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CG : रामकृष्ण केयर अस्पताल में बड़ा हादसा, तीन लोगों की हुई मौत, जानें पूरा मामला

CG : रामकृष्ण केयर अस्पताल में बड़ा हादसा, तीन लोगों की हुई मौत, जानें पूरा मामला

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में मंगलवार की देर रात दर्दनाक हादसा देखने को मिला। यहां के सिवरेज टैंक में सफाई करने उतरे तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश है। परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रोते-बिलखते रहे परिजन
इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल के गेट पर मृतकों के परिजन और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। हंगामा करते हुए परिजन अस्पताल के अंदर घुस गए। इस दौरान परिजन रोते-बिलखते रहे। बताया जाता है कि हॉस्पिटल के सिवरेज टैंक की सफाई के लिए तीन स्वीपर टैंक के अंदर उतरे थे। इस दौरान टैंक के अंदर जहरीली गैस होने की वजह से एक-एक कर तीनों स्वीपर की हालत बिगड़ने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही मजदूरों को सिवरेज टैंक में सफाई करने के लिए उतारा गया। अस्पताल प्रबंधन ने खर्चा बचाने के लिए नियमों की घोर अनदेखी की। ट्रेंड मजदूरों की बजाय अनट्रेंड मजदूरों को सफाई करने के लिए उतारा गया। ऐसे में साफ जाहिर है कि यदि नियमों का पालन किया गया होता, तो इतना बड़ा हादसा होने से टाला जा सकता था। 

इनकी हुई मौत 

  • गोविंद सेंद्रे
  • अनमोल मचकन 
  • प्रशांत कुमार, तीनों सिमरन सिटी निवासी
  • परिजनों का आरोप
    अस्पताल प्रबंधन पर मामले को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने अभी तक किसी भी व्यक्ति ने बात नहीं की है। मामले में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। घटना की जांच कराई जानी चाहिये।

    50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक में उतरे थे स्वीपर
    बताया जाता है कि 50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक में तीन मजूदरों को उतारा गया था। सुरक्षा के नाम पर उन्हें केवल मास्क ही दिया गया था। सिमरन सिटी निवासी सफाईकर्मी गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार जब टैंक के अंदर उतरे, तो उस दौरान टैंक के अंदर जहरीली गैस होने से उनका दम घुटने लगा और मौके पर उनकी मौत हो गई।
मध्यप्रदेश के डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने सीएम साय से की सौजन्य मुलाकात, रीवा-रायपुर हवाई सेवा शुरू होने पर जताई खुशी

मध्यप्रदेश के डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने सीएम साय से की सौजन्य मुलाकात, रीवा-रायपुर हवाई सेवा शुरू होने पर जताई खुशी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने बताया कि, अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।

 उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

डोंगरगढ़. 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व को लेकर मां बम्लेश्वरी मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बार नवरात्रि में जहां एक ओर हजारों ज्योति कलशों से बम्लेश्वरी धाम जगमगाएगा, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस वर्ष नीचे स्थित मंदिर में 901 और पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में लगभग 7,500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे. सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण निर्मित होगा. नवरात्रि के नौ दिनों तक डोंगरगढ़ में आस्था का सैलाब उमड़ता है और लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है.

आस्था और परंपराओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास (Navratri 2026)

मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है. मंदिर को लेकर कई किंवदंतियां प्रचलित हैं, जिनमें एक कथा विक्रमादित्य से भी जुड़ी मानी जाती है, हालांकि ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं. ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पूर्व खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा बनवाया गया था. आज़ादी के बाद राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंदिर के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन कराया, जो आज तक व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है. इस बार नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी विशेष पहल की है. डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है, वहीं कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी डोंगरगढ़ में दिया गया है. इससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रा अधिक सुगम होगी.

सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं. लगभग एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है, जो मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखेंगे. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी. प्रशासन, पुलिस और रेलवे के संयुक्त प्रयासों से इस बार डोंगरगढ़ में नवरात्रि महोत्सव भव्य होने के साथ-साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी नजर आएगा. हजारों ज्योति कलशों की रोशनी, मजबूत व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की आस्था इस नवरात्रि को विशेष बना रही हैं. डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी धाम एक बार फिर आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के संगम के रूप में सामने आने जा रहा है, जहां हर श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव देने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

 

CG Assembly : बजट सत्र का 13वां दिन आज, सदन में गूंजेंगे जंबूरी अनियमितता और स्कूल युक्तियुक्तकरण के मुद्दे

CG Assembly : बजट सत्र का 13वां दिन आज, सदन में गूंजेंगे जंबूरी अनियमितता और स्कूल युक्तियुक्तकरण के मुद्दे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 13वां दिन है। सदन में आज जंबूरी अनियमितता और शालाओं के युक्तियुक्तकरण का मुद्दा उठेगा। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिल सकती है।

आज के सत्र में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित मंत्री लखन लाल देवांगन और अरुण साव सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे। वहीं ध्यानाकर्षण में वन मंडल भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध पेड़ कटाई और हैवी माइल्स गाड़ियों के संचालन का मामला उठेगा। इस मुद्दे को बीजेपी विधायक विक्रम उसेंडी सदन में उठाएंगे।

इसके अलावा तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में अनियमितताओं को लेकर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा। सदन में विधायक रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, मोतीलाल साहू और इंद्रशाह मांडवी अपनी-अपनी याचिकाएं प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही सत्र के दौरान चार संशोधन विधेयकों को भी पारित किया जाएगा।

 

BREAKING : छत्तीसगढ़ भाजपा ने की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा, CM साय समेत 84 नेताओं के नाम शामिल, 25 विशेष आमंत्रित सदस्यों की भी नियुक्ति

BREAKING : छत्तीसगढ़ भाजपा ने की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा, CM साय समेत 84 नेताओं के नाम शामिल, 25 विशेष आमंत्रित सदस्यों की भी नियुक्ति

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ ईकाई ने अपने प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्रियों के साथ-साथ प्रदेश कार्यसमिति में 84 लोगों को जगह दी गई है। वहीं 25 विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। इसके अलावा 69 स्थाई आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति की गई है।

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय, अवकाश पर भी मिलेगी सुविधा

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय, अवकाश पर भी मिलेगी सुविधा

रायपुर- राज्य के आम नागरिकों को पंजीयन संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो और वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यों का सुचारू एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के सभी पंजीयन कार्यालय चयनित अवकाश दिवसों में भी संचालित किए जाएंगे।

जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय 22 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च तथा 31 मार्च 2026 को भी सामान्य कार्यदिवसों की तरह खुले रहेंगे। इन तिथियों में दस्तावेजों के पंजीयन सहित अन्य सभी संबंधित सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।

शासन के इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे अपने लंबित पंजीयन कार्यों को समय पर पूरा कर सकें। विशेष रूप से वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनज़र इन दिनों में पंजीयन कार्यों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है।

राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष सुविधा का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथियों में अपने पंजीयन संबंधी कार्यों का निष्पादन कराएं, जिससे अनावश्यक भीड़ और अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।

 

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास : वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम….

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास : वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम….

 रायपुर: नवा रायपुर स्थित आदिवासी संग्रहालय में 13 एवं 14 मार्च 2026 को आयोजित ‘आदि पर्व 2026’ में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। इस आयोजन में प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक परंपराओं की आकर्षक प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से शामिल हुई प्रतिभागी वनिता नेताम ने पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में मंच पर अपनी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी पारंपरिक पोशाक और आभूषणों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया और उपस्थित दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास

कार्यक्रम के दौरान आयोजित ट्राइबल अटायर शो को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में भाग लेकर वनिता नेताम ने भी अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया, जो नारायणपुर जिले और अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। आदि पर्व 2026 का आयोजन आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने तथा उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। इस मंच के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री साय के विभागों के लिए 10 हजार 617 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मुख्यमंत्री साय के विभागों के लिए 10 हजार 617 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

 00 हमारी सरकार संकल्पित भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटी: साय
00 सरकार ने दो वर्षों में 11 हजार 107 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाएं की स्वीकृत: 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का किया गया सृजन
00 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास का पहुंच रहा है उजाला: नियद नेल्ला नार योजना के तहत 158 गांव शतप्रतिशत विद्युतीकृत
00 आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा अब सीधे जनकल्याण में हो रहा खर्च
00 सुव्यवस्थित खनन के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता
00 मंत्रालय से लेकर मैदानी अमले तक कार्य संस्कृति में दिखाई दे रहा स्पष्ट बदलाव
रायपुर।
 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विभागों से संबंधित 10 हजार 617 करोड़ 73 लाख 49 हजार रूपए की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित की गई। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 612 करोड़ 29 लाख 20 हजार रूपए, सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित अन्य व्यय 30 करोड़ 92 लाख रूपए, जल संसाधन विभाग के लिए 3 हजार 105 करोड़ 11 लाख 80 हजार रूपए, खनिज साधन विभाग से संबंधित व्यय 1145 करोड़ 89 लाख 99 हजार रूपए, विमानन विभाग से संबंधित व्यय 314 करोड़ 99 लाख 90 हजार रूपए, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग 416 करोड़ 99 लाख 99 हजार रूपए, सुशासन एवं अभिसरण विभाग से संबंधित व्यय 77 करोड़ रूपए, जनसम्पर्क विभाग से संबंधित व्यय 469 करोड़ 99 लाख रूपए, ऊर्जा विभाग से संबंधित व्यय 4236 करोड़ 01 लाख 61 हजार रूपए, जिला परियोजनाओं से संबंधित व्यय 208 करोड़ 50 लाख रूपए शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार संकल्पित भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटी है और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को साकार करने में बजट प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि पहले दो बजटों की थीम ‘ज्ञान’ और ‘गति’ थी, जबकि इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और डिजिटल गवर्नेंस की नीति अपनाकर व्यवस्थागत लिकेज समाप्त किए हैं, जिसके कारण आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा अब सीधे जनकल्याण में खर्च हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में आबकारी विभाग का राजस्व 5 हजार 110 करोड़ रुपए था, जो वर्तमान सरकार में बढ़कर 11 हजार करोड़ रुपए अनुमानित है। यह अंतर फर्जीवाड़े पर रोक लगने के कारण आया है।
मुख्यमंत्री  साय ने नक्सलवाद के विरुद्ध चल रहे अभियान को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने माओवादी आतंकवाद के अंत का लक्ष्य तय कर उसी दिशा में प्रभावी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास जताया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए उत्सव का क्षण बताया और कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन, जवानों की वीरता और प्रदेशवासियों के विश्वास से राज्य माओवादी हिंसा के अंधकार से बाहर निकल रहा है। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को मजबूत कर शांति, पुनर्निर्माण और समग्र विकास के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में खनिज राजस्व की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में 12 हजार 305 करोड़ रुपए रहा वहीं वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ रुपए हो गया है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 11 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक 17 हजार करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग किसानों, माताओं-बहनों और आम नागरिकों के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमएफ को पुनः पारदर्शी बनाते हुए दो वर्षों में 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई और 19 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए। डीएमएफ कार्यों का सोशल ऑडिट भी कराया जा रहा है तथा शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया गया है। खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को भी गति दी गई है और अब तक 62 ब्लॉकों की सफल नीलामी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ, क्रिटिकल और स्ट्रैटजिक खनिजों के अन्वेषण के लिए प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से एमओयू किए गए हैं, जिससे क्लीन एनर्जी और नए निवेश के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुव्यवस्थित खनन के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राज्य के कुल वन क्षेत्र के मात्र 0.96 प्रतिशत क्षेत्र में खनिज रियायतें स्वीकृत हैं और केवल 0.24 प्रतिशत वन क्षेत्र में ही खनन कार्य की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि खनन कार्यों के एवज में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं।
भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि खनिज विभाग में पारदर्शिता के लिए ‘खनिज ऑनलाइन 2.0’ पोर्टल तथा डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है। आम जनता को रियायती दरों पर रेत उपलब्ध कराने और माफिया पर अंकुश लगाने के लिए छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत नियम 2025 लागू किए गए हैं तथा रेत की ई-नीलामी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रदेश एक प्रमुख ऊर्जा प्रदाता के रूप में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पावर प्लांट्स की कुल विद्युत क्षमता 30 हजार मेगावाट है, जिसमें ताप विद्युत संयंत्रों की क्षमता 24 हजार मेगावाट है। राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता और प्लांट लोड फैक्टर देश के अग्रणी राज्यों में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। एनर्जी समिट के माध्यम से लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 32 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए विभिन्न संस्थाओं से एमओयू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों का काम प्रगति पर है तथा 8300 मेगावाट क्षमता की पम्प स्टोरेज जल विद्युत परियोजनाओं के लिए 6 स्थलों का चिन्हांकन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर बिजली की सतत आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली देने हेतु 354 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के तहत 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की खपत पर राहत देने के लिए 800 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े राज्य अनुदान के लिए 400 करोड़ रुपए और डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना के तहत 8 लाख 83 हजार कृषि पंप उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने के लिए 5 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अनुदान के कारण सोलर प्लांट्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और उपभोक्ता अब केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादक भी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास का उजाला पहुंच रहा है और नियद नेल्ला नार योजना के तहत 158 गांवों को शतप्रतिशत विद्युतीकृत किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने दो वर्षों में 11 हजार 107 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं और 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया है। बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं को अटल सिंचाई योजना के माध्यम से फिर से शुरू किया गया है। 115 परियोजनाओं के पूर्ण होने से 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। इस बार बजट में 4 हजार 400 करोड़ रुपए से अधिक राशि नई सिंचाई योजनाओं और उनके अनुरक्षण के लिए रखी गई है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में शामिल योजनाओं से 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने मटनार और देऊरगांव में बैराज तथा 68 किलोमीटर नहर निर्माण का प्रावधान बताया, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी। उन्होंने कहा कि ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के मंत्र के अनुरूप दाबयुक्त सिंचाई प्रणाली को अपनाया जा रहा है और जल सूचना विज्ञान केंद्र स्थापित कर जल प्रबंधन को वैज्ञानिक आधार दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रालय से लेकर मैदानी अमले तक कार्य संस्कृति में बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस, ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और स्पैरो जैसी व्यवस्थाओं ने शासन को अधिक जवाबदेह, त्वरित और पारदर्शी बनाया है। उन्होंने बताया कि 50 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में और 65 हजार से अधिक कर्मचारी ई-एचआरएमएस प्रणाली में ऑनबोर्ड हो चुके हैं। आई-गॉट कर्मयोगी के माध्यम से 6 लाख कर्मचारियों के प्रशिक्षण की कार्ययोजना पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी के जरिए प्रशासनिक तंत्र को ट्रांसफॉर्म किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुशासन की दिशा में राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल से योजनाओं की सटीक निगरानी करने, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराने तथा नई पीढ़ी के उत्कृष्ट लोकप्रशासक तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप जैसी पहलें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए 22 करोड़ रुपए, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के लिए 5 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए 8 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युग आईटी और एआई का है और छत्तीसगढ़ इस डिजिटल क्रांति में अग्रणी बने, इसके लिए 417 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है, जिसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में एआई डेटा लैब्स और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे युवा पीढ़ी को नई तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा और शासकीय सेवाएं भी अधिक सरल और प्रभावी होंगी। डिजिटल कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि दो वर्षों में 936 मोबाइल टावर स्वीकृत हुए हैं और 751 टावर ऑन एयर हो चुके हैं। भारत नेट परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों में हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए 3900 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए 36 आईएनसी-सीजी इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की उड़ान को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार विमानन अधोसंरचना का विस्तार कर रही है। बिलासपुर एयरपोर्ट के 3सी-आईएफआर अपग्रेडेशन से अब वहां नाइट लैंडिंग और चौबीस घंटे विमान सेवाओं का संचालन संभव होगा। इंटरनेशनल कार्गाे टर्मिनल के लिए एमओयू किया गया है, जिससे कारोबारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से हवाई सेवाओं का विस्तार होगा, जिसके लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रायगढ़ और कोरबा की हवाई पट्टियों के उन्नयन पर भी सरकार का विशेष फोकस है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ सांस्कृतिक प्रगति की भी पक्षधर है। पत्रकारों के लिए एक्सपोजर विजिट के माध्यम से उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में अध्ययन भ्रमण का अवसर दिया गया, जिसमें दूरस्थ क्षेत्रों और महिला पत्रकारों को भी शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन राज्य की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देता है और इस बार भी इसके लिए बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे प्रदेश के बाहर अपनी पहचान बनाने वाले छत्तीसगढ़िया लोगों के अनुभवों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश : मुख्यमंत्री ने विस परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश : मुख्यमंत्री ने विस परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य  संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री साय

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को 23 मार्च को बेमेतरा जिले में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए संस्था के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के इतिहास में अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। यह केवल कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का भी सशक्त माध्यम है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिरीष शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी,  ललित मिश्रा,  विनायक दीवान सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना को लाभार्थियों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में  डबल इंजन की सरकार न सिर्फ जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से अमल में लाती है, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता से उसे हर तबके तक समय पर पहुंचाने के अपने वादे को पूरा करती है।

गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने की इस केंद्रीय योजना के तेजी से क्रियान्वयन और शिकायतों का त्वरित निपटान कर छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना का राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वयन भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारियों तक के सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की गई उपलब्धि है।

जच्चा एवं बच्चा का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

ऐसे मिली उपलब्धि

प्रशासनिक अमले द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लगातार मॉनिटरिंग की गई और लाभार्थियों के पंजीयन पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए वर्ष 2023-24 में जहां 1,75,797 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, वहीं वर्ष 2024-25 में 2,19,012 रजिस्ट्रेशन किए गए। इसे ही लक्ष्य मानते हुए वर्ष 2025-26 में  फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया जो लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है।

रजिस्ट्रेशन के बाद इसे तुरंत मंजूरी देने पर फोकस किया गया। तय प्रक्रिया के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा फार्म भरने, पर्यवेक्षक द्वारा इसके सत्यापन और परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर पर मंजूरी देने में तेजी लाई गई। भरे गए  आवेदनों के 83 प्रतिशत का परीक्षण कर इसे भुगतान के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र से छत्तीसगढ़ को मिली स्वीकृति की दर भी सबसे ज्यादा 83.87 रही है।

इसके बाद तीसरी कैटेगरी शिकायतों के निराकरण के संबंध में आंकड़ों का परीक्षण किया गया। लाभार्थियों की ज्यादातर शिकायतें भुगतान न होने को लेकर थी। इस पर तत्काल ध्यान दिया गया और कोई कमी थी तो उसे दूर किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने सभी शिकायतों का निराकरण कर दिया गया, लेकिन केंद्र सरकार के आंकड़ों में 30 दिन से ज्यादा लंबित शिकायतों की संख्या 7 प्रतिशत पाई गई है। इसके बावजूद 93 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर राज्य पहले स्थान पर रहा।

यदि तीन वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति दे दी गई।

गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान और उससे पूर्व पौष्टिक आहार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत 5 हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपये देती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, 6 माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म, पंजीकरण और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसका मकसद संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में लिखी जा रही है विकास की नई गाथा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में लिखी जा रही है विकास की नई गाथा

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुखी सोच के अनुरूप जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार ठोस पहल की जा रही है इसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में जिला विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बीते दो वर्षों से अधिक के कार्यकाल में आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने लगा है। जिले के गांवों से लेकर शहरों तक सड़कों, पुलों और पुलियों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे आवागमन सुविधाजनक और सुरक्षित बन रहा है।

इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 42 नई सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों का निर्माण 126 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान में सभी सड़कों की निविदा प्रक्रिया जारी कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। स्वीकृत सड़कों में जशपुर विकासखंड में 5 सड़कें, मनोरा विकासखंड में 7 सड़कें, दुलदुला विकासखंड में 7 सड़कें, कुनकुरी विकासखंड में 13 सड़कें तथा फरसाबहार विकासखंड में 10 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नेतृत्व में सड़कों और पुल-पुलिया के निर्माण से बदल रही है जिले की तस्वीर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुँच रही है। लगातार सड़कों, पुलों और पुलियाओं को मिल रही स्वीकृति तथा उनके निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण कृषि उत्पादों का परिवहन आसान हो रहा है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद समय पर बाजार तक पहुँचाने में सुविधा मिल रही है। साथ ही निर्माण कार्यों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुँचना अधिक सरल हो रहा है।

बेहतर संपर्क मार्गों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक भी लोगों की पहुँच आसान हो रही है और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुँचाने में मदद मिल रही है। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को भी इन सड़कों से विशेष लाभ मिल रहा है। सड़कों के निर्माण से इन समुदायों का संपर्क विद्यालयों, स्वास्थ्य सेवाओं, मंडियों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से सुदृढ़ हो रहा है। इससे उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

जिले में सड़कों के व्यापक विस्तार से न केवल आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हुआ है, बल्कि इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। इन विकास कार्यों के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है और इसका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

ब्रेकिंग : इस जिले में तहसीलदारों का हुआ तबादला, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखिए पूरी लिस्ट….!!

ब्रेकिंग : इस जिले में तहसीलदारों का हुआ तबादला, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखिए पूरी लिस्ट….!!

 गरियाबंद। जिले में राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिला कलेक्टर बीएस उइके ने आज पांच राजस्व अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

देखें आदेश

CG – कांग्रेस नेताओं का इस्तीफा : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, इस जिले के दो और मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

CG – कांग्रेस नेताओं का इस्तीफा : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, इस जिले के दो और मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

 बलरामपुर। जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद पार्टी में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां 11 पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर नाराजगी जताई थी, वहीं अब दो और मंडल अध्यक्षों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।

कन्दरी मंडल अध्यक्ष लालसाय मिंज ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को भेजे पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जिलाध्यक्ष ने अपनी कार्यकारिणी में उन लोगों को अहम जिम्मेदारी दी है, जिन्होंने लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनावों में पार्टी का विरोध करते हुए भाजपा का साथ दिया था।

इसी तरह इदरी कला मंडल की अध्यक्ष असमीता टोप्पो ने भी प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा भेजते हुए संगठन में की गई नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं और समान आरोप लगाए हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों से साफ है कि जिला कांग्रेस में अंदरूनी कलह गहराती जा रही है।

CG – ट्रेन से कटकर आरक्षक की दर्दनाक मौत, SP दफ्तर में था तैनात, ऐसे हुआ हादसे का शिकार……

CG – ट्रेन से कटकर आरक्षक की दर्दनाक मौत, SP दफ्तर में था तैनात, ऐसे हुआ हादसे का शिकार……

 रायगढ़। जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां जिले के पुलिस बल में पदस्थ एक आरक्षक की हादसे में मौत की होने से महकमें में हड़कंप मच गया है। मृत आरक्षक का नाम सुजीत मिंज बताया जा रहा है।

आरक्षक सुजीत रायगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ था। बताया जा रहा है कि, रेलवे पटरी पार करने के दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

फिलहाल सूचना पाकर मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। हादसा किन वजहों से हुआ इसकी जाँच की जा रही है।

मनरेगा बनाम ‘जी राम जी’ पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का बहिष्कार

मनरेगा बनाम ‘जी राम जी’ पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का बहिष्कार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को मनरेगा को ‘जी राम जी’ किए जाने के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस ने शून्यकाल में इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव लाया, लेकिन आसंदी द्वारा प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने पर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।
शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘जी राम जी’ योजना की तुलना पहले की मनरेगा व्यवस्था से करते हुए कहा कि पुरानी व्यवस्था ज्यादा बेहतर थी। उन्होंने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार कर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं है और न ही यह कांग्रेस का मंच है, बल्कि यह जनता का मंच है। उन्होंने कहा कि सदन का समय कीमती है और विपक्ष पहले से ही इस मुद्दे पर रणनीति बनाकर आया है।
इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों ने नारेबाजी करते हुए सदन में जमकर हंगामा किया, जिससे माहौल गरमा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसंदी ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि यह सिर्फ नीति का नहीं, बल्कि नियत का भी सवाल है और यह सीधे तौर पर गरीबों से जुड़ा मामला है, इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस विधायक कवासी लखमा समेत अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए चर्चा की मांग दोहराई।
हालांकि आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जिससे नाराज विपक्षी विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।

Weather Update : छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज; रायपुर में गिरे ओले, आज इन इलाकों में होगी बारिश

Weather Update : छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज; रायपुर में गिरे ओले, आज इन इलाकों में होगी बारिश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच सोमवार रात मौसम ने अचानक करवट बदली। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। इस दौरान कई इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को भीषण उमस से राहत मिली है।

मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार देर रात हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। रायपुर के बाहरी इलाकों में ओले गिरने से मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया है।

तापमान में आएगी गिरावट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है। सोमवार को राजनांदगांव 40.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

आज कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने आज के लिए भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना है। रायपुर समेत कुछ जिलों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

रायपुर का हाल

राजधानी रायपुर में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।

Breaking : छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया 75 लाख कैश, होंडा कार की सीट के नीचे छिपा था 500-500 नोटों के बंडल

Breaking : छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया 75 लाख कैश, होंडा कार की सीट के नीचे छिपा था 500-500 नोटों के बंडल

 महासमुंद।  छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से भारी मात्रा में नगदी रकम बरामद की है। कोमाखान पुलिस ने टेमरी नाका में चेकिंग के दौरान ओडिशा से रायपुर की ओर जा रही एक होंडा कार से 75 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। नगदी के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने कार, मोबाइल और नगदी सहित कुल 85 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।

महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र अंतर्गत टेमरी नाका में पुलिस द्वारा नियमित वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान खरियार रोड ओडिशा की ओर से आ रही सफेद रंग की होंडा कार क्रमांक ओडी 05 पीबी 2122 को रोककर जांच की गई। कार में सवार दो व्यक्तियों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम महाप्रज्ञ जैन और राजेंद्र महानंद निवासी जिला बलांगीर ओडिशा बताया।

तलाशी के दौरान कार की बीच वाली सीट में रखे नीले रंग के बैग से 500-500 रुपये के नोटों के 150 बंडल मिले, जिनकी कुल राशि 75 लाख रुपये निकली। पूछताछ में महाप्रज्ञ जैन ने बताया कि यह रकम सोना-चांदी के व्यापार के लिए कांटाबांजी से रायपुर ले जाई जा रही थी।

हालांकि नगदी के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने दंड प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी करते हुए 75 लाख रुपये नगद, एक होंडा कार और एक मोबाइल फोन सहित कुल 85 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

विधानसभा के बजट सत्र का 12 वां दिन आज, सदन में पेश होगा धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक

विधानसभा के बजट सत्र का 12 वां दिन आज, सदन में पेश होगा धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 12वां दिन चल रहा है। आज प्रश्नकाल में सीएम विष्णु देव साय, मंत्री टंक राम वर्मा और केदार कश्यप जवाब देंगे। वहीं वित्तमंत्री ओपी चौधरी पत्रों को पटल पर रखेंगे। विधायक कुंवर सिंह निषाद, ललित चंद्राकर  ध्यानाकर्षण लगाएंगे।

विधायक विक्रम मंडावी, लता उसेंडी, उद्देश्वरी पैकरा याचिकाओं की प्रस्तुति देंगे। डिप्टी सीएम विजय शर्मा धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक और मंत्री टंक राम वर्मा, ओपी चौधरी शासकीय विधि विषयक कार्य प्रस्तुत करेंगे।

वहीं सीएम साय के विभागों की अनुदान मांगों पर  चर्चा होगी। वित्तमंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक का पुनःस्थापन करेंगे।

छत्तीसगढ़ में स्कूलों का टाइम चेंज, अब इस समय से लगेंगी क्लासेस, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में स्कूलों का टाइम चेंज, अब इस समय से लगेंगी क्लासेस, आदेश जारी

 पेंड्रा। मार्च महीने की शुरूआत होते ही तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। जिसे देखते हुए स्कूलों के संचालन का समय बदल दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि, आज यानी 16 मार्च से सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित होंगे।

बता दें कि, ये आदेश प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक की कक्षाओं के लिए है। इसमें शासकीय और अशासकीय दोनों तरह के स्कूल शामिल हैं। इस संबंध में आदेश सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों तथा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के प्रधान पाठकों को भेज दिया गया है।

 बताया गया कि, यह आदेश जिले के सभी शासकीय स्कूलों के साथ-साथ अशासकीय स्कूलों पर भी लागू रहेगा। हालांकि बोर्ड परीक्षाएं और मूल्यांकन कार्य इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति अविश्वास प्रस्ताव का अस्वीकार होना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण – डॉ. रमन सिंह

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति अविश्वास प्रस्ताव का अस्वीकार होना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण – डॉ. रमन सिंह

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को सदन द्वारा अस्वीकार किए जाने को भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता, संसदीय परंपराओं और संस्थागत मर्यादा के प्रति गहरी आस्था का सशक्त उदाहरण बताया है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह निर्णय केवल एक संसदीय प्रक्रिया का परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय लोकतंत्र में संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और मर्यादा सर्वोपरि है। सदन में जिस स्पष्टता, गंभीरता और विवेक के साथ माननीय सदस्यों ने अपना मत व्यक्त किया, उससे यह पुनः स्थापित हुआ है कि संसद और उसकी संस्थाओं के प्रति देश की लोकतांत्रिक चेतना अत्यंत परिपक्व है।

उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय के उपरांत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा सदन को जिस संतुलित, विचारपूर्ण और गरिमामय ढंग से संबोधित किया गया, वह अत्यंत प्रेरक है। अध्यक्ष पद की निष्पक्षता, संसदीय नियमों की सर्वोच्चता और संसद की गौरवशाली परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें केवल आधुनिक संवैधानिक ढांचे में ही नहीं, बल्कि हमारी दीर्घ बौद्धिक और नैतिक परंपरा में भी निहित हैं, जहाँ शासन और सार्वजनिक जीवन को सत्य, उत्तरदायित्व, संवाद और मर्यादा के आधार पर संचालित करने की कल्पना की गई है।

उन्होंने भारतीय संसदीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में विट्ठलभाई पटेल ने अपने आचरण से यह स्थापित किया था कि अध्यक्ष का पद केवल कार्यवाही संचालित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सदन की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और गरिमा का प्रतीक होता है। उन्होंने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर नियमों और परंपराओं की रक्षा का जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसने भारतीय संसदीय जीवन में अध्यक्ष पद की निष्पक्षता की स्थायी परंपरा स्थापित की।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संविधान सभा की बहसों में भी लोकतंत्र के इन आदर्शों को अत्यंत गंभीरता और दूरदृष्टि के साथ अभिव्यक्त किया गया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्पष्ट कहा था कि संविधान कितना भी उत्कृष्ट क्यों न हो, यदि उसे संचालित करने वाले लोग उसके प्रति निष्ठावान नहीं होंगे, तो वह सफल नहीं हो सकेगा। यही दृष्टि आज भी हमारे संसदीय आचरण के लिए मार्गदर्शक है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के संसदीय इतिहास में भी अनेक अवसर ऐसे आए हैं, जब लोकतांत्रिक परिपक्वता का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। प्रथम लोकसभा के गठन के समय श्री जी.वी. मावलंकर ने अध्यक्ष पद की गरिमा पर बल देते हुए कहा था कि अध्यक्ष का आसन किसी दल या व्यक्ति का प्रतिनिधि नहीं होता, बल्कि पूरे सदन की सामूहिक चेतना और विश्वास का प्रतीक होता है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि वह असहमति को स्थान देता है, विविध विचारों का सम्मान करता है और संवाद के माध्यम से सहमति का मार्ग खोजता है। संसद इसी लोकतांत्रिक चेतना का सर्वोच्च मंच है, जहाँ व्यक्त प्रत्येक विचार देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसद अपनी गौरवशाली संसदीय परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा लोकतांत्रिक संवाद, रचनात्मक विमर्श और संस्थागत गरिमा के उन आदर्शों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिन पर भारतीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा आधारित है।

डॉ. रमन सिंह ने ओम बिरला को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लोकसभा संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती रहेगी।

रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे मुआवजा घोटाला, ED ने 23.35 करोड़ की संपत्ति कुर्क

रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे मुआवजा घोटाला, ED ने 23.35 करोड़ की संपत्ति कुर्क

 रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर–विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में 23.35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

ED ने यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/एंटी करप्शन ब्यूरो छत्तीसगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया था। विशेष न्यायालय (PC Act), रायपुर में हरमीत सिंह खनुजा और अन्य के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

 

 

CG : छुट्टी से लौटते ही उठाया खौफनाक कदम, CAF जवान ने खुद को मारी गोली

CG : छुट्टी से लौटते ही उठाया खौफनाक कदम, CAF जवान ने खुद को मारी गोली

 खैरागढ़ :- खैरागढ़ जिले के छूईखदान क्षेत्र में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब उदयपुर स्थित राजपरिवार के पैलेस में तैनात छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक जवान ने अपनी ही सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. साथी जवानों ने उसे खून से लथपथ हालत में पाया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृत जवान की पहचान कृपाचंद सोनवानी (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की छठवीं बटालियन में पदस्थ था और मूल रूप से भिलाई का निवासी था. घटना सोमवार शाम करीब साढ़े पांच से छह बजे के बीच की बताई जा रही है. इस घटना की पुष्टि पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव सोमावार ने की है.

दरअसल, पूर्व विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद से राजपरिवार में चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते प्रशासन ने उदयपुर पैलेस और खैरागढ़ स्थित कमल विलास पैलेस को सील कर रखा है. दोनों परिसरों की सुरक्षा के लिए सीएएफ के जवानों की तैनाती की गई है और अलग-अलग शिफ्ट में उनकी ड्यूटी लगाई जाती है. बताया जा रहा है कि सोमवार को भी सामान्य दिनों की तरह कृपाचंद सोनवानी अपनी ड्यूटी पर मौजूद था. साथियों के मुताबिक वह कुछ समय से तनाव में दिखाई दे रहा था, लेकिन इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया. इसी बीच शाम के वक्त अचानक गोली चलने की तेज आवाज से पैलेस परिसर में हड़कंप मच गया. साथी जवान जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि कृपाचंद सोनवानी जमीन पर खून से लथपथ पड़ा हुआ है. उसने अपनी ही सर्विस रायफल से खुद पर फायर कर लिया था. आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

छुट्टी से लौटने के अगले ही दिन उठाया आत्मघाती कदम

जानकारी के अनुसार कृपाचंद सोनवानी रविवार को ही छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटा था. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि घरेलू या निजी कारणों के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया. हालांकि मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट या अन्य ठोस सुराग बरामद नहीं हुआ है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है. मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

छत्तीसगढ़ के IPS संतोष सिंह को बड़ी जिम्मेदारी, CISF में बने DIG

छत्तीसगढ़ के IPS संतोष सिंह को बड़ी जिम्मेदारी, CISF में बने DIG

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। वो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में डीआईजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर गृह मंत्रालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। आपको बता दें कि अभी संतोष सिंह छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी के पद पर पदस्थ हैं। उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को मंजूरी देते हुए गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि उन्हें जल्द से जल्द नई जिम्मेदारी संभालने के लिए रिलीव किया जाए।

गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश

 गृह मंत्रालय मंत्रालय की ओर से छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आईपीएस संतोष सिंह को तत्काल प्रभाव से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी ग्रहण करने के लिए रिलीव किया जाए। सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और अन्य संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अर्धसैनिक बल है।

नशे के खिलाफ ‘निजात अभियान’ से मिली पहचान

आईपीएस संतोष सिंह अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण अभियानों के लिए जाने जाते हैं। विशेष रूप से अवैध नशे के खिलाफ चलाए गए उनके ‘निजात अभियान’ ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हासिल की थी। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करना और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था।इस अभियान के प्रभाव और सफलता को देखते हुए संतोष सिंह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया गया था। उन्हें आईएससीपी अवार्ड से नवाजा गया था, जो अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों को दिया जाता है।

CG  : ओडिशा एससीबी मेडिकल कॉलेज में 10 लोगों की जलकर मौत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

CG : ओडिशा एससीबी मेडिकल कॉलेज में 10 लोगों की जलकर मौत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।