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BREAKING NEWS : वापस दिल्ली लौटा राहुल और प्रियंका गांधी का काफिला, नहीं मिली संभल जाने की इजाजत, नेता प्रतिपक्ष ने कहा – यह नया भारत है, यह संविधान को नष्ट करने वाला भारत है

BREAKING NEWS : वापस दिल्ली लौटा राहुल और प्रियंका गांधी का काफिला, नहीं मिली संभल जाने की इजाजत, नेता प्रतिपक्ष ने कहा – यह नया भारत है, यह संविधान को नष्ट करने वाला भारत है

 डेस्क।  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने गाजीपुर बार्डर पर रोक लिया है। वह अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ दिल्ली से संभल जा रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी, जिसके बाद राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी समेत हजारों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता वापस दिल्ली की ओर रवाना हो गए हैं। कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

“हम संभल जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस इजाजत नहीं दे रही है। विपक्ष के नेता के तौर पर जाना मेरा अधिकार है लेकिन फिर भी वे मुझे रोक रहे हैं। मैंने कहा कि मैं अकेले जाने को तैयार हूं, मैं पुलिस के साथ जाने को तैयार हूं लेकिन वे इस पर भी राजी नहीं हुए। अब वे कह रहे हैं कि अगर हम कुछ दिनों में वापस आते हैं, तो वे हमें जाने देंगे। यह विपक्ष के नेता के अधिकारों के खिलाफ है, उन्हें मुझे जाने देना चाहिए। यह संविधान के खिलाफ है, हम सिर्फ संभल जाना चाहते हैं, लोगों से मिलना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि वहां क्या हुआ। मुझे मेरे संवैधानिक अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। यह नया भारत है, यह संविधान को नष्ट करने वाला भारत है, हम लड़ते रहेंगे।”

प्रियंका गांधी ने कहा-

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं। संभल जाना उनका संवैधानिक और नैतिक अधिकार है। उन्हें वहां जाने की इजाजत मिलनी चाहिए। गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोकने वाली पुलिस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि हिंसा प्रभावित परिवारों से नेता प्रतिपक्ष को क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने मंगलवार को संभल जाकर हिंसा में मरने वाले लोगों के परिवार से मुलाकात करने जाने का ऐलान किया था। जिसके बाद संभल प्रशासन ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था। साथ ही दिल्ली से सटे तमाम जिलों को यह आदेश दिया गया था कि किसी भी हालत में राहुल गांधी समेत अन्य नेता संभल ना आ पाए। संभल प्रशासन ने 10 दिसंबर तक किसी भी बाहरी व्यक्ति को हिंसाग्रस्त इलाके में जाने की मनाही है।

BIG NEWS : एक चूहे ने रुकवा दी ट्रेन, एसी कोच में चूहे ने काटा तार, करंट से झुलसा, धुएं से बजा सायरन, डेढ़ घंटे तक रुकी रही ट्रेन

BIG NEWS : एक चूहे ने रुकवा दी ट्रेन, एसी कोच में चूहे ने काटा तार, करंट से झुलसा, धुएं से बजा सायरन, डेढ़ घंटे तक रुकी रही ट्रेन

 बैतूल | BIG NEWS : घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर मन्नारगुडी से जोधपुर जा रही सुपरफास्ट ट्रेन एक चूहे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक रुकी रही। घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर शाम करीब 5.30 बजे जैसे ही ट्रेन आकर रुकी ट्रेन के एसी कोच बी 7 में कोच ने एक वायर काट दिया। जिससे झुलस गया। वही कोच में धुंआ उठने लगा। एसी कोच में धुएं के कारण सायरन बजने लगा। जिससे यात्री घबरा गए और ट्रेन से नीचे उतरने लगे। जिस पर आरपीएफ एवं रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिस पर ट्रेन में तैनात एसी मैकेनिक द्वारा मौके में पहुंचकर सुधार कार्य किया गया। इसके बाद करीब 7 बजे ट्रेन को इटारसी की ओर रवाना किया

ढोडरामोहार रेलवे स्टेशन के पास स्पेशल ट्रेन के इंजन में आई खराबी

घोड़ाडोंगरी और इटारसी सेक्शन में ढोडरामोहार रेलवे स्टेशन के मंगलवार शाम को बेंगलुरु से दानापुर जा रही स्पेशल ट्रेन के इंजन में खराबी आ गई। जिसके चलते करीब 2 घंटे तक ट्रेन को रोकना पड़ा। वही ट्रेन के इंजन में आई खराबी के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को बरबतपुर, घोड़ाडोंगरी, बैतूल, मरामझिरी रेलवे स्टेशन पर रोका गया

BIG NEWS: बागेश्वर धाम को मिली जान से मारने की धमकी, बलजिंदर सिंह परवाना ने बयान के बाद बागेश्वर धाम का बयान आया सामने

BIG NEWS: बागेश्वर धाम को मिली जान से मारने की धमकी, बलजिंदर सिंह परवाना ने बयान के बाद बागेश्वर धाम का बयान आया सामने

 शिवपुरी | जिले के करैरा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बलजिंदर सिंह परवा के बयान के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा की कोई परवाना जी है उन्होंने के अर्थ को अनर्थ समझा।

हम ने जो बयान दिया था up के संबल में जामा मस्जिद का कोर्ट में एक मामला भी चल रहा है। एएसआई सर्वे हुआ था जिसमें हरी हर मंदिर के प्राचीन खेल उस में मिले उस पर हम ने बयान दिया था की अगर कोर्ट अपना आदेश निकलेगी तो हम सब महात्मा वहां जाकर प्राण प्रतिष्ठा वा अवशेक करेगे। पंजाब के परवाना जी ने हमे पता चला की उन्होंने जान से मारने की धमकी दी है। सरदार हमारे मित्र भाई है। उनकी तालिया भी स्वीकार उनकी गलियां भी स्वीकार है। उनका प्यार भी स्वीकार है

आप को बता दे की पंजाब के खन्ना राजपुरा के निवासी कट्टरपंथी बलजिंदर सिंह परवाना ने धमकी देते हुए कहा, ” धीरेंद्र शास्त्री ने हरिमंदिर साहिब के बारे में गलत शब्द कहे हैं. उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. पंजाब के कपूरथला जिले में आयोजित एक समागम में बयान बरजिंदर ने ये बातें कहीं. इसके साथ ही बलजिंदर सिंह ने इंदिरा गांधी पर भी विवादित टिप्पणी की.

संसद में आज : केंद्रीय गृहमंत्री आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 लोकसभा में करेंगे पेश

संसद में आज : केंद्रीय गृहमंत्री आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 लोकसभा में करेंगे पेश

 नई दिल्ली :-  (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश करेंगे और राज्यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत-चीन संबंधों में हालिया घटनाक्रम पर बयान देंगे।

विधेयक का उद्देश्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में संशोधन करना है। गृह मंत्री प्रस्ताव आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में संशोधन करने वाले विधेयक पर विचार करने के लिए पेश करेंगे। कोशिश यही है कि इसके जरिए भूमिकाओं में अधिक स्पष्टता आए और राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अधिकारियों को सशक्त बनाया जा सके।

विधेयक को 1 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था और यह मौजूदा अधिनियम में संशोधन करने का प्रयास करता है, जिसे मूल रूप से संस्थागत तंत्र, आपदा प्रबंधन योजनाएं और आपदा प्रभावों को रोकने और कम करने के लिए रणनीतियां बनाकर भारत में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए अधिनियमित किया गया था।

वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश करेंगे। विधेयक का उद्देश्य रेलवे बोर्ड की शक्तियों को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार करने के लिए रेलवे अधिनियम 1989 में संशोधन करना है।

विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम, 1905 को रेलवे अधिनियम, 1989 में एकीकृत करना शामिल है। यह कदम भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम, 1905 को निरस्त करके और इसके प्रावधानों को रेलवे अधिनियम में शामिल करके भारतीय रेलवे को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे को सरल बनाने का प्रयास करता है। इन बदलावों का उद्देश्य रेलवे बोर्ड के गठन और संरचना को सुव्यवस्थित करना है, जिससे रेलवे संचालन की समग्र दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह वित्त संबंधी स्थायी समिति के बारे में बयान देंगे।

कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट सदस्य अनुराग सिंह ठाकुर और मन्ना लाल रावत द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।

बयानों और प्रश्नकाल के अलावा, 10 मंत्रियों द्वारा विभिन्न विषयों पर अपने मंत्रालयों से संबंधित पत्र पटल पर रखे जाएंगे।

राज्यसभा में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन के साथ भारत के संबंधों में हाल के घटनाक्रमों पर एक बयान देंगे। मंत्री ने मंगलवार को लोकसभा में भी इसी तरह का बयान दिया था।

उन्होंने कहा था कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सफल विघटन समझौते के बाद भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध कुछ सुधार की ओर अग्रसर हैं।

उन्होंने कहा था हमारे (भारत-चीन) संबंध 2020 से असामान्य हैं जब चीनी कार्रवाइयों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और शांति भंग हुई थी। हाल के घटनाक्रमों से पता चलता है कि तब से हमारे बीच लगातार कूटनीतिक संबंध रहे हैं, जिससे हमारे संबंधों में कुछ सुधार की दिशा में प्रगति हुई है।

विदेश मंत्री ने दोहराया कि भारत-चीन संबंधों में सामान्यतः आपसी संवेदनशीलता, सम्मान और हितों पर निर्भर करती है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल बॉयलर्स विधेयक, 2024 भी पेश करेंगे, जिसमें बॉयलरों के विनियमन, स्टीम-बॉयलरों के विस्फोट के खतरे से लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा और देश में बॉयलरों के निर्माण, स्थापना और उपयोग के दौरान पंजीकरण और निरीक्षण में एकरूपता प्रदान करने का प्रावधान है।

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बड़ी खबर ! अभी-अभी महाराष्ट्र में हो गया बड़ा खेला, मुख्यमंत्री के लिए इस नेता का नाम हुआ फाइलन, जश्न का माहौल

बड़ी खबर ! अभी-अभी महाराष्ट्र में हो गया बड़ा खेला, मुख्यमंत्री के लिए इस नेता का नाम हुआ फाइलन, जश्न का माहौल

 महाराष्ट्र : भले ही महाराष्ट्र में अभी कयासों का दौर चल रहा हो, लेकिन एक तरह से साफ हो गया है कि महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री आखिर कौन होगा. हाईकमान पर्यवेक्षकों ने अपनी राय बता दी है. अब सिर्फ खींचतान मंत्रियों के पोर्टफोलियों को लेकर चल रही है. हालांकि हाईकमान ने ये भी साफ कर दिया है कि 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे. अभी पोर्टफोलियो को लेकर कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं है. बताया जा रहा है कि गृहमंत्री अजीत पवार को मिलने की उम्मेदें ज्यादा दिखाई दे रही हैं. आलाकमान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसे ही शपथ ग्रहण कराई जाएगी. उसके बाद पोर्टफोलियो का बंटवारा हो जाएगा.

कार्यकाल हो गया खत्म 

आपको बता दें कि 14वीं विधानसभा का कार्यकाल बीते 26 नवंबर को भी समाप्त हो गया था. लेकिन अभी भी  शिवसेना और बीजेपी के बीच सीएम पद के लिए रस्सा कसी लंबी चल ही थी. हालांकि शिंदे ने सीएम पद लेने प्रेस कॅान्फ्रेंस कर इनकार कर दिया था. लेकिन शायद अब जो खींचतान है वह मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चल रही है. बीजेपी के पर्यवेक्षक साफ कर चुके हैं कि देवेन्द्र फड़णवीस को ही महाराष्ट्र का अगला सीएम चुना जाना तय हो चुका है. 

शिंदे ने मांगे ये अहम पद

सतारा से लौटने के बाद एक बार फिर एकनाथ शिंदे ने आलाकमान से गृह विभाग की डिमांड की ऐसी सूचना मिल रही है.  हालांकि शिंदे ने प्रेस कॅान्फ्रेंस कर पहले ही सभी कयासों पर विराम लगा दिया था. उन्होने कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद चाहिए ही नहीं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो काम देंगे वे खुशी-खुशी उसे मान लेंगे. अमित शाह से हुई मुलाकात में बताया जा रहा है कि शिंदे ने शिव सेना के लिए गृह मंत्रालय, शहरी विकास समेत कई अहम विभाग मांग की है. बताया जा रहा है कि इक्का-दुक्का को छोड़कर बीजेपी हाईकमान ने उनकी मांगें मान भी ली हैं. बताया जा रहा है कि आज शाम तक ही महाराष्ट्र  के अगले मुख्यमंत्री का आधिकारिक रूप से भी ऐलान हो जाएगा. 

Potato Real or Fake : क्‍या आप भी खा रहे हैं केमिकल वाला आलू? कैसे करें असली और नकली की पहचान?

Potato Real or Fake : क्‍या आप भी खा रहे हैं केमिकल वाला आलू? कैसे करें असली और नकली की पहचान?

 Potato Real or Fake : आजकल बाजार में बिक रहे आलू का एक नया रूप सामने आया है, जिसमें व्यापारियों की मुनाफाखोरी के चलते पुराने आलू को खतरनाक केमिकल से बदलकर उसे ‘नया’ दिखाने का तरीका अपनाया जा रहा है। हाल ही में, आलू के दाम में अचानक बढ़ोतरी हुई है, और बाजार में 40 रुपये किलो बिकने वाला आलू अब 60 रुपये किलो में मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पुराने आलू को अमोनिया केमिकल से ट्रीट कर उसे नया रूप दे दिया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान न सिर्फ आलू का रंग और आकार बदलता है, बल्कि उसका वजन भी बढ़ जाता है, जिससे व्यापारियों को ज्यादा मुनाफा हो रहा है। हालांकि, यह प्रक्रिया जनता की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

नकली और असली आलू में अंतर

व्यापारी बताते हैं कि असली नया आलू हमेशा मिट्टी में लिपटा होता है, और उसे पानी में डालने पर मिट्टी आसानी से नहीं उतरती। जबकि केमिकल से तैयार आलू को पानी में डालते ही उसकी सतह से मिट्टी आसानी से निकल जाती है। यह आलू को पहचानने का एक मुख्य तरीका है। बावजूद इसके, दुकानदार इस अंतर को जानकर भी जानबूझकर केमिकल वाले आलू को बेच रहे हैं, क्योंकि इस पर उन्हें अधिक मुनाफा हो रहा है। सीनियर न्यूट्रीशियन का कहना है कि अमोनिया का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है और विभिन्न मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

अमोनिया का उपयोग कैसे किया जाता है?

आलू में बदलाव लाने के लिए व्यापारी अमोनिया पाउडर का उपयोग करते हैं। 50 रुपये किलो में मिलने वाले अमोनिया पाउडर को पानी में घोलकर पुराने आलू को इस घोल में 14 घंटे तक डुबोकर रखा जाता है। इस प्रक्रिया से आलू का वजन बढ़ जाता है, उसकी चमकदार सतह उसे नया दिखाती है। हालांकि, इस प्रक्रिया के बाद आलू जल्दी खराब हो जाता है क्योंकि इसके ताजगी बनाए रखने की क्षमता खत्म हो जाती है।

व्यापारियों पर कार्रवाई की तैयारी

खाद्य अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी और यदि अमोनिया से तैयार आलू की बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आलू पिछले 15 दिनों से बाजार में बिक रहे हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई सैंपलिंग नहीं की गई है। अधिकारी का कहना है कि यदि इस मामले में गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषी व्यापारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

युवाओं को सजग रहने की जरूरत

समाज में बदलते व्यापारिक पैटर्न और मुनाफे के लालच में यह आलू का कारोबार अब एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आ रहा है। यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा संकट बन सकती है, खासकर तब जब यह आलू आम आदमी की डाइट का हिस्सा बन चुका है। युवाओं को इस स्थिति से अवगत कराना और उन्हें सजग रहने के लिए प्रेरित करना जरूरी है, ताकि वे इस तरह के ‘नए’ आलू से बच सकें।

यह समय की आवश्यकता है कि पुराने समय के किसानों द्वारा अपनाए गए पारंपरिक तरीकों को फिर से अपनाया जाए, ताकि खाद्य सुरक्षा और लोगों की सेहत दोनों को सुनिश्चित किया जा सके। मुनाफाखोरी के इस खेल के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसी भी नागरिक को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

रोजमर्रा की वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती, 21 दिसंबर को GST परिषद की बैठक में होगा अहम फैसला

रोजमर्रा की वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती, 21 दिसंबर को GST परिषद की बैठक में होगा अहम फैसला

 GST Council Meeting : 21 दिसंबर 2024 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर चर्चा की जाएगी, जो न सिर्फ व्यापारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करेंगे। इस बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा।

जीएसटी परिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी का हो सकता है। वर्तमान में इन उत्पादों पर 28% जीएसटी लिया जा रहा है, लेकिन बैठक में इसे बढ़ाकर 35% करने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह निर्णय तंबाकू और सिगरेट उत्पादों पर कर दर को और सख्त करने के उद्देश्य से लिया जा सकता है।

जीएसटी दर में कमी की भी संभावना

साथ ही, जीएसटी परिषद कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर दर में कमी का भी प्रस्ताव कर सकती है। इसमें पैकेज्ड पानी, साइकिल, और छोटे मूल्य वाले उत्पादों पर जीएसटी दर को घटाकर 5% करने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है, खासकर उन वस्तुओं के लिए जिनका दैनिक जीवन में अधिक इस्तेमाल होता है।

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री मिलकर जीएसटी से संबंधित नीति फैसले लेंगे। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर सस्ती कीमतों का लाभ मिल सकता है, और व्यापारियों के लिए भी व्यवसाय करने में राहत मिल सकती है।

सार्वजनिक ध्यान

बैठक के बाद जीएसटी दरों में इन बदलावों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आएगी। यह निर्णय आम जनता के लिए महत्वपूर्ण होंगे, खासकर जो रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। जीएसटी परिषद के इस फैसले का स्वागत किया जा सकता है, लेकिन इससे जुड़ी औपचारिक घोषणाएं और जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होंगी।

इस प्रकार, जीएसटी परिषद की 21 दिसंबर की बैठक में लिए जाने वाले फैसले उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं।

ऑनलाइन मंगाया चाकू, अनगिनत वार और कत्ल... लाश के पास बैठकर दो दिनों तक सिगरेट पीता रहा कातिल

ऑनलाइन मंगाया चाकू, अनगिनत वार और कत्ल... लाश के पास बैठकर दो दिनों तक सिगरेट पीता रहा कातिल

3 दिसंबर 2024 Maya Gogoi Deka Murder Case:- बेंगलुरु के एक होटल में अपनी दोस्त का बेरहमी से कत्ल करने वाला 21 साल का आरव हनोय गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन अभी तक पुलिस के पास इस बात का जवाब नहीं है कि उसने माया का मर्डर क्यों किया? कत्ल करने का मोटिव क्या था? और सबसे बड़ा सवाल ये कि वो माया की हत्या करने के बाद दो दिनों तक उसी कमरे में लाश के साथ क्यों रहा? कातिल से पूछताछ के बाद भी पुलिस इस वारदात का पूरा सच नहीं जान पा रही है. जानते हैं क्यों? क्योंकि आरोपी आरव का कहना है कि इस कत्ल की वजह काफी पर्सनल है. इस कहानी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है. 

दो दिनों तक लाश के साथ रहा कातिल 
माया गोगोई डेका का कातिल आरव हनोय पुलिस की हिरासत में है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. सवाल जवाब किए जा रहे हैं. लेकिन जब पुलिस ने उससे माया के कत्ल की वजह पूछी तो उसने यही कहकर वजह बताने से इनकार कर दिया कि ये उसका पर्सनल मैटर है. इस मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू ये है कि आरव अपनी दोस्त को मौत के घाट उतारने के बाद दो दिन तक मौका-ए-वारदात यानी उस कमरे से भागा नहीं, बल्कि पूरे दो दिनों तक उसी कमरे में लाश के साथ रहा. वो उसी कमरे में जमीन पर पड़ी लाश के बगल में बैठकर लगातार सिगरेट पीता रहा. पुलिस भी हैरान है कि आखिर वो दो दिन तक लाश के साथ अकेला उस कमरे में क्या रहा था? 

होटल के कमरे में मिली थी माया की लाश
इस खौफनाक कहानी का आगाज 26 नवंबर से होता है. बेंगलुरु के इंदिरानगर में मौजूद थ्री स्टार सर्विस अपार्टमेंट होटल रॉयल लिविंग के एक कमरे में एक लड़की की लाश बरामद होती है. ये लाश असम की रहने वाली 19 साल की माया गोगोई डेका की थी. लाश दो दिन से होटल के कमरे में पड़ी थी, इसलिए लाश खराब होने लगी थी. बेड पर पड़े कंबल पर खून के धब्बे थे. फर्श पर भी खून के निशान नजर आ रहे थे. वहीं बेड पर एक मोबाइल भी पड़ा था जो माया का था. मोबाइल 24 नवंबर को स्विच ऑफ हो गया था. इसी से पुलिस ने अंदाजा लगाया है कि माया का कत्ल 24 नवंबर को ही हुआ था. 

सीसीटीवी फुटेज में नजर आए थे आरव-माया
अगले दो दिनों तक यानी 26 नवंबर तक उसकी लाश होटल के कमरे में पड़ी रही. बेड के करीब फर्श पर नाइलोन की एक रस्सी भी पड़ी थी. इस रस्सी का ऑर्ड़र ऑनलाइन दिया गया था. इसी रॉयल लिविंग होटल के रिसेप्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरे से मिली तस्वीरों से भी कई खुलासे होते हैं. इसमें दिखाई देता है कि 23 नवंबर दोपहर 12 बज कर 31 मिनट पर दो लोग आते हैं. इनमें एक लड़की है और दूसरा लड़का. लड़के ने सर पर व्हाइट कैप पहनी हुई है. लड़की के हंसने के अंदाज से साफ है कि दोनों य़हां खुशी-खुशी और अपनी मर्जी से आए हैं. लड़का डिजिटल पेमेंट करता है, जबकि लड़की सोफे पर बैठ जाती है.

तीन साल पहले बेंगलुरु आई थी माया
कुछ देर बाद दोनों रिसेप्शन से उठ कर कमरे की तरफ बढ़ जाते हैं. ये लड़की कोई और नहीं बल्कि माया गोगोई डेका है, जिसकी लाश मिलती है. अब सवाल ये है कि डेका की लाश तो कमरे से बरामद हो गई. लेकिन वो लड़का कौन था और कहां गया जिसने डेका के साथ इस होटल में चेकइन किया था. तो आइए अप पूरी कहानी सिलसिलेवार जानते हैं. माया तीन साल पहले असम से बेंगलुरु आई थी. वो सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के साथ-साथ एक एजुकेशन कंसल्टेंसी फर्म में जॉब करती थी. डेका बेंगलुरु में अपने बहन और एक कजन के साथ किराए के एक अपार्टमेंट में रहती थी. 

23 नवंबर को होटल पहुंचे थे आरव और माया
करीब छह महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए ही डेका की मुलाकात केरल के कुन्नूर के रहने 21 साल के आरव हनोय से हुई. दोनों में पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार. बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन करने के बाद इसी साल आरव कुन्नूर से बेंगलुरु आ गया. आरव ने भी एक कंपनी में स्टूडेंट काउंसलर के तौर पर का करना शुरू कर दिया. अब डेका और आरव की अकसर मुलाकात होती थी. 23 नवंबर को आरव और डेका दोपहर को इसी होटल रॉयल लिविंग में पहुंचे. दोनों के पास एक-एक बैग था. दोपहर को चेकइन करने के बाद दोनों अपने कमरे में चले गए. उन्होंने रूम एक दिन के लिए बुक कराया था.

अकेला होटल से निकल गया था आरव
अगली सुबह यानी 24 नवंबर को जब रिसेप्शन से रूम में फोन कर पूछा गया कि कितने बजे चेकआउट करेंगे? तब आरव ने कहा कि वो एक दिन और स्टे करेंगे. इसके बाद 25 नवंबर की सुबह रिसेप्शन से फिर से रूम में फोन आया कि वो कितने बजे चेक आउट करेंगे. तब आरव ने कहा कि अब वो 26 नवंबर की दोपहर को चेक आउट करेगे. इस तरह एक दिन का स्टे और बढा दिया. अब 26 नवंबर की तारीख आ चुकी थी. आज ही के दिन दोनों को होटल से चेक आउट करना था. लेकिन 26 नवंबर की सुबह आट बज कर 19 मिनट पर आरव अकेले ही होटल से बाहर निकल गया. उसके पास उसका बैग भी नहीं था. 

होटल के कर्मचारी ने देखी थी लाश
इस बार आरव होटल से बाहर गया तो फिर नहीं लौटा. 26 नवंबर की दोपहर का वक्त हो चुका था. रिसेप्शन पर बैठे शख्स को पता था कि आज उनको चेकआउट करना है. उसने रूम में लैडलैइन पर फोन किया. घंटी बजती रही पर फोन किसी ने नहीं उठाया. तब आरव के मोबाइल पर फोन किया गया. लेकिन मोबाइल बंद था. इसके बाद होटल का एक स्टाफ कमरे में गया. दरवाजा अनलॉक था. जैसे ही वो दरवाजे को धक्का देता है अंदर से तेज बदबू आती है. वो अंदर झांक कर देखा है तो बेड पर लड़की की लाश और हर तरफ खून नजर आता है. वो भाग कर होटल के बाकी स्टाफ को इसकी जानकारी देता है. पुलिस को खबर दी जाती है.

जिस्म और सिर पर चाकू से वार 
पुलिस जब अंदर दाखिल होती है तो डेका की लाश बेड पर ही पड़ी मिलती है. लाश कंबल से ढका हुआ था. लाश की हालत देख कर ऐसा लग रहा था जैसे डेका की मौत कम से कम दो दिन पहले हुई थी. बेड पर पड़ा मोबाइल भी चार्ज ना हो पाने की वजह से 24 नवंबर से बंद दिखा रहा था. दरअसल मोाबाइल फर आखिरी मैसेज और कॉल 24 नवंबर का ही था. उसके बाद कोई कॉल या मैसेज नहीं. कमरे में नाइलोन की अएक रस्सी के साथ एक पैकेट भी मिला. उस पैकेट से पता चला कि इस रस्सी का ऑर्डर इसी होटल के पते पर ऑनलाइन दिया गया था. माया के जिस्म और सिर पर चाकू से कम से कम दस वार किए गए थे.

मोबाइल CDR से खुला राज
अब चूंकि कमरे में माया और आरव ही थे. लिहाजा पुलिस ने आरव की तलाश शुरू कर दी. होटल के सीसीटीवी कमरे से पता चला कि आरव 26 नवंबर की सुबह आठ बज कर 19 मिनट पर होटल से निकला वो भी बिना बैग के. इसके बाद जब उसके मोबाइल के कॉल डिटेल रिकार्ड को खंगाला गया तो पता चला कि होटल से निकलने के बाद उसने अपने मोबाइल एप से एक कैब बुक किय़ा. कैब रेलवे स्टेशन के लिए बुक किया गय़ा था. मगर उसके फौरन बाद आरव ने अपना फोन बंद कर दिया. तब से उसका फोन बंद था. अब तक की तफ्तीश के बाद पुलिस का मानना था कि आरव पूरी प्लानिंग के साथ होटल आया था.

इस पहलू की खास जांच कर रही है पुलिस
रस्सी का मंगाना, चाकू साथ लाना, यही इशारा कर रहे थे. इतना ही नहीं जब वो होटल में चेक इन कर रहा था तब भी उसने कैप की मदद से अपने चेहरे को छुपाने की कोशिश की थी. जब वो 26 नवंबर को होटल से आखिरी बार निकला तब भी उसने कैप से चेहरा छुपा रखा थ. पुलिस इस बात से हैरान थी कि डेका का कत्ल करने के दो दिन बाद तक आरव लाश के साथ उसी कमरे में क्यों रुका रहा. वो चाहता तो पहले भी भाग सकता था. यहां तक कि दो दिनों में लाश से बदबू भी आने लगी थी. लेकिन वो फिर उसी कमरे में था. पुलिस इस पहलू से भी मामले की जांच कर रह थी कि कहीं आरव डेका की लाश के टुकड़े कर किश्तों में उसे ठिकाने लगाने की प्लानिंग तो नहीं कर रहा था. जब उसे लगा कि ऐसा संभव नहीं है, तब वो डर के मारे वहां से भाग गया होगा.

आरव को पकड़ने के लिए बनाई गईं थी तीन टीम
बेंगलुरु पुलिस के पास आरव का मोबाइल नंबर था, उसके फोन के ऑन होने का इंतजार किया जाने लगा. इसी मोबाइल के सहारे पुलिस को आरव के मूवमेंट की जानकारी मिल रही थी, क्योंकि बीच-बीच में वो अपने मोबाइल को ऑन कर रहा था. पुलिस के मुताबिक आरव को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई. इन तीनों ही टीमों को सिर्फ एक काम सौंपा गया. वो था आरव को पकड़ना. 26 नवंबर से बेंगलुरु पुलिस लगातार आरव की तलाश में जुटी रही. आखिरकार 2 दिन बाद पुलिस को पहली कामयाबी मिली. दरअसल भागने के बाद आरव ने अपने मोबाइल से ऐप के जरिए एक कैब बुक किया था. ये कैब रेलवे स्टेशन के लिए बुक किया गया था. कैब ड्राइवर से भी पूछातछ के बाद यही जानकारी सामने आई कि आरव बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर कैब से उतर गया था.

कर्नाटक के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तारी
आगे टेक्निकल एविडेंस के जरिए पता चला कि आरव बेंगलुरु से पहले रायचुर गया और फिर वहां से एमपी और यूपी के अलग-अलग हिस्सों से होता हुआ वाराणसी पहुंचा. उसको पता था कि कत्ल के बाद पुलिस उसे कर्नाटक और उसके घर केरल में ढूंढेगी. लिहाजा पुलिस को चकमा देने के लिए वो वहां जाने की बजाए उत्तर भारत की तरफ निकल पड़ा. अगले तीन दिनों तक पुलिस को चकमा देने के लिए लगभग साढ़े तीन हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुका था. लेकिन उसके पास पैसे कम थे, इसलिए वाराणसी पहुंचने के बाद उसने तय किया वो वापस कर्नाटक जाएगा. वाराणसी से उसने कर्नाटक के लिए फिर एक ट्रेन पकड़ी. शुक्रवार को वो कर्नाटक में देवनाहल्ली पहुंचा. वहां केमपगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

ऑनलाइन ऑर्डर देकर मंगाया था चाकू और रस्सी
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की तो आरव ने फौरन अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस के मुताबिक शुरू में ऐसा लगा था जैसे वो चाकू लेकर ही होटल पहुंचा था, लेकिन उसने बताया कि होटल पहुंचने के बाद जब डेका से उसका झगड़ा हुआ तब 24 नवंबर को उसने जेप्टो ऐप से एक चाकू और नायलन की एक रस्सी का ऑर्डर दिया. ये पार्सल होटल के रिसेप्शन पर उसने खुद रिसीव किया था. जिस दिन चाकू और नायलॉन की रस्सी आरव को मिली उसी दिन यानि 24 नवंबर को ही उसने उसी चाकू से डेका का कत्ल कर दिया. आरव ने डेका शरीर पर चाकू से अनगिनत वार किए थे.

डेटिंग ऐप के जरिए मिले थे माया और आरव 
पुलिस के मुताबिक केरल के रहने वाले आरव के दादा आर्मी मे थे. उन्होंने ही उसकी परवरिश की थी. वो जब छोटा था तभी उसके मां-बाप का तलाक हो गया था. तलाक के बाद आरव मां के साथ रहता था. इस दौरान मां ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन वो भी ज्यादा दिन तक नहीं चली. फिर से तलाक हो गया. इसके बाद मां ने तीसरी शादी की. तभी से आरव अपने दादा के साथ रहता था. केरल में आरव बीबीए कर रहा था. इसी दौरान डेटिंग ऐप बंबल पर उसकी मुलाकात असम की माया गोगोई डेका से हुई. दोनों में दोस्ती हो गई. डेका की वजह से ही वो केरल से बेंगलुरु आ गया. माया ने ही एक कंपनी में आरव की इंटर्नशिप लगा दी. वहां उसे 15 हजार रुपए महीने मिलते थे. इसी बीच आरव ने माया से लिव-इन में साथ रहने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया.

क्या था कत्ल का मोटिव?
माया का फ्रेंड सर्कल काफी बड़ा था. जबकि आरव शहर में अकेला. डेका को उसके दोस्तों के साथ देखकर कई बार उसे शक होता था. इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा भी होता था. बड़ा सवाल ये कि आखिर आरव ने डेका की हत्या क्यों की थी? पुलिस की मानें तो फिलहाल की पूछताछ में आरव ने जो खुलासा किया है उसके हिसाब से उसे माया को लकर कुछ शक था. इसी शक की वजह से होटल में दोनों में झगड़ा हुआ और फिर उसने माया को मार डाला. फिलहाल आरव बेंगलुरु पुलिस के कब्जे में है और अब भी उससे ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाकई कत्ल का मोटिव शक और जलन था या कुछ और? 

CRIME : राजधानी में डबल मर्डर से फैली सनसनी, ASI ने पत्नी और साली की चाकू गोदकर की हत्या

CRIME : राजधानी में डबल मर्डर से फैली सनसनी, ASI ने पत्नी और साली की चाकू गोदकर की हत्या

भोपाल :- राजधानी भोपाल में डबल मर्डर की खबर सामने आने से सनसनी फैल गई, यहां एक ASI ने अपनी पत्नी और साली की चाकू मारकर हत्या कर दी। एक दो नहीं बल्कि आरोपी ने कई वार किए। जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और मामला ऐशबाग थाना इलाके का है। जहां मंडला में पदस्थ ASI योगेश मरावी ने अपनी पत्नी और साली की चाकू गोदकर हत्या कर दी।

लंबे समय से चल रहा था पारिवारिक विवाद 

जानकारी के अनुसार, आज सुबह 11:00 बजे आरोपी का पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, इसके बाद ASI अपने साथ लाए धारदार हथियार से दोनों पर हमला कर दिया। वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद से एएसआई योगेश मरावी फरार हो गया है।  डबल मर्डर की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को आरोपी ASI के घर में जाते हुए सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। कहा जा रहा है कि, दोनों के बीच में लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। आरोपी योगेश मरावी को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम को रवाना किया गया है।

विवाद के बाद की पत्नी और साली की हत्या

बता दें कि, आरोपी बालाघाट का रहने वाला है। वहीं भोपाल में 2 बीएचके फ्लैट में पत्नी अपनी बहन के साथ रहती थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि, आरोपी नौकरानी का सहारा लेकर घर के अंदर घुसा और 6 मिनट के अंदर ही आरोपी ने पहले पत्नी फिर साली की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी सुबह बातचीत के लिए पहुंचा था, लेकिन उनके बीच फिर से विवाद हो गया। जिसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया।

एएसआई योगेश मरावी मंडला जिले में पदस्थ है

डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि एएसआई योगेश मरावी मंडला जिले में पदस्थ है। उसकी शादी विनीता मरावी से हुई थी। शादी के बाद हो रहे झगड़ों के कारण विनीता 5 साल पहले पति को छोड़कर अपने मायके भोपाल आ गई थी। भोपाल में वह अपनी बहन के साथ ऐशबाग में रहती थी। मरावी 15 दिन से अपनी ड्यूटी से गायब था। आज सुबह एएसआई पत्नी से मिलने के लिए पहुंचा और पुरानी बातों को भूलाकर साथ रहने को कहा। इसी दौरान उसकी साली भी वहां पर आ गई। दोनों बहनों ने मरावी का विरोध किया। इस पर गुस्साए मरावी ने पत्नी विनीता पर चाकू से हमला कर दिया। बहन बचाने आई तो उसको भी लहुलूहान कर दिया। घटना के बाद वह मौके से भाग गया।

अगले 48 घंटों में गरज- चमक के साथ इन जिलों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

अगले 48 घंटों में गरज- चमक के साथ इन जिलों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

 मध्य प्रदेश :-  वर्तमान में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जो विभिन्न कारणों से उत्पन्न हो रहा है। विशेष रूप से फेंगल चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आ रहा है। इन दोनों प्रभावों के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, ठंड और तापमान में परिवर्तन देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इस बदलाव के जारी रहने की संभावना जताई है।

प्रदेश में मौसम का मिजाज

फेंगल चक्रवात के कारण, आज मंगलवार को मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्ना जैसे जिलों में बारिश और बादल छाने की संभावना है। इन जिलों में 24 घंटे तक मौसम खराब रह सकता है, जिससे बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है।

इसके साथ ही, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में ठंड में बढ़ोतरी हो रही है। खासतौर पर ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभागों में रात का तापमान गिरने की संभावना है। इन क्षेत्रों में ठंड महसूस हो सकती है, जबकि इंदौर, भोपाल और जबलपुर में तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे वहां के निवासी ठंड से कुछ राहत महसूस करेंगे।

पहाड़ों पर बर्फबारी और ठंडी हवाएं

पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमालय के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। इस बर्फबारी के कारण उत्तर-पश्चिमी हवाएं तेज हो सकती हैं, जो मध्य प्रदेश में भी महसूस होंगी। इन हवाओं के कारण पूरे प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है। विशेष रूप से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभागों में ठंड की अधिक तीव्रता हो सकती है। दूसरी ओर, पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है, जिससे इन इलाकों में अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।

तापमान में गिरावट और बढ़ती ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 48 घंटों तक यह मौसम बना रहने की संभावना है। इस दौरान ग्वालियर, चंबल और उज्जैन में रात के तापमान में गिरावट हो सकती है, जिससे सर्दी और बढ़ सकती है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिन के तापमान में थोड़ी वृद्धि होने की उम्मीद है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में भी तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले पांच दिनों में प्रदेश के मौसम में और बदलाव हो सकता है। बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, ग्वालियर और चंबल क्षेत्रों में कोहरे की चपेट में आने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।

7 दिसंबर के बाद, प्रदेश में तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड में और बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ और फेंगल चक्रवात का प्रभाव अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है, जिससे ठंड बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम में और बदलाव की संभावना है, जिसमें बारिश, ठंड और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। जहां कुछ इलाकों में बारिश और बादल होंगे, वहीं कुछ हिस्सों में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। 7 दिसंबर के बाद, ठंड में और बढ़ोतरी हो सकती है।

 
दुल्हन बनेंगी स्टार शटलर PV Sindhu, कौन होगा दुल्हा? जानिए कब-कहां होगी शादी

दुल्हन बनेंगी स्टार शटलर PV Sindhu, कौन होगा दुल्हा? जानिए कब-कहां होगी शादी

 PV Sindhu : भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता, पीवी सिंधु के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। पीवी सिंधु 22 दिसंबर को राजस्थान के उदयपुर में शादी करने जा रही हैं। उनकी शादी के पलों में उनके साथ होंगे वेंकट दत्ता साईं, जो एक वरिष्ठ आईटी पेशेवर और पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं।

सिंधु के पिता ने दी जानकारी

पीवी सिंधु के पिता, पीवी रमना ने इस शादी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों परिवार पहले से एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन रिश्ता एक महीने पहले ही तय हुआ था। उन्होंने बताया, “जनवरी से सिंधु का बैडमिंटन शेड्यूल बहुत व्यस्त रहेगा, इसलिए दिसंबर का समय शादी के लिए सबसे उपयुक्त था। शादी 22 दिसंबर को उदयपुर में होगी और रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में आयोजित होगा। इसके बाद सिंधु अपने ट्रेनिंग में लौट जाएंगी, क्योंकि अगला सीजन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”

वेंकट दत्ता साईं कौन हैं?

वेंकट दत्ता साईं, जिनसे सिंधु शादी करने जा रही हैं, पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं। उनके पिता, जी.टी. वेंकटेश्वर राव, इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और पहले भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में अधिकारी रह चुके थे। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में पीवी सिंधु ने इस कंपनी का नया लोगो लॉन्च किया था।

वेंकट दत्ता साईं का प्रोफेशनल करियर

वेंकट दत्ता साईं का करियर आईटी क्षेत्र में काफी मजबूत रहा है। उन्होंने जेएसडब्ल्यू और सौर एप्पल एसेट मैनेजमेंट जैसी कंपनियों में काम किया है। दिसंबर 2019 से वे पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यरत हैं, जहां उनका प्रमुख काम बड़े बैंकों, जैसे एचडीएफसी और आईसीआईसीआई के लिए समाधान तैयार करना है। इनमें लोन प्रोसेसिंग को तेज करना और क्रेडिट स्कोर मैचिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।

 MP को मिला एक और टाइगर रिजर्व का तोहफा, 17 साल बाद 90 बाघों को मिला अपना घर

MP को मिला एक और टाइगर रिजर्व का तोहफा, 17 साल बाद 90 बाघों को मिला अपना घर

 MP New Tiger Reserve : 2 दिसम्बर, 2024 की तारीख मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बन गई, क्योंकि इस दिन रातापानी (Ratapani Wildlife Sanctuary) को राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व (Tiger Reserve) घोषित किया गया। मध्य प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे इस क्षेत्र की वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित हो गई है।

रातापानी टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल

रातापानी टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा, जिसमें कोर क्षेत्र का क्षेत्रफल 763.812 वर्ग किलोमीटर और बफर क्षेत्र का क्षेत्रफल 507.653 वर्ग किलोमीटर निर्धारित किया गया है। कोर और बफर क्षेत्र के विस्तार से यह रिजर्व वन्यजीवों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कोर और बफर क्षेत्र की सीमा

रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली और जैतपुर जैसे 9 ग्राम शामिल हैं। हालांकि, इन ग्रामों का रकबा बफर क्षेत्र में आता है, और इनकी भूमि का इस्तेमाल ग्रामवासियों के द्वारा जारी रहेगा, ताकि उनके मौजूदा अधिकारों में कोई बदलाव न हो।

मध्य प्रदेश: टाइगर स्टेट का दर्जा और बढ़ती बाघों की संख्या

मध्य प्रदेश को “टाइगर स्टेट” का दर्जा प्राप्त है, और यह भारत में बाघों के संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। 2022 की गणना के अनुसार, राज्य में 785 बाघ पाए गए हैं, जो 2018 में 526 थे। इस वृद्धि के पीछे बाघों के लिए बनाए गए नए अभयारण्यों और रिजर्व क्षेत्रों का प्रमुख योगदान है।

ग्रामीणों को मिलेगा लाभ, पर्यटन से रोजगार के अवसर

रातापानी के टाइगर रिजर्व बनने से स्थानीय ग्रामीणों को पर्यावरण आधारित रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांववासियों को पर्यटन से आय प्राप्त होगी। इसके साथ ही, टाइगर रिजर्व बनने से इस क्षेत्र में वन्यजीवों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा, क्योंकि भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।

रातापानी को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान

रातापानी टाइगर रिजर्व के बनने से न केवल मध्य प्रदेश को बल्कि भारत को भी एक नया वन्यजीव गंतव्य मिलेगा। इसके साथ ही, भोपाल शहर को “टाइगर राजधानी” के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी, जो राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नई दिशा तय करेगा।

क्या हैं Bima Sakhi Yojna? सरकार हर महीनें देगीं 7 हजार रुपए, जानें कैसे करें आवेदन

क्या हैं Bima Sakhi Yojna? सरकार हर महीनें देगीं 7 हजार रुपए, जानें कैसे करें आवेदन

 Bima Sakhi Yojna: केंद्र सरकार समय-समय पर आम जनता के लिए कई ऐसी योजनाएं लॉन्च करती है, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, खासकर गरीब और जरूरतमंद तबके के उत्थान को सुनिश्चित करना है। अब सरकार एक और नई योजना लेकर आई है, जो महिलाओं के लिए खास तौर पर तैयार की गई है। इस योजना का नाम है बीमा सखी योजना। इस योजना के तहत महिलाओं को बीमा एजेंट के रूप में काम करने का मौका मिलेगा, साथ ही उन्हें आर्थिक सहायता भी मिलेगी। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।

Bima Sakhi Yojna का उद्देश्य और विवरण

बीमा सखी योजना प्रधानमंत्री मोदी की पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना में महिलाओं को बीमा एजेंट के रूप में काम करने का अवसर मिलेगा। महिलाएं घर-घर जाकर बीमा पॉलिसी बेचेंगी और इसके बदले उन्हें निश्चित मानदेय और कमीशन मिलेगा।

Bima Sakhi Yojna में महिलाओं को मिलेगी मासिक राशि

बीमा सखी योजना के तहत जो महिलाएं बीमा एजेंट के रूप में काम करेंगी, उन्हें पहले साल में हर महीने 7000 रुपये की राशि दी जाएगी। यह रकम उन्हें अपनी मेहनत के लिए बतौर मानदेय मिलेगा। दूसरे साल से यह राशि 6000 रुपये होगी, और तीसरे साल से यह 5000 रुपये हो जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें एक स्थिर आय प्रदान करना है, ताकि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें। बीमा सखी एजेंटों को अपनी तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक कमीशन मिलेगा। इसके अलावा, उन्हें 2100 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों को बीमा पॉलिसी से जोड़ें और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करें।

Bima Sakhi Yojna: क्या होगी पात्रता?

बीमा सखी योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं:

  • आयु सीमा: इस योजना का लाभ 18 से 50 वर्ष के बीच की महिलाओं को मिलेगा।
  • शैक्षिक योग्यता: उम्मीदवारों को कम से कम 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त होना चाहिए।
  • स्थान: योजना में शुरुआत में हरियाणा की महिलाएं और युवतियां शामिल होंगी। इस योजना का उद्घाटन 9 दिसंबर को पीएम मोदी द्वारा पानीपत, हरियाणा में किया जाएगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं: महिलाएं ग्रामीण इलाकों से संबंधित होनी चाहिए।

Bima Sakhi Yojna: जरूरी दस्तावेज़

  1. आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र।
  2. निवास प्रमाण पत्र, जो यह साबित करे कि आवेदक ग्रामीण क्षेत्र से है।
  3. बैंक खाता विवरण (खाता संख्या और बैंक शाखा की जानकारी)।
  4. पासपोर्ट साइज फोटो।
  5. 10वीं कक्षा की मार्कशीट (शैक्षिक योग्यता प्रमाणित करने के लिए)।

Bima Sakhi Yojna : आवेदन प्रक्रिया 

महिलाएं इस योजना में आवेदन करने के लिए दो तरीके अपना सकती हैं: ऑनलाइन और ऑफलाइन।

  1. ऑफलाइन आवेदन: महिलाओं को अपने नजदीकी LIC कार्यालय (लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन) में जाकर आवेदन करना होगा। वहां पर उन्हें आवेदन फॉर्म मिलेगा, जिसे भरकर और दस्तावेज़ जमा करके आवेदन किया जा सकता है।
  2. ऑनलाइन आवेदन:
    • सरकार की औपचारिक वेबसाइट पर जाएं।
    • वेबसाइट पर बीमा सखी योजना के लिंक पर क्लिक करें।
    • आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करें, और अंत में सबमिट बटन पर क्लिक करें।

ऑनलाइन आवेदन करने से महिलाएं घर बैठे ही इस योजना के तहत आवेदन कर सकती हैं और आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।

कब से शुरू होगी Bima Sakhi Yojna ?

इस योजना की शुरुआत 9 दिसंबर 2024 को हरियाणा के पानीपत से पीएम मोदी द्वारा की जाएगी। हालांकि, शुरूआत में यह योजना केवल हरियाणा के लिए है, लेकिन भविष्य में इसे देशभर में लागू करने का प्रस्ताव है।

महाकाल मंदिर में अब ATM से निकलेंगे लड्डू, जेपी नड्डा ने किया हाईटेक सुविधा का शुभारंभ

महाकाल मंदिर में अब ATM से निकलेंगे लड्डू, जेपी नड्डा ने किया हाईटेक सुविधा का शुभारंभ

 उज्जैन : महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए लड्डू वेंडिंग एटीएम मशीन लगाई गई है. इसका शुभारंभ रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया. यह मशीन एटीएम की तरह ही काम करेगी. जहां भक्तों को क्यूआर कोड स्कैन करके भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद प्राप्त हो सकेगा

लड्डू एटीएम मशीन का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन-अभिषेक किया. इसके बाद नंदी मंडपम् में ध्यान और पूजन किया और मंदिर में लगी वैदिक घड़ी का अवलोकन भी किया. उसके बाद महाकालेश्वर मंदिर में लगी लड्डू एटीएम मशीन का विधिवत शुभारंभ किया.

स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित
उज्जैन महाकाल मंदिर समिति की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को स्मृति चिन्ह, दुपट्टा और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया. कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री और सांसद वी.डी. शर्मा को भी स्मृति चिन्ह, दुपट्टा और प्रसाद प्रदान कर सम्मानित किया.

पेमेंट करते ही निकलेगा लड्डू

महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ ने जानकारी दी कि, ”यह मशीन दिल्ली के एक दानदाता ने लगवाई है. शुरुआत में सभी 8 प्रसाद काउंटर पर इन मशीनों को लगाया जाएगा. भक्तों द्वारा क्यूआर कोड स्कैन कर पेमेंट करने के उपरांत वेंडिंग एटीएम मशीन के प्रसाद कूप से लड्डू का पैकेट बाहर निकलेगा.”

मंदिर बंद होने के बाद भी मिलेगा प्रसाद
लड्डू प्रसाद की बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. खासकर महाशिवरात्रि, नागपंचमी, और श्रावण मास जैसे पर्व पर मंदिर में लड्डू प्रसाद की डिमांड बहुत बढ़ जाती है. इन दिनों में मंदिर में करीब 50 क्विंटल से भी अधिक लड्डू प्रसादी तैयार की जाती है. आम दिनों में भी मंदिर में रोजाना 30 से 40 क्विंटल लड्डू प्रसाद का वितरण होता है. मंदिर समिति के अनुसार, इन मशीनों के लगने से श्रद्धालुओं को तेजी से लड्डू प्राप्त हो सकेंगे. वहीं, मंदिर बंद होने के बाद भी भक्त प्रसाद ले सकेंगे.

सिंहस्थ 2028 के कार्य योजनाएं का किया अवलोकन
उज्जैन में आयोजित प्रेजेंटेशन के दौरान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई जा रही कार्य योजनाओं का भी अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि “इस कार्ययोजना को जमीन पर उतारा गया तो उज्जैन अपनी पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए राजा विक्रमादित्य की अवंतिका का स्वरूप पुनः प्राप्त करेगा.” वहीं, सीएम मोहन यादव ने क्षिप्रा नदी को प्रवाहमान और स्वच्छ बनाए रखने के लिए कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना सहित कई परियोजनाओं की घोषणा की.

सस्पेंस अब खत्म,महाराष्ट्र में आज नए CM का ऐलान! फडणवीस के नाम पर ही लगी मुहर या सरप्राइज चेहरे की होगी एंट्री?

सस्पेंस अब खत्म,महाराष्ट्र में आज नए CM का ऐलान! फडणवीस के नाम पर ही लगी मुहर या सरप्राइज चेहरे की होगी एंट्री?

 महाराष्ट्र :-  नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने वाला है। आज होने वाली महायुति की बैठक में साफ हो जाएगा कि महाराष्ट्र का अगला सीएम कौन होगा। बीजेपी में भी सरकार बनाने को लेकर हलचल तेज है। पार्टी आज महाराष्ट्र के लिए केंद्रीय ऑब्जर्वर के नाम का ऐलान कर सकती है।

 

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति को भारी जीत मिलने के एक हफ्ते से अधिक समय बाद भी नई सरकार का गठन नहीं हुआ है। चुनाव में भाजपा 132 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा ने घोषणा की है कि नई महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर की शाम दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में होगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसमें शामिल होंगे। भाजपा सतर्कता के साथ कदम बढ़ रही है, क्योंकि उसके सहयोगी दलों, खासकर शिवसेना की आकांक्षाएं चुनाव में मिली भारी जीत के बाद काफी बढ़ गई हैं।

महायुति की एकता पर नेताओं की अलग-अलग राय

महायुति की एकता पर शिंदे के जोर देने के बावजूद, सहयोगी दलों के कुछ नेताओं ने अलग-अलग राय रखी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रावसाहेब दानवे ने कहा कि अगर अविभाजित शिवसेना और भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा होता तो वे अधिक सीटें जीततीं। वहीं, शिवसेना विधायक गुलाबराव पाटिल ने दावा किया कि यदि अजित पवार की राकांपा गठबंधन का हिस्सा नहीं होती तो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ने चुनावों में 90-100 सीटें जीती होतीं। इस पर अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

Crime News: पति ही निकला पत्नी का हत्यारा, पहले पिलाई शराब, फिर घोंटा गला...पढ़िए पूरी खबर..!!

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 रायसेन:-  जिले की सिलवानी में शुक्रवार की दोपहर सियरमऊ रोड़ पर लालघाटी के पास जंगल में महिला का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था। सूचना एसडीओपी अनिल सिंह मौर्य, थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी पुलिस के साथ घटना स्थल पहुंचे और शव को पेड़ से उतरवा कर सिविल हॉस्पिटल सिलवानी भेजा गया था। जिसका शनिवार की सुबह पोस्टमार्टम किया गया । पुलिस की जांच पड़ताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला का पहले गला घोंटा गया है, फिर उसे पेड़ पर लटकाया गया है। इस तथ्य के आधार पर पुलिस ने महिला के पति को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है।

सिलवानी थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर 3 बजे सागर- सिलवानी राजमार्ग के सियरमऊ रोड पर लालघाटी के पास सड़क किनारे जंगल में नेहा ठाकुर पति राजेंद्र ठाकुर 24 साल का शव महुआ के पेड़ पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर एचएन मांडरे ने शार्ट पीएम रिपोर्ट में महिला की गला घोंटकर हत्या करने की बात लिखी है।

टीआई जेपी त्रिपाठी ने बताया कि मृतिका पांच माह की गर्भवती थी। राजेंद्र ठाकुर ने नेहा से लव मैरिज की थी। उसकी एक चार वर्षीय लड़की एवं दो साल का लड़का है। लड़की उसकी बुआ के साथ ग्राम नीगरी में रहती है। पुलिस की पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि उसका पिछले चार पांच दिन से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को वह बेटी से मिलने दुगरिया से नीगरी जा रहा था, सिलवानी में पत्नी नेहा ठाकुर को खरीददारी कराई, फिर वापिस अपने गांव डुंगरिया के निकला था कि सियरमऊ रोड पर लालघाटी पास जंगल में दोनों ने शराब पी। इसके बाद पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। आत्महत्या बताने के लिए पत्नी को पेड़ पर साड़ी से लटका दिया था।

इन नियमों के तहत अब दिसंबर से सिर्फ इन परवारों को मिलेगा मुफ्त राशन,जानिए पात्रता और नियम

इन नियमों के तहत अब दिसंबर से सिर्फ इन परवारों को मिलेगा मुफ्त राशन,जानिए पात्रता और नियम

1 दिसंबर 2024 नई दिल्ली:-  भारत सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए नए नियम जारी किए हैं, जो दिसंबर 2024 से लागू होंगे। इन नए नियमों के तहत, केवल कुछ विशेष श्रेणियों के लोगों को ही फ्री राशन का लाभ मिलेगा। यह निर्णय मुख्य रूप से उन परिवारों की पहचान करने के लिए लिया गया है जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इस लेख में हम राशन कार्ड के नए नियम, पात्रता, और फ्री राशन योजना के बारे में सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे।

राशन कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो गरीब परिवारों को सरकारी खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करता है। इसके माध्यम से परिवारों को अनाज, चीनी, तेल आदि आवश्यक वस्तुएं सस्ती दरों पर मिलती हैं। हाल ही में जारी किए गए नए नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र लोग ही इस योजना का लाभ उठा सकें।

नए नियमों की जानकारी
दिसंबर 2024 से लागू होने वाले नए नियमों के अनुसार, केवल उन परिवारों को फ्री राशन मिलेगा जो निम्नलिखित मानदंडों पर खरे उतरते हैं:

आर्थिक स्थिति: परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख तक होनी चाहिए।
सामाजिक स्थिति: केवल बीपीएल परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
सत्यापन प्रक्रिया: सभी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपात्र पाया गया तो उसका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा।

पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड हैं:
आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
निवासी स्थिति: आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उस राज्य का निवासी होना चाहिए जहाँ यह योजना लागू है।
आर्थिक स्थिति: परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख तक होनी चाहिए।
शैक्षणिक योग्यता: किसी भी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है।
आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
फ्री राशन योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया सरल और सीधी है। इच्छुक परिवार निम्नलिखित चरणों का पालन करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
आपको सबसे पहले राशन कार्ड योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

चरण 2: रजिस्ट्रेशन करें
वेबसाइट पर उपलब्ध “रजिस्ट्रेशन” विकल्प पर क्लिक करें और अपना विवरण भरें।

चरण 3: आवेदन पत्र भरें
रजिस्ट्रेशन के बाद, आपको आवेदन पत्र भरना होगा।

व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि नाम, पता, जन्म तिथि आदि भरें।
शैक्षणिक योग्यता का विवरण दें।
चरण 4: दस्तावेज़ अपलोड करें
आपको अपने सभी आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे जैसे कि आधार कार्ड, निवास प्रमाण आदि।

चरण 5: आवेदन पत्र सबमिट करें
भरे हुए आवेदन पत्र को सबमिट करें। आपको एक रसीद मिलेगी जिसे आप भविष्य में उपयोग कर सकते हैं।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं तो आप ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं:
चरण 1: नजदीकी कार्यालय जाएं
आप अपने नजदीकी सरकारी कार्यालय या पंचायत कार्यालय में जाकर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

चरण 2: फॉर्म भरें
फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज़ संलग्न करें।

चरण 3: फॉर्म जमा करें
भरे हुए फॉर्म को संबंधित कार्यालय में जमा करें। आपको एक रसीद मिलेगी जो आपके आवेदन की पुष्टि करेगी।

 

चयन प्रक्रिया

 

दस्तावेज़ सत्यापन
आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद, संबंधित विभाग आपके दस्तावेज़ों की जांच करेगा। सभी दस्तावेज़ सही पाए जाने पर ही आपको फ्री राशन प्रदान किया जाएगा।
लाभार्थियों की घोषणा
सत्यापित आवेदनों के आधार पर योग्य लाभार्थियों को सूचित किया जाएगा और उन्हें राशन दिया जाएगा।

फ्री राशन योजना के लाभ
आर्थिक सहायता: इस योजना से गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
सामाजिक सुरक्षा: यह योजना समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान करती है।
स्वास्थ्य एवं पोषण: इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य देखभाल और बच्चों के पोषण में किया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं का लाभ: इससे अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
इस भर्ती से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तिथियाँ निम्नलिखित हैं:

घटना तारीख
नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख नवंबर 2024
आवेदन करने की शुरुआत आज से
पहली किस्त जारी होने की तारीख दिसंबर 2024
तैयारी के टिप्स
दस्तावेज़ तैयार रखें: सभी आवश्यक दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें ताकि आवेदन प्रक्रिया में कोई समस्या न आए।
समय प्रबंधन: समय का सही प्रबंधन करें ताकि आप सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर सकें।
स्वास्थ्य का ध्यान रखें: अपनी सेहत का ध्यान रखें ताकि आप मानसिक रूप से तैयार रहें।

राशन कार्ड के नए नियम एक महत्वपूर्ण पहल है जो गरीब और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करती है। यदि आप इस योजना से लाभ उठाना चाहते हैं तो सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करते हैं और समय पर आवेदन करते हैं।

क्रेडिट कार्ड से Aadhar और LPG तक, आज से लागू हो रहे देश में ये 8 बड़े बदलाव, जानें पूरी डिटेल

क्रेडिट कार्ड से Aadhar और LPG तक, आज से लागू हो रहे देश में ये 8 बड़े बदलाव, जानें पूरी डिटेल

1 दिसंबर 2024 डेस्क:-  साल 2024 के आखिरी महीने दिसंबर की शुरुआत आज (रविवार) से हो गई है. आज (1 दिसंबर) का दिन कई बड़े बदलाव लेकर आया है. इसमें एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम, क्रेडिट कार्ड नियम, बैंकिंग, टेलिकॉम और फ्री आधार अपडेट से जुड़े बदलाव शामिल हैं, जिसका सीधा असर हमारी जेब पर पड़ने वाला है.

देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं को फिर बड़ा झटका दिया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसबीआई आज से उसके क्रेडिट कार्ड्स डिजिटल गेमिंग प्लेटफॉर्म/मर्चेंट से संबंधित ट्रांजैक्शन पर रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं देगी.

17 दिनों तक बैंकों में छुट्टी

वहीं रिजर्व बैंक ने दिसंबर के लिए बैंक में छुट्टियों की लिस्ट भी जारी कर दी है. इसके मुताबिक, दिसंबर में 17 दिन बैंकों में छु्ट्टी रहेगी. ऐसे में बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें.

LPG सिलेंडर के कीमतों में बदलाव

सरकार हर महीने की एक तारीख को कमर्शियल गैस से लेकर रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती है. अक्टूबर में गैस कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 48 रुपए की बढ़ोतरी की थी, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया. इस बार भी सरकार गैस की कीमतों में बदलाव कर सकती है.

ट्रेसेबिलिटी नियम लागू

देश के दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) ने स्कैम और फिशिंग को रोकने के लिए ओटीपी समेत कमर्शियल मैसेज के लिए नए ट्रेसेबिलिटी नियम की समय सीमा बढ़ा दी. इससे पहले यह नियम पिछले महीने 1 नवंबर से लागू होना था.

फ्री आधार अपडेट

अपने आधार कार्ड में फोटो, नाम, पता, जेंडर जैसी डिटेल अपडेट करवाना चाहते हैं तो 14 दिसंबर तक ही फ्री में करा सकते हैं. इसके बाद अपडेट कराने के लिए चार्ज देना होगा. अगर आप आधार में कोई अपडेट कराना चाहते हैं तो इसका फायदा उठा सकते हैं. इसके लिए आपको माय आधार पोर्टल पर जाना होगा. साथ ही आधार कार्ड अपडेट करने के लिए वोटर आईडी, राशन कार्ड, एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट जैसे डॉक्यूमेंट की जरूरत भी पड़ेगी.

मालदीव की यात्रा महंगी

वहीं इस महीने से मालदीव की यात्रा भी महंगी हो जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के लिए शुल्क 30 डॉलर (2532 रुपए) से बढ़कर 50 डॉलर (4220 रुपए) हो जाएगा. वहीं बिजनेस क्लास के लिए 60 डॉलर (5064 रुपए) की जगह 120 डॉलर (10129 रुपए) देने पड़ेंगे. प्रथम श्रेणी के यात्रियों को 90 डॉलर (7597 रुपए) की जगह 240 डॉलर (20257 रुपए) देने होंगे.

केंद्र सरकार की तरफ से हेल्थकेयर बीमा और अस्पतालों में इलाज की कीमत को ज्यादा पारदर्शी बनाने की कवायद शुरू की है. इसके लिए अस्पतालों और इंश्योरेंस कंपनियों को लागत का अनुमान देने वाले स्टैंडर्ड टेंपलेट्स पेश करने होंगे. इससे मरीज के लिए अपने बीमा खर्च और इलाज का खर्च जानने में ज्यादा पारदर्शिता मिलेगी और मेडिकल केयर फील्ड में वित्तीय अनिश्चितता की स्थिति खत्म होगी. ये नियम भी पहली दिसंबर से लागू हो रहे हैं.

 
PM Awas Yojana: जरुरतमंदों को सरकार दे रही है फ्री में घर, लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम

PM Awas Yojana: जरुरतमंदों को सरकार दे रही है फ्री में घर, लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम

 PM Awas Yojana: भारत सरकार गरीबों और जरुरतमंदों को आवास उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसके तहत, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य बेघर और गरीब लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने घर का सपना पूरा कर सकें। इस योजना के तहत, सरकार लाभार्थियों को दो किस्तों में राशि प्रदान करती है, जिससे वे अपना पक्का मकान बना सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से अब तक करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। इस योजना ने कई लोगों का सपना साकार किया है, क्योंकि इससे उन्हें अपने खुद के पक्के घर बनाने का मौका मिला है। हर साल सरकार इस योजना के लाभार्थियों की सूची rhreporting.nic.in पोर्टल पर जारी करती है, ताकि लोग यह चेक कर सकें कि वे इसके लाभार्थी हैं या नहीं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी का नाम चेक करने की प्रक्रिया

अगर आपने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया है और अब आपको अपना नाम चेक करना है, तो इसकी प्रक्रिया बेहद सरल है। यहां हम आपको विस्तार से बताते हैं कि कैसे आप अपना नाम चेक कर सकते हैं।

नाम चेक करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:

  1. सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmaymis.gov.in/ पर जाएं।
  2. फिर, Menu सेक्शन में जाकर Citizen Assessment पर क्लिक करें।
  3. ड्रॉपडाउन मेनू में Track Your Assessment Status पर क्लिक करें।
  4. अब एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको By NameFather’s NameMobile Number या Assessment ID के माध्यम से अपनी जानकारी चेक करने का विकल्प मिलेगा।
  5. यदि आप PM Awas Status By Name and Mobile Number पर क्लिक करते हैं, तो एक नया पेज खुलेगा।
  6. इस पेज पर आपको अपने राज्य, जिले, शहर, अपने और अपने पिता का नाम, मोबाइल नंबर भरने होंगे।
  7. इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करें।
  8. अब आपके सामने आपका PM Awas Status आ जाएगा, जिसे आप प्रिंट करके या सेव करके रख सकते हैं।
भूमिहीन किसान भी कर सकते हैं लाखों की कमाई, इसकी खेती पर मिलेगा 90% सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन

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केंद्र और राज्य सरकारें लगातार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए नई योजनाएं और कार्यक्रम चला रही हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार ने किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई नई योजनाओं की शुरुआत की है।

फूल उत्पादक किसानों का शैक्षणिक परिभ्रमण

बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने 15 जिलों के 40 फूल उत्पादक किसानों को पटना स्थित कृषि भवन से पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर भेजने की पहल की। यह शैक्षणिक दौरा किसानों को फूलों की खेती में आधुनिक तकनीकों और विधियों की जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से गेंदा फूल की खेती पर केंद्रित है, जो इन जिलों में बड़े पैमाने पर की जाती है। मेदनीपुर में किसान फूलों की खेती में उपयोग होने वाली उन्नत विधियों और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि इस पहल से राज्य में फूलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।

मशरूम किट वितरण योजना की शुरुआत

इस कार्यक्रम के तहत पटना जिले में मशरूम किट वितरण योजना का शुभारंभ भी किया गया। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8 लाख मशरूम किट वितरित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के लिए 440 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

मशरूम किट पर किसानों को 90% तक सहायतानुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा, झोपड़ी में मशरूम उत्पादन और वातानुकूलित मशरूम इकाइयों की योजनाओं के तहत किसानों को 50% तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इन योजनाओं के तहत 38 जिलों में 800 झोपड़ियों का निर्माण और वातानुकूलित मशरूम उत्पादन के लिए 20 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

किसानों को उन्नत तकनीक से जोड़ने की पहल

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों को शेडनेट में फूलों की खेती के लिए विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत किसानों को फूलों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य: किसानों की आय में वृद्धि

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। कृषि मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से राज्य के किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों और उपकरणों से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल उनकी उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें बेहतर बाजार मूल्य भी मिलेगा।

कार्यक्रम में अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर कृषि सचिव संजय कुमार अग्रवाल, बिहार राज्य बीज निगम के एम.डी. डॉ. आलोक रंजन घोष, कृषि निदेशक नितिन कुमार सिंह, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार, और बामेती के निदेशक धनंजय पति त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रेरित करने के लिए बिहार सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम अत्यंत सराहनीय हैं। फूलों और मशरूम की खेती में किसानों की रुचि बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में समृद्धि भी आएगी।