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धुआंधार बल्लेबाज रोहित शर्मा को मिली नए साल के पहले दिन बड़ी खुशखबरी: बनाए गए टीम इंडिया के उपकप्तान

नई दिल्ली। रोहित शर्मा को लेकर इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है की रोहित शर्मा को बीसीसीआई ने भारतीय टेस्ट टीम का उपकप्तान नियुक्त किया है। रोहित शर्मा चोट की वजह से एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट में नहीं खेले थे। दूसरा टेस्ट खत्म होने के बाद वो क्वारंटीन पीरियड खत्म कर टीम इंडिया से जुड़े। ऐसे सवाल खड़े किये जा रहे थे कि क्या रोहित शर्मा को सिडनी टेस्ट में मौका मिलेगा? लेकिन अब बीसीसीआई ने उन्हें उपकप्तान बनाकर इन सभी अटकलों को खत्म कर दिया है। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अजिंक्य रहाणे टीम की कमान संभाल रहे हैं और अब रोहित शर्मा उनके सहयोग के लिए उपकप्तान बनाए गए हैं। बता दें दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया की उपकप्तानी चेतेश्वर पुजारा संभाल रहे थे।

पढ़िए पूरी खबर-
बता दें बीसीसीआई ने आखिरी दो टेस्ट मैचों के लिए टीम में कुछ अहम बदलाव किये हैं। चोटिल उमेश यादव की जगह टी नटराजन को टेस्ट टीम में मौका मिला है। वहीं मोहम्मद शमी की जगह शार्दुल ठाकुर को टीम में जोड़ा गया है। भारत की आखिरी दो टेस्ट मैचों के लिए टीम इंडिया- अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रोहित शर्मा (उपकप्तान), मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, शुभमन गिल, ऋद्धिमान साहा, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, नवदीप सैनी, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा, आर अश्विन, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर और टी नटराजन। 

तैयार हुआ टीम इंडिया का 2021 शेड्यूल: देखें कब, कहां कौन सा मैच

नई दिल्ली। दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए साल 2020 अच्छा नहीं था, क्योंकि मार्च में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण सभी क्रिकेट गतिविधियों को रद्द करना पड़ा था। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जुलाई में इंग्लैंड में वेस्टइंडीज की मेजबानी के साथ फिर से शुरू हुआ। भारतीय क्रिकेट टीम की आखिरी अंतर्राष्ट्रीय सीरीज फरवरी 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ थी और अब नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही है।
 

2020 में कोरोना संक्रमण के कारण खिलाड़ियों को मजबूरन ब्रेक लेना पड़ा था। हालांकि वर्ष 2021 भारतीय टीम को लगभग पूरे साल एक्शन में देखने के लिए तैयार है। भारत के पास वर्ष 2021 के लिए बड़ी सीरीज और टूर्नामेंटों की मेजबानी के साथ इंग्लैंड टी 20 विश्व कप 2021 के चुनौतीपूर्ण दौरे और एशिया कप 2021 के लिए पूरा बिजी शेड्यूल है।
 
 
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टीम इंडिया के लिए आधिकारिक शेड्यूल जारी करना अभी बाकी है, लेकिन इनसाइडपोर्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार विराट कोहली एंड कंपनी को 16 एकदिवसीय, 23 T20I और 14 टेस्ट मैच 2021 में खेलने होंगे, जिसमें एशिया कप और टी-20 विश्व कप के मैच शामिल नहीं हैं।

2021 में टीम इंडिया के कार्यक्रम पर एक नजर:

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- जनवरी
भारत की 2021 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज के साथ जारी रहेगी। चार मैचों की सीरीज वर्तमान में 1-1 के स्तर पर है, जिसमें दो और टेस्ट बाकी हैं। तीसरा टेस्ट सिडनी में 07 जनवरी से शुरू होगा और चौथा और अंतिम मैच 15 जनवरी से ब्रिसबेन में खेला जाएगा।

भारत का इंग्लैंड दौरा- फरवरी से मार्च
ऑस्ट्रेलिया दौरे के समापन के बाद टीम इंडिया चार टेस्ट, तीन वनडे और पांच टी-20 समेत एक पूरी सीरीज की मेजबानी इंग्लैंड के खिलाफ करने के लिए स्वदेश लौट आएगी।

आईपीएल 2021- अप्रैल से मई
इंडियन प्रीमियर लीग का अगला संस्करण अप्रैल और मई के बीच खेला जाएगा। भारत में COVID-19 स्थिति के कारण UAE में 2020 संस्करण का मंचन किया गया था, लेकिन यदि स्थिति नियंत्रण में है, तो टूर्नामेंट को 2021 में भारत वापस लाया जा सकता है।

श्रीलंका और एशिया कप का भारत दौरा (जून-जुलाई)
भारत तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज और पांच टी-20 के लिए इंडियन प्रीमियर लीग के समापन के बाद श्रीलंका का दौरा करेगा। भारत एशिया कप में हिस्सा लेने के लिए श्रीलंका में अपने दौरे का विस्तार करेगा, जहां वे दो साल के लंबे अंतराल के बाद अपने खिताब का बचाव करेंगे और कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा।

भारत का जिम्बाब्वे दौरा (जुलाई)
श्रीलंका दौरे के बाद भारत को सीमित ओवरों की सीरीज के लिए जिम्बाब्वे दौरे पर जाना है। यह दौरा 2020 में होने वाला था, लेकिन COVID-19 के कारण रद्द कर दिया गया था। कुछ युवा खिलाड़ियों और नए चेहरों को ज़िम्बाब्वे सीरीज में खुद को साबित करने का मौका मिल सकता है।

भारत का इंग्लैंड दौरा (अगस्त से सितंबर)
घर में इंग्लैंड की मेजबानी करने के बाद भारत अगस्त में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए यात्रा करेगा। टेस्ट सीरीज साल 2021 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगी।

भारत का दक्षिण अफ्रीका दौरा (अक्टूबर)
भारत आईसीसी टी-20 विश्व कप 2021 से पहले अक्टूबर के महीने में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी करेगा।

आईसीसी टी 20 विश्व कप 2021
भारत टी-20 विश्व कप 2021 का मंचन करेगा और शोपीस इवेंट में पसंदीदा में से एक के रूप में शुरू करेगा।

भारत का न्यूजीलैंड दौरा (नवंबर-दिसंबर)
टीम इंडिया नवंबर-दिसंबर में दो टेस्ट और तीन T20I के लिए न्यूजीलैंड की मेजबानी करेगी।

भारत का दक्षिण अफ्रीका दौरा (दिसंबर)
टीम इंडिया दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के दौरे के साथ वर्ष का अंत करेगी, जहां वे तीन टेस्ट और कई टी-20 खेलेंगे।

दशक के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर बने कोहली, धोनी को क्रिकेट भावना सम्मान

दुबई। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का दशक का शीर्ष सम्मान अपने नाम किया जब उन्होंने पिछले 10 साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर के लिए सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी जीती। कोहली को दशक का सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी चुना गया। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईसीसी का दशक का खेल भावना पुरस्कार जीता। 

प्रशंसकों ने 2011 में नॉटिंघम टेस्ट में इयान बेल के अजीब हालात में रन आउट होने के बाद उन्हें वापस बुलाने के लिए धोनी को इस पुरस्कार के लिए चुना। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने ट्विटर पर कोहली के इस पुरस्कार के लिए चुने जाने की घोषणा की। कोहली ने आईसीसी पुरस्कारों के समय के दौरान अपने 70 में से 66 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़े। इस दौरान उनके नाम पर सर्वाधिक अर्धशतक (94), सर्वाधिक रन (20396) के अलावा 70 से अधिक पारी खेलते हुए सर्वाधिक औसत (56.97) का रिकॉर्ड भी रहा। कुल मिलाकर 32 साल के कोहली ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 12040 रन, टेस्ट क्रिकेट में 7318 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 2928 रन बनाए हैं और सभी प्रारूपों में मिलाकर उनका औसत 50 से अधिक का है। कोहली इसके अलावा 2011 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य भी रहे। कोहली ने बयान में कहा, सबसे पहले तो यह पुरस्कार मिलना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है। पिछले एक दशक में जो लम्हा मेरे दिल के सबसे करीब है वह निश्चित तौर पर 2011 में विश्व कप, 2013 में चैंपियन्स ट्रॉफी और 2018 में आस्ट्रेलिया में श्रृंखला जीतना है। सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चुने जाने पर कोहली ने कहा, एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से मैं काफी जल्दी जुड़ गया था। मैंने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाई और इसके कुछ साल बाद मैंने टेस्ट पदार्पण किया। उन्होंने कहा, इसलिए मुझे काफी पहले ही अपने खेल को समझने का मौका मिला। और मैं पहले भी कह चुका हूं कि मेरा एकमात्र इरादा और मानसिकता टीम के लिए विजयी योगदान देना था और मैंने अपने प्रत्येक मैच में सिर्फ ऐसा करने का प्रयास किया। कोहली ने कहा, अपने इस सफर के दौरान मैंने कभी आंकड़ों और संख्या पर ध्यान नहीं दिया और आप मैदान पर जो कुछ भी करते हो यह उसका नतीजा है और मेरे लिए यह जीत के रास्ते पर चलते हुए हासिल की गई उपलब्धियां हैं। कोहली आईसीसी के पुरस्कार समय के दौरान एकदिवसीय क्रिकेट में 10000 से अधिक रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज रहे। उन्होंने इस दौरान 39 शतक और 48 अर्धशतक जड़े और 61.83 की औसत से रन बनाए। वैश्विक संचालन संस्था ने आस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को दशक का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर जबकि अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान को दशक का सर्वश्रेष्ठ टी20 क्रिकेटर चुना। आस्ट्रेलिया की एलिस पैरी ने महिला पुरस्कारों में बाजी मारते हुए आईसीसी की दशक की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर के अलावा दशक की सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय और टी20 महिला क्रिकेटर के पुरस्कार भी अपने नाम किए।

क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बुरी खबर: पूर्व गेंदबाज ने दुनिया को कहा अलविदा- शिमला से था गहरा नाता

नई दिल्ली। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर रॉबिन जैकमैन ने दुनिया को अलविदा कह दिया। जैकमैन क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंट्री करने लगे थे और खासे मशहूर थे। आईसीसी ने जैकमैन के निधन पर बयान जारी किया है, जिसमें कहा है कि इंग्लैंड के पूर्व गेंदबाज और महान कमेंटेटर रॉबिन जैकमैन के निधन से हम दुखी हैं।
 
 
इस मुश्किल वक्त में हम उनके परिवार के साथ खड़े हैं। जैकमैन 75 साल के थे। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रॉबिन जैकमैन साउथ अफ्रीका में कमेंट्री करने लगे थे और पत्नी के साथ वहीं रहते थे। जैकमैन का भारत से भी खास रिश्ता है। उनका जन्म 13 अगस्त 1945 को शिमला में हुआ था। जहां उनके पिता सेकंड गुरखा राइफल्स में मेजर के पद पर तैनात थे। उनका परिवार 1946 में इंग्लैंड लौट गया। जैकमैन ने इंग्लैंड के लिए 4 टेस्ट और 15 वनडे खेले। टेस्ट में उन्होंने 14 जबकि वनडे में 19 विकेट अपने नाम किए।
 

रॉबिन जैकमैन शुरुआत में अपने अंकल मशहूर कॉमेडियन पैट्रिक सारगिल की तरह एक्टर बनना चाहते थे,  लेकिन असफलता के बाद उन्होंने क्रिकेट में अपना करियर बनाने का फैसला किया। जैकमैन ने अपने करियर में 399 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिनमें उन्होंने 1402 विकेट लिए। ये मैच उन्होंने 1966 से 1982 के बीच लिए। इसके अलावा उन्होंने 288 लिस्ट ए मुकाबलों में भी हिस्सा लिया। इनमें जैकमैन के खाते में 439 विकेट दर्ज हुए।

न्यूजीलैंड के पूर्व गेंदबाज और कमेंटेटर डैनी मॉरिसन ने जैकमैन के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा, सुबह प्यारे साथी रॉबिन जैकमैन के निधन की बुरी खबर के साथ उठा। खुशकिस्मत हूं कि उनके साथ इतना शानदार समय बिताने का मौका मिला। साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने भी जैकमैन के निधन पर शोक जताया है।

क्रिसमस पर सचिन तेंडुलकर बने सैंटा, शेयर किया एक वीडियो

नई दिल्ली। क्रिसमस के अहम मौके पर महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर, रोहित शर्मा, फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लियोनेल मेसी सहित तमाम दिग्गज खिलाडिय़ों ने अपने चाहने वालों को शुभकामनाएं दी हैं। सचिन तेंडुलकर ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह सैंटा बने दिख रहे हैं। इसी तरह से मेसी, रोनाल्डो, बेकहम सहित तमाम दिग्गजों ने तस्वीरें और वीडियो अपने सोशल मीडियो पेज पर शेयर किए हैं।
 

IPL को मिल सकती है बड़ी सौगात: T20 वर्ल्ड कप पर भी होगा बड़ा फैसला

अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ के लिए आज यानी 24 दिसंबर का दिन काफी अहम है, क्योंकि बोर्ड की वार्षिक आम सभा यानी एजीएम का आयोजन होना है। अहमदाबाद में होने वाली इस बड़ी बैठक में कई बड़े फैसले लिए जाने हैं, जिसमें आइपीएल और अगले साल भारत में होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है। इसके लिए भी पदाधिकारी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं।  
 
 
बीसीसीआइ की एजीएम में दो नई आइपीएल टीमों को शामिल करने पर भी फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा विभिन्न क्रिकेट समितियों का गठन भी इस एजेंडे में शामिल होगा। अगले साल अक्टूबर-नवंबर में भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप के आयोजन के लिए कर (Tax) में  पूरी छूट की गारंटी देने के लिए आइसीसी ने बीसीसीआइ को 31 दिसंबर तक की समय सीमा दी है। ऐसे में ये मुद्दा भी अहम है। 
 
 
बता दें कि अगर बीसीसीआइ ने आइसीसी को कर छूट नहीं दी तो फिर टी20 वर्ल्ड कप 2021 में यूएई में खेला जाएगा। इससे पहले भी वैश्विक टूर्नामेटों को कर में छूट देने की परंपरा रही है, लेकिन मौजूदा कर कानूनों के तहत खेल आयोजनों को ऐसी रियायत नहीं मिलती। ऐसे में अब देखना ये होगा कि इस मसले पर बीसीसीआइ की एजीएम में क्या फैसला लिया जाता है।
 
 
इस बीच बीसीसीआइ के नए उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के चयन की भी इस बैठक में औपचारिक घोषणा होगी जो सर्वसम्मति से चुने गए हैं। वहीं, बृजेश पटेल आइपीएल चेयरमैन बने रहेंगे। ऐसी भी अटकलें हैं कि बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली से उनके विज्ञापनों और उससे जुड़े हितों के टकराव के मामले पर भी सवाल किए जा सकते हैं, लेकिन अभी इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।
 
 
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, `इस समय आइपीएल में 10 टीमें रखना 2021 के लिए संभव नहीं है। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया और नीलामी लंबा समय लेगी और इतने कम समय में यह मुमकिन नहीं। यह सही होगा कि मंजूरी ले ली जाए और 2022 में 94 मैचों का टूर्नामेंट हो।` आइसीसी के मंचों पर बीसीसीआइ के सचिव और गांगुली बोर्ड के प्रतिनिधि बने रहेंगे।
 
 
बीसीसीआइ अगर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने का समर्थन करता है तो उसकी स्वायत्ता खत्म हो जाएगी और वह राष्ट्रीय खेल महासंघ होने के नाते खेल मंत्रालय के अंतर्गत आ जाएगा। बीसीसीआइ की विभिन्न समितियों का गठन भी लंबे समय से बंद है। समझा जाता है कि नई क्रिकेट सलाहकार समिति का गठन होगा जो तीन नए चयनकर्ता चुनेगी।

अश्विन के आगे घुटने टेका आस्ट्रेलिया, पहली पारी में 191 रन में हुआ ढेर भारत को 62 रन की बढ़त

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया लाइव क्रिकेट स्कोर: भारत ने पिंक बॉल से खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 191 रन पर आउट करके 53 रन की बढत ले ली। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहली पारी में 244 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए मार्नस लाबुशेन (47) और टिम पेन (नाबाद 73) को छोड़कर कोई बल्लेबाज टिक नहीं सका। स्टंप्स तक भारत ने एक विकेट के नुकसान पर नौ रन बना लिए थे। पृथ्वी शॉ फिर फेल हुए।


बतौर नाइटवॉचमैन जसप्रीत बुमराह को तीसरे नंबर पर प्रमोट किया गया। आखिरी ओवर्स में टीम इंडिया कोई अहम विकेट नहीं गंवाना चाहती क्योंकि एक विकेट गिरते ही आज का दिन वही समाप्त कर दिया जाएगा।


इसके पहले ऑस्ट्रेलिया की तरफ से कप्तान टिम पेन ने नाबाद 73 रन बनाए. उन्होंने 99 गेंदों का सामना कर 10 चौके मारे. मार्नस लाबुशैन ने 47 रनों का योगादान दिया। इन दोनों के अलावा कैमरून ग्रीन (11) और मिशेल स्टार्क (15) और नाथन लॉयन (10) ही दहाई के आंकड़े में पहुंच सके. स्टीव स्मिथ ने 29 गेंदों पर एक रन बनाया. भारत के लिए रविचंद्रन अश्विन ने चार विकेट लिए. उमेश यादव ने तीन, जसप्रीत बुमराह ने दो विकेट लिए.

एडिलेड टेस्ट में अश्विन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं. अश्विन ने पहली पारी में अब तक 4 कंगारू बल्लेबाजों को पवेलियन लौटा दिया. अश्विन ने सबसे पहले स्टीव स्मिथ (1) फिर ट्रेविस हेड (7) उसके बाद डेब्यू कर रहे कैमरन ग्रीन (11) को भी पवेलियन भेज दिया. इसके बाद अश्विन ने नाथन लियोन (10) को भी आउट कर दिया.

 

विराट कोहली ने तोड़ा 51 साल पुराना रिकॉर्ड, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहला दिन टीम इंडिया के लिए मिलाजुला रहा। कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पृथ्वी शॉ (0) और मयंक अग्रवाल (17) बल्ले से कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके। इसके बाद, चेतेश्वर पुजारा (43) और कप्तान कोहली (74) ने तीसरे विकेट के लिए 68 रनों की अच्छी साझेदारी की और टीम को मजबूत प्रदान की। पुजारा नाथन लॉयन की गेंद पर आउट हुए। हालांकि, कोहली एक छोर पर डटे रहे और उन्होंने रहाणे के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 88 रन जोड़े, लेकिन वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रनआउट हो गए।  कोहली ने अपनी 74 रनों की पारी के दौरान भारत के पूर्व कप्तान टाइगर पटौदी के 51 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया, जबकि एक खास मामले में विराट ने महेंद्र सिंह धोनी को भी पीछे छोड़ दिया है। 

ऑनएयर वॉर्न ने किया पुजारा पर विवादित कमेंट, फैन्स ने कर दिया ट्रोल-
दरअसल, विराट कोहली बतौर कप्तान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। 74 रनों की पारी के साथ ही विराट के नाम अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 851 रन हो गए हैं। उन्होंने पूर्व कप्तान टाइगर पटौदी के 51 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पटौदी ने कप्तान के तौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 10 टेस्ट मैचों में 829 रन बनाए थे। इसके अलावा, विराट कोहली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी बतौर कप्तान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं और उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। धोनी ने इस ट्रॉफी में कप्तान करते हुए 813 रन बनाए थे। 

टीम मैनेजमेंट के बर्ताव से दुखी होकर क्क्र्य तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने इंटरनैशनल क्रिकेट को कहा अलविदा-
विराट कोहली पिंक बॉल से खेल जा रहे डे-नाइट टेस्ट मैच में अपने शतक की तरफ तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन रहाणे के साथ हुए मिक्सअप के चलते उनको अपना विकेट रनआउट के रूप में गंवाना पड़ा। भारत की टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने पर 6 विकेट के नुकसान पर 233 रन बनाए। टीम की तरफ से ऋद्धिमान साहा और अश्विन अभी क्रीज पर मौजूद हैं। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहले दिन सबसे सफल गेंदबाज मिचले स्टार्क रहे, जिन्होंने 2 विकेट चटकाए।

टेस्ट सीरीज में विराट और रोहित की आधी-अधूरी हिस्सेदारी चिंताजनक

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में दिखने वाली प्रतिद्वंद्विता इस सदी में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट सीरीज में देखी जाने लगी है। यही वजह है कि अभी इस टेस्ट सीरीज का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम ने 2018-19 की टेस्ट सीरीज में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में 2-1 से दचक कर टीम ऑस्ट्रेलिया की प्रतिशोध की ज्वाला को और धधका दिया है। टीम इंडिया के लिए सीरीज जीतकर यह साबित करने का मौका है कि वह किसी खिलाड़ी विशेष पर निर्भर टीम नहीं है। एक दौर था, जब भारतीय टीम जीत के लिए स्पिनरों पर निर्भर रहती थी और विदेशी दौरों पर अनुकूल माहौल और विकेट नहीं मिलने पर जीत उसकी पहुंच से दूर बनी रहती थी। लेकिन पिछले कुछ सालों में टीम इंडिया बहुत बदली है और वह दुनिया भर में दबदबे वाला क्रिकेट खेल रही है। उसके लिए इस बात का कोई मायने नहीं रह गया है कि मेजबान देश किस तरह के विकेट तैयार कर रहा है। अब वह उनके बनाए माहौल में भी अपना बेस्ट देना सीख गई है। इसकी वजह पेस अटैक का जानदार बनना है।

भारत के तेज गेंदबाज यह भरोसा बनाने में कामयाब हो गए हैं कि उनमें प्रतिद्वंद्वी टीम के 20 विकेट निकालने का माद्दा है। यह भरोसा ही है कि अब भारतीय टीम मैनेजमेंट विदेशी जमीन पर खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में एक ही स्पिनर खिलाने लगा है। ऑस्ट्रेलिया की पेस तिकड़ी पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और हेजलवुड को हमेशा ही खतरनाक माना जाता रहा है। पर अब जसप्रीत बुमराह की अगुआई वाला पेस अटैक भी उन्हें बराबरी की टक्कर देने का दम रखता है और यह बात वह पिछले दौरे पर साबित कर चुका है। भारतीय पेस अटैक के दमदार होने का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि स्टीव स्मिथ कह रहे हैं कि हमारे खिलाफ यदि शॉर्ट पिच गेंदें डाली गईं, तो हममें उसका सामना करने की क्षमता है। आप याद करें, क्या पहले कभी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भारतीय पेसरों को इस तरह भाव देते नजर आते थे? इसका तो यही मतलब है कि वे भारतीय तेज गेंदबाजी को तवज्जो देने को मजबूर हो गए हैं। यह सही है कि जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव का साथ देने के लिए इस बार अनुभवी गेंदबाज ईशांत शर्मा नहीं होंगे। पर नवदीप सैनी या सिराज में से किसी एक को खिलाकर अटैक की धार बनाए रखी जा सकती है। भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भारतीय पेस अटैक को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बताया था। इसकी वजह शायद पिछले दौरे पर उनका ऑस्ट्रेलिया के पेस गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन था। इस सीरीज के एडिलेड और पर्थ में खेले गए टेस्ट में तो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज भारतीय पारी के सभी 40 विकेट निकालने में कामयाब हो गए थे। लेकिन मेलबर्न और सिडनी में वे समझ नहीं पा रहे थे कि भारतीय बल्लेबाजों को कैसे आउट करें।

वहीं भारतीय गेंदबाजों ने इन दोनों टेस्ट में भी परचम फहराकर भारत को पहली बार ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई। इस सीरीज में ऑफ स्पिनर अश्विन ने भी पहले टेस्ट में छह विकेट निकालकर अपना लोहा मनवाया था, पर बाकी टेस्ट वे नहीं खेल सके थे। इस बार वह पूरी तरह फिट हैं, हालांकि उनके मुकाबले नाथन लियोन घर में ज्यादा कारगर साबित होते रहे हैं, और वह एक खतरा हो सकते हैं। इस सीरीज में भारत के सामने कुछ अनसुलझे सवाल जरूर हैं। पहला सवाल तो यही है कि मयंक अग्रवाल के साथ पारी की शुरुआत किससे कराई जाए। अगर रोहित शर्मा होते तो यह सवाल ही नहीं उठता। इसके लिए पृथ्वी शॉ और शुभमन गिल दो दावेदार हैं। पृथ्वी के पक्ष में यह बात जाती है कि उन्हें टेस्ट खेलने का अनुभव है और वे पूरी निडरता के साथ खेलते हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि सामने कौन गेंदबाज है। पर उनकी दिक्कत उनका डिफेंस है। इस कमी की वजह से आईपीएल में अच्छी शुरुआतों को वह बड़ी पारी में नहीं बदल सके थे। क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ ओपनरों में एक गावस्कर को लगता है कि शुभमन गिल को मौका देना चाहिए। आखिरी दो टेस्ट के लिए रोहित शर्मा के आने पर उनका खेलना ओपनरों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। टीम इंडिया मैनेजमेंट के सामने विकेट कीपर के तौर पर ऋद्धिमान साहा और ऋषभ पंत में से किसे खिलाया जाए, यह उलझन भी होगी। साहा की विकेट कीपिंग बहुत बेहतर है, पर धीमे विकेट पर स्टंप्स के करीब खड़े होते समय बेहतर कलेक्शन वाले खिलाड़ी की जरूरत पड़ती है।

ऑस्ट्रेलिया में विकेट तेज होने से विकेट कीपर स्टंप्स से दूर खड़े होंगे। ऐसे में ऋषभ पंत को खिलाना बेहतर विकल्प होगा। दिन-रात के अभ्यास मैच में शतक ठोककर वह अपना दावा मजबूत कर भी चुके हैं। वैसे भी पंत 2018-19 के दौरे में अपने नाबाद शतक से भारत को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि साहा की बल्लेबाजी भी अच्छी है, पर इस मामले में वह पंत से कोसों दूर नजर आते हैं। विराट कोहली की कप्तानी हो या बल्लेबाजी, वह सभी में अपना प्रभाव छोडऩे में हमेशा सफल रहते हैं। उनकी पहले टेस्ट के बाद अनुपस्थिति जरूर खलेगी। जहां तक उनकी गैरमौजूदगी में कप्तानी की बात है तो अजिंक्य रहाणे इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट और अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए इकलौते टेस्ट में वह अपनी कप्तानी में भारत को जीत भी दिला चुके हैं। पर विराट की बल्लेबाजी की भरपाई करना थोड़ा मुश्किल होगा। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में चेतेश्वर पुजारा के साथ रहाणे को अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। याद रहे, पिछली सीरीज जिताने में भी पुजारा ने 521 रन बनाकर अहम भूमिका निभाई थी। ये दोनों डटे रहे तो सीरीज का परिणाम भारत के पक्ष में आ सकता है।

BIG BREAKING : भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने क्रिकेट से लिया सन्यास, जाने ट्विट कर क्या कहा उन्होंने

नई दिल्ली | भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने बुधवार (9 दिसंबर) को अपने 18 साल के क्रिकेट करियर से संन्यास ले लिया है| पार्थिव ने सोशल मीडिया के जरिये बताया कि वह आज क्रिकेट के सभी फॉर्मेस से संन्यास ले रहे हैं| 35 साल के पार्थिव ने भारत के लिए 25 टेस्ट, 38 वनडे और दो टी20 इंटरनेशनल खेले हैं| घरेलू क्रिकेट में गुजरात के लिए खेलते हुए पार्थिव ने 194 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं|

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पार्थिव पटेल ने 2002 में भारतीय क्रिकेट टीम में डेब्यू किया था और इसी के साथ वह टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के विकेटकीपर बने थे| उन्होंने 17 साल और 153 दिन की उम्र में डेब्यू किया था| पार्थिव ने टेस्ट क्रिकेट में 31.13 की औसत से 934 रन बनाए हैं| वहीं, वनडे में 23.7 औसत से 736 रन बनाए हैं| इसके अलावा बतौर विकेटकीपर टेस्ट में 62 कैच लपके और 10 स्टम्पिंग की| पार्थिव के करियर की शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन 2004 में दिनेश कार्तिक और महेंद्र सिंह धोनी के उदय के बाद उन्होंने अपना स्थान गंवा दिया|

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रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए पार्थिव पटेल ने अपने टि्वटर पर पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली का शुक्रिया अदा किया, जिनकी कप्तानी में पटेल ने डेब्यू किया था| ''मैं आज क्रिकेट के सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं| भारी मन से अपने 18 साल के क्रिकेट के सफर का समापन कर रहा हूं|'' पार्थिव ने कहा, ''मुझे सुकून है कि मैंने गरिमा, खेल भावना और आपसी सामंजस्य के साथ खेला| मैंने जितने सपने देखे थे, उससे ज्यादा पूरे हुए| मुझे उम्मीद है कि मुझे याद रखा जाएगा|''

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पार्थिव पटेल ने लिखा, ''मैं खास तौर पर दादा का ऋणी हूं, मेरे पहले कप्तान, जिन्होंने मुझ पर काफी विश्वास जताया|'' इसके साथ-साथ उन्होंने बीसीसीआई को भी शुक्रिया कहा| उन्होंने लिखा, ''17 साल की उम्र में बीसीसीआई ने उन्हें खेलने का मौका दिया, उसके लिए मैं हमेशा शुक्रगुजार रहूंगा|'' उन्होंने कहा, ''मैं आईपीएल टीमों और उनके मालिकों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे टीम में शामिल किया और मेरा ध्यान रखा|''

कोरोना वैक्सिन पर ट्वीट कर फंसे क्रिकेटर हरभजनसिंह, ट्वीट के बाद भडके यूजर्स

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के मामले एक करोड़ के करीब पहुंच गए हैं। 95 लाख से ज्यादा लोग अबतक इस जानलेवा बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं अब कोरोना वायरस महामारी के इलाज के लिए वैक्सीन की उम्मीद बढऩे लगी है। दुनियाभर में एक आस जगी है कि जल्द ही इस बीमारी से लडऩे का एक कारगर हथियार हमारे पास होगा। इस बीच भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने एक ऐसा ट्वीट किया, जिसके बाद वह ट्विटर पर ट्रोल हो रहे हैं। भज्जी ने ट्वीट किया, फाइजर और बायोटेक वैक्सीन की ऐक्सूरेसी- 94 प्रतिशत, मोडेर्ना वैक्सीन- 94.5 प्रतिशत, ऑक्सफर्ड वैक्सीन- 90 प्रतिशत....भारतीयों की रिकवरी रेट (बिना वैक्सीन)- 93.6 प्रतिशत...क्या भारतीयों को वाकई वैक्सीन की जरूरत है।

भज्जी के ट्वीट के बाद यूजर्स उनपर भड़क गए हैं। भारतीय ऑफ स्पिनर ने ट्वीट करते हुए वैक्सीन की कारगर क्षमता बताते हुए पूछा है कि क्या वास्तव में हमें कोरोना वैक्सीन की जरूरत भी है?

उन्होंने लिखा है, फाइजर और बायोटेक वैक्सीन की ऐक्सूरेसी- 94 त्न मोडेर्ना वैक्सीन- 94.5त्न ऑक्सफर्ड वैक्सीन- 90त्नभारत में रिकवरी दर (बिना वैक्सीन)- 93.6त्न क्या हमें वास्तव में वैक्सीन की जरूरत भी है?

हरभजन के इस ट्वीट के बाद यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया है। एक यूजर ने उनपर तंज कसते हुए जवाब दिया है, जब भारतीय बल्लेबाज 350 रन चेज कर सकते हैं तो फिर हमें स्पेशलिस्ट गेंदबाजों की क्यों जरूरत पड़ती है, पार्ट टाइम गेंदबाज से भी काम चल सकता है, जब स्पिनर गेंदबाजी कर रहा होता है तो हम पैड क्यों लगाते हैं, हमारी हड्डियां इतनी मजबूत होती तो हैं।

कोहली ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया भले ही सीरीज हार चुकी है, लेकिन कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को खेले जा रहे तीसरे वनडे में एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। कोहली ने मैच में 23 रन बनाते ही सबसे तेज 12 हजार रन बनाने का रिकॉर्ड कायम अपने नाम कर लिया। इस मामले में वे सचिन तेंदुलकर से आगे निकल गए हैं। सचिन ने 12 हजार रन बनाने के लिए 309 मैच खेले थे। वहीं, कोहली सचिन से 58 मैच पहले ही यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले सबसे तेज 10 हजार बनाने का रिकॉर्ड भी विराट ने ही तोड़ा था। इस वनडे से पहले कोहली ने 250 वनडे में 59.29 की औसत से 11,977 रन बनाए।यदि कोहली एक सेंचुरी लगा देते हैं, तो वे ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। पोंटिंग ने अब तक 71 इंटरनेशनल सेंचुरी लगाई हैं। वहीं, कोहली 70 सेंचुरी के साथ तीसरे नंबर पर हैं। सबसे ज्यादा इंटरनेशनल सेंचुरी लगाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है।

सचिन का एक और रिकॉर्ड निशाने पर-
वनडे में एक सेंचुरी लगाने के साथ ही कोहली तेंदुलकर के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर लेंगे। तेंदुलकर ने वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 सेंचुरी लगाई है। जबकि, कोहली और रोहित शर्मा ने 8-8 सेंचुरी लगाई। इस लिस्ट में चौथे नंबर पर वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर डेसमंड हेन्स का नाम है। उन्होंने 6 सेंचुरी लगाई हैं।

कोहली 12 हजार के क्लब में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय-
इससे पहले कोहली के नाम वनडे में सबसे तेज 8000 रन, 9000 रन, 10000 रन और 11,000 रन बनाने का भी रिकॉर्ड है। वनडे इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन सचिन ने बनाए हैं। कोहली वनडे में 12 हजार रन बनाने वाले छठे बल्लेबाज बने। साथ ही वे 12 हजार के क्लब में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय बन गए।

श्रीलंका के 3 बल्लेबाजों ने 12 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं-
प्लेयरदेश-मैच-(इनिंग्स)-ODI रन
सचिन तेंदुलकर-भारत-463-(452)-18,426
कुमार संगकारा-श्रीलंका-404-(380)-14,234
रिकी पोंटिंग-ऑस्ट्रेलिया-375-(365)-13,704
सनथ जयसूर्या-श्रीलंका-445-(433)-13,430
महेला जयवर्धने-श्रीलंका-448-(418)-12,650
विराट कोहली-भारत251-(242)-12,000
 

विराट कोहली पर भड़के गौतम गंभीर, बोले- ऐसी कप्तानी मेरे समझ से बाहर

नई दिल्ली। भारत के पूर्व दिग्गज ओपनर गौतम गंभीर  ने ऑस्ट्रेलिया से मिली लगातार दूसरी हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली  की खुलकर आलोचना की है। उन्होंने कोहली की उस रणनीति को खराब कप्तानी बताया, जिसके तहत दूसरे वनडे में पावरप्ले में जसप्रीत बुमराह से महत दो ओवर करवाए गए थे। गंभीर ने कहा कि हम लगातार विकेट लेने की बात कर रहे हैं, लेकिन जब प्रमुख गेंदबाज को मौका ही नहीं देंगे तो विकेट कैसे मिलेगा।

गेंदबाजों को लेकर खराब रणनीति-
गंभीर ने कहा कि उन्हें यह बात समझ में नहीं आई कि कोहली ने नई गेंद से जसप्रीत बुमराह को सिर्फ दो ओवर क्यों दिए। उन्होंने क्रिकइन्फो के एक शो में विराट कोहली पर निशाना साधते हुए कहा, मैं ईमानदारी से कहूं तो कप्तानी को नहीं समझ सकता। हम इस बारे में लगातार बात कर रहे हैं कि अधिक से अधिक विकेट लेना है और हमें ऐसी (ऑस्ट्रेलिया की) बैटिंग लाइन अप को तोडऩा है, लेकिन अपने महत्वपूर्ण गेंदबाज (जसप्रीत बुमराह) से नई गेंद से दो ओवर ही करा रहे हैं। सामान्यत: वनडे में 4-3-3 ओवरों के स्पेल होते हें। 3 बेहतर माना जाता है और किसी बोलर से अधिकतम एक स्पेल में 4 ओवर करवाए जाते हैं।

यह टी-20 नहीं, वनडे है-
उन्होंने आगे कहा, अगर आप नई गेंद के साथ दो ओवर गेंदबाजी कराके अपने प्रमुख तेज गेंदबाज को रोकते हैं तो मैं कप्तानी के बारे में समझ नहीं सकता। मैं शायद उस कप्तानी को समझा भी नहीं सकता। यह टी 20 क्रिकेट नहीं है। भारत की हार हुई, क्योंकि खराब कप्तानी थी।ज् उल्लेखनीय है कि दोनों ही वनडे में भारतीय गेंदबाज छोटे-छोटे स्पेल करते दिखे और गेंदबाजी में तेजी से बदलाव दिखा।

टीम सिलेक्शन पर उठाया सवाल-
टीम सिलेक्शन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, च्वह वॉशिंगटन सुंदर या शिवम दूबे को वनडे में शामिल कर सकते थे। इससे पता चलता कि वे वनडे में कैसा प्रदर्शन करते हैं। अगर ये दोनों ऑस्ट्रेलिया में नहीं हैं तो यह कहीं न कहीं से टीम चयन में खराबी भी है। जब तक आप किसी को मौका नहीं देंगे तो आप कैसे जान पाएंगे कि वह इंटरनैशनल लेवल पर कितना अच्छा है।

दोनों मैचों में भारत को मिली हार-
ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर खेले गए दूसरे वनडे मैच में भारत के खिलाफ 50 ओवरों में 4 विकेट खोकर 389 रनों का विशाल स्कोर बनाया। इस लक्ष्य को पाना भारतीय टीम के लिए नामुमकिन साबित हुआ। वह 51 रनों से मैच हार गई। मेहमान टीम पूरे ओवर खेलने के बाद नौ विकेट खोकर 338 ही बना सकी। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त ले ली है। पहले वनडे में भी ऑस्ट्रेलिया ने 374 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
 

फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में हुई क्रिकेट की एंट्री

क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। 2022 में बर्मिंघम में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने योग्यता प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। 2022 में महिलाओं की आठ टीमें कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेंगी।


बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स इंग्लैंड में होने वाले हैं। ऐसे में मेजबान टीम के रूप में इंग्लैंड की टीम ने सीधे क्वालीफाई कर चुकी है। इस तरह वह कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल होने वाली पहली टीम बन गई है। अन्य स्थानों के लिए आईसीसी महिला टी-20 टीम रैंकिग देखी जाएगी, जो एक अप्रैल 2021 से लागू होगी।

केवल एक जगह के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालीफायर करवाए जाएंगे। इसकी आखिरी तारीख 31 जनवरी 2022 होगी। महिला क्रिकेट टीमें पहली बार बर्मिंघम में होने वाले इस टूर्नामेंट में खेलेगी, जिसमें कुल आठ देश शामिल होंगे। सभी मुकाबले इंग्लैंड के एजबेस्टन में खेले जाएंगे। मालूम हो कि इससे पहले 1998 में पहली बार क्वालालंपुर में पुरुषों की टीमों ने हिस्सा लिया था।


 

IPL Final 2020 : दिल्ली कैपिटल्स ने जीता टॉस, किया पहले बैटिंग का फैसला

MI vs DC IPL Final 2020: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन की दो सबसे मजबूत टीमें- दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस मंगलवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खिताब के भिड़ने जा रही है मैदान में टास हो चूका है दिल्ली ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है |
दिल्ली ने इससे पहले कभी फाइनल नहीं खेला है. लीग में मौजूदा आठ टीमों में से वह इकलौती टीम थी जो फाइनल नहीं खेली थी. श्रेयर अय्यर की कप्तानी वाली दिल्ली ने 13वें सीजन में इस सूखे को तो खत्म कर ही दिया है, लेकिन क्या वो अनुभवी मुंबई के सामने खिताबी सूखा खत्म कर पाएगी यह देखना दिलचस्प होगा. खिताबी मुकाबले से पहले इस सीजन में यह दोनों टीमें तीन बार आमने-सामने हो चुकी हैं और तीनों बार मुंबई ने बाजी मारी है. लीग चरण के दोनों मैचों में मुंबई को जीत मिली थी. प्लेऑफ में पहले क्वालीफायर में भी इन दोनों टीमों का सामना हुआ था, जिसमें मुंबई ने फिर दिल्ली को हराया था और सीधे फाइनल में जगह बनाई थी.


दिल्ली कैपिटल प्लेइंग इलेवन:
मार्कस स्टोइनिस, शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिम्रोन हेटमायर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन, कैगिसो रबाडा, प्रवीण दुबे, एनरिच नॉर्टजे


मुंबई इंडियंस प्लेइंग इलेवन: क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रोहित शर्मा (कप्तान), सूर्यकुमार यादव, इशान किशन, हार्दिक पांड्या, कीरोन पोलार्ड, क्रुणाल पांड्या, नाथन कूल्टर नाइल, जयंत यादव, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह
 

पहली बार फाइनल में पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, अब मुंबई इंडियंस से होगा मुकाबला

नई दिल्ली | आईपीएल के दूसरे चलीफायर में रविवार को दिल्ली कैपिटल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 17 रनों से हराकर पहली बार फाइनल मुकाबले में जगह बना ली। टीम अब अपने पहले आईपीएल खिताब की उम्मीद में मुंबई इंडियंस से भिड़ेगी जो अब तक चार बार खिताब अपने नाम कर चुकी है। 

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दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 189 रन का मजबूत स्कोर बनाया। इसके जवाब में सनराइजर्स आठ विकेट पर 172 रन ही बना सका। हार के बाद हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर ने बताया है कि आखिर किस वजह से टीम को हार का सामना करना पड़ा है।डेविड वॉर्नर को भले ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपने अभियान पर गर्व है लेकिन दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ दूसरे चलीफायर में टीम की फील्डिंग को देखकर उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के लचर प्रदर्शन से वे टूर्नामेंट जीतने के हकदार नहीं थे। 
 
 
वॉर्नर ने सनराइजर्स की 17 रन से हार के बाद कहा कि अगर आप कैच छोड़ते हो और मौके गंवाते हो तो फिर जीत हासिल नहीं कर सकते हो। मुझे लगता है कि गेंदबाजी और बल्लेबाजी में खराब शुरुआत के बाद हमने वापसी की लेकिन फील्डिंग में हमारा रवैया हार का कारण बना। दिल्ली के दोनों सलामी बल्लेबाजों मार्कस स्टोइनिस और शिखर धवन के कैच छूटे जबकि कुछ आसान रन भी दिए गए। दिल्ली ने इसका फायदा उठाकर तीन विकेट पर 189 रन बनाए। इसके जवाब में सनराइजर्स आठ विकेट पर 172 रन ही बना पाया। 
 
 
वॉर्नर ने हालांकि आईपीएल में अपने अभियान पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि तीसरे स्थान पर रहना उनकी टीम के लिए गर्व की बात है क्योंकि किसी ने भी यह अनुमान नहीं लगाया था कि उनकी टीम यहां तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि पहली बात तो यह है कि हमें शुरू में किसी ने दावेदार नहीं बताया था। हर कोई मुंबई इंडियंस, दिल्ली और आरसीबी की बात कर रहा था। मुझे अपने अभियान पर वास्तव में गर्व है। चोटें भी मसला रही लेकिन आपको इसके साथ आगे बढऩा होता है। आज हम जहां हैं उस पर मुझे गर्व है।
 

MI vs DC, Qualifier 1: मुंबई को हराकर पहली बार फाइनल में पहुंचना चाहेगी दिल्ली कैपिटल्स

IPL 2020: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीज़न का लीग स्टेज खत्म हो चुका है. प्ले ऑफ दौर की शुरुआत आज से मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले पहले क्वालीफायर-1 मैच से हो रही है. दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच को जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी. वहीं हारने वाली टीम बाहर नहीं होगी, बल्कि उसे क्वालीफायर-2 खेलने का मौका मिलेगा, जहां वो एलिमिनेटर मैच जीतने वाली टीम के सामने खेलेगी.


पहले और दूसरे स्थान पर लीग स्टेज का अंत करने वाली टीमों को क्वालीफायर-1 में खेलने का मौका मिलता है, और इन दोनों टीमों के पास फाइनल में पहुंचने के दो मौके होते हैं जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को फाइनल में पहुंचने के लिए दो जीत हासिल करनी पड़ती हैं. सनराइजर्स हैदराबाद ने तीसरे और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने चौथे स्थान पर रहते हुए प्ले ऑफ में जगह बनाई है. यह दोनों टीमें एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी, और जीतने वाली टीम फिर क्वालीफायर-2 में पहले क्वालीफायर में हार कर आने वाली टीम से भिड़ेगी.


चार बार की विजेता मुंबई एक बार फिर फाइनल की रेस में है और दावेदारी भी मजबूती से पेश कर रही है. वहीं दिल्ली ने आज तक आईपीएल फाइनल नहीं खेला है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अपने 12 साल के इस सूखे को 13वें सीजन में खत्म करना चाहेगी. दोनों टीमों का पूरे सीजन का प्रदर्शन देखा जाए तो अच्छा रहा है. सबसे अच्छी बात यह है कि यह दोनों टीमें संतुलित रही हैं और किसी एक खिलाड़ी के ऊपर निर्भर नहीं हैं, जो उनकी ताकत है.


सीजन की शानदार शुरुआत करने वाली दिल्ली ने लीग स्टेज के अंत में अपनी फॉर्म गंवा दी थी, लेकिन आखिरी मुकाबला जीत उसने अपना आत्मविश्वास भी हासिल किया और प्ले ऑफ में जगह भी बनाई. बल्लेबाजी में दिल्ली के लिए अच्छी खबर यह रही थी कि अजिंक्य रहाणे ने फॉर्म में वापसी की और बैंगलोर के खिलाफ शानदार अर्धशतकीय पारी खेल टीम को जीत दिलाई.


रहाणे कुछ मैचों में विफल रहे थे, लेकिन अहम मैच में उनके बल्ले से रन निकले, जिस कारण टीम जो जीत मिली. शिखर धवन के साथ उन्होंने बेहतरीन साझेदारी की. धवन भी शानदार फॉर्म में हैं और लगातार अच्छी पारियां खेलते आ रहे हैं. उनके सलामी जोड़ीदार पृथ्वी शॉ का बल्ला जरूर शांत है. मुंबई के खिलाफ शॉ के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी होगी.


कप्तान श्रेयस अय्यर भी फॉर्म में हैं. मार्कस स्टोइनिस से टीम निचले क्रम में आतिशी बल्लेबाजी की उम्मीद करेगी. टीम ने पिछले मैच में शिमरन हेटमायर को बाहर रखा था. अगर हेटमायर को इस मैच में लाया जाता है तो कौन सा खिलाड़ी बाहर बैठेगा यह देखना दिलचस्प होगा. ऋषभ पंत टीम के लिए अहम खिलाड़ी हैं और उनका चलना भी टीम के लिए काफी जरूरी है.


गेंदबाजी में कगीसो रबाडा, एनरिक नॉर्टजे ने दमदार प्रदर्शन किया है. मुंबई के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकना और उसे बड़ा स्कोर नहीं बनाने देना, इन दोनों के हाथों में होगा. अगर यह दोनों अच्छी शुरुआत कर देते हैं, तो बीच में रविचंद्रन अश्विन और अक्षर पटेल किसी भी बल्लेबाजी क्रम को रोकने का दम रखते हैं.


दिल्ली को हालांकि यह समझना होगा कि मुंबई के बल्लेबाजों को रोकना आसान नहीं है. रोहित शर्मा की टीम में वापसी हो गई है और वह जिस तरह के बल्लेबाज हैं उससे दिल्ली वाकिफ है. उनके सलामी जोड़ीदार क्विंटन डिकॉक भी मुंबई के लिए लगातार रन कर रहे हैं. तीसरे नंबर पर आने वाले सूर्यकुमार यादव का बल्ला भी गरज रहा है. इशान किशन को जहां बल्लेबाजी का मौका मिला है उन्होंने वहां रन किए हैं. रोहित के जाने के बाद उन्हें बतौर सलामी बल्लेबाज आजमाया गया और वह इसमें भी सफल रहे थे.


कीरन पोलार्ड, हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या भी नीचे तेजी से रन बनाते आ रहे हैं. इस टीम में वो क्षमता है कि इसकी बल्लेबाजी में अगर तीन खिलाड़ी विफल रहते हैं तो अगले तीन बल्लेबाज उनकी भरपाई कर सकते हैं. सनराइजर्स हैदराबाद ने मुंबई के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को कम स्कोर पर रोका था, दिल्ली के लिए यह ध्यान देने वाली बात होगी.


वहीं मुंबई की गेंदबाजी की बात की जाए तो उसने हैदराबाद के खिलाफ अपने आखिरी मैच में जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट को आराम दिया था. टीम के प्रदर्शन को देखकर साफ पता चला था कि इन दोनों की कमी टीम को खली है. क्वालीफायर-1 में जाहिर है कि यह दोनों वापसी करेंगे और धवन कलुकर्णी के अलावा जेम्स पैटिनसन या नाथन कुल्टर नाइल में से किसी एक को बाहर जाना होगा. स्पिन में राहुल चहर पर काफी कुछ निर्भर करेगा.


मुंबई इंडियंस: रोहित शर्मा (कप्तान), आदित्य तारे (विकेटकीपर), अनमोलप्रीत सिंह, अनुकूल रॉय, क्रिस लिन, धवल कुलकर्णी, दिग्विजय देशमुख, हार्दिक पांड्या, ईशान किशन, जेम्स पैटिनसन, जसप्रीत बुमराह, जयंत यादव, कीरन पोलार्ड, क्रुणाल पांड्या, मिशेल मैक्लेंघन, मोहसिन खान, नाथन कुल्टर नाइल, प्रिंस बलवंत राय, क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), राहुल चहर, सौरभ तिवारी, शेरफाने रदरफोर्ड, सूर्यकुमार यादव और ट्रेंट बोल्ट.


दिल्ली कैपिटल्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, एलेक्स कैरी, पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), शिखर धवन, शिमरन हेटमायर, अक्षर पटेल, ललित यादव, मार्कस स्टोयनिस, कीमो पॉल, आवेश खान, हर्षल पटेल, कगीसो रबाडा, मोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, संदीप लामिछाने, एनरिक नॉर्टजे और तुषार देशपांडे. 

BIG BREAKING : दिग्गज ऑलराउंडर वॉटसन ने क्रिकेट से लिया सन्यास, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्लीऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर शेन वॉट्सन ने क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। वॉट्सन ने ये फैसला आईपीएल 2020 में चेन्नई के प्लेऑफ की रेस से बाहर होने के बाद लिया है। वाटसन ने साल 2016 में ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए फैंस का शुक्रिया अदा किया है।

वॉट्सन ने कहा, वास्तव में लगता है कि यह सही समय है। मैं जानता हूं कि मैंने क्रिकेट में अपना आखिरी मैच, अपने प्रिय चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से आखिरी मैच खेल लिया है। अपने लंबे करियर में इतनी चोटों के बावजूद 39 वर्ष की उम्र में अलविदा कहने पर मैं वास्तव में खुद को भाग्यशाली मानता हूं।

IPL 2020: चेन्नई ने पंजाब के प्लेऑफ में पहुचने की उम्मीद को लगाया झटका

IPL 2020: आईपीएल 2020 के 53वें मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स ने किंग्स इलेवन पंजाब को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया. इस हार के साथ ही चेन्नई ने पंजाब की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें भी खत्म कर दी. किंग्स इलेवन पंजाब को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए हर हाल में ये मुकाबला जीतना था लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. अबु धाबी में खेले गए इस मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 153 रन बनाए लेकिन चेन्नई ने आसानी से लक्ष्य को हासिल कर लिया.

चेन्नई की अच्छी बल्लेबाजी
154 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपरकिंग्स को उसके ओपनर ऋतुराज गायकवाड़ और फाफ डुप्लेसी ने गजब शुरुआत दिलाई. दोनों बल्लेबाजों ने खुलकर बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में 57 रन ठोक डाले. गायकवाड़ और डुप्लेसी ने महज 32 गेंदों में अर्धशतकीय साझेदारी की. इस साझेदारी को 10वें ओवर में क्रिस जॉर्डन ने तोड़ा. डुप्लेसी 34 गेंदों में 48 रन बनाकर आउट हुए.

पंजाब के स्टार फ्लॉप
मयंक अग्रवाल और कप्तान लोकेश राहुल ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिये उतरे पंजाब को शानदार शुरुआत दिलायी. मयंक ने दीपक चाहर के खिलाफ दो चौके लगाकर टीम में वापसी का जश्न मनाया. कप्तान राहुल ने इसी गेंदबाज के खिलाफ तीसरे ओवर में प्वाइंट के ऊपर से आकर्षक छक्का लगाया. राहुल ने इसके बाद शारदुल ठाकुर का स्वागत पांचवें ओवर लगतार दो चौके से किया, लेकिन एनगिडी ने अगले ओवर में मयंक को बोल्ड चेन्नई को पहली सफलता दिलायी. मयंक ने 15 गेंद में पांच चौको की मदद से 25 रन बनाने के साथ पहले विकेट के लिए 48 रन की साझेदारी भी की.
पावर प्ले में पंजाब का स्कोर एक विकेट पर 53 रन था लेकिन इसके बाद गेंदबाजों ने रन प्रवाह पर अंकुश लगा दिया ओर पंजाब ने इस बीच राहुल, निकोलस पूरन और क्रिस गेल के विकेट भी गंवा दिये. एनगिडी ने नौवें ओवर में राहुल को बोल्ड कर 27 गेंद में उनकी 29 रन की पारी को खत्म किया तो वही शारदुल ने 11वें ओवर में पूरन (छह गेंद में दो रन) को विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी के हाथों कैच कराया.

शानदार लय में चल रहे क्रिस गेल (19 गेंद में 12 रन) भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. अनुभवी इमरान ताहिर की फिरकी पर पगबाधा होने के बाद उन्होंने रिव्यू भी गंवा दिया. इस समय टीम का स्कोर 11.5 ओवर में चार विकेट पर 72 रन था. मंदीप सिंह ने 14वें ओवर में दीपक चाहर की पहली गेद पर चौका लगाया जो सात ओवर के बाद टीम की पहला बाउंड्री थी.

हुड्डा की बेहतरीन बल्लेबाजी
हुड्डा ने इसके बाद इमरान ताहिर के खिलाफ 16वें ओवर में कवर्स के ऊपर से शानदार छक्का लगाया लेकिन जडेजा ने अगले ही ओवर में मंदीप (14) को बोल्ड कर पांचवें विकेट के लिए 36 रन की साझेदारी को तोड़ा. जिम्मी नीशाम (2) नहीं चल पाये लेकिन हुड्डा इससे प्रभावित नहीं दिखे. उन्होंने एनगिडी के इस ओवर में दो छक्के लगाये. उन्होंने 19वें ओवर की तीसरी गेंद पर एक रन लेकर 26 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया. हुड्डा ने एनगिडी के आखिरी ओवर में भी एक छक्का जड़ा. उन्होंने जोर्डन के साथ सातवें विकेट के लिए 40 रन की अटूट साझेदारी भी की जिसमें जॉर्डन का योगदान महज चार रन का था. हालांकि हुड्डा की अच्छी बल्लेबाजी भी पंजाब को नहीं बचा पाई.
 

ईशान किशन को मैन ऑफ द मैच देने से भड़का ये तेज गेंदबाज, कहा बुमराह थे हकदार

नई दिल्ली, इंडियन प्रीमियर लीग 2020 के 51वें मैच में मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को एकतरफा अंदाज में 9 विकेट से हरा दिया. मुंबई इंडियंस ने दिल्ली की ओर से मिले 111 रनों के लक्ष्य को महज 14.2 ओवर में हासिल कर लिया. मुंबई इंडियंस की जीत में उसके गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट और जसप्रीत बुमराह ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट लिये. वहीं बल्लेबाज ईशान किशन ने भी नाबाद 72 रनों की पारी खेली. मुंबई इंडियंस के लिए 3 खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया लेकिन अंत में ईशान किशन को मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला. ईशान किशन को मैन ऑफ द मैच देने पर पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा बेहद निराश हो गए और उन्होंने इसे गलत फैसला करार दिया.

नेहरा बोले-बुमराह को मिलना चाहिए था मैन ऑफ द मैच
स्टार स्पोर्ट्स के साथ कमेंट्री कर रहे पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने मुंबई-दिल्ली के मैच में मिले मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड पर सवाल खड़े किये. इस मैच में ईशान किशन को मैन ऑफ द मैच चुना गया, जबकि नेहरा के मुताबिक ये अवॉर्ड जसप्रीत बुमराह को मिलना चाहिए था. नेहरा ने कहा, 'ये गलत फैसला है, बहुत ही गलत फैसला. एक मैच जिसमें विरोधी टीम 110 रन ही बना पाती है और उसमें भी आप बल्लेबाज को मैन ऑफ द मैच देते हैं तो ये तो बिलकुल गलत है. जसप्रीत बुमराह ने 3 ओवर में 17 रन देकर 3 विकेट लिये हैं. इसके बावजूद उन्हें मैन ऑफ द मैच नहीं मिलना निराशाजनक है. ईशान किशन ने बेहतरीन पारी खेली, मैं उनके लिए खुश हूं लेकिन बुमराह को अवॉर्ड ना मिलना गलत.'

नेहरा के साथ कमेंट्री कर रहे इरफान पठान ने भी माना कि मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड गेंदबाज को मिलना चाहिए था. हालांकि उन्होंने जसप्रीत बुमराह नहीं बल्कि ट्रेंट बोल्ट का नाम लिया. बोल्ट ने 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किये. वहीं बुमराह ने 4 ओवर में महज 17 रन देकर 3 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया. लेकिन अंत में मैन ऑफ द मैच ईशान किशन ले गए.