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पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान स्कूटर से गिरते-गिरते बचीं सीएम ममता बनर्जी, देखें VIDEO

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान स्कूटर से गिरते-गिरते बचीं सीएम ममता बनर्जी, देखें VIDEO

कोलकाता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया. वह इलेक्ट्रिक स्कूटर पर बैठकर राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ पहुंचीं. स्कूटर राज्य सरकार में मंत्री और कोलकाता के मेयर फरहाद हकीम चला रहे थे. हालांकि जब मुख्यमंत्री ममता ने जब खुद स्कूटर चलाने की कोशिश की तो वह गिरते-गिरते बचीं.


स्कूटर पर सवार ममता बनर्जी ने गले में तख्ती टांग रखी थी, जिस पर ईंधन के दाम में वृद्धि के खिलाफ नारे लिखे थे. उन्होंने हेलमेट पहन रखा था और हाजरा मोड़ से राज्य सचिवालय के बीच सात किलोमीटर का सफर स्कूटर पर तय करते हुए सड़क के दोनों ओर लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया.

 

 खौफनाक हरकत: शख्स ने पड़ोसी का कत्ल कर निकाल लिया दिल और आलू के साथ पकाकर घरवालों को खिलाया

खौफनाक हरकत: शख्स ने पड़ोसी का कत्ल कर निकाल लिया दिल और आलू के साथ पकाकर घरवालों को खिलाया

अमेरिका के ओक्लाहोमा से एक खौफनाक घटना  सामने आई है। यहां लॉरेंस एंडरसन नाम के एक शख्स को तीन लोगों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जिन तीन लोगों पर हमला किया उसमें दो की मौत हो गई है। हालांकि सबसे भयावह बात ये है कि लॉरेंस एंडरसन ने एंड्रिया लीन को छूरा मारकर उनकी जब हत्या की तो उसके बाद उनके मृत शरीर से उनका दिल निकाल लिया और आलू के साथ पकाकर अपने परिवार को खिलाया।

पढ़िए पूरी खबर-
रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंस एंडरसन ने बताया कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अपने परिवार को दानवों से रिहा करवाना चाहता था।
एंडरसन ने 67 वर्षीय लीओन पये और उनकी 4 साल की पोती कैओस के अलावा कैओस की आंटी पर भी हमला किया। इस हमले में पोती और दादा मारे गए लेकिन आंटी बच गई हैं। बताया जा रहा है कि ये परिवार लॉरेंस एंडरसन के पड़ोस में रहता था। 
बड़ी खबर : 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को मार्च में इस तारीख से लगेगी कोरोना वैक्सीन

बड़ी खबर : 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को मार्च में इस तारीख से लगेगी कोरोना वैक्सीन

नईदिल्ली । देश में 1 मार्च से कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। इस चरण में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके अलावा, जिन लोगों की उम्र 45 साल से अधिक होगी और उन्हें कोमॉर्बिडिटीज होगी, वे भी कोरोना टीका लगवा सकेंगे। इसके लिए सरकारी और प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएंगे। प्राइवेट सेंटर पर लोगों को पैसे खर्च करने पड़ेंगे, जबकि सरकारी सेंटर्स पर यह वैक्सीन मुफ्त में लगवाई जा सकेगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि एक मार्च से होने वाला टीकाकरण दस हजार सरकारी और 20 हजार प्राइवेट सेंटरों पर हो सकेगा। सरकारी सेंटर्स पर वैक्सीन मुफ्त में लगेगी, जबकि प्राइवेट में पैसे देने पड़ेंगे। जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, जो लोग प्राइवेट अस्पताल में कोरोना की वैक्सीन लगवाना चाहेंगे, उन्हें पैसे खर्च करने पड़ेंगे। अस्पतालों और मैन्युफैक्चरर्स से बात करने के बाद आने वाले दो-तीन दिनों में प्राइवेट सेंटर पर लगने वाले पैसों के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय फैसला ले लेगा।

 भारत में 16 जनवरी से हुई थी शुरुआत

कोरोना टीकाकरण की शुरूआत भारत में 16 जनवरी से हुई थी। तब से अब तक एक करोड़ बीस लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सबसे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स से शुरूआत हुई थी, जिसके बाद दो फरवरी से फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाई जाने लगी। सरकार ने 20 फरवरी तक समयसीमा तय की थी कि सभी हेल्थकेयर वर्कर्स को कोरोना वायरस वैक्सीन का पहला डोज लगा दिया जाए। अधिकारियों ने बताया कि आठ राज्य 75 फीसदी हेल्थकेयर वर्कर्स को वैक्सीन की पहली डोज दे चुके हैं। 

प्रधानमंत्री किसान योजना के दो वर्ष पूरे, इस अवसर पर क्या कहा प्रधानमंत्री ने...

प्रधानमंत्री किसान योजना के दो वर्ष पूरे, इस अवसर पर क्या कहा प्रधानमंत्री ने...

नईदिल्ली। अन्‍नदाताओं के जीवन को गरिमा प्रदान करने और उनकी संपन्‍नता सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान योजना ने आज दो वर्ष पूरे कर लिए। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कई ट्वीट जारी करते हुए कहा, “दो साल पहले आज के दिन, देशवासियों के लिए अन्‍न उपजाने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करने वाले अपने कर्मठ अन्‍नदाताओं के जीवन को गरिमा प्रदान करने और उनकी संपन्‍नता सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से प्रधानमंत्री किसान योजना शुरू की गई थी। हमारे अन्‍नदाताओं की दृढ़ता और उनका जुनून हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है।” पिछले 7 सालों में भारत सरकार ने कृषि में बदलाव लाने के लिए बहुत से कदम उठाए हैं। बेहतर सिंचाई से लेकर आधुनिक प्रौद्योगिकी तक, अधिक ऋण से लेकर समुचित कृषि बीमा के लिए बाजार बनाने तक, मिट्टी के स्‍वास्‍थ्‍य से लेकर बिचौलियों को हटाने तक व्‍यापक उपाय किये गये हैं। हमारी सरकार ने न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। हम अन्‍नदाताओं की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं। अन्‍नदाताओं के कल्‍याण के लिए जो भी कार्य किया गया है, उसकी एक झलक आप नमो ऐप पर देख सकते हैं। पीएम किसान निधि की लॉन्चिंग को आज दो साल पूरे हो रहे हैं।अन्नदाताओं के कल्याण को समर्पित इस योजना से करोड़ों किसान भाई-बहनों के जीवन में जो बदलाव आए हैं, उससे हमें उनके लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा मिली है।

 

 

अन्नदाताओं के जीवन को आसान बनाने और उनकी आय दोगुनी करने का जो संकल्प देश ने लिया है, उसमें पीएम किसान निधि की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज हमारे किसान आत्मनिर्भर भारत अभियान के भी अभिन्न अंग बन रहे हैं"।

 

इस  विश्वविद्यालय में दुर्लभ पक्षी देखे गए

इस विश्वविद्यालय में दुर्लभ पक्षी देखे गए

मैंगलोर। दुर्लभ पक्षी येलो-बिल्ड बैबलर (Yellow-Billed Babbler), ग्रीन सैंडपाइपर (Green Sandpiper) और ग्रे-नेक्ड बंटिंग (Grey-Necked Bunting) को मैंगलोर विश्वविद्यालय में देखा गया। बर्डवॉचर्स की टीम ने मैंगलोर यूनिवर्सिटी में पक्षियों की 108 प्रजातियों को देखा, जब वे कैंपस बर्ड काउंट (CBC) का आयोजन कर रहे थे। कैंपस बर्ड काउंट ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट का हिस्सा है जो बर्ड काउंट ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित किया जाता है। पक्षी की गणना 12 फरवरी से 15 फरवरी, 2021 तक की गई थी। येलो-बिल्ड बैबलर (Yellow-Billed Babbler), ग्रीन सैंडपाइपर (Green Sandpiper) और ग्रे-नेक्ड बंटिंग (Grey-Necked Bunting) इस परिसर में पाए गये नए पक्षी हैं। इस अतिरिक्त के साथ, CBC ने अब तक छह वर्षों के भीतर परिसर में कुल 146 प्रजातियों को दर्ज किया है। इस वर्ष जो अन्य पक्षी रिकॉर्ड किए गए उनमें ब्लैक ड्रोंगो, ब्लैक काइट, प्लम हेडेड पैराकीट्स, ब्राह्मणी काइट, कॉमन इओरा, जंगले बैबलर, पर्पल-रोम्ड सनबर्ड, रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल और व्हाइट-चेक्ड बार्बेट हैं। मैंगलोर यूनिवर्सिटी में कैंपस बर्ड काउंट 2016 में 77 प्रजातियां दर्ज की गई थीं। 2017 में 95 प्रजातियां दर्ज की गईं, 2018 में 110 प्रजातियां दर्ज की गईं, जबकि 2019 में 107 प्रजातियां खोजी गईं, इसके अलावा वर्ष 2020 में 103 प्रजातियां पाई गईं। यह संगठनों और समूहों की एक अनौपचारिक साझेदारी है जो पक्षियों के वितरण और उनकी आबादी के बारे में सामूहिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह संगठन भारत में वितरण रेंज और बहुतायत पक्षियों के डॉक्यूमेंटेशन के उद्देश्य से उनके साथ काम करता है। यह Leiothrichidae परिवार से सम्बंधित है। यह  पक्षी दक्षिणी भारत और श्रीलंका के लिए स्थानिक है। झाड़ी, खेत और बगीचे की जमीन इस पक्षी का निवास स्थान है। यह पक्षी प्रवासी नहीं है। इसका वैज्ञानिक नाम Emberiza buchanani है। इसे ग्रे-हूडेड बंटिंग भी कहा जाता है। यह प्रजाति परिवार Emberizidae से सम्बंधित है।

 
नासा ने मंगल से पहला ऑडियो जारी किया,पढ़े पूरी खबर

नासा ने मंगल से पहला ऑडियो जारी किया,पढ़े पूरी खबर

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 22 फरवरी, 2021 को मंगल से पहला ऑडियो जारी किया। पेरसेवेरांस रोवर ने हवा की ध्वनी की रिकॉर्डिंग की है। नासा ने रोवर की लैंडिंग का पहला वीडियो भी जारी किया है। यह रोवर मंगल ग्रह पर जीवन के संकेत की खोज करेगा। इस रोवर ने लगभग तीन मिनट और 25 सेकंड की एक हाई-डेफिनिशन वीडियो क्लिप भेजी है। वीडियो में 5 फुट चौड़ी छतरी वाले एक लाल और सफेद पैराशूट की तैनाती दिखाई गई है। वीडियो में यह दिखाया गया है कि ‘पेरसेवेरांस’ की हीट शील्ड गिर रही है जब यह मंगल के वातावरण में प्रवेश कर रहा था।


मार्स 2020 मिशन

यह नासा के मार्स एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम द्वारा निर्मित मार्स रोवर है। इसमें ‘परसेवेरांस’ रोवर और एक ‘इन्जेयूटी’ हेलीकाप्टर ड्रोन शामिल हैं।  मिशन को 30 जुलाई, 2020 को पृथ्वी से एटलस वी 541 लॉन्च व्हीकल पर लॉन्च किया गया था। इस मिशन की घोषणा नासा ने दिसंबर 2012 में सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन की बैठक के दौरान की थी।


परसेवेरांस रोवर 

रोवर ग्रह पर खगोलीय-जैविक वातावरण से जुड़ी खोज करेगा। यह मंगल की सतह की भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं और इतिहास पर भी फोकस करेगा। इस रोवर का डिज़ाइन क्यूरियोसिटी रोवर से प्रभावित है। इसमें 19 कैमरे और दो माइक्रोफोन शामिल हैं। इस प्रकार, यह मंगल ग्रह के पर्यावरण के ऑडियो को भी रिकॉर्ड करेगा।

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने चिपकने वाला मैट विकसित किया, जानिए क्या है नई खोज

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने चिपकने वाला मैट विकसित किया, जानिए क्या है नई खोज

कानपुर। वैज्ञानिकों ने ऐसा स्टिकी चिपकने वाला मैट विकसित किया है जो संपर्क में आने वाली सतह के धूल कणों को समेट कर हमारे घरों, कार्यालयों, अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में स्वच्छ, स्वास्थ्यकर और तरोताजा वातावरण को सुनिश्चित करता है। महंगे और संवेदनशील उपकरणों को भी स्वच्छ रखकर उनकी सुचारू कार्यशीलता को सुनिश्चित करता है। यह मेट सस्ता है और धोया जा सकता है तथा इस तरह से से बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है। आईआईटी कानपुर के रसायन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अनिमांगशु घटक ने भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की सहायता से मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत यह मेट विकसित किया है। उन्होंने दीवार पर चढ़ने वाले जीव जंतुओं जैसे कि घरों में मिलने वाली छिपकली के पंजों में चिपकने वाले पैड को देख कर और उससे प्रेरित होकर इसे विकसित किया। मैट में मौजूद एड्हेसिव अपनी सतह पर मौजूद अति सूक्ष्म पिरामिड आकार के बंप की मदद से धूल कणों को अपनी ओर खींच लेता है जिससे कि जब हम उस पर कदम रखते हैं तो हमारे जूतों के सोल साफ हो जाते हैं। जब एड्हेसिव पूरी तरह से धूल कणों से भर जाता है तो इसे उसी तरह से साफ कर लिया जाता है जैसे कि हम अपने कपड़े धोते हैं। इसके बाद उसकी सतह एक बार फिर से अपना काम दोबारा काम शुरू करने के लिए तैयार हो जाती है और इस तरह से सैकड़ों बार इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने मेट के विकास के लिए बड़े क्षेत्र, सरल पद्धति द्वारा सतह के आकार के नियंत्रण, धोने की संभावना और पुनः उपयोग जैसी बातों का ध्यान रखते हुए इसे विभिन्न आकारों में तैयार करने की सोच पर काम किया है। इसको प्रमाणित किया गया है तथा स्टिकी मेट के लिए भारतीय पेटेंट का आवेदन भी दायर किया गया है। यह तैयार करने और धोने में आसान, पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल, सस्ता है और इस उद्देश्य से आयात किए जाने वाली सामग्री की जगह ले सकता है। स्टिकी मेट की तरह का सबसे करीबी उत्पाद 3एम स्टिकी मेट है लेकिन इसे धोया नहीं जा सकता और दोबारा उपयोग में नहीं आ सकता। यह मेट अस्पतालों के आईसीयू में उपयोग किया जा सकता है। संवेदनशील उपकरण को रखने वाले कक्ष और सुविधाओं में एयर फिल्टर के एक घटक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रौद्योगिकी ऐसी हर जगह के लिए महत्वपूर्ण है जहां साफ सफाई और स्वच्छता की आवश्यकता है। टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल के स्तर पर यह उत्पाद 7-8 के स्तर पर है और इसका अभी व्यवसायीकरण किया जाना है। बड़े स्तर पर इसका उत्पादन करने के लिए प्रायोगिक संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है। 

बड़ी खबर : राजधानी में स्कूल शिक्षिका से ऑटो चालक ने किया दुष्कर्म, मामला दर्ज

बड़ी खबर : राजधानी में स्कूल शिक्षिका से ऑटो चालक ने किया दुष्कर्म, मामला दर्ज

भोपाल | बजरिया के विजय नगर में एक स्कूल शिक्षिका के साथ के साथ ऑटो चालक ने दो माह तक डरा धमकाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने शिकायत के बाद केस दर्ज लिया है।

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पीडि़ता ने पुलिस केा बताया कि वह डर गई थी, इसलिए दो माह बाद शिकायत की। बजरिया पुलिस के अनुसार 22 वर्षीय युवती गोविंदपुरा के एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। आरोपित ऑटो चालक 45 वर्षीय लोकेश विश्वकर्मा के बच्चे सी स्कूल में पढ़ते हैं, जहां पीडि़ता शिक्षिका है| इसी दौरान आरोपित और पीडि़ता की पहचान हो गई थी।

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अरोपित कई बार शिक्षका को उसके अशोकागार्डन स्थित घर पर छोडऩे भी जाता था। आरोपित को अक्टूबर 2020 को शिक्षिका रास्ते में जाते हुए मिली तो वह उसे बच्चों से मिलवाने के बहाने घर ले गया। जहां उसने शिक्षिका के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित उसे डरा धमकाकर दिसम्बर 2020 तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। 

 

 
बड़ी खबर : कैमिकल फैक्टरी में जोरदार धमाके के साथ लगी आग, 24 लोग घायल, पढ़ें पूरी खबर

बड़ी खबर : कैमिकल फैक्टरी में जोरदार धमाके के साथ लगी आग, 24 लोग घायल, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली | गुजरात के भरूच जिले में मंगलवार तड़के एक बड़ा हादसा हुआ। जिले के झगड़िया स्थित कैमिकल कंपनी यूपीएल-5 प्लांट में धमाके के साथ आग लग गई। धमाके और आग की चपेट में आने से कम से कम 24 लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना सुबह के दो बजे घटित हुई।

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घटनास्थल पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच चुकी हैं जो आग पर काबू पाने की कोशिश की कर रही हैं। यह हादसा कंपनी के सीएम नामक प्लांट में हुआ है। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज 15 किलोमीटर तक सुनाई दी थी। वहीं धमाके के कारण आसपास के गांव में रहने वाले लोगों को भूकंप जैसा महसूस हुआ। इस कारण कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे।

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यूपीएल कंपनी में धमाके के बाद लगी आग के कारण 24 कर्मचारी घायल हो गए हैं। उन्हें भरूच और वडोदरा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। आग लगने के कारण आसपास धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो यूपीएल कंपनी में हुए धमाके की वजह से आसपास स्थित गांव दढेड़ा, फुलवाड़ी और करलसाडी के घरों की खिड़कियों पर लगे शीशे तक चकनाचूर हो गए।

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धमाके के बाद दमकल की एक बड़ी टीम मौके पर मौजूद है। टीम आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य और जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। इससे पहले पिछले साल जून में भरूच में ही स्थित एक कैमिकल कंपनी में धमाका हुआ था। धमाका स्टोरेज टैंक में हुआ था। पटेल समूह की इस कंपनी में धमाके के कारण 10 लोगों की मौत हो गई थी। घटनास्थल पर छह लोगों की लाश मिली थी जबकि चार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

भीषण सड़क हादसा : ट्रक और स्कॉर्पियों में हुई जोरदार भिडंत, स्कॉर्पियो के उड़े परखच्चे, देखें फोटो

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कटिहार । बिहार के कटिहार में मंगलवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 4 लोगों के घायल होने की भी खबर है। बिहार के कटिहार में हुए इस सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ``बिहार के कटिहार में हुई एक सड़क दुर्घटना में कुछ लोगों की मृत्यु हो जाने की दुखद जानकारी मिली है। मैं उन सभी लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।`


बताते चलें कि कटिहार के कुर्सेला थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक ट्रक और महिंद्रा स्कॉर्पियो के बीच भीषण टक्कर हो गई थी। इस एक्सिडेंट में 6 लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। सभी मृतक एक ही परिवार के सगे-संबंधी थे, वे समस्तीपुर के रहने वाले थे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि समस्तीपुर के रोसड़ा के रहने वाले सिद्धि महतो का परिवार एक स्कॉर्पियो पर सवार होकर लड़की की शादी के लिए लड़का देखने कटिहार के फुलवरिया चौक आए थे। मंगलवार की सुबह सभी लोग स्कॉर्पियो पर सवार होकर लौट रहे थे कि कुर्सेला पुल पर आते ही अचानक गाड़ी नियंत्रण से बाहर हो गई पुल पर ही खड़े एक ट्रक से जा टकराई।


कटिहार के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमरकांत झा ने बताया कि इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।उल्लेखनीय है कि सोमवार को कटिहार जिले के ही पोठिया थाना क्षेत्र में बालू से लदे एक ट्रक ऑटो की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई थी जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। सभी मृतक एक बैंड पार्टी के सदस्य थे।

सायबर क्राइम ने किया सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश, इन लोगो को बनाते थे निशाना

सायबर क्राइम ने किया सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश, इन लोगो को बनाते थे निशाना

मुंबई, क्राइम ब्रांच ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है जो लोग हनी ट्रैप का इस्तेमाल कर बड़े नेताओं आईपीएस आईएएस अधिकारी बॉलीवुड के कलाकार और वरिष्ठ पत्रकारों से एक्सटॉर्शन की डिमांड करते थे. मुंबई क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मिलिंद भारंबे ने बताया कि यह आरोपी हरियाणा राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर इलाके से गिरफ्तार किए गए हैं, ये लोग पहले सोशल मीडिया पर रिसर्च करते है जिसके बाद प्रतिष्ठित लोग जैसे कि आईपीएस,आईएसएस, नेता एमएलए, एमपी, बॉलीवुड के कलाकार और मीडिया के बड़े लोग लोगों को अपना टारगेट बनाते हैं.

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि ये लोग पहले महिला के नाम पर फेंक सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल तैयार करते हैं जिसपर आकर्षक डीपी रक्खा जाता है और जिसे टारगेट करना होता है उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की बड़ी ही बारीकी से स्टडी करते हैं.

इसके बाद ये लोग एक साथ कई प्रतिष्टित लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और उनमे से किसी ने भी अगर एक बार इनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया तो ये लोग बातचीत शुरू कर देते हैं.

ऐसे करते हैं न्यूड वीडियो प्ले

पहले तो ये लोग फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से बातचीत करते हैं और फिर इसी दौरान एक दूसरे का व्हाट्सएप नंबर एक्सचेंज कर लेते हैं. और फिर वीकेंड के समय जब अमूमन तौर पर लोग छुट्टी पर होते हैं तब ये वीडियो कॉल करते हैं जैसे ही इनका टारगेट इनका वीडियो कॉल उठाता है वैसे ही ये लोग किसी महिला का न्यूड वीडियो प्ले करते हैं .

जिसके बाद कई विक्टिम्स भी ऐसे वीडियो को देखने के बाद रिएक्ट करते है और फिर कॉलर इन तमाम चीजों को रिकॉर्ड कर लेते हैं फिर शुरू होता है इनका एक्टोशन का धंधा.

भराम्बे ने बताया कि जैसे ही वीडियो कॉल कट होता है वैसे ही टारगेट को दूसरा फोन कॉल आता है और इस बार एक आदमी कॉल करके धमकाना शुरू कर देता है, "तुमने मेरी बीवी के साथ कैसे इस तरह की हरकत की और अब मैं तुमपर करवाई करूंगा" जैसे ही आप डरने लगते हैं वैसे ही वो कहता है, "अगर तुम नही चाहते कि मैं लीगल एक्शन लूं तो तुम्हे मुझे पैसे देने होंगे" और अगर आपने पैसे देने से इनकार किया तो वे लोग एक छोटा सा वीडियो आपके व्हाट्सएप पर भेज देते है जिसमे आप उस महिला के साथ अश्लील बातचित जरते नजर आ रहे है इसके बाद वह कहते हैं, "अगर तुमने पैसे नही दिए तो तुम्हारा यह वीडियो हर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा." इस तरह गिरफ्तार आरोपी आपसे थोड़े-थोड़े करके लाखो रुपये ऐंठ लेता है.

होती थी ट्रेनिंग

गैंग ने ऑनलाइन ट्रेनिंग की क्लास भी शुरू की है. इसमें स्पेशलाइज बनाया जाता है और नए-नए तरीके सीखाये जाते है. हर किसी को स्पेशलाइज बनाया जाता है. यानी कि नेताओ को टारगेट करने वाले अलग, ब्यूरोक्रेट्स को टारगेट करने वाले अलग, बॉलीवुड के कलाकारों को टारगेट करने वाले अलग और मीडिया के लोगों को टारगेट करने वाले एकदम अलग होते हैं.

 

मीडिया के कुछ वर्गों में छपी केन्‍द्रीय पुलिस बलों को भेजने की खबर पर  भारत निर्वाचन आयोग ने कहा  कि...

मीडिया के कुछ वर्गों में छपी केन्‍द्रीय पुलिस बलों को भेजने की खबर पर भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि...

नईदिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग के संज्ञान में आया है कि मीडिया के कुछ वर्गों (जैसे इंडियन एक्‍सप्रेस, हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स) में पश्चिम बंगाल राज्‍य में विशेष रूप से केन्‍द्रीय पुलिस बलों को भेजने की खबर छपी है। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि केन्‍द्रीय पुलिस बलों को नियमित रूप से अग्रिम क्षेत्रीय अधिकार के लिए लोकसभा/विधानसभा वाले राज्‍यों में भेजा जाता है, विशेषकर उन गंभीर और नाजुक क्षेत्रों में जिन्‍हें सावधानीपूर्वक की गई अग्रिम समीक्षा में चिन्हित किया जाता है और जिनके बारे में राजनीतिक दलों और अन्‍य इकाईयों सहित विभिन्‍न स्रोतों से पुख्‍ता फीडबैक प्राप्‍त होता है। यह परिपाटी 1980 के दशक से जारी है। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में केन्‍द्रीय बल भेजे गए थे। इसी तरह केन्‍द्रीय बल उन सभी राज्‍यों में भेजे जा रहे हैं जहां चुनाव होने है। वर्तमान मामले में केन्‍द्रीय पुलिस बल सभी चार राज्‍यों-असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केन्‍द्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में भेजे गए हैं। इन राज्‍यों में चुनाव होने वाले हैं।

यह जानकारी मीडिया के हित में होगी कि केन्‍द्रीय पुलिस बल की तैनाती के लिए आदेश एक ही दिन यानी 16 फरवरी, 2021 को मुख्‍य सचिवों, पुलिस महानिदेशकोंतथा मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों को जारी किए गए। 

वायुसेना प्रमुख इस देश के दौरे में

वायुसेना प्रमुख इस देश के दौरे में

नईदिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, पीवीएसएमएवीएसएम वीएम एडीसी ने दिनांक 22 फरवरी 2021 को बांग्लादेशी वायुसेना केप्रमुख (बीएएफ) एयर चीफ मार्शल मसीहुज्ज़मान सरनियाबत, बीबीपी, ओएसपी, एनडीयू, पीएससी के निमंत्रण पर आधिकारिक रूप से बांग्लादेश की सद्भावनायात्रा शुरू की । बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख ने हाल ही में वायु सेनास्टेशन येलाहंका में चीफ्स ऑफ एयर स्टाफ कॉन्क्लेव 21 में अपने देश काप्रतिनिधित्व किया था, जहां उन्होंने इस महीने की शुरुआत में बेंगलुरु मेंएयरो इंडिया 2021 में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था । चार दिवसीय यात्रा के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख और शामिलप्रतिनिधिमंडल का वरिष्ठ गणमान्य लोगों से बातचीत करने और बांग्लादेशवायुसेना (बीएएफ) के प्रमुख सामरिक ठिकानों का दौरा करने का कार्यक्रम है ।वे साझा आपसी हितों के क्षेत्र में हुई प्रगति पर चर्चा करेंगे और आपसीसैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मार्ग की तलाश करेंगे । वायुसेना प्रमुख (सीएएस) की बांग्लादेश यात्रा बांग्लादेश औरभारतीय सशस्त्र बलों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कालखंड में आयोजित हुई हैक्योंकि दोनों 1971 के युद्ध के 50 साल मना रहे हैं । इससे दोनों देशों कीवायुसेना के बीच मौजूदा पेशेवर संबंध और दोस्ताना ताल्लुकात में वृद्धिहोगी । 

देश की 2400 जांच प्रयोगशालाओं में भारत में जांच की संख्‍या बढ़कर इतने करोड़ हुई

देश की 2400 जांच प्रयोगशालाओं में भारत में जांच की संख्‍या बढ़कर इतने करोड़ हुई

नईदिल्ली। भारत ने कोविड-19 की संचयी जांच संख्‍या में रिकोर्ड बनाया है। भारत में कोविड जांच संख्‍या 21.15 करोड़ (21,15,51,746) को पार कर गई है। पिछले 24 घंटों में 6,20,216 जांच की गई। पूरे देश में जांच संरचना को प्रगतिशील रूप से बढ़ाने के कारण भारत में इतनी बढ़ी संख्‍या में जांच हुई है। भारत में 2393 जांच प्रयोगशालाएं हैं, जिसमें 1,220 सरकारी प्रयोगशालाएं तथा 1,173 निजी प्रयोगशालाएं हैं, जिससे दैनिक जांच क्षमता काफी अधिक बढ़ी है, भारत का संचयी राष्‍ट्रीय पॉजिटिविटी दर 5.20 प्रतिशत है। प्रतिदिन प्रति मिलियन जांच किए जाने वाले लाभार्थियों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। भारत में आज प्रति मिलियन जांच संख्‍या 1,53,298.4 है। 22 फरवरी, 2021 को सुबह आठ बजे तक टीकाकरण कवरेज 1,11,16,854 रहा और टीकाकरण के 2,32,317 सत्र आयोजित किए गए। इनमें 63,97,849 एचसीडब्‍ल्‍यू (पहला डोज़), 9,67,852 एचसीडब्‍ल्‍यू (दूसरा डोज) तथा 37,51,153 एफएलडब्‍ल्‍यू (पहला डोज) शामिल हैं। पहला डोज लेने के बाद 28 दिन की अवधि पूरी करने वाले लाभार्थियों के लिए कोविड-19 टीके का दूसरा डोज 13 फरवरी, 2021 से देना प्रारंभ हुआ। एफएलडब्‍ल्‍यू का टीकाकरण 02 फरवरी, 2021 को शुरू हुआ। टीकाकरण अभियान के 37वें दिन (21 फरवरी, 2021), टीके के 31,681 डोज दिए गए। इसमें से 24,471 लाभार्थियों को पहले डोज (एचसीडब्‍ल्‍यू तथा एफएलडब्‍ल्‍यू) के लिए 1,429 सत्रों में टीके लगाए गए और 7,210 एचसीडब्‍ल्‍यू ने टीके का दूसरा डोज लिये। टीके के कुल 1,11,16,854 डोज में से 1,01,49,002 (एचसीडब्‍ल्‍यू तथा एफएलडब्‍ल्‍यू) को पहला डोज तथा कुल 9,67,852 एचसीडब्‍ल्‍यू का दूसरा डोज दिया गया।  60.17 प्रतिशत कुल टीके का डोज सात राज्‍यों में केन्द्रित रहा। अकेले कर्नाटक में 11.8 प्रतिशत (1,14,043 डोज) आज ठीक होने के मामले में भारत की संचयी संख्‍या 1.06 करोड़ (1,06,99,410) रही। ठीक होने की दर 97.22 प्रतिशत रही। ठीक होने के मामले सक्रिय मामलों से बढ़कर 1,05,49,355 (71.3 गुणा) हो गए। पिछले 24 घंटों में 9,695 रोगी ठीक हुए और उन्‍हें छुट्टी दे दी गई। ठीक हुए 80.86 प्रतिशत मामले पांच राज्‍यों में केन्द्रित रहे। केरल में 4,345 ठीक होने के नए मामलों के साथ एक दिन में सबसे अधिक संख्‍या में लोग ठीक हुए। पिछले 24 घंटों में महाराष्‍ट्र में 2,417 तथा तमिलनाडु में 460 लोग ठीक हुए। देश का सक्रिय केस लोड आज 1.50 लाख (1,50,055) है। वर्तमान में सक्रिय केस लोड में भारत के कुल पॉजिटिव मामलों का 1.36 प्रतिशत शामिल है। पिछले 24 घंटों में 14,199 नए दैनिक मामले रिकोर्ड किए गए। पिछले 24 घंटों में सात राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने कोविड-19 का कोई नया मामला नहीं आया। यह राज्‍य हैं- उत्‍तराखंड, लद्दाख, मेघालय, मिजोरम, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेलीतथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। 86.3 प्रतिशत नए मामले पांच राज्‍यों से आए हैं। महाराष्‍ट्र में सबसे अधिक दैनिक नया मामला 6,971 रहा। केरल में 4,070 नए मामले तथा तमिलनाडु में 452 नए मामले दर्ज किए गए। पिछले 24 घंटों में 19 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 से कोई मृत्‍यु नहीं हुई है। ये राज्‍य/केन्‍द्र शासित प्रदेश हैं- हरियाणा, आंध्र प्रदेश, जम्‍मू और कश्‍मीर, राजस्‍थान, ओडिशा, गोआ, चंडीगढ़, असम, मणिपुर, सिक्किम, लक्षद्वीप, त्रिपुरा, नगालैंड, लद्दाख, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। पिछले 24 घंटों में 83 व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हुई। 78.31 प्रतिशत मृत्‍यु के नए मामले पांच राज्‍यों में पाए गए। महाराष्‍ट्र में सबसे अधिक 35 लोग मरे तथा केरल में 15 व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हो गई।

भारत में तेज गति से हो रहा टीकाकरण – और शेष विश्‍व की स्थिति: जाने क्या है हाल

भारत में तेज गति से हो रहा टीकाकरण – और शेष विश्‍व की स्थिति: जाने क्या है हाल

नईदिल्ली।  सार्स-सीओवी-2 वायरस के कारण फैल रही कोविड-19 महामारी में वृद्धि के सार्वजनिक रूप से उपलब्‍ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि भारत में इसका संक्रमण सितंबर, 2020 में किसी समय अपने चरम पर था और उसके बाद से यह लगातार घट रहा है। 11 सितंबर, 2020 को जहां अधिकतम 97,655 प्रतिदिन नये मामले मिले थे, वहीं फरवरी, 2021 के पहले सप्‍ताह में यह संख्‍या घटकर 11,924 पर आ गई। इसमें से आधे मामले केरल में हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्‍थापित कोविड-19 नेशनल सुपर मॉडल कमेटी के अनुमानों के अनुसार मार्च के अंत तक सक्रिय मामलों की संख्‍या गिरकर कुछ हजार रह जाएगी। इसे इस वायरस के खिलाफ हमारी पहले चरण की जंग का अंत माना जा सकता है। इस बात को सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि मामलों की संख्‍या में फिर से वृद्धि नहीं होने दी जाए। जैसा कि इटली, ब्रिटेन और अमरीका जैसे कई देशों में हुआ है। दो सीरोलॉजिकल सर्वेक्षणों और मॉडल अनुमानों के अनुसार भारत की काफी बड़ी आबादी में इस समय इस वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता है, जोकि एक प्रकार की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता है। हालांकि, मौजूदा प्रमाणों से पता चलता है कि एंटीबॉडिज की उपस्थिति के कारण बनने वाली यह रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्‍यादा लम्‍बे समय तक नहीं बल्कि सिर्फ कुछ महीनों तक ही कायम रहेगी, जबकि टी-सेल द्वारा बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता लम्‍बे समय तक कायम रहती है। लम्‍बे समय तक विश्‍वसनीय सुरक्षा सिर्फ टीकाकरण से ही मिल सकती है। हाल में बताया गया है कि टीकाकरण प्राकृतिक संक्रमण के लिए अधिक ठोस रोग प्रतिरोधक क्षमता देता है और इस तरह इस महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए यही एक अचूक अस्‍त्र है। हालांकि, इस मुद्दे का अभी तक निर्णायक तौर पर समाधान नहीं हो पाया है फिर भी कुछ चिकित्‍सा अनुसंधानकर्ता ऐसा मानते हैं कि पिछले संक्रमणों के कारण बनी एंटीबॉडिज की मौजूदगी टीकाकरण के मुकाबले वायरस के म्‍यूटेशन से दोबारा होने वाले संक्रमण के खिलाफ कम सुरक्षा देती हैं। अत: यह जरूरी है कि मान्‍य वैक्‍सीन के जरिये राष्‍ट्रव्‍यापी टीकाकरण कार्यक्रम को जितना जल्‍दी हो सके, पूरा किया जा सके। यह देखना दिलचस्‍प है कि मृत वायरस से तैयार टीके से बनी एंटीबॉडिज, स्‍पाइक प्रोटीन से तैयार टीके से बनी एंटीबॉडिज के मुकाबले म्‍यूटेटिड वायरस के खिलाफ ज्‍यादा संरक्षण देती हैं।देशव्‍यापी टीकाकरण की जरूरत के संदर्भ में, हमें खुशी है कि भारत के नियामक प्राधिकारों ने दो वैक्‍सीन को मंजूरी दी है – उनमें से एक (कोविशील्‍ड) को बिना शर्त और दूसरी (कोवैक्‍सीन) को क्‍लीनिकल ट्रायल मोड में मंजूरी मिली है। विशेषज्ञों की समिति इस बात से संतुष्‍ट है कि दोनों वैक्‍सीन सुरक्षित हैं और प्रतिरक्षा उत्‍पन्‍न करती हैं। हम कोवैक्‍सीन के तीसरे चरण के आंकड़ों के उपलब्‍ध होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उसकी प्रभावशीलता का आकलन कर सकें। डब्‍ल्‍यूएचओ की तरफ से कहा गया है कि किसी भी वैक्‍सीन को आपात स्थिति में मंजूरी देने के पहले भी यह देखना जरूरी है कि वह 50 प्रतिशत तक प्रभावी अवश्‍यक हो। कभी-कभी 40 प्रतिशत की प्रभावशीलता वाली वैक्‍सीन कुछ हद तक संरक्षण दे देती है लेकिन कभी-कभी 80 प्रतिशत की प्रभावशीलता वाली वैक्‍सीन लगने के बावजूद कोई व्‍यक्ति रोग की चपेट में आ सकता है। इसलिए हमें भरोसा है कि नियामक प्राधिकार इस दिशा-निर्देश से बंधे न रहकर सुविज्ञ निर्णय लेंगे। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि बेशक लक्षित आबादी में हर किसी का (18 वर्ष से अधिक उम्र) टीकाकरण हो जाए, तब भी लोगों को सुरक्षा मानदण्‍डों का पालन करते रहना जरूरी होगा। हालांकि, अभी तक सार्स-कोवी-2 वायरस में हजारों म्‍यूटेशन पाये जा चुके हैं, लेकिन कथित ब्रिटिश म्‍यूटेशन वह पहला म्‍यूटेशन है, जिसके अधिक संक्रमणशील होने के साथ-साथ संक्रमण के बाद अधिक जानलेवा होने का खतरा पाया गया है। दुनिया के लोग अभी तक इस मामले में काफी सौभाग्‍यशाली रहे हैं। दरअसल अरक्षित जनता में यदि कोई वायरस काफी समय तक फैलता रहता है, तो उसे ज्‍यादा से ज्‍यादा घातक रूप वाले म्‍यूटेशन में बदलने का अवसर मिलता है। इस दृष्टि से देखें तो यह और भी जरूरी हो गया है कि सभी उपलब्‍ध संसाधनों के साथ टीकाकरण अभियान को उसकी अंतिम परिणति तक पहुंचाया जाए। इस संदर्भ में यह जानना सुखद है कि पत्रिकाओं में प्रकाशन से पूर्व बायोआरएक्सआईवी सर्वर पर साझा किये गए अध्ययन के नतीजों के मुताबिक कोवैक्‍सीन ब्रिटिश वैरियंट के खिलाफ काफी प्रभावी पाई गई है। इसके अनुसार, “टीकाकरण किये जा चुके लोगों के सीरम की वायरस को बेअसर करने वाली गतिविधि की जब ब्रिटिश वैरियंट और इसी प्रभावशीलता वाले विजातीय स्‍ट्रेन के बीच तुलना की गई, तो ऐसा पाया गया कि इसमें कुछ अनिश्चितता है।” इसके संदर्भ में यह जरूरी है कि हमें इस वायरस के प्रसार के साथ-साथ इसका म्‍यूटेशन होने से भी रोकना होगा और इसके लिए सिर्फ देश के प्रत्‍येक व्‍यक्ति का टीकाकरण किया जाना ही पर्याप्‍त नहीं है। महामारी का अंत करने के लिए यह जरूरी है कि दुनिया भर के लोगों का जल्‍दी से जल्‍दी टीकाकरण किया जाए। भारत सिर्फ अपनी टीकाकरण जरूरतों को पूरा करने में ही सक्षम नहीं है, बल्कि वह इस मामले में पूरे विश्‍व की मदद कर सकता है। इससे यह भी पता चलता है कि विश्‍व की वैक्‍सीन की मांग को पूरा करने और वैश्विक समुदाय को आशा की किरण देने में भारत की ‘वैक्‍सीन डेपलोमेसी’ पूरी तरह सफल है।  


बड़ी खबर : डॉक्टर ने अपने साथ काम करने वाली युवती को मारकर दफनाया, पढ़ें पूरी खबर

बड़ी खबर : डॉक्टर ने अपने साथ काम करने वाली युवती को मारकर दफनाया, पढ़ें पूरी खबर

सतना | सतना के धवारी में दांत का अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर ने अपने ही क्लीनिक में काम करने वाली युवती की हत्या कर उसे दफना दिया। इतना ही नहीं, किसी को शक नहीं हो इसलिए उसने युवती की लाश के दो फीट ऊपर एक कुत्ते की लाश को भी दफना दिया था।

पढ़ें : BIG BREAKING : प्रशासन ने 28 फरवरी तक स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का आदेश किया जारी 

इस वारदात का पता दो माह बाद चला पुलिस ने डॉक्टर की निशानदेही पर गड्ढा दोबारा खुदवाया जिसमें दो घंटे की खोदाई के बाद युवती का कंकाल मिला। डॉक्टर ने युवती के साथ प्रेम प्रसंग कबूल किया है। युवती डॉक्टर पर शादी का दबाव बना रही थी। पुलिस ने युवती से दुष्कर्म की आशंका जताई है। 

विमान का इंजन फेल लगी आग, 1000 फीट की ऊंचाई, 231 यात्री थे सवार

विमान का इंजन फेल लगी आग, 1000 फीट की ऊंचाई, 231 यात्री थे सवार

वाशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका के डेनवर एयरपोर्ट से होनोलुलु के लिए उड़ान भरने के साथ ही यूनाइटेड एयरलाइंस के विमान का इंजन फेल हो गया और देखते ही देखते इंजन धू-धू कर जलने लगा। इस खौफनाक मंजर को जो भी देख रहा था, 200 से ज्यादा उन यात्रियों की जिंदगी सलामत रखने के लिए दुआ कर रहा था जो विमान में सवार थे। फ्लाइट एक हजार फुट से ज्यादा की ऊंचाई पर थी और इंजन जल रहा था। 200 से ज्यादा यात्री और दिल दहलाने वाले इस मंजर को लाइव देखने वाले हर किसी की सांसे थम गई थीं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक उड़ान भरने के साथ ही बोइंग 777 विमान का इंजन अचानक फेल हो गया। फ्लाइट एक हजार फीट की ऊंचाई तक जा पहुंची थी और जबतक लोगों को कुछ समझ में आता फ्लाइट का एक इंजन जलने लगा था। विमान का एक इंजन जल रहा था और फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों को अपनी आंखों के सामने मौत दिखाई दे रहा था। प्लाइट में मौजूद एक यात्री ने इंजन जलने का वीडियो अपने कैमरे में बनाया जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंजर कितना खौफनाक रहा होगा। वीडिया में दिख रहा है कि आग लगने से इंजन के पूर्जे नीचे गिर रहे हैं और आग की लपटें बढ़ती जा रही हैं। हालांकि गनीमत रही की फ्लाइट क्रैश नहीं किया और 20 मिनट बाद ही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हो गई। हालांकि, फ्लाइंट के इंजन में आग लगने के बाद किसी भी यात्री को कुछ भी नुकसान नहीं हुआ है और सभी यात्री पूरी तरह सलामत बताए जा रहे हैं।


पायलट ने नहीं खोया होश
एक हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक विमान का एक इंजन फेल होने की बात पता चलने के बाद भी विमान के पायलट ने अपना होश बरकरार रखा। पायलट देख रहा था कि विमान का एक इंजन जल रहा है फिर भी वो पूरे हवास में विमान की इंमरजेंसी लैंडिग करने के लिए कोशिशें करता रहा। पायलट ने इंजन फेल होने की जानकारी फौरन ग्राउंड स्टाफ को दी। और करीब 20 मिनट के बाद फ्लाइट का इमरजेंसी लैंडिंग कराया गया। स्थानीय पुलिस के मुताबिक इंजन में आग लगने के बाद उसके पूर्जे कई किलोमीटर तक गिर गये थे। कई लोगों के घरों के बाहर भी इंजन के पूर्जे गिरे, जिसे बाद में हटा लिया गया।


धमाके के साथ इंजन में आग

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक विमान बोइंग-777 में 10 क्रू मेंबर्स के साथ 231 यात्री सवार थे। फ्लाइट में मौजूद एक यात्री ने बताया कि यात्रिकों को एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी जिसके बाद जब लोगों ने फ्लाइट की खिड़की से बाहर देखा तो पता चला कि फ्लाइट का एक इंजन ही गायब था। उस वक्त प्लेन करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर था। यात्रियों के मुताबिक उनकी आंखों के सामने मौत दिखाई दे रहा था मगर फ्लाइट के पायलट ने फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करा दी और फिर सभी यात्रियों के लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम किया गया। 

लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही, सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले

लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही, सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले

रीवा । यहां से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दरसअल एक बुजर्ग की लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही। हैरान करने वाली बात ये है कि लाश के ऊपर से 48 घंटे तक वाहन गुजरते रहे और रा​हगीर उसे जानवर की लाश समझते रहे। वहीं, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले, लेकिन कपड़ों से शख्स की पहचान की गई। मामला चोरहटा थाना क्षेत्र का है, जहां सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मौत के बाद बुजुर्ग की लाश 48 घंटे तक सड़क पर पड़ी रही और वाहन लाश के ऊपर से गुजरते रहे। मामले की सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस को सिर्फ बुजुर्ग की हड्डियों के टुकड़े मिले। 

इस राज्य के  विधानसभा में  58 वर्षो  में पहली बार गूंजा राष्ट्रगान...

इस राज्य के विधानसभा में 58 वर्षो में पहली बार गूंजा राष्ट्रगान...

कोहिमा । नागालैंड विधानसभा ने राज्य गठन के 58 साल में पहली बार देश के राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत की। यह इतिहास करीब एक सप्ताह पहले उस समय रचा गया, जब 13वीं विधानसभा के सातवें सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान के साथ की गई। नागालैंड राज्य 1 दिसंबर, 1963 को अस्तित्व में आ गया था। जनवरी, 1964 में पहली बार विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचित सरकार अस्तित्व में आई और 11 फरवरी, 1964 को पहली विधानसभा गठित हुई। इसके बावजूद राज्य की विधानसभा में कभी ‘जन गण मन’ की धुन नहीं गूंजी थी। हालांकि विधानसभा आयुक्त डॉ. पीजे एंटनी का कहना है कि विधानसभा में राष्ट्रगान गाने पर किसी तरह की रोक नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद यहां राष्ट्रगान क्यों नहीं गाया जाता था, इसे लेकर कोई आदेश मौजूद नहीं है। इस बार विधानसभा स्पीकर शारिंगेन लोंगकुमेर ने राज्यपाल के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान बजवाने का निर्णय लिया और इसके लिए मुख्यमंत्री नेफियू रियो के नेतृत्व वाली सरकार की सहमति ली गई। इसके बाद 12 फरवरी को 7वें सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल के आने पर पहली बार राष्ट्रगान बजाया गया और मास्क पहने हुए सभी विधायकों ने एक साथ खड़े होकर इसका सम्मान भी किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो नागालैंड विधानसभा भवन में पहली बार ‘जन गण मन’ गूंजने और सभी विधायकों के सावधान की मुद्रा में खड़े होकर उसे सम्मान देने के इस ऐतिहासिक नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया है। इसे बहुत सारी हस्तियों ने शेयर करते हुए खुशी जताई है। 

उपराष्ट्रपति का सांसदों के नाम पत्र, पढ़े क्या लिया है उन्होंने

उपराष्ट्रपति का सांसदों के नाम पत्र, पढ़े क्या लिया है उन्होंने

नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सांसदों को पत्र लिखा है कि वे अपने क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए काम करें। उन्होंने सांसदों से कहा, आप जिस बड़े इलाके का संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं, मैं आग्रह करता हूं कि आप वहां की स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से सहायक बनें। उन्होंने कहा कि आपके प्रयासों से भारतीय भाषाओं को काफी अधिक प्रोत्साहन मिल सकता है। 21 फरवरी को ‘अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ से पहले वेंकैया नायडू ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को अलग-अलग भाषाओं में पत्र लिखा है। तीन पन्नों के इस पत्र में नायडू ने स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने की जरूरतों को लेकर कहा कि यह देश के सांस्कृतिक विविधता को बचाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने लिखा, संस्कृति और भाषा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक भाषा को समाप्त करना बेशकीमती विरासत को खोने जैसा है। हम ऐसा होने नहीं दे सकते। उपराष्ट्रपति ने आगे लिखा, हमारी विविधता भरी संस्कृति की खूबसूरती को केवल मातृभाषाओं को प्रोत्साहन देकर ही बचाया जा सकता है। मातृभाषा जीवन की आत्मा है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांसदों को अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है।