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महतारी वंदन से संवर रहा भविष्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

महतारी वंदन से संवर रहा भविष्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

 रायपुर: राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से महिलाएं न केवल घरेलू जरूरतों की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी रख रही हैं।

मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के ग्राम बरबसपुर निवासी मनीषा बंजारा महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रूपए सहायता राशि से परिवार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपनी बेटी की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का अवसर मिला है। इससे परिवार के आर्थिक बोझ में कमी आई है और बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी हुई है।

मनीषा बताती हैं कि योजना से प्राप्त राशि का वे सुनियोजित उपयोग कर रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में खाता भी खुलवाया है, जिसमें वे नियमित रूप से बचत कर रही हैं। मनीषा के अनुसार, महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मविश्वास और आर्थिक संबल प्रदान किया है, जिससे वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

बारहमासी सड़क से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी….

बारहमासी सड़क से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी….

 रायपुर: कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम चाऊरडोंगरी, जो कभी दुर्गम पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझता था, अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित पक्की सड़क ने इस गांव के लोगों के जीवन में नई उम्मीद और सुविधाओं एक नया मार्ग तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है। करीब 1.74 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क को पहाड़ों की कटिंग कर बनाया गया है, जिससे यह क्षेत्र अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ गया है। पहले इस पहाड़ी गांव तक पहुंचना बेहद कठिन था, विशेषकर बारिश के मौसम में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो जाते थे। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिलना भी मुश्किल था। अब सड़क निर्माण के बाद गांव तक आवागमन सुगम हो गया है और वाहन सीधे पहुंचने लगे हैं।

 बारहमासी सड़क से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी

ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं था, जिससे आवश्यक सामग्री लाने में काफी परेशानी होती थी। अब सड़क बनने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर हुई है और समय पर उपचार संभव हो पाया है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि पहले उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, लेकिन अब शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से तेजी से बदलाव आया है। पक्की सड़क बनने से समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंच रहा है।

कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। चाऊरडोंगरी गांव अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क से यहां के लोगों का जीवन आसान हुआ है और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगी है।

बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा

बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा

 10 दिनों में 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, दुर्गम अंचलों तक पहुंचीं टीमें; हजारों मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार

दुर्गम वनांचलों तक पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया

मोबाइल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए अब कठिन क्षेत्रों में भी मिल रही नियमित चिकित्सा सेवाएं

रायपुर, 23 अप्रैल 2026/ बस्तर संभाग के घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों और दूरस्थ बसाहटों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक साफ महसूस की जा रही है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी और अनिश्चितता ही विकल्प थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के दस दिन पूरे होते-होते यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सफल हो रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगा रही है।

अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में तत्काल राहत मिली है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की गई है। अब तक 8055 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजकर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है।

जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से इन बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है, साथ ही गंभीर स्थितियों को टालने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी।

इसके साथ ही लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आगे भी इलाज की निरंतरता बनी रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध हो सके। अब बस्तर के सुदूर गांवों में भी लोग इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके द्वार तक पहुंच रही हैं। यही बदलाव इस अभियान को खास बना रहा है।

राज्यपाल के निर्देश पर धनेशपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविर

राज्यपाल के निर्देश पर धनेशपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविर

 रायपुर, 23 अप्रैल 2026- राज्यपाल रमेन डेका ने बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनेशपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। शिविर समाज कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से आयोजित कर जरूरतमंद दिव्यांगजनों का उपचार कर आवश्यक उपकरण प्रदान करें।

राज्यपाल ने कहा है कि दोनों विभाग आपसी समन्वय से ग्राम धनेशपुर में विशेष शिविर आयोजित करें, जहां दिव्यांग बच्चों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परीक्षण तथा उनकी स्थिति का आंकलन किया जाए। साथ ही दिव्यांगता के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत सर्वे एवं चिकित्सकीय अध्ययन भी कराया जाए।

निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंचकर घर-घर सर्वे करेगी तथा पात्र बच्चों और नागरिकों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं दिव्यांग कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करेगी। शिविर के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को सहायक उपकरणों का वितरण भी किया जाएगा, ताकि उन्हें दैनिक जीवन, शिक्षा और आवागमन में सुविधा मिल सके।

राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि दिव्यांगता से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा बच्चों के बेहतर उपचार, पुनर्वास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

राज्यपाल रमेन डेका ने ली रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक

राज्यपाल रमेन डेका ने ली रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक

 अधिकारी जनता के बीच जाएं और करें संवाद - राज्यपाल श्री रमेन डेका

ग्राम पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए डबरी का निर्माण किया जाए

नशे पर सख्ती से रोक लगाए एवं भारी वाहनों के आवागमन पर करे नियंत्रण

रायपुर, 23 अप्रैल 2026- राज्यपाल  रमेन डेका ने रायपुर जिले की विकासखण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल ने कहा कि सभी अधिकारी जनता बीच जाएं और उनसे मिलें। उनके तथा हितग्राहियों से मुलाकात करें एवं उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर योजनाओं का फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत जानने का सबसे बेहतर तरीका लोगों से लगातार संवाद है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट ग्रीन पालना और प्रोजेक्ट रचना की सराहना की।

डेका ने जिले के विभिन्न विकासखण्डों में हो रहे डबरी निर्माण की भी सराहना करते हुए कहा कि हमें बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, इससे रायपुर के जलस्तर में सुधार आएगा और भविष्य में होने वाले संभावित पेयजल की समस्या का सामना करने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को व्यवहारिक और प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में धान की खेती अधिक होती है, जो पानी की खपत बढ़ाती है, इसलिए बड़े किसानों को अन्य फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि रायपुर तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले वर्षों में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन जाएगा। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर जल स्रोतों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए, ताकि उसी आधार पर बेहतर योजना और रणनीति बनाई जा सके।

डेका ने कहा कि हमें ग्राम पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी डबरी बनानी चाहिए। इस कार्य में समुदाय की भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करें और जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे कार्यों के लिए शामिल करें। सभी शासकीय कार्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करें और अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि वृक्षारोपण को अधिक से अधिक बढ़ावा दें। एम्स, डॉ. भीमराव अंबेडकर हॉस्पिटल एवं स्कूलों में वृक्षारोपण करें। सड़कों के किनारे भी वृक्षारोपण किया जा सकता है, इससे प्रदूषण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि विकास की निशानी अधिक से अधिक पेड़ लगाना और हरियाली है।

प्रोजेक्ट हर घर मुनगा की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दें, नेचुरल फार्मिंग में वैल्यू एडिशन जरूरी है। हमें विशेष रूप से हाइड्रोपोनिक्स को बढ़ावा देना चाहिए। आने वाला समय में इसकी अच्छी संभावना है। उन्होंने नर्सरी हाइड्रोपोनिक्स विकसित करने का सुझाव दिया। “ग्रीन पालना” परियोजना की चर्चा के दौरान राज्यपाल ने जानकारी ली कि नवप्रसूता महिलाओं को दिए गए पौधों की निगरानी कैसे होती है। वे जीवित हैं या नहीं। राज्यपाल ने कहा कि पेड़ लगाना हम सभी की जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। राज्यपाल ने योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आम जनता से कहा कि योग की कक्षाओं तक ही सीमित न रहें बल्कि योग सीखने के बाद नियमित रूप से घर में भी इसका अभ्यास करें।

यातायात व्यवस्था पर राज्यपाल ने कहा कि जिले में भारी वाहनों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। तीव्र गति से ड्राइविंग और हेलमेट के मामले में पहले जागरूकता बढ़ाने और फिर आवश्यक होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि सख्ती और जागरूकता के जरिए इसे रोकना जरूरी है। इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव सुश्री निधि साहू, जिले के प्रशासनिक अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

 आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह

रायपुर, 23 अप्रैल 2026 - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।

दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग

पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें।

आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा

जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा—

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत

बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज

एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत

दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता
साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास

आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई।

समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम

यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और अपनी बेटियों को सर्वाईकल कैंसर के खतरे से बचाएं

अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और अपनी बेटियों को सर्वाईकल कैंसर के खतरे से बचाएं

 रायपुर। बेटियों की मुस्कान में ही भविष्य की सबसे उजली तस्वीर बसती है-और इसी मुस्कान को सुरक्षित रखने के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ ने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल केवल एक शासकीय योजना नहीं, बल्कि हर उस माँ-बाप के विश्वास की रक्षा है, जो अपनी बेटी के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित कल का सपना देखते हैं।

भारत सरकार के नेतृत्व में चल रहे अभियान से जुड़ते हुए छत्तीसगढ़ अब उन सभी राज्यों के साथ कदम से कदम मिला रहा है, जिन्होंने गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर को जड़ से समाप्त करने का बीड़ा उठाया है। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर महिलाओ में होने वाले कैंसरों में दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। यह मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के प्रारंभिक चरण में सामान्यतः कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता जिस कारण अक्सर यह गंभीर अवस्था में पहुँच जाता है। HPV टीकाकरण इस गंभीर कैंसर के खिलाफ एक सशक्त और भरोसेमंद सुरक्षा कवच के रूप में स्थापित हो चुकी है- वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, पूर्णतः सुरक्षित, अत्यंत प्रभावी है और इसकी सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव दर्ज नहीं हुआ है-जो इसकी विश्वसनीयता को और भी पुख्ता बनाता है। यह टीका केवल आज की सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में कैंसर के खतरे को जड़ से कम करने की ठोस और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करता है।

निजी अस्पतालों में एचपीवी टीके की एक खुराक की कीमत लगभग ₹4,000 तक होती है, जो अनेक परिवारों के लिए वहन करना आसान नहीं है। ऐसे में आर्थिक बाधाएँ अक्सर बेटियों की इस जरूरी सुरक्षा में रुकावट बन जाती हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट और संवेदनशील रुख अपनाया है। सरकार का दृढ़ संकल्प है कि कोई भी बेटी केवल आर्थिक कारणों से इस जीवनरक्षक टीके से वंचित न रहे, और इसी उद्देश्य से पात्र किशोरियों को यह टीका पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। यह टीकाकरण राज्य के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध है तथा शीघ्र ही यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी उपलब्ध होगा। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और यू विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर लाभार्थी तक इस सेवा की पारदर्शी और प्रभावी पहुँच सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग सभी अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील करता है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यह केवल एक टीकाकरण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है-अपनी बेटियों को एक ऐसे खतरे से बचाने की, जिसे रोका जा सकता है।

CM साय ने काव्य संग्रह अंबुबाची का किया विमोचन

CM साय ने काव्य संग्रह अंबुबाची का किया विमोचन

 रायपुर। सीएम साय ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आज जशपुर की साहित्यकार शुभा मिश्रा के काव्य संग्रह ‘अंबुबाची’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा, मिश्रा को इस नवीन काव्य संग्रह के प्रकाशन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उनके सृजन की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे।

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल ! इन अधिकारियों का हुआ तबादला, सौंपी गई नई जिम्मेदारी

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल ! इन अधिकारियों का हुआ तबादला, सौंपी गई नई जिम्मेदारी

 कांकेर। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। इसके तहत डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर को जिला कार्यालय कांकेर में तथा उनके स्थान पर मनीष देव साहू डिप्टी कलेक्टर एवं नजूल अधिकारी कांकेर को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के तौर पर पदस्थापना आदेश जारी किया है।

छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सुशासन तिहार एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को दृष्टिगत रखते हुए परिपत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि कोई भी शासकीय सेवक सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवकाश स्वीकृत किए जाने से पूर्व अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेगा। बिना पूर्व स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित रहना स्वैच्छिक अनुपस्थिति मानी जाएगी और इसे सेवा नियमों के तहत ब्रेक इन सर्विस (सेवा में व्यवधान) के रूप में देखा जा सकता है। सभी शासकीय सेवक को आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी यथासंभव दूरभाष या डिजिटल माध्यम से पूर्ण सूचना देना अनिवाय होगा, जिसकी लिखित पुष्टि कार्यालय आगमन के तत्काल बाद करनी होगी। अवकाश परिस्थिति में लंबे अवकाश (अर्जित अवकाश आदि) पर जाने से पूर्व संबंधित शासकीय सेवक को अपने कार्यों का प्रभार अन्य अधिकारी कर्मचारी को विधिवत सौंपना अनिवार्य होगा। राज्य शासन द्वारा शासन के समस्त विभागों, अध्यक्ष राजस्व मण्डल छत्तीसगढ़ बिलासपुर, समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त संभागायुक्त एवं सभी जिलों के कलेक्टरों को इस आशय का पत्र जारी किया गया है कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

केलो परियोजना की वितरक नहर के कार्यों के लिए 3.56 करोड़ रुपये स्वीकृत

केलो परियोजना की वितरक नहर के कार्यों के लिए 3.56 करोड़ रुपये स्वीकृत

 रायपुर-- छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा, रायगढ़ जिले के अंतर्गत केलो परियोजना की शरदा वितरक नहर के आर.डी. 0 मी. से 5000 मी. तक सीमेंट कांक्रीट लाईनिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 56 लाख 72 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर योजना की रूपांकित सिंचाई क्षेत्र 1113.92 हेक्टेयर में 740.92 हेक्टेयर की हो रही कमी पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र 30 अप्रैल को, अधिसूचना जारी

BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र 30 अप्रैल को, अधिसूचना जारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र 30 अप्रैल को आहूत किया गया है। राज्य सरकार के आग्रह पर राज्यपाल ने अपनी मंजूरी दे दी है।

इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष की भूमिका को लेकर सत्ता रूढ़ भाजपा निंदा प्रस्ताव पारित करेगी। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि वह सदन में पुरजोर तरीके से प्रस्ताव के विरोध में अपने तथ्य रखेगी।

स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की तस्वीर

स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की तस्वीर

 00-स्वरोजगार अपनाकर लखपति दीदी बनीं सम्पत्ति प्रजापति 

00-मासिक आय 10 हजार रुपये से बढ़कर हुई 25 हजार रुपये तक 

 रायपुर-मुंगेली जिले के जनपद पंचायत लोरमी के ग्राम खपरीकला की निवासी सम्पत्ति प्रजापति ने सीमित संसाधनों के बावजूद स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सम्पत्ति दीदी आज लखपति दीदी के रूप में पहचानी जा रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। समूह से जुडऩे से पहले उनके परिवार की आय का मुख्य साधन एक छोटा सा होटल व्यवसाय था, जिससे मुश्किल से घर का खर्च चल पाता था। परिवार की आवश्यकताएं पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण था। लेकिन एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत जय शनिदेव महिला स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।      समूह के माध्यम से उन्हें रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड एवं बैंक लिंकेज के तहत ऋण सुविधाएं प्राप्त हुईं। इन संसाधनों का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने होटल व्यवसाय का विस्तार किया और साथ ही सुहाग भंडार एवं किओस्क बैंकिंग का कार्य भी शुरू किया। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम यह रहा कि उनकी मासिक आय, जो पहले मात्र 10 हजार रुपये थी, बढ़कर अब लगभग 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि वार्षिक आय करीब 03 लाख रुपये हो गई है। इसके साथ ही कृषि कार्य से भी उन्हें सालाना लगभग 01 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।     आर्थिक सशक्तिकरण के इस सफर ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है और वे आज आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। सम्पत्ति दीदी अब अपने व्यवसाय को और विस्तार देने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, योजनाओं का लाभ और दृढ़ संकल्प से कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है।a

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: 14 कैंसिल ट्रेनें दोबारा पटरी पर…

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: 14 कैंसिल ट्रेनें दोबारा पटरी पर…

 रायपुर| गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों के लिए 18 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों के 88 ट्रिप चलाने का निर्णय लिया है। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक देशभर में समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और गोंदिया से हरिद्वार, शालीमार, रक्सौल, मालदा, यलहंका और खड़गपुर जैसे प्रमुख रूटों पर ट्रेनें संचालित होंगी।

इन ट्रेनों में प्रति ट्रिप औसतन 1200 से 1500 यात्रियों के सफर की क्षमता होगी। 88 ट्रिप के संचालन से करीब 1.05 लाख से 1.32 लाख यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, छुट्टियों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिल सके। रेलवे ने उम्मीद जताई है कि इन ट्रेनों के चलने से लोगों को कन्फर्म टिकट मिलेगी।

समर स्पेशल ट्रेन टाइमटेबल (रूट-वार)

दुर्ग-हरिद्वार – रविवार | 26 अप्रैल से 28 जून
हरिद्वार-दुर्ग – सोमवार | 27 अप्रैल से 29 जून
इतवारी-शालीमार – गुरुवार | 23 अप्रैल से 25 जून
शालीमार-इतवारी – शुक्रवार | 24 अप्रैल से 26 जून
गोंदिया-रक्सौल – शनिवार | 25 अप्रैल से 27 जून
रक्सौल-गोंदिया – रविवार | 26 अप्रैल से 28 जून
इतवारी-मालदा – 26 अप्रैल (एकल ट्रिप)
मालदा-इतवारी – 27 अप्रैल (एकल ट्रिप)
दुर्ग-शालीमार – 29 अप्रैल
शालीमार-दुर्ग – 23 व 30 अप्रैल

कोरबा-यलहंका – 2 मई
यलहंका-कोरबा – 3 मई
इतवारी-शालीमार – 27 अप्रैल
शालीमार-इतवारी – 28 अप्रैल
रायपुर-खड़गपुर – 23 अप्रैल
खड़गपुर-रायपुर – 24 अप्रैल
बिलासपुर-शालीमार – 25 व 26 अप्रैल
शालीमार-बिलासपुर – 25 व 26 अप्रैल

वहीं, जांजगीर-नैला स्टेशन में चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य के चलते प्रभावित हुई 16 यात्री ट्रेनों का परिचालन रेलवे ने फिर से बहाल कर दिया है। बिलासपुर मंडल में चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण इन ट्रेनों को पहले निरस्त या आंशिक रूप से निरस्त किया गया था, जिससे खासकर गर्मी के मौसम में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

अब मॉल में नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क : रायपुर उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक निर्णय, पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा

अब मॉल में नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क : रायपुर उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक निर्णय, पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच ने मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली पर रोक लगा दी है। आयोग ने साफ कहा है कि पार्किंग सुविधा ग्राहकों के लिए बुनियादी सुविधा है, न कि कमाई का जरिया।

उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला
रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच के अध्यक्ष प्रशांत कुण्डू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। आयोग ने स्पष्ट किया कि मॉल प्रबंधन के पास ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि, किसी भी व्यावसायिक परिसर को भवन अनुमति देते समय पार्किंग की व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए अनिवार्य की जाती है। ऐसे में पार्किंग को अलग से व्यवसाय बनाकर शुल्क वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।

क्या है पूरा मामला
15 जून 2025 को सिविल लाइन निवासी अंजिनेश शुक्ला अपनी बुजुर्ग माता को मॉल छोड़ने गए थे। इस दौरान कुछ ही मिनट रुकने पर उनसे ₹30 पार्किंग शुल्क लिया गया। इससे नाराज होकर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर सुनवाई के बाद आयोग ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।

शॉपिंग या मूवी के लिए आने वालों को राहत
आयोग ने अपने निर्णय में यह भी स्पष्ट किया कि मॉल में खरीदारी या फिल्म देखने आने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क लेना गलत है। यह फैसला सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को राहत देने वाला है।

शिकायत का रास्ता खुला
यदि कोई मॉल प्रबंधन अब भी पार्किंग शुल्क वसूलता है, तो उपभोक्ता इसके खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। देश के अन्य मामलों में भी अदालतें और उपभोक्ता मंच पहले ऐसे शुल्क को अनुचित करार दे चुके हैं।

CG – दिल दहला देने वाली घटना : छोटे भाई ने मां के सामने बड़े भाई को जिंदा जलाया, फिर जो हुआ….

CG – दिल दहला देने वाली घटना : छोटे भाई ने मां के सामने बड़े भाई को जिंदा जलाया, फिर जो हुआ….

 महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के ग्राम आमगांव में जमीन विवाद को लेकर छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को मां के सामने कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है। मामला बागबाहरा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी कृष्णकांत दुबे (38) अपनी कथित पत्नी मालती साहू के साथ मंगलवार को पैतृक गांव आमगाँव पहुंचा था। यहां उसकी मां तीरथबाई और छोटा भाई दौलत दुबे रहते हैं और दोनों ही जमीन की देखरेख करते हैं। पिछले लंबे समय से दोनों भाइयों के बीच जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। कृष्णकांत ने घर पहुंचकर जमीन बंटवारे की बात की, जिस पर छोटे भाई दौलत ने फिलहाल चर्चा से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और झगड़ा हिंसक हो गया।

विवाद के दौरान कृष्णकांत ने डंडे से दौलत पर हमला किया, जिसके जवाब में दौलत ने हंसिए से उस पर वार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कृष्णकांत को धान और महुआ से भरे कमरे में धकेलकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद दुकान से पेट्रोल लाकर उसने कमरे में आग लगा दी। इस दौरान कृष्णकांत की मां और मालती साहू मौके पर मौजूद थीं, लेकिन आग लगने के बाद उसे बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं। आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया गया, लेकिन मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 70 प्रतिशत जली अवस्था में शव को बाहर निकाला। बागबाहरा पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज करते हुए आरोपी दौलत दुबे को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटनाक्रम के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।

BREAKING : जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद पर लगाई रोक

BREAKING : जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद पर लगाई रोक

 बिलासपुर।  करीब 23 साल पुराने एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने अमित जोगी की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है. दरअसल, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसकी सुनवाई 20 अप्रैल के बाद 23 अप्रैल को हुई.

दरअसल, NCP नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को दोषी ठहराया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी. साथ ही दो अप्रैल को हाईकोर्ट ने 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था. इसके बाद जोगी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. दायर याचिका में जोगी ने दलील दी कि उनके साथ अन्याय हुआ है, क्योंकि हाईकोर्ट ने उन्हें सुने बिना ही सीबीआई की दलील पर 40 मिनट में फैसला सुना दिया.

2004 में सीबीआई ने शुरू की जांच

दरअसल, बेटे सतीश जग्गी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी पर जग्गी हत्याकांड का आरोप लगाया था. केस की जांच साल 2004 में सीबीआई को सौंपी गई थी. जिसने अमित जोगी को हत्याकांड में मास्टरमाइंड बताते हुए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी. इसके बाद साल 2004 से 2007 तक निचली अदालत में चले केस के बाद साल 2007 में विशेष सीबीआई कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी थी, लेकिन अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.

2007 में निचली अदालत ने किया बरी, फिर हाईकोर्ट ने सुनाई थी सजा

इस फैसले को पीड़ित के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नए सिरे से विचार करने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेज दिया था. हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी माना और दोषी करार देते हुए 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था.

शासकीय कर्मचारियों पर राजनीतिक गतिविधियों की पाबंदी का आदेश 24 घंटे में ही स्थगित

शासकीय कर्मचारियों पर राजनीतिक गतिविधियों की पाबंदी का आदेश 24 घंटे में ही स्थगित

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय सेवकों के राजनीतिक दलों या संगठनों में सक्रिय सदस्यता और अन्य पदों पर आसीन होने को लेकर जारी अपने ही आदेश को महज़ एक दिन के भीतर स्थगित कर दिया है।

दरअसल सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को पत्र जारी किया था। इसमें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी शासकीय कर्मचारी किसी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं होगा और न ही किसी राजनीतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेगा।

इसके साथ ही आदेश में यह भी कहा गया था कि शासकीय कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी शासकीय या अशासकीय संस्था, समिति, संगठन या निकाय में कोई पद धारण नहीं करेगा। साथ ही ऐसे किसी दायित्व को स्वीकार करने से भी रोका गया था जिससे उसकी प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित हो सकती हो। नियमों के उल्लंघन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।

हालांकि, इस आदेश के जारी होने के अगले ही दिन सामान्य प्रशासन विभाग ने एक नया पत्र जारी कर पूर्व निर्देशों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया। इस त्वरित यू-टर्न ने प्रशासनिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार को महज़ 24 घंटे में ही अपना निर्णय वापस लेना पड़ा।

 दिल दहला देने वाली घटना : बच्चों के सामने पत्नी का गला काटा, सिर लेकर घूमाता रहा पति,फिर जो हुआ….

 दिल दहला देने वाली घटना : बच्चों के सामने पत्नी का गला काटा, सिर लेकर घूमाता रहा पति,फिर जो हुआ….

 कोरबा 23 अप्रैल 2026। कोरबा जिले के ग्राम बुंदेली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ग्रामीण ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी एक हाथ में पत्नी का कटा हुआ सिर और दूसरे हाथ में धारदार हथियार लेकर गांव में घूमता रहा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुुंची। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

यह सनसनीखेज वारदात रजगामार पुलिस चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान छेक बाई के रूप में हुई है, जो मूलतः अजगरबहार क्षेत्र के ग्राम हरदीमाड़ा की रहने वाली थी। वह पिछले 3-4 वर्षों से अपने पति सालिक राम यादव के साथ ग्राम बुंदेली में रहकर पोल्ट्री फार्म में काम कर रही थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ।

विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर धारदार हथियार से पत्नी पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने क्रूरता की हद पार करते हुए पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसे लेकर गांव में घूमने लगा। आरोपी के इस भयावह रूप को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।

लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रजगामार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल हत्या की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद को कारण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, कई जिलों में पारा 44 डिग्री पार, अगले 5 दिनों तक हीट वेव का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, कई जिलों में पारा 44 डिग्री पार, अगले 5 दिनों तक हीट वेव का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है और कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार राजनांदगांव में सबसे अधिक 44.5°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि रायपुर और दुर्ग जैसे इलाकों में भी पारा 43°C से ऊपर बना हुआ है।IMD रायपुर के मुताबिक पिछले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन यह सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

अगले 5 दिनों तक हीट वेव का खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। खासकर मध्य छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा। अगले 2 दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोतरी संभव है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी रहने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।

बारिश और तेज हवाओं की संभावना

कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हालांकि यह राहत अस्थायी होगी, क्योंकि इसके बाद मौसम फिर शुष्क हो जाएगा और गर्मी फिर से बढ़ने लगेगी।

लोगों के लिए एडवाइजरी जारी

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की गई है।

जग्गी हत्याकांड : क्या अमित जोगी को मिलेगी राहत या जाना होगा जेल? आज सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई

जग्गी हत्याकांड : क्या अमित जोगी को मिलेगी राहत या जाना होगा जेल? आज सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई

 रायपुर। बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में आज एक अहम मोड़ आ सकता है, जब सुप्रीम कोर्ट में अमित जोगी की याचिकाओं पर सुनवाई होगी। यह सुनवाई तय करेगी कि उन्हें राहत मिलेगी या हाईकोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई
अमित जोगी की ओर से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही दोनों मामलों को टैग कर दिया था, जिससे दोनों पर संयुक्त रूप से विचार किया जा सके।

किन मामलों पर हो रही सुनवाई
पहली याचिका उस मामले से जुड़ी है जिसमें CBI को अपील करने की अनुमति दी गई थी। वहीं दूसरी याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें अमित जोगी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

क्या है जग्गी हत्याकांड मामला
साल 2003 में बिलासपुर में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जांच के दौरान कई बड़े राजनीतिक नाम सामने आए, जिनमें अमित जोगी का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल रहा।

हाईकोर्ट का फैसला और आगे की लड़ाई
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अमित जोगी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां अब अंतिम राहत की उम्मीद टिकी हुई है।

भीषण सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से दो युवकों की मौत, NH-930 पर चक्काजाम

भीषण सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से दो युवकों की मौत, NH-930 पर चक्काजाम

 बालोद। बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 930 पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जमहि टोला प्लाजा और गुजरा गांव के बीच तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

मृतकों की पहचान
बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार ट्रक क्रमांक CG-15 DE-5031 ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे में एक युवक की पहचान डोमेन्द्र यादव, निवासी ग्राम गुजरा के रूप में की गई है। वहीं दूसरे युवक का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी है।

ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आक्रोश में आकर शवों को सड़क पर रखकर नेशनल हाईवे 930 पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

प्रशासन की समझाइश के बाद खुला जाम
सूचना मिलने पर दल्लीराजहरा पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कर उचित कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।

जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही अज्ञात मृतक की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

पोलमपल्ली से अरलमपल्ली सड़क बनने से खुश है ग्रामीण…नक्सल गढ़ में विकास की नई जीत

पोलमपल्ली से अरलमपल्ली सड़क बनने से खुश है ग्रामीण…नक्सल गढ़ में विकास की नई जीत

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज हुई है। रोड कनेक्टिविटी के विस्तार ने यहां के ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना शुरू कर दिया है।

कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में वनांचल और नियद नेल्लानार क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पोलमपल्ली से अरलमपल्ली तक 7 किलोमीटर लंबी डामरीकृत सड़क का निर्माण 4 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराया जा रहा है।

यह सड़क निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है, जिसके बन जाने से विकासखंड मुख्यालय कोंटा की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी।

यह मार्ग डब्बाकोंटा, कोलाईगुड़ा, एंटापाड़, बुर्कलंका, पालाचलमा और गट्टापाड़ जैसे पूर्व में नक्सल प्रभावित गांवों को जोड़ता है। पहले जर्जर रास्तों और नक्सली गतिविधियों के कारण यहां आवागमन अत्यंत कठिन था, लेकिन अब पुलिस कैंपों की स्थापना और प्रशासनिक सक्रियता से हालात बदले हैं।कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। स्थानीय निवासी मड़काम भीमा ने बताया कि सड़क बनने से कोंटा तक पहुंचना आसान हो गया है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है।

राजिम में सस्पेंशन ब्रिज निर्माण के लिए मिली 40.60 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

राजिम में सस्पेंशन ब्रिज निर्माण के लिए मिली 40.60 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- राज्य शासन द्वारा गरियाबंद जिले के विकासखण्ड राजिम अंतर्गत महानदी पर राजीव लोचन मंदिर से कुलेश्वर महादेव मंदिर तक तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर से लोमेश ऋषि आश्रम तक सस्पेंशन ब्रिज निर्माण कार्य के लिए 40.60 करोड़ (चालीस करोड़ साठ लाख रुपये) की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा तथा धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्य स्वीकृत राशि एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना तथा ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। निविदा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक रखा जाएगा तथा कम से कम 75 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा आमंत्रित की जाएगी।

राज्य शासन ने निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं तथा किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त यदि कार्य में भू-अर्जन प्रस्तावित है तो स्वीकृत राशि की सीमा के अंतर्गत ही व्यय किया जाएगा तथा बिना पूर्व स्वीकृति किसी अन्य मद की बचत राशि से भू-अर्जन की कार्यवाही नहीं की जाएगी। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है तो शासकीय भूमि पर ही निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य के पूर्ण होने पर क्षेत्र में बेहतर संपर्क सुविधा विकसित होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, धार्मिक पर्यटन एवं आमनागरिकों को व्यापक लाभ मिलेगा।

श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिला आस्था का अवसर

श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिला आस्था का अवसर

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु  राम के दर्शन का अवसर निरंतर प्राप्त हो रहा है। योजना के तहत अब तक जशपुर जिले से 2640 श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं, जिससे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

इसी क्रम में मंगलवार को योजना के तहत 13वें जत्थे को विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगर पंचायतों से जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस जत्थे में जशपुर जिले के कुल 204 श्रद्धालु शामिल हैं। जशपुर एवं मनोरा क्षेत्र से नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जनपद सदस्य सावित्री सिंह तथा जनपद पंचायत जशपुर के सीईओ सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बस को रवाना किया गया। इसके अतिरिक्त पत्थलगांव जनपद पंचायत से भी श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या के लिए प्रस्थान किया। योजना के माध्यम से शासन द्वारा श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह है।

चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बनाए गए चेकडैम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत उफिया में सुई थोपा नाला पर निर्मित चेकडैम इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। इस संरचना ने न केवल वर्षा जल का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया है, बल्कि क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले जहां जल संकट के कारण किसान सीमित खेती तक ही सीमित थे, वहीं अब उन्हें वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है।

चेकडैम के निर्माण से लगभग 16 एकड़ कृषि भूमि सिंचित हो रही है, जिससे 7 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। किसान अब गेहूं, सरसों, मक्का, धान और सब्जियों जैसी बहुफसली खेती कर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के 25 से 30 अन्य किसान भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।

मनरेगा के तहत किए गए इस निर्माण कार्य ने स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। सिंचाई सुविधा मिलने से किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और बहुफसली खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

चेकडैम के निर्माण के बाद न केवल किसानों को, बल्कि मवेशियों को भी वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इस प्रकार जल संरक्षण आधारित यह पहल ग्रामीण विकास, कृषि समृद्धि और आजीविका सुदृढ़ीकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।