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साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदली जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक पहुंचीं गायत्री बाई

साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदली जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक पहुंचीं गायत्री बाई

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। इसका सजीव उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत सेमरा की निवासी गायत्री बाई हैं, जिनका जीवन अब पूरी तरह बदल चुका है। कभी जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर गायत्री बाई और उनका परिवार हर मौसम में मुश्किलों का सामना करता था। बारिश के दिनों में छत टपकती थी, दीवारें कमजोर थीं और परिवार के सदस्यों को हर समय असुरक्षा का डर बना रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक अधूरा सपना ही था।

लेकिन विष्णुदेव साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास उपलब्ध कराने की नीति ने उनके जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गायत्री बाई का चयन हितग्राही के रूप में हुआ और उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। सरकार की इस मदद और अपनी मेहनत के बल पर गायत्री बाई ने धीरे-धीरे अपने सपनों का घर बनाना शुरू किया। ग्राम पंचायत और जनपद स्तर से मिले निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग ने इस प्रक्रिया को सरल बनाया। कुछ ही महीनों में उनका पक्का, सुरक्षित और सुंदर घर तैयार हो गया।

अब गायत्री बाई और उनका परिवार हर मौसम में बिना किसी परेशानी के एक सुरक्षित और स्वच्छ घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। बच्चों को भी अब बेहतर वातावरण मिल रहा है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत हो रही है। गायत्री बाई भावुक होकर कहती हैं, साय सरकार की इस योजना ने हमारे जीवन को बदल दिया है। पहले हम हर समय डर और चिंता में रहते थे, लेकिन अब हमारे पास अपना सुरक्षित घर है। विष्णुदेव साय सरकार की जनहितकारी योजनाएं न केवल लोगों को सुविधाएं प्रदान कर रही हैं, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास भी ला रही हैं।

मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर हो रही चर्चा

मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर हो रही चर्चा

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिमंडल की बैठक हो रही है। बैठक में मंत्रीगण व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

CG – चोरों का आतंक : एक ही रात 3 घरों को बनाया निशाना, मचा हड़कंप, गांव में दहशत का माहौल

CG – चोरों का आतंक : एक ही रात 3 घरों को बनाया निशाना, मचा हड़कंप, गांव में दहशत का माहौल

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले ग्राम पंचायत चरौदा में चोरों ने बड़ा हाथ साफ कर दिया। अज्ञात बदमाशों ने एक ही रात में तीन अलग-अलग घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। लगातार तीन घरों में चोरी की वारदात से पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार, चोरों ने दुरेंद्र सेन, चेतन पटेल और नरेंद्र साहू के घरों में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और कीमती सामान चोरी कर लिया। जब परिवार वालों को घटना की जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

बताया जा रहा है कि तीनों वारदात एक ही रात में हुईं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि किसी संगठित गिरोह ने सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम दिया है। गांव वालों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी छोटी-मोटी घटनाएं हुई हैं, लेकिन एक साथ तीन घरों में चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

Weather Update : छत्तीसगढ़ में गर्मी ने पकड़ी रफ्तार, रायपुर में इतने डिग्री पहुंचा पारा, अगले 24 घंटे में लू जैसे हालात…

Weather Update : छत्तीसगढ़ में गर्मी ने पकड़ी रफ्तार, रायपुर में इतने डिग्री पहुंचा पारा, अगले 24 घंटे में लू जैसे हालात…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ का मध्य हिस्सा अब गर्मी की चपेट में आ चुका है और अगले चौबीस घंटे में कई इलाकों में लू जैसी स्थिति बनने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं, जहां लोगों को 40 डिग्री से ज्यादा तापमान झेलना पड़ रहा है। मंगलवार को राजधानी रायपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में भी पारा ऊपर चढ़ा है और आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के मध्य हिस्से का औसत तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मध्य क्षेत्र के एक-दो हिस्सों में ग्रीष्म लहर यानी लू जैसी स्थिति बन सकती है।

हालांकि बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में अभी गर्मी का असर कम है। वहां तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में अप्रैल के अंतिम दिनों में गर्मी का असर तेज हो सकता है।

मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि अलग-अलग मौसम प्रणालियों और द्रोणिकाओं के प्रभाव से प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। राजधानी रायपुर में आज आकाश मुख्यतः साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और जरूरी होने पर ही बाहर जाएं। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है।

बाबा साहेब के संविधान ने ही हमें जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा का अधिकार दिया: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

बाबा साहेब के संविधान ने ही हमें जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा का अधिकार दिया: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर | वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।

समरसता भोज: जातिगत भेदभाव मिटाने की पहल

सांसद अग्रवाल भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा टिकरापारा स्थित बालक छात्रावास में आयोजित ‘समरसता भोज’ में शामिल हुए। यहाँ उन्होंने युवाओं के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे सीधा संवाद किया।

इस अवसर पर उन्होंने समाज में एकता और समानता का संदेश देते हुए कहा कि , “आज भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर जी की जयंती है और बाबासाहेब अंबेडकर जी ने पूरे देश में एकरूपता, समरूपता और समरसता का संदेश दिया था कि हमारे संविधान में कोई छोटा नहीं है, कोई बड़ा नहीं है, सब बराबर हैं और सबको एक वोट का अधिकार दिया था

और इसलिए आज भी कहीं न कहीं थोड़ा बहुत लोगों में भेदभाव या जातिगत भावना है, उसको दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने यह तय किया कि ‘समरसता भोज’ का आयोजन ऐसे स्थानों पर करेंगे और उसके माध्यम से एक समरसता का संदेश देंगे

और उसी के तहत आज यह टिकरापारा SC छात्रावास में हमारे भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में अर्पित सूर्यवंशी जी, उनके नेतृत्व में समरसता भोज का आयोजन किया गया और मेरा सौभाग्य है कि उसमें मुझे भी शामिल होने का अवसर मिला।”

प्रतिमा अनावरण: नई पीढ़ी के लिए प्रेरणापुंज
इसके पश्चात, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल रायपुर के कचहरी चौक पहुंचे, जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के साथ छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी, 21 फीट ऊँची बाबा साहेब की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि रायपुर के हृदय स्थल में स्थापित यह विशाल प्रतिमा हमारी नई पीढ़ी को सदैव बाबा साहेब के संघर्षों और उनके महान आदर्शों की याद दिलाती रहेगी।

उन्होंने कहा कि ,”बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से हमें वह शक्ति और अधिकार दिए हैं, जिसके कारण आज हम लोकतंत्र के इस मंच पर जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा कर पा रहे हैं। यदि बाबा साहेब और उनका दिया संविधान न होता, तो शायद हम आज सांसद, मंत्री या विधायक के रूप में यहाँ उपस्थित न होते।”

कार्यक्रम में भाजयुमो के पदाधिकारी, भारी संख्या में छात्र एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहेब के जयकारों के साथ समरस समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

 
वेदांता बॉयलर ब्लास्ट: 13 मजदूरों की गई जान, PM मोदी ने जताया दुख और राहत राशि का ऐलान

वेदांता बॉयलर ब्लास्ट: 13 मजदूरों की गई जान, PM मोदी ने जताया दुख और राहत राशि का ऐलान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 से अधिक मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर मलबे में दब गए। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा, जबकि कई लोगों की तलाश देर शाम तक जारी रही।

घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सक्ती जिले के बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।

हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग प्लांट गेट पर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि कई मजदूर अब भी लापता हैं, लेकिन प्रबंधन स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बचाव टीमों को तेजी से काम करने और हर प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गया है। प्रारंभिक आशंका तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की जताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

मंत्री रामविचार नेताम ने डिंडो में 1154.45 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं शिलान्यास…

मंत्री रामविचार नेताम ने डिंडो में 1154.45 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं शिलान्यास…

 रायपुर: बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत डिंडो में बुनियादी अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए मंत्री  रामविचार नेताम ने कुल 1154.45 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से तीन सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।

सड़क, सामाजिक भवन, खेल सुविधाओं से बदलेगा डिंडो का स्वरूप: मंत्री श्री  नेताम

जिसमें तालकेश्वरपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मार्ग से कुल्लूडीह होते हुए गोंड पारा सलवाही तक 5.40 किलोमीटर, गुदाह मार्ग से ग्राम पंचायत भवन पीपर पान बस्ती तक 4.13 किलोमीटर तथा कमिश्नर नगर से मुख्य मार्ग सोमारू घर तक 1.53 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शामिल है। इन मार्गों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य मार्गों से सीधा एवं सुगम संपर्क स्थापित होेगा।

सड़क, सामाजिक भवन, खेल सुविधाओं से बदलेगा डिंडो का स्वरूप: मंत्री श्री  नेताम

साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के तत्वावधान में ग्राम पंचायत डिंडो में गोंड समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, धान उपार्जन केंद्र में चबूतरा निर्माण तथा युवाओं के शारीरिक संवर्धन एवं खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु खेल मैदान के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।

संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने सेवा जोहार के साथ जनसमुदाय को संबोधित करते हुए गोंडवाना समाज को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज की मांग को पूरा करते हुए सामाजिक भवन के निर्माण का शिलान्यास किया गया है, जिससे सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

सड़क, सामाजिक भवन, खेल सुविधाओं से बदलेगा डिंडो का स्वरूप: मंत्री श्री  नेताम

मंत्री  नेताम ने शिक्षा को विकास की सबसे बड़ी कुंजी बताते हुए समाज के लोगों से शिक्षित और सशक्त बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज शिक्षित होगा, तभी वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों को सही मायने में समझ पाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। इसलिए सभी को संविधान की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे जागरूक होकर इन योजनाओं का  लाभ उठा सकें और अपना जीवन स्तर बेहतर बना सकें।

सड़क, सामाजिक भवन, खेल सुविधाओं से बदलेगा डिंडो का स्वरूप: मंत्री श्री  नेताम

उन्होंने कहा कि सड़कों के विस्तार सहित अन्य निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है, उन्होंने कहा की क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की सेवा करने की जो जिम्मेदारी मिली है, उसे वे पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं और विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रकृति संरक्षण के महत्व को समझाते हुए उन्होंने महुआ संग्रहण के दौरान जंगलों में आग लगाने की प्रवृति पर  उन्होंने कहा कि इससे वनस्पतियों और छोटे जीव-जंतुओं का नाश होता है, जो पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है। प्रकृति के कण-कण में देवताओं का वास होता है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत अध्यक्ष  मुद्रिका सिंह सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, समाज प्रमुख बड़ी संख्या में  नागरिक उपस्थित थे।

नवा रायपुर में जनसैलाब के बीच गरिमामय वातावरण में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती

नवा रायपुर में जनसैलाब के बीच गरिमामय वातावरण में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती

रायपुर: भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर स्थित इंद्रावती भवन के समीप कैपिटल कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के अंबेडकर चौक में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डां बी.आर. अंबेडकर जयंती समारोह, संयुक्त आयोजन समिति के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं आम नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सुबह से ही अंबेडकर चौक पर लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे क्षेत्र में “जय भीम” एवं संविधान के जयघोष गूंजते रहे।

अंबेडकर चौक में बाबा साहब की आदमकद कांस्य  प्रतिमा का होगा अनावरण

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए,  एवं अध्यक्षता महादेव कांवरे, संभागायुक्त रायपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर उपस्थित जनों को संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई गई। अंबेडकर चौक से एक भव्य रैली भी
निकाली गई, जिसमें नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामाजिक समानता और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।

अंबेडकर चौक में बाबा साहब की आदमकद कांस्य  प्रतिमा का होगा अनावरण

अंबेडकर चौक में आदमकद
कांस्य प्रतिमा  की स्थापना की जाएगी

समारोह के दौरान आयोजन समिति द्वारा अंबेडकर चौक में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की आदमकद कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी गई। इस पर मुख्य अतिथि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में यहां एक भव्य एवं विशाल प्रतिमा अवश्य स्थापित की जाएगी। मंत्री जी का यह व्यक्त्तव उपस्थित जनसमूह के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

अंबेडकर चौक में बाबा साहब की आदमकद कांस्य  प्रतिमा का होगा अनावरण

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और आत्मसम्मान की एक प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने बताया कि बाबासाहेब ने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में रहते हुए विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त की और अपने ज्ञान, परिश्रम एवं दूरदर्शिता के बल पर भारत को विश्व का सबसे मजबूत संविधान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया, जो आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक है।

अपने वक्तव्य में मंत्री ने समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ाना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों को जानें, समझें और संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं, ताकि एक समरस, समान और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके विचारों और समाज में लाए गए क्रांतिकारी परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। दिलीप वासनिकर ने संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों की जानकारी देते हुए इसे विश्व का सबसे प्रभावशाली दस्तावेज बताया, वहीं कमल वर्मा ने कर्मचारियों और आम नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। धनंजय देवांगन ने सामाजिक एवं आर्थिक स्वतंत्रता को संविधान की मूल भावना बताते हुए कहा कि यह सभी वर्गों के समग्र विकास का आधार है।

सुभाष मिश्रा, अनिल बनज एवं आलोक देव ने जातिविहीन समाज की स्थापना, सामाजिक समता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। मंजू बंसोड़ ने महिला सशक्तिकरण में डॉ. अंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया, जबकि डाॅ आर. के. सुखदेवे ने शिक्षा को समाज के विकास की आधारशिला बताया। आर. पी. भतपहरी ने वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान में डॉ. अंबेडकर की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिनकी प्रासंगिकता आज भी समाज में बनी हुई है।

संयुक्त आयोजन समिति के संयोजक देवलाल भारती ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को डॉ. अंबेडकर के विचारों से जोड़ना तथा असमानता को दूर कर  समानता की भावना को मजबूत करना है।  उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने और संविधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित सभी आमंत्रितों एवं नागरिकों को डॉ. अंबेडकर का पैरा आर्ट  फोटोफ्रेम संविधान की प्रस्तावना तथा संविधान की पुस्तकें भेंट की गईं। कार्यक्रम में अश्विनी कुमार बंजारा, एच.के. रंगारी, अगर लाल जोशी, कमलेश बंसोड, राजीव अहिरे कृष्ण लाल कश्यप, विमल शाण्डिल्य, शैलेंश टेंबुरने, कैलाश नेताम, घनश्याम साहू, यू एस राठिया, भूपेन्द्र सिंह ठाकुर, एन आर चंद्रवंशी, एल. एन. कोसरिया , श्रीमती विद्या भारती, सुश्री कांति सूर्यवंशी, आशा पात्रे, टीकू रावटे, उमेश सिंह, अनिल मालेकर, अश्विन पात्रे, ए.एस. मरावी, जी.एस. पैकरा, डी.एस. धुवे, राजदेव लकड़ा, वीरेंद्र मिरचे, रमेश घिदौडे, मुक्त नंद खूंटे, एस.आर. टंडन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक स्थानीय, मंडल अध्यक्ष श्री देशवन बघेल ग्रामीण सरपंच, उप सरपंच, जनपद प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा संविधान के मूल्यों का पालन करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल डॉ. अंबेडकर के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित करने में भी सफल रहा।

समाज में न्याय और समानता की प्रेरणा देता रहेगा बाबा साहेब का जीवन : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

समाज में न्याय और समानता की प्रेरणा देता रहेगा बाबा साहेब का जीवन : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नेतृत्व और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान ने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उनके विचार आज भी समाज को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर मंगल भवन, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया है। इसी कारण आज समाज के सभी वर्गों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है।

रायपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण

उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें बाबा साहेब के आदर्श मार्गदर्शक हैं।

रायपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री  खुशवंत साहेब, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  किरण सिंह देव, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर मीनल चौबे, विधायक  पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

बाबा साहेब के विचारों पर चलकर ही बनेगा बेहतर समाज: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

बाबा साहेब के विचारों पर चलकर ही बनेगा बेहतर समाज: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल में बाबा साहेब की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई, बेहतर समाज निर्माण का दिया संदेश
रायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में आज संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके संदेशों को याद किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी समानता की भावना है, जहां किसी की पहचान उसकी जाति या समुदाय से नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व और कर्म से होती है। उन्होंने कहा कि इस सोच को मजबूत करने में बाबा साहब का अतुलनीय योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि आज़ादी से पहले दलित, शोषित, पीडि़त और वंचित समाज के अंतिम व्यक्ति की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता था लेकिन बाबा साहब ने उनके अधिकारों, सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष कर उन्हें मुख्यधारा में स्थान दिलाया। इस संदर्भ में उन्होंने गुरु घासीदास बाबा के मनखे-मनखे एक समान के संदेश को भी याद करते हुए सामाजिक समरसता की आवश्यकता पर जोर दिया

इस अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें नृत्य, गीत एवं नाट्य मंचन के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन और उनके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के अधिकारी, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

नकली दवाओं के अवैध व्यापार पर खाद्य व औषधि विभाग की कार्यवाही

नकली दवाओं के अवैध व्यापार पर खाद्य व औषधि विभाग की कार्यवाही

 आमजन से अपील, केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही करें दवाओं की खरीदी

रायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा राज्य में नकली दवाओं के अवैध व्यापार के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कुछ माह पूर्व नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगाँव से नकली दवाओं की जप्ती के प्रकरण में एक बड़ी कार्यवाही की गई थी। जांच के दौरान इस संगठित सप्लाई चेन में संलिप्त आरोपियों—रोचक अग्रवाल (बिजरासन मेडिकोज, इंदौर), सुरेंद्र कामनानी (प्रेम प्रकाश एजेंसी, भाटापारा) एवं खेमराज बानी (सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़) की भूमिका सामने आई, जिन्हें रायपुर में कल सोमवार को गिरफ्तार किया गया।

उक्त प्रकरण की कड़ी में सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़ में दिसंबर माह में विभाग द्वारा विस्तृत जांच एवं जब्ती की कार्यवाही की गई थी । निरीक्षण के दौरान संदिग्ध एवं नकली औषधियों के भंडारण एवं वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए थे, जिन्हें विधिवत जप्त कर जांच में सम्मिलित किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तथा इस अवैध व्यापार के अन्य राज्यों से जुड़े होने की संभावना के आधार पर विभागीय टीम द्वारा अंतरराज्यीय जांच एवं विवेचना भी की गई। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों एवं नेटवर्क की भूमिका का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है।

वर्तमान में प्रकरण में नियमानुसार अभियोजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभाग द्वारा प्रकरण से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थानों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि वे दवाओं की खरीद केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना विभाग को दें। नकली दवाओं के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।

संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प: समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प: समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - साय
रायपुर।
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री श्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 

 

जिला अस्पताल कबीरधाम बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार

जिला अस्पताल कबीरधाम बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार

 उप मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में कबीरधाम जिला अस्पताल ने बदली अपनी तस्वीर

 कबीरधाम जिला अस्पताल जिले सहित मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जिलों के लोगों के लिए बना जीवन रेख 

रायपुर। कबीरधाम जिले का जिला अस्पताल अब केवल एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास और बेहतर चिकित्सा सेवाओं का मजबूत प्रतीक बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में जो उल्लेखनीय सुधार हुआ है, उसने न केवल जिले के लोगों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि निजी अस्पतालों के सामने भी एक सशक्त विकल्प के रूप में इसे स्थापित किया है। 

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयास, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2025 तक लगभग हर प्रमुख स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अस्पताल की कार्यप्रणाली, संसाधनों और सेवाओं की गुणवत्ता में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।
ओपीडी और आईपीडी में रिकॉर्ड वृद्धि
जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक ओपीडी में मरीजों की संख्या 1,19,557 रही, वहीं जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 1,64,712 तक पहुंच गई। यह लगभग 45 हजार से अधिक की वृद्धि है, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब जिला अस्पताल की सेवाओं पर अधिक भरोसा जता रहे हैं। इसी तरह आईपीडी के आंकड़ों में भी वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2023 में जहां 11,742 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,253 हो गई। यह दर्शाता है कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भी लोग अब निजी अस्पतालों की बजाय जिला अस्पताल को प्राथमिकता दे रहे हैं।

प्रसव सेवाओं में भी आया सुधार
महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी जिला अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2023 में जहां 3,001 प्रसव हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,925 हो गई। इससे प्रतीत होता है कि इसमें वृद्धि से अस्पताल में मातृत्व सेवाएं अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और सुविधाजनक बनी हैं।
सोनोग्राफी सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
जिला अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक सोनोग्राफी सेवाओं में हुआ सुधार है। वर्ष 2023 में जहां केवल 874 सोनोग्राफी हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 7,244 तक पहुंच गई। यह लगभग आठ गुना वृद्धि है, जो न केवल उपकरणों की उपलब्धता बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीशियनों की बेहतर व्यवस्था को भी दर्शाती है। यह उपलब्धि जिला अस्पताल के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है।
एक्स-रे, सिटी स्कैन और लैब टेस्ट में भी तेजी
एक्स-रे सेवाओं के तहत 2023 में 9,865 एक्स-रे किए गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,920 हो गई। इससे स्पष्ट है कि डायग्नोस्टिक सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। लैब टेस्ट के आंकड़े भी प्रभावशाली हैं। वर्ष 2023 में जहां 2,10,186 जांचें की गई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,62,113 हो गई। यह लगभग डेढ़ गुना वृद्धि है, साथ ही साथ जुलाई 25 से अब तक 1462 लोगों का सिटी स्कैन किया गया है। यह बताती है कि अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधाएं और तेज सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मोतियाबिंद ऑपरेशन में भी वृद्धि
नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में भी जिला अस्पताल ने अपनी पकड़ मजबूत की है। वर्ष 2023 की तुलना में 2025 में मोतियाबिंद के ऑपरेशन 216 अधिक किए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि नेत्र रोगियों को भी अब बेहतर और सुलभ उपचार मिल रहा है।
उप मुख्यमंत्री के सतत प्रयास से मिली बेहतर सुविधा
जिले के विधायक एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। उन्होंने न केवल अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। उनकी प्राथमिकता में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुधार हमेशा शीर्ष पर रहा है।
डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका
जिला अस्पताल के निष्ठावान डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत इस सफलता की कहानी का अहम हिस्सा है। संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है। डॉक्टरों की तत्परता, नर्सिंग स्टाफ की देखभाल और अन्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता ने मिलकर अस्पताल की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। 
अस्पताल में बेहतर संसाधन उपलब्ध
जिला अस्पताल की बेहतर सेवाओं, आधुनिक उपकरणों और अनुभवी चिकित्सकों बेहतर संसाधन से नि:शुल्क बेहतर इलाज मिलने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत बनकर उभरा है। इससे न केवल लोगों की आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
भविष्य की संभावनाएं
जिला अस्पताल कबीरधाम की यह सफलता सिर्फ आज तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत नींव तैयार कर रही है। नई तकनीकों का उपयोग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार ये सभी कदम इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण हैं। जिला अस्पताल की प्रगति सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के भरोसे, बेहतर इलाज और कर्मचारियों की मेहनत की कहानी है। ओपीडी, आईपीडी, प्रसव, सोनोग्राफी, एक्स-रे, सीटी स्कैन, लैब जांच और ऑपरेशन हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। यह अस्पताल सिर्फ कबीरधाम जिले के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जैसे सीमावर्ती इलाकों के लोगों के लिए भी जीवन रेखा बन गया है।

पिंकी सोनी का कच्चे मकान से सपनों के आशियाने का सफर

पिंकी सोनी का कच्चे मकान से सपनों के आशियाने का सफर

 रायपुर। अगर इरादे मजबूत हों और सुशासन का साथ मिले, तो बरसों पुराने सपने भी सच हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है, बालोद जिले की रहने वाली श्रीमती पिंकी सोनी के साथ, जिन्होंने अपने जीवन के 20 साल एक कच्चे मकान की जद्दोजहद में बिता दिए। आज प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत उन्हें अपना पक्का घर मिल गया है। जहां वे अपने 03 बच्चों के साथ खुशी खुशी रहती है।

पिंकी सोनी बताती हैं कि पिछले दो दशकों से वे एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकना और तेज हवाओं में टीन की चादरें उड़ जाना उनके लिए हमेशा एक चुनौती थी। अपने पति के निधन के बाद, तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और आर्थिक तंगी ने उनके लिए पक्का घर बनाना एक नामुमकिन सा सपना बना दिया था। वे खिलौने की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।

पिंकी ने बताया कि इस मुश्किल दौर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आई। उन्हें चार किस्तों में 02 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। इतना ही नहीं, गृह प्रवेश के लिए उन्हें गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई, जिससे उन्होंने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर अपने नए घर में कदम रखा। इसके साथ ही, उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिसकी राशि हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक संबल मिला है।

अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए पिंकी सोनी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरा अपना पक्का घर होगा। आज मेरा सपना साकार हो गया है। मैं सरकार को धन्यवाद देती हूँ जिन्होंने हमारी भी सुध ली।     

बिहान कैंटीन के व्यंजनों से महका जगदलपुर जनपद परिसर

बिहान कैंटीन के व्यंजनों से महका जगदलपुर जनपद परिसर

जगदलपुर। बस्तर जिले के जनपद पंचायत जगदलपुर में इन दिनों बिहान कैंटीन महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की एक नई इबारत लिख रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत स्थापित इस कैंटीन की कमान ग्राम पंडरीपानी-1 के श्री साईं महिला स्व सहायता समूह की पांच महिलाओं ने संभाल रखी है। सुमिता पटनायक (अध्यक्ष) और रीता पंडा (सचिव) के कुशल नेतृत्व में यह कैंटीन केवल दो माह के भीतर ही क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रही है। जनपद परिसर में स्थित इस कैंटीन का औपचारिक शुभारंभ 25 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत जगदलपुर के अध्यक्ष पदलाम नाग के कर-कमलों द्वारा किया गया था।

स्वाद और गुणवत्ता के अनूठे संगम के कारण यह स्थान आज न केवल आम जनता, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भी पहली पसंद बन गया है। यहाँ स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय व्यंजनों की विस्तृत श्रृंखला किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। कैंटीन की बढ़ती मांग का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब जनपद और जिला कार्यालयों में होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों के लिए भी चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था इसी समूह के माध्यम से की जा रही है। 
आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह उपक्रम महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रहा है। कैंटीन के शुरुआती सफर में ही फरवरी माह में 6,200 रुपये की आय हुई थी, जो मार्च माह में बढ़कर 18,320 रुपये तक पहुंच गई। अप्रैल माह के शुरुआती 10 दिनों में ही समूह ने 11,400 रुपये की आय अर्जित कर ली है, जिससे अब तक की कुल आय 35,920 रुपये हो चुकी है। यह सफलता महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य महिलाओं के लिए उद्यमिता की एक नई प्रेरणा भी पेश कर रही है।

शक्ति वंदन अधिनियम: लाभार्थी से नीति-निर्माता तक नारी की निर्णायक यात्रा - मंत्री राजवाड़े

शक्ति वंदन अधिनियम: लाभार्थी से नीति-निर्माता तक नारी की निर्णायक यात्रा - मंत्री राजवाड़े

 00 मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर जांच तेज

00 प्रबंध संचालक खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को पत्र जारी
रायपुर।
राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र जारी कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में साड़ी वितरण के लिए जारी किए गए क्रय आदेश के तहत कुछ जिलों से गुणवत्ता में कमी और निर्धारित मापदंडों में विचलन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं

विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा किए गए परीक्षण में कुछ स्थानों पर मानकों से विचलन की पुष्टि भी हुई है। इसके बाद अब मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संचालक महिला एवं बाल विकास द्वारा जारी पत्र में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर साड़ियों की पुनः गुणवत्ता जांच कराएं। यदि जांच में मापदंडों से किसी प्रकार का विचलन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही, जिन स्थानों पर निम्न गुणवत्ता की साड़ियां वितरित हुई हैं, वहां उन्हें तत्काल वापस लेकर गुणवत्तापूर्ण नई साड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों द्वारा इस मामले को लेकर भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि शासन स्तर पर पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पारदर्शी ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

हमारी जनगणना-हमारा विकास के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ तैयार

हमारी जनगणना-हमारा विकास के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ तैयार

 आलेख - रमेश जायभाये, उपनिदेशक, पत्र सूचना कार्यालय
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर की छोटी-सी जानकारी—जैसे पानी, बिजली या परिवार के सदस्यों का विवरण—देश के विकास में कितना बड़ा योगदान दे सकती है? दरअसल, हर नागरिक की दी गई जानकारी मिलकर ही भारत के भविष्य की दिशा तय करती है।
इसी कड़ी में वर्ष 2027 की जनगणना एक खास पड़ाव बनने जा रही है। यह केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बदलते भारत की एक नई कहानी है—एक ऐसी कहानी जिसमें हर नागरिक की भागीदारी है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल अंदाज़ में होगी, जो इसे पहले की सभी जनगणनाओं से अलग और अधिक आधुनिक बनाती है। छत्तीसगढ़ में इस महाअभियान को लेकर तैयारियाँ तेज़ी से पूरी की जा रही हैं। वातावरण ऐसा है मानो कोई बड़ा जनउत्सव आने वाला हो—और वास्तव में, यह एक ऐसा अभियान है जिसमें हर व्यक्ति की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
कहानी शुरू होती है इतिहास से...
भारत में जनगणना की शुरुआत 1872 में हुई थी और 1881 से इसे पूरे देश में व्यवस्थित रूप से लागू किया गया। स्वतंत्रता के बाद 1951 में पहली जनगणना आयोजित हुई, जिसने देश के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। अब वर्ष 2027 की जनगणना इस ऐतिहासिक यात्रा का आधुनिक रूप है। यह न केवल देश की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगी, बल्कि भविष्य की योजनाओं की नींव भी तैयार करेगी। छत्तीसगढ़ में यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी—पहला चरण अप्रैल-मई 2026 में और दूसरा फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित किया जाएगा। राज्य के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 (रात 12 बजे) निर्धारित की गई है, जिसके आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी।
अब आपकी बारी: खुद करें अपनी जनगणना!
इस बार जनगणना की सबसे रोचक और उपयोगी सुविधा है—स्व-गणना अब आप स्वयं अपने घर और परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच वेबपोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आपसे परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी आयु, शिक्षा, व्यवसाय और घर की सुविधाओं से जुड़े कुछ सरल प्रश्न पूछे जाएंगे। पूरी जानकारी भरने के बाद आपको एक एसई आईडी प्राप्त होगी। जब प्रगणक आपके घर आएंगे, तो केवल यह आईडी दिखानी होगी और आपकी जानकारी सत्यापित कर ली जाएगी—यानी बार-बार जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ दिखाने की आवश्यकता नहीं होती। आप जो जानकारी देंगे, वही दर्ज की जाएगी। स्व-गणना के प्रति लोगों का रुझान भी तेजी से बढ़ रहा है—देशभर में लाखों परिवार इस सुविधा का उपयोग कर चुके हैं, जो इस डिजिटल पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
स्मार्ट तकनीक, सटीक आंकड़े और भरोसेमंद प्रक्रिया
इस बार जनगणना पूरी तरह तकनीक के सहारे संचालित होगी। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा दर्ज करेंगे, जिससे काम तेज़ और अधिक सटीक होगा। साथ ही, आधुनिक जीआईएस आधारित डिजिटल मैपिंग का उपयोग कर हर क्षेत्र और गणना ब्लॉक को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जा रहा है, ताकि कोई भी घर या व्यक्ति छूट न जाए। डेटा के बेहतर प्रबंधन और निगरानी के लिए उन्नत डिजिटल सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहती है। एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में, इस बार जाति संबंधी आंकड़ों का भी समावेश किया जाएगा, जो दशकों बाद समाज की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करेगा।
जनगणना में समाज के हर वर्ग को शामिल करने का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसी के तहत बेघर व्यक्तियों की गणना भी अलग से, विशेष अभियान के माध्यम से की जाती है, ताकि कोई भी नागरिक इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।और जहाँ तक आपकी जानकारी की सुरक्षा का सवाल है—यह पूरी तरह गोपनीय रहती है। इसे किसी अन्य विभाग या एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाता।
छत्तीसगढ़ तैयार, अब आपकी भागीदारी जरूरी
छत्तीसगढ़ में इस अभियान के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की गई हैं। शहरों से लेकर गाँवों तक, हर क्षेत्र में जनगणना टीम सक्रिय रहेगी, ताकि कोई भी परिवार छूट न जाए। नागरिकों की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है, जहाँ किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्राप्त की जा सकती है। लेकिन इस पूरे अभियान की असली ताकत है—आपकी भागीदारी। जब आप सही जानकारी देते हैं, तो आप केवल एक फॉर्म नहीं भरते, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देते हैं। आपकी दी गई जानकारी से ही तय होता है कि कहाँ नई सड़क बनेगी, कहाँ स्कूल खुलेगा और कहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है।
आखिर में एक छोटी-सी बात...
जनगणना एक आईना है, जिसमें देश खुद को देखता है। इस बार यह आईना डिजिटल है—तेज़, सटीक और आधुनिक और इसमें जो तस्वीर दिखेगी, उसे बनाने में आपका भी योगदान होगा। तो आइए, इस जनगणना अभियान का हिस्सा बनें—स्व-गणना करें, सही जानकारी दें और देश के विकास की कहानी में अपनी भूमिका निभाएं।

नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय - साय

नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय - साय

 नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एकजुटता का आह्वान: मुख्यमंत्री साय ने सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को लिखा पत्र

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में महतारी गौरव वर्ष मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा महतारी वंदन योजना और रानी दुर्गावती योजना जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 16 को चर्चा, ऐतिहासिक पहल - सीएम साय

संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 16 को चर्चा, ऐतिहासिक पहल - सीएम साय

 रायपुर। मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगामी 16 अप्रैल को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महत्वपूर्ण चर्चा प्रस्तावित है। यह ऐतिहासिक पहल लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह अवसर और भी विशेष है, क्योंकि हमारी सरकार इस वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मना रही है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्त भविष्य के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मैं प्रदेश की सभी महिला संगठनों, बहनों और मातृशक्तियों से आग्रह करता हूँ कि इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और सकारात्मक जनमत निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभाएँ।

आपकी आवाज़, आपका समर्थन देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने की दिशा में दिशा में एक परिवर्तनकारी निर्णय को और मजबूती प्रदान करेगा। आइए, हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक पहल को जनआंदोलन बनाएं।

BREAKING : वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट में बढ़ी मौतों की संख्या, 9 मजदूरों ने गवाई जान, कई घायल

BREAKING : वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट में बढ़ी मौतों की संख्या, 9 मजदूरों ने गवाई जान, कई घायल

 सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई है। SP प्रफुल्ल ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। वहीं 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना डभरा थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हर रोज की तरह सामान्य काम चल रहा था। इस दौरान अचानक दोपहर करीब 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक ट्यूब फटने से हादसा हुआ है।

1 घायलों को खरसिया के पद्मावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में करीब 15 घायलों को लाया गया है, जहां 5 घायलों की मौत होने की खबर है।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय प्लांट परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के श्रमिक घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस हादसे में करीब 30 से 40 मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में भगदड़ मच गई थी। कई मजदूर झुलस गए हैं, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। राहत टीम द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को भी लगाया गया है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटने को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, आधिकारिक आंकड़ों और विस्तृत जानकारी का सभी को इंतजार।

 
 
स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्राओं ने किया थाने का भ्रमण:पुलिस कार्यप्रणाली और कानून की जानकारी दी गई

स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्राओं ने किया थाने का भ्रमण:पुलिस कार्यप्रणाली और कानून की जानकारी दी गई

 तिल्दा नेवरा। स्वामी आत्मानंद स्कूल तिल्दा नेवरा केछात्राओं ने पुलिस थाना का भ्रमण किया। इस दौरानछात्राओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली को भी समझा और बड़े होकर देश की सेवा करने की भी प्रेरणा ली। छात्राओं ने काउंटर से लेकर मालखाना,बंदी गृह , लॉकअप, कम्प्यूटर रूम, थाना प्रभारी रूम को देखा और हथियार, वायरलेस सिस्टम, पुलिस सुरक्षा कवच, एफआईआर लिखने सहित अन्य जानकारी ली। इस मौके पर थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने छात्राओं को पुलिस कर्तव्य के बारे में जानकारी दी और उनका मार्गदर्शन किया छात्राओं को गुड टच-बैड टच के बारे में बता कर जागरूक किया अनैतिक व्यापार अधिनियम के कानूनी प्रावधानों पुलिस थानों में संचालित महिला डेस्क, परिवार परामर्श केंद्र, ऊर्जा डेस्क व निर्भया पेट्रोलिंग की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने बताया कि पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिग बालिकाओं को व्यक्ति द्वारा घूरना, लगातार पीछा करना भी संज्ञेय अपराध है। इसकी रिपोर्ट थाने पर की जा सकती है माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बालक बालिकाओं व महिलाओं के साथ हिंसा के लिए दिए गए निर्देशों को भी बताया गया।

इस दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के सवालों का जवाब देकर जिज्ञासाओं को शांत किया और थाने की विभिन्न कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए जागरूक किया। इसके अलावा ट्रैफिक नियम, महिला अधिकार समेत सुरक्षा के कई अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी देते हुए छात्राओं से किसी के द्वारा भी प्रताड़ित किए जाने पर निर्भिक होकर स्कूल के सूचना बॉक्स में लिखकर देने की बात कही। प्राचार्य ने बताया स्कूली बच्चे पुलिस से मिलकर बेहद उत्साहित हैं । भ्रमण का आयोजन करने पर छात्राओं का मनोबल बढ़ता है व उनमें कुछ नया करने की जाग्रति पैदा होती है। इस मौके पर स्कूल के तोरण चक्रधारी एवं वेद प्रकाश साहू तथा स्टाफ ने भी पुलिस की जानकारियों को समझा।

राजधानी में नकली दवा कांड का खुलासा, स्थानीय मेडिकल स्टोर्स में खपाई जा रही थी दवाएं, 3 आरोपी गिरफ्तार

राजधानी में नकली दवा कांड का खुलासा, स्थानीय मेडिकल स्टोर्स में खपाई जा रही थी दवाएं, 3 आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर। राजधानी रायपुर में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि नकली दवाएं इंदौर से सप्लाई होकर स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के जरिए बाजार में खपाई जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों रोचक अग्रवाल, खेमराम बानी और सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। मामले में जांच के दौरान इंदौर, सारंगढ़ और भाठापारा तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

बताया जा रहा है कि, जनवरी महीने में ट्रांसपोर्ट के दौरान नकली दवाओं की एक बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जिसके बाद ड्रग विभाग ने गहन जांच शुरू की। इसी जांच में पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ। मामले में लापरवाही सामने आने पर सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले एक रेस्टोरेंट में हुई संदिग्ध मीटिंग का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसने जांच को नई दिशा दी।

 कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। इस खुलासे के बाद आम लोगों में चिंता का माहौल है, वहीं प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

CM साय का सांसदों-विधायकों, महिला संगठनों को पत्र : नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील

CM साय का सांसदों-विधायकों, महिला संगठनों को पत्र : नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील

 रायपुर, 14 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

जनदर्शन में 179 आवेदन प्राप्त; मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के निर्देश पर अधिकांश का मौके पर निराकरण

जनदर्शन में 179 आवेदन प्राप्त; मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के निर्देश पर अधिकांश का मौके पर निराकरण

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा आरंग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें सीधे मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।

जनदर्शन के दौरान कुल 179 आवेदन प्राप्त हुए, जो विभिन्न विभागों – जैसे पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत व्यवस्था, राजस्व प्रकरण, सामाजिक योजनाएं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित थे। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पेयजल संकट से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आरंग युवा शक्ति परिवार के प्रमुख विनोद साहू ने रायपुर से आरंग सिटी बस प्रारंभ करने की मांग की। जिस पर कैबिनेट मंत्री ने रायपुर से आरंग के लिए सिटी प्रारंभ करवाने का पूर्ण रूप से आश्वासन दिया।

 
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन : सामाजिक न्याय, समानता और समरस समाज के निर्माण का लिया संकल्प

डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन : सामाजिक न्याय, समानता और समरस समाज के निर्माण का लिया संकल्प

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम समाज में समरसता, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त करें और अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ सुनिश्चित करें।उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।