नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
भारतीय तटरक्षक बल 1 फरवरी  को  45वां स्थापना दिवस

भारतीय तटरक्षक बल 1 फरवरी को 45वां स्थापना दिवस

नईदिल्ली । भारतीय तटरक्षक बल 1 फरवरी 2021 को अपना 45वां स्थापना दिवस मना रहा है। 1978 में केवल 7 जमीनी प्लेटफार्मों के साथ एक साधारण शुरुआत से आज आईसीजी अपनी सूची में 156 जहाजों और 62 विमानों के साथ एक अजेय सेना बन चुका है और 2025 तक 200 जमीनी प्लेटफार्मों और 80 विमानों के लक्षित बल प्राप्त करने की संभावना है।

दुनिया में चौथे सबसे बड़े तटरक्षक बल के रूप में, भारतीय तटरक्षक बल ने भारतीय तट को सुरक्षित करने और भारत के समुद्री क्षेत्रों में नियमों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने आदर्श वाक्य "वयम रक्षाम" का अर्थ "हम रक्षा करते हैं"। भारतीय तटरक्षक बल ने 1977 में स्थापना के बाद से 10,000 से अधिक लोगों की जान बचाने और लगभग 14,000 बदमाशों को पकड़ने का काम किया है।

कोविड-19 महामारी द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद, भारतीय तटरक्षक बल ने लगभग 50 जहाजों और 12 विमानों को दैनिक रूप से तैनात करके, महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों में 24x7 सतर्कता बनाए रखी है। समुद्र में हवाई निगरानी सेवा की मदद से वर्ष 2020 में भारतीय ईईजेड जोन में अवैध रूप से काम कर रहे 80 उपद्रवियों के साथ लगभग 1,500 करोड़ मूल्य की 10 से अधिक विदेशी मछली पकड़ने की नौकाओं को जब्त किया। भारतीय तटरक्षक बल द्वारा एक साल पहले निवारक और सोची-समझी प्रक्रिया के तहत पिछले साल 11 चक्रवातों के दौरान लगभग 40,000 मछुआरों के साथ 6,000 से अधिक मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित बंदरगाह पर ले जाया गया। इससे बड़े पैमाने पर समुद्री जान-माल का नुकसान से बचाया गया।

माननीय प्रधानमंत्री की 'सागर’ दृष्टि के अनुरूप- सुरक्षा और क्षेत्र में सभी की प्रगति, भारतीय तटरक्षक बल ने श्रीलंका के 333 मीटर लंबे बहुत बड़े क्रूड कार्टर मोटर टैंकर न्यू डायमंड जिसमें तीन लाख मैट्रिक टन कच्चा तेल था जिसमें आग लग गयी थी को बचाने का काम किया जिससे एक बड़ी पारिस्थितिक आपदा टल गई। इसके अलावा, आईसीजी ने मर्चेंट वेसेल वेकेशियो की ग्राउंडिंग के दौरान मॉरीशस को प्रदूषण प्रतिक्रिया सहायता प्रदान की और प्रशिक्षण के अलावा 30 टी प्रदूषण उपकरण प्रदान किए। इसके साथ आईसीजी समुद्री देशों के साथ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री अपराधों का मुकाबला करने और अपनी अधिकार वाले क्षेत्र में और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सहयोग कर रहा है।

आईसीजी ने समुद्री और नागरिक उड्डयन खोज और बचाव तंत्र का सामंजस्य स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड की बैठक आयोजित की और बड़े पैमाने पर बचाव कार्यों को करने के लिए मौजूदा तंत्र को मान्य करने के लिए एसएआर एक्सरसाइज-2020 (एसएआरईएक्स-2020) के साथ इसका पालन किया। तटीय सुरक्षा और खुफिया समन्वय के लिए, हितधारकों के बीच इंटेलिजेंस साझाकरण की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक पहली संगोष्ठी आयोजित की गई थी। यह सेवा केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में भी काम कर रही है ताकि एक मजबूत तटीय सुरक्षा तंत्र बनाया जा सके।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने राष्ट्र के लिए 44 शानदार वर्ष पूरे करने पर भारतीय तटरक्षक बल को बधाई दी और समुद्री क्षेत्रों में देश के हितों की खोज में सेवा द्वारा निभाई गई उल्लेखनीय भूमिका की सराहना की।

 

 

राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण अभियान की देशभर में शुरुआत

राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण अभियान की देशभर में शुरुआत

नईदिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कल 30 जनवरी 2021 को राष्ट्रपति भवन में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर 2021 के राष्ट्रीय पोलियो प्रतिरक्षण दिवस की शुरुआत की। आज राष्ट्रीय पोलियोप्रतिरक्षण दिवस है जिसे ‘पोलियोरविवार' भी कहा जाता है। पहले दिन की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार आज पांच वर्ष से कम आयु के लगभग 89 लाख बच्चों (अस्थायी आंकड़ा) कोपोलियो की दवा पिलाई गई। करीब सात लाख बूथों पर पोलियो खुराक दी गई जिनमें लगभग 12 लाख टीकाकरण कार्यकर्ता और 1.8 लाख पर्यवेक्षक तैनात थे।

बूथों पर टीकाकरण के बाद अगले दो से पांच दिनों तक घर-घर जाकर पहले दिन बूथों पर पोलियो खुराक लेने नहीं आ सके बच्चों की पहचान और उनका टीकाकरण किया जाएगा। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, हवाईअड्डोंऔर जल मार्गों पर भी टीकाकरण दलोंको तैनात किया गया है जिससे यात्रा कर रहे बच्चोंकोपोलियो खुराक देकर यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी बच्चा जीवन रक्षक पोलियो खुराक से वंचित न रहे। कोविड-19 महामारी को देखते हुए सुरक्षित टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए इसके अनुकूल सभी कदम उठाए गए हैं जैसे कि बूथों पर भीड़ जमा न होने देना, दो मीटर की दूरी बनाकर रखना, मास्क पहनना, हाथ धोनाऔर हवादार वातावरण में पोलियो खुराक पिलाना। राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम कोसंबोधित करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रीडॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “दस वर्षों तक पोलियो मुक्त दर्जा बनाकर रखना भारत के जन स्वास्थ्य के इतिहास में बहुत बड़ी उपलब्धिहै।“उन्होंनेऐसी बीमारी जिससे टीकाकरण से बचा जा सकता हो उससे किसी बच्चे के प्रभावित न होनेको सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा नियमित टीकाकरण को सुदृढ़ करने के प्रयासोंऔरकार्योंको रेखांकित किया। भारत एक दशक से पोलियो मुक्त बना हुआ है। पोलियो का अंतिम मामला 13 जनवरी 2011 को सामने आया था। हालांकि भारत पड़ोसीदेशों अफगानिस्तान और पाकिस्तान से पोलियो वायरस के देश में दोबारा प्रवेश करने को लेकर लगातार सतर्कता बरत रहा है। भारत वाइल्ड पोलियो वायरस से देश की आबादी की प्रतिरोधक क्षमता और देश का पोलियो मुक्त दर्जा बनाकर रखने के लिए प्रत्येक वर्ष पोलियो के लिए एक देशव्यापी राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस औरदो उप-राष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस आयोजित करता है। 


एसटीएफ ने सेक्स रैकेट व मानव तस्करी का किया भंडाफोड: पांच साल की बालिका को किया गया बरामद

एसटीएफ ने सेक्स रैकेट व मानव तस्करी का किया भंडाफोड: पांच साल की बालिका को किया गया बरामद

मुरैना। मुरैना में मानव तस्करी और देह व्यापार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने पांच साल की बालिका को बरामद किया गया है। इसे देह व्यापार के लिए खरीदकर लाया गया था। स्टेशन रोड थाने में आरोपित महिला पर एफआइआर भी दर्ज हो गई है। ग्वालियर एसटीएफ ने मुरैना पुलिस को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें फाटकपार छत्रीपुरा निवासी 45 साल की गुडिय़ाबाई को मानव तस्करी का आरोपित बताते हुए कहा था कि वह देह व्यापार में लिप्त है और पांच साल की बच्ची खरीदकर सरकारी दस्तावेजों में बेटी बना लिया है। बच्ची को भी वह देह व्यापार में धकेलने की तैयारी में हैं। एसटीएफ के साथ मिलकर स्टेशन रोड पुलिस ने आरोपित महिला को उसके घर से दबोच लिया। वहां बालिका भी मिली, जिसे राजस्थान के किसी गांव से मात्र 20-22 दिन की खरीदा गया था। आरोपित गुडिय़ाबाई देह व्यापार की गतिविधियों में लिप्त रही है। एसटीएफ एसआई जितेन्द्र दौहरे की शिकायत पर स्टेशन रोड पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 372, 373, 420 के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित गुडिय़ाबाई की तीन बेटियां 24 से 30 साल की हैं। वह इनकी शादी करने के बाद भी अपने अधीन रखती है। गुडिय़ाबाई ने बताया कि उसकी बेटियां मुुंबई में बार डांसर है। हालांकि पुलिस का संदेह है कि उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया है।

दिल्ली : इजरायली दूतावास के बाहर धमाके वाली जगह पर मिला गुलाबी दुपट्टा, क्या है इसका रहस्य?

दिल्ली : इजरायली दूतावास के बाहर धमाके वाली जगह पर मिला गुलाबी दुपट्टा, क्या है इसका रहस्य?

नई दिल्ली, दिल्ली में इजरायल दूतावास के बाहर ब्लास्ट वाली जगह एक गुलाबी रंग का कपड़ा या दुपट्टा मिला है. ये आधा जला हुआ है. गुलाबी दुपट्टे का रहस्य क्या है इसका पता लगाया जा रहा है. इसके रहस्य से पर्दा उठना बाकी है. इस बीच इस ब्लास्ट को लेकर एक नया खुलासा हुआ है जिसमें कहा गया है कि रेकी के बाद आईईडी को प्लांट किया गया. बता दें कि शुक्रवार की शाम पांच बजे के करीब इजरायली दूतावास के बाहर धमाका हुआ था.

Read Also:- VIRAL VIDEO: सड़क हादसे में इस क्रिकेटर की हुई मौत का वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल 

सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की भी एक टीम दिल्ली ब्लास्ट मामले पर काम कर रही है. ये टीम कैब के पिक एंड ड्राप पर काम कर रही है. ब्लास्ट से पहले अब्दुल कलाम रोड पर 3 घंटे तक कितने लोगों को कैब से पिक किया गया और ड्राप किया, इसकी जांच की जा रही है. ओला और उबेर कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है और उनसे 29 तारीख को 3 बजे से लेकर 6 बजे तक के बीच की गाड़ियों की डिटेल्स निकाली जा रही है जो उस दौरान अब्दुल कलाम रोड पर मौजूद थी. जिन्होंने वहां से किसी को पिक किया या ड्राप किया. इसके अलावा पहले पूरी सड़क की सीसीटीवी 3 घंटे की ली गई थी. अब 3 दिन की फुटेज ली जा रही है.

Read Also:- रायपुर मेकाहारा के डॉक्टरों का कमाल: गैंगरीन संक्रमित पैर को एसएफए स्टंटिंग से किया ठीक 
वहीं दिल्ली धमाके पर जैश उल हिंद नाम के आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली है. सुरक्षा बल आतंकी संगठन की जांच में जुटे हैं. उधर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के लोगों की सुरक्षा के लिए भारत पर भरोसा है. भारत इजरायलियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

Read Also:- बड़ी खबर छत्तीसगढ़: 15 वर्षीय नाबालिग के साथ 4 लड़कों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, तीन आरोपी गिरफ्तार

आधिकारिक पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि घटना के वक्त विस्फोट स्थल के पास लगे अधिकतर सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे. सूत्रों ने कहा कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) के जांच दल ने दिन में दूतावास के निकट स्थित विस्फोट स्थल का और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से दौरा किया. उन्होंने कहा कि उन्हें इलाके के कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल हो गई है.

 

 SEX REAKET: होटल में चल रहे देह व्यपार का पुलिस ने किया भांडाफोड़, 4 युवक और 4 युवतियों सहित महिला दलाल गिरफ्तार

SEX REAKET: होटल में चल रहे देह व्यपार का पुलिस ने किया भांडाफोड़, 4 युवक और 4 युवतियों सहित महिला दलाल गिरफ्तार

नागौर। एक बार फिर पुलिस ने सेक्स रैकेट का पर्दाफास किया है। देश-प्रदेश में आय दिन कही न कही से देह व्यपार के धंदे का भंडाफोड़ पुलिस कर रही है अब इसी कड़ी में नागौर जिला मुख्यालय के बीकानेर रोड पर संचालित एक होटल में सेक्स स्केंडल का भंडाफोड़ किया है। बीकानेर रोड पर स्थित एक होटल में छापेमारी कर कोतवाली थाना पुलिस ने 4 युवक और 4 युवतियों सहित एक महिला दलाल को गिरफ्तार किया है।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लिए  ध्यान देने की है आवश्यकता

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लिए ध्यान देने की है आवश्यकता

 नईदिल्ली ।   केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक समीक्षा, 2020-21 पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2007 में वैश्विक नवोन्‍मेष सूचकांक के अस्तित्‍व में आने के बाद 2020 में पहली बार भारत 50 शीर्ष नवोन्‍मेषी देशों में शामिल हो गया। 2020 में भारत का रैंक सुधरकर 48 पर आ गया, जो 2015 में 81 पर था। भारत मध्‍य और दक्षिण एशिया में पहले नम्‍बर पर और निम्‍न मध्‍यम आय वर्ग की अर्थव्‍यवस्‍थाओं में तीसरे नम्‍बर पर रहा। 

नवोन्‍मेष पर अधिक ध्‍यान देने की आवश्‍यकता :

आर्थिक समीक्षा 2020-21 में कहा गया है कि भारत को उच्‍च वृद्धि हासिल करने का रास्‍ता अपनाने और जीएचडीपी चालू अमरीकी डॉलर में निकट भविष्‍य में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लिए नवोन्‍मेष पर अधिक ध्‍यान देने की आवश्‍यकता होगी। इसके लिए अनुसंधान और विकास पर कुल व्‍यय वर्तमान में जीडीपी के 0.7 प्रतिशत से बढ़ाकर, (जीईआरडी) पर सकल घरेलू व्‍यय के कम से कम औसत स्‍तर 2 प्रतिशत से अधिक की अन्‍य शीर्ष अर्थव्‍यवस्‍थाओं (जीडीपी चालू अमरीकी डॉलर) तक बढ़ाने की आवश्‍यकता है। इसमें आरएंडडी कर्मियों और देश के अनुसंधानकर्ताओं खासतौर से निजी क्षेत्र के लोगों को उचित तरीके से शामिल करने का आह्वान किया गया है।

व्‍यावसायिक क्षेत्र को अनुसंधान और विकास तथा नवोन्‍मेष पर व्‍यय बढ़ाना चाहिए :

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि सरकारी क्षेत्र का कुल जीईआरडी में काफी बड़ा योगदान है, जो अन्‍य बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के औसत का तीन गुना है, लेकिन जीईआरडी में व्‍यावसायिक क्षेत्र का योगदान भारत में सबसे कम है। व्‍यावसायिक क्षेत्र का अन्‍य बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं की तुलना में कुल आरएंडडी कर्मियों और अनुसंधानकर्ताओं को योगदान काफी कम है। नवोन्‍मेष के लिए अन्‍य अर्थव्‍यवस्‍थाओं की तुलना में अधिक उदार कर प्रोत्‍साहनों के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। भारत की नवोन्‍मेष रैंकिंग इक्विटी पूंजी तक उसकी पहुंच के स्‍तर के मुकाबले काफी कम है। यह स्थिति इस बात की आवश्‍यकता की ओर संकेत करती है कि भारत के व्‍यावसायिक क्षेत्र को अनुसंधान और विकास में निवेश पर्याप्‍त रूप से बढ़ाना चाहिए। समीक्षा में कहा गया है कि नवोन्‍मेष पर भारत का प्रदर्शन अपेक्षा के मुकाबले कम रहा है। समीक्षा में इस बात को उजागर किया गया है कि कुल जीईआरडी में व्‍यावसायिक क्षेत्र का योगदान वर्तमान 37 प्रतिशत से बढ़ाकर 68 प्रतिशत करने की आवश्‍यकता है। समीक्षा में यह भी सुझाव दिया गया है कि इन क्षेत्रों का आरएंडडी को कुल योगदान क्रमश: वर्तमान 30 प्रतिशत के स्‍तर और 34 प्रतिशत अनुसंधान कर्मियों के वर्तमान स्‍तर से बढ़ाकर क्रमश: 58 प्रतिशत और 53 प्रतिशत करने की आवश्‍यकता है।

पेटेंट आवेदनों में वृद्धि :

समीक्षा में कहा गया है कि भारत को नवोन्‍मेष में अग्रणी रहने के लिए 2030 तक 10 बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं तक पहुंचने के लिए देश में दायर कुल पेटेंट आवेदनों में उसके निवासियों का हिस्‍सा सीएजीआर के 9.8 प्रतिशत पर वर्तमान 36 प्रतिशत के स्‍तर से बढ़ना चाहिए।

समीक्षा के अनुसार भारत को संस्‍थानों और व्‍यापार को अनुकूल बनाने के संबंध में अपनी कार्य प्रणाली में सुधार पर विशेष ध्‍यान केन्द्रित करना चाहिए, क्‍योंकि इस दिशा में अच्‍छे प्रदर्शन निरंतर उच्‍च नवोन्‍मेष की ओर संकेत करते हैं। समीक्षा में नवोन्‍मेषी कार्य प्रणाली को बढ़ावा देने के प्रमुख क्षेत्रों पर ध्‍यान केन्द्रित करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें ऋण शोधन अक्षमता का समाधान आसान करने में सुधार, कारोबार शुरू करने की सुगमता, राजनैतिक और परिचालन संबंधी स्थिरता, अतिरिक्‍त व्‍यवसाय की नियामक गुणवत्‍ता शामिल है। 


भारतीय नौसेना के एफएसी पोत टी-81 को सेवामुक्त किया गया

भारतीय नौसेना के एफएसी पोत टी-81 को सेवामुक्त किया गया

नईदिल्ली ।   सुपर डीवोरा एमके-2श्रेणी के भारतीय नौसेना के फास्ट अटैक क्राफ्ट (आईएन एफएसी) टी -81को 20 वर्षों से अधिक समय तक सफलतापूर्वक राष्ट्र की सेवा करने के बाद 28 जनवरी,2021 को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में सेवामुक्त कर दिया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि थे। इजरायल के मैसर्स रामता के सहयोग से 60 टन विस्थापन क्षमता तथा 25 मीटर लंबा यह पोत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में बनाया गया था। उन्हें गोवा के तत्कालीन गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल जे.एफ.आर जैकब (सेवानिवृत्त) द्वारा 05 जून, 1999 को नौसेना में शामिल किया गया था। इस पोत को विशेष रूप से उथले पानी के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह45 नॉट तक की गति प्राप्त करने के साथ-साथ दिन/रात की निगरानी करने एवं टोह लेने,खोज तथा बचाव करने, समुद्र तट तक पहुंचने, समुद्री कमांडो को सुरक्षित निकालनेतथा घुसपैठियों के जहाजोंका शीघ्र पता लगाने में सक्षम था।

 SEX REAKET: पुलिस ने मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का किया पर्दाफास, दो युवक और चार महिलाएं आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार

SEX REAKET: पुलिस ने मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का किया पर्दाफास, दो युवक और चार महिलाएं आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार

बिहार| एक बार फिर पुलिस ने सेक्स रैकेट का पर्दाफास किया है। देश-प्रदेश में आय दिन कही न कही से देह व्यपार के धंदे का भंडाफोड़ पुलिस कर रही हैअब इसी कड़ी में बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने एक मकान में सेक्स रैकेट का खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने दो युवकों और चार महिलाओं को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों युवक शराब के नशे में धुत्त थे। वहीं, पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामान भी बरामद की है।

पढ़िए पूरी खबर-
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिलती है कि मुफस्सिल के अतौआ रोड में एक मकान में सेक्स रैकेट चलता है|पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर देर रात मकान में छापामारी की, जहां पर शराब के साथ 4 महिला और दो पुरुष को गिरफ्तार किया गया है।

स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि पकरीबरामा, गया, हिसुआ वह रजौली का रहने वाली 4 महिला अलग-अलग जगह से आ कर नवादा की आतौआ में सेक्स रैकेट का धंधा करती थीं। वहीं केंदुआ गांव के दो युवक को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
 बड़ी खबर: पत्नी को सोशल मीडिया पर बोल्ड तस्वीरें शेयर करना पड़ा भारी, पति ने मारी 14 गोली

बड़ी खबर: पत्नी को सोशल मीडिया पर बोल्ड तस्वीरें शेयर करना पड़ा भारी, पति ने मारी 14 गोली

ब्राजील। ब्राजील में एक शख्स ने अपनी पत्नी को 14 बार गोलियां मार दीं और इसका कारण फेरेरा का सोशल मीडिया पर बोल्ड तस्वीरें और वीडियो शेयर करना था। 35 साल की एलेन फेरेरा सियोलीन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और वे सोशल इंफ्लूएंसर भी हैं। वे अक्सर अपनी तस्वीरें और वीडियो टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर शेयर करती रहती हैं। हालांकि उनके पति एलेजांद्रो एंटोनियो एग्युलेरा को फेरेरा का ये अंदाज बिल्कुल रास नहीं आता था।

पढ़िए पूरी खबर-
रिपोर्ट्स के अनुसार, एंटोनियो की फेरेरा के साथ एक टिकटॉक वीडियो को लेकर काफी बहस हुई थी। इसके बाद एंटोनियो ने गुस्से में आकर फेरेरा को 14 गोलियां मारीं। एंटोनियो ने इसके बाद अपने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस त्रासदी भरी घटना के दौरान इस कपल की 6 साल की बेटी भी वहां मौजूद थी। इस कपल की लाश ब्राजील के पोंता पोरा म्युनिसिपेलिटी के पास मौजूद एक प्रॉपर्टी के पिछले हिस्से में मिली। फेरेरा के शरीर में कम से कम 14 गोलियों के जख्म मिले हैं और उनका दायां हाथ भी टूटा हुआ था वही फेरेरा के 41 साल के पति के सिर में एक गोली मिली थी. इस कपल की बेटी का ख्याल अब उसके रिश्तेदार रख रहे हैं। पुलिस ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि इस कपल के करीबी दोस्तों का कहना था कि वे दोनों काफी लड़ते रहते थे और पब्लिक में भी दोनो के बीच तनाव साफ दिखाई देता था। गौरतलब है कि फेरेरा के टिकटॉक पर 58 हजार से अधिक फॉलोअर्स थे। वे अक्सर बोल्ड आउटफिट्स में अपनी तस्वीरें और वीडियो शेयर करती थीं. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
 
टिकटॉक का वीडियो बनी वारदात की वजह-
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, 35 साल की इलियाने फेरेरा सिओलीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक की बड़ी स्टार थी। महिला ने अपने बोल्ड और सेक्सी फोटो पोस्ट कर लाखों की संख्या में फैन बनाया हुआ था। इस बात को लेकर उसका पति अक्सर नाराज रहता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच कई बार बहस भी हो चुकी थी। 24 जनवरी को पारिवारिक पार्टी के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि पति ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी।
अब मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाएगी स्पीड बोट एंबुलेंस

अब मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाएगी स्पीड बोट एंबुलेंस

आलीराजपुर । मध्य प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी जिले के दक्षिणी छोर को अपने आंचल में समेटे है। पर्वतमाला के बीच घिरा यह इलाका बेहद दुर्गम है और यहां हमेशा से स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। अब इससे निपटने के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अनुसार जिले में नर्मदा के पूर्वी और पश्चिमी छोर पर एक-एक एंबुलेंस तैनात की जाएगी। तेजी से चलने वाली ये बोट एंबुलेंस प्रसूता अथवा अन्य गंभीर मरीजों को सड़क संपर्क तक लेकर आएगी। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी।
हाल ही में संभागायुक्त पवनकुमार शर्मा जिले के दौरे पर आए थे। सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि इलाका नर्मदा के बैक वाटर और पहाड़ियों से घिरा है। वर्षाकाल सहित साल में करीब 6-8 माह कुछ मजरे-टोले टापू की शक्ल ले लेते हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती। मरीजों को किसी तरह निजी बोट अथवा नावों की मदद से सड़क संपर्क और फिर यहां से वाहन में नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र तक लाया जाता है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए थे कि स्पीड बोट एंबुलेंस चलाई जाए, ताकि लोगों को समय पर उचित उपचार मिल सके।
00 एक एंबुलेंस ककराना और दूसरी शकरजा में

खंड चिकित्सा अधिकारी डा. नरेंद्र भयड़िया ने बताया कि जिला पंचायत को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार एक बोट एंबुलेंस नर्मदा के पूर्वी केंद्र ककराना और दूसरी पश्चिमी छोर पर शकरजा में तैनात की जाएगी। स्पीड बोट की गति आम बोट की तुलना में लगभग दोगुनी रहेगी। डूब प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग एंबुलेंस पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को 108 की तर्ज पर काल कर बुला सकेंगे। बोट एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मरीज को सड़क संपर्क तक बोट की मदद से लाया जाएगा। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी। ककराना और शकरजा से जिले का नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोंडवा में है। यहां मरीजों को उपचार मिल सकेगा। गंभीर स्थिति होने पर जिला अस्पताल भी भेज सकेंगे। डा. भयड़िया के अनुसार क्षेत्र में एक स्वयंसेवी संस्था बोट पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करा रही है। हालांकि त्वरित राहत के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव बनाया है। 

प्रधानमंत्री  ने लाला लाजपत राय जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रधानमंत्री ने लाला लाजपत राय जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

नईदिल्ली । प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाला लाजपत राय जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। एक ट्वीट में प्रधान मंत्री ने कहा, " महान स्वतंत्रता सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जन्म-जयंती पर कोटि-कोटि नमन। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अमिट है और पीढ़ियों के लोगों को प्रेरित करता है "।  

हर व्यक्ति को पोषण युक्त आहार मिले इस दिशा में सतत प्रयत्नशील राष्ट्र: श्री तोमर

हर व्यक्ति को पोषण युक्त आहार मिले इस दिशा में सतत प्रयत्नशील राष्ट्र: श्री तोमर

नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर बुधवार को वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम द्वारा आयोजित ' दावोस एजेंडा-2021' के ' खाद्य प्रणालियों के रूपांतरण हेतु नवाचार'  विषय पर आयोजित सत्र में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने कहा कि देश में हर व्यक्ति को पोषण युक्त आहार सुलभ हो इसके लिए भारत सरकार सतत रूप से प्रयत्नशील है। श्री तोमर ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और हमारी अर्थ व्यवस्था कृषि पर आधारित है। स्वाभाविक रूप से कृषि को बढ़ावा देना, भूमि का संरक्षण एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कृषि को सक्षम बनाने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। जहां तक फूड सिस्टम का सवाल हैं, उस दिशा में सतत विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार सभी प्रकार की व्यवस्थाएं कर कर रही है। श्री तोमर ने बताया कि देश में हर व्यक्ति को उचित एवं पोषण युक्त आहार मिले इसके लिए सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम लेकर आई। देश में लगभग 81 करोड़ गरीब लोगों को खाद्यान्न की सुरक्षा मिले यह प्रयास किया जाता है। जहां तक ग्रामीण क्षेत्र, कमजोर वर्ग के लोगों को पोषण की आवश्यकता है उसके लिए देश में पोषण अभियान भी चलाया जा रहा है। भारत में आंगनवाड़ी एक सशक्त कार्यक्रम के रूप में उभरा है, जिसका बेहतर लाभ पोषण के क्षेत्र में मिला है। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पोषण युक्त फसलों का ज्यादा उत्पादन हो इसके लिए कृषि अनुसंधान परिषद लगातार कार्य कर रही है और नई किस्मे इजाद करके इस दिशा में काफी सफलता प्राप्त की गई है। श्री तोमर ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि सुरिक्षत रहे इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने साइल हेल्थ कार्ड की परियोजना पर बल दिया है। देश में दो चरणों में 12-12 करोड़ किसानों को साइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। साइल हेल्थ सिस्टम को स्वीकार करके किसान इसकी अनुशंसा के अनुसार पानी, उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग करने की दिशा में तेजी से अग्रसर हुए हैं। इससे उत्पादकता बढ़ने के साथ ही मानव को पर्यावरणीय नुकसान भी कम हुआ है।

जलवायु परिवर्तन की परिस्थिति के कारण भी भारत चिंतित है। इस दिशा में हमारा प्रयत्न है कि भविष्य के जो संकेतक दिख रहे हैं उनको ध्यान में रखते हुए हम पूर्व से योजना बनाएं एवं उन पर काम करें ताकि व आने वाले समय में इस संकट से निपटने में हम सक्षम हो सकें।

श्री तोमर ने कहा कि कृषि में उत्पादन व उत्पादकता के लिए हम शोध एवं विकास पर बल दे रहे है। फसल कटाई के बाद उसका सही प्रबंधन हो इस पर कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद्यान्न की दृष्टि से भारत अधिशेष राष्ट्र है, हम बागवानी में भी भरपूर उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन हमारे यहां कठिनाई यह है कि पर्याप्त अवसंरचना नहीं होने से फसल का नुकसान होता हैं और इसका असर पर्यावरण पर भी पडता है। श्री तोमर ने बताया कि इससे निपटने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के पैकेज में अवसंरचना के लिए एक लाख करोड़ रुपए के कोष का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि से गांवों में ही फार्मगेट पर वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

कोविड-19 ने श्वसन संबंधी विकारों में अकादमिक रुचि और श्वसन चिकित्सा में प्रगति को पुनर्जीवित किया है: डॉ. जितेंद्र सिंह

कोविड-19 ने श्वसन संबंधी विकारों में अकादमिक रुचि और श्वसन चिकित्सा में प्रगति को पुनर्जीवित किया है: डॉ. जितेंद्र सिंह

नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जो खुद एक मेडिकल प्रफेशनल और प्रख्यात मुधमेय चिकित्सक हैं, उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी का दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों और जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर अलग अलग प्रभाव पड़ा है। वहीं मेडिकल बिरादरी में इस महामारी ने श्वसन विकारों में अकादमिक रूचि को जगाया है। वहीं मधुमेय चिकित्सा और कैंसर विज्ञान जैसे विशेषज्ञता वाले विभागों में भी श्वसन चिकित्सा से जुड़ी मेडिकल प्रगति के बारे में चिकित्सकों की जिज्ञासा बढ़ी है क्योंकि  एक आम इंसान भी इन रोगों के प्रति ज्यादा जागरूक होने की कोशिश कर रहा है। 5-दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन पल्मोनरी डिजीजेज' (एनएपीसीओएन) में उद्घाटन भाषण देते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि पहले तो पल्मोनरी मेडिसिन मुख्य रूप से तपेदिक यानी टीबी की बीमारी से ही सबंधित माना जाता था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर डॉक्टर की थी तो समाज में एक गलत धारणा थी कि छाती रोगों का विशेषज्ञ होने का मतलब था सिर्फ टीबी का डॉक्टर. मगर ज्ञान और अनुसंधान अध्ययन के विस्फोट के साथ विशिष्टता और संवेदनशीलता के साथ निदान के मॉर्डन साधनों और समाज में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता ने श्वसन चिकित्सा का दायरा काफी बढ़ा दिया। अब इसमें वायु प्रदूषण के चलते होने वाले अन्य रोग, किसी खास व्यवसाय से फेफेड़ों के रोग, निद्रा विकार, ऑब्स्ट्रक्टिव फेफड़े के रोग और अन्य कई फेफड़े संबंधी रोग भी आते है। कोविड-19 के इस दौर में पनपी जटिलताओं से इन रोगों को और भी अहमियत मिली है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आयोजकों को इस विशाल सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई दी। लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय संकायों और 19 अंतर्राष्ट्रीय चेस्ट एसोसिएशनों को इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का आयोजन  भी एक बेहद महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है क्योंकि यह वो दौर है जब दुनिया कोविड-19 की तबाही से गुजर रही है और इससे उत्पन्न श्वसन और फेफड़ों की जटिलताओं से भी जूझ रही है। इसी बीच चिकित्सा बिरादरी दिन-रात इस महामारी पर नियंत्रण पाने और रोकथाम करने में जुटी हुई है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत श्वसन चिकित्सा पर सम्मेलन होने का भी महत्व है क्योंकि भारत ने अपनी 130 करोड़ की आबादी के बावजूद कोविड-19 के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक चलाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूर्वनिर्धारित और निर्णायक दृष्टिकोण के चलते भारत छोटी आबादी वाले कई पश्चिमी देशों की तुलना में इस महामारी की चुनौती का अधिक सफलतापूर्वक और निर्णायक रूप से सामना करने में सक्षम रहा है।


डॉ. सिंह ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कोविड ​​और टीबी के अलावा, सम्मेलन की कार्यक्रम सूची में समकालीन चिंता के विषयों जैसे श्वसन रोग देखभाल, पल्मोनरी इमेजिंग, हवाई यात्रा से संबंधित समस्याओं और छाती एवं शल्य चिकित्सा आदि को भी जगह दी गई है। मंत्री ने इस बात पर विशेष रूप से प्रसन्नता जाहिर की कि पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के लिए समर्पित सत्र भी इस सम्मेलन में होने जा रहे हैं। ये वे मुद्दे हैं जिनके बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने विचार लगातार व्यक्त कर रहे हैं और दुनिया भर में इन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री 28 जनवरी को विश्व आर्थिक मंच के दावोस संवाद को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री 28 जनवरी को विश्व आर्थिक मंच के दावोस संवाद को संबोधित करेंगे

 नईदिल्ली ।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 28 जनवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्व आर्थिक मंच के दावोस संवाद को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम मेंपूरी दुनिया के उद्योग जगत के 400 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधि भाग लेंगे,जिसमें प्रधानमंत्री ‘चौथी औद्योगिक क्रांति-मानवता की भलाई के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग’ विषय पर सत्र को संबोधित करेंगे। आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री सीईओ के साथ बातचीत भी करेंगे। दावोस संवाद एजेंडा,कोविड के बाद कीदुनिया में विश्व आर्थिक मंच की महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत का प्रतीक है।

ग्रामीण निकायों को 12,351 करोड़ रुपये का अनुदान जारी

ग्रामीण निकायों को 12,351 करोड़ रुपये का अनुदान जारी

नईदिल्ली ।  वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 18 राज्यों के ग्रामीण निकायों को 12,351.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 में जारी किए गए मूलभूत अनुदानों की दूसरी किस्त है। यह अनुदान, उन 18 राज्यों को जारी किया गया है जिन्होंने पंचायती राज मंत्रालय की सिफारिश पर पहली किस्त के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया है। ग्रामीण निकायों को 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर अनुदान जारी किया जाता है। इसके तहत स्थानीय निकायों को सामुदायिक संपत्ति विकसित करने और उनकी वित्तीय क्षमता में सुधार जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। यह अनुदान पंचायती राज प्रणाली के तीन स्तर (गांव, ब्लॉक और जिले) पर दिए जाते हैं। जिसके जरिए वह गांव और ब्लॉक स्तर पर संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। पंद्रहवे वित्त आयोग ने दो प्रकार से ग्रामीण निकायों को अनुदानों देने की सिफारिश की है। जिसमें मूलभूत और अनुबंध के आधार पर दिए जाने वाले अनुदान शामिल हैं। मूलभूत अनुदान को स्थानीय निकायों द्वारा अपनी स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जाता है। हालांकि इसके तहत निकाय वेतन और निर्माण संबंधी जरूरतों के लिए अनुदान का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। जबकि अनुबंधित अनुदान का इस्तेमाल मूलभूत सुविधाओं (क) सफाई और खुले में शौच मुक्त सुविधाओं के मरम्मत (ख) वर्षा जल के संरक्षण और पानी को पीने योग्य बनाने आदि सें संबंधित कार्यों के लिए दिया जाता है। ग्रामीण निकायों को दिया जाने वाला यह अनुदान केंद्र और राज्य द्वारा स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन जैसी प्रायोजित योजनाओं के तहत दी जाने वाली राशि से अलग होता है।वित्त आयोग की सिफारिशों पर दी जाने वाली इस राशि को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण निकायों को 10 दिन के अंदर, राज्यों को अनुदान की राशि देनी पड़ती है। और इसमें किसी भी तरह की देरी पर उन्हें ब्याज के साथ अनुदान को देना पड़ता है।

इससे पहले, ग्रामीण निकायों को मूल अनुदानों के तहत पहली किस्त और 14 वें वित्त आयोग की बकाया 18,199 करोड़ रु, सभी राज्यों को जून, 2020 में जारी किया गया था। इसके बाद, अनुबंधित अनुदान के तहत15,187.50 करोड़ रुपये की राशि की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है।  इस प्रकार, सभी राज्यों के ग्रामीण निकायों को राज्यों के व्यय विभाग द्वारा कुल 45,738 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण समारोह

भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण समारोह

 नईदिल्ली ।  आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री हरदीप सिंह पुरी ने पंडित पंत मार्ग, नई दिल्ली में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा के माल्यार्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। श्री पुरी ने कहा कि भारत रत्न श्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत की यात्रा और दर्शन को सम्मानित करने के लिए एक नया स्थल यथोचित रूप से विकसित किया गया है, जो भारतीयों को हमारे समाज और देश की प्रगति के लिए निस्वार्थ समर्पण के लिये प्रेरणा प्रदान करता है। चर्च रोड, लोकसभा मार्ग, राज्यसभा मार्ग और पंडित पंत मार्ग के चौराहे पर रोटरी नंबर 48 में प्रतिमा को अपने नए स्थल पर स्थानांतरित कर दिया गया है और अब यह प्रतिमा प्रख्यात ऐतिहासिक स्थलों से घेर दी गई है। महान राष्ट्रीय नेता को सम्मानित करने के लिए इस स्थल को यथोचित रूप से विकसित किया गया है। गोविंद बल्लभ पंत स्मारक समिति की अध्यक्ष श्रीमती इला पंत, गोविंद बल्लभ पंत स्मारक समिति की मुख्य संपादक और सलाहकार श्रीमती कुलसुम नूर सैफुल्ला, आवास और शहरी कार्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के महानिदेशक और कई सांसद भी इस माल्यार्पण समारोह में शामिल हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए श्री पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा परिकल्पित 'न्यू इंडिया' वह है जो विकास और प्रगतिशील बदलाव पर ध्यान देते हुए हमारे समृद्ध इतिहास और परंपरा को संरक्षित और पोषित करता है। सेंट्रल विस्टा परियोजना एक ऐसा प्रयास है जिसका उद्देश्य हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, जीवंत इतिहास, वास्तु विविधता और संस्कृति की स्मृति की रक्षा और सम्मान करते हुए वर्तमान समय की बुनियादी सुविधाओं की ज़रूरतों के महत्वपूर्ण अंतराल को समाप्त करना है।

भारत रत्न, श्री गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा का पुराना स्थल रायसीना रोड और रेड क्रॉस रोड को जोडने वाले स्थल पर रायसीना रोड के गोल चक्कर के पास था। यह स्थल नये संसद भवन नक्शे के अंदर आ रहा था और इस प्रतिमा को स्थानांतरित करने की आवश्यकता थी। केंद्रीय स्थान प्रदान करने और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि भारत रत्न श्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत के सम्मान में पंडित पंत मार्ग का नाम रखा गया था, इसलिये प्रस्तावित पुनर्वास स्थल, गोल चक्कर संख्या 48 एक उपयुक्त विकल्प था। यह चर्च रोड, पंडित पंत मार्ग, लोकसभा मार्ग और राज्यसभा मार्ग के चौराहे पर स्थित है। दो फीट ऊंचे टीले और उथले कदम वाले जल निकाय के साथ, मूर्ति के डिजाइन तत्वों को राष्ट्र के 'पहाड़ी क्षेत्रों' का प्रतिनिधित्व करने के लिए कल्पना की जाती है, पंडित पंत को पहाड़ी क्षेत्र और वहाँ के लोगों की प्रगति में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

पंडित पंत जी की प्रतिमा 1966 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा नई दिल्ली में स्थापित की गई थी। गोबिंद बल्लभ पंत स्मारक समिति का गठन देश भर में पंत जी के स्मारक कार्यों को आयोजित करने के लिए किया गया था। बीते वर्षों में इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों ने की है। वर्तमान में, पंडित पंत की पुत्री और 12 वीं लोकसभा की पूर्व सदस्य, श्रीमती इला पंत इस समित की अध्यक्षा हैं।

भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत, संयुक्त प्रांत के प्रधान (1937 से 1939 तक), उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री (1946 से 1954 तक) और केंद्रीय गृह मंत्री (1955 से 1961 तक), को 1957 में लोक सेवा के लिए सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया था। इसके अलावा वे राज्यसभा के नेता भी रहे थे। पंडित पंत का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था और मुरी कॉलेज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए (एलएलबी) के रूप में स्नातक की डिग्री की प्राप्त की थी, जहाँ उन्हें शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए लम्सडेन पदक से सम्मानित किया गया था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, वह उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। डॉ. पंत ने जमींदारी प्रथा को समाप्त करने, वन संरक्षण, महिलाओं के अधिकारों, आर्थिक स्थिरता और सबसे कमजोर समूहों की आजीविका की सुरक्षा जैसी प्रमुख सुधारों को अंतिम रूप दिया था। बाद में उन्होंने भारतीय नागरिकों के लोकतांत्रिक सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को भी उचित रूप से निभाया।

बड़ी खबर : अब तक इस देश में कोविड-19 से 4.24 लाख से अधिक लोगों की हुई मौत

बड़ी खबर : अब तक इस देश में कोविड-19 से 4.24 लाख से अधिक लोगों की हुई मौत

वाशिंगटन | वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) से गंभीर रूप से जूझ रहे अमेरिका में इसके संक्रमण से अब तक 4.24 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में यह महामारी विकराल रूप ले चुकी है और अब तक 2.54 करोड़ से अधिक लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।

पढ़ें : BIG BREAKING : किसान ट्रैक्टर परेड में शामिल उपद्रवियों ने एतिहासिक धरोहर लाल किले में की जमकर तोड़फोड़, देखें फोटो और विडियो 

अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 4,24,690 पहुंच गयी है जबकि संक्रमितों की संख्या 2,54,24,174 हो गयी है।

पढ़ें : दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ट्रेलर और जीप की भिड़ंत में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत

अमेरिका का न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी और कैलिफोर्निया प्रांत कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित है। अकेले न्यूयॉर्क में कोरोना संक्रमण के कारण 42,726 लोगों की मौत हुई है। न्यूजर्सी में अब तक 21,105 लोगों की इस महामारी के कारण मौत हो चुकी है। कैलिफोर्निया में कोविड-19 से अब तक 37,822 लोगों की मौत हो चुकी है।
 
 
टेक्सास में इसके कारण 35,418 लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि फ्लोरिडा में कोविड-19 से 25,673 लोगों की जान गई है। इसके अलावा इलिनॉयस में 20,853, मिशीगन में 15,305, मैसाचुसेट्स में 14,220 जबकि पेंसिल्वेनिया में कोरोना से 20,818 लोगों की मौत हुई है। गौरतलब है कि देश में फाइजर और मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद टीकाकरण का अभियान भी बड़े पैमाने पर चल रहा है।
 
BIG BREAKING : प्रदेश के इस जिले में एक ही परिवार के 4 महिलाओं के साथ युवक ने किया रेप, इलाके में मचा हड़कंप

BIG BREAKING : प्रदेश के इस जिले में एक ही परिवार के 4 महिलाओं के साथ युवक ने किया रेप, इलाके में मचा हड़कंप

दौसा (राजस्थान) | राजस्थान के दौसा से एक रूह कंपा देने और दरिंदगी की हदें पार करने वाली खबर सोमवार को सामने आई है |  खबर मिली है कि दौसा में एक ही परिवार के चार महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया है |

पढ़ें : बड़ी खबर : महिला के साथ 3 लोगों ने की दरिंदगी, रेप के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला बोतल 

दरअसल दौसा में एक दरिंदे पर एक या दो नहीं , बल्कि 4 रेप के केस दर्ज हुए हैं। बड़ी बात यह है कि चारों रेप पीड़िता अलग अलग घर से नहीं बल्कि एक ही घर से ताल्लुक रखती है। आरोपी ने एक ही घर में हैवानियत का डाका डाला है और एक के बाद एक चार महिलाओं को अपने जाल में फंसा कर दुष्कर्म किया।

पढ़ें : BIG BREAKING : 25 साल की युवती से 3 लोगों ने किया गैंग रेप, मामला हुआ दर्ज

एक महिला ने की शिकायत, तब हुआ खुलासा
मिली जानकारी के अनुसार, थाना मेबंद क्षेत्र में विष्णु गुर्जर एक ढाबा चलाता है, इसी ढाबे पर महिलाएं काम करती थीं। आरोप है कि विष्णु गुर्जर ने एक महिला के साथ पिछले 1 साल से दुष्कर्म के घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहा था, लेकिन जब महिला को पता चला कि आरोपी अब उसकी छोटी बहनों और बेटी पर भी गलत नजर डाल रहा है तो उसने दौसा महिला थाने में केस दर्ज करा दिया। महिला द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के बाद उसकी दो छोटी बहन ने और बेटी ने भी अपनी दबी हुई आवाज खोली और दुष्कर्म की बात को बयान कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पढ़ें : बड़ी खबर छत्तीसगढ़ : जिले के इस क्षेत्र में नक्सलियों ने की सरपंच पति समेत 2 लोगों की हत्या, पढ़ें पूरी खबर 

22 जनवरी को हुआ पहला मुकदमा दर्ज
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 22 जनवरी को महिला ने आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं इसी दिन आरोपी के खिलाफ महिला की एक नाबालिग बहन ने भी रेप का केस दर्ज करा दिया था। 23 जनवरी को महिला की तीसरी बहन ने महिला थाने में एक बार फिर आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज कराया।

पढ़ें : बड़ी खबर छत्तीसगढ़ : शहर के सती श्री ज्वेलर्स में घुसे 4 नकाबपोश हथियारबंद लुटेरे, दुकान संचालक पर चलाई गोली, देखें VIDEO

वहीं 25 जनवरी यानी सोमवार को महिला की बेटी ने भी आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ रेप का केस दर्ज करा दिया। यह जानकारी है कि रेपिस्ट ने पहले महिलाओं के इस घर में अपनी जान पहचान बढ़ाई। उसके बाद घर की सभी महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाता चला गया। अब इस रेप सीरीज के मामले में महिला थाने में चार मुकदमा दर्ज हो चुके हैं । लिहाजा जांच की जा रही है। 

बड़ी खबर : महिला के साथ 3 लोगों ने की दरिंदगी, रेप के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला बोतल

बड़ी खबर : महिला के साथ 3 लोगों ने की दरिंदगी, रेप के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला बोतल

राजस्थान | राजस्थान के नागौर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि नागौर जिले में निर्भया रेप कांड जैसी घटना को अंजाम दिया गया है | जानकारी के अनुसार राजस्थान के नागौर जिले के परबतसर इलाके में तीन युवकों ने मिलकर एक महिला के साथ गैंगरेप किया है | बताया जा रहा है कि गैंगरेप के बाद दरिंदों ने लड़की के प्राइवेट पार्ट में बोतल डाल दिया |

पढ़ें : BIG BREAKING : 25 साल की युवती से 3 लोगों ने किया गैंग रेप, मामला हुआ दर्ज 

महिला लहुलुहान हालत में तड़पती रही | बाद में होश संभालकर महिला किसी तरह अपनी घर पहुंची और परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी | घटना के बाद युवकों ने पीड़िता के परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी | घटना को लेकर परिजनों ने पुलिस के समक्ष मामला दर्ज करवाया है |

पढ़ें : BIG BREAKING : खड़े कंटेनर में जा घुसी तेज रफ़्तार एंबुलेंस, मौके पर हुई 5 लोगों की मौत, पढ़ें पूरी खबर


नागौर जिले के एक अधिकारी ने कहा, ''पीड़ित महिला ने बताया कि वह दूध खरीदने के लिए एक व्यक्ति के घर गई थी | जिस दौरान उसके घर पहुंची तो उसकी पत्नी कुछ काम से बाहर गई हुई थी | जब मैं वहां पहुंची तो उस समय घर के मालिक के अलावा दो अन्य लोग मौजूद थे | तीनों ने मिलकर मेरे साथ गैंगरेप किया |''

पढ़ें : सड़क हादसा : राजधानी रायपुर के पॉश इलाके में तेज रफ़्तार कार डिवाइडर से टकराई, कार के उड़े परखच्चे 

पुलिस के मुताबिक महिला ने बताया कि तीन लोगों ने मिलकर उसके साथ नृशंस तरीके से बलात्कार किया और उसके प्राइवेट पार्ट में बोतल डाल दिया | मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गई है | आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है |

BIG BREAKING : 25 साल की युवती से 3 लोगों ने किया गैंग रेप, मामला हुआ दर्ज

BIG BREAKING : 25 साल की युवती से 3 लोगों ने किया गैंग रेप, मामला हुआ दर्ज

राजस्थान | राजस्थान के सीकर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है | राजस्थान के सीकर जिले में एक 25 साल की महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि, पीड़ित जयपुर की रहने वाली है। पीड़िता, पुलिस को गश्त के दौरान रात 11 बजे सड़क पर रोते हुए मिली थी। उसने पूछने पर बताया कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है। वहीं, इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रकरण की जांच कर रहे सीओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित महिला जयपुर से अपने रिश्तेदार से मिलने 23 जनवरी को सीकर आई थी। शाम को करीब सात बजे वह रोडवेज बस स्टैंड पर उतरी तो उसे चार युवक मिले। उसे झांसे में लेकर पिपराली रोड स्थित एक मकान में ले गए। 

जहां तीनों युवकों ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद रात को उसे घर से निकाल दिया। सीओ ने बताया कि तीनों युवकों से पूछताछ की जा रही है, उन्हें गिरफ्तार करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित महिला जयपुर लौट चुकी है।

पुलिस ने बताया कि, पकड़े गए आरोपी उत्तर प्रदेश के हैं और यहां पर किराए के कमरे में रहते हैं। वे यहीं आरएसईबी की फैक्टरी में काम करते हैं।