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BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच राज्य सरकार का बड़ा फैसला : 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे सभी स्कूल

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच राज्य सरकार का बड़ा फैसला : 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे सभी स्कूल

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में अप्रैल महीने के साथ ही भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों पर भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है। राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत कई जिलों में तेज धूप और लू जैसी स्थिति बनने लगी है। बढ़ती गर्मी और जानलेवा लू को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेश के सभी स्कूलों में समय से पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है।

बढ़ती गर्मी को देखते हुए साय सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक सभी कक्षाओं का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। सरकार के इस फैसले से जहां छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है, वहीं प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की अपील भी की है।

बीते कुछ दिनों में स्कूलों में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें सामने आने के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि अप्रैल माह में ही बढ़ते तापमान और भीषण लू की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में शासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

टिंबर मार्केट में लगी भीषण आग, प्लाईवुड सहित लाखों का सामान जलकर खाक

टिंबर मार्केट में लगी भीषण आग, प्लाईवुड सहित लाखों का सामान जलकर खाक

 रायपुर। फाफाडीह स्थित टिंबर मार्केट के पायनियर मार्केटिंग के कैलाश टिंबर गोदाम में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से गोदाम में रखे लकड़ी और लेमिनेटेड प्लाईवुड सहित लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। फिलहाल पुलिस मामले मामले की जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 6 से अधिक गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं। उसके बाद तड़के तक गाडिय़ां आती जाती रहीं। गुरुवार दोपहर तक आग बुझाने का काम जारी रहा। इसमें डेढ़ दर्जन गाडिय़ां इस्तेमाल की गई। निगम के टैंकरों से भी पानी मंगवाया गया। आग से गोदाम में रखा प्लाईवुड सहित लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

उधना-सांतरागाछी के बीच तीन-तीन फेरो के लिए कल से चलेगी स्पेशल ट्रेन

उधना-सांतरागाछी के बीच तीन-तीन फेरो के लिए कल से चलेगी स्पेशल ट्रेन

 रायपुर-बिलासपुर। रेलवे ने उधना-सांतरागाछी-उधना के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष ट्रेन 3-3 फेरे लगाएगी, जिससे यात्रियों को कंफर्म बर्थ और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 09073 उधना-सांतरागाछी स्पेशल ट्रेन 17, 22 और 24 अप्रैल को उधना से रवाना होगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 09074 सांतरागाछी-उधना स्पेशल ट्रेन 19, 24 और 26 अप्रैल 2026 को सांतरागाछी से चलेगी।

इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों गोंदिया, दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर में दिया गया है। उधना से चलने वाली ट्रेन सुबह 11:25 बजे रवाना होकर अगले दिन तड़के गोंदिया (02:30 बजे), दुर्ग (05:03 बजे), रायपुर (05:43 बजे) और बिलासपुर (07:30 बजे) पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन रात 9:00 बजे सांतरागाछी पहुंचेगी।

वहीं, वापसी में सांतरागाछी से ट्रेन रात 12:05 बजे रवाना होकर दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। इसके बाद रायपुर, दुर्ग और गोंदिया होते हुए अगले दिन सुबह 10:00 बजे उधना पहुंचेगी।
इस स्पेशल ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 2 लगेज-सह-दिव्यांग कोच, 1 पेंट्रीकार, 11 सामान्य कोच और 8 स्लीपर कोच शामिल हैं। मार्ग में ये गाडिय़ां नंदूरबार, भुसावल, बडनेरा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर और खडग़पुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी दोनों दिशाओं में रुकेंगी।

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत, अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत, अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

 00 मुख्य सचिव विकासशील ने भी स्व-गणना के तहत अपनी जानकारी दर्ज की

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील ने स्व-गणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह  मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव श्री विकासशील


मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए 
https://se.census.gov.in/ पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।

जनगणना 2027


मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे स्श्व ढ्ढष्ठ जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक श्री प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय

 00 मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ

00 जनगणना के महाभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

00 जनगणना के सटीक आंकड़े आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करने में होती है मददगार

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णत: गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल श्री मनोज कुमार पिंगुआ, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना श्री कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

अब हथियार नहीं, हुनर से बदल रही पुनर्वासितों की जिंदगी, इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में दिया जा रहा प्रशिक्षण

अब हथियार नहीं, हुनर से बदल रही पुनर्वासितों की जिंदगी, इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में दिया जा रहा प्रशिक्षण

 रायपुर। कोंडागांव जिले में राज्य शासन की पुनर्वास नीति से पुनर्वासित व्यक्तियों की जिंदगी को नई दिशा मिल रही है। कभी हिंसा के रास्ते पर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौटकर कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इसी क्रम में ग्राम कुधुर के तुलसी राम, रजमन एवं गोबरू वर्तमान में जिले में संचालित पुनर्वास केन्द्र में रहकर लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तुलसी राम कश्यप ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र में भय और असुरक्षा के माहौल के कारण वे संगठन से जुड़ गए थे, किन्तु राज्य शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे पुनर्वास केन्द्र में रहकर कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में वायरिंग का दो माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें लगभग 15 दिवस का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। प्रशिक्षण उपरांत वे अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार के रूप में वायरिंग कार्य प्रारंभ करने की योजना बना रहे हैं। इसी प्रकार रजमन एवं गोबरू ने भी पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे भी इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे अपने गांव में स्वरोजगार स्थापित कर आय अर्जित करेंगे एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करेंगे।

अब हथियार नहीं, हुनर से बदल रही पुनर्वासितों की जिंदगी


तीनों युवाओं ने राज्य शासन की पुनर्वास नीति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उन्हें नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर मिला है। पहले जहां भय एवं अस्थिरता का माहौल था, वहीं अब वे सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य के प्रति आश्वस्त हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें कौशल विकास, रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा संचालित पुनर्वास केन्द्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जहां पूर्व में भटके हुए युवाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुन: स्थापित किया जा रहा है।

CG : 1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार, सीएम साय ने कलेक्टरों को दिए बड़े निर्देश

CG : 1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार, सीएम साय ने कलेक्टरों को दिए बड़े निर्देश

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर में 1 मई से शुरू होने जा रहे ‘सुशासन तिहार’ को लेकर सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर जन शिकायतों के त्वरित समाधान और जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए बड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में जन समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे, जहां आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह पर और नगरीय क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। साथ ही शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण कर हर आवेदक को सूचना देना अनिवार्य होगा।

सुशासन तिहार के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होंगे। इसके साथ प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। अधिकारियों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली जाएगी और जनता से सीधे संवाद कर फीडबैक भी लिया जाएगा।

शिविरों के बाद जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक होगी, जिसमें प्राप्त आवेदनों के निराकरण, विकास कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। राज्य स्तर से समीक्षा के लिए अलग से बिंदुवार पत्रक भी भेजे जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को 30 अप्रैल तक कई लंबित मामलों के समाधान के निर्देश भी दिए हैं। इनमें भूमि संबंधी प्रकरण, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली शिकायतें, हैंडपंप सुधार, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना शामिल है।

राशन वितरण में गड़बड़ी, जिले की तीन उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर FIR दर्ज

राशन वितरण में गड़बड़ी, जिले की तीन उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर FIR दर्ज

 कोरबा :- कोरबा जिले में राशन वितरण कार्य में अनियमितता को लेकर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए कई उचित मूल्य दुकानों के संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। शिकायतों पर खाद्य विभाग द्वारा जांच कराई गई। जांच में ग्राम पंचायत कोरकोमा, खोड्डल एवं पटपरा की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिन शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितताएं पाई गई है उन संचालकों के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन दर्ज कराया गया है।

कोरकोमा स्थित दुकान में संचालक संस्था द्वारा लगभग 197.45 क्विंटल चावल एवं 22.82 क्विंटल नमक का व्यपवर्तन किया जाना सामने आया है। साथ ही लगभग 435 राशन कार्डधारियों को निर्धारित अवधि में राशन वितरण नहीं किया गया। इस मामले में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रकरण दर्ज किया गया है।

इसी प्रकार खोड्डल की उचित मूल्य दुकान में 334.98 क्विंटल चावल एवं 6 क्विंटल शक्कर के व्यपवर्तन का मामला सामने आया है। यहां दुकान का नियमित संचालन नहीं होने एवं सीमित दिनों में ही वितरण किए जाने की शिकायतें भी सही पाई गईं। इस पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

वहीं पटपरा (विकासखंड पाली) की दुकान में भी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में पाया गया कि लगभग 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होने के बावजूद उन्हें राशन वितरित नहीं किया गया। इस प्रकरण में संचालकों के विरुद्ध थाना पाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है । विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि मार्च 2026 में भंडारण में विलंब एवं एई-पीडीएस सर्वर मेंटेनेंस के कारण कुछ स्थानों पर समय पर वितरण प्रभावित हुआ। 

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवितरित राशन के वितरण के लिए अप्रैल माह में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं तथा बैकलॉग वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने कहा है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Train Cancelled: ये ट्रेनें रहेंगी कैंसिल, निर्माण कार्य के चलते रेलवे ने जारी किया बड़ा आदेश

Train Cancelled: ये ट्रेनें रहेंगी कैंसिल, निर्माण कार्य के चलते रेलवे ने जारी किया बड़ा आदेश

 रायपुर। Train Cancelled: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन पर अंडरब्रिज निर्माण और तीसरी-चौथी लाइन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्य के कारण 17 और 19 अप्रैल को चार ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने बताया कि ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लेने की वजह से यह फैसला लिया गया है।

रद्द ट्रेनों में गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर, गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर तथा गाड़ी संख्या 68861/68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है।

WEATHER : छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर शुरू, पारा 44 डिग्री के करीब, हीटवेव का अलर्ट जारी

WEATHER : छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर शुरू, पारा 44 डिग्री के करीब, हीटवेव का अलर्ट जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम पर एंटी साइक्लोन का असर तेज़ी से दिखने लगा है, जिससे प्रदेशभर में तापमान लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में तापमान करीब 3 डिग्री तक बढ़ गया है और अब पारा 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने लगा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई है। बुधवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और एक-दो स्थानों पर हीटवेव चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य प्रदेश से कोमोरिन तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका सक्रिय है। वहीं कर्नाटक और उससे लगे महाराष्ट्र के ऊपर प्रति चक्रवात बना हुआ है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से प्रदेश के मध्य क्षेत्र में अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के मध्य क्षेत्र में एक-दो जगहों पर ग्रीष्म लहर यानी हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है।

राजधानी रायपुर में आज आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है, जिससे गर्मी और ज्यादा महसूस हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है।
सहकार से समृद्धि के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होंगे नवगठित पैक्स : साय

सहकार से समृद्धि के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होंगे नवगठित पैक्स : साय

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का किया वर्चुअल शुभारंभ
प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर हुई 2 हजार 573

किसानों को आसानी से मिलेगी खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण की सुविध

  रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया।उन्होंने इसे प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि सहकार से समृद्धि के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई समितियों के शुरू होने से अब पूरे प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाता किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक और सहकारिता के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दे रही है, ताकि गांव और किसान समृद्ध बन सकें। उन्होंने बताया कि अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके गांव के पास ही उपलब्ध होंगी। साथ ही धान बेचने की प्रक्रिया भी आसान होगी और किसान अपनी नजदीकी समिति में ही धान बेच सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से कार्यरत 2058 समितियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए कंप्यूटरीकृत किया गया है और इनमें माइक्रो एटीएम भी लगाए गए हैं, जिनसे किसान 20 हजार रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नवगठित 515 समितियों में से 197 समितियां आदिवासी क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं, जिससे दूर-दराज के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये समितियां केवल खाद-बीज वितरण तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि भविष्य में दुग्ध उत्पादन, मछली पालन जैसे सहायक कृषि गतिविधियों से भी जुड़ेंगी। साथ ही समितियों में लोक सेवा केंद्र भी शुरू किए जाएंगे, जहां एक ही स्थान पर 25 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे इन समितियों के सदस्य बनकर इसका अधिकतम लाभ उठाएं और इनके संचालन में सक्रिय भागीदारी निभाएं। 
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप वर्चुअल उपस्थित रहे, साथ ही कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा सचिव सहकारिता श्री सी.आर. प्रसन्ना, सहकारिता विभाग के प्रबंध संचालक श्री के.एन. कांडे सहित विभिन्न जिलों से लगभग 2500 जनप्रतिनिधिगण, किसान और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नारी शक्ति महासम्मेलन सम्पन्न में सीएम साय बोले नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का किया है काम

नारी शक्ति महासम्मेलन सम्पन्न में सीएम साय बोले नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का किया है काम

 रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में नारी शक्ति महासम्मेलन आयोजित किया गया।कार्यक्रम में विभिन्न समाजिक संगठन की महिलाएं हजारों की संख्या में शामिल हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नारी शक्ति महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी में एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय होने जा रहा है। संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में पूरे देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चल रहे हैं। देश में प्राचीन काल से नारी का सम्मान होते आया है। भगवान से पहले भगवती का नाम आता है। आधुनिक भारत के निर्माण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का काम किया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम योजना सहित कई योजनाओं का संचालन महिलाओं के लिए केन्द्र सरकार संचालित कर रही है। देश के सर्वोच्च पद पर एक महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में आई मातृशक्ति का पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। 

नारी शक्ति महासम्मेलन सम्पन्न में सीएम साय बोले नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का किया है काम

प्रधानमंत्री का एक ही प्रण मातृत्व वंदन का हो सर्वत्र अभिनंदन - सुश्री सरोज पांडेय
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय ने कहा है नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित हुआ। नारी शक्ति वंदना अधिनियम पहले भारत के संसद में 1996, 1998, 2008 में प्रस्तुत हुआ लेकिन इस अधिनियम का समर्थन किसी ने नहीं किया। सब महिलाओं को सिर्फ वोटर के तौर पर देखते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2029 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होगा लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को मिलेगा। इसके लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। 2029 में महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हम 2047 तक विकसित भारत बनाएंगे और विकसित भारत बनाने के लिए आधी आबादी का सशक्त होना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने महिलाओं को समाज में सम्मान दिया नारीत्व एवं मातृत्व का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान महिला के नाम पर होगा, उज्ज्वला योजना का लाभ महिलाओं के नाम से होगा। लखपति दीदी योजना लायी, ड्रोन उडऩे की शिक्षा दिलवाई तकनीकी दृष्टि से भी सक्षम बनाने का काम किया। विकसित भारत की तैयारी है भारत के बदलाव में हम 2047 विकसित भारत की ओर बढ़ रही।

नारी शक्ति महासम्मेलन सम्पन्न में सीएम साय बोले नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का किया है काम

नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की लोकतांत्रिक यात्रा में एक निर्णायक कदम होगा - लक्ष्मी रजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि नारी शक्ति अधिनियम देश की माता-बहनों और बेटियों को सशक्त बनाने की योजना हैं। महिलाओं की नीति निर्माण तथा राजनीतिक नेतृत्व में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं समस्त मातृशक्ति को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अधिनियम केवल एक विधायी दस्तावेज नहीं है बल्कि यह उन करोड़ों महिलाओं के समर्थ उनके संघर्ष और और उनकी अटूट समर्पण का सम्मान है जो घर की चार दिवारी से लेकर अंतरिक्ष के अभियान तक भारत का तिरंगा फहरा रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। यह नारी शक्ति को सशक्त करने एवं समावेशी बनाने तथा विकसित भारत की ओर यह एक मजबूत और ऐतिहासिक कदम है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को सम्मान, सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि का जीवन मिलेगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के भाग्य को बदलने का काम करेगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की लोकतांत्रिक यात्रा में एक निर्णायक कदम होगा। 
दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का दृश्य अत्यंत उत्साह और आत्मीयता से भरा रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुँचीं महिलाओं में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ सेल्फी लेने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं की उमंग और उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने भी बड़े सहज और स्नेहपूर्ण अंदाज़ में स्वयं उनके मोबाइल लेकर एक-एक के साथ सेल्फी ली। यह दृश्य न केवल उनके सरल स्वभाव को दर्शाता है, बल्कि नारी शक्ति के प्रति उनके सम्मान और अपनत्व की भावना को भी उजागर करता है। कार्यक्रम का संचालन महापौर मीनल चौबे ने किया एवं आभार महासमुंद सांसद रूप कुमारी चौधरी ने किया। इस अवसर पर मंच में वर्णिका शर्मा, विभा अवस्थी, पद्मश्री उषा बारले, नीता डूमरे, श्रीमती आदर्श वर्मा, नीलू त्रिपाठी, इला गुप्ता, सविता देवी जी, भार्वी वैष्णव, शीतल नायक, अस्मिता मक्कड़ सहित विभिन्न समाजिक संगठन की महिला विभूतियां मौजूद रही। 

नारी शक्ति महासम्मेलन सम्पन्न में सीएम साय बोले नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का किया है काम

दर्शक दीर्घा में बैठे थे मुख्यमंत्री साय
नारी शक्ति वंदन टाऊन हॉल महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बहनों के सम्मान में दर्शक दीर्घा के अंतिम कतार में बैठकर नारी शक्ति वंदन अभियान का अभिनंदन किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरूण साव, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर मौजूद रहें । इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुष्पवर्षा करके बहनों का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय के सुरक्षा में महिला सुरक्षाकर्मी जुटी हुई थी जो नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में चर्चा की विषय बनी रही। 

नारी शक्ति महासम्मेलन सम्पन्न में सीएम साय बोले नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने का किया है काम

इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करने के लिए महिला मोर्चा ने बाइक रैली के माध्यम से आभार व्यक्त किया। बाइक स्कूटी रैली राजधानी रायपुर के आजाद चौक से प्रारंभ हुई जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संपन्न हुई। कार्यक्रम के बाद महिला मोर्चा की बहनों ने नारी शक्ति पदयात्रा निकालकर सदन में महिलाओं की 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया से शिक्षा के अधिकार को मिला नया विस्तार : मुख्यमंत्री साय

पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया से शिक्षा के अधिकार को मिला नया विस्तार : मुख्यमंत्री साय

 आरटीई के तहत 14,403 बच्चों को निजी स्कूलों में मिला प्रवेश, ऑनलाइन लॉटरी बनी सुशासन का उदाहरण

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सशक्त आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 14,403 बच्चों का चयन सुनिश्चित किया। मंत्रालय महानदी भवन से वर्चुअल माध्यम से प्रारंभ हुई यह प्रक्रिया पारदर्शिता, समान अवसर और डिजिटल सुशासन की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।

राज्यभर से प्राप्त कुल 38,439 आवेदनों में से 27,203 आवेदन निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्र पाए गए, जिनमें से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 14,403 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रदान किया गया। यह पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार राज्य स्तर पर सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसी भी बच्चे की प्रगति आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। हमारी प्राथमिकता है कि हर बच्चे को समान अवसर के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो।
उल्लेखनीय है कि आरटीई प्रावधानों के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का सतत प्रयास कर रही है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3 लाख 63 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत शुल्क प्रतिपूर्ति राशि को बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके और निजी विद्यालयों में उनके प्रवेश की प्रक्रिया और सुदृढ़ हो। पूरी प्रवेश प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसमें आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन और चयन तक के सभी चरण पूर्णत: पारदर्शी और तकनीक आधारित हैं। अभिभावक स्वयं या चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान ही सिस्टम द्वारा निवास क्षेत्र से 1.5 किलोमीटर के दायरे में स्थित निजी विद्यालयों की जानकारी एवं उपलब्ध सीटों का विवरण प्रदर्शित किया जाता है, जिससे अभिभावकों को सूचित एवं सहज चयन का अवसर प्राप्त होता है। पात्रता के अनुसार 5.5 से 6.5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग एवं अन्य कमजोर वर्गों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है। जिन विद्यालयों में सीटें रिक्त रह जाती हैं, वहाँ जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसकी जानकारी आरटीई पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
यह पहल न केवल हजारों बच्चों के शिक्षा के सपनों को साकार कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ में एक समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान कर रही है। राज्य सरकार का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त और दूरदर्शी परिवर्तन का संकेत है।

विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी काजी गिरफ्तार

विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी काजी गिरफ्तार

 कांकेर। जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र में एक युवती को विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आज आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल दाखिल कर दिया गया है। अंतागढ़ पुलिस ओ अनुसार मोहम्मद नवसाद काजी (30 वर्ष) मूलत: बिहार के भागलपुर जिले के ग्राम कैरी का निवासी है। वह वर्तमान में शीतलापारा में रह रहा था। उसने एक युवती को अपने प्यार के जाल में फंसाया। आरोपी ने युवती को विवाह का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।


प्रार्थिया ने थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाकर उसने बताया कि आरोपी ने विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में विवाह की बात कहने पर आरोपी मुकर गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की। टीम ने आरोपी की पता तलाश कर उसे अंतागढ़ से पकड़ा। पूछ-ताछ करने पर आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद नवसाद काजी के खिलाफ धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया।

बेमेतरा में भूमि अर्जन प्रक्रिया के चलते प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों पर रोक

बेमेतरा में भूमि अर्जन प्रक्रिया के चलते प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों पर रोक

 बेमेतरा।कार्यालय कलेक्टर (भू-अर्जन शाखा), जिला बेमेतरा द्वारा दुर्ग पश्चिम अंतर्गत सड़क संपर्क योजना के तहत प्रस्तावित बायपास-टू-नवागढ़-मुंगेली - लोरमी कोटा-रतनपुर मार्ग के निर्माण हेतु भूमि अर्जन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस परियोजना के अंतर्गत मार्ग चौड़ीकरण के लिए 25 मीटर चौड़ाई में भूमि की आवश्यकता निर्धारित की गई है।

इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार, तहसील बेमेतरा के ग्राम सांवतवपुर, निनवा, डूंडा, हथमुड़ी, कंतेली, सिंघौरी, गस्ती चौक नयापारा एवं बेमेतरा सिग्नल चौक तथा बेमेतरा नगर के वार्ड क्रमांक 11, 12, 13, 14, 16 एवं 17 सहित तहसील बेरला के ग्राम देवरबीजा, हड़गांव, भेड़नी, केछवई आदि क्षेत्रों में प्रस्तावित सड़क किनारे स्थित भूमि प्रभावित होगी।

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन क्षेत्रों में भूमि अर्जन की कार्यवाही प्रारंभिक प्रकाशन के चरण में है और समस्त राजपत्र गतिविधियों की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में, छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन में संबंधित क्षेत्रों में आगामी आदेश तक क्रय-विक्रय, नामांतरण, बंटवारा, निजी निर्माण कार्य एवं अन्य लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी लेन-देन या निर्माण कार्य से पूर्व संबंधित विभाग से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

लंदन में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, हाउस ऑफ़ पार्लियामेंट में मिला डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी को सम्मान व ऑक्सफोर्ड में दिया व्याख्यान

लंदन में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, हाउस ऑफ़ पार्लियामेंट में मिला डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी को सम्मान व ऑक्सफोर्ड में दिया व्याख्यान

 लंदन। World Homeopathy Summit 4 के अवसर पर ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित भव्य समारोह में रायपुर (छत्तीसगढ़) के प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उत्कइस गरिमामय कार्यक्रम में रायपुर, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न स्थानों के 100 होम्योपैथी चिकित्सकों एवं विदेशों से आए 25 चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। विशेष रूप से प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रिटिश संसद के सदस्य लॉर्ड रावल एवं शिवानी राजा उपस्थित रहे। साथ ही इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक, इयोन मॉर्गन, स्टुअर्ट ब्रॉड, जोनाथन ट्रॉट एवं डेविड ग्रोवर जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया।

इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने ऑक्सफोर्ड में स्किन डिजीज (त्वचा रोग) विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान भी दिया, जिसमें उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से त्वचा रोगों के प्रभावी उपचार और उसके वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके इस व्याख्यान को उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया।

डॉ. त्रिवेदी को यह सम्मान होम्योपैथी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य, मरीजों के प्रति समर्पण एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर रायपुर, छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करने के लिए प्रदान किया गया।

सम्मान प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने इसे अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन एवं मरीजों के विश्वास का परिणाम बताते हुए इस उपलब्धि को अपने शहर रायपुर और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को समर्पित किया।

यह उपलब्धि न केवल डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, बल्कि रायपुर, छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय है।

 

के प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। 


होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

 लॉ की स्टूडेंट ने की आत्महत्या, किराए के मकान में फंदे से लटकारी मिली लाश, शादी का दबाव वजह ?

लॉ की स्टूडेंट ने की आत्महत्या, किराए के मकान में फंदे से लटकारी मिली लाश, शादी का दबाव वजह ?

 बिलासपुर।  जिले में लॉ सेकेंड ईयर की स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। दृष्टि गुप्ता (20) गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ती थी। 14 अप्रैल की सुबह रिवर व्यू कॉलोनी में किराए के मकान में उसका शव फंदे पर लटका मिला।

मामला कोनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा काफी गुस्से वाले स्वभाव की थी। पिता ने उसे पढ़ाई करने को लेकर फटकार लगाई थी। परिजन शादी को लेकर दबाव भी बना रहे थे। पुलिस को शक है कि इसी के चलते उसने आत्महत्या की होगी। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है।

अंबिकापुर का गांधी चौक बना 'ब्लैक स्पॉट', दो कारों की जोरदार भिड़ंत, बाल-बाल बचे सवार

अंबिकापुर का गांधी चौक बना 'ब्लैक स्पॉट', दो कारों की जोरदार भिड़ंत, बाल-बाल बचे सवार

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका माना जाने वाला गांधी चौक अब हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। बुधवार को यहाँ एक बार फिर दो कारों के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और कार सवार बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस हादसे के बाद काफी देर तक चौक पर अफरा-तफरी और जाम की स्थिति बनी रही।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क के बीचों-बीच वाहनों के रुकने से आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया। व्यस्ततम समय होने के कारण गांधी चौक के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिससे विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद विवाद को शांत कराकर यातायात व्यवस्था को सुचारू किया।

स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि गांधी चौक अब 'ब्लैक स्पॉट' में तब्दील होता जा रहा है। यहाँ आए दिन छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। यातायात के भारी दबाव और अव्यवस्थित ड्राइविंग की वजह से यहाँ हर वक्त खतरे का साया बना रहता है।

छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट हादसा: प्रशासन ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट हादसा: प्रशासन ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

 रायपुर । छत्तीसगढ़ के जिला सक्ती के अंतर्गत वेदांता पावर लिमिटेड के सिंघीतराई (तहसील डभरा) में बीते 14 अप्रैल को बॉयलर यूनिट-1 में तकनीकी खराबी के कारण एक दुखद औद्योगिक दुर्घटना घटित हुई। इस घटना में कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 12 श्रमिकों की मृत्यु हो गई है। शेष घायल श्रमिकों का उपचार रायगढ़ स्थित विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास ताेपनाें ने मंगलवार की देर रात मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

जांच के दौरान घटना के कारणों, जिम्मेदार व्यक्तियों/संस्थाओं की पहचान, पूर्व में किए गए सुरक्षा निरीक्षणों की स्थिति तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक उपायों का परीक्षण किया जाएगा।

जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनाएं - केन्द्रीय मंत्री ओंराव

व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनाएं - केन्द्रीय मंत्री ओंराव

 00 केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने (एनएसटीएफडीसी) को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया

रायपुर। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने देश भर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) द्वारा निभाई गई परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि (एनएसटीएफडीसी) का दृष्टिकोण केवल रोजगार सृजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने में सक्षम बनाना है। नई दिल्ली में (एनएसटीएफडीसी) के 10 अप्रैल 2026 को आयोजित 25 वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए ओराम ने इस निगम को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया।

केंद्रीय जनजाति मंत्री  जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ से चयनित लाभार्थी जिला बेमेतरा से किशन ध्रुव ग्राम कुआं (किराना व्यवसाय) एवं धनराज ठाकुर ग्राम गातापार (फोटो स्टूडियो व्यवसाय) सहित छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के प्रतिनिधि (कार्यपालन अधिकारी) प्रवीण कुमार लाटा का स्वागत किया और (एनएसटीएफडीसी) सावधि ऋण योजना के तहत व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री जी द्वारा लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए ओराव ने निगम के उस मुख्य उद्देश्य को रेखांकित किया जिसके तहत वह बिना किसी गारंटी के वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक इसकी पहुँच और अधिक व्यापक हो सके। मीडिया से बात करते हुए  ओराम ने कहा कि निगम ने लाभार्थियों को 16 लाख से अधिक ऋण वितरित किए हैं और अब तक कुल संवितरण (वितरित राशि) 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) ने नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में अपना 25 वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव  अनंत प्रकाश पांडे और (एनएसटीएफडीसी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी. रौमुआन पाइते, (एनएसटीएफडीसी) के प्रबंधक और मध्य क्षेत्र के प्रमुख  विकास रंजन साथ ही निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और देश भर की राज्य चौनलिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों उपस्थित रहे।

CG : कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री ने दिया इस्तीफा...जानिए क्या है पूरा मामला..!!

CG : कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री ने दिया इस्तीफा...जानिए क्या है पूरा मामला..!!

जगदलपुर। जहां देश के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत देश भर में 33% आरक्षण दिए जाने का निर्णय केंद्र सरकार लिया है और परिसीमन के बाद जगदलपुर विधानसभा में भी महिला सीट होने के कयास लगाए जा रहे हैं ,इसी बीच बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री और कांग्रेस के कद्दावर महिला नेताओं में मानी जाने वाली नेत्री कमल झज्ज ने अपने पद जिला महामंत्री से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जिला अध्यक्ष को संबोधित पत्र में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की बात कही है।

इस संदर्भ में जब उनसे चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने जिला कांग्रेस महामंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया है क्योंकि वह अपने पद से न्याय नहीं करपा रहीं थी और ऐसे में पद में बने रहने का उन्हें अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत और स्वास्थ्यगत कारणों से उन्होंने इस्तीफा दिया है। श्रीमती कमल झज्ज ने जगदलपुर विधानसभा सीट महिला होने के कयास पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने भी सुना कि सीट महिला आरक्षित होने वाली है , लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उन्होंने महामंत्री पद से इस्तीफा दिया है तो इस दौड़ में शामिल नहीं होंगी। शीर्ष नेतृत्व से अनबन की बात को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व से उनकी कोई नाराजगी नहीं है। पूर्व में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के साथ हुए उनके विवाद पर उन्होंने कहा था कि उस समय उन्होंने समस्त पदों से इस्तीफा दे दिया था । श्रीमती कमल झज्ज से जब भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने की अटकलों के विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी इस सवाल का जवाब दे पाना मुश्किल है।

CG : टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार एक युवक की मौत

CG : टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार एक युवक की मौत

 बिलासपुर। जिले के चट्टीडीह स्थित रामायण चौक क्षेत्र में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब स्थानीय निवासी शुभम साहू की मुंगेली के पास एक सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु की खबर आई।

जानकारी के मुताबिक, शुभम पिछले तीन दिनों से अपने किसी निजी काम के सिलसिले में मुंगेली जिले के भटगांव प्रवास पर था और कार्य संपन्न कर वापस अपने घर बिलासपुर लौट रहा था। वापसी के दौरान मुंगेली टोल प्लाजा के समीप अचानक उसकी गाड़ी अनियंत्रित हो गई और एक जबरदस्त टक्कर का शिकार हुई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि शुभम को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और वह मौके पर ही खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया। वहां से गुजर रहे राहगीरों की सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को प्राथमिक सहायता देते हुए बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल (SIMS Hospital) रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण शुभम की सांसे थम गईं। सिम्स के डॉक्टरों ने उसे देखते ही ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। फिलहाल, अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

साय सरकार की पहल से सशक्त हुई महिलाएं, हमेश्वरी राठौर बनी लखपति दीदी

साय सरकार की पहल से सशक्त हुई महिलाएं, हमेश्वरी राठौर बनी लखपति दीदी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अब सार्थक परिणाम दे रहे हैं। इसका प्रेरक उदाहरण गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत लालपुर की हमेश्वरी राठौर हैं, जो आज लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

एक सामान्य ग्रामीण महिला से आत्मनिर्भर उद्यमी बनने तक का उनका सफर संघर्ष, साहस और सफलता की मिसाल है। हमेश्वरी राठौर रिद्धी-सिद्धी स्वसहायता समूह से जुड़ीं, जहां उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण मिला। समूह के माध्यम से उन्होंने 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया, जो उनके जीवन में परिवर्तन का आधार बना। इस राशि का उपयोग उन्होंने कृषि और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया। सब्जी उत्पादन को मुख्य आय का स्रोत बनाते हुए उन्होंने टमाटर, गोभी, अदरक, बरबट्टी और हल्दी जैसी फसलों की खेती शुरू की। साथ ही, उन्होंने सेंटरिंग प्लेट का कार्य भी शुरू किया, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत बने।
शुरुआती दौर में मौसम की अनिश्चितता, बाजार की चुनौतियां और लागत जैसी कठिनाइयां सामने आईं, लेकिन विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं से मिले मार्गदर्शन और स्वसहायता समूह के सहयोग ने उन्हें निरंतर आगे बढऩे की प्रेरणा दी। अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय के बल पर उन्होंने हर बाधा को पार किया। आज हमेश्वरी राठौर की वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसने उन्हें लखपति दीदी बना दिया है। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। हमेश्वरी राठौर की यह उपलब्धि दर्शाती है कि विष्णुदेव साय सरकार की महिला-केंद्रित योजनाएं और स्वसहायता समूहों का सशक्त नेटवर्क ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, लिए गए कई बड़े फैसले

BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, लिए गए कई बड़े फैसले

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (15 अप्रैल) को मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हो गई है। यह बैठक मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष (एम-5/20) में चल रही है। इस बैठक में कई विभागों से आए प्रस्तावों और योजनाओं की समीक्षा की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके।

2. मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

3. मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

5. छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

6. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है।

गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा।

7. मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध न होने के कारण टीकों की समय पर आपूर्ति में बाधा आ रही थी, जिससे पशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा था। निर्णय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जिससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

9. मंत्रिपरिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के अनुरूप छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के प्रभाजन के संदर्भ में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व वर्षों में किए गए 10,536 करोड़ रूपए के आधिक्य पेंशन भुगतान की राशि की वापसी पर सहमति दी गई। बैंकों द्वारा पूर्व में हुए त्रुटिपूर्ण लेखांकन के कारण यह अतिरिक्त भुगतान हुआ था, जिसका पुनर्मिलान एवं सत्यापन संयुक्त दल द्वारा किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन द्वारा 2,000 करोड़ रूपए की राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदान की जा चुकी है तथा शेष 8,536 करोड़ रूपए की राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने इस व्यवस्था को स्वीकार करते हुए वित्त विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकृत किया है।

इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद की बैठक में आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरक की व्यवस्था तथा राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई।

साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदली जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक पहुंचीं गायत्री बाई

साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदली जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक पहुंचीं गायत्री बाई

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। इसका सजीव उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत सेमरा की निवासी गायत्री बाई हैं, जिनका जीवन अब पूरी तरह बदल चुका है। कभी जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर गायत्री बाई और उनका परिवार हर मौसम में मुश्किलों का सामना करता था। बारिश के दिनों में छत टपकती थी, दीवारें कमजोर थीं और परिवार के सदस्यों को हर समय असुरक्षा का डर बना रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक अधूरा सपना ही था।

लेकिन विष्णुदेव साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास उपलब्ध कराने की नीति ने उनके जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गायत्री बाई का चयन हितग्राही के रूप में हुआ और उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। सरकार की इस मदद और अपनी मेहनत के बल पर गायत्री बाई ने धीरे-धीरे अपने सपनों का घर बनाना शुरू किया। ग्राम पंचायत और जनपद स्तर से मिले निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग ने इस प्रक्रिया को सरल बनाया। कुछ ही महीनों में उनका पक्का, सुरक्षित और सुंदर घर तैयार हो गया।

अब गायत्री बाई और उनका परिवार हर मौसम में बिना किसी परेशानी के एक सुरक्षित और स्वच्छ घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। बच्चों को भी अब बेहतर वातावरण मिल रहा है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत हो रही है। गायत्री बाई भावुक होकर कहती हैं, साय सरकार की इस योजना ने हमारे जीवन को बदल दिया है। पहले हम हर समय डर और चिंता में रहते थे, लेकिन अब हमारे पास अपना सुरक्षित घर है। विष्णुदेव साय सरकार की जनहितकारी योजनाएं न केवल लोगों को सुविधाएं प्रदान कर रही हैं, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास भी ला रही हैं।