नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
नेलांगुर में हर घर पहुंचा नल जल, दूर हुई पेयजल समस्या

नेलांगुर में हर घर पहुंचा नल जल, दूर हुई पेयजल समस्या

 रायपुर।छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है । महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है । सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है ।जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है ।

नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं । प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।

जिले के अंतिम छोर तक मिल रहा लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ

जिले के अंतिम छोर तक मिल रहा लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ

 रायपुर।राज्य शासन के निर्देशानुसार विकासखण्डवार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दिनों कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत जिले के सीमा पर स्थित ग्राम चुरेगांव में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना। इस दौरान कलेक्टर, जिला पंचायत सदस्य श्री कपिल नाग, जनपद सदस्य श्री घसियाराम सेठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों को जानकारी ली और निराकरण हेतु निर्देशित किया।।

कलेक्टर ने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने श्रम पंजीयन के लाभों की जानकारी देते हुए ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन हेतु ई-रिक्शा योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पशुपालन विभाग की योजनाओं से जुड़ने एवं विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत शेड निर्माण का लाभ उठाने की अपील की।

शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 04 ट्रायसायकल एवं 01 बैसाखी वितरित की गई। मुख्यमंत्री पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 03 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत की गई। इसी प्रकार 13 आधार कार्ड, 7 जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग द्वारा 11 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 14 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा 03 वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा 15 किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को रागी बीज वितरण और वन विभाग द्वारा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम हिचका की श्रीमती सुनीता मंडावी को 02 लाख रुपए एवं ग्राम कावागांव की श्रीमती सुपोतिन कोर्राम को 30 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। साथ ही वन विभाग द्वारा 200 पौधे का भी वितरण किया गया।

कभी लाल आतंक से प्रभावित रहे चुरेगांव जैसे अंदरूनी गांव में आयोजित इस शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक पेय ‘मड़िया पेज’ की व्यवस्था की गई थी। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुंचकर मड़िया पेज का स्वाद लिया और उनकी सराहना की।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम सुश्री आकांक्षा नायक, तहसीलदार श्री विजय मिश्रा, श्री संतोष सिन्हा, जनपद पंचायत सीईओ श्री अनुराग सिन्हा, सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

CM साय का आज सुकमा दौरा,मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान की करेंगे शुरुआत

CM साय का आज सुकमा दौरा,मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान की करेंगे शुरुआत

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुकमा जिले के दौरे पर रहेंगे,जहां वे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1:05 बजे हेलीकॉप्टर से सुकमा पहुंचेंगे। दौरे की शुरुआत जिला चिकित्सालय सुकमा में अटल आरोग्य लैब के शुभारंभ से होगी। इसके बाद वे जिला पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण करेंगे। इसके पश्चात साइंस पार्क सुकमा में VR Lab और STEM Lab का उद्घाटन किया जाएगा, साथ ही नालंदा परिसर भवन निर्माण का भूमिपूजन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री इमली प्रसंस्करण यूनिट का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दोपहर करीब 2:20 बजे मुख्यमंत्री मिनी स्टेडियम सुकमा में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया जाएगा।

CG  : फंदे से लटकती मिली BSP कैंटीन के कुक की लाश, मचा हड़कंप

CG : फंदे से लटकती मिली BSP कैंटीन के कुक की लाश, मचा हड़कंप

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में उस समय सनसनी फैल गई जब भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के कोक ओवन कैंटीन में कार्यरत 29 वर्षीय कुक अजय प्रजापति का शव पेड़ से लटका मिला। यह घटना सेक्टर-4, सड़क नंबर 36 स्थित आवासीय क्षेत्र के पीछे सामने आई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने शव को देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

परिवार में मचा कोहराम
घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में मातम छा गया। अजय प्रजापति अपने परिवार के साथ सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे। उनकी पत्नी भी घरों में काम करती हैं। परिजनों के अनुसार, अजय का 6 महीने का एक छोटा बच्चा है। सूचना मिलते ही उनके पिता और भाई रायपुर से भिलाई पहुंचे।

पत्नी से विवाद के बाद घर से निकले थे
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शनिवार रात करीब 8 बजे अजय शराब के नशे में घर पहुंचे थे। इस दौरान उनका पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वे घर से बाहर निकल गए और देर रात तक वापस नहीं लौटे।

दोस्त के घर भी गए थे अजय
जांच में यह भी सामने आया है कि अजय रात में सड़क नंबर 27 स्थित अपने एक दोस्त के घर गए थे। वहां कुछ समय बिताने के बाद वे फिर निकल गए। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला और अगली सुबह उनका शव पेड़ से लटका मिला।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल, सुपेला की मरच्यूरी में भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

संदिग्ध मानकर जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि व्यक्तिगत विवाद, मानसिक तनाव और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों में शोक की लहर
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अजय शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। लोग लगातार मृतक के परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

BSP परिसर में भी असर
इस घटना का असर भिलाई स्टील प्लांट परिसर में भी देखा जा रहा है। सहकर्मियों और जानने वालों के बीच गम का माहौल है। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

 
 
“हर परिवार का सहयोग, समाज को देगा नई दिशा – बृजमोहन अग्रवाल”

“हर परिवार का सहयोग, समाज को देगा नई दिशा – बृजमोहन अग्रवाल”

 रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल रविवार को छत्तीसगढ़ डड़सेना कलार सिन्हा समाज द्वारा आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सेमरिया में आयोजित मंडल स्तरीय वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकजुटता, सेवा भाव और संगठन की शक्ति पर जोर दिया।

सांसद अग्रवाल ने कहा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि समाज उनके लिए क्या कर रहा है, लेकिन समाज में विश्वास तभी बढ़ेगा जब समाज स्वयं अपने लोगों के लिए खड़ा होगा। उन्होंने कलार समाज के आराध्य भगवान सहस्त्रबाहु हजार भुजाओं वाले हैं ।

समाज स्वयं को अगर हजार भुजाओं वाला मानता है, तो उसे उतनी ही सक्रियता से कार्य भी करना होगा।

उन्होंने समाज के विकास के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर विशेष बल दिया शिक्षा, विवाह और स्वास्थ्य। उन्होंने कहा कि समाज के गरीब बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करना, जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग देना और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज की जिम्मेदारी उठाना ही सच्ची समाज सेवा है। जिस दिन समाज इन तीन क्षेत्रों में कार्य करना शुरू करेगा, उस दिन हर परिवार से लोग जुड़ेंगे और संगठन स्वतः मजबूत होगा।

आर्थिक सहयोग के महत्व को बताते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार मात्र 100 रुपये प्रतिमाह का योगदान दे, तो 5000 परिवारों से हर महीने 5 लाख रुपये और साल भर में 60 लाख रुपये का कोष तैयार हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि समाज के 5-10 युवाओं को इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाए, जो नियमित रूप से घर-घर जाकर सहयोग राशि एकत्र करें।

सांसद  अग्रवाल ने समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल आयोजन स्थल न होकर समाज के विकास का केंद्र बने, जहां महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण, बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जा सके।

उन्होंने कहा कि केवल साल में एक बार सम्मेलन करने से समाज का विकास संभव नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है। जो समाज सेवा और विकास के कार्य करेगा, वही लोगों के दिलों में स्थायी स्थान बनाएगा।

कार्यक्रम में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री अशोक सिन्हा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल जी, युवराज सिन्हा, दशरुराम सिन्हा , लाला राम सिन्हा , अरुण सिन्हा समेत समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 
 
दिव्य संतों का सान्निध्य प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य की बात : तोखन

दिव्य संतों का सान्निध्य प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य की बात : तोखन

 संतों का सान्निध्य समाज को सही दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करता है — हर्ष छाबरिया 

पेंड्रा में महामंडलेश्वर 1008 माँ योग योगेश्वरी यती का आगमन, श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया दिव्य आशीर्वाद

पेंड्रा। पटियाला हाउस पेंड्रा में परम पूज्य महामंडलेश्वर 1008 माँ योग योगेश्वरी यती जी के पावन आगमन पर दिव्य कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित होकर पूज्य माताजी के दर्शन एवं आशीर्वाद से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम में संत स्वामी कृष्ण प्रपन्नाचार्य एवं स्वामी परमात्मानंद की गरिमामयी उपस्थिति रही।अपने उद्बोधन में पूज्य माँ योग योगेश्वरी यती ने कहा कि राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण, धर्म के प्रति अटूट आस्था और समाज सेवा ही सच्ची पूजा है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाता है, तभी राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनता है। विजय देवांगन (क्षेत्र संपर्क प्रमुख, पश्चिम क्षेत्र) ने अपने उद्बोधन में कहा कि नर्मदा अंचल की यह पावन भूमि अत्यंत गौरवशाली है, यहाँ जन्म लेना ही सौभाग्य का विषय है। यह वही तपोभूमि है जहाँ स्वयं भगवान शिव ने साधना की थी, इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि इस पावन संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाएं।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि ऐसे दिव्य संतों का दर्शन एवं सान्निध्य प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य की बात है। संतों के आशीर्वचन हमें धर्म, संस्कार और राष्ट्र सेवा के मार्ग पर आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि हमें संतों के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए समाज में एकता, जागरूकता और सकारात्मकता फैलाने का कार्य करना चाहिए।
साथ ही हर्ष छाबरिया ने उपस्थित जानों का आभार करते हुए कहा कि संतों का सान्निध्य हमें सही दिशा और प्रेरणा देता है। ऐसे अवसर समाज को जोडऩे, जागरूक करने और धर्म के प्रति आस्था को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। पूज्य संतों का आशीर्वाद और आप सभी का साथ ही मेरी प्रेरणा है। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश साहू (जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख रूप से तीरथ प्रसाद बडग़ैया , पुरुषोत्ताम नाथ पिपराहा, अरुण चौहान ,विजया उर्मिलिया, अनिल सिंह, सुरेश जायसवाल, राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, राकेश चतुर्वेदी, कन्हैया राठौर, रामजी श्रीवास, बृजलाल राठौर, मनीराम केवट, रवि शंकर चौबे,सागर पटेल, निखिल परिहार, सरोज पवार, प्रिया त्रिवेदी, संतोषी साहू, विभा तिवारी, अनीता माझी, रामेश्वरी धुर्वे, उषा गुप्ता, बृजेश सोनी, रविंद्र केवट, शैलेश जायसवाल, प्रहलाद साहू, राकेश श्रीवास, ब्रजेश पूरी, महेंद्र शुक्ला, नत्थू प्रसाद गुप्ता, दिशा मानिकपुरी, कुसुम गौतम, उत्तम राय, सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। साथ ही बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी एवं भारत विकास परिषद के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मातृशक्ति के भाग्य और भविष्य को लेकर होगा महत्वपूर्ण फैसला : लक्ष्मी वर्मा राज्य सभा सांसद

मातृशक्ति के भाग्य और भविष्य को लेकर होगा महत्वपूर्ण फैसला : लक्ष्मी वर्मा राज्य सभा सांसद

 दुर्ग। राज्य सभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने दुर्ग सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 भारत के लोकतंत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। इस क्रांतिकारी कदम को उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त कर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि बहुत-से दल इससे पहले भी यह विधेयक लेकर आए। कभी किसी ने एक सदन में पारित किया तो दूसरे सदन में उसको रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक के तौर पर तमाम राजनीतिक दलों ने देखा, लेकिन उनका अधिकार किसी ने नहीं दिया। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दिया है एवं सबके विकास में महिलाओं को भी जोड़ा। लोकतंत्र में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नारीत्व का जो सम्मान किया है, उसके लिए देश की सभी बहनें प्रधानमंत्री श्री मोदी को बहुत साधुवाद देती हैं कि उन्होंने इतनी ताकत के साथ भारत की संसद में इस अधिनियम को रखा है। जब इस अधिनियम को संसद के पटल पर रखा गया तब परिस्थितियाँ सकारात्मक नहीं थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2029 में यह बिल लागू हो, उस दिशा में कार्य किया और अभी उस पर संशोधन आ रहा है। आने वाले समय में विधानसभा और लोकसभा में संशोधन के साथ यह बिल पारित होगा 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ। महिलाओं ने देश में बहुत बेहतर काम किया। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने आगे कहा कि 9667173333 इस नंबर मिस्ड कॉल करके महिलाएं नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना धन्यवाद ज्ञापित कर सकती हैं मैं आग्रह करती हूं कि आप सभी जरूर मिस्ड कॉल कर अपना धन्यवाद ज्ञापित करें |

श्रीमती वर्मा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की, जिसका सकारात्मक परिणाम आया है। आज महिलाएं नीति-निर्धारक भी हैं, केवल नीति के लाभार्थी नहीं हैं। महिलाएं अब नीति बनाएंगी। जब महिलाएं सदन में बड़ी संख्या में बैठेंगी तो सकारात्मक परिणाम आएगा, जो भारत की राजनीति को परिवर्तित करेगा।
आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर अलका बाघमार, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री कुमुद बघेल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर, जिला महामंत्री डॉ भारती साहू, गायत्री परिवार प्रमुख विनीता तिवारी उपस्थित रहे |

कोतरा रोड दुग्ध डेयरी क्षेत्र में बनेगा आधुनिक ऑक्सीजोन, नागरिकों को मिलेगा हरित व बहुउद्देशीय सुविधा केंद्र

कोतरा रोड दुग्ध डेयरी क्षेत्र में बनेगा आधुनिक ऑक्सीजोन, नागरिकों को मिलेगा हरित व बहुउद्देशीय सुविधा केंद्र

 रायपुर : रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1 स्थित राजीव नगर (कोतरा रोड दुग्ध डेयरी क्षेत्र) को अब एक आधुनिक एवं आकर्षक ऑक्सीजोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत क्षेत्र में हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी विविध सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण के साथ बेहतर जीवनशैली का अनुभव मिल सकेगा।

इस परियोजना के लिए प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से राज्य शासन द्वारा 7.86 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। वित्त मंत्री  चौधरी ने आज अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर कार्ययोजना एवं डिजाइन का अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

परियोजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में पुरानी उपयोगी संरचनाओं का उन्नयन किया जाएगा, साथ ही स्थल समतलीकरण, सुदृढ़ सीमांकन दीवार एवं मुख्य द्वारों का निर्माण किया जाएगा। बेहतर आवागमन और जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण भी किया जाएगा।

ऑक्सीजोन में हरित विकास (हॉर्टिकल्चर), लैंडस्केपिंग एवं आकर्षक पाथवे विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र एक सुंदर और शांत वातावरण प्रदान करेगा। नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने हेतु बेंच, गजेबो (विश्राम स्थल) तथा खेल मैदान में दर्शक मंच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त विद्युत व्यवस्था, आंतरिक एवं बाह्य जल आपूर्ति, ट्यूबवेल, शौचालय, गार्ड रूम एवं सेप्टिक टैंक जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

परियोजना के सुचारू संचालन हेतु तीन वर्षों का रखरखाव प्रावधान भी शामिल किया गया है। परियोजना के अंतर्गत आसपास के क्षेत्र में एसएलआरएम सेंटर का निर्माण, मिल्क फैक्ट्री एवं सामुदायिक भवन का मरम्मत एवं नवीनीकरण, 10 दुकानों सहित फूड कोर्ट, पार्किंग क्षेत्र का विकास तथा अतिरिक्त बाउंड्री वॉल एवं गेट निर्माण जैसे कार्य भी किए जाएंगे। इससे यह क्षेत्र एक समग्र नागरिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित होगा।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के युवाओं एवं निवासियों ने क्रिकेट सहित अन्य खेल सुविधाओं की मांग रखी, जिस पर वित्त मंत्री  चौधरी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए अधिकारियों को इन मांगों को प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति  डिग्री लाल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट रजिस्ट्री में 25 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट रजिस्ट्री में 25 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

 बिलासपुर।12 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट रजिस्ट्री में कार्यरत 25 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। हाई कोर्ट ने एक आदेश जारी कर पदोन्नत होने वाले कर्मचारियों की सूची जारी की है। पदोन्नत होने वाले कर्मचारियों में स्टाफ कार चालक रिकॉर्ड आपूर्तिकर्ता, रिकॉर्ड आपूर्तिकर्ता,चपरासी व स्टाफ कार चालकों के नाम हैं।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है, छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट रजिस्ट्री के श्रेणी-IV कर्मचारियों को वेतन मैट्रिक्स के स्तर-4 में कनिष्ठ न्यायिक सहायक के पद पर, इस उच्च न्यायालय के कर्मचारियों और अन्य श्रेणी-IV कर्मचारियों के सापेक्ष 1:3 के अनुपात में, कार्यवाहक क्षमता में दो वर्ष की अवधि के लिए पदोन्नत किया जाता है, जिस तिथि से वे उक्त पद पर अपने कर्तव्यों का कार्यभार ग्रहण करते हैं।

हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश में किरण कुमार, सुनील कुमार मिश्रा, लक्ष्मण यादव, चंद्र शेखर पांडेय, ईश्वर चंद्र यादव, राज कुमार, प्रवीण कुमार श्रीवास, कविता पटेल, संजय कुमार, बबली श्रीवास, अमित कुमार, सनत कुमार वस्त्रकार, ज्ञान सागर साहू, प्रवीण कुमार, अन्नपूर्णा ध्रुव, मनोज कुमार साहू, संजीव कुमार सिंह, कन्हैया लाल, हीरामुनि केरकेट्टा, दुर्गेश कुमार साहू, सीमा वर्मा, चमन गल्ले, सत्यमणि कुशवाह को पदोन्नति दी गई है।

CG Crime- छत्तीसगढ़ के इस जिले में 3 मर्डर से सनसनी: पिता ने बेटे की ली जान

CG Crime- छत्तीसगढ़ के इस जिले में 3 मर्डर से सनसनी: पिता ने बेटे की ली जान

 महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में तीन हत्याएं हुई। तीनों हत्याकांड ने दिल दहला दिया। पुलिस ने तीनों हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पहले मामला तो और भी भयावह है। खून ही खून का प्यासा हाे गया और हत्याकांड जैसे विभत्स घटना को अंजाम तक पहुंचा दिया। पिता ने छोटे बेटे के साथ मिलकर बड़े बेटा को मौत के घाट उतार दिया। बड़ा बेटा शराबी था और मारपीट करता था। हत्या के बाद लाख को बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया था।

दूसरा हत्याकांड भी कमोबेश शराब से ही जुड़ा हुआ है। शराब के नशे में दोस्त को गाली देने पर तीन साथियों ने मिलकर शराबी युवक की हत्या कर दी थी। युवक के सिर पर पत्थर से वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया था। एक घटना एक दिन पहले की है, जब बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद हुआ और चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना 9 अप्रैल 2026 को सामने आई, जब यशवंत चंद्राकर के मुर्गी फार्म के पास जंगल से लगे लिफ्ट एरिगेशन के कुएं में एक युवक का शव बोरी में बंद मिला। शव को पानी में डूबा रखने के लिए उसके साथ पत्थर बांधा गया था।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस की जांच में शव की पहचान सत्यानारायण ध्रुव (27) के रूप में हुई, जो बीते एक महीने से लापता था। पुलिस ने जब परिवार से सख्ती से पूछताछ की, तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

सत्यानारायण शराब का आदी था और अक्सर नशे की हालत में घर वालों के साथ मारपीट करता था। 6 मार्च की रात भी वह अपनी मां से झगड़ा कर रहा था। छोटे भाई का गुस्सा आ गया, उसने घर में रखा पत्थर का सीलबट्टा उठाकर सत्यानारायण के सिर पर कई बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

कुछ देर बाद पिता महेश ध्रुव घर पहुंचे। बेटे की मौत देखकर उन्होंने पुलिस को खबर देने की बजाय मामला छिपाने का फैसला किया। फिर पिता और छोटे बेटे ने मिलकर शव को एक बोरी में भरा। दोनों ने शव को बाइक पर रखा और एक सुनसान जगह ले जाकर कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपी पिता महेश ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। नाबालिग बेटे को बाल न्यायालय में पेश किया गया है।

गाली गलौच का बदला लेने,उतार दिया मौत के घाट

6 अप्रैल को खट्टी जंगल में एक अज्ञात युवक का शव लहूलुहान हालत में मिला था। जांच के दौरान मृतक की पहचान खैरा निवासी प्रकाश पटेल (23) के रूप में हुई। शव के चेहरे, गर्दन और सीने पर गंभीर चोट के निशान थे, और गले में एक पीला गमछा बंधा हुआ पाया गया था। पुलिस ने चन्द्रहास नेताम उर्फ काजू, गोपाल प्रधान और जालंधर सोनवानी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। मृतक और आरोपी आपस में दोस्त थे और अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। एक महीने पहले शराब के नशे में मृतक ने आरोपियों को गाली दी थी, जिससे उनके बीच विवाद हो गया था। इसी बात का बदला लेने के लिए आरोपियों ने प्रकाश पटेल की हत्या की साजिश रची।

5 अप्रैल की रात आरोपी चन्द्रहास नेताम उर्फ काजू (21), गोपाल प्रधान (20) और जालंधर सोनवानी (21) ने प्रकाश पटेल को गायत्री मंदिर के पास से बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठाया और खट्टी जंगल ले गए। वहां उन्होंने कांच की बोतल और पत्थरों से उस पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और गरियाबंद क्षेत्र में छिप गए थे। पुलिस ने लगातार दबिश के बाद तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

बच्चे की कस्टडी को लेकर हत्या

सरायपाली थाना क्षेत्र के झिलमिला वार्ड क्रमांक 8 की है। शनिवार 11 अप्रैल को पारिवारिक विवाद में अनवर खान (53) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हमले में बेटाअजहर खान (21) और बेटी शहनाज (27) घायल हो गए। मृतक अनवर खान के बड़े बेटे अरशद खान ने करीब-3 साल पहले एक युवती से लव मैरिज की थी। दोनों से 2 बच्चे हुए। बड़ा बेटा 5 साल का और दूसरा करीब एक साल का है। महिला शादीशुदा होते हुए करीब 8 महीने पहले ताजुद्दीन के साथ भाग गई थी।

11 अप्रैल की दोपहर 2 बजे महिला अपने दूसरे पति ताजुद्दीन और उसके दोस्त राकेश साहू के साथ झिलमिला अपने पहले पति के घर पहुंची। वह अपने बड़े बेटे को साथ ले जाने के लिए अड़ गई। मृतक अनवर खान ने कोर्ट के माध्यम से बच्चा देने की बात कही। इस बीच अचानक विवाद इतना बड़ गया कि ताजुद्दीन का दोस्त राकेश साहू ने अनवर खान पर चाकू से हमला कर दिया।

बीच-बचाव करने आए अजहर और शहनाज पर भी चाकू से बार कर दिया। इस हमले में घायल अनवर खान को अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। अजहर और शहनाज बुरी तरह जख्मी हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है। सरायपाली पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है।

सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक…..

सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया ।

उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री  साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

शर्मनाक : तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी, फिर जो हुआ……

शर्मनाक : तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी, फिर जो हुआ……

 बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरभट्ठी गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गांव के तालाब में नहाने गई एक युवती और उसकी मां के साथ न केवल छेड़खानी की गई, बल्कि आरोपियों ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दीं। मुख्य आरोपी रज्जन खान ने नहाते समय युवती का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

जब पीड़िता और उसकी मां ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पीड़िता के घर में घुसकर गाली-गलौज की और सरेआम अपहरण करने व जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और आरोपी रज्जन खान अपने अन्य साथियों के साथ मौके से फरार हो गया है।

पीड़िता की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए सकरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छेड़खानी, ब्लैकमेलिंग और घर में घुसकर धमकाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

Police Transfer : निरीक्षकों के तबादले, यातायात डीसीपी ने जारी की सूची, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट…!!

Police Transfer : निरीक्षकों के तबादले, यातायात डीसीपी ने जारी की सूची, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट…!!

 रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आठ निरीक्षकों को इधर से उधर किया गया है। डीसीपी यातायात व प्रोटोकाॅल IPS विकास कुमार ने यह आदेश जारी किया है।

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है।

यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं।

श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है।

प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है। उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन कल ठेले गुमटी व्यवसायियों को देंगे वेंडिंग जोन की सौगात, करेंगे निःशुल्क आवंटन….

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन कल ठेले गुमटी व्यवसायियों को देंगे वेंडिंग जोन की सौगात, करेंगे निःशुल्क आवंटन….

 रायपुर:- कोरबा नगर विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन 12 अप्रैल रविवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर बुधवारी बाजार के समीप ठेले गुमटी व्यवसायियों के बीच दोपहर 3 बजे अपना जन्मदिन मनाकर नवीन वेंडिंग जोन लागत 50.54 लाख की सौगात देंगे।

जारी प्रोटोकॉल के अनुसार श्री देवांगन प्रातः 10 से 12 बजे तक चारपारा कोहड़िया निवास में भेंट मुलाकात करेंगे। दोपहर 12.30 बजे टीपी नगर स्थित भाजपा कार्यालय में कोरबा मंडल द्वारा आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात दोपहर 1.00 बजे माँ सर्वमंगला की पूजा अर्चना कर भंडारा कार्यक्रम एवं सर्वमंगला मंडल द्वारा आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे प्रेस क्लब कोरबा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

केबिनेट मंत्री शाम 4.00 बजे हनुमान मंदिर एनटीपीसी गेट के पास मंदिर समिति द्वारा आयोजित भंडारा एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। शाम 4.45 बजे बालको नगर के सेक्टर 5 स्थित हनुमान मंदिर के पास मंडल बालको एवं श्रीमती रश्मि रंजन कश्यप द्वारा आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम, शाम 5.30 बजे अशोक वाटिका में सखी सहेली महिला समूह द्वारा आयोजित बचपन की टिकट कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। शाम 6.30 युवा मोर्चा मंडल कोरबा एवं कोसाबाडी द्वारा टीपी नगर चौक में आयोजित अभिनंदन एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम सम्मिलित होंगे। शाम 7.15 बजे अग्रोहा मार्ग दुर्गा मंदिर कोतवाली के पीछे मां मनोकामना दुर्गा समिति द्वारा आयोजित तुलादान व जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी गर्मी, 42°C के पार जा सकता है तापमान

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी गर्मी, 42°C के पार जा सकता है तापमान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम अब तेजी से गर्म होने लगा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने के आसार हैं, जबकि अगले 2 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है।

खासतौर पर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिलेगा, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई, लेकिन इससे गर्मी में खास राहत नहीं मिली।

सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार मध्य ओडिशा से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना, रायलसीमा होते हुए तमिलनाडु तक एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका सक्रिय है, जिसका असर मौसम पर देखा जा रहा है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान साफ रहने की संभावना है, जहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी गई है।

CG : खारुन नदी में अवैध रेत खनन ने ली नाबालिग की जान, जानिए कैसे हुआ हादसा?

CG : खारुन नदी में अवैध रेत खनन ने ली नाबालिग की जान, जानिए कैसे हुआ हादसा?

 बिलासपुर : बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। खारुन नदी स्थित गढ़वट रेत खदान में सुरंग धंसने से 16 वर्षीय नाबालिग मजदूर अमित कश्यप की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल है। जिन्हे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी तोषण कश्यप ने अधिक रेत निकालने के लालच में नाबालिगों को खतरनाक हालात में काम पर लगाया। घटना 9 अप्रैल की देर रात करीब ढाई बजे की है, जब दोनों मजदूरों को 6 से 7 फीट गहरे गड्ढे में उतारा गया। इसी दौरान अचानक रेत और मिट्टी धंस गई, जिससे अमित की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद आरोपी ने मामले को दबाने की कोशिश की और ट्रैक्टर-ट्रॉली को पलटाकर इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई।

प्रशिक्षु आईपीएस अंकिता जैन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 और 238 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और अवैध खनन को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के काफिले में बदलाव, फॉर्च्यूनर की जगह शामिल हुईं नई स्कॉर्पियो

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के काफिले में बदलाव, फॉर्च्यूनर की जगह शामिल हुईं नई स्कॉर्पियो

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला आज उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब वह प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। आमतौर पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई टोयोटा फार्च्यूनर में नजर आने वाले सीएम इस बार नई स्कार्पियो गाड़ियों में दिखाई दिए।

सीएम के काफिले में एक-दो नहीं, बल्कि छह नई बुलेटप्रूफ स्कार्पियो गाड़ियां शामिल की गई हैं। करीब ढाई साल बाद मुख्यमंत्री के काफिले में इस बदलाव को देखकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी हैरान रह गए और गाड़ियों को लेकर उत्सुकता जताने लगे।

इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पुरानी गाड़ियां काफी समय से इस्तेमाल में थीं और कई बार रास्ते में कभी-कभी बंद हो जाती थीं। इसी कारण उन्हें बदलने का निर्णय लिया गया है।

अब मुख्यमंत्री साय अपने काफिले में इन नई स्कार्पियो गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे, जो सुरक्षा के लिहाज से भी अधिक मजबूत और आधुनिक मानी जा रही हैं।

CG : उड़नदस्ता टीम ने दो कृषि केंद्रों के लाइसेंस किए निलंबित, जानें पूरा मामला..!!

CG : उड़नदस्ता टीम ने दो कृषि केंद्रों के लाइसेंस किए निलंबित, जानें पूरा मामला..!!

 तखतपुर :- जिले के तखतपुर विकासखंड में खाद वितरण में अनियमितता सामने आने पर कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने सख्त कार्रवाई की है। गनियारी और तखतपुर में संचालित दो खाद दुकानों में गड़बड़ी पाए जाने पर दोनों के लाइसेंस निलंबित कर 21 दिनों के लिए खाद बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

खाद वितरण में बड़ी गड़बड़ी उजागर
कृषि विभाग द्वारा किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की सही उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान टीम ने तखतपुर स्थित मेसर्स किसान सेवा केंद्र और गनियारी के मेसर्स अमन कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि किसान सेवा केंद्र तखतपुर में मशीन रिकॉर्ड में 750 बोरी यूरिया दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 550 बोरी ही मिली।

इसके अलावा 200 बोरी यूरिया बिना रिकॉर्ड में दर्ज किए रखी गई थी। वहीं गनियारी के अमन कृषि केंद्र में रिकॉर्ड में 1679 बोरी यूरिया दिखाया गया, लेकिन मौके पर स्टॉक उपलब्ध नहीं था। इसके साथ ही दोनों दुकानों में उर्वरक भंडारण और वितरण से संबंधित जरूरी रजिस्टर भी संधारित नहीं पाए गए, जो नियमों का उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर दोनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 21 दिनों के लिए खाद विक्रय पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।

अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत: सांसद बृजमोहन

अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत: सांसद बृजमोहन

 रायपुर। वंदे मातरम् 150 साल बाद भी भारत को एकसूत्र में बांधने का मंत्र है। जब भी हमे भारत के प्रति प्यार और एकजुटता दिखानी होती है । हम वंदे मातरम् का जयघोष करते हैं। वंदे मातरम् को सभी स्कूल- कॉलेजों में अनिवार्य करके प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने वास्तविक रूप से इस गाने को सम्मान दिया है।

यह बात सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने शनिवार को वृंदावन हाल में वंदे मातरम् के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कही।कार्यक्रम में 150वीं वर्षगांठ पर 15 जनवरी को रायपुर लोकसभा क्षेत्र में 5 लाख विद्यार्थियों द्वारा किए गए सामूहिक वंदे मातरम् गान पर मुख्य कार्यक्रम स्थल सुभाष स्टेडियम में आयोजित में सांस्कृतिक देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले
प्रतिभावान विद्यार्थियों, कलाकारों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, हम सब बचपन से स्कूलों में ‘जन गण मन’ गाते आए हैं, परंतु ‘वंदे मातरम्’ देश के क्रांतिवीरों का गीत रहा है। यह गीत आज़ादी के दीवानों का गीत था, लोगों को मर-मिटने के लिए प्रेरित करने वाला गीत था, अंग्रेजों को परेशान करने वाला गीत था और क्रांतिकारियों में जोश भरने वाला गीत था। यह देश की आज़ादी के लिए जन-जन के मन में उत्साह और देशभक्ति की भावना जागृत करने वाला गीत रहा है।

आज समय बदल चुका है। उस समय ‘देश के लिए मरना सीखो’ की भावना थी, लेकिन आज आवश्यकता है ‘देश के लिए जीना सीखो’ की। अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत है।

 बृजमोहन ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस महान गीत को उचित सम्मान मिल रहा है। यह वही गीत है जिसने हमें आज़ादी दिलाई, जिसने देशभक्ति की भावना पैदा की और लाखों लोगों को फांसी के फंदे पर झूलने के लिए भी प्रेरित किया। ऐसे गौरवशाली गीत का सम्मान होना चाहिए और देश के जन-जन में इसकी भावना जागृत होनी चाहिए।

इसी उद्देश्य से ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर पूरे देश में जागरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा भी निर्देश जारी किए गए हैं कि बड़े आयोजनों में वंदे मातरम् का गायन किया जाए, ताकि नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना विकसित हो सके।

रायपुर में भी इसी भावना के साथ 15 जनवरी को सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया गया था। 5 लाख लोगों ने एक साथ 12 बजकर 55 मिनट पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। यह देश में अपने आप में एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ा आयोजन रहा। इस सामूहिकता ने यह सिद्ध किया कि एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। जब बच्चों को यह अनुभव हुआ कि वे इस 5 लाख के समूह का हिस्सा हैं, तो उनके भीतर गर्व और गौरव की भावना विकसित हुई।

सुभाष स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी अत्यंत अलौकिक रहे, जिनकी सभी ने सराहना की। इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभावान बच्चों एवं संस्थाओं को सम्मानित करना हम सभी के लिए गौरव और गर्व का क्षण है।
इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में  राम संगीत महाविद्यालय, मैट्स यूनिवर्सिटी, डिग्री गर्ल्स कॉलेज, गुरुकुल कॉलेज, डागा गर्ल्स कॉलेज, देवेन्द्रनगर गर्ल्स कॉलेज,  बालाजी नर्सिंग कॉलेज,  नारायणा नर्सिंग कॉलेज, दिशा नर्सिंग कॉलेज, सीजी नर्सिंग कॉलेज, कोलंबिया नर्सिंग कॉलेज, शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय, कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना एवं जवाहर नवोदय विद्यालय माना के विद्यार्थियों का सम्मान किया गया ।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी गर्ग एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष  जसप्रीत सलूजा थे । कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन ने किया और आभार प्रदर्शन कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी राकेश मिश्रा, अमित डोये, सुप्रसिद्ध नृत्यांगना स्वप्निल करमहे एवं परमिंदर कौर आदि उपस्थित थे ।

छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक

छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक

 रायपुर।  भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी

प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास यजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

निगरानी

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

CG News : बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर

CG News : बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर

 रायपुर : लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा

इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा योजना से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का आधार मिल रहा है।

पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, बल्कि पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया

नियद नेल्लानार क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलनार, जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे, अब पुनः जीवन की मुख्यधारा में लौट आया है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही सहदेव कोरसा, लखु और सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुकी हैं। इन डबरियों में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है।

2977 परिवारों को मिला पक्का आवास

नियद नेल्लानार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2,977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों के पक्के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन आवासों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर

जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं अब 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण जहां बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है।

ग्राम पालनार में, जहां पहले प्रशासन की पहुंच नहीं थी, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। कावड़गांव में 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद अब 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।

सावनार (तोड़का पंचायत) में 9.35 लाख रुपए की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है।

पुसुकोण्टा (उसूर) में 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है।

धरमारम और तोड़का क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है।

ग्राम बांगोली में, जहां पहले 18 किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध हो रही है।

युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता

पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।

नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से बीजापुर के अंदरूनी गांवों में अब विकास ने गति पकड़ ली है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास की पहुंच नहीं थी, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। हमारी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि जब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब ही स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के विस्तार से न केवल लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नीतियों, समन्वित प्रयासों और जनभागीदारी से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है – और हम इस बदलाव को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

42 सशस्त्र नक्सली कैडरों का आत्मसमर्पण नक्सल मुक्त भारत के लिए महत्वपूर्ण - सुंदरराज पी.

42 सशस्त्र नक्सली कैडरों का आत्मसमर्पण नक्सल मुक्त भारत के लिए महत्वपूर्ण - सुंदरराज पी.

जगदलपुर। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पटलिंगम ने कहा कि प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन के 42 सशस्त्र कैडरों जिनमें पीएलजीए बटालियन कमांडर, डीकेएसजेडसी सदस्य तथा अन्य महत्वपूर्ण कैडर 10 अप्रैल को तेलंगाना में आत्मसमर्पण करना केवल संख्या की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि नक्सल मुक्त बस्तर और नक्सल मुक्त भारत के संकल्प की दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावशाली है। उनके द्वारा हथियारों सहित आत्मसमर्पण करना इस तथ्य को रेखांकित करता है कि हिंसा और सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अब समाप्ति की ओर पहुंच चुका है। उन्होने कहा कि बस्तर में शेष बचे कुछ गिने-चुने माओवादी कैडरों को अंतिम अवसर देते हुए अपील की कि वे बदलती परिस्थितियों को समझते हुए हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटें। पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्स्थापन का मार्ग खुला है, जबकि सुरक्षाबल क्षेत्र में शांति और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं।

बस्तर सहित अन्य वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर चल रहे सुरक्षा अभियानों, प्रशासनिक पहुंच के विस्तार तथा स्थानीय समुदायों की बढ़ती आकांक्षाओं ने एक ऐसा वातावरण निर्मित किया है, जिसमें उग्रवाद की विचारधारा लगातार कमजोर पड़ रही है। बड़ी संख्या में कैडरों का हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करना इसी बदलती हुई वास्तविकता का प्रतिबिंब है। इस घटनाक्रम का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है, कि संगठन की सशस्त्र संरचना, विशेषकर उसकी एक प्रमुख लड़ाकू इकाई पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के समाप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है । नेतृत्व स्तर तथा सक्रिय सशस्त्र कैडरों का इस प्रकार मुख्यधारा में लौटना सशस्त्र आंदोलन के भीतर बढ़ती निराशा और वैचारिक क्षरण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों ने लंबे समय तक हिंसा और भय का वातावरण देखा है, वहां अब शांति, विकास और स्थिरता की दिशा में परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के 15 नए मरीज मिले, 2 बच्चों की हालत गंभीर

भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के 15 नए मरीज मिले, 2 बच्चों की हालत गंभीर

भिलाई। भिलाई के सेक्टर-7 क्षेत्र के सड़क 37-38 के आसपास रहने वाले करीब 145 घरों के लोगों में पीलिया का संक्रमण फैलता नजर आ रहा है, जहां कई बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बच्चों के चेहरे और आंखों में पीलापन साफ दिखाई दे रहा है, जिससे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को क्षेत्र में सर्वे कर 15 नए मरीजों की पहचान की है। इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं कुछ मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी भी दी गई है, जबकि चार बच्चों का उपचार अभी जारी है।


जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित इलाके के 110 घरों का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों और बड़ों की जांच की गई। साथ ही तीन घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, ताकि संक्रमण के कारणों का पता लगाया जा सके। बीएसपी प्रबंधन और नगर निगम की टीम ने भी इलाके से पानी के सैंपल लिए हैं। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पाइपलाइन में गंदे पानी की मिलावट के कारण संक्रमण फैला हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में पुरानी और गटर में डूबी पाइपलाइन को हटाकर नई लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है।


संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाके में टैंकर के जरिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की है, ताकि लोगों को सुरक्षित पानी मिल सके। साथ ही लोगों से उबला हुआ पानी पीने, बाहर का खाना न खाने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की जा रही है। लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल में जांच कराने की सलाह भी दी गई है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 25 से अधिक बच्चे पीलिया से संक्रमित हो चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी आमतौर पर दूषित पानी और भोजन से फैलती है, जिसके लक्षण कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार निगरानी और जांच जारी है ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।