हरियाणवी डांसर सपना चौधरी के डांस वीडियो यूट्यूब पर काफी पसंद किए जाते हैं. लॉकडाउन के बाद से सपना चौधरी के लाइव स्टेज डांस परफॉर्मेंस आयोजित नहीं हो रहे हैं. तो ऐसे में उनके पुराने डांस वीडियो को यूट्यूब पर खूब देखा जा रहा है. इन दिनों डांसिंग क्वीन का एक डांस वीडियो यूट्यूब पर काफी पसंद किया जा रहा है, जिसमें वह 'रसगुल्ला खवा दे' गाने पर जबरदस्त डांस करती नजर आ रही हैं. गाने में सपना रेड और ऑरेन्ज कलर का सूट पहने दिख रही हैं. कमेंट कर फैन्स सपना के डांस और उनके लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
सपना चौधरी के इस डांस वीडियो को चंदा वीडियो के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है. जिसे अब तक 5 मिलियन से अधिक लोग देख चुके हैं. सपना के इस स्टेज डांस परफॉर्मेंस को भारी संख्या में लोग देखते नजर आ रहे हैं. 'रसगुल्ला खवा दे' गाने के बोल नवीन विशु ने लिखे हैं. ये पहला मौका नहीं है जब सपना ने अपने देसी डांस स्टाइल से स्टेज पर धमाल मचाया हो.
सुशांत सिंह राजपूत पढ़ाई में काफी तेज थे। उन्होंने ऐक्टिंग में करियर बनाने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दी थी। सुशांत को बाइक्स और गाडिय़ों का शौक रहा है। सुशांत का एक पुराना पोस्ट सामने आ रहा है, उन्होंने उस बाइक की तस्वीर पोस्ट की थी जिसे उन्होंने स्टूडेंट्स को ट्यूशन पढ़ाकर खरीदा था।
सुशांत सिंह राजपूत का 34 साल की उम्र में इस दुनिया छोड़कर जाना पूरे देश के लिए सदमे से कम नहीं। वह एक अच्छे ऐक्टर होने के साथ पढ़ाई में भी काफी अच्छे रहे हैं। सुशांत का एक इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आ रहा है। इस पोस्ट में वह काफी यंग एज के दिखाई दे रहे हैं। फोटो 2006 की है। इसके साथ उन्होंने लिखा है, 2006 इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को ट्यूशन देकर यह पहली बाइक खरीदी थी। कुछ चीजें आपको बहुत खुशी देती हैं।
सुशांत सिंह राजपूत गाडिय़ों के भी शौकीन थे। उनके पास स्कोडा, जैगुआर, लैंड रोवर जैसी कारें भी थीं। सुशांत ने एमएस धोनी, केदारनाथ और छिछोरे जैसी यादगार फिल्मों में लीड रोल निभाया था।
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और एक्टर आयुष्मान खुराना स्टारर फिल्म गुलाबो सिताबो रिलीज हो गई है. यह फिल्म ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई हैं. फिल्म की कहानी में लखनऊ के रहने वाले एक किरायेदार और मकान मालिक के बीच की लड़ाई को हल्के तरीके से दिखाया गया है. इसमें अमिताभ बच्चन 78 साल के मालिक मिर्जा का किरदार निभा रहे हैं जबकि आयुष्मान खुराना किरायेदार बांके का किरदार निभा रहे हैं. दो घंटे चार मिनट की ये फिल्म आपको हंसी के साथ-साथ भावुक भी करती है.
यहां हम आपको बता रहे हैं, इस फिल्म को लेकर क्रिटिक्स का क्या कहना है -
एनडीटीवी ने फिल्म गुलाबो सिताबो को 5 में से 3.5 स्टार की रेटिंग दी है. इसमें दो तरह के स्तंभों को दिखाया गया है. एक 78 साल के मालिक मिर्जा का और दूसरा किराएदार बांके का. फिल्म में काफी मस्ती और दोनों के बीच नोंक-झोक दिखाई गई है. शूजीत सरकार के इस हास्य फिल्म में हंसी-मजाक का लेवेल काफी अधिक है.
इंडियन एक्सप्रेस ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार की रेटिंग दी है. फिल्म की कहानी ऑडियंस को आकर्षित करने में सक्षम नहीं हो पाती है. शूजीत सरकार के साथ आयुष्मान खुराना की दूसरी फिल्म है. इससे पहले दोनों ने साथ में फिल्म विकी डोनर की थी.
न्यूज 18 इंडिया फिल्म गुलाबो सिताबो को 5 में से 2.5 स्टार की रेटिंग दी है. मिर्जा के किरादार में अमिताभ बच्चन लोगों का दिल जीत लेंगे. बांके के किरदार आयुष्मान खुराना का देसी किरदार झलकता है. फिल्म में उनका किरदार बाहर से कठोर और अंदर भावुक होता है. फिल्म में काफी अच्छे एक्टर हैं, लेकिन मेकर्स ने इसका फायदा नहीं उठा पाएं.
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक डायरेक्टर शूजीत सरकार ने वाइड लेंस का इस्तेमाल मिर्जा, बांके और अन्य लोगों के साथ न्याय किया है. हवेली को लेकर बिल्ली और कुत्ते की तरह आयुष्मान और अमिताभ की लड़ाई काफी इंटरेस्टिंग तरीके से दिखाई गई है. राइटर जूही चतुर्वेदी ने लखनवी ज़ुबान का काफी अच्छा इस्तेमाल करवाया है.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने गुलाबो सिताबो को 5 में से 3.5 स्टार्स की रेटिंग दी है. फिल्म के डायलॉग और स्क्रीनप्ले के लिए जुही चतुर्वेदी को क्रेडिट दिया जाना चाहिए. उन्होंने इसमें काफी कमाल किया है. डायरेक्टर सूजीत सरकार ने, जिनके पास है और जिनके पास नहीं है, उसे लेकर लोगों की इच्छाओं पर कटाक्ष किया है.
हसीन जहां ने अपना वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि 'तैयार हो जाओ जलने के लिए.' इससे पहले भी हसीन जहां ने दो और वीडियो शेयर किए थे. हसीन जहां ने तब भी लिखा था कि 'मैंने आग लगा दी है अब तुम फटते रहो.'
कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में गरीब और बेरोजगार लोगों की मदद में बॉलिवुड में सबसे ज्यादा किसी का नाम लिया जा रहा है तो वह हैं सलमान खान और सोनू सूद। दोनों ही दबंग स्टार लॉकडाउन में गरीब लोगों की मदद करने के लिए लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में बने हुए हैं। इन दोनों की जोड़ी को दबंग में काफी पसंद किया गया था। अब दबंग के छेदी सिंह के किरदार में सोनू सूद और चुलबुल पांडे के रूप में सलमान खान एक बार फिर वापसी को तैयार हैं। हालांकि इस बार इन दोनों का ही अंदाज जरा जुदा होगा।
दबंग में छेदी सिंह के किरदार में सोनू सूद को भी काफी पसंद किया गया था लेकिन बाद के पार्ट्स में सोनू का न होना फैन्स को थोड़ा खला भी था। खैर, फैन्स के लिए अच्छी खबर है कि सलमान खान की सबसे पॉप्युलर फ्रेंचाइज में से एक दबंग की जल्द ही ऐनिमेटेड सीरीज आने वाली है और दबंग के ये किरदार अब ऐनिमेटेड रूप में देखने को मिलेंगे।
दबंग के प्रड्यूसर और सलमान के भाई अरबाज ने बताया कि ऐनिमेटेड सीरीज का फायदा यह भी है कि इसमें केवल एक लंबी कहानी के बजाय छोटी-छोटी कई कहानियां शामिल की जा सकती हैं। इसके जरिए चुलबुल पांडे के किरदार को और सशक्त बनाया जा सकता है। अरबाज खान ने ऐनिमेटेड सीरीज के लिए एक ऐनिमेशन स्टूडियो को दबंग के राइट्स भी दिए हैं।
वैसे दबंग की ऐनिमेटेड सीरीज आने की खबर फैन्स के लिए इसलिए भी अच्छी है क्योंकि हाल-फिलहाल सलमान की कोई फिल्म रिलीज नहीं होने वाली। ईद के मौके पर सलमान की फिल्म राधे: योर मोस्ट वॉन्टेड भाई रिलीज होनी थी लेकिन लॉकडाउन के कारण इसकी शूटिंग ही पूरी नहीं हो पाई है। अब कब इस फिल्म की शूटिंग पूरी होगी और कब यह रिलीज होगी यह कहना मुश्किल ही है। इसके अलावा सलमान केवल अपनी दूसरी फिल्म कभी ईद कभी दिवाली की घोषणा ही कर पाए हैं और इसकी शूटिंग भी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में कम से कम सलमान के फैन्स के लिए यह ऐनिमेटेड सीरीज कम नहीं होगी।
भारतीय फिल्मों में सोनू सूद की पहचान एक आकर्षक डील-डौल वाले खलनायक के रूप में होती है। कोई गॉडफादर न मिलने की वजह से सोनू दक्षिण भारत की फिल्मों से अपने करिअर की शुरुआत करते हैं। तमिल, तेलुगू, कन्नड़, पंजाबी, अंग्रेजी फिल्में करते हुए वे हिंदी फिल्मों में दस्तक देते हैं। हिंदी फिल्मों में उन्होंने डेब्यू 2002 में आई शहीद-ए-आजम से किया और फिर युवा, आशिक बनाया आपने, जोधा अकबर तथा दबंग में नजर आये। सोनू दबंग और सिम्बा जैसी फिल्मों में दमदार खलनायक का किरदार निभाकर लोगों के दिलों में जगह पहले ही बना चुके हैं। लेकिन लॉकडाउन के दौरान जीवन-मरण के संकट से जूझ रहे श्रमिकों की मदद करने और उन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था करने में उन्होंने जो दमदार भूमिका निभायी, फिलहाल वे बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे हैं। कोई उन्हें मजदूरों का मसीहा कह रहा है, कोई उन्हें महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहा तो कोई प्रधानमंत्री को ट्वीट टैग करके उन्हें पद्मभूषण देने की मांग कर रहा है। कहीं उनकी मूर्ति लगाने की घोषणा हो रही है तो अब उनके किरदार पर फिल्म बनाने की घोषणा हुई है।
बहरहाल, सोनू सूद ने संकट में फंसे श्रमिकों को लेकर जो कुछ किया, उसके सामने सरकारों की पहल भी फीकी नजर आई। घर लौटने की जद्दोजहद कर रहे और हजारों की संख्या में पैदल हजारों किलोमीटर के सफल पर निकले श्रमिकों की दुर्दशा ने हर किसी संवेदनशील व्यक्ति को द्रवित किया। आनन-फानन में सख्त लॉकडाउन की घोषणा और तालाबंदी से काम-धंधे ठप हो जाने के चलते श्रमिकों की जो बदहाली हुई, उसने हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर दिया। श्रमिकों की हालात पर आंसू तो बहुत बहाये गये, राजनीति भी हुई, बौद्धिक जुगाली भी हुई, लेकिन एक ठोस रणनीति और कुछ कर गुजरने के जज्बे के साथ जो लोग सामने आये, उनमें सोनू सूद अग्रणी हैं।
सोनू अपनी टीम के साथ सुनियोजित ढंग से मदद के लिए सामने आये। रोज तालाबंदी के शिकार लोगों को खाना खिलाते रहे। एक बार उन्होंने कर्नाटक के श्रमिकों को सैकड़ों किलोमीटर के सफर पर पैदल निकलते देखा तो द्रवित हुए। फिर महाराष्ट्र व कर्नाटक सरकार से बातचीत करके साढ़े तीन सौ लोगों के लिए गांव जाने की व्यवस्था की। फिर मुहिम तेज हुई और श्रमिकों को घर भेजने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। एक फोन नंबर भी जारी किया ताकि फंसे लोग उनसे संपर्क कर सकें। यहां तक कि उन्होंने अपना होटल भी कोरोना योद्धाओं के लिए उपलब्ध कराया।
किस बात ने उन्हें यह सब करने के लिए प्रेरित किया, इसके जवाब में सोनू कहते हैं कि जब मैंने सड़कों पर पैदल घर जाते लोगों के कष्ट को देखा तो मुझे लगा कि जिन लोगों ने हमारे घर-सड़कें बनायी, उन्हें मुश्किल समय में उनके हालात पर नहीं छोड़ सकते। फिर हमने सोशल मीडिया और फोन के जरिये ऐसे लोगों से संपर्क किया। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार व झारखंड की सरकारों से संपर्क किया। फिर बसों की व्यवस्था की और उन्हें सम्मानपूर्वक घर भेजने का प्रयास किया। मेरी पूरी टीम व मित्रों का सहयोग मिला, क्योंकि यह टीम वर्क है, लोगों के सहयोग के बिना यह काम करना संभव नहीं था। करीब साठ-सत्तर हजार लोगों ने हमसे संपर्क किया। सब को घर पहुंचाना तो संभव न था, लेकिन प्राथमिकता के आधार पर लोगों को चुना गया। सोनू सूद का एक वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे बसों के काफिले को नरियल फोड़कर रवाना कर रहे थे।
सोनू दुख जताते हैं कि श्रमिकों के अपने नाम हैं, हमने अपनी सुविधा के लिए उन्हें प्रवासी मजदूर का नाम दे दिया। अपने ही देश में ही प्रवासी कैसे? सोनू उन्हें भारत की धड़कन बताते हैं। वे कहते हैं जब तक आखिरी श्रमिक घर नहीं पहुंच जाता, मैं चैन से नहीं बैठ सकता।
सोनू के इन प्रयासों को बॉलीवुड समेत देश के सभी वर्गों के लोगों ने सकारात्मक प्रतिसाद दिया। लोग कहते हैं कोराना वायरस की वैक्सीन का तो पता नहीं, लेकिन सोनू ने हजारों श्रमिकों के लिए वैक्सीन का काम किया। मशूहर शेफ विकास खन्ना ने सोनू के पैतृक शहर मोगा के नाम पर एक डिश बनाकर उन्हें समर्पित की।
बिहार के एक शख्स ने ट्विटर पर लिखा कि वह सोनू के सम्मान में सिवान में उनकी मूर्ति लगाना चाहते हैं, तो सोनू ने इसके बजाय गरीबों की मदद करने की बात कही। प्रवासियों ने सोनू को केंद्र व राज्य सरकारों से अच्छा बताया। बहुत सारे फिल्मों से जुड़े लोगों व केंद्रीय मंत्रियों तक ने भी सोनू के प्रयासों को सराहा।
सोशल मीडिया और खबरों में तमाम श्रमिकों की तरह-तरह की मांग के दबाव के बीच सोनू ने संयम नहीं खोया। वे बड़े चुटीले अंदाज में उन सवालों का जवाब देकर सब का दिल जीत लेते हैं। कभी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सोनू वंचित समाज के दिलों तक पुल बनाने में कामयाब रहे हैं।
-अरुण नैथानी
'गुलाबो सिताबो', 'शकुंतला देवी' और 'घूमकेतु' के बाद उर्वशी रौतेला-अभिनीत 'वर्जिन भानुप्रिया' ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी. इस बारे में खुद फिल्म के निर्माताओं ने जानकारी दी है.
फिल्म के निर्माता महेंद्र धारीवाल ने कहा, "हम इसे सीधे ओटीटी पर जारी करने के लिए बातचीत कर रहे हैं. वर्तमान स्थिति को देखते हुए ओटीटी से ही रेवेन्यू मिल रहा है, जब थिएटर खोलने के मामले में इतनी अनिश्चितता होती है, तो यह एक अच्छा विकल्प लगता है."
'वर्जिन भानुप्रिया' में गौतम गुलाटी, अर्चना पूरन सिंह, डेलनाज ईरानी, राजीव गुप्ता और बृजेन्द्र काला, निकी अनेजा वालिया और रुमाना मोला भी हैं.
सलमान खान और कटरीना कैफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब नजर आ रहा है, जिसमें कैट थोड़ी परेशान और थकी नजर आ रही हैं और ऐक्टर के कंधे पर अपना सिर रखा है। भले ही यह वीडियो पुराना हो, लेकिन अब भी फैन्स को यह जोड़ी काफी क्यूट लग रही है।
हालांकि इस वीडियो में सलमान खान, कटरीना कैफ के अलावा सामने कोई और महिला खड़ी नजर आ रही हैं, लेकिन उनका चेहरा नजर नहीं आ रहा। इस वीडियो को देखकर लोगों ने जो कॉमेंट किए हैं, उसमें लिखा है- शादी कर लो भाईजान। इस वीडियो में परेशान कैट सलमान के कंधे पर अपना सिर रखती दिख रही हैं। इसके बाद सलमान प्यार से उनके सिर पर हाथ फेरते भी नजर आ रहे हैं और उनका यही अंदाज लोगों के दिलों को छू रहा है।
बता दें कि उस वक्त सलमान और ऐश्वर्या राय का ब्रेकअप हुआ था और तभी फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने कटरीना कैफ को लॉन्च किया। इतना ही नहीं, सलमान और कटरीना की नजदीकियां दोस्ती से आगे भी गई, हालांकि एक वक्त वो भी आया जब इन दोनों के बीच भी ब्रेकअप हो गया।
वैसे, ब्रेकअप के बाद भी सलमान खान और कटरीना की बॉन्डिंग एक-दूसरे के साथ काफी अच्छी है और कई बार वे पर्दे पर भी रोमांस कर चुके हैं, जिसपर दर्शकों ने दिल खोलकर प्यार लुटाया।
सलमान खान ने कटरीना को मैंने प्यार क्यों किया से री-लॉन्च किया और यह फिल्म ब्लॉकबस्टर हिट रही। इसके बाद दोनों कई फिल्मों युवराज, पार्टनर, एक था टाइगर जैसी कई फिल्मों में दिखे और लोगों के दिलों के करीब आ गई यह जोड़ी, लेकिन साल 2010 में दोनों अलग हो गए। इसके पीछे सलमान खान का बुरा वर्ताव वजह बताई गई। आज भले दोनों के बीच वह रिश्ता नहीं जो कभी हुआ करता था, लेकिन इनके बीच की बॉन्डिंग अब भी काफी मजबूत है।
टीवी एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना लॉकडाउन में भी योग के जरिए अपनी फिटनेस का खास ख्याल रख रही हैं। इतना ही नहीं करिश्मा तन्ना इन दिनों समय का भरपूर फायदा उठाते हुए नए-नए योग आसन भी सीख रही हैं। लेकिन हाल ही में करिश्मा तन्ना को नई योग क्रियाएं करना भारी पड़ गया है।
एक नए योग आसन को सीखते हुए करिश्मा तन्ना घायल हो गई हैं। रिपोर्ट की माने तो अदाकारा इन दिनों हाथों और पैरों से जुड़े नए आसन सीख रही थी। लेकिन इस चक्कर में वो अपना बैलेंस खो बैठी और धड़ाम से गिर गई। इस दौरान वहां पास में ही रखे कांच के कटोरे से अदाकारा को काफी चोट लग गई है।
सनी लियोनी के दुनियाभर में फैन्स हैं और चर्चा में कैसे बने रहना है, यह सनी अच्छी तरह जानती हैं। सोशल मीडिया पर हमेशा ऐक्टिव रहने वाली सनी अब अपने फैन्स के लिए एक और सरप्राइज लाने जा रही हैं। खासतौर पर जबकि सभी लोग कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में घरों में है तो सनी का यह सरप्राइज और खास हो जाता है। दरअसल सनी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक चैट शो लाने जा रही हैं।
इस 10 मार्च अर्थात कल पूरा देश होली का त्योहार मनाएगा। इस दिन सभी लोग एक दूसरे रंग-गुलाल लगाएंगे। होली तो वैसे सभी धर्मों और समुदायों के लोग पूरे दिल से मनाते हैं लेकिन देश में ऐसे भी कई हिस्से हैं जहां होली नहीं मनाई जाती है।
आज हम आपको ऐसी ही कुछ जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां के लोग होली नहीं मानते।
मुन्नार - दक्षिण भारत के कई शहरों में होली नहीं मनाई जा जाती हैं। ऐसा ही एक शहर है मुन्नार (Munnar) जहां लोग ज्यादा रंग-गुलाल नहीं खेलते।यहां शायद ही कोई किसी को रंग लगाता हो।यहां के लोग होली का त्योहार नहीं मनाते हैं।
रूद्रप्रयाग - उत्तराखंड के क्वीलली, कुरझण और जौंदली गांव में तकरीबन 150 सालों से होली नहीं मनाई गई। यह गांव रूद्रप्रयाग जिले में आते हैं। यहां लोग होली का त्योहार नहीं मनाते हैं।इसके पिछे की मान्य ता यह है कि इस गांव की इष्टरदेवी मां त्रिपुर सुंदरी देवी हैं। कहा जाता है कि मां को हुड़दंग पसंद नहीं है। ऐसे में होली पर तो मस्ती होती ही है तो लोगों ने होली खेलनी बंद कर दी।
अंडमान-निकोबार - यहां भी लोग होली खेलने से कतराते हैं। निकोबार का हैवलॉक आइलैंड काफी फेमस है। यहां लोग स्कूबा डाइविंग के लिए आते हैं। यहां के लोग बताते हैं कि होली रंगो का त्योहार है इससे शरीर में कई रोग हो जाते हैं जिसके चलते सब रंगों से दूर रहते हैं।
महाबलीपुरम - महाबलीपुरम शहर अपने मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। लेकिन यहां के लोग भी होली नहीं मनाते हैं। होली वाले दिन भी यहां सब सामान्य रहता है। हां होली की कोई भीड़भाड़ नहीं होती, ना ही रंग-गुलाल उड़ाए जाते हैं।
बुंदेलखंड- बुंदेलखंड के सागर जिले के हथखोह गांव के लोग होली नहीं मनाते हैं। इतना ही नहीं गांव के लोग होलिका का दहन भी नहीं करते हैं। इस गांव के रहने वाले रमेश सिंह बताते हैं कि सालों पहले देवी ने साक्षात दर्शन दिए थे और लोगों से होली न जलाने को कहा था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।




















