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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'कामयाबी वेन को दिखाई हरी झंडी,दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा की नई रोशनी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'कामयाबी वेन को दिखाई हरी झंडी,दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा की नई रोशनी

 0-नीति आयोग समर्थित 'मिशन कामयाबी के तहत वर्चुअल रियलिटी और आधुनिक तकनीक से होगा शिक्षण

रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित 'मिशन कामयाबी के तहत संचालित 'कामयाबी वेन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोडऩा आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

उल्लेखनीय है कि 'कामयाबी वेन के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी एवं ऑगमेंटेड रियलिटी  तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री साय  ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोडऩे का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर विधायक  भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, विशेष सचिव  रजत बंसल, कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक  रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर कदम: नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 के आधुनिक वाहनों को हरी झंडी

सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर कदम: नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 के आधुनिक वाहनों को हरी झंडी

 सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर कदम: नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 के आधुनिक वाहनों को हरी झंडी

०-विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राजनांदगांव से वाहनों को किया रवाना

०-बेड़े में 18 डायल-112, 3 हाईवे पेट्रोलिंग और 1 फॉरेंसिक वाहन सहित कुल 22 अत्याधुनिक गाडिय़ां शामिल

०-नया ध्येय वाक्य:  एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायता... डायल 112 - एक्के नम्बर, सब्बो बर  

रायपुर / आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजनांदगांव में आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

०-आधुनिक तकनीक से और मजबूत होगी पुलिस व्यवस्था

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आपातकालीन सेवाओं का आधुनिकीकरण नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।  'एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायताÓ की सोच पर आधारित डायल-112 सेवा प्रदेशवासियों को किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू और मदद उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन आधुनिक तकनीक-आधारित वाहनों से पुलिस की रिस्पॉन्स टाइमिंग बेहतर होगी और कानून व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

०-वाहनों का वर्गीकरण और उनकी खासियतें

 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा के विस्तार के तहत कुल 22 आधुनिक वाहनों को बेड़े में शामिल किया गया है, जिनका वर्गीकरण इस प्रकार है। डायल-112 वाहन  18 (त्वरित आपातकालीन रिस्पॉन्स के लिए), हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के लिए  03 (राजमार्गों पर दुर्घटनाओं और सुरक्षा की निगरानी के लिए), फॉरेंसिक वाहन 01 (घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए) ये सभी वाहन नवीनतम जीपीएस , उन्नत संचार प्रणालियों और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं। इससे कंट्रोल रूम को रियल-टाइम लोकेशन मिलेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना पर पुलिस बल बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच सकेगा।

०-जनता को मिलेगा त्वरित लाभ

इन नए हाई-टेक वाहनों के सड़कों पर उतरने से न केवल आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद आपातकालीन चिकित्सा व सुरक्षा सहायता मिल सकेगी। स्थानीय स्तर पर छत्तीसगढ़ी स्लोगन एक्के नम्बर, सब्बो बर के साथ इस सेवा को लेकर नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इन वाहनों के संचालन से कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित एवं बेहतर आपातकालीन सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव का शामिल होना बड़ी उपलब्धि- डॉ. रमन सिंह

स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव का शामिल होना बड़ी उपलब्धि- डॉ. रमन सिंह

 ०-नई अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशें उद्यमी- वित्त मंत्री ओपी चौधरी

०-राजनांदगांवमें छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का भव्य शुभारंभ

रायपुर / विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल किया जाना इस क्षेत्र के समेकित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, इससे क्षेत्रीय प्रगति और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाने में अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की सबसे बड़ी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज राजनांदगांव के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

०-राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी की दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्यक्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिली है।

०-भविष्य की तकनीकों और नए अवसरों पर ध्यान दें व्यापारी

वित्त मंत्री ने आर्थिक उदारीकरण और जीएसटी के फायदे को रेखांकित करते हुए कहा कि एक देश-एक कर व्यवस्था से व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी हुई हैं। उन्होंने उद्यमियों से शासन की औद्योगिक नीति का लाभ उठाने और भविष्य के उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन एनर्जी, बायोफ्यूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की भविष्य में व्यापक संभावनाएं हैं। औद्योगिक सब्सिडी के लिए उद्योगों के लंबित लगभग 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी के भुगतान हेतु सरकार ने 468 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया है। उद्योग आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में श्जॉब पार्कश् की शुरुआत की गई है।

०-व्यापारी-उद्यमी सम्मानित  

कार्यक्रम में समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए  नंदलाल राठी, टीकमदास साहू, हीना बेन रायचा, शेखर बोथरा,  उन्नति पंजवानी और गुरबचन कौर सावलानी को व्यापारी-उद्यमी सम्मान से नवाजा गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष  सतीश थोरानी, समाजसेवी  खूबचंद पारख, चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजनांदगांव के अध्यक्ष कमलेश बैद, ज्ञानचंद बाफना और अरुण डुलानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में  पद्मश्री फूलबासन यादव सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यापारी, उद्योगपति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सौम्य मुख्यमंत्री साय का सख्त रूख..कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित

सौम्य मुख्यमंत्री साय का सख्त रूख..कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित

 0-मुख्यमंत्री ने सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले में पेयजल की समस्या और स्कूल परीक्षा परिणाम को लेकर जतायी नाराजगी

0-सुशासन तिहार में सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा

रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आज सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का मुआयाना किया। इस दौरान शिविर में वह ग्रामीणों आत्मीयता से मिले एवं धैर्य से उनकी समस्याएं सुनीं।  

मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों जिलों में सुशासन तिहार का जायजा लेने के बाद चिरमिरी में जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में उक्त तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूली परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर एक ओर जहां गहरी नाराजगी जतायी, वहीं कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रूख से सभी लोग सकते में आ गए।

मुख्यमंत्री  साय का सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से अपनत्वभाव से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाना, बच्चों का अन्नप्रासन और उनका नामकरण करना, एक ओर जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व का परिचायक है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामले में अधिकारियों पर नाराजगी और निलंबन की कार्यवाही सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।  

मुख्यमंत्री ने  साय ने समीक्षा बैठक के दौरान उक्त तीनों जिलों में पेयजल की समस्या के मामले में कलेक्टरों को हर-हाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल की कमी है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना, कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी तरह की कोताही पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के शालेय परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जतायी और कलेक्टरों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के साथ ही स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हो सके।  

मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के  निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और हितग्राही के परेशान होने की शिकायत मिली तो, इसके लिए भी कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।  

मुख्यमंत्री  साय ने उक्त तीनों जिलों के अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से ली। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक  भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क  रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस: डी.डी. नगर के गोल चौक पर उमड़े चाय प्रेमी, 50 साल के अनुभवी महेंद्र बागदोडिया ने खोले स्वाद के राज

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस: डी.डी. नगर के गोल चौक पर उमड़े चाय प्रेमी, 50 साल के अनुभवी महेंद्र बागदोडिया ने खोले स्वाद के राज

 ​रायपुर: अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर आज गोल चौक, डी.डी. नगर में चाय प्रेमियों का एक अनूठा और भव्य नजारा देखने को मिला। अलका एजेंसी टेस्टी ग्रुप द्वारा आयोजित इस विशेष निःशुल्क चाय वितरण कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों नागरिकों ने स्वाद और ज्ञान का आनंद लिया।

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रेलवे सलाहकार समिति एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ सदस्य तथा विगत 50 वर्षों से चाय व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठित व्यवसायी महेंद्र बागदोडिया जी थे। अपने उद्बोधन में उन्होंने चाय के वैश्विक व राष्ट्रीय उत्पादन, वार्षिक खपत और इसके वितरण तंत्र से जुड़ी कई गूढ़ व महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से साझा किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने बेहद चाव से सुना।
​इस गरिमामयी अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनिल लखवानी, द्वारिका लखवानी, इंदु गोधवानी, मनोहर अठवानी, मूलचंद कुकरेजा, दीपक केवलानी, संजय निर्मलकर, डॉ. संजय दुबे, प्रकाश जयसिंघानी, मनोज टहलरामानी, आनंद वैद्य, संगीत कुमार, शुभम कुमार, मानवकुमार, अमन कुमार, संजय कुमार, महेश कुमार, विनोद कुमार, संतोष कुमार और खुबीलाल सहित कई प्रबुद्ध जन शामिल हुए।
​अलका एजेंसी टेस्टी ग्रुप की इस अनूठी और सराहनीय पहल की सभी अतिथियों व स्थानीय निवासियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
पशुपालन से बदली प्यारेलाल की जिंदगी, डेयरी व्यवसाय बना आय का मजबूत साधन

पशुपालन से बदली प्यारेलाल की जिंदगी, डेयरी व्यवसाय बना आय का मजबूत साधन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त व सुरक्षित आय का एक बेहतरीन माध्यम बनता जा रहा है। शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर ग्राम मंगापेठा निवासी  प्यारेलाल यादव ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है।

सीमित कृषि आय से डेयरी उद्यमिता तक का सफर
प्यारेलाल यादव पहले केवल पारंपरिक कृषि कार्य के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कृषि से सीमित आय होने के कारण उन्हें अक्सर आर्थिक तंगहाली और परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी बीच उन्हें पशुधन विकास विभाग की श्राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजनाश् की जानकारी मिली। योजना के प्रावधानों से प्रभावित होकर उन्होंने डेयरी व्यवसाय के क्षेत्र में कदम रखने का निर्णय लिया।
मेहनत रंग लाई 2 गायों से बढ़कर हुआ 8 पशुओं का कुनबा

प्यारेलाल ने अपने व्यवसाय की शुरुआत महज दो गायों के पालन से की थी। उचित देखरेख के चलते धीरे-धीरे दूध का उत्पादन बढऩे लगा और उनकी आय में भी लगातार वृद्धि हुई। व्यवसाय से होने वाली बचत का सही उपयोग करते हुए उन्होंने दो अतिरिक्त गायें और खरीदीं। आज उनके पास कुल 8 गौवंशीय पशु हैं। इस व्यवसाय से उन्हें अब प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।
कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से भविष्य की राहें आसान
पशुधन विकास विभाग के सहयोग और कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के माध्यम से उनकी गायों से तीन उन्नत नस्ल के बछड़ों का जन्म हुआ है। इससे उनके पास दुधारू मवेशियों की संख्या स्वत: बढ़ेगी, जिससे भविष्य में डेयरी व्यवसाय के और अधिक विस्तार की संभावनाएं पुख्ता हो गई हैं। प्रगतिशील पशुपालक श्री प्यारेलाल यादव ने बताया कि पशुपालन ने मुझे और मेरे परिवार को नियमित आय का एक ठोस साधन दिया है। अब मैं अपने इस व्यवसाय को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा हूँ। सरकार की यह योजना हम जैसे छोटे किसानों के लिए बेहद लाभकारी है। प्यारेलाल यादव की यह शानदार सफलता यह साबित करती है कि यदि शासन की कल्याणकारी योजनाओं को सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत के साथ जोड़ा जाए, तो ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बनकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

बस्तर संभाग को बड़ी सौगात : जगदलपुर में शुरू हो रही है पहली आवासीय खेल अकादमी

बस्तर संभाग को बड़ी सौगात : जगदलपुर में शुरू हो रही है पहली आवासीय खेल अकादमी

 00 28 मई से राज्य स्तरीय चयन ट्रायल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान खिलाड़ी बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खबर है। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला बस्तर के जगदलपुर में बालक खिलाडिय़ों के लिए पहली आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ की जा रही है, जो इस संभाग में खेल विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली अपनी तरह की पहली अनूठी अकादमी होगी। इस नवनिर्मित अकादमी में 13 से 17 वर्ष के उदीयमान बालक खिलाड़ी रहकर उच्च स्तरीय और अत्याधुनिक आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
इस महत्वाकांक्षी अकादमी में प्रवेश के लिए खेल विभाग आगामी 28 और 29 मई को दो दिवसीय राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का महा-आयोजन करने जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर के उभरते हुए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। अकादमी में बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के चुनिंदा खिलाडिय़ों की खेल प्रतिभा को निखारने का काम किया जाएगा, जिसके लिए शुरुआती स्तर पर खेलों और सीटों का विधिवत निर्धारण कर दिया गया है। इसके तहत फुटबॉल खेल के लिए 25 खिलाड़ी, एथलेटिक्स के लिए 20 खिलाड़ी तथा बस्तर की पारंपरिक और लोकप्रिय विधा आर्चरी यानी तीरंदाजी के लिए 20 खिलाड़ी सीटों का आवंटन किया गया है। इन विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ बच्चों को अकादमी का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त होगा।

इस गरिमामयी चयन ट्रायल का आयोजन जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर धरमपुरा में किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए खिलाडिय़ों को एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। ट्रायल में भाग लेने वाले सभी इच्छुक खिलाडिय़ों को 27 मई की शाम 5 बजे तक अपने निर्धारित आवेदन प्रपत्र और सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ क्रीड़ा परिसर धरमपुरा में अपनी अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करानी होगी। दूर-दराज से आने वाले खिलाडिय़ों की सुविधा का ध्यान रखते हुए विभाग द्वारा ट्रायल के दौरान उनके रहने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था परिसर में स्थित सर्वसुविधायुक्त छात्रावास में ही की जाएगी।
इस दो दिवसीय चयन प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया गया है, जिसके पहले दिन यानी 28 मई को सुबह 7 बजे से खिलाडिय़ों का पंजीयन, दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण, विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सीय परीक्षण एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण लिया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन यानी 29 मई को खिलाडिय़ों के खेल कौशल का गहन परीक्षण किया जाएगा। इस पूरे ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन खेल अकादमी संचालन नियम 2014 के कड़े मानकों के अंतर्गत किया जाएगा। अंतिम रूप से चयनित होने वाले इन भाग्यशाली खिलाडिय़ों को राज्य शासन द्वारा पूरी तरह नि:शुल्क सर्वसुविधायुक्त आवासीय व्यवस्था, पौष्टिक भोजन, पढ़ाई का पूरा शैक्षणिक व्यय, खेल परिधान, अत्याधुनिक प्लेइंग किट और दुर्घटना बीमा सुरक्षा जैसी बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
इस राज्य स्तरीय ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए खिलाड़ी अपने-अपने जिले के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विभाग ने खिलाडिय़ों की सहूलियत के लिए सीधे ऑन-स्पॉट पंजीयन की सुविधा भी दी है, जिसके तहत खिलाड़ी सीधे आयोजन की तिथि के प्रथम दिवस यानी 28 मई को सुबह 07 बजे क्रीड़ा परिसर धरमपुरा जगदलपुर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और ट्रायल की प्रक्रिया में शामिल होकर अपने सपनों को नई उड़ान दे सकते हैं।

छत्तीसगढ़ का ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम सोलर दीदी, महिलाओं के नेतृत्व में संचालित होगी द्वीप्ति योजना

छत्तीसगढ़ का ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम सोलर दीदी, महिलाओं के नेतृत्व में संचालित होगी द्वीप्ति योजना

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक मुख्यधारा से जोडऩे के लिए एक युगांतकारी निर्णय लिया है। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए महत्वाकांक्षी द्वीप्ति योजना को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। यह योजना महिलाओं की आत्मनिर्भरता के साथ छत्तीसगढ़ की आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखने जा रही है।

सोलर स्थापनाओं की तकनीकी समस्या का बनेंगी स्थायी समाधान

योजना के तहत ग्राम स्तर पर सोलर दीदी (ऊर्जा सखी) का एक समर्पित कैडर तैयार किया जाएगा। चयनित महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और तकनीकी रखरखाव का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षित सोलर दीदी गांव स्तर पर सोलर मिल, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई प्रणालियों और अन्य सौर संपत्तियों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगी। ग्रामों में सोलर स्थापनाओं की सबसे बड़ी समस्या प्रशिक्षित सोलर तकनीशियनों की कमीं है। यह पहल दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में तकनीकी खराबी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना हमेशा क्रियाशील रहेगी। यह योजना प्रदेश में न केवल नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा संपत्तियों की स्वामी, संचालक और तकनीकी प्रबंधक के रूप में नई पहचान दिलाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिला नेतृत्व आधारित हरित ऊर्जा क्रांति का सूत्रपात करना है।

क्लस्टर लेवल फेडरेशन सीएलएफ बनेंगे महिला ऊर्जा सहकारी समितियां
योजना के अंतर्गत क्लस्टर लेवल फेडरेशन को सशक्त बनाकर उन्हें महिला नेतृत्व वाली ऊर्जा सहकारी समितियों के रूप में रूपांतरित किया जाएगा। ये समितियां सामूहिक रूप से ऊर्जा संपत्तियों का प्रबंधन करेंगी। इन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिकृत विक्रेता और चौनल पार्टनर के रूप में जोड़ा जा रहा है। महासमुंद और बस्तर जिले के सीएलएफ पहले ही विक्रेता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं। राज्य स्तर पर उपकरणों की थोक खरीद से लागत कम होगी, जबकि स्थानीय स्तर पर सोलर दीदी बिक्री और सर्विसिंग का कार्य संभालेंगी।
सस्ती ऊर्जा हेतु अभिनव भुगतान मॉडल
ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए द्वीप्ति योजना में पे-पर-यूज़ और पे-एज़-यू-गो मॉडल अपनाए गए हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं को केवल उपयोग की गई ऊर्जा का ही भुगतान करना होगा। महिला ऊर्जा उद्यमों की आर्थिक मजबूती के लिए शासन ने पंचायतों के रखरखाव अनुबंधों में 25 प्रतिशत कार्य विशेष रूप से इन समितियों के लिए आरक्षित रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
छत्तीसगढ़ का महिला नेतृत्व वाला हरित विकास मॉडल बनेगा पहचान

योजना का प्रारूप ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है। इसका व्यापक क्रियान्वयन राज्य के प्रसिद्ध बिहान नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा। इसमें प्रदेश के लगभग 2.7 लाख स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी होगी। यह मॉडल न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और नेतृत्व के नए द्वार खोलेगा। द्वीप्ति योजना छत्तीसगढ़ को महिला नेतृत्व आधारित हरित विकास मॉडल के रूप में राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाने वाली दूरदर्शी पहल साबित होगी।

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हमारी मातृशक्ति का योगदान सदैव अनुकरणीय रहा है। द्वीप्ति योजना के माध्यम से हम राज्य की ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा के क्षेत्र में उपभोक्ता से स्वामी और प्रबंधक बनाने जा रहे हैं। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेट जीरो और हरित भारत के संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ की एक बड़ी भागीदारी है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर गांव ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बने और इस बदलाव का नेतृत्व हमारी सोलर दीदियाँ करें। जब ग्रामीण महिलाएं आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों का प्रबंधन खुद संभालेंगी, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण विकास को एक स्थायी और स्वच्छ आधार मिलेगा। द्वीप्ति योजना विकसित छत्तीसगढ़ की ओर हमारा एक और मजबूत कदम है।

सुशासन तिहार में पण्डरीडांड की प्रभावती को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

सुशासन तिहार में पण्डरीडांड की प्रभावती को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

 00 बकरी पालन के लिए मिली आर्थिक सहायता, अब स्वरोजगार से मजबूत होगी आजीविका
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे गांवों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पण्डरीडांड निवासी प्रभावती को सुशासन तिहार के तहत पशुधन विकास विभाग द्वारा बकरी पालन के लिए 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।
आर्थिक सहयोग से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रभावती ने बताया कि इस सहायता राशि से वे बकरी खरीदकर आजीविका गतिविधि शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि इससे परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब गांव में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है और योजनाओं का लाभ लेने के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ता। प्रशासन स्वयं ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान कर रहा है। प्रभावती ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन
सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन कर प्रशासन ग्रामीणों तक सीधे पहुंच रहा है। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो रहा है। श्रीमती प्रभावती जैसी अनेक महिलाओं के लिए सुशासन तिहार स्वरोजगार, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनकर उभर रहा है।

सुशासन तिहार में नवविवाहिता सेजल को मिला नया राशन कार्ड

सुशासन तिहार में नवविवाहिता सेजल को मिला नया राशन कार्ड

 00 खाद्य सुरक्षा की चिंता हुई दूर, हितग्राही ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 आम नागरिकों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम मुडग़ांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में नवविवाहिता  सेजल सिंह को नया राशन कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

विवाह के बाद राशन मिलने में आ रही थी परेशानी
सेजल सिंह ने बताया कि हाल ही में विवाह होने के कारण उनका नाम किसी राशन कार्ड में दर्ज नहीं था। इसके चलते उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ नहीं मिल पा रहा था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान खाद्य विभाग में नए राशन कार्ड हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
शिविर में मिला तत्काल समाधान
जनसमस्या निवारण शिविर में अधिकारियों ने उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नया राशन कार्ड जारी कर उन्हें मौके पर ही सौंप दिया। राशन कार्ड प्राप्त होने पर सेजल सिंह ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें हर महीने बिना किसी परेशानी के राशन मिल सकेगा। सेजल सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव में ही उनकी समस्या का समाधान हो गया और उन्हें शासकीय योजना का लाभ सहजता से प्राप्त हुआ।
गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन
सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहा है। राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सेवाएं अब लोगों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से सेजल सिंह जैसी अनेक हितग्राहियों को राहत और शासन के प्रति विश्वास का नया आधार मिल रहा है।

संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक उषा बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा, सुदूर आदिवासी गांव में दे रही हैं रोजगार और सुविधाएं

संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक उषा बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा, सुदूर आदिवासी गांव में दे रही हैं रोजगार और सुविधाएं

 00 3.90 लाख के लोन से स्थापित की राइस मिल और टोरा मिल प्रसंस्करण इकाई
रायपुर।
अपनी कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के दम पर बीजापुर जिले के सुदूर आदिवासी गांव मुरदोण्डा (तहसील- उसूर) की रहने वाली 38 वर्षीय उषा कुंजाम ने संघर्ष भरे जीवन को सफलता की नई पहचान दी है। आज वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन चुकी हैं।
तंगी के दिनों से उद्यमिता तक का सफर
उषा कुंजाम लंबे समय तक बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझती रहीं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आय का कोई स्थायी साधन नहीं था और सुदूर वनांचल क्षेत्र होने के कारण रोजगार के अवसर भी बेहद सीमित थे। इसी बीच उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने ऋण के लिए आवेदन किया और वित्तीय वर्ष 2025-26 में आईसीआईसीआई बैंक की बीजापुर शाखा से उन्हें 3 लाख 90 हजार 400 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।
महुआ टोरा प्रसंस्करण से बदली किस्मत
इस आर्थिक सहायता से उषा कुंजाम ने अपने गांव में ही राइस मिल और टोरा मिल (महुआ बीज) प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की। इस पहल से स्थानीय स्तर पर बड़ा बदलाव आया है। टोरा तेल का वैल्यू एडिशन- पहले क्षेत्र में टोरा सिर्फ 8 से 10 रुपये प्रति किलो के मान से कौडिय़ों के दाम बिकता था। अब उषा इससे तेल निकालकर आकर्षक पैकेजिंग करती हैं और बाजार में 100 प्रति लीटर की दर से बेच रही हैं। पूजा-पाठ और त्योहारों में उपयोग होने के कारण इस तेल की बाजार में भारी मांग है। तेल निकालने के बाद बची हुई खली को भी वे 12 से 15 रुपये प्रति किलो की दर से बेचकर अतिरिक्त मुनाफा कमा रही हैं।
गांव वालों को घर के पास मिली राइस मिल की सुविधा
गांव में राइस मिल शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों को भी बड़ी राहत मिली है। पहले धान से चावल निकलवाने के लिए ग्रामीणों को मीलों दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा गांव में ही सुलभ हो गई है। इसके साथ ही धान प्रसंस्करण से निकलने वाले ब्रान, चोकर और भूसी को बेचकर भी वे अपनी आय बढ़ा रही हैं। महिला उद्यमी श्रीमती उषा कुंजाम ने बताया कि शुरुआत में तकनीकी जानकारी की कमी, सीमित संसाधन और बाजार तक पहुंच जैसी कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। आज जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन से मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत हो चुकी है और मैं समय पर बैंक की किस्तें भी चुका रही हूं। उषा कुंजाम ने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय बीजापुर के जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को दिया है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य युवाओं और महिलाओं से भी आह्वान किया है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और खुद का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनें।

CG : यूरिया वितरण में गड़बड़ी पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

CG : यूरिया वितरण में गड़बड़ी पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

 महासमुंद।  जिले में यूरिया वितरण में गड़बड़ी को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय लंगेह ने कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। कार्रवाई के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुंदरलाल मिर्धा और प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगा प्रसाद शरणागत पर अनियमित खाद वितरण और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं।

बताया जा रहा है कि सरायपाली और बागबाहरा क्षेत्र में अक्रियाशील फसल अवधि के दौरान किसानों को अधिक मात्रा में यूरिया का वितरण किया गया। मामले में किसानों की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों पर खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी नहीं करने और समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

 00 अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी। अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24म7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

: ’तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल’

: ’तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल’

 ’मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं’

’चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी’

रायपुर 21 मई 2026- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री  साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि  मुरली मनोहर सोनी,  भीमसेन अग्रवाल,  बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

CG : निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुई सरकार, फीस और किताबों की जांच के लिए बनी निगरानी समितियां

CG : निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुई सरकार, फीस और किताबों की जांच के लिए बनी निगरानी समितियां

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में जिला और विकासखंड स्तर पर निगरानी एवं जांच समितियों का गठन किया है। यह फैसला निजी स्कूलों द्वारा पालकों को एक ही फर्म से किताबें, गणवेश और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर की ओर से इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि कई निजी स्कूल तय दुकानों से ही सामग्री खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। मीडिया में भी इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

अब इन मामलों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त को शामिल किया गया है, जबकि विकासखंड स्तर पर एसडीएम, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जीएसटी इंस्पेक्टर जांच करेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी से जुड़ी शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक-2020 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

BREAKING: स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में बड़ा हादसा, 30 फीट ऊंचाई से गिरा मजदूर, हुई मौत

BREAKING: स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में बड़ा हादसा, 30 फीट ऊंचाई से गिरा मजदूर, हुई मौत

 रायपुर।  स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट परिसर में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। एयरपोर्ट के वेटिंग हॉल में सीलिंग रिपेयरिंग का काम कर रहा एक मजदूर अचानक करीब 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। घटना के बाद एयरपोर्ट स्टाफ और वहां मौजूद लोगों ने तत्काल घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि काम के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मजदूर बिना सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहा था। हादसे के बाद एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की सौजन्य मुलाकात

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर-- छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह से वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने आज राजनांदगांव स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की।

इस दौरान प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन, वित्तीय प्रबंधन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के लंबे प्रशासनिक अनुभव एवं मार्गदर्शन को राज्य के विकास के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार 2026: गेड़ई शिविर में हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

सुशासन तिहार 2026: गेड़ई शिविर में हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

 0-प्रधानमंत्री आवास योजना की सौंपी गई चाबी, किसानों को केसीसी और हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित

0-जनसमस्या निवारण शिविर में 165 आवेदन हुए प्राप्त

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सुशासन तिहार 2026 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रेमने के ग्राम गेड़ई में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। शिविर में कुल 165 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई। वहीं कृषि विभाग द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरित किए गए। खाद्य विभाग द्वारा नए राशन कार्ड प्रदान किए गए तथा राजस्व विभाग द्वारा हितग्राहियों को बी-1 दस्तावेज वितरित किए गए।

इसके अलावा वन विभाग द्वारा पौधों का वितरण तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया। शिक्षा विभाग की ओर से छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों को जाति एवं निवास प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

शिविर में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  रघुनाथ राम, तहसीलदार मनोरा नीतू भगत, कृषि विभाग अधिकारी  गोविंद राम चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी रोशन बरियार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही समस्याओं के समाधान और विभिन्न योजनाओं का लाभ सहज रूप से प्राप्त हो रहा हैं ।

छत्तीसगढ़ में OBC कांग्रेस के जिलाध्यक्षों का ऐलान, AICC ने जारी की नई सूची

छत्तीसगढ़ में OBC कांग्रेस के जिलाध्यक्षों का ऐलान, AICC ने जारी की नई सूची

 रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के ओबीसी विभाग ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के OBC कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। प्रदेश के 33 जिलों में शहर और ग्रामीण इकाइयों को मिलाकर कुल 39 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इस संबंध में ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने नियुक्ति अधिसूचना जारी की है।

देखें लिस्ट….

CG – पत्नी को I LOVE YOU बोलने पर साले ने जीजा को दी ये खौफनाक सजा, इलाके में फैली सनसनी

CG – पत्नी को I LOVE YOU बोलने पर साले ने जीजा को दी ये खौफनाक सजा, इलाके में फैली सनसनी

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बड़ा चौकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम परसाही के रहने वाले मदन लाल राजगीर (जो पेशे से ड्राइवर हैं) अपनी पत्नी सरस्वती को लेने बड़े प्यार से अपने ससुराल पहुंचे थे। उनके साथ उनका एक दोस्त भी गया था। ससुराल पहुंचते ही मदन लाल के भीतर का मजनू जाग उठा। उन्होंने बड़े रोमांटिक अंदाज में अपनी पत्नी से कहा कि “मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, चलो अब घर वापस चलते हैं।”

पति-पत्नी का यह फिल्मी और रोमांटिक सीन चल ही रहा था कि अचानक वहां रीयल-लाइफ विलेन की एंट्री हुई। मदन लाल के साले, संतोष गढ़वाल, को जीजा का यह ‘आई लव यू’ बोलना और रोमांस करना जरा भी रास नहीं आया।

साले साहब ने आव देखा न ताव, अपने दो साथियों (अमर और कमल) को बुलाया और जीजा जी पर भड़क गए। उन्होंने साफ कह दिया हम अपनी बहन को तुम्हारे साथ नहीं भेजेंगे।

बात सिर्फ कहा-सुनी तक रहती तो ठीक था, लेकिन मामला ‘एक्शन मूवी’ में बदल गया। साले और उसके दोस्तों ने मिलकर जीजा जी की जमकर खातिरदारी कर दी। लात-घूंसों की बरसात हुई। बांस के डंडे से जीजा की सुटाई की गई। जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दे डाली।

जीजा पहुंचे थाना

बेचारे जीजा जी पत्नी को वापस ले जाने आए थे, लेकिन उन्हें सीधे पुलिस थाने जाना पड़ गया। पीड़ित मदन लाल की शिकायत पर सीपत पुलिस ने साले संतोष और उसके दोनों दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

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CG Weather Update: प्रदेश के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री के पार, अगले 5 दिनों तक हीट वेव का अलर्ट

CG Weather Update: प्रदेश के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री के पार, अगले 5 दिनों तक हीट वेव का अलर्ट

 CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि बिलासपुर सबसे गर्म जिला रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रायपुर केंद्र के मुताबिक, प्रदेश में अगले 5 दिनों तक गर्म और शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीट वेव चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिलासपुर में पारा 45 डिग्री पहुंचा

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 20 मई को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मुंगेली में 43.9°C, सक्ती में 43.8°C, बालोद और कबीरधाम में 43.5°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में अधिकतम तापमान 43.5°C दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा।

वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

बुधवार को कुछ ऐसा रहा प्रदेश का तापमान

अगले 5 दिनों तक राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा और अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में हीट वेव चलने की आशंका जताई है।

रायपुर शहर के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान में कहा गया है कि 21 मई को आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 44°C और न्यूनतम तापमान 30°C के आसपास रहने की संभावना है।

गर्मी से बचाव की सलाह

भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप में निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है।

प्रदेश में बारिश की गतिविधि बेहद कम

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई, लेकिन अधिकांश इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा।

लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ चुकी है कांग्रेस-मुख्यमंत्री साय

लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ चुकी है कांग्रेस-मुख्यमंत्री साय

 गैर-जिम्मेदाराना और लोकतंत्र-विरोधी आचरण देश की जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए 'गद्दार जैसे अशोभनीय शब्द के प्रयोग की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की हताशा, राजनीतिक दिवालियापन और संकुचित मानसिकता को उजागर करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय से सत्ता से दूर रहने की निराशा में कांग्रेस अब लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करते हुए देश की सुरक्षा को नई मजबूती दी, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाया और देश को विश्व मंच पर एक निर्णायक शक्ति के रूप में स्थापित किया, उसी नेतृत्व के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पद केवल व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि राष्ट्र की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रतीक होते हैं। राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हो सकता है, लेकिन उसकी आड़ में अपमानजनक और अतिवादी भाषा का प्रयोग स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक परिपक्वता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राष्ट्र की सुरक्षा, विकास और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचते हुए देख रही है। ऐसे में कांग्रेस का यह गैर-जिम्मेदाराना और लोकतंत्र-विरोधी आचरण देश की जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

पेयजल की नियमित जलापूर्ति और शुद्धता की जांच जरूरी- मुख्य सचिव

पेयजल की नियमित जलापूर्ति और शुद्धता की जांच जरूरी- मुख्य सचिव

 राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक संपन्न

वर्ष 2028 तक हर ग्रामीण घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य

रायपुर-- मुख्य सचिव  विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्राज्य जल एवं स्वच्छता मिशनश् की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

पेयजल की नियमित जलापूर्ति और शुद्धता की जांच जरूरी- मुख्य सचिव

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा श्सुजलम भारतश् डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बुनियादी ढांचे के बाद अब सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है।
ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी।

वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग के कड़े निर्देश

मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए।

सिंगल विलेज और बल्क वॉटर स्कीम की प्रगति

बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।

      पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव  रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

कोरबा जिले को मिली 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दिखाई हरी झंडी

कोरबा जिले को मिली 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दिखाई हरी झंडी

 रायपुर: कोरबा जिले को 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात प्राप्त हुई है। आज बुधवार कोरबा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने औपचारिक कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये आधुनिक वाहन उन्नत तकनीक से लैस हैं, जिनमें आधुनिक कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस सिस्टम तथा स्मार्ट मोबाइल उपकरण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में और अधिक त्वरित, सटीक एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

प्रदेश में छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-दो (नेक्स्ट जेन) के अंतर्गत अब सभी 33 जिलों में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा का विस्तार किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश को कुल 400 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों को 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।

डायल 112 सेवा के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं महिला हेल्पलाइन सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित आपातकालीन सहायता मिल सकेगी। यह व्यवस्था आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ बनाते हुए जिला स्तर पर सुरक्षा एवं सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर करेगी। कार्यक्रम के दौरान कटघोरा विधायक  प्रेमचंद पटेल, तथा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, महापौर संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी उपस्थित थे।

डायल 112 के नए वाहनों के शुभारंभ से जिले में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिससे नागरिकों को और अधिक सुरक्षित, त्वरित एवं विश्वसनीय सहायता मिल सकेगी।

छत्तीसगढ़ बना कृषि सुधारों का राष्ट्रीय मॉडल: मंत्री रामविचार नेताम

छत्तीसगढ़ बना कृषि सुधारों का राष्ट्रीय मॉडल: मंत्री रामविचार नेताम

 रायपुर: कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 19 मई को आयोजित राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ को कृषि नवाचार, किसान कल्याण और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और ग्रामीण समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने तिलहन मिशन के तहत पूर्वोत्तर पांच राज्यों में छत्तीसगढ़ द्वारा लक्ष्य पूरा करने में पहले स्थान प्राप्त करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी।

मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो देश में धान के लिए सबसे पारदर्शी और ऐतिहासिक समर्थन व्यवस्था मानी जा रही है। पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार ने 437 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों के खातों में लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया है।

भूमिहीन मजदूरों से लेकर डिजिटल खेती तक, छत्तीसगढ़ का व्यापक कृषि विजन

सम्मेलन में मंत्री  नेताम ने कहा कि राज्य सरकार केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 5 लाख से अधिक परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ तेजी से बागवानी और वैकल्पिक खेती के केंद्र के रूप में उभर रहा है। बस्तर में कॉफी, अनासपाती और जशपुर में चाय की खेती आदिवासी क्षेत्रों में नई आर्थिक संभावनाएं खोल रही हैं।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जोनल कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में कृषि के क्षेत्र में 128 हाईटेक नर्सरी, 71 कोल्ड स्टोरेज, 63 पैकहाउस और 428 सोलर ड्रायर विकसित किए गए हैं। ऑयल पाम, बांस मिशन, प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन विस्तार तथा कृषि वानिकी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 4.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपये से अधिक की दावा राशि वितरित की गई है। श्री परदेशी ने कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में एआई, ड्रोन तकनीक और एकीकृत किसान पोर्टलों के माध्यम से कृषि व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने की छत्तीसगढ़ की सराहना

राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने एग्रीस्टेक पोर्टल, दलहन-तिलहन विस्तार, पीएम आशा योजना, प्राकृतिक खेती और तिलहन मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना की। उन्होंने पूर्वाेत्तर एवं पूर्वी भारत के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के बीच तिलहन मिशन में लक्ष्य प्राप्ति पर छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान हासिल करने के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर 5 राज्यों के कृषि मंत्री सहित छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं विभागीय सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि राहुल देव, संचालक उद्यानिकी  लोकेश चन्द्राकर और संयुक्त संचालक कृषि  गयाराम उपस्थित थे।