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Goa ने Corona virus से जीती जंग, बना जीरो केस स्टेट, 3 अप्रैल के बाद नहीं आया कोई नया मामला

Goa ने Corona virus से जीती जंग, बना जीरो केस स्टेट, 3 अप्रैल के बाद नहीं आया कोई नया मामला

पणजी। कोरोना वायरस से देशभर में लड़ाई जारी है। इस बीच कई राज्यों से अच्छीज खबरें भी आ रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 23 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के 54 अन्य जिलों ने पिछले 14 दिनों में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। एक अच्छी खबर यह आई कि गोवा जीरो कोरोना केस स्टेट हो गया। गोवा में 7 कोरोना पॉजिटिव केस थे। गोवा में 3 अप्रैल के बाद से कोई नया केस सामने नहीं आया।


पहले संक्रमित मामले के बाद ही हुआ सचेत :

गोवा में कोरोना वायरस का पहला केस 18 मार्च को सामने आया था। दुबई से लौटे एक नेता में सबसे पहले संक्रमण मिला था। 3 अप्रैल तक यहां कोरोना के 7 मरीज मिले थे। उसके बाद से राज्य में कोई भी नया मामला नहीं आया।

राज्य की मेडिकल टीम और लोगों के सहयोग से उसने इस जंग में फतह हासिल कर ली। 15 अप्रैल तक राज्य के 6 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हो गए थे। आखिरी बचे मरीज की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट रविवार को निगेटिव आ गई। गोवा में अब 3 अप्रैल के बाद से कोई नया कोरोना मरीज नहीं पाया गया है।

स्वास्थ्य टीम को मुख्यमंत्री ने दी बधाई :

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ट्वीट कर राज्य की जनता और स्वास्थ्यकर्मियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि 'संतोष और राहत की बात है कि गोवा का आखिरी ऐक्टिव कोरोना मरीज भी टेस्ट रिपोर्ट में निगेटिव पाया गया है। डॉक्टर और सपोर्ट स्टाफ इसके लिए तारीफ के काबिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 3 मई तक लॉकडाउन रहेगा। जिन लोगों को केंद्र के अनुसार छूट ली है उन्हें ही छूट दी जाएगी।

गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि शून्य का वास्तव में बहुत मूल्य है। यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि गोवा में सभी कोरोना पॉजिटिव मामले अब नेगेटिव हैं। हमारे डॉक्टरों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए बहुत आभारी हूं जिन्होंने दूसरों को बचाने के लिए जोखिम भरा काम किया।

बन सकता है पहला ग्रीन जोन स्टेट :

जिन क्षेत्रों में कोरोना वायरस के मामले नहीं आते हैं उन्हें ग्रीन जोन घोषित किया जा सकता है और बंद में छूट दी जा सकती है।

गोवा के देश का पहला ग्रीन जोन राज्य बन सकता है। कुछ सरकार की योजना के अनुसार रहा तो गोवा 20 अप्रैल तक ग्रीन जोन में शामिल होने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्य के दक्षिण गोवा जिले को पहले ही ‘ग्रीन जोन’ घोषित कर चुका है।

 

लॉकडाउन से इस राज्य की सरकार अभी नहीं दे रही है किसी भी प्रकार की ढील,पढ़े पूरी खबर

लॉकडाउन से इस राज्य की सरकार अभी नहीं दे रही है किसी भी प्रकार की ढील,पढ़े पूरी खबर

नईदिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों के सामने आने को बहुत चिंताजनक बताते हुए रविवार को कहा कि फिलहाल पूर्णबंदी में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। केजरीवाल ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं दिखाई देता। यह चिंताजनक स्थिति है और इसे ध्यान में रखते हुए लाकडाउन में किसी तरह की ढील नहीं दी जायेगी। एक सप्ताह बाद स्थिति की समीक्षा की जायेगी और उस समय जो भी परिस्थितियां होंगी उसके अनुरूप निर्णय लिया जायेगा।


उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना तेजी से फैल रहा है जो चिंता बढाने वाला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दहशत में आने और घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को दिल्ली में 736 की जांच की गई और इसमें से 186 अर्थात 25 प्रतिशत है जो बहुत अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल जो 186 पाजिटिव रिपोर्ट आई उनमें कोरोना का कोई सामान्य लक्षण नजर नहीं आ रहा था। इन लोगों को स्वयं पता नहीं था कि यह कोरोना लेकर घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सभी 11 जिले हाटस्पाट घोषित किये गये हैं।

केजरीवाल ने कहा कि निजामुद्दीन मरकज की भी सबसे अधिक मार दिल्ली को झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और यहां कुल जनसंख्या का मात्र दो प्रतिशत है जबकि कोरोना के मरीजों का 12 प्रतिशत है। दिल्ली में वायरस के कुल 1893 मामले हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वर्तमान स्थिति में अनुशासन में रहकर और लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कर ही कोरोना से नियंत्रण में मदद मिलेगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना फैल रहा है और यदि लॉकडाउन नहीं होता तो स्थिति कितनी भयावह होती इसका अनुमान करना मुश्किल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में 77 नियंत्रण जोन है और इनमें भी औचक परीक्षण में पाया गया की मामले बढ़े हैं। इन क्षेत्रों में भी लोग एक दूसरे के घरों में जा रहे हैं जिन इलाकों में लोगों ने पालन नहीं किया वहां मामले बढे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व के साधन संपन्न देशों में कोरोना के कहर की तस्वीर सबके सामने है और हमारे यहां लाकडाउन नहीं होता तो स्थिति क्या होती इसे कहने की जरूरत नहीं है। केजरीवाल ने कहा की दिल्ली कोरोना की सबसे मुश्किल लड़ाई लड़ रहा है और राजधानी में विदेशों से सबसे अधिक लोग आये और इसकी वजह से भी कोरोना की बडी मार दिल्ली पर पड़ी है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में 26 मरीज गहन चिकित्सा केंद्र और छह वेंटिलेटर पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में हालात चिंताजनक है और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह सहमति बनी की कि वर्तमान स्थिति में ढिलाई देने पर स्थिति बिगडी तो स्वंय को माफ नहीं कर पायेंगें। इसलिये एक सप्ताह बाद 27 अप्रैल को फिर स्थिति की समीक्षा की जायेगी और उस समय जो हालात होंगे उसके अनुरूप निर्णय लिया जायेगा।

 

जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड अब फ्रांस को करेगा रेल ब्लूम का निर्यात,इन देशो से भी मिल सकता है आर्डर

जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड अब फ्रांस को करेगा रेल ब्लूम का निर्यात,इन देशो से भी मिल सकता है आर्डर

नई दिल्ली, नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। देश में हेड हार्डेंड रेल की इकलौती और निजी क्षेत्र की एकमात्र रेल निर्माता कंपनी जेएसपीएल को रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) से कोलकाता मेट्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड के लिए 2308 मीट्रिक टन हेड हार्डेंड रेल आपूर्ति का ऑर्डर मिलने के बाद फ्रांस से भी 12 हजार टन विशिष्ट रेल ब्लूम सप्लाई का ऑर्डर मिला है।


ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने भी जेएसपीएल के प्रोडक्ट्स में रुचि दिखाई है और उन राष्ट्रों से भी कंपनी को शीघ्र ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
जे.एस.पी.एल. के प्रबंध निदेशक वी.आर. शर्मा ने पूरी टीम को इस सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के प्रति निष्ठा और समर्पण की कंपनी की नीतियों के कारण यह संभव हुआ है। कंपनी के चेयरमैन नवीन जिन्दल के दूरदर्शी नेतृत्व में जेएसपीएल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्यात संबंधी संकल्प को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्टील उत्पादन को आवश्यक वस्तु अधिनियम में रखे जाने के लिए भी इस्पात मंत्री का आभार जताया।

 

श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया पहल को गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इस्पात मंत्रालय और रेल मंत्रालय ने स्टील कंपनियों को जो कारगर रोडमैप दिया है, उसके लिए हम केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और केन्द्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आभारी हैं। यह सरकार के प्रोत्साहन से ही संभव हुआ है कि स्टील के जिन ग्रेड्स का आज तक आयात किया जाता था, उसे हम देश में ही बनाने लगे हैं।

 

श्री शर्मा ने कहा कि जेएसपीएल विश्वास दिलाती है कि वह अपने अनुसंधान और परिश्रम के बल पर सभी ग्रेड के स्टील बनाने में सक्षम है और घरेलू ग्राहकों को विश्व स्तरीय क्वालिटी के प्रोडक्ट उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि फ्रांस से 12 हजार टन विशिष्ट रेल ब्लूम का ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही जेएसपीएल फ्रांस रेलवे के नियमित सप्लायरों की सूची में आ गई है। अब फ्रांस से नियमित रूप से ऑर्डर मिलते रहेंगे।

 

वी.आर. शर्मा ने कहा कि जेएसपीएल इनोवेशन में विश्वास करती है और रेल सेक्टर में अनेक सफल प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर और देश में बढ़ती मेट्रो की मांग को देखते हुए जेएसपीएल ने रेल मंत्रालय के अधीन कार्यरत रिसर्च डिजायंस एंड स्टैंडड्र्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) का प्रमाणपत्र मिलने के बाद 1080 एचएच (हीट ट्रीटेड) ग्रेड पटरियों का उत्पादन शुरू किया, जिसका पहला ऑर्डर (2308 टन) रेल विकास निगम लिमिटेड से मिला है। हम इसकी आपूर्ति इसी महीने से शुरू कर देंगे। रेलवे की मांग को देखते हुए जेएसपीएल अब विशेष आर 260 ग्रेड की पटरियां भी बनाने जा रही है जो प्रति डिब्बे वर्तमान 64 के मुकाबले 75 टन भार सहने की क्षमता वाली होगी।

 

हेड हार्डेंड रेल का इस्तेमाल मेट्रो रेल और तेज गति वाली फ्रेट कॉरिडोर में होता है क्योंकि इन ट्रेनों में न सिर्फ अधिक भार होता है बल्कि ये मार्ग अपेक्षाकृत अधिक व्यस्त होते हैं और पहिये-पटरियों के बीच घर्षण भी ज्यादा होती है। इसके अलावा इन ट्रेनों की गति अचानक बढ़-घट जाती है और बार-बार ब्रेक लेने की नौबत आती है इसलिए हेड हार्डेंड रेल को फौलाद की तरह बनाया जाता है ताकि पटरियों के पिघलने, टूटने की गुंजाइश न रहे।

 

हेड हार्डेंड रेल का निर्माण विशेष हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया से किया जाता है जिस कारण सामान्य रेल पटरियों के मुकाबले लगभग 50 फीसदी अधिक कठोरता इसमें आ जाती है, जो मेट्रो रेल और मालगाडिय़ों, दोनों के लिए आवश्यक होती है और जिससे हादसे की आशंका न के बराबर रह जाती है।

 

चीन में कोरोना टीके के लिए दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण शुरु

चीन में कोरोना टीके के लिए दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण शुरु

बीजिंग, चीन के वैज्ञानिकों ने देश में कोरोना वायरस के केंद्र वुहान में एक टीके के क्लीनिकल परीक्षण का दूसरा चरण शुरू किया है। मीडिया रिपोर्ट के इस टीके को इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेज ऑफ चाइना ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए विकसित किया है। रविवार को इसके दूसरे चरण के परीक्षण में 500 स्वयंसेवियों ने हिस्सा लिया।


इसमें सबसे उम्रदराज स्वयंसेवी वुहान निवासी 84 वर्षीय शोंग झेंगशिंग हैं जिन्होंने सोमवार की सुबह टीकाकरण पूरा कर लिया। उनके साथ उनकी बेटी भी थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि टीके को जेनेटिक इंजीनियरिंग के तरीके से विकसित किया गया है और कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारियों में इस्तेमाल किया जाएगा।


टीके के क्लीनिकल परीक्षण के पहले चरण में जहां इसकी सुरक्षा पर ध्यान दिया गया वहीं दूसरे चरण में इसकी प्रभाविता पर जोर दिया गया।

 

वोडका ही कोरोना की दवा, कोई भी नहीं मरेगा,बेलारूस के राष्ट्रपति का अजीबोगरीब दावा

वोडका ही कोरोना की दवा, कोई भी नहीं मरेगा,बेलारूस के राष्ट्रपति का अजीबोगरीब दावा

मिन्स्क, वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस ने लगभग पूरी दुनिया में पांव पसार लिये हैं। इस वासरस से दुनिया 19 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 1.20 लाख के करीब लोगों की मौत हो गई है। वहीं भय के इस माहौल में कई ऐसी जानकारियां सोशल मीडिया पर चल रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि इनके इस्तेमाल से कोरोना वायरस के असर को कम किया जा सकता है और इसको फैलने से रोकने के लिए और इसके इलाज के लिए कई तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं।


वहीं अब वोडका को कोरोना की दवा बता चुके बेलारूस के राष्ट्रपति ने एक और अजीबोगरीब दावा किया है। अलेक्जेंडर लूकाशेन्को ने कहा है कि उनके देश में कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई है और ना ही आगे कोई मरेगा। हालांकि, बेलारूस में आधिकारिक तौर से कोरोना वायरस से हुई मौतों का आंकड़ा दो दर्जन से अधिक है। इतना ही नहीं, कोरोना वायरस को लेकर अलेक्जेंडर ने कहा है कि वोडका पीने, ट्रैक्टर चलाने, बकरियों के साथ खेलने और साउना से यह बीमारी ठीक हो जाती है।

ब्रिटिश मीडिया में अलेक्जेंडर को तानाशाह कहा जाता है। अलेक्जेंडर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि वे डॉक्टर और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चेतावनी को नजरअंदाज कर रहे हैं और वायरस को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो सकती है।
राष्ट्रपति अलेक्जेंडर ने लॉकडाउन लगाने से इनकार कर दिया है और देश के 95 लाख लोगों को संबोधित करते हुए कहा- हमने उन दवाओं की खोज कर ली है जिससे लोग कोरोना से ठीक हो जाते हैं।

65 साल के अलेक्जेंडर 25 सालों से अधिक समय से देश की सत्ता पर काबिज हैं. हालांकि, उन्होंने विस्तार से नहीं बताया कि किन दवाओं से वे कोरोना बीमारी को ठीक करने की बात कर रहे हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि लोग डरे हुए हैं। इसलिए लोगों से कहा कि देश में कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई।

कोरोना वायरस से पीडि़त लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर ने कहा- चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारे देश में कोरोना वायरस से किसी की मौत नहीं हुई है. मैं इसे सार्वजनिक तौर से कह रहा हूं। राष्ट्रपति ने मौत के आंकड़ों के संबंध में कहा कि उन लोगों की मौत किसी अन्य बीमारी से हुई है जिनसे वे पहले से जूझ रहे थे। राष्ट्रपति अलेक्जेंडर ने यहां तक दावा किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन भी उनसे सहमत है।
 

अमेरिका ने भारत को 15.5 करोड़ डॉलर की मिसाइल टॉरपीडो की बिक्री को मंजूरी दी

अमेरिका ने भारत को 15.5 करोड़ डॉलर की मिसाइल टॉरपीडो की बिक्री को मंजूरी दी

वाशिंगटन, हाइड्रोक्सीक्लोरोसाइन मिलने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने 15.5 करोड़ डॉलर की हारपून ब्लॉक 2 एयर लॉन्चड मिसाइलें और हल्के वजन के टॉरपीडो भारत को बेचने की अपनी प्रतिबद्धता से संसद को अवगत कराया। 'डिफेंस सिक्योरिटी को-ऑपरेशन एजेंसी ने संसद को दो विभिन्न अधिसूचनाओं में बताया कि इन 10 एजीएम-84एल हारपून ब्लॉक 2 मिसाइलों की कीमत 9.2 करोड़ डॉलर है जबकि हल्के वजन के 16 'एमके 54 ऑल राउंड टॉरपीडो और तीन 'एमके 54 एक्सरसाइज टॉरपीडो की कीमत करीब 6.3 करोड़ डॉलर है।


पेंटागन ने कहा कि भारत सरकार द्वारा इनकी मांग किए जाने के बाद इस संबंध में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने निर्णय लिया। हारपून ब्लॉक 2 के संबंध में पेंटागन के कहा, '' भारत इसका इस्तेमाल क्षेत्रीय खतरों से निपटने और अपनी धरती की सुरक्षा बढ़ाने के लिए करेगा। भारत को अपने सशस्त्र बलों में इस उपकरण को शामिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।


एक अन्य अधिसूचना में एमके 54 के बारे में पेंटागन ने कहा, ''भारत इसका इस्तेमाल क्षेत्रीय खतरों से निपटने और अपनी धरती की सुरक्षा बढ़ाने के लिए करेगा। भारत हल्के वजन वाला एमके54 टॉरपीडो अपने पी-84 विमान से इस्तेमाल करना चाहता है। भारत को इसमें कोई कठिनाई नहीं होगी।


पेंटागन के अनुसार यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिका-भारतीय सामरिक संबंधों को मजबूत करने और एक प्रमुख रक्षात्मक साझेदार की सुरक्षा मजबूत करने में मदद करेगी और यह हिंद-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति, और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण होगा।

 

कोरोना के खौफ में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,पढ़े कहा की है ये घटना

कोरोना के खौफ में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,पढ़े कहा की है ये घटना

नासिक। महाराष्ट्र के नासिक शहर में 31 वर्षीय एक युवक ने कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका के चलते कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।


नासिक रोड के चचेड़ी क्षेत्र के निवासी प्रतीक राजू कुमावत ने शनिवार को कथित तौर पर अपने घर में फांसी लगा ली।

 

एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें लिखा है कि कुमावत कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है।

 

कुमावत प्लंबर का काम करता है और वह गले की बीमारी से जूझ रहा था। अधिकारी ने बताया कि एक स्थानीय डॉक्टर के यहां कुमावत का इलाज चल रहा था।


उन्होंने कहा कि मृतक को डर था कि उसे कोरोना वायरस संक्रमण हो गया है। उन्होंने कहा कि शव को परीक्षण के लिए भेजने से पहले जांच के लिए उसके बलगम का नमूना ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

 

लॉकडाउन में शादी करना मंहगा पड़ा,दूल्हा और दुल्हन सहित 50 मेहमान गिरफ्तार,जाने कहा का है मामला

लॉकडाउन में शादी करना मंहगा पड़ा,दूल्हा और दुल्हन सहित 50 मेहमान गिरफ्तार,जाने कहा का है मामला

जोहांसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन का उल्लंघन कर शादी करने पर दूल्हा और दुल्हन को गिरफ्तार किया गया है। इनके साथ शादी में शामिल 50 मेहमानों को भी पुलिस ने अरेस्ट किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 48 वर्षीय जबुलानी जुलु और 39 वर्षीय नोमथांड्जो रविवार को एक समारोह में शादी कर रहे थे, तभी पुलिस आ गई।
पुलिस ने यह शादी हवाई फायरिंग कर रुकवाई, जिसका विडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। विडियो और फोटो में कपल को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस वैन में बैठते देखा जा सकता है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को एक सूचना मिली कि चज़ुलु-नताल में सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध के बावजूद शादी हो रही है।
इसके बाद तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दूल्हा, दुल्हन, पादरी और शादी में शामिल होने आए 50 मेहमानों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, बाद में सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के 1,845 मामले सामने आए हैं और 18 लोगों की मौत हो गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार काफी सख्ती बरत रही है।

 

इस देश में कोरोना से बचने पी गये अल्कोहल,सैकड़ो मरे हजारो हुए बीमार ,पढ़े पूरी खबर

इस देश में कोरोना से बचने पी गये अल्कोहल,सैकड़ो मरे हजारो हुए बीमार ,पढ़े पूरी खबर

तेहरान। ईरान में कोरोना वायरस से बचने के चक्कर में नीट अल्कोहल (जहरीली शराब) पीने से में 600 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। वहीं करीब 3 हजार लोगों को देश के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। माना जा रहा है कि अफवाह के शिकार होकर लोगों ने यह कदम उठा लिया।
ईरान सरकार के न्यायिक प्रवक्ता गुलाम हुसैन एस्मेली ने बताया कि शराब का सेवन कोरोना वायरस का इलाज नहीं है। यह मानव शरीर के बहुत ही घातक है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बिलकुल ही अंदाजा नहीं था कि ऐसी अफवाह से इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाएगी। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कोरोना वायरस से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से पांच अरब डॉलर इमरजेंसी फंड देने की मांग की है। रूहानी ने कहा कि मैं अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील करता हूं कि वो अपनी जिम्मेदारी निभाएं। रूहानी ने अमेरिकी प्रतिबंधों को आर्थिक और मेडिकल आतंकवाद बताया। मंगलवार को ईरानी संसद की बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचे सदस्यों ने देश में पूर्ण रूप से लॉकडाउन न करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इससे देश में बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म होंगी। इसके अलावा देश की उत्पादकता पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि देश में यात्रा प्रतिबंधों के अलावा कई तरह से व्यवसायों को पहले ही बंद किया जा चुका है। ईरान में कोरोना से अब तक 3872 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 62589 लोग अब भी इससे संक्रमित हैं।
 

कुछ युवा ठीक होने के बाद दोबारा कोरोना से संक्रमित, जाने कहा का है यह मामला

कुछ युवा ठीक होने के बाद दोबारा कोरोना से संक्रमित, जाने कहा का है यह मामला

बीजिंग। वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित 14.5 प्रतिशत युवा अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दोबारा इससे संक्रमित हो गये।


यह अध्ययन चीन और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने किया है। शोध के अनुसार 262 मामलों में से 38 मामले ऐसे पाये गये, जब युवा ठीक होने के दो सप्ताह बाद दोबारा इस संक्रमण से ग्रसित हुए। यह अध्ययन दक्षिणी चीन के गुआंडोंग प्रांत से स्वास्थ्य अधिकारियों ने फरवरी के आखिर में किया, जिसमें लगभग 14 प्रतिशत मामलों में यह पाया गया कि युवा इस जानलेवा विषाणु से ठीक होने के दो सप्ताह के भीतर दोबारा इसकी चपेट में आ गए।

शोधकर्ताओं के अनुसार जो 38 लोग दोबारा इस वायरस से संक्रमित हुए उनमें सिर्फ एक व्यक्ति की उम्र 60 वर्ष से अधिक, जबकि सात की उम्र 14 वर्ष से कम थी। साथ ही वैज्ञानिकों ने पाया कि जो 38 लोग दोबारा संक्रमित हुए उनमें से कुछ ही लोगों ने हल्की खांसी और सीने में जकडऩ की शिकायत की जबकि किसी को भी बुखार नहीं हुआ।

उधर, इस संक्रमण के मुख्य केंद्र चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान के तोंगजी अस्पताल की टीम द्वारा पिछले महीने किये गये शोध में महज तीन प्रतिशत ऐसे मामले सामने आए, जब लोग दोबारा इस संक्रमण की चपेट में आए।
अंतिम संस्कार के लिए अब तीन ही लोग एकत्र हो पाएंगे,जानिये क्यों और कहा दिया गया ऐसा आदेश

अंतिम संस्कार के लिए अब तीन ही लोग एकत्र हो पाएंगे,जानिये क्यों और कहा दिया गया ऐसा आदेश

मैड्रिड, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच स्पेन ने अंतिम संस्कार में अधिक लोगों के एकत्रित होने और घरों पर जाकर शोक व्यक्त करने पर रोक लगा दी है। नए आदेशानुसार, अंतिम संस्कार के लिए अब तीन से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो पाएंगे।मैड्रिड ने सोमवार को घोषणा की '' अलर्ट खत्म होने तक धार्मिक समारोह और लोगों के अंतिम संस्कार के बाद किए जाने वाले अनुष्ठानों पर रोक रहेगी। लोगों को नियंत्रित रखने के लिए देशभर में 11 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित किया गया है। नए आदेशानुसार अब केवल तीन लोग ही अंतिम संस्कार के लिए एकत्र हो पाएंगे और लोगों को एक दूसरे से एक-दो मीटर की दूरी बनाए रखनी होगी। स्पेन में कोरोना वायरस की चपेट में आने से अभी तक 7,340 लोगों की जान जा चुकी है। सरकार ने लोगों के घर पर जाकर शोक व्यक्त करने पर भी रोक लगा दी है। 

क्या है तब्लीगी जमात, कैसे करती है काम, क्यों हज़ारों मुसलमान होते हैं मरकज निजामुद्दीन में इकट्ठा?

क्या है तब्लीगी जमात, कैसे करती है काम, क्यों हज़ारों मुसलमान होते हैं मरकज निजामुद्दीन में इकट्ठा?

नई दिल्ली,सोमवार को दिल्ली के निजामुद्दीन दरगाह का इलाका अचानक खबरों में आ गया. इस इलाके में सैंकड़ों लोगों के कोरोना संक्रमित होने की बात सामने आई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को जांच के लिए भेजा. इसी बीच खबर आई की निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज (सेंटर) के एक कार्यक्रम में शामिल होने लगभग तीन हजार लोग देश-दुनिया से आए थे. मलेशिया और इंडोनेशिया समेत अन्य मुल्कों से इस धार्मिक सभा में हिस्सा लेने आए लोग कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच अब सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं.


ऐसे में तब्लीगी जमात के जिम्मेदारों के खिलाफ दिल्ली सरकार ने FIR के आदेश भी दे दिए हैं. आइए जानते हैं कि आखिर ये तब्लीगी जमात है क्या और क्यों निजामुद्दीन के मरकज में हजारों की संख्या में लोग आते हैं.


क्या है तब्लीगी जमात?


तब्लीगी जमात की स्थापना को लेकर एक इतिहास है. दरअसल इसकी स्थापना 1926-27 में की गई थी. हुआ कुछ यूं कि मुगल काल में कई लोगों ने इस्लाम कबूल कर लिया था. मुगल काल के बाद जब अंग्रेजों की हुकूमत देश पर हुई तो आर्य समाज द्वारा फिर उन लोगों का शुद्धिकरण कर उन्हें हिन्दू धर्म में प्रवेश कराने की शुरूआत की गई. इसी के मद्देनज़र दूसरी तरफ मौलाना इलियास कांधलवी ने मुसलमानों के बीच इस्लाम की शिक्षा देने के लिए तबलीगी जमात की स्थापना की. उन्होंने निजामुद्दीन में स्थित मस्जिद में कुछ लोगों के साथ तबलीगी जमात का गठन किया. इसे मुसलमानों को अपने धर्म में बनाए रखना और इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार और इसकी जानकारी देने के लिए शुरू किया.


बाकायदा शुरुआत?


तब्लीगी जमात की बाकायदा शुरुआत 1940-41 में हुई. पहली बार दिल्ली से सटे मेवात से हुई जहां खुद इसके संस्थापक मौलाना इलियास जमात लेकर गए.


क्या है तब्लीगी शब्द का अर्थ?


तब्लीगी का शाब्दिक अर्थ देखें तो इसका अर्थ होता है अल्लाह की कही बातों का प्रचार करने वाला. जमात का मतलब होता है समूह. अब अगर तब्लीगी जमात का अर्थ एक साथ देखें तो अल्लाह की कही बातों का प्रचार करने वाला समूह होगा.


मरकज क्या है?


मरकज का शाब्दिक अर्थ है मीटिंग वाली जगह. दरअसल, तब्लीगी जमात से जुड़े लोग पारंपरिक इस्लाम को मानते हैं और इसी का प्रचार-प्रसार करते हैं. इसका मुख्यालय दिल्ली के निजामुद्दीन के बंगले वाली मस्जिद में स्थित है.


क्या है इस संस्थान का उद्देश्य?


तब्लीगी जमात के मुख्य रूप से 6 उद्देश्य है. ये कलिमा (अल्लाह को एक मानना), सलात (नमाज), इल्म (शिक्षा), इक्राम-ए-मुस्लिम (, इख्लास-ए-निय्यत, दावत-ओ-तब्लीग है. इन्हीं बातों का ये लोग प्रचार करते हैं.


कैसे करती है काम?


ये समूह मरकज से अलग-अलग हिस्सों में प्रचार के लिए निकलती है. इसमें एक जमात (समूह) में आठ से दस लोग शामिल होते हैं. ये इस्लाम का प्रचार करते हैं.


क्या होता है इज्तेमा?


इज्तेमा तब्लीग़ी जमात का एक बेहद ख़ास उपक्रम है, जो मुसलमानों को अपनी बेसिक शिक्षाओं की तरफ लौटने की दावत देता है. इज्तेमा तीन दिन का एक सम्मलेन होता है जिसमें मुसलमान भारी संख्या में शिरकत करते हैं. न सिर्फ आम मुसलमान बल्कि इस्लामिक स्कॉलर, आलीम वगैरह यहां इकट्ठे होते हैं. इसमें आम तौर पर यह कहा जाता है कि दुनिया को बदलने से पहले खुद को बदलिए. खुद को बेहतर बनाइए, दुनिया खुद ब खुद बेहतर हो जाएगी. भारत का सबसे बड़ा इज्तेमा हर साल भोपाल में आयोजित होता है. जिसमें तकरीबन दस लाख लोग पहुंचते हैं. वहीं दुनिया का सबसे बड़ा इज्तेमा बांग्लादेश के ढाका में होता है. इज्तमे में तकरीबन पचास लाख लोग शामिल होते हैं.

 

 

source:-ABP NEWS

अरविंद केजरीवाल की मजदूरों से अपील- दिल्ली छोड़कर न जाएं, हम हर संभव मदद को तैयार

अरविंद केजरीवाल की मजदूरों से अपील- दिल्ली छोड़कर न जाएं, हम हर संभव मदद को तैयार

नई दिल्ली: दिल्ली -एनसीआर में मजदूरों के पलायन पर चिंतित दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मजदूरों से अपील की है कि वो कहीं न जाएं. केजरीवाल ने कहा है कि आप जहां हैं वहीं रहें, हम हर संभव मदद करने के लिए तैयार है. केजरीवाल ने कहा,'' जहां हैं वहीं रहें क्योंकि कोरोना वायरस फैलने का खतरा ज्यादा लोगों के एकत्र होने से बढ़ता है. मैं आपके लिए सारे इंतजाम कर रहा हूं.''


अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा,''आपके रहने और खाने की पूरी व्यवस्था है. आपका पूरा ख्याल रखा जाएगा."
 

कोरोना की जंग में सनफार्मा 25 करोड़ की दवाएं, सैनिटाइजर उपलब्ध कराएगी

कोरोना की जंग में सनफार्मा 25 करोड़ की दवाएं, सैनिटाइजर उपलब्ध कराएगी

नयी दिल्ली, सन फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज लि. ने भारत की कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में 25 करोड़ रुपये की दवाइयां और सैनिटाइजर देने की घोषणा की है। कंपनी ने शनिवार को बयान में कहा कि वह इस लड़ाई में अपनी ओर से हाइड्रोक्लोरोच्टिन (एचसीक्यूएस) एजिथ्रोमाइसिन और अन्य संबंधित दवाइयां तथा सैनिटाइजर उपलब्ध कराएगी। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा कोविड-19 पर गठित राष्ट्रीय कार्यबल ने अधिक जोखिम वाली आबादी को संक्रमण से बचाव के लिए एचसीक्यूएस का रोगनिरोधक के रूप में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। सनफार्मा ने इस महामारी से बचाव के लिए काम कर रहे चिकित्सकों और अन्य लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उसने अपने विनिर्माण संयंत्र में बेहतर गुणवत्ता के हैंड सैनिटाइजर के उत्पादन की विशेष व्यवस्था की है। कंपनी ने कहा कि ये सैनिटाइजर स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को उपलब्ध कराए जाएंगे। 

लॉकडाउन में घर से बाहर निकलने पर हुआ विवाद बड़े भाई ने छोटे भाई  की कर दी हत्या , पढ़े पूरी खबर

लॉकडाउन में घर से बाहर निकलने पर हुआ विवाद बड़े भाई ने छोटे भाई की कर दी हत्या , पढ़े पूरी खबर

मुंबई में लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने पर बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की हत्या कर दी। घटना मुंबई के पश्चिमी उपनगरीय इलाके कांदिवली की है। जहां एक युवक को अपने छोटे भाई की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस ने मीडिया को इस बारे में जानकारी दी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, कांदिवली इलाके के समता नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले अट्ठाइस साल के राजेश लक्ष्मी ठाकुर ने बुधवार की रात को लॉकडाउन होने के चलते अपने छोटे भाई को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद व कई बार समझाने पर भी उसका छोटा भाई दुर्गेश घर से बाहर निकलकर घूम रहा था। इससे गुस्साए राजेश ने अपने छोटे भाई की हत्या कर दी। पुलिस ने जानकारी में बताया कि मृतक पुणे में एक निजी फर्म में काम करता था, जो कोरोना वायरस के कारण घोषित लॉकडाउन के कारण घर लौट आया था। पुलिस ने आरोपी बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

 

लॉकडाउन के बीच पुलिस ने किया लाठीचार्ज, पिटाई से शख्स की मौत

लॉकडाउन के बीच पुलिस ने किया लाठीचार्ज, पिटाई से शख्स की मौत

कोलकाता, कोरोना वायरस से बचने के लिए लॉकडाउन के बीच हावड़ा में एक शख्स की मौत का मामला सामने आया है. मगर ये मौत पुलिस पिटाई के कारण बताई जा रही है. घटना संकराइल इलाके में बुधवार रात की है. परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया है. जबकि पुलिस ने आरोप का खंडन करते हुए उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है.

लॉकडाउन में पुलिस पिटाई से शख्स की मौत

परिजनों ने बताया कि लाल स्वामी अपने बच्चों के लिए घर से बाहर दूध खरीदने निकले थे. इसी बीच लोगों की भीड़ को हटाने के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें इतना मारा कि जमीन पर गिर पड़े. घायल अवस्था में शख्स को अस्पताल ले जाया गया जहां थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गयी. हालांकि पुलिस का कहना है कि उनकी मौत पुलिस पिटाई से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है.


विरोध में लोगों ने किया हंगामा और नारेबाजी

पुलिस की पिटाई से हुई मौत की जानकारी लगने पर लोग घरों से बाहर निकल गए. फिर विरोध में उन्होंने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी. हालांकि थाने का घेराव करने पहुंचे लोगों की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया. गुस्साए लोगों को प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों ने समझा बुझाकर शांत कराया. लॉकडाउन में देश के कई जगहों से लोगों को डंडे से पुलिस पिटाई का वीडियो लगातार सामने आ रहा है. जिससे पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

 

डब्ल्यूएचओ ने कहा कोरोना से निपटने की जबर्दस्त क्षमता है भारत में ,पहले भी दो बड़ी महामारी को दी है शिकस्त

डब्ल्यूएचओ ने कहा कोरोना से निपटने की जबर्दस्त क्षमता है भारत में ,पहले भी दो बड़ी महामारी को दी है शिकस्त

वॉशिंगटन, कोरोना वायरस को हराने में भारत समेत सभी देशों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी निदेशक माइकल जे रेयान ने मंगलवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस की महामारी से निपटने की जबरदस्त क्षमता है, क्योंकि इसके पास दो महामारी स्मॉल पॉक्स और पोलियो को खत्म करने का अनुभव है।
रयान ने कोविड-19 महामारी पर एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, जहां कोरोना के मामलों में बढ़त देखी जा रही है, वहां लैब्स की जरूरत है। भारत एक बहुत अधिक आबादी वाला देश है और इस वायरस का भविष्य बहुत अधिक और घनी आबादी वाले देशों में हो सकता है।
रायन ने कहा कि भारत ने दो मूक हत्यारों- स्मॉल पॉक्स और पोलियो के उन्मूलन में दुनिया का नेतृत्व किया और इन दोनों बीमारियों को हराया। भारत में जबरदस्त क्षमता है। जब समुदायों और समाजों को जुटाया जाता है, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। बता दें कि भारत ने पोलियो से लंबी लड़ाई लड़ी और कुछ साल ही में भारत पोलिया मुक्त हो गया है।
बता दें कि भारत में अभी कोरोना वायरस के 471 मामले सामने आए हैं। भारत में अभी यह महामारी सिर्फ दूसरे चरण तक पहुंची है। हमारी यह कोशिश है कि यह तीसरे चरण यानि कम्युनिटी ट्रांसमिशन (जहां पता ही नहीं चलता कि वायरस किसकी वजह से किसी शख्स में आया) तक नहीं पहुंच है। भारत पूरी ताकत के साथ कोरोना वायरस के साथ जंग लड़ रहा है और डब्ल्यूएचओ समेत सभी इसकी तारीफ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, कोई आसान जवाब नहीं है। यह महत्वपूर्ण है कि भारत जैसे देश दुनिया को रास्ता दिखाते हैं जैसा उन्होंने पहले किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया भर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 3,30,000 को पार कर गई है, जबकि मौतों की संख्या 14,000 से अधिक हो गई है।
 

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, आगे भी जनता कर्फ्यू के लिए तैयार रहें

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, आगे भी जनता कर्फ्यू के लिए तैयार रहें

लखनऊ, दुनिया में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है. इसको लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से आज जनता कर्फ्यू के तहत घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता कर्फ्यू को लेकर बड़ा बयान दिया है.


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि आगे भी भी जनता को जनता कर्फ्यू के लिए तैयार रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जरूरी सामानों की जमाखोरी करने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि यूपी में कोरोना वायरस को 27 मरीज थे, जिनमें से 11 पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं. बाकी मरीजों में तेजी से सुधार हो रहा है.


उन्होंने कहा, '' हमरा प्रयास होना चाहिए हम ये संख्या किसी भी स्थिति में ना बढ़ने दें और इसके लिए हमें जनता कर्फ्यू जैसे कार्यक्रमों के लिए तैयार रहना होगा. मैं पूरे प्रदेश से अपील करता हूं कि जनता कर्फ्यू को लेकर साथ दें.'' उन्होंने कहा कि जो लोग फ्रंट फुट पर कोरोना को लड़ने के प्रयास कर रहे हैं वह अभिनंदनीय है.


योगी आदित्यनाथ ने कहा, '' लोग घबनाएं नहीं, पूरी तरह से इससे लड़ें. कोरोना वायरस की फ्री जांच की जा रही है. साथ ही संक्रमित लोगों का फ्री इलाज किया जा रहा है. हमारे पास 2 हजार से ज्यादा आइसोलेशन बेड हैं और हम आगामी दो दिनों में आइसोलेशन बेड की संख्या को 10 हजार तक करने का प्रयास कर रहे हैं.''


उन्होंने कहा, '' किसी भी अवाश्यक समान को जमा करने की जरूरत नहीं है.'' उन्होंने दुकानदारों से जमाखोरी का बढ़ावा ना देने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि चीजों पर एमआरपी से ज्यादा पैसे ना लें. वरना संबंधित व्यक्ति पर उचित कार्रवाई की जाएगी. आगे उन्होंने कहा कि देश की इस लड़ाई में हर नागरिक की सहभागिता आवश्यक है. जनता कर्फ्यू में जनता की सहभागिता स्वागत योग्य है.

 

देश के 5 लाख रेस्टोरेंट 31 मार्च तक रहेंगे बंद, कोरोना के चलते एनआरएआई का निर्णय

देश के 5 लाख रेस्टोरेंट 31 मार्च तक रहेंगे बंद, कोरोना के चलते एनआरएआई का निर्णय

नई दिल्ली | कोरोना वायरस का खौफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी कोरोना के प्रकोप को देखते हुए बंद करने का फैसला किया है. देश में 5 लाख रेस्टोरेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन (एनआरएआई) ने 18 मार्च से 31 मार्च तक रेस्टोरेंट बंद करने की एडवाइजरी जारी की है. इससे देश में तकरीबन 5 लाख रेस्टोरेंट बंद रह सकते हैं. हालांकि यह रेस्टोरेंट के मालिक के ऊपर निर्भर करता है कि वो बंद करने का फैसला लेंगे या नहीं. इससे सबसे ज्यादा वो लोग प्रभावित होंगे जो बाहर भोजन करते हैं.

एनआरएआई अपने जारी किए गए बयान में कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हमें ऐसा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इससे हमारे बिजनेस पर असर पड़ेगा. लेकिन ग्राहकों, कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है. एनआरएआई कहा कि हमारे ज्यादातर कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं. इस दौरान इन कर्मचारियों को कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा है. ऐसे में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को ऑपरेशन बंद करने की सलाह दी है.
कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार के साथ निजी कंपनियां भी ऐतिहात बरत रही हैं. कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की सुविधा मुहैया कराई है. ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कर्मचारी बच सकें. इसके अलावा राज्य सरकारों ने कई कदम उठाए हैं. जिसमें स्कूल-क़लेज बंद करने का फैसला लिया गया है. साथ ही कई परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं.
देश के कई राज्यों से कोरोना वायरस के कंफर्म पेशेंट्स सामने आए हैं. देश में कुल संक्रमितों की संख्या 172 हो गई है. केरल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के संक्रमित मिले हैं.
 
पेट्रोल पंप पर चली गोलियों से पुलिस अफसर समेत पांच की मौत, जाने कहा की है ये खबर

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मिसौरी | अमेरिका के मिसौरी राज्य में फायरिंग की खबर है जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक पुलिस अधिकारी और एक बंदूकधारी भी शामिल है। मामले संबंधित जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी पेट्रोल पंप पर पहुंचे और उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी।  इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई जिसमें पुलिस का एक अधिकारी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई में बंदूकधारी को ढेर कर दिया गया। 

मारे गए पुलिस अधिकारी की पहचान क्रिस्टोफर वॉल्श के रूप में हुई है। वह पुलिस में सेवा देने से पहले अमेरिकी सेना में भी सेवा दे चुके थे। स्प्रिंगफील्ड पुलिस के चीफ पॉल विलियम्स ने बताया कि मरने वालों में तीन नागरिक भी शामिल है। उन्होंने बताया कि हम गोलीबारी की आवाज सुनकर पेट्रोल पंप पर पहुंचे और देखा कि एक कार के भीतर से गोलियां चलाई जा रही है। इसके बाद हमने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को मार गिराया।