रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शर्मा का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।
दुर्ग । दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के पुरैना इलाके से एक बेहद संवेदनशील और चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। यहां 3 साल की मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले गया था। जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की।
तलाश के दौरान बच्ची पुरैना से लगे एनएसपीसीएल ग्राउंड के पास मिली, जहां उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। यह नजारा देखकर परिजन और स्थानीय लोग सन्न रह गए। सूचना मिलते ही पुरानी भिलाई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बिना देर किए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। बच्ची को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका डॉक्टरी परीक्षण और उपचार किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्ची के साथ क्या हुआ। प्रारंभिक जानकारी में बच्ची की हालत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
यह मामला समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। मासूम बच्चों को अकेला न छोड़ें, उन्हें जागरूक करें और आसपास के माहौल पर नजर रखें। समय पर सतर्कता और तुरंत कार्रवाई से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है और मध्य इलाकों में गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहा, जबकि राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां 45.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवा आने के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। 26 अप्रैल को एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने और अंधड़ चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में वज्रपात के भी आसार हैं। बारिश का मुख्य असर बस्तर संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है।
राजधानी रायपुर में आज भी ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
मौसम विभाग ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, रायपुर, बलौदा बाजार, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पानी अधिक पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रायपुर: धमतरी के पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘युवा फेस्ट-2026’ का आज अत्यंत उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक माहौल में समापन हुआ। इस महाकुंभ ने न केवल युवाओं की प्रतिभा को एक सशक्त मंच प्रदान किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम से पूरे शहर को ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में मंत्री वर्मा ने कहा कि युवा फेस्ट जैसे आयोजन न केवल युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं, बल्कि उनमें नवाचार और आत्मविश्वास का संचार भी करते हैं।
आज का युवा ही ‘विकसित भारत-2047’ का मुख्य आधार स्तंभ है। स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलकर आप सभी राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करें। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की युवा-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
‘जादू बस्तर’ ने बिखेरा संगीत का जादू
कार्यक्रम के अंतिम दिन ‘दायरा बैंड’ (जादू बस्तर) की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। बैंड ने छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और समकालीन फ्यूजन के ऐसे सुर छेड़े कि पूरा परिसर झूम उठा। लोक और आधुनिक संगीत के इस बेजोड़ मेल ने युवा पीढ़ी के साथ-साथ सभी आयु वर्ग के दर्शकों का मन मोह लिया।
प्रशासन की सराहना और प्रतिभाओं का सम्मान
मंत्री वर्मा ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, विशेषकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री रामू रोहरा ने भी युवाओं से अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
समापन समारोह में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और नवाचार से जुड़ी 23 विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पीजी कॉलेज ने इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रनिंग ट्रॉफी अपने नाम की।
कौशल और संवाद का मंच
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि फेस्ट का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना था, जहाँ वे स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और कला-संस्कृति के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर करता रहेगा। शिक्षा विभाग और महाविद्यालय प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ यह आयोजन जिले के युवाओं के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।
00 श्रीनगर में खेल चिंतन शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
00 भारत को खेल शक्ति बनाने केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय तथा राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों के बीच गंभीर मंथन
00 पहले दिन मेडल स्ट्रेटजी, केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय तथा डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर हुई गंभीर चर्चा
रायपुर। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में प्रारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार इस चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।
साव ने बताया कि आज शिविर के पहले दिन केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ देश में खेलों को नई दिशा देने पर मंथन किया गया। यह पहल न केवल नीतियों को मजबूत करेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एकजुट होकर कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर शहर से नए खिलाड़ी उभरें और देश-विदेश के खेल मंचों पर अपना परचम लहराएं, यह हमारा लक्ष्य है।
26 अप्रैल तक चलने वाला यह शिविर देश में खेलों के समग्र विकास, नीति सुधार, वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है।
चिंतन शिविर के पहले दिन के प्रमुख सत्रों में मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया पर गहन मंथन किया गया। विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर खेल प्रशिक्षकों के पोटेंशियल को विकसित करने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही वर्ष 2048 तक भारत को ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष 5 देशों में शामिल करने के रोडमैप पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार एवं उसके प्रभावी उपयोग को खेल विकास का महत्वपूर्ण आधार माना गया। खेल मंत्रालय द्वारा इस पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
द्वितीय सत्र ‘खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित हुआ। इस सत्र में विभिन्न राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस को साझा किया गया। खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के प्रभावी उपयोग, प्रतिभा पहचान तथा खेल अकादमियों के मानकीकरण पर विशेष बल दिया गया। सत्र के दौरान विद्यालय स्तर पर खेलों को सशक्त बनाने के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से जोड़ने, खेल शिक्षकों की भर्ती एवं उन्हें उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी। साथ ही खिलाड़ियों का समग्र डॉटा-बेस तैयार करने पर राज्यों एवं केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि प्रतिभाओं की सही पहचान सुनिश्चित हो सके।
इस सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि खिलाड़ियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ समर्पित होकर खेलना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक अवसर, सम्मान एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी व्यवस्था (मॉडल) विकसित की जाए, जिससे वे नौकरी प्राप्त करने के बाद भी खेल जारी रखें और अपने खेल करियर को बीच में न छोड़ें।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करने, जमीनी स्तर पर सुविधाओं के विस्तार तथा बच्चों को अधिक समय खेल गतिविधियों में देने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही खेल अधोसंरचना के निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
तीसरे सत्र में डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर गंभीर चर्चा हुई। खेलों में प्रतिबंधित दवाईयों के उपयोग पर कड़े नियम बनाने तथा डोपिंग को अपराध की श्रेणी में लाने के विषय पर केंद्र सरकार एवं खेल मंत्रालय की सख्त नीति को दोहराया गया। इस सत्र में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने खेलों में सुरक्षित एवं पेशेवर वातावरण सुनिश्चित करने तथा खिलाड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सेफ गॉर्डिंग ऑफिसर्स की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
रायपुर। नक्सलमुक्त आबूझमाड़ क्षेत्र में अब निर्माण कार्य तेजी से किये जा रहें। क्षेत्र में सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक, लघु सिंचाई योजना सहित अन्य अधोसंरचनाओं के कार्यो ने जोर पकड़ लिया है पिछले दिनों नक्सलमुक्त आबूझमाड़ में सीटीई की टीम ने विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
टीम ने नारयणपुर के हरिमार्कटोला, सड़क का निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि निर्मित सड़कों मोटाई और चौड़ाई को सही मानक स्तर की है, इसी तरह ग्राम ओरछा ब्लाक में निर्मित शेड की निरीक्षण किया गया । जिले के ग्राम पालकी में निर्मित ओवरहेड टैंक की टीम ने निरीक्षण किया। इसी तरह से जल निर्माण संसाधन विभाग के अंतर्गत बैनूर रिजर्वायरके नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। टीम ने उपस्थित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली एवं अधिकारियों को जरूरी मार्गदर्शन भी दिया।
नक्सलमुक्त बस्तर में अब विभिन्न निर्माण कार्यों के निरीक्षण करने जांच एजेन्सीयों के दल आसानी से पहुंच रहे हैं। तकनीकी टीमों द्वारा निर्माण कार्यों को कराने स्थानिय अधिकारियों को उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे अब अबूझमाड़ में निर्माण कार्य तेजी से किए जाने लगे हैं।
रायपुर। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में रायपुर जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आदेश के उल्लंघन पर 74 राइस मिलर्स को काली सूची में दर्ज किए जाने, सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई करने तथा उनके मिल पंजीयन क्रमांक को ब्लॉक करने की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि अनुबंध के विरुद्ध उठाव किए गए धान के अनुपात में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं करना छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय अपराध है।
समीक्षा के दौरान अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सूची में शामिल ऐसे 10 राइस मिल, जिनमें सर्वाधिक चावल जमा किया जाना शेष है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान धान की कमी पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके साथ ही जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन मिलर्स द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया जाता है, उनकी राशि की वसूली 01 मई 2026 से बैंक गारंटी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए।
अपर कलेक्टर सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को कहा कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराने की कार्रवाई पूर्ण करें। इस अवसर पर जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के कुमेली इलाके के जंगल में जुआ खेलते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद SSP प्रशांत ठाकुर ने सख्त कदम उठाते हुए साइबर प्रभारी राकेश यादव सहित कुल 7 आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। जिससे पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है।
वीडियो में न केवल जुआ खेलते लोग दिखाई दे रहे थे, बल्कि पुलिस की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही थी। यही वजह रही कि मामला तेजी से तूल पकड़ता गया और उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया।
आरोप है कि साइबर टीम को इस तरह की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
धमतरी । शहर के व्यस्त क्षेत्र पीजी कालेज मोड़ के पास शनिवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विवेकानंद मूर्ति के पीछे स्थित एक बर्तन गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया।
सुबह लगभग साढ़े नौ बजे स्थानीय लोगों ने लक्ष्मी एल्युमिनियम गोदाम से धुआं उठते देखा और तत्काल संचालक व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने हालात की गंभीरता को देखते हुए एक के बाद एक तीन गाड़ियां लगाईं, लेकिन आग की तीव्रता को काबू में करने के लिए कुरुद से भी अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाना पड़ा। प्लास्टिक और ज्वलनशील सामान की अधिकता के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था। धुएं का घनत्व इतना अधिक था कि दमकलकर्मी गोदाम के अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। हालात को देखते हुए जेसीबी मशीन मंगाकर गोदाम के एक हिस्से को तोड़ा गया, जिसके बाद अंदर तक पहुंच बन सकी और आग बुझाने का कार्य तेज किया गया। लगभग पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर तीन बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान कोतवाली पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
गोदाम संचालक प्रकाश कुकरेजा के अनुसार, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, हालांकि आसपास के लोगों का कहना है कि पास में स्थित बांस के पेड़ में लगी आग की चिंगारी गोदाम तक पहुंचने से यह हादसा हुआ हो सकता है। कुछ लोग शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जता रहे हैं। गोदाम में शादी में उपयोग होने वाले बर्तन, प्लास्टिक सामग्री, मिक्सी सहित अन्य सामान रखे थे, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। आग बुझाने में दमकल कर्मियों की टीम ने साहस और तत्परता का परिचय दिया, जिनमें दिलीप निषाद, जितेश साहू, उमेश कौशिक, राजेश हिरवानी, अरुण यादव, अभिनव तिवारी, रोहित सिवना, देवेंद्र साहू और भरत ठाकुर सहित अन्य शामिल रहे।
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना पुलिस के समक्ष दक्षिण बस्तर के 47 नक्सलियों ने 32 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें डीकेएसजेडसीएम, डीवीसीएम, एसीएम और PM जैसे कैडर्स शामिल हैं। ये सभी नक्सली बस्तर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे। आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और दक्षिण बस्तर डीवीसी के इंचार्ज हेमला इथु उर्फ विज्जा भी शामिल है। इसके अलावा 9वीं प्लाटून के कमांडर पोडियम लच्छु उर्फ मनोज जैसे सक्रिय नक्सली कैडर भी दक्षिण करने वालों में शामिल हैं। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने इस आत्मसमर्पण की पुष्टि की है।
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने कुल 32 हथियार भी जमा किए हैं। इनमें 1 एलएमजी, 4 एके-47, 3 एसएलआर, 2 इंसास राइफल, 2 मस्कट, 1 BGL गन, 2 एयर गन, 1 पिस्टल, 1 रिवॉल्वर और 12 नग सिंगल शॉट गन शामिल है। इसके अलावा 515 जिंदा कारतूस भी जमा किए गए। तेलंगाना पुलिस का कहना है कि संगठन के कई प्रमुख नेता और कैडर अब बाहर हो चुके हैं, कुछ छिटपुट नक्सली ही बचे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में अलग-अलग स्तर के कैडर शामिल हैं। इनमें शीर्ष स्तर के सदस्य से लेकर प्लाटून स्तर तक के नक्सली शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक कुल 47 में से 28 सदस्य डीकेएसजेडसीएम से और 15 सदस्य 9वीं और 30वीं प्लाटून से जुड़े थे। तेलंगाना पुलिस ने बताया कि लगातार ऑपरेशन, इंटेलिजेंस इनपुट और ग्राउंड पर मजबूत पकड़ के चलते यह सफलता मिली है। साथ ही सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत मदद दी जाएगी।a
रायपुर। विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ पशु चिकित्सा अधिकारी (अज-अजजा) संघ द्वारा “पशु चिकित्सकों का मानव स्वास्थ्य एवं पोषण आहार पूर्ति में विशेष योगदान” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पशुधन के महत्व, उनके स्वास्थ्य और प्रकृति के संतुलन में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा, “हमारे देश में एक समय था जब समृद्धि की गणना घर में मौजूद पशुओं की संख्या से होती थी। जिसके पास जितने अधिक पशु, वह उतना ही धनी माना जाता था। दुर्भाग्यवश, कालांतर में मनुष्य स्वार्थी होता गया और पशुओं की चिंता छोड़ दी। आज केवल 10% किसानों के पास पशु बचे हैं, जिसका मुख्य कारण चारे की चिंता और संवेदनशीलता की कमी है।”
ड़क दुर्घटनाएं और संवेदनशीलता की आवश्यकता
सांसद ने सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पशुओं के प्रति हमारा लगाव खत्म हो गया है, जिससे वे बेज़ुबान सड़कों पर मरने के लिए छोड़ दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “जब उन्हें चारा नहीं मिलता, तो वे कचरे के ढेर से प्लास्टिक खाने को मजबूर होते हैं। हमें और हमारे वेटनरी डॉक्टरों को अधिक संवेदनशील होने की ज़रूरत है। हर जिले और ब्लॉक में पशु एम्बुलेंस की संख्या बढ़ानी होगी ताकि समय पर घायल पशुओं का इलाज हो सके।”
जैविक खेती और व्यक्तिगत अनुभव
अपने व्यक्तिगत जीवन का उदाहरण देते हुए अग्रवाल ने बताया, “मेरे घर में पिछले 80 सालों से भैंस का दूध नहीं आया है। मेरे खेतों में 90 गाएं हैं, जिन्हें दूध के लिए नहीं बल्कि खेती के लिए रखा गया है। आज मेरे घर में जो चावल, गेहूं, सब्जियां और ड्रैगन फ्रूट पैदा होते हैं, वे पूरी तरह गोबर और गौमूत्र पर आधारित ऑर्गेनिक खेती की देन हैं। मेरी 40 वर्षों की सक्रिय राजनीति और ऊर्जा का राज़ यही पशु और प्राकृतिक जीवनशैली है।”
प्रकृति का संतुलन और पशु चिकित्सा का महत्व
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पशु कम होंगे, तो प्रकृति का संतुलन बिगड़ेगा और प्राकृतिक आपदाएं बढ़ेंगी। अग्रवाल ने पशु चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे न केवल पशुओं के इलाज पर ध्यान दें, बल्कि समाज में अवेयरनेस भी लाएं। उन्होंने सरकार की ‘बरसीम घास’ उगाने जैसी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सांसद ने पशु चिकित्सा संघ को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य की चिंता करना असल में मानव स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने पशुओं के प्रति प्रेम और संवेदना बनाए रखने की अपील की है।
दुर्ग। जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक मौत ने सनसनी फैला दी है, पोलसाय पारा में 45 वर्षीय संतोष ढांडे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, परिजनों ने आरोप लगाया है कि एक नाबालिग के मुक्के से सीने पर चोट लगने के बाद उनकी जान चली गई, फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवडिय़ा एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे।
रायपुर। प्रदेश के किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर और आधुनिक खेती किसानी की तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदानी में इजाफा कर रहे हैं। ऐसे ही महासमुन्द जिले के अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह के किसान श्री दुबेलाल कोसरे ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। श्री कोसरे, बताते हैं कि पूर्व में वे पारंपरिक रूप से धान एवं अन्य फसलों की खेती करते थे। इस पारंपरिक खेती में लागत अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद उन्हें सीमित लाभ ही प्राप्त हो पाता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था।
वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्हें यह जानकारी प्राप्त हुई कि उद्यानिकी फसलों के माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन एवं अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। इस जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन घटक का लाभ लिया। श्री कोसरे बताते है कि योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपने 0.40 हेक्टेयर सिंचित भूमि में आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्राफ्टेड टमाटर की खेती प्रारंभ की।
कृषक दुबेलाल कोसरे द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली ग्राफ्टेड पौध, सिंचाई हेतु ड्रिप प्रणाली तथा खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया गया। वे बताते हैं कि उन्नत तकनीकों के समुचित उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 16 से 18 टन तक उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में टमाटर का औसत विक्रय मूल्य लगभग 20 रुपए प्रति किलोग्राम मिलने से उन्हें कुल लगभग 3 लाख 9 हजार रुपए का लाभ प्राप्त हुआ। यह लाभ धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कोसरे द्वारा अन्य किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। उनके मार्गदर्शन से ग्राम बम्बुरडीह के अन्य कृषक भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और आधुनिक खेती को अपनाने लगे हैं।
रायपुर। नारायणपुर जिले के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा अब फिर से मुस्कुरा रही है। कुछ समय पहले तक यह नन्हीं बच्ची जल्दी थक जाती थी, सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी और परिवार उसकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहता था। गांव के सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को यह भी पता नहीं था कि उनकी बच्ची के हृदय में गंभीर समस्या है। लेकिन जिले में शुरू किए गए प्रोजेक्ट धड़कन ने न केवल बीमारी की समय पर पहचान की, बल्कि पारूल को नया जीवन भी दे दिया।
नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से फरवरी 2026 में प्रोजेक्ट धड़कन की शुरुआत की गई थी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका उपचार कराया जा सके। खास बात यह है कि यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित थी। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की। प्रथम चरण में 3000 से अधिक बच्चों की जांच की गई। इस दौरान तीन बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षण पाए गए। इनमें ब्रेहबेड़ा की पारूल दुग्गा भी शामिल थी।
जब पारूल के परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली तो चिंता बढ़ गई, लेकिन पहली बार उम्मीद भी जगी। प्रशासन ने तुरंत बेहतर इलाज की व्यवस्था की। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। रायपुर पहुंचने पर श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पारूल की विस्तृत जांच की। जांच में उसके हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि हुई, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक बताया गया। परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वय से उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई। 10 अप्रैल 2026 को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में पारूल की सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी लगातार देखभाल की गई। आज पारूल अपने घर लौट चुकी है। वह खेल रही है, मुस्कुरा रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है। वही अब परिवार के चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान बन गई है।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि प्रोजेक्ट धड़कन का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, मैदानी कर्मचारियों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
पारूल की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है, जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। प्रोजेक्ट धड़कन अब नारायणपुर में एक योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है, जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल 26 अप्रैल को सुबह 11 बजे बूथ क्रमांक 203, क्लब हाउस विनायक सिटी भाठागांव रायपुर में मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण का श्रवण करेंगे। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
रायपुर। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अम्बिकापुर स्थित गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेश एवं देश की प्रगति, उन्नति तथा लोककल्याण के लिए अरदास की। इस अवसर पर उन्होंने समाज में आपसी सद्भाव, सेवा और समरसता के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी के कल्याण की कामना की।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि गुरुद्वारा जैसे पवित्र स्थल हमें सेवा, त्याग और मानवता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सौहार्द्र और परस्पर सहयोग की भावना ही समग्र विकास का आधार है। जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है, तभी प्रदेश और देश प्रगति के नए आयाम स्थापित करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हर वर्ग के उत्थान और समावेशी विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।
इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंध समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने मंत्री श्री अग्रवाल का स्वागत किया। उपस्थित लोगों ने भी प्रदेश की उन्नति और समाज में शांति बनाए रखने की कामना की।a
00 संवेदनशील नेतृत्व का प्रभाव: मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर वृद्ध हितग्राही को मिली तत्काल राहत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील, सजग और जनकेंद्रित नेतृत्व का एक और सशक्त उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक वृद्ध हितग्राही की समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शासन ने तुरंत राहत सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम पथर्री निवासी भीखलु राम ध्रुव को जिला प्रशासन की सक्रियता से बड़ी राहत मिली है।
मीडिया के माध्यम से प्रसारित एक खबर में यह जानकारी सामने आई थी कि भीखलु राम ध्रुव लंबे समय से पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना विलंब किए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि संबंधित हितग्राही को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर बीएस उइके ने स्वयं मामले की जानकारी ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि भीखलु राम ध्रुव का ई-केवाईसी किसी कारणवश लंबित था, जिसके कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। प्रशासन द्वारा तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिससे उन्हें पुन: शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। प्रशासन की तत्परता का परिणाम यह रहा कि भीखलु राम ध्रुव को तीन माह की लंबित वृद्धावस्था पेंशन एकमुश्त प्रदान की गई। वहीं खाद्य विभाग द्वारा भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके घर पहुंचकर 01 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया है। अब उन्हें नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस मानवीय और तत्पर हस्तक्षेप से राहत प्राप्त करने पर भीखलु राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेंशन और राशन मिल जाने से मेरे जीवन में बड़ी राहत आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह संवेदनशीलता मेरे लिए बहुत मायने रखती है। अब मुझे भरोसा है कि सरकार हमारी चिंता करती है।
उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक जरूरतमंद तक उनका लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए निरंतर सजग और प्रतिबद्ध है।
रायपुर। पीसीसी की स्वीकृति के बाद शहर जिला कांग्रेस कमेटी की घोषणा अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कर दी है। सूची में शामिल हैं-
कोषाध्यक्ष -- सचिन अग्रवाल।
उपाध्यक्ष-- सहदेव व्यवहार,जसबीर ढिल्लन,दिनेश ठाकुर,राकेश धोतरे,डा.अन्नुराम साहू,प्रशांत ठेंगड़ी,चंपालाल देवांगन,मनोज बंजारे,अविनय दुबे,नितिश शर्म,इरफान कुरैशी,सम्पत सिंह राजपूत।
महामंत्री-- सुशांत डे,प्रवीण चंद्राकर,दीपक चौबे,सुरेश जैन बाफना,राजू(राज)देवांगन,सौरभ तिवारी,अनिल रायचुरा,संदीप शर्मा,कृष्णकांत साहू,मोहम्मत ताहिर,जावेद नकवी,जीतू भारती,नंदू सिन्हा,सत्तु सिंह,संजय अग्रवाल,मनीष शर्मा,सतीश विक्की साहू।
सचिव-- लक्ष्मीप्रसाद मिश्रा(मुन्ना),प्रदीव देवांगन,प्रीति सोनी,अर्पणा संचेती,फहीम खान,ईश्वर चक्रधारी,महेन्द्र सेन,संजय सोनी,रोहित साहू,अमित कोसरिया,आकाश उपाध्याय,जितेन्द्र यादव,उज्जवल राजपूत,मोहसिन खान,राजू दुबे,श्रीनाथ भोगल,ज्योतिप्रकाश जगत,प्रवेश लखवानी,अनिल रुपचंदानी,हीरा नागरची। कार्यकारिणी सदस्य--राजु नायक,सुरेश बुधवानी,नागेन्द्र तिवारी,राहुल श्रीवास्तव,नागेन्द्र वोरा,नवीन लाजरस,सागर तांडी,दीपक कुमार,मरकंद तांडी हेमू डेकाटे।
निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर--मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर श्री युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी श्री के. डी. दीवान उपस्थित थे।
बलरामपुर। जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वाड्रफनगर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूल जा रही दो शिक्षिकाएं ट्रक की चपेट में आ गईं। हादसे में स्कूटी सवार एक शिक्षिका की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना बसंतपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, दोनों शिक्षिकाएं अपने विद्यालय करमडीहा स्कूल के लिए स्कूटी से निकली थीं। इसी दौरान मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि एक शिक्षिका ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरी शिक्षिका रजनी केवट गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घायल शिक्षिका को तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से वाड्रफनागर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मृतक और घायल दोनों शिक्षिकाएं करमडीहा स्कूल में पदस्थ थीं। घटना की खबर मिलते ही स्कूल स्टाफ और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में मातम का माहौल है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भगवान महावीर जैन रिलीफ ट्रस्ट ने भेंट कर फिजियोथेरेपी सेंटर निर्माण के लिए रियायती दर पर जमीन देने आग्रह किया।
समिति की और से अध्यक्ष अशोक पगारिया एवं संतोष बैद ने नया रायपुर में मेडी सिटी में फिजियोथेरेपी सेंटर एवं हॉस्पिटल खोलने भूमि रियायती दर पर देने ज्ञापन दिया जिसमें संस्था द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों का भी विवरण है समिति को मेडी सिटी नया रायपुर में रियायती दर पर आवश्यकता अनुसार हॉस्पिटल के लिए जमीन देने की मांग को मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार करते हुए शीघ्र ही उचित कार्यवाही करने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए -- मुख्यमंत्री ने संस्था की जनहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री से उपरोक्त भेंट कर समिति ने भगवान महावीर जैन रिलीफ ट्रस्ट के जनहितकारी कार्यों कि जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक 132000 डायलिसिस आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की मात्र 450 रु में MMI हॉस्पिटल मे की गई है। वही 850 मोतियाबंद के ऑपरेशन निःशुल्क अरविंदो नेत्र चिकित्सालय में किया गया है।
समिति के अध्यक्ष अशोक पगारिया एवं जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी संतोष बैद के नेतृत्व में भेंट हुई, जिसमें भगवान महावीर जैन रिलीफ ट्रस्ट से अध्यक्ष अशोक पगारिया ,सचिव अशोक सेठिया, सदस्य अनिल लोढ़ा, योगेश पगारिया शांतिलाल बैद, पारस पारख, जय सांखला शामिल थे।
रायपुर । वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सृजन कक्ष में केलो विहार शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति, रायगढ़ के पंजीकृत सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा किया गया।
इस दौरान मंत्री चौधरी ने समिति के सदस्यों से सीधे संवाद करते हुए आवासीय सुविधाओं के विस्तार, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को आवासीय अधिकार और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मंत्री चौधरी ने कहा कि केलो विहार पट्टा प्रकरण लंबे समय से लंबित और संवेदनशील मुद्दा रहा है। कई लोगों ने वर्षों पहले अपने घर बनाए, लेकिन उन्हें मालिकाना हक नहीं मिल पाया था। अब पट्टा मिलने से उनके सपने साकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं, तभी जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव संभव होता है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक हितग्राहियों को उनके अधिकार दिलाना संतोष का विषय है।
कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न श्रेणियों में भूमि आवंटन के लिए मांग पत्र एवं पट्टों का वितरण किया गया। 2400 वर्गफुट श्रेणी में डॉ. धनराज प्रसाद साहू, दुलीचंद देवांगन एवं एस.एच. खोड़यार को, 1800 वर्गफुट श्रेणी में भवानी शंकर पटनायक को, 1500 वर्गफुट श्रेणी में आई.एस. परिहार, केदारनाथ प्रधान एवं श्रीमती बासंती सरकार को, 1200 वर्गफुट श्रेणी में खगेश्वर पटेल एवं मथुरा प्रसाद नामदेव को तथा 960 वर्गफुट श्रेणी में सूर्यकुमार पांडा, त्रिलोकी नाथ पुजारी, श्रीवत्स पांडा एवं बालकृष्ण डनसेना को पट्टा प्रदान किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार प्रथम चरण में कुल 103 पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन किया गया है और शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही जारी है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर रवि राही, संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी, समिति पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में खुलासा हुआ है कि धमतरी और बस्तर जैसे संवेदनशील जिलों में विदेशों से करोड़ों रुपये भेजे गए हैं। फिलहाल एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि इन पैसों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
अमेरिका से आई करोड़ों की फंडिंग
ED के अनुसार, एक अमेरिकी एजेंसी के जरिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की रकम छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई। शुरुआती जांच में यह रकम धमतरी और बस्तर में खर्च होने की बात सामने आई है, हालांकि इसके उपयोग को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
देशभर में छापेमारी के दौरान खुलासा
यह मामला तब सामने आया जब ED ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में हो रही फंडिंग की जांच के लिए 18 और 19 अप्रैल को देश के कई राज्यों में छापेमारी की। इसी दौरान बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीका मार्क नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा गया।
जांच में पता चला कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड के माध्यम से भारत में बार-बार कैश निकाला जा रहा था।
‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ से जुड़ा मामला
ED की जांच में इस फंडिंग का संबंध The Timothy Initiative नामक संगठन से सामने आया है, जो ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार से जुड़ा बताया जा रहा है।
एजेंसी के मुताबिक, इन पैसों का उपयोग भारत में संगठन के खर्चों के लिए किया गया, जबकि यह संस्था विदेशी चंदा विनियमन कानून (FCRA) के तहत पंजीकृत नहीं है।
बैंक कार्ड से निकाला गया कैश
ED के प्रेस नोट के अनुसार, अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक से जुड़े डेबिट कार्ड भारत लाए गए और एटीएम के जरिए लगातार नकदी निकाली गई। पिछले कुछ वर्षों में इन कार्डों से छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में “असामान्य” और “संदिग्ध” तरीके से बड़ी रकम निकाले जाने के प्रमाण मिले हैं।
जांच जारी
फिलहाल ED इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पैसे का अंतिम उपयोग कहां और किन गतिविधियों में किया गया।
इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं, क्योंकि मामला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील माना जा रहा है।
रायपुर । महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में आज पुररस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सच्चिदानंद शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी एवं सचिव अनिल तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप मे मौजूद थे।





























