बेगूसराय, बिहार के बेगूसराय से इंसानियत को झकझोर कर रख देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने पड़ोस में रहने वाली 12 साल की एक बच्ची को मामूली बात पर केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। घटना के बाद बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका उपचार किया जा रहा है। बच्ची की कसूर सिर्फ इतना था कि उसने खेल-खेल में अपनी नादानी के चलते पड़ोसी की जमीन पर लगा एक पौधा उखाड़ दिया था।
इस बात को लेकर पहले पड़ोसी ने उसके साथ मारपीट की फिर उसपर केरोसिन तेल छिड़ककर आग लगा दी। घटना बरौनी थाना क्षेत्र के निंगा पंचायत के शिवरौना गांव में घटित हुई। बच्ची शुक्रवार को घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान उसने पड़ोस में रहने वाले सिकंदर यादव के घर में लगे कुंदरी के छोटे से पौधे को उखाड़ दिया।
पड़ोसी ने जब पौधे को उखड़ा हुआ देखा तो वह गुस्से में आग बबूला हो गया। इसके बाद आरोपी और उसकी पत्नी ने बच्ची को पकड़ लिया। पहले उसकी पिटाई की फिर उसे आग के हवाले कर दिया। आग लगने के बाद बच्ची छटछटाने लगी। दूसरे पड़ोसियों ने मासूम को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया।
घटना की सूचना मिलने पर बच्ची की मां भी अस्पताल पहुंच गई। उन्होंने बताया कि उनका पड़ोसी सिकंदर यादव से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। वहीं मामले पर बेगूसराय डीएसपी निशीत प्रिया ने बताया कि सब्जी का पौधा उखाडऩे को लेकर पड़ोसी पर जलाने का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
मोहाली, मोहाली में एयरपोर्ट रोड पर स्थित राधा स्वामी चौक पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने कहर मचा दिया। इस दौरान मर्सिडीज कार ने पहले एक टैक्सी को ठोकर मारी, फिर वहां से गुजर रहे दो साइकिल सवारों को रौंद डाला। आखिर में मर्सिडीज कार करीब चालीस फुट दूर रोड किनारे लगे लोहे की ग्रिल को तोड़कर रुकी।
इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। इसमें दो अर्टिगा कार सवार और एक साइकिल सवार शामिल हैं। मृतकों की पहचान धर्मप्रीत (22) निवासी गोलूमाजरा नजदीक दप्पर लालडू, अंकुश नरूला (29) जीरकपुर (दोनों यूएस बेस्ड कंपनी मे काम करते थे) और राम प्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं।
हादसे के बाद मर्सिडीज कार चालक मौके से फरार हो गया। मटौर थाने की पुलिस चंडीगढ़ नंबर की मर्सिडीज कार के अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्दी ही आरोपी उनकी गिरफ्त में होंगे। जानकारी के मुताबिक यह हादसा शनिवार सुबह पांच बजे के करीब का है।
इस संबंध में पुलिस को दिए बयान में प्रत्यक्षदर्शी नरेश सिंह रावत ने बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। शनिवार सुबह वह अपनी डयूटी खत्म कर कैब से घर जा रहे थे। उनकी कैब के आगे उनकी कंपनी की अर्टिगा कार जा रही थी। जिसमें कंपनी के तीन लोग धर्मप्रीत सिंह, प्रदीप कुमार और अंकुश नरूला सवार थे। वहीं, कार को हरीश कुमार ड्राइवर चला रहा था। इसी बीच जब वह एयरपोर्ट रोड पर स्थित राधा स्वामी चौराहे पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक काले रंग की मर्सिडीज कार चंडीगढ़ साइड से आ रही थी। इसका चालक बिना कोई लाइट दिए बड़ी तेज गति से आ रहा था। इसी दौरान उसने आगे जा रही अर्टिगा कार की कंडक्टर साइड को जोरदार ठोकर मारी। जिसके चलते अर्टिगा कार पलट गई, जबकि बेकाबू मर्सिडीज कार, वहां से गुजर रहे दो साइकिल सवारों को रौंदते हुए रोड किनारे लगी ग्रिल तोड़कर रुकी।
कार के सारे एयर बैग खुल गए, जिससे कि मर्सिडीज कार सवार का बचाव हो गया। इस दौरान मर्सिडीज कार वाले मौके से फरार हो गए। वहीं हादसे में घायल धर्मप्रीत की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद लोगों ने अपने प्राइवेट वाहनों में अंकुश नरूला, प्रदीप कुमार व ड्राइवर हरीश कुमार को सेक्टर-71 स्थित आईवी अस्पताल में एडमिट करवाया। वहीं, साइकिल सवार राम प्रसाद ने सेक्टर-32 जीएमसीएच में दम तोड़ा। जबकि हरीश कुमार का पीजीआई, प्रदीप कुमार और श्री पाल का इलाज चल रहा है।
नोएडा, सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 12 लड़किया और 11 लड़के को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल ये पूरा मामला दिल्ली से सटे नोएडा के गौतमबुद्ध नगर जिले का है। यहां एक होटल में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने के बाद नोएडा पुलिस ने होटल पर छापेमारी की। मौके से पुलिस ने दर्जभर लड़के-लड़कियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यहां से कुछ आपत्तिजनक दवाइयां और सामग्री भी मिली है।
पुलिस के मुताबिक, सेक्स रैकेट का ये धंधा चीती गांव के पास क्राउन प्लाजा होटल में चल रहा था। मामला ग्रेटर नोएडा के दनकौर थानाक्षेत्र का है। पुलिस को जब पता चला कि नोएडा में होटल की आड़ में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है, तो छापेमारी की गई। पुलिस को यहां से आपत्तिजनक हालत में युवक-युवती मिले। पुलिस ने यहां से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने होटल से करीब दो दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने 12 लड़कियों को पकड़ा है। साथ ही 10 लड़के भी गिरफ्तार किए गए हैं। क्राउन प्लाजा होटल के मैनेजर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कुल मिलाकर इस मामले में 23 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
गुवाहाटी । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम के गुवाहाटी में कांग्रेस कार्यालय में पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। इस मौके पर राहुल ने कहा कि हमने आपको आज 5 गारंटी का हथियार दिया है। ये घोषणापत्र असम की जनता की आवाज है, ये असम की जनता की रक्षा करेगा। घोषणा पत्र में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए खत्म करने समेत पांच गारंटी दी गई है। घोषणा पत्र में कांग्रेस ने जो पांच गारंटी दी है उनमे -नागरिकता संशोधन कानून को राज्य में लागू नहीं किया जाएगा, चाय बागानों के कर्मचारियों की दैनिक मजदूरी 365 रुपये होगी, पांच लाख सरकारी नौकरियां और निजी क्षेत्र में 25 लाख रोजगारों का सृजन होगा, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी, सभी महिलाओं को 2000 रुपए तक गृहणी सम्मान पेंशन तथा असम में कांग्रेस का प्रचार 5 पांच गारंटी पर केंद्रित गारंटी शामिल है। बता दें, असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूरा प्रचार अभियान इन पांच गारंटी पर केंद्रित है। असम प्रदेश कांग्रेस अपने सोशल मीडिया अभियान में भी इसे जोर-शोर से उठा रही है। ट्विटर पर कांग्रेस 5 गारंटी नाम से अकाउंट भी बनाया गया है। इसमें कांग्रेस ने अपनी पांच गारंटी के बारे में बताया है।
महंगे गैस सिलिंडर पर पीएम को घेरा
इससे पहले असम में रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने आपसे कहा था कि गैस सिलिंडर के दाम कम करेंगे। यूपीए के समय 400 रुपये का सिलिंडर मिलता था और एनडीए में यह 900 रुपये का मिलता है। नरेंद्र मोदी कहते हैं कि हर घर में गैस पहुंचा दिया। फायदा किसको हुआ? गरीब परिवारों को नहीं, दो-तीन बड़े उद्योगपतियों को।
मोदी सरकार पर जमकर निशाना
राहुल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और गरीबी दर को लेकर मोदी सरकार की खूब आलोचना की। उन्होंने कहा, `इस सरकार ने क्या बढ़ाया है। बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और सिर्फ मित्रों की कमाई।` यहीं नहीं, कांग्रेस नेता ने आंकड़ों के माध्यम से केंद्र सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कोरोना से पहले 9.9 करोड़ लोग मध्य आय वर्ग का हिस्सा थे, जिनकी आय संख्या 6.6 करोड़ रह गई। उन्होंने आगे कहा कि 2011 से 2019 के बीच 5.7 करोड़ लोग निम्न आय वर्ग से निकलकर मध्य आय वर्ग का हिस्सा बने थे। इसके अलावा राहुल गांधी ने आगे कहा कि रोज दो डॉलर (करीब डेढ़ सौ रुपये) या कमाने वालों का आंकड़ा7.5 करोड़ जा पहुंचा है।
टोक्यो/नई दिल्ली । जापान की राजधानी टोक्यो शनिवार (20 मार्च) को भूकंप के तेज झटकों से दहल गई। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 6.8 मापी गई। यह जानकारी जापान के नेशनल सेंटर फॉर सेस्मोलॉजी ने दी। उन्होंने बताया कि भूकंप को देखते हुए तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार शाम 6.09 बजे दर्ज किए गए। इसका केंद्र प्रशांत महासागर के मियाागी क्षेत्र में 60 किलोमीटर अंदर था। भूकंप केंद्र जेएमए ने पहले सुनामी की चेतावनी जारी की थी लेकिन कुछ देर बाद इसे वापस ले लिया।
परमाणु संयंत्र के बारे में जुटा रहे जानकारी
मियागी में भूकंप के कारण नुकसान की अभी कोई खबर नहीं मिली है। स्थानीय अधिकारी क्षेत्र में स्थित परमाणु संयंत्र की हालत के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्विस के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई है। पिछले साल भी इसी इलाके में जोरदार झटके आए थे। इसमें दर्जनों श्रमिक घायल हो गए थे। बता दें, जापान तीव्र भूकंप प्रवण क्षेत्रों में आता है। इसे प्रशांत महासागर की रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। यह दक्षिणपूर्व एशिया से लेकर पूरे प्रशांत तट क्षेत्र तक फैली है।
11 मार्च 2011 को आई सुनामी से दहल गया था जापान
भूकंप व सुनामी की ताजा चेतावनी ऐसे मौके पर आई है, जब जापान दस साल पहले आए भयावह भूकंप व सुनामी की 10 वीं बरसी मना रहा है। 11 मार्च 2011 को 9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी और फुकुशिमा संयंत्र तबाह हो गया था।
नागपुर । महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नागपुर में 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है। पहले यह लॉकडाउन 21 मार्च तक के लिए लगाया गया था। इसके तहत सब्जी और अन्य आवश्यक दुकानें शाम 4 बजे तक खुली रहेंगी। रेस्टोरेंट शाम 7 बजे तक खुला रहेगा, जबकि ऑनलाइन भोजन वितरण की अनुमति रात के 11 बजे के बाद नहीं दी जाएगी। स्कूल और कॉलेज 31 मार्च तक बंद रहेंगे। निर्धारित परीक्षाएं कोरोना के दिशानिर्देशों के साथ आयोजित की जाएंगी। वहीं अब मॉल में जाने के लिए कोरोना जांच आवश्यक कर दिया गया है।
नागपुर में बस स्टैंड पर प्रवासी मजदूरों की भीड़
नागपुर में बढ़ते लॉकडाउन के मद्देनजर प्रवासी श्रमिक अपने घर वापस जाने के लिए नागपुर बस स्टैंड पर जमा हो गए हैं। हलांकि उनमें से एक श्रमिक ने यह भी बताया कि उस बस सेवा के निलंबन के बारे में पता है। बता दें कि नागपुर में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3679 नए मामले सामने आए हैं और 29 लोगों की मौत हो गई है। जिला में 1594 लोग स्वस्थ भी हुए।
नोएडा के स्थित एक अस्पताल में इंटरव्यू देने के लिए आई एक महिला नर्स के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है।
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि पेशे से नर्स एक महिला ने थाना सेक्टर-24 में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि राजू नामक व्यक्ति ने बुधवार रात कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया और उसके साथ बलात्कार किया।
उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने युवती को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
पुलिस ने आरोपी शख्श राजू को भी गिरफ्तार कर लिया है, गुरुवार को उसे अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि युवती एक नर्स है। वह सेक्टर-62 में स्थित एक अस्पताल में इंटरव्यू देने के लिए आई थी तथा राजू के घर पर ही रुकी थी। राजू से युवती का परिचय पहले से है।
चंडीगढ़, पंजाब में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार से राज्य में व्यापक स्तर पर पाबंदियां लगाने का आदेश दिया है जिसमें सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस महीने के अंत तक बंद रखना और सिनेमाघरों तथा मॉल में लोगों की संख्या पर पाबंदियां लगाना शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोगों से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अगले दो हफ्तों तक सामाजिक गतिविधियों को घर तक सीमित रखने की भी अपील की. उन्होंने अनुरोध किया कि घरों में 10 से ज्यादा मेहमान नहीं होने चाहिए.
एक आधिकारिक बयान में यहां कहा गया है, ''मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के अलावा सभी शैक्षणिक संस्थान 31 मार्च तक बंद रहेंगे.'' सिनेमाघरों में 50 प्रतिशत तक की क्षमता तक ही लोग मौजूद रहेंगे और एक बार में किसी मॉल में 100 से अधिक लोग नहीं होंगे.
महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित 11 जिलों में सभी सामाजिक समारोहों पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश दिया गया है. इनमें अंतिम संस्कार/ विवाह समारोह शामिल नहीं है. हालांकि इनमें केवल 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे.
यह आदेश रविवार से लागू होगा. इन जिलों में रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा. मुख्यमंत्री ने रविवार को सिनेमाघरों, मल्टीप्लेक्स, रेस्त्रां, मॉल आदि को बंद रखने का आदेश दिया है. हालांकि होम डिलीवरी की सुविधा रहेगी.
CM अमरिंदर सिंह ने कहा कि उद्योगों और आवश्यक सेवाओं को काम करने दिया जाएगा लेकिन इन्हें छोड़कर बाकी पाबंदियों का सख्ती से पालन होगा. अगले हफ्ते से राज्य में हर शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक उन लोगों की याद में मौन रखा जाएगा जिन्होंने कोविड-19 की वजह से जान गंवा दी. इस दौरान कोई वाहन सड़क पर नहीं चलेगा.
गुरुग्राम में नगर निगम के सदन (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ गुरुग्राम) की बैठक में गुरुवार का यह फैसला लिया गया कि हर मंगलवार को मीट की दुकानें बंद रहेंगी. नगर निगम के इस फैसले पर चौतरफा प्रतिक्रियाएं हो रही हैं. इस फैसले की एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी आलोचना की है. ओवैसी ने शुक्रवार को ट्वीट कर गुरुग्राम नगर निगम के फैसले पर सवाल उठाया है.
ओवैसी बोले- शुक्रवार को बंद हो शराब की दुकान
ओवैसी ने कहा- “कोई अपनी निजी जंदगी में क्या कर रहा है इससे कैसे किसी की आस्था को चोट पहुंचेगी? लोग मीट खरीद, बेच और खा रहे हैं, वे आपके साथ इसके लिए जबरदस्ती नहीं कर रहे हैं. इस तर्क के हिसाब से शुक्रवार को शराब की दुकान भी बंद करनी चाहिए? मीट लाखों भारतीयों का खाना है. इसे अशुद्ध के तौर पर नहीं माना जा सकता है.”
How can beliefs get hurt by what other people are doing in their private lives? People are buying, selling or eating meat, they’re not forcing you to partake
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) March 19, 2021
By this logic, close alcohol shops on Friday?
Meat is food for millions of Indians. Cannot treat it as something impure https://t.co/oY0eh0ZknT
गौरतलब है कि गुरुवार को गुरुग्राम नगर निगम के सदन की सामान्य बैठक के दौरान 2021-22 का बजट पेश किया गया. यह बजट लंबी चर्चा के बाद मंजूर किया गया. इस दौरान मीट की दुकानों को लेकर सदन में व्यापक चर्चा हुई. मीट लाइसेंस दुकान की फीस 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने का फैसला किया गया. इसके साथ ही, जुर्माने की राशि भी 500 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया.
महाराष्ट्र में एक बार फिर से बेकाबू हुए कोरोना संक्रमण के बीच उद्धव सरकार ने शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी है. 31 मार्च 2021 के लिए जारी की गई इस गाइडलाइन के मुताबिक राज्य के सभी ड्रामा थिएटर्स और ऑडिटोरियम में सिर्फ पचास फीसदी क्षमता के साथ उन्हें ऑपरेट किया जाएगा. इसके साथ ही, बिना मास्क के इसके अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इस दौरान तामपान के मांपने वाले डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि किसी बुखार वाले व्यक्ति को प्रवेश ना दिया जाए.
50 फीसदी क्षमता के साथ थिएटर और ऑडिटोरियम
अलग-अलग जगहों पर पर्याप्त हैंड सेनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी. सभी समय में सभी विजिटर्स को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में स्टाफ सुनिश्चित करना होगा. 15 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार, ड्रामा हॉलऑडिटोरियम का इस्तेमाल धार्मिक/सामाजिक/राजनीतिक और सांस्कृतिक सभाओं के लिए नहीं किया जाएगा. अगर इसका उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो कोविड-19 महामारी तक उसे रखना होगा. इसके साथ ही, उल्लंघन पर इसके मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा.
प्राइवेट ऑफिस की कैपेसिटी में भी कमी
इसके साथ ही, नई गाइडलाइन के हिसाब से सभी प्राइवेट ऑफिसों को 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाना होगा. स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं में लगे ऑफिसों के अलावा सभी प्राइवेट ऑफिस को पचास फीसदी क्षमता के साथ चलाना होगा. इसके अलावा, सरकारी और अर्धसरकारी ऑफिसों के मामले में ऑफिस के प्रमुख की तरफ से कोविड-19 प्रोटोकॉल्स का पालन करते हुए कर्मचारियों की मौजूदगी पर फैसलना करना होगा. हालांकि, उत्पादन क्षेत्र पूरी क्षमता के साथ काम करेगा. हालांकि यह सलाह दी गई है कि प्रोडक्शन फ्लोर पर सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्षमता कम किया जा सकता है.
Govt of Maharashtra issues fresh measures applicable till 31st March 2021, in the wake of rise in #COVID19 cases here.
— ANI (@ANI) March 19, 2021
All drama theatres & auditoriums to operate on 50% capacity, no entry to be allowed without proper wearing of masks. All pvt offices to function at 50% capacity pic.twitter.com/HW73jiOjgg
नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के एक और रेलवे स्टेशन का नाम बदलने वाला है. झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मी बाई रेलवे स्टेशन होगा. इससे पहले भी यूपी के कई रेलवे स्टेशनों के नाम बदले जा चुके हैं.
बता दें कि सबसे पहले यूपी के वाराणसी जंक्शन से 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन किया गया था. ये स्टेशन यूपी के चंदौली जिले के शहर मुगलसराय में आता है. इसके बाद वाराणसी के मंडुआडीह स्टेशन का नाम बदलकर बनारस स्टेशन रखा गया है. इलाहाबाद जंक्शन का नाम भी बदल कर प्रयागराज जंक्शन कर दिया गया. इसके अलावा पिछले साल ही नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर सिद्धार्थनगर हो गया है.
नई दिल्ली । केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि एक साल में देशभर में टोल नाके बंद कर दिए जाएंगे। टोल शुल्क की वसूली जीपीएस इमेजिंग के जरिए की जाएगी। गडकरी की यह बड़ी घोषणा है। इससे देश में टोल नाकों पर लगने वाली कतारों व समय व ईंधन की बर्बादी से बचा सकेगा।
गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा
गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहरों के भीतर पहले बनाए गए टोल एक साल में हटा दिए जाएंगे। इस तरह के टोल टैक्स में चोरी बहुत होती थीं। अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा। इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी। यह काम एक साल में पूरा हो जाएगा।
रायपुर से विशाखापत्तनम के बीच ग्रीन हाईवे को मंजूरी
गडकरी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि ‘90 फीसदी जमीन अधिग्रहण किए बिना हम परियोजना आवंटित नहीं करते। जमीन का अधिग्रहण करने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाती है। रायपुर से विशाखापट्नम के बीच ग्रीन हाईवे को मंजूरी दी गई है। इसका काम शुरू हो गया है। करीब डेढ़ साल में काम पूरा होने की संभावना है और इससे कई राज्यों के लोगों को फायदा होगा।
दुनिया का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर फार्म सिंगापुर में बनाया जा रहा है। देश ने इस ऊर्जा संयंत्र को जलाशय पर स्थापित करने का निर्णय लिया है। सिंगापुर दुनिया भर में सबसे छोटे देशों में से एक होने के बावजूद, यह विश्व में सबसे बड़ी प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जकों में से एक है। इस प्रकार, जलवायु परिवर्तन के मुद्दे का समाधानं करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करने के लिए इस तैरते हुए सोलर फार्म का निर्माण कर रहा है। यह प्रोजेक्ट Sembcorp Industries द्वारा बनाया जा रहा है।
सिंगापुर में नवीकरणीय ऊर्जा
सिंगापुर के लिए नवीकरणीय ऊर्जा एक चुनौती है क्योंकि देश के पास पनबिजली के लिए कोई नदियाँ नहीं हैं। टर्बाइनों को घुमाने देने के लिए पवन भी मजबूत नहीं है। इस प्रकार, तैरते हुए सोलर फार्म की स्थापना के साथ सिंगापुर नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। चूंकि, सिंगापुर के पास बहुत कम भूमि है, इसलिए इसने अपने तटों और जलाशयों में ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का फैसला किया है।
सिंगापुर के लिए खतरा
जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप समुद्र के बढ़ते जल स्तर से सिंगापुर को खतरा है। इसलिए, देश को उत्सर्जन में कटौती की आवश्यकता के बारे में पता है। इसके लिए, सिंगापुर की सरकार ने कई “ग्रीन प्लान” का अनावरण किया, जिसमें इलेक्ट्रिक कारों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने, लैंडफिल पर भेजे गए कचरे की मात्रा को कम करने और अधिक पेड़ लगाने जैसे कदम शामिल थे।
माननीय मद्रास उच्च न्यायालय, ने 17.03.2021 को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन 60 (सी) तथा तदनुरूप बने नियमों को चुनौती देने वाली याचिका (2020 की डब्ल्यूपीनंबर 20027) को खारिज कर दिया। सेक्शन 60(सी) तथा तदनुरूप नियमों में 80 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, कोविड-19 प्रभावित/संदिग्ध तथा आवश्यक सेवाओँ में शामिल मतदाताओं को डाक मतपत्र से मतदान की सुविधा दी गई है।
माननीय मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में कहा किः
“56. यह स्वीकार करना होगा कि निर्वाचन आयोग ने यहां जो कुछ किया है वह समावेशी होना चाहिए तथा मताधिकार से वंचित रह जाने की संभावना वाले व्यक्तियों के निश्चित वर्ग को पोस्टल बैलेट के इस्तेमाल के अधिकार की अनुमति देना और लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होना चाहिए। एस. रघबीर सिंह गिल मामले के निर्णय में बैलेट की गोपनीयता और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने को पूरक रूप में देखा गया है। यह विनम्रता के साथ कहा जा सकता है कि मतपत्र की गोपनीयता या चुनाव कराने में निष्पक्षता से समझौता किए बिना यदि प्रक्रिया को समावेशी बनाया जाता है तो यह उत्सव का बड़ा कारण और चुनाव कराने वाली संस्था की सराहना होगी।” न्यायालय ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने वाले व्यक्तियों के 1961 के नियमों द्वारा वर्गीकृत करने के कार्य में किसी तरह की मनमानी नहीं देखी। “60. समान रूप से 1961 के नियमों द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान करने के लिए अनुमति प्राप्त व्यक्तियों के वर्गीकरण में किसी तरह की मनमानी नहीं दिखती। विचार उन लोगों के बारे में है जो मतदान करने के लिए शारीरिक रूप से मतदान केंद्र नहीं जा सकते। यदि ऐसा विचार है तो 2019 तथा 2020 के संशोधनों द्वारा व्यक्तियों के वर्गीकरण में कोई मनमानी नहीं है, क्योंकि यह उद्देश्य दिखाता है कि ऐसे वर्गों के व्यक्तियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के उनके बुनियादी अधिकार को देखना है।” उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की कि चुनाव संपन्न कराने के लिए आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी करना आयोग की सामान्य शक्तियों के अंतर्गत हैः
“62. अंतिम रूप से याचिकाकर्ता की यह दलील की दिशा-निर्देश जारी करने का क्षेत्राधिकार निर्वाचन आयोग को नहीं है, ठीक नहीं लगती, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 324 द्वारा आयोग को सामान्य अधिकार दिए गए हैं। ए.सी. जोस मामले में उच्चतम न्यायालय ने माना कि जहां कोई संसदीय कानून नहीं है या उक्त कानून के अंतर्गत कोई नियम नहीं बनाया गया है वहां चुनाव संपन्न कराने के मामले में किसी तरह का आदेश पारित करने का अधिकार निर्वाचन आयोग को है। अनुच्छे 324 द्वारा अधीक्षण, निर्देशन तथा नियंत्रण के मामले में कानून के पूरक के रूप में आयोग के लिए नियमों में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, वहां भी ऐसा अधिकार देखा गया है... इसके अतिरिक्त निर्णय ने माना की चुनाव संपन्न कराने के मामले में किसी तरह का निर्देश देने का सामान्य अधिकार आयोग को है।”
झारखंड में 2019 के चुनावों के बाद से आयोग ने कुछ श्रेणियों के लिए वैकल्पिक पोस्टल बैलेट की सुविधा प्रारंभ की। 2020 के बिहार के आम चुनाव में इन सभी श्रेणियों के लिए पोस्टल बैलेट का विकल्प किया गया और इसका उपयोग 52,000 से अधिक ऐसे मतदाताओं ने किया। कराए जा रहे चुनाव तथा उप-चुनाव में ऐसी श्रेणी के मतदाताओं को पोस्टल बैलेट विकल्प के लिए पहले ही दिशा-निर्देश निर्धारित किया है ताकि चुनाव को “कोई मतदाता पीछे न छूटे” के नारे के अनुरूप समावेशी बनाया जा सके।
यह सुविधा प्रदान करने के पीछे का उद्देश्य यह है कि जो मतदाता 80 वर्ष या या उससे अधिक उम्र के हैं और शारीरिक रूप से मतदान केंद्र तक आने में सक्षम नहीं हैं, वह घर बैठे पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा ने बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं को लाभान्वित किया है। आयोग ने मतदान केंद्रों को पीडब्ल्यूडी मतदाताओं या वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह से सुलभ बनाया है। ऐसे मतदाताओं के लिए नि:शुल्क परिवहन सुविधा भी अब प्रदान की जाती है।
नईदिल्ली। यूं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिनचर्या काफी व्यस्त रहती है, मगर कम ही लोगों को यह पता होगा कि उन्हें जब भी मौका मिलता है वह अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर लोगों की चिट्ठियों और उनके संदेशों का जवाब देने से चूकते नहीं हैं। ऐसा ही एक पत्र मिला है नैनीताल, उत्तराखण्ड के खीमानंद को जिन्होंने नरेन्द्र मोदी ऐप(नमो ऐप) के जरिए पीएम को संदेश भेजकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 5 सफल वर्ष पूरे होने और सरकार के अन्य प्रयासों के लिए बधाई दी थी। अब प्रधानमंत्री ने खीमानंद को पत्र लिखकर उन्हें उनके बहुमूल्य विचार साझा करने के लिए धन्यवाद दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा है, ‘कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों पर अपने बहुमूल्य विचार साझा करने के लिए आपका आभार। ऐसे आत्मीय सन्देश मुझे देश की सेवा में जी-जान से जुटे रहने की नई ऊर्जा देते हैं। ’ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सफलता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया, ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम की अनिश्चितता से जुड़े जोखिम को कम कर मेहनती किसान भाई बहनों के आर्थिक हितों की रक्षा करने में लगातार अहम् भूमिका निभा रही है। किसान हितैषी बीमा योजना का लाभ आज करोड़ों किसान ले रहे हैं। ’ कृषि और किसान कल्याण के प्रति संकल्पित सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगे पत्र में लिखा है, ‘पिछले पांच वर्षों में व्यापक कवरेज और पारदर्शी दावा निस्तारण प्रक्रिया के माध्यम से यह योजना किसान कल्याण को समर्पित हमारे संकल्पित प्रयासों और पक्के इरादों की एक महत्वपूर्ण मिसाल बन कर उभरी है। आज बीज से लेकर बाजार तक किसान भाई-बहनों की हर छोटी-बड़ी दिक्कतों को दूर करने और अन्नदाता की समृद्धि और कृषि की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ’ इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति में देशवासियों के योगदान और उनकी भूमिका की सरहाना करते हुए लिखा, ‘सर्वांगीण और सर्वस्पर्शी विकास के दृष्टिकोण के साथ आज देश एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की ओर तेजी से अग्रसर है। समस्त देशवासियों के विश्वास से ऊर्जित देश राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एकनिष्ठ है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने के हमारे प्रयास आगे और तेज होंगे। ’ इससे पहले खीमानंद ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने संदेश में फसल बीमा योजना के 5 सफल वर्ष पूरे होने पर बधाई दी थी। साथ ही खीमानंद ने कहा था सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए नागरिकों की उन्नति और राष्ट्र की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
वाशिंगटन, अटलांटा के मसाज पार्लर में अंधाधुंध फायरिंग की गई है, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है। मरने वाले लोगों में 4 एशियाई मूल की महिलाएं हैं। जॉर्जिया राज्य के शहर अटलांटा में जिन 3 मसाज पार्लरों को निशाना बनाया गया है, उसमें से दो पार्लर एक-दूसरे के आमने सामने बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर है और जांच में जुटी है।
स्थानीय पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। प्रशासन इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या तीनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं? हर इलाके के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक हमले का कारण नहीं पता चला है।
बिजली की लाइनों से टकराने के कारण मरने वाले पक्षियों की संख्या बढ़ने के बाद भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पर अपना सुझाव दिया है। ये बिजली लाइलें गुजरात और राजस्थान राज्यों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के प्राकृतिक आवास से गुजरती हैं। मुख्य न्यायाधीश शरद ए. बोबडे की अगुवाई वाली बेंच इस बात की जांच करेगी कि पक्षियों को बचाने के लिए ओवरहेड पावर लाइनों को भूमिगत केबल लाइनों से बदला जा सकता है या नहीं। अदालत ने एक वैकल्पिक तंत्र भी खोजा है जिसमे पक्षियों को बिजली लाइनों से दूर रखने के लिए फ्लाइट बर्ड डायवर्टर स्थापित किये जा सकते हैं, लेकिन यह एक लागत प्रभावी तरीका नहीं है। इस मामले में, अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल बिजली मंत्रालय के लिए पेश हुए और उन्होंने कहा कि केवल लो वोल्टेज लाइनों को बदला जा सकता है लेकिन हाई वोल्टेज केबल्स को नहीं।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
इंडियन बस्टर्ड का वैज्ञानिक नाम अर्डोटिस नाइग्रिसेप्स (Ardeotis nigriceps) है। यह पक्षी भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। यह एक विशाल पक्षी है, यह दिखने में शुतुरमुर्ग जैसा है। यह सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है। यह पक्षी कभी भारतीय उपमहाद्वीप के सूखे मैदानों में आम था। लेकिन यह 2011 में इसकी सख्या घटकर 250 रह गयी जो 2018 में और घटकर 150 हो गयी। इस पक्षी को “गंभीर रूप से लुप्तप्राय” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है।
यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अप्रैल, 2021 में भारत की यात्रा पर आयेंगे। पहले वे मुख्य अतिथि के रूप में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए जनवरी 2021 में भारत का दौरा करने वाले थे, लेकिन उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में बढ़ते COVID-19 मामलों के कारण अपनी यात्रा रद्द कर दी थी।
मुख्य बिंदु
ब्रिटिश सरकार ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर एक ब्रिटिश विमान को इस क्षेत्र में तैनात किया जाएगा। इस यात्रा के दौरान, ब्रिटिश सरकार यूनाइटेड किंगडम के अवसरों को बढ़ाने और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने पर फोकस करेगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत करने और चीन का मुकाबला करने के लिए एक बड़ी यात्रा करेंगे।
ब्रिटेन-चीन संबंध
COVID-19 महामारी और विवादास्पद हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा कानून जैसे मुद्दों के कारण यूके और चीन के बीच संबंधों में तनाव आया है। ब्रिटेन के 5G नेटवर्क में चीन की सक्रिय भूमिका से इनकार करने के बाद संबंध और तनावपूर्ण हो गये हैं। दक्षिण चीन सागर में “क्वीन एलिजाबेथ एयरक्राफ्ट कैरियर” नामक ब्रिटिश विमान की तैनाती के कारण यह सम्बन्ध और अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं।
राज्यसभा ने गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, 1971 में संशोधन करने के उद्देश्य से 16 मार्च 2021 को गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक को लोकसभा द्वारा 17 मार्च 2020 को मंजूरी दी गई थी।
इन संशोधनों की मुख्य विशेषताएं:
विशेष श्रेणी की महिलाओं, जिनके बारे में एमटीपी नियमों में किये जाने वाले संशोधनों में परिभाषित किया जाएगा, के लिए गर्भ काल की ऊपरी सीमा को 20 से बढ़ाकर 24 सप्ताह तक करना और इसके दायरे में बलात्कार से पीड़ित, अनाचार की शिकार और अन्य कमजोर महिलाओं (जैसे दिव्यांग महिलाओं, नाबालिग) आदि को शामिल किया जायेगा।
गर्भधारण के 20 सप्ताह तक के गर्भ की समाप्ति के लिए एक प्रदाता (चिकित्सक) की राय और गर्भधारण के 20-24 सप्ताह तक के गर्भ की समाप्ति के लिए दो प्रदाताओं (चिकित्सकों) की राय की जरूरत होगी।
मेडिकल बोर्ड द्वारा निदान के क्रम में बताए गए भ्रूण से संबंधित गंभीर असामान्यता के मामलों में गर्भ काल की ऊपरी सीमा लागू नहीं होगी। मेडिकल बोर्ड की संरचना, उसके कार्य और उससे संबंधित अन्य विवरणों का निर्धारण इस अधिनियम के तहत आने वाले नियमों में किया जायेगा।
गर्भ समाप्त कराने वाली महिला का नाम और उससे जुड़े अन्य विवरणों का खुलासा किसी कानून में प्राधिकृत व्यक्ति को छोड़कर अन्य किसी व्यक्ति के समक्ष नहीं किया जाएगा।
गर्भनिरोधक की विफलता के आधार को महिलाओं और उनके साथी के लिए बढ़ा दिया गया है।
गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) विधेयक, 2021 का उद्देश्य चिकित्सीय, सुजनन, मानवीय या सामाजिक आधार पर गर्भपात की सुरक्षित और वैधानिकरूप से मान्य सेवाओं तक महिलाओं कीपहुंच का विस्तार करना है। कुछ खास परिस्थितियों में गर्भ की समाप्ति के लिए गर्भकाल की ऊपरी सीमा को बढ़ाने और सुरक्षित गर्भपात की सेवा और गुणवत्ता से समझौता किए बिना सख्त शर्तों के तहत गर्भपात के दौरान गहन देखभाल की सुविधाओं तक पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से इन संशोधनों में कुछ खास उप-धाराओं को प्रतिस्थापित और मौजूदा गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, 1971 की कुछ धाराओं के तहत कुछ नई शर्तों को शामिल किया गया है।
यह विधेयक महिलाओं की सुरक्षा एवं कल्याण की दिशा में एक कदम है और इससे कई महिलाएं लाभान्वित होंगी। हाल ही में विभिन्न महिलाओं की ओर से भ्रूण की असामान्यताओं या यौन हिंसा के कारण हुए गर्भधारण के तर्क के आधार पर गर्भ काल की वर्तमान मान्य सीमा से परे जाकर गर्भपात की अनुमति के लिए न्यायालयों में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन संशोधनों से सुरक्षित गर्भपात सेवाओं तक महिलाओं के दायरे एवं पहुंच में वृद्धि होगी और यह उन महिलाओं के लिए गरिमा, स्वायत्तता, गोपनीयता और न्याय सुनिश्चित करेगा, जिन्हें गर्भ को समाप्त करने की जरूरत है।
असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में हो रहे विधानसभा चुनाव 2021 में व्यय निगरानी प्रक्रिया में 331 करोड़ रुपये मूल्य की रिकॉर्ड बरामदगी हुई हैं। इस बरामदगी ने इन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में 2016 में हुए विधानसभा चुनावों में की गई कुल बरामदगी को भी पीछे छोड़ दिया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह रिकॉर्ड बरामदगी तब हुई है, जब मतदान शुरू होना बाकी है। विधानसभा चुनाव 2016 में की गई कुल 225.77 करोड़ रुपये की बरामदगी की तुलना में अभी तक (16 मार्च 2021 के अनुसार) की जा चुकी रिकॉर्ड बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:-
(राशि करोड़ रुपये में)
राज्य
नगद राशि
शराब
(मूल्य करोड रुपये में)
नशीली दवाएं (मूल्य करोड रुपये में)
मुफ्त उपहार
कीमती धातुएं
योग
असम
11.73
17.25
27.09
4.87
2.82
63.75
पुदुचेरी
2.32
0.26
0.15
0.14
2.85
5.72
तमिलनाडु
50.86
1.32
0.35
14.06
61.04
127.64
केरल
5.46
0.38
0.68
0.04
15.23
21.77
पश्चिम बंगाल
19.11
9.72
47.40
29.42
6.93
112.59
योग
89.48
28.93
75.67
48.52
88.87
331.47
चुनाव होने वाले उपरोक्त राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेश में 2016 के विधानसभा चुनाव में कुल बरामदगी 225.77 करोड़ रुपये मूल्य की हुई थी।
असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी की विधानसभाओं के आम चुनाव में काले धन पर अंकुश लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने 295 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। आयोग ने 5 विशेष व्यय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं, जिनके नाम हैं-सुश्री मधु महाजन, पूर्व आईआरएस (आईटी): 1982 बैच, और श्री बी. आर. बालाकृष्णन, पूर्व-आईआरएस (आईटी): 1983 बैच (दोनों तमिलनाडु और केन्द्रशासित प्रदेश पुदुचेरी के लिए), श्री बी. मुरली कुमार, पूर्व-आईआरएस, 1983 बैच (पश्चिम बंगाल के लिए), सुश्री नीना निगम, पूर्व-आईआरएस, 1983 बैच (असम के लिए) और श्री पुष्पिंदर सिंह पुनिहा, पूर्व आईआरएस, 1985 बैच (केरल के लिए)। इन अधिकारियों को दुर्जेय क्षेत्र की विशेषज्ञता हासिल है, उनका त्रुटिहीन ट्रैक रिकॉर्ड है। इन्हें अधिक प्रभावी चुनाव व्यय निगरानी के लिए तैनात किया गया है। उचित आकलन के बाद अधिक निगरानी केन्द्रित करने के लिए 259 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों को व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है।
व्यय निगरानी के बारे में, आयोग द्वारा चुनाव हो रहे राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेश की प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें आयोजित की गई हैं। चुनाव व्यय निगरानी प्रक्रिया में केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों के महत्व को देखते हुए आयोग ने 02 मार्च, 2021 को राजस्व सचिव, सीबीडीटी के अध्यक्ष, सीबीआईसी के अध्यक्ष और एफआईयू-आईएनडी के निदेशक के साथ भी एक बैठक आयोजित की थी।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान नगद राशि और उपहार बांटने की अनुमति नहीं है अर्थात् निर्वाचकों को प्रभावित करने के लिए धन, शराब और अन्य किसी वस्तु का वितरण करने की अनुमति नहीं है। इस तरह का व्यय "रिश्वत" की परिभाषा के अंतर्गत आता है जो कि आईपीसी की धारा 171बी और आर.पी. अधिनियम, 1951 के तहत अपराध है। ऐसी वस्तुओं पर व्यय गैर-कानूनी है। चुनावी प्रक्रिया को तेज करने वाले प्रलोभनों पर अंकुश लगाने के अभियान से बरामदगी के आंकड़े और बढ़ने की उम्मीद है।










