नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
जशपुर में प्लेन क्रैश की खबर गलत, कलेक्टर ने कहा- नहीं मिला कोई सबूत, लोगों ने कहा था पहाड़ी से टकराया है प्राइवेट विमान

जशपुर में प्लेन क्रैश की खबर गलत, कलेक्टर ने कहा- नहीं मिला कोई सबूत, लोगों ने कहा था पहाड़ी से टकराया है प्राइवेट विमान

 Plane Crashes: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक प्राइवेट विमान के टकराने का दावा किया गया है। हालांकि मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है।

जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्लेन क्रैश होने की खबर अफवाह निकली है। सोमवार दोपहर यह खबर आई थी कि नारायणपुर-चारभाठी इलाके में एक एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। घटना के बारे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन को जानकारी दी थी। मौके पर प्रशासन की टीम पहुंची लेकिन उसे प्लेन क्रैश का कोई भी सबूत नहीं मिली।

एयरक्राफ्ट क्रैश होने की खबर को लेकर राज्य सरकार ने बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि कुछ न्यूज चैनलों और वेब पोर्टल में जशपुर जिले के नारायणपुर की पहाड़ियों में प्लेन के क्रैश होने की खबरें प्रसारित की गई है। इस तरह की दुर्घटना की कोई सूचना नहीं है। वहीं, मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने भी बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है- छत्तीसगढ़ में कोई हवाई दुर्घटना नहीं हुई है।
कलेक्टर ने कहा नहीं मिले सबूत
मामले की जानकारी देते हुए कलेक्टर रोहित व्यास कहा कि ओडिशा, झारखंड या प्रदेश से किसी एयरक्राफ्ट के गायब होने की खबर नहीं है। प्रारंभिक जांच में हादसे की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन अन्य सूचनाएं भी एकत्र कर रहा है। प्रशासन के अनुसार जंगल में कुछ लोगों द्वारा लगाई गई आग से उठे धुएं को देखकर ही यह अफवाह फैली कि कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
रामअवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को कोई राहत नहीं, अगली सुनवाई 23 अप्रैल को

रामअवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को कोई राहत नहीं, अगली सुनवाई 23 अप्रैल को

 रायपुर-नई दिल्ली। रामअवतार जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए हुए अमित जोगी को सोमवार दोपहर 12 बजे दो जजों की बेंच के सामने की गई अपील पर कोई राहत नहीं मिली है और माननीय न्यायाधीश महोदय ने इस मामले पर 23 अप्रैल को सुनवाई का फैसला लिया है।

अमित जोगी की तरफ से आज सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं लगाई गई। एक याचिक एक जज के चैंबर में लगाई गई जो कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक सरेंडर करने पर स्थगन के लिए थी। दूसरी याचिका सुप्रीम कोर्ट के दो नंबर कोर्ट में लगाई गई थी जिस पर दो जजों ने आज सुनवाई की और यह तय किया गया कि 23 अप्रैल, गुरुवार को इस मामले को आगे सुना जाएगा। अदालत में मृतक रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के वकील भी खड़े हुए थे। इस बेच ने सरेंडर करने से किसी रियायत देने से मना कर दिया और कहा कि जिस जज के चेंबर में यह आवेदन लगाया गया है वही इसका फैसला करेंगे।

उल्लेखनीय हैं कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने वर्ष 2003 के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के 31 मई 2007 के फैसले को पलट दिया। अदालत ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में सरेंडर नहीं करने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एक ही साक्ष्य के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को साक्ष्यों के विपरीत और त्रुटिपूर्ण बताया।

भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में स्क्रैप की बिक्री से 6813.86 करोड़ की कमाई की

भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में स्क्रैप की बिक्री से 6813.86 करोड़ की कमाई की

 00 स्क्रैप से होने वाली लगातार आय और गैर-किराया राजस्व में वृद्धि से रेलवे को यात्री किराए में वृद्धि किए बिना स्टेशन अनुभव बेहतर बनाने में मदद मिली

रायपुर/बिलासपुर। भारतीय रेलवे, स्क्रैप से होने वाली निरंतर आय और गैर-किराया राजस्व स्रोतों में लगातार वृद्धि की मदद से यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाते हुए अपनी वित्तीय स्थिरता को मजबूत कर रहा है और यह सभी सुविधाएं बिना यात्री टिकट किराए बढ़ाए मुमकिन हो पा रही हैं। निष्क्रिय संपत्तियों से मूल्य प्राप्त करके और किराए के अलावा अन्य नए राजस्व स्रोतों का विस्तार करके, रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि स्टेशन पर सुविधाओं, स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं और यात्री सुविधाओं में सुधार वित्तीय रूप से टिकाऊ तरीके से हासिल किए जाएं। यह संतुलित दृष्टिकोण कुशल परिसंपत्ति प्रबंधन, ग्राहक-केंद्रित निवेश और पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं पर रणनीतिक फोकस को दर्शाता है, जो अधिक आरामदायक, आधुनिक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए रेलवे की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

भारतीय रेलवे ने स्क्रैप निपटान में एक अहम उपलब्धि हासिल की है और वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। 6000 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले, रेलवे ने 6813.86 करोड़ रुपए की स्क्रैप बिक्री दर्ज की, जो निर्धारित बेंचमार्क से कहीं अधिक है और उल्लेखनीय दक्षता दर्शाती है। यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के मजबूत प्रदर्शन पर आधारित है, जिसमें भारतीय रेलवे ने 5400 करोड़ रुपए के लक्ष्य को पार करते हुए 6641.78 करोड़ रुपए की स्क्रैप बिक्री की थी।

निरंतर स्क्रैप मुद्रीकरण भारतीय रेलवे के कुशल परिसंपत्ति प्रबंधन और पारदर्शी निपटान तंत्र के प्रति केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस्तेमाल में ना आने वाली सामग्रियों को व्यवस्थित रूप से हटाकर, संगठन न केवल निष्क्रिय परिसंपत्तियों से मूल्य प्राप्त कर रहा है, बल्कि डिपो, यार्ड और कार्यशालाओं में महत्वपूर्ण स्थान भी खाली कर रहा है। यह पहल पुनर्चक्रण को बढ़ावा देकर और अपशिष्ट संचय को कम करके पर्यावरणीय स्थिरता में भी अहम योगदान देती है।

रेलवे को सुदृढ़ और यात्री अनुभव को बेहतर बनाता गैर-किराया राजस्व
गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने का एक ज़रुरी स्तंभ बनकर उभरा है, जिससे पूरे नेटवर्क में यात्रियों को सीधा लाभ मिलता है। स्टेशन पुनर्निर्माण, विज्ञापन, रेलवे संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग और अन्य नवोन्मेषी पहलों जैसे माध्यमों से राजस्व उत्पन्न करके, एनएफआर यात्री किराए और माल ढुलाई से होने वाली आय पर अत्यधिक निर्भरता को कम करता है। यह अतिरिक्त आय भारतीय रेलवे को आधुनिक बुनियादी ढांचे में पुनर्निवेश करने, स्टेशन सुविधाओं को उन्नत करने, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने, डिजिटल सेवाओं में सुधार करने और बेहतर ट्रेनें और सुरक्षा प्रणालियाँ शुरू करने में सक्षम बनाती है। कुल मिलाकर इससे यात्रियों को अधिक आरामदायक, सुविधाजनक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव मिलता है।वित्तीय वर्ष 2021-22 में लगभग 290 करोड़ रुपए से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 777.76 करोड़ रुपए तक एनएफआर आय में लगातार वृद्धि एक मजबूत विकास पथ को दर्शाती है, जो पांच वर्षों में लगभग 168' की कुल वृद्धि दर्ज करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित एनएफआर लक्ष्य 720.85 करोड़ रुपए था, जिसे वास्तविक आय 777.76 करोड़ रुपए तक पहुँचकर पहले ही पार कर लिया गया है, जो लगभग 107.9' की उपलब्धि है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एनएफआर आय 686.86 करोड़ रुपए थी। यह प्रक्रिया भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में रणनीतिक मुद्रीकरण पहलों के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है।
प्रीमियम ब्रांड आउटलेट
एनएफआर को बढ़ावा देने के लिए कंपनी के स्वामित्व वाले सिंगल ब्रांड प्रीमियम आउटलेट स्थापित करने के लिए जोनल रेलवे को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे ने इस नीति के तहत कुछ नवोन्मेषी ब्रांडेड आउटलेट खोले हैं और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इसी तर्ज पर अन्य ब्रांडेड स्टोर भी खोले जाएंगे। सभी भारतीय रेलवे में एनएफआर के जरिए 22 प्रीमियम ब्रांड आवंटित किए गए हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने किया श्री अग्रोहा पैलेस का भूमिपूजन

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने किया श्री अग्रोहा पैलेस का भूमिपूजन

 00 150 अत्याधुनिक कमरों सहित भव्य परिसर से मध्य भारत में बनेगी नई पहचान

रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित श्री अग्रोहा पैलेस का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन

 

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित श्री अग्रोहा पैलेस आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन

 

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावडिय़ां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है। सांसद अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि श्री अग्रोहा पैलेस वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन

 

कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष श्री संजय मित्तल, श्री अजय अग्रवाल, श्री बाबूलाल गोयल, श्री योगेश अग्रवाल, श्री विनोद, श्री कृष्ण कुमार, श्री मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन

 

साय सरकार के प्रयासों से साकार हुआ सपना, प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली मन्नू-बिमला राठौर की जिंदगी

साय सरकार के प्रयासों से साकार हुआ सपना, प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली मन्नू-बिमला राठौर की जिंदगी

 00 मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीणों को मिल रहा सुरक्षित आवास, कच्चे घर से पक्के मकान तक का सफर बना प्रेरणादायक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के संवेदनशील नेतृत्व और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना तेजी से साकार हो रहा है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत गोरखपुर में देखने को मिला, जहां श्री मन्नू राठौर और उनकी पत्नी श्रीमती बिमला राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी।

कभी कच्चे और जर्जर मकान में जीवन यापन करने वाला यह परिवार हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करता था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी में असुरक्षित वातावरण ने उनके जीवन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रखा था। सीमित आय के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति मिली। यह आर्थिक सहायता उनके जीवन में नई उम्मीद बनकर आई। योजना से प्राप्त राशि और अपनी मेहनत के बल पर मन्नू राठौर ने धीरे-धीरे अपने सपनों का पक्का घर तैयार कर लिया।

आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ और मजबूत मकान में निवास कर रहा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है, वहीं पूरे परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। श्रीमती बिमला राठौर बताती हैं कि अब उन्हें बारिश या तूफान की कोई चिंता नहीं रहती और वे अपने घर में गर्व और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है। साय सरकार की प्रतिबद्धता के चलते ही आज हजारों जरूरतमंद परिवारों को न केवल पक्का आवास मिल रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान भी सुनिश्चित हो रहा है।

बरडीह जलाशय की नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2.43 करोड़ स्वीकृत

बरडीह जलाशय की नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2.43 करोड़ स्वीकृत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखण्ड-धरसींवा की बरडीह जलाशय के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 02 करोड़ 43 लाख 98 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों को पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 101 हेक्टेयर के विरूद्ध 41 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना के कार्य को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदीवरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

CG Crime - घर में जिंदा जलकर महिला की मौत: हादसा या साजिश? जांच में जुटी पुलिस…..

CG Crime - घर में जिंदा जलकर महिला की मौत: हादसा या साजिश? जांच में जुटी पुलिस…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक महिला की घर में जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतिका का नाम कुमारी साहू है।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, घटना तिल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम लखना की है। 55 वर्षीय कुमारी साहू की घर के अंदर जली हुई हालत में लाश मिली। पुलिस जांच में पता चला कि आज दोपहर महिला जब घर में थी, इसी दौरान घर के अंदर से चीखने की आवाज सुनाई दी।

आसपास के लोग जब घर के पास पहुंचे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था और महिला अंदर जल रही थी। ग्रामीण जैसे तैसे घर की छत पर पहुंचे और कमरे में जल रही आग को बुझाने की कोशिश करने लगे।

मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, लेकिन महिला बुरी तरह चल चुकी थी। आगजनी की घटना में उसकी मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को घर के अंदर से निकाला गया। महिला का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त महिला घर पर अकेली थी और उसकी बेटी पड़ोस में ही गई हुई थी। महिला ने आत्महत्या की या फिर घटना के पीछे किसी की साजिश थी? इसका पता अभी नहीं चल पाया है।

पुलिस पता लगाने में जुट गई है कि अगर महिला ने आत्महत्या की तो इसके पीछे का कारण क्या था? महिला ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया? फिलहाल पुलिस मामले में हर पहलुओं पर जांच कर रही है।

बस-ट्रक के आमने-सामने की भिड़ंत में 17 यात्री घायल, 3 गंभीर

बस-ट्रक के आमने-सामने की भिड़ंत में 17 यात्री घायल, 3 गंभीर

 नारायणपुर। जिले के धौड़ाई-नारायणपुर मुख्य मार्ग पर पल्ली बाईपास के पास आज रविवार को एक सड़क हादसे में यात्री बस और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में बस में सवार 17 यात्री घायल हो गए, जिनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। 
मिली जानकारी के अनुसार बस आमदई माइंस क्षेत्र से आ-जा रही थी, तभी पल्ली बाईपास के पास सामने से आ रहे ट्रक से उसकी भिड़ंत हो गई। सभी घायलों को तत्काल धौड़ाई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं ट्रक का केबिन भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, आस-पास के लोगों ने राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भिजवाने के साथ यातायात व्यवस्था को बहाल करवाया । पुलिस मामले की जांच कर रही है, और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

वेदांता हादसे में मौत का आंकड़ा पहुंचा 24

वेदांता हादसे में मौत का आंकड़ा पहुंचा 24

 जांजगीर-चांपा। वेदांता पावर प्लांट हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और सिस्टम की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 24 हो गई है, जिससे कई परिवारों की दुनिया उजड़ गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, झारखंड के रहने वाले मनीष कुमार, जो गंभीर रूप से घायल थे, ने रायगढ़ के लखीराम मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं 9 अन्य घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। इस हादसे के बाद लगातार बढ़ता मौत का आंकड़ा प्रशासन और कंपनी दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मृतकों में ज्यादातर मजदूर दूसरे राज्यों से आए थे, जो रोजी-रोटी की तलाश में यहां काम कर रहे थे।

CRIME : पुरानी रंजिश में जीजा की हत्या, साला और भाभी गिरफ्तार

CRIME : पुरानी रंजिश में जीजा की हत्या, साला और भाभी गिरफ्तार

 जशपुर। जशपुर जिले के कोतबा क्षेत्र से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद में छोटे साले और भाभी ने मिलकर अपने जीजा की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार ग्राम फरसाटोली निवासी मुरली राम यादव (40) ने गांव की सोनिया यादव से प्रेम विवाह किया था। 30 मार्च को बेटे के जन्मदिन पर घर में कार्यक्रम रखा गया था।

इसी दौरान रात करीब 11 बजे मुरली राम शराब के नशे में पत्नी के मायके पहुंचा, जहां उसका छोटे साले शिवकुमार यादव (35) और बड़े साले की पत्नी मिथिला यादव (37) से पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और दोनों ने मुरली राम को जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि मिथिला यादव ने डंडे से भी हमला किया।

गंभीर हालत में मुरली राम किसी तरह घर पहुंचा, लेकिन अगले दिन तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी कोतबा ले गए, जहां से डॉक्टरों ने सुंदरगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां 4 अप्रैल को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने में गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया है।

इसके बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 38/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। घटना में इस्तेमाल डंडा भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर

रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर

 रायपुर।  बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा।

दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत

वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।

नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार

रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा।

बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश

इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा।

सामाजिक और आर्थिक उत्थान

बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है।

औद्योगिक और खनिज विकास

बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार

कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी।

पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल

कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर

रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी।

“रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

“रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।” – उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव

नवविवाहित युवक ने सुहागरात के दिन लगाया मौत को गले, गांव में शोक

नवविवाहित युवक ने सुहागरात के दिन लगाया मौत को गले, गांव में शोक

 धमतरी ।  जिले के कुरूद थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी के महज दूसरे दिन ही एक नवविवाहित युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है16 अप्रैल को हुई थी शादी, घर में था जश्न का माहौलपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कन्हारपुरी निवासी सिद्धेश्वर कंवर (28), पिता रामजोहन कंवर, का विवाह 16 अप्रैल को महासमुंद जिले के पास स्थित ग्राम डोकरपाली में धूमधाम से संपन्न हुआ था। शादी के बाद जब बारात वापस कन्हारपुरी लौटी, तो 17 अप्रैल की रात आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में गांव के बड़ी संख्या में लोग, रिश्तेदार और दोनों पक्षों के स्वजन शामिल हुए थे। घर में खुशियों का माहौल था, नवदंपति को आशीर्वाद दिया जा रहा था और देर रात तक जश्न चलता रहा। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल जाएगी।

बह बंद मिला कमरे का दरवाजा, खिड़की से दिखा खौफनाक मंजर
समारोह खत्म होने के बाद सिद्धेश्वर अपने कमरे में सोने चला गया। शनिवार सुबह जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।स्थिति संदिग्ध लगने पर परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा, तो उनके होश उड़ गए। सिद्धेश्वर कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया और गांव में अफरा-तफरी फैल गई।मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारीघटना की सूचना मिलते ही कुरूद थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, जिसमें पारिवारिक, मानसिक और अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

BREKING :- राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित पुराने बस स्टैंड में लगी भीषण आग, दुकानों में मची अफरा-तफरी

BREKING :- राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित पुराने बस स्टैंड में लगी भीषण आग, दुकानों में मची अफरा-तफरी

 रायपुर :- राजधानी के पंडरी स्थित पुराना बस स्टैंड रायपुर में आज अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग बस स्टैंड परिसर में मौजूद दुकानों में लगी,जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग की लपटें काफी तेज बताई जा रही हैं, जिससे कई दुकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मौके पर पहुंची दमकल टीम आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हुई है।

उपमुख्यमंत्री साव के सहयोग से जूडो खिलाड़ी रंजीता को मिलेगी मदद

उपमुख्यमंत्री साव के सहयोग से जूडो खिलाड़ी रंजीता को मिलेगी मदद

 00 राज्य बाल आयोग अध्यक्ष वर्णिका की सार्थक पहल लाई रंग

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव से छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने भेंट की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा कु रंजीता कुरैठी के बारे में बताया कि उसने जूडो में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीते हैं और भारतीय दल में शामिल रही है। डॉ वर्णिका शर्मा ने अरुण साव को बताया कि इस बच्ची को प्रशिक्षण हेतु जापान भेजने और मासिक रूप से अतिरिक्त पोषक आहार के लिए राशि की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने फौरन अपनी संवेदनशीलता दिखाई और बच्ची से तुरंत वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था के निर्देश दिए। 

डॉ वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आरम्भ किए गए सार्थक अभियान के तहत पिछले बाल देखरेख संस्थाओं को छोड़कर जाने वाले अ_ारह वर्ष की आयु के बालक बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए आयोग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इसी कड़ी में ये प्रयास भी शामिल है। डॉ वर्णिका शर्मा ने आयोग की ओर से माननीय उपमुख्यमंत्री जी की इस सार्थक और संवेदनशील पहल के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्चों के खेल मैदानों को सुरक्षित करने, आवारा कुत्तों से बच्चों के बचाव और नगरीय क्षेत्र में खुले गड्ढे के चारों ओर बाड़ी लगाकर बच्चों को बचाने के संबंध में भी बातचीत की। उपमुख्यमंत्री ने इन विषयों को तत्काल आगामी विभागीय बैठक में शामिल करते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया।

बदलते कोरबा - संवरते कोरबा की एक और निशानी है कोरबा रायफल शूटिंग रेंज - उद्योग मंत्री

बदलते कोरबा - संवरते कोरबा की एक और निशानी है कोरबा रायफल शूटिंग रेंज - उद्योग मंत्री

 00 मंत्री देवांगन व महापौर संजूदेवी ने स्टेडियम के पीछे निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का किया शुभारंभ 

रायपुर। प्रदेश के वाणिज्य उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने शानिवार को कहा कि हमारा कोरबा शहर तेजी के साथ बदल रहा है, तेजी के साथ संवर रहा है तथा शहर को नित नई उपलब्धियॉं प्राप्त हो रही है। उन्होने कहा कि नगर निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज बदलते कोरबा - संवरते कोरबा की एक और निशानी है, एक और प्रमाण है, उन्होने कहा कि कोरबा के खिलाडिय़ों, रायफल शूटिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने वाले यहॉं के युवाओं, बच्चों व शूटिंग प्रेमियों को रायफल शूटिंग रेंज की यह बड़ी सौगात देने के लिये मैं महापौर संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय व सभापति नूतन सिंह ठाकुर को बधाई एवं साधुवाद देता हूॅं। 

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा टीपीनगर स्थित प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई है, यहॉं उल्लेखनीय है कि निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर जो कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव भी हैं, के द्वारा आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के समक्ष प्रस्ताव रखा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया जाये, इस प्रस्ताव पर महापौर संजूदेवी राजपूत व आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सहर्ष सहमति दी तथा कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया। शनिवार को आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य व महापौर संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का विधिवत शुभारंभ किया गया, उद्योग मंत्री देवांगन ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया एवं फीता काटा तथा रायफल्स की पूजा अर्चना की एवं रायफल से शूटिंग कर शूटिंग रेंज का विधिवत शुभारंभ किया।

 
 

इस अवसर पर उद्योग मंत्री  देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय खेलों के विकास व खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये विशेष रूचि ले रहे हैं तथा हमारा देश खेलों के क्षेत्र में नित नई उपलब्धियॉं अर्जित कर रहा है, उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में जनजातीय बालक एवं बालिका क्रीड़ा परिषद के निर्माण हेतु 10-10 करोड़ रूपये की स्वीकृत दी है। उन्होने आगे कहा कि जहॉं तक नगर निगम कोरबा का प्रश्न है तो निगम ने अपने मूलभूत दायित्वों के सफल निर्वहन एवं निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ कोरबा में खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये व्यापक पैमाने पर कार्य किये हैं, जिससे हर कोई परिचित है। उन्हेाने कहा कि जब मैं महापौर था तो हाकी के जादूगर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की प्रतिमा स्थापित की गई है तथा उस चौक का नाम मेजर ध्यानचंद चौक किया गया था, स्टेडियम के समीप स्वीमिंग पूल निर्मित हुआ था तथा ओपन थियेटर घंटाघर मैदान को संरक्षित किया गया, जहॉं पर नित नई क्रीडा गतिविधियॉं आज संचालित हो रहा है। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना से रायफल शूटिंग के खिलाडिय़ों को एक बड़ी सुविधा मिल चुकी है, वे यहॉं पर प्रेक्टिस कर सकेंगे तथा नेशनल व इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुये कोरबा जिला व छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेगे। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी को शूटिंग रेंज के विकास के लिये, यहॉं पर आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के लिये, जो भी आवश्यक होगा वह सहयोग निश्चित रूप से दिया जायेगा। 
हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण 
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई, आज उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इसका शुभारंभ किया, यह हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण है, हमें इस बात की विशेष खुशी है कि हमारे आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय खेलों में विशेष रूचि रखते हैं तथा खेलों के विकास हेतु जो भी सुझाव उनके समक्ष रखें जाते हैं, उस पर वे पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करते हैं। महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि कोरबा में खेल सुविधाओं की वृद्धि हेतु निगम ने उल्लेखनीय कार्य किये हैं, कोरबा रायफल शूटिंग रेंज के विकास हेतु एवं यहॉं पर बेहतर व अत्याधुनिक सुविधायें मुहैया कराने के लिये जो भी प्रस्ताव सामने लाया जायेगा, उस पर निश्चित रूप से काम होगा। इस अवसर पर सभापति एवं कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव श्री नूतन सिंह ठाकुर एवं आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किये.

 

कोरबा शहर के खिलाडिय़ों शूटिंग प्रेमियों के लिये बड़ा तोहफा 
इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष श्री नौशाद खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में खेलों के विकास एवं खेल सुविधायें मुहैया कराने में नगर पालिक निगम कोरबा की सदैव महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसी कड़ी में आज कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की यह सौगात भी शहर को मिल चुकी है, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री श्री देवांगन, महापौर श्रीमती राजपूत व आयुक्त श्री पाण्डेय को साधुवाद देता हूॅं। उन्होने कहा कि रायफल शूटिंग के खिलाड़ी यहॉं पर प्रेक्टिस करेंगे.
वर्षो से उपेक्षित स्थल आज सुव्यवस्थित शूटिंग रेंज से हुआ सुसज्जित 
टी.पी.नगर स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे जिस स्थल पर शूटिंग रेंज स्थापित किया गया, वह स्थान बर्षो से उपेक्षित पड़ा था, कचरे का ढेर लगा था, वहॉं पर असामाजिक गतिविधियों की संभावना भी रहती थी, वह उपेक्षित पड़ा स्थल निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के प्रयास से आज सुव्यवस्थित रायफल शूटिंग रेंज के रूप में सुसज्जित हो चुका है, स्टेडियम के पीछे कबाड़ से भरा हाल कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी व इंडोर शूटिंग रेंज में तब्दील हो चुका है। 
उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का हुआ सम्मान 
इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन, महापौर श्रीमती राजपूत व अन्य अतिथियों ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों का सम्मान किया। रायफल शूटिंग में श्रुति यादव, यामिनी बोर्डे, पीयूष सिंह, अजीत आनंद, आकाश सराफ व कोच नीरज निखिल, बास्केट बाल में आयुष्मान तनोजिया, कृष्णा कुशवाहा, फुटबाल में यामिनी प्रजापति, अभिषेक साव, व्हालीबाल में नंदा सिंह, हर्षू श्रीवास्तव, स्वीमिंग में पीयूष चन्द्रा, साराह ग्रेब्रियल, बॉक्सिंग जूनियर में अर्पित दुबे, गुलशन बोरकर, गौरी कर्ष, एच.डी.राय, इश्हाक कुजूर, विभा मिश्रा, बॉक्सिंग सीनियर में राजेश्वरी लहरे, अनय अग्रवाल, पूजा मिश्रा, हर्ष यादव, रोनिश कुुजूर आदि खिलाडी सम्मानित हुये। 
इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवंागन, पार्षद मथुरा बाई चंद्रा, मुकुंद सिंह कंवर, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल, जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नौशाद खान, कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के अध्यक्ष महेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रंजन प्रसाद, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला, नरेन्द्र मेहता, डॉ.विकास चन्द्रा, डॉ.जितेन्द्र कुमार, लक्ष्मी चौहान, उत्तम आदिले, संतोष केंवट, तारकेश्वर मिश्रा, रवि साही, सुरेन्द्र राजवाड़े, मंटू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार, अधिवक्ता रवि शर्मा, महेश्वर सिंह, सुमित सिंह, आदि के साथ विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ीगण व अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।

ऑनलाइन पोर्टल आरटीआई में डिजिटल भुगतान की सुविधा सुचारु, नागरिकों को मिल रही त्वरित सेवा

ऑनलाइन पोर्टल आरटीआई में डिजिटल भुगतान की सुविधा सुचारु, नागरिकों को मिल रही त्वरित सेवा

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के आरटीआई ऑनलाइन डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा पोर्टल के प्रारंभ से ही उपलब्ध है। वर्ष 2023 में इस पोर्टल को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एकीकृत करते हुए यूपीआई भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया, जिससे नागरिकों को सरल, सुरक्षित एवं तेज भुगतान का विकल्प प्राप्त हुआ।
1 जनवरी 2023 से 18 अप्रैल 2024 तक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन एवं क्कढ्ढ भुगतान द्वारा कुल 7 लाख 03 हजार 42 रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जो इस बात का प्रमाण है कि नागरिक डिजिटल माध्यमों का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं।

राज्य शासन द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक-आधारित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पोर्टल में समय-समय पर तकनीकी उन्नयन भी किए जा रहे हैं, ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल एवं प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक सुधार किए जाते रहेंगे।

मुख्यमंत्री साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

 रायपुर। प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले सहित राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए व्यापक योजना लागू की जा रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले के 133 गांवों, नगरों और टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। इससे किसानों, छात्रों और लघु व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी दैनिक गतिविधियां अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात


प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के तहत जशपुर जिले में उच्च स्तरीय परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो राज्य के प्रमुख उच्च क्षमता उपकेंद्रों में शामिल होगा। इसके अतिरिक्त सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित विभिन्न स्थानों पर नए 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के उच्च क्षमता सब-स्टेशन भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय विद्युत वितरण प्रणाली और अधिक सशक्त होगी।
इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आएगी तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। प्रदेशवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब राज्य होता है मजबूत - मंत्री राजवाड़े

जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब राज्य होता है मजबूत - मंत्री राजवाड़े

 रायपुर। महिला सशक्तिकरण को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार, समाज और पूरा राज्य मजबूत होता है। उन्होंने अपने निवास, नया रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट वितरण कार्यक्रम में यह उद्बोधन देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब राज्य होता है मजबूत – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजवाड़े ने विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट वितरित किए। इस अवसर पर शैलेन्द्री कुर्रे, डिगेश्वरी निषाद, अनिता ताण्डी, सुमन वर्मा, दीपाली राजपूत, दीपा सोनी, कामिनी बोथरा, सुभद्रा निर्मलकर, गीता साहू एवं प्रीति साहू सहित कई हितग्राही उपस्थित रहीं। मंत्री ने बताया कि मिलेट्स कार्ट अभियान महिलाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। कांकेर जिला के नरहरपुर ग्राम की लोकेश्वरी रसिया और अन्य महिलाये प्रतिदिन 2 से 3 हजार रुपये तक तथा प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।

जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब राज्य होता है मजबूत – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, क्षमता और समान अवसर विकसित करने की सतत प्रक्रिया है। जब महिलाएं शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों का समग्र विकास होता है तथा राज्य की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होती है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित महिला कोष योजना और सक्षम योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला कोष योजना के तहत वर्ष 2003 से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को मात्र 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पहली बार 2 लाख रुपये तक तथा समय पर पुनर्भुगतान करने पर दूसरी बार 6 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। वर्ष 2021 में राज्य सरकार द्वारा 12.77 करोड़ रुपये के पुराने ऋण माफ किए गए, जिससे लगभग 1 लाख महिलाएं पुन: ऋण लेने के लिए पात्र हुईं।

जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब राज्य होता है मजबूत – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े


आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में 10,500 महिलाओं को 10.70 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, वहीं 2023-24 में 2500 समूहों को 31 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार सक्षम योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 2.63 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर महिलाओं को व्यक्तिगत स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। इन योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव से महिलाएं पापड़ निर्माण, श्रृंगार सामग्री, किराना व्यवसाय सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर प्रतिमाह 1,000 से 5,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।

उप मुख्यमंत्री साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा, राजधानी में दो दिनों तक लेंगे मैराथन बैठक

उप मुख्यमंत्री साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा, राजधानी में दो दिनों तक लेंगे मैराथन बैठक

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव राजधानी रायपुर में दो दिनों तक मैराथन बैठक कर राज्य के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की प्रगति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निगम आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने वरिष्ठ अभियंताओं के साथ बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री  साव रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस कन्वेंशन-हॉल में 20 अप्रैल को सवेरे 10 बजे से प्रदेश के सभी नगर निगमों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे दोपहर ढाई बजे से नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा करेंगे।  साव अगले दिन 21 अप्रैल को दिनभर संभागवार सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। 
इन कार्यों और योजनाओं की होगी समीक्षा
उप मुख्यमंत्री  अरुण साव दो दिवसीय मैराथन बैठक के दौरान नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

उप मुख्यमंत्री साव ने किया मावा मोदोल लाइब्रेरी चारामा का शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री साव ने किया मावा मोदोल लाइब्रेरी चारामा का शुभारंभ

 रायपुर। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूल और युवा कल्याण एवं उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव ने रविवार को कांकेर जिले के चारामा में मावा मोदोल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। लोकार्पण पश्चात उन्होंने लाईब्रेरी का अवलोकन कर वहां अध्ययनरत युवाओं से संवाद किया तथा उनसे अपने विद्यार्थी जीवन को साझा करते हुए कहा कि लगन से पढ़ाई करें, सरकार जो सुविधाएं उपलब्ध करा रहीं है, उसका लाभ उठाए और सफल होकर अपने देश-प्रदेश व क्षेत्र का नाम रौशन करें। देश के प्रति हमेशा निष्ठावान रहें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी। कुल 43 लाख रूपए की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त लाईब्रेरी में एक साथ 75 विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंंगे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष शालिनी राजपूत तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी विशेष रूप से उपस्थित थी।

लाईब्रेरी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार बच्चों के भविष्य को गढऩे का कार्य किया जा रहा है। चाहे दिल्ली मे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना हो, अथवा प्रदेश में लाईब्रेरी व नालंदा परिसरों की स्थापना, विधार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समूचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। कांकेर जिले में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार बच्चों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, इसी कड़ी में आज मावा मोदोल लाईब्रेरी चारामा का शुभारंभ हो रहा है। पूरे क्षेत्र के बच्चे यहां अच्छे वातावरण में पढ़ाई कर अपना भविष्य गढ़ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों सहित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी युवाओं एवं उनके पालकों को अपनी शुभकामनाएं भी दी।

समारोह को स्थानीय विधायक सावित्री मंडावी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मावा मोदोल लाइब्रेरी की स्थापना से इस क्षेत्र के बच्चों को लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा। मावा मोदोल लाईब्रेरी में अच्छी तैयारी कर बच्चे अपना भविष्य संवार सकते हैं। कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसार ने अपने उद्बोधन में बताया कि जिले के सभी 11 तहसील मुख्यालय में मावा मोदोल लाईब्रेरी की स्थापना की जाएगी, ताकि उस क्षेत्र के बच्चे लाईब्रेरी में पढ़ाई कर उच्च पदों पर आसीन हो सके। कांकेर जिले का यह छंटवा लाईब्रेरी है, इससे पूर्व कांकेर, भानुप्रतापपुर, कोरर, दुर्गूकोंदल और अंतागढ़ में मावा मोदोल नि:शुल्क लाईब्रेरी संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष  अरुण कौशिक, नगर पंचायत चारामा के अक्ष्यक्ष भुनेश्वर नाग, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, सीईओ जिला पंचायत श्री हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद, महेश जैन, उमादेवी शर्मा सहित गणमान्य नागरिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर विद्यार्थी एवं शिक्षकगण उपस्थित थे ।

महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा - साय

महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा - साय

 00 सारी बाधाओं को दूर करके मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे 

 

00 कांग्रेस के नकारात्मक रवैए और काली करतूत के चलते 17 अप्रैल की तारीख एक काले अध्याय के रूप दर्ज हो गई : सिंह

 
 

रायपुर।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम को लोकसभा में पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस समेत इण्डी गठबंधन के सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा है। नेता द्वय ने रविवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आहूत एक महती पत्रकार वार्ता में कहा कि महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा। 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी, माता-बहनों को देश के विकास में सहभागी बनाने और लोकसभा व विधानसभाओं में उनका 33 प्रतिशत नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम लाया गया था और संसद के विशेष सत्र में उस पर चर्चा की गई।16 से 18 अप्रैल तक आहूत संसद के सत्र से पहले एक बहुत अच्छा वातावरण पूरे देश व प्रदेश में था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उमंग व उत्साह का वातावरण था। महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देशभर में अनेक कार्यक्रम हो रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के अडिय़ल और महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई।  साय ने कहा कि हमारे देश में नारी का स्थान पूजनीय रहा है। नारी की प्रखर मेधा का सम्मान करते हुए देश की राजनीति में हम महिलाओं को उनका अधिकार देकर सम्मानित करने जा रहे थे। लेकिन इण्डी गठबंधन ने इसमें अवरोध उत्पन्न करके नारी शक्ति के साथ घोर अन्याय करने का पाप किया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री  साय ने डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं को पंचायतों में दिए गए 50 फीसदी आरक्षण सहित अन्य महिला उत्थान की संचालित की गई योजनाओं के साथ ही मौजूदा केंद्र तथा प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सदैव हर स्तर पर नारी के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान की रक्षा की है। आज त्रि-स्तरीय पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व 50 से बढ़कर 57 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रदेश की विधानसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 22 प्रतिशत तक है। श्री साय ने कहा कि कांग्रेस फूट डालो और राज करो की ब्रिटिश नीति पर चलकर पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण की केवल बातें कर रही है, परंतु जब भी इस पर सार्थक पहल कर उसे कानून बनाने का वक्त आता है तब कांग्रेस के लोग मुँह फेर लेते हैं और यही चरित्र कांग्रेस ने इस बार भी प्रदर्शित किया है। परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण, उत्तर-दक्षिण वैमनस्य पैदा करने की गर्हित कोशिश करके नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। यह हमारे देश की 70 करोड़ माता-बहनों के साथ सरासर धोखा है, अपमान है। इसके लिए निश्चित रूप से देश की मातृशक्ति इण्डी गठबंधन को कतई माफ नहीं करेगी और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। श्री साय ने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने बावजूद भाजपा का संकल्प डिगा नहीं है और इस अधिनियम के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करके हम देश की मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर कांग्रेस के नकारात्मक रवैए और काली करतूत के चलते 17 अप्रैल की तारीख एक काले अध्याय के रूप दर्ज हो गई है। कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध करके देश की महिलाओं का अपमान किया है और देश की महिलाएँ अपने इस अपमान को सदैव याद रखकर कांग्रेस को सबक सिखाएंगीं। श्री सिंह ने कहा कि जब-जब महिलाओं के हित और अधिकारों की बात आई, कांग्रेस ने सदैव महिलाओं को प्रताडि़त करने का काम ही किया। शाहबानो प्रकरण, ट्रिपल तलाक कानून जैसे विषयों को लेकर कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के साथ गद्दारी की है। महिला आरक्षण को लेकर तीन दशकों तक चली प्रक्रिया की विस्तृत चर्चा करके  सिंह ने कहा कि हर बार कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसका विरोध किया और महिला आरक्षण बिल को संसद में फाड़कर फेंकने का काम तक कांग्रेस और विपक्ष ने किया। 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित हुआ लेकिन बाद में सालों तक यह बिल लोकसभा में पेश नहीं किया गया। यह कांग्रेस की सोच है।

 

 

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वन्दन अधिनियम सहित तीन विधेयक लोकसभा में लाए गए थे। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर देशभर की महिलाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा था। उन्हें तथा समाज के सभी वर्गों को विश्वास था कि यह विधेयक पारित हो जाएगा। लेकिन कांग्रेस के लोगों ने अपने मनगढ़ंत तर्कों व कुटिल सोच के साथ इस बिल का विरोध किया। सर्वाधिक शर्म की बात तो यह है कि महिलाओं को आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक गिरा तो एक ओर जहाँ महिलाओं की आँखों में आँसू थे तब कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संसद में ताली बजाकर, मेज थपथपाकर और सदन से बाहर जाकर खुशियाँ मनाई। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस के हर मनगढ़ंत तर्कों का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाधानकारक व संतोषजनक जवाब दिया, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बिल पारित होने का सारा क्रेडिट विपक्ष को देने का भरोसा तक दिलाया, लेकिन कांग्रेस व विपक्ष का मन साफ नहीं था। प्रधानमंत्री श्री मोदी चाहते थे कि जो नारी शक्ति वन्दन विधेयक 2023 में पारित हुआ है, उसको सन 2029 के चुनाव से पहले लागू किया जाए। श्री सिंह ने कहा कि सन 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार और भाजपा/राजग की प्रदेश सरकारों के कार्यकाल में महिलाओं के कल्याण की दिशा में इतने ज्यादा काम हुए हैं कि कांग्रेस व विपक्ष उसकी कल्पना तक नहीं कर सकता। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला विकास-केंद्रित योजनाओं की विस्तार से चर्चा करते हुए  सिंह ने कहा कि इन्हीं सब कार्यों के कारण देश की मातृशक्ति का प्रधानमंत्री श्री मोदी पर अटूट विश्वास है।

 

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री  सिंह ने कहा कि आज जब यह परिसीमन की जरूरत पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं तो यह विचारणीय है कि 1971 की जनगणना के मुताबिक तब जनसंख्या 54 करोड़ थी जबकि आज आबादी 140 करोड़ है। कुछ लोकसभा क्षेत्रों में आबादी 28 से 38 लाख तक पहुँच चुकी है तो उन सीटों को आबादी के अनुपात से तय करना चाहिए। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ में सीटों की संख्या बढ़कर क्रमश: 135 और 18 हो जातीं। यही संविधान की मूल भावना भी है। परिसीमन कानून में लेशमात्र भी परिवर्तन किए बिना उसी आधार पर परिसीमन को लेकर भी कांग्रेस को आपत्ति है। कांग्रेस हमेशा हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाती रहती है। इस विषय को लेकर भाजपा बूथ-मंडल स्तर तक जाएगी और कांग्रेस के झूठ और महिला विरोधी चरित्र का पर्दाफाश कर भाजपा के दृष्टिकोण का सही प्रकार से प्रकटीकरण करेगी। कांग्रेस ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर महिलाओं के साथ विश्वासघात का जो पाप किया है, उसका खामियाजा उसे भविष्य में भुगतना पड़ेगा।पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े, महापौर मीनल चौबे, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता (मध्यप्रदेश) सुश्री नेहा बग्गा उपस्थित रही।

वेदांता प्लांट हादसा: एक और श्रमिक ने तोड़ा दम, बढ़ती जा रही मौतों की गिनती… आखिर कहां थमेगा सिलसिला?

वेदांता प्लांट हादसा: एक और श्रमिक ने तोड़ा दम, बढ़ती जा रही मौतों की गिनती… आखिर कहां थमेगा सिलसिला?

 सक्ती। वेदांता पावर प्लांट हादसे में गंभीर रूप से घायल मनीष कुमार ने उपचार के दौरान आज दम तोड़ दिया. रायगढ़ स्थित लखीराम मेडिकल कॉलेज में भर्ती झारखंड के रहने वाले मनीष कुमार की मौत के साथ हादसे में मृत श्रमिकों की संख्या 24 पहुंच गई है. वहीं गंभीर रूप से घायल 9 श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

बता दें कि वेदांता पावर प्लांट हादसे में पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है. अनिल अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने पर भाजपा सांसद और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर आपत्ति जताई थी.

घटना की जांच के लिए बनी विशेष टीम

इस बीच सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है.

इसके पहले पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था. इसी दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और विस्फोट हो गया. वहीं फोरेंसिक टीम (एफएसएल) ने भी अपनी रिपोर्ट में अत्यधिक ईंधन संचय और दबाव को हादसे की मुख्य वजह बताया है.

गंभीर लापरवाही के आरोप

शुरुआती जांच में यह भी सामने आई है कि प्लांट में मशीनरी के रख-रखाव और संचालन के मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया. सुरक्षा उपायों में कमी और निगरानी की लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ, जिसके कारण 24 श्रमिकों की मौत हो गई. घायल 9 श्रमिकों का अभी ईलाज जारी है.

मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश

इस घटना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है. PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की है. PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे.

अब गर्मी की छुट्टियों में घर जाना हुआ आसान, चलेगी समर Special Train, यात्रियों की मिलेगी राहत

अब गर्मी की छुट्टियों में घर जाना हुआ आसान, चलेगी समर Special Train, यात्रियों की मिलेगी राहत

 रायपुर। गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी है और ऐसे में हर कोई अपने घर परिवार और दोस्तों के साथ घूमने जाने का प्लान बनाता है। वहीं गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए समर स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी है। दुर्ग-शालीमार-दुर्ग के बीच समर स्पेशल ट्रेन (Special Trains) चलाने का निर्णय लिया है। जिससे की यात्रियों की काफी राहत मिलने वाली है।

बता दें कि, इस समर स्पेशल ट्रेन में ट्रेन संख्या 08745 दुर्ग-शालीमार समर स्पेशल 22 अप्रैल (बुधवार) को रात 21:45 बजे दुर्ग से रवाना होगी और रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर, खड़गपुर एवं सांतरागाछी होते हुए अगले दिन 13:45 बजे शालीमार पहुंचेगी। वहीं दूसरी ट्रेन संख्या 08746 शालीमार-दुर्ग समर स्पेशल 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को 17:45 बजे शालीमार से रवाना होकर अगले दिन 11:15 बजे दुर्ग पहुंचेगी

 वहीं स्टोपेज की बात करें तो रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ सहित प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। गर्मियों के सीजन में स्पेशल ट्रेनों का लगातार संचालन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को फायदा हो सके।

प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

रायपुर : बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।

रायपुर : बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, श्री प्रवीण सेन, श्री विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सचिन तेंदुलकर जल्द ही सपरिवार आएंगे छत्तीसगढ़, बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आएंगे तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर जल्द ही सपरिवार आएंगे छत्तीसगढ़, बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आएंगे तेंदुलकर

 रायपुर – क्रिकेट जगत के महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर जल्द ही सपरिवार छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आने वाले हैं। जानकारी के अनुसार वे 22 अप्रैल को दंतेवाड़ा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान सचिन तेंदुलकर अबूझमाड़ से सटे इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्र में स्थित ग्राम छिंदनार में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान उनके बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों में खास उत्साह देखा जा रहा है।

वही इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। राज्य सरकार द्वारा इस कार्यक्रम को खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।