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BREAKING : साय सरकार का बड़ा ऐलान, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी 12 दिन की स्पेशल छुट्टी, आदेश जारी

BREAKING : साय सरकार का बड़ा ऐलान, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी 12 दिन की स्पेशल छुट्टी, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के अधिकारी-कर्मचारी विपश्यना ध्यान के 10 दिवसीय आवासीय शिविर में भाग लेने के लिए विशेष अवकाश प्राप्त कर सकेंगे।

राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों सहित राज्य सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में अधिकतम 6 बार विशेष आकस्मिक अवकाश ( स्पेशल कैजुअल लीव) मिलेगा। हर शिविर के लिए यात्रा समय समेत अधिकतम 12 दिन का अवकाश स्वीकृत होगा।

प्रवेश पत्र और प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य

आदेश के तहत अवकाश के लिए आवेदन करते समय संबंधित केंद्र द्वारा जारी प्रवेश पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। वहीं शिविर पूर्ण होने के बाद प्रमाण-पत्र कार्यालय में जमा करना होगा। अन्यथा संबंधित अवधि को अन्य अवकाश में समायोजित किया जाएगा। यह अवकाश संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत किया जाएगा। शासन के इस निर्णय को कर्मचारियों के मानसिक तनाव को कम करने और कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस....स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विश्व स्वास्थ्य दिवस....स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान - ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। 

सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

 00 कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी से स्वास्थ्य विभाग को मिले 2,220 आधुनिक चिकित्सा उपकरण

रायपुर। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में राजधानी रायपुर के शासकीय अस्पताल, पंडरी में चिकित्सा उपकरणों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

aसरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध


इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है और इसी कड़ी में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन आधुनिक उपकरणों के माध्यम से मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं प्रभावी उपचार का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 2,250 चिकित्सा उपकरण स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए गए, जिससे अस्पतालों में उपचार सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाती हैं, बल्कि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में भी सहायक होती हैं।

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी से स्वास्थ्य विभाग को मिले 2,220 आधुनिक चिकित्सा उपकरण


उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उक्त चिकित्सा उपकरण भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (ष्टस्क्र) मद के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए हैं, जो समाज और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संस्थागत सहयोग का एक सराहनीय उदाहरण है।

मुख्यमंत्री साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से की सौजन्य भेंट, स्थापना दिवस की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से की सौजन्य भेंट, स्थापना दिवस की दी शुभकामनाएं

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के मूल्यों पर आधारित एक सशक्त विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की भावी रणनीतियों, संगठनात्मक विषयों तथा देश के समग्र और समावेशी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

 
 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन के मार्गदर्शन में भाजपा संगठन निरंतर सशक्त हो रहा है और देशभर में जनसेवा के कार्यों को नई गति एवं दिशा मिल रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि  नितिन नवीन के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक रूप से और अधिक सुदृढ़ होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका का निर्वहन करती रहेगी तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

 

CG – भिलाई स्टील प्लांट में भीषण धमाका! टरबाइन ब्लास्ट से दहला प्लांट, मची अफरा-तफरी… कई मजदूर झुलसे…

CG – भिलाई स्टील प्लांट में भीषण धमाका! टरबाइन ब्लास्ट से दहला प्लांट, मची अफरा-तफरी… कई मजदूर झुलसे…

 भिलाई। भिलाई से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भिलाई स्टील प्लांट में भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक BSP के PBS-2 यूनिट के टरबाइन में अचानक ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। इस हादसे में 2 BSP कर्मी और 3 ठेका मजदूर झुलस गए हैं। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई कर्मचारी व मजदूर जान बचाने के लिए पीछे के रास्ते से भागते नजर आए।

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंची। संयंत्र प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासन की टीम भी तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने युद्ध स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू की, जिसके बाद धीरे-धीरे हालात पर नियंत्रण पाया जा रहा है।

प्लांट प्रबंधन और प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर टर्बाइन सेक्शन में तकनीकी खराबी या दबाव बढ़ने से ब्लास्ट होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी। घटना के बाद प्लांट के अंदर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आग पूरी तरह बुझने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान और कारणों की सही जानकारी सामने आ सकेगी।

CG : जल विभाग में कुर्सियों का बदलाव, शंकर ठाकुर को अहम जिम्मेदारी, कई मुख्य अभियंता इधर-उधर, देखें लिस्ट…!!

CG : जल विभाग में कुर्सियों का बदलाव, शंकर ठाकुर को अहम जिम्मेदारी, कई मुख्य अभियंता इधर-उधर, देखें लिस्ट…!!

  रायपुर:  छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, जिसके तहत विभाग ने आदेश जारी कर प्रमुख अभियंता से लेकर कई मुख्य अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी आदेश के अनुसार, शंकर ठाकुर (मुख्य अभियंता, सिविल) को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग का प्रभार दिया गया है।

वहीं 6 मुख्य अभियंताओं की नई पदस्थापना की गई है, जिसमें मक्सी कुजूर को मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना रायपुर, शंकर राव सोने को मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना बिलासपुर, जितेन्द्र कुमार नेताम को हसदेव कछार बिलासपुर, अलेक्जेंडर ग्राहम को गोदावरी कछार जगदलपुर, अनिल कुमार खलको को हसदेव गंगा कछार अंबिकापुर और सतीश कुमार टीकम को महानदी-गोदावरी कछार रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल को विभागीय कार्यों में गति और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से अहम माना जा रहा है।

देखें लिस्ट…

 

 

बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

 बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस

पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात

नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

इंसानियत हुई शर्मसार, राजधानी में गाय के साथ कुकर्म, वीडियो वायरल होने के बाद बजरंगदल ने दर्ज कराई FIR

इंसानियत हुई शर्मसार, राजधानी में गाय के साथ कुकर्म, वीडियो वायरल होने के बाद बजरंगदल ने दर्ज कराई FIR

 रायपुर। राजधानी रायपुर से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक युवक द्वारा गाय के साथ आपत्तिजनक कृत्य करने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि यह घटना भांठागांव स्थित दुर्गा मंदिर के पास की है। आरोपी की पहचान गोगा सोनकर के रूप में हुई है, जिस पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है।

 घटना को लेकर बजरंग दल द्वारा FIR दर्ज करवाई गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है। यह मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

मुख्यमंत्री साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की। साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर सुश्री अनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व स्वास्थ्य दिवसस्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विश्व स्वास्थ्य दिवसस्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर;-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान - ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।

 मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। 

आर.टी.ई. के तहत प्रवेश न देने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता होगी रद्द….

आर.टी.ई. के तहत प्रवेश न देने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता होगी रद्द….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009, अप्रैल 2010 से प्रभावी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर, दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिलाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

​प्रतिपूर्ति राशि का पारदर्शी भुगतान

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों को नर्सरी या कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। इसके बदले राज्य सरकार प्रति बच्चा व्यय के आधार पर स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान करती है। यह राशि सरकारी स्कूल में प्रति बच्चे पर होने वाले खर्च या निजी स्कूल की वास्तविक फीस (दोनों में से जो भी कम हो) के आधार पर निर्धारित की जाती है।

​अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर प्रतिपूर्ति

छत्तीसगढ़ में शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि कई पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर या उनके समकक्ष है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से ही कक्षा 1 से 5 तक 7000 रूपए और कक्षा 6 से 8 तक 11 हजार 400 रूपए वार्षिक प्रतिपूर्ति राशि निर्धारित है। तुलनात्मक रूप से देखें तो मध्य प्रदेश में 4,419 रूपए बिहार में 6,569 रूपए, झारखंड में 5,100 रूपए और उत्तर प्रदेश में 5,400 रूपए वार्षिक दिए जाते हैं। यद्यपि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, किंतु समग्र मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि संतुलित और उचित है।

​साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चे ले रहे लाभ

वर्तमान में राज्य के 6,862 निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. के माध्यम से लगभग 3,63,515 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस वर्ष भी कक्षा पहली की लगभग 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। चूंकि सभी निजी विद्यालयों को आर.टी.ई. अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही मान्यता दी गई है, अतः यह उनकी वैधानिक जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करें।

​नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

यदि कोई निजी विद्यालय आर.टी.ई. के तहत प्रवेश देने से इंकार करता है या प्रक्रिया में व्यवधान डालता है, तो राज्य शासन उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। इसमें विद्यालय की मान्यता समाप्त करने तक का प्रावधान शामिल है। शिक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस संबंध में फैलाई जा रही किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक तथ्यों पर ही विश्वास करें।

नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ शर्मिला ने थामी स्वावलंबन की सुई, दंतेवाड़ा में लिख रही हैं बदलाव की इबारत….

नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ शर्मिला ने थामी स्वावलंबन की सुई, दंतेवाड़ा में लिख रही हैं बदलाव की इबारत….

 रायपुर: बस्तर संभाग के नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद अब हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखने लगा है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल बीजापुर की शर्मिला पोयामी बनकर उभरी हैं, जिन्होंने कभी हाथों में बंदूक थामी थी, लेकिन आज वे लाइवलीहुड कॉलेज में सुई-धागे से अपने और अपने परिवार के भविष्य के सपने बुन रही हैं।

​हिंसा के रास्ते से मुख्यधारा का सफर

बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक की रहने वाली 19 वर्षीय शर्मिला कभी भैरमगढ़ एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य थीं। गुरिल्ला युद्ध और हथियारों का प्रशिक्षण लेने वाली शर्मिला को जल्द ही अहसास हो गया कि प्रगति का मार्ग बंदूक से नहीं, बल्कि शांति और शिक्षा से निकलता है। इसी संकल्प के साथ उन्होंने 07 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया।

​कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर

राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शर्मिला को दंतेवाड़ा के लाइवलीहुड कॉलेज में प्रवेश दिलाया गया। बीते 45 दिनों से वे यहाँ सिलाई का गहन प्रशिक्षण ले रही हैं। अब वे आधुनिक परिधान जैसे सूट और ब्लाउज सिलने की बारीकियां सीख रही हैं। प्रशिक्षण के बाद उनका लक्ष्य अपने गाँव लौटकर सिलाई केंद्र खोलना और अपनी 4 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर आधुनिक खेती (टमाटर, मूली व भाजियाँ) कर परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है।

नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ शर्मिला ने थामी स्वावलंबन की सुई

​सुविधाओं ने बदला नजरिया

​शर्मिला ने बताया कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्हें पहली बार शासन की ओर से इतनी बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, ​पौष्टिक आहाररू कॉलेज में नियमित रूप से अंडा, मछली, चिकन और हरी सब्जियां दी जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हुआ है। ​सक्रिय सहभागितारू बढ़ते आत्मविश्वास का ही परिणाम है कि उन्होंने हाल ही में जगदलपुर में आयोजित मैराथन दौड़ में भी हिस्सा लिया। ​पारिवारिक प्रेरणा- शर्मिला की दीदी मुड़ो पोयामी (पूर्व नक्सल सदस्य) भी मुख्यधारा में लौटकर आत्मनिर्भरता की राह पर हैं।

​गाँव के विकास की उम्मीद

शिक्षा और कौशल की ताकत को समझने के बाद शर्मिला अब अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के प्रति भी सजग हैं। वे चाहती हैं कि उनके गाँव की कच्ची सड़कों और पेयजल की समस्याओं का जल्द निराकरण हो ताकि विकास की यह लहर सुदूर अंचलों तक पहुँचे। ​शर्मिला पोयामी का यह संघर्षपूर्ण सफर हिंसा से विकास की ओर बढ़ते नए छत्तीसगढ़ की एक सशक्त पहचान बन गया है।

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का  संदेश दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत  चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव, संयोगिता सिंह जूदेव,  सुनील गुप्ता,  उपेंद्र यादव,  सुनील अग्रवाल, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की भक्तिधारा 8 अप्रैल तक रहेगी प्रवाहित

परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

ब्रेकिंग : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकल पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यन अवकाश में की वृद्धि, इतने वर्ष बढ़ाई गई अवधि

ब्रेकिंग : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकल पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यन अवकाश में की वृद्धि, इतने वर्ष बढ़ाई गई अवधि

 रायपुर। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सेवारत चिकित्सकों के लिए पी.जी. पाठ्यक्रम के लिए अध्ययन अवकाश की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष किए जाने का निर्णय लिया है। डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया है।

दरअसल, फेडरेशन द्वारा लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे सेवारत चिकित्सकों को पर्याप्त अध्ययन अवकाश प्रदान किया जाए. शासन के इस निर्णय से प्रदेश के सैकड़ों चिकित्सकों को सीधा लाभ मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने हुए कहा कि यह हमारे संगठन के निरंतर प्रयास, संवाद और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। हम लंबे समय से इस मुद्दे को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखते आए हैं और आज यह निर्णय हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी भी एक महत्वपूर्ण वर्ग इस निर्णय के लाभ से वंचित है। वर्ष 2025 से पूर्व उच्च शिक्षा (पी.जी.) हेतु अध्ययन अवकाश पर गए नियमित चिकित्सकों को इस संशोधित नीति का लाभ नहीं मिल पाया है, जिसके कारण वे आज विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं और असमानताओं का सामना कर रहे हैं।

आगे कहा कि वर्ष 2025 में ये नियम आने के समय पीजी कर रहे (बैच 2021/2022/2023) अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के साथ न्याय किया जाना आवश्यक है। उन्हें आश्वासन भी दिया गया था कि उनके साथ न्याय होगा। लेकिन आजतक उनकी फाइलों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। उन्हें भी इस बढ़े हुए अध्ययन अवकाश के अनुरूप क्षतिपूर्ति एवं समुचित लाभ प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की असमानता समाप्त हो सके।

जुड़ा अध्यक्ष डॉ रेशम सिंह ने राज्य शासन से आग्रह किया है कि इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व में अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और उन्हें उचित राहत प्रदान की जाए।

फेडरेशन ने यह आश्वस्त किया है कि वह भविष्य में भी चिकित्सकों के अधिकारों की रक्षा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

CG : ट्रैफिक से राहत की तैयारी—प्रदेश में 9 बायपास सड़कों के लिए 448 करोड़ मंजूर

CG : ट्रैफिक से राहत की तैयारी—प्रदेश में 9 बायपास सड़कों के लिए 448 करोड़ मंजूर

 रायपुर।   छत्तीसगढ़ में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और यातायात व्यवस्था को तेज व सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में नौ बायपास सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिले।

इस योजना के तहत रायगढ़ जिले को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जहां तमनार बायपास मार्ग के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से लगभग 6 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपये और खरसिया क्षेत्र में कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण के लिए 7 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इन परियोजनाओं से औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

धमतरी जिले में भी दो महत्वपूर्ण बायपास परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिसमें 4 किलोमीटर लंबे भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपये और 1.50 किलोमीटर लंबे नारी बायपास के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं बलौदाबाजार जिले में लटुवा और पनगांव होते हुए 15 किलोमीटर लंबे बायपास मार्ग के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपये और 7 किलोमीटर लंबे रिसदा बायपास के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

बिलासपुर जिले में 13.40 किलोमीटर लंबे कोनी-मोपका फोरलेन बायपास के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। इसके अलावा बेमेतरा जिले में 1.20 किलोमीटर लंबी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि राज्य सरकार सुरक्षित, तेज और निर्बाध यातायात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे आवागमन और अधिक सुगम और व्यवस्थित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक सड़क अधोसंरचना के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास को गति दी जा रही है, जिससे व्यापार, उद्योग और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

Train Cancelled: रेल यात्रियों को एक बार फिर होगी परेशानी, रद्द रहेगी 10 मेमू पैसेंजर ट्रेन, देखें लिस्ट

Train Cancelled: रेल यात्रियों को एक बार फिर होगी परेशानी, रद्द रहेगी 10 मेमू पैसेंजर ट्रेन, देखें लिस्ट

 बिलासपुर। हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल लाइन पर स्थित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में एक बड़ा तकनीकी कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ेगा। बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन निर्माण और ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए रेलवे द्वारा प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य के चलते 11 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 के बीच कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा, जिसमें 10 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया गया है, जबकि दो ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही समाप्त और प्रारंभ किया जाएगा।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बिलासपुर-रायगढ़, रायगढ़-बिलासपुर, रायपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर, बिलासपुर-कोरबा और बिलासपुर-गेवरा रोड जैसे प्रमुख लोकल रूटों पर चलने वाली मेमू और पैसेंजर गाड़ियां अलग-अलग तारीखों में रद्द रहेंगी। खासकर 15 से 27 अप्रैल के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि ये ट्रेनें स्थानीय यात्रियों के लिए जीवन रेखा मानी जाती हैं।

इसके अलावा, गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर 16 से 27 अप्रैल तक बिलासपुर स्टेशन में ही समाप्त होगी, यानी यह ट्रेन झारसुगुड़ा तक नहीं जाएगी। वहीं 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर भी झारसुगुड़ा से चलने के बजाय बिलासपुर से ही प्रारंभ होगी, जिससे इस सेक्शन में यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।

हालांकि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ राहत भी दी है। कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस (18250/18249 और 18252/18251) को 16 से 27 अप्रैल तक कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा, जिससे आंशिक राहत मिल सके। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की दिक्कतें बढ़ना तय है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें और वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

BREAKING : रायपुर में थाना प्रभारियों के तबादले, कई TI इधर से उधर, देखें आदेश

BREAKING : रायपुर में थाना प्रभारियों के तबादले, कई TI इधर से उधर, देखें आदेश

 रायपुर।  राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया गया है। कई थाना प्रभारियों को इधर से उधर किया गया है। इसका आदेश आज पुलिस कमिश्नर, रायपुर कमिश्नरेट छत्तीसगढ़ ने जारी किया है।

जारी आदेश के मुताबिक, राजेश कुमार मरई टिकरापारा थाना प्रभारी बनाए गए हैं। जितेंद्र जायसवाल खमतराई, अजय झा तेलीबांधा, शक्ति सिंह मौदाहापारा, रितेश मिश्रा आजाद चौक, विनय सिंह बघेल पुरानी बस्ती, शिवनारायण सिंह पंडरी, गौतम चंद्र गावड़े डीडीनगर थाना प्रभारी बनाए गए हैं।

 

 

 
 “एक गलती, 9 लाख का नुकसान: साइबर ठग गिरफ्तार”

 “एक गलती, 9 लाख का नुकसान: साइबर ठग गिरफ्तार”

कांकेर :-  कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां मोबाइल पर भेजे गए एक APK फाइल लिंक के जरिए ठग ने फोन हैक कर लाखों रुपये पार कर दिए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के नोएडा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।जानकारी के अनुसार, पीड़ित बिरेंद्र खलको (50), जो मूल रूप से ग्राम महुआ टोली के निवासी हैं और वर्तमान में नेहरू नगर, कांकेर में रह रहे हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध APK लिंक आया था। अनजाने में उन्होंने उस लिंक को डाउनलोड कर लिया, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन हैक हो गया।बताया गया कि पीड़ित का मोबाइल नंबर उनकी पत्नी के बैंक खाते से लिंक था, जिसमें फोन पे, गूगल पे और एसबीआई योनो जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सक्रिय थीं। आरोपी ने इसी का फायदा उठाते हुए खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 9 लाख 28 हजार 500 रुपये निकाल लिए। जब खाते से लगातार रकम कटने लगी, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी निखिल राखेचा के निर्देश पर एडिशनल एसपी आकाश श्रीश्रीमाल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। एसडीओपी शेरबहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदित्य चौहान (21) के रूप में हुई है।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि इससे मोबाइल हैक होकर बैंक खाते खाली हो सकते हैं।

 
भाजपा स्थापना दिवस पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यालय में फहराया पार्टी ध्वज

भाजपा स्थापना दिवस पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यालय में फहराया पार्टी ध्वज

 रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर अपने कार्यालय में पार्टी का ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समस्त देशवासियों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

सांसद  अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी और आज यह विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बन चुका है। उन्होंने स्मरण किया कि उस समय भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को पार्टी का प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। मुंबई में आयोजित पहले अधिवेशन में अटल जी द्वारा दिया गया उद्घोष— “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा”—आज प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूर्णतः साकार होता दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्ष 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नेतृत्व में स्थापित जनसंघ के जिन उद्देश्यों को लेकर यात्रा प्रारंभ हुई थी, प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी के मार्गदर्शन में साकार कर रही है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना हो या धारा 370 का उन्मूलन कर देश की एकता और अखंडता को सशक्त बनाना—ये सभी ऐतिहासिक निर्णय भाजपा सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण हैं। भाजपा सरकार गरीब, युवा, महिला, किसान और मजदूर—समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

सांसद  अग्रवाल ने कहा कि आज आमजन का जीवन अधिक सरल, सुलभ और सुविधायुक्त हुआ है तथा भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है।

महतारी वंदन योजना से प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल….

महतारी वंदन योजना से प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल….

 रायपुर: राज्य सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेशभर की महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में आत्मनिर्भर बन रही हैं।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से इस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम परसाभदेर की निवासी श्रीमती चारबाई निषाद भी इस योजना से लाभान्वित महिलाओं में शामिल हैं। सीमित आय वाले परिवार से होने के कारण उनके लिए घर का खर्च चलाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए सहारा बन गई है।

महतारी वंदन योजना से प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल

चारबाई बताती हैं कि इस आर्थिक सहयोग से उन्हें घरेलू खर्चों और आवश्यक वस्तुओं की खरीदी में सुविधा मिल रही है। अब उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। यह योजना न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि कर रही है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। योजना का लाभ उठाकर प्रदेश की लाखों महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

प्रदेश में कल से मनाया जाएगा चावल उत्सव, राशनकार्ड धारकों को एक साथ मिलेगा 3 महीने का राशन

प्रदेश में कल से मनाया जाएगा चावल उत्सव, राशनकार्ड धारकों को एक साथ मिलेगा 3 महीने का राशन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में कल से ‘चावल उत्सव’ की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सरकार द्वारा यह विशेष अभियान 7 अप्रैल से 30 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।

इस दौरान प्रदेश की 13,928 से अधिक उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से करीब 81 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारी परिवारों को तीन महीने का राशन एक साथ वितरित किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य मानसून से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि बारिश के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह पहल विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों के लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है, जिससे समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित हो सके।

 राज्यपाल रमेन डेका ने श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी

राज्यपाल रमेन डेका ने श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी

 रायपुर।  राज्यपाल रमेन डेका ने आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में मंदिर ट्रस्ट को एम्बुलेंस प्रदान किए। उन्होंने अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रदत्त 6 लाख 80 हजार की लागत के एम्बुलेंस की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया।

इन वाहन का उपयोग जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट में किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित थे।

कहीं राहत तो कहीं अलर्ट! छत्तीसगढ़ में बदले मौसम ने लोगों को किया कन्फ्यू

कहीं राहत तो कहीं अलर्ट! छत्तीसगढ़ में बदले मौसम ने लोगों को किया कन्फ्यू

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और आने वाले दिनों में इसमें और कमी आने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 4 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं (40 से 50 किमी प्रति घंटा) और बिजली गिरने की संभावना है, वहीं 5 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।

रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिसमें पौड़ी उपरोरा में 1 सेंटीमीटर वर्षा हुई। तापमान की बात करें तो सबसे अधिक तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। मौसम में यह बदलाव पश्चिम बंगाल से तेलंगाना तक फैले एक निम्न दबाव क्षेत्र के सक्रिय होने के कारण हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रहा है।

आज प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है। वहीं अगले 2-3 दिनों तक भी मौसम का यही रुख बना रह सकता है।

अमित जोगी को आजीवन कारावास पर बोले सीएम साय, न्यायपालिका का यह फैसला सराहनीय

अमित जोगी को आजीवन कारावास पर बोले सीएम साय, न्यायपालिका का यह फैसला सराहनीय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाईकोर्ट के द्वारा अमित जोगी को आजीवन कारावास का फैसला सुनाने का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायपालिका का यह फैसला सराहनीय है और देर आए, दुरुस्त आए की कहावत को चरितार्थ करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अमित जोगी को मुख्य आरोपी माना गया है और अब न्याय की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं पीडि़त पक्ष को न्याय मिलने से राहत की भावना देखी जा रही है।     

एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुश्री अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री ने सुश्री अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की