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पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक…..

पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक…..

रायपुर: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए पुरुष हॉकी फाइनल मुकाबले में ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच की शुरुआत में झारखंड ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पहले क्वार्टर में 1-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, दूसरे क्वार्टर में ओडिशा ने जोरदार वापसी करते हुए दो गोल दागे और 2-1 से बढ़त हासिल कर ली।

पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक

तीसरे क्वार्टर तक मुकाबला रोमांचक बना रहा, लेकिन ओडिशा ने अपना दबदबा कायम रखते हुए स्कोर 3-1 कर लिया। अंतिम क्वार्टर में भी ओडिशा ने एक और गोल कर बढ़त मजबूत की और अंततः मैच 4-1 से जीत लिया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन ओडिशा की सधी हुई रणनीति और बेहतर तालमेल ने उसे जीत दिलाई। इस जीत के साथ ओडिशा ने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि झारखंड को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

 

सभी समाजों के सहयोग से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सभी समाजों के सहयोग से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री  साय द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ‘वंदे उत्कल जननी’ के मधुर गायन के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को आत्मीयतापूर्वक संबोधित करते हुए  कहा कि वे यहां अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें 20 वर्षों तक सांसद के रूप में अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है और वही स्नेह एवं अपनापन उन्हें आज भी प्राप्त हो रहा है।

रायगढ़ में उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री  साय ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का अटूट रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जशपुर के कुनकुरी से लेकर छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग उड़िया भाषा बोलते हैं। देवभोग-गरियाबंद क्षेत्र में आज भी महाप्रसाद के रूप में भात मिलता है और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में रथ यात्रा का आयोजन होता है।

मुख्यमंत्री  साय ने समाज की  पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन किया, जिसमें समाज के रीति-रिवाज, उपलब्धियां एवं संपर्क विवरण संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 8 लाख आवास रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए जा चुके हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे प्रदेश खुशहाली की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा  रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को सुगम एवं व्यवस्थित रूप से तीर्थ दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध कठोर कानून पारित किया गया है, जिसमें कड़ी सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह एवं जवानों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब ‘नियद नेल्लानार’ के तहत बस्तर में सड़कों, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में 20 से 25 हजार भर्तियां की गई हैं। चयन मंडल का गठन कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएससी गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है तथा ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता लाते हुए भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध है और वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिलों के भुगतान हेतु आसान किस्तों का विकल्प उपलब्ध कराया गया है तथा सरचार्ज में राहत या छूट दी जा रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कल समाज की 8 प्रतिभाओं को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक टंकाधर त्रिपाठी, रायपुर उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महिलाओं के लिए जरुरी खबर : अगले महीने नहीं आएगा महतारी वंदन योजना का पैसा, अगर नहीं कराया ये काम…..

महिलाओं के लिए जरुरी खबर : अगले महीने नहीं आएगा महतारी वंदन योजना का पैसा, अगर नहीं कराया ये काम…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली महतारी वंदन योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब इस योजना के तहत लाभ ले रहीं 69 लाख से अधिक महिलाओं का दोबारा सत्यापन (e-KYC) किया जाएगा। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।

राज्य सरकार द्वारा इस प्रक्रिया के लिए 1 अप्रैल से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेशभर में सभी लाभार्थी महिलाओं को अपना ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा। प्रशासनिक स्तर पर भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जिला स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।

महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने सभी कॉमन सर्विस सेंटर पर ई-केवाईसी की सुविधा मुफ्त कर दी है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं आसानी से अपना सत्यापन करवा सकेंगी और उन्हें किसी एजेंट या अतिरिक्त शुल्क का सामना नहीं करना पड़ेगा।

महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 69 लाख से अधिक महिलाएं लाभ ले रही हैं। राज्य सरकार द्वारा हर पात्र महिला को हर महीने 1000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है और परिवार की जरूरतों में सहयोग मिलता है।

Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 30 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 30 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

  रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के अनुसार 30 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है।

 

CG – ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ : ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क, 2 मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपी गिरफ्तार…

CG – ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ : ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क, 2 मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपी गिरफ्तार…

 रायपुर। ड्रग्स के खिलाफ रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अंतरराज्यीय सिंडिकेट का खुलासा किया है। आरोपी दिल्ली से संचालित नेटवर्क में रैपिडो बाइक आौर कुरियर के जरिए नशे का सामान सप्लाई कर रहे थे। पुलिस ने दो मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई है।

दरअसल, क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि शहर में एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई नए तरीके से कर रहे है। इस सूचना पर क्राइम डीसीपी स्मृतिक राजनाला व सेंट्र्ल जोन डीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में एसीसीयू, एएनटीएफ व थाना तेलीबांधा की संयुक्त पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम के द्वारा तकनीकी विश्लेषण सहित एमडीएमए ड्रग्स के लेन-देन व विभिन्न बैंग खातों को खंगाला गया। इस दौरान कुछ रैपिडो राईडरो को चिन्हांकित कर उन पर नजर रखी गई।

इसी क्रम में सूचना मिलने पर तेलीबांधा क्षेत्र के काशीराम नगर से 3 रैपिडो राईडर को एमडीएमए ड्रग्स के साथ पकड़ा गया। पूछताछ करने पर तीनों के द्वारा काशीराम नगर के श्रद्धा आश्रम के पास एमडी ड्रग्स को कुणाल मंगतानी द्वारा दिए गए लोकेशन पर डिलीवरी करना बताए। पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए कुणाल मंगतानी को पकड़ा। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी कुणाल मंगतानी ने बताया कि ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टर माइंड दिल्ली निवासी महेश खड़का व कुसुक हिन्दुजा को पूर्व में 2024 को खम्हारडीह से ड्रग्स के प्रकरण में जेल भेजा गया था। दोनों वर्तमान में दिल्ली में रहकर ड्रग्स सिंडिकेट का संचालन कर रहे है।

पुलिस को पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपियों के द्वारा ग्राहकों को व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज कर ड्रग्स डिलीवरी करते थे। दोनों दिल्ली से कोरियर के माध्यम से ड्रग्स को रायपुर कुणाल मंगतानी के पते पर भिजवाते थे, फिर कुणाल मंगतानी रैपिडो राईडर के माध्यम से ग्राहकों के पास भेज देता था। एमडीएमए ड्रग्स के पैसे की लेन-देन हेतु इनके द्वारा विभिन्न बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट व थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम को दिल्ली रवाना किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा दिल्ली पहुंचकर आरोपी महेश खड़का व महिला आरोपी कुसुम हिन्दुजा को दिल्ली के पंचशील विहार से लोकेट किया गया।

पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा नाईजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदना बताये। फिलहाल मामले में आगे की जाँच कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

01. कुणाल मंगतानी पिता संतोष मंगतानी 23 वर्ष निवासी काशीराम नगर, तेलीबांधा रायपुर।

02. सौरभ डोंगरे पिता संजय डोंगरे 29 वर्ष निवासी चौरसिया कालोनी टिकरापारा रायपुर।

03. शुभम राठौर पिता ईश्वर प्रसाद राठौर 31 वर्ष निवासी टिकरापारा रायपुर।

04. सौरभ यादव पिता परमानंद यादव 21 वर्ष निवासी खमतराई।

05. महेश सिंग खड़का पिता पिता हीरासिंग खड़का 28 साल निवासी सी-06 पंचशील विहार साउथ दिल्ली।

06. कुसुम हिन्दुजा पिता स्व. भागचंद हिन्दुजा 25 साल निवासी अवंति विहार शंकर नगर, खम्हारडीह।

ड्रग्स सिंडिकेट में आरोपियों की भूमिंका

01. महेश खड़का एवं कुसुम हिन्दुजा-मास्टर माईंड व डिलिवरी नेटवर्क के प्रबंधन।

02. कुणाल मंगतानी-कोरियर से ड्रग्स रिसीव करने वाला।

03. सौरभ यादव, शुभम राठौर एवं सौरभ डोंगरे – ड्रग्स को ग्राहकों तक पहुंचाने वाले रैपिडो राईडर।

जब्त ड्रग्स

01. 48.03 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स कीमती लगभग 7,00,000

02. 08 नग पार्टी पिल्स।

03. 09 नग मोबाइल फोन।

04. स्प्लेण्डर मोटर सायकल क्रमांक सी जी 04 एन जी 8529।

05. ड्रग्स सप्लाई में प्रयुक्त कुरियर बॉक्स।

कुल अनुमानित कीमती 10,00,000 रूपये

जहां संस्कृति का सम्मान होता है, वहीं से विकास की नई शुरुआत होती है — मुख्यमंत्री साय

जहां संस्कृति का सम्मान होता है, वहीं से विकास की नई शुरुआत होती है — मुख्यमंत्री साय

 -लोक-आस्था, परंपरा और विकास का संगम बना कुँवरगढ़ महोत्सव 

 रायपुर- छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास के संगम का सशक्त प्रतीक 'कुँवरगढ़ महोत्सव' का धरसींवा  में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पर मुख्यमंत्री  साय ने 136 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्राम कूंरा का नाम उसके ऐतिहासिक गौरव के अनुरूप 'कुँवरगढ़' करने की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि कुँवरगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पहचान देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और बस्तर, सरगुजा, कोरिया तथा सिरपुर महोत्सव की श्रृंखला में अब कुँवरगढ़ महोत्सव भी एक विशिष्ट पहचान बनाएगा। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में त्वरित और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से गौरवपथ निर्माण, रानीसागर तालाब के सौंदर्यीकरण, पुलिस चौकी की स्थापना, खारून नदी में एनीकट निर्माण, खेल मैदान के उन्नयन तथा रायपुर के टेकारी-नयापारा से बड़े नाला मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और आमजन के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उल्लेखनीय है कि धरसींवा क्षेत्र का प्राचीन ग्राम कूंरा, जिसे अब 'कुँवरगढ़' के रूप में पुनस्र्थापित किया जा रहा है, अपने भीतर गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। यह क्षेत्र आदिवासी शासक राजा कुँवर सिंह गोंड के साम्राज्य का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जिनकी वीरता और विरासत आज भी यहां के जनजीवन में जीवंत है। उत्तर में माता कंकालिन, दक्षिण में माता चंडी, पश्चिम में माता महामाया और पूर्व में भगवान चतुर्भुजी की उपस्थिति इस क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। लगभग 12 हजार की आबादी वाला यह क्षेत्र अपनी परंपरा और विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।महोत्सव में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं तथा स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोडऩे का सशक्त माध्यम बनते हैं और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि अनेक क्रांतियों और परंपराओं की साक्षी रही है। उन्होंने लोगों को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के लिए भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु  राम का ननिहाल है और वनवास काल का अधिकांश समय उन्होंने यहीं व्यतीत किया।दंडकारण्य, माता शबरी का आश्रम, माता कौशल्या की नगरी तथा गुरु घासीदास जी और गहिरा गुरु जैसे संतों की तपोभूमि होने के कारण यह प्रदेश आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ अनेक क्रांतियां इस धरती पर हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने धरसींवा विधायक  अनुज शर्मा की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने दो वर्षों के कार्यकाल में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में धरसींवा विधायक  अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, सुश्री मोना सेन,  देवजीभाई पटेल, अंजय शुक्ला, संभागायुक्त  महादेव कावरे, कलेक्टर  गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

भगवान महावीर का सत्य-अहिंसा का संदेश हमारा पथ प्रदर्शक-मुख्यमंत्री साय

भगवान महावीर का सत्य-अहिंसा का संदेश हमारा पथ प्रदर्शक-मुख्यमंत्री साय

 0-मुख्यमंत्री भगवान महावीर जनकल्याणक महोत्सव 2026 में हुए शामिल  

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी तीर्थ में आयोजित भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने दादाबाड़ी परिसर स्थित जिनमंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को जैन रत्न अलंकरण से सम्मानित किया और कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक परिवर्तन और प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी का सत्य और अहिंसा का संदेश समस्त मानवता के लिए पथ प्रदर्शक है, जो हमें त्याग, तपस्या, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज एक सुखद संयोग है कि भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर देश नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक उपलब्धि की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा रहा है और बस्तर जैसे प्राकृतिक संपदा से समृद्ध क्षेत्र को लंबे समय तक विकास से वंचित रहना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और प्रभावी रणनीति के कारण आज नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने भगवान महावीर से प्रार्थना की कि छत्तीसगढ़ में शांति और विकास का यह वातावरण निरंतर बना रहे और भविष्य में कभी भी हिंसा का यह दौर वापस न आए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने सुशासन के संकल्प के साथ तेज गति से कार्य करते हुए विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, किसानों के हित में किए गए वादों को निभाया जा रहा है, महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा गया है तथा रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है।मुख्यमंत्री ने जैन समाज की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और परमार्थ के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोडऩे, प्रेरित करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  कार्यक्रम में विधायक  राजेश मूणत,   लोकेश कावडिय़ा, भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रेश शाह, विकास सेठिया, आनंद जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

हर नागरिक तक त्वरित स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना हमारी प्राथमिकता : मंत्री राजवाड़े

हर नागरिक तक त्वरित स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना हमारी प्राथमिकता : मंत्री राजवाड़े

 00 9 नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जि़ले में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 9 अत्याधुनिक 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला चिकित्सालय सूरजपुर से शुरू की गई यह सेवा अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी।

9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर की बेटी होने के नाते यह मेरे लिए गौरव का क्षण है कि मैं अपने जि़लेवासियों को यह जीवनरक्षक सुविधा समर्पित कर रही हूँ।
उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली माताएँ, बहनें और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके और गोल्डन ऑवर में चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो। मंत्री राजवाड़े ने यह भी कहा कि एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रतिक्रिया समय में निरंतर सुधार किया जाएगा। उन्होंने स्वयं इन सेवाओं की नियमित निगरानी करने की बात कही, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।
9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी


जि़ले में आवंटित 9 एम्बुलेंसों में से 2 को जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्थायी रूप से तैनात किया गया है, जबकि शेष एम्बुलेंसों को विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सके।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश के लिए गर्व की बात, बस्तर समेत समूचे प्रदेश से खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री साय

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश के लिए गर्व की बात, बस्तर समेत समूचे प्रदेश से खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री साय

  मुख्यमंत्री से केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री रक्षा खडसे की सौजन्य मुलाकात, खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने पर जोर

 बस्तर और सरगुजा ओलंपिक तथा बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को मिल रही है देश भर में सराहना

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री सुश्री रक्षा निखिल खडसे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक  पुरन्दर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक  मयंक श्रीवास्तव एवं खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सुश्री खडसे का शॉल, बस्तर आर्ट से निर्मित आकर्षक प्रतिकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों के जरिए अनेक छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके कौशल को और निखारने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है और हमारे आदिवासी अंचल के युवाओं में यह नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर आज जब मुख्यधारा से जुड़ रहा है और वहां शांति स्थापित हुई है तो निश्चित ही आने वाले समय में खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी। 

मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक खेल, गायन, वादन, वेशभूषा एवं व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का सशक्त उदाहरण है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री खडसे 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। जगदलपुर में आयोजित इस आयोजन को उन्होंने आदिवासी सशक्तिकरण, जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

जैतूसाव मठ में रामचन्द्र जी का छट्टी महोत्सव मनाया गया

जैतूसाव मठ में रामचन्द्र जी का छट्टी महोत्सव मनाया गया

रायपुर :- श्री जैतू साव मठ पुरानी बस्ती रायपुर में बुधवार दोपहर 12:00 बजे बड़े धूमधाम से श्री रामचंद्र जी के छट्टी महोत्सव मनाया गया जिसमें ठाकुर जी को विशेष रूप से छेवारीलड्डू  कांकेपानी बालभोग लगाया गया श, महंत रामसुंदर दास जी के द्वारा ठाकुर जी का मंगलमय महाआरती किया गया, छठी विशेष में रामचंद्र जी को कढी भात, मालपुआ का भोग लगाया गया, बड़ी संख्या में दर्शनार्थी मंदिर में उमड़े थे, आरती के बाद भोजन मालपुआ प्रसादी वितरण किया गया 

रामचंद्र जी की सेवा में मोर पंख का विशेष महत्व है इस वर्ष रामनवमी महोत्सव के उपलक्ष्य में गर्भगृह को मोर पंख से सजाया गया है व स्वर्ण श्रृंगार के साथ अद्भुत छवि का दर्शन करने दूर दूर से भक्त आ रहे हैं,

 

रायगढ़ जिले के दौरे पर जाएंगे सीएम साय, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

रायगढ़ जिले के दौरे पर जाएंगे सीएम साय, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

 रायपुर। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ जिले के दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर 12:30 बजे स्टेट प्लेन से रायगढ़ के लिए रवाना होंगे और करीब 01:25 बजे जगन्नाथ मंदिर, राजापारा में दर्शन करेंगे। इसके बाद दोपहर 01:40 बजे रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं प्रतिभा पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे।

 वहीं सीएम साय दोपहर करीब 03:20 बजे स्टेट प्लेन से रायपुर के लिए रवाना होंगे और 04:20 बजे मुख्यमंत्री निवास रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 5:50 बजे लोक भवन में आयोजित राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे और शाम 7:10 मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे।

Crime : यहां नेशनल हाइवे किनारे मिली युवक की अर्धनग्न लाश, हत्या की आशंका

Crime : यहां नेशनल हाइवे किनारे मिली युवक की अर्धनग्न लाश, हत्या की आशंका

  बिलासपुर। बिलासपुर के चकरभाठा थाना अंतर्गत नगरौडी क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नेशनल हाइवे के किनारे एक अज्ञात युवक की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद की गई। शव की स्थिति बेहद भयावह है। वह अर्धनग्न अवस्था में है और काफी हद तक सड़ चुका है, जिससे दुर्गंध फैलने के बाद ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई।

प्रारंभिक दृश्यों को देखते हुए यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि युवक की हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को हाइवे किनारे फेंका गया होगा। लाश पुरानी होने के कारण चेहरा स्पष्ट नहीं है, जिसके चलते फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस की टीम मौके पर पहुँच गई है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट्स खंगाल रही है ताकि मृतक की शिनाख्त हो सके। फॉरेंसिक टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों और हत्या की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।

 
नक्सलवाद मुक्ति पर रमन सिंह का पत्र—अमित शाह को बताया “साध्य पुरुष”, जताया आभार

नक्सलवाद मुक्ति पर रमन सिंह का पत्र—अमित शाह को बताया “साध्य पुरुष”, जताया आभार

 रायपुर। आज विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सलवाद से मुक्ति पर जताया उनका आभार उन्होंने पत्र में लिखा कि 31 मार्च 2026 का यह ऐतिहासिक दिन राष्ट्र के लिए एक नई आशा और नई सुबह लेकर आया है। माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और आपके दृढ़ संकल्प से दशकों से नक्सलवाद के कष्ट झेल रही भारत भूमि अब अलोकतांत्रिक विचारधारा से पूरी तरह मुक्त हुई है। संविधान विरोधी शक्तियों ने दशकों से भारत भूमि को भीतर से चोट पहुंचाई है। माओ और लेनिन जैसी लोकतंत्र विरोधी विचारधारा ने नक्सलबाड़ी से लेकर बस्तर तक हजारों निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाया, विकास को बाधित कर आदिवासियों को मुख्यधारा से अलग करने का काम किया और इसका परिणाम हमनें छत्तीसगढ़ की धरती पर देखा है। जिस छत्तीसगढ़ में धान का कटोरा बनने का सामर्थ्य था, उसे भुखमरी और पलायन के दौर से गुजरना पड़ा। इस परिस्थिति के लिए जितनी जिम्मेदार नक्सलवाद की विचारधारा थी, उतनी ही जिम्मेदार तत्कालीन केंद्र सरकार भी रही।

 

 

बस्तर में विश्वास की जीत,दण्डकारण्य में 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी

बस्तर में विश्वास की जीत,दण्डकारण्य में 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी

 दण्डकारण्य आज हिंसा से विश्वास की ओर लौटने का साक्षी बन रहा है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

 रायपुर--छत्तीसगढ़ में आज 31 मार्च 2026 का दिन वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक दिन के रूप में दर्ज हो रहा है। दण्डकारण्य क्षेत्र में पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के अंतर्गत 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। यह घटना नक्सल आतंक के समापन की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस उपलब्धि के रूप में सामने आई है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जब वर्षों से चली आ रही हिंसा और भय की विचारधारा ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन 25 माओवादी कैडरों पर कुल ?1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का प्रमाण है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की पुनर्वास नीति पर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप माओवादी तंत्र निर्णायक रूप से कमजोर हुआ है।

इसी क्रम में 93 घातक हथियारों के साथ ?14.06 करोड़ की बड़ी बरामदगी भी हुई है, जो नक्सली नेटवर्क की कमजोर होती स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि विश्वास की वापसी है। दण्डकारण्य क्षेत्र आज शांति, स्थिरता और सामान्य जीवन की ओर लौटने के इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 का यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तिथि के रूप में याद किया जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आया और प्रदेश ने एक नए युग की दहलीज पर कदम रखा है। 

नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

 

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति  लेकर आए।

धरसींवा में आधुनिक तहसील कार्यालय का लोकार्पण: सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

धरसींवा में आधुनिक तहसील कार्यालय का लोकार्पण: सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 66.20 लाख की लागत से बना सर्वसुविधायुक्त भवन, राजस्व सेवाओं में आएगी तेजी और पारदर्शिता

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर जिले के धरसींवा में नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण किया। यह पहल प्रशासनिक सेवाओं को आमजन के और अधिक निकट, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य यही है कि नागरिकों को उनकी जरूरत की सेवाएं समय पर, सरल और पारदर्शी तरीके से मिलें। धरसींवा का यह नया तहसील कार्यालय इसी संकल्प को साकार करता है। उन्होंने कहा कि इस भवन के शुरू होने से क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में अब अधिक सुविधा और तेजी मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर नागरिक को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के बेहतर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध हो।

नवनिर्मित तहसील कार्यालय में नायब नाजिर कक्ष, रिकॉर्ड रूम, माल जमार, नकल शाखा, कानूनगो कक्ष, भुइयां एवं भू-अभिलेख शाखा जैसी आवश्यक इकाइयों के साथ-साथ लोक सेवा केंद्र और आधार केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल सहित अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक तहसील कार्यालय का निर्माण 66.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है, जो क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा और सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, संभागायुक्त  महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त  विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर किया नमन

 रायपुर--मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की पुण्यतिथि (31 मार्च) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्व.  मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

31 मार्च छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में ऐतिहासिक दिन - मुख्यमंत्री साय

31 मार्च छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में ऐतिहासिक दिन - मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट लिखते हुए कहा कि आज 31 मार्च का दिन छत्तीसगढ़ के लिए बहुत ऐतिहासिक दिन है, छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। इसके लिए हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से बहुत धन्यवाद।
ये नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में बहुत बड़ा बाधक था और गृहमंत्री ने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक इसको समाप्त करना है और उनका संकल्प पूरा हुआ है। अब बस्तर क्षेत्र बहुत तेज़ी से विकास करेगा जो 40 वर्षों से विकास से अछूता था।

पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष

पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष

 प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के घरों के सपनों के साथ आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी हो रहे सुनिश्चित

रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। राज्य ने न केवल सर्वाधिक आवास निर्माण पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है, बल्कि मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने हर्ष जताते हुए प्रदेशवासियों एवं हितग्राहियों को शुभकामनाएँ दी।

उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत छत्तीसगढ़ ने 'एसएनए स्पर्श' के माध्यम से देश में सर्वाधिक व्यय कर उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन का भी उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 2016 में योजना के प्रारंभ से अब तक एक ही वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण का रिकॉर्ड भी इसी वर्ष दर्ज किया गया है, जो राज्य की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि आवास से आजीविका’ के अभिनव प्रयास के अंतर्गत निर्माण सामग्री की आपूर्ति से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है। जिसमें रोजगार पाकर 9000 से अधिक बिहान दीदियाँ “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसके साथ ही इस वर्ष 6000 से अधिक राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो देश में सर्वाधिक है।

उल्लेखनीय है कि इन प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों में 1400 महिलाएँ एवं 400 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हैं, जो मुख्यधारा में जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। पीएम आवास ग्रामीण  के हितग्राहियों को स्थायी आजीविका से जोड़ने हेतु महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत कार्य भी कराए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण विकास और गरीबों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल पक्के घरों का सपना साकार हो रहा है, बल्कि लोगों की आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित हो रही है। राज्य आगे भी इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ेगा विकास का स्वर्णिम भविष्य-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ेगा विकास का स्वर्णिम भविष्य-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 0-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई  

रायपुर-छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के बीच आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर शर्मा ने मुख्यमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए युग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद वर्षों तक प्रदेश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बना रहा और विशेष रूप से बस्तर अंचल लंबे समय तक लाल आतंक के साये में रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और नक्सल प्रभावित सभी क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा मजबूत हो रही है। बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है, जिससे आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भयमुक्त और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का सपना आज साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शहादत ने इस सफलता की नींव रखी है। उन्होंने सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके अथक प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलमुक्त वातावरण में अब छत्तीसगढ़ तेज गति से विकास के नए सोपान गढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

दिल दहला देने वाली घटना : ट्रेन की चपेट में आने से युवती की हुई दर्दनाक मौत, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिली लाश

दिल दहला देने वाली घटना : ट्रेन की चपेट में आने से युवती की हुई दर्दनाक मौत, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिली लाश

 बिलासपुर। जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां ग्राम किसान परसदा के पास आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक पर एक युवती की क्षत-विक्षत लाश देखी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची, जहाँ प्रारंभिक जांच में मामला काफी दर्दनाक नजर आया।

बताया जा रहा है कि युवती का एक हाथ कटकर शरीर से पूरी तरह अलग हो गया था, जिससे यह आशंका प्रबल हो गई है कि उसकी मौत किसी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस आसपास के गांवों में उसकी फोटो भेजकर शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है।

पूना मारगेम से मिली सफलता, 5 माओवादी कैडरों ने हथियार समेत किया सरेंडर, सभी पर था इतने लाख का इनाम

पूना मारगेम से मिली सफलता, 5 माओवादी कैडरों ने हथियार समेत किया सरेंडर, सभी पर था इतने लाख का इनाम

 दंतेवाड़ा। नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन का आज अंतिम दिन है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुडे़ 05 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए। जिनमें से कुल 04 महिला माओवादी कैडर शामिल है।

बता दें कि, जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा पुलिस लाईन कारली में आज ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम ओयाजित किया गया। इस अवसर पर DKSZC (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) से जुड़े कुल 05 माओवादी कैडरो ने हिंसा का मार्ग त्याग कर समाज की मुख्याधारा में लौट आए।  इन माओवादियों के पास से 08 नग एसएलआर रायफल, 03 नग इंसास रायफल, 01 नग कारबाईन, 01 नग 303 रायफल, 05 नग बीजीएल लाॅन्चर सहित कुल 40 हथियार बरामद किए गए। इन सभी माओवादियों पर करीब 9 लाख रूपए का ईनाम घोषित था।

‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ की पहल से प्रभावित होकर जिला दन्तेवाड़ा में वर्ष 2024 से आज दिनांक तक 607 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति पूर्ण एवं सामाजिक जीवन हेतु अग्रसर हुए। इसके अतिरिक्त जिले में संचालित संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियानों में 92 माओवादियों को गिरफ्तार करने एवं 54 माओवादियों को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ो में मार गिराने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
 
 बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के माध्यम से हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वालें युवाओं को पुनर्वास, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को और अधिक सुद्ढ़ बनाना है, ताकी बस्तर क्षेत्र में शांति और प्रगति की नई संभावनाए साकार हो सके। पुलिस और सुरक्षा बलों का कहना है कि इस पहल से बस्तर क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास को मजबूती मिल रही है।

इन माओवादियों ने किया सरेंडर

1.एसीएम/भैरमगढ़ एरिया कमेटी सोमे कड़ती पिता टोकडा कड़ती उम्र लगभग 42 वर्ष जाति मुरिया निवासी चेरली कोकोदीपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (05 लाख)।
2.पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी लखमा ओयाम पिता मोंडा ओयाम उम्र लगभग 19 वर्ष जाति मुरिया निवासी बेचापाल कड़तीपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (01 लाख)।
3.पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी सरिता पोड़ियाम पिता पण्डरू पोड़ियाम उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी हिंगुम नयापारा थाना जंगला जिला बीजापुर (01 लाख)।
4.पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी जोगी कलमू पिता सोमडा कलमू उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया निवासी नेण्ड्रा गोटूमपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर (01 लाख)।
5.पार्टी सदस्य/गंगालूर एरिया कमेटी मोटी ओयाम पिता हुंगा ओयाम उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया निवासी पीडिया कुप्पागुडापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (01 लाख)।
CG : शराब घोटाले में EOW का बड़ा एक्शन: अवैध शराब ढोने वाली 16 गाड़ियां जब्त

CG : शराब घोटाले में EOW का बड़ा एक्शन: अवैध शराब ढोने वाली 16 गाड़ियां जब्त

 बिलासपुर-मुंगेली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जांच एजेंसी EOW-ACB ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को एजेंसी ने बिलासपुर और मुंगेली जिलों में छापेमारी करते हुए कुल 16 वाहनों को जब्त किया है। आरोप है कि इन वाहनों का इस्तेमाल डिस्टलरियों से सरकारी शराब दुकानों तक अवैध शराब पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।

डिस्टलरी मालिकों ने रची थी साजिश

EOW की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अवैध शराब के परिवहन के लिए डिस्टलरी मालिकों ने खास इंतजाम किए थे। इन गाड़ियों को डिस्टलरी मालिकों ने अपनी कंपनियों, कर्मचारियों और कुछ बेहद भरोसेमंद लोगों के नाम पर खरीदा था। इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब को सीधे सरकारी देशी दुकानों तक भेजने के लिए किया जाता था।

कहां से कितनी गाड़ियां हुईं जब्त?

एजेंसी ने बिलसौर के कोटा के वेलकम डिस्टलरी 08 वाहन जब्त किए। वहीं सरगांव, मुंगेली के भाटिया वाइंस डिस्टलरी से भी 08 वाहन जब्त किए है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ये गाड़ियां फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके करीबी लोगों के नाम पर खरीदी गई थीं। 15 हजार रुपये वेतन पर बॉटलिंग का काम करने वाले कर्मचारी के नाम पर 10 चक्का ट्रक खरीदा गया। सुरक्षा गार्ड से लेकर अन्य करीबी लोगों के नाम पर भी गाड़ियां खरीदी गईं। पुलिस अब इन गाड़ियों के मालिकों और उनके इस्तेमाल के संबंध में अलग से जांच कर रही है। जल्द ही इस बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।EOW ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 सहित धोखाधड़ी (420), कूटनीति (467, 468, 471) और आपराधिक साजिश (120-बी) के तहत मामला दर्ज किया है। ब्यूरो ने साफ किया है कि इस घोटाले की कड़ियां जोड़ने के लिए विवेचना और वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

अब जेल से घर तक सीधी बात, बंदियों को मिलेगी वीडियो-ऑडियो कॉलिंग की सुविधा, प्रति मिनट देना होगा शुल्क

अब जेल से घर तक सीधी बात, बंदियों को मिलेगी वीडियो-ऑडियो कॉलिंग की सुविधा, प्रति मिनट देना होगा शुल्क

  रायपुर।  छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब राज्य की सभी 33 जेलों में बंदियों के लिए वीडियो और ऑडियो कॉलिंग सुविधा शुरू की जाएगी। इसकी जानकारी जेल मुख्यालय ने दी।  इस नई पहल के तहत बंदी अपने परिजनों और वकीलों से सीधे वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सकेंगे, जिससे संवाद पहले से अधिक आसान और पारदर्शी होगा।

जानकारी के अनुसार, हर कॉल की अवधि 5 मिनट तय की गई है और समय पूरा होते ही कॉल स्वतः कट जाएगी। ऑडियो कॉल के लिए बंदियों को 1 रुपये प्रति मिनट और वीडियो कॉल के लिए 5 रुपये प्रति मिनट का शुल्क देना होगा। इस सुविधा को लागू करने के लिए बीएसएनएल के साथ समझौता किया गया है।

पहले चरण में इस व्यवस्था की शुरुआत राज्य की बड़ी जेलों से की जाएगी, जिसके बाद इसे धीरे-धीरे सभी जेलों में लागू किया जाएगा। बंदियों को सप्ताह में एक बार इस सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि, इस कदम से जेलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा और उनके परिवारों से जुड़ाव भी मजबूत होगा। यह पहल जेल सुधार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।