नईदिल्ली । सुपर डीवोरा एमके-2श्रेणी के भारतीय नौसेना के फास्ट अटैक क्राफ्ट (आईएन एफएसी) टी -81को 20 वर्षों से अधिक समय तक सफलतापूर्वक राष्ट्र की सेवा करने के बाद 28 जनवरी,2021 को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में सेवामुक्त कर दिया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि थे। इजरायल के मैसर्स रामता के सहयोग से 60 टन विस्थापन क्षमता तथा 25 मीटर लंबा यह पोत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में बनाया गया था। उन्हें गोवा के तत्कालीन गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल जे.एफ.आर जैकब (सेवानिवृत्त) द्वारा 05 जून, 1999 को नौसेना में शामिल किया गया था। इस पोत को विशेष रूप से उथले पानी के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह45 नॉट तक की गति प्राप्त करने के साथ-साथ दिन/रात की निगरानी करने एवं टोह लेने,खोज तथा बचाव करने, समुद्र तट तक पहुंचने, समुद्री कमांडो को सुरक्षित निकालनेतथा घुसपैठियों के जहाजोंका शीघ्र पता लगाने में सक्षम था।
आलीराजपुर । मध्य प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी जिले के दक्षिणी छोर को अपने आंचल में समेटे है। पर्वतमाला के बीच घिरा यह इलाका बेहद दुर्गम है और यहां हमेशा से स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। अब इससे निपटने के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अनुसार जिले में नर्मदा के पूर्वी और पश्चिमी छोर पर एक-एक एंबुलेंस तैनात की जाएगी। तेजी से चलने वाली ये बोट एंबुलेंस प्रसूता अथवा अन्य गंभीर मरीजों को सड़क संपर्क तक लेकर आएगी। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी।
हाल ही में संभागायुक्त पवनकुमार शर्मा जिले के दौरे पर आए थे। सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि इलाका नर्मदा के बैक वाटर और पहाड़ियों से घिरा है। वर्षाकाल सहित साल में करीब 6-8 माह कुछ मजरे-टोले टापू की शक्ल ले लेते हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती। मरीजों को किसी तरह निजी बोट अथवा नावों की मदद से सड़क संपर्क और फिर यहां से वाहन में नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र तक लाया जाता है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए थे कि स्पीड बोट एंबुलेंस चलाई जाए, ताकि लोगों को समय पर उचित उपचार मिल सके।
00 एक एंबुलेंस ककराना और दूसरी शकरजा में
खंड चिकित्सा अधिकारी डा. नरेंद्र भयड़िया ने बताया कि जिला पंचायत को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार एक बोट एंबुलेंस नर्मदा के पूर्वी केंद्र ककराना और दूसरी पश्चिमी छोर पर शकरजा में तैनात की जाएगी। स्पीड बोट की गति आम बोट की तुलना में लगभग दोगुनी रहेगी। डूब प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग एंबुलेंस पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को 108 की तर्ज पर काल कर बुला सकेंगे। बोट एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मरीज को सड़क संपर्क तक बोट की मदद से लाया जाएगा। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी। ककराना और शकरजा से जिले का नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोंडवा में है। यहां मरीजों को उपचार मिल सकेगा। गंभीर स्थिति होने पर जिला अस्पताल भी भेज सकेंगे। डा. भयड़िया के अनुसार क्षेत्र में एक स्वयंसेवी संस्था बोट पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करा रही है। हालांकि त्वरित राहत के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव बनाया है।
नईदिल्ली । प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाला लाजपत राय जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। एक ट्वीट में प्रधान मंत्री ने कहा, " महान स्वतंत्रता सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जन्म-जयंती पर कोटि-कोटि नमन। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अमिट है और पीढ़ियों के लोगों को प्रेरित करता है "।
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर बुधवार को वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम द्वारा आयोजित ' दावोस एजेंडा-2021' के ' खाद्य प्रणालियों के रूपांतरण हेतु नवाचार' विषय पर आयोजित सत्र में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने कहा कि देश में हर व्यक्ति को पोषण युक्त आहार सुलभ हो इसके लिए भारत सरकार सतत रूप से प्रयत्नशील है। श्री तोमर ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और हमारी अर्थ व्यवस्था कृषि पर आधारित है। स्वाभाविक रूप से कृषि को बढ़ावा देना, भूमि का संरक्षण एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कृषि को सक्षम बनाने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। जहां तक फूड सिस्टम का सवाल हैं, उस दिशा में सतत विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार सभी प्रकार की व्यवस्थाएं कर कर रही है। श्री तोमर ने बताया कि देश में हर व्यक्ति को उचित एवं पोषण युक्त आहार मिले इसके लिए सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम लेकर आई। देश में लगभग 81 करोड़ गरीब लोगों को खाद्यान्न की सुरक्षा मिले यह प्रयास किया जाता है। जहां तक ग्रामीण क्षेत्र, कमजोर वर्ग के लोगों को पोषण की आवश्यकता है उसके लिए देश में पोषण अभियान भी चलाया जा रहा है। भारत में आंगनवाड़ी एक सशक्त कार्यक्रम के रूप में उभरा है, जिसका बेहतर लाभ पोषण के क्षेत्र में मिला है। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पोषण युक्त फसलों का ज्यादा उत्पादन हो इसके लिए कृषि अनुसंधान परिषद लगातार कार्य कर रही है और नई किस्मे इजाद करके इस दिशा में काफी सफलता प्राप्त की गई है। श्री तोमर ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि सुरिक्षत रहे इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने साइल हेल्थ कार्ड की परियोजना पर बल दिया है। देश में दो चरणों में 12-12 करोड़ किसानों को साइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। साइल हेल्थ सिस्टम को स्वीकार करके किसान इसकी अनुशंसा के अनुसार पानी, उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग करने की दिशा में तेजी से अग्रसर हुए हैं। इससे उत्पादकता बढ़ने के साथ ही मानव को पर्यावरणीय नुकसान भी कम हुआ है।
जलवायु परिवर्तन की परिस्थिति के कारण भी भारत चिंतित है। इस दिशा में हमारा प्रयत्न है कि भविष्य के जो संकेतक दिख रहे हैं उनको ध्यान में रखते हुए हम पूर्व से योजना बनाएं एवं उन पर काम करें ताकि व आने वाले समय में इस संकट से निपटने में हम सक्षम हो सकें।
श्री तोमर ने कहा कि कृषि में उत्पादन व उत्पादकता के लिए हम शोध एवं विकास पर बल दे रहे है। फसल कटाई के बाद उसका सही प्रबंधन हो इस पर कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद्यान्न की दृष्टि से भारत अधिशेष राष्ट्र है, हम बागवानी में भी भरपूर उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन हमारे यहां कठिनाई यह है कि पर्याप्त अवसंरचना नहीं होने से फसल का नुकसान होता हैं और इसका असर पर्यावरण पर भी पडता है। श्री तोमर ने बताया कि इससे निपटने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के पैकेज में अवसंरचना के लिए एक लाख करोड़ रुपए के कोष का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि से गांवों में ही फार्मगेट पर वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जो खुद एक मेडिकल प्रफेशनल और प्रख्यात मुधमेय चिकित्सक हैं, उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी का दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों और जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर अलग अलग प्रभाव पड़ा है। वहीं मेडिकल बिरादरी में इस महामारी ने श्वसन विकारों में अकादमिक रूचि को जगाया है। वहीं मधुमेय चिकित्सा और कैंसर विज्ञान जैसे विशेषज्ञता वाले विभागों में भी श्वसन चिकित्सा से जुड़ी मेडिकल प्रगति के बारे में चिकित्सकों की जिज्ञासा बढ़ी है क्योंकि एक आम इंसान भी इन रोगों के प्रति ज्यादा जागरूक होने की कोशिश कर रहा है। 5-दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन पल्मोनरी डिजीजेज' (एनएपीसीओएन) में उद्घाटन भाषण देते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि पहले तो पल्मोनरी मेडिसिन मुख्य रूप से तपेदिक यानी टीबी की बीमारी से ही सबंधित माना जाता था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर डॉक्टर की थी तो समाज में एक गलत धारणा थी कि छाती रोगों का विशेषज्ञ होने का मतलब था सिर्फ टीबी का डॉक्टर. मगर ज्ञान और अनुसंधान अध्ययन के विस्फोट के साथ विशिष्टता और संवेदनशीलता के साथ निदान के मॉर्डन साधनों और समाज में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता ने श्वसन चिकित्सा का दायरा काफी बढ़ा दिया। अब इसमें वायु प्रदूषण के चलते होने वाले अन्य रोग, किसी खास व्यवसाय से फेफेड़ों के रोग, निद्रा विकार, ऑब्स्ट्रक्टिव फेफड़े के रोग और अन्य कई फेफड़े संबंधी रोग भी आते है। कोविड-19 के इस दौर में पनपी जटिलताओं से इन रोगों को और भी अहमियत मिली है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने आयोजकों को इस विशाल सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई दी। लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय संकायों और 19 अंतर्राष्ट्रीय चेस्ट एसोसिएशनों को इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का आयोजन भी एक बेहद महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है क्योंकि यह वो दौर है जब दुनिया कोविड-19 की तबाही से गुजर रही है और इससे उत्पन्न श्वसन और फेफड़ों की जटिलताओं से भी जूझ रही है। इसी बीच चिकित्सा बिरादरी दिन-रात इस महामारी पर नियंत्रण पाने और रोकथाम करने में जुटी हुई है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत श्वसन चिकित्सा पर सम्मेलन होने का भी महत्व है क्योंकि भारत ने अपनी 130 करोड़ की आबादी के बावजूद कोविड-19 के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक चलाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूर्वनिर्धारित और निर्णायक दृष्टिकोण के चलते भारत छोटी आबादी वाले कई पश्चिमी देशों की तुलना में इस महामारी की चुनौती का अधिक सफलतापूर्वक और निर्णायक रूप से सामना करने में सक्षम रहा है।
डॉ. सिंह ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कोविड और टीबी के अलावा, सम्मेलन की कार्यक्रम सूची में समकालीन चिंता के विषयों जैसे श्वसन रोग देखभाल, पल्मोनरी इमेजिंग, हवाई यात्रा से संबंधित समस्याओं और छाती एवं शल्य चिकित्सा आदि को भी जगह दी गई है। मंत्री ने इस बात पर विशेष रूप से प्रसन्नता जाहिर की कि पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के लिए समर्पित सत्र भी इस सम्मेलन में होने जा रहे हैं। ये वे मुद्दे हैं जिनके बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने विचार लगातार व्यक्त कर रहे हैं और दुनिया भर में इन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है।
नईदिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 28 जनवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्व आर्थिक मंच के दावोस संवाद को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम मेंपूरी दुनिया के उद्योग जगत के 400 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधि भाग लेंगे,जिसमें प्रधानमंत्री ‘चौथी औद्योगिक क्रांति-मानवता की भलाई के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग’ विषय पर सत्र को संबोधित करेंगे। आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री सीईओ के साथ बातचीत भी करेंगे। दावोस संवाद एजेंडा,कोविड के बाद कीदुनिया में विश्व आर्थिक मंच की महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत का प्रतीक है।
नईदिल्ली । वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 18 राज्यों के ग्रामीण निकायों को 12,351.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 में जारी किए गए मूलभूत अनुदानों की दूसरी किस्त है। यह अनुदान, उन 18 राज्यों को जारी किया गया है जिन्होंने पंचायती राज मंत्रालय की सिफारिश पर पहली किस्त के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया है। ग्रामीण निकायों को 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर अनुदान जारी किया जाता है। इसके तहत स्थानीय निकायों को सामुदायिक संपत्ति विकसित करने और उनकी वित्तीय क्षमता में सुधार जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। यह अनुदान पंचायती राज प्रणाली के तीन स्तर (गांव, ब्लॉक और जिले) पर दिए जाते हैं। जिसके जरिए वह गांव और ब्लॉक स्तर पर संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। पंद्रहवे वित्त आयोग ने दो प्रकार से ग्रामीण निकायों को अनुदानों देने की सिफारिश की है। जिसमें मूलभूत और अनुबंध के आधार पर दिए जाने वाले अनुदान शामिल हैं। मूलभूत अनुदान को स्थानीय निकायों द्वारा अपनी स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जाता है। हालांकि इसके तहत निकाय वेतन और निर्माण संबंधी जरूरतों के लिए अनुदान का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। जबकि अनुबंधित अनुदान का इस्तेमाल मूलभूत सुविधाओं (क) सफाई और खुले में शौच मुक्त सुविधाओं के मरम्मत (ख) वर्षा जल के संरक्षण और पानी को पीने योग्य बनाने आदि सें संबंधित कार्यों के लिए दिया जाता है। ग्रामीण निकायों को दिया जाने वाला यह अनुदान केंद्र और राज्य द्वारा स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन जैसी प्रायोजित योजनाओं के तहत दी जाने वाली राशि से अलग होता है।वित्त आयोग की सिफारिशों पर दी जाने वाली इस राशि को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण निकायों को 10 दिन के अंदर, राज्यों को अनुदान की राशि देनी पड़ती है। और इसमें किसी भी तरह की देरी पर उन्हें ब्याज के साथ अनुदान को देना पड़ता है।
इससे पहले, ग्रामीण निकायों को मूल अनुदानों के तहत पहली किस्त और 14 वें वित्त आयोग की बकाया 18,199 करोड़ रु, सभी राज्यों को जून, 2020 में जारी किया गया था। इसके बाद, अनुबंधित अनुदान के तहत15,187.50 करोड़ रुपये की राशि की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है। इस प्रकार, सभी राज्यों के ग्रामीण निकायों को राज्यों के व्यय विभाग द्वारा कुल 45,738 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
नईदिल्ली । आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री हरदीप सिंह पुरी ने पंडित पंत मार्ग, नई दिल्ली में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा के माल्यार्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। श्री पुरी ने कहा कि भारत रत्न श्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत की यात्रा और दर्शन को सम्मानित करने के लिए एक नया स्थल यथोचित रूप से विकसित किया गया है, जो भारतीयों को हमारे समाज और देश की प्रगति के लिए निस्वार्थ समर्पण के लिये प्रेरणा प्रदान करता है। चर्च रोड, लोकसभा मार्ग, राज्यसभा मार्ग और पंडित पंत मार्ग के चौराहे पर रोटरी नंबर 48 में प्रतिमा को अपने नए स्थल पर स्थानांतरित कर दिया गया है और अब यह प्रतिमा प्रख्यात ऐतिहासिक स्थलों से घेर दी गई है। महान राष्ट्रीय नेता को सम्मानित करने के लिए इस स्थल को यथोचित रूप से विकसित किया गया है। गोविंद बल्लभ पंत स्मारक समिति की अध्यक्ष श्रीमती इला पंत, गोविंद बल्लभ पंत स्मारक समिति की मुख्य संपादक और सलाहकार श्रीमती कुलसुम नूर सैफुल्ला, आवास और शहरी कार्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के महानिदेशक और कई सांसद भी इस माल्यार्पण समारोह में शामिल हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए श्री पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा परिकल्पित 'न्यू इंडिया' वह है जो विकास और प्रगतिशील बदलाव पर ध्यान देते हुए हमारे समृद्ध इतिहास और परंपरा को संरक्षित और पोषित करता है। सेंट्रल विस्टा परियोजना एक ऐसा प्रयास है जिसका उद्देश्य हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, जीवंत इतिहास, वास्तु विविधता और संस्कृति की स्मृति की रक्षा और सम्मान करते हुए वर्तमान समय की बुनियादी सुविधाओं की ज़रूरतों के महत्वपूर्ण अंतराल को समाप्त करना है।
भारत रत्न, श्री गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा का पुराना स्थल रायसीना रोड और रेड क्रॉस रोड को जोडने वाले स्थल पर रायसीना रोड के गोल चक्कर के पास था। यह स्थल नये संसद भवन नक्शे के अंदर आ रहा था और इस प्रतिमा को स्थानांतरित करने की आवश्यकता थी। केंद्रीय स्थान प्रदान करने और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि भारत रत्न श्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत के सम्मान में पंडित पंत मार्ग का नाम रखा गया था, इसलिये प्रस्तावित पुनर्वास स्थल, गोल चक्कर संख्या 48 एक उपयुक्त विकल्प था। यह चर्च रोड, पंडित पंत मार्ग, लोकसभा मार्ग और राज्यसभा मार्ग के चौराहे पर स्थित है। दो फीट ऊंचे टीले और उथले कदम वाले जल निकाय के साथ, मूर्ति के डिजाइन तत्वों को राष्ट्र के 'पहाड़ी क्षेत्रों' का प्रतिनिधित्व करने के लिए कल्पना की जाती है, पंडित पंत को पहाड़ी क्षेत्र और वहाँ के लोगों की प्रगति में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
पंडित पंत जी की प्रतिमा 1966 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा नई दिल्ली में स्थापित की गई थी। गोबिंद बल्लभ पंत स्मारक समिति का गठन देश भर में पंत जी के स्मारक कार्यों को आयोजित करने के लिए किया गया था। बीते वर्षों में इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों ने की है। वर्तमान में, पंडित पंत की पुत्री और 12 वीं लोकसभा की पूर्व सदस्य, श्रीमती इला पंत इस समित की अध्यक्षा हैं।
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत, संयुक्त प्रांत के प्रधान (1937 से 1939 तक), उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री (1946 से 1954 तक) और केंद्रीय गृह मंत्री (1955 से 1961 तक), को 1957 में लोक सेवा के लिए सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया था। इसके अलावा वे राज्यसभा के नेता भी रहे थे। पंडित पंत का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था और मुरी कॉलेज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए (एलएलबी) के रूप में स्नातक की डिग्री की प्राप्त की थी, जहाँ उन्हें शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए लम्सडेन पदक से सम्मानित किया गया था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, वह उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। डॉ. पंत ने जमींदारी प्रथा को समाप्त करने, वन संरक्षण, महिलाओं के अधिकारों, आर्थिक स्थिरता और सबसे कमजोर समूहों की आजीविका की सुरक्षा जैसी प्रमुख सुधारों को अंतिम रूप दिया था। बाद में उन्होंने भारतीय नागरिकों के लोकतांत्रिक सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को भी उचित रूप से निभाया।
वाशिंगटन | वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) से गंभीर रूप से जूझ रहे अमेरिका में इसके संक्रमण से अब तक 4.24 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में यह महामारी विकराल रूप ले चुकी है और अब तक 2.54 करोड़ से अधिक लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।
अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 4,24,690 पहुंच गयी है जबकि संक्रमितों की संख्या 2,54,24,174 हो गयी है।
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दौसा (राजस्थान) | राजस्थान के दौसा से एक रूह कंपा देने और दरिंदगी की हदें पार करने वाली खबर सोमवार को सामने आई है | खबर मिली है कि दौसा में एक ही परिवार के चार महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया है |
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दरअसल दौसा में एक दरिंदे पर एक या दो नहीं , बल्कि 4 रेप के केस दर्ज हुए हैं। बड़ी बात यह है कि चारों रेप पीड़िता अलग अलग घर से नहीं बल्कि एक ही घर से ताल्लुक रखती है। आरोपी ने एक ही घर में हैवानियत का डाका डाला है और एक के बाद एक चार महिलाओं को अपने जाल में फंसा कर दुष्कर्म किया।
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एक महिला ने की शिकायत, तब हुआ खुलासा
मिली जानकारी के अनुसार, थाना मेबंद क्षेत्र में विष्णु गुर्जर एक ढाबा चलाता है, इसी ढाबे पर महिलाएं काम करती थीं। आरोप है कि विष्णु गुर्जर ने एक महिला के साथ पिछले 1 साल से दुष्कर्म के घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहा था, लेकिन जब महिला को पता चला कि आरोपी अब उसकी छोटी बहनों और बेटी पर भी गलत नजर डाल रहा है तो उसने दौसा महिला थाने में केस दर्ज करा दिया। महिला द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के बाद उसकी दो छोटी बहन ने और बेटी ने भी अपनी दबी हुई आवाज खोली और दुष्कर्म की बात को बयान कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
22 जनवरी को हुआ पहला मुकदमा दर्ज
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 22 जनवरी को महिला ने आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं इसी दिन आरोपी के खिलाफ महिला की एक नाबालिग बहन ने भी रेप का केस दर्ज करा दिया था। 23 जनवरी को महिला की तीसरी बहन ने महिला थाने में एक बार फिर आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज कराया।
वहीं 25 जनवरी यानी सोमवार को महिला की बेटी ने भी आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ रेप का केस दर्ज करा दिया। यह जानकारी है कि रेपिस्ट ने पहले महिलाओं के इस घर में अपनी जान पहचान बढ़ाई। उसके बाद घर की सभी महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाता चला गया। अब इस रेप सीरीज के मामले में महिला थाने में चार मुकदमा दर्ज हो चुके हैं । लिहाजा जांच की जा रही है।
राजस्थान | राजस्थान के नागौर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि नागौर जिले में निर्भया रेप कांड जैसी घटना को अंजाम दिया गया है | जानकारी के अनुसार राजस्थान के नागौर जिले के परबतसर इलाके में तीन युवकों ने मिलकर एक महिला के साथ गैंगरेप किया है | बताया जा रहा है कि गैंगरेप के बाद दरिंदों ने लड़की के प्राइवेट पार्ट में बोतल डाल दिया |
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महिला लहुलुहान हालत में तड़पती रही | बाद में होश संभालकर महिला किसी तरह अपनी घर पहुंची और परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी | घटना के बाद युवकों ने पीड़िता के परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी | घटना को लेकर परिजनों ने पुलिस के समक्ष मामला दर्ज करवाया है |
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नागौर जिले के एक अधिकारी ने कहा, ''पीड़ित महिला ने बताया कि वह दूध खरीदने के लिए एक व्यक्ति के घर गई थी | जिस दौरान उसके घर पहुंची तो उसकी पत्नी कुछ काम से बाहर गई हुई थी | जब मैं वहां पहुंची तो उस समय घर के मालिक के अलावा दो अन्य लोग मौजूद थे | तीनों ने मिलकर मेरे साथ गैंगरेप किया |''
पढ़ें : सड़क हादसा : राजधानी रायपुर के पॉश इलाके में तेज रफ़्तार कार डिवाइडर से टकराई, कार के उड़े परखच्चे
पुलिस के मुताबिक महिला ने बताया कि तीन लोगों ने मिलकर उसके साथ नृशंस तरीके से बलात्कार किया और उसके प्राइवेट पार्ट में बोतल डाल दिया | मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गई है | आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है |
राजस्थान | राजस्थान के सीकर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है | राजस्थान के सीकर जिले में एक 25 साल की महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि, पीड़ित जयपुर की रहने वाली है। पीड़िता, पुलिस को गश्त के दौरान रात 11 बजे सड़क पर रोते हुए मिली थी। उसने पूछने पर बताया कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है। वहीं, इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रकरण की जांच कर रहे सीओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित महिला जयपुर से अपने रिश्तेदार से मिलने 23 जनवरी को सीकर आई थी। शाम को करीब सात बजे वह रोडवेज बस स्टैंड पर उतरी तो उसे चार युवक मिले। उसे झांसे में लेकर पिपराली रोड स्थित एक मकान में ले गए।
जहां तीनों युवकों ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद रात को उसे घर से निकाल दिया। सीओ ने बताया कि तीनों युवकों से पूछताछ की जा रही है, उन्हें गिरफ्तार करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित महिला जयपुर लौट चुकी है।
पुलिस ने बताया कि, पकड़े गए आरोपी उत्तर प्रदेश के हैं और यहां पर किराए के कमरे में रहते हैं। वे यहीं आरएसईबी की फैक्टरी में काम करते हैं।
BIG BREAKING : खड़े कंटेनर में जा घुसी तेज रफ़्तार एंबुलेंस, मौके पर हुई 5 लोगों की मौत, पढ़ें पूरी खबर
भदोही । उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में आज सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। यह हादसे उस वक्त हुआ जब एक तेज रफ्तार एंबुलेंस सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इस हादसे में एंबुलेंस में पांच लोग सवार थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। बता दें कि यह हादसा गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के अमवा गांव के पास हाईवे पर हुआ।
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी विपिन पाल सिंह (30) पुत्र सूरजपाल सिंह पश्चिमी बंगाल के आसनसोल में कोल इंडिया में नौकरी करता था। जिसकी मौत हो गई थी। मौत की सूचना मिलने पर उसके सगे बड़े भाई नवनीत सिंह अपने दिल्ली के मित्र राजवीर के साथ आसनसोल से प्राइवेट एंबुलेंस पर भाई के शव को लेकर आसनसोल निवासी राकेश समेत एंबुलेंस के दो चालकों के साथ अपने घर चितौड़गढ़ राजस्थान जा रहे थे।
एंबुलेंस जैसे ही माधोपुर अमवा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंची वहां पहले से खड़े कंटेनर में पीछे से घुस गई। इस दौरान आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस व एनएचआई की टीम ने क्रेन की मदद से बुरी तरह से फसी एंबुलेंस को किसी तरह खींचकर बाहर निकाला। जिसमें सवार पांचों युवकों की दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
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पुलिस परिजनों को सूचना देकर शव को कब्जे में लेकर परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर को झपकी लगने की वजह से यह हादसा हुआ। फ़िलहाल मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम भेज दिया है।
दमोह | गोंड समाज महासभा मप्र के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी कुंवर सुनील शाह ऐडाली जी का गोंड समाज महासभा जिला कमेटी दमोह के समस्त पदाधिकारियों ने भव्य के साथ माला पहनाकर स्वागत किया और संगठन को विस्तार करने और युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र सेवा भाव की अलग जगाने के लिए कुंवर सुनील शाह जी प्रदेश मीडिया प्रभारी ने अपने विचार व्यक्त किए और सब का धन्यवाद व्यक्त किया और सब की बधाइयां स्वीकार कर उन्हें धन्यवाद दिया |
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गोंड समाज महासभा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष बीएस परर्तेती की अनुशंसा पर मध्य प्रदेश गोंड समाज महासभा युवा प्रकोष्ठ का गठन किया जिसमें दमोह जिला के सुनील शाह ऐडाली को प्रदेश मीडिया प्रभारी पद पर मनोनीत किया जिनका आज दमोह नगर प्रथम आगमन पर गोंड समाज महासभा जिला कमेटी दमोह के पदाधिकारियों ने फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और उन्हें बधाई प्रेषित की |
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इस अवसर पर प्रदेश सह सचिव कौशल सिंह पोर्ते, जिला अध्यक्ष कंछेदी सिंह उरेती, संरक्षक जानकी प्रसाद मरावी, कार्यवाहक अध्यक्ष बलबीर सिंह मरावी, सचिव सीताराम सोयाम , राजाराम सोयाम,अनरत सिंह एडाली, राजेंद्र सिंह, महेश सिंह करपेती ब्लॉक अध्यक्ष जग्गन सिंह पहलवान, सह सचिव महेंद्र सिंह मरकाम भुमका संरक्षक शंकर सिंह तेकाम,भुमका महराज सिंह धुर्वे, कोदूसिह पट्टा, ब्लॉक अध्यक्ष लखन लखन सिंह मरकाम ब्लॉक अध्यक्ष भाईलाल ठाकुर, सचिव रामकुमार परस्ते, कार्यवाहक अध्यक्ष शंकर सिंह धुर्वे, ब्लाकाध्यक्ष शिवलाल धुर्वे, कार्यवाहक अध्यक्ष धीरज सिंह सरूता, सरपंच डेलनसिंह धुर्वे, डोमन सिंह,बब्लूसिह, कमल सिंह, सहित अनेक पदाधिकारियों की उपस्थिति रही ।
इंडियानापोलिस | इंडियानापोलिस के एक घर में रविवार तड़के एक गर्भवती महिला समेत पांच लोगों के शव मिले। स्पष्ट तौर पर यह हत्या का मामला है। इंडियानापोलिस मेट्रोपोलिटन पुलिस डिपार्टमेंट (आईएमपीडी) के सार्जेंट शेन फॉली ने बताया कि पुलिस शहर के करीब पूर्वोत्तर हिस्से में किसी को गोली लगने के मामले की जांच कर रही थी, इस दौरान उन्हें इस घटना की भी जानकारी मिली।
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आज शाम तक किसी भी संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया। फॉली ने बताया कि अधिकारी एक नाबालिग को गोली लगने के मामले की जांच कर रहे थे जिसकी उन्हें तड़के चार बजकर 40 मिनट पर जानकारी मिली थी। जांच के सिलसिले में अधिकारी निकट के एक घर में पहुंचे, जहां उन्हें पांच लोग मृत मिले। पांचों को गोली लगी थी। उनमें से एक गर्भवती महिला थी, जिसे अस्पताल ले जा जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। आईएमपीडी प्रमुख रेंडल टेलर ने कहा कि पुलिस का मानना है कि यह निशाना बनाकर किया गया हमला है।
नई दिल्ली । दिनांक 21 जनवरी से 25 जनवरी 2021 तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बड़े पैमाने पर सेना के तीनों अंगों का संयुक्त जल-थल-नभ युद्धाभ्यास एम्फीमेक्स -21 का आयोजन किया गया था । इस अभ्यास में नौसेना के जहाजों, ज़मीन, हवा और पानी तीनों के युद्ध में प्रवीण सैनिकों और वायु सेना के विभिन्न प्रकार के विमानों की भागीदारी शामिल थी ।
इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य अपने द्वीप क्षेत्रों की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भारत की क्षमताओं का सत्यापन करना था । इसमें सेना के तीनों अंगों के बीच परिचालन तालमेल और संयुक्त रूप से युद्ध लड़ने की क्षमताओं को बढ़ाने का उद्देश्य भी शामिल था ।
इस अभ्यास में उभयचर लड़ाकू युद्धपोतों, निगरानी प्लेटफार्मों, समुद्र में हवाई हमले तथा जटिल युद्धाभ्यास द्वारा बहुआयामी सामुद्रिक ऑपेरशन शामिल थे । हवा से नौसेना के समुद्री कमांडोज़ का प्रवेश, सेना के विशेष बलों की हवाई प्रविष्टि, नौसेना का गनफायर सपोर्ट, ज़मीन, आकाश और जल से सैन्य बलों लैंडिंग एवं इसके बाद किए जाने वाले अनुवर्ती ऑपरेशन भी शामिल थे ।
नई दिल्ली । राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंदने आज (25 जनवरी, 2021) भारत निर्वाचनआयोग द्वारा आयोजित11 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस आयोजन में, राष्ट्रपति ने वर्ष 2020-21के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारप्रदान किये और निर्वाचन आयोगके वेब रेडियो,“हैलो वोटर्स” को भी लॉन्च किया, जो एक ऑनलाइन डिजिटल रेडियो सेवा है।
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राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस परवे याद दिलाना चाहते हैं कि हमें वोट देने के अपने बहुमूल्य अधिकार का हमेशा सम्मान करना चाहिए। वोट देने का अधिकार साधारण अधिकार नहीं है; दुनिया भर के लोगों ने इसके लिए बहुत संघर्ष किया है। स्वतंत्रता के बाद, हमारे संविधान ने योग्यता, धर्म, नस्ल, जाति के आधार पर बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को समान मतदान अधिकार दिए हैं। इसके लिए हम अपने संविधान-निर्माताओं के ऋणी हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता, बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर ने मतदान के अधिकार को सर्वोपरि माना। इसलिए, यह हम सभी की, विशेषकर हमारे युवाओं की, जिन्हें पहली बार मतदान करने का अधिकार मिला है, जिम्मेदारी है कि अपने मताधिकार का प्रयोग पूरी ईमानदारी के साथ करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
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पिछले साल कोविड -19 महामारी के दौरान बिहार, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में सफल और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र की असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि चुनाव आयोग ने सहज, समावेशी और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए कई अभिनव और समयबद्ध उपाय किए हैं।
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भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस(25 जनवरी 1950) पर 2011 से हर साल 25 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह का मुख्य उद्देश्य विशेषकर नए मतदाताओं को प्रोत्साहित करना, सुविधा देना और मतदाता सूची में अधिकतम नामांकन करना है। देश के मतदाताओं को समर्पितइस दिवस का उपयोगमतदाताओं के बीच जागरूकता फैलाने और चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
नई दिल्ली । एलोन मस्क की अंतरिक्ष एजेंसी स्पेस एक्स ने कल रात एक ही रॉकेट से 143 उपग्रह प्रक्षेपित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। स्पेस एक्स ने फरवरी 2017 में एक ही रॉकेट से एक सौ चार उपग्रह प्रक्षेपित करने के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कल रात जो 143 उपग्रह प्रक्षेपित किये गये उनमें व्यावसायिक और सरकारी क्यूबसेट, माइक्रोसेट और दस स्टारलिंक उपग्रह शामिल हैं। इन उपग्रहों के प्रक्षेपण से स्पेस एक्स ने 2021 तक समूचे विश्व में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। सूत्रों के अनुसार स्पेस एक्स ने ध्रुवीय कक्षा में उपग्रह प्रक्षेपण के लिए बहुत कम धनराशि ली है। उसने प्रत्येक उपग्रह के लिए प्रति किलोग्राम 15 हजार डॉलर की फीस ली है।












