधार पर भारतीय बाजार में पहुंच से लाभ मिलेगा। सेवा-व्यापार के संबंध मेंभारतीय सेवा प्रदाताओं को, 11 व्यापक सेवा क्षेत्रों जैसे पेशेवर सेवाओंकंप्यूटर से संबंधित सेवाओंअनुसंधान और विकास अन्य व्यावसायिक सेवाएँदूरसंचारनिर्माणवितरणशिक्षापर्यावरणवित्तीयपर्यटन और यात्रा संबंधीमनोरंजनयोगऑडियो-विज़ुअल सेवाएँ और परिवहन सेवाएँ आदि के अंतर्गत से लगभग 115 उप-क्षेत्रों तक पहुंच प्राप्त होगी। भारत ने 11 व्यापक सेवा क्षेत्रों के अंतर्गत लगभग 95 उप-क्षेत्रों की पेशकश की हैजिनमें पेशेवर सेवाएंआर एंड डीअन्य व्यावसायिक सेवाएंदूरसंचारवित्तीयवितरणउच्च शिक्षापर्यावरणस्वास्थ्यपर्यटन और यात्रा से संबंधित सेवाएंमनोरंजक सेवाएं और परिवहन सेवाएं शामिल हैं दोनों पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर करने के दो साल के भीतर सीमित संख्या में अति संवेदनशील उत्पादों के लिए एक स्वचालित ट्रिगर सुरक्षा तंत्र (एटीएसएम) पर बातचीत करने के लिए भी सहमत हुए हैं।

 

टाइमलाइन

इस समझौते पर दोनों देशों के संबंधितों द्वारा पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीख पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जो उससे अगले महीने की पहली तारीख से लागू होंगे।

 

पृष्ठभूमि:

 

 

भारत और मॉरीशस के द्विपक्षीय संबंध शानदार रहे हैं, जिसे ऐतिहासिक सांस्कृतिक समानताओंनिरंतर उच्च-स्तरीय राजनीतिक संपर्कविकास सहयोगरक्षा और समुद्री साझेदारी और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी सम्बन्ध से मजबूती मिलती रही है। मॉरीशस भारत का एक महत्वपूर्ण विकास भागीदार है। भारत ने 2016 में मॉरीशस को 353 मिलियन डॉलर का 'विशेष आर्थिक पैकेजदिया था। सुप्रीम कोर्ट की नयी इमारत परियोजना इस पैकेज के तहत लागू होने वाली पांच परियोजनाओं में से एक है और इसका उद्घाटन जुलाई, 2020 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मॉरीशस के प्रधानमंत्री श्री प्रविंद जगन्नाथ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने अक्टूबर 2019 में संयुक्त रूप से विशेष आर्थिक पैकेज के तहत मॉरीशस में निर्मित मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना, चरण -और 100-बेड वाले अत्याधुनिक ईएनटी अस्पताल का उद्घाटन किया था।  भारत, 2005 के बाद से, मॉरीशस के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक रहा है और मॉरीशस के लिए माल और सेवाओं के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है। इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर (आईटीसी) के अनुसार2019 मेंमॉरीशस के मुख्य आयात भागीदार थे - भारत (13.85 प्रतिशत)चीन (16.69 प्रतिशत)दक्षिण अफ्रीका (8.07 प्रतिशत) और यूएई (7.28 प्रतिशत)। भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2005-06 के 206.76 मिलियन डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2019-20 में 690.02 मिलियन डॉलर हो गया और इसमें 233 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। मॉरीशस के लिए भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2005-06 के 199.43 मिलियन डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2019-20 में 662.13 मिलियन डॉलर हो गया और इसमें 232 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। मॉरीशस से भारत का आयात 2005-06 के 7.33 मिलियन डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2019-20 में 27.89 मिलियन डॉलर हो गया है और इसमें 280 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। भारत-मॉरीशस सीईसीपीए, दोनों देशों के बीच पहले से ही गहरे और विशिष्ट संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।

 

जज ने जूनियर महिला को भेजे ऐसे-ऐसे मैसेज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप कैसे न्यायिक अधिकारी हैं...

जज ने जूनियर महिला को भेजे ऐसे-ऐसे मैसेज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप कैसे न्यायिक अधिकारी हैं...

नई दिल्ली, जज साहब ही अपनी एक जूनियर महिला अफसर को व्हाट्सएप पर ऐसे-ऐसे मैसेज करने लगे कि सुप्रीम कोर्ट खफा हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि आप कैसे न्यायिक अधिकारी हैं, हमें समझ नहीं आ रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के एक जिला न्यायाधीश के आचरण पर तीखी टिप्पणी व्यक्त की, जिन्होंने एक कनिष्ठ अधिकारी को आपत्तिजनक और अनुचित संदेश भेजे और इस आचरण को महज ‘फ्लर्ट’ करार दिया. मध्यप्रदेश के एक पूर्व जिला न्यायाधीश ने एक जूनियर न्यायिक अधिकारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अर्जुन गर्ग के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र श्रीवास्तव ने जिला न्यायाधीश की ओर से कनिष्ठ महिला अधिकारी को भेजे गए कई व्हाट्सएप संदेशों को पढ़ा. श्रीवास्तव ने पीठ के समक्ष कहा, “वह एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं, इसलिए एक महिला अधिकारी के साथ उनका व्यवहार अधिक उपयुक्त होना चाहिए था.” इससे सहमत होते हुए पीठ ने भी माना कि एक जूनियर अधिकारी के साथ फ्लर्ट करना किसी न्यायाधीश के लिए स्वीकार्य आचरण नहीं है. न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और वी. रामासुब्रमण्यन के साथ ही प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “व्हाट्सएप संदेश काफी आक्रामक और अनुचित हैं. एक न्यायाधीश के लिए जूनियर अधिकारी के साथ ऐसा आचरण स्वीकार्य नहीं है.”
रवींद्र श्रीवास्तव ने पीठ के समक्ष यह भी कहा कि महिला अधिकारी एक समझौता चाहती थीं, लेकिन इस मामले की जांच कर रही हाईकोर्ट की समिति ने इसे स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने स्वीकार किया है कि वह महिला के साथ फ्लर्ट कर रहा था. श्रीवास्तव ने कहा, “वह किस तरह के न्यायिक अधिकारी है? हमें तो समझ ही नहीं आ रहा.” इस स्तर पर, प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वह श्रीवास्तव की प्रस्तुतियों से सहमत हैं.
याचिकाकर्ता जिला जज का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आर. बालासुब्रमण्यम ने पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि महिला अधिकारी ने यौन उत्पीड़न निरोधक अधिनियम के तहत अपनी शिकायत वापस ले ली है और इसलिए हाईकोर्ट द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनवाई योग्य नहीं है. पीठ ने बालासुब्रमण्यम से कहा कि महिला ने बेशक शिकायत वापस ले ली है, लेकिन इससे भी बड़ा सवाल यह है कि क्या हाईकोर्ट की ओर से जांच की जानी चाहिए.
बालासुब्रमण्यन ने दोहराया कि सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी ने हाईकोर्ट को बताया है कि महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत वापस ले ली है, मगर फिर भी उनके मुवक्किल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि लिंग संवेदीकरण समिति के समक्ष यह मामला बंद हो गया, क्योंकि महिला ने समिति में भाग लेने से इनकार कर दिया. पीठ ने कहा, “अब हाईकोर्ट आगे बढ़ना चाहता है. विभागीय जांच में आगे बढ़ने के लिए भी वह कर्तव्य से बंधा हुआ है. क्या कोई कानून है, जो हाईकोर्ट को जांच के साथ आगे बढ़ने से रोक सकता है?” श्रीवास्तव ने कहा, “हाईकोर्ट इस मामले को आगे बढ़ा रहा है, भले ही याचिकाकर्ता सेवा से सेवानिवृत्त हो गया हो, क्योंकि वह एक मजबूत संदेश भेजना चाहता है.” विस्तृत सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने मामले को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया.
 

इस राज्य में गिर सकती है कांग्रेस की सरकार, विधायक ने छोड़ी पार्टी, कल दौरा करेंगे राहुल

इस राज्य में गिर सकती है कांग्रेस की सरकार, विधायक ने छोड़ी पार्टी, कल दौरा करेंगे राहुल

पुडुचेरी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी यहां मई में संभावित विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को अपना प्रचार अभियान शुरू करने वाले हैं, इससे एक दिन पहले उनकी पार्टी के चौथे विधायक ने केंद्र शासित प्रदेश में नारायणसामी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार को इस्तीफा दे दिया. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणस्वामी के करीबी सहयोगी ए. जॉन कुमार 2019 के उपचुनावों में कामराज नगर निर्वाचन क्षेत्र से पुडुचेरी विधानसभा के लिए चुने गए थे. उनके इस्तीफे ने केंद्रशासित प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका दिया है. पुडुचेरी में इसी साल मई में विधानसभा चुनाव होने हैं.
उनका इस्तीफा राहुल गांधी की यहां की यात्रा से ठीक एक दिन पहले आया है, जहां वह आगामी चुनाव के लिए पार्टी के अभियान को शुरू करने वाले है. जबकि अन्य कांग्रेस विधायक मल्लादी कृष्ण राव ने 15 फरवरी को पार्टी छोड़ दी थी, पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री ए. नामास्वामी और ई. थेपनजैन ने भी 25 जनवरी को इस्तीफा दे दिया दिया. वहीं एन. धेनावेलु को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए जुलाई में अयोग्य ठहराया गया था.
लगातार इस्तीफे की वजह से कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के विधायकों की संख्या घटकर 10 से नीचे हो गई है और विपक्ष के पास अब 14 विधायक हैं. इससे पहले 30 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा में कांग्रेस और द्रमुक के पास 16 विधायकों की संयुक्त ताकत थी.
 

भारत के जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव’ का सफलतापूर्वक समापन

भारत के जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव’ का सफलतापूर्वक समापन

नईदिल्ली।  1 से 15 फरवरी, 2021 तक नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित भारत के जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव’ का कल शाम सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता ट्राइफेड के अध्यक्ष श्री रमेश चंद मीणा द्वारा की गई। इस अवसर पर त्रिपुरा मार्कफेड के अध्यक्ष श्री कृष्णनंदन दास, ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीर कृष्ण भी उपस्थित थे। समापन कार्यक्रम के शुभारंभ में गणमान्य व्यक्तियों ने उत्सव में लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। अपने स्वागत भाषण में, श्रीकृष्ण ने इस महोत्सव को व्यापक रूप से सफल बनाने के लिए गणमान्य व्यक्तियों और दिल्लीवासियों को उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान समय की परिस्थितियों के बावजूद इस समारोह में लोगों की भारी उपस्थिति और अभूतपूर्व बिक्री दर्ज होने से निश्चित रूप से जनजातीय शिल्पियों और निवासियों को लॉकडाउन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के समाधान की दिशा में एक दीर्घकालिक मदद मिलेगी। इस लघु समारोह के दौरान विभिन्न समूहों में जनजातीय शिल्पियों की तीन प्रमुख श्रेणियां शामिल थीं। इनके बनाए उत्पादों में कपड़ा, उपहार और सजावट की वस्तुएं, जैविक उत्पाद, बेंत और बांस, आभूषण, धातु, चित्र, मिट्टी के बर्तन और आदिवासी व्यंजनों को उनकी बिक्री और लोकप्रियता के आधार पर आगंतुकों के लिए वर्गीकृत किया गया था। सम्मानित किए गए कारीगरों/संगठनों को एक स्मृति चिन्ह दिया गया। एक पखवाड़े तक चलने वाले राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव में देश भर के 25 राज्यों के हजारों जनजातीय कारीगरों, रसोइयों, कलाकारों और सांस्कृतिक मंडलों ने सहभागिता की। लगभग 200 स्टालों में दुर्लभ जनजातीय हस्तशिल्प, हथकरघा और प्राकृतिक उत्पादों के रूप में स्पष्ट जनजातीय संस्कृति और जनजातीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। उत्सव के पिछले 15 दिनों में आगंतुकों की भारी उपस्थिति और बिक्री दर्ज की गई और आदि महोत्सव दिल्लीवासियों का दिल जीतने में सफल रहा। जनजातीय कारीगरों द्वारा निर्मित शानदार पटचित्र हों या असम का खूबसूरत रेशम कार्य अथवा ओडिशा के बेहद आकर्षक जनजातीय आभूषण और पूर्वोत्तर के मनके वाले हारों को बहुत पसंद किया गया। जनजातीयों द्वारा बनाए गए व्यंजनों की खास भूमिका रही। इनमें सिक्किम के मोमोज से लेकर छत्तीसगढ़ के महुआ लड्डू, झारखंड के धुस्का और लिट्टी चोखा से लेकर ओडिशा की थाप्ड़ी रोटी और छत्तीसगढ़ की चपड़ा चटनी का स्वाद अनोखा था। यहां आने वाले आगंतुकों के लिए यह महोत्सव किसी दावत से कम नहीं था। ट्राईफेड की रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के कारण पंजीकरण में हुए नुकसान को संभवतः पूरा करते हुए आदि महोत्सव ने पिछले एक पखवाड़े में जनजातीय कारीगरों के लिए लगभग 4 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बिक्री दर्ज की। इसके अलावा ट्राइफेड द्वारा 8 करोड़ रुपये की खरीद का एक ऑर्डर भी दिया है। इस तरह से इस महोत्सव में भागीदारी करने वाली जनजातियों के लिए कुल लगभग 12 करोड़ रुपए का व्यापारिक लेन-देन हुआ। आदि महोत्सव वास्तव में जनजातीय जीवन की भावना- शिल्प, संस्कृति और व्यंजन का उत्सव रहा है। 

राष्ट्रपति भवन में  फुटबॉल ग्राउंड और बास्केटबॉल कोर्ट का पुर्ननिर्माण

राष्ट्रपति भवन में फुटबॉल ग्राउंड और बास्केटबॉल कोर्ट का पुर्ननिर्माण

नईदिल्ली । राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन क्रीड़ा स्थल का आज 16 फरवरी 2021 को प्रेसिडेंट्स एस्टेट में उद्घाटन किया। इस क्रीड़ा स्थल में फुटबॉल ग्राउंड और बास्केटबॉल कोर्ट का पुर्ननिर्माण किया गया है। इस उदघाटन समारोह के दौरान एक प्रदर्शनी फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया जो माय एंजेल्स एकेडमीविकासपुरीनई दिल्ली के बच्चों के बीच में खेला गया। ये एक ट्रस्ट है जो वंचित बच्चों के लिए काम करता है। ये अत्याधुनिक खेल सुविधाएं राष्ट्रपति भवन के कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से विकसित की गई हैं। एक अंतर-विभागीय फुटबॉल टूर्नामेंट में पांच टीमों- प्रेसिडेंट्स सेक्रेटेरिएट हीरोजहाउसहोल्ड यंग्सपीबीजी वॉरियर्सआर्मी गार्ड डेयरडेविल्स और दिल्ली पुलिस स्टॉलवर्ट्स के साथ आज से कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की शुरुआत हो रही है। 

बड़ी खबर : 19 साल बाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता, गोधरा कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

बड़ी खबर : 19 साल बाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता, गोधरा कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबादगुजरात के पंचमहल जिले के गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में भीड़ द्वारा आग लगाए जाने के मामले के मुख्य आरोपी रफीक हुसैन भटुक को गोधरा शहर से गिरफ्तार किया गया है। करीब 19 साल पहले हुई इस घटना में 59 कारसेवकों की मौत हुई थी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पंचमहल जिले की पुलिस अधीक्षक लीना पाटिल ने कहा कि 51 वर्षीय भटुक आरोपियों के उस मुख्य समूह का हिस्सा था जोकि पूरी साजिश में लिप्त था। भटुक पिछले करीब 19 साल से फरार था। गुप्त सूचना के आधार पर गोधरा पुलिस ने रविवार रात को रेलवे स्टेशन के समीप स्थित सिग्नल फलिया के एक घर में छापेमारी की और भटुक को वहां से गिरफ्तार किया।

उन्होंने कहा, भटुक आरोपियों के उस मुख्य समूह का हिस्सा था जिन्होंने पूरी साजिश रची, भीड़ को उकसाया और ट्रेन के कोच को जलाने के लिए पेट्रोल का इंतजाम किया। जांच के दौरान नाम सामने आने के तुरंत बाद वह दिल्ली भाग गया था। उसके खिलाफ हत्या एवं दंगा फैलाने समेत अन्य आरोप हैं। बता दें कि 27 फरवरी 2002 को हुए गोधरा कांड में 59 कारसेवक मारे गए थे, जिसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भटुक गोधरा रेलवे स्टेशन पर मजदूरी करता था। उन्होंने कहा, वह कोच पर पथराव करने और उसमें पेट्रोल डालने में लिप्त थो, जिसके बाद अन्य आरोपियों ने कोच में आग लगा दी थी।

 

बड़ी खबर : आपस में टकराई कई वाहन, 5 लोगों की हुई दर्दनाक मौत, 5 गंभीर रूप से घायल

बड़ी खबर : आपस में टकराई कई वाहन, 5 लोगों की हुई दर्दनाक मौत, 5 गंभीर रूप से घायल

मुंबई | महाराष्ट्र में मंगलवार की सुबह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गाडिय़ों के आपस में टकरा जाने के कारण 5 लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि 5 अन्य लोग इस दुर्घटना में घायल हो गए है।  

पढ़े : गजब की खबर : आतंकियों ने जिस बच्चे का किया था अपहरण, वह बना उनसे भी खूंखार आतंकी, दोस्त की ही उतरवा दी खाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 कार में सवार एक ही  परिवार के लोग पुणे में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वापस आते समय यह  हादसा हुआ। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार दो घायलों को अष्टविनायक (पनवेल) व अन्य दो को वाशी के मनपा हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। वहीं सभी मृतकों के शवों को खोपोली हॉस्पिटल में रखा गया है।
 
गजब की खबर : आतंकियों ने जिस बच्चे का किया था अपहरण, वह बना उनसे भी खूंखार आतंकी, दोस्त की ही उतरवा दी खाल

गजब की खबर : आतंकियों ने जिस बच्चे का किया था अपहरण, वह बना उनसे भी खूंखार आतंकी, दोस्त की ही उतरवा दी खाल

हेग/नई दिल्लीये कहानी है एक स्कूली बच्चे की। एक मासूम बच्चा, जो पढ़-लिखकर कुछ करना चाहता था। मगर शायद किसी ने भी नहीं सोचा था कि वो बड़ा होकर एक हैवान बन जाएगा। वह स्कूल जा रहा था, लेकिन रास्ते में आतंकियों ने अपहरण कर लिया। बस फिर उसकी जिंदगी बदल गई। हाल ही में हेग स्थित इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने इस खूंखार अपराधी को मानवता का दुश्मन माना। इसे 70 में से 61 आरोपों में दोषी पाया गया। इस शख्स का नाम है डोमिनिक ओंगवेन।


बीती चार फरवरी को अंतरराष्ट्रीय अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ओंगवेन को मानवता के खिलाफ काम करने और वार क्राइम का दोषी पाया। युंगाडा के खूंखार संगठन LRA (लॉर्ड्स रेजिस्टेंस आर्मी) का खतरनाक कमांडर डोमिनिक ओंगवेन। इस संगठन का पहला कमांडर जो अंतरराष्ट्रीय अदालत में पेश हुआ। ओंगवेन की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। एक समय वह गृह युद्ध का सताया हुआ था, लेकिन बाद में वह खुद अत्याचारी बन गया।


4000 लोगों ने गवाही दी
ओंगवेन के खिलाफ मुकदमा चला। उस पर आरोप लगे कि 2002 से 2005 के बीच अत्याचारों की सारी हदें पार कर दीं। उसने बच्चों को बंधक बनाया। सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। लोगों की खाल उधड़वा दी। लड़कियों को जबरन अगवाकर उनके साथ रेप किया। बहुत सी तो गर्भवती भी हो गईं। बाइबिल के अनुरूप राज्य स्थापित करने वाले इस संगठन ने तीन दशक में एक लाख से ज्यादा लोगों को मार दिया। 60 हजार से ज्यादा बच्चों को किडनेप कर लिया। ओंगवेन पर यह भी आरोप है कि 2004 में शरणार्थियों के चार कैंपों पर हमले किए और कत्लेआम मचाया। 4000 से ज्यादा लोगों ने इस शख्स के खिलाफ गवाही दी। जल्द ही उसे सजा सुनाई जाएगी।


एक घटना से बदल गई जिंदगी
डोमिनिक ओंगवेन का जन्म 1975 में चूरुम, किलक काउंटी, अमुरु जिला, उत्तरी युगांडा के गाँव में हुआ था। ओंगवेन 9 या 14 साल का था, जब स्कूल जाते वक्त उसे एलआरए (LRA) के लड़ाकों ने किडनेप कर लिया था। 1987 या 1988 में उसने भागने की भी कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा। इसके बाद अगले दो दशकों में उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई और वह यूंगाडा का सबसे खूंखार कमांडर साबित हुआ। उसकी मां को लड़ाकों ने मार डाला जबकि पिता को आतंकी समझकर सुरक्षा बलों ने।


दोस्त की खाल उतरवाई, आंते निकालकर पेड़ से टांगा
बताते हैं जब ओंगवेन ने एलआरए (LRA) की पकड़ से भागने की कोशिश की और वह नाकाम रहा तो उसे अमानवीयता की हद पार करने वाले करने वाले काम करने पड़े। उसके साथ कुछ और लोगों को किडनेप किया गया था। चेतावनी के तौर पर ओंगवेन को अपने जिंदा साथी की चमड़ी शरीर से अलग करने को कहा गया। यह चेतावनी थी कि भागने पर क्या अंजाम होगा। इंटरनेशनल कोर्ट में ओंगवेन का पक्ष रखते हुए वकील ने बताया कि उन्होंने उस इंसान की खाल उधेड़ दी थी। उसकी आंते बाहर निकालकर उसके शव को पेड़ से टांग दिया था।


अमेरिका ने रखा 50 लाख डॉलर का इनाम
बाद में बड़ा होकर यही छात्र एक खूंखार अपराधी बन गया। आगे चलकर वह LRA का टॉप कमांडर बना। उस पर हत्या, किडनेपिंग, जबरन रेप, लोगों को गुलाम बनाने के आरोप लगे। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने 2005 में उसके खिलाफ वारंट जारी किया। यहां तक कि अमेरिका ने उसके सिर पर 50 लाख डॉलर (करीब 36 करोड़ रुपये) का इनाम रखा। 2015 में उसने आत्मसमर्पण किया और 4 फरवरी, 2021 को उसे दोषी ठहराया गया।


लोगों ने फैसले पर जताई खुशी
उसके दोषी पाए जाने के बाद युंगाडा में लोगों के चेहरों पर खुशी देखी गई। इस खूंखार अपराधी के खिलाफ जब कार्रवाई चल रही थी तो युंगाडा में लोग रेडियो से चिपके बैठे हुए थे ताकि पल-पल की जानकारी ले सकें। जैसे ही उसे दोषी ठहराया गया तो लोगों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए क्योंकि उन्होंने अत्याचार में अपनों को खोया था।

VIDEO: कांग्रेस नेत्री के विवादित बोल- पैसा-शराब बांटो, लेकिन किसान आंदोलन को जीवित रखो

VIDEO: कांग्रेस नेत्री के विवादित बोल- पैसा-शराब बांटो, लेकिन किसान आंदोलन को जीवित रखो

हरियाणा की कांग्रेस नेता विद्या देवी ने एक बयान देकर कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. विद्या देवी कांग्रेस की टिकट पर नरवाना विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुकी हैं. उन्होंने कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पैसा और शराब दान करके किसान आंदोलन को जीवित करें. जींद जिले में जिला कार्यकारी समिति को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता विद्या देवी ने कहा 'लोगों को सब्जी, पैसा, घी और शराब लेकर किसान आंदोलन में पहुंचना चाहिए.'' इस मीटिंग में कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली भी शामिल हुए थे.
जब कांग्रेस नेताओं ने देखा कि कुछ मीडियाकर्मी अपने कैमरे से विद्या देवी के स्टेटमेंट को रिकॉर्ड करने में लगे हुए हैं तो कांग्रेस नेताओं ने विद्या देवी को रोकने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद भी वे शराब वितरण को सही ठहराती रहीं.
विद्या देवी ने अपने पक्ष में कहा कि 'प्रोटेस्ट में सभी तरह के लोग आते हैं. जिन्हें अलग-अलग चीजों की जरूरत पड़ती है. क्या बीमार आदमी को शराब नहीं दे सकते हैं? हमें अलग-अलग तरीके से आंदोलन को मजबूत करना होगा.'' समाचार एजेंसी ANI ने इसका एक वीडियो ट्विटर पर भी डाला है. आप इस वीडियो को नीचे देख सकते हैं-

 

लोगों की निजता की कीमत 3 ट्रिलियन से ज्यादा : सुप्रीम कोर्ट

लोगों की निजता की कीमत 3 ट्रिलियन से ज्यादा : सुप्रीम कोर्ट

नईदिल्ली । व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर हो रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने आज फेसबुक और व्हाट्सएप को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर यूरोप और भारत में अलग अलग पैमानों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सऐप/फेसबुक से यह लिखित में देने को कहा कि लोगों के मैसेज नहीं पढ़े जाते। इस मामले की अगली सुनवाई अब चार हफ्ते बाद होगी। कोर्ट फेसबुक और व्हाट्सएप से कहा, `आप 2 या 3 ट्रिलियन की कंपनी होंगे। लेकिन लोग अपनी निजता की कीमत इससे ज़्यादा मानते हैं और उन्हें ऐसा मानने का हक है।` याचिका में बताया गया था कि यूरोप और भारत के लिए अलग पैमाने अपनाए जा रहे हैं। भारत में डेटा प्रोटेक्शन कानून बनने वाला है, उसका इंतज़ार किए बिना पहले व्हाट्सऐप नई पॉलिसी ले आया है।यह मामला व्हाट्सऐप की उस प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा है, जो 2016 में आई थी। इसे लेकर भी मसला कोर्ट तक पहुंचा था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि नागरिकों के निजी डेटा को सुरक्षित रखने और उसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए क्या वह कोई कानून बनाएगी? सरकार को इस पहलू पर जवाब देना है। 

पश्चिम बंगाल में किया गया ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव’ का उद्घाटन

पश्चिम बंगाल में किया गया ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव’ का उद्घाटन

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखर ने 14 फरवरी, 2021 को ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव’ का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य संस्कृति और पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की उपस्थिति में किया गया। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार पैलेस में इसका उद्घाटन किया गया था। नवंबर, 2015 में त्योहार शुरू होने के बाद से इस त्योहार के दस संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। ये 10 संस्करण दिल्ली, बेंगलुरु, वाराणसी, तवांग, कर्नाटक, गुजरात, टिहरी और मध्य प्रदेश में आयोजित किए गए थे। यह संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय का एक प्रमुख त्योहार है। यह आयोजन 2015 से आयोजित किया जा रहा है। इसमें सात क्षेत्रीय संस्कृति केंद्रों की सक्रिय भागीदारी दर्ज की जाती है। ये जोनल केंद्र भारत की जीवंत संस्कृति को जन-जन तक ले जाने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह त्योहार अन्य राज्यों में एक राज्य की लोक और जनजातीय कला, संगीत, नृत्य, व्यंजन और संस्कृति को प्रदर्शित करता है। इस प्रकार, यह “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के लक्ष्य को मजबूत करने में मदद करता है। इसने कलाकारों और कारीगरों को अपनी आजीविका के लिए एक प्रभावी मंच भी प्रदान किया।

 

11वां  संस्करण

वर्ष 2021 में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के 11वें संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 14 फरवरी से 28   फरवरी, 2021 के बीच में आयोजित किया जा रहा है। यह कूच बिहार, दार्जीलिंग, मुर्शिदाबाद में आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन के माध्यम से संस्कृति मंत्रालय द्वारा कलाकारों को सहायता भी प्रदान की जाएगी।

प्रतिबंधित रहे भू-स्‍थानिक आंकड़े अब भारत में पूरी तरह उपलब्‍ध जाने क्या है मामला

प्रतिबंधित रहे भू-स्‍थानिक आंकड़े अब भारत में पूरी तरह उपलब्‍ध जाने क्या है मामला

नईदिल्ली। मानचित्र और सटीक भू-स्‍थानिक आंकड़े नदियों को जोड़ने, औद्योगिक कोरिडोर बनानेऔर स्‍मार्ट बिजली प्रणाली लागू करनेजैसी राष्‍ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बेहद महत्‍वपूर्ण हैं। डिजिटल इंडिया, स्‍मार्ट सिटी, ई-कॉमर्स, स्‍वचालित ड्रोन, आपूर्ति, लॉजिस्टिक्‍स तथा शहरी परिवहन जैसी नई उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए अधिक गहन, अधिक सटीक और सुदृढ़ मैपिंग की बेहद जरूरत है। कृषि से लेकर वित्‍त, निर्माण, खनन और स्‍थानीय उद्यम जैसी हर आर्थिक गतिविधि के लिए इनकी जरूरत है। भारत के किसान, छोटे व्‍यापारी और कॉरपोरेशन, आधुनिक भू-स्‍थानिक आंकड़ा प्रौद्योगिकी और मैपिंग सर्विस से बहुत लाभ उठा सकते हैं। माननीय प्रधानमंत्री ने इस बात पर गौर किया कि देश के सत्‍ता प्रतिष्‍ठानों ने मैपिंग उद्योग पर बहुत सारे प्रतिबंध लागू कर रखे हैं।मानचित्रों के निर्माण से लेकर उनके प्रसार तक के काम में भारतीय कंपनियों को न सिर्फ लाइसेंस लेना पड़ता थाबल्किपूर्व अनुमति लेने की जटिल व्‍यवस्‍था का पालन करना पड़ता था। इन नियामक प्रतिबंधों के पालन में स्‍टार्टअप्‍स को अनावश्‍यक जटिलताओं का सामना करना पड़ता था, जिससे कई दशकों से इस क्षेत्र में नवाचार बाधित रहा। भारत के ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण को वास्‍तविकता देने और देश को 5 खरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए भू-स्‍थानिक आंकड़ों और मैपिंग नियमों को पूरी तरह से उदार बनाने की जरूरत है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत की मैपिंग नीति में बड़े पैमाने परखासतौर से भारतीय कंपनियों के लिए सुधार लागू करने की घोषणा करता है। वैश्विक तौर पर जो भी सामग्री तत्‍काल उपलब्‍ध है, उस पर भारत में प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। अत: पहले प्रतिबंधित रहे भू-स्‍थानिक आंकड़े अब भारत में पूरी तरह उपलब्‍ध रहेंगे। इसके अलावा अब से हमारे कॉरपोरेशन्‍स और नवोन्‍मेषी न तो किसी प्रतिबंध के तहत आएंगेऔर ना ही उन्‍हें भारत की सीमा के भीतर कोई भी आंकड़ा एकत्र करने, बनाने, तैयार करने, उसका प्रसार करने, उसका भंडारण करने, प्रकाशन करनेऔरडिजिटल भू-स्‍थानिक आंकड़े और मैप अपडेट करनेके पहले कोई पूर्वानुमति लेनी होगी। हमारे स्‍टार्टअप और मैपिंग नवोन्‍मेषी अब स्‍वप्रमाणित रूप से अपने विवेक का इस्‍तेमाल कर और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए काम कर सकेंगे। इसके साथ ही यह भी प्रस्‍ताव किया जाता है कि आधुनिक मैप निर्माण प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाकर काम करने वाले भारतीय भू-स्‍थानिक नवाचारों के विकास के उपाय किये जाएंगे। ऐसे समय में जब विश्‍वभर में मैपिंग प्रौद्योगिकी का अगला संस्‍करण आने के लिए तैयार है, इस नीति से भारतीय नवोन्‍मेषियों को मैपिंग क्षेत्र में पर्याप्‍त तरक्‍की करने और अंतत: जीवन को सरल बनाने तथा छोटे व्‍यवसायियों को सशक्‍त बनाने में मदद मिलेगी। हम चाहते हैं कि भविष्‍य में भारत मैपिंग शक्ति के रूप में उभरे, भारत में स्‍वदेश निर्मित अगली पीढ़ी के मानचित्र बनें और हम इस नई प्रौद्योगिकी को शेष विश्‍व तक पहुंचाएं।

 

 डिजिटल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: व्हाट्सएप पर इस कोड में होती थी देसी और विदेशी युवतियों की डील

डिजिटल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: व्हाट्सएप पर इस कोड में होती थी देसी और विदेशी युवतियों की डील

नई दिल्ली। पुलिस ने एक ऐसे देह व्यपार का भंडाफोड़ किया है जिसमे देसी और विदेशी युवतियों की डील कोड का इतेमाल करके किया जाता था। बता दे ‘व्हाइट सीमेंट’ और ‘ब्लैक कॉफी’ की डिमांड से पुलिस परेशान है। ताजनगरी बदनाम हो रही है। आखिर व्हाइट सीमेंट है क्या। यह जेल भेजे गए देसी और विदेशी बालाओं के एजेंट भीमा ने पुलिस को बताया। पूछताछ में उसने कई राज खोले। पुलिस को बताया कि एजेंटों के बीच ज्यादातर बातचीत व्हाट्स एप चैट पर होती है। फोन पर बात करते हैं तो कभी लड़की शब्द का इस्तेमाल नहीं करते। पता नहीं कौन किसकी रिकार्डिंग कर रहा हो। कौन उसे सुन रहा हो। विदेशी युवती को व्हाइट सीमेंट और देसी युवती को ब्लैक कॉफी बुलाते हैं।

पढ़िए पूरी खबर-
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि ताजगंज स्थित शुभ रिसोर्ट से गिरफ्तार भीमा बेहद शातिर है। इस धंधे में लंबे समय से है। दिल्ली के एक नहीं कई एजेंट उसके संपर्क में हैं। जयपुर, गोवा आदि जगह के एजेंट भी उसके मिलने वाले हैं। साल में एक बार सभी जगह के एजेंट आपस में मिलते हैं। धंधे के नियम बनाए जाते हैं। वैसे पूरा धंधा फोन पर चलता है।

पूछताछ में सामने आई कई महत्वपूर्ण जानकारियां-
एसपी सिटी ने बताया कि भीमा का मोबाइल कब्जे में है। गलीच धंधे पर शिकंजे के लिए उन होटलों और एजेंट पर कार्रवाई की जाएगी जो युवतियों को रुकवाने और सप्लाई करने का काम करते हैं। एसपी सिटी ने बताया कि भीमा से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हुईं। उसने बताया कि पुलिस को भी पता होता है कि कहां कौन एजेंट है। पुलिस भी उन पर नजर रखती है। सर्विलांस के जरिए पुलिस यह पता लगा सकती है कि कौन किससे क्या बात कर रहा है। इसलिए वे आपस में बातचीत के दौरान विशेष सावधानी बरते हैं। ग्राहकों से व्हाट्स एप कॉल पर बातचीत करते हैं। युवती का ऑर्डर भी कोड वर्ड में दिया जाता है। व्हाट्स सीमेंट के पांच पैकेट और ब्लैक कॉफी के छह डिब्बे चाहिए। इसका मतलब है कि पांच विदेशी और छह देसी युवतियां चाहिए। समय न बताने पर यह माना जाता है कि सात दिन की बुकिंग है। इससे ज्यादा दिन के लिए चाहिए होती हैं तो यह भी दूसरे अंदाज में बताया जाता है।

होटलो में भी मारा जायेगा छापा-
भीमा ने पुलिस को एक दर्जन से अधिक उन लोगों के नाम बताए हैं जो शहर में युवतियों को ठेके पर बुलाकर देह व्यापार कराते हैं। पुलिस उन लोगों की कुंडली बनाने में जुट गई है। उन होटलों को भी चिन्हित किया गया है जिनके नाम भीमा ने बताए हैं। उन होटलों पर नजर रखने के लिए सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहां अवैध गतिविधि दिखने पर छापा मारा जाएगा।

भीमा ने पुलिस को बताया कि पुलिस ने रोशनी और उसके साथियों पर शिकंजा कसा तो दूसरे एजेंट भी घबरा गए थे। सभी भूमिगत हो गए थे। पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण कई महीने तक काम बंद रहा। सभी घरों में कैद थे। लॉकडाउन खुलने के बाद पहले डांस पार्टियां आयोजित कराईं, ताकि लोगों को दोबारा जोड़ा जा सके। लोग ऐसे माहौल में दोबारा आना शुरू करें। पिछले कुछ माह से देह व्यापार का काम फिर से शुरू हो गया था। डिमांड पर युवतियां बुलाई जाने लगी थीं।

भीमा को पुलिस ने जनवरी 2020 में चरस रखने के आरोप में जेल भेजा था। तब वह अकेला पकड़ा गया था। उस समय भी पुलिस को पता था कि वह युवतियों का दलाल है। उस समय युवतियां साथ नहीं पकड़ी गई थीं इसलिए देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा के तहत कार्रवाई नहीं हुई थी।

पुलिस ने विदेशी युवतियों के कमरे से आपत्तिजनक चीजों के साथ दो डायरी भी बरामद की थी। बताया जाता है इस डायरी में युवतियों द्वारा होटल मालिकों से लेकर रैकेट के अन्य सदस्यों से किए गए लेनदेन का लेखाजोखा है।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार एक युवती के पास से आधार कार्ड मिला था। इस पर पूर्वी दिल्ली का पता लिखा हुआ था। युवती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह वर्ष 2016 में भारत आई थी। इसके बाद से यहीं पर है। युवती ने दावा किया कि उसने भारतीय नागरिक से शादी कर ली है। इसीलिए यहां का आधार कार्ड बनवाया। वह शादी का कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाई। अपना पासपोर्ट तक नहीं दिखा पाई। इसलिए उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।